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लोक निर्माण विभाग की मकरंदगंज-बरबसपुरा सड़क का मामला

कोर कटिंग से खुली सड़क के भ्रष्टाचार की परतें, कम निकली क्रस्ट की मोटाई लोक निर्माण विभाग की मकरंदगंज-बरबसपुरा सड़क का मामला मासिक निरीक्षण अंतर्गत दो मुख्य अभियंताओं की टीम ने की जांच पन्ना  ऊपर से चिकनी और गुणवत्तापूर्ण नजर आने वाली सड़क के अंदर भ्रष्टाचार का खेल किस तरह से खेला जाता है, मकरंदगंज से बरबसपुरा व्याहा नरेंद्रपुरा सड़क इसका उदाहरण है! लोक निर्माण विभाग के दो चीफ इंजीनियरों द्वारा की गई जांच में सड़क निर्माण कार्य की गंभीर गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। मकरंदगंज सड़क के Crust (क्रस्ट) यानी अर्थवर्क से लेकर डामरीकरण तक सभी परतों की कुल थिकनेस (मोटाई) निर्धारित प्रावधान से कम निकली। आबादी क्षेत्र में बनाई गई सीसी सड़क का कोर काटने पर क्रैक्स पाए गए जिससे प्रथम दृष्टया कंक्रीट मटेरियल की गुणवत्ता मानक अनरूप न होना प्रतीत होता है। मोटी रकम बचाने के चक्कर में सड़क निर्माण कार्य में जमकर की गई लीपापोती की पोल खुलने से संबंधित ठेकेदार और तकनीकी अधिकारियों में हड़कंप मचा है। जांच की आंच में झुलसने की आशंका से भयभीत स्थानीय तकनीकी अधिकारियों ने शीर्ष स्तर पर मामले को सीक्रेट तरीके से मैनेज करने की कवायद शुरू कर दी है। अब देखना यह है कि गंभीर अनियमितताओं के खुलासे पर जिम्मेदारों के खिलाफ कोई ठोस एक्शन लिया जाएगा या फिर मैनेजमेंट फंडा अपना असर दिखाएगा। सॉफ्टवेयर आधारित प्रक्रिया से हुआ था चयन मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण की नई व्यवस्था लागू की गई है। विभाग द्वारा प्रत्येक माह रेण्डम आधार पर चयनित निर्माण कार्यों के निरीक्षण हेतु 5 एवं 20 तारीख को मुख्य अभियंताओं के दल भेजे जाते हैं। कार्यों का रेण्डमाईजेशन डब्ल्यूएमएमएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से विभाग के उप सचिव के समक्ष किया जाता है। निरीक्षणकर्ता अधिकारियों को जिन कार्यों का निरीक्षण करना है उसकी सूची उन्हें एक दिन पूर्व सॉफ्टवेयर पर लॉगिन के माध्यम से उपलब्ध होती है। इस बार शुक्रवार 5 सितंबर 2025 को सागर परिक्षेत्र अंतर्गत पन्ना जिले के 4 निर्माण कार्य रेण्डम आधार पर चयनित हुए। जिनमें पीडब्ल्यूडी की 3 सड़कें और पीआईयू का एक निर्माणाधीन बिल्डिंग शामिल थी। पन्ना के निर्माण कार्यों के निरीक्षण की जिम्मेदारी इस बार केएस यादव मुख्य अभियंता भवन परिक्षेत्र भोपाल एवं बीएस मीणा मुख्य अभियंता एमपीआरडीसी को मिली थी। दोनों वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों द्वारा मकरंदगंज सड़क का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान लोनिवि के स्थानीय अधिकारी उपस्थित रहे। 3 करोड़ 68 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति लोक निर्माण विभाग संभाग पन्ना से प्राप्त जानकारी अनुसार मकरंदगंज से बरबसपुरा व्याहा नरेंद्रपुरा मार्ग की कुल लंबाई 3.20 किलोमीटर है। शासन द्वारा इसके निर्माण हेतु दिनांक 22 दिसंबर 2022 को 3 करोड़ 68 लाख 98 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। जबकि निविदा की राशि (अनुबंधित राशि) 3 करोड़ 8 लाख 29 हजार रुपए थी। सड़क निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग द्वारा ठेका फर्म मेसर्स मारुति नंदन कंस्ट्रक्शन सतना को कार्यादेश क्रमांक 1280 पन्ना दिनांक 11 अप्रैल 2023 को जारी किया गया। सड़क की निविदा दर एसआर से 24.50 प्रतिशत कम थी। अनुबंध अनुसार मार्ग निर्माण कार्य दिनांक 10 सितंबर 2023 (छह माह की अवधि) में पूर्ण किया जाना था। मकरंदगंज मार्ग का कार्य लोनिवि के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री एसके पाण्डेय के कार्यकाल में हुआ। जिसके अनुविभागीय अधिकारी बीके त्रिपाठी एवं प्रभारी उपयंत्री आरएम बागरी रहे। कार्य की गुणवत्ता से हुआ समझौता शुक्रवार 5 सितंबर को नवनिर्मित मकरंदगंज मार्ग का सघन निरीक्षण करने वाले चीफ इंजीनियर्स केएस यादव भोपाल एवं बीएस मीणा एमपीआरडीसी द्वारा अपने समक्ष कोर काटा गया। ऊपर से देखने में अच्छी और गुणवत्तापूर्ण नजर आ रही सड़क का कोर कटने पर अंदर दबी परतों का स्याह सच सतह पर आया तो निरीक्षणकर्ता अधिकारी भी दंग रह गए। इस दौरान मौके पर उपस्थित रहे एक अधिकारी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर जानकारी देते हुए बताया कि, सीसी सड़क के कोर की पूर्णतः मोटाई में क्रैक्स पाए गए। सीसी सड़क की मोटाई (थिकनेस) मानक अनुरूप है लेकिन क्रैक्स होने से पीक्यूसी (Pavment Quality Concrete) की गुणवत्ता से समझौता होना प्रतीत होता है। जिसका सीधा असर सड़क की मजबूती और टिकाऊपन पर पड़ता है। सड़क की विभिन्न परतों क्रस्ट (Crust) की कुल मोटाई जांच में निर्धारित प्रावधान से कम पाई गई। सिर्फ इतना ही नहीं सड़क की डीबीएम एवं बीसी लेयर (डामर की परतें) भी गुणवत्ता की कसौटी पर खरी नहीं उतरीं। हालांकि बीटी कार्य की सतह को निरीक्षणकर्ताओं ने अच्छा बताया है। राजधानी भोपाल के एक विभागीय सूत्र ने बताया कि, निरीक्षण में सड़क निर्माण कार्य की लीपापोती की परतें खुलने पर निरीक्षणकर्ता अधिकारियों ने अपनी संक्षिप्त रिपोर्ट में उन्हें गोलमोल तरीके से इंगित करते हुए अधीक्षण यंत्री से विस्तृत जांच कराने का सुझाव दिया है। हैरानी की बात है कि सड़क की जांच करने वाले दोनों वरिष्ठ अधिकारी अब कनिष्ठ अधिकारी से विस्तृत जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। सूत्र ने बताया कि, रिपोर्ट में प्रायः इस तरह की गुंजाइश सिर्फ इसलिए छोड़ी जाती है, ताकि सिफारिश और मैनेजमेंट फंडे की स्थिति में मामले को सुविधानुसार कोई भी मोड़ दिया जा सके। इनका कहना है-  'मुख्य अभियंताद्वय ने मकरंदगंज मार्ग का निरीक्षण किया था। जांच प्रतिवेदन उनके द्वारा देर रात्रि में बंद कमरे में तैयार किया गया था इसलिए प्रतिवेदन के तथ्यों की फिलहाल जानकारी नहीं है। समीक्षा बैठक में जांच रिपोर्ट पर चर्चा होती है और जांच के तथ्यों के आधार पर संबंधितों पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है।' जे.पी. सोनकर प्रभारी कार्यपालन यंत्री लोनिवि पन्ना।

विधायक से लाडली बहनों की गुहार: नीमत-हर्ज़ीपुरा में नए केंद्र और स्कूल की दरकार

विधायक की जनसुनवाई में ग्राम पंचायत गोविंदपुरा की लाडली बहनाओ ने पहुच कर की मांग,नीमत-हर्ज़ीपुरा में खुलवाये आंगनबाड़ी केन्द्र,प्रा शाला भवन नया बनवाने की रखी मांग,आई लाडली बहनाओ का विधायक ने किया स्वागत, आज जनसुनवाई में आये नागरिको की विधायक ने सुनी समस्याएं  आष्टा मध्य प्रदेश के आष्टा जिला में आज जनसुनवाई में ग्राम पंचायत गोविंदपुरा के ग्राम निमत-हर्ज़ीपुरा की बड़ी संख्या में लाडली बहनाए विधायक कार्यालय पहुची । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने अपने कार्यालय में पहली बार आई सभी लाडली बहनाओ को सासम्मान बैठाया उनको जल पान कराया और स्वयं उनके बीच मे पहुच कर उनकी समस्याओं को सुना उनकी मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया । आई लाडली बहनाओ ने विधायक से मांग की की उनके ग्राम की प्राथमिक शाला का भवन जर्जर हो गया है,उसे नया बनवाया जाये, ग्राम में आंगनबाड़ी नही है उसे खुलवाया जाये, ग्राम में पेयजल की समस्या है एक बोर खनन कराया जाये, सड़क निर्माण कराये,बिजली पोल लगवाये, तथा ग्राम में चबूतरे का निर्माण कराया जाये । विधायक ने आई सभी लाडली बहनाओ को भरोसा दिया कि आप सब मेरी लाडली बहना है आपने जो भी समस्या बताई,मांग रखी वे सब मे पूरी करूंगा । विधायक ने सभी से पूछा की आपको हर माह लाडली बहना की राशि मिलती है,सभी ने बताया हा खाते में आती है । विधायक ने बहनाओ को बताया की अब जल्दी ही आपके खाते में लाडली बहना योजना की राशि 1250/- के स्थान पर 1500/- रुपये आयेगी । आज जनसुनवाई में कई ग्रामो से ग्रामीण विधायक कार्यालय में आयोजित होने वाली जनसुनवाई में  पहुचे थे । स्मरण रहे प्रत्येक बुधवार को आष्टा विधायक अपने कार्यालय में सुबाह 10 बजे से जनता की समस्याओं को सुनने,उनेह हल करवाने के लिये जनसुनवाई करते है । आज बुधवार को प्रातः 10 बजे से कार्यालय में उपस्तिथ रह कर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने जनता की समस्याओं को सुना एवं उनकी समस्याओं को हल करने के सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिये । आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर जो की हर बुधवार को अपने कार्यालय में जन सुनवाई कार्यक्रम के तहत उपस्तिथ रहते है । आज भी बड़ी संख्या में क्षेत्र से नागरिक जनसुनवाई में पहुचे एवं अपनी अपनी पीड़ा से विधायक को अवगत कराया एवं आवेदन दिये। जनता से प्राप्त आवेदनों पर विधायक ने कहा की आपका जन सेवक होने के नाते आपकी समस्याओं को सुनना, हल करना मेरा धर्म है। आज आये आवेदनों को तत्काल सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर ग्रामीणों की समस्याओं का समय सीमा में तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिये ।  विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कार्यालय आये सभी नागरिको को भरोसा दिया कि आपकी समस्याओं का जल्द निराकरण होगा,जो मांग शासन स्तर की है उनेह वे शासन तक पहुचायेंगे।विधायक कार्यालय से जानकारी देते हुए बताया की आज जनसुनवाई में आये ग्रामीणों ने विद्युत विभाग द्वारा जारी चालानी कार्यवाही निरस्त कराने,पुलिस द्वारा कार्यवाही कराने, उच्च शिक्षा निःशुल्क प्रदाय कराने,ग्राम नीमत हर्जीपुरा में नवीन शाला भवन,पेयजल व्यवस्था,सी.सी. रोड़ निर्माण कराने,वृद्धा पेंशन प्रदाय कराने,वृद्धा पेंशन की राशि 600 की जगह 1000 रूपये करने,कबीर आश्रम निर्माण हेतु सहायता राशि प्रदाय कराने,स्वैच्छिक स्थानान्तरण चाही गई स्थान पर नहीं होने से किया गया स्थानान्तरण निरस्त कराने,सहाकरी दुकान से प्रदाय किये जाने वाले चावल के स्थान पर गेहूँ प्रदाय कराने,आर्थिक सहायता राशि प्रदाय कराने,ट्रांसफार्मर स्थापित कराने, वृद्धा पेंशन राशि हेतु पंजीयन कराने, पिछले चार पांच माह से बंद खाद्वान्न प्रदाय कराने,दिव्यांग हेतु स्कूटी पेट्रोल वाली प्रदाय कराने सहित अन्य आवेदन प्राप्त हुए। सभी आई शिकायतों एवं आवेदनों को सम्बंधित विभागों को निराकरण हेतु निर्देश दिये है । विभागों की आई समस्याओं को लेकर मौके से ही सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को आई समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश दिये,कुछ आवेदन निराकरण हेतु सम्बंधित विभागों को भेजे गये ।

अंतिम चरण में साँईखेड़ा जल-प्रदाय परियोजना, 40 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्प़नी द्वारा एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से नरसिंहपुर जिले के साँईखेडा, सालीचौका और चिचली कस्बों में समूह जल‑प्रदाय परियोजना का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुँच चुका है। परियोजना से 40 हजार से अधिक नागरिक प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। परियोजना पर 52 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं। परियोजना के अंतर्गत नर्मदा नदी से जल संग्रहण कर 6.5 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र स्थापित किया गया है। परियोजना से हर घर को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से व्यापक वितरण नेटवर्क स्थापित किया गया है।साँईखेडा में 33 किलोमीटर, सालीचौका में 41 किलोमीटर और चिचली में 40 किलोमीटर लंबी पाइप-लाइन बिछाई गई है। जल संग्रहण की व्यवस्था को मजबूत करने के लिये साँईखेडा और चिचली में दो‑दो नए ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं, जो मौजूदा टैंकों के साथ मिलकर आपूर्ति नेटवर्क की स्थिरता में सहयोग कर रहे हैं।परियोजना में प्रस्तावित 7 हजार 396 घरेलू कनेक्शनों में से अब तक 6 हजार 348 कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। क्षेत्र में शीघ्र ही परियोजना का प्रायोगिक परीक्षण भी प्रारंभ किया जायेगा।  

लाड़ली बहना योजना: इंतजार खत्म! आज आएगी 28वीं किस्त

भोपाल  मध्य प्रदेश की लाडली बहनों के लिए सितंबर महीने की खुशखबरी आ गई है। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त का पैसा कब आएगा, इसकी तारीख के बारे में जानकारी मिल गई है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव इस बार झाबुआ जिले से लाडली बहना योजना का पैसा 1.26 करोड़ महिलाओं के खाते में ट्रांसफर करेंगे। झाबुआ जिले में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियां हुई पूरी । सीएम के आगमन के लिए झाबुआ में तैयारियां पूरी । हेलीपैड और कार्यक्रम स्थल का निर्माण हुआ पूर्ण  । सूत्रों से जानकारी म‍िली है क‍ि मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त का पैसा 12 सितंबर यानी आज शुक्रवार को लाडली बहना योजना का बड़ा कार्यक्रम होगा। झाबुआ कलेक्‍टर ऑफ‍िस ने भी फेसबुक पोस्‍ट में 12 स‍ितंंबर की ही जानकारी दी है। कहा जा रहा था कि पैसा 13 सितंबर को ट्रांसफर होगा। हालांक‍ि अभी तक सरकार की ओर से कार्यक्रम को लेकर आध‍िकार‍िक ऐलान नहीं क‍िया गया है। इस बार आएंगे कितने पैसे पिछले महीने अगस्त में लाडली बहनों को रक्षाबंधन के शगुन के रूप में 250 रुपये अलग से मिले थे और उनके खाते में 1500 रुपये आए थे। लेकिन इस महीने 28वीं किस्त के रूप में पहले की तरह 1250 रुपये मिलेंगे। महिलाओं के खाते में पैसा भेजने के लिए सरकार को हर महीने करीब 1550 करोड़ रुपये खर्च करने होते हैं। कब से मिलेंगे 1500 रुपये लाडली बहना योजना के लिए 1500 रुपये कब से मिलने शुरू होंगे? इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही अपडेट दे चुके हैं। महिलाओं का 1500 रुपये का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। सीएम मोहन यादव के मुताबिक भाई दूज से 1500 रुपये हर महीने मिलना शुरू हो जाएंगे। इस बार भाई दूज अगले ही महीने 23 अक्टूबर को है। इस बात की पूरी संभावना है कि लाडली बहना योजना की 29वीं किस्त के रूप में महिलाओं को 1500 रुपये मिलना शुरू हो जाए। लाडली बहना योजना की 27वीं किस्त पिछले महीने 7 अगस्त को ही मिल गई थी। रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1.26 करोड़ महिलाओं के खाते में 1250 रुपये की किस्त और 250 रुपये रक्षाबंधन का शगुन एक साथ भेज दिया था। लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने 1,500 रुपये कब से मिलेंगे? पहले ही सीएम मोहन यादव ऐलान कर चुके हैं कि लाडली बहनों को मिलने वाली राशि को हर महीने बढ़ाया जाएगा। 2028 तक लाभार्थियों के खाते में 3000 रुपये आने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने हाल ही में कहा था कि लाड़ली बहनों के खाते में अक्टूबर से हर महीने 1500 रुपये आने शुरू हो जाएंगे। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के बारे में पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Scheme) शुरू की गई थी। इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था। जून 2023 को इस योजना की पहली किस्त जारी की गई थी। सरकार ने 2023 रक्षाबंधन में इस राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था। तभी से अभी तक लाड़ली बहना योजना के तहत 1250 रुपए महीना मिल रहे हैं। सरकार ने अब इस योजना की राशि को बढ़ाने का निर्णय लिया है। किन्हें मिलेगा लाड़ली बहना योजना का फायदा? – 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी प्रदेश की समस्त विवाहित महिलाएं लाड़ली बहना योजना में 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है। किन्हें नहीं मिलेगा लाड़ली बहना योजना का फायदा? – महिलांए या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते है। – अगर ज्वाइंट फैमिली है और 5 एकड़ से अधिक भूमि है। फटाफट चेक कर लें अपना नाम आपके खाते में 1250 रुपये आएंगे या नहीं, इसका पता आप आज ही लगा सकती हैं। इसके लिए लाडली बहना योजना के पोर्टल पर जाएं और 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' पर क्लिक करें। यहां अपने रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी और ओटीपी से अपना नाम चेक कर सकती हैं।  

PWD ने धार के लिए भेजा प्रस्ताव: 8 स्थाई हेलीपैड से बढ़ेगी सुविधा

धार  एमपी के धार जिले में पर्यटन और तीर्थ स्थल को बढ़ावा देने के लिए शासन द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं। अब इसमें एक कदम और आगे बढ़ाते हुए हवाई सफर की सौगात शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए जिले में आठ स्थानों पर स्थाई हेलीपैड बनाने की योजना पर काम चल रहा है। सबकुछ ठीक रहा है, तो जिल के प्रमुख स्थान हेलीपैड जैसी सुविधा से जुड़ जाएंगे। जहां आने वाले समय में आमजन हेलीकॉप्टर उड़ान भरते देखे जा सकते हैं। सरकार द्वारा वीआईपी कल्चर को फोकस करते हुए दिशा में काम शुरू कर दिया है। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा जिले के प्रमुख जगह पर स्थाई हेलीपैड बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार के विमानन विभाग को भेजा है, जहां से स्वीकृति मिलने के बाद स्थाई तौर पर हेलीपैड बनाने का काम शुरू किया जाएगा। अभी इसी प्रकार की सुविधा केवल धार जिला मुख्यालय और पीथमपुर में है। धार में पुलिस लाइन में पक्का हेलीपैड बना है। हवाई सुविधा से सीधे कनेक्ट होगा धार आजादी के बाद से धार जिला विकास के मामले में पड़ोसी जिलों से पिछड़ा हुआ है। आवागमन के रूप में सडक़ परिवहन और संसाधन कम रहे। हालांकि अब इंदौर-दाहोद रेलवे परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। निकट भविष्य में धार में रेल सेवा भी शुरु हो जाएगी। ऐसे ही वीआईपी सुविधा के दृष्टि से हवाई सफर की सौगात मिल सकती है। अभी ये आ रही परेशानी राजनेता, वीआईपी और अन्य बड़े मेहमानों के आने पर हवाई सेवा की सुविधा नहीं है। इंदौर हवाई अड्डे पर उतरने के बाद टैक्सी या फिर प्राइवेट वाहन से पर्यटक और मेहमानों को मांडू और मोहनखेड़ा पहुंचना पड़ता है। इसी प्रकार चुनाव अथवा किसी राजनेता के दौरा कार्यक्रम के समय अस्थाई हेलीपैड तैयार करना होता है। इसमें बार-बार पैसा खर्च होता है। इसलिए सरकार की मंशा है कि जिले में कुछ चुंनिदा जगह पर स्थाई हेलीपैड तैयार किया जाए। मांडू, अमझेरा और मोहनखेड़ा तीर्थ स्थल शामिल ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मांडू, अमझेरा सहित जैन तीर्थस्थल मोहनखेड़ा में स्थाई हेलीपैड तैयार करने की योजना है। इसके अलावा कुक्षी, गंधवानी, मनावर, धरमपुरी और बदनावर में स्थाई हेलीपैड बनाने की योजना है। जिसका प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी विभाग ने तैयार किया है। बदनावर को छोडक़र अन्य सभी स्थानों पर जगह का चयन हो चुका है। पीडब्ल्यूडी द्वारा दो प्रकार के स्थाई हेलीपैड बनाए जाते हैं। इसमें एक सीमेंट कांक्रीट और दूसरा डामरी-गिट्टी से बनता है। जिले में बनने वाले आठों हेलीपैड डामर से बनाएं जाएंगे। प्रस्ताव भेजा है… विभाग द्वारा आठ स्थानों पर स्थाई हेलीपैड बनाने के लिए जगह चयनित कर प्रस्ताव बनाया है। इसे भारत सरकार के विमानन विभाग को भेजा गया है, जहां से स्वीकृति और बजट सेशन होने पर काम शुरू किया जाएगा।- बबीता सोनगर, ईई पीडब्ल्यूडी विभाग धार पूरे साल पहुंचते हैं सैलानी मांडू: ऐतिहासिक पर्यटन स्थल के रूप में विख्यात। जहां पूरे साल देशी-विदेशी पर्यटक व सैलानी आते हैं। एक साल में तकरीबन चार लाख से अधिक पर्यटक आते हैं, जिससे स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी चलती है। मोहनखेड़ा: जैन श्वेतांबर ट्रस्ट की पेढ़ी और प्रमुख जैन तीर्थस्थल। गुरुपूर्णिमा पर भव्य आयोजन। जनसंतों व अनुयायियों की साधना स्थली, जहां पूरे साल देशभर से समाज के लोग पहुंचते हैं। अमझेरा: अमका-झमका माता मंदिर। द्वापर में इसी जगह से भगवान श्रीकृष्ण रुक्मिणी हरण कर ले गए थे। धार्मिक मान्यता है कि रुक्मिणी हरण के लिए जो रथ इस्तेमाल हुआ था, वह आज भी मंदिर के पास स्थापित है। मुयमंत्री डॉ. मोहन यादव अमझेरा को धार्मिक स्थल घोषित कर चुके हैं।

एमपी में ट्रैफिक सुविधा के लिए बड़ा कदम, 4-लेन बायपास 3000 करोड़ में बनेगा

भोपाल  राजधानी भोपाल में पश्चिमी बायपास प्रोजेक्ट के लिए नए सिरे से भू-अर्जन शुरू किया जा रहा है। कलेक्टर ने प्रोजेक्ट के लिए तय 155 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करने के लिए हुजूर एसडीएम की अध्यक्षता में टीम बनाई है। इसमें तहसीलदार, वार्ड पार्षद, सरपंच- सदस्य समेत संबंधित ग्राम के पटवारी व राजस्व निरीक्षक को शामिल किया है। अगले छह माह में इन्हें भू- अर्जन की प्रक्रिया पूरी करना होगी। 35.60 किमी लंबा पश्चिमी बायपास रतनपुर सड़क स्थित 11 मील जोड़ से रोड का काम शुरू होगा जो फंदा कला तक चार लेन बनेगा। सरकार ने प्रोजेक्ट के लिए करीब 3000 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। यहां की इतनी जमीन लेंगे तब बनेगा बायपास     15.9929 हेक्टेयर जमीन भानपुर केकडिया     14.0685 हेक्टेयर जमीन समसगढ़     10.2719 हेक्टेयर जमीन समसपुरा     2.0694 हेक्टेयर जमीन सरवर     17.8365 हेक्टेयर जमीन झागरिया खुर्द     12.8594 हेक्टेयर जमीन मूंडला     13.5931 हेक्टेयर जमीन नरेला     4.5198 हेक्टेयर जमीन टीलाखेड़ी     8.2897 हेक्टेयर जमीन जाटखेड़ी     7.0626 हेक्टेयर जमीन खोकरिया     4.0910 हेक्टेयर जमीन हताईखेड़ी     7.5226 हेक्टेयर जमीन दूबड़ी     7.4606 हेक्टेयर जमीन पिपलिया धाकड़ 9163 हेक्टेयर जमीन फंदा खुर्द 14.1189 हेक्टेयर जमीन फंदा कलां 155.731 हेक्टेयर कुल अर्जित क्षेत्र है इसलिए जरूरी पूरा बायपास बायपास एक तरह से शहर की सीमा को तय करता है और जिन वाहनों को शहर में नहीं आना होता है वह बायपास से बाहर निकल जाते हैं। छह माह में प्रक्रिया पूरी नए सिरे से भू अर्जन करने हमने टीम तय कर दी है। आगामी छह माह में प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बायपास जल्द बने इसके लिए जल्द से जल्द काम पूरा किया जाएगा।-कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर

सीएम डॉ. यादव करेंगे गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट का शुभारंभ, लक्ज़री कैंपिंग और हवाई रोमांच का केंद्र बनेगा

लक्ज़री कैंपिंग से हवाई एडवेंचर का मिलेगा रोमांचक अनुभव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 12 सितम्बर को मंदसौर में गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के चौथे संस्करण का शुभारंभ करेंगे। यह रिट्रीट लल्लूजी एंड संस द्वारा मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के सहयोग से विकसित किया गया है, जो लक्ज़री कैंपिंग, एडवेंचर टूरिज्म और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनूठा संगम है। गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के दौरान पर्यटक टेंट सिटी में हॉट-एयर बलूनिंग, पैरामोटरिंग, जेट स्कीइंग, कायाकिंग और मोटर बोटिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। हिंगलाजगढ़ किले की हेरिटेज ट्रेल, गांधीसागर अभयारण्य में वन्यजीव सफारी और ग्रामीण जीवन के अनुभव भी पर्यटकों के आकर्षण का हिस्सा रहेंगे। इस रिट्रीट में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता पर विशेष ध्यान दिया गया है। लगभग 2,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित बटरफ्लाई गार्डन में 4,000 से अधिक पोषक एवं पराग प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। यहां पहले से ही 40 से अधिक तितली प्रजातियां दर्ज की जा चुकी हैं। यह केंद्र शिक्षा एवं इंटरप्रिटेशन स्थल के रूप में पर्यटकों को तितलियों के जीवन चक्र की जानकारी प्रदान करेगा। इसके अलावा इस सीज़न में रॉक आर्ट इंटरप्रिटेशन ज़ोन, जो चतुर्भुज नाला की प्राचीन शैलचित्र कला से प्रेरित है, तथा बायोडायवर्सिटी वॉक जैसी गतिविधियां भी शामिल की गई हैं। पर्यटक इस रिट्रीट में गाइडेड बटरफ्लाई गार्डन टूर, नेचर वॉक, बर्ड वॉचिंग, वाटर स्पोर्ट्स (स्पीड बोट, बनाना राइड, जेट स्की, कयाकिंग) और हवाई एडवेंचर (हॉट एयर बैलूनिंग व पैरामोटरिंग) जैसी शानदार गतिविधियों का अनुभव लेकर प्रकृति के और करीब आ सकेंगे।  

दत्तक पुत्र की भांति वृद्धजनों को अडाप्ट करने पर फोकस किया जाए : मंत्री कुशवाह

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए सुझाव भोपाल  सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह गुरूवार को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित सामाजिक कल्याण एवं सुरक्षा क्षेत्र पर मंत्री समूह की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए। बैठक केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। मंत्री श्री कुशवाह ने ईज ऑफ डुइंग बिजनेस, ईज ऑफ लिविंग को बेहतर बनाने तथा नागरिकों और उद्यमों पर अनुपालन बोझ कम करने के लिए दत्तक पुत्र की भांति वृद्धजनों को अडॉप्ट करने, पैरेंटल केयर लीव लिए जाने तथा सशुल्क वृद्धाश्रमों को पीपीपी मोड पर विकसित करने के सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से समाज कल्याण के क्षेत्र में बेहतर कार्य हो सकेगा। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि वृद्धजनों को समाज की मुख्य धारा में बनाए रखने की जरूरत है, जो वृद्धजन शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हैं, उनको क्षमता के अनुसार रचनात्मक कार्यों से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी वृद्धाश्रमों, नशा मुक्ति केंद्र, डीआरसी भिक्षु गृह आदि के संचालन के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिव प्रोसीजर बनाया जाना चाहिए। सभी जरूरतमंदों के लिए एक हेल्पलाइन विकसित किए जाने, ट्रांसजेण्डर व्यक्तियों को 50 वर्ष की आयु के बाद वृद्धजनों का दर्जा दिए जाने तथा केन्द्र में ओबीसी एवं एससी विभाग पृथक पृथक बनाए जाने का सुझाव भी दिया। केंद्रीय मंत्री श्री वीरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कि विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को आगे बढ़ाने के लिये सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय समाज के वंचित वर्गों के विकास के लिए एक रोड मैप पर कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में सभी प्रदेशों के सामाजिक न्याय विभागों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया और न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन के अनुरूप संस्थाओं को सुदृढ़ बनाना, केंद्र, राज्य, नगर निगम सुधारों की पहचान करना और मौजूदा कानून में आवश्यक संशोधन पर भी विचार किया जा रहा है। इसी कड़ी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुझाव आमंत्रित किए गये है।

कलेक्टर्स व्यवस्थित ढंग से करायें खाद का वितरण : कृषि मंत्री कंषाना

प्रदेश में गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष खाद की अधिक उपलब्धता भोपाल  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि प्रदेश के सभी जिलों में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने सभी जिला कलेक्टर्स को अपने जिले में खाद का वितरण व्यवस्थित ढंग से कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक खाद उपलब्ध होगी। प्रदेश में गत वर्ष 01 अप्रैल से 9 सितम्बर 2024 तक 15.83 लाख मीट्रिक टन यूरिया का विक्रय हुआ था जिसके विरुद्ध इस वर्ष 9 सितंबर 2025 तक 18.34 लाख मीट्रिक टन की कुल उपलब्धता थी, जिसमें से 16.19 लाख मीट्रिक टन का विक्रय किया जा चुका है। प्रदेश में 2.15 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। प्रदेश में गत वर्ष 01 अप्रैल से 9 सितम्बर 2024 तक 9.39 लाख मीट्रिक टन डी.ए.पी + एन.पी.के. का विक्रय हुआ था जिसके विरुद्ध इस वर्ष 9 सितंबर तक 13.96 लाख मीट्रिक टन की कुल उपलब्धता थी, जिसमें से 9.71 लाख मीट्रिक टन का विक्रय किया जा चुका है एवं 4.25 लाख मीट्रिक टन डी.ए.पी. + एन.पी.के. प्रदेश में उपलब्ध है। प्रदेश के लिए प्रतिदिन लगभग 7 से 8 रैक विभिन्न जिलों के लिए आ रही हैं।  

मुख्यमंत्री ने जिले में खराब हुई सोयाबीन की फसल का सर्वे कराने के दिये निर्देश

भोपाल  प्रदेश सरकार किसानों के साथ है और हम किसानों को किसी तरह का नुकसान नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को शाजापुर जिले की पोलायकलां तहसील के ग्राम खड़ी में विभिन्न कारणों से खराब हुई सोयाबीन की फसल के अवलोकन के बाद किसानों को यह भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाजापुर कलेक्टर सहित प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को खराब हुई सोयाबीन की फसल का सर्वे कराने के निर्देश दिये। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, विधायक श्री घनश्याम चन्द्रवंशी, श्री अरूण भीमावद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हेमराज सिंह सिसोदिया एवं डॉ. रवि पाण्डेय भी इस अवसर पर मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान चौपाल में कहा कि बारिश कम होने एवं कीट प्रकोप के कारण जहां-जहां भी सोयाबीन की फसल को नुकसान हुआ है, उसका पूरा सर्वे कराया जायेगा, किसानों को नुकसान नहीं होने देंगे। किसानों को अधिकतम लाभ दिया जायेगा। किसानों की जिंदगी बेहतर हो, इसके लिए केन्द्र एवं राज्य की सरकार लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने कलेक्टर शाजापुर को निर्देश दिये कि जिन किसानों को पिछले वर्षों की बीमा राशि प्राप्त नहीं हुई है, उनके प्रकरणों का निराकरण कराएं। आने वाले समय में शाजापुर जिले के किसानों को नर्मदा-पार्वती-चंबल-कालीसिंध लिंक परियोजना से पानी उपलब्ध कराया जायेगा। इससे गरीब किसानों के जीवन में बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देशी गाय पालन को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू की गई कामधेनु योजना के बारे में बताते हुए कहा कि इस योजना में किसानों से गाय का दूध क्रय किया जायेगा। उन्होंने 25 गाय के पालन पर लगने वाली राशि 40 लाख पर सरकार द्वारा 10 लाख रूपये का अनुदान भी दिया जायेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में गायों के लिए गौशालाएं भी बनाई जायेगी। गौशालाओं को गायों के रखरखाव के लिए 40 रूपये प्रति गाय की दर से अनुदान दिया जायेगा। पांच हजार से अधिक पशु रखकर गौशाला संचालित करने पर भूमि भी उपलब्ध कराई जायेगी। इसी तरह क्षेत्र में विचरण कर रहे वन्यप्राणियों हिरण, नील गाय आदि के समुचित व्यवस्थापन के निर्देश भी वन विभाग को दिये। उन्होंने कहा कि किसान बिना किसी चिंता के अपनी फसलों का उत्पादन प्राप्त करें और खुशहाल बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “एक बगिया माँ के नाम” योजना के बारे में बताया और कहा कि किसानों को एक एकड़ जमीन में फलोद्यान लगाने पर प्रथम वर्ष 2 लाख रूपये तथा इसके अगले वर्ष 55 हजार रूपये इस प्रकार 3 वर्ष तक अनुदान दिया जायेगा। कपास उत्पादन को प्रदेश सरकार प्रोत्साहित करेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कपास उत्पादन को प्रोत्साहित किया जायेगा। इसके लिए धार जिले के बदनावर में “पीएम मित्रा” औद्योगिक पार्क विकसित करने जा रहे हैं, जिसका 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शिलान्यास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि धार जिले सहित मालवा निमाड़ अंचल के कपास उत्पादक किसानों के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन लाने का माध्यम बनेगा। किसान से नुकसान की जानकारी ली मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम खड़ी के किसान श्री परवत सिंह बगाना के निवास पर जाकर उनसे सोयाबीन की खराब हुई फसल से हुए नुकसान की जानकारी ली।