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मध्य प्रदेश से हज यात्रा आसान, अप्रैल में मुंबई-मदीना पहली उड़ान का आगाज़

इंदौर  हज यात्रियों के लिए इंतजार की घड़ियां अब खत्म हो चुकी हैं। भारतीय हज कमेटी ने वर्ष 2026 की हज यात्रा का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के हज यात्रियों, खासकर भोपाल सहित पूरे प्रदेश से जाने वाले यात्रियों की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। 18 अप्रैल को मुंबई से मदीना के लिए उड़ान भरेगी पहली फ्लाइट बता दें कि इस साल हज यात्रा का आगाज 18 अप्रैल से होगा, जब मुंबई से मदीना के लिए पहली फ्लाइट रवाना होगी। इस वर्ष मध्यप्रदेशसे करीब साढ़े सात हजार हज यात्री पवित्र यात्रा पर रवाना होंगे। इनमें से लगभग 90 फीसदी यात्रियों का इम्बार्केशन मुंबई के जरिए होगा। हज कमेटी के मुताबिक यात्रा को दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में 18 अप्रैल से 4 मई तक मदीना के लिए उड़ानें संचालित की जाएंगी। वहीं दूसरे चरण में 5 मई से 19 मई के बीच हज यात्री जेद्दा पहुंचेंगे। हुआ ये अहम बदलाव भोपाल के हज यात्रियों के लिए इस बार (Haj 2026) एक अहम बदलाव देखने को मिलेगा। पहले जहां भोपाल इम्बार्केशन प्वाइंट के जरिए भी हज यात्रियों की उड़ानें होती थीं, अब वह सुविधा समाप्त कर दी गई है। इसके बाद मध्यप्रदेश से हज की सीधी फ्लाइट केवल इंदौर एयरपोर्ट से ही संचालित की जाएगी। इसका असर भोपाल और आसपास के जिलों से जाने वाले हज यात्रियों पर भी पड़ेगा, जिन्हें अब इंदौर तक यात्रा करनी होगी। भोपाल के हज यात्रियों को झटका यहां से बंद हुई सुविधा भोपाल के हज प्रशिक्षकों और हज कमेटी से जुड़े लोगों का कहना है कि यात्रियों को इस बदलाव (Haj 2026) की जानकारी पहले ही दी जा रही है, ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो। भोपाल में हज हाउस में प्रशिक्षण शिविरों की तैयारी भी शुरू कर दी गई है, जहां यात्रियों को हज के अरकान, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी दी जाएगी। कुल मिलाकर कहना होगा कि Haj 2026 को लेकर मध्यप्रदेश , खासकर भोपाल के हज यात्रियों में उत्साह नजर आ रहा है, वहीं इंदौर को एकमात्र इम्बार्केशन प्वाइंट बनाए जाने से यात्रा व्यवस्था में बड़ा बदलाव भी देखने को मिला है।

गंगा जल छिड़ककर रानी बेगम ने लिया हिंदू धर्म, बोली- अब महसूस हो रहा पुनर्जन्म

छतरपुर  छतरपुर में वार्ड क्रमांक 11 की पूर्व पार्षद रानी बेगम ने साधु-संतों की मौजूदगी में विधि-विधान से पुनः हिंदू धर्म अपनाते हुए घर वापसी की। इस अवसर पर हनुमान जी को साक्षी मानकर हवन-पूजन किया गया और गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण संपन्न कराया गया। घर वापसी के बाद उन्होंने अपना मूल नाम शीला यादव पुनः धारण किया। वर्ष 1995 में साबिर काजी के साथ निकाह कर इस्लाम धर्म अपनाया शीला यादव मूल रूप से छतरपुर जिले के ग्राम कुर्रा, थाना ईसानगर की निवासी हैं। जो वर्तमान वार्ड नंबर 12 मैं रह रही है उन्होंने बताया कि उनका बचपन का नाम शीला यादव था और उनके पिता का नाम चिंटोले यादव है। वर्ष 1995 में साबिर काजी के साथ निकाह कर इस्लाम धर्म अपनाया और करीब 21 वर्षों तक वैवाहिक जीवन व्यतीत किया। हालांकि, वहां की परंपराओं और जीवनशैली को स्वीकार न कर पाने के कारण वर्ष 2018 में उन्होंने तलाक लेकर हिंदू धर्म पुनः अपना लिया था, लेकिन धार्मिक विधि से घर वापसी नहीं हो सकी थी।  शीला यादव का कहना है कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा घर वापसी और हिंदू राष्ट्र को लेकर चलाए जा रहे अभियान से वे प्रेरित हुईं। उन्होंने कहा कि भारतीय और हिंदू होने के नाते हिंदू धर्म ही उनकी आत्मा से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि नाम परिवर्तन को लेकर समाचार पत्रों में इश्तिहार प्रकाशित कराया, आधार कार्ड में नाम अपडेट कराया, लेकिन प्रशासनिक दस्तावेजों में रानी बेगम से शीला यादव नाम दर्ज कराने के लिए वे पिछले एक वर्ष से कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं। छतरपुर के साधू संतो औऱ सनातन धर्म सेवा समिति से संपर्क किया जहां एआज गुरुवार को अनगढ़ टोरिया में साधु-संतों की उपस्थिति में विधिवत घर वापसी कराई गई शीला यादव बोलीं, जैसे पुनर्जन्म  हुआ हो.. शीला यादव ने कहा कि मैंने यादव कुल में जन्म लिया था और मैं यादव परिवार में पली बढ़ी। वो याद करते हुए कहती हैं कि  मैने शादी के बाद इस्लाम कुबूल किया और 20-25 साल तक मैं साबिर काजी के साथ मुस्लिम रीतिरिवाज के साथ रही, लेकिन ये रास नहीं आ रहा था, घुटन महसूस हो रही थी।  अब से मैं अपने धर्म और समाज में जीना मरना चाहती हूँ। रानी बताती हैं कि इन बीच रानी बेगम बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा और पार्षद रही, लोगों की जनसेवा की, पर जो सुकून अपने धर्म में था और है वो कहीं नहीं हैं मैं मजबूरी में घुट-घुट कर जीती रही।   

टोल प्लाजा के पास भीषण एक्सीडेंट, परीक्षा देने जा रहे छात्र सहित 4 की जान गई

ग्वालियर  ग्वालियर के महाराजपुरा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। कोहरे के कारण ट्रक और कार की भिड़ंत हो गई। जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिए गए हैं। हादसा धुंध और ट्रक की अत्यधिक गति के कारण हुआ कार एमपी 07 जेडएफ 5193 और ट्रक एमपी 07 2801 में टक्कर हुई। जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। हादसा धुंध और ट्रक की अत्यधिक गति के कारण हुआ है। सुबह करीब 9 बजे हादसा महाराजपुरा इलाके में बरेठा टोल प्लाजा के पास हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, थाना प्रभारी यशवंत गोयल फोर्स के साथ पहुंचे। क्रेन से ट्रक और कार को अलग करवाया। इसके बाद शवों को बाहर निकाला जा सका। ट्रक ग्वालियर की ओर से आ रहा था, जबकि कार भिंड से आ रही थी। मृतकों में यह शामिल, तीन की पहचान, एक अज्ञात ज्योति यादव पत्नी हरि सिंह यादव यादव मोहल्ला गोरमी राहुल शर्मा पुत्र किशन दत्त शर्मा ग्राम मोरोली थाना मेहगांव राजू प्रजापति निवासी भिंड परीक्षा देने आ रहा था राहुल राहुल बीएससी कृषि का छात्र था। वह गालियां स्थित कृषि महाविद्यालय का छात्र था। शुक्रवार को परीक्षा देने आ रहा था। इसी दौरान हादसे में मौत हो गई।

जानिए फरवरी में कौन मंत्री कब मिलेंगे, बीजेपी ऑफिस में हर दिन दो घंटे जनता से संवाद

भोपाल  लगातार सत्ता में रहने के बावजूद बीजेपी कार्यकर्ता ही अपने काम के लिए मंत्रियों और अफसरों के घर, दफ्तर के चक्कर काटते रहते हैं। कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुलझाने के लिए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने रोज एक मंत्री को बीजेपी ऑफिस में बिठाने की व्यवस्था की।  सोमवार से शुक्रवार तक दो घंटे बीजेपी ऑफिस में बैठेंगे मंत्री सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर एक बजे से तीन बजे तक रोस्टर के अनुसार मंत्री बीजेपी कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। मंत्री के साथ एक प्रदेश पदाधिकारी की भी ड्यूटी लगाई गई है। संगठन से संबंधित मामलों के निराकरण के लिए प्रदेश पदाधिकारी काम करेंगे। फरवरी में किस मंत्री की कब ड्यूटी 02 फरवरी (सोमवार): जगदीश देवड़ा(डिप्टी सीएम), गौतम टेटवाल(मंत्री तकनीकी शिक्षा), मनीषा सिंह (विधायक, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा) 03 फरवरी (मंगलवार) राकेश सिंह (पीडब्ल्यूडी मंत्री), दिलीप अहिरवार (वन राज्यमंत्री) – राजेन्द्र सिंह (प्रदेश मंत्री भाजपा) 04 फरवरी (बुधवार) विश्वास सारंग (खेल एवं सहकारिता मंत्री), लखन पटेल (पशुपालन मंत्री), डॉ. नंदिता पाठक (प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा) 05 फरवरी (गुरुवार) कैलाश विजयवर्गीय (नगरीय प्रशासन मंत्री), प्रतिमा बागरी(नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री), जयदीप पटेल (प्रदेश मंत्री भाजपा) 06 फरवरी (शुक्रवार) विजय शाह (जनजातीय कार्यमंत्री), नरेन्द्र शिवाजी पटेल (स्वास्थ्य राज्यमंत्री), क्षितिज भट्ट (प्रदेश मंत्री भाजपा) 09 फरवरी (सोमवार) राजेन्द्र शुक्ला(डिप्टी सीएम) नारायण सिंह पंवार (मत्स्य पालन राज्यमंत्री), डॉ. प्रभुलाल जाटव (प्रदेश उपाध्यक्ष) 10 फरवरी (मंगलवार) प्रहलाद सिंह पटेल (पंचायत मंत्री), राधा सिंह(पंचायत राज्य मंत्री), शैलेन्द्र बरुआ (प्रदेश उपाध्यक्ष) 11 फरवरी (बुधवार) उदयप्रताप सिंह (स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री) दिलीप जायसवाल (खादी एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री) लोकेन्द्र पाराशर (प्रदेश मंत्री, भाजपा) 12 फरवरी (गुरुवार) करणसिंह वर्मा (राजस्व मंत्री), कृष्णा गौर (पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री ), संगीता सोनी (प्रदेश मंत्री, भाजपा) 13 फरवरी (शुक्रवार) संपतिया उइके (पीएचई मंत्री), धर्मेन्द्र सिंह लोधी (पर्यटन मंत्री), राजो मालवीय (प्रदेश मंत्री, भाजपा) 16 फरवरी (सोमवार) तुलसीराम सिलावट (जल संसाधन मंत्री) मनीषा सिंह (विधायक, प्रदेश उपाध्यक्ष) 17 फरवरी (मंगलवार) ऐदलसिंह कंसाना (कृषि मंत्री) डॉ. प्रभुराम चौधरी (विधायक व प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा) 18 फरवरी (बुधवार) निर्मला भूरिया (महिला बाल विकास मंत्री), अर्चना सिंह (विधायक व प्रदेश मंत्री, भाजपा) 19 फरवरी (गुरुवार) गोविन्द सिंह राजपूत (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री), बबीता परमार (प्रदेश मंत्री, भाजपा) 20 फरवरी (शुक्रवार) नारायण सिंह कुशवाह (उद्यानिकी मंत्री), जयदीप पटेल (प्रदेश मंत्री) 23 फरवरी (सोमवार) नागरसिंह चौहान (अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री), डॉ. प्रभुलाल जाटव (प्रदेश उपाध्यक्ष) 24 फरवरी (मंगलवार) प्रद्युम्न सिंह तोमर (ऊर्जा मंत्री), शैलेन्द्र बरुआ (प्रदेश उपाध्यक्ष) 25 फरवरी (बुधवार) राकेश शुक्ला (नवकरणीय ऊर्जा मंत्री) लोकेन्द्र पाराशर (प्रदेश मंत्री) 26 फरवरी (गुरुवार) चेतन्य कश्यप (एमएसएमई मंत्री),राजेन्द्र सिंह (प्रदेश मंत्री भाजपा) 27 फरवरी (शुक्रवार) इंदर सिंह परमार (उच्च् शिक्षा मंत्री), राजो मालवीय (प्रदेश मंत्री) जिला कार्यालयों में पदाधिकारियों के बैठने के दिन तय बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर भाजपा के जिला पदाधिकारियों के जिला कार्यालय में बैठने के दिन तय किए जा रहे हैं। जिला अध्यक्ष के लिए भी दिन तय किया जा रहा है कि जिला अध्यक्ष से लेकर कौन से जिला पदाधिकारी किस दिन कार्यालय में बैठकर आम लोगों और कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे। 

मध्य प्रदेश में सर्दी का कहर: 19 शहरों का पारा 10°C से नीचे, राजगढ़ में सबसे कम तापमान

भोपाल मध्य प्रदेश में बारिश का दौर फिर लौटेगा। मौसम केंद्र भोपाल ने 31 जनवरी और 1-2 फरवरी को प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से ऐसा होगा। आज यानी शुक्रवार को सुबह प्रदेश के करीब आधे हिस्से में घना कोहरा छा रहा है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने दावा किया है कि प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू होगा। 31 जनवरी, 1-2 फरवरी को बारिश होने का अलर्ट है। दरअसल,  मंगलवार-बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद एक बार फिर ठंडी ठंड लौट आई है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में है। बीती रात मंदसौर में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में इस समय सबसे कम है। इसके साथ ही मालवा अंचल प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बना रहा। इसके कई जिलों में तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया।   बुंदेलखंड क्षेत्र में शीतलहर उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने के बाद साफ आसमान ठंड को और तीखा बना रहा है। खासकर रात के समय विकिरणीय शीतलन के कारण तापमान में तेज गिरावट देखी जा रही है। मालवा और बुंदेलखंड क्षेत्र में शीतलहर की स्थिति बनी है। इन संभागों में छाया रहा कोहरा मौसम विभाग के अनुसार, आज सुबह भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के 24 जिलों में कहीं हलका तो कहीं मध्यम कोहरा छा रहा है। ग्वालियर, रीवा, शहडोल, सागर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, निवाड़ी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली में भी कोहरे का असर रहा। सावधान! पाले की चेतावनी कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मंदसौर, नीमच, रतलाम और शहडोल जैसे जिलों में पाले का खतरा बढ़ गया है। इससे गेहूं, चना और सरसों की फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को हल्की सिंचाई और धुएं की व्यवस्था जैसे बचाव उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार सुबह सतना, रीवा, ग्वालियर और गुना में घना कोहरा दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल, दतिया, खजुराहो, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, जबलपुर, मंडला, सागर, उमरिया, बालाघाट, विदिशा, अशोकनगर, रायसेन, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, सीहोर और डिंडौरी सहित कई जिलों में कोहरे का असर देखा गया। प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा। भोपाल में 9.8 डिग्री, ग्वालियर में 9.4 डिग्री, राजगढ़ में 3 डिग्री, पचमढ़ी में 7.2 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री और दमोह में 7.6 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। सतना में भी पारा 9.7 डिग्री तक गिर गया। विजिबिलिटी की बात करें तो सतना में यह 50 मीटर से कम रही, जबकि रीवा में 50 से 200 मीटर के बीच दर्ज की गई। ग्वालियर और गुना में 200 से 500 मीटर तक दृश्यता रही। रायसेन, दमोह, नौगांव और सीधी में 500 से 1000 मीटर तक विजिबिलिटी रही। भोपाल, दतिया, खजुराहो और टीकमगढ़ में एक किलोमीटर से अधिक, जबकि नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, जबलपुर, मंडला, सागर, उमरिया और बालाघाट में 2 से 4 किलोमीटर तक दृश्यता रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय कोहरा और रात में ठंड बने रहने की संभावना जताई है। ठंड और कोहरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगले 3 दिन बारिश का अलर्ट     31 जनवरी- ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अलर्ट।     1 फरवरी- नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, भोपाल, विदिशा, सागर, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश का अलर्ट।     2 फरवरी- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, देवास, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश का अलर्ट। चंबल-बुंदेलखंड कोहरे का अलर्ट मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि तापमान में बहुत राहत की संभावना नहीं है। कुछ इलाकों में हल्के बादल छाने से न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री की मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। सुबह और देर रात के समय ठंड का असर ज्यादा रहेगा। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ी और मैहर जिलों में कहीं-कहीं घने कोहरे की चेतावनी है।   अगले 3 दिन बारिश का अलर्ट     31 जनवरी- ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।     01 फरवरी- नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, भोपाल, विदिशा, सागर, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश का अलर्ट है।     2 फरवरी- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, देवास, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश की चेतावनी जारी की गई है।  

बागेश्वर धाम में 300 बेटियों की शादी का समारोह, विभिन्न राज्यों और पृष्ठभूमि से आएगी शादियां

छतरपुर  बागेश्वर धाम में शिवरात्रि के अवसर पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री 300 गरीब, अनाथ और जरूरतमंद बेटियों का विवाह कराएंगे। यह सप्तम कन्या विवाह महोत्सव नेपाल सहित देश के 10 राज्यों की बेटियों के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस विवाह का सारा खर्च धाम की दान पेटी में आई राशि से उठाया जाएगा। बेटियों का चयन देश के 60 जिलों से किया गया है, जिनमें मध्य प्रदेश से 229 और उत्तर प्रदेश से 56 बेटियां शामिल हैं। 10 राज्यों से किया है चयन इस खास विवाह महोत्सव में कुल 300 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा जाएगा। इन बेटियों का चयन देश के 10 राज्यों के 60 जिलों से किया गया है। मध्य प्रदेश से सबसे ज्यादा 229 बेटियां इस विवाह में शामिल हो रही हैं, जबकि उत्तर प्रदेश से 56 बेटियां शामिल होंगी। खास बात यह है कि नेपाल से भी एक बेटी इस विवाह के लिए बागेश्वर धाम आ रही है। यह आयोजन शिवरात्रि के पावन अवसर पर किया जा रहा है। कई बेटियों का कोई नहीं चयनित 300 बेटियों में 60 अनाथ हैं। 138 बेटियां ऐसी हैं जिनके पिता नहीं हैं, और 28 बेटियां ऐसी हैं जिनके माता नहीं हैं। इसके अलावा, 8 दिव्यांग बेटियां और 23 दिव्यांग माता-पिता की बेटियां भी इस विवाह में शामिल होंगी। 39 बेटियां बहुत ही गरीब परिवारों से हैं। दान पेटी की राशि से होती हैं शादियां बागेश्वर धाम की दान पेटी में जो भी राशि आती है, उसी से इन बेटियों के विवाह का सारा खर्च उठाया जाता है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री का मानना है कि अगर देशभर के मठ-मंदिरों में ऐसी पहल हो तो गरीब बेटियों का घर बस सकेगा और कोई भी बेटी को बोझ नहीं समझेगा। बेटियों और वर पक्ष की ओर से 1 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच बागेश्वर धाम आकर सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा किए गए थे। इसी के आधार पर बेटियों का चयन किया गया है। इन बेटियों के लगेगी मेहंदी इस विवाह में शामिल होने वाली कुछ बेटियों के नाम रंजीता सेन, नीलू कुशवाहा, रानू रघुवंशी, सपना विश्वकर्मा, मांसी श्रीवास्तव, मासूम प्रजापति, ज्योति, शिवानी कुशवाहा, राधिका खेंगर, नीलम कोरोची, शशि, अंजो सेन, लक्ष्मी अनुरागी, पूजा बंसल, साधना आदिवासी, अनमोल रैकवार, धनवंती नगपुरे, आरती रैकवार, गायत्री अहिरवार, हिरिया बाई कोंदर, वर्षा अहिरवार, मीनू सेन, प्रिया देवी विश्वकर्मा, रक्षा देवी कचेरे, वंदना अहिरवार, पूजा यादव, पूजा विश्वकर्मा, माया अहिरवार, रानी नामदेव, लक्ष्मी सोनी, पदमनी रैकवार, देवकुमारी, कुमकुम पुष्पकार, कु. रानी कुशवाहा आदि हैं।  

कस्टम हायरिंग स्कीम से प्रतीक ने आसान बनाया खेती का काम, बढ़ी उत्पादकता

कस्टम हायरिंग स्कीम से प्रतीक ने अपने कृषि कार्य को बनाया आसान टिटगांवकलां के किसानों को मिल रही है कृषि यंत्रों की सुविधा आधुनिकता एवं तकनीक से जुड़ाव के साथ ही हुई समय की बचत भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये संकल्पित है। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और यंत्रीकरण के माध्यम से न केवल उत्पादन बढ़ रहा है, बल्कि गांवों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे है। ऐसी ही कहानी बुरहानपुर जिले के ग्राम टिटगाँवकलां के युवा प्रतीक पाटील की है। प्रतीक के पिता किसान है। प्रतीक अपने पिताजी के साथ कई वर्षों से कृषि कार्य कर रहे है, वे मुख्य रूप से केला, चना, मक्का, गन्ना, सोयाबीन, तुअर, गेहूँ, केला, प्याज आदि फसल लगाते हैं। प्रतीक बताते हैं कि खेती के दौरान महसूस किया कि गांवों में समय पर ट्रेक्टर और आधुनिक कृषि यंत्रों की अनुपलब्धता किसानों की सबसे बड़ी समस्या है। इससे न केवल खेती में देरी होती है, बल्कि उत्पादन भी प्रभावित होता है। उन्होंने सोचा क्यों न मैं कृषि यंत्रों की मदद से अपने कार्य को आसान और सुविधाजनक बना पाऊँ। प्रतीक ने कृषि कार्य में आधुनिक तकनीकियों को जोड़कर आजीविका और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का इरादा बनाया। कंप्यूटराइज्ड लॉटरी के माध्यम से हुआ चयन प्रतीक बताते है कि, मुझे कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित निजी कस्टम हायरिंग स्कीम की जानकारी सहायक कृषि यंत्री कार्यालय, बुरहानपुर से प्राप्त हुई। इस योजना ने प्रतीक के सपनों को नई दिशा दी। योजना का लाभ लेने के लिये प्रतीक ने ऑनलाइन आवेदन किया और कंप्यूटराइज्ड लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से चयनित हुये।  योजना से मिला स्वरोजगार का अवसर  प्रतीक पाटील ने बताया कि मुझे योजना के तहत करीबन 20.5 लाख की परियोजना लागत पर ऋण  स्वीकृत हुआ। इससे मैंने अक्टूबर, 2025 में ‘‘गुरूकृपा कस्टम हायरिंग केन्द्र’’ नाम से ट्रेक्टर सहित आधुनिक  कृषि यंत्र क्रय कर निजी कस्टम हायरिंग केन्द्र की स्थापना की है। अब प्रतीक पाटील अपने गांव एवं आसपास के क्षेत्र के लगभग 40 किसानों को किराये पर कृषि यंत्र उपलब्ध करा रहे हैं। प्रतीक बताते है कि केन्द्र से वह किसानों को ट्रेक्टर, कल्टीवेटर, रोटावेटर, मल्चिंग मशीन, मल्टिक्रोप थ्रेशर, चापकटर, सीडाकम फर्टिलाईजर इत्यादि यंत्र उपलब्ध कराते है। बीते दो महीनों में प्रतीक ने करीबन 2.6 लाख से अधिक का कार्य किया है। कस्टम हायरिंग योजना से न केवल प्रतीक को लाभ मिला है बल्कि क्षेत्र के किसानों को भी फायदा हुआ है। कस्टम हायरिंग की सुविधा के लिये प्रतीक पाटील कहते हैं कि शासन की इस योजना ने उन्हें स्वरोजगार का अवसर दिया और गांव के अन्य किसानों को भी सशक्त बनाया है। ऐसी योजनाएं ग्रामीण युवाओं को खेती से जोड़कर आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत करती हैं। उन्होंने योजना का लाभ मिलने पर शासन एवं प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है। कस्टम हायरिंग स्कीम क्या है मध्यप्रदेश में निजी कस्टम हायरिंग स्कीम अंतर्गत कृषकों को कृषि फसलों हेतु किराये पर ट्रेक्टर एवं आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराकर सेवाएं देने के उद्देश्य से बैंक ऋण आधार पर केन्द्र स्थापित करवाये जाते हैं। यह योजना वर्ष 2012-13 से संचालनालय कृषि अभियांत्रिकी, मध्यप्रदेश के तहत संचालित है और इसका उद्देश्य छोटे व सीमांत किसानों को उचित दरों पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराना, उत्पादकता बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के लिये कृषि क्षेत्र में रोजगार सृजन करना है। ट्रेक्टर एवं कृषि यंत्रों के क्रय की लागत अधिकतम 25 लाख एवं सभी श्रेणी के आवेदकों हेतु लगभग 40 प्रतिशत, अधिकतम 10 लाख तक का अनुदान देय है। योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन आंमत्रित किये जाते हैं एवं कंप्यूटराइज्ड लाटरी के माध्यम से आवेदकों का चयन किया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिये निर्धारित दस्तावेजों में आवेदक के पास जमीन का कागज बी-1 या मूल निवासी प्रमाण पत्र, 12वी पास, आयु 18 से 40 वर्ष, जाति प्रमाण-पत्र (आरक्षित श्रेणी के लिये), आधार कार्ड होना आवश्यक है वहीं आवेदक के नाम से राशि रूपये 10,000 का डिमांड ड्राफ्ट देय है।  

कब आएगी 33वीं किस्त? लाडली बहना योजना की लाभार्थी महिलाओं की बढ़ी उम्मीदें

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना को लेकर लाखों महिलाओं के लिए अहम अपडेट सामने आया है। योजना की 32वीं किस्त 16 जनवरी 2026 को जारी की जा चुकी है और अब लाभार्थी महिलाएं 33वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। सरकारी नियमों के अनुसार, लाडली बहना योजना की किस्त हर महीने 1 से 10 तारीख के बीच जारी की जाती है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि फरवरी 2026 की 33वीं किस्त 10 से 15 फरवरी के बीच महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। हालांकि, फिलहाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। ऐसे करें अपना नाम लाभार्थी सूची में चेक महिलाएं यह आसानी से जांच सकती हैं कि उनका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं सबसे पहले cmladlibahna.mp.gov.in वेबसाइट पर जाएं .. मोबाइल नंबर डालकर OTP से लॉगिन करें.. होमपेज पर फाइनल लिस्ट के विकल्प पर क्लिक करें..जिला, लोकल बॉडी, ग्राम पंचायत या वार्ड चुनें स्क्रीन पर पूरी लिस्ट दिखाई दे जाएगी.. इन महिलाओं को नहीं मिलेगा 1500 रुपये का लाभ लाडली बहना योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो तय पात्रता शर्तों को पूरा करती है.. महिला मध्य प्रदेश की निवासी हो विवाहित, तलाकशुदा या विधवा हो परिवार की सालाना आय ₹2.5 लाख से अधिक न हो जिन महिलाओं की उम्र 60 वर्ष पूरी हो चुकी है, वे योजना के दायरे से बाहर होंगी यदि इनमें से कोई भी शर्त पूरी नहीं होती है, तो 33वीं किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। राशि बढ़ाकर 3000 रुपये करने का ऐलान मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं कि भविष्य में लाडली बहना योजना की राशि ₹1500 से बढ़ाकर ₹3000 की जाएगी। हालांकि, यह बढ़ोतरी कब लागू होगी, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।  फिलहाल लाभार्थी महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी पात्रता और नाम सूची में जरूर चेक कर लें, ताकि किस्त मिलने में कोई दिक्कत न हो।

पेंडिंग केसों का गंभीर हाल, MP हाई कोर्ट में जजों की संख्या न बढ़ी तो 40 साल लग सकते हैं निपटान में

 जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर और खंडपीठ इंदौर व ग्वालियर में यदि न्यायाधीशों की मौजूदा संख्या 42 से बढ़कर 75 या 85 नहीं होती है, तो साढ़े चार लाख 80 हजार से अधिक लंबित प्रकरणों का बैकलाग खत्म करने में पांच या दस साल नहीं, बल्कि चार दशक से अधिक समय लग सकता है। एरियर कमेटी की रिपोर्ट महत्वपूर्ण इस संबंध में एरियर कमेटी की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति में देरी लंबित मामलों के बढ़ने का प्रमुख कारण है। ऐसे में हाई कोर्ट में लंबित मामलों की स्थिति और उनके समाधान पर गंभीरता से ध्यान देना आवश्यक हो गया है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39-ए के तहत राज्य का यह दायित्व है कि प्रत्येक नागरिक को न्याय तक समान और प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जाए। लेकिन यदि न्याय मिलने में दशकों का समय लगे, तो यह संवैधानिक प्रावधान केवल औपचारिकता बनकर रह जाता है। वर्तमान स्थिति इसी ओर संकेत करती है। आंकड़ों की जुबानी: सुधार की आहट या लंबी चुनौती हालिया आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में वर्तमान में 4,80,592 मामले लंबित हैं। अगस्त 2025 से कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या औसतन 42–43 हो गई है, जो पिछले 20 वर्षों के औसत 30 न्यायाधीशों की तुलना में बेहतर स्थिति मानी जा रही है। इसका परिणाम यह रहा कि अगस्त 2025 से अब तक 84,455 नए मामले दर्ज हुए, जबकि 90,045 मामलों का निपटारा किया गया। इस अवधि में कुल 5,590 मामलों की शुद्ध कमी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस गति के बावजूद लंबित मामलों को पूरी तरह खत्म करने में 39 से 40 वर्ष का समय लग सकता है। वर्ष 2024 में इंदौर बनाम कर्नाटक राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने न्याय तक पहुंच को लेकर कड़ी टिप्पणी की थी। न्यायालय ने कहा था कि न्याय तक पहुंच तभी एक संवैधानिक मूल्य है, जब न्याय त्वरित रूप से मिले। यदि न्याय प्रक्रिया अत्यधिक धीमी या महंगी हो जाए, तो यह अधिकार निरर्थक बन जाता है। हाई कोर्ट में मामलों के अत्यधिक लंबित होने का प्रमुख कारण न्यायाधीशों की रिक्तियां हैं। 1989–90 की एरियर कमेटी ने भी यह स्पष्ट किया था कि उच्च न्यायालयों में मामलों के जमा होने का मुख्य कारण न्यायाधीशों की नियुक्ति में देरी है। 53 से बढ़ाकर 85 न्यायाधीश करने की अनुशंसा हाई कोर्ट ने अपनी स्वीकृत क्षमता 53 से बढ़ाकर 85 न्यायाधीश करने की अनुशंसा की है, जो वर्तमान में केंद्र और राज्य सरकार के पास वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति के लिए लंबित है। लक्ष्य यह है कि अगले पांच वर्षों में लंबित मामलों को खत्म करने के लिए प्रतिमाह 22,000 से 23,000 मामलों का निपटारा किया जाए। इसके लिए कम से कम 75 कार्यरत न्यायाधीशों की तत्काल आवश्यकता है। 2026 में मुख्य न्यायाधीश सहित कम से कम सात न्यायाधीश सेवानिवृत्त चुनौती यह भी है कि वर्ष 2026 में मुख्य न्यायाधीश सहित कम से कम सात न्यायाधीश सेवानिवृत्त होने वाले हैं। यदि समय पर नई नियुक्तियां नहीं हुईं, तो स्थिति फिर यथावत हो सकती है। निष्कर्ष के तौर पर कहा गया है कि केवल मामलों का निपटारा पर्याप्त नहीं है, बल्कि न्याय न्यायपूर्ण और तर्कसंगत भी होना चाहिए। इसके लिए पर्याप्त न्यायिक शक्ति, आधुनिक डिजिटाइजेशन और विशेष बेंचों का गठन आवश्यक है। मध्य प्रदेश में पिछले दो दशकों के बाद शुरू हुआ सुधार तभी कायम रह सकता है, जब 85 न्यायाधीशों की स्वीकृति जैसे ऐतिहासिक कदम को अमल में लाया जाए। सरकार को अनुच्छेद 39-ए के तहत अपनी जवाबदेही निभाते हुए नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए, ताकि आम जनता का न्यायपालिका पर भरोसा बना रहे।  

Aadhaar ऐप का नया वर्जन लॉन्च, अब मोबाइल ही बनेगा आपकी डिजिटल ID

 ग्वालियर  केंद्र सरकार डिजिटल इंडिया अभियान को एक नए पायदान पर ले जाने के लिए तैयार है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) ने आधार एप का फुल वर्जन लॉन्च कर दिया है। इस नए एप के सक्रिय होने से करोड़ों आधार धारकों को आधार केंद्रों की लंबी कतारों से मुक्ति मिल जाएगी। अब मोबाइल नंबर अपडेट करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए घर से बाहर निकलने की आवश्यकता नहीं होगी। यूआइडीएआइ ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स के माध्यम से जानकारी दी कि एप के पुराने वर्जन में जो फीचर्स अब तक लॉक थे, वे आज से सक्रिय हो जाएंगे। अब यूजर्स घर बैठे अपने आधार से लिंक मोबाइल नंबर को बदल सकेंगे। पता और ई-मेल निवास का पता अपडेट करना अब बेहद आसान होगा। आगामी अपडेट्स में नाम और ई-मेल सुधार की सुविधा भी जोड़ी जाएगी। सुरक्षित डेटा फिजिकल फोटोकॉपी के बजाय डिजिटल वेरिफिकेशन होने से डेटा के गलत इस्तेमाल का खतरा न्यूनतम हो जाएगा। फिजिकल कार्ड की जरूरत खत्म अब आपको पर्स में प्लास्टिक का आधार कार्ड रखने की मजबूरी नहीं रहेगी। नए एप के बाद होटल चेक-इन, ऑफिस एंट्री या किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में केवल एप का क्यूआर कोड दिखाकर पहचान का सत्यापन किया जा सकेगा। यह प्रक्रिया न केवल तेज है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी अधिक विश्वसनीय है। यात्रियों और परिवारों के लिए डिजिटल वॉलेट अक्सर यात्रा के दौरान पूरे परिवार के आधार कार्ड संभालना एक चुनौती होती है। नए आधार एप में एक ही प्रोफाइल के भीतर परिवार के सदस्यों की डिजिटल पहचान को जोड़ा जा सकेगा। इससे एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और यात्रा के दौरान पहचान पत्र दिखाने की परेशानी खत्म हो जाएगी। ऐसे करें सक्रिय और डाउनलोड     गूगल प्ले स्टोर से आधिकारिक आधार एप इंस्टाल करें।     लॉग-इन कर अपना आधार नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें।     मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज कर बुनियादी जानकारी भरें।     वेरिफिकेशन पूरा होते ही सभी सेवाएं सक्रिय हो जाएंगी और आपका फोन आपकी डिजिटल पहचान बन जाएगा।