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स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा, जाली प्रमाणपत्रों पर नौकरी करने वाले 9 लोगों पर FIR

भोपाल  मध्य प्रदेश में ऐसे डॉक्टरों का नेटवर्क सामने आया है, जिन्होंने फर्जी डिग्री, फर्जी मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन या दूसरे डॉक्टरों के पंजीयन नंबर के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की। इनमें किसी ने दूसरे डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर इस्तेमाल किया। मेडिकल काउंसिल की वेबसाइट पर साधारण सत्यापन से पकड़ी जा सकने वाली इन गड़बड़ियों के बावजूद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और जिला स्तर के अधिकारियों ने इन्हें संजीवनी क्लीनिकों में पदस्थ कर दिया। जनवरी 2026 से ये लोग मरीजों का इलाज करते रहे। मामले में भोपाल की चूनाभट्‌टी पुलिस ने 9 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनके नाम डॉ. आकाश चंदेलकर, डॉ. मोहर सिंह, डॉ. कमल किशोर, डॉ. मोनिका, डॉ. हारून, डॉ. शांति, डॉ. सोनम, डॉ. बुद्धमान और डॉ. पवन बताए गए हैं। मेडिकल काउंसिल से मिलान पर पकड़ाया फर्जीवाड़ा दरअसल, इन 9 डॉक्टर्स के डिग्री और दस्तावेजों को लेकर एनएचएम दफ्तर को शिकायत मिली थी। जांच में इनके दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। जब मेडिकल काउंसिल से मिलान कराया गया तो पता चला कि दिए गए रजिस्ट्रेशन नंबर दूसरे डॉक्टरों के नाम पर दर्ज हैं। जांच एजेंसियों को यह भी पता चला कि आरोपियों ने असली डॉक्टरों के दस्तावेजों की कॉपी हासिल कर उन्हें एडिट किया। फिर अपने नाम से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए। इनके आधार पर नौकरी हासिल कर वे सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज कर रहे थे। चूना भट्‌टी पुलिस के मुताबिक, ये सभी आरोपी करीब पांच महीने तक अलग-अलग सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में काम करते रहे। अंदरूनी मिलीभगत के एंगल से भी जांच पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में कोई संगठित गिरोह या अंदरूनी मिलीभगत तो शामिल नहीं है। भर्ती प्रक्रिया में लापरवाही या जानबूझकर की गई अनदेखी की भी पड़ताल की जा रही है।

लोकायुक्त की सख्ती: डीएसपी पर गंभीर आरोप, निलंबन की सिफारिश के बाद पद से हटाया गया

भोपाल ट्रैप प्रकरण में आरोपित को बचाने के लिए वॉइस सैंपल बदलने की कथित साजिश से जुड़े वीडियो के सामने आने के बाद लोकायुक्त संगठन में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त) के महानिदेशक योगेश देशमुख ने भोपाल में पदस्थ डीएसपी मंजू सिंह और डीएसपी बीएम द्विवेदी की प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर उन्हें पुलिस मुख्यालय वापस भेज दिया है। इसके साथ ही दोनों अधिकारियों के निलंबन की अनुशंसा भी राज्य शासन को भेजी गई है। अधिकारियों पर संदिग्ध आचरण और सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को उनके निलंबन संबंधी औपचारिक आदेश भी जारी हो सकते हैं। उल्लेखनीय है कि दोनों अधिकारी करीब एक वर्ष पहले लोकायुक्त सागर जोन से भोपाल स्थानांतरित होकर आए थे। गुरुवार को सामने आए एक वीडियो ने पूरे मामले को तूल दे दिया, जिसमें लोकायुक्त संगठन से जुड़े कुछ कर्मचारी ट्रैप केस में आरोपित को लाभ पहुंचाने के लिए वॉइस सैंपल बदलने की बात करते दिखाई और सुनाई दे रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त कार्यालय में पदस्थ जिला पुलिस बल के तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। वहीं, मामले में शामिल एक एसएएफ जवान के निलंबन के लिए एडीजी एसएएफ को पत्र भेजा गया है। एक चालक भी जांच के दायरे में है, जो लोकायुक्त संगठन में पदस्थ बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि यदि वीडियो की मूल रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्य जांच में प्रमाणित हो जाते हैं, तो इस पूरे मामले में लोकायुक्त थाने में एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई भी की जा सकती है।

युवा वर्ष के लिए उच्च शिक्षा सहित संबंधित विभाग करें आवश्यक तैयारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में नैक की तर्ज पर गठित करें सैक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवा वर्ष के लिए उच्च शिक्षा सहित संबंधित विभाग करें आवश्यक तैयारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाविद्यालयों में कृषि पाठ्यक्रम को लोकप्रिय बनाने का कार्य सराहनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उच्च शिक्षा क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए दी बधाई उच्च शिक्षा विभाग की हुई समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की आवश्यकता के अनुसार नए महाविद्यालय प्रारंभ किए जाएं। जिन सघन आबादी वाले क्षेत्रों में महाविद्यालय संचालित हैं, वहां विद्यार्थी संख्या बढ़ने पर शिक्षण में शिफ्ट व्यवस्था भी लागू करने पर विचार किया जाए। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की तर्ज पर राज्य परिषद अर्थात सैक के गठन की कार्यवाही प्रारंभ की जाए। रोजगार परक पाठ्यक्रमों पर फोकस किया जाए। आने वाला वर्ष युवा वर्ष होगा, इस नाते अन्य संबंधित विभागों के साथ विद्यार्थियों के हित में नए कार्यक्रमों और प्रकल्पों को लागू करने की तैयारी भी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में कृषि के स्नातक पाठ्क्रम की व्यवस्था सुनिश्चित कर इस विषय को लोकप्रिय बनाने के प्रयासों पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कृषि पाठ्यक्रम से प्रदेश के लगभग 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने की सफलता के लिए उच्च शिक्षा विभाग को बधाई भी दी।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता में निरंतर सुधार के कदम उठाए जाएं। पीएममहाविद्यालयों में भी इस दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। अन्य सभी शासकीय महाविद्यालयों में भी शिक्षण और अन्य गतिविधियों का सुचारू संचालन होता रहे, इस पर ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नए पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करने की दिशा में हुए कार्यों की जानकारी प्राप्त की। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में इंदौर, उज्जैन और चित्रकूट में तीन वर्षीय विमानन पाठ्यक्रम बीबीए प्रारंभ किया गया है। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है। प्रदेश में 384 शोध केंद्र संचालित हैं। गत वर्ष 83 नए शोध केंद्र प्रारंभ किए गए। आने वाले समय में 100 शोध केंद्र स्थापित होंगे। सकल नामंकन अनुपात (जीईआर) में प्रदेश ने भारत के 1.1 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले 1.8 की वृद्धि करने में सफलता प्राप्त की है। इसी तरह गत ढाई वर्ष में नेशनल लॉ इन्स्टिट्यूट यूनिवर्सिटी में 27वीं और डीएवीवी इंदौर ने 49वीं रैंक प्राप्त की है। प्रदेश की तीन अन्य उच्च शिक्षण संस्थाओं को भी नेशनल इन्स्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेम वर्क (एनआईआर एफ) द्वारा श्रेष्ठ व्यवस्थाओं के लिए सराहा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छिन्दवाड़ा के राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय में अच्छे विषयों का समावेश करें। इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक आर्थिक सहयोग देगी। विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण, आर्किटेक्चर और कृषि विज्ञान के कोर्स के लिए व्यवस्था की जाए। विद्यार्थियों की रूचि के अनुरूप नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं। विभाग की प्रमुख उपलब्धियाँ बैठक में बताया गया कि उच्च शिक्षा विभाग सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग कर रहा है। स्वयं पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में पंजीयन के कार्य में मध्यप्रदेश ने जुलाई 2025 में 3 लाख 52 हजार 931 पंजीयन कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जुलाई 2026 के सेमेस्टर में यह संख्या 2 लाख 73 हजार 266 हो गई है। प्रदेश में गुना, खरगौन और सागर में नए विश्वविद्यालय और आगर मालवा में लॉ कॉलेज प्रारंभ किया गया। प्रदेश के 8 महाविद्यालयों में 28 विषयों में पीजी कक्षाएं प्रारंभ की गईं। प्रदेश के 618 उच्च शिक्षण संस्थान भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के "वन नेशन-वन सबक्रिप्शन" पोर्टल पर पंजीयन करवा चुके हैं। इस पोर्टल का प्रदेश के 8 लाख से अधिक विद्यार्थी और शोधार्थी उपयोग कर चुके हैं। प्रदेश इस कार्य में भी देश में प्रथम है। मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में 5 हजार फैकल्टी और स्टॉफ को प्रशिक्षण देने के साथ ही मनोबल सत्र में 71 हजार 705 विद्यार्थी भागीदारी कर चुके हैं। जुलाई से मार्च तक तीन चरणों में कैलेंडर जारी कर अकादमिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन सुनिश्चित किया गया है। प्रदेश में भारतीय ज्ञान परम्परा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के विशेष विशेषज्ञों की समितियां भी गठित की गईं। प्रदेश में 55 शासकीय महाविद्यालयों का प्रधानमंत्री कॉलेज और एक्सीलेंस के रूप में उन्नयन कर विभिन्न सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। प्रमुख नवाचारों में 10 संभागीय मुख्यालयों पर डिजिटल स्टूडियो शुरू हुए हैं। ई ज्ञान सेतु चैनल के माध्यम से ई-कंटेंट उपलब्ध करवाया जा रहा है जिसमें हिन्दी के साथ क्षेत्रीय भाषाओं बुंदेली, बघेली और मालवीय के ई-कंटेंट भी शामिल हैं। ई-प्रवेश के लिए मोबाइल एप की शुरूआत और सार्थक एप से उपस्थिति की जानकारी प्राप्त की जा रही है। समर्थ सॉफ्टवेयर पर विश्वविद्यालयों को जोड़ा गया है। प्रदेश के 8 महाविद्यालयों में एवीजीसी लेब स्थापित की जा रही है। यह लेब एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स के कार्यों में सहायक है। आईआईटी दिल्ली के सहयोग से 68 महाविद्यालय एआई कोर्स का संचालन कर रहे हैं। गैर हिन्दी भारतीय भाषाओं में अध्ययन की व्यवस्था के लिए प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। साधना सप्ताह में आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर उच्च शिक्षा विभाग ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।        मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश     महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में रोजगार परक पाठ्यक्रम के संचालन पर जोर हो।     पार्ट टाइम महाविद्यालय संचालित किए जाएं। प्रातः और शाम की शिफ्ट में कॉलेज चलाए जा सकते हैं।     आवश्यकता के अनुसार सांदीपनि विद्यालयों के भवन में भी महाविद्यालय संचालित करें।     कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों के लिए कॉउंसलिंग की भी व्यवस्था हो।     खाद्य प्रसंस्करण, आर्किटेक्चर और कृषि विज्ञान सहित अन्य वोकेशनल विषयों के अध्ययन के लिए महाविद्यालयों में आवश्यक व्यवस्था की जाए।  

मेट्रो यात्रियों की संख्या बढ़ाने पर्यटन विभाग से तालमेल बढ़ाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मेट्रो रेल यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग का लें सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर और भोपाल मेट्रो रेल परियोजनाओं के हुए दो तिहाई कार्य पूरे कार्यो की समय-सीमा में पूर्णता के दिए गए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल संचालन के प्रथम चरण के कार्य पूर्ण होने के बाद परियोजना के आगामी चरणों के कार्य समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। सघन आबादी के क्षेत्रों और कामकाजी नागरिकों की सुगम आवाजाही के लिए मेट्रो रेल व्यवस्था एक वरदान है। प्रदेश की राजधानी भोपाल और प्रमुख व्यवसायिक केन्द्र इंदौर में मेट्रो रेल यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग का आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाए। दोनों नगरों की मेट्रो रेल परियोजना के सभी चरणों के सम्पूर्ण कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। समग्र प्रगति की दृष्टि से दोनों परियोजनाओं के दो तिहाई कार्य पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में भोपाल और इंदौर के मेट्रो रेल प्रोजेक्ट कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए। विद्यार्थियों की अध्ययन यात्रा से भी जोड़ें मेट्रो परियोजना को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर और भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भी बन रहे हैं। प्रमुख धार्मिक केंद्रों, पर्यटन स्थलों, पुरातात्विक धरोहर स्थलों और टाइगर रिजर्व एवं अभयारण्य की सैर के लिए विद्यार्थियों सहित अन्य नागरिकों के लिए प्रबंध होने से मेट्रो रेल का उपयोग बढ़ेगा। इन प्रयासों में पर्यटन विभाग सहित मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकास्ट) की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।  भोपाल मेट्रो परियोजना बैठक में बताया गया कि भोपाल मेट्रो रेल परियोजना में फेज़-1 में सुभाष नगर से एम्स तक दिसम्बर 2025 से संचालन हो रहा है। इस ट्रेक पर 7.1 किलोमीटर क्षेत्र में 8 एलिवेटेड स्टेशन बनाए गए हैं। फेज़-2 में सुभाष नगर से करोंद चौराहा तक 9.64 से किलोमीटर सेक्शन में कार्य हो रहा है, जो जून 2028 तक पूर्ण होना प्रस्तावित है। इस सेक्शन में 6 एलिवेटेड और दो भूमिगत स्टेशन होंगे। इसी तरह फेज़-3 में भदभदा चौराहा से रत्नागिरी चौराहे तक 14.16 लम्बाई के सेक्शन में कार्य हो रहा है। इस सेक्शन में 13 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। यह कार्य भी आने वाले 2 वर्ष में पूर्ण होगा। इंदौर मेट्रो परियोजना बैठक में बताया गया कि इंदौर मेट्रो रेल परियोजना में फेज-1 के रीच वन में गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर 3 तक 5.26 किलोमीटर के सेक्शन का शुभारंभ मई 20 25 में हो चुका है। फेज-1 के रीच-2 में सुपर कॉरिडोर 3 से मालवीय नगर चौराहे तक 11.43 किलोमीटर के सेक्शन के कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। फेज-2 के अंतर्गत रीच-1 में शहीद बगीचा से खजराना चौराहा तक 1.77 किलोमीटर सेक्शन के कार्य और फेज-2 के ही रीच-2 के एयर पोर्ट से गांधी नगर तक 1.5 किलोमीटर सेक्शन के कार्य जून 2028 तक पूर्ण होंगे। फेज-3 में खजराना चौराहा से एयरपोर्ट के 11.59 किलोमीटर लम्बाई के सेक्शन के कार्य होंगे। बैठक में नगरों में भविष्य में क्रियान्वित किए जाने वाले फ्लाई ओवर निर्माण, मेट्रो रेल और सड़क निर्माण के कार्यों के संबंध में भी चर्चा हुई।  

रस्सी और सीढ़ियों से रेस्क्यू: इंदौर में आग लगने से अपार्टमेंट में फंसे छह परिवार सुरक्षित निकाले गए

इंदौर इंदौर की स्कीम-136 के एक अपार्टमेंट की तल मंजिल के इलेक्ट्रिक वाहन के शोरूम में आग लग गई। अपार्टमेंट के ऊपर दो मंजिल पर छह परिवार रहते हैं। आग के कारण वे सीढ़ियों से नीचे नहीं आ पा रहे थे। इस कारण उन्हें आसपास के लोगों ने सीढ़ी और रस्सी की मदद से सुरक्षित निकाला। आग लगने की घटना सुबह सवा आठ बजे हुई। तब शोरूम नहीं खुला था। आग के कारण शोरूम में रखे सभी दोपहिया वाहन जलकर खाक हो गए। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस जवान भी पहुंचे और उन्होंने भी आग में फंसे परिवारों को निकालने में मदद की।  धुआं फ्लैट में घुसा तो खुली नींद सुबह जब आग लगी, तब फ्लैट में परिवार के कई सदस्य सो रहे थे। जैसे ही फ्लैट में धुआं घुसा तो रहवासियों की नींद खुली और वे जाग गए। नीचे देखा तो शोरूम जल रहा था और नीचे उतरने की जगह भी नहीं थी। अपार्टमेंट से सटी एक अन्य मल्टी में रहने वाले रहवासी आग में फंसे परिवारों की मदद के लिए आए। बचाव के लिए आए रहवासियों ने बीस से ज्यादा लोगों को छत पर आने के लिए कहा। इस बीच उन्होंने अपने घरों से रस्सी और सीढ़ी लाकर मुंडेर पर लगा दी। एक-एक कर परिवारों को सुरक्षित निकाला, हालांकि आग फ्लैट वाले हिस्से तक नहीं पहुंच पाई। इस कारण परिवारों की गृहस्थी का सामान भी सुरक्षित रहा। रहवासी श्याम दुबे ने बताया कि हमने धुआं देखा तो तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी। इस बीच रहवासी खुद बचाव कार्य में जुट गए और 20 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला। पुलिसकर्मी नरेंद्र मंडेलिया भी मौके पर आ गए थे और उन्होंने भी कई लोगों को आग से सुरक्षित निकाला। आग लगने की वजह पता नहीं चल पाई है। 

जीरो टॉलरेंस नीति पर सख्ती: वित्तीय अनियमितताओं और लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

नगरीय विकास एवं आवास विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति: वित्तीय अनियमितताओं और कर्तव्यहीनता पर कार्यवाही आयुक्त भोंडवे द्वारा विभिन्न नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों पर पदावनति, वेतनवृद्धि रोकने एवं पेंशन कटौती की गई कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई भोपाल राज्य शासन के जनहितैषी संकल्पों के अनुरूप नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने शासकीय कार्यों में शुचिता, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत कड़े कदम उठाए हैं। आयुक्त संकेत भोंडवे द्वारा विभिन्न नगरीय निकायों में लंबे समय से लंबित जांच प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के पश्चात दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अत्यंत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के अंतर्गत वित्तीय अनियमितताओं, निर्माण कार्यों में लापरवाही, शासकीय भूमि एवं राजस्व के गबन तथा कोरोना काल में सामग्री क्रय में बरती गई शिथिलता को अक्षम्य मानते हुए संबंधितों को कड़ा दंड दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता के पैसे का दुरुपयोग और शासकीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। प्रशासनिक स्तर पर की गई इस कार्रवाई के अंतर्गत नगर परिषद नगौद में स्टॉप डेम निर्माण कार्य में गंभीर विसंगतियां पाए जाने पर तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी संजय पाण्डेय को प्रथम दृष्टया उत्तरदायी ठहराते हुए 'परिनिंदा' से दंडित किया गया है, जिसके फलस्वरूप वे आगामी एक वर्ष तक पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे। इसी प्रकार, नगर परिषद जैतहरी (जिला अनूपपुर) में वैश्विक महामारी कोरोना के लॉकडाउन काल में सामग्री क्रय में वित्तीय नियमों की अवहेलना करने पर तत्कालीन भंडार प्रभारी मोहित शर्मा, तत्कालीन प्रभारी मुख्य लिपिक सह लेखपाल रजनीश लहंगीर तथा तत्कालीन स्वच्छता प्रभारी संजीव राठौर की चार-चार वार्षिक वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए गए हैं। जैतहरी में ही शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की भूमि एवं आय को क्षति पहुंचाने के कृत्य में संलिप्तता सिद्ध होने पर राजस्व निरीक्षक अवधेश बीझी तथा प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र सिंह की आगामी दो-दो वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकी गई हैं। शासकीय सेवा से निवृत्त हो चुके कर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए विभाग ने नगर परिषद जैतहरी के तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी राम मिलन तिवारी को भूमि संबंधी गड़बड़ियों में दोषी पाते हुए उनकी देय पेंशन से 10 प्रतिशत तथा कोरोना काल की अन्य अनियमितता के लिए 20 प्रतिशत राशि की स्थायी रूप से कटौती करने की गंभीर कार्रवाई की है। इसके अतिरिक्त, नगर परिषद पिपलौदा में नीलामी प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय विसंगतियों हेतु प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी अरुण पाठक की तीन वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकी गई हैं। नगर पालिका परिषद शहडोल में मोहनराम मंदिर तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य में लापरवाही बरतने के कारण उपयंत्री देव कुमार गुप्ता एवं तत्कालीन सहायक यंत्री बृजेन्द्र प्रसाद शर्मा की आगामी तीन-तीन वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकी गई हैं। इसी श्रृंखला में, तालाब संरक्षण योजना के तहत नगर पालिका परिषद धार के देवीसागर तालाब निर्माण में शिथिलता के लिए तत्कालीन उपयंत्री सुधीर ठाकुर एवं सहायक यंत्री देवेन्द्र कोल की एक-एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई है। प्रशासनिक अनुशासन की अवहेलना करने पर सोयतकलां नगर परिषद (जिला आगर मालवा) के तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी अशोक कुमार पांचाल द्वारा माधव चौक स्थित भूखंड मामले में शासन को 9 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाने पर उन्हें राजस्व निरीक्षक के पद से पदावनत (Demote) कर उप राजस्व निरीक्षक बना दिया गया है। साथ ही, संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के यांत्रिकी प्रकोष्ठ में सहायक वर्ग-2 के पद पर पदस्थ शेखर ठाकुर को दीर्घकालिक अनाधिकृत अनुपस्थिति और गंभीर अनुशासनहीनता के कारण तत्काल प्रभाव से अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रदान की गई है। आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा है कि शासकीय दायित्वों के निर्वहन में किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार अथवा शिथिलता को कतई सहन नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी जनहित में दोषियों के विरुद्ध ऐसी दंडात्मक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।  

मध्यप्रदेश से राज्यसभा की जंग तय, कांग्रेस की मीनाक्षी बनाम BJP के तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल

भोपाल  राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, जिसमें मध्य प्रदेश से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग और प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया गया है. इस फैसले के साथ ही राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, खासकर इसलिए क्योंकि इस बार दो मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों को दोबारा मौका नहीं दिया गया. पार्टी ने अन्य राज्यों में भी कई अहम नामों की घोषणा की है. मध्य प्रदेश में दो सीटों पर उम्मीदवार उतारकर बीजेपी ने मुकाबले को रोचक बना दिया है, जिसके चलते क्रॉस वोटिंग की भी संभावना पर नजर रखी जा रही है।  MP से दो उम्मीदवार, चुनाव होगा दिलचस्प बीजेपी ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा की दो सीटों के लिए तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को टिकट दिया है. दोनों उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से यहां चुनाव होना तय माना जा रहा है, जिससे राजनीतिक समीकरणों पर नजर बढ़ गई है।  केंद्रीय मंत्रियों को नहीं मिला मौका इस बार पार्टी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कूरियन को राज्यसभा नहीं भेजा है. दोनों का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है, लेकिन नए सिरे से उन्हें मौका नहीं दिया गया. इस फैसले को भविष्य के राजनीतिक बदलावों के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।  तरुण चुग: संगठन के मजबूत रणनीतिकार तरुण चुग वर्तमान में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हैं और पार्टी के अनुभवी संगठनात्मक नेताओं में गिने जाते हैं. पंजाब के अमृतसर से आने वाले चुग ने आरएसएस से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और संगठन के विभिन्न स्तरों पर काम किया है. वे जमीनी स्तर के कार्यकर्ता से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी भूमिका निभा चुके हैं और कई राज्यों में संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।  तरुण चुग भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और वर्तमान में राष्ट्रीय महासचिव हैं. वे पार्टी के संगठनात्मक रणनीतिकार के रूप में जाने जाते हैं और कई राज्यों में चुनावी प्रबंधन व संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. तरुण चुग ने बेहद कम उम्र (लगभग 9 वर्ष) में RSS से जुड़कर सामाजिक कार्यों की शुरुआत की।  इसके बाद वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई.     1989–1994: ABVP में जिला सचिव और राज्य कार्यकारिणी सदस्य     1993: अमृतसर में BJYM (भारतीय जनता युवा मोर्चा) के जिला अध्यक्ष बने तरुण चुग ने युवा राजनीति से अपने करियर को मजबूती दी और धीरे-धीरे संगठन में बड़े पदों तक पहुंचे     1997: पंजाब BJP युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष     राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य (BJYM)     राज्य महासचिव (युवा मोर्चा) उन्होंने युवाओं को जोड़ने के लिए “युवा चेतना यात्रा” का नेतृत्व किया, जो 2100 किमी लंबी थी।  BJP संगठन में प्रमुख पद तरुण चुग संगठन के कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं:     प्रदेश भाजपा प्रशिक्षण प्रकोष्ठ संयोजक     राज्य मीडिया एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ प्रभारी     राज्य भाजपा सचिव     पंजाब भाजपा महासचिव     राष्ट्रीय महासचिव (वर्तमान) जिम्मेदारियां और क्षेत्रीय प्रभारी तरुण चुग को पार्टी ने कई महत्वपूर्ण राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी है:     जम्मू-कश्मीर प्रभारी     लद्दाख प्रभारी     तेलंगाना प्रभारी     अंडमान-निकोबार प्रभारी     दिल्ली भाजपा सह-प्रभारी राजनीतिक महत्व वे चुनावी रणनीति, बूथ प्रबंधन और संगठन विस्तार में अहम भूमिका निभाते हैं. तरुण चुग का राज्यसभा के लिए चयन कई कारणों से अहम माना जा रहा है. इसे संगठन को महत्व देने के संकेत के साथ-साथ पंजाब और उत्तर भारत में राजनीतिक संतुलन और भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।  रजनीश अग्रवाल को भी मिला मौका रजनीश अग्रवाल, जो वर्तमान में मध्य प्रदेश बीजेपी में प्रदेश मंत्री हैं, को भी राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया गया है. उनकी नियुक्ति को प्रदेश संगठन में सक्रिय भूमिका और पार्टी के प्रति समर्पण का परिणाम माना जा रहा है।  अन्य राज्यों में भी बड़े नाम बीजेपी ने अन्य राज्यों के लिए भी उम्मीदवारों की घोषणा की है. राजस्थान से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को राज्यसभा भेजा जा रहा है. मणिपुर से ए. शारदा देवी को टिकट दिया गया है, जबकि ओडिशा में देबाशीष सामंतराय को उम्मीदवार बनाया गया है, जो पहले बीजेडी से जुड़े थे।  गुजरात में बीजेपी मजबूत स्थिति में गुजरात में बीजेपी ने चारों सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं और उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है. यह पहली बार होगा जब गुजरात से कांग्रेस का कोई भी राज्यसभा सदस्य नहीं होगा।  पंजाब राजनीति से जुड़ा फैसला रवनीत सिंह बिट्टू को राज्यसभा में अवसर नहीं मिलने से यह संकेत मिल रहा है कि वे पंजाब विधानसभा चुनाव में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने पहले ही संकेत दिया था कि वे पंजाब लौटकर राजनीति में सक्रिय होंगे।  मंत्रीमंडल फेरबदल के संकेत दो केंद्रीय मंत्रियों को राज्यसभा टिकट न मिलने और “एक व्यक्ति, एक पद” की नीति को देखते हुए यह भी माना जा रहा है कि केंद्र सरकार में जल्द फेरबदल हो सकता है. कुछ नेताओं को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं, जिससे राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।  बीजेपी की रणनीतिक चाल राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी ने इस सूची के माध्यम से संगठन और नेतृत्व के संतुलन को ध्यान में रखा है. अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों को मौका देकर पार्टी ने भविष्य की रणनीति तैयार की है।  राज्यसभा चुनाव पर सभी की नजर अब सभी की नजर राज्यसभा चुनाव पर टिकी हुई है, जहां क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक समीकरण अहम भूमिका निभा सकते हैं. मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में यह चुनाव आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम को दिशा दे सकता है। 

बारिश के मौसम में बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने पर जोर, कर्मचारियों के लिए भी जारी हुए सख्त निर्देश

मॉनसून में उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के सभी प्रबंध करें अनुमति उपरांत ही मुख्यालय छोड़ें कार्मिक भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के जिलों में विद्युत आपूर्ति और ऑपरेशन एंड मेन्टीनेंस से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे नियंत्रणकर्ता अधिकारी से अनुमति लेकर ही कार्यस्थल / मुख्यालय छोड़ें। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि प्री-मॉनसून बारिश की बौछारें शुरू हो गईं हैं और अनेक बार आँधी और चक्रवाती तूफान और प्राकृतिक आपदा को देखते हुए कंपनी के मैदानी अफसरों से कहा गया है कि वे विद्युत आपूर्ति और रखरखाव तथा ऑपरेशन्स को देखते हुए सतर्कता और सजगता से काम करें। कोई कार्मिक अवकाश पर जाता है तो उसके स्थान पर वैकल्पिक कार्मिक की तैनाती की व्यवस्था पहले से ही करें। कंपनी ने कहा है कि गत वर्षों में पूरे जून माह की शिकायतों के आकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि इस दौरान कॉल सेन्टर में एफओसी (विद्युत अवरोध) से संबंधित उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत शिकायतों की संख्या बढ़ जाती है। इसलिए काल सेन्टर के ऑपरेशनल एवं सुपरवाइजरी स्टॉफ को और अधिक सजगता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने सभी मैदानी कार्मिकों को उपभोक्ताओं को अनवरत् और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में विद्युत आपूर्ति बहाल रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। किसी भी आकस्मिक स्थिति में उपभोक्ता कंपनी के कॉल सेन्टर नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।  मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने मैदानी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा है कि आपदा के समय संपर्क करने के लिये लाइनमैनों के मोबाइल नंबर आदि की जानकारी अपडेट रखी जाए। मैदानी अधिकारियों से कहा गया है कि वे जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से सपंर्क और समन्वय बनाये रखें। बारिश के दौरान इन बातों का रखे ध्यान मॉनसूनी मौसम के दौरान हवा में नमी के कारण करंट लगने की आशंका ज्यादा रहती है। करंट से लोगों की मौत हो जाती है। लेकिन ज्यादातर मौतों को टाला जा सकता है। ज्यादातर मौतें घरों में अर्थिंग नहीं होने या कमजोर अर्थिंग की वजह से होती है। अर्थिंग या तो स्थानीय स्रोत से प्राप्त की जा सकती है या घर पर ही गहरा गढ़डा खोदकर खुद बनाई जा सकती है।     बारिश में बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें           घर में अर्थिंग की उचित व्यवस्था करें।          हरे रंग के तार को हमेशा याद रखें। इसके बिना कभी बिजली उपकरण का प्रयोग न करें। खास कर जब यह पानी के स्रोत को छू रहा हो। पानी करंट के प्रवाह की गति को बढ़ा देता है, इसलिए नमी वाले माहौल में अतिरिक्त सावधानी रखें।          दो पिन वाले बिना अर्थिंग के उपकरणों का प्रयोग न करें।          तीन पिन वाले प्लग का प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि तीनों तार जुड़े हों और पिनें खराब न हों।          तारों को सॉकेट में लगाने के लिए माचिस की तीलियों का प्रयोग न करें।          किसी भी तार को तब तक न छुएं, जब तक बिजली बंद न कर दी गई हो ।          अर्थिग के तार को न्यूट्रल के विकल्प के तौर पर प्रयोग न करें।          सभी जोड़ों पर बिजली वाली टेप लगाएं, न कि सेलोटेप या बेंडेड ।          गीज़र के पानी का प्रयोग करने से पहले गीज़र बंद कर दें।          हीटर प्लेट का प्रयोग नंगी तार के साथ न करें।          घर पर सूखी रबर की चप्पलें पहनें।          घर पर मिनी सर्किट ब्रेकर और अर्थ लीक सर्किट ब्रेकर का प्रयोग करें।          मेटलिक बिजली उपकरण पानी के नल के पास न रखें।          रबर के मैट और रबर की टांगों वाले कूलर स्टैंड बिजली उपकरणें को सुरक्षित बना सकते हैं।          केवल सुरक्षित तारें और फ्यूज का ही प्रयोग करें।          अर्थिंग की जांच हर छह महीने में करते रहें।          किसी भी आम टेस्टर से करंट के लीक होने का पता लगाया जा सकता है।          फ्रिज के हैंडल पर कपड़ा बांध कर रखें।          प्रत्येक बिजली उपकरण के साथ बताए गए निर्देश पढ़ें।  

MP के 5 जिलों की बदलेगी तस्वीर, 4415 करोड़ की लागत से दो हाईवे परियोजनाओं को मंजूरी

भोपाल   प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्ष्ता में दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट मीटिंग में आयोजित की गई। इस मीटिंग में मध्य प्रदेश के रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़े प्रस्ताव पास किए गए। मीटिंग में मध्य प्रदेश को दो हाईवे की सौगात देने का फैसला लिया गया। केंद्रीय कैबिनेट बैठक में नेशनल हाईवे 347B (NH-347B) के दो अलग हिस्सों को अपग्रेड करने और चौड़ीकरण का फैसला लिया है। इस प्रोजेक्ट की लागत 4415 करोड़ रुपए होगी। प्रोजेक्ट की लंबाई 233.635 किमी होगी जिसमे प्रदेश के कई बड़े जिले शामिल होंगे। कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों की जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने दी। बता दें कि, 6 जून को पीएम मोदी का नरसिंहपुर दौरा प्रस्तावित है। एमपी में दो मिलेंगे दो नए हाईवे मोदी कैबिनेट ने नेशनल हाईवे 347B (NH-347B) के दो अलग-अलग हिस्सों को अपग्रेड और चौड़ा करने का फैसला लिया है। पहला हिस्सा हिवरखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रूढ़ी सेक्शन के 125 किमी पर मौजूद नैरो लेन को दो लेन में अपग्रेड किया जाएगा। दूसरा हिस्सा 108.643 किमी के देशगांव-जुलवानिया सेक्शन है जिसे टू-लेन से फोरलेन किए जाने फैसला लिया गया है। इसके अलावा खरगोन में ट्रैफिक कम करने के लिए 16.20 किमी का ग्रीनफ़ील्ड बाईपास के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इस प्रोजेक्ट से बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी जिले को बड़ा फायदा मिलेगा। पीएम गति शक्ति का हिस्सा है प्रोजेक्ट रेल मंत्री के अनुसार 347B (NH-347B) के दो अलग-अलग हिस्सों को अपग्रेड और चौड़ा करने वाल प्रोजेक्ट पीएम गति शक्ति पहल का हिस्सा है जिसमें एक टेक्सटाइल क्लस्टर, दो मेगा फूड पार्क, एक इंडस्ट्रियल पार्क और दो सुपर थर्मल पावर प्लांट शामिल हैं। यह खंडवा और बड़वानी जिलों के साथ-साथ बैतूल, खंडवा और खरगोन जैसे आदिवासी जिलों सहित पांच सामाजिक नोड्स को भी जोड़ेगा। एमपी आने वाले है पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर मध्यप्रदेश के दौरे पर आ सकते हैं। इस बार प्रधानमंत्री का दौरा नरसिंहपुर जिले का प्रस्तावित है, जहां वे गाडरवारा तहसील में सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन विस्तार परियोजना के विस्तार के लिए भूमिपूजन करने आ सकते हैं। सीएम ने प्रधानमंत्री को गाडरवारा आने का न्योता दिया था। पीएम के संभावित दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन का कहना है कि फिलहाल दौरा प्रस्तावित है, आधिकारिक आदेश नहीं आया है।

धार भोजशाला फैसले का असर, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ी; सरस्वती लोक को मिलेगी रफ्तार

धार  धार भोजशाला को मंदिर घोषित किए जाने के बाद वहां धार्मिक पर्यटन बढ़ गया है। आसपास के जिलों से लोग मंदिर को देखने आने लगे हैं। आम दिनों के अलावा रविवार और शनिवार को भोजशाला में ज्यादा भीड़ रहती है। फैसला आने के बाद मंगलवार और शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में दूसरे जिलों से लोग आने लगे हैं। जो पर्यटक मांडू देखने आ रहे हैं, उनमें से कई अपने प्लान में धार भोजशाला को भी शामिल कर रहे हैं, क्योंकि धार भोजशाला का पुरातत्व महत्व भी है। उधर, मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक में धार में सरस्वती लोक बनाने की मंजूरी मिल चुकी है और जल्दी ही इसके निर्माण की कवायद शुरू होगी। महाकाल लोक की तर्ज पर इसे बनाया जाएगा। लोक में सरस्वती माता की प्रतिमा, उनकी महिमा के भित्ति चित्र के अलावा राजा भोज शोध संस्थान भी बनाया जाना है। विद्युत सज्जा के अलावा भव्य गेट भी भोजशाला परिसर में बनाया जाएगा। जो मूर्तियां संग्रहालय में रखी गई है। उन्हें भी वापस भोजशाला में स्थापित करने की तैयारी की जा रही है।    मालवा–निमाड़ के पर्यटक ज्यादा मंदिर जैसी गतिविधियां शुरू होने के बाद भोजशाला में मालवा–निमाड़ के पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। भोजशाला मामले का केस जीतने वाले याचिकाकर्ता आशिष गोयल बताते हैं कि पहले की तुलना में लोगों की भोजशाला में आने की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। जब यह लोक के रूप में विकसित होगा तो धार्मिक पर्यटन की गतिविधियां और बढ़ेंगी भोजशाला के अलावा धार में प्राचीन कालका माता मंदिर भी काफी लोगों को आकर्षित करता है। सरकार पर्यटकों की सुविधा के इंतजाम भी भोजशाला में करेगी।