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नारायण सिंह कुशवाह का आदेश: सामाजिक न्याय विभाग में जल्द होगी नई भर्ती

भोपाल  मध्य प्रदेश के सामाजिक न्याय विभाग में सरकारी नौकरी करने के इच्छुक युवाओं के लिए एक अच्छा मौका है , राज्य शासन जल्दी ही यहाँ रिक्त पदों पर भर्ती करने वाला है, प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने विभागीय अधिकारियों को इस आशय के निर्देश जारी किये हैं। सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित दिव्यांगजन पुनर्वास केन्द्रों में रिक्त पदों की पूर्ति शीघ्र की जायेगी। इस आशय के निर्देश सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने सागर संभाग में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में दिए। मंत्री कुशवाह ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक जरूरतमंद को प्राप्त हो सके, इसके प्रयास मैदानीकर्मी लगातार करें। उन्होंने सागर संभाग में सामाजिक सुरक्षा पेंशन में हितग्राहियों की केवायसी की धीमी प्रगति पर पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने 30 नवम्बर तक शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए। पुनर्वास केन्द्रों में पदों की पूर्ति के लिए चलेगा अभियान मंत्री कुशवाह ने छतरपुर जिले में जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केन्द्र और शासकीय बौद्धिक दिव्यांगजन के विशेष विद्यालयों में रिक्त पदों पर चिंता व्यक्त कर प्रदेश में सभी पुनर्वास केन्द्रों में पदों की पूर्ति के लिए अभियान चलाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। जैविक खेती के लिए किसानों को प्रेरित करने के निर्देश  सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण के साथ साथ उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे  मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने सागर संभाग में उद्यानिकी विभाग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में किसानों को जैविक खेती के प्रति प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में किसान परम्परागत खेती के साथ-साथ जैविक खेती के माध्यम से बेहतर लाभ कमा सकते हैं। धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई, सहायक संचालक को नोटिस  विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में निवाड़ी जिले की धीमी प्रगति पर मंत्री कुशवाह ने नाराजगी व्यक्त की तथा निवाड़ी के सहायक संचालक उद्यानिकी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश संयुक्त संचालक उद्यानिकी को दिए। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष  श्याम तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

हाईकोर्ट का आदेश: जावेद सिद्दीकी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई पर 15 दिन की रोक

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में महू कैंटोनमेंट क्षेत्र में अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी का पुराना पैतृक मकान इन दिनों सुर्खियों में है. यह चार मंजिला मकान मुकेरी मोहल्ला में है और इसके कुछ हिस्से को महू कैंट बोर्ड ने अवैध निर्माण बताया है. बोर्ड ने हाल ही में नोटिस जारी कर सिर्फ तीन दिन का समय दिया था कि अवैध हिस्सा खुद हटा लें, वरना बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया जाएगा और खर्चा भी वसूला जाएगा. यह मकान मूल रूप से जावेद सिद्दीकी के पिता स्वर्गीय मौलाना हम्माद सिद्दीकी के नाम पर दर्ज है. हम्माद सिद्दीकी कभी महू के शहर काजी रह चुके थे. परिवार ने यह मकान जावेद को गिफ्ट किया था. बाद में जावेद सिद्दीकी ने इसे अब्दुल माजिद नाम के शख्स को गिफ्ट कर दिया. तब से अब्दुल माजिद और उनका परिवार इस मकान में रह रहा है. महू कैंट बोर्ड का कहना है कि यह निर्माण 1996-97 में दिए गए पुराने नोटिस के आधार पर अवैध है. नोटिस में साफ नहीं बताया गया कि मकान का कौन सा हिस्सा गैरकानूनी है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट की 2025 वाली नई गाइडलाइंस का भी पालन नहीं किया गया. बोर्ड ने अवैध बेसमेंट और अतिरिक्त मंजिलों का हवाला दिया है. फिलहाल इस मकान पर बुलडोजर एक्शन नहीं होगा. क्योंकि मकान में रहने वाले अब्दुल माजिद ने इंदौर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका दाखिल की थी. अब्दुल माजिद इस संपत्ति पर अपना क्लेम कर रहे हैं, क्योंकि मकान उन्हें गिफ्ट किया जा चुका है. याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तीन मुख्य आधारों पर 15 दिन का स्टे ऑर्डर दे दिया है: वर्तमान नोटिस में 1996-97 के पुराने नोटिस का जिक्र तो है, लेकिन सही तरीके से नहीं बताया गया. नोटिस में यह साफ नहीं है कि मकान का ठीक कौन सा हिस्सा अवैध है. सुप्रीम कोर्ट की ताजा गाइडलाइंस (2025) का पालन नोटिस में नहीं हुआ. हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों – यानी याचिकाकर्ता और महू कैंट बोर्ड – को अपना पक्ष रखने के लिए 7-7 दिन का समय दिया है. इस तरह कुल 15 दिन बाद मामले की अगली सुनवाई होगी. तब तक बुलडोजर एक्शन पर पूरी तरह रोक लगी हुई है. यह मामला इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि जावेद सिद्दीकी इन दिनों दिल्ली ब्लास्ट और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामलों में जांच के घेरे में है, लेकिन मकान तोड़ने का यह पुराना विवाद अवैध निर्माण से जुड़ा है. अब देखना पक्ष मजबूत रखने के लिए अब्दुल माजिद को राहत मिली है, लेकिन 15 दिन बाद कोर्ट क्या फैसला लेगी, यह देखना बाकी है.

वंदे भारत ट्रेन के नए रैक से इंदौर-नागपुर यात्रा होगी आसान, एक हजार से अधिक यात्री ले सकेंगे सफर

इंदौर  दो साल पहले इंदौर को मिली पहली वंदे भारत ट्रेन के कोच अब रेलवे बढा रहा है। इससे यात्री क्षमता दोगुनी हो जाएगी। 24 नंवबर से चलने वाली ट्रेन के लिए नए रैक आ चुके है। अभी इंदौर-नागपुर वंदे भारत ट्रेन आठ कोचों के साथ चलती है। इसमें 530 सीटें थीं। 16 कोच के बाद एक हजार से ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। रेलवे ने नए रैक वंदे भारत के लिए भेज दिए है। इससे इंदौर से भोपाल जाने वाले यात्रियों को भी फायदा होगा,क्योकि यह ट्रेन भोपाल में भी रुकती है। भोपाल से भी नागपुर जाने के लिए यात्रियों को सुविधा होगी। वंदे भारत ट्रेन में बीते चार माह से सीटें फुल जा रही थी। इस कारण रेलवे ने वंदे भारत के कोच बढ़ा दिए है। इंदौर से नागपुर तक ट्रेन चलाने की मांग हमेशा से उठती रहती है। दो साल पहले इंदौर से भोपाल के बीच वंदे भारत ट्रेन का संचालन शुरू किया था। यह ट्रेन सुबह सवा छह बजे जाती है। इंदौर से भोपाल तक के लिए इस ट्रेन को कम यात्री मिलते थे। बाद में वंदेभारत ट्रेन का विस्तार इंदौर से नागपुर तक किया गया। इसके बाद ट्रेन को अच्छे यात्री मिलने लगे। त्यौहार के समय इस ट्रेन में सीट नहीं मिलती है।   पहले दिल्ली भेज दिए थे रैक वंदे भारत के लिए सितंबर माह में रैक आए थे, लेकिन उसका उपयोग रेलवे ने दिल्ली पटना ट्रेन के लिए कर दिया था। अब वे रैक वापस इंदौर भेजे है। दो दिन पहले रैक इंदौर लाए गए। अब 24 नवंबर से 16 कोच के साथ ट्रेन इंदौर से नागपुर के लिए रवाना होगी। उधर इंदौर नगर निगम ने भी इंदौर से नागपुर के लिए बस सेवा शुरू की है। पिछले दिनों हरी झंडी देकर मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने बस को रवाना किया था।  

भावांतर योजना: सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़ा, अब 4271 रुपए

भोपाल भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 21 नवंबर को 4271 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए और 20 नवंबर को 4267 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए   प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।

मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना होगी और मजबूत, बहनें होंगी मालामाल

भोपाल  प्रदेश की 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों को और सशक्त बनाने के लिए मोहन सरकार नया प्लेटफार्म लेकर आ रही है। यह लाड़ली बहना योजना के तहत ही आएगा। इसमें बहनों को उद्योग धंधे लगाने में अतिरिक्त छूट मिलेगी। वे चाहेंगी तो उन्हें मासिक किस्त का एक मुश्त भुगतान किया जाएगा। रोजगार व स्वरोजगार में योग्यता के आधार पर अतिरिक्त छूट दी जाएगी। ये सभी बदलाव उच्चस्तरीय समिति की सिफारिश के आधार पर होंगे। दरसअल, मप्र से लेकर अन्य राज्यों में भाजपा और एनडीए को चुनाव में संजीवनी देने का मूल आधार मानी जा रही लाड़ली बहना योजना में मोहन सरकार पहली बार बड़ा बदलाव करने जा रही है। योजना के मूल स्वरूप में बदलाव किया जाएगा। यह काम महिला मंत्रियों की उच्च स्तरीय समिति के सुझावों के आधार पर होगा। समिति बनाने पर पिछली कैबिनेट में सहमति बन चुकी है। ये होगी समिति राज्य सरकार अब तक लागू की जा चुकी महिला सशक्तीकरण आधारित योजनाओं की समीक्षा करने जा रही है। यह काम महिलाओं और विशेषज्ञों को करना है। इसमें महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को अध्यक्ष बनाया जा रहा है। मंत्री संपत्तिया उइके, मंत्री कृष्णा गौर, प्रतिमा बागरी व राधा सिंह को शामिल किया जाएगा। समिति गठित करने संबंधी प्रस्ताव बनाया जा रहा है। यह समिति लाड़ली बहना योजना का सूक्ष्मतम अध्ययन करते हुए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करेगी। बदलाव की वजह है विजन डॉक्यूमेंट- 2047 के लक्ष्य विजन डॉक्यूमेंट-2047 के तहत प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार 2029 तक 27.7 लाख करोड़ और 2047 तक 250 लाख करोड़ करने का लक्ष्य है। अभी प्रति व्यक्ति आय 1.6 लाख है। इसे सरकार 2029 तक 3 लाख से अधिक और 2047 तक 22 लाख से अधिक करना चाहती है। सीएम डॉ. मोहन यादव का कहना है कि महिलाओं के आर्थिक रूप से संपन्न होने पर ही यह हो सकेगा। इसलिए उन्हें आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है। यही वजह है कि सरकार महिला कल्याण और सशक्तीकरण से जुड़ी सभी योजनाओं (Ladli Behna Yojana) की समीक्षा करने जा रही है। इसमें मुख्य तौर पर लाड़ली बहना योजना भी है। योजना में ये बदलाव संभव अभी 1500 रुपए प्रति माह दिए जा रहे हैं। यह राशि हर माह न देकर कुछ वर्षों की राशि एक मुश्त दी जा सकती है। ताकि यह उद्योग-धंधे लगाने में काम आए। आगे योजना में शामिल करने के लिए शेष बहनों के लिए पंजीयन को खोला जा सकता है। योजना को पूरी तरह बहनों की आर्थिक समृद्धि में बदला जा सकता है। ताकि मासिक किस्त से ज्यादा वे खुद कमा सकें। इसके लिए बहनों को जनकल्याण की लगभग सभी योजनाओं में अतिरिक्त छूट मिल सकती है। यदि कोई बहना मासिक किस्त की बजाए, अन्य मदद चाहेंगी और वे उसके लिए योग्य होंगी तो उन्हें प्राथमिकता मिलेगी। लाड़ली बहना योजना में ऐसे बढ़ी राशि -लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की शुरुआत मार्च 2023 में हुई। तब हर माह 1.29 करोड़ बहनों को 1000 रुपए दिए जाते थे। -तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राशि में 250 रुपए की वृद्धि की और सितंबर 2023 से 1250 रुपए मिलने लगे। -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 250 रुपए और बढ़ाने का ऐलान किया। 11 नवंबर को 2025 को कैबिनेट में मंजूरी मिली और इसी माह 1.26 करोड़ बहनों को 1500 रुपए ट्रांसफर किए। अब तक लाड़लियों को 45 हजार करोड़ दिए मध्य प्रदेश सरकार अब तक लाड़ली बहनों को 45 हजार करोड़ से अधिक की राशि दी जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुमानित खर्च 20,450.99 करोड़ है। इसमें से भी आधी दी जा चुकी है। नवंबर 2025 से 250 रुपए बढ़ाने के बाद यह खर्च और बढ़ेगा। राज्य हर महीने लाड़लियों पर 1600 करोड़ खर्च कर रही है। इधर, किस्त 3 हजार करने पर राजनीति लाड़ली बहनों को दी जा रही किस्त (Ladli Behna Yojana) पर राजनीति जारी है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कई बार मंचों से कह चुके हैं कि भाजपा ने बहनों को प्रति माह 3000 रुपए देने का वादा किया था। जवाब में भाजपा चरणवार बढ़ोतरी की बात करती रही है।

जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप मामले में छिंदवाड़ा पुलिस की कामयाबी, सप्लायर 3 दिन की रिमांड पर

छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा सहित मध्य प्रदेश में 24 बच्चों की जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से मौत हो गई थी. कफ सिरप में जिस केमिकल की ज्यादा मात्रा मिलाने से वह जानलेवा हो गया था, उसे सफ्लाई करने वाले व्यक्ति को SIT की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है. उसे परासिया कोर्ट में पेश करने के बाद पूछताछ के लिए 3 दिन की रिमांड पर लिया है. श्रेसन कंपनी को डायथिलीन ग्लाइकॉल का सफ्लायर गिरफ्तार छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कफ सिरप कोल्ड ड्रिंक से 24 बच्चों की मौत को लेकर पुलिस ने एसआईटी की टीम गठित की थी. एसआईटी के प्रभारी जितेंद्र सिंह जाट ने बताया कि, ''अब तक इस मामले में 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. श्रेशन कंपनी का कोल्ड्रिफ सिरप जिसमें डायथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा अधिक पाई गई थी, जिसकी वजह से बच्चों की किडनी खराब हो रही थी. इस केमिकल को सप्लाई करने वाले व्यक्ति को भी टीम ने गिरफ्तार कर परासिया कोर्ट में पेश किया है. जहां से पूछताछ के लिए तीन दिनों की रिमांड ली गई है.'' मेडिकल दुकानों में नहीं हो रहा नियमों का पालन, 8 के लाइसेंस सस्पेंड जहरीले कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के बाद जिला औषधि एवं खाद्य विभाग भी लगातार मेडिकल दुकानों पर जांच कर कार्रवाई कर रहा है. इसके चलते परासिया की 7 मेडिकल दुकान और छिंदवाड़ा की एक दुकान पर नियम का पालन नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. दुकानदारों ने सही समय पर उचित कारण नहीं बता पाया इसलिए आठ मेडिकल दुकानों के अलग-अलग दिनों के लिए लाइसेंस सस्पेंड भी किए गए हैं. 1). दिनेश मेडिकल स्टोर परासिया सात दिवस के लिए निलंबित 2). गुप्ता मेडिकल स्टोर 15 दिन के लिए निलंबित छिदवाडा 3). हरसोरिया मेडिकल स्टोर परासिया 12 दिन के लिए निलंबित 4). कैलाश मेडिकल स्टोर परासिया सात दिवस के लिए निलंबित 5). न्यू सिटी मेडिकल स्टोर परासिया 10 दिन के लिए निलंबित 6). निलेश मेडिकल स्टोर परासिया 7 दिन के लिए 7). राय मेडिकल स्टोर परासिया 12 दिन के निलंबित 8). सुमित मेडिकल स्टोर परासिया 7 दिन के लिए सस्पेंड किए गए हैं. छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बैतूल में 24 बच्चों की मौत कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद हो गई थी. सिरप पीने के बाद बच्चों की किडनी फेल हो गई थी. जांच में पाया गया कि बच्चों को दिए गए सिरप में जहरीला पदार्थ मिला हुआ था. इस मामले में सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी के मालिक, उस सिरप को प्रिसक्राइव करने वाले डॉक्टर, मेडिकल स्टोर में बेचने वाले फार्मासिस्ट, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. 

जुबिन नौटियाल ने महाकाल मंदिर में दी भस्म आरती की पूजा, टूर की शुरूआत का किया एलान

उज्जैन  बॉलीवुड के मशहूर सिंगर जुबिन नौटियाल शुक्रवार तड़के उज्जैन पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन कर अपने आने वाले इंडिया टूर की सफलता की प्रार्थना की। सुबह लगभग 4 बजे वे महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल से भस्म आरती में शामिल हुए। शिव भक्ति में पूरी तरह डूबे जुबिन का चेहरा आध्यात्मिक उत्साह से चमक रहा था। दर्शन के बाद उन्होंने देहरी से महाकाल का आशीर्वाद लिया। बताया जाता है कि जुबिन महाकाल के गहरे भक्त हैं—दो साल पहले भी वे भस्म आरती में शामिल होकर भजन प्रस्तुत कर चुके हैं। इस बार भी मंदिर समिति की ओर से सहायक प्रशासक आशीष पलवाडिया ने उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया। जुबिन गुरुवार देर रात इंदौर पहुंचे थे और शुक्रवार दोपहर भोपाल के लिए रवाना होंगे। उनका मल्टी-सिटी इंडिया टूर दिसंबर से शुरू हो रहा है, जिसे लेकर वे बेहद उत्साहित हैं और इसे शुरू करने से पहले महाकाल का आशीर्वाद लेना उन्होंने आवश्यक समझा। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर प्रशासन की व्यवस्था की सराहना की और कहा — "यह मेरा चौथा महाकाल दर्शन है… यहां की भक्ति और श्रद्धा हर बार मन को शांति देती है।

बुरहानपुर में SIR रिव्यू कार्रवाई: लापरवाही पर नोटिस, दो ब्लॉकों को मिला सम्मान

बुरहानपुर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मध्य प्रदेश सहित देश के 12 राज्यों में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम चल रहा है। हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा SIR को लेकर की गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद बुरहानपुर जिले में भी इस कार्य में तेजी आई है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हर्ष सिंह ने बुरहानपुर जिले में SIR कार्य की समीक्षा की। समीक्षा में लापरवाही मिलने पर 17 अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। इनमें 5 बीएलओ सुपरवाइज़र, 7 बीएलओ और 5 नोडल अधिकारी शामिल हैं। वहीं, उत्कृष्ट कार्य करने पर दो बीएलओ को सम्मानित भी किया गया।  मध्य प्रदेश में चल रहे SIR कार्य की प्रगति में बुरहानपुर जिला बुधवार को प्रदेश में 17वें स्थान पर रहा, जबकि शहरी क्षेत्र में प्रदेश की 16 नगर निगमों में बुरहानपुर शहर SIR कार्य में पहले स्थान पर चल रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी हर्ष सिंह ने अपील की है कि मतदाता अपने फॉर्म भरने के बाद अंतिम तारीख का इंतजार न करें। वह तुरंत अपने बीएलओ के पास जाकर फॉर्म जमा कर दें।

मध्य प्रदेश में जनधन खातों का दुरुपयोग, बैतूल पुलिस ने ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्य पकड़े

 बैतूल बैतूल पुलिस ने  साइबर ठगों के शातिर गिरोह का खुलासा किया है। आरोपित अलग अलग तरीकों से ठगी करते थे और यह रकम निकालने के लिए ग्रामीणों के जनधन खाते इस्तेमाल करते थे। इस काम में बैंक का अस्थायी कर्मचारी भी उनकी मदद करता था। पुलिस ने बैंककर्मी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनसे दो लैपटाप, 11 बैंक पासबुक, 21 एटीएम कार्ड, 15 मोबाइल, 25 सिम, दो पीओएस मशीनें और 28 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। चार माह में 1.5 करोड़ का लेनदेन पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के मुताबिक 14 अक्टूबर 2025 को कनारा के मजदूर बिसराम इवने ने शिकायत की थी। खेड़ी सांवलीगढ़ स्थित बैंक आफ महाराष्ट्र में खुले उसके जन धन खाते से चार माह (जून से अक्टूबर तक) में लगभग 1.5 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। पुलिस ने बैंक प्रबंधन के सहयोग से जांच शुरू की तो सात खातों से नौ करोड़ 84 लाख 95 हजार 212 रुपये का लेनदेन सामने आया। ये खाते बिसराम इवने, नर्मदा इवने, मुकेश उइके, नितेश उइके, राजेश बर्डे, अमोल और चंदन के थे। राजेश बर्डे का बैंकखाता उसकी मृत्यु के बाद भी संचालित किया जा रहा था। आरोपित पांच तरीकों से करते थे ठगी पुलिस ने अस्थायी बैंककर्मी राजा उर्फ आयुष चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने कई राज खोले। बताया कि इंदौर निवासी अंकित राजपूत के कहने पर वह ऐसे खाता धारकों की जानकारी दे देता था जो लंबे समय से लेनदेन करने नहीं आते थे। पुलिस ने गिरोह के सरगना इंदौर के नंदानगर निवासी अंकित राजपूत (32) और उसके साथी नरेन्द्र राजपूत (24) को भी गिरफ्तार किया है। तीनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधीक्षक जैन ने बताया कि आनलाइन ठगी के पांच माध्यम सामने आए हैं। इनमें गेमिंग एप, बैटिंग एप, क्रिप्टो करंसी फ्राड, फिशिंग फ्राड समेत अन्य आनलाइन ठगी माध्यम शामिल हैं।

84 साल का रिकॉर्ड टूटा: मध्यप्रदेश में शीतलहर, पचमढ़ी और अन्य शहरों में तापमान बेहद गिरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस नवंबर का मौसम अब तक रिकॉर्ड तोड़ रहा है। 6 नवंबर से शुरू हुई कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने प्रदेशवासियों की सांसें रोक रखी थीं। पचमढ़ी जैसे हिल स्टेशन में पारा 5.8 डिग्री तक गिर गया, जबकि बड़े शहरों जैसे भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी तापमान लगातार 10 डिग्री के नीचे बना रहा।हालांकि, हवाओं का रुख बदलने के साथ अब प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। लगातार गिरावट के बाद तापमान में हल्की वृद्धि होने लगी है, जिससे ठंड और शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, रात में भोपाल में 9.6 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 12.8 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, छतरपुर के नौगांव में 8.5 डिग्री, खरगोन में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री और खंडवा में 9.4 डिग्रीर दर्ज किया गया। बाकी शहरों में भी पारे में गिरावट देखने को मिली है। इस बार प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया। प्रदेश का मालवा-निमाड़ सबसे ठंडा है। भोपाल में तो पिछले 10 दिन से कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चल रही है। यहां अगले 2 दिन भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में शीतलहर का अलर्ट है। कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, खंडवा और खरगोन में तेज शीतलहर का प्रभाव देखा गया। गुरुवार की रात का सबसे कम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में रिकॉर्ड किया गया। भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 12 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में दूसरा सबसे कम तापमान है। नवंबर के पहले सप्ताह में ही कड़ाके की ठंड इस बार नवंबर के पहले सप्ताह से ही प्रदेश में कड़ाके की ठंड है। स्थिति यह है कि रात का पारा लगातार नीचे जा रहा है। इस वजह से भोपाल में नवंबर की सर्दी का पिछले 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। वहीं, इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा सर्दी है। मौसम विभाग ने पूरे नवंबर में तेज ठंड का दौर बरकरार रहने का अनुमान जताया है। अगले दो दिन तक प्रदेश में शीतलहर का अलर्ट है। फिर शीतलहर से थोड़ी राहत मिल सकती है। 22 नवंबर को लो प्रेशर एरिया एक्टिव होगा 22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है। इससे पहले प्रदेश में अगले 2 दिन तक शीतलहर का अलर्ट है। इस बार नवंबर में पहले सप्ताह में ही तेज ठंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। आम तौर पर दूसरे सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर है। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। इस महीने औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम… भोपाल: इस बार टूट गया ओवरऑल रिकॉर्ड नवंबर में भोपाल में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था, लेकिन इस साल 16 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री रहा। इस तरह नवंबर की सर्दी का ओवरऑल रिकॉर्ड बन गया है। यहां इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। दिन का तापमान और कोहरा दिन में अधिकतम तापमान उज्जैन में 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, जबलपुर के भेड़ाघाट में घना कोहरा छाया रहा। इस तरह, प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बेहद बदलता रहा। लो प्रेशर एरिया और भविष्य का पूर्वानुमान मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 22 नवंबर से दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया सक्रिय होने जा रहा है। भोपाल मौसम केंद्र के मुताबिक, मलक्का जलडमरूमध्य के ऊपर 5.8 किलोमीटर तक ऊपरी हवा चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 22 नवंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह डिप्रेशन 24 नवंबर तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों में विकसित हो सकता है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तरी-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए अगले 48 घंटों में और अधिक तीव्र होने की संभावना है। इस प्रभाव के चलते अगले 3-4 दिन प्रदेश में तापमान में हल्की वृद्धि देखने को मिलेगी। उसके बाद फिर से ठंड और शीतलहर का सिलसिला शुरू होने की संभावना है। इंदौर: 5.6 डिग्री तक जा चुका न्यूनतम पारा इंदौर में नवंबर में ठंड का असर रहता है। खासकर दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। इंदौर में कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है।   MP के शहरों में तापमान एमपी के इन शहरों में इतना टेम्प्रेचर शहर रात का तापमान राजगढ़ 7.5 पचमढ़ी (नर्मदापुरम) 7.6 गिरवर (शाजापुर) 7.8 शिवपुरी 8.0 नौगांव (छतरपुर) 8.3 खंडवा 8.4 नरसिंहपुर 8.8 खरगोन 9.0 उमरिया 9.0 रायसेन 9.6 छिंदवाड़ा 10.0 रतलाम 10.1 रीवा 10.1 मलाजखंड (बालाघाट) 10.7 मंडला 10.8 बैतूल 11.0 दतिया 11.3 गुना 11.4 खजुराहो (छतरपुर) 11.8 दमोह 12.0 धार 12.1 श्योपुर 12.4 सतना 12.4 सिवनी 12.6 सीधी 12.6 सागर 13.9 नर्मदापुरम 14.1 नोट: 19-20 नवंबर की रात का, डिग्री सेल्सियस में … 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