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सबलगढ़ में चीते की दहशत, जंगल से निकलकर सड़क पर चलता नजर आया ‘राजा’

मुरैना  सबलगढ़ क्षेत्र में एक बार फिर चीते की मौजूदगी से लोगों में दहशत फैल गई है। घाटी नीचे के इलाके सालई गांव में सुबह अचानक सड़क पर एक चीता टहलता हुआ नजर आया। इस नजारे को देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने चीते को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। शावक के होने की आशंका जानकारी के मुताबिक यह वही मादा चीता ‘केपी-1’ का शावक होने की आशंका है, जो कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकलकर लंबे समय से मुरैना जिले के सबलगढ़ क्षेत्र में घूम रहा है। वन विभाग का मानना है कि यह चीता अपने सुरक्षित क्षेत्र से भटक कर घाटी नीचे के इलाके में पहुंच गया है। यह रामपुर कला और सालई गांव के पास देखा गया। ग्रामीणों ने जैसे ही सड़क पर चीते को देखा, आसपास के लोगों को सतर्क कर दिया। कुछ देर के लिए गांव में दहशत का माहौल बन गया। वन विभाग की टीम रख रही है नजर वन विभाग और चीता मित्रों की टीम लगातार इस इलाके पर नजर बनाए हुए है। टीम ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले खेतों में न जाएं, बच्चों को भी खुले में न छोड़ें। चीते के पास जाने या उसे परेशान करने की कोशिश बिल्कुल न करें। साथ ही ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि किसी भी तरह की गतिविधि या चीते के मूवमेंट की सूचना तुरंत वन विभाग को दें, ताकि उसकी सुरक्षित ट्रैकिंग की जा सके। कई बार पार्क की सीमा से निकल जाते हैं बाहर कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीते पिछले कुछ महीनों में कई बार पार्क की सीमाओं से बाहर निकलकर आसपास के गांवों में देखे गए हैं। हालांकि अब तक किसी तरह की जनहानि या नुकसान की खबर नहीं आई है। वन विभाग के मुताबिक चीते आमतौर पर इंसानों से दूरी बनाए रखते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा और ग्रामीणों की सावधानी बेहद जरूरी है। लोगों में है उत्सुकता सबलगढ़ क्षेत्र में चीते के आने से जहां दहशत का माहौल है, वहीं लोग इसे नजदीक से देखने के लिए उत्सुक भी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वन विभाग की गाइडलाइन का पालन किया जाए तो किसी भी तरह के खतरे से बचा जा सकता है। ग्रामीणों से लगातार शांति और सतर्कता बनाए रखने की अपील की जा रही है।

कलेक्टर का सख्त आदेश: छिंदवाड़ा में ई-अटेंडेंस में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, शिक्षक होंगे जिम्मेदार

छिंदवाड़ा  ई-अटेंडेंस (e-attendance) नहीं लगाने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई तय है, ई अटेंडेंस नहीं भरने वाले वि‌द्यालय इंचार्ज की सूची मांगते हुए छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने स्पष्ट कहा है कि उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की उपस्थिति एवं समय पालन शिक्षा की गुणवत्ता का मूल आधार है, इसलिए इस व्यवस्था में ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्ट्रेट में हुई बैठक कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने  कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी जीएस बघेल, सहायक संचालक शिक्षा जनजातीय कार्य विभाग उमेश सातनकर, डीपीसी जगदीश इड़पाचे, जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, एपीसी, बीआरसीसी उपस्थित रहे।  जेईई एवं नीट परीक्षा की तैयारी जेईई एवं नीट (JEE-NEET Exam) की तैयारी तेज समीक्षा बैठक के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी जीएस बघेल ने सरकारी स्कूलों में संचालित जेईई एवं नीट कक्षाओं की वार्षिक कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी विकासखंडों में शिक्षक-विद्यार्थियों के वॉट्सएप ग्रुप बनाकर ऑनलाइन टेस्ट लिए जाएंगे। उनका रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा। विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार नया पाठ्यक्रम कक्षा 11 वीं और 12 वीं के साथ जोड़ा गया है। पालकों के घरों में होगी पेरेंट-टीचर मीटिंग कलेक्टर ने नवाचार करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं शिक्षकों को निर्देश दिए कि अब पेरेंट-टीचर मीटिंग (Parent-teacher meeting) सीधे पालकों के घरों में आयोजित होगी। प्रत्येक 15 दिन में कम से कम एक पालक के घर में बैठक की व्यवस्था की जाएगी, ताकि अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। कलेक्टर ने शिक्षकों से आत्ममंथन करते हुए वेतन अनुरूप कार्य करने की उमीद की है। उन्होंने कहा कि हर शिक्षक को स्वयं से यह प्रश्न करना चाहिए कि उन्हें जो वेतन और सुविधाएं मिलती हैं, क्या वे उसके अनुरुप अपने कर्तव्यों का इमानदारी से निर्वहन कर रहे हैं। नियमित संचालित हों रेमेडियल कक्षाएं कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने रेमेडियल कक्षाएं लगातार संचालित करने के निर्देश देते हुए कमजोर वि‌द्यार्थियों की कमियों को दूर करने के निर्देश दिए ताकि वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन नहीं करने वाले अतिथि शिक्षकों पर कार्यवाही करने के दिए निर्देश भी दिए हैं, उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिथि शिक्षक यदि अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन नहीं कर रहे हैं तो उन्हें तत्काल हटाया जाए। उन्होंने अतिथि शिक्षकों को नियमित और समय पर कक्षाएं नहीं लेने पर सेवाएं समाप्त करने की हिदादयत दी। 

अब भोपाल AIIMS में लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं, मरीज पाएंगे तेज OPD पंजीकरण और त्वरित डॉक्टर से मिलने का मौका

भोपाल  एम्स भोपाल ने ‘एम्स स्वास्थ्य’ मोबाइल ऐप में नई डिजिटल सुविधाएं शुरू की हैं, जिनसे मरीजों का इंतजार समय कम होगा और परामर्श प्रक्रिया तेज तथा पारदर्शी बनेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय की डिजिटल हेल्थकेयर सर्विसेज एट योर फिंगरटिप्स के आधार पर यह ऐप अब स्वास्थ्य सेवाओं का वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म बन गया है। यह ऐप आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अनुरूप है। इसके जरिए मरीज अपना आभा आइडी बना सकते हैं या पहले से बनी आईडी को लिंक कर सकते हैं। इससे अस्पताल में बने स्वास्थ्य अभिलेख देशभर के अन्य अस्पतालों में भी आसानी से उपलब्ध हो जाएंगे। मिलेंगी नई डिजिटल सुविधाएं नई सुविधा ई-विजिट के तहत मरीज बिना कतार में लगे ओपीडी पंजीकरण कर सकते हैं। अस्पताल परिसर में लोकेशन एक्सेस देकर ऐप से खुद टिकट जेनरेट कर प्रिंट करवाया जा सकता है। ऐप से परामर्श शुल्क और ओपीडी सेवाओं का सीधे डिजिटल भुगतान भी किया जा सकता है। इससे डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन, डिस्चार्ज समरी और लैब रिपोर्ट कभी भी, कहीं भी देखा और डाउनलोड किया जा सकता है। इससे समय की बचत के साथ ही कागज़ का इस्तेमाल भी घटेगा।

राज्यपाल पटेल ने हाट बाजारों में सिकल सेल और टीबी की स्क्रीनिंग कराने की दी सलाह

राज्यपाल पटेल का निर्देश: हाट बाजार में स्वास्थ्य स्क्रीनिंग, सिकल सेल और टीबी पर खास ध्यान सिकल सेल अभियान की अवधि बढ़ाएं : राज्यपाल पटेल राजभवन में हुई समीक्षा बैठक भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि हाट बाजारों में सिकल सेल और टीबी की स्क्रीनिंग शिविर लगाए जाने चाहिए जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की विरल आबादी तक पहुंच हो सके। उन्होंने कहा कि सिकल सेल जाँच के 100 दिवसीय अभियान की उपलब्धियां प्रभावी है और अभियान को 125 दिन तक बढ़ाया जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल राजभवन के जवाहर खण्ड में बुधवार को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुष और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आगनबाड़ियों के साथ सतत संपर्क पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के प्रभावी संचालन में आगनबाड़ी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर हो सकती है। उन्होंने कहा कि जिलों के प्रवास के दौरान वह पीएम जनमन, धरती आबा अभियान, सिकल सेल और टी.बी. रोग की समीक्षा अनिर्वायत: करेंगे। उन्होंने अपेक्षा की है कि जिलों में राज्यपाल के प्रवास के दौरान कार्यक्रम स्थल पर टी.बी., सिकल सेल रोग की स्क्रीनिंग शिविरों का आयोजन किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जन प्रतिनिधियों का सहयोग प्राप्त करने की भी जरूरत बताई है। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सांसद और विधायक निधि से वित्तीय सहयोग प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि वे सहयोग की जनप्रतिनिधियों से भी अपील करेंगे।    राज्यपाल पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सफलता में स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम कड़ी तक पहुंच बहुत महत्वपूर्ण है। समुदाय के बीच पहुंच कर स्वास्थ्य शिक्षा के प्रयास बहुत प्रभावी होते हैं। उन्होंने एकलव्य विद्यालयों में सिकल सेल जांच शिविरों के आयोजन की पहल की सराहना की। जनजातीय छात्रावास के प्राचार्य और शिक्षकों को सिकल सेल रोग के संबंध में सेंसेटाईज करने के प्रयास करने के लिए कहा है। राज्यपाल पटेल ने आयुर्वेदिक औषधियों की वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए जाने की जरूरत बताई। उन्होंने सिकल सेल रोगियों को आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध करवाने को कहा। बताया गया कि विभाग द्वारा चयनित पायलट जिले धार में 1546 और बड़वानी में 1015 रोगियों को सिकल सेल की आयुर्वेदिक औषधियाँ दी जा रही है। प्रदेश में 17 सितम्बर से स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान चलाया जाएगा। सिकल सेल के लिए संचालित 100 दिवसीय अभियान के दौरान सिकल सेल रोगियों को जेनेटिक कार्ड वितरण कार्य बहुत तेज गति से हुआ है। अभियान अवधि में 12 लाख से अधिक कार्ड वितरित हुए है। विभाग द्वारा 1 करोड़ वां कार्ड प्रधानमंत्री द्वारा वितरित करावाने की योजना है। प्रदेश में टी.बी. और सिकल सेल रोग प्रबंधन प्रयासों के परिणामों के बेहतर संकेत मिल रहे हैं। टी.बी. रोगियों के ड्रॉप आउट और मृत्यु दर में कमी दिख रही है। सिकल सेल प्रबंधन से मातृ मृत्यु दर में भी कमी होने की जानकारी मिली है।          बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संदीप यादव, आयुक्त आयुष श्रीमती उमा महेश्वरी, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुसलोनी सिडाना, राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव और जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती जमुना भिड़े मौजूद थीं।        

बच्चों की मौत के बाद इंदौर में चूहों पर अभियान, ऑपरेशन रैट किल में मारे और पकड़े गए चूहों की जांच

इंदौर इंदौर के सरकारी एमवाय अस्पताल में चूहों के काटने से दो नवजातों की मौत के बाद पेस्ट कंट्रोल एजाइल कंपनी को हटाने की जानकारी सामने आई है। अब इस काम की मॉनिटरिंग के लिए मंगलवार रात डॉ. महेश कछारिया को असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट की नियुक्ति कर विशेष जिम्मेदारी।  अस्पताल में चूहों को पकड़ने के लिए चूहामार दवाइयां (कुछ विशेष तरह का पॉयजन, जिसका तुरंत असर हो) डाली जा रही हैं। साथ ही हर यूनिट में बड़े पिंजरे और रोडेंट ग्लू ट्रेप (जिसमें कुतरने वाले जीव, खासकर चूहे, फंस जाते हैं) लगाए जा रहे हैं। बता दें, नवजातों की मौत के मामले में डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया और सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव सहित अन्य पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कितने चूहे पकड़ाए, इसकी जवाबदेही इंचार्ज की चूहों को पकड़ने को लेकर तुरंत फीडबैक लिया जा रहा है कि रातभर में कितने चूहे पकड़े गए और कितने मारे गए। इसके लिए हर यूनिट के इंचार्ज की जवाबदेही तय की गई है कि 24 घंटे में क्या नतीजे रहे। इसमें NICU (Neonatal Intensive Care Unit) और PICU (Pediatric Intensive Care Unit) पर खास फोकस है। नवजातों को शिकार बनाते हैं चूहे दूसरी मंजिल पर इन NICU और PICU में पूरे कॉरिडोर में गार्डों को सख्त हिदायत दी गई है कि यहां किसी भी हालत में चूहों की एंट्री नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। दरअसल, इन दोनों यूनिट्स में उन गंभीर नवजात शिशुओं को रखा जाता है, जिनकी स्थिति काफी क्रिटिकल रहती है। इनमें से अधिकतर वेंटिलेटर पर रहते हैं। कम वजनी इन नवजातों का हर अंग नाजुक होता है। जिन गंभीर बीमारियों के कारण उन्हें इन यूनिट्स में एडमिट किया जाता है, उनकी वजह से वे पहले से ही काफी कमजोर रहते हैं और बीमारियों से लड़ने की क्षमता (Immunity Power) बहुत कम होती है। ऐसे में इन दूधमुंहे नवजातों को बड़े चूहे आसानी से अपने भोजन का शिकार बना लेते हैं। हाल की दो घटनाओं में, चूहों ने एक नवजात की चारों उंगलियां तक खा लीं। अस्पताल के बाहर बम चेक करने जैसी चेकिंग चूहों के आतंक को खत्म करने के लिए अस्पताल के और भी ज्यादा सख्ती की गई है। यहां तीन-तीन गार्डों की ड्यूटी लगाई गई है। वे दिन-रात एंट्री करने वाले अटेंडर्स के सामान को बारीकी से चेक कर रहे हैं कि उसमें कोई खाद्य पदार्थ तो नहीं है। इसके अलावा परिसर के बाहर, जहां सार्वजनिक पार्किंग और अस्पताल के बगीचे हैं, वहां किसी भी जूठन या अन्य वेस्ट खाद्य पदार्थ तो नहीं है, उस पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। सीढ़ियों और 6 लिफ्टों में चूहों पर नजर मुख्य सीढ़ियों सहित छह लिफ्टों में चूहो नजर आते हैं तो इसकी जानकारी तुरंत इंचार्ज को देने के लिए कहा गया है। इसे लेकर हर फ्लोर और अन्य स्थानों पर पर्चे चिपकाए गए हैं, जिनमें लिखा है कि यदि किसी स्टाफ को चूहे दिखें तो वे तुरंत इन नंबरों पर सूचना दें। आखिरी तक झूठ बोलते रहे जिम्मेदार केस में जिम्मेदार कहते रहे कि चूहों ने मामूली काटा है। मौत का कारण नवजात का हीमोग्लोबिन कम होना और अंदरूनी अंगों का पूरी तरह से विकसित न होना बताया गया। इन सारे झूठों का खुलासा शनिवार को तब हुआ, जब धार निवासी मंजू के नवजात का शव लेकर परिवार अपने गांव पहुंचा। वहां रात को लाइट नहीं थी, तो उन्होंने मोबाइल की रोशनी में शव की पैकिंग खोली। देखा तो एक हाथ की चारों उंगलियां गायब थीं और घाव देखकर सभी सिहर उठे। दरअसल, चूहों के लिए भोजन के रूप में नवजातों की उंगलियां ही सबसे पहले रहती हैं। वहां से वे धीरे-धीरे शरीर का बड़ा हिस्सा कुतर सकते हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि चूहों ने दो दिनों में उसे कितना जख्मी किया होगा। सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे मॉनिटरिंग चूहों की धरपकड़ के लिए हर कॉरिडोर, वार्ड और यूनिट में लगे सीसीटीवी कैमरों से भी नजर रखी जा रही है। हालांकि अस्पताल में चूहों का ज्यादातर मूवमेंट फ्लोर पर ही रहा है। साथ हा वे पलंग, स्लाइन बोतलों के स्टैंड, वार्डों में मरीजों और ड्यूटी रूम में रखी भोजन की छोटी आलमारियों और बड़ी टेबलों तक पहुंच जाते हैं। वे टेबलों और अलमारियों में रखी दवाइयां तक खा जाते हैं। खाने का लालच देकर घेराबंदी कर रहे चूहों की घेराबंदी के लिए सरकारी कैंसर और चाचा नेहरू अस्पताल की सीमा तक प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए टीमें उन्हें बिस्किट, केक और दानों का लालच देकर पास बुला रही हैं। हालांकि दिन में सक्रियता कम रहती है। कई स्थानों पर रात में रोडेंट ग्लू ट्रैप में अनाज के दाने रखे गए, जिससे चूहे लालच में आकर चिपक गए और मर गए। अलसुबह इन रोडेंट ग्लू ट्रैप में चिपके मृत चूहों को तुरंत उठाकर ठिकाने लगाया जा रहा है। ऐसे में बाहर और सड़कों पर मृत चूहे देखे जा रहे हैं। बड़े स्तर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं दूसरी ओर, डीन द्वारा एजाइल कंपनी को हटाकर उसे ब्लैकलिस्टेड करने के लिए भोपाल पत्र लिखा गया है। इस मामले में एजाइल कंपनी पर सिर्फ एक लाख रुपए जुर्माना लगाकर खानापूर्ति कर दी गई, जबकि हटाने संबंधी अधिकृत पत्र की पुष्टि नहीं की गई। जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों पर भी अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया। इन डॉक्टर्स को कारण बताओ नोटिस मंगलवार को उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में इस मामले की कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरी कार्यवाही निष्पक्षता, पारदर्शिता और तथ्यों के आधार पर की जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं स्वास्थ्य सेवाओं की छवि को धूमिल करती हैं, दोषी व्यक्तियों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी रोकथाम उपाय तुरंत लागू किए जाएं। उन्होंने कहा कि अस्पताल सुपरिटेंडेट डॉ. अशोक यादव, डॉ. बृजेश लाहोटी (HOD, PIC), प्रो. डॉ. मनोज जोशी और सहायक प्रभारी नर्सिंग अधिकारी कलावती भलावी को घटना के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। डॉ. मुकेश जायसवाल (असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट और भवन प्रभारी), प्रवीणा सिंह (प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर), नर्सिंग ऑफिसर आकांक्षा बेंजामिन और श्वेता चौहान को सस्पेंड किया गया है। नर्सिंग … Read more

मध्यप्रदेश की प्रगति पर CM डॉ. यादव का बयान, राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कोलकाता में निवेशकों से सीधा संवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्रगति पथ पर तेजी से गतिमान है। उन्होंने कहा कि रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म के विजन को आत्मसात कर मध्यप्रदेश अपनी युवा शक्ति एवं उद्योग हितैषी नीतियों के साथ भारत के मानचित्र पर निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी कड़ी में बुधवार को कोलकाता में मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर इंटरैक्टिव सत्र में निवेशकों से सीधा संवाद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपार निवेश से ही मध्यप्रदेश में एक समृद्ध परिवेश का निर्माण होगा।  

तेजस ट्रेन के नए फेरे से इंदौर-मुंबई यात्रा हुई आसान, शेड्यूल में बदलाव यात्रियों के लिए खुशखबरी

इंदौर ट्रेन से सफर करने वाले लाखों यात्रियों को रेलवे ने बड़ा तोहफा दिया है। पश्चिम रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा तथा विशेष रूप से यात्रा की मांग को ध्यान में रखते हुए मुंबई सेंट्रल से इंदौर के मध्य चलने वाली मुंबई सेंट्रल-इंदौर तेजस सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन के फेरे बढ़ाए गए हैं। 30 सितंबर तक इस दिन चलेगी ट्रेन मुंबई सेंट्रल-इंदौर तेजस स्पेशल ट्रेन(Tejas Express Indore-Mumbai) का अंतिम फेरा 12 सितंबर 2025 तक निर्धारित है। अब यह 29 सितंबर 2025 तक मुंबई सेंट्रल से प्रति सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को चलेगी। इंदौर-मुंबई सेंट्रल तेजस स्पेशल ट्रेन का अंतिम फेरा 13 सितंबर 2025 निर्धारित था। यह 30 सितंबर 2025 तक इंदौर से प्रति मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को चलेगी। ट्रेन पूर्व निर्धारित मार्ग, कोच कंपोजिशन दिन एवं ठहराव के साथ ही चलेगी। इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। आईआरसीटीसी पर बुकिंग तेजस स्‍पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरिवली, वापी, सूरत, वडोदरा, दाहोद, रतलाम और उज्जैन स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, सेकंड एसी एवं थर्ड एसी कोच होंगे। ट्रेन टिकट बुकिंग पीआरएस काउंटर और आईआरसीटीसी वेबसाइट के माध्यम से कर सकते हैं। 21 जुलाई से शुरू हुई थी बुकिंग ट्रेन संख्या 09085 एवं 09086 की बुकिंग 21 जुलाई से सभी पीआरएस काउंटरों एवं आईआरसीटीसी वेबसाइट पर प्रारंभ हुई। ट्रेनों के ठहराव, समय और संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।

गोलू अग्निहोत्री की संपत्ति पर ईडी का बड़ा कदम, 34 करोड़ की प्रॉपर्टी हुई अटैच

इंदौर  इंदौर के कांग्रेस नेता गोलू अग्निहोत्री पर प्रवर्तन निदेशालय(ईडी)ने शिकंजा कसा है। दस माह पहले गोलू के घर और दफ्तर में ईडी ने छापा मारा था। उस पर आनलाइन सट्टा चलाने व डिब्बा ट्रेडिंग का आरोप है। तब उसके खिलाफ केस भी दर्ज किया गया था। ईडी ने गोलू सहित उसके छह साथियों की 34 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। इसमें नकदी के अलावा कृषि भूमि, फ्लैट, पेट्रोल पंप, प्लाॅट सहित अन्य संपत्ति शामिल है।   गोलू के साथ उसके व्यापारिक साझेदार हितेश अग्रवाल, तरुण श्रीवास्तव, करण सोलंकी, धवल जैन, श्रीनिवास व अन्य है। ईडी की जांच में पता चला था कि गोलू व उसके साझेदारों ने कई प्लेफार्मों का संचालन कर सट्टा व डिब्बा ट्रेडिंग से करोड़ों रुपये कमाए। निवेशकों व प्रतिभागियों को पैसा हवाला चैनलों व क्रिप्टो के जरिए दिया जाता था। मनी लांड्रिंग कर पैसा इधर-उधर खपाया जाता था। गोलू की इंदौर के अलावा महाराष्ट्र व दूसरे शहरों में भी संपत्ति है। इसके अलावा मुबंई और पुणे में भी दफ्तार है।उसका भी पता लगाया जा रहा है। गोलू व उसके साथियों के तार दुबई तक सट्टा कारोबार से जुड़े है। कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष रह चुका है गोलू अग्निहोत्री शहर कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष रह चुका है। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र का एक बार टिकट भी मिला था, लेकिन विरोध के कारण फिर प्रत्याशी बदला गया था। गोलू की गिनती कमल नाथ समर्थकों में होती है। गोलू के भाई राजा अग्निहोत्री व गोलू की पत्नी भी पार्षद रह चुकी है।  

टीकमगढ़ में 18 कॉलोनियों पर रोक, कलेक्टर ने अवैध घोषित किया प्लॉट और नामांतरण; राजनीतिक कॉलोनी भी प्रभावित

टीकमगढ़ टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने शहर की 18 कॉलोनियों को अवैध घोषित करते हुए उनके प्लॉट विक्रय और नामांतरण पर तत्काल रोक लगा दी है। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश नगर पालिका नियम 2021 के तहत की गई है। आदेश के अनुसार, ये कॉलोनियां अनधिकृत तरीके से विकसित की गई थीं और नगर पालिका के मानकों का पालन नहीं कर रही थीं। कलेक्टर ने बताया कि कॉलोनी विकसित करते समय नियमों के अनुसार केवल 65% एरिया ही बेचा जा सकता है। शेष भूमि पर सड़क, गार्डन, मंदिर और सीवर लाइन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है, लेकिन किसी भी कॉलोनी में इन नियमों का पालन नहीं किया गया। इस कार्रवाई में भाजपा नेता की कॉलोनी सहित 18 लोगों के नाम शामिल हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह पहली कार्रवाई है, जिसके तहत प्लॉट विक्रय और नामांतरण पर रोक लगाई गई है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो दूसरी कार्रवाई में मामले दर्ज होंगे और तीसरी कार्रवाई के तहत अवैध कॉलोनियां तोड़ी जाएंगी। कलेक्टर ने कहा कि नियमों की अनदेखी से भविष्य में आम नागरिकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड को भी पत्र लिखा है ताकि शहर को नियमों के अनुसार विकसित किया जा सके। भाजपा जिला अध्यक्ष सरोज राजपूत ने कहा कि वह इस मामले पर कलेक्टर से चर्चा करेंगी। 

भाजपा उज्जैन: नगर और ग्रामीण स्तर के नए जिला पदाधिकारी घोषित, देर रात हुई सूची जारी

उज्जैन  राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चा के बीच भाजपा की नगर व ग्रामीण स्तर पर नवनियुक्त जिला पदाधिकारियों(MP BJP District Executive) की सूची मंगलवार देररात 12.30 बजे जारी की। इसमें नगर में 5 उपाध्याक्ष, 3 महामंत्री, 8 मंत्री, एक कोषाध्यक्ष और एक जिला कार्यालय मंत्री के रूप में 18 पदाधिकारी के नामों की घोषणा की गई। इसी तरह ग्रामीण में 7 उपाध्यक्ष, 2 महामंत्री, 6 मंत्री, एक कोषाध्यक्ष और एक कार्यालय मंत्री के रूप में 17 पदाधिकारी घोषित किए। नगर कार्यकारिणी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल जी की सहमति से भाजपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष राजेश धाकड़ ने उज्जैन ग्रामीण के नवनियुक्त पदाधिकारियों(MP BJP District Executive) की घोषणा की, वहीं भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने भी नगर स्तर के नए पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की। शहर कार्यकारिणी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जुड़े नामों की प्रमुखता है। नगर पदाधिकारियों में उमेश सिंह सेंगर, कल्याण शिवहरे, सोनल जोशी, अशोक कैथवास और शैलेंद्र शर्मा को उपाध्यक्ष बनाया। आनंद सिंह खिंची, जगदीश पांचाल और कमल बैरवा को महामंत्री, सुभाष डोडिया, विजय चौधरी, जितेंद्र कृपलानी, प्रेमलता बैंडवाल, कांता विश्वकर्मा, वर्षा कछवाय, विजय दीक्षित और पवन विश्वकर्मा को मंत्री बनाया है। कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी प्रकाश यादव और कार्यालय मंत्री अनिल शिंदे को सौंपी है। उज्जैन ग्रामीण उज्जैन ग्रामीण में पदम सिंह पटेल, राजेंद्र अवाना, संदीप व्यास, पंकज यादव, महिपाल सिंह उमठ, अनिल यादव, अश्विन दिंडोरकर को जिला उपाध्यक्ष, राकेश यादव, श्याम शर्मा जिला महामंत्री, विजय चौधरी, रितु पाटीदार, कृष्णा सूर्यवंशी (अजा), वर्षा पाटोदी, अजीता परमार (अजा), निरंजन मेहता को जिला मंत्री बनाया गया। कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी ज्योति पलोड़ को दी गई है। सुमेर सिंह कालूहेड़ा को जिला कार्यालय मंत्री बनाए गए हैं। सूची जारी होते ही शहर में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी। वायरल सूची को नकारते रहे एक सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी, जिसमें उपाध्यक्ष, महामंत्री, मंत्री, कोषाध्यक्ष, कार्यालय मंत्री सहित अन्य पदों के नाम सामने आए थे। विशेष बात यह रही कि वायरल सूची से राजनीतिक हलचल तेज हो गई। उत्सव की तैयारी जैसे ढोल-बाजे व आतिशबाजी तक की खबरें सामने आईं, लेकिन भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल और प्रचार प्रमुख दिनेश जाटवा ने इसे आधिकारिक नहीं बताया। प्रचार प्रमुख ने स्पष्ट किया था कि सूची अभी प्रदेश स्तर पर होल्ड पर है और जल्द जारी की जाएगी। फिर देर रात 12:30 बजे दोनों नगर व ग्रामीण पदाधिकारी सूची आधिकारिक रूप से जारी की गई।