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पूजा सीजन में यात्रियों के लिए खुशखबरी, 3 राज्यों के बीच चलेगी साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन – 24 स्टॉपेज तय

भोपाल   रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए त्योहारी सीजन में विशेष ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। बीकानेर से साईनगर शिर्डी के बीच चलने वाली साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 27 सितंबर से 29 नवंबर 2025 तक चलेगी। 04715 बीकानेर से हर शनिवार दोपहर 1.30 बजे रवाना होगी। यह अगले दिन रात 7 बजे साईनगर शिर्डी पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 04716 साईनगर शिर्डी से रविवार शाम 7.35 बजे चलकर तीसरे दिन सुबह 5 बजे बीकानेर पहुंचेगी। इन स्टेशनों में होगा स्टॉपेज दोनों दिशाओं में 10-10 फेरे लगाए जाएंगे। यह ट्रेन श्री डूंगरगढ़, राजलदेसर, रतनगढ़, चूरू, फतेहपुर शेखावाटी, लक्ष्मणगढ़ सीकर, सीकर, रींगस, ढेहर का बालाजी, जयपुर, दुर्गापुरा, सवाई माधोपुर, कोटा, रामगंजमण्डी, शामगढ़, नागदा, उज्जैन, भोपाल, इटारसी, हरदा, खण्डवा, भुसावल और मनमाड स्टेशनों पर रुकेगी। पीआरओ नवल अग्रवाल ने बताया कि इसके अलावा अजमेर-रांची के बीच भी साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। यह ट्रेन 26 सितंबर से 28 नवंबर तक अजमेर से हर शुक्रवार रात 11.05 बजे चलेगी और रविवार सुबह 7.30 बजे रांची पहुंचेगी। वापसी में रांची से रविवार सुबह 9.15 बजे चलकर सोमवार शाम 6.35 बजे अजमेर पहुंचेगी। रेलवे एरिया मैनेजर का पदभार संभाला रेलवे इटारसी में एरिया मैनेजर की पोस्ट को रेलवे प्रशासन द्वारा पुन: क्रियान्वित किया गया है। जिसमें जगन्नाथ मीना को एरिया मैनेजर की पोस्ट पर पदस्थ किया गया है। उनके पदभार ग्रहण करने के उपरांत इटारसी के रेलकर्मियों ने उनका सम्मान किया। समस्त ट्रेन मैनेजरों द्वारा सामूहिक रूप से पुष्प गुच्छ देकर एरिया मैनेजर का सम्मान किया गया। इस दौरान सीवायएम विनोद चौधरी, अनिल कुमार साबरे, रिपुंजय कुमार सिंह, सुनील कुमार चौहान, रविंद्र चौधरी, धीरज झा, योगेंद्र विश्वकर्मा, दिव्या सोनी, राहुल साहू उपस्थित रहे।

पीएमओ जैसी कार्यप्रणाली पर मोहन यादव का सचिवालय, फैसलों का केंद्र बना

भोपाल   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सचिवालय पीएमओ और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की तर्ज पर धीरे-धीरे सिंगल पावर सेंटर के रूप में विकसित हो गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा में 1993 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नीरज मंडलोई ने दो महीने पहले मुख्यमंत्री सचिवालय के अपर मुख्य सचिव का कार्यभार संभाला और इस छोटी सी समयावधि में उन्होंने मुख्यमंत्री का विश्वास अर्जित करने में सफलता हासिल की है। यह पहली बार हो रहा है जब नीरज मंडलोई ने मुख्यमंत्री सचिवालय की सभी शाखाओं के कार्यों को स्ट्रीमलाइन किया है। वे स्वयं इन कार्यों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग करते हैं। फाइलों की ट्रैकिंग में तेजी आई है। खासतौर पर मुख्यमंत्री के समक्ष आने वाले आवेदनों में ए प्लस और मॉनिटरिंग के महत्वपूर्ण मामलों से संबंधित एक चार्ट प्रतिदिन मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, जिससे मुख्यमंत्री को यह मालूम पड़ जाता है कि कौन से कार्य लंबित हैं, कौन से महत्वपूर्ण हैं और किन कार्यों को तत्काल किया जाना है। इसके साथ ही राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी इस सचिवालय को मजबूत किया गया है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सचिवालय ही अब सिंगल पावर सेंटर बन गया है। आखिर फूट ही पड़ा दो मंत्रियों का गुस्सा, मुख्यमंत्री भी नहीं रोक पाए ग्वालियर की लगातार हो रही उपेक्षा को लेकर आखिर वहां के स्थानीय मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट का गुस्सा कैबिनेट मीटिंग में सामने आ ही गया। हुआ यह कि जब बैठक के दौरान ग्वालियर के मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, जो प्रदेश के उर्जा मंत्री भी हैं, ने यह कहा कि ग्वालियर शहर की स्थिति बदतर होती जा रही है, सड़कों पर गड्ढे बढ़ते जा रहे हैं, हालात नर्क जैसे हो गए हैं। हालत यह है कि नगर निगम कमिश्नर और कलेक्टर हमारी भी नहीं सुनते हैं। सीएम ने कहा कि इस बारे में वह अपने केबिन में बात कर सकते हैं, लेकिन तोमर माने नहीं और अपनी बात को जोरदार तरीके से प्रस्तुत करते रहे, इतना ही नहीं प्रदेश के जल संसाधन मंत्री और ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने भी ऊर्जा मंत्री का समर्थन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को ऊर्जा मंत्री की भावना के अनुरूप कोई कार्रवाई करनी चाहिए। बता दें, ये दोनों मंत्री सिंधिया कोटे के हैं। दोनों मंत्रियों की बात से कहीं ना कहीं यह इंगित होता है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी ग्वालियर के मामले में अंदर ही अंदर नाराज हैं और अपनी नाराजगी को न बताते हुए उन्होंने अपने मंत्रियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को संदेश देने की कोशिश की है। कलेक्टरों के तबादले अब कलेक्टर-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस के बाद मध्य प्रदेश में दो-तीन दिन पहले भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की जारी तबादला सूची में अति आवश्यक दिखने वाले दो-तीन जिलों के कलेक्टर ही बदले गए हैं। इसका मतलब यह है कि बड़े पैमाने पर कलेक्टरों की तबादला सूची का अभी भी इंतजार है। माना जा रहा है कि अब यह तबादला सूची कलेक्टर-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस और दशहरे के बाद ही आ सकती है। बता दें कि त्योहारी मौसम के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितंबर से गांधी जयंती 2 अक्टूबर तक प्रदेश में सेवा पखवाड़ा अभियान चलाया जाएगा। राज्य सरकार के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले इस अभियान को सफल बनाने की जवाबदारी कलेक्टरों को दी गई है। इसी अभियान के बाद मुख्यमंत्री द्वारा कलेक्टर-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जानी है। माना जा सकता है कि इसमें कलेक्टरों के कार्यों का आकलन किया जाएगा और उसके बाद ही कलेक्टरों के तबादला आदेश जारी होंगे। पहली बार जनसंपर्क आयुक्त बने इंदौर संभाग के आयुक्त मध्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था का अगर इतिहास देखा जाए तो अभी तक यह होता आया है कि इंदौर के कलेक्टर रहे आईएएस अधिकारी बाद में संचालक या आयुक्त जनसंपर्क विभाग बनाए जाते हैं। यह परंपरा भागीरथ प्रसाद, ओपी रावत से लेकर मनीष सिंह तक देखी जा सकती है। ऐसा भी हुआ है जब जनसंपर्क संचालक को कलेक्टर बनाया गया है। ऐसे उदाहरण पूर्व में डॉ. राजेश राजौरा और गोपाल रेड्डी के रूप में देखे जा सकते हैं, लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है जब जनसंपर्क आयुक्त को इंदौर संभाग का आयुक्त बनाया गया है। माना जा सकता है कि आयुक्त जनसंपर्क हमेशा से मुख्यमंत्री के अति विश्वसनीय अधिकारियों में शामिल रहे हैं और सुदाम खाड़े भी उसी परंपरा के अधिकारी हैं। ऐसे में सुदाम को प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण संभाग इंदौर की जवाबदारी दिया जाना नए संदेश दे रहा है।  

50 करोड़ की टैक्स चोरी का मामला! सोम डिस्टलरी के 8 ठिकानों पर छापा, 14 करोड़ वसूले गए

भोपाल  शराब कंपनी सोम डिस्टलरी के भोपाल-इंदौर कार्यालय और रायसेन जिले की फैक्ट्री समेत 8 ठिकानाें पर कस्टम एंड सेंट्रल एक्साइज की टीम ने छापेमारी की। दो दिन से चल रही इस कार्रवाई के बीच कंपनी ने गुरुवार को 14 करोड़ रुपए जमा कर दिए। विभागीय जानकारों का कहना है, प्रारंभिक जांच में करीब 50 करोड़ रुपए की कर चोरी उजागर होने की संभावना है। जांच में कच्चे बिल आदि मिले हैं। कम्प्यूटर में दर्ज रेकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। स्टॉक का मिलान किया जा रहा है। इम्पोर्ट लाइसेंस में हेराफेरी कर कस्टम ड्यूटी की चोरी सेन्ट्रल एक्साइज विभाग (Central Excise department) के इंदौर कमिश्नरेट को शराब की बॉटल्स के इम्पोर्ट लाइसेंस में हेराफेरी कर कस्टम ड्यूटी चुराने की सूचना मिली थी। इस पर विभाग ने भोपाल समेत ग्रुप की दो यूनिट को जांच में लगाया। सोम डिस्टलरी की रायसेन जिले के सेहतगंज और गोचरा चक की यूनिट, भोपाल के एमपी नगर स्थित दफ्तर में दबिश दी। सूत्र बताते हैं, जांच में पता चला है कि इम्पोर्ट में बॉटल्स का स्टॉक कम दिखाया गया। एक्सपोर्ट एप्लिकेशन भी कम्पलीट नहीं मिली। इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट में भारी गड़बड़ी मिली है। छापेमारी जारी है। बता दें, पहले भी आयकर विभाग सहित अन्य एजेंसियों ने सोम ग्रुप पर छापा मारकर बड़ी कर चोरी उजागर की थी। बीयर की बोतलें-डिब्बे आयात किए सीमा शुल्क विभाग ने एक बयान जारी कर खुलासा किया कि सोम डिस्टिलरीज (som distillery) एंड ब्रुअरीज लिमिटेड ने अग्रिम प्राधिकरण योजना से जारी करीब 350 अग्रिम प्राधिकरणों के तहत बीयर की खाली कांच की बोतलें और बीयर के डिब्बे आयात किए थे। कंपनी ने इन सामग्रियों को शराब के साथ पैक कर घरेलू बाजार में भेजा। इसलिए जांच शुरू की गई है।

एजाज खान की मुश्किलें बढ़ीं, गैंगस्टर सलमान लाला की पोस्ट पर FIR दर्ज, बोले- गलती हो गई

इंदौर  एक्टर एजाज खान ने इंदौर के गैंगस्टर सलमान लाला की मौत के बारे में एक विवादास्पद वीडियो शेयर करने को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस से माफी मांग ली. यह माफी तब आई जब पुलिस ने कहा कि एक्टर पर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के लिए केस दर्ज किया.  इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक नए वीडियो में एजाज खान ने दावा किया कि उन्हें गुमराह करके यह विश्वास दिलाया गया था कि लाला एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर है. उन्होंने कहा कि बाद में मुझे मध्य प्रदेश पुलिस और अन्य लोगों से पता चला कि वह एक वांछित अपराधी था जिसकी डूबने से मौत हो गई.  'बिग बॉस 7' में नज़र आ चुके रियलिटी टीवी एक्टर ने कहा कि जैसे ही उन्हें सच्चाई पता चली, उन्होंने तुरंत "गलत वीडियो" हटा दिया. एजाज खान ने कहा, "मैं इस वीडियो के लिए पुलिस से माफी मांगता हूं. मैं संविधान में दृढ़ विश्वास रखता हूं और जांच में पूरा सहयोग करूंगा. एक अपराधी का कोई धर्म नहीं होता. एक अपराधी बस एक अपराधी होता है." एडिशनल डीसीपी  राजेश दंडोतिया ने बताया कि स्थानीय निवासी इरशाद हकीम ने 9 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर खान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. अधिकारी ने बताया कि खान ने अपने इंस्टाग्राम 'स्टोरी' फीचर के ज़रिए लाला की मौत के बारे में एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें कथित तौर पर समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाने वाली आपत्तिजनक बातें थीं. पुलिस ने बताया कि उन्होंने पिछले महीने सीहोर बाईपास रोड पर ड्रग्स के एक मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि सलमान लाला भागने में कामयाब रहा. बाद में उसका शव एक तालाब से बरामद किया गया. सलमान लाला के रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि वह एक अनुभवी तैराक था और समुद्र में भी तैर चुका था और पुलिस पर हिरासत में उसकी हत्या करने का आरोप लगाया. एडीसीपी दंडोतिया ने इस आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि गैंगस्टर की मौत पानी में डूबने से हुई थी. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सलमान लाला के खिलाफ 32 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.  

बालाघाट में तेज रफ्तार पर सख्ती, ROB पर लगे CCTV से स्पीड पर रखी जाएगी नजर

बालाघाट  सरेखा रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) शुरू होते ही युवा यहां फर्राटा भर रहे हैं। इससे अन्य राहगीरों के लिए खतरा बढ़ रहा है। अब यातायात पुलिस वाहनों की गति को नियंत्रित करने की तैयारी में है। ब्रिज की तीनों दिशाओं में सीसीटीवी लगाए जाएंगे। इससे उन वाहन चालकों की पहचान होगी, जो ब्रिज पर स्टंटबाजी या हाई स्पीड में गाड़ी चला रहे हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा साइन बोर्ड लगाए जाएंगे ब्रिज पर 30 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से अधिक गति में वाहन चलाने वालों को ई-चालान भेजे जाएंगे। यातायात थाना प्रभारी दिनेश तिवारी ने बताया कि यहां बेरिकेड्स लगाए जा रहे हैं। सेतु संभाग के एसडीओ अर्जुन सिंह सनोडिया का कहना है कि गति नियंत्रण के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके अलावा व्हाइट स्ट्रिप बनाई जाएगी। ‘ पत्र लिखकर बसों को न चलाने का निर्देश वाय’ आकार में बने इस ब्रिज के एक छोर (हनुमान चौक) को तीन सितंबर को शुरू किया गया है, जबकि दूसरा छोर (बैहर बायपास) दो महीने पहले शुरू किया गया था। हनुमान चौक वाले छोर पर अभी हल्के वाहनों (कार, दो पहिया वाहन) को ही आवागमन की अनुमति है। यातायात पुलिस ने जिला बस एसोसिएशन को पत्र लिखकर बसों को न चलाने के लिए निर्देशित किया है।

मध्य प्रदेश के लिए अलर्ट: 15 और 16 सितंबर को भारी बारिश का तांडव होने वाला है

भोपाल  मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश का दौर थम गया है। हालांकि, गुरुवार को बालाघाट के मलाजखंड में भारी बारिश हुई। नर्मदापुरम, मंडला और नरसिंहपुर में भी बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग की मानें तो मध्यप्रदेश में अगले 2 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जरूर रह सकता है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 15-16 सितंबर से नया सिस्टम बनने के बाद फिर से पूरे प्रदेश में तूफानी बारिश(Heavy Rain) का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग की मानें तो पूर्वी मध्यप्रदेश में 14 और 15 सितंबर और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 15 से 17 सितंबर तक अतिभारी बारिश की संभावना है। मौजूदा समय में प्रदेश में कोई सिस्टम एक्टिव नहीं है। वहीं 15 सितंबर से नया सिस्टम बन सकता है। जिसके बाद एक बार फिर से पूरा प्रदेश भीगने की संभावना है।मध्यप्रदेश में अगले 4 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जरूर रह सकता है। 15-16 सितंबर से नया सिस्टम बनने के बाद फिर से पूरे प्रदेश में तेज बारिश का दौर शुरू होगा । जानकारी के मुताबिक, भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है। कई जिले ऐसे हैं, जहां आंकड़ा डेढ़ सौ प्रतिशत के पार है। श्योपुर में कुल 213 प्रतिशत पानी गिर चुका है। एमपी में कोटे से 4.4 इंच ज्यादा बारिश बता दें, प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 41.6 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 34.2 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.4 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। 4.6 इंच पानी ज्यादा गिर गया है। 30 जिले-भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है। कई जिले ऐसे हैं, जहां आंकड़ा डेढ़ सौ प्रतिशत के पार है। श्योपुर में कुल 213 प्रतिशत पानी गिर चुका है। ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं। 30 में से भोपाल संभाग के चार, इंदौर संभाग के दो, जबलपुर के चार, ग्वालियर-चंबल के 8, सागर-उज्जैन संभाग के 4-4, रीवा संभाग के 3 और शहडोल संभाग का एक जिला शामिल हैं। नर्मदापुरम संभाग के किसी भी जिले में कोटा पूरा नहीं हुआ। गुना में 65 इंच बारिश, मंडला-श्योपुर दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा बारिश वाले टॉप-5 जिलों की बात करें तो गुना नंबर-1 पर है। यहां 65 इंच बारिश हो चुकी है। मंडला में 57 इंच, श्योपुर में 56.3 इंच, शिवपुरी में 54.3 इंच और अशोकनगर में 54.1 इंच पानी गिरा है। वहीं, खरगोन में सबसे कम 25.7 इंच बारिश हो चुकी है। बुरहानपुर में 25.9 इंच, खंडवा में 26.8 इंच, शाजापुर में 26.8 इंच और बड़वानी में 26.9 इंच बारिश हुई है।

भोपाल में लव जिहाद और दुष्कर्म के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, मकान जमींदोज

भोपाल मध्यप्रदेश के भोपाल में टीआईटी कॉलेज में हुए लव जिहाद मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस मामले में मुख्य आरोपी फरहान खान, साद और साहिल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है. प्रशासन ने इन तीनों के घरों को अवैध अतिक्रमण मानते हुए बुलडोजर चलाने का फैसला किया है. ये मकान रायसेन रोड के अर्जुन नगर में स्थित है और शासकीय जमीन पर बने होने का दावा किया गया है. प्रशासन ने तीनों आरोपियों को उनके मकानों से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किया था. इस नोटिस में 4 सितंबर तक का समय दिया गया था, लेकिन आरोपियों ने अतिक्रमण नहीं हटाया. अब तहसीलदार ने 13 सितंबर को बुलडोजर कार्रवाई का अंतिम नोटिस भेजा है. अगर अब भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन मकानों को तोड़ने की कार्रवाई करेगा. कब्जा खाली नहीं किया गया वर्ष 1984 में इनके परिजनों को पट्टे पर जमीन दी गई थी, लेकिन लीज की अवधि पूरी होने के बाद इसे रिन्यू नहीं कराया गया। इसके बावजूद 600 वर्गफीट से अधिक पर कब्जा जमाकर मकान खड़ा कर लिया गया। तहसीलदार न्यायालय ने 19 अगस्त को ही आदेश दे दिया था कि आरोपियों के मकान अतिक्रमण हैं और इन्हें हटाया जाए। चार सितंबर तक का समय दिए जाने के बाद भी कब्जा खाली नहीं किया गया। जमीन की लीज खत्म अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तय कर दी है। एसडीएम रवीश श्रीवास्तव ने कहा कि जब जमीन की लीज खत्म हो चुकी है तो यह कब्जा अवैध है। सरकार और जिला प्रशासन किसी भी कीमत पर इस तरह की गैरकानूनी हरकतें बर्दाश्त नहीं करेगा। शुक्रवार या शनिवार को बुलडोजर चलाकर मकान जमींदोज कर दिए जाएंगे। यह मामला तब सामने आया जब टीआईटी कॉलेज की एक छात्रा ने फरहान खान, साद और साहिल के खिलाफ दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया. छात्रा ने बताया कि फरहान ने पहले हिंदू नाम का इस्तेमाल कर उसका विश्वास जीता और फिर उसका यौन शोषण किया. उसने आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और अन्य लड़कियों को भी निशाना बनाने की कोशिश की. इस मामले में भोपाल पुलिस ने बागसेवनिया, अशोका गार्डन और जहांगीराबाद थानों में कई FIR दर्ज की हैं. पुलिस ने फरहान और साहिल के खिलाफ 250 पन्नों का चालान विशेष जज नीलम मिश्रा की अदालत में पेश किया है, जिसमें 57 गवाहों की सूची और मेडिकल रिपोर्ट शामिल हैं. मामले की सुनवाई जिला कोर्ट में चल रही है. आरोपियों पर POCSO एक्ट, भारतीय दंड संहिता और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के तहत कार्रवाई हो रही है.  

मनरेगा में मध्य प्रदेश की बड़ी छलांग, सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मिली ऐतिहासिक सफलता

वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जनजाति वर्ग को रोजगार दिलाने में देश में मध्यप्रदेश प्रथम भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अनुसूचित जनजाति वर्ग को रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रदेश ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 में मनरेगा अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग को अब तक सर्वाधिक रोजगार देने वाला राज्य मध्यप्रदेश बना है। वर्तमान में मध्यप्रदेश देशभर में पहले पायदान पर है। प्रदेश में 62 लाख 56 हजार परिवार जॉबकार्ड धारी प्रदेश में कुल 62 लाख 56 हजार परिवार जॉबकार्ड धारी परिवारों के 1 करोड़ से अधिक श्रमिक सक्रिय रूप से पंजीकृत हैं। 32 लाख से अधिक परिवारों को मिला रोजगार वर्ष 2025-26 में मनरेगा अंतर्गत प्रदेश में 32 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इस अवधि में 47 लाख 38 हजार श्रमिकों ने विभिन्न कार्यों में भाग लिया, जिनमें से 10 लाख 37 हजार परिवारों के 15 लाख 81 हजार श्रमिक अनुसूचित जनजाति वर्ग से थे। प्रदेश में कुल सृजित मानव दिवस 11 करोड़ 55 लाख में से 3 करोड़ 53 लाख मानव दिवस आदिवासी परिवारों द्वारा सृजित किया गया, जो कि अन्य प्रदेशों की तुलना में अधिक है और योजना की सफलता का स्पष्ट प्रमाण हैं। मनरेगा के अंतर्गत प्रदेश में किए जाने वाले कार्य मनरेगा के माध्यम से प्रदेश में विभिन्न प्रकार के सामुदायिक एवं हितग्राही मूलक विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें खेत तालाब, अमृत सरोवर, डगवेल रिचार्ज जैसे संरचनाओं का निर्माण, ग्रामीण सड़कों का निर्माण व मरम्मत, व्यापक स्तर पर पौधरोपण, बोरी बंधान, मेड़ बंधान, चेक-डैम, भूमि समतलीकरण, बागवानी, पशुशेड निर्माण एवं अन्य ग्रामीण विकास कार्य शामिल हैं। रोजगार के साथ अनुसूचित जनजाति वर्ग को आर्थिक रूप से बनाया जा रहा समृद्ध मनरेगा आयुक्त श्री अवि प्रसाद ने बताया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य अनुसूचित जनजाति वर्ग के परिवारों को केवल रोजगार देना ही नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना भी है। प्रदेश में वर्ष 2025-26 में मनरेगा योजना के अंतर्गत अब तक देशभर में सबसे अधिक अनुसूचित जनजाति वर्ग के जरूरतमंद परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।  

लोक निर्माण विभाग की मकरंदगंज-बरबसपुरा सड़क का मामला

कोर कटिंग से खुली सड़क के भ्रष्टाचार की परतें, कम निकली क्रस्ट की मोटाई लोक निर्माण विभाग की मकरंदगंज-बरबसपुरा सड़क का मामला मासिक निरीक्षण अंतर्गत दो मुख्य अभियंताओं की टीम ने की जांच पन्ना  ऊपर से चिकनी और गुणवत्तापूर्ण नजर आने वाली सड़क के अंदर भ्रष्टाचार का खेल किस तरह से खेला जाता है, मकरंदगंज से बरबसपुरा व्याहा नरेंद्रपुरा सड़क इसका उदाहरण है! लोक निर्माण विभाग के दो चीफ इंजीनियरों द्वारा की गई जांच में सड़क निर्माण कार्य की गंभीर गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। मकरंदगंज सड़क के Crust (क्रस्ट) यानी अर्थवर्क से लेकर डामरीकरण तक सभी परतों की कुल थिकनेस (मोटाई) निर्धारित प्रावधान से कम निकली। आबादी क्षेत्र में बनाई गई सीसी सड़क का कोर काटने पर क्रैक्स पाए गए जिससे प्रथम दृष्टया कंक्रीट मटेरियल की गुणवत्ता मानक अनरूप न होना प्रतीत होता है। मोटी रकम बचाने के चक्कर में सड़क निर्माण कार्य में जमकर की गई लीपापोती की पोल खुलने से संबंधित ठेकेदार और तकनीकी अधिकारियों में हड़कंप मचा है। जांच की आंच में झुलसने की आशंका से भयभीत स्थानीय तकनीकी अधिकारियों ने शीर्ष स्तर पर मामले को सीक्रेट तरीके से मैनेज करने की कवायद शुरू कर दी है। अब देखना यह है कि गंभीर अनियमितताओं के खुलासे पर जिम्मेदारों के खिलाफ कोई ठोस एक्शन लिया जाएगा या फिर मैनेजमेंट फंडा अपना असर दिखाएगा। सॉफ्टवेयर आधारित प्रक्रिया से हुआ था चयन मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण की नई व्यवस्था लागू की गई है। विभाग द्वारा प्रत्येक माह रेण्डम आधार पर चयनित निर्माण कार्यों के निरीक्षण हेतु 5 एवं 20 तारीख को मुख्य अभियंताओं के दल भेजे जाते हैं। कार्यों का रेण्डमाईजेशन डब्ल्यूएमएमएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से विभाग के उप सचिव के समक्ष किया जाता है। निरीक्षणकर्ता अधिकारियों को जिन कार्यों का निरीक्षण करना है उसकी सूची उन्हें एक दिन पूर्व सॉफ्टवेयर पर लॉगिन के माध्यम से उपलब्ध होती है। इस बार शुक्रवार 5 सितंबर 2025 को सागर परिक्षेत्र अंतर्गत पन्ना जिले के 4 निर्माण कार्य रेण्डम आधार पर चयनित हुए। जिनमें पीडब्ल्यूडी की 3 सड़कें और पीआईयू का एक निर्माणाधीन बिल्डिंग शामिल थी। पन्ना के निर्माण कार्यों के निरीक्षण की जिम्मेदारी इस बार केएस यादव मुख्य अभियंता भवन परिक्षेत्र भोपाल एवं बीएस मीणा मुख्य अभियंता एमपीआरडीसी को मिली थी। दोनों वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों द्वारा मकरंदगंज सड़क का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान लोनिवि के स्थानीय अधिकारी उपस्थित रहे। 3 करोड़ 68 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति लोक निर्माण विभाग संभाग पन्ना से प्राप्त जानकारी अनुसार मकरंदगंज से बरबसपुरा व्याहा नरेंद्रपुरा मार्ग की कुल लंबाई 3.20 किलोमीटर है। शासन द्वारा इसके निर्माण हेतु दिनांक 22 दिसंबर 2022 को 3 करोड़ 68 लाख 98 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। जबकि निविदा की राशि (अनुबंधित राशि) 3 करोड़ 8 लाख 29 हजार रुपए थी। सड़क निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग द्वारा ठेका फर्म मेसर्स मारुति नंदन कंस्ट्रक्शन सतना को कार्यादेश क्रमांक 1280 पन्ना दिनांक 11 अप्रैल 2023 को जारी किया गया। सड़क की निविदा दर एसआर से 24.50 प्रतिशत कम थी। अनुबंध अनुसार मार्ग निर्माण कार्य दिनांक 10 सितंबर 2023 (छह माह की अवधि) में पूर्ण किया जाना था। मकरंदगंज मार्ग का कार्य लोनिवि के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री एसके पाण्डेय के कार्यकाल में हुआ। जिसके अनुविभागीय अधिकारी बीके त्रिपाठी एवं प्रभारी उपयंत्री आरएम बागरी रहे। कार्य की गुणवत्ता से हुआ समझौता शुक्रवार 5 सितंबर को नवनिर्मित मकरंदगंज मार्ग का सघन निरीक्षण करने वाले चीफ इंजीनियर्स केएस यादव भोपाल एवं बीएस मीणा एमपीआरडीसी द्वारा अपने समक्ष कोर काटा गया। ऊपर से देखने में अच्छी और गुणवत्तापूर्ण नजर आ रही सड़क का कोर कटने पर अंदर दबी परतों का स्याह सच सतह पर आया तो निरीक्षणकर्ता अधिकारी भी दंग रह गए। इस दौरान मौके पर उपस्थित रहे एक अधिकारी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर जानकारी देते हुए बताया कि, सीसी सड़क के कोर की पूर्णतः मोटाई में क्रैक्स पाए गए। सीसी सड़क की मोटाई (थिकनेस) मानक अनुरूप है लेकिन क्रैक्स होने से पीक्यूसी (Pavment Quality Concrete) की गुणवत्ता से समझौता होना प्रतीत होता है। जिसका सीधा असर सड़क की मजबूती और टिकाऊपन पर पड़ता है। सड़क की विभिन्न परतों क्रस्ट (Crust) की कुल मोटाई जांच में निर्धारित प्रावधान से कम पाई गई। सिर्फ इतना ही नहीं सड़क की डीबीएम एवं बीसी लेयर (डामर की परतें) भी गुणवत्ता की कसौटी पर खरी नहीं उतरीं। हालांकि बीटी कार्य की सतह को निरीक्षणकर्ताओं ने अच्छा बताया है। राजधानी भोपाल के एक विभागीय सूत्र ने बताया कि, निरीक्षण में सड़क निर्माण कार्य की लीपापोती की परतें खुलने पर निरीक्षणकर्ता अधिकारियों ने अपनी संक्षिप्त रिपोर्ट में उन्हें गोलमोल तरीके से इंगित करते हुए अधीक्षण यंत्री से विस्तृत जांच कराने का सुझाव दिया है। हैरानी की बात है कि सड़क की जांच करने वाले दोनों वरिष्ठ अधिकारी अब कनिष्ठ अधिकारी से विस्तृत जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। सूत्र ने बताया कि, रिपोर्ट में प्रायः इस तरह की गुंजाइश सिर्फ इसलिए छोड़ी जाती है, ताकि सिफारिश और मैनेजमेंट फंडे की स्थिति में मामले को सुविधानुसार कोई भी मोड़ दिया जा सके। इनका कहना है-  'मुख्य अभियंताद्वय ने मकरंदगंज मार्ग का निरीक्षण किया था। जांच प्रतिवेदन उनके द्वारा देर रात्रि में बंद कमरे में तैयार किया गया था इसलिए प्रतिवेदन के तथ्यों की फिलहाल जानकारी नहीं है। समीक्षा बैठक में जांच रिपोर्ट पर चर्चा होती है और जांच के तथ्यों के आधार पर संबंधितों पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है।' जे.पी. सोनकर प्रभारी कार्यपालन यंत्री लोनिवि पन्ना।

विधायक से लाडली बहनों की गुहार: नीमत-हर्ज़ीपुरा में नए केंद्र और स्कूल की दरकार

विधायक की जनसुनवाई में ग्राम पंचायत गोविंदपुरा की लाडली बहनाओ ने पहुच कर की मांग,नीमत-हर्ज़ीपुरा में खुलवाये आंगनबाड़ी केन्द्र,प्रा शाला भवन नया बनवाने की रखी मांग,आई लाडली बहनाओ का विधायक ने किया स्वागत, आज जनसुनवाई में आये नागरिको की विधायक ने सुनी समस्याएं  आष्टा मध्य प्रदेश के आष्टा जिला में आज जनसुनवाई में ग्राम पंचायत गोविंदपुरा के ग्राम निमत-हर्ज़ीपुरा की बड़ी संख्या में लाडली बहनाए विधायक कार्यालय पहुची । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने अपने कार्यालय में पहली बार आई सभी लाडली बहनाओ को सासम्मान बैठाया उनको जल पान कराया और स्वयं उनके बीच मे पहुच कर उनकी समस्याओं को सुना उनकी मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया । आई लाडली बहनाओ ने विधायक से मांग की की उनके ग्राम की प्राथमिक शाला का भवन जर्जर हो गया है,उसे नया बनवाया जाये, ग्राम में आंगनबाड़ी नही है उसे खुलवाया जाये, ग्राम में पेयजल की समस्या है एक बोर खनन कराया जाये, सड़क निर्माण कराये,बिजली पोल लगवाये, तथा ग्राम में चबूतरे का निर्माण कराया जाये । विधायक ने आई सभी लाडली बहनाओ को भरोसा दिया कि आप सब मेरी लाडली बहना है आपने जो भी समस्या बताई,मांग रखी वे सब मे पूरी करूंगा । विधायक ने सभी से पूछा की आपको हर माह लाडली बहना की राशि मिलती है,सभी ने बताया हा खाते में आती है । विधायक ने बहनाओ को बताया की अब जल्दी ही आपके खाते में लाडली बहना योजना की राशि 1250/- के स्थान पर 1500/- रुपये आयेगी । आज जनसुनवाई में कई ग्रामो से ग्रामीण विधायक कार्यालय में आयोजित होने वाली जनसुनवाई में  पहुचे थे । स्मरण रहे प्रत्येक बुधवार को आष्टा विधायक अपने कार्यालय में सुबाह 10 बजे से जनता की समस्याओं को सुनने,उनेह हल करवाने के लिये जनसुनवाई करते है । आज बुधवार को प्रातः 10 बजे से कार्यालय में उपस्तिथ रह कर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने जनता की समस्याओं को सुना एवं उनकी समस्याओं को हल करने के सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिये । आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर जो की हर बुधवार को अपने कार्यालय में जन सुनवाई कार्यक्रम के तहत उपस्तिथ रहते है । आज भी बड़ी संख्या में क्षेत्र से नागरिक जनसुनवाई में पहुचे एवं अपनी अपनी पीड़ा से विधायक को अवगत कराया एवं आवेदन दिये। जनता से प्राप्त आवेदनों पर विधायक ने कहा की आपका जन सेवक होने के नाते आपकी समस्याओं को सुनना, हल करना मेरा धर्म है। आज आये आवेदनों को तत्काल सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर ग्रामीणों की समस्याओं का समय सीमा में तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिये ।  विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कार्यालय आये सभी नागरिको को भरोसा दिया कि आपकी समस्याओं का जल्द निराकरण होगा,जो मांग शासन स्तर की है उनेह वे शासन तक पहुचायेंगे।विधायक कार्यालय से जानकारी देते हुए बताया की आज जनसुनवाई में आये ग्रामीणों ने विद्युत विभाग द्वारा जारी चालानी कार्यवाही निरस्त कराने,पुलिस द्वारा कार्यवाही कराने, उच्च शिक्षा निःशुल्क प्रदाय कराने,ग्राम नीमत हर्जीपुरा में नवीन शाला भवन,पेयजल व्यवस्था,सी.सी. रोड़ निर्माण कराने,वृद्धा पेंशन प्रदाय कराने,वृद्धा पेंशन की राशि 600 की जगह 1000 रूपये करने,कबीर आश्रम निर्माण हेतु सहायता राशि प्रदाय कराने,स्वैच्छिक स्थानान्तरण चाही गई स्थान पर नहीं होने से किया गया स्थानान्तरण निरस्त कराने,सहाकरी दुकान से प्रदाय किये जाने वाले चावल के स्थान पर गेहूँ प्रदाय कराने,आर्थिक सहायता राशि प्रदाय कराने,ट्रांसफार्मर स्थापित कराने, वृद्धा पेंशन राशि हेतु पंजीयन कराने, पिछले चार पांच माह से बंद खाद्वान्न प्रदाय कराने,दिव्यांग हेतु स्कूटी पेट्रोल वाली प्रदाय कराने सहित अन्य आवेदन प्राप्त हुए। सभी आई शिकायतों एवं आवेदनों को सम्बंधित विभागों को निराकरण हेतु निर्देश दिये है । विभागों की आई समस्याओं को लेकर मौके से ही सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को आई समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश दिये,कुछ आवेदन निराकरण हेतु सम्बंधित विभागों को भेजे गये ।