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मध्य प्रदेश में बरेला सड़क हादसा, मजदूरों की मौत, मुआवजे की घोषणा से परिवारों को राहत

  जबलपुर जबलपुर के बरेला इलाके में हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. मंडला जिले के बम्होरी गांव से काम के सिलसिले में निकले मजदूर इस हादसे का शिकार हो गए. जानकारी के मुताबिक तेज रफ्तार वाहन की टक्कर के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई. मौके पर चीख-पुकार गूंज उठी और कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए. इस हादसे में अब तक कई मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कुछ घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है. कैसे हुआ हादसा? मजदूर एक वाहन में सवार होकर जा रहे थे, तभी बरेला के पास तेज रफ्तार और लापरवाही से चल रहे दूसरे वाहन ने टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन सड़क से उतर गया. हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी. घायलों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया. घायलों का इलाज जारी, प्रशासन अलर्ट हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया. घायलों को तत्काल इलाज मुहैया कराया गया. कुछ मजदूरों को गंभीर हालत में जबलपुर रेफर किया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है. मंत्री राकेश सिंह ने जताया शोक, अधिकारियों से की बात इस दुखद घटना पर राकेश सिंह, लोक निर्माण मंत्री, ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. जैसे ही उन्हें हादसे की जानकारी मिली, उन्होंने जबलपुर कलेक्टर और NHAI के अधिकारियों से तुरंत बात की. मंत्री सिंह ने साफ कहा कि सरकार घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं आने देगी और हर जरूरत का ध्यान रखा जाएगा. मृतकों के परिजनों को राहत, तुरंत मुआवज़ा एनएचएआई ने इस हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को प्रति मृतक 2-2 लाख रुपये की सहायता देने का फैसला किया है. इसमें से 1-1 लाख रुपये की राशि तत्काल स्वीकृत कर दी गई है, ताकि पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत मिल सके. बाकी सहायता भी जल्द दी जाएगी. सरकार और NHAI का भरोसा मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह सिर्फ मुआवज़ा नहीं, बल्कि सरकार की जिम्मेदारी है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दी जाए. घायलों के इलाज का पूरा खर्च और आगे की जरूरतों में भी एनएचएआई सहयोग करेगा. गांव में मातम, सवालों के घेरे में सड़क सुरक्षा मंडला के बम्होरी गांव में इस हादसे के बाद मातम पसरा हुआ है. घरों में चूल्हे ठंडे हैं और परिवार सदमे में हैं. वहीं, एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर सवाल खड़े हो गए हैं.

शिवराज का दिल जीतने वाला खजूर, विदिशा में पन्नालाल की खास भेट

विदिशा पूर्व सीएम और मौजूदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह की लोकप्रियता अभी भी मध्य प्रदेश में कम नहीं हुई है। शिवराज जब भी अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा या किसी भी कोने में जाते हैं लोग उनसे मिलने को खूब उत्सुक दिखते हैं। ताजा बानगी दिखी मध्य प्रदेश के विदिशा में। यहां शिवराज सिंह का दौरा था, इस बीच उनकी मुलाकात वहां खजूर बेच अपनी रोजी रोटी चलाने वाले पन्नालाल से हुई, फिर क्या था शिवराज ने न सिर्फ उनके ठेले से खजूर लिए बल्कि उन्हें गले लगाकर एक वादा भी कर गए। गले लगाया और कर दिया एक वादा सोशल मीडिया पर विदिशा के पन्नालाल और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का वीडियो खूब वायरल हो रहा है। शिवराज सिंह ने खुद इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर डाला है। वीडियो में शिवराज पन्नालाल के ठेले से खजूर खरीदते दिखते हैं। आधा किलो खजूर खरीदते देख पन्नालाल खूब खुश दिखाई दिए। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने पन्नालाल को गले लगा लिया। पन्नालाल के मना करने के बाद भी शिवराज सिंह ने उसे खजूर के पैसे भी दिए। शिवराज ने पूछा कि क्यों भाई पन्नालाल खजूर सस्ते में तो नहीं खरीद लिए? तो उसने ना में सिर हिलाया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में से किसी ने कहा कि साहब इसकी कुछ मदद कर दीजिए। शिवराज सिंह चौहान ने तुरंत घोषणा की कि भाई पन्नालाल को मोटर ट्राई-साइकिल उपलब्ध कराएंगे और जो भी संभव मदद हो सकती है, वो जरूर करेंगे। शिवराज सिंह ने किया पोस्ट शिवराज सिंह ने अपने इंस्टा हैंडल पर लिखा कि विदिशा में भाई पन्नालाल से मुलाकात हुई। पन्ना भैया खजूर बेचकर अपना परिवार का भरण पोषण करते हैं। जब उनसे बातें हुईं तो लगा जैसे किसी अपने से मिला हूं। मेहनत से भरे हाथों में जीवन का संघर्ष दिखा, लेकिन चेहरे पर आत्मसम्मान की मुस्कान थी। पन्ना भैया जैसे मेहनतकश लोग ही इस देश की असली ताकत हैं। हमारी कोशिश यही है कि उनकी मेहनत की राह थोड़ी आसान बने, जीवन थोड़ा सुगम हो। इसलिए पन्ना भैया को मोटर ट्राई-साइकिल उपलब्ध कराएंगे और जो भी संभव मदद हो सकती है, वो जरूर करेंगे। वीडियो पर लोग शिवराज सिंह की जमकर तारीफ करते भी दिख रहे हैं।

इको क्लब के तत्वावधान में भाऊसाहेब भुस्कुटे शासकीय महाविद्यालय टिमरनी द्वारा रिवर ड्राइव एवं स्वच्छता अभियान आयोजित

टिमरनी शासकीय महाविद्यालय टिमरनी में इको क्लब के तत्वावधान में रिवर ड्राइव एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जनमानस में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अरुण कुमार सिकरवार, इको क्लब प्रभारी डॉ. सुनील बौरासी, डॉ. संजीत सोनी, डॉ. श्रीकांत गंगवार, डॉ. शैलेन्द्र कटारे, डॉ. पवन नामदेव, डॉ. नितेश कनाठे, डॉ. नरेन्द्र नागले  डॉ संजय पटवा ;पंकज रहाणे ;विजेंद्र गुर्जर; डॉ शैलेन्द्र कटारे ;अभिषेक नागपुरे  श्रीमती नीता गौर ; डॉ प्रियंका चंदेल; ललिता नागर; अनिल नायर;  महाविद्यालयीन स्टाफ उपस्थित रहा। स्वच्छता अभियान के दौरान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की और नदी क्षेत्र की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। विद्यार्थियों के उत्साह और श्रमदान ने अभियान को सफल बनाया। इस अवसर पर भोपाल की "भाग्य रच" वेलफेयर फाउंडेशन, जो कि डॉक्टारो द्वारा स्थापित संस्था है, का भी सराहनीय योगदान रहा। संस्था द्वारा स्वच्छता अभियान के समर्थन में महाविद्यालय को डस्टबिन भेंट किए गए। संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छता अत्यंत आवश्यक है, और इस प्रकार के अभियान समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में मुस्कान अम्कारे, सुजाल, योगेश, कृष्णिका अग्रवाल, आयुष बौरासी, मुस्कान अमकरे, गोरब परिहार, सीनम खान के सहित 70 से ज्यादा विद्यार्थियों मौजूद रहे।

आरडी प्रजापति का सनसनीखेज आरोप: राभद्राचार्य और अन्य धार्मिक गुरुओं को सजा देने की मांग

छतरपुर  मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा सीट से पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने कहा है कि कथावाचकों को जूते की माला पहनाकर घुमाया जाए. उन्होंने कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य को अंधाचार्य कहा और उनकी मां को लेकर अभद्र टिप्पणी की. पूर्व विझधायक आरडी प्रजापति  भोपाल के भेल दशहरा मैदान में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा के महासम्मेलन में बोल रहे थे. पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने धीरेंद्र शास्त्री और अनिरुद्धाचार्य पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अब बहन-बेटियां तो प्लॉट हो गई हैं. कोई भी सौ बार रजिस्ट्री कराओ, हजार बार रजिस्ट्री कराओ. बहन-बेटियों की छाती से पृथ्वी हिलने लगी है, ये अनिरुद्धाचार्य कहते हैं. पूर्व विधायक प्रजापति ने रामभद्राचार्य पर हमला बोलते हुए कहा कि एक अंधाचार्य है, वह कहता है कि वाइफ मतलब वंडरफुल इंस्ट्रूमेंट फॉर एंजॉय.  उन्होंने कहा कि एक बाबा लाली लगाकर कहता है, 25 साल की लड़कियां कथाओं में जाकर अपनी जवानी ‘उतार कर’ आती हैं. मैं चाहता हूं कि संतोष वर्मा को आईएएस से हटा दिया जाए, लेकिन पहले उनको (कथावाचकों को) जूतों की माला पहनाकर नंगा घुमाया जाए, जो व्यास पीठ से ऐसा बोलते हैं. आरडी प्रजापति ने कहा कि देश में कुछ कथावाचक और धर्मगुरु करोड़ों लोगों की भीड़ जुटाकर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. पूर्व विधायक ने कहा कि ऐसे कथावाचकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती. उन्होंने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री और अनिरुद्धाचार्य का नाम लेते हुए कहा कि महिलाओं को ‘खाली प्लॉट’ जैसी उपमाओं से जोड़ना या 20-25 साल की लड़कियों को लेकर अभद्र टिप्पणियां करना किसी भी धर्म या शास्त्र में स्वीकार्य नहीं हो सकता. आरडी प्रजापति ने कहा कि यदि कोई महिला विधवा हो जाए तो क्या उसका सिंदूर और मंगलसूत्र हट जाना उसे ‘खाली प्लॉट’ बना देता है. उन्होंने कहा कि प्लॉट का मतलब जमीन होता है, जिसे बार-बार खरीदा और बेचा जा सकता है. आरडी प्रजापति ने कहा कि क्या समाज अपनी बहन-बेटियों को भी उसी नजर से देखेगा. गौरतलब है कि आरडी प्रजापति साल 2013 में बीजेपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. 2018 में बीजेपी ने आरडी प्रजापति के बेटे राजेश प्रजापति को टिकट दिया था. राजेश 2023 तक विधायक रहे. आरडी प्रजापति 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के टिकट पर टीकमगढ़ से चुनाव लड़े थे, लेकिन हार मिली थी.  

भक्ति का अनोखा उत्सव: मनोकामना पूरी होने पर महाकाल को 2.35 किलो चांदी का मुकुट चढ़ाया

उज्जैन   सोमवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में श्री महाकालेश्वर मंदिर में एक भक्त ने बाबा महाकालेश्वर को 2 किलो 350 ग्राम का चांदी का मुकुट चढ़ाया, जिस पर चांद बना हुआ था। गुजरात के जामनगर के रहने वाले भक्त प्रदीप गुप्ता ने अपनी मन्नत पूरी होने के बाद यह मुकुट भेंट किया। उन्होंने बाबा महाकालेश्वर की भस्म आरती में हिस्सा लिया और समारोह के दौरान भगवान महाकाल को चांदी का मुकुट चढ़ाया। मंदिर के पुजारी ने सोमवार को भस्म आरती के दौरान बाबा महाकालेश्वर को यह नया मुकुट पहनाया। भस्म आरती के बाद प्रदीप गुप्ता ने बताया कि मुझे बहुत अच्छा लग रहा है और हमने अपनी पिछली यात्रा के दौरान एक मन्नत मांगी थी। बाबा ने उसे सिर्फ तीन महीने में पूरा कर दिया। इसीलिए मैं पूरी टीम के साथ यहां आया हूं, क्योंकि बाबा ने हमारा (विंड पावर) प्रोजेक्ट छह महीने के बजाय तीन महीने में ही पूरा कर दिया। इसलिए हम सभी बाबा का आशीर्वाद लेने और उन्हें यह छोटा सा तोहफा देने आए हैं। मुकुट का वजन 2 किलो 350 ग्राम है।" धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त भस्म आरती में शामिल होते हैं या भाग लेते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उन्हें भगवान महाकाल का दिव्य आशीर्वाद मिलता है। मंदिर की परंपराओं के अनुसार, यह अनुष्ठान सुबह-सुबह मंदिर के दरवाज़े खुलने के साथ शुरू होता है, जिसके बाद देवता को पंचामृत से पवित्र स्नान कराया जाता है। पंचामृत दूध, दही, घी, चीनी और शहद का एक पवित्र मिश्रण है। स्नान के बाद, शिवलिंग को भांग और चंदन के लेप से सजाया जाता है, जो पवित्रता और पावनता का प्रतीक है। यह अनुष्ठान अनोखी भस्म आरती और धूप-दीप आरती के साथ जारी रहता है, जिसमें ढोल की लयबद्ध थाप और शंख की गूंजती आवाज़ें शामिल होती हैं। आरती जीवन और मृत्यु के चक्र का प्रतीक है, जो भगवान शिव की बुराई को नष्ट करने वाले और समय के अवतार के रूप में शाश्वत उपस्थिति का प्रतिनिधित्व करती है। श्री महाकालेश्वर, जो भारत के बारह पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक हैं, हिंदू आध्यात्मिकता में बहुत महत्व रखते हैं। देश भर से लोग साल भर मंदिर में भस्म आरती देखने आते हैं, यह मानते हुए कि इस पवित्र अनुष्ठान में शामिल होने से दिव्य आशीर्वाद, सुरक्षा और इच्छाओं की पूर्ति होती है।

SC का आदेश: कर्नल सोफिया अपमान मामले में MP सरकार को 2 हफ्ते में बताना होगा केस कब शुरू होगा

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मंत्री कुंवर विजय शाह पर मुकदमा चलाने की अनुमति दिए जाने के मुद्दे पर फैसला लिया जाए। ऑपरेशन सिंदूर का ब्योरा देश को देने वाली कर्नल को मध्य प्रदेश के मंत्री ने 'आतंकियों की बहन' कह डाला था।सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि राज्य सरकार विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट पर कई महीनों से कोई फैसला नहीं ले रही है। जबकि विशेष जांच दल ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की ओर से मुकदमा चलाए जाने की मांगी गई अनुमति पर देरी को लेकर सवाल उठाए। सर्वोच्च अदालत के आदेश पर एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है। सीजेआई कांत ने कहा, 'आप 19 अगस्त से एसआईटी रिपोर्ट पर बैठे हुए हैं। कानून आप पर दायित्व डालता है और आपको निर्णय लेना होगा। आज 19 जनवरी है।' अदालत ने एसआईटी की सीलबंद रिपोर्ट खोली और पाया कि विभिन्न पहलुओं की जांच के बाद मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार की मंजूरी मांगी है। सर्वोच्च अदालत ने कहा, 'हमें बताया गया कि राज्य की ओर से कोई ऐक्शन हीं लिया गया है और मामला लंबित है। हम मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश देते हैं कि कानून के मुताबिक मंजूरी पर उचित कदम उठाए जाएं।' इससे पहले राज्य सरकार ने कहा था कि उन्होंने एसआईटी की अपील पर फैसला नहीं लिया है क्योंकि मामला सर्वोच्च अदालत में लंबित है। शाह की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने जब यह बताया कि शाह ने पहले ही अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांग ली थी तो अदालत ने कहा, 'माफी कहां है? रिकॉर्ड में तो कुछ भी नहीं है। अब तो बहुत देर हो चुकी है।' प्रस्तावित कार्रवाई पर भी रिपोर्ट पेश करने को कहा बेंच ने यह भी कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट में कुछ अन्य मामलों का भी जिक्र है, जहां शाह ने कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी से इन मामलों में की जाने वाली प्रस्तावित कार्रवाई पर भी रिपोर्ट पेश करने को कहा। सोमवार को मंत्री विजय शाह की ओर से सीनियर वकील मनिंदर सिंह ने कोर्ट को सूचित किया कि उन्होंने (विजय शाह ने) अपना माफीनामा दर्ज करा दिया है। वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, बेंच ने कहा कि ये कोई माफीनामा नहीं है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- माफी मांगने में बहुत देर हो चुकी है। हमने पहले ही इस बात पर टिप्पणी की थी कि किस तरह की माफी मांगी जा रही है। इससे पहले, कोर्ट ने शाह की ओर से दी गई सार्वजनिक माफी को "कानूनी दायित्व से बचने के लिए महज मगरमच्छ के आंसू" बताकर खारिज कर दिया था। बाद की सुनवाई में, अदालत ने उनकी "ऑनलाइन माफी" पर असंतोष जताया। अदालत ने कहा था- धैर्य की परीक्षा ले रहे अदालत मंत्री कुंवर विजय शाह की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान के आरोप में खुद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई 2025 को कर्नल कुरैशी के खिलाफ अपनी टिप्पणियों पर सार्वजनिक रूप से माफी न मांगने के लिए शाह को फटकार लगाई थी और कहा था कि वह ‘अदालत के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं।’ ऑपरेशन सिंदूर के बाद बयान पर घिरे मंत्री सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 28 मई को कर्नल कुरैशी के खिलाफ शाह की विवादास्पद टिप्पणियों के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के सामने कार्यवाही बंद करने का आदेश दिया और एसआईटी से स्थिति रिपोर्ट मांगी थी। इससे पहले हाई कोर्ट ने शाह को फटकार लगाई थी और उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एक वीडियो वायरल होने के बाद शाह आलोचनाओं के घेरे में आ गए थे, जिसमें उन्हें कथित तौर पर कर्नल कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए देखा गया था। कुरैशी ने एक अन्य महिला अधिकारी विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ मिलकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान देश भर में प्रसिद्धि हासिल की थी।

मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग: सौर ऊर्जा से 30% से अधिक बिजली, 2030 तक 20 GW हासिल करने का लक्ष्य

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए पारंपरिक ऊर्जा के संसाधनों पर अपनी निर्भरता दिनों दिन कम करता जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में वर्ष 2070 तक कार्बन फुट-प्रिंट को शून्य तक लाने और समाप्त होते जीवाश्म ईंधन के विकल्प तलाशने के लिए वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट (अक्षय) नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्यप्रदेश पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ योगदान दे रहा है। राज्य में पिछले 12 वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 14 प्रतिशत अभूतपूर्व वृ‌द्धि हुई है, जिससे अब कुल ऊर्जा उत्पादन में सहभागिता 30 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गत वर्ष हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में सौर ऊर्जा के क्षेत्र देश में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि राज्य वर्तमान में लगभग 31 हजार मेगावाट की विद्युत उत्पादन क्षमता रखता है, जिसमें से 30% हरित ऊर्जा है। हमारे लिये गौरव की बात है कि मध्यप्रदेश के रीवा सोलर पार्क और देश के सबसे बड़े ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट का भी उल्लेख पूरे देश में हो रहा है। इससे अक्षय ऊर्जा उत्पादन को नई दिशा मिली है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी लागू की है। इस नीति में सौर और पवन ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों को अनुकूल और लचीले अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नया आयाम जुड़ रहा है। मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता के कारण देश के अग्रणी ऊर्जा सरप्लस राज्यों में से एक है। राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्म निर्भरता को प्राथमिकता देते हुए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर प्रयासरत है। मध्यप्रदेश हरित ऊर्जा हब के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में राज्य में 5 बड़ी सौर परियोजनाएँ संचालित हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 2.75 गीगावाट (2,750 मेगावाट) है। सरकार की योजना वर्ष 2030 तक नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 20 गीगावाट (20,000 मेगावाट) करने की है। नवकरणीय ऊर्जा में 5.72 लाख करोड़ से अधिक के निवेश से 1.4 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मध्यप्रदेश सरकार नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 5.21 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित कर रही है, जिससे 1.46 लाख रोजगार सृजित होंगे। राज्य सरकार की यह पहल भारत के 'नेट ज़ीरो कार्बन लक्ष्य वर्ष-2070 को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मध्यप्रदेश तेजी से नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में देश का नेतृत्वकर्ता बन रहा है और आत्मनिर्भर भारत व स्वच्छ ऊर्जा मिशन में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

दावोस में मध्यप्रदेश का मजबूत प्रदर्शन: CM मोहन यादव निवेश और ग्रीन ग्रोथ पर ग्लोबल रोडमैप पेश करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF), दावोस के वैश्विक मंच पर अपनी आर्थिक प्राथमिकताओं, औद्योगिक क्षमताओं और दीर्घकालिक विकास दृष्टि को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगा। दावोस में वैश्विक नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष मध्यप्रदेश की स्थिर नीतियां, संसाधन-समृद्ध संरचना और भविष्य उन्मुख विकास मॉडल को प्रमुखता से रखा जाएगा। दावोस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सत्रों के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन और ग्रीन ग्रोथ पर राज्य के संतुलित दृष्टिकोण को सामने रखा जाएगा। उपयोगिता-स्तर की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं, स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना और ऊर्जा परिवर्तन से जुड़े मॉडल राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश के भरोसेमंद गंतव्य के रूप में स्थापित करेंगे। उद्योग और विनिर्माण से जुड़े सत्रों में रक्षा उत्पादन, उन्नत मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक अवसंरचना जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा। वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद के दौरान मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल औद्योगिक नीति, सरल प्रक्रियाएं और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की क्षमता को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। डिजिटल तकनीक और नवाचार से जुड़े सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सॉल्यूशंस पर चर्चा होगी। इन विमर्शों में प्रशासन, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में तकनीक के प्रभावी उपयोग को लेकर राज्य का व्यावहारिक और परिणाम-केंद्रित नजरिया सामने आएगा। पर्यटन से जुड़े वैश्विक सत्रों में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, जैव-विविधता, अनुभव-आधारित पर्यटन और बेहतर कनेक्टिविटी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। सतत पर्यटन विकास और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर केंद्रित संवाद राज्य के पर्यटन क्षेत्र में नए निवेश अवसरों को रेखांकित करेंगे। स्वास्थ्य, सामाजिक अवसंरचना और मानव विकास से जुड़े सत्रों में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, तकनीक-समर्थित स्वास्थ्य सेवाओं और मानव-केंद्रित विकास मॉडल पर चर्चा होगी, जिससे सामाजिक विकास को आर्थिक प्रगति से जोड़ने वाले राज्य के दृष्टिकोण को वैश्विक पहचान मिलेगी। दावोस के दौरान विषयगत सत्रों, गोलमेज बैठकों और वन-टू-वन उच्चस्तरीय संवादों के माध्यम से निवेश, औद्योगिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी के ठोस अवसर सामने आने की उम्मीद है। इन प्रयासों से राज्य में पूंजी निवेश, तकनीक हस्तांतरण और रोजगार सृजन के नए आयाम खुलेंगे। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में यह सहभागिता मध्यप्रदेश को एक भरोसेमंद, दूरदर्शी और भविष्य-उन्मुख निवेश गंतव्य के रूप में वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित करेगी।

‘पूजा’ का दो दिन का विवाह और फिर फरार, कुंवारे लड़कों को शिकार बनाने वाली हैरान करने वाली कहानी

 खरगोन मध्य प्रदेश के खरगोन में सात फेरे के दो दिन बाद ही दुल्हन फरार हो गई.  दूल्हे के परिजनों ने आरोप लगाया पूजा और उसके परिजन एक संगठित लुटेरी गैंग का हिस्सा हैं, जो कुंवारे युवकों को निशाना बनाते हैं.पहले भी लुटेरी दुल्हन दो शादी कर चुकी है.   जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर भीकनगांव थाना इलाके के नवलपुरा का यह मामला है. मकर संक्रांति के दिन रघुवीर चौहान निवासी नवलपुरा की शादी पूजा ठाकरे पिता शंकरलाल ठाकरे निवासी चिरापल्या तहसील पांडूपानी जिला बैतूल के साथ सामाजिक रीति रिवाज के साथ हुई. शादी के लिए लड़की पक्ष को एक लाख 60 हजार रुपए दिए गए.  रघुवीर के अनुसार, ''शादी के मात्र दो दिन बाद पूजा बगैर किसी को बताएं घर से फरार हो गई. जाते समय मेरा मोबाइल भी साथ में ले गई. जब परिजनों ने जानकारी जुटाई तो पता चला पूजा इससे पहले भी दो शादियां कर चुकी हैं और ये उसकी तीसरी शादी थी.''  पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि फरार दुल्हन पूजा और उसके परिजन एक संगठित लुटेरी गैंग का हिस्सा है, जो अविवाहित युवाओं को निशाना बनाकर मोटी रकम लेकर फरार हो जाते हैं. इस गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी के साथ धोखाधड़ी न हो.  दूल्हे रघुवीर का कहना है, ''परिजन के साथ दुल्हन की तलाश भी की थी, लेकिन वो नहीं मिली. इसके बाद हमने पुलिस में शिकायत की है.'' इनका कहना भीकनगांव थाना इंचार्ज गुलाब सिंह रावत का कहना है कि शादी के बाद दुल्हन के पैसे लेकर फरार होने की शिकायत प्राप्त हुई है. शिकायत के आधार पर तथ्यों की जांच कर रहे हैं. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. 

सर्दी का सितम जारी: कई जिलों में कोहरा और बादलों के बीच बारिश के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान लगातार नीचे बना हुआ है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सोमवार सुबह भिंड, ग्वालियर, दतिया, सतना, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जैसे जिलों में मध्यम से घना कोहरा देखने को मिला, वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई अन्य जिलों में हल्का कोहरा छाया रहा। सबसे ठंडे इलाके बने कल्याणपुर और करौंदी मौसम विभाग के अनुसार शहडोल जिले का कल्याणपुर और कटनी का करौंदी प्रदेश के सबसे ठंडे स्थान रहे, जहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो, नौगांव, उमरिया, रीवा और पचमढ़ी जैसे इलाकों में भी तापमान 7 डिग्री से नीचे रहा, जिससे सर्दी और ज्यादा तेज महसूस की गई। ग्वालियर-चंबल अंचल, मैहर, कटनी, अनुपपुर और आसपास के क्षेत्रों में शीतलहर का असर बना हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों तक पहुंच रही हैं, जिससे रात और सुबह के समय ठिठुरन बढ़ गई है। इस वजह से ऐसा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में बादल वाली स्थिति है। इस वजह से पारे में बढ़ोतरी हुई है। रविवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। दरअसल, प्रदेश के ऊपरी हिस्से से दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन गुजर रहे हैं। वहीं, पाकिस्तान के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 19 जनवरी और 21 जनवरी की रात से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकते हैं। यह एमपी में भी असर दिखा सकता है। यानी, 22-23 जनवरी के बाद प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हो सकती है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान आज सुबह प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान उमरिया जिले में 3.7 डिग्री सेल्सियस रहा। अन्य स्थानों के तापमान इस प्रकार रहे: खजुराहो: 5.8°C नौगांव-उमरिया: 6°C रीवा: 6.4°C पचमढ़ी: 6.8°C मंडला: 7.2°C मलाजखंड: 7.6°C पांचों बड़े शहरों में तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहा भोपाल: 11°C इंदौर: 12°C ग्वालियर: 10°C उज्जैन: 13°C जबलपुर: 10.5°C आगामी मौसम मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवात के असर से तापमान बढ़ रहा है, लेकिन 22 जनवरी के बाद मावठे की बारिश के साथ ठंड एक बार फिर लौट सकती है। सबसे ठंडा शहडोल का कल्याणपुर, पारा 3.7 डिग्री मौसम विभाग के अनुसार, अभी शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा है। यहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री पहुंच गया है। शनिवार-रविवार की रात में इतना टेम्परेचर दर्ज किया गया। खजुराहो में 5.8 डिग्री, नौगांव-उमरिया में 6 डिग्री, रीवा में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी में 6.8 डिग्री, मंडला में 7.2 डिग्री और मलाजखंड में पारा 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े सभी 5 शहरों में तापमान 10 डिग्री से अधिक है। भोपाल में 11 डिग्री, इंदौर में 12 डिग्री, ग्वालियर में 10 डिग्री, उज्जैन में 13 डिग्री और जबलपुर में 10.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। मौसम में बदलाव की वजह क्या है मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश के ऊपर से दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन गुजर रहे हैं, जबकि पाकिस्तान के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसी वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे और दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक तेज ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन सुबह के समय कोहरा बना रहेगा। इसके बाद 22 और 23 जनवरी के आसपास प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। घने कोहरे और शीतलहर का अलर्ट मंगलवार के लिए ग्वालियर, दतिया, भिंड, रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। वहीं अनुपपुर, शहडोल, कटनी और मैहर में शीतलहर का अलर्ट है। प्रदेश के पांच बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है, हालांकि सुबह-शाम की ठंड अभी भी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय सतर्क रहने, कोहरे में वाहन सावधानी से चलाने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।