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मुख्यमंत्री डॉ. यादव का रतलामवासियों ने अभूतपूर्व सौगात के लिए किया अभिनंदन

रतलाम का सौभाग्य, बगैर मांगे मिली मेट्रोपोलिटिन रीजन में शामिल होने की सौगात : मंत्री काश्यप भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सेंव, सोना और साड़ी के लिए रतलाम की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति है। इनसे रतलाम की अपनी विशिष्ट पहचान बनी है। रतलाम स्वाभिमानी और पुरूषार्थी लोगों की नगरी है। यहां के लोग काम के आधार पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाते हैं। इसका सबसे अच्छा उदाहरण सूक्ष्म,लघु, एवं मध्यम, उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रतलाम को इंदौर मेट्रोपोलिटिन रीजन में शामिल करने के लिए रतलाम वासियों के द्वारा संवाद भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह को संबोधित करते हुए एमएसएमई मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि बगैर मांग के रतलाम को मेट्रोपोलिटिन रीजन में शामिल किया जाना रतलाम वासियों के लिए सौगात की बात है। रतलाम के प्रभारी मंत्री डॉ. विजय शाह ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार करने वाले मुख्यमंत्री हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रतलाम में औद्योगिक विकास की सभी संभावनाएं पहले से ही असीमित हैं। इन संभावनाओं को साकार करने के लिए रतलाम को मेट्रोपोलिटिन क्षेत्र में शामिल किया गया है। नागदा और खाचरौद पहले ही शामिल कर लिए गए, ऐसी स्थिति में असीमित संभावनाओं से परिपूर्ण रतलाम को भी शामिल करना ही था। अब इंदौर, उज्जैन के साथ रतलाम के शामिल हो जाने से मेट्रोपोलिटिन रीजन का विकास ट्रिपल इंजन की समन्वित शक्ति से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम वासियों का अभिनंदन के लिए आभार मानते हुए कहा कि मुख्यमंत्री निवास प्रदेश की जनता का ही घर है। एमएसएमई मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश का विगत दो वर्षों में अभूतपूर्व विकास हुआ है। मेट्रोपॉलिटिन रीजन का विजन मुख्यमंत्री की विकास के प्रति अद्वितीय ललक की परिणीति है। वर्ष 2025 में भोपाल में आयोजत ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, विभिन्न संभागों में आयोजित रीजनल इन्डस्ट्रीयल कॉन्क्लेव और मेट्रोपोलिटिन रीजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मध्यप्रदेश के विकास के प्रति व्यापक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संवाद भवन में रतलाम के संयुक्त व्यापारी संघ, सराफा एसोसिएशन, खेल संगठन, ग्रेन मर्चेंट संघ, बार एसोसिएशन, मेडिकल एसोसिएशन सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अभिनंदन किया। समारोह में जिला अध्यक्ष श्री प्रदीप उपाध्याय, महापौर रतलाम नगर निगम श्री प्रह्लाद पटेल, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती मनीषा शर्मा सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रमुख बिंदु     रतलाम स्वाभिमानी और पुरूषार्थी लोगों की नगरी है।     यहां के लोग काम के आधार पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाते हैं।     बगैर मांग के रतलाम को मेट्रोपोलिटिन रीजन में शामिल किया जाना रतलाम वासियों के लिए सौगात की बात है।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार करने वाले मुख्यमंत्री हैं।     रतलाम में औद्योगिक विकास की संभावनाएं असीमित हैं।     इंदौर, उज्जैन के साथ रतलाम के शामिल हो जाने से मेट्रोपोलिटिन रीजन का विकास ट्रिपल इंजन की समन्वित शक्ति से होगा।     मुख्यमंत्री निवास प्रदेश की जनता का ही घर है।     मेट्रोपॉलिटिन रीजन का विजन मुख्यमंत्री की विकास के प्रति अद्वितीय ललक की परिणीति है।  

पुलिस के बारे में जनसामान्य की धारणा बदलने और पुलिस के जनता से बेहतर संवाद के लिए विशेष पहल की आवश्यकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की धरती से नक्सलवाद को उखाड़ फेंकने के लिए पुलिस फोर्स को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मोर्चे पर अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 17 दिसंबर के विधानसभा के विशेष सत्र में भी पुलिस फोर्स की सराहना हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में विकास और जनकल्याण की गतिविधियां इस प्रकार संचालित की जाएं, ताकि नक्सलवाद पुनः अंकुरित ना हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक-महा निरीक्षक सम्मेलन वर्ष 2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अपने प्रभार के क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण जैसी गतिविधियां तत्काल आरंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुलिस मुख्यालय आगमन पर उन्हें गार्ड आफ ऑनर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सलामी गारद का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वागत किया। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिवशेखर शुक्ला, तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में आरंभ हुई कान्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने बताया कि यह कान्फ्रेंस, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में "विकसित भारत: सुरक्षा आयाम" विषय पर रायपुर में हुऐ पुलिस महानिदेशक- महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन के निर्देश और क्रियात्मक बिंदुओं के प्रदेश में क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए आयोजित की गई है। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय सम्मेलन में आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था, पुलिस आधुनिकीकरण, महिला सुरक्षा, पुलिस थाना परिसरों के पुनर्विकास, सिंहस्थ-2028 और साइबर इनीशिएटिव्स, पुलिसिंग में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग, नवीन कानूनों के प्रचार- प्रसार, कम्युनिटी पुलिसिंग, आपदा प्रबंधन में पुलिस की भूमिका, नशा-मुक्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों, टूरिस्ट पुलिसिंग, फॉरेंसिक साइंस, साइबर अपराधों की रोकथाम और सड़क सुरक्षा आदि विषयों पर राज्य शासन से अपेक्षाओं के संबंध में विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान युग में सोशल मीडिया अत्यंत शक्तिशाली साधन होने के साथ-साथ गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। इसके दुरुपयोग से अफवाह, अपराध और भ्रम फैलाने की संभवनाएं भी बढ़ी हैं। इसलिए आवश्यक है कि हम सोशल मीडिया की शक्ति का सकारात्मक और रचनात्मक सामग्री के उपयोग करें। किसी भी भ्रामक या उकसाऊ सामग्री को समय रहते पहनाकर उस पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करना आज की आवश्यकता है। इसके साथ ही सोशल मीडिया के युग में पुलिस से त्वरित सहायता की अपेक्षा भी जनसामान्य में बढ़ी है। इन अपेक्षाओं और भावनाओं के अनुरूप पीड़ित को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए पुलिस बल को तकनीकी रूप से दक्ष और साधन संपन्न होना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस के बारे में जनसामान्य की धारणा बदलने और पुलिस के जनता से बेहतर संवाद के लिए विशेष पहल करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी उपलब्धियों और सकारात्मक गतिविधियों के संबंध में जनप्रतिनिधियों और जनसामन्य से जानकारियां साझा करें। पुलिस अधिकारी बेहतर संवाद के लिए मीडिया के माध्यम से सक्रिय रहें। पुलिस की छवि मदद करने वाली हो, हमारा प्रयास हो कि लोग पुलिस को भय नहीं विश्वास की नजरों से देखें। पुलिस से अपराधियों में भय हो लेकिन आमजन में भरोसे और सुरक्षा की भावना विकसित हो। इस विश्वास को बनाये रखना ही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। सामुदायिक पुलिसिंग गतिविधियों को प्रोत्साहित करते हुए महिला सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा के लिए समाज में वातावरण बनाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी भाषा और व्यवहार के प्रति सजग-सतर्क रहने की सलाह दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस में नवाचार करने और सामाजिक सरोकार से गतिविधियां संचालित करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी के लिए पुलिस को जागरूकता और तकनीक दोनों पर कार्य करना होगा। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में ब्लैक स्पॉट की पहचान कर विशेष रणनीति बनाई जाए। संवेदनशील मार्गों पर नियमित पेट्रोलिंग, गति नियंत्रण, शराब पीकर वाहन चलाने पर सख्त निगरानी तथा यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने सड़क दुर्घटना में घालय व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वालों के लिए लागू राहवीर योजना की जानकारी का विस्तार करने की आश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ड्रायवरों के आँखों के परीक्षण के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि 108 एम्बुलेंस के ड्रायवरों का निजी अस्पतालों से गठजोड़ विकसित नहीं हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला सुरक्षा राज्य सरकार और पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जिन क्षेत्रों में महिलाओं के विरूद्ध अपराधों की संभावना अधिक रहती है वहां विशेष निगरानी, नियमित गश्त और त्वरित कार्यवाही की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रदेश में नशे के विरुद्ध वातावरण बनाने के उद्देश्य से ही धार्मिक शहरों में शराब बंदी लागू की गई है। इन शहरों में अन्य तरीकों से शराब बेचने वालों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाए। शराब के अलावा दवा या अन्य रासायनिक पदार्थों के नशे की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बरदाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस की विभिन्न गतिविधियों और विशेषज्ञताओं पर प्रशिक्षण की व्यवस्था एक ही कैम्पस में सुनिश्चित की जाए। बैठक में घनी आबादी वाले, कानून व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों के विकास के लिए नगरीय प्रशासन विभाग से मिलकर कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन, बुरहानपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में लोगों ने स्वप्रेरणा और सामुदायिक सहभागीता से अतिक्रमण हटाकर विकास गतिविधियों के क्रियान्वयन को सुगम बनाया है। ऐसे उदाहरणों को अन्य शहरों के लोगों से भी साझा किया जाए, इससे विकास गतिविधियों के संचालन के लिए सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ के बस्तर ओलम्पिक के समान प्रदेश में भी जनजातीय संस्कृति और परम्परा के अनुरूप सामाजिक सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। कॉन्फ्रेंस में आतंकवाद विरोधी दस्ते, कानून व्यवस्था, वामपंथी उग्रवाद, पुलिस आधुनिकीकरण, महिला सुरक्षा, सिंहस्थ 2028, साइबर सुरक्षा, पुलिस में तकनीक और आर्टीफिशियल उपयोग तथा फौरेंसिक गतिविधियों पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतिकरण दिए गए … Read more

भाजपा ने अंशुल तिवारी को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

राजगढ़ जिले को पहली बार मिला प्रदेश स्तर पर प्रतिनिधित्व भोपाल/राजगढ़। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व ने संगठन में युवा नेतृत्व को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राजगढ़ जिले के युवा नेतृत्व श्री अंशुल तिवारी को भारतीय जनता पार्टी, मध्यप्रदेश का प्रदेश सह मीडिया प्रभारी नियुक्त किया है। यह नियुक्ति न केवल संगठन में युवाओं पर बढ़ते विश्वास को दर्शाती है, बल्कि राजगढ़ जिले को पहली बार प्रदेश स्तर पर प्रतिनिधित्व मिलने का गौरवपूर्ण क्षण भी है। अंशुल तिवारी की नियुक्ति से राजगढ़ सहित पूरे मध्यप्रदेश के युवा कार्यकर्ताओं में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ है। संगठन का मानना है कि उनकी सक्रियता, वैचारिक स्पष्टता और मीडिया के क्षेत्र में मजबूत पकड़ पार्टी की संचार रणनीति को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। पूर्व में अंशुल तिवारी ने भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष के रूप में संगठन को जमीनी स्तर पर सशक्त किया। इसके पश्चात भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष रहते हुए उन्हें प्रदेश के कई जिलों का प्रभार सौंपा गया, जहां उन्होंने निरंतर प्रवास कर संगठनात्मक ढांचे को मजबूती प्रदान की। युवा नेतृत्व को और अधिक मजबूती देने के उद्देश्य से भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए भी उनके नाम को प्रमुखता से रखा गया था। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का मानना है कि अंशुल तिवारी में संगठन संचालन की क्षमता, व्यापक प्रवास, तेज़ रणनीतिक दृष्टि और प्रभावशाली वक्तृत्व कला का दुर्लभ संयोजन है। मीडिया जगत में भी उनकी विश्वसनीयता और संवाद क्षमता विशेष रूप से सराही जाती रही है। प्रदेश सह मीडिया प्रभारी के रूप में अंशुल तिवारी अब पार्टी की रीति-नीति, सरकार की उपलब्धियों और संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से प्रदेश के अंतिम पंक्ति तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही, प्रदेश की मीडिया रणनीति को और अधिक धारदार, समन्वित और परिणामोन्मुख बनाने में उनकी भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व को पूर्ण विश्वास है कि अंशुल तिवारी इस नई जिम्मेदारी का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ करते हुए भारतीय जनता पार्टी की मीडिया एवं संचार व्यवस्था को नई उपलब्धियों तक पहुंचाएंगे।

अगले तीन वर्षों में बदलेगा मध्यप्रदेश का सड़क मानचित्र: लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह

अगले तीन वर्षों में बदलेगा मध्यप्रदेश का सड़क मानचित्र : लोक निर्माण मंत्री सिंह विभाग की पत्रकार वार्ता में आगामी तीन वर्षों की महत्वाकांक्षी विकासात्मक कार्ययोजना की दी गई जानकारी भोपाल लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश की सड़क अवसंरचना की वर्तमान स्थिति तथा आगामी तीन वर्षों (2025–2028) की महत्वाकांक्षी विकासात्मक कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश की सड़कें अब केवल आवागमन का साधन नहीं रहीं, बल्कि आर्थिक विकास, निवेश आकर्षण और नए अवसरों की सुदृढ़ आधारशिला के रूप में स्थापित हो रही हैं। मंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में अगले तीन वर्षों में 3,368 किलोमीटर लंबी छह प्रमुख एक्सप्रेस-वे एवं प्रगतिपथ परियोजनाओं का निर्माण किया जाएगा। इनमें नर्मदा प्रगतिपथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा–निमाड़ विकासपथ, अटल प्रगतिपथ, बुंदेलखंड विकासपथ और मध्य भारत विकासपथ शामिल हैं। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत ₹36,483 करोड़ है और अधिकांश परियोजनाओं को जून 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इनके पूरा होने से यात्रा समय में कमी, सड़क सुरक्षा में सुधार तथा औद्योगिक, कृषि और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। राष्ट्रीय राजमार्गों के क्षेत्र में हो रहे बड़े बदलावों की जानकारी देते हुए मंत्री सिंह ने बताया कि एनएचएआई द्वारा लगभग ₹28,000 करोड़ की लागत से 948 किलोमीटर नए राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित किए जाएंगे। इससे प्रदेश की अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स क्षमता और औद्योगिक निवेश को मजबूती मिलेगी। मंत्री सिंह ने 1,770 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और मेगा कॉरिडोर परियोजनाओं को प्रदेश की आर्थिक धारा को गति देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ग्वालियर–नागपुर, इंदौर–भोपाल, जबलपुर–भोपाल जैसे रणनीतिक कॉरिडोर प्रदेश के विकास को नई दिशा देंगे। इसी क्रम में उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहाँ एनएचएआई के सहयोग से टाइगर कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना सड़क विकास और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन का अनूठा उदाहरण बनेगी। टाइगर कॉरिडोर की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए मंत्री सिंह ने बताया कि यह देश का पहला राज्य-स्तरीय मल्टी-नेशनल पार्क टाइगर कॉरिडोर है, जिसका विकास एनएचएआई और पीडब्लूडी के समन्वय से किया जा रहा है। इसमें वन क्षेत्रों में अंडरपास, स्लो-ट्रैफिक ज़ोन और वाइल्डलाइफ-सेफ डिज़ाइन को अपनाया जाएगा, जिससे टाइगर मूवमेंट, पर्यटन और स्थानीय कनेक्टिविटी के बीच संतुलन सुनिश्चित होगा। साथ ही इससे इको-टूरिज़्म और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। सड़क विकास निगम की परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए मंत्री सिंह ने बताया कि अगले तीन वर्षों में HAM मॉडल के अंतर्गत अनेक परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं। इनमें अगले छह महीनों में ही 285 किलोमीटर लंबाई की पाँच प्रमुख परियोजनाएँ शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित लागत ₹15,000 करोड़ है। ये परियोजनाएँ क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स, कृषि और व्यापार को नई गति प्रदान करेंगी। ग्रामीण कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देते हुए मंत्री सिंह ने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में 11,310 किलोमीटर लंबी 822 नई ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जाएगा, ताकि प्रदेश का हर गाँव राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से जुड़ सके। मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि सरकार का संकल्प गुणवत्तापूर्ण निर्माण, समयबद्धता और अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित है। लोक निर्माण विभाग की यह दूरदर्शी कार्ययोजना मध्यप्रदेश में गति, सुरक्षा और समृद्धि के नए युग की नींव रखेगी।  

मुख्यमंत्री ने मोबाईल फॉरेंसिक वैन को झंडी दिखाकर किया रवाना

मोबाईल फॉरेसिंक वैन से अपराध अनुसंधान तकनीकी होगी सुदृढ़ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने मोबाईल फॉरेंसिक वैन को झंडी दिखाकर किया रवाना तकनीकी क्षमता संवर्धन के लिए 36 करोड़ रुपए से अधिक की खरीदी गई फॉरेंसिक वैन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में अपराध अनुसंधान, साक्ष्य संकलन एवं वैज्ञानिक विवेचना की क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए तैयार की गई मोबाइल फॉरेंसिक वैनों को पुलिस मुख्यालय भोपाल से झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि मोबाईल फॉरेसिंक वैन मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में सीन ऑफ क्राइम के इनवेस्टीगेशन में अत्याधिक कारगर साबित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में पुलिस विभाग द्वारा की गई यह पहल फॉरेंसिक-आधारित, त्वरित और सटीक विवेचना को बढ़ावा देगी, जिससे अपराधों के शीघ्र खुलासे, दोषसिद्धि दर में वृद्धि और नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा और सुदृढ़ होगा। मध्यप्रदेश पुलिस को कुल 57 मोबाईल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनकी लागत 36 करोड़ 94 लाख 17 हजार 969 रुपए है। राशि केंद्र सरकार द्वारा प्रदाय की गई है। इनमें से 14 मोबाईल फॉरेंसिक वैन 16 दिसंबर 2025 को प्राप्त हुई है, जिन्हें रवाना किया गया है। शेष मोबाईल फॉरेसिंक वैन भी शीघ्र ही जिलों को उपलब्ध कराई जाएंगी। मोबाईल फॉरेंसिक वैन अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित हैं, जिनमें स्टीरियो माइक्रोस्कोप, वेइंग बैलेंस, डीएसएलआर कैमरा, मिनी फ्रिज, एलईडी टीवी स्क्रीन, थर्मल प्रिंटर, बॉडी-वॉर्न कैमरा सहित आवश्यक उपकरण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, वैनों में जांच किट, अपराध स्थल सुरक्षा किट, फिंगर प्रिंट, रक्त व बाल पहचान, हाई-इंटेंसिटी फॉरेंसिक लाइट सोर्स, पैर व टायर निशान, आगजनी, साक्ष्य पैकिंग, बुलेट होल, गनशॉट अवशेष, नशीले पदार्थ, विस्फोटक पहचान तथा डीएनए कलेक्शन एवं चेन ऑफ कस्टडी से संबंधित किट भी उपलब्ध हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बिहार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने की सौजन्य भेंट प्रदेश की खेल प्रोत्साहन गतिविधियों के अध्ययन के लिए बिहार का दल मध्यप्रदेश भ्रमण पर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बिहार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह तथा बिहार के खेल महानिदेशक श्री रविंद्रन शंकरन ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्रम तथा स्मृति चिन्ह के रूप में धातु शिल्प के श्री राम दरबार भेंट कर बिहार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह का अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सुश्री सिंह ने बोधि वृक्ष की प्रतिकृति तथा अंगवस्त्रम भेंट किया। इस अवसर पर प्रदेश के खेल संचालक श्री राकेश गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भेंट के दौरान मध्यप्रदेश में खेलों के प्रोत्साहन के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। मध्यप्रदेश में खेल गतिविधियों के विस्तार और खिलाड़ियों की क्षमता – प्रतिभा निखारने तथा राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दृष्टिगत उनके सघन प्रशिक्षण के लिए संचालित गतिविधियों के अध्ययन के लिए बिहार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह के नेतृत्व में बिहार का 5 सदस्यीय दल प्रदेश के दौरे पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के पहले बिहार के दल ने शूटिंग अकादमी, घुड़सवारी अकादमी, वॉटर स्पोर्ट्स सेंटर, टी.टी. नगर स्टेडियम, स्पोर्ट्स साइंस सेंटर आदि का भ्रमण किया। दल ने प्रदेश में ग्राम पंचायत, विकासखंड और जिला स्तर पर संचालित खेल प्रोत्साहन गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।  

सरकारी अस्पताल में जटिल ऑपरेशन, महिला के पेट से 8 किलो की गठान सफलतापूर्वक हटाई गई

बुरहानपुर  स्व नंदकुमार सिंह चौहान जिला अस्पताल में डॉक्टरों को एक जटिल सर्जरी में सफलता मिली है. नागझीरी निवासी 57 वर्षीय महिला मरीज उषा बाई पति संतोष की आठ किलो वजन की बड़ी गठान डॉ. दर्पण टोके के नेतृत्व में सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने निकाली है. इतनी बड़ी और जटिल गठान के कारण मरीज को दर्द सहना पड़ता था, इससे कई बार महिला की तबीयत भी बिगड़ जाती थी. जांच में सामने आई थी ट्यूमर की बात महिला ने पिछले दिनों जिला अस्पताल में जांच कराई थी, इस जांच में बड़ी गठान की बात सामने आई. इसके बाद डॉक्टरों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद मरीज को सुरक्षित उपचार प्रदान किया, उन्होंने सफलतापूर्वक ऑपरेशन को अंजाम दिया. यह ऑपरेशन सर्जरी विभाग के प्रभारी डॉ. दर्पण टोके के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया. डॉक्टरों द्वारा सर्जरी के दौरान विशेष सावधानियां बरती गई, ताकि मरीज को किसी भी प्रकार की जटिलता से बचा लिया. डॉक्टरों ने किया महिला का जटिल ऑपरेशन एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. श्वेता शिवहरे ने बेहोशी की प्रक्रिया को सुरक्षित रूप से संभाला, जिससे ऑपरेशन बिना किसी बाधा के पूरा हो सका. अब महिला मरीज की हालत में सुधार हो रहा है. सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और वह अब डॉक्टरों की निगरानी में स्वस्थ हो रही हैं, जिला अस्पताल के लिए यह सर्जरी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जो यहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञता को दर्शाती है. इस सफलता पर सीएमएचओ डॉ आरके वर्मा और सिविल सर्जन डॉ प्रदीप मोजेस ने इस ऑपरेशन में शामिल डॉक्टर व नर्सिंग टीम की सराहना की है, उन्होंने सभी को बधाई दी और भविष्य में भी इसी प्रकार जनसेवा के लिए कार्य करते रहने की शुभकामनाएं दी हैं. सिविल सर्जन डॉ प्रदीप मोजेस ने बताया कि, ''इस सफल सर्जरी में नर्सिंग ऑफिसर निलिमा नेलसन और गायत्री ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके साथ ही अभय सिंह, हिमांशु एवं अन्य अस्पताल कर्मचारियों ने भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सहयोग प्रदान किया. टीमवर्क और समन्वय का अच्छा उदाहरण पेश किया, जिसने इस जटिल ऑपरेशन को संभव बनाया.'' महिला को मिली नई जिंदगी सर्जरी विभाग के प्रभारी डॉ दर्पण टोके ने बताया कि, ''महिला के पेट में दर्द होता था, इस दर्द स्व लंबे समय से जूझ रही थी, पिछले दिनों उसने जिला अस्पताल में जांच कराई, हमारी टीम ने ऑपरेशन की सलाह दी, इसके बाद उसके परिजन राजी हो गए. मंगलवार को ऑपरेशन किया, इस ऑपरेशन का मैंने नेतृत्व किया, टीम को सफलता मिली है, महिला को इस जटिल समस्या से निजात दिलाई है.''

कर्मचारी विहीन होने के कारण केंद्रीय संचार ब्यूरो का दफ्तर बंद

केंद्रीय संचार ब्यूरो का कर्मचारी विहीन दफ्तर बंद   भोपाल    केन्द्रीय संचार ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालयों का केन्द्र में  कांग्रेस की सरकार थी तब पूरे भारत में 1955 में स्थापित कर, जनहित में आमजनों के विकास को देखते हुए संचालित किया गया था। मध्यप्रदेश में बालाघाट, छिंदवाडा, मंदसौर, झाबूआ, छतरपुर, रीवा, इन्दौर, ग्वालियर, शहडोल, मण्डला, सागर, जबलपुर इकाईयां एवं भोपाल में प्रादेशिक कार्यालय संचालित हो रहा है, जो पूरे मध्यप्रदेश में 55 जिलों में भारत सरकार व राज्य सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यमों से सुदूर क्षेत्रों के आमजन के बीच जाकर समस्याओं को सुनकर समाधान व उचित मार्ग दर्शन कर जनजागरूकता किया जा रहा था, जो अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण विभाग होने के कारण सरकार और आम जनों को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। केन्द्र सरकार के कूटनीतियों के कारण आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के उक्त कार्यालयों में से मण्डला बालाघाट, छिंदवाडा, छत्तरपुर, शहडोल, मंदसौर एवं सागर क्षेत्रीय कार्यालय / इकाईयों में विगत 17 दिवस से ताला लगा हुआ है जानकारी मिला है कि कार्यालय बंद कर दिया गया है। जो आम जनों के लिए बहुत ही दुखद गंभीर विषय है. उक्त जिलों के कार्यालय के बंद होने से जो कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में आते है. आज भी पिछड़ा है जन जागरूता की कमी है, इन कार्यालयों को बंद न करते हुए यथावत रखें। ताकि आमजन तक सरकार के महत्वपूर्व योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा सके। यदि केन्द्र सरकार अपने कूटनीतियों कारण आमजन के हित के लिए सुधार नहीं करती है तो आंदोलन के लिए घेराव करना पड सकता है 2029 चुनाव में भी असर पड़ेगा जो देखा जा सकता है । क्षेत्रीय कार्यालय- गुलाबरा स्थित कार्यालय के अतिरिक्त प्रभार में बेतुल एवं हरदा जिले है। चूंकि छिन्दवाड़ा आदिवासी बहुल्य क्षेत्र है केन्द्र सरकार व राज्य सरकार के योजनाओं से आमजनों को जोडने से विभाग बंद होने से विभाग से मिलने वाले लाभों  से  वंचित रहेंगे ।

सोनम की जमानत याचिका पर विवाद, राजा रघुवंशी के परिवार ने की विरोध

इंदौर  अपने पति की हत्या के आरोप में शिलांग की जेल में बंद सोनम रघुवंशी ने कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाई है। सोनम ने अपने प्रेमी राज व उसके तीन दोस्तों के साथ सात माह पहले राजा की हत्या कर शव को खाई में फेंक दिया था। सोनम की जमानत पर राजा रघुवंशी के परिवार ने आपत्ति ली है। उनका कहना है कि इस केस में गवाहों के बयान चल रहे है। यदि सोनम को जमानत दी जाती है तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकती है। कोर्ट ने जमानत पर फैसला नहीं लिया है और अगले माह इस मामले में सुनवाई होगी। राजा के भाई विपिन ने कहा कि सोनम एक शातिर महिला है। उसने राजा की हत्या की योजना बनाई थी और हनीमून के बहाने शिलांग ले जाकर हत्या की थी।  देशभर में चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड केस में कोर्ट ने ट्रायल शुरू कर दिया है। पहले राजा के भाई विपिन के तीन दिन तक कोर्ट ने बयान लिए और उसने राजा व सोनम की गुमशुदगी, सोनम के बर्ताव, शादी के बाद बाहर जाने की प्लानिंग सहित अन्य मामलों की जानकारी ली थी। इसके अलावा सोनम की दो सहेलियों के बयान भी कोर्ट में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए हुए है। इस केस में आरोपियों का साथ देने वाले प्राॅपर्टी ब्रोकर, सुरक्षा गार्ड और फ्लैट मालिक फिलहाल जमानत पर बाहर है। शिलांग पुलिस तीनों आरोपियों के खिलाफ अगल से चार्जशीट पेश करेगी। तीनों ने सोनम के फ्लैट से सबूत मिटाने, उसका बैग जलाने और पिस्तौल नाले में फेंकने का काम किया था। राजा के भाई विपिन ने यह आरोप लगाया कि सोनम का भाई गोविंद आरोपियों की मदद कर रहा है,जबकि हत्या के बाद वह हमारे परिवार से मिला था और कहा था कि वह सोनम को सजा दिलवाने में मदद करेगा।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर टिप्पणी, बालाघाट के शिक्षक सुनील मेश्राम निलंबित

बालाघाट  सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी एक शिक्षक को भारी पड़ गई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर फेसबुक पर टिप्पणी करने के आरोप में बालाघाट जिले के एक उच्च श्रेणी शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देश पर यह कार्रवाई आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त शकुंतला डामोर द्वारा की गई। खास बात यह है कि सुनील मेश्राम राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक हैं। ऐसे में निलंबन की कार्रवाई को लेकर शिक्षा विभाग और जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। परसवाड़ा के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक सुनील मेश्राम पर आरोप है कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से भारत सरकार और राज्य शासन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी साझा की थी। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना। नोटिस के बाद भी नहीं मिला संतोषजनक जवाब प्रशासन की ओर से चार दिसंबर को शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके जवाब में 8 दिसंबर को मेश्राम ने अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया, लेकिन विभागीय स्तर पर इसे स्वीकार नहीं किया गया। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षक के आचरण से शासन की छवि प्रभावित हुई है, जो सेवा नियमों के विरुद्ध है। सेवा नियमों के तहत निलंबन पूरे प्रकरण के बाद मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अंतर्गत शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। शिक्षक ने दी सफाई निलंबन के बाद सुनील मेश्राम ने कहा कि संबंधित पोस्ट किसी राजनीतिक दल या संगठन से जुड़ी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें खेद है। मेश्राम का दावा है कि वह पोस्ट उनकी नहीं थी और उसे उनके फेसबुक अकाउंट से हटा दिया गया है।