samacharsecretary.com

एम.पी. ट्रांसको चलाएगी ‘रोको-टोको‘ अभियान

इंदौर की ट्रांसमिशन लाइनों में चायनीज मांझा फँसने से दो वर्षों में 13 बार बिजली बाधित भोपाल  मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने इंदौर शहर में ट्रांसमिशन लाइनों के नजदीक चायनीज मांझे से पतंग उड़ाने के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित दुर्घटनाओं और विद्युत व्यवधानों पर अंकुश लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें सतर्क व सुरक्षित रखने के उद्देश्य से कंपनी इंदौर में विशेष ‘‘रोको-टोको ‘‘ अभियान चलाएगी। एम.पी. ट्रांसको की कार्यपालन अभियंता श्रीमती नमृता जैन ने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में इंदौर क्षेत्र में 13 बार ऐसी घटनाएं हुई हैं, जब पतंग के साथ चायनीज मांझा ट्रांसमिशन लाइन के संपर्क में आया, जिससे न केवल बिजली आपूर्ति बाधित हुई, बल्कि ट्रांसमिशन लाइनें क्षतिग्रस्त भी हुईं। चलाया जायेगा जागरूकता अभियान रोको-टोको अभियान के तहत, एम.पी. ट्रांसको ने इंदौर के उन क्षेत्रों को चिन्हित किया है जहाँ बहुतायत में पतंग उड़ाई जाती हैं। इन संवेदनशील क्षेत्रों में नागरिकों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, व्यापक जागरूकता फैलाने के लिए पोस्टर, बैनर और पी.ए. सिस्टम के माध्यम से भी लोगों को सचेत और सतर्क किया जाएगा, ताकि जान-माल की हानि रोकी जा सके और उपभोक्ताओं को व्यापक क्षेत्र में बिजली के अनावश्यक लंबे व्यवधान का सामना न करना पड़े। क्यों घातक है चायनीज मांझा दरअसल, चायनीज मांझा, जो कि सामान्य सूती धागे से अलग होता है, विद्युत का सुचालक होने के कारण बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। ट्रांसमिशन लाइनों के संपर्क में आने पर यह न केवल बिजली आपूर्ति में व्यवधान डालता है, बल्कि जान-माल की हानि का कारण भी बन सकता है। जब यह मांझा बिजली के तारों से टकराता है, तो इसमें मौजूद सामग्री के कारण करंट प्रवाहित हो सकता है, जिससे पतंग उड़ाने वाले और आसपास के लोगों को गंभीर खतरा होता है। इंदौर में ये क्षेत्र है संवेदनशील इंदौर में जिन क्षेत्रों को चायनीज मांझा के साथ पतंग उड़ाने के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील माना गया है, उनमें मुख्य रूप से लिम्बोदी, मूसाखेड़ी, खजराना, महालक्ष्मी नगर, सुखलिया, गौरीनगर, बाणगंगा, तेजाजी नगर और नेमावर रोड शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अभियान पर विशेष जोर रहेगा। 

मध्यप्रदेश पुलिस की मासूमों की सकुशल बरामदगी में त्वरित कार्रवाई

“विदिशा, सागर और ग्वालियर पुलिस ने अपहृत बच्चों को सुरक्षित दस्‍तयाब कर परिवार से मिलाया भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस ने एक बार फिर त्वरित, प्रभावी और संवेदनशील कार्रवाई का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रदेश के तीन जिलों—विदिशा, ग्वालियर और सागर में अपहरण एवं गुमशुदगी से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मामलों में पुलिस ने अद्भुत दक्षता और मानवीय संवेदना का परिचय दिया। दो अपहरण मामलों में मासूम बच्चों को रिकॉर्ड समय में सुरक्षित बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, वहीं सागर में पुलिस की संवेदनशील पहल से 17 वर्ष बाद गुमशुदा बालिका अपने परिवार से पुनः मिल सकी। विदिशा पुलिस की बड़ी सफलता — 235 से अधिक सीसीटीवी फुटेज से 48 घंटे में 3 वर्षीय मासूम बरामद थाना कोतवाली क्षेत्र से तीन वर्षीय बालिका के अपहरण की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन में “ऑपरेशन मुस्कान” के अंतर्गत 8 टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने 235 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण, 135 से अधिक लोगों से पूछताछ तथा कई इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। जिसके परिणामस्‍वरूप ऑटो चालक बृजेश कुशवाहा की पहचान हुई, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुँची। अभियुक्त अर्जुन सिंह पाल, हरिबाई, रवि पाल और जितेंद्र पाल ने बच्ची को सौदे के उद्देश्य से अपहरण करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने बच्ची को सकुशल बरामद कर परिवार को सौंपा। ग्वालियर पुलिस की त्वरित कार्यवाही — डेढ़ वर्षीय बच्चा सुरक्षित बरामद थाना बहोड़ापुर क्षेत्र से डेढ़ वर्षीय रोहित के गुम होने की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री धर्मवीर सिंह के निर्देशन में त्वरित खोजबीन प्रारंभ की गई। पुलिस टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और सतत सर्च अभियान चलाया। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने नागदेवता मंदिर, ट्रांसपोर्ट नगर से एक महिला को पकड़ा जो बच्चा लेकर घूम रही थी। महिला ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने बच्चा न होने के कारण उसे उठा लिया था। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया। सागर जिला — 17 वर्ष बाद गुमशुदा बालिका को परिवार से मिलाया, परिवार ने कहा – ‘’यह हमारे जीवन का सबसे सुखद पल’’ 11 फरवरी 2008 को चौकी मंडीबामोरा क्षेत्र से 10 वर्षीय बालिका लापता हुई थी। वर्षों तक खोजबीन जारी रहने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। हाल ही में इंस्टाग्राम रील देखते समय उस बालिका, जो अब बालिग है, ने मंडीबामोरा रेलवे स्टेशन का नाम देखा और उसे अपना गृहक्षेत्र याद आ गया। उसने तत्काल अपने पति संग पुलिस चौकी से संपर्क किया। पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसके परिवार को बुलाया। बेटी अपने माता-पिता को तुरंत नहीं पहचान पाई, लेकिन पिता ने उसके माथे पर पुराने घाव के निशान से पहचान लिया। परिवार ने पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “यह हमारे जीवन का सबसे सुखद पल है। ये सभी उदाहरण न केवल प्रदेश पुलिस की दक्षता दर्शाते हैं, बल्कि समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ करते हैं।

राज्यपाल पटेल ने किया गौवंश का पूजन मुरारीलाल तिवारी गौशाला का किया भ्रमण

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने गुरूवार को इंदौर के सांवेर रोड़ स्थित मुरारीलाल तिवारी गौशाला का भ्रमण किया। उन्होंने गौशाला में गौवंश का पूजन किया और गौमाता को लड्डू खिलाये। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि गायों की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है। भारत में गौमाता के पूजन की परम्परा वर्षों पुरानी है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल को विधायक सुश्री उषा ठाकुर और गौशाला संचालकों ने गौशाला की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गौशाला में तीन सौ से अधिक गायों की देख भाल और सेवा की जाती है। उनका पूरा ध्यान रखा जाता है। राज्यपाल श्री पटेल को गौशाला के सचिव श्री सुभाष गोयल ने गौशाला से संबंधित साहित्य भेंट किया।  

चिकित्सक भगवान का दूसरा रूप होता है : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के 73वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का किया शुभारंभ भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि भगवान सभी जगह नहीं पहुँच पाते हैं, इसलिए उन्होंने चिकित्सक बनायें हैं। भगवान का दूसरा रूप चिकित्सक ही होता है। सम्मेलन आयोजन की सराहना करते हुए अपेक्षा की है कि चार दिवसीय सम्मेलन का निष्कर्ष समाज के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। राज्यपाल श्री पटेल गुरूवार को न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (NSI) द्वारा आयोजित 73वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने न्यूरोलॉजी विषय पर दो पुस्तकों का लोकार्पण किया। विद्वान चिकित्सकों को सम्मानित किया। विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय मौजूद थे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि मानव शरीर का मुख्य संचालक मस्तिष्क होता है। मस्तिष्क ही सभी इंद्रियों का नियंत्रणकर्ता है। हमारा मस्तिष्क स्वस्थ और शांत रहे, इस दिशा में न्यूरो सर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट चिकित्सकों की विशेष भूमिका है। न्यूरो सर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट उन्नत चिकित्सा, प्रमाणिक ज्ञान और संवेदनशीलता से मस्तिष्क का ईलाज करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और मन के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक तंदुरूस्ती भी जरूरी है। इसके लिए मस्तिष्क का स्वस्थ और शांत रहना बहुत जरूरी है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि हम सभी अच्छी सेहत के लिए मोटे अनाज का सेवन करें। खूब पानी पीयें, अच्छी नींद लें और नियमित व्यायाम करें। फास्ट फूड खाने से बचे। मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर स्वास्थ्य की राजधानी है। यहाँ के चिकित्सक मरीजों की सेवा में हमेशा तत्पर रहते हैं। सेवा भावना के साथ कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार शोध और अनुसंधान हो रहे हैं। चिकित्सा गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में एनएसआइकॉन के ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. वसंत डाकवाले, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. जे. एस. कठपाल, डॉ. मानस  पाणिगही, अध्यक्ष डॉ. मानस पाणिग्रही,  अध्यक्ष-निर्वाचित डॉ. के. श्रीधर, एजुकेशन एंड ट्रेनिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. लुईस बोर्बा और बड़ी संख्या में न्यूरोसर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट उपस्थित थे।  

एम.पी. ट्रांसको शुरू करेगी ‘रोको-टोको’ अभियान, बिजली चोरी और अनधिकृत उपयोग के खिलाफ कड़ा कदम

एम.पी. ट्रांसको चलाएगी ‘रोको-टोको‘‘अभियान इंदौर की ट्रांसमिशन लाइनों में चायनीज मांझा फँसने से दो वर्षों में 13 बार बिजली बाधित भोपाल  मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने इंदौर शहर में ट्रांसमिशन लाइनों के नजदीक चायनीज मांझे से पतंग उड़ाने के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित दुर्घटनाओं और विद्युत व्यवधानों पर अंकुश लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें सतर्क व सुरक्षित रखने के उद्देश्य से कंपनी इंदौर में विशेष ‘‘रोको-टोको ‘‘ अभियान चलाएगी। एम.पी. ट्रांसको की कार्यपालन अभियंता मती नमृता जैन ने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में इंदौर क्षेत्र में 13 बार ऐसी घटनाएं हुई हैं, जब पतंग के साथ चायनीज मांझा ट्रांसमिशन लाइन के संपर्क में आया, जिससे न केवल बिजली आपूर्ति बाधित हुई, बल्कि ट्रांसमिशन लाइनें क्षतिग्रस्त भी हुईं। चलाया जायेगा जागरूकता अभियान रोको-टोको अभियान के तहत, एम.पी. ट्रांसको ने इंदौर के उन क्षेत्रों को चिन्हित किया है जहाँ बहुतायत में पतंग उड़ाई जाती हैं। इन संवेदनशील क्षेत्रों में नागरिकों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, व्यापक जागरूकता फैलाने के लिए पोस्टर, बैनर और पी.ए. सिस्टम के माध्यम से भी लोगों को सचेत और सतर्क किया जाएगा, ताकि जान-माल की हानि रोकी जा सके और उपभोक्ताओं को व्यापक क्षेत्र में बिजली के अनावश्यक लंबे व्यवधान का सामना न करना पड़े। क्यों घातक है चायनीज मांझा दरअसल, चायनीज मांझा, जो कि सामान्य सूती धागे से अलग होता है, विद्युत का सुचालक होने के कारण बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। ट्रांसमिशन लाइनों के संपर्क में आने पर यह न केवल बिजली आपूर्ति में व्यवधान डालता है, बल्कि जान-माल की हानि का कारण भी बन सकता है। जब यह मांझा बिजली के तारों से टकराता है, तो इसमें मौजूद सामग्री के कारण करंट प्रवाहित हो सकता है, जिससे पतंग उड़ाने वाले और आसपास के लोगों को गंभीर खतरा होता है। इंदौर में ये क्षेत्र है संवेदनशील इंदौर में जिन क्षेत्रों को चायनीज मांझा के साथ पतंग उड़ाने के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील माना गया है, उनमें मुख्य रूप से लिम्बोदी, मूसाखेड़ी, खजराना, महालक्ष्मी नगर, सुखलिया, गौरीनगर, बाणगंगा, तेजाजी नगर और नेमावर रोड शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अभियान पर विशेष जोर रहेगा।  

अटलजी के बताए मार्ग पर आगे बढ़ रही है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अटलजी भाषा से, भाषण से और व्यक्तित्व से गंगा-यमुना की तरह पवित्र थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अटलजी के बताए मार्ग पर आगे बढ़ रही है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंध्रप्रदेश के धर्मावरम में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण मुख्यमंत्री अटल ज्योति संदेश यात्रा में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्र सेवा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। वे हिमालय के समान विराट व्यक्तित्व के धनी थे। पूरी दुनिया में उनका एक अलग ही सम्मान है। वे भाषा से, भाषण से और व्यक्तित्व से गंगा-यमुना की तरह पवित्र थे। आज आंध्र प्रदेश में उनके जन्मशताब्दी वर्ष में 15 दिवसीय अटल ज्योति संदेश यात्रा की शुरुआत हुई है। यह यात्रा आंध्र प्रदेश के 20 जिलों तक पहुंचेगी और 25 दिसंबर को स्व. वाजपेयी की जयंती के अवसर पर यात्रा का समापन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आंध्र प्रदेश के सत्य साईं जिले के धर्मावरम में स्व. वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी हुआ है। स्व. वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1923 को ग्वालियर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उन्होंने देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा के बल पर नाम कमाया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री  एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ  वाजपेयी के घनिष्ठ संबंध रहे। उनके कार्यकाल में ही  नायडू एनडीए के प्रेसिडेंट बने थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को धर्मावरम में अटल ज्योति संदेश यात्रा में सहभागिता की एवं स्व. वाजपेयी की विशाल प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटलजी ने लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनकर देश की जनता की सेवा की। पोखरण में परमाणु परीक्षण किया। कारगिल में पाकिस्तान को सबक सिखाया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सौगात दी। आज प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी के बताए मार्ग पर देश की सरकार चल रही है। प्रधानमंत्री  मोदी और मुख्यमंत्री  नायडू की दोस्ती पक्की है।  चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश में एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री हैं। वे आंध्र प्रदेश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश भी विकास के पथ पर अग्रसर है। एनडीए ने भगवान कृष्ण के वंशज को मध्यप्रदेश की कमान सौंपी है। आंध्र प्रदेश में  नायडू ने सत्या जी को आगे बढ़ाया है। यही सबका साथ-सबका विकास का संकल्प है। जनता के चेहरे के भाव देखकर ऐसा लग रहा है कि आंध्र प्रदेश और मध्यप्रदेश दो बिछड़े भाइयों के समान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने देशवासियों को आयुष्मान योजना से मुफ्त इलाज, सागर माला, भारत माला, स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया जैसी योजनाएं दी हैं। आज हम प्रधाममंत्री  मोदी और  नायडू के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश और देश को आगे बढ़ते हुए देख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंध्र प्रदेश के पार्टी अध्यक्ष  टीवीएन माधव को अटल ज्योति संदेश यात्रा के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अटल ज्योति संदेश यात्रा से आंध्र प्रदेश की जनता को स्व. वाजपेयी के जीवन के विविध पहलुओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी कहते थे कि अपना हृदय विशाल बनाओ। सबके साथ, सबके लिए काम और विकास करो। स्व. वाजपेयी की पंक्तियां याद आती हैं- छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता। कार्यक्रम में विधायक  मधुसूदन रेड्डी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान: प्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट देश में सबसे अधिक, रोजगार और उद्योगों के विकास पर जोर

प्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट देश में सर्वाधिक, रोजगार के अवसर और उद्योगों के विकास पर जोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सरकार के सफलतम 2 वर्ष पूर्ण होने पर 13-14 दिसंबर को भोपाल और इंदौर में होंगे विशेष कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार के सफलतम 2 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 13 दिसंबर को भोपाल और 14 दिसंबर को इंदौर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश में सरकार बनने के बाद गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए कई उल्लेखनीय निर्णय लिए गए। राज्य में कृषि के लिए सिंचाई का रकबा दोगुना करने के उद्देश्य से जल गंगा संवर्धन अभियान और कई बड़ी परियोजनाओं के माध्यम से प्रयास जारी हैं। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उद्योगों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। हमारी इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट देश में सबसे अधिक है। 'अच्छे कार्य में साथ, लेकिन कुछ गलत होगा तो बर्दाश्त नहीं' मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में सुशासन पर आधारित व्यवस्थाएं संचालित हों, इसके लिए अच्छे कार्य में सदैव साथ हैं और अगर कहीं भी कुछ गलत होगा तो उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। मध्यप्रदेश की धरती से नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में विगत दिनों उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई है। प्रदेश में नक्सलियों का सबसे बड़ा सरेंडर बालाघाट में कराया गया है। भविष्य में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के लिये रवाना होने से पहले इंदौर में मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर में आंध्र प्रदेश के सत्य साईं जिले के धर्मावरम में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मशताब्दी वर्ष के समापन पर अटल ज्योति संदेश यात्रा कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।  

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: मध्य प्रदेश समेत छह राज्यों में बढ़ी SIR की समयसीमा

भोपाल /नई दिल्ली  चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश  6 राज्यों में मतदाता सूची में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन की समय सीमा को बढ़ा दिया है। चुनाव आयोग ने जिन राज्यों में एसआईआर की समय सीमा बढ़ाई है उनमें MP के अलावा गुजरात,उत्तर प्रदेश , छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और अंडमान शामिल हैं। चुनाव आयोग के अनुसार छह राज्यों/UT के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEOs) से मिली रिक्वेस्ट के आधार पर, इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने इन 6 राज्यों/UT में इलेक्टोरल रोल के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के शेड्यूल में बदलाव किया है। किस राज्य में क्या है नई तारीख इसमें 01.01.2026 को क्वालिफाइंग तारीख माना गया है। तमिलनाडु और गुजरात में ड्राफ्ट रोल के प्रकाशित होने की संशोधित तारीख 19 दिसंबर है। ये पहले 14 दिसंबर थी। वहीं, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान निकोबार ड्राफ्ट रोल के प्रकाशित होने की तारीख को 18 दिसंबर से बढ़ाकर 23 दिसंबर किया गया है। यूपी में ड्राफ्ट रोल के प्रकाशित होने की नई तारीख 26 दिसंबर की बजाय 31 दिसंबर होगी। केरल में पहले ही बढ़ाई थी तारीख केरल में राज्य चुनाव आयोग ने पहले ही एसआईआर के लिए एक्सटेंशन दे दिया है। राज्य की और समय की रिक्वेस्ट के बाद अब डेडलाइन 11 दिसंबर से बढ़ाकर 18 दिसंबर कर दी गई है। केरल में सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस, TMC, CPI(M) और SP ने आरोप लगाया कि कमीशन ने जमीनी हकीकत को नजरअंदाज किया और बिना वजह जल्दबाजी में रिवीजन टाइमलाइन के साथ आगे बढ़ा। आयोग के अनुसार, तमिलनाडु और गुजरात में SIR जमा करने की नई अंतिम तिथि अब 14 दिसंबर 2025 (रविवार) होगी, जबकि इससे पहले यह 19 दिसंबर 2025 (शुक्रवार) थी. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं अंडमान और निकोबार के लिए अंतिम तिथि 18 दिसंबर 2025 (गुरुवार) से बढ़ाकर 23 दिसंबर 2025 (मंगलवार) कर दी गई है. वहीं, यूपी में SIR की अंतिम तिथि 26 से बढ़कर 31 दिसंबर 2025 (बुधवार) कर दी गई है. चुनाव आयोग (EC) ने छह राज्यों आर केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की समय सीमा को आगे बढ़ा दिया है. यह कदम मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए उठाया गया है. उत्तर प्रदेश में फॉर्म जमा करने की अवधि 15 दिनों के लिए बढ़ाई गई है. तमिलनाडु और गुजरात में यह अवधि 3 दिनों के लिए बढ़ाई गई है. वहीं, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान निकोबार में 7 दिनों की अतिरिक्त मोहलत दी गई है. इस वृद्धि के साथ ही ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने की अवधि भी बढ़ा दी गई है. आयोग ने यह फैसला सुनिश्चित करने के लिए लिया है कि सभी पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल हों.  

मोहन यादव ने कांग्रेस पर साधा निशाना, नक्सलवाद मुक्त जिलों और मेडिकल कॉलेज विस्तार का किया खुलासा

इंदौर  मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार को इंदौर आए और विधायक गोलू शुक्ला के निवास पर पहुंचकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया।मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने हर क्षेत्र में काम किया है, चाहे सिंचाई का रकबा बढ़ाना हो या युवाओं को रोजगार देना। हमने  मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी की है। नक्सलवाद के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय नक्सलवाद बड़ी समस्या थी, जिसे उन्होंने खत्म करने के लिए कुछ नहीं किया। हमारी सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे में बड़ी भूमिका निभाई है, जिससे कई जिले नक्सलवाद मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस पर केवल आरोप लगाकर समस्या को जिंदा रखने की कोशिश करने का आरोप लगाया, जबकि उनकी सरकार समाधान में विश्वास रखती है। उन्होंने बताया कि सरकार के कार्यकाल के दो साल पूरे होने जा रहे हैं और रोजगार के लिए इंडस्ट्री ग्रोथ रेट राष्ट्रीय औसत से आगे चल रही है।विमानतल पर भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, जिलाध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा और प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे ने उनका स्वागत किया। विमानतल से वे बाणगंगा स्थित विधायक शुक्ला के निवास पर गए। कुछ देर बाद वे फिर विमानतल पहुंचे और बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए। वे रात को फिर इंदौर लौटेंगे और निजी विमान से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रयास करने की अपील की

प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा के लिये करें सभी प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव टास्क फोर्स का गठन शीघ्र एरिजोना, पर्ड्यू एवं एशिया यूनिवर्सिटी से मध्यप्रदेश में अध्ययन केन्द्र खोलने के लिये संवाद तेज भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा मध्यप्रदेश में ही उपलब्ध कराई जाए, जिससे उच्च शिक्षा के इच्छुक विद्यार्थियों को विदेश जाकर अध्ययन करने की आवश्यकता कम पड़े और स्थानीय स्तर पर ही अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा गुणवत्ता का अकादमिक वातावरण मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गत बुधवार को 'सुशासन भवन' में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश को वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में अब निर्णायक कदम बढ़ा रही है। राज्य सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्रों की स्थापना के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में आदेश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि इस सिलसिले में तेजी से प्रगति हो रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका के दो विश्व विख्यात विश्वविद्यालयों Arizona State University (ASU) और Purdue University के साथ ताईवान की प्रतिष्ठित Asia University से मध्यप्रदेश में अपने अध्ययन केन्द्र स्थापित करने के लिए सक्रियता से संवाद चल रहा है। इन वर्ल्ड क्लास संस्थानों को उच्च स्तरीय शिक्षा, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक पहचान प्राप्त है। शासन स्तर पर इन विश्वविद्यालयों के शीर्ष प्रबंधन से लगातार बातचीत हो रही है, जिससे संभावनाओं को बेहतर तरीके से मूर्त रूप देने में और तेजी लाई जा सके। राज्य सरकार की मंशा है कि प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्र खुलने से प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होगी। इंजीनियरिंग, एआई, डेटा साइंस, हेल्थ केयर साईंस, मैनेजमेंट और नये-नये उभरते तकनीकी क्षेत्रों में विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। साथ ही स्थानीय उद्योगों, स्टार्टअप्स और इनोवेशन इकोसिस्टम को भी उच्च स्तरीय विशेषज्ञता और संयुक्त शोध कार्यक्रमों (ज्वाइंट रिसर्च प्रोग्राम्स) का भी लाभ मिलेगा। राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में गठित की जा रही टास्क फोर्स में प्रो. संतोष विश्वकर्मा को अध्यक्ष नामांकित किया जा रहा है। यह टास्क फोर्स अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्रों की स्थापना से जुड़े सभी तकनीकी, शैक्षणिक और कानूनी पहलुओं का अध्ययन करेगी। साथ ही इन विश्वविद्यालयों के साथ होने वाले करार (समझौते) की प्रक्रिया को गति देगी। अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से वार्ताएं सफल रहने पर भविष्य में मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश का सबसे आकर्षक एवं आइडियल डेस्टिनेशन बनेगा, जहां वैश्विक विश्वविद्यालयों का व्यापक शैक्षिक-तंत्र प्रदेश की प्रतिभाओं को नव विकसित परिदृश्य में नए अवसर और नई दिशाएं देगा। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा वर्तमान में फ्यूचर हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस, सेमीकंडक्टर्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एग्री-टेक तथा अन्य नवोन्मेषी क्षेत्रों में राज्य के तीव्र विकास के लिये आवश्यक विविध रणनीतिक पहलों पर काम किया जा रहा है। इन क्षेत्रों की उच्च विशेषज्ञता एवं निरंतर विकसित होती प्रकृति की पूर्ति को दृष्टिगत रखते हुए राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रख्यात विशेषज्ञों की आवश्यकता की पूर्ति की जा रही है, जो संस्थान को विषय-विशेष मार्गदर्शन, उच्च-स्तरीय वैज्ञानिक परामर्श और रणनीतिक दिशा प्रदान करेंगे। ऐसे विशेषज्ञों के जुड़ने से संस्थान की क्षमता संवर्धन के साथ यह नवाचार इन प्राथमिक क्षेत्रों में संस्थान के रूपांक, क्रियान्वयन और अनुश्रवण को भी मजबूत करेगा। बैठक में अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव दीक्षित, प्रमुख सचिव एवं संस्थान के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर  गुलशन बामरा एवं डायरेक्टर  ऋषि गर्ग सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।