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ग्रामीण किसानों को बड़ी राहत, 5 रुपये में मिले 1 लाख 57 हजार नए विद्युत कनेक्शन

अब तक एक लाख 57 हजार ग्रामीण कृषकों ने लिया मात्र 5 रुपये में नवीन विद्युत कनेक्शन भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अपने कार्यक्षेत्र में ग्रामीण एवं कृषि उपभोक्ताओं को अब मात्र 5 रुपये में स्थायी घरेलू एवं कृषि पंप कनेक्शन उपलब्ध करा रही है। दिसंबर 2024 से यह योजना शुरू हुई है तब से अब तक इस योजना का लाभ 01 लाख 57 हजार 359 ग्रामीण कृषकों को मिल चुका है। इनमें से 58 हजार 711 घरेलू तथा 98 हजार 648 कृषि पंप कनेक्शन शामिल हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि घरेलू तथा कृषि पम्पों के कनेक्शनों की संख्या बढ़ाए जाने के लिये ऐसे कृषक जो विद्युत की उपलब्ध लाइन के समीप स्थित हैं उनको सुविधानुसार आसानी से स्थाई कृषि पंप कनेक्शन दिया जा रहा है। नवीन घरेलू एवं कृषि पंप के लिये स्थायी विद्युत कनेक्शन का आवेदन सरल संयोजन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। इसके लिए portal.mpcz.in पर मांगी गई आवश्यक जानकारी देनी होती है। अधिक जानकारी के लिए कंपनी के टोल फ्री नंबर 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है।  

पीएम सूर्य घर योजना से बड़ा लाभ, 29 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं के खातों में पहुंचे ₹228+ करोड़

पीएम सूर्य घर योजना में अब तक 29 हजार 275 उपभोक्ताओं के खातों में पहुंची 228 करोड़ से अधिक की सब्सिडी योजना में तीन किलोवॉट के सौर संयन्त्र लगाने पर 78 हजार की सब्सिडी मिलेगी भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने क्षेत्रान्तर्गत आने वाले भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में पीएम सूर्यघर योजना के तहत अब तक कुल 29 हजार 273 उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं। इन्हें 228 करोड़ से अधिक की राशि सब्सिडी के रूप में उनके खातों में जमा कराई जा चुकी है। कंपनी ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उपरांत विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं। देश के करोड़ों घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम सूर्य घर योजना प्रारंभ की गई है। लोगों को इस योजना का लाभ मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के तहत एक किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवॉट या उससे अधिक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है। गौरतलब है कि पीएम सूर्यघर योजना का शुभारंभ 13 फरवरी 2024 को हुआ था। तब से लेकर आज दिनांक तक हजारों बिजली उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा गया है। योजना में शामिल होने के लिए आनलाइन आवेदन करना होगा। जिसके लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट https://www.pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट www.portal.mpcz.in अथवा उपाय एप, वॉट्सएप चेटबॉट व टोल फ्री नं, 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है। कंपनी ने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। गौरतलब है कि 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्ताओं को प्रदान किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी परिलक्षित हो रही है।  

खेती को राहत: रबी सीजन से पहले 400 केवी विद्युत टावर मजबूत किए गए

रबी सीजन में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने चार्ज 400 केवी टावरों में की गई स्ट्रेंथनिंग भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने 400 केवी कटनी–दमोह एक्स्ट्रा हाई टेंशन ट्रांसमिशन लाइन के टावरों के सुदृढ़ीकरण का प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। इनमें से अनेक टावरों का काम चालू ट्रांसमिशन लाइन में ही किया गया ताकि प्रदेश में रबी सीजन के दौरान किसानों और उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होती रहे। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने बताया कि बिरसिंहपुर थर्मल पावर प्लांट से विद्युत की निर्बाध निकासी तथा रबी सीजन में बढ़ी हुई अधिकतम विद्युत मांग के बीच प्रदेश की आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर बनाये रखने की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद 400 के वी ट्रांसमिशन लाइनों के टावरों की स्ट्रेंथनिंग का कार्य बिना शटडाउन लिए, चालू लाइन पर ही किया गया। इससे उत्पादन एवं आपूर्ति पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। इसलिए जरुरत पडी स्ट्रेथनिंग एवं रेट्रोफिटिंग की एम पी ट्रांसको के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस विभाग के मुख्य अभियंता  दीपक कुमार अग्रवाल ने बताया कि समय के साथ कमजोर हुए कुछ टावरों को मजबूती प्रदान करने तथा बदलती मौसमीय परिस्थितियों और तेज हवाओं को ध्यान में रखते हुए एमपी ट्रांसको प्रबंधन द्वारा टावरों का टेक्निकल आडिट करवाने के बाद स्ट्रेंथनिंग एवं रेट्रोफिटिंग का निर्णय लिया गया था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले: इंडिया-EU ट्रेड डील से राज्यों की अर्थव्यवस्था को मजबूती

भारत और यूरोपियन यूनियन ट्रेड डील से राज्यों को भी मिलेगा लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते (न्यू ट्रेड डील) पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भारत में आयात कम करने और निर्यात बढ़ाने के लिए यूरोपियन यूनियन के साथ यह ट्रेड डील अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। इस डील से देशभर में वस्तुएं सस्ती होंगी और राज्यों को भी इसका भरपूर लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह ट्रेड डील हमारी अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक रूप से समृद्ध और सशक्त हो रहा है। दुनिया के कई देशों में आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर उथल-पुथल का वातावरण बना हुआ है। ऐसे समय में भी प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों से डेढ़ अरब की आबादी के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। यह ट्रेड डील इसी दिशा में एक बेहद कारगर कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को दिए संदेश में यह विचार व्यक्त किए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से मजबूत हो रहा बच्चों का कल

बेहतर शिक्षा से सशक्त हो रहा प्रदेश के बच्चों का भविष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 369 नए सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ प्रदेश के 8.50 लाख से अधिक विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए हुए स्थायी प्रबंध भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बच्चे राष्ट्र की पूंजी हैं। इनका भविष्य संवारना हम सबकी जिम्मेदारी है। बेहतर शिक्षा के लिए मजबूत अधोसंरचनाओं और कुशल मानव प्रबंधन पर हम प्रदेश के बच्चों का भविष्य बेहतर बना रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मूल संकल्प है कि प्रदेश के स्कूल जाने योग्य हर विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित हो। इसी संकल्प की पूर्ति के लिए हमने प्रदेश में गुरुकुल शिक्षा पद्धति से प्रेरणा लेकर अत्याधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत की है। अब तक प्रदेश में 369 नए सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबको अनिवार्य रूप से शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू है। इस अधिनियम के अंतर्गत हमने अब तक प्रदेश के 8.50 लाख से अधिक विद्यार्थियों की समुचित शिक्षा के लिए सभी स्थायी प्रबंध और पुख्ता शिक्षण व्यस्थाएं सुनिश्चित कर दिए हैं। बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए हम कोई कमी नहीं करेंगे।  

कौशल और भाषा प्रशिक्षण से युवाओं को विदेश में रोजगार मिलेगा: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

कौशल और भाषा प्रशिक्षण से युवाओं को विदेशों में मिलेगा रोजगार : राज्यमंत्री श्रीमती गौर अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को जापान समेत अन्य देशों में भी मिलेगा रोजगार, कैबिनेट ने दी मंजूरी भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने बताया कि अब युवाओं को केवल जापान ही नहीं, बल्कि विश्व के विभिन्न देशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकेंगे। इसके लिए युवाओं को नियोजक की मांग के अनुरूप डोमेन-स्पेसिफिक स्किल, सॉफ्ट स्किल एवं संबंधित देश की भाषा का गुणवत्तापूर्ण आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद चयनित युवाओं का विदेश में नियोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद ने पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित “पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना–2022” के नाम एवं प्रावधानों में संशोधन को स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह योजना अब “अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिये विदेश में रोजगार नियोजन योजना–2026” के नाम से लागू की जाएगी। योजना के तहत प्रतिवर्ष अन्य पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को प्रशिक्षण देकर विदेश भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के संचालन के लिये विभागीय बजट के साथ-साथ सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड तथा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी निधि के उपयोग का भी प्रावधान किया गया है, जिससे शासकीय कोष पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा। योजना का क्रियान्वयन भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय कौशल विकास निगम अथवा भारत सरकार से मान्यता प्राप्त अन्य संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा। युवाओं के विदेश भेजने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय एवं विदेश मंत्रालय द्वारा जारी परामर्शों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस योजना से राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर एवं बेरोजगार अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्य धारा में प्रभावी योगदान दे सकेंगे।  

टेक्नोलॉजी के साथ जनगणना: विदिशा में मोबाइल एप से पहली बार होगी घर-घर काउंटिंग

विदिशा  आगामी जनगणना को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। जिले में भी पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से जनगणना कराई जाएगी। इस बार गणनाकर्मियों को भारी-भरकम रजिस्टर लेकर घर-घर नहीं जाना होगा, बल्कि मोबाइल एप के जरिए ही मकानों की गणना और जनसंख्या से जुड़ी समस्त जानकारी दर्ज की जाएगी। केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत जिले में जनगणना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। इसके लिए जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया भी जल्दी ही प्रारंभ की जा रही है। पहला चरण अप्रैल से सितंबर के बीच प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जनगणना का पहला चरण अप्रैल से सितंबर के बीच संपन्न होगा, जिसमें मकानों की गणना की जाएगी। दूसरे चरण में फरवरी 2027 में वास्तविक जनसंख्या गणना होगी। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल एप आधारित यह प्रक्रिया न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता भी बढ़ाएगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनगणना इकाइयों का निर्धारण कर लिया गया है और प्रशासनिक सीमाएं पहले ही फ्रीज की जा चुकी हैं, ताकि गणना के दौरान किसी प्रकार का परिवर्तन न हो। छह माह घर-घर दस्तक देंगे कर्मचारी जनगणना के पहले चरण में जिले के प्रत्येक गांव, कस्बे और शहरी वार्ड में मकानों की गणना की जाएगी। इसमें आवासीय और गैर-आवासीय भवनों का विवरण दर्ज किया जाएगा। मकान किस प्रकार का है, उसका उपयोग क्या है, निर्माण सामग्री, पानी, बिजली, शौचालय, रसोई गैस, इंटरनेट, वाहन जैसी सुविधाओं की जानकारी मोबाइल एप पर दर्ज होगी। इस चरण का उद्देश्य जिले के भौतिक ढांचे की वास्तविक स्थिति को सामने लाना है। इस दौरान शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में तैनात सरकारी अमला घर-घर दस्तक देकर जानकारी हासिल करेगा। जनसंख्या गणना में दर्ज होगी परिवारों की जानकारी जनगणना का दूसरा चरण अगले साल फरवरी में शुरू होगा। इसमें जिले की वास्तविक जनसंख्या से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। प्रत्येक परिवार और व्यक्ति से आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार, भाषा, प्रवास, दिव्यांगता सहित अन्य सामाजिक और आर्थिक बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार इस चरण में जातिगत आंकड़े भी शामिल किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह जानकारी केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए होगी और पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। जनगणना एप तैयार, रजिस्टर से मुक्ति इस बार जनगणना की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह डिजिटल होना है। अब तक सरकारी अमला नागरिकों की सारी जानकारी रजिस्टर में दर्ज करते था, लेकिन इस बार प्रत्येक गणनाकर्मी के पास मोबाइल या टैब रहेगा, जिसमें जनगणना एप इंस्टॉल होगा। उसी एप के माध्यम से जीपीएस लोकेशन और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे दोहराव की संभावना कम होगी और रियल टाइम डेटा उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही किसी भी स्तर पर त्रुटि होने पर तुरंत सुधार की सुविधा भी रहेगी। प्रशिक्षण और निगरानी की पुख्ता व्यवस्था अधिकारियों का कहना है कि जनगणना को त्रुटिरहित बनाने के लिए कर्मचारियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में एप संचालन, डेटा सुरक्षा, नागरिकों से संवाद और गोपनीयता के नियमों की जानकारी दी जाएगी। जिले में चार्ज अधिकारी, सुपरवाइजर और नोडल अधिकारियों के माध्यम से सतत निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। किसी भी शिकायत या समस्या के त्वरित निराकरण के लिए नियंत्रण तंत्र भी तैयार किया जा रहा है। रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर जेपी शर्मा का कहना है जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि जिले के भविष्य की नींव है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास, पेयजल, रोजगार और सामाजिक योजनाओं की रूपरेखा इन्हीं आंकड़ों के आधार पर तैयार की जाती है। इसलिए जनगणना के दौरान कर्मचारियों को वास्तविक जानकारी ही उपलब्ध कराना चाहिए।     जनगणना की प्रक्रिया जिले में शुरू हो गई है। दो माह बाद एक अप्रैल से मकानों की गणना का कार्य शुरू किया जाएगा। इस प्रक्रिया में नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा है। सही और पूरी जानकारी देने से ही जिले के विकास की सटीक तस्वीर सामने आएगी। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर भविष्य में योजनाओं, संसाधनों के आवंटन और नीति निर्धारण का काम किया जाएगा।     – सेवाराम रैकवार, जिला योजना अधिकारी, विदिशा।  

मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा में नई पहल: ईमानदारी की पेटी, सेंटरों पर CCTV और ऐप से मॉनिटरिंग

भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होने जा रही है. इस परीक्षा में बच्चों के ज्ञान के साथ नैतिकता की भी परीक्षा होगी. एमपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए बच्चों की नैतिकता की कसौटी कसेगा. इसके लिए सभी परीक्षा केन्द्रों के बाद इस बार ईमानदारी की पेटी भी रखी जाएगी, ताकि नकल करने के इरादे से परीक्षा हॉल में पहुंचने वाले बच्चे पहले ही नकल सामग्री को इस पेटी में डालें और पूरी ईमानदारी से परीक्षा में शामिल हों. उधर एमपी बोर्ड परीक्षा में नकल और गड़बड़ियों को रोकने कई तैयारियां की हैं. बच्चे ईमानदारी से दें परीक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव बुद्धेश कुमा वैद्य कहते हैं कि "हमारी कोशिश है कि पूरी परीक्षा पारदर्शी हो. इसके लिए कई तरह के काम किए जा रहे हैं. इसमें स्टूडेंट्स को नैतिकता की कसौटी पर कसने के लिए सभी परीक्षा केन्द्रों के बाहर इस बार एक बॉक्स लगाया जा रहा है. इसका नाम ईनामदारी की पेटी रखा गया है. इसका उद्देश्य है कि यदि कोई बच्चा कोई नकल सामग्री लेकर पहुंचा है, तो वह परीक्षा शुरू होने के पहले ही इस बॉक्स में उसे डाल दे और अपनी पूरी मेहनत से परीक्षा दे. एडमिट कार्ड पर होगा क्यूआर कोड इस बार स्टूडेंट्स के प्रवेश पत्र पर क्यूआर कोड की भी व्यवस्था की गई है. प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) को स्कैन करते ही स्टूडेंट्स से जुड़ी पूरी जानकारी पलक झपकते ही सामने आ जाएगी. इससे बच्चे की पुष्टि करना आसान होगा. पेपर लीक जैसे घटनाओं को रोकने के लिए इस बार प्रश्न पत्रों को थाने से उठाने से लेकर परीक्षा केन्द्र तक पहुंचने तक की हर बंडल की लोकेशन ट्रेस होगी. इसके लिए एक एप तैयार किया गया है. इसमें प्रश्न पत्र उठाने और केन्द्र पर सौंपने के दौरान संबंधित व्यक्तियों को एप पर सेल्फी अपलोड करनी होगी. हर प्रश्न पत्र का पैकेट नंबर एप पर दर्ज करना होगा. इसके बाद प्रश्न पत्र को खोलने से लेकर इसके वितरण और परीक्षा खत्म होने के बाद कॉपी के बंडल बनने और मूल्यांकन केन्द्र तक जाने तक की एंट्री इस एप के माध्यम से ही होगी." कैमरों से होगी लाइव निगरानी उधर एमपी बोर्ड ने प्रदेश भोपाल, इंदौर, देवास, सागर, दमोह, रीवा, भिंड मुरैना, ग्वालियर जैसे 9 जिलों के 226 परीक्षा केन्द्रों को अति संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों की सूची में रखा है. इन केन्द्रों में पूर्व में नकल के मामले सामने आ चुके हैं. इसको देखते हुए इन सभी केन्द्रों पर इस बार करीबन 1000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इन कैमरों के जरिए परीक्षा की लाइव स्थिति को एमपी बोर्ड मुख्यालय में देखा जा सकेगा. इसके लिए कंट्रोल कमांड सेंटर बनाया गया है. प्रदेश में परीक्षा के लिए 3856 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं, जहां करीबन 16 लाख बच्चे परीक्षा देंगे. इन परीक्षा केन्द्रों में 448 संवेदनशील केन्द्र भी चिन्हित किए गए हैं. इन परीक्षा केन्द्रों पर विशेष निगरानी रहेगी. सिर्फ कलेक्टर प्रतिनिधि के पास होगा मोबाइल एमपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान कोई भी टीचर अपने साथ मोबाइल नहीं रख सकेगा. एमपी बोर्ड ने इसके लिए सभी जिलों में निर्देश जारी कर दिए हैं. सिर्फ कलेक्टर प्रतिनिधि ही अपने साथ मोबाइल रख सकेंगे. परीक्षा शुरू होने के पहले सभी ड्यूटी टीचर को अपने मोबाइल ऑफिस में जमा कराने होंगे.

इंदौर से निकलेगी भारत गौरव ट्रेन, धार्मिक स्थलों की होगी यात्रा; जू-रालामंडल में पर्यटकों का उत्साह

 इंदौर मध्यप्रदेश के तीर्थयात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का नया धार्मिक टूर पैकेज घोषित किया है, जो 10 अप्रैल को इंदौर से रवाना होगी। इसके लिए यात्रियों को महज रु.19 हजार 990/- प्रति व्यक्ति (स्लीपर-इकानामी श्रेणी), रु. 32 हजार 800/- प्रति व्यक्ति (थर्ड एसी- स्टैंडर्ड श्रेणी) एवं रु. 43 हजार 250/- प्रति व्यक्ति (सेकंड एसी-कंफर्ट श्रेणी) का खर्च उठाना होगा। आईआरसीटीसी, इस सर्व समावेशी टूर की पेशकश कर रहा है। इसमें भारत गौरव ट्रेन के विशेष एलएचबी रेक में आरामदायक रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड और ऑफ-बोर्ड भोजन, सड़क परिवहन और गुणवत्तायुक्त बसों में दर्शनीय स्थलों की यात्रा, यात्रा कार्यक्रम के अनुसार आवास की व्यवस्था, यात्रा में टूर एस्कार्ट्स, यात्रा बीमा, ऑन-बोर्ड सुरक्षा और हाउसकीपिंग की सेवा शामिल है। पर्यटक इसकी बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन व अधिकृत एजेंट से भी करा सकते है। इस संबंध में अधिक जानकारी व बुकिंग के लिए आईआरसीटीसी के भोपाल, जबलपुर एवं इंदौर रेलवे स्टेशन कार्यालय में निम्नलिखित फ़ोन नंबरों पर संपर्क कर सकते है। इसमें इंदौर-0731-2522200, 9321901865, 8287931711, 8287931624, 8287931729 संपर्क करें। भारत गौरव ट्रेन से प्रमुख तीर्थों के दर्शन यह विशेष पर्यटक ट्रेन यात्रियों को पुरी, गंगासागर, गया, अयोध्या, काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग और बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराएगी। 10 रात और 11 दिनों की इस यात्रा में देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इन स्टेशनों से यात्री कर सकेंगे सफर रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह ट्रेन इंदौर के अलावा उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, रानी कमलापति, इटारसी, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी और अनूपपुर स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इन सभी स्टेशनों से यात्री ट्रेन में सवार हो सकेंगे। 25 और 26 जनवरी की लगातार दो दिन की छुट्टियों में रालामंडल अभयारण्य में 3654 पर्यटक पहुंचे। इस दौरान वन विभाग को 1 लाख 55 हजार 910 रुपए का राजस्व मिला। जनवरी माह की छुट्टियों में रालामंडल से कुल 4.87 लाख रुपए की आय हुई। वहीं, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर इंदौर प्राणी संग्रहालय को विशेष रूप से खोला गया, जहां दिनभर में करीब 15 हजार दर्शक पहुंचे। भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ और पुलिस बल तैनात किया गया।25 और 26 जनवरी को एडवेंचर ईको पार्क उमरीखेड़ा में भी 150 से ज्यादा परिवार घूमने पहुंचे। जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि सुबह 10:30 बजे से ही पर्यटकों का आना शुरू हो गया था और शाम तक करीब 15 हजार लोग जू पहुंचे। उमरीखेड़ा ईको पार्क में भी दिखी रौनक 25 और 26 जनवरी को एडवेंचर ईको पार्क उमरीखेड़ा में भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। इन दो दिनों में 150 से ज्यादा परिवारों ने पार्क का भ्रमण किया। खाने, रहने और घूमने की पूरी व्यवस्था आईआरसीटीसी के इस टूर पैकेज में भारत गौरव ट्रेन के विशेष एलएचबी रैक में आरामदायक रेल यात्रा, ऑन बोर्ड और ऑफ बोर्ड भोजन, गुणवत्तापूर्ण बसों से स्थानीय भ्रमण, यात्रा कार्यक्रम के अनुसार ठहरने की व्यवस्था, टूर एस्कॉर्ट, यात्रा बीमा, ऑन बोर्ड सुरक्षा और हाउसकीपिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। किराया श्रेणी अनुसार निर्धारित इस धार्मिक यात्रा का किराया श्रेणी के अनुसार तय किया गया है। स्लीपर क्लास का किराया 19,900 रुपये प्रति व्यक्ति, एक्स एसी स्टैंडर्ड श्रेणी का किराया 32,450 रुपये प्रति व्यक्ति और डब्ल्यू एसी कम्फर्ट श्रेणी का किराया 42,750 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है। बुकिंग की प्रक्रिया यात्री इस भारत गौरव टूर पैकेज की बुकिंग आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत एजेंट्स के माध्यम से कर सकते हैं।  

नए UGC नियमों पर हंगामा, बागेश्वर महाराज ने BJP सरकार को दी सख्त नसीहत

छतरपुर देश में जारी UGC विरोध के बीच, बागेश्वर धाम के महाराज पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू एकता पर जोर देते हुए कहा कि “सरकार हिंदुओं को बाँटे नहीं, हम सब हिंदू एक हैं; कोई अगड़ा-पिछड़ा नहीं है।” उन्होंने सामाजिक विभाजन से बचने और सभी हिंदुओं को एकजुट रहने की बात कही।  शास्त्री ने कहा कि भारत में असमानता नहीं होनी चाहिए, भारत में समानता होनी चाहिए। भारत सरकार से प्रार्थना है कि भारतीयों को बांटा नहीं जाए बल्कि जोड़ा जाए। हम सब हिंदू एक हैं देश में यूजीसी (UGC) के नए 2026 नियम को लेकर भेदभाव, समानता और उच्च शिक्षा में अधिकारों से जुड़े विवाद का माहौल बन चुका है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने “समानता” नियमावली जारी की है, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव को रोकना है, लेकिन इसके कुछ प्रावधानों पर छात्र और सामाजिक समूह विरोध कर रहे हैं और कई राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं।  साथ ही छात्रों ने लखनऊ यूनिवर्सिटी जैसे कई कैंपसों में नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन भी किए हैं, जिसमें कुछ समूहों ने कहा कि नियम सामान्य वर्ग (जनरल) के खिलाफ भेदभाव पैदा कर सकते हैं।