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8 अगस्त को भद्रा मुक्त रक्षाबंधन: सौ साल बाद बना दुर्लभ योग, देखें शुभ चौघड़िया मुहूर्त

इंदौर इस बार 100 साल बाद भद्रा रहित निर्विघ्न राखी 9 अगस्त को मनाई जाएगी। इसके चलते पूरे दिन बहन-भाई की कलाई पर रेशम की डोर बांध सकेगी। भ्रदा में राखी बांधना और होलिका दहन निषेध बताया गया है।भाई-बहन के स्नेह के पर्व पर दुर्लभ नवपंचम योग भी रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग भी दोपहर 2.24 बजे तक रहेगा।साथ इस दिन सूर्य व बुध कर्क, चंद्र मकर, मंगल कन्या, गुरु एवं शुक्र मिथुन, राहु कुंभ व केतु सिंह राशि में रहेगा। 9 अगस्त को बन रहे दुर्लभ महासंयोग में मनेगा रक्षाबंधन, आखिरी बार 1930 में बना था     ज्योतिर्विद् विनायक त्रिवेदी के अनुसार रक्षा बंधन श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को भद्रा रहित तीन मुहूर्त या उससे अधिक व्यापिनी पूर्णिमा तिथि को अपरान्ह व व प्रदोष काल में मनाया जाता है।     पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2.12 बजे से 9 अगस्त को दोपहर 1.24 बजे तक रहेगी।     भद्रा भी पूर्णिमा के साथ 8 अगस्त को शुरू होकर रात 1.49 बजे तक रहेगी।     सूर्योदय से पहले भद्रा के समाप्त होने से पर्व इस बार निर्विघ्न रूप से मनाया जाएगा।     9 अगस्त को श्रवण नक्षत्र और चंद्रमा मकर राशि में रहेगा।     इसके स्वामी शनि है और इस दिन शनिवार है।     शास्त्रों के अनुसार श्रवण नक्षत्र के अधिपति विष्णु एवं सौभाग्य योग के अधिपति ब्रह्मा हैं।     इसके चलते यह पर्व सृष्टि के निर्माता ब्रह्मा एवं जगत के पालनहार भगवान विष्णु के साक्षी में मनेगा।   इस बार Raksha Bandhan पर भाई की कलाई पर बांधे शुद्ध वैदिक राखी, जानें इसका महत्व चौघड़िया अनुसार राखी बांधने का समय शुभ : सुबह 07.39 से 09.16 बजे तक। चर : दोपहर 12.29 से 02.06 बजे तक। लाभ : दोपहर 2.07 से 03.43 एवं शाम 6.56 से 8.20 बजे तक। अमृत : दोपहर 3.44 से शाम 05.20 बजे तक।

पुलिस महानिदेशक मकवाना से वन बल प्रमुख अम्बाडे़ ने की भेंट

भोपाल पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना से प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही.एन. अम्बाड़े ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात में प्रदेश स्तर पर विभिन्न टाईगर स्ट्राइक फोर्स की बैठकें आयोजित करने पर सहमति बनी। इससे प्रदेश में जानवरों के अवैध शिकार को नियंत्रित किया जा सकेगा। पुलिस विभाग के सहयोग से अवैध अतिक्रमणों को हटाने एवं संगठित रूप से हो रही लकड़ी चोरी को रोकने में सहयोग भी मिलेगा। इसके अतिरिक्त अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।  

दिल्ली में म.प्र. के सरकारी भवनों के सोलराइजेशन के लिए हुई प्री-बिड मीटिंग

मीटिंग में रेस्को मॉडल पर सोलराइजेशन को लेकर वेंडर्स की शंकाओं का हुआ समाधान भोपाल  अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के सरकारी भवनों के सौर ऊर्जीकरण के लिये गुरूवार को प्री-बिड मीटिंग हुई। इसमें एमडी मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के श्री अमनबीर सिंह बैंस ने वेंडर्स को प्रेजेंटेशन देकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। बैठक में मध्यप्रदेश के विभिन्न सरकारी भवनों के RESCO मॉडल पर आधारित सोलराइजेशन को लेकर वेंडर्स की शंकाओं का समाधान किया गया। इसमें 70 से अधिक प्रतिभागियों ने सोलराइजेशन के संबंध में अपने विचार रखे। एसीएस श्री मनु श्रीवास्तव ने बताया कि सौर ऊर्जीकरण के लिये की जा रही यह प्री-बिड मध्यप्रदेश के सरकारी भवनों को शत-प्रतिशत सौर ऊर्जीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकारी भवनों पर बिना किसी अग्रिम निवेश के सोलर प्लांट लगाए जाएँगे, इससे बिजली के बिल में भी बचत होगी। 

कुबेरेश्वर धाम हादसा: भीड़ और शोर बना काल, प्रशासन ने 8 डीजे ऑपरेटरों पर दर्ज किया केस

सीहोर कुबेरेश्वर धाम से एक 40 वर्षीय युवक अनिल पिता महावीर को अचानक स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की मौत का कारण हृदय गति रुकना बताया गया है। मृतक अस्थमा का मरीज भी था। मृतक ग्राम खेड़ा कला, दिल्ली निवासी हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान तीन दिन में सात मौत हो चुकी हैं। छठे मृतक की पहचान उपेन्द्र गुप्ता पिता प्रेम गुप्ता उम्र 22 निवासी जिला गोरखपुर तहसील पिपराइच बड़ा टोला उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। कुबेरेश्वर धाम पर अब तक हुई 7 लोगों की मौत में दो महिलाओं की मौत धक्का मुक्की के दौरान हुई थी। चार लोगों की मौत प्राकृतिक तौर पर हुई है। गुरुवार को ही दूसरी और अब तक सातवीं मौत अनिल पिता महावीर की हुई है।   8 डीजे संचालकों पर सीहोर पुलिस की कार्रवाई 6 अगस्त को कोतवाली पुलिस सीहोर द्वारा बिना अनुमति के तेज आवाज में डीजे बजाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले व वाहनों पर उनके आकार से कई अधिक बड़े-बड़े साउंड सिस्टम लगाकर राजमार्ग अवरुद्ध कर यातायात बाधित करने वाले आठ डीजे संचालकों पर कार्रवाई की गई है। 6 अगस्त को सीहोर में पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा सीवन नदी सीहोर से जल भरकर कुबरेश्वर धाम तक कावड़ यात्रा निकाली जा रही थी, जिसके कारण सीहोर से लेकर कुबरेश्वर धाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ थी जो पैदल-पैदल कांवड़ लेकर जा रहे थे, जिसके कारण हाईवे पर अधिक ट्रैफिक था। ऐसे में कुछ डीजे संचालक ध्वनि तीव्रता की निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजा रहे थे व वाहनों पर उनके आकार से कई अधिक बड़े-बड़े साउंड सिस्टम लगाकर यातायात बाधित कर रहे थे, जिसकी सूचना मिलने पर थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक रविंद्र यादव के नेतृत्व में उनकी टीम द्वारा अलग-अलग जगह से आठ डीजे जब्त कर उनके विरुद्ध मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया। इन वाहनों को किया गया जब्त जब्त किए गए डीजे में वाहन क्रमांक एमपी 14 एच बी 0125 त्रिनेत्र डीजे संचालक निखिल कुमार पिता सुरेश परमार आयु 25 साल निवासी बड़ोदरा गुजरात एमपी 09एचएफ9586 नटराज डीजे कुशवाहा पिता राजाराम कुशवाहा निवासी मुबारकपुर भोपाल, यूपी 78 सीटी 6178 कसाना डीजे संचालक राजा सोलंकी पिता कन्हैयालाल सोलंकी निवासी पटेल कॉलोनी बढ़िया खेड़ी सीहोर, सीजी 07 सीएन 3589 संचालक स्वदेश छीरेले पिता राम नारायण छीरेले निवासी कैंप भिलाई दुर्ग छत्तीसगढ़, एमपी 04 एच ई 1058 बाबा डीजे संचालक कमलेश कुशवाह पिता कैलाश कुशवाहा निवासी मोती बाबा मंदिर के पास सीहोर, एमपी 13 एच 2008 प्रशांत डीजे संचालक अश्विन काटने पिता गौतम कथा ने निवासी सर्वदा कॉलोनी कोलार रोड सी सेक्टर भोपाल, एमपी 09 एच जे 8861 संचालक बाबूलाल पिता ब्रिजी मातो निवासी ग्राम बगला थाना चंदनक्यारी जिला बोकारो झारखंड, यूपी 53 ईटी 2782 संचालक राजेंद्र प्रताप प्रेमचंद उम्र 27 साल निवासी अंबेडकर नगर थाना अरहवली जिला उत्तर प्रदेश शामिल हैं।

रक्षाबंधन पर बालिकाओं ने दिखाई आत्मनिर्भरता की मिसाल

वल्लभ भवन में बालिका गृह की बालिकाओं ने लगाया हस्तनिर्मित राखियों का स्टॉल भोपाल  रक्षाबंधन के पारंपरिक पर्व को आत्मनिर्भरता और रचनात्मकता से जोड़ते हुए शासकीय बालिका गृह, नेहरू नगर, भोपाल की बालिकाओं ने एक प्रेरणास्पद पहल की है। बालिकाओं द्वारा स्वयं निर्मित आकर्षक राखियों का स्टॉल राजधानी के प्रशासनिक केन्द्र वल्लभ भवन में लगाया गया, जिसने न केवल सभी का ध्यान आकर्षित किया बल्कि उन्हें भावनात्मक रूप से भी जोड़ा। यह स्टॉल वल्लभ भवन-2 के गेट क्रमांक 8 एवं वल्लभ भवन-3 के गेट क्रमांक 13 पर स्थापित किया गया। अपर मुख्य सचिव महिला बाल विकास श्रीमती रश्मि अरुण शमी तथा सचिव श्रीमती जी.वी. रश्मि ने स्टाल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बालिकाओं की कलात्मक प्रतिभा की मुक्तकंठ से सराहना की और राखियाँ खरीदकर उनके आत्मविश्वास को प्रोत्साहन प्रदान किया। स्टॉल पर पहुंचे विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भी बालिकाओं की मेहनत और लगन को सराहा तथा राखियाँ खरीदकर उनके प्रयास को सफल बनाया। बालिकाओं में आत्मनिर्भरता का आत्मविश्वास और उनके चेहरों पर रचनात्मक सफलता की मुस्कान, इस आयोजन को विशेष बना गई। इस पहल ने न केवल बालिकाओं में हस्तकला, स्वावलंबन और सामाजिक सहभागिता की भावना को सशक्त किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि जब अवसर और मंच मिले, तो हर बालिका अपनी प्रतिभा से समाज को दिशा दे सकती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 8 अगस्त को अतिवृष्टि और बाढ़ से हुई क्षति की राहत राशि करेंगे वितरण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि और बाढ़ से हुई विभिन्न क्षतियों जैसे जनहानि, पशुहानि, मकान क्षति एवं अन्य क्षति के लिये प्रभावितों को 8 अगस्त को सिंगल क्लिक के माध्यम से राहत राशि वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राहत राशि वितरित करेंगे और हितग्राहियों से चर्चा भी करेंगे। प्रमुख सचिव राजस्व श्री विवेक पौरवाल ने बताया कि प्रदेश के जिलों में मानसून काल वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा एवं अतिवृष्टि, बाढ़ से हुई क्षति के प्रभावितों को राहत राशि वितरित की जा रही है।  

राजगढ़ से लाड़लियों को सौगात: भाईदूज पर 1500 रुपए और हर साल बढ़ेगी राशि

राजगढ़ सीएम मोहन यादव ने आज राजगढ़ में घोषणा की है कि भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1500 रुपए दिये जाएंगे। 2026 और 27 में भी राशि बढ़ाएंगे और 2028 तक 3 हजार प्रतिमाह की जाएगी। मोहन यादव यहां नरसिंहगढ़, जिला राजगढ़ में आयोजित बहनों के साथ 'रक्षाबंधन उत्सव' एवं 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन का उपहार अंतरण में बोल रहे थे। इससे पहले एक वीडियो संदेश में उन्‍होंने कहा था कि, भाई- बहन के अटूट प्रेम और विश्वास के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व की सभी प्रदेशवासियों को अग्रिम शुभकामनाएं। रक्षाबंधन से 2 दिन पूर्व, आज लाड़ली बहनों के खातों में 1500 रुपए आएंगे, जिसमें रक्षाबंधन की भेंट स्वरूप 250 रुपए सम्मिलित हैं। हमारी सरकार निरन्तर महिला सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है।   1250 माह की राशि, 250 रक्षाबंधन का उपहार लाड़ली बहना योजना के तहत सीएम ने आज नरसिंहगढ़ से 1250 रुपये तो बहनों को हर माह मिलने वाली राशि ट्रांसफर की। जबकि 250 रुपये प्रति बहना को रक्षाबंधन के उपहार के रूप में ट्रांसफर किए जाएंगे। इस योजना से मप्र की करीब 1 करोड़ 26 लाख बहनों को लाभ मिलेगा, जबकि राजगढ जिले की 2 लाख 95 हजार महिलाएं लाभांवित होंगे, जिनके खातों में करीब 42 करोड रुपये ट्रांंसफर किए गए। दो साल में 12 हजार कम हो गई लाड़ली बहनें मप्र में लाड़ली बहना योजना के शुरू होने से लेकर अब तक राजगढ़ जिले में करीब 12 हजार लाड़ली बहनें कम हो गई है। दो साल के भीतर 12 हजार लाड़ली बहनों की संख्या घट गई, जबकि नए आवेदन को कोई प्राविधान नहीं है। इसी के बीच आज मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नरसिंहगढ़ से लाड़ली बहनाें के खातों में राशि डाली। इसमें राजगढ़ जिले की 2.95 लाख महिलाओं के खातों में भी 44 करोड़ राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की। लाड़ली बहना योजना अभी तक     मप्र विधानसभा चुनाव के ठीक पहले भाजपा सरकार द्वारा जनवरी 2023 में लाड़ली बहना योजना का एलान किया था।इसके बाद 10 जून 2023 को पहली किश्त के रूप में राशि ट्रांसफर की थी।     जब योजना शुरू हुई थी उस समय राजगढ़ जिले में लाडली बहनों की संख्या करीब 3 लाख 8 हजार थी, जबकि वर्तमान में यह संख्या घटकर 2 लाख 95 हजार पर आ गई है।     दो साल के भीतर करीब 8 से 12 हजार लाड़लियां जिले में कम हुई है। आज गुरुवार को मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से मप्र की लाडली बहनों के खातों में 27 वीं किश्त के रूप में राशि ट्रांसफर की।     हालांकि इस सबके बीच अधिकारियों का कहना है कि कुछ महिलाओं की आयु 60 वर्ष हो गई, जबकि कुछ ने योजना का लाभ लेने से मना कर दिया, इसलिए संख्या घट गई।

एक अंगदान, तीन शहर – सिवनी, भोपाल और गुजरात के बीच ज़िंदगी की जीत

जबलपुर नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में एक ब्रेन डेड मरीज के अंगदान ने कई लोगों को नया जीवन देने का प्रयास किया है। महत्वपूर्ण है कि घंसौर में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद 34 साल के युवक सत्येंद्र यादव को मेडिकल कॉलेज लाया गया था, जहां बुधवार रात डॉक्टर ने ब्रेनडेड घोषित कर दिया था। ग्रीन कॉरिडोर बनाने की प्रक्रिया गुरुवार सुबह शुरू हो चुकी थी। हालांकि दो बार समय में संशोधन के बाद सबसे पहले ह्दय ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दोपहर बाद 3:40 पर डुमना विमानतल के लिए रवाना हुआ, जहां से एयर एंबुलेंस की मदद से अहमदाबाद स्थित सिम्स अस्पताल भेजा गया।   दूसरा कॉरिडोर शाम 4:18 बजे लिवर डुमना विमानतल के लिए बनाया गया। लीवर लेकर सिद्धांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भोपाल के लिए एयर एंबुलेंस ने उड़ान भरी। मरीज के अंगों को सुरक्षित निकालने के बाद उन्हें राजधानी भोपाल और अहमदाबाद भेजने की प्रक्रिया सुबह से मेडिकल कॉलेज परिसर में जारी थी। एक व्यक्ति के अंगों से तीन लोगों को मिलेगी जिंदगी मरीज सत्येंद्र यादव का ब्रेनडेड हो गया था, मेडिकल डॉक्टरों ने मरीज के स्वजन से बात की और अंगदान के बारे में जानकारी दी। जिसके बाद मरीज के स्वजन तैयार हुए और अंगदान की प्रक्रिया पूरी की गई। अंगदान करने वाले सत्येंद्र का ह्दय, लीवर और किडनी दान किया गया है। मरीज का दिल गुजरात के अहमदाबाद में एक जरूरतमंद मरीज के लिए भेजा जा गया है। लीवर को भोपाल भेज रहे हैं, जहां के एक मरीज को यह नया जीवन देगा। एक किडनी जबलपुर में ही किसी जरूरतमंद मरीज को ट्रांसप्लांट की जाएगी, जबकि दूसरी किडनी को भी सुरक्षित रखा गया है। ग्रीन कॉरिडोर से कम समय में पहुंचे अंग अंगों को समय पर उनके गंतव्य तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती होती है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन के सहयोग से मेडिकल अस्पताल से लेकर डुमना एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इस कॉरिडोर के जरिए एंबुलेंस को बिना किसी रुकावट के एयरपोर्ट तक पहुंचाने विशेष इंतजाम किए गए थे। ताकि अंगों को तुरंत एयर एंबुलेंस से भेजा जा सके। ग्रीन कारिडोर को कैसे समझें दोपहर बाद दो ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और मेडिकल से एंबुलेंस के माध्यम से लिवर व ह्दय डुमना के लिए रवाना हुए, जिसके लिए एंबुलेंस मेडिकल कॉलेज से निकलकर बरगी हिल्स रामपुर का रूट होते हुए सीएमएम, सिविल लाइन से डुमना पहुंची। ट्रैफिक को देखते हुए शहर के अंदर के रूट को छोड़कर बाहर से रूट तैयार किया गया था। मैं मरीज के स्वजन को धन्यवाद देना चाहूंगा, जिनकी सहमति से हम दो मरीजों को जीवन दान देने के प्रयास में सहयोगी बन सके। किडनी को अभी सुपर स्पेशियलिटी में सुरक्षित रखा गया है, जो कि जरूरतमंद को लगाई जा सकेगी- डॉक्टर नवनीत सक्सेना, डीन एनएससीबी मेडिकल कालेज जबलपुर।

लाड़ली बहनों को राखी पर सौगात: सीएम ने बांधी राखी, दिए 250 रुपए शगुन, 1859 करोड़ हुए ट्रांसफर

नरसिंहगढ़ मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भाईदूज से हर महीने 1500 रुपए बहनों के खाते में आने शुरू हो जाएंगे। गुरुवार को मुख्यमंत्री लाड़ली बहनों से राखी बंधवाने राजगढ़ के नरसिंहगढ़ पहुंचे। उन्होंने फूलों का तारों का सबका कहना है…गाने के बीच बहनों पर फूलों की बरसात की। बहनों ने मंच पर ही सीएम को राखी बांधी। सत्ता से टकराने की हिम्मत बहनों से आती है इस मौके पर डॉ. मोहन यादव ने कहा- भाई-बहन के रिश्ते से ज्यादा पवित्र रिश्ता कोई दूसरा नहीं होता। रक्षाबंधन पर अगर बहन-बेटियां घर आ जाएं, तो लगता है जैसे दिवाली आ गई। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मेरी प्रदेश में साढ़े 4 करोड़ बहने हैं। वे जब राखी बांधती हैं, तो आनंद आ जाता है। उन्होंने कहा कि हजारों साल से बड़ी से बड़ी सत्ता से टकराने की हिम्मत अगर कहीं से आती है तो वो बहनों की राखी और आशीर्वाद से ही आती है। बहनें भी बड़े से बड़े संकट में सबसे पहले भाई को ही याद करती हैं और भाई भी दौड़े चले आते हैं। इस बार का रक्षाबंधन ऑपरेशन सिंदूर के नाम सीएम ने कहा कि इस बार का रक्षाबंधन ऑपरेशन सिंदूर के नाम रहने वाला है। मोदी सरकार आई तबसे आतंकी घटनाएं बंद हो गई थीं। लेकिन, आतंकियों ने गलती से हमारी बहनों के सुहाग को उजाड़ा तो हमारी सेना ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया। बहनें ससुराल और मायका दोनों का ध्यान रखती हैं सीएम ने कहा- पत्नी तो हमारा ध्यान रखती है, लेकिन बेटी के बराबर सुख पिता को कोई नहीं दे सकता है। पिता की चिंता जितना बेटी करती है, कोई नहीं कर सकता है। हमारी बहनें ससुराल और मायका दोनों का ध्यान रखती हैं। जिस घर में कन्या नहीं हो, वह घर अधूरा रहता है। जिस घर में भाई-बहन हो वह घर स्वर्ग के समान हो जाता है। आज चारों ओर का माहौल अलग दौर से गुजर रहा है, तब रिश्तों का महत्व और बढ़ जाता है। अंग्रेजी में छोटे-छोटे शब्द हैं, अंकल-आंटी में सब कुछ निपट जाते हैं। रेशम के ये दो प्रेम के धागे भाई को हिम्मत और ताकत देते हैं। ये दुनिया की सारी ताकतों से बढ़कर है। बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें मुख्यमंत्री को सुनने पहुंचीं। बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें मुख्यमंत्री को सुनने पहुंचीं भगवान कृष्ण और द्रौपदी का किस्सा सुनाया सीएम ने कहा- लोग कहते हैं रक्षाबंधन की प्राचीन परंपरा कहां से आई। इसमें एक कहानी बहुत महत्व की है। जब भगवान कृष्ण ने अपनी बुआ को शिशुपाल की 100 गलती माफ करने का वचन दे दिया। उन्होंने कहा था इसके बाद भूल जाऊंगा कि ये मेरा भांजा है। शिशुपाल ने 100 से ज्यादा गलती की, भगवान के सुदर्शन चक्र ने उसका सिर अलग कर दिया। भगवान की उंगली में सुदर्शन चक्र से चोट आ गई। उंगली से खून निकलता देख द्रौपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़ा और भगवान की उंगली पर बांध दिया। उन्होंने उसी पल्लू से भगवान को राखी भी बांधी। भगवान ने द्रौपदी पर जब भी कष्ट आया, रक्षा की। जिस दरवाजे गया, बहनें सब भूलकर राखी बांधने लगीं सीएम ने कहा- सड़क से गुजरता हूं तो बहनें रोकती हैं, लोग सोचते हैं कोई समस्या लेकर आई होगी, उन्हें नहीं पता कि वो तो आरती की थाली लेकर आई हैं। अभी हम बाढ़ प्रभावित क्षेत्र गुना गए। वहां कई बहनों के घर डूबे हुए थे। उनके घर का राशन खराब हो चुका है। भारी परेशानी थी। यह सोचकर गया था कि ऐसी-वैसी बात भी सुननी पड़ेगी, लेकिन बहन-भाई का संबंध वाकई अद्भुत है। जिस दरवाजे गया, बहनें सब भूलकर राखी बांधने लगीं। वे अपने सारे कष्ट भूल गईं। सरकार के माध्यम से उनके कष्ट भी दूर करेंगे। परसों राखी है, जब आप अपने भाई को राखीं बांधना और गठान लगाना तो मानना की आप मेरी कलाई में भी राखी बांध रही हैं।

खंडवा हादसा: काम के दौरान पोकलेन मशीन ने छीनी जान, हेल्पर की दर्दनाक मौत

खंडवा मूंदी थाने की बीड़ चौकी क्षेत्र के अंतर्गत सिंगाजी थर्मल प्लांट के फेस 1 राखड़ बांध पर बुधवार रात वीभत्स हादसा हो गया, जहां डंपर पर काम करने वाला एक हेल्पर लखन उर्फ भूपेंद्र पुत्र राधेश्याम रात के अंधेरे में पोकलेन की चपेट में आ गया। इससे उसका हाथ और गर्दन धड़ से अलग हो गया। सिर कटी लाश देख प्लांट में अफरा-तफरा मच गई। हेल्पर के हाथ और गर्दन को ढूंढने के लिए डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया, जिसके बाद एक डंपर को खाली करने पर हेल्पर का हाथ और गर्दन मिली। वीभत्स हादसे के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल हो गया। स्वजन और ग्रामीणों गुरुवार सुबह आठ बजे पावर प्लांट के गेट पर पहुंचे और यहां मुआवजे की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। दोपहर दो बजे तक छह घंटे चले प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की और प्लांट की अवयस्थाओं पर सवाल उठाए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी मांगें रखीं। दोपहर करीब दो बजे स्वजन और कंपनी के बीच आपसी समझौता हुआ, जिसमें पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये नगद सहित कुल 22 लाख रुपये देने की बात कही गई। मूंदी तहसीलदार वंदना चौहान के सामने इस बात की लिखा-पढ़ी की गई, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। वहीं घटना के बाद से डंपर और पोकलेन का चालक दोनों फरार है। ये था पूरा मामला पोकलेन के पंजे का प्रहार ऐसा था कि इसकी चपेट में आए हेल्पर का एक हाथ और गर्दन धड़ से अलग हो गया। घटना के बाद सर एवं हाथ सहित कटी हुआ शव पुलिस की टीम ने बरामद किया। मूंदी पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर की। सिर की तलाश कर शव को मूंदी अस्पताल लाया गया। बाद में वहां से पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। वीभत्स हादसे और थर्मल पावर प्लांट में अव्यवस्थाओं पर आक्रोश जता कर गोराड़िया सहित आसपास के ग्रामीण एकत्र होकर प्रदर्शन किया। जनप्रतिनिधियों ने की मांगें प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ पूर्व विधायक राजनारायण सिंह, जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र चौहान, उत्तम पाल सिंह पूरनी, गोराड़िया सरपंच मुकेश सांवनेर, ग्राम जलकुंआ के सरपंच जगपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।प्लांट की अव्यवस्थाओं पर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि प्लांट में मशीनों पर काम करने वालों से 12-12 घंटे ही काम करवाया जाए। ओवरलोडिंग वाहन बंद किए जाए। इस संबंध में मुख्य अभियंता एसके मालवीय ने निर्देश दिए हैं कि ओवरलोड वाहन न भरे जाए।वहीं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि राखड़ बांध के यहां अंधेरा रहता है, यहां हाईमास्ट भी लगवाएं जाए। ओवरलोडिंग नहीं होगी घटना के बाद हमने आदेश निकाल दिया है कि वाहनों में ओवरलोडिंग नहीं की जाएगी, तय मात्रा में ही वाहन भरे जाएंगे- शशीकांत मालवीय, मुख्य अभियंता, सिंगाजी थर्मल पावर।