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एमपी में 21 साल बाद सरकारी बसें, 15 लाख कर्मचारियों को आयुष्मान का तोहफा, पेंशन नियम होंगे नए

भोपाल  मध्य प्रदेश में नए साल की शुरुआत कई बड़े बदलाव और सुविधाओं के साथ होने जा रही है। 21 साल बाद सरकारी बस सेवा फिर से शुरू होगी, 15 लाख कर्मचारियों को आयुष्मान जैसी स्वास्थ्य योजना का लाभ मिलेगा और पेंशन नियमों में बदलाव होगा। इसके अलावा, सरकारी नौकरी में दो बच्चों की शर्त खत्म होने जा रही है। अब सिलसिलेवार जानिए इन बदलाव के बारे में 1.मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना में कैश लैस इलाज     क्या है मौजूदा सिस्टम: वर्तमान में, राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को इलाज का खर्च पहले खुद उठाना पड़ता है, जिसका भुगतान सरकार बाद में केंद्रीय स्वास्थ्य योजना (CGHS) की दरों के अनुसार करती है। इस प्रणाली में अक्सर इलाज का पूरा खर्च कवर नहीं होता। उदाहरण के लिए, लिवर ट्रांसप्लांट पर लगभग 20 लाख रुपए का खर्च आता है। सरकार केवल 4 लाख रुपए की प्रतिपूर्ति करती है, वह भी कर्मचारी द्वारा बिल जमा करने के बाद।     प्रस्तावित योजना: 'मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना' के तहत प्रदेश के 15 लाख कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवारों को कैश लेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इस मॉडल में कर्मचारियों के वेतन से 3,000 से 12,000 रुपए तक का वार्षिक अंशदान लिया जाएगा, जबकि शेष राशि सरकार वहन करेगी। अंशदान की अंतिम राशि अभी तय होनी है। इस योजना में सामान्य बीमारियों के लिए 5 लाख और गंभीर बीमारियों के लिए 10 लाख रुपए तक के कैश लेस इलाज का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारी इलाज के बाद अपने विभाग से चिकित्सा रिफंड के लिए भी आवेदन कर सकेगा। 2. इक्कीस साल बाद अप्रैल से चलेंगी सरकारी बसें मध्य प्रदेश की सड़कों पर 21 साल बाद एक बार फिर सरकारी बसें चलने वाली है। सरकार ने इसे 'जनबस' नाम दिया है। राज्य परिवहन निगम की जगह सरकार ने यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी बनाई है जो 25 जिलों में बसों का संचालन करेगी। 18 नवंबर को कंपनी के संचालक मंडल की बैठक में 6 हजार से ज्यादा रूट को मंजूरी दी गई है। इन रूट पर 10 हजार 879 बसें दौड़ेंगी। इस सेंट्रलाइज्ड सिस्टम की शुरुआत अप्रैल 2026 से आर्थिक राजधानी इंदौर से की जाएगी। इसके बाद सिलसिलेवार तरीके से बाकी जिलों में भी बसें चलना शुरू होंगी। अप्रैल 2027 तक सभी संभाग और जिलों में यह नई व्यवस्था लागू होगी। ये व्यवस्था न केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित रहेगी, बल्कि इसका मुख्य फोकस ग्रामीण, दूर दराज के इलाके और आदिवासी एरिया को जिला मुख्यालयों और बड़े शहरों से जोड़ना है। सरकार पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग करेगी और निजी ऑपरेशन बसों का संचालन करेंगे। ई-बसों का संचालन भी कंपनियां करेंगी इस योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ई-बसों का संचालन है। केंद्र सरकार की नेशनल ई-बस स्कीम के तहत देश के 88 शहरों में साढ़े छह हजार से ज्यादा ई-बसें चलाई जानी हैं, जिनमें से 582 बसें मध्य प्रदेश को मिली हैं। इन बसों का संचालन भी इन्हीं क्षेत्रीय कंपनियों के अधीन होगा। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन और सागर में 472 मिडी ई-बस (26 सीटर) और 110 मिनी ई-बस (21 सीटर) चलाई जाएंगी। ई-बसों का किराया मौजूदा सिटी बसों से काफी कम होगा, जिससे आम आदमी की जेब पर बोझ घटेगा। 3.केंद्र के समान पेंशन नियम, बेटियों को मिलेगा फायदा मध्य प्रदेश सरकार पेंशन नियमों को केंद्र सरकार के नियमों के मुताबिक बना रही है। नए नियम के तहत, 25 साल से ज्यादा उम्र की अविवाहित, विधवा या परित्यक्ता बेटी भी परिवार पेंशन की पात्र होगी। वर्तमान में यह फायदा केवल 25 वर्ष तक की अविवाहित बेटी को ही मिलता है। यह प्रस्ताव केंद्र सरकार द्वारा 2011 में लागू की गई व्यवस्था पर आधारित है। कर्मचारी आयोग भी पहले इसकी अनुशंसा कर चुका है। सेवानिवृत्त आईएएस जीपी सिंघल की अध्यक्षता वाले आयोग की रिपोर्ट पर वित्त विभाग सैद्धांतिक सहमति दे चुका है और अब यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया में है। 4. 48 साल बाद बदल रहे कर्मचारियों के छुट्टी नियम मध्य प्रदेश के 6.5 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों के लिए 1 जनवरी 2026 से छुट्टियों का पूरा कैलेंडर बदलने जा रहा है। 48 साल पुराने मध्यप्रदेश अवकाश नियम 1977 की जगह अब मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 लागू होंगे। नए नियम केंद्र सरकार की छुट्टियों के नियमों के लगभग समान हैं और इन्हें मौजूदा सामाजिक और प्रशासनिक जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है। नए नियमों के मुताबिक अब बीमारी और मातृत्व अवकाश लेना ज्यादा सुविधाजनक होगा, वहीं इनके दुरुपयोग पर भी लगाम लगेगी। अधिकारी छुट्टी देने में मनमानी न कर सकें, इसके लिए रोस्टर बनाना अनिवार्य होगा। नए नियमों को ज्यादा जेंडर न्यूट्रल बनाया गया है, जिसमें सरोगेसी और सिंगल फादर जैसी नई परिस्थितियों के लिए भी प्रावधान जोड़े गए हैं। साल की शुरुआत में ही खाते में आ जाएगी अर्निंग लीव अभी तक अर्जित अवकाश (EL) साल भर की नौकरी पूरी होने के बाद कर्मचारी के खाते में दर्ज होता था। अब ऐसा नहीं होगा। 1 जनवरी को 15 दिन की EL खाते में क्रेडिट हो जाएगी। इसके बाद साल के मध्य में 1 जुलाई को फिर 15 दिन की EL जुड़ जाएगी। इसका फायदा नए कर्मचारियों को भी मिलेगा। ई एल की तर्ज पर अब HPL भी साल में दो बार 1 जनवरी और 1 जुलाई को 10–10 दिन के हिसाब से कर्मचारी के खाते में अग्रिम जमा हो जाएगी। इससे कर्मचारियों को छुट्‌टी जमा होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। साल की शुरुआत में उन्हें अवकाश की सुविधा मिल जाएगी और यह भी पता चल जाएगा कि साल भर की कुल कितनी छुटि्टयां उन्हें मिलेंगी। साथ ही शिक्षकों और प्रोफेसरों को भी 10 दिन की EL मिलेगी। 5.सरकारी नौकरी में दो बच्चों की शर्त खत्म होगी सरकार लगभग 24 साल पुराने उस नियम को खत्म करने की तैयारी में है, जिसके तहत दो से अधिक संतान वाले व्यक्ति सरकारी नौकरी के लिए अपात्र माने जाते हैं। इस संशोधन के बाद तीन संतान वाले उम्मीदवार भी नियुक्ति के पात्र होंगे। 26 जनवरी 2001 से लागू इस नियम में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट में पेश किया जाएगा। मध्य प्रदेश से पहले छत्तीसगढ़ और राजस्थान भी यह शर्त हटा चुके हैं। शर्त समाप्त होने … Read more

रायसेन को मिला नया जिला बनाने का प्रस्ताव पारित, स्थानीय लोगों की 20 साल की उम्मीद हुई पूरी

भोपाल  मध्य प्रदेश के रायसेन जिले का बरेली नगर परिषद की साधारण सभा की बैठक में बरेली को जिला बनाने, टीम पहल को भूमि उपलब्ध कराने तथा धूमधाम से नगर गौरव दिवस एवं गणतंत्र दिवस मनाने सहित उन्नीस प्रस्ताव पारित किए गए। 6 जनवरी को मनाया जाएगा गौरव दिवस साधारण सभा की बैठक में प्रतिवर्ष के अनुसार धूमधाम से नगर गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। बता दें कि, 6 जनवरी 1949 को विलीनीकरण आंदोलन के तहत बड़ा बाजार में भोपाल रियासत को भारत संघ में मिलाने की मांग को लेकर हो रही शांतिपूर्ण सभा में नवाब पुलिस की लाठी चार्ज से बरेली के दो युवा जुगराज सोनी और राम प्रसाद अहिरवार ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इनकी शहादत के सम्मान में पत्रिका की मुहिम पर बरेली नगर परिषद तीन वर्ष पूर्व 6 जनवरी को नगर गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था। विगत दो वर्षों की तरह 6 जनवरी को धूमधाम के साथ नगर गौरव दिवस मनाया जाएगा। स्कूली बच्चो को बताया जाएगा क्षेत्र का इतिहास इस मौके पर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और जेल गए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का पुण्य स्मरण करते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। वहीँ, दुसरी तरफ स्कूली बच्चों को नगर के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया जाएगा। नगर परिषद अध्यक्ष हेमंत राजा भैया चौधरी ने कहा कि यह नगर परिषद का सौभाग्य की पत्रिका की मुहिम पर हमें 6 जनवरी को नगर गौरव दिवस मनाने का निर्णय करने अवसर प्राप्त हुआ। परिषद के निर्णय के अनुसार गत वर्ष से भी बढकर पूरे उत्साह के साथ नगर गौरव दिवस मनाया जाएगा। इसी उत्साह के साथ 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। टीम पहल को भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय टीम पहल को के अनुसार नगर परिषद द्वारा भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। नगर के विभिन्न वार्डों में रट्रीट लाईट पोल लगाने, विभिन्न स्थानो पर स्वागत द्वार लगाने, सफाई व्यवस्था के लिए सेवा कार्यों के विस्तार की कार्ययोजना वाहन खरीदने, बस अड्डा शुल्क, वाहन किराया वसूली, पशु पंजीयन शुल्क वसूली वर्ष 2026-27 के संबंध मे विचार विमर्श कर निर्णय लिया गया। साथ ही नगरीय क्षेत्र बरेली में विज्ञापन शुल्क की वसूली ठेके पर देने का निर्णय लिया गया। संवरेगा शहीद स्मारक पार्क नगर परिषद के निर्णय के अनुसार शहीद स्मारक स्थल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क के सौंदयीकरण के लिए भव्य द्वार का निर्माण कराया जाएगा। श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क के पास यात्री प्रतीक्षालय निर्माण पर विचार विमर्श किया गया। इसी के साथ वार्ड क्रमांक 2 में पुलिया और वार्ड क्रमांक 4 में दो सड़क निर्माण का निर्णय भी लिया गया। बरेली को जिला बनाने का प्रस्ताव पारित परिषद सहित बरेली नगर एवं क्षेत्र की लोगों की मंशा और दो दसक से की जा रही मांग के अनुसार नगर परिषद द्वारा सर्व समिति से बरेली को जिला बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। 

भोपाल में शिवराज सिंह चौहान का बयान: MNREGA भ्रष्टाचार का पर्याय, G RAM G बिल में ऊर्जा देखी

भोपाल  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित निवास पर 'जी रामजी' बिल को लेकर विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने मनरेगा को भ्रष्टाचार का पर्याय कहते हुए पंजाब को करप्शन से ग्रसित बताया। इस दौरान उन्होंने जी रामजी बिल की विषेशताएं बताते हुए कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। बता दें कि, पंजाब विधानसभा ने अभी-अभी विशेष सत्र आयोजित कर केंद्र सरकार की जी राम जी योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा- '20 साल पहले मनरेगा योजना आई थी। इससे पहले कई रोजगार योजनाएं थीं। फिर या तो उनका स्वरूप बदला या योजना का नाम बदला गया। मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी। मजदूरों के बजाय मशीन या कॉन्ट्रेक्टर से काम हो रहा था। ओवर स्टेटमेंट बनाना, एक ही काम बार-बार करना ये सब हो रहा था। इसलिए इसपर सालभर से विचार चल रहा था। ‘मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी’ शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 20 साल पहले मनरेगा योजना आई थी। इससे पहले कई रोजगार योजनाएं थीं। फिर या तो उनका स्वरूप बदला या योजना का नाम बदला गया। मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी। मजदूरों के बजाय मशीन या कॉन्ट्रेक्टर से काम हो रहा था। ओवर स्टेटमेंट बनाना, एक ही काम बार बार करना ये सब हो रहा था। इसलिए इस पर सालभर से विचार चल रहा था।  प्रशासनिक व्यय बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि मनरेगा न विकास के लिए कारगर थी और न मजदूरों के लिए उपयोगी थी। पैसे का उपयोग गांव के सुनियोजित विकास में नहीं हो रहा था। इसलिए विकसित भारत के लिए जी राम जी योजना लाए हैं। अब मजदूर को रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 120 दिन की गई है। इसके लिए वित्तीय प्रावधान भी किए जा रहे हैं। आगे जरूरत के हिसाब से बजट भी बढ़ेगा। सहायक स्टाफ की तनख्वाह नहीं मिलने की शिकायत मिलती थी। इसलिए प्रशासनिक व्यय 6% से बढ़ाकर 9% किया गया है।  G RAM G में रहेगी पारदर्शिता उन्होंने G RAM G के फायदे बताते हुए कहा कि इसमें पारदर्शिता रहेगी। खेती में बुवाई और कटाई के समय इस योजना के काम को राज्य स्थगित कर सकेंगे। संसद में विपक्ष ने जबरन का लल्ला किया। फिर भी दृढ़ता के साथ मैंने अपनी बात रखी। पंजाब में एक दिन का विधानसभा का सत्र हो रहा है। जिसमें इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव लाने की बात कही जा रही है। इस संवैधानिक संसद व्यवस्था के खिलाफ है। यह अमर्यादित, अंधविरोध, अमर्यादित है।  ‘पंजाब में बहुत करप्शन’  शिवराज सिंह ने पंजाब को करप्शन से ग्रसित बताया। उन्होंने कहा कि आधे से अधिक गांव का ऑडिट ही नहीं हुआ। भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं की। मजदूर कह रहे हैं उन्हें भुगतान ही नहीं मिलता।  अमित शाह और सीएम मोहन की तारीफ की शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी के बयान ‘मंत्री को ही योजना के बारे में जानकारी नहीं’ पर कहा कि स्वर्गीय पीएम हों या राहुल बाबा, कल्पना लोक में रहते हैं। देश में तो रहते ही नहीं। अमित शाह और सीएम डॉ. मोहन यादव की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम तेज गति से काम कर रहे हैं। मुझसे अधिक ऊर्जा है। इसी तेज गति से काम करते हैं। मेरी शुभकामना है। संघ को लेकर आए दिग्विजयसिंह के बयान पर उन्होंने कहा कि अपने बुद्धि और विवेक से काम करना चाहिए। 

भीड़ भरे रास्तों को ब्लॉक कर वैकल्पिक रूट दिखाए, उज्जैन पुलिस ने ट्रैफिक जाम से राहत के लिए अपनाया नई तकनीक

उज्जैन  उज्जैन में 25 दिसंबर के बाद से महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है. देश के अलग–अलग राज्यों से लाखों भक्त अपने निजी वाहनों से बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंच रहे हैं, लेकिन इस भारी भीड़ के बीच शहर की यातायात व्यवस्था को संभालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था. अब इस चुनौती से निपटने के लिए उज्जैन पुलिस ने एक हाईटेक और अनोखा तरीका अपनाया है. महाकाल मंदिर में प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. सामान्य दिनों में रोज़ाना 5 से 6 हजार चार पहिया वाहन उज्जैन आते हैं, जबकि छुट्टियों में यह संख्या 10 से 12 हजार तक पहुंच जाती है. गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से आने वाले श्रद्धालु गूगल मैप के सहारे सीधे शहर के अंदरूनी और संकरे रास्तों में प्रवेश कर रहे थे, जिससे कई इलाकों में भीषण जाम की स्थिति बन रही थी. गूगल मैप से ट्रैफिक कंट्रोल महाकाल मंदिर में प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. सामान्य दिनों में 5-6 हजार चार पहिया वाहन आते हैं, जबकि छुट्टियों में यह संख्या बढ़कर 10–12 हजार तक हो जाती है. श्रद्धालु गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से आते हैं और गूगल मैप के जरिए संकरे रास्तों में प्रवेश करते हैं। इससे कई इलाकों में भीषण जाम बन जाता था. उज्जैन पुलिस ने इस समस्या का हाईटेक समाधान निकाला। पहली बार गूगल मैप को क्राउड मैनेजमेंट का हथियार बनाया गया। आईटी एक्सपर्ट्स और साइबर टीम के साथ मिलकर पुलिस ने गूगल मैप के रूट सिस्टम में बदलाव किया. अब जैसे ही किसी मार्ग पर जाम बनता है, वह सड़क गूगल मैप से तुरंत हटा दी जाती है और खाली वैकल्पिक मार्ग सक्रिय कर दिया जाता है। श्रद्धालुओं को दिखेंगे रास्ते इस व्यवस्था के तहत बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को गूगल मैप पर केवल वही रास्ते दिखाई देते हैं जो पुलिस द्वारा तय किए गए हैं. भीड़भाड़ वाले और संकरे रास्तों को मैप से ब्लॉक कर दिया गया, जबकि बाहरी रिंग रोड और डेडिकेटेड पार्किंग रूट को नेविगेशन में दिखाया जा रहा है। रियल टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग 10 सदस्यीय पुलिस टीम सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक रियल टाइम ट्रैफिक की निगरानी करती है. जिस मार्ग पर जाम बनता है, उसे तुरंत डायवर्ट किया जाता है. गूगल मैप पर उस रूट को हटा दिया जाता है और केवल वैकल्पिक मार्ग दिखाया जाता है. इस काम के लिए गुरुग्राम की आईटी कंपनी को हायर किया गया है, जो गूगल एल्गोरिदम के जरिए केवल खाली रूट ही दिखाती है। जनवरी तक VIP दर्शन बंद महाकाल मंदिर समिति ने नए साल की भीड़ को देखते हुए 12 दिन के लिए नई व्यवस्थाएं लागू की हैं. 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग बंद. श्रद्धालु केवल ऑफलाइन बुकिंग करा सकेंगे.1 जनवरी की भस्म आरती के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार की बुकिंग पूरी तरह बंद. 5 जनवरी तक VIP दर्शन व्यवस्था भी बंद, केवल VVIP श्रद्धालुओं को सुविधा. बीते तीन दिनों में 5.50 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए.  उज्जैन पुलिस ने गूगल मैप को क्राउड मैनेजमेंट का हथियार बनाया इसी समस्या को देखते हुए उज्जैन पुलिस ने पहली बार गूगल मैप को क्राउड मैनेजमेंट का हथियार बनाया है. पुलिस ने आईटी एक्सपर्ट्स और साइबर टीम के साथ मिलकर गूगल मैप के रूट सिस्टम में बदलाव किया है. अब जैसे ही किसी मार्ग पर जाम की स्थिति बनती है, उस सड़क को गूगल मैप से तुरंत हटा दिया जाता है और खाली वैकल्पिक मार्ग को सक्रिय कर दिया जाता है. मैप पर वही रूट दिखता है, जो पुलिस तय करती है सीएसपी राहुल देशमुख ने कहा- चार धाम स्मार्ट पार्किंग और हरसिद्धि मंदिर की पाल के पास बनी पार्किंग महाकाल मंदिर के सबसे नजदीक हैं। यहां देशभर से आने वाले श्रद्धालु गूगल मैप के जरिए भीड़भाड़ वाले इलाकों से शहर में प्रवेश कर जाते थे, जिससे जाम की स्थिति बनती थी। इससे बचने के लिए तकनीकी डेटा का उपयोग कर वाहनों को भीड़भाड़ वाले मार्गों पर जाने से रोक दिया जाता है। गूगल मैप पर श्रद्धालुओं को वही डेडिकेटेड रूट दिखाया जाता है, जो उन्हें संकरे रास्तों और शहर के अंदरूनी क्षेत्रों से बचाते हुए सीधे बाहरी मार्गों से पार्किंग तक पहुंचाता है। इस प्रक्रिया पर यातायात और साइबर टीम लगातार काम कर रही है। आईटी कंपनी के साथ रियल टाइम ट्रैफिक की निगरानी सीएसपी देशमुख ने बताया- पुलिस की 10 सदस्यीय टीम सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक रियल टाइम ट्रैफिक की निगरानी करती है। जिस मार्ग पर यातायात बढ़ता है या जाम की स्थिति बनती है, उसे तुरंत डायवर्ट कर दिया जाता है। इसके बाद गूगल मैप पर उस रूट को हटा दिया जाता है और श्रद्धालुओं को केवल वही वैकल्पिक मार्ग दिखाया जाता है, जिससे वे सीधे पार्किंग तक पहुंच सकें। इसके लिए गुरुग्राम की एक आईटी कंपनी को हायर किया है। यह कंपनी गूगल के एल्गोरिदम के जरिए केवल खाली रूट को ही दिखाती है। रियल टाइम में बदल रहे रूट, सीधे पार्किंग तक पहुंच रहे वाहन सीएसपी देशमुख ने बताया कि डेडिकेटेड टीम द्वारा रियल टाइम में रूट बदले जा रहे हैं। गूगल मैप की सहायता से महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु पुलिस के बताए रास्तों से सीधे पार्किंग तक पहुंच रहे हैं, वह भी बिना शहर में प्रवेश किए। मंदिर के आसपास के मुख्य क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के वाहन और दुकानों को सड़कों पर लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। फिर भी श्रद्धालु बेगमबाग होते हुए स्मार्ट पार्किंग में वाहन खड़े कर रहे हैं। इसके चलते बेगमबाग, महाकाल घाटी, गुदरी चौराहा, हरसिद्धि मंदिर, जंतर-मंतर, जयसिंहपुरा, रेलवे क्रॉसिंग और शक्तिपथ की पार्किंग के मार्गों पर सबसे अधिक जाम की स्थिति बन रही है। इसे देखते हुए मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से निर्धारित पार्किंगों का उपयोग करने की अपील की है। भस्म आरती की बुकिंग और VIP दर्शन व्यवस्था 5 जनवरी तक बंद महाकाल मंदिर समिति ने नव वर्ष की भीड़ को देखते हुए 12 दिन के लिए नई व्यवस्थाएं लागू की … Read more

2700 घरों के सर्वे में 1200 से अधिक लोग बीमार, इंदौर में पानी संकट पर प्रशासन सख्त

इंदौर   मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के अंतर्गत आने वाले भागीरथपुरा में दूषित पानी से अबतक 8 लोगों की मौत की जानकारी सामने आ चुकी है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अबतक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लेकिन, इतना बड़ा कांड होने के बाद विभाग एक्शन में आया है। भागीरथपुरा के 2700 घरों में सर्वे किया गया है, जिसमें बीमारों की जो संख्या सामने आई वो बेहद चौंकाने वाली है। संबंधित घरों में 1200 से ज्यादा लोग बीमार मिले हैं। यानी यहां हर घर में बीमार हैं। लोगों में डर का ऐसा माहौल है, वो पानी पीने तक से डर रहे हैं।  भागीरथपुरा में नगर निगम द्वारा पीने के पानी की सप्लाई टैंकरों से की गई। फिर भी स्थानीय लोगों में निगम पर भरौसा नहीं रहा है। रहवासियों ने टैंकर से आए पानी का उपयोग पीने के लिए नहीं किया। यहां अधिकतर लोग आरओ का पानी बुलवाकर पीने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। बीमारी और मौतों से पसरा सन्नाटा रहवासियों का कहना है कि, हमने सोचा भी नहीं था कि पानी के कारण हमारे इलाके में मौत का तांडव देखने को मिलेगा। जानकारी देने के बावजूद भी जिम्मेदारों ने इसपर ध्यान नहीं दिया। भागीरथपुरा की गलियों में फैली इस महामारी के कारण बीमारी और मौतों से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। 14 गलियों में पहुंची डॉक्टरों की टीम स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, भागीरथपुरा इलाके की 14 गलियों के हर घर में चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा जांच कराई गई, जिन्हें जरूरी लगा उपचार भी किया गया। गंभीर मरीजों को एम्बुलेंस की मदद से अस्पतालों में रैफर भी किया गया। आशा कार्यकर्ता द्वारा घर-घर जाकर क्लोरिन, जिंक की दवाई और ओआरएस के पैकेट भी बांटे जा रहे है। आशा मेगा माइकिंग द्वारा लक्षण होने पर तुरंत उपचार के लिए स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचने, उबला पानी पीने एवं बाहर का भोजन व बाहर के कटे फल न खाने की समझाइश भी दे रही है। 111 मरीज अस्पताल में भर्ती 35 गंभीर शहर के शासकीय के साथ-साथ निजी अस्पतालों में अबतक 111 मरीजों के भर्ती होने की जानकारी सामने आई है। चौकाने वाली बात ये है कि, इनमें करीब 35 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। भागीरथपुरा में अभी 4 एंबुलेंस प्रभावित क्षेत्र में तैनात रखी गई हैं। साथ ही, स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत 14 डॉक्टर और पेरामेडिकल स्टाफ भी हर गली में मौजूद हैं। इसमें एमवाय अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के डॉक्टर भी मदद कर रहे हैं। 1146 मरीजों को प्राथमिक उपचार जांच टीम के अधिकारियों की माने तो इलाके के कुल 2703 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें रहने वाले करीब 12000 लोगों की जांच की गई। इनमें से 1146 मरीजों को वहीं पर प्राथमिक उपचार दिया गया। 18 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट आए हैं। अस्पताल में बेड पर बाल्टी, उल्टी से परेशान मरीज अस्पतालों में भर्ती मरीजों के हालत को लेकर अपडेट ये है कि, उन्हें बेड पर ही एक बाल्टी रखना पड़ रही है। मरीजों को इतनी उल्टी हो रही है कि, बार बार उठ पाना ही संभव नहीं है। वर्मा अस्पताल में कुल 22 बेड की क्षमता है, लेकिन यहां करीब 35 मरीजों का उपचार चलने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, यहां से कई मरीज स्वस्थ होकर घर भी लौट चुके हैं।

प्रदेश का नया हिल स्टेशन: खजुराहो में पारा 1.5°C, रीवा में घना कोहरा, ट्रेनें हुई लेट

भोपाल  मध्य प्रदेश में ठंड का टॉर्चर और कोहरे का कहर जारी है. प्रदेश के अधिकांश जिलों में घना कोहरा छा रहा है और कड़ाके की सर्दी पड़ रही है. प्रदेश के रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग में सर्दी का सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है. बुधवार को शहडोल जिले के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है. कल्याणपुर में बीते कई दिनों से तापमान गिर रहा है. ऐसे में लोग इसे प्रदेश का नया हिल सटेशन कह रहे हैं, जहां सर्दी का असर सबसे अधिक होता है.   पांच जिलों में पांच डिग्री से कम पारा  कल्याणपुर के अलावा प्रदेश के पांच अन्य जिलों में भी कड़ाके की सर्दी है. जहां, का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से कम है. इनमें छतरपुर 3, उमरिया 3.1, खजुराहो 4.4, राजगढ़ 4.6 और पचमढ़ी में 4.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है. इसके अलावा राजधानी भोपाल में 5.6 डिग्री, इंदौर-ग्वालियर में 6.6 डिग्री और जबलपुर में 7 डिग्री पारा रहा. प्रदेश में पड़ रही सर्दी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के करीब 30 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम है.  कोहरे और ठंड का असर रीवा के एमपी-यूपी बॉर्डर स्थित सोहागी घाटी में विजिबिलिटी मात्र 20 मीटर रही। दतिया और ग्वालियर में विजिबिलिटी 50 मीटर तक सीमित रही। भोपाल, इंदौर, रतलाम, उज्जैन और खजुराहो में विजिबिलिटी 1 किमी से अधिक। गुना, खरगोन, राजगढ़ और दमोह में विजिबिलिटी 2-4 किमी। कोहरे के कारण सड़क और रेलवे यातायात प्रभावित हुआ। यात्रियों को ट्रेन देरी के कारण स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा। प्रदेश के शहरों का तापमान शहर अधिकतम (°C) न्यूनतम (°C) कैसा रहा मौसम भोपाल 27.0 9.0 दिन धूप, सुबह कोहरा इंदौर 27.2 7.2 ठंडी सुबह, विजिबिलिटी कम ग्वालियर 22.3 8.4 कोहरे का असर खजुराहो 25.0 4.2 सबसे ठंडी जगह मंडला 29.3 6.3 दिन का तापमान सामान्य से अधिक रीवा 24.2 5.4 सोहागी घाटी में विजिबिलिटी 20 मीटर सतना 25.9 7.6 कोहरे के साथ सर्दी नौगांव 23.5 4.4 रात का तापमान कम जबलपुर 27.5 8.2 दिन का तापमान अधिक, रात ठंडी नरसिंहपुर 23.0 9.0 दिन का तापमान सामान्य से नीचे उज्जैन 27.0 9.8 दिन और रात का अंतर कम नोट: पूरे प्रदेश में करीब 30 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे रहा। ट्रेन और यातायात पर असर भोपाल आने वाली मालवा एक्सप्रेस सुबह 7.25 बजे से करीब 4.5 घंटे लेट। शताब्दी, सचखंड और कर्नाटक एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनें भी प्रभावित। रीवा-सोहागी घाटी में विजिबिलिटी कम होने से यात्री व वाहन धीमे चल रहे। सड़क और रेलवे दोनों ही प्रभावित, यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करने की सलाह। प्रदेश में क्यों पड़ रही कड़ाके की ठंड मौसम विज्ञान के अनुसार, मंगलवार को जेट स्ट्रीम की गति 259 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिसके कारण रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया। दिसंबर और जनवरी के महीनों में उत्तर भारत से चलने वाली ठंडी हवाओं की वजह से प्रदेश में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। इसके अलावा वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दिन और रात दोनों समय तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इस बार नवंबर और दिसंबर में शीतलहर के रिकॉर्ड टूट चुके हैं। भोपाल में नवंबर में लगातार 15 दिन शीतलहर का असर रहा, जो पिछले दशकों में सबसे लंबी अवधि मानी जा रही है। रीवा, दतिया और ग्वालियर में आज सुबह घना कोहरा रहा। दतिया और ग्वालियर में विजिबिलिटी 50 मीटर, तो वहीं रीवा के एमपी-यूपी बॉर्डर पर मौजूद सोहागी घाटी में सुबह 9 बजे विजिबिलिटी 20 मीटर रही। नौगांव, सतना, सीधी, भोपाल, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, गुना, खरगोन, राजगढ़ और दमोह में भी कोहरा रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को एमपी में जेट स्ट्रीम (ठंडी-गर्म हवा का नदी जैसा बहना) की रफ्तार 259 kmph पहुंची है। इस वजह से रात के तापमान में गिरावट आई है। बुधवार को भी जेट स्ट्रीम तेजी से बहेगी। जिसका असर प्रदेश में देखने को मिलेगा। नए साल की शुरुआत कड़ाके की सर्दी के के साथ   मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी भारत से आ रही सर्द हवा के कारण रात के तापमान में लगातार गिरावट हो रही है. अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत की उम्मीद नहीं है. यानी नई साल 2026 की सुबह भी कुछ ऐसा ही मौसम रहेगा. प्रदेश में सबसे ठंडा खजुराहो खजुराहो सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 4.2 डिग्री दर्ज किया गया। नौगांव में 4.4 डिग्री, उमरिया में 5.2 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री, पचमढ़ी में 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा। पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 9 डिग्री, उज्जैन में 9.8 डिग्री और जबलपुर में 8.2 डिग्री रहा। करीब 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। इससे पहले शहडोल के कल्याणपुर में पारा रिकॉर्ड 1.7 डिग्री रह चुका है। कोहरे की वजह से मालवा, शताब्दी जैसी ट्रेनें भी लेट कोहरे की वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर की तरफ आने वाली मालवा, शताब्दी, सचखंड, कर्नाटका एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें भी हर रोज लेट हो रही है। आज भी ये ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से है। छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, भोपाल, उज्जैन, इंदौर समेत कई शहरों में आज सुबह भी कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। रीवा में 20 मीटर रही विजिबिलिटी रीवा के एमपी-यूपी बॉर्डर पर मौजूद सोहागी घाटी में धुंध की वजह से आवागमन मुश्किल हो गया है। सुबह साढ़े 9 बजे विजिबिलिटी 20 मीटर भी नहीं है। नए साल में सैकड़ों लोग खतरनाक और हादसों की घाटी माने जानी वाली सोहागी घाटी होकर प्रयाग स्नान के लिए और अयोध्या दर्शन के लिए जा रहे हैं। लेकिन कोहरे ने उनकी राह मुश्किल कर दी है। आज का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

नववर्ष पर नवाचार, ईमानदारी और जनसेवा के संकल्प से कार्य करें—डीजीपी कैलाश मकवाणा

नववर्ष में नवाचार, ईमानदारी और जनसेवा के संकल्प के साथ करें काम-डीजीपी कैलाश मकवाणा मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम: विदेश यात्रा से लौटे अधिकारियों का डी-ब्रीफिंग सत्र संपन्न भोपाल  मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत विदेश यात्रा में गये राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का डी ब्रीफिंग सेशन आज पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। एमसीटीपी-5 बैच के 30 अधिकारियों का कार्यक्रम देश और विदेश में 27 नवंबर से प्रारम्भ हुआ था, जिसका आज समापन हुआ।  पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि पुलिस थानों को किस प्रकार अधिक उत्तरदायी बनाया जाए ताकि हमारे पुलिस कर्मी आम जन के प्रति अधिक संवेदनशील होकर सर्विस डिलीवरी को और प्रभावी बना सकें साथ ही विभाग की छवि में और बेहतरी ला सकें। उन्होंने बस्‍तर और मंदसौर जैसे जिलों में रहते हुए अपने अनेक अनुभव साझा किए। उन्‍होंने कहा कि ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्ठा वे तत्व हैं जो जनता के मन में विश्वास उत्पन्न करते हैं और पुलिस को मजबूत बनाते हैं। जनसुनवाई के प्रकरणों को गंभीरता से लेकर उसका त्‍वरित निराकरण करायें। पुलिस महानिदेशक ने वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश पुलिस के लिए उपलब्धियों से भरा वर्ष बताते हुए कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद का खात्मा किया गया है, जो ऐतिहासिक उपलब्धि है। साइबर अपराधों की रोकथाम एवं नागरिकों में साइबर जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी अभियान चलाए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पुलिसिंग में जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू किया गया, जिससे अपराध नियंत्रण में मजबूती आई है। डीजीपी ने बताया कि पुलिस भर्ती प्रक्रिया को तेज किया गया है। अनुकंपा नियुक्तियों, त्वरित क्रम पूर्व पदोन्नति एवं बेहतर स्थानांतरण नीति के माध्यम से पुलिस कर्मियों के मनोबल को सुदृढ़ किया गया है। उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्यों पर पुरस्कार देने की परंपरा को बढ़ावा दिया गया है। इसके अंतर्गत नागदा, उज्‍जैन में आत्महत्या कर रहे युवक की जान बचाने पर संबंधित पुलिस अधिकारी को त्‍वरित ₹10,000 का पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, CCTNS डैशबोर्ड के सफल संचालन तथा नशा मुक्ति अभियान ‘’नशे से दूरी है जरूरी’’ को पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। मध्यप्रदेश पुलिस को Cyber Capacity Building में DSCI अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से MANIT भोपाल के साथ महत्वपूर्ण MoU किया गया, जो भविष्य की आधुनिक एवं प्रभावी पुलिसिंग की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की ओर बढ़ते हुए मध्यप्रदेश पुलिस का प्रमुख फोकस सड़क सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने पर रहेगा, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और नागरिकों का जीवन सुरक्षित हो। मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शाहिद अबसार ने पूरे प्रशिक्षण की रूपरेखा बताई। पुलिस महानिदेशक के प्रति उनके मार्गदर्शन हेतु आभार व्यक्त किया तथा सभी प्रतिभागियों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए बधाई दी। समीक्षा में पांच पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण के दौरान आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली, केम्ब्रिज विश्वविद्यालय एवं लंदन स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स में प्राप्त किए गये अनुभव साझा किए गए। आठ समूहों में बंटे अधिकारियो द्वारा भीड़ प्रबंधन एवं वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल (सिचुएशनल प्रिवेंशन तकनीक के साथ), संगठित अपराध पर नियंत्रण (तकनीक और मानवीय आसूचना का समन्वय), इंदौर और भोपाल शहर के लिए 'क्राइम हार्म इंडेक्स' (केम्ब्रिज मॉडल आधारित), रीवा जोन में नशीले पदार्थों (Drug Menace) की समस्या का सिस्टमैटिक विश्लेषण (मैरीलैंड स्केल), पश्चिमी मध्य प्रदेश में सांप्रदायिक संवेदनशील क्षेत्रों (Communal Hotspots) का विश्लेषण, महिला अपराधों की रोकथाम और डायल-112 की भूमिका (ट्रिपल टी हॉटस्पॉट मेथडोलॉजी), उज्जैन महाकाल और आगामी सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन (प्रेडिक्टिव क्राउड मैनेजमेंट) तथा बार-बार अपराध करने वाले किशोरों के लिए 'ऑफेंडर मैनेजमेंट सिस्टम' का प्रभावी उपयोग के बारे में प्रेजेन्‍टेशन दिया गया।   इस कार्यक्रम में विशेष पुलिस महानिदेशक पवन श्रीवास्‍तव, आदर्श कटियार, संजीव शमी, अनिल कुमार, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक ए.साईं मनोहर, जयदीप प्रसाद, आशुतोष रॉय, पीएसओ टू डीजीपी विनीत कपूर, स्टॉफ ऑफिसर मलय जैन सहित अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे।  

इंदौर हादसे में प्रभावित परिवारों को दो लाख की आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री ने इलाज के दिए निर्देश

इंदौर में प्रभावित नागरिकों के परिजन को दो-दो लाख रुपए की सहायता राशि मुख्यमंत्री ने दिये अस्वस्थ व्यक्तियों के समुचित उपचार के निर्देश इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई घटना बेहद दुखद है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपचाररत प्रभावितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। परिवारों को दी जाएगी आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसके साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। पेयजल के संक्रमित या दूषित होने के कारण नागरिकों का स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति पर नजर रखने और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश यथा समय संबंधित अधिकारियों को दिए गए। भागीरथपुरा की घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावितों के समुचित और गुणवत्तापूर्ण इलाज के दिये निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना को गंभीरता से लेते हुए इंदौर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभावितों का समुचित, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा उपचार में कोई कमी न रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि उपचार व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी न हो, इस संबंध में पूर्व में ही निर्देश दे दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि पीड़ितों को आवश्यक दवाइयां, विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं और सभी जरूरी संसाधन तत्काल उपलब्ध करवाई जाएं, जिससे किसी भी मरीज को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। प्रशासन द्वारा सतत निगरानी कलेक्टर इंदौर शिवम वर्मा ने बताया कि इंदौर जिला प्रशासन द्वारा सतत निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को उपचार की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों के बाद इंदौर प्रशासन और स्वास्थ्य अमला पूरी तत्परता के साथ उपचार में जुटा हुआ है। घटना के कारण पता करने के लिए विस्तृत जांच करवाई जा रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आधी आबादी से सीधा संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आधी आबादी से सीधा संवाद मातृ सत्तात्मक संस्कृति से मिले हैं नारी सम्मान के संस्कार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भाई के घर (मुख्यमंत्री निवास) आई बहनों को मिला सम्मान भाई के साथ बहनें मनायेंगी आगामी त्योहार जमीन से आसमान तक सफलतापूर्वक बहनें हैं नंबर वन भाई का वादा, बहनों को मिलेगा और भी ज्यादा सरगम के सुरों ने बांधा समां, मुख्यमंत्री ने दिये 51 हजार रूपये  राज्य सरकार की प्राथमिकता मातृ शक्ति का सशक्तिकरण मुख्यमंत्री ने प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं और ड्रोन दीदीयों से की आत्मीय चर्चा बहनों ने मुख्यमंत्री से साझा किये अपने अनुभव और विचार मुख्यमंत्री निवास पर हुआ "सशक्त और समर्थ नारी" संवाद कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश की सभी माताओं-बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। केंद्र सरकार ने देश की संसद में आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है। प्रदेश के नगरीय निकायों और शासकीय सेवाओं में भी 35 प्रतिशत स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बहनें आज भारतीय सेनाओं में भी शीर्ष पद प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश की बहनें आर्थिक-सामाजिक रूप से संपन्न और आत्मविश्वास से भरी हों, इस उद्देश्य से हमारी सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए सब्सिडी दी जाती है। साथ ही अधिक से अधिक बहनें संपत्ति की मालिक बनें, इसके लिए रजिस्ट्री में अतिरिक्त 2 प्रतिशत छूट का लाभ प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को 'सशक्त नारी-समर्थ नारी' संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री निवास पधारी प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं तथा ड्रोन दीदीयों से आत्मीय चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाया। बालिका सरगम कुशवाह ने मधुर देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी सरगम को 51 हजार रूपए की राशि सम्मान और प्रोत्साहन स्वरूप देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन-बेटियों से इस प्रकार संवाद का क्रम आगामी माहों में भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज महिलाएँ नहीं बहने मेरे घर आयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की आत्मीयता ने बहनों को भाव विभोर कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी सफलता के लिये बड़ी बहन श्रीमती कलावती यादव को श्रेय देते हुए कहा कि बड़ी बहन ने ही उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित करने के साथ आवश्यक सहयोग व प्रोत्साहन प्रदान किया। मां और बहन के संस्कार, प्रेम और उनके द्वारा दी गई हिम्मत ही उनके आगे बढ़ने का आधार बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे परिवार में बहू भी बेटी समान है, और दोनों ही दुलार, स्नेह और सम्मान की बराबर की हकदार हैं। सनातन संस्कृति मातृ सत्ता पर आधारित संस्कृति है। मां ही हम सभी के जीवन मे पहली गुरु होती है। विश्व में भारत ही ऐसा राष्ट्र है, जहां देश को माता के भाव से जोड़ा जाता है। जैसे मां के आंचल में सुख और सुरक्षा का भाव आता है, वैसे ही देश की सत्ता से भी आम आदमी को सुख और सुरक्षा का एहसास हो, यही हमारा उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ विरासत को संरक्षण प्रदान करते हुए गतिविधियां संचालित की जा रही है। राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाओं को विस्तार दिया जा रहा है। प्रदेश में जन-निजी भागीदारी (पीपीपी मोड) पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोलने के लिए लीज पर 25 एकड़ भूमि तक उपलब्ध कराई जा रही है। मध्यप्रदेश देश में यह नवाचार करने वाला पहला राज्य है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।। राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों की एमबीबीएस की 70 से 80 लाख रुपए तक फीस भर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में देहदान और अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा शुरू की गई है। इसका सकारात्मक प्रभाव हुआ है। हमारी सरकार ने ऐलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाया है।    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला उद्यमियों के स्टार्ट-अप में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वह राज्य है, जो औद्योगिक विकास में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश स्टार्ट-अप्स शुरू करने में अग्रणी हैं। राज्य सरकार ने बीते 2 वर्षों से लगातार स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित कर रही है। इनमें अधिकांश का नेतृत्व प्रदेश की महिला उद्यमी कर रही हैं। राज्य सरकार सूक्ष्म उद्योग, लघु एवं कुटीर उद्योग से लेकर हैवी इंडस्ट्री तक महिलाओं को हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में लागू की गईं 18 नई नीतियों में महिलाओं को केंद्र में रखा गया है। गुजरात मॉडल पर औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भोपाल में पहली बार जीआईएस का आयोजित की गई। उससे पहले संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की गईं। इन सभी प्रयासों से राज्य को मिले बंपर निवेश और औद्योगिक विकास की संभावनाओं का लाभ महिलाओं को भी मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत 2 वर्षों में राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक कार्य किए हैं। इसका प्रभाव सभी क्षेत्रों में दिख रहा है। लाड़ली बहना योजना से घरों के वातावरण में बदलाव आया है। महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) का दायित्व महिलाएं निभा रही हैं। जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में महिलाएं पूर्ण दायित्व के साथ चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं का निर्वहन कर रही हैं। शिक्षण संस्थाओं में भी बालिकाएं ही मेरिट लिस्ट में अग्रणी दिखाई देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा ‍कि राज्य सरकार महिलाओं की प्रगति में हर कदम पर उनके साथ है। राज्य में सप्ताह में 5 दिन कार्यालय लगने से नौकरीपेशा  महिलाओं को सुविधाएं हुई हैं।   अनूठा आयोजन – सीधा संवाद प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों … Read more

पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा: जीवन रक्षा की पहल, अब तक 118 नागरिकों को मिली सहायता

पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा : समय पर उपचार से जीवन रक्षा की प्रभावी पहल अब तक 118 नागरिक हो चुके हैं लाभान्वित भोपाल  पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा मध्य प्रदेश सरकार की संवेदनशील और दूरदर्शी स्वास्थ्य नीति का सशक्त उदाहरण है। गंभीर रूप से बीमार और आपातकालीन मरीजों को समय पर उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेष रूप से उन परिस्थितियों में जहाँ हर मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को यह सुविधा निःशुल्क प्रदान कर सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि आर्थिक स्थिति उपचार में बाधा न बने। पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा राज्य की एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल के रूप में स्थापित हो चुकी है। यह सेवा इस बात का सशक्त उदाहरण है कि आपात परिस्थितियों में समय पर उपलब्ध उन्नत चिकित्सा परिवहन कितने अनमोल जीवन बचा सकता है। नवजात से वरिष्ठ नागरिक तक, सभी के लिए जीवन रक्षक पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा के अंतर्गत भोपाल से पूरे प्रदेश के लिए 24 घंटे, सातों दिन आपातकालीन चिकित्सा परिवहन की सुविधा उपलब्ध है। यह व्यवस्था गंभीर रोगियों को कम से कम समय में उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही है। सेवा प्रारंभ होने के कुछ ही महीनों में बड़ी संख्या में गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कर उपचार उपलब्ध कराया गया है। इनमें नवजात शिशु, वरिष्ठ नागरिक, सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीज, हार्ट अटैक एवं न्यूरोलॉजिकल आपात स्थितियां, अंग प्रत्यारोपण जैसे अति संवेदनशील मामले शामिल हैं। इन सभी परिस्थितियों में हर मिनट निर्णायक रहा, जहां एयर एम्बुलेंस ने जीवन रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। उपयोगिता में निरंतर वृद्धि पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा की उपयोगिता में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 में उपयोगिता में लगभग 22 प्रतिशत की वृद्धि पाई गई। फिक्स्ड विंग एयर एम्बुलेंस की औसत उपयोगिता में 30 प्रतिशत और हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस की उपयोगिता में 17 प्रतिशत वृद्धि हुई है। योजना प्रारंभ से अब तक कुल 118 लाभार्थियों को इस सेवा का सीधा लाभ प्राप्त हुआ है। संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया एयर एम्बुलेंस सेवा की उपयोगिता के विस्तार हेतु संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की गयी है। संशोधित प्रस्ताव में स्वीकृति एवं पात्रता की प्रक्रिया को सरल किया गया है, आपातकालीन उपचार के अतिरिक्त अंगदान हेतु परिवहन, आपदा प्रबंधन, विशेष मेडिकल टीमों को सेवा में शामिल किया गया है। प्रशासनिक समन्वय और जन-जागरूकता सेवा के प्रभावी उपयोग हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षकों एवं जिला कलेक्टरों को राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकों एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नियमित दिशा-निर्देश प्रदान किए गए हैं। साथ ही, विभाग द्वारा आमजन में एयर एम्बुलेंस सुविधा के प्रति व्यापक जन-जागरूकता भी की गई है।