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मध्यप्रदेश को मिलेगा सड़क विकास का बड़ा तोहफा, 2 लाख करोड़ में सुधरेंगी 35,000 KM सड़कें

भोपाल   प्रदेश में करीब ढाई करोड़ की आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है। राज्य में लगभग 35 हजार किलोमीटर सड़कें हैं। शहर की सड़कें हाइवेज से अलग हैं। उन पर यातायात का काफी दबाव होता है। इसलिए जरूरी है कि नगरीय सड़कों को बेहतर गुणवत्ता के साथ बनाया जाए। नगरीय विकास विभाग अगले 5 वर्षों में 2 लाख करोड़ से सड़क विकास के काम कराएगा। यह जानकारी आयुक्त नगरीय प्रशासन संकेत भोंडवे ने  सस्टेनेबल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर पर आयोजित कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा, इंजीनियर्स सड़क निर्माण तकनीकों को समझें, इसलिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 600 इंजीनियर्स जुड़े सड़क निर्माण तकनीक पर आधारित कार्यशाला में प्रदेशभर की निकायों के 600 इंजीनियर्स जुड़े। इसमें आइआइटी इंदौर और रुड़की के अलावा अन्य रिसर्च इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों ने सड़क की गुणवत्ता को लेकर नई तकनीकों और सुधार पर जानकारी दी। शहर में बिछेगा नया सीवेज नेटवर्क वहीं बारिश में पूरा भोपाल शहर जल प्लावन ग्रस्त होने के बाद नगर निगम ने शहर में नया सीवेज नेटवर्क बिछाने के लिए 545 करोड रुपए का फंड मंजूर किया है। इससे नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाए जाएंगे ताकि बड़ा तालाब, छोटा तालाब, शाहपुरा झील जैसे जल स्रोत में गंदा पानी मिलने से बचाया जा सके। गुरुवार को महापौर परिषद की बैठक में यह प्रस्ताव मंजूर किया गया है।

पर्यावरण सुरक्षा का संदेश: गांवों में लोगों को दी जा रही प्लास्टिक उपयोग की समझाइश

राज्यमंत्री हिरवार ने किया वृक्षारोपण भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में 2 अक्टूबर 2025 तक ‘सेवा पखवाड़ा’ अभियान के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। अभियान की 17 सितम्बर को शुरूाआत हुई थी। सेवा पखवाड़ा अभियान में मैदानी अधिकारी, कर्मचारी नागरिकों और ग्रामवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। शहडोल जिले में अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत बुढ़ार के गांव गिरवा में ग्रामवासियों को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नही करने की समझाइश दी गई। स्वच्छता का संदेश देने के लिए गांव में जागरूकता रैली भी निकाली गई। जनपद पंचायत के स्वच्छता समन्वयक श्री सचिन श्रीवास्तव ने व्यापारियों को सिंगल यूज प्लास्टिक से पर्यावरण को हो रहे नुकसान के प्रति जागरुक बनाकर इसका उपयोग बंद करने की अपील की। जैतपुर और चरखरी गांवों में स्वच्छता मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। गोहपारू जनपद पंचायत के उप स्वास्थ्य केन्द्र लफदा में ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’ अभियान के अंतर्गत 8 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाईयां प्रदान की गईं। ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’ अभियान के तहत शहडोल जिले मे 19 सितम्बर तक 4627 से अधिक महिलाओं एवं बच्चों की हीमोग्लोबिन की जांच की गई है। अनूपपुर के प्रभारी मंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के प्रांगण में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने आह्वान कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी माँ के नाम एक पेड़ अवश्य रोपे, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ मातृ सम्मान का संदेश समाज में प्रसारित हो सके। जैविक खेती को अपनाएं किसान, हुई एकदिवसीय कार्यशाला अनूपपुर के पीएम कॉलेज आफ एक्सीलेंस शासकीय तुलसी महाविद्यालय में ‘सेवा पखवाड़ा’ अभियान के अंतर्गत जैविक खेती पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के सेमीनार हॉल में आयोजित कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रुप में श्री चन्दन कुमार यादव ने जैविक खेती और इसके प्रशिक्षण कार्य का अपना लंबा अनुभव साझा किया। महाविद्यालय के रसायन विभागाध्यक्ष प्रो. ऋषिकेश चंद्रवंशी ने विद्यार्थियों को जैविक खेती की महत्ता और इसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी। छतरपुर में स्वच्छता की शपथ छतरपुर जिले में ‘सेवा पखवाड़ा’ अभियान के अंतर्गत ग्राम एवं निकाय स्तर पर ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान में स्वच्छता कार्य किए जा रहे हैं। नागरिकों से अपने घरों, दुकानों के आस-पास साफ सफाई बनाए रखने एवं घरों एवं प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को पृथक पृथक गीला एवं सूखा कचरा रखकर कचरा गाड़ी में डालने की अपील के साथ ही उपस्थित नागरिकों को स्वच्छता बनाए रखने और गंदगी न फैलाने की शपथ भी दिलाई गई। गांवों को साफ-सुथरा रखने के लिये श्रमदान नर्मदा पुरम में ‘सेवा पखवाड़ा’ अभियान एवं ‘स्वच्छ भारत’ मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले की 49 ग्राम पंचायतों में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता के कार्य किये जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के साथ व्यक्ति की आदतों में परिवर्तन करना है, जिससे स्वच्छता स्थायी रूप से बना रहे। अभियान के अंतर्गत नर्मदापुरम जिले के सभी गांवों में प्रचार-प्रसार कर ग्रामवासियों से साफ-सफाई के लिये श्रमदान का आह्वान किया गया। हरदा जिले में ‘सेवा पखवाड़ा’ अभियान के अंतर्गत जिले के ग्राम आमसागर, प्रताप पुरा, जूना पानी, मकड़ई, रिजगांव, अबगाव खुर्द और बाला गांव कई गांवो में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। शिविर में स्वास्थ्य विभाग के दल ने निशुल्क स्वास्थ्य परामर्श दिया, आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी निर्माण और असंचारी रोग स्कैनिंग, एनीमिया और सिकल सेल रोगों समेत विभिन्न रोगों के लिए की गई।। इस अवसर पर रक्तदान शिविर भी आयोजित किया गया। बैतूल जिले में स्वछता टीम द्वारा ‘स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा’ अभियान के अंतर्गत स्कूलों में नशा मुक्ति अभियान चलाया गया। अभियान में बच्चों को नशा संबंधी सभी चीजों से दूर रहने एवं जागरूक बनाने के लिए रैली निकाली गई।  

राजनीति की तैयारी: MP कांग्रेस जिला अध्यक्षों की बैठक कल से, PCC मुख्यालय में होगी अहम चर्चा

भोपाल  कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की पहली बैठक राजधानी भोपाल कांग्रेस मुख्यालय में रविवार 21 सितंबर से मंगलवार 23 सितम्बर तक आयोजित की जाएगी। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जिला अध्यक्षों से वन टू वन चर्चा करेंगे। मध्य प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की पहली बैठक राजधानी भोपाल कांग्रेस मुख्यालय में रविवार 21 सितंबर से मंगलवार 23 सितम्बर तक आयोजित की जाएगी। शुरुआती दौर में  6 संभागों की अलग-अलग समय में बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में पिछले 1 महीने में अध्यक्षों द्वारा किए गए काम का हिसाब मांगा जाएगा। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जिला अध्यक्षों से वन टू वन चर्चा करेंगे। नियुक्ति के बाद पहली बार हो रही बैठक  जानकारी के लिए बता दें कि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद पहली बार भोपाल में बैठक बुलाई गई है। ब्लॉक अध्यक्ष और जिला कार्यकारिणी को लेकर रिपोर्ट ली जाएगी। कार्यकारिणी और ब्लॉक अध्यक्ष को लेकर एक महीने की जिला अध्यक्षों को डेडलाइन दी गई थी। कामकाज को मजबूत करना उद्देश्य बतादें के एमपी कांग्रेस 2028 में होने वाले चुनाव की अभी से तैयारी शुरू कर दी। इसी बीच संगठ को मजबूत करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले ने बताया कि इस बैठक का उद्देश्य जिला अध्यक्षों को संगठन सृजन अभियान के तहत अपने कामकाज को मजबूत करने और आगामी चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना है।   बैठक की तारीखें और समय – 21 सितंबर: भोपाल संभाग (सुबह 10 बजे), नर्मदापुरम संभाग (दोपहर 3 बजे) और सागर संभाग (दोपहर 12 बजे) – 22 सितंबर: ग्वालियर चंबल संभाग (सुबह 10 बजे) और इंदौर संभाग (दोपहर 3 बजे) – 23 सितंबर: उज्जैन संभाग (सुबह 10 बजे) 

डॉ. यादव ने जताई सरकार की प्रतिबद्धता: जनता के लिए विकास और सुरक्षा सर्वोपरि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की उपस्थिति में सेवा पखवाड़ा के संबंध में हुई बैठक में कहा कि  राज्य सरकार विकास, जनकल्याण और सुराज के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेश में सेवा पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश में अब सेवा पखवाड़ा की गतिविधियो ंको सत्ता और संगठन मिलकर तेज गति देंगे। इसको लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में बैठक हुई।  बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार विकास, जनकल्याण और सुराज के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में 17 सितंबर से सेवा पखवाड़ा आरंभ किया गया है। साथ ही आमजन को जीएसटी  रिफॉर्म्स के लाभ दिलाने तथा आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत जन-जन को स्वदेशी अभियान में शामिल करने के उद्देश्य से भी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान में आमजन की सक्रिय भागीदारी से सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास तथा वोकल फॉर लोकल की भावना के अनुरूप गतिविधियां जारी हैं।  मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक वार्ड और ग्राम स्तर तक गतिविधियों का प्रभावी व्यवस्थित और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'स्वच्छता ही सेवा अभियान', 'एक बगिया मां के नाम' और 'एक पेड़ मां के नाम' के अंतर्गत पौधरोपण, नमो पार्क तथा नमो उपवन विकसित करने, विद्यालय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन, जनसामान्य को स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प सामग्री खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने जैसी गतिविधियां जनभागीदारी से संचालित की जा रही हैं। विद्यालयों और महाविद्यालयों में 'विकसित भारत' थीम पर निबंध, वाद-विवाद और चित्रकला प्रतियोगिताएं तथा संगोष्ठियां भी हो रही हैं। बैठक में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल सहित शिवप्रकाश और हितानंद शर्मा उपस्थित थे।  

कान्हा टाइगर रिजर्व में हुआ इंग्लिश स्पीकिंग प्रशिक्षण

भोपाल कान्हा टाइगर रिजर्व मण्डला में खटिया परिक्षेत्र अंतर्गत ईको सेंटर में कान्हा टाइगर रिजर्व के गाइड्स के लिये 14 दिवसीय इंग्लिश स्पीकिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। प्रशिक्षण में टाइगर रिजर्व के जी-1 श्रेणी के 58 गाइड शामिल हुए। प्रशिक्षण मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड भोपाल द्वारा कराया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य गाइड्स को अंग्रेजी भाषा में दक्ष बनाना, जिससे आवश्यकता अनुसार गाइड बेहतर प्रकार से पर्यटकों के अनुरूप अंग्रेजी भाषा को समझकर उसी भाषा में जानकारी दे सकें। इससे गाइड्स में आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और पर्यटकों से कुशलतापूर्वक संवाद से वन एवं वन्य-जीव सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य को भी बेहतर किया जा सकेगा। प्रशिक्षण में प्रशिक्षकों द्वारा गाइड्स को अंग्रेजी भाषा में संवाद करने के तरीके, शारीरिक भाषा, वन, वन्य-जीव एवं पर्यावरण से संबंधित शब्दों के अंग्रेजी अर्थ एवं संवाद के लिये आवश्यक व्याकरण तथा शब्द कोष के विषय में प्रस्तुतिकरण एवं प्रेक्टिकल के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में क्षेत्र संचालक, उप संचालक कोर, बफर, सहायक संचालक बंजर और परिक्षेत्र अधिकारी खटिया भी उपस्थित रहे।  

उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा- देश की ताकत और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में फार्मेसी के विद्यार्थी दें योगदान

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा है कि फार्मेसी के सेक्टर में ज्यादा से ज्यादा काम करते हुए अपनी स्वदेशी औषधियों के व्यापार को बढाने और इसके उत्पादन पर ध्यान देने लिए और अधिक मेहनत और परिश्रम करने की जरूरत है। आज दुनिया के कई देश हमारे देश में उत्पादित स्वदेशी दवाओें का उपयोग करते हैं। हमारा लक्ष्य है कि दुनिया के ज्यादा से ज्यादा देश हमारे देश की उत्पादित औषधियों का उपयोग करें। मंत्री श्री परमार शनिवार को इंदौर के ऑक्सफोर्ड इन्टरनेशनल कॉलेज में “इंडियन फार्मासिस्ट इनावेशन टू इम्पेक्ट फॉर विकसित भारत-2047” की थीम पर आयोजित दो दिवसीय 12वें विजन फार्मा राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ कर सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर परिषद के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी डॉ. छगनभाई पटेल, फार्मा विजन के राष्ट्रीय संयोजक श्री अनिकेत सेल्के, श्री वीरेन्द्र सोलंकी, ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल कॉलेज के चेयरमेन श्री अक्षांशु तिवारी, कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. प्रिया जैन, फार्मा विजन की स्टेट कॉन्वेनर सुश्री कामाक्षा गौड़ विशेष रूप से मौजूद थे। मंत्री श्री परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करते हुए कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों से अपील की है कि विकसित भारत के संकल्प को अपना संकल्प मानते हुए कार्य करें। देश की ताकत और उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में फार्मेंसी के विद्यार्थी निश्चित रूप से बड़ा योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश 2047 तक ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होगा और दुनिया के कई देशों में भी ऊर्जा की पूर्ति करने वाला देश बनेगा। उन्होंने कहा कि किसानों ने अन्न और खाद्यान्न के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बना दिया है। किसानों ने अन्न के भण्डार भरे हैं। भारत 2047 तक अन्य देशों के भरण-पोषण करने की सामर्थ्य रखने वाला देश बनेगा। मंत्री श्री परमार ने कहा कि शीघ्र ही फार्मेंसी के सिलेबस में आयुर्वेद के सिलेबस को भी जोड़ने का काम किया जायेगा। इस पर एक्सपर्ट द्वारा विचार-विमर्श किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आवश्यकता के अनुसार फार्मेंसी के साथ एलोपैथिक , होम्योपेथिक और आयुर्वेदिक के लिये एक कॉमन सिलेबस तैयार किया जायेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में 11 नये आयुर्वेदिक कॉलेज खोलने का संकल्प लिया गया था, जिसमें से 8 कॉलेजों की भारत सरकार द्वारा मान्यता दे दी गई है। अगले वर्ष से ही नये कॉलेज प्रारंभ किये जाएंगे। मंत्री श्री परमार ने बताया कि आने वाले समय में परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिये सभी परीक्षाओं का डिजिटल वेल्यूवेशन किया जायेगा , जिससे परीक्षार्थी ऑनलाईन अपनी कापी देख सकेंगे। श्री परमार ने कहा कि भारत फिर से विश्वगुरू बनने की ओर अग्रसर है। ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. प्रिया जैन ने बताया कि दो दिवसीय 12वें विजन फार्मा राष्ट्रीय अधिवेशन में फार्मा से संबंधित कई सत्र होंगे। सुश्री कामाक्षा गौड़ ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में देश के विभिन्न कॉलेजों के फार्मेसी विद्यार्थी उपस्थित थे।

कृषि मंत्री की बड़ी घोषणा: राज्य सरकार मंजूरी दे तो सोयाबीन खरीदी जाएगी समर्थन मूल्य पर

हरदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को हरदा पहुंचे। उन्होंने खिरकिया ब्लाक के बावड़िया गांव में एक शोकाकुल परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त कर पौधारोपण किया। मीडिया के सोयाबीन को समर्थन मूल्य पर खरीदने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य सरकार का है। इस संबंध में राज्य सरकार से प्रस्ताव मिलने पर समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीदने की अनुमति दी जाएगी। इससे पहले जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रों पर दरें कम हो रही हैं। 22 सितंबर से कृषि यंत्रों की दरों में पांच प्रतिशत की कमी आएगी, जिससे किसानों को इन्हें खरीदने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई किसान 35 एचपी का ट्रैक्टर खरीदता है तो उसे सीधे 63 हजार रुपये की बचत होगी। इसी तरह बागवानी के लिए जो किसान ट्रैक्टर खरीदता है उस पर उसे 23 हजार रुपये तक की बचत होगी। कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि एक दिन पहले शुक्रवार को उन्होंने कृषि यंत्र बनाने वाली विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। प्रतिनिधियों से कहा कि जीएसटी की दरों का सीधा लाभ किसानों को मिलना चाहिए ताकि उन्हें खेती के कार्यों में मदद मिले और उनका आर्थिक विकास हो सके। कई जगह हुआ स्वागत, महिलाओं ने बताई समस्या कृषि मंत्री कार के माध्यम से जिले में पहुंचे। जिले में प्रवेश करते ही छीपानेर में उन्होंने कुछ महिलाओं से मिलाकात की। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि उन्हें लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं तो महिलाओं ने कहा कि उन्हें हर माह राशि प्राप्त हो रही है। कुछ महिलाओं ने कहा कि उन्हें राशि नहीं मिल रही है, जिस पर उन्होंने मामले की जांच कराकर समाधान निकालने का आश्वासन दिया। अबगांवखुर्द में कृषि मंत्री का किसानों और जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया- मुरैना ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना ने ग्रीन ऊर्जा और स्टोरेज को दी नई दिशा

पीक-ऑवर्स में 440 मेगावॉट की सप्लाई होगी सुनिश्चित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। मुरैना की यह परियोजना ‘सेवा पखवाड़ा’ के दौरान राष्ट्र को समर्पित है। उन्होंने कहा कि ”मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना से पूरे देश में ग्रीन ऊर्जा उत्पादन और स्टोरेज की नई राह खुलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना परियोजना में प्राप्त की गई सफलता के आधार पर लंबे समय की ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना में प्राप्त किया गया कम टैरिफ प्रदर्शित करता है कि नवकरणीय ऊर्जा भी डिस्कॉम के लिए अधिक किफायती हो सकता है। मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गत् दिवस प्राप्त निविदा में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना में 2.70 रुपये प्रति यूनिट, अब तक की सबसे कम टैरिफ दर प्राप्त हुई है। यह देश की पहली परियोजना है, जिसमें 3 रुपये प्रति यूनिट से कम पर फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी उपलब्ध होगी। यह परियोजना 95 प्रतिशत वार्षिक उपलब्धता के साथ भारत की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बन गई है। अब तक देशभर की परियोजनाओं में केवल 50% पीक ऑवर्स उपलब्धता और 85% वार्षिक उपलब्धता सुनिश्चित हो पाती थी। मुरैना परियोजना इस ट्रेंड को बदलते हुए पीएम ऑवर्स में 95% आपूर्ति के नए मानक स्थापित करेगी। परियोजना की संरचना और क्षमता मुरैना सोलर पार्क को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया गया है, जिसने पहले भी प्रतिष्ठित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित किया है। मुरैना परियोजना से उत्पादित बिजली राज्य द्वारा खरीदी जाएगी। मुरैना सोलर पार्क में 2 यूनिट स्थापित की जा रही हैं, प्रत्येकइकाई से तीनों चरणों में 220 मेगावॉट क्षमता ऊर्जा का उत्पादन होगा।         पहला चरण: वास्तविक समय पर सौर ऊर्जा (220 मेगावॉट तक)         दूसरा चरण: शाम के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (बैटरी में संचित सौर ऊर्जा से)         तीसरा चरण: सुबह के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (रात्रि में ग्रिड से चार्ज बैटरी से) इस नवाचार से बैटरी का उपयोग दिन में दो बार संभव होगा, जिससे लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। कुल मिलाकर सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में 440 मेगावॉट सप्लाई सुनिश्चित होगी। मुरैना परियोजना दो परियोजनाओं का मिश्रण है, जिसमें पहलाएक सामान्य सिंगल-चार्ज कम्पोजिट सोलर प्रोजेक्ट,जिसमें बैटरी को सोलर एनर्जी से चार्ज जाता है।दूसरा स्टोरेज एज ए सर्विस प्रोजेक्ट है, जिसमें अतिरिक्त ग्रिड पॉवर से रात के समय बैटरी दोबारा चार्ज की जाएगी। इससे सुबह के पीक ऑवर्स की आपूर्ति की जाएगी। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि बैटरी, दिन में दो बार उपयोग की जाएगी। यह परियोजना सुनिश्चित करती है कि राज्य ग्रिड में उपलब्ध रात के समय अतिरिक्त बिजली का उपयोग सुबह की पीक ऑवर्समें विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा। मुरैना परियोजना पीक ऑवर्सऔर दिन के समय में समान स्तर की आपूर्ति (प्रत्येक इकाई से 220 मेगावाट) के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करती है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह द्वारा नियोजित भविष्य की परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त करता है जो दिन और रात के समय एक फ्लेटप्रोफाईलकी बिजली की आपूर्ति करते हुए एक ऐसीपरियोजना की आधारशिला रखेगी जो पूरे 24 घंटों के लिए समान स्तर की बिजली की आपूर्ति करे। यह नवकरणीय ऊर्जा को पारंपरिक ऊर्जा के समान निश्चितता प्रदान करेगा और इसे तकनीकी और व्यावसायिक रूप से समतुल्य बना देगी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा ई-रिवर्स नीलामी 19 सितंबर, 2025 को 25 वर्षों के लिए निर्धारित2.70 रूपये प्रति यूनिटके ऐतिहासिक टैरिफ के साथ संपन्न हुई, नीलामी प्रक्रिया लगभग 12 घंटे चली। यह पूरे भारत में एफडीआरईनिविदाओं के लिए एक मील का पत्थर है,परियोजना के ई-रिवर्स ऑक्शन में 16 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया। यह क्षमता की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन था। ऑक्शन में अडानी रिन्यूएबल्स, एनटीपीसी रिन्यूएबल्स, रिन्यू सोलर, एसीएमई, एंजी एनर्जी, दिलीप बिल्डकॉन, एमबी पॉवर जैसी कंपनियाँ शामिल थीं।     यूनिट-1 के लिए Ceigall India Ltd ने 2.70 रूपये प्रति यूनिट।     यूनिट-2 के लिए Acme Solar Holding Ltd ने 2.764 रूपये प्रति यूनिट की दर पर यह निविदा हासिल की।इस ऑक्शनमें प्राप्त टैरिफ से स्पष्ट है कि डिस्पेजेबल नवकरणीय ऊर्जा (बैटरी भंडारण के साथ सौर ऊर्जा के संयोजन से सक्षम) कोयला आधारित बिजली की तुलना में अधिक किफायती हो गई है। निवेशकों के लिए भरोसेमंद मॉडल परियोजना का विकास रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जिसने रीवा और आगर जैसी परियोजनाओं को सफलतापूर्वक विकसित किया है। RUMSL द्वारा  परियोजना को निविदा से पहले निवेश के लिए तैयार किया गया। International Finance Corporation द्वारा Transaction Advisor के रूप में मध्यप्रदेश में तैयार की गई जोखिम मुक्त परियोजनाओं ने समय-समय पर साबित किया है कि बैंकेएबल अनुबंध, पूरी तरह से भूमि एकत्रीकरण, सक्रिय पारेषण योजना, वित्तपोषण और अनुबंध सहित साइट तैयार करना, पर्यावरण और सामाजिक जोखिमों को पर्याप्त रूप से कम करना, साथ ही एक पारदर्शी और विकासक अनुकूल निविदा प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बेहतर मूल्य निर्धारण से उल्लेखनीय बचत होती है। पार्क डेवलपर के रूप में RUMSL भूमि और आंतरिक बिजली निकासी का बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा, जबकि MP Transco परियोजना के लिए आवश्यक बाहरी विद्युत निकासी हेतु बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है। इस परियोजना में एक मजबूत 3-स्तरीय payment security mechanism है, जिसमें बेहतर bankability के लिए राज्य गारंटी शामिल है तथा procurer default और assured procurement of excess energy के लिए उचित termination compensation और reduced offtake तथा ग्रिड अनुपलब्धता के लिए compensation दिया गया है। परियोजना, चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए मुरैना परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। एनर्जी ट्रांजिशन में मील का पत्थर मुरैना भारत की एनर्जी ट्रांजिशनमें एक नया मोड़ है; उम्मीद है कि इस तरह के उत्साहजनक परिणाम देश को कोयला आधारित बिजली की तुलना … Read more

नौकरी में अनुचित शर्त असंवैधानिक, ग्वालियर कोर्ट ने विधवा को न्याय दिलाया

ग्वालियर हाई कोर्ट की ग्वालियर पीठ ने एक शासकीय सेवक की विधवा को पारिवारिक पेंशन दिए जाने का आदेश सुनाया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि नियमित सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर विधवा को पारिवारिक पेंशन मिलनी चाहिए। दस वर्ष से कम सेवा अवधि की शर्त नहीं लगाई जा सकती है। याचिकाकर्ता कमलीबाई के पति की 1998 में सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी। उनकी कुल शासकीय सेवा अवधि सात साल छह माह आठ दिन थी। विभाग ने 10 साल की सेवा पूरी नहीं होने का हवाला देकर पेंशन देने से मना कर दिया था। कोर्ट ने पेंशन नियम 1976 की धारा 47 का हवाला दिया। इसके अनुसार सेवा में रहते हुए मृत्यु होने पर परिवार को पेंशन का अधिकार है।   नियम सिर्फ सेवानिवृत्ति पर लागू होता है- कोर्ट कोर्ट ने कहा कि नियम 43(2) सिर्फ सेवानिवृत्ति पर लागू होता है। सेवा में मृत्यु की स्थिति में नियम 47 लागू होगा। कोर्ट ने विभाग के दो जुलाई 2012 के आदेश को रद कर दिया है। कोर्ट ने दो माह के भीतर याचिकाकर्ता की पेंशन तय करने और भुगतान का आदेश दिया है। साथ ही बकाया पेंशन पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी निर्देश दिया है।  

ऑडियो वायरल: डांसिंग कॉप रंजीत सिंह पर अब पैसे की मांग का आरोप

इंदौर  इंदौर के प्रसिद्ध 'डांसिंग कॉप' रंजीत सिंह से जुड़ा विवाद और गहरा गया है, क्योंकि आरोप लगाने वाली युवती राधिका सिंह ने शनिवार को एक नया ऑडियो क्लिप जारी किया है जिसमें रंजीत पर एक अन्य महिला से पैसे मांगने का आरोप है।  इंदौर के ट्रैफिक हवलदार और 'डांसिंग कॉप' के नाम से मशहूर रंजीत सिंह पर गंभीर आरोप लगाने वाली युवती राधिका सिंह ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है, जिससे रंजीत की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। राधिका ने शनिवार तड़के लगभग 5:30 बजे इंस्टाग्राम पर दो नई पोस्ट साझा कीं, जिनमें एक ऑडियो क्लिप भी शामिल है। इन पोस्ट के जरिए राधिका ने रंजीत पर एक अन्य महिला से पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। इसी बीच, शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने के बाद रंजीत सिंह को शहर के शेल्बी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। युवती ने ऑडियो पोस्ट कर लगाए नए आरोप राधिका ने शनिवार सुबह एक वीडियो के साथ ऑडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा, "ये तुम्हारा फेमस सेलेब्रिटी… हाथ जोड़कर पैसे मांग रहा है, किसी और औरत से… उसने शेयर किया है। ऑडियो रिकॉर्डिंग भी है इसकी… ऐसी भीख मांग कर चला रहा था यह अपनी जिंदगी। ऑडियो सुनकर और मजा आया। मुझे यह किसी अन्य महिला ने भेजा है।" राधिका ने यह भी दावा किया है कि जिस महिला से पैसे मांगे गए, वह भी जल्द ही रंजीत के खिलाफ सामने आएगी।   अस्पताल में भर्ती रंजीत सिंह, हालत स्थिर शेल्बी अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विवेक जोशी ने रंजीत सिंह के स्वास्थ्य पर जानकारी देते हुए बताया, "रंजीत सिंह को गुरुवार को सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनका ब्लड प्रेशर काफी बढ़ा हुआ था। अब उनकी हालत ठीक है और बीपी भी सामान्य है। आज (शनिवार) उन्हें आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो कल (रविवार) उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।" कई और लड़कियों को धमकी देने का दावा अपनी दूसरी पोस्ट में राधिका ने दावा किया कि रंजीत सिंह से पीड़ित और भी कई लड़कियां हैं। उसने लिखा, "और कई लड़कियां हैं। कुछ तो मैरिड हैं, इसलिए सामने नहीं आना चाहतीं। कुछ को इसने (रंजीत) पुलिस की धमकी दी है। अब सब खुश हैं कि सीखो इससे सबक।"