samacharsecretary.com

नवीनीकृत अभिलेखागार से रिकॉर्ड की सुरक्षा और सहज उपलब्धता हुई सुनिश्चित

जबलपुर के राजस्व अभिलेखागार का नवाचार उपयोगी और अनुकरणीय नवीनीकृत अभिलेखागार से रिकॉर्ड की सुरक्षा और सहज उपलब्धता हुई सुनिश्चित आयुक्त जनसंपर्क एवं तत्कालीन कलेक्टर जबलपुर  सक्सेना ने दिया प्रस्तुतिकरण भोपाल  कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन प्रथम सत्र में जबलपुर में राजस्व विभाग के रिकॉर्ड रूम को लेकर हुए नवाचार को उपयोगी तथा अनुकरणीय बताते हुए सराहा गया। इस नवाचार ने जनसामान्य के राजस्व रिकॉर्ड देखने के अनुभव को पूर्णता: बदल दिया है। आयुक्त जनसंपर्क एवं तत्कालीन कलेक्टर जबलपुर  दीपक सक्सेना ने लघु फिल्म के प्रस्तुतिकरण में बताया कि जबलपुर के नवीनीकृत राजस्व अभिलेखागार का वातावरण अब बैंक के लॉकर रूम जैसा है। इस पहल से जनसामान्य के साथ रिकॉर्ड रूम के कर्मचारियों को भी गंदे-बदबूदार वातावरण से मुक्ति मिली है और वे रिकॉर्ड ढूंढ़ने की मशक्कत से मुक्त हुए हैं। परिवारों की पीढ़ियों के लिए विशेष महत्व रखने वाला यह राजस्व रिकॉर्ड न केवल अब सुरक्षित है, अपितु रिकार्ड कहां रखा है, इसके संबंध में भी पारदर्शिता आयी है और आवश्यक जानकारियां अब सभी के लिए सुलभ हैं। इसके तैयार किये गये पोर्टल पर चंद एंट्रियों से पता चल जाता है कि रिकॉर्ड किस रैक-शेल्फ-बॉक्स में किस नंबर पर रखा हुआ है। आवेदक घर बैठे भी यह जानकारी प्राप्त कर सकता है और रिकॉर्ड रूम के बाहर लगाए गए कियोस्क से भी रिकार्ड में केस की लोकेशन का पता लगा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर प्रवास के दौरान जनसामान्य के जीवन को आसान बनाने वाले इस नवाचार की सराहना करते हुए जबलपुर जिला प्रशासन को इस पहल के लिए बधाई दी थी। आयुक्त जनसंपर्क  सक्सेना ने बताया कि प्राय: राजस्व विभाग के रिकॉर्ड रूम की स्थिति सभी जगह एक समान रहती है। बस्तों में दम तोड़ती फाईलों के बारे में जानकारी प्राय: कुछ बाबुओं और भृत्यों तक सीमित रहती थी। जनसामान्य को अपना ही राजस्व रिकॉर्ड नहीं मिल पाता था। इस स्थिति में बदलाव के लिए रिकॉर्ड रूम को रेनोवेट किया गया। लोहे के रैक्स की मरम्मत कर उनका रंग-रोगन और रिकॉर्ड रखने के लिए कपड़े के बस्ते की जगह प्लास्टिक बॉक्स का उपयोग किया गया। हर केस फाईल को बस्ते से निकालकर प्लास्टिक की पन्नी में रखकर प्लास्टिक बॉक्स में जमाया गया। बॉक्स पर रंगीन स्टीकर की मदद से तहसीलवार कलर कोडिंग की गई। बॉक्स पर वर्षवार, मदवार केस के डिटेल स्टीकर पर प्रिंट कर चिपकाए गए। रैक, शेल्फ, प्लास्टिक बॉक्स और उसमें रखी केस फाईल की लोकेशन के हिसाब से कोडिंग की गई। रैक और उसकी शेल्फ को यूनिक नंबर दिया गया। हर केस फाईल और प्लास्टिक बॉक्स पर लोकेशन का कोड नंबर स्टीकर से चिपकाया गया। केस फाईल की लोकेशन संबंधी सारी जानकारी ऑनलाइन एप्लीकेशन तैयार कर उस पर डाल दी गई। सुशासन की ओर इस बढ़े कदम से राजस्व रिकॉर्ड के आकांक्षी व्यक्तियों को रिकॉर्ड प्राप्त करने में सरलता और सुगमता की अनुभूति हो रही है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने छिंदवाड़ा में पीड़ित परिजनों को बंधाया ढांढस

सरकार हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध दोषियों पर की जाएगी सख्त कार्यवाही भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल छिंदवाड़ा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचे और दिवंगत बच्चों के परिजनों से भेंट की। उन्होंने परिवारजनों से बातचीत कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें ढांढस बंधाया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पीड़ा की इस घड़ी में मध्यप्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार इस घटना से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घटना से प्रभावित अन्य बीमार बच्चों के इलाज हेतु उच्च स्तरीय एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण मामले में कहा- हाईकोर्ट को वापस भेजने का फैसला कल हो सकता है

भोपाल  मध्य प्रदेश में 27% OBC आरक्षण के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार ने एक नई टीम बनाई है। सरकार ने सीनियर एडवोकेट और डीएमके सांसद पी विल्सन (senior advocate P Wilson) को हटाकर अब सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने के लिए एक और टीम नियुक्त की है। पहले, विल्सन को सरकार की ओर से हर सुनवाई पर 5.5 लाख रुपए देने थे, क्योंकि वे OBC आरक्षण पर सरकार का पक्ष रख रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने टिप्पणी की है कि क्यों न इन मामलों को अंतिम बहस के लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय को वापस भेज दिया जाए। यह सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जिनका प्रतिनिधित्व आज सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य सांघी ने किया। इसका अर्थ है कि ओबीसी आरक्षण पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा 19/3/2019 को आशिता दुबे मामले में wp 5901/19 में दी गई ओबीसी आरक्षण बढ़ाने पर रोक जारी रहेगी। मध्य प्रदेश सरकार ने आरक्षण के प्रकरणों को फिर बहस के लिए समय के लिए निवेदन किया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रकरणों को 9 अक्टूबर को पुनः सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया ! सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना राज्य के 42 परसेंट रिजर्वेशन की याचिकाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विधान सभा के बनाए गए कानून का उस राज्य की जनसंख्या,भूगोलिक,सामाजिक परिस्थितियों के अंतर्गत परीक्षण हाईकोर्ट करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समस्त अंतरिम आदेश वैकेट करके मामलो को हाईकोर्ट रिमांड करेंगे। ओबीसी वर्ग की ओर से पक्ष रखने वाले वरिष्ठ ओबीसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व अन्य उपस्थित हुए। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मैटर को मेंशन किया। मेहता ने कहा- इसमें बहुत सारे टेक्निकल पक्ष हैं। इसलिए कहीं न कहीं इसकी सुनवाई में समय लग सकता है। इसके समाधान के लिए क्या तरीका निकाला जाए? क्यों न कुछ और तरह का सॉल्यूशन निकाला जाए। कोर्ट ने कहा- और वक्त मांगेंगे तो दिक्कतें बढ़ेंगी इस पर कोर्ट ने कहा कि आप फिर वक्त मांगेंगे तो और समय जाएगा। दिक्कतें बढ़ेंगी। अगले हफ्ते दीवाली है, छुट्टियां हैं। कोर्ट ने कहा, हम ये चाहते हैं कि ये मैटर हाईकोर्ट के फैसले के बाद हमारे पास आए। सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर पिटीशन पहुंची हैं। इस मामले में हाईकोर्ट का कोई फैसला नहीं हैं। छत्तीसगढ़ की तरह अंतरिम राहत दे सकता है SC सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि जिस तरह छत्तीसगढ़ में अंतरिम लाभ दिया गया था। हो सकता है कि मप्र के मामले में भी अंतरिम राहत दे दें। इस पर याचिकाकर्ताओं ने आपत्ति जताई तो कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर जो उपयुक्त समाधान हो सकता है उस पर कल विवेचना करके सुनवाई करेंगे। मामले को वापस हाईकोर्ट भी भेज सकता है सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आप सभी लोग अपने पक्ष बताएं, हो सकता है कि अंतरिम लाभ दे दें या लाभ नहीं भी दें तो हम हाईकोर्ट को डायरेक्ट कर दें। कल आप सब लोग इस बात पर अपने तर्क दें कि इस मामले का कैसे जल्दी समाधान कर सकते हैं। हम इस मामले को हाईकोर्ट भेज दें या अंतरिम राहत देकर हाईकोर्ट भेज दें। क्योंकि हाईकोर्ट को अपने राज्य के बारे में अच्छे से जानकारी होती है। ये रिजर्वेशन का मामला है, इसमें इंदिरा साहनी की कड़ी जरूर है लेकिन ये राज्य से संबंधित मामला है। इसलिए इस मामले में जो सबसे उपयुक्त समाधान हो सकता है उस पर कल सुनवाई करेंगे। कोर्ट ने कहा हम तो चाहते हैं कि कल इस मामले को निपटा ही दें।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने की विद्युत कंपनियों के कामकाज की समीक्षा

रबी सीजन में हो पर्याप्त विद्युत उत्पादन भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत कंपनियों के मुख्यालय जबलपुर स्थि‍त शक्तिभवन में मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी, मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी व मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के कामकाज की समीक्षा करते हुए कहा कि आगामी रबी सीजन के दृष्ट‍िगत ताप विद्युत गृहों से पर्याप्त विद्युत उत्पादन किया जाए, ट्रांसमिशन नेटवर्क की स्थि‍रता व निरतंरता बनाई रखी जाए और मैदानी क्षेत्र में आवश्यकतानुसार वितरण ट्रांसफार्मर की उपलब्धता सुनिश्च‍ित की जाए। समीक्षा बैठक में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री अनय द्विवेदी, मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह, मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक श्री सुनील तिवारी एवं वरिष्ठ अभियंता उपस्थि‍त थे। मंत्री तोमर ने कहा कि रबी सीजन के लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की पर्याप्त व्यवस्था करे कि पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी आगामी रबी सीजन के पूर्व मैदानी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्ध‍ि एवं अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित करने का कार्य समय सीमा से पूर्व कर लें। उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्र में फेल होने वाले ट्रांसफार्मरों को त्वरित रूप से बदलने के लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर का प्रबंधन व भंडारण क्षेत्रीय स्टोर में करें। उन्होंने लंबित नए विद्युत कनेक्शनों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इनकी निर्धारित समय सीमा आठ से पन्द्रह दिनों की अपेक्षा एक सप्ताह की जाए जिससे कि उपभोक्ता को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। मंत्री श्री तोमर ने विद्युत बिलों, विद्युत अवरोध व वितरण ट्रांसफार्मर खराब होने से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करते हुए इसे जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश दिए। रबी सीजन में ताप विद्युत गृहों को निभानी होगी बड़ी भूमिका ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृह का वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है और इसी विश्वसनीय संचालन की आशा आगामी रबी सीजन में की जाती है। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में मध्यप्रदेश में विद्युत की मांग लगभग 20200 मेगावाट होने की संभावना है, ऐसे समय में विद्युत की मांग को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों को बड़ी भूमिका निभानी होगी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इसके लिए विद्युत गृहों में कोयले का पर्याप्त भंडारण व प्रबंधन होना भी जरूरी है और इसकी समय समय पर समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि सारनी व चचाई में स्थापित होने वाली 660 मेगावाट की विद्युत इकाईयों के निर्माण में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि नई विद्युत इकाईयों की स्थापना का कार्य मार्च 2026 तक प्रारंभ कर दिया जाए। विश्वसनीय पारेषण व्यवस्था कायम रखें ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की समीक्षा करते हुए कहा कि रबी सीजन में ट्रांसमिशन लाइनों की ट्रिपिंग नियंत्रि‍त करते हुए सतत् व विश्वसनीय विद्युत पारेषण किया जाए जिससे प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में विद्युत की कमी परिलक्षि‍त न हो। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा किसी भी स्थि‍ति से निबटने के लिए 50 एमवीए से 500 एमवीए तक पावर ट्रांसफार्मर की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि सारनी व चचाई में स्थापित होने वाली नई यूनिट से उत्पादित होने वाली विद्युत निकासी के लिए ट्रांसमिशन कंपनी अपना नेटवर्क समय पूर्व तैयार करे। ऊर्जा मंत्री ने सिंहस्थ 2028 के लिए पावर ट्रांसमिशन कंपनी की तैयारी की समीक्षा भी की। ऊर्जा मंत्री ने किया पालनाघर का उद्घाटन ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जबलपुर प्रवास के दौरान पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी के पालनाघर, स्मार्ट मीटरिंग मानीटरिंग सेंटर, ऑनलाइन परमिट, आईटी पार्क में क्व‍िक हेल्पडेस्क, वी-मित्र का उद्घाटन किया। ऊर्जा मंत्री ने कॉलसेंटर में नियुक्त दिव्यांग व विधवा महिलाओं को प्रेरणा सम्मान के तहत् सम्मानित भी किया।  

तकनीक और परंपरा के संगम से सिंहस्थ-2028 को मिलेगा स्मार्ट स्वरूप

11 राज्यों की 36 टीम ने प्रस्तुत किए डिजिटल नवाचार हैकाथॉन-2025 का ग्रैंड फिनाले आईआईएसईआर भोपाल में प्रारंभ भोपाल उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन-2025 का ग्रैंड फिनाले बुधवार को भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) भोपाल में प्रारंभ हुआ। दो दिवसीय आयोजन में भारत के 11 राज्यों की प्रतिभाएं एक मंच पर आईं और सिंहस्थ-2028 को तकनीक के जरिए और बेहतर बनाने के लिए डिजिटल समाधान प्रस्तुत किए। हैकाथॉन में 26 राज्यों से 1,726 पंजीकरण हुए और 932 नवीन विचार प्रस्तुत किए गए। कड़े मूल्यांकन के बाद मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा, केरल, गुजरात, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु की 36 टीम फिनाले में पहुंचीं।इस हैकाथॉन ने “एक भारत-एक साथ नवाचार” की भावना को जीवंत किया है। मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस हैकाथॉन-2025 का लक्ष्य शासन, जन सुरक्षा और नागरिक कल्याण के लिए तकनीक का उपयोग करना है। समारोह में आईआईएसईआर भोपाल के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास ने कहा कि “कुंभ मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है। यह हैकाथॉन परंपरा और तकनीक के खूबसूरत मेल को दर्शाता है।” एमपीएसईडीसी के परियोजना निदेशक श्री अंशुमन राज ने इसे सरकारी चुनौतियों को समाधान में बदलने का शानदार अवसर बताया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 नागरिकों के लिए स्मार्ट सुरक्षा प्रणालियाँ विकसित करने का अवसर है। कार्यकारी निदेशक डॉ. संदीप गोयल ने इसे विचारों और विविधता का संगम कहा जो सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन को और बेहतर बनाएगा। समारोह में एनईजीडी के निदेशक श्री अभिषेक अनंत भी उपस्थित थे। 36 फाइनलिस्ट टीम ने स्मार्ट मोबिलिटी, सुरक्षा और निगरानी, स्वास्थ्य और स्वच्छता एवं डिजिटल अनुभव और सांस्कृतिक विसर्जन जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों में अपने प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए। उल्लेखनीय परियोजनाओं में क्राउडगार्ड एआई:वास्तविक समय में सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली प्रणाली, एआई-मूव सिंहस्थ: तीर्थयात्रियों के प्रवाह को प्रबंधित करने का समाधान, एकीकृत पार्किंग प्रबंधन प्लेटफॉर्म (केरल): पार्किंग की समस्या का तकनीकी हल शामिल हैं, दर्शिनी एआई: सांस्कृतिक अनुभव को डिजिटल रूप से जीवंत करने वाला प्रोजेक्ट शामिल हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ओरेकल और आईआईएसईआर के विशेषज्ञों वाले निर्णायक मंडल ने इन नवाचारों की रचनात्मकता की जमकर प्रशंसा की और रचनात्मक सुझाव भी दिए। हैकाथॉन का दूसरा दिन 9 अक्टूबर को अंतिम प्रदर्शन, मूल्यांकन के साथ समाप्त होगा।अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे मुख्य अतिथि होंगे। शीर्ष तीन विजेता टीम को 18 लाख, 5 लाख और 3 लाख रुपये के नकद पुरस्कार के साथ इनक्यूबेशन और मेंटरशिप के अवसर मिलेंगे। उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन-2025 मध्यप्रदेश के तकनीकी नवाचार में अग्रणी भूमिका को रेखांकित करता है। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल भविष्य से जोड़ते हुए समावेशी और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देता है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच हैकाथॉन परंपरा और नवाचार के मेल का प्रतीक बनकर उभरा है, जो राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा प्रभाव छोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  

एडीबी प्रतिनिधिमंडल ने देखा संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क का उत्कृष्ट कौशल विकास मॉडल

भोपाल संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में एशियन डेवलपमेंट बैंक बोर्ड के सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल पहुँचा और संस्थान की आधुनिक अधोसंरचना, प्रशिक्षण सुविधाओं तथा विद्यार्थियों की दक्षता और नवाचारों का अवलोकन किया। प्रतिष्ठित एडीबी प्रतिनिधिमंडल में श्री निम दोरजी, श्री वेइहुआ लियू, सुश्री सुपक चैयावान, सुश्री माया स्वेर्टूप, सुश्री हारुका सेव्या, श्री पोनुराज वेलुसामी, सुश्री लोइस लेई पी. नकारियो, डॉ. व्योमेश पंत और सुश्री पूनम एस. भाम्बरी शामिल रहे। कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क राज्य सरकार और एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से विकसित एक आधुनिक संस्थान है, जो युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विजन मध्यप्रदेश को स्किल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड के रूप में स्थापित करने का है और इस दिशा में एसएसआरजीएसपी जैसी संस्थाएं निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। यहाँ से प्रशिक्षित विद्यार्थी औद्योगिक संस्थानों में जॉब प्राप्त कर रहे हैं और नई तकनीक आधारित स्टार्टअप्स में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। बोर्ड के सदस्यों ने संत शिरोमणि रविदास की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर नमन किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल ने तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह से चर्चा की। मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश शर्मा ने बोर्ड सदस्यों को संस्था में चल रही योजनाओं तथा कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों से जोड़ने के लिए अपनाए गए अभिनव मॉडल से अवगत कराया। ऑडिटोरियम में जीएसपी एंथम के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद एसएसआरजीएसपी की डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई, जिसमें प्रशिक्षण प्रणाली, उद्योग-सहयोग और विद्यार्थियों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाया गया। बोर्ड सदस्यों ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान कौशल शिक्षा में नवाचार और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने मीडिया कक्ष का भ्रमण किया, जहाँ पॉडकास्ट निर्माण, प्रकाशन कार्य और मीडिया प्रबंधन की आधुनिक सुविधाएँ प्रदर्शित की गईं। इसके बाद उन्होंने पुस्तकालय का अवलोकन किया, जहाँ पारंपरिक पुस्तकों के साथ डिजिटल संसाधनों की भी व्यापक व्यवस्था है। विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान उन्होंने उनकी व्यावहारिक शिक्षण पद्धति और ज्ञान के उपयोग की प्रशंसा की। लाइफ स्किल्स क्लब में विद्यार्थियों ने संवाद, नेतृत्व, रचनात्मक सोच और डिजाइन थिंकिंग से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन किया। बोर्ड सदस्यों ने इस पहल को युवाओं में आत्मविश्वास और नवाचार क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। प्रतिनिधिमंडल ने ऑटोट्रॉनिक्स, इंजन वर्कशॉप, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग तथा मेकाट्रॉनिक्स लैब का अवलोकन किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट्स ने उनकी तकनीकी दक्षता और सृजनशीलता को प्रदर्शित किया। भ्रमण के दौरान एडीबी बोर्ड सदस्यों ने एसएसआरजीएसपी कैफेटेरिया में हब एंड स्पोक मॉडल के अंतर्गत संभागीय आईटीआई और स्किल्स पार्क के विद्यार्थियों द्वारा विकसित परियोजनाओं को देखा। छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट्स के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और नवाचार का परिचय दिया, जिसे प्रतिनिधिमंडल ने सराहा। इस अवसर पर एडीबी बोर्ड सदस्यों ने स्टूडेंट्स फर्स्ट पट्टिका का शुभारंभ किया और 'जीएसपी इन नंबर्स' ब्रोशर का अनावरण किया, जिसमें संस्थान की उपलब्धियों और प्रगति की झलक प्रस्तुत की गई है। बोर्ड के सदस्यों और अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। एडीबी बोर्ड सदस्यों ने एसएसआरजीएसपी की अधोसंरचना, प्रशिक्षण प्रणाली और विद्यार्थियों की प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्थान भारत में कौशल विकास का प्रेरणास्रोत है और राज्य के युवाओं को नई दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

जिलों से विलेज एक्शन प्लान शीघ्र तैयार करने की अपेक्षा : मुख्य सचिव जैन

भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने कहा कि नवाचारी प्रयासों से समस्याओं के वैकल्पिक समाधान तलाशें और आदर्श प्रक्रियाएं अपनाएं। जनजातीय विकास की योजनाएं संवेदनशील प्रकृति की होती हैं, इसलिये समय-सीमा का ध्यान रखा जाये। मुख्य सचिव  जैन कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन जनजातीय विकास कार्यों, आदि कर्मयोगी अभियान, पीएम जनमन योजना, धरती आबा जनजाति उत्कर्ष अभियान, वन अधिकार अधिनियम संबंधी विषयों पर कलेक्टर-कमिश्नर से यह बात कही। प्रमुख सचिव जनजाति कार्य  गुलशन बामरा ने प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने कहा आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत सभी जिले शीघ्र ही प्रत्येक ग्राम का विलेज एक्शन प्लान तैयार कर ग्राम सभा से अनुमोदन करवाये। विलेज एक्शन प्लान के आधार पर डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान तैयार होगा और डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान के आधार पर स्टेट एक्शन प्लान तैयार होगा। इस प्रकार तैयार हुए प्लान का नई दिल्ली में प्रस्तुतिकरण होगा और सर्वश्रेष्ठ प्लान को पुरस्कृत किया जाएगा। कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि आदि कर्मयोगी अभियान में 14 हजार 40 लक्षित गांव के 10 हजार 893 विलेज एक्शन प्लान बन चुके हैं। इन गांवों में 11 हजार 394 आदि सेवा केंद्र स्थापित हो चुके हैं। आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान जन धन, जाति प्रमाण-पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज जारी किए गए उनकी संख्या 17 लाख 70 हजार 745 है। प्रतुतिकरण में बताया गया कि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश में उत्कृष्ट कार्य हुआ है। आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज उपलब्ध कराने में 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। आयुष्मान कार्ड जारी करने में शिवपुऱी, मैहर, रायसेन, कटनी और भिंड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। लंबित जाति प्रमाण पत्र जारी करने में जबलपुर, रायसेन और सिवनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। सभी जिलों से अधोसंरचनात्मक कार्य जैसे हॉस्टल निर्माण, सड़क निर्माण, आंगनवाड़ी भवन निर्माण, बहुउद्देशीय सेंटर निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिये गये।  बामरा ने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 15 नवंबर को राष्ट्रव्यापी जनजाति गौरव दिवस का आयोजन किया जाएगा। सभी जिलों से पीएम जनमन के अंतर्गत आने वाली योजनाओं में निर्धारित कार्यों को 15 नवंबर से पहले पूरा कर ले। अपर मुख्य सचिव‍वन  अशोक बर्णवाल ने जिला कलेक्टर्स से वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दिसंबर 2025 तक पूर्व के निरस्त दावों का पुनः परीक्षण कर निराकरण करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि सामाजिक सामुदायिक वन संधारण के संरक्षण एवं प्रबंधन के अधिकारों की मान्यता के लिए जिलेवार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप दिसंबर तक कार्रवाई पूरी करें और लंबित दावों का निराकरण करें। वन ग्रामों के राजस्व गांव में परिवर्तन करने के लिए अपनाई गई आदर्श प्रक्रिया के आधार पर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश जिलों को दिये, जिससे सभी वन अधिकार-पत्र धारकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। वर्तमान में 29 जिलों में कुल 792 वन ग्रामों के परिवर्तन की कार्यवाही प्रचलन में है। संरक्षण क्षेत्र में स्थित 66 वन ग्रामों में कार्रवाई शेष है। इन वन ग्रामों की बाहरी सीमाओं का निर्धारण एवं नक्शा तैयार किया जाना है और कब्जे तथा वयस्कता का निर्धारण कराकर वन अधिकार पत्र के लिए पात्रता निर्धारित की जाना है। वन अधिकार के दावों का निराकरण करने में भोपाल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर छतरपुर ने उच्च प्रदर्शन किया है। उत्कृष्ट कार्यों का हुआ प्रेजेन्टेशन आदि सेवा केन्द्रों की स्थापना में बड़वानी खरगोन, नरसिंहपुर, सीहोर और इंदौर जिलों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। सत्र में बैतूल जिले ने आदि कामयोगी अभियान शिवपुरी ने पीएम जनमन आवास, शहडोल ने पीएम जनमन आधार कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र एवं आयुष्मान कार्ड वितरण संबंधी कार्य एवं बालाघाट ने वन अधिकार दावों के निराकरण पर प्रस्तुतिकरण दिया।  

मुख्य सचिव जैन का संदेश: ग्रामीण विकास के लिए अधोसंरचना और हितग्राही योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी

ग्रामीण विकास के लिए अधोसंरचना विकास और हितग्राही मूलक योजनाओं का हो बेहतर क्रियान्वयन : मुख्य सचिव  जैन स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ायें जिला कलेक्टर्स ने दी नवाचारों की जानकारी भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने कहा है कि विकसित प्रदेश का मुख्य आधार है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसरंचना निर्माण और विकास के साथ हितग्राहीमूलक योजनाएँ संचालित हैं। जिला कलेक्टर्स एवं मुख्यकार्यपालन अधिकारी विकास के साथ योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे स्वच्छता एवं पर्यावरण संबंधी अभियानों में ग्रामीणों की भागीदारी को सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि सुशासन और अंत्योदय को सफल बनाने के मूल मापदंड के अनुसार कार्य करें। मुख्य सचिव  जैन कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन ग्रामीण विकास विभाग के सत्र को संबोधित कर रहे थे। कॉन्फ्रेंस में समृद्ध ग्राम एवं विकास खंडों के पुनर्विकास के लिए समावेशी कार्ययोजना पर विशेष ज़ोर दिया गया। साथ ही पंचायतों के राजस्व सुदृढ़ीकरण पर भी चर्चा की गई। अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास मती दीपाली रस्तोगी ने मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि जबलपुर, इंदौर, नीमच एवं पन्ना के 14 ग्रामों का चयन किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और प्रधानमंत्री जनधन और धरती आबा कार्यक्रम की प्रगति की जानकारी दी। कलेक्टरों से कहा गया कि ग्रामीण विकास की योजनाओं में समयबद्ध प्रगति के लिए मैदानी अमले का दायित्व निर्धारण करें। ग्रामीण विकास के संदर्भ में विजन डॉक्यूमेंट 2047 पर एक्शन प्वाइंट पर चर्चा की गई। साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान की भी समीक्षा की गई लखपति दीदी अभियान को और सशक्त बनाने की अपेक्षा कलक्टरों से की। प्रेजेन्टेशन में बताया गया कि लखपति दीदी योजना में सिंगरौली, टीकमगढ़ और देवास में सबसे बेहतर काम पाया गया। ज़िलों ने अपने उत्कृष्ट कार्यों का किया प्रस्तुतिकरण कॉन्फ्रेंस में विभिन्न ज़िलों के कलेक्टर ने अपने जिलों में हुए नवाचारों और बेहतर कार्यों का प्रस्तुतिकरण दिया। कलेक्टर खंडवा ने आत्मनिर्भर गौ-शाला और जल संवर्धन अभियान, रायसेन ने जलगंगा संवर्धन अभियान, छिंदवाड़ा ने वाश ऑन व्हील, बड़वानी ने एफआरए पट्टा होल्डर और जिला सीधी ने बेलहा डैम पुनर्जीवन की प्रस्तुति दी।  

अवैध शराब विक्रेताओं पर मैहर पुलिस की कार्यवाही लगातार जारी

  61 लीटर अवैध शराब सहित 01 आरोपी गिरफ्तार                मैहर पुलिस अधीक्षक मैहर श्री अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मैहर  डॉ. चंचल नागर एवं अनु0अधि0 पुलिस अमरपाटन श्रीमती ख्याति मिश्रा के मार्गदर्शन व थाना प्रभारी ताला निरी. महेन्द्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व मे सहयोगी स्टाफ द्वारा अवैध शराब की बिक्री से जुड़े आरोपी के विरुद्ध की गई कार्यवाही घटना का संक्षिप्त विवरणः- दिनांक 07.10.25 को थाना ताला पुलिस द्वारा बेला गोविंदगढ़ मार्ग तमरा रोड पर देर रात वाहन चेकिंग के दौरान मोटर साइकिल चालक के कब्जे से 61 लीटर अवैध शराब जप्त की गई।  वाहन चैकिंग के दौरान पुलिस को मोटर साइकिल क्रमांक MP19MQ0323 के चालक विपुल चौरसिया जिसने अपनी मोटरसाईकिल के पीछे बोरी में सामान बांधा हुआ था पर संदेह हुआ। सन्देह के आधार पर पुलिस के द्वारा चालक के वाहन में रखे सामान की तलाशी ली गई तो उसमें  अवैध शराब के कार्टून मिले  ।आरोपी  विपुल चौरसिया पिता शिवप्रसाद चौरसिया उम्र 37 वर्ष निवासी ग्राम झिन्ना थाना ताला जिला मैहर (म.प्र.) के कब्जे से 06  कार्टून में प्रिंस कंपनी की देशी शराब एवं 02  कार्टून में गोआ कंपनी की शराब कुल  61 लीटर 380 एमएल  कीमती 28,420 रुपये की होना पायी गयी   जिसे जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया एवम उसके  विरुद्ध  अपराध क्र. 280/25 धारा 34(2) आबकारी एक्ट का पंजीबद्ध कर आरोपी को न्यायालय पेश किया गया है । जप्ती- 1.    देशी प्लेन शराब कुल 61 लीटर 380 ML कीमती 28,420 रुपये 2.    बजाज कंपनी की विक्रांता मोटर साइकिल क्रमांक MP19MQ0323 गिरफ्तार आरोपी- विपुल चौरसिया पिता शिवप्रसाद चौरसिया उम्र 37 वर्ष निवासी ग्राम झिन्ना थाना ताला जिला मैहर (म.प्र.) सराहनीय भूमिका- निरी. महेन्द्र कुमार मिश्रा थाना प्रभारी ताला, उप निरी श्री नागेश्वर मिश्रा , प्र.आर. इच्छालाल तिवारी, प्र.आर. चंदन शुक्ला,आर आशीष मिश्रा, सैनिक नरेंद्र तिवारी सैनिक कमलेंद्र सिंह

उत्तम स्वामी नाराज, मोहन यादव न आने पर CM ने माफी देकर शांत किया विवाद

सीहोर मध्यप्रदेश में सीहोर जिले के सलकनपुर आश्रम में शरद पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अनुपस्थिति पर उत्तम स्वामी महाराज ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई। उन्होंने मंच से कहा कि 'जिसके पास सेवा प्रकल्प के लिए दो घंटे नहीं हैं, वो हमारे मंच पर नहीं चाहिए।' स्वामी महाराज ने कहा कि चाहे कोई भी हो, उन्हें राजनीति नहीं करनी है, वे भगवान की नीति पर चलने वाले लोग हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री को उन्होंने स्वयं आमंत्रित नहीं किया था, यह निमंत्रण तपन भौमिक द्वारा दिया गया था, इसलिए उन्होंने ऑनलाइन जोड़ने की आवश्यकता नहीं समझी। स्वामी महाराज की नाराजगी के बाद कार्यक्रम पदाधिकारियों के आग्रह पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से उत्तम स्वामी महाराज से माफी मांगी और कहा कि यह तपन भौमिक की गलती थी, उन्होंने पहले ही उन्हें न आने की सूचना दी थी। माफी के बाद मुख्यमंत्री ने स्वामी जी से जयकारे भी लगवाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वामी जी के बच्चे हैं और आगे भी गलती होने पर माफी मांगते रहेंगे। उनकी माफी से कार्यक्रम का माहौल पुनः सौहार्दपूर्ण हो गया। शरद पूर्णिमा महोत्सव तीन दिवसीय आयोजन के रूप में संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्वर्गीय प्रभाकर राव केलकर स्मृति में गोवंश आधारित जैविक कृषि पुरस्कार और स्वर्गीय भगवत शरण माथुर स्मृति में उत्कृष्ट नर्मदा सेवा पुरस्कार वितरित किए गए। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ल, मंत्री करण सिंह वर्मा, गौतम टेटवाल, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, तपन भौमिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। नर्मदा परिक्रमा वासियों के लिए भोजन एवं ठहरने की व्यवस्था जैसे सेवा प्रयासों की भी सराहना की गई।