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विजय नगर, जबलपुर में 20 साल से बनी अवैध चौपाटी हटाई गई, नगर निगम ने चलाया बुलडोजर

जबलपुर  जबलपुर शहर में विजयनगर स्थित चौपाटी को अवैध करार देते हुए शुक्रवार को नगर निगम ने हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह-सुबह दल बल के साथ पहुंचे अतिक्रमण निरोधक दल ने बुलडोजर चलाकर विजयनगर सड़क के किनारे काबिज चौपाटी को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान चौपाटी में खानपान के स्टॉल हटाते शेड को तोड़ना शुरू कर दिए। इसके विरोध में चौपाटी संचालको ने सड़क पर धरना प्रदर्शन कर कुछ देर के लिए सड़क जाम कर दी। पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक हटाया और फिर उन्हें 2 घंटे की मोहलत दी गई, यह कहते हुए कि स्वयं अपना सामान हटा लें अन्यथा कार्रवाई के दौरान टूट-फूट हो सकती है। 2 घंटे पूरे होने पर नगर निगम ने अनाउंस करते हुए कारवाई शुरू कर दी है। विजयनगर चौपाटी करीब 20 साल पहले आबाद हुई थी, लेकिन उस समय नगर निगम ने ध्यान नहीं दिया और अब कार्रवाई कर रहा है।  

छतरपुर हादसा: मंत्री के काफिले से टकराया ई-रिक्शा, बुजुर्ग समेत छह लोग घायल

 छतरपुर   छतरपुर जिले के लवकुशनगर थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार के काफिले में शामिल एक वाहन ने बसंतपुर तिराहे के पास एक ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में 70 वर्षीय बुजुर्ग साहब सिंह के दोनों पैर कट गए, जबकि छह अन्य लोग घायल हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, बुदौरा गांव निवासी साहब सिंह दिवाली की खरीदारी कर लवकुशनगर से लौट रहे थे। ई-रिक्शा में कुल सात सवारियां थीं। जैसे ही वाहन गौरीहार मार्ग के पास पहुंचा, मंत्री के काफिले में शामिल एक गाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दी। ई-रिक्शा पलट गया और उसमें सवार लोग सड़क पर जा गिरे। हादसे में साहब सिंह के दोनों पैर कट गए। घायलों को पुलिस वाहन से तुरंत लवकुशनगर अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद साहब सिंह को जिला अस्पताल छतरपुर, और फिर गंभीर हालत के चलते ग्वालियर रेफर किया गया। परिजनों ने बताया कि राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार उस समय बरहा गांव में दशहरा मिलन समारोह से लौट रहे थे। काफिले के पीछे चल रहे एक वाहन ने ई-रिक्शा को टक्कर मारी। लवकुशनगर एसडीओपी नवीन दुबे ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि एक वाहन ने ई-रिक्शा को टक्कर मारी थी। एक व्यक्ति के पैर टूटने की जानकारी मिली है। वाहन की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक व्यवस्था संभाली और जांच शुरू कर दी है।

त्योहारी सीजन में यात्रियों को तोहफा, हिसार-वलसाड़ के बीच चलेगी दिवाली स्पेशल ट्रेन

मंदसौर  दिवाली पर नियमित ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती भीड व लंबी वेटिंग लिस्ट के चलते अतिरिक्त़ ट्रेने चलाई जा रही है। इसके तहत ही 16 अक्टूबर से 6 नवंबर हिसार-वलसाड़ साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में 4-4 फेरे करेगी। वहीं यह हरियाणा, राजस्थान, मप्र व गुजरात के यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगी। मंदसौर में वलसाड़ जाने के लिए बुधवार रात 1:10 बजे मिलेगी। वहीं हिसार तरफ जाने के लिए गुरुवार रात 10:48 बजे मिलेगी।     मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन 04727 हिसार-वलसाड़ स्पेशल हिसार से तत्काल प्रभाव से 5 नवंबर तक प्रत्येक बुधवार को दोप. 12.05 बजे प्रस्थान करेगी। ट्रेन चित्तौड़गढ़ (रात 11:15/11:20), नीमच (रात 12:20/12:22), मंदसौर (रात 1:10/1:12), रतलाम (रात 3:15/3:25) एवं दाहोद ( गुरुवार सुबह 5:22/5:24) होते हुए गुरुवार सुबह 11:30 बजे वलसाड़ पहुंचेगी। इसी प्रकार ट्रेन 09728 वलसाड़-हिसार स्पेशल तत्काल प्रभाव से 6 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार को वलसाड़ से दोप. 2:50 बजे प्रस्थान करेगी। दाहोद (शाम 7:46/7:48), रतलाम ( रात 9:20/9:30), मंदसौर (रात 10:48/10:50 बजे), नीमच (रात 11:29/11:31 बजे) एवं चित्तौड़गढ़ (रात 1:30/1:35बजे) होते हुए शुक्रवार दोपहर 2:05 बजे हिसार पहुंचेगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में हांसी, भिवानी, चरखी दादरी, रेवाड़ी, नारनौल, रिंगस, फुलेरा, किशनगढ़, अजमेर, नसीराबाद, बिजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम, दाहोद, गोधरा, वड़ोदरा, भरुच, सूरत एवं नवसारी स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन में फर्स्ट एसी कम सेकंड एसी, सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर एवं सामान्य श्रेणी के कोच शामिल होंगे।  

मध्य प्रदेश में प्रमोशन आरक्षण मामले में हाईकोर्ट ने नहीं दी अंतरिम राहत, सरकार की मुश्किलें बढ़ीं

जबलपुर  प्रमोशन में आरक्षण के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से सरकार को अंतरिम राहत नहीं मिली। गुरुवार को सुनवाई में सरकार ने डीपीसी व प्रमोशन प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति मांगी। कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर कहा कि अब अंतरिम आदेश की जगह अंतिम निर्णय सुनाया जाएगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से कहा, यदि वह चाहे तो वांटिफायबल डेटा सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत कर सकती है। कोर्ट ने अगली सुनवाई 28 और 29 अक्टूबर को तय की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला आने तक प्रमोशन प्रक्रिया पर रोक बनी रहेगी। नई प्रमोशन पॉलिसी 2016 होगी लागू सरकार ने नई प्रमोशन नीति (Promotion Policy MP) को लेकर पक्ष स्पष्ट किया। बताया गया कि नई प्रमोशन पॉलिसी 2016 के बाद हुए प्रमोशन पर लागू होगी, जबकि 2016 से पहले हुए प्रमोशन पुराने नियमों के तहत ही मान्य रहेंगे। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था। कोर्ट ने कहा था कि जब पुरानी पॉलिसी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है तो फिर नई पॉलिसी क्यों लागू की जा रही है। नई पॉलिसी कैसे काम करेगी सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट (MP High Court) ने व्यवहारिक तरीके से सवाल पूछे कि पहले रद्द किए प्रमोशन पर नई पॉलिसी कैसे काम करेगी। कोर्ट ने सरकार को ये बताने को कहा था कि जब पुरानी पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट का कोई फैसला आता है तो उसे सरकार नई पॉलिसी के रहते कैसे लागू करेगी।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गर्भवती माताओं की शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

भोपाल   उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी शीघ्र दूर होगी। स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रिया प्रगतिरत है और शीघ्र ही पर्याप्त चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय स्टाफ की पूर्ति की जाएगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सागर जिले के राहतगढ़ सिविल अस्पताल का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में तत्काल ब्लड स्टोरेज फ्रिज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में रक्त की उपलब्धता बनी रहे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि माह की 9 एवं 25 तारीख को आयोजित होने वाले गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों में शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित की जाए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता है। हर गर्भवती महिला तक समय पर जांच और उपचार की सुविधा पहुँचे इसके लिए पूरे मनोयोग से प्रयास करें। उन्होंने अस्पताल में स्वच्छता और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन-उपयोगी समस्त आवश्यक औषधियों की उपलब्धता हर समय बनी रहे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। टेलीमेडिसिन सेवा से डॉक्टरों की अनुपलब्धता की समस्या काफी हद तक दूर होगी और समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा।

किसान सम्मेलन का आयोजन: भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के किसान होंगे शामिल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में शनिवार 18 अक्टूबर को मुख्यमंत्री निवास पर किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन में नर्मदापुरम, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, रायसेन एवं विदिशा जिले से लगभग 2500 किसान शामिल होंगे। भावांतर योजना की दी जाएगी जानकारी सम्मेलन में किसानों को भावांतर योजना के संबंध में जानकारी दी जाएगी एवं योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। योजना अंतर्गत किसान 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक मंडी में फसल बेच सकेंगे। किसानों को 15 दिवस में भावांतर की राशि उनके आधार लिंक बैंक खातों में सीधे अंतरित की जाएगी। भावांतर योजना के ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन 17 अक्टूबर तक होंगे।  

प्रदेश में चलाया गया दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गो-माता और गो-पालन का हमारी सनातन संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान है। जो गो-पालन करता है वह गोपाल है और जहां गो-पालन होता है वह घर गोकुल है। गो-संरक्षण एवं संवर्धन सरकार की उच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सरकार समाज के सहयोग से निरंतर कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाकर पशुपालक किसानों की आय को दोगुना किया जाएगा। मध्यप्रदेश अपनी प्राकृतिक संपदा के साथ गो-वंश से समृद्ध राज्य है। देश के दुग्ध उत्पादन का लगभग 9प्रतिशत मध्यप्रदेश में होता है। हमारी सरकार का लक्ष्य है इसे 20 प्रतिशत तक ले जाना। इसके लिए प्रदेश के गांव-गांव में दुग्ध समृद्ध‍ि संपर्क चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत पशु चिकित्सक घर-घर जाकर पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के विभिन्न आधुनिक तरीकों, पशुओं में नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य एवं पशु पोषण आदि के संबंध में जानकारी दे रहे हैं। प्रदेश में वर्ष 2024-25 को गो-संरक्षण एवं संवर्धन वर्ष के रूप में मनाया गया। हर जिले में मनाया जाएगा गोवर्धन पर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 21 अक्टूबर को गोवर्धन पर्व लोक अनुष्ठान और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार मनाया जाए। आयोजन में गौशालाओं तथा पशुपालकों को विशेष रूप से सहभागी बनाया जाए। साथ ही गोवर्धन पर्व पर पशुपालन तथा दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में विशेष उपलब्धियां दर्ज करने और नवाचार करने वाले उद्यमियों को सम्मानित भी किया जाएगा। प्रदेश की गौ-शालाओं में गोवर्धन पर्व का सामुदायिक आयोजन होगा। गोवर्धन पर्व का मुख्य आयोजन रवीन्द्र भवन भोपाल में किया जाएगा, जिसमें गोवर्धन पूजन, परिक्रमा, अन्नकूट भोग मुख्य होगा। इस अवसर पर पशुचारक समुदायों की कला, बरेदी और ठाट्या नृत्य आदि का प्रस्तुतीकरण होगा। कार्यक्रम में जैविक उत्पादक, दुग्ध उत्पाद, गोबर आधारित शिल्प के स्टॉल लगाए जाएंगे, साथ ही पशुपालन, कृषि, सहकारिता विभाग की योजनाओं की जानकारी देने के लिए विशेष व्यवस्था होगी। इसके साथ ही ग्रामीण आजीविका के लिए दुग्ध उत्पादन और वृंदावन ग्राम योजना के विस्तार के लिए भी गतिविधियों का संचालन होगा। गोवर्धन पर्व पर सभी जिलों में गतिविधियां संचालित की जाएंगी। आंगनवाड़ी केंद्रों में पंचगव्य उत्पाद जैसे घी, दूध, पनीर और दही से बनी सामग्री का वितरण किया जाएगा। प्रदेश में चलाया गया दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत गांव गांव में घर-घर जाकर पशुपालकों को पशुओं में नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान, पशुओं के टीकाकरण, उनकी स्वास्थ्य रक्षा, संतुलित पशु आहार, पशु पोषण आदि के बारे में तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी गई। पशुपालकों को उपलब्ध संसाधनों में कम खर्च पर अधिक दूध उत्पादन करने और ज्यादा लाभ कमाने के बारे में जागरूक किया गया। अभियान के प्रथम चरण के अंतर्गत विभाग के अधिकारी–कर्मचारियों द्वारा 10 या अधिक गौवंश–भैंस वंश पालने वाले पशुपालकों से संवाद करने के लक्ष्य अनुसार समस्त जिलों में तीन लाख 70 हजार से अधिक पशुपालकों से उनके घर पहुंचकर भेंट की और उन्हें पशुपालन के संबंध में जानकारी दी, साथ ही उनकी समस्याओं का निराकरण भी किया। अभियान के दौरान मुख्य फोकस पशुओं के दुग्ध उत्पादन को बढ़ाकर पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने पर रहा. अभियान के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, संभागीय आयुक्त, जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों और समाज के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भी विभिन्न स्थानों पर पशुपालकों से भेंट की गई और उन्हें दूध उत्पादन और पशुपालन से ज्यादा लाभ उठाने के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई एवं पशुपालकों के अनुभव भी साझा किए गए। किसानों और पशुपालकों ने भी उत्साहपूर्वक इस अभियान में सहभागिता की। गो-शालाओं की अनुदान राशि में वृद्धि मध्यप्रदेश शासन गो-पालन, गो-संवर्धन व गो-वंश के बेहतर व्यवस्थापन के लिए कृत संकल्पित है। राज्य शासन ने गो-शालाओं में गो-वंश के आहार आदि के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को 20 रुपये प्रति गो-वंश प्रतिदिन से बढ़ाकर 40रुपये प्रति गो-वंश प्रतिदिन कर दिया है। गो-शालाओं में उपलब्ध गो-वंश के भरण-पोषण के लिए 2 वर्ष पहले तक 90 करोड़ रूपये का बजट था, जिसे पिछले वर्ष बढ़ा कर 250 करोड रूपये किया गया। वित्त वर्ष 2025-26 में इस राशि को बढ़ा कर 600 करोड़ रूपये कर दिया गया है। गो-वंश के व्यवस्थापन के लिए डीबीटी के माध्यम से अनुदान की राशि सीधे गो-शालाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। प्रत्येक माह लगभग 50 करोड़ रूपये की राशि गो-शालाओं को अंतरित की जा रही है। 1000 से अधिक नवीन गो- शालाएं वर्तमान में प्रदेश में 2900 गो-शालाएं संचालित है, जिनमें लगभग 4 लाख 25 हजार गो-वंश का व्यवस्थापन किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में मुख्यमंत्री गो-सेवा योजना के अंतर्गत 2203 गो-शालाएं निर्मित कर संचालित की जा रही हैं, जिनमें 2 लाख 11हजार गो-वंश का व्यवस्थापन किया जा रहा है। विगत एक वर्ष में 1000 से अधिक नवीन गो-शालाएं प्रारंभ की गई हैं, जिनमें एक लाख से अधिक गो-वंश का व्यवस्थापन किया जा रहा है। नगरीय क्षेत्रों में उपलब्ध गो-वंश के आश्रय एवं भरण-पोषण के लिए नगर पालिक निगम ग्वालियर, उज्जैन औरइंदौर में वृहद गौशालाएं खोली गई हैं। भोपाल में 69.18 एकड़ भूमि पर 10,000 गौवंश क्षमता की वृहद गो-शाला का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिसकी कुल लागत लगभग 45करोड़ रूपये है। 

बूथ रणनीति 2025: कांग्रेस तैनात करेगी 73,000 कार्यकर्ताओं को, जांच होगी दो स्तर पर

भोपाल मध्य प्रदेश में कांग्रेस सभी बूथों पर कार्यकर्ता तैनात करेगी। इनका चयन क्षेत्र में सक्रियता के आधार पर होगा। विधानसभा क्षेत्र प्रभारी इनका सत्यापन करेंगे। मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य प्रभारी से इस पर मुहर लगवाई जाएगी। यदि दोनों की रिपोर्ट कार्यकर्ता के पक्ष में आती है तो फिर जिला अध्यक्ष इन्हें नियुक्त करेंगे। प्रदेश कांग्रेस इन सभी को प्रशिक्षित करेगी और ये बूथ प्रबंधन का संपूर्ण काम देखेंगे। मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य पर नजर रखने का पूरा जिम्मा इनका ही रहेगा। कांग्रेस प्रदेश में संगठन वर्ष मना रही है। इसमें हर स्तर पर नई टीम बनाई जा रही है। इसी कड़ी में अब 73 हजार मतदान केंद्रों पर पार्टी कार्यकर्ताओं को तैनात किए जाने की योजना है।   दरअसल, अभी तक स्थानीय विधायक या वरिष्ठ नेता के कहने पर बूथ प्रबंधन का जिम्मा दे दिया जाता था लेकिन इस बार बकायदा चयन प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसमें कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए दो स्तर पर जांच का प्रविधान किया है। इनके माध्यम से ही पार्टी बूथ स्तर पर कार्यक्रम संचालित करेगी। प्रदेश स्तर पर दिलाया जाएगा प्रशिक्षण- प्रदेश कांग्रेस के संगठन महामंत्री संजय कामले का कहना है कि प्रदेश में लगभग आठ हजार मतदान केंद्र बढ़ने वाले हैं। इन्हें मिलाकर सख्या 73 हजार से अधिक हो जाएगी। इसके दृष्टिगत जिला अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की तैनाती को प्राथमिकता दें।

4.90 लाख सरकारी स्कूल छात्रों को सरकार का तोहफा, मिलेगी मुफ्त साइकिल

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 4.90 लाख बच्चों को नि:शुल्क साइकिल स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष किया 215 करोड़ बजट का प्रावधान भोपाल  प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों के नामांकन दर और शिक्षा गुणवत्ता सुधार के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग की नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना में इस शैक्षणिक सत्र में 4 लाख 90 हजार बच्चों को साइकिल का वितरण किया गया है। इस वर्ष विभाग ने योजना के लिये 215 करोड़ रूपये के बजट का प्रावधान किया है। योजना के माध्यम से उन बच्चों को नि:शुल्क साइकिल का लाभ दिया जा रहा है, जिन्होंने कक्षा-5 और कक्षा-8 उत्तीर्ण कर ली है। ऐसे विद्यार्थियों के अगली कक्षा की दूरी मजरे टोले की दूरी 2 किलोमीटर या उसे अधिक की दूरी पर हो उन्हीं बच्चों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस योजना में उन बालिकाओं को भी योजना का लाभ दिया जा रहा है जो छात्रावास में रहकर अध्ययन कर रही है। बच्चों को साइकिल की सुविधा स्कूल आने-जाने के लिये प्रदान की गई है। पिछले वर्ष विभाग ने 4 लाख 80 हजार बच्चों को नि:शुल्क साइकिल वितरित की थी। लोक शिक्षण संचालनालय ने साइकिल खरीदी की प्रक्रिया जेम पोर्टल के माध्यम से लघु उद्योग निगम की सहयोग से पूरी की है। बच्चों को साइकिल वितरण के लिये संचालनालय में विस्तृत दिशा निर्देश भी जारी किये थे। कक्षा-6 के बच्चों को 18 इंच और कक्षा-9 के विद्यार्थियों को 20 इंच की साइकिल प्रदाय की गई है।  

दिवाली पर सेहत का आशीर्वाद! महाकाल मंदिर में मिलेंगे रागी लड्डू, ब्लड प्रेशर-शुगर कंट्रोल का दावा

उज्जैन  श्री महाकाल मंदिर का लड्डू प्रसाद यूं तो पहले से ही FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) द्वारा 5 स्टार रेटिंग प्रमाणित है. जो गुणवत्ता और शुद्धता को दर्शाता है. यह प्रसाद देश में सुरक्षित भोग के लिए नंबर 1 है. लेकिन अब इसमें एक और खास प्रसाद को जोड़ा जा रहा है. मंदिर में श्री अन्न रागी के लड्डू प्रसाद की शुरुवात दीपावली पर्व से होने जा रही है. मंदिर समिति का दावा है देश में पहली बार कोई मंदिर रागी के लड्डू को प्रसाद रूप में बेचने जा रहा है. इसमें गुड़ और पंचमेवा भी शामिल रहेगा. बीमारियों से बचाएगा बाबा महाकाल का प्रसाद! हालांकि इसके साथ बेसन के लड्डू भी मिलते रहेंगे. रागी ब्लड प्रेशर एवं शुगर कंट्रोल के लिए फायदेमंद माना जाता है. एनीमिया से भी बचाता है. ऐसे में माना जा रहा है कि, अब महाकाल का प्रसाद ब्लड प्रेशर, शुगर कंट्रोल और एनीमिया से बचाव करेगा. श्री अन्नम रागी के लड्डू कैसे और कहां मिलेंगे? क्या होगी इसकी कीमत? स्वास्थ्य के लिए यह कितने फायदेमंद होंगे? आइए जानते हैं तमाम सवालों के जवाब. खास होने जा रहा है बाबा महाकाल का प्रसाद  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल का धाम लाखों-करोड़ों श्रद्धलुओं की आस्था का खास केंद्र है. मंदिर में प्रसाद के तौर पर बेसन के लड्डू मंदिर समिति द्वारा 'नो प्रॉफिट नो लॉस' में बेचे जाते हैं. मंदिर प्रशासक प्रथम कोशिक के अनुसार, ''श्री अन्न रागी के लड्डू का प्रसाद भी 'नो प्रॉफिट नो लॉस' के साथ मंदिर में दिए जाएंगे. बेसन के लड्डू के बराबर ही रागी के प्रसाद की कीमत होगी. श्रद्धालुओं के पास दोनों खरीदने के ऑप्शन रहेंगे. बाद में अच्छा रिस्पांस मिलता है तो समय अनुसार बदलाव होंगे. मंदिर समिति जल्द ही इसके भाव साझा करेगी.'' क्या है अभी कीमत? मंदिर में मिल रहे बेसन के लड्डू प्रसाद, श्री चिंतामण गणेश मंदिर मार्ग पर श्री महाकालेश्वर लड्डू प्रसाद यूनिट में बनाकर तैयार किए जाते हैं. जहां से प्रसाद मंदिरों के काउंटर तक पहुंचता है. मंदिर में मिलने वाले प्रसाद की कीमत 400रु किलो है. अभी 50रु, 100रु, 200रु और 400रु के अलग अलग पैकेट मिलते हैं. इसी तरह रागी के लड्डू भी मिलेंगे. महाकाल भगवान को भोग के बाद होगी शुरुआत मंदिर प्रशासक प्रथम कोशिक ने बताया, ''दीपावली पर्व पर भगवान को श्री अन्नम रागी के लड्डू प्रसाद का भोग लगाया जाएगा. जिसके बाद लड्डू प्रसाद को मंदिर के अलग-अलग प्रसाद काउंटर से बेचना शुरू कर दिया जाएगा. मंदिर के सभी प्रवेश और निकासी द्वार पर लड्डू प्रसाद के काउंटर बने हुए हैं. मंदिर में प्रसाद के लिए मशीने भी लगी हैं, जहां से श्रद्धालु खुद ही मशीन ऑपरेट कर प्रसाद ले जाते हैं.'' क्या होंगे रागी के लड्डू के फायदे? मंदिर समिति का दावा है कि रागी के लड्डू का ये प्रसाद श्रद्धालुओं के वरदान साबित होगा. श्रीअन्नम रागी के लड्डू जो ब्लड प्रेशर, शुगर कंट्रोल के साथ ही एनीमिया से बचाएंगे, हड्डियों को मजबूत रखेंगे, ऊर्जा का बेहतर स्त्रोत होंगे और त्वचा के लिए फायदेमंद होंगे. रागी में कैल्शियम, मैग्नेशियम और फॉस्फोरस होता है जो हड्डियों को मजबूत करता है. विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो त्वचा के लिए बेहतर है. यह एजिंग के लक्षणों को रोकेगा. इससे शरीर में थकान महसूस नहीं होती, एनर्जी बूस्ट करता है व अन्य फायदे हैं. इसलिए इसे प्रसाद के रूप में देने का विचार मंदिर समिति कर रहा है.