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मध्य प्रदेश के भिंड में भीषण दुर्घटना, ट्रक-बाइक भिड़ंत में 5 की जान गई

भिंड मध्य प्रदेश के भिंड जिले में मंगलवार सुबह एक कैंटर-ट्रक के हाईवे पर दो मोटरसाइकिलों से टकरा जाने से पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यह घटना फूप थाना क्षेत्र के अंतर्गत भिंड-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पुलिया के पास हुई। फूप थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि टेढ़ी पुलिया के पास ट्रक और मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर में एक महिला और एक बच्ची समेत पांच लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस मृतकों की पहचान करने की कोशिश कर रही है और घटना की जांच जारी है।  

लाड़ली बहना आवास योजना की पहली लिस्ट जारी, 5 लाख महिलाओं को मिलेगा घर का सपना

भोपाल  मध्य प्रदेश की 1.27 करोड़ से ज्यादा लाड़ली बहनों के लिए प्रदेश की सीएम मोहन यादव सरकार ने बड़ी राहत दी है। इस योजना से जुड़ी महिलाओं को लाड़ली बहना आवास योजना के तहत आवास दिए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने ऐसी 5 लाख महिलाओं की सूची जारी कर दी है। आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ कैसे मिलेगा, आवेदन कैसे करें, अपना नाम कैसे चेक करें और कैसे नाम जोड़वाएं। कौन कर सकता है आवेदन?  इस योजना का लाभ उन्हें मिलेगा जो मध्यप्रदेश के निवासी हैं और जो कच्चे मकान में रह रही हैं। इसके अलावा, जो महिलाएं प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं प्राप्त कर पाईं, वे भी लाड़ली बहना आवास योजना का लाभ ले सकेंगी। योजना में पात्र महिलाएं वे हैं जिनके खातों में हर महीने 1250 रुपये की किस्त आती है। लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। मोहन सरकार का मानना है कि जब महिला के पास पक्का मकान होगा, तो उसे न केवल सुरक्षा मिलेगी बल्कि उसका आत्मसम्मान भी बढ़ेगा। इससे वह आत्मनिर्भर बन सकेगी और अपनी स्थिति को सशक्त रूप से सुधार सकेगी। लाड़ली बहनों को मिलेगा पक्का मकान मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना की पात्र महिलाएं अब खुद के घर का सपना सच होते देख सकेंगी। सीएम मोहन यादव ने घोषणा की है कि सभी पात्र महिलाओं को सरकार की ओर से पक्का घर दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सरकार लाड़ली बहनों को छत का आसरा देने के लिए उन्हें आर्थिक सहायता देगी। जानें किन्हें मिलेगा इस योजना का लाभ? मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार पक्के घर के लिए आर्थिक सहायता राशि देने की इस योजना का लाभ उन महिलाओं को दे रही है, जो पहले से ही इस योजना (Ladli Behna Yojana) से जुड़ी हुई हैं। उनके खातों में हर महीने आने वाली किस्त के 1250 रुपए आते हैं। इसके लिए मध्यप्रदेश का निवासी होना जरूरी है। जो कच्चे मकान में रह रही हैं या फिर जिन महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिला हो, वे ही इस योजना का लाभ ले सकेंगी। आवेदन प्रक्रिया और नाम चेक करने का तरीका  आवेदन प्रक्रिया बहुत सरल है। महिला को अपनी पात्रता की पुष्टि करने के लिए अपने गांव या नगर निगम कार्यालय में आवेदन करना होगा। इसके अलावा, वे ऑनलाइन माध्यम से भी अपने नाम की जांच कर सकती हैं और नाम जुड़वाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। मोहन सरकार का ऐतिहासिक कदम इस योजना का नाम है लाड़ली बहना आवास योजना (Ladli Behna Awas yojana)। ये योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में मोहन सरकार का ऐतिहासिक कदम है। सरकार का मानना है कि जब महिला के पास पक्का मकान होगा, तो वह सुरक्षा के साथ ही आत्मसम्मान भी महसूस करेगी। आत्मनिर्भरता में उसकी भागीदारी बढ़ेगी। बताया जा रहा है किमध्य प्रदेश की लाड़ली बहना आवास योजना (Ladli Behna Awas yojana) के लिए ग्रामीण सूची भी जारी की गई है। इस योजना के तहत पहले चरण में प्रदेश की 5 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। जल्द ही अन्य महिलाओं के नाम की लिस्ट में इस आवास योजना के लिए जारी किए जाएंगे। ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल सके। पहले चरण के तहत पक्के मकानों का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने जा रहा है। हितग्राही महिलाएं अपना नाम आधिकारिक वेबसाइट cmladlibehnayojana.com पर जाकर चैक कर सकती हैं। इसके लिए लाभार्थी सूची (cmladlibehnamp.gov.in list) का विकल्प चुनें। इसके बाद ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करना होगा। अब बॉक्स में अपना नाम टाइप करें, पति का नाम और कैप्चा कोड को फिल करें। इस जानकारी को भरते ही लिस्ट आपके सामने होगी, आप देख सकेंगी की लाभार्थियों की सूची में आपका नाम है या नहीं। जिनके पास नहीं इंटरनेट या स्मार्ट फोन, उन्हें भी मिलेगा लाभ योजना का लाभ उन महिलाओं को भी मिल सकेगा, जिनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है या स्मार्ट फोन उपलब्ध नहीं है। अगर आप भी ऐसी ही महिलाओं में से एक हैं, तो अपने गांव के जनसेवा केंद्र, पंचायत कार्यालय और ग्राम सचिवालय में जाकर लाभार्थी सूची की जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। वहां अधिकारी आपकी हर संभव मदद करेंगे। लिस्ट में नहीं नाम, तो करें ये काम अगर किसी महिला का नाम सूची (ladli behna awas yojana list) में नहीं आता है, जबकि उसने आवेदन दिया है, तो वह ग्राम पंचायत सचिव या जनसेवा केंद्र से संपर्क कर सकती है। इसके साथ ही आधिकारिक पोर्टल पर भी महिला सूची में अपना नाम देख सकती है। वह अपने द्वारा दिए गए आवेदन की स्थिति की जानकारी भी ले सकती है।

आत्माओं को तृप्त करने की अनोखी रिवायत, उज्जैन में मदिरा की 27KM लंबी धारा

उज्जैन उज्जैन में शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर आज सुख-समृद्धि के लिए नगर पूजा हुई. कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सुबह 7.30 बजे चौबीस खंभा स्थित माता महामाया व महालया को मदिरा का भोग लगाकर पूजा की शुरुआत की. इसके बाद शासकीय अधिकारी व कोटवारों का दल शहर के विभिन्न स्थानों में स्थित 40 से अधिक देवी व भैरव मंदिर में ढोल ढमाकों के साथ रवाना हुए. इस दौरान नगर के करीब 27 किलो मीटर लंबे नगर पूजा मार्ग पर मदिरा की धार लगाई जा रही है. साथ ही पूड़ी, भजिए, गेहूं व चने की घुघरी अर्पित की जाएगी. मान्यता है ऐसा करने से नगर में मौजूद अतृप्त आत्माएं तृप्त होती हैं तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती है. धर्मधानी उज्जैन में नगर पूजा की परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के काल से चली आ रही है. आजादी के बाद से नगर पूजा करा रही सरकार कालांतर में राजा महाराजा इस परंपरा का निर्वहन करते आए हैं. स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सरकार की ओर से नगर पूजा कराई जा रही है. आज नगर पूजा का शुभारंभ चौबीस खंभा माता मंदिर से हुआ. मान्यता है कि यह प्राचीन उज्जैन का मुख्य द्वार है. इस द्वार के दोनों ओर माता महामाया व महालया विराजित है. इसीलिए आज सुबह सर्वप्रथम कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा ने यही से पूजन की शुरुआत की. इसके बाद शहर के अन्य देवी व भैरव मंदिरों में पूजा की जा रही है. मान्यता है कि देवी भैरव आदि अनादिकाल से इस नगर की सुरक्षा कर रहे हैं. उन्हीं के आशीर्वाद से प्रजाजन सुखी व संपन्न रहते हैं. देवताओं की कृपा सदा सर्वदा बनी रहे, इसलिए प्रतिवर्ष शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर राजा द्वारा देवी भैरव के पूजन की परंपरा है. आज सुबह चौबीस खंभा माता मंदिर से सुबह नगर पूजा की शुरुआत हुई. सुबह से शाम तक करीब 12 घंटे पूजा अर्चना का सिलसिला चलता है. रात 8 बजे गढ़कालिका माता मंदिर के समीप हांडी फोड़ भैरव मंदिर में पूजा अर्चना के साथ नगर पूजा संपन्न होती है. 14 घंटे चलती है नगर पूजा उज्जैन में की जाने वाली ये नगर पूजा लगभग 14 घंटों में पूरी होती है. सुबह 7.30 बजे सबसे पहले देवी महामाया और महालया का शराब को भोग लगाने से ये पूजा शुरू होती है. 40 मंदिरों में पूजा करते-करते रात करीब 7.30 बजे इस पूजा का समापन होता है. नगर पूजा के अंतर्गत देवी और भैरव मंदिरों में शराब का भोग लगाते हैं और हनुमान मंदिरों के मंदिर में ध्वजा अर्पित की जाती है. 40 अलग-अलग मंदिरों में पूजा करने के बाद शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम हांडी फोड़ भैरव मंदिर पहुंचती है. यहां इस पूजा का समापन होता है और शराब से भरी मटकी फोड़ दी जाती है. इस पूजा के लिए आबकारी विभाग 31 बोतल शराब अपनी ओर से देता है. इस पूजा में सिंदूर, कुंकुम, अबीर, मेहंदी, चूड़ी, नारियल, चना, सिंघाड़ा, पूरी-भजिए, दूध, दही, इत्र आदि 40 तरह की चीजों का उपयोग किया जाता है.

लाखों की लागत से बने सामुदायिक के शौचालयों में कई साल से लटक रहे ताले

जनकपुर  जनपदक्षेत्र मिली जानकारी के अनुसारभरतपुर में कई सामुदायिक शौचालय अपूर्ण हैं क्योंकि स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्माण तो हुआ है, लेकिन संचालन और रखरखाव की कमी है,जिससे कई शौचालय अनुपयोगी हैंभ्रष्टाचार के कारण भी निर्माण कार्य बाधित हुआ है, जिसके चलते शौचालयों में ताले लगे हैं एमसीबी जिला का है जहां अविभाजित कोरिया जिला अंतर्गत जनपद क्षेत्र भरतपुर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कुल 53 सामुदायिक शौचालय की स्वीकृति दिनांक 8 दिसम्बर 2020 को मिली थी। जहां प्रति सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की लागत 4 लाख 40 हजार रूपए थी। जिसमें 3 दुकान के साथ सामुदायिक शौचालय भी बनना था। जिसकी निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत थी।  कागज़ों में निर्माण कार्य पूर्ण दिखाकर राशि ख़र्च कर दिया गया। मगर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। क्षेत्र के  लोगों ने बताया कि जहां जनपद क्षेत्र भरतपुर अंतर्गत लगभग 50 सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य आज भी अधूरा है क्योंकि किसी सामुदायिक शौचालय में पानी की सुविधा नहीं है क्योंकि किसी सामुदायिक शौचालय में पानी की टंकी नहीं लगाई गई। और बिना पानी के शौचालय का होना व्यर्थ है। जनकपुर,ककलेडी,मसर्रा,बेनीपुरा,चुटकी,तिलौली,चांटी, च्यूल, सेमरिया,जैंती,बरहोरी,फूलझर,कुवांरपुर,खमरौध , ,जुईली,घघरा , अक्तवार जैसे कई ग्राम पंचायत में बने सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य आज भी अधूरा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी भरतपुर अजय सिंह राठौर का कहना है कि जांच करवाता हूं। निर्माण के समय जो सचिव ग्राम पंचायत पर पदस्थ थे उनसे जानकारी लेकर कार्य पूर्ण करवाने को कहा जाएगा।

दशहरे पर बारिश का अलर्ट: MP में अगले 4 दिन हल्की बरसात और तेज हवा का अनुमान

भोपाल  विदाई के बीच इस सप्ताह मध्यप्रदेश में मानसूनी बारिश की एक और झड़ी लगेगी। मौसम विभाग के अनुसार, 1 अक्टूबर से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इससे दशहरे के दिन भी कई जिलों में बारिश हो सकती है। दक्षिणी हिस्से में ज्यादा असर रहेगा। फिलहाल हल्की बारिश का अलर्ट।  मध्यप्रदेश में इस बार बारिश के बीच रावण दहन होगा। नए सिस्टम की वजह से मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस वजह से वाटरप्रूफ पुतलों की डिमांड बढ़ गई है। भोपाल में सजे रावण के पुतलों की मंडी यानी, बाजार में वाटरप्रूफ पुतले की मांग की जा रही है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, अगले 4 दिन तक प्रदेश में हल्की बारिश होने का अनुमान है। गरज-चमक और तेज हवा की स्थिति भी बनी रही। पांचवें दिन से तेज बारिश का दौर फिर से शुरू हो सकता है। इससे पहले सोमवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। ग्वालियर से मानसून लौट गया है, लेकिन सोमवार को यहां 9 घंटे में सवा इंच पानी बरस गया। भोपाल, दतिया, खरगोन, बड़वानी, नर्मदापुरम, मंडला, सागर में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। साल 2022 में भी यही स्थिति बनी थी। भोपाल में पेट्रोल छिड़ककर पुतले जलाने पड़े थे। हालांकि, ग्वालियर-उज्जैन समेत प्रदेश के 12 जिलों से मानसून पूरी तरह से लौट चुका है, लेकिन 1 अक्टूबर से एक्टिव हो रहे नए सिस्टम का असर इन जिलों में भी देखने को मिल सकता है। पिछले 3 दिन से यहां हल्की बारिश हो रही है। इधर, लिंक रोड नंबर-2 पर ही वन विभाग का मुख्यालय भी है। इसके ठीक सामने रावण के पुतलों का बाजार सजा है। ऐसे में सोमवार दोपहर में बाजार हटाने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। कई कारीगर ऑफिस के बाहर पहुंचे और दुकान हटाने का विरोध करने लगे। पुलिस भी मौके पर पहुंची। हालांकि, बाद में मामला शांत हो गया। बड़वानी जिला मुख्यालय से 11 किलोमीटर दूर तलवाड़ा बुजुर्ग गांव के खेतों में बारिश का पानी घुस गया। स्थानीय किसान राकेश मुकाती ने कहा- तीन हेक्टेयर खेत में लगी भिंडी और मक्के की फसल खराब हो गई है। करीब 80 हजार रुपए का नुकसान हुआ। वहीं, खरगोन में नमी की वजह से कपास की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। मंडी में नीलामी एक सप्ताह के लिए रोक दी गई है। किसान अपने घरों में तो जिनिंग संचालक फैक्ट्री परिसर में कपास सुखा रहे हैं। केके फायबर्स के संचालक प्रितेश अग्रवाल ने कहा- जिनिंग फैक्ट्री में सूखने के लिए रखा 700 क्विंटल कपास गीला होकर बह गया। बारिश के कारण किसान खेतों से कपास की चुनाई नहीं करा पा रहे हैं। गीला कपास पौधों से टूटकर गिर रहा है।  भोपाल में 40 फीट तक ऊंचे पुतले भोपाल के बांसखेड़ी, तुलसी नगर, ईंटखेड़ी समेत कई स्थानों पर करीब 300 कारीगर पुतले तैयार कर रहे हैं। बाजार में 5 फीट से लेकर 40 फीट तक ऊंचे पुतले हैं। जिनकी कीमत 50 हजार रुपए तक है। शहर में छोटे-बड़े करीब 7 हजार पुतलों का दहन होगा। कारीगर वैदिक कुमार वंशकार ने बताया, बारिश की वजह से मार्केट धीमा है। अभी 10 से 12 ऑर्डर ही आए हैं। पिछले साल ज्यादा आए थे। वॉटरप्रूफ पुतले की डिमांड तो है, लेकिन उसकी लागत अधिक आती है। पुतलों पर प्लास्टिक पेंट भी कर रहे हैं। कारीगर प्रेम बंसल ने बताया, बारिश की वजह से पुतलों को सहेजना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि अब तक लोग पुतले लेकर नहीं गए हैं। दशहरे को सिर्फ 3 दिन बचे हैं। यदि बारिश होती है तो ज्यादा दिक्कतें होंगी। इस बार महंगे हैं पुतले कारीगर प्रेम ने बताया कि इस बार पुतले की लागत बढ़ी है। बांस, कपड़ा, धागा समेत अन्य सामग्री के रेट बढ़ गए हैं। जो पुतले हम ग्राहक को देते हैं, वे बिना पटाखों के होते हैं। यदि कोई पुतलों में पटाखे रखवाना चाहेंगे तो उसकी कीमत बढ़ जाएगी। दो साल से दशहरे पर बारिश का दौर बता दें कि 2022 में 5 अक्टूबर को दशहरा था। इस समय प्रदेश से मानसून की वापस हो रही थी। इस वजह से कई जिलों में तेज बारिश हुई थी। इससे मध्यप्रदेश में दशहरे पर रावण के पुतले को श्रीराम के बाण से पहले ही इंद्र के बाणों का सामना करना पड़ा था। बारिश की वजह से राजधानी में भी रावण के पुतले भीग गए थे। बांसखेड़ी इलाके में कारीगरों को पुतले बस स्टॉप में रखना पड़े थे। इससे उन्हें खासा नुकसान हुआ था। एक सप्ताह बाद से विदाई शुरू होगी नया सिस्टम बनने की वजह से प्रदेश में मानसून की विदाई फिलहाल नहीं होगी। एक सप्ताह के बाद मानसून लौटने लगेगा। बता दें कि अब तक प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम भी शामिल हैं। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग की माने तो मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है। बता दें कि इस साल मानसून ने मध्यप्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। समय से एक दिन बाद मानसून प्रदेश में एंटर हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों से मानसून विदा हो जाता है, लेकिन नया सिस्टम बनने से विदाई की तारीख आगे भी बढ़ सकती है। अब तक 122 प्रतिशत बारिश बता दें, प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 45.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 37.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.2 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। अब तक 122 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।

माखनलाल विश्वविद्यालय के छात्र पर फर्जी खातों का आरोप, पुलिस ने बिहार से किया गिरफ्तार

भोपाल  माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष अमन कुमार को बिहार की मोतिहारी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अमन पिछले दो साल से फर्जी बैंक खातों का जाल फैला रहा था। उसने न सिर्फ बिहार के लोगों के नाम पर खाते खुलवाए बल्कि भोपाल में भी खाते खोले। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि अमन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का छात्र था, लेकिन कम हाजिरी के चलते उसे छह महीने पहले ही विश्वविद्यालय से अलग कर दिया गया था।  

यूनाइटेड स्पिरिट्स की जमीन पर जांच शुरू, ईओडब्ल्यू ने विजय माल्या से जुड़े मामले को लिया निशाने पर

भोपाल   सहारा समूह की बेशकीमती जमीन के गड़बड़झाले के बाद अब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने विजय माल्या के आधिपत्य वाली यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड के जमीन से जुड़े मामले की जांच शुरू की है। रातीबड़ के किसानों ने ईओडब्ल्यू से 20.16 एकड़ जमीन से जुड़े मामले को लेकर शिकायत की थी। ईओडब्ल्यू (EOW) ने माल्या की कंपनी के बेंगलूरु दफ्तर को नोटिस भेजा है। आरोप है कि जमीन विटारी डिस्लरी की है। माल्या की कंपनी अपना बता बेचने का प्रयास कर रही है। प्राथमिक पड़ताल में सामने आया है कि हर्ष पैकेजिंग की ओर से भोपाल की इस जमीन पर कब्जा जताया जा रहा है। दावा है कि उन्होंने जमीन बोली के जरिए खरीदी। बेचने वाली यूनाइटेड स्पिरिट्स खुद इस जमीन का कागजों में मालिकाना हक नहीं रखती। जांच के लिए ईओडब्ल्यू ने हर्ष पैकेजिंग को नोटिस जारी कर किया है। ऐसे समझिए विवाद – 1999 में विटारी डिस्टलरीज ने 20 एकड़ जमीन खरीदी। चार एकड़ में प्लांट और 16 एकड़ में किसान खेती के लिए थी। – मई 2001 में विटारी का माल्या की मैगडॉवल स्पिरिट्स लि. में कोर्ट के जरिए विलय हो गया, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में जमीन विटारी के नाम रही। – 2019 में नामांतरण की फाइल बढ़ाई तो जिला डिप्टी रजिस्ट्रार ने स्टाम्प शुल्क पेनल्टी सहित 3.50 करोड़ तय किए। – 26 मार्च 2023 को कंपनी ने 1.59 स्टाम्प शुल्क जमा किया तो तहसीलदार ने 20 जून 2023 को यूनाइटेड स्पिरिट्स के रिकॉर्ड में दर्ज किया। – 2023 में शुल्क बदलकर 1.59 करोड़ कर दिया। इस पर काफी विवाद हुआ। – किसानों ने कब्जे को लेकर विवाद किया तो 12 जुलाई 2023 को यूनाइटेड स्पिरिट्स का नामांतरण निरस्त कर दिया गया। – 21 अक्टूबर 2024 को तहसीलदार ने फिर से यूनाइटेड स्पिरिट्स का नामांतरण दर्ज कर दिया। बिना रजिस्ट्री के बेचने नियुक्त किए दो प्रतिनिधि जमीन 1999 में विटारी डिस्लरी प्रालि. ने खरीदी। बाद में विलय मेसर्स मैगडॉवल स्पिरिट्स लि. में हो गया। 2006 में केंद्र ने मैगडॉवल से यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमि. कर दिया। रिकॉर्ड में जमीन विटारी के नाम रही। माल्या के प्रतिनिधि गुलाम, राकेश सिन्हा ने कलेक्टर न्यायालय ऑफ स्टाम्प में आवेदन कर नामांतरण का प्रयास किया।

एनएचआरसी ने मांगा जवाब: MP के मदरसों में 556 हिंदू बच्चों के धर्मांतरण का आरोप

भोपाल  राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) के पास पहुंची शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मध्य प्रदेश के मदरसों में हिंदू बच्चों के मतांतरण का रैकेट चल रहा है। प्रदेश के 27 मदरसों में 556 हिंदू बच्चों को निशाना बनाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने मामले में एफआइआर दर्ज कराने की मांग की है। आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली एनएचआरसी की पीठ ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव से 15 दिन में जवाब मांगा है। प्रमुख सचिव को भेजे पत्र में आयोग ने कहा है कि मदरसे शिक्षा के अधिकार अधिनियम के दायरे से बाहर हैं। ऐसे में यह समझ से परे है कि हिंदू बच्चों को वहां कैसे और क्यों प्रवेश दिया जाता है।  NHRC ने मांगी रिपोर्ट, कानूनगो बोले-सरकार बंद करें ग्रांट एनएचआरसी के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने बताया कि आयोग को 26 सितंबर को एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदेश में अवैध धर्मांतरण का गिरोह सक्रिय है, जो 556 हिन्दू बच्चों को 27 अवैध मदरसों में दाखिला देकर उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया कि ये मदरसे मुरैना, इसलामपुरा, जौरा, पोरसा, अंबाह, कैलारस, संबलगढ़ और अन्य क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। बिना सरकारी अनुमति के ये संस्थान हिन्दू बच्चों को कुरान और हदीस की शिक्षा दे रहे हैं, जो किशोर न्याय (देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 का उल्लंघन है। सरकार ग्रांट देना तुरंत बंद कर दें  प्रियांक कानूनगो ने कहा कि मध्य प्रदेश में पिछली कई वषों से समस्या चल रही है। मध्य प्रदेश में मदरसा संचालक हिंदू बच्चों को प्रवेश देते है और कुरान पढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि मदरसा शिक्षा केंद्र नहीं है। यह धार्मिक परंपरा सीखाने के केंद्र हैं। राज्य सरकारों को मदरसों को ग्रांट देने का काम तुरंत बंद कर देना चाहिए। यह सरकार का काम नहीं है।   शिकायतकर्ता का आरोप एनएचआरसी को 26 सितंबर को भेजी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुरैना, इस्लामपुरा, जौरा, पौरसा, अंबाह, कैलारस, संबलगढ़ और अन्य क्षेत्रों में स्थित ये मदरसे, किशोर न्याय (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 का उल्लंघन करते हुए, बिना उचित सरकारी अनुमति के हिंदू नाबालिगों को कुरान और हदीस पढ़ा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 28(3) और 16 अगस्त 2024 को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश का उल्लंघन है, जिसमें गैर-इस्लामी बच्चों को इस्लामी मदरसों में पढ़ने से रोक दिया गया है। इसके अलावा यह आरोप भी लगाया गया कि इस रैकेट का अवैध विदेशी फंडिंग और राष्ट्र-विरोधी तत्वों से संबंध हो सकता है। 

एमपी की पहली तेजस ट्रेन का संचालन बढ़ा, इंदौर-मुंबई रूट पर अब 29 नवंबर तक सेवा

इंदौर  मध्य प्रदेश की औद्योगिक नगरी इंदौर और मुंबई के बीच चलने वाली तेजस ट्रेन संचालित हो रही है। मध्य प्रदेश की पहली तेजस सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट आया है। यात्रियों की बढ़ती मांग और सुविधा को देखते हुए इसके संचालन को तीसरी बार बढ़ा दिया गया है। रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीना ने जानकारी दी कि मुंबई सेंट्रल से इंदौर के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 09085/09086 मुंबई सेंट्रल-इंदौर तेजस सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन के फेरों का विस्तार किया गया है। गाड़ी संख्या 09085 मुंबई सेंट्रल-इंदौर तेजस स्पेशल ट्रेन जो पहले 29 सितंबर 2025 तक चलनी थी। वह अब 28 नवंबर 2025 तक मुंबई सेंट्रल से इंदौर के लिए रवाना होगी। ट्रेन संख्या 09085 हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को रात 11:20 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 1 बजे इंदौर पहुंचेगी। इसी तरह, इंदौर से मुंबई के लिए ट्रेन संख्या 09086 हर मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को शाम 5 बजे चलेगी और दूसरे दिन सुबह 7:10 बजे मुंबई पहुंचेगी। ट्रेन का अंतिम फेरा अब 29 नवंबर तक होगा। इन जगहों पर रहेगा स्टॉपेज तेजस एक्सप्रेस मुंबई और इंदौर के बीच बोरिवली, वापी, सूरत, वडोदरा, दाहोद, रतलाम और उज्जैन स्टेशनों पर ठहरेगी। ट्रेन में फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और थर्ड एसी की सुविधा रहेगी। किराया अन्य ट्रेनों से ज्यादा तेजस एक्सप्रेस का किराया इस रूट की दुरंतो एक्सप्रेस और अवंतिका एक्सप्रेस से अधिक रखा गया है। थर्ड एसी का किराया 1805, सेकंड एसी का किराया 2430 जबकि फर्स्ट एसी का किराया 3800 है। जबकि दुरंतो एक्सप्रेस में फर्स्ट एसी का किराया 3425 और अवंतिका एक्सप्रेस में 2870 है। यात्रा का समय भी ज्यादा तेजस ट्रेन, दुरंतो ट्रेन और अवंतिका की तुलना में अधिक समय लेगी। दुरंतो एक्सप्रेस इंदौर से मुंबई का सफर 11 घंटे 10 मिनट में पूरा करती है। वही अवंतिका एक्सप्रेस 12 घंटे 15 मिनट में पहुंचती है। जबकि तेजस एक्सप्रेस को 14 घंटे 10 मिनट का समय लगेगा। तेजस ट्रेन की खासियत तेजस एक्सप्रेस देश की पहली कॉर्पोरेट ट्रेन है जिसे आईआरसीटीसी संचालित करता है। इसमें एलसीडी स्क्रीन, वाई-फाई, स्वचालित दरवाजे, बायो-वैक्यूम टॉयलेट और आरामदायक सीटें जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। बुकिंग शुरू और सीटें उपलब्ध तेजस ट्रेन की बुकिंग 21 जुलाई से शुरू हो चुकी है।मुंबई से 23 जुलाई की ट्रेन में थर्ड एसी में 338, सेकंड एसी में 112 और फर्स्ट एसी में 81 सीटें उपलब्ध हैं। इंदौर से 24 जुलाई की ट्रेन में थर्ड एसी में 317 सीटें, सेकंड एसी में 101 और फर्स्ट एसी में 77 सीटें खाली हैं।

पाथ ग्रुप पर ED का शिकंजा, अनिल अंबानी केस से कनेक्शन और करोड़ों की हेराफेरी की जांच

इंदौर  प्रदेश के औद्योगिक शहर इंदौर में मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने छापामार कार्रवाई की है। ईडी ने पाथ इंडिया ग्रुप के ठिकानों पर अचानक रेड की है। तड़के करीब 6 बजे ईडी की टीम पांच से छह गाड़ियों के साथ महू स्थित बंगला नंबर 76 और शहर के अन्य ठिकानों पर पहुंची। टीम ने ग्रुप से जुड़े कार्यालयों और निदेशकों के आवासों में तलाशी अभियान शुरू किया। मीडिया को छापामारी स्थल पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। कौन हैं पाथ ग्रुप के डायरेक्टर पाथ इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन अग्रवाल हैं। कंपनी में निपुण अग्रवाल, सक्षम अग्रवाल, नीति अग्रवाल और संतोष अग्रवाल डायरेक्टर हैं। इसके अलावा आशीष अग्रवाल और आदित्य उपाध्याय को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर जोड़ा गया है। साथ ही कंपनी की मैनेजमेंट टीम में राजेश झमानी (सीनियर जनरल मैनेजर), संजय कुमार बोरसे (जीएम), जेपी मिश्रा (सीजीएम एचआर एंड एडमिन), नुकुंज परमार (जीएम फाइनेंस), मनीष शर्मा (जीएम टोल ऑपरेशन), अनुज गोयल (जीएम कॉन्ट्रैक्ट्स), अनुराग सुराना (सीनियर जीएम मैकेनिकल), हेमंत गर्ग (सीएस), विशाल मुदगल (जीएम मार्केटिंग), नवनीत शर्मा, सुलतान अहमद खान और असरफ हुसैन कुरैशी (चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर) शामिल हैं। ईडी ने इन सभी से जुड़े दस्तावेजों और लेन-देन की गहन जांच शुरू कर दी है। अनिल अंबानी केस से जुड़ रही कड़ी सूत्रों का कहना है कि यह छापेमारी अनिल अंबानी से संबंधित बैंक लोन घोटाले की जांच का हिस्सा है। जानकारी के मुताबिक अंबानी की एक कंपनी और पाथ ग्रुप के बीच कई निर्माण परियोजनाओं को लेकर करार हुए थे। ईडी को शक है कि इन समझौतों के बहाने करोड़ों रुपए की हेराफेरी की गई। 10 साल पहले भी पड़ी थी रेड करीब दस साल पहले भी पाथ ग्रुप पर आयकर विभाग ने दबिश दी थी। तब खुलासा हुआ था कि राजस्थान में एक हाईवे निर्माण प्रोजेक्ट का ठेका अनिल अंबानी की कंपनी को मिला था। जिसे पाथ ग्रुप को सब-कॉन्ट्रैक्ट के रूप में सौंपा गया। इस दौरान दो अलग-अलग अनुबंध सामने आए थे। आरोप था कि सीक्रेट एग्रीमेंट के जरिए अतिरिक्त रकम को अलग-अलग कंपनियों के माध्यम से बाहर भेजा गया। बाद में दुबई से वापस भारत लाया गया।