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राजस्थान में अवैध शराब तस्करी पर प्रहार: नाथद्वारा पुलिस ने ट्रक सहित 25 लाख की शराब पकड़ी

राजसमंद राजसमंद जिले के नाथद्वारा थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 25 लाख रुपये की अवैध शराब जब्त की है। पुलिस ने एक ट्रक से 252 पेटियां अवैध शराब बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक तथा डीएसपी नाथद्वारा शिप्रा राजावत के निर्देशन में की गई। थानाधिकारी कमलेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि 14 मार्च की रात गुंजोल में नाकाबंदी के दौरान ट्रक नंबर RJ 25 GA 6466 को रुकवाया गया। ट्रक के ऊपर काले रंग का तिरपाल बंधा हुआ था। चालक से ट्रक में रखे सामान के बारे में पूछताछ करने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली। तलाशी के दौरान ट्रक में सफेद रंग का पाउडर भरा हुआ मिला, जिसके आगे काले प्लास्टिक में पैक कार्टन रखे हुए थे। जांच में 142 कार्टन ग्रीन लेबल व्हिस्की, 99 कार्टन व्हाइट लेस वोडका और 11 कार्टन ऑल सीजन व्हिस्की बरामद हुई। पुलिस ने सभी शराब को जब्त कर आबकारी अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पहले गैंगस्टर का नाम लेकर डराया, अब RDX के साथ पकड़ा गया अली अकबर

अजमेर हरियाणा के अंबाला में 2 किलो आरडीएक्स और आईईडी के साथ गिरफ्तार किए गए अजमेर निवासी अली अकबर उर्फ बाबू का आपराधिक रिकॉर्ड पहले भी सामने आ चुका है। करीब चार साल पहले उसने अजमेर के एक गेस्ट हाउस मालिक को लॉरेंस गैंग का नाम लेकर धमकी दी थी। उस समय पीसांगन थाना पुलिस ने उसे शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर पाबंद किया था। बुधवाड़ा निवासी गेस्ट हाउस मालिक इकबाल अहमद ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2022 में अपना गेस्ट हाउस अली अकबर के भाई को लीज पर दिया था। दो-तीन महीने का किराया बकाया रहने पर उन्होंने गेस्ट हाउस खाली करवा लिया। इसके बाद अली अकबर का फोन आया और उसने धमकाते हुए कहा, “तू मुझे जानता नहीं है, मैं लॉरेंस गैंग से जुड़ा हूं। इतने में ही समझ जाना, वरना ठीक नहीं होगा।” इसके बाद उन्होंने पीसांगन थाने में मामला दर्ज कराया था। दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों ने 13 मार्च को अंबाला से अली अकबर और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 2 किलो आरडीएक्स, आईईडी और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। जांच में सामने आया कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के इशारे पर ड्रोन के जरिए अमृतसर (पंजाब) में आरडीएक्स और अन्य सामान भेजा गया था। आरोपियों की पहली साजिश राजस्थान के हनुमानगढ़ में बम धमाका करने की थी। आईईडी वहां पहुंचा दी गई थी, लेकिन समय पर आरडीएक्स नहीं पहुंचने के कारण उनकी योजना नाकाम हो गई। इसके बाद आईईडी वापस मंगवा ली गई। आरोपियों ने हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ के कई इलाकों की रेकी कर वीडियो भी भेजे, ताकि नया टारगेट तय किया जा सके। अजमेर के दिल्ली गेट लोंगिया मोहल्ला निवासी अली अकबर शहर में ऑटो चलाता था। उसके पिता मोहम्मद रमजान रोडवेज में कंडक्टर थे और अब रिटायर हो चुके हैं। बड़ा भाई अली असगर एक गेस्ट हाउस में नौकरी करता है। अली अकबर की पत्नी और दो बच्चे हैं। अली अकबर के भाई अली असगर ने बताया कि 8 मार्च की सुबह करीब 6 बजे वह घर से यह कहकर निकला था कि जयपुर होते हुए दिल्ली घूमने जा रहा है। 14 मार्च को न्यूज देखने के बाद ही परिवार को उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिली। अली असगर ने कहा कि देश जो भी सजा देगा, उन्हें मंजूर है। साथ ही उन्होंने मांग की कि जांच में यह भी सामने लाया जाए कि उसे आतंकी गतिविधियों से किसने जोड़ा और किस तरह लालच देकर फंसाया गया। फिलहाल अदालत ने तीनों आरोपियों को 7 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है और एजेंसियां उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता  लगाने में जुटी हैं।

राजस्थान में बम ब्लास्ट की साजिश: पाकिस्तान से भेजा IED, 3 जगह धमाके की योजना

अजमेर  सरहद पार से ड्रोन के जरिए भेजे गए मौत के सामान (RDX) ने राजस्थान से लेकर हरियाणा तक खौफनाक साजिश का जाल बुना था। अंबाला में करीब 2 किलो विस्फोटक के साथ पकड़े गए तीन आतंकियों ने जो खुलासे किए हैं, उसने राजस्थान पुलिस और खुफिया एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। इस साजिश का मुख्य सिरा अजमेर के लौंगिया मोहल्ला से जुड़ा है, जहां का निवासी अली अकबर उर्फ बाबू इस आतंकी नेटवर्क का अहम मोहरा निकला। हनुमानगढ़ था 'टारगेट नंबर-1' पूछताछ में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि आतंकियों की पहली पसंद अंबाला नहीं, बल्कि राजस्थान का हनुमानगढ़ था। साजिश के मुताबिक, हनुमानगढ़ में बम धमाका करने के लिए आईईडी (IED) तो वहां पहुंचा दी गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर पाकिस्तान से आरडीएक्स की खेप नहीं पहुंच पाई। इस 'सप्लाई फेलियर' की वजह से राजस्थान एक बड़े धमाके से बाल-बाल बच गया। योजना विफल होने पर चार दिन बाद आईईडी को वापस मंगा लिया गया था। अजमेर के 'बाबू' ने भेजी थी लोकेशंस की वीडियो गिरफ्तार आरोपी अली अकबर उर्फ बाबू ने कुबूला है कि उसने पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के इशारे पर राजस्थान, दिल्ली और पंजाब के महत्वपूर्ण ठिकानों की रेकी की थी। इन जगहों के वीडियो बनाकर बाकायदा व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान भेजे गए थे, ताकि बड़े टारगेट चुने जा सकें। अंबाला में 'एक्टिव बम' के साथ पकड़े गए हनुमानगढ़ का प्लान फेल होने के बाद आतंकियों ने अंबाला के सैन्य ठिकानों और माता बाला सुंदरी मंदिर को निशाने पर लिया। आरोपी पैशन प्रो मोटरसाइकिल पर टिफिन बम लेकर जा रहे थे, जो पूरी तरह एक्टिव था। एसटीएफ ने समय रहते इन्हें दबोच लिया, वरना 2 किलो आरडीएक्स 200 मीटर के दायरे में तबाही मचाने और लगभग 250 लोगों की जान लेने के लिए काफी था। NIA की एंट्री, राजस्थान में अलर्ट मामले की गंभीरता को देखते हुए अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी इस केस को अपने हाथ में ले सकती है। चूंकि एक आरोपी अजमेर का है और हनुमानगढ़ को निशाना बनाने की कोशिश हुई थी, इसलिए राजस्थान के सुरक्षा घेरे को और कड़ा कर दिया गया है। फिलहाल आरोपी 7 दिन के रिमांड पर हैं, जिनसे और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘विकसित राजस्थान रन 2026’ को दी हरी झंडी, युवाओं का उमड़ा उत्साह

जयपुर  राजस्थान सरकार ने राजस्थान दिवस से पहले युवाओं के लिए सार्वजनिक भागीदारी वाली मैराथन 'विकसित राजस्थान रन 2026' का आयोजन किया। राज्य खेल परिषद द्वारा आयोजित 'विकसित राजस्थान रन 2026' को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने रविवार की सुबह हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मैराथन में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। इस मैराथन में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों के विद्यार्थी, एनएसएस के स्वयंसेवक, एनसीसी के कैडेट, भारत स्काउट एंड गाइड, हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड, एनवाईकेएस सदस्य के इसके अलावा विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के युवा और खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। मैराथन में पहुंचे भाजपा विधायक गोपाल शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "'विकसित राजस्थान 2047' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के तहत राजस्थान के विकास की यात्रा का प्रतीक है, जो राज्य के ऐतिहासिक नेताओं के प्रयासों और विरासत को प्रतिबिंबित करता है।" इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, "आपका हौसला, आपकी उमंग निश्चित रूप से विकसित राजस्थान के संकल्प को पूरा करेगी। फिट इंडिया अभियान के माध्यम से प्रधानमंत्री ने स्वस्थ रहने का संदेश दिया है। हमारे देश में चार जातियां हैं, युवा, महिला, किसान और मजदूर। अगर ये आगे बढ़ेंगे तो देश प्रगति पथ पर आगे बढ़ेगा।" मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "पिछली सरकार ने युवाओं के साथ विश्वासघात किया। हमारी सरकार ने लोगों को जेल भेजने का काम किया है। सवा दो साल में सवा लाख की वेकेंसी निकालने का काम हमारी सरकार ने किया है। इस दौरान एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। आप सपनों की उड़ान के लिए तैयार रहिए, राजस्थान सरकार आपके साथ है। प्रदेश में व्यापार की अपार संभावनाएं हैं। युवा नीति के जरिए युवाओं को काम का अवसर दिया जा रहा है।" गौरतलब है कि राजस्थान दिवस के अवसर पर इस बार राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में कई सांस्कृतिक, सामाजिक और खेलकूद से जुड़े कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इसके तहत 14 मार्च से 19 मार्च तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का उद्देश्य संस्कृति, विकास और युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

स्कूल में बेटियों की टॉपिंग पर प्रिंसिपल ने अपनी जेब से कराई हेलिकॉप्टर की सवारी

  डीडवाना-कुचामन राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के केराप गांव स्थित महात्मा गांधी राजकीय स्कूल में एक अनोखी और प्रेरणादायक घटना घटी है, जिसने शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है. यहां के प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली तीन छात्राओं खुशी मेघवाल, रंजना नायक और ज्योति के सबसे बड़े सपने को पूरा कर दिया. ये तीनों छात्राएं आठवीं कक्षा की हैं और बोर्ड परीक्षा से पहले स्कूल में आयोजित एक विशेष टेस्ट में उन्होंने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया था। 'सर, हमें हेलिकॉप्टर से  उड़ान भरनी है' प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने टेस्ट के बाद इन मेधावी छात्राओं से बातचीत की और पूछा कि वे इनाम में क्या चाहती हैं. ग्रामीण परिवेश से आने वाली इन बच्चियों ने शायद मजाक-मजाक या सपने की तरह कहा, 'सर, हमें हेलिकॉप्टर में बैठकर उड़ान भरनी है.' यह सुनकर अधिकांश लोग इसे हल्के में ले लेते, लेकिन प्रिंसिपल ढाका ने इसे गंभीर चुनौती के रूप में लिया. उन्होंने छात्राओं से वादा किया कि यदि वे परीक्षा में अच्छे अंक लाती हैं, तो उनका यह सपना जरूर पूरा होगा। छात्राओं ने भी इस वादे को चुनौती मानकर पूरी मेहनत और लगन से पढ़ाई की. नतीजा यह निकला कि परीक्षा में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया. अपने वादे को निभाते हुए प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने अपने निजी खर्च पर करीब एक लाख रुपये में तीनों छात्राओं को हेलिकॉप्टर राइड की व्यवस्था की. पहले नागौर में अनुमति नहीं मिलने पर जयपुर के पास चौमू में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्राओं ने क्या कहा? शुक्रवार को चौमू हेलीपैड पर तीनों छात्राएं हेलिकॉप्टर में सवार हुईं. लगभग 30 मिनट की इस यादगार उड़ान में उन्होंने आसमान से जयपुर और आसपास के इलाकों को देखा. हेलिकॉप्टर के खिड़की से नीचे की दुनिया को देखते हुए उनके चेहरों पर खुशी, उत्साह और आश्चर्य साफ झलक रहा था. पहली बार आसमान की सैर करने वाली इन ग्रामीण बेटियों के लिए यह पल जीवन भर याद रहने वाला बन गया. छात्राओं ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'यह सपना सच होने जैसा लग रहा है. सर ने हमारा इतना बड़ा ख्वाब पूरा कर दिया। प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने बताया कि इस पहल का मकसद सिर्फ इनाम देना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की बच्चियों में पढ़ाई के प्रति उत्साह जगाना और उन्हें बड़े सपने देखने की हिम्मत देना है. उन्होंने कहा, 'अगर बच्चे मेहनत करें और सपने देखें, तो उन्हें पूरा करने का रास्ता निकल आता है. यह 'सपनों की उड़ान' पहल अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बनेगी.' इस अनूठी पहल का पूरा खर्च और प्रबंधन उन्होंने खुद संभाला, जिससे यह और भी खास हो गया। क्या बोले ग्रामीण? पूरे क्षेत्र में इस घटना की जोरदार सराहना हो रही है. लोग कह रहे हैं कि ऐसे शिक्षक ही समाज को बदल सकते हैं. ग्रामीण इलाकों में जहां संसाधन सीमित होते हैं, वहां शिक्षकों का ऐसा व्यक्तिगत योगदान बच्चों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है. यह कहानी न केवल तीन छात्राओं की है, बल्कि मेहनत, लगन और प्रोत्साहन से सपनों को हकीकत में बदलने की मिसाल है। ऐसी पहलें शिक्षा व्यवस्था में नई जान फूंक सकती हैं, जहां बच्चे सिर्फ किताबें नहीं, बल्कि बड़े सपने भी देखें और उन्हें हासिल करने की हिम्मत रखें. प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका जैसे शिक्षकों की बदौलत ग्रामीण भारत की बेटियां भी आसमान छूने की तैयारी कर रही हैं।

31 मार्च तक छुट्टियां रद्द: वित्तीय वर्ष समाप्ति तक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी टले

जयपुर राजस्थान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन को देखते हुए राज्य के सभी विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश व प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर अस्थायी रोक लगा दी है।मुख्य सचिव वी श्री निवास की ओर से जारी आदेश के अनुसार 31 मार्च 2026 तक राज्य के समस्त शासकीय विभागों, कार्यालयों और अधीनस्थ संस्थानों में अवकाश या प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वीकृत नहीं किए जाएंगे। यह निर्णय कार्यालयी कार्यों के समयबद्ध और सुचारु निपटान को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। आदेश में कहा गया है कि केवल अत्यावश्यक या आपातकालीन परिस्थितियों में ही अवकाश की अनुमति दी जाएगी। जिन अधिकारियों या कर्मचारियों को पहले से अवकाश स्वीकृत है, उन्हें भी आवश्यकता होने पर ही उसका उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है, ताकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले लंबित कार्यों का समय पर निस्तारण किया जा सके। राजस्थान के सरकारी विश्राम गृहों की दरें बढ़ीं सरकार ने अपने विश्राम गृहों को आधुनिक सुविधाओं और लक्जरी लुक देने के बाद अब वहां ठहरने की दरों में भी बड़ा इजाफा कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए नई श्रेणियां निर्धारित की हैं और कई पुरानी दरों को संशोधित किया है। नई व्यवस्था के तहत राजस्थान के सरकारी विश्राम गृहों और दिल्ली स्थित राजस्थान हाउस में निजी रूप से ठहरने के लिए अब लोगों को पहले से ज्यादा भुगतान करना होगा। विभाग ने डी श्रेणी के विश्राम गृहों सहित विभिन्न श्रेणियों में कमरों की दरों में वृद्धि की है। दर बढ़ोतरी के तहत अलग-अलग श्रेणियों में 800 रुपये से लेकर 4500 रुपये तक का इजाफा किया गया है। इसमें 800, 1300, 1400, 2300, 2700, 2800, 3300, 3700 और 4500 रुपये तक की वृद्धि शामिल है। सरकार का कहना है कि विश्राम गृहों में बेहतर सुविधाएं और उन्नत व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के मद्देनजर यह संशोधन किया गया है।

ताईक्वाण्डो के नकली प्रमाण पत्र पर नौकरी का खेल, 19 अभ्यर्थियों समेत 20 गिरफ्तार

जयपुर राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने वर्ष 2022 की तृतीय श्रेणी अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का एक बड़ा खुलासा किया है । ताईक्वाण्डो खेल के फर्जी प्रमाण पत्र और फर्जी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे से सरकारी नौकरी पाने का प्रयास कर रहे 19 अभ्यर्थियों सहित कुल 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है । 14 जिलों और हरियाणा में छापेमारी एडीजी (SOG) विशाल बंसल ने बताया कि 12 मार्च 2026 को राजस्थान के 14 जिलों और हरियाणा के रोहतक में एक साथ सामूहिक रेड की गई 。 इस कार्रवाई के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जालसाजी में शामिल अभ्यर्थियों को डिटेन कर जयपुर स्थित SOG कार्यालय लाया गया और पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। स्पेलिंग की एक गलती से खुला 'दुबई' का राज इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा एक मामूली स्पेलिंग मिस्टेक से हुआ 。 जांच के दौरान एक आरोपी के मोबाइल से ताईक्वाण्डो फेडरेशन के नाम पर भेजे गए ईमेल का स्क्रीनशॉट मिला 。 इस ईमेल में "Secretary" की स्पेलिंग गलत (secreatary) लिखी हुई थी, जिससे टीम को संदेह हुआ।SOG की जांच में सामने आया कि यह फर्जी ईमेल आईडी दुबई से बनाई गई थी ।इसका उपयोग विमलेंदु कुमार झा नाम का व्यक्ति कर रहा था, जो फेडरेशन का सदस्य तक नहीं था ।आरोपियों ने शिक्षा विभाग को झांसा देने के लिए फेडरेशन की वास्तविक ईमेल आईडी से मिलती-जुलती आईडी तैयार की थीदलालों का नेटवर्क और करोड़ों का खेलशुरुआती जांच में सामने आया है कि दलालों ने अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर उन्हें फर्जी ताईक्वाण्डो प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए थे । SOG ने इस मामले में विमलेंदु झा और उसके सहयोगी रवि शर्मा के अलावा, ओमप्रकाश महला (सीकर), योगेन्द्र कुमार (PTI) और सतीश डुल (हरियाणा) जैसे दलालों की भूमिका की भी पहचान की है । दर्ज मामले और गिरफ्तार आरोपीइस मामले में SOG थाना में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज बनाने और आईटी एक्ट की धाराओं (420, 467, 468, 471, 120-बी IPC व 66-डी IT Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है । गिरफ्तार अभियुक्तों में बबीता जाखड़, ज्योतिरादित्य, सीमा, कविता भींचर और गजानंद प्रजापत जैसे नाम शामिल हैं । जांच अभी जारी है कि फेडरेशन का कौन सा कर्मचारी इस जानकारी को लीक करने में शामिल था ।

गौ तस्करी पर बड़ा एक्शन: मेवात में 54 एनकाउंटर के बाद अब संपत्ति जब्त करेगी पुलिस

जयपुर राजस्थान में गौ तस्करों और पुलिस के बीच मुठभेड़ के मामले में लगातार सामने आ रहे हैं। राजस्थान में पिछले पांच वर्षों में कथित गौ-तस्करों से जुड़े 54 पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) दर्ज किए गए हैं। इन घटनाओं में 13 आरोपियों और 9 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। यह जानकारी राज्य के गृह विभाग के आधिकारिक आंकड़ों में सामने आई है। आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2021 से दिसंबर 2025 के बीच पुलिस ने गौ-तस्करी के आरोप में 110 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि 63 आरोपी अभी भी फरार हैं। मेवात में सबसे ज्यादा मुठभेड़ गौ तस्करों से मुठभेड़ के सबसे ज्यादा मामले मेवात इलाके में देखने को मिल रहे हैं। सबसे अधिक मुठभेड़ डीग जिले में हुईं, जहां पुलिस और तस्करों के बीच 22 बार आमना-सामना हुआ। यहां सबसे ज्यादा 51 आरोपी अभी भी फरार बताए गए हैं। अलवर जिले में 12 मुठभेड़ों की घटनाएं सामने आईं, जिनमें 31 कथित गौ-तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 6 आरोपी फरार हैं। वहीं भिवाड़ी में 7 मुठभेड़ों में 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 6 आरोपी अभी भी फरार हैं। दौसा में 5 घटनाओं में 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। खैरथल-तिजारा जिले में 4 मुठभेड़ हुईं, जिनमें 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। भरतपुर में एक घटना में एक आरोपी को पकड़ा गया। भिवाड़ी में बीएनएस 107 के तहत कार्रवाई राज्य सरकार का कहना है कि गौ-तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों पर भी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। गृह विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने गौ-तस्करी से अर्जित कथित अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, हालांकि यह अभी प्रारंभिक चरण में है। भिवाड़ी जिले के तिजारा थाने में दर्ज एक मामले में आरोपी साहुन के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है और मामला अदालत में विचाराधीन है। अदालत के आदेश के बाद संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है। टपूकाड़ा थाने में दर्ज एक अन्य मामले में गिरफ्तार आरोपी जाकिर और सलीम उर्फ काला की कथित संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। इस मामले में अभी चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है। इसी तरह भिवाड़ी फेज-3 थाने में दर्ज एक मामले में पुलिस चार गिरफ्तार आरोपियों की उन संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है, जिन्हें कथित रूप से आपराधिक गतिविधियों से अर्जित किया गया बताया जा रहा है। गौ सेवा नीति 2026 लाने की तैयारी इधर, राज्य सरकार ‘गौ सेवा नीति 2026’ जल्द लाने जा रही है। इस दिशा में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, राजस्थान को-ऑपरेटिव गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना और मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना जैसी योजनाएं लागू की गई हैं, जिनसे पशुपालकों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिल रही है। राज्य की पंजीकृत गौशालाओं को भी सहायता दी जा रही है। सरकार बड़ी गाय-बैल जैसे पशुओं पर प्रतिदिन 50 रुपये और छोटे पशुओं पर 25 रुपये का अनुदान दे रही है। सरकार ने किसानों के लिए भी कई कदम उठाए हैं। पीएम किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना 9 हजार रुपये मिल रहे हैं। वहीं आगामी वर्ष से गेहूं पर न्यूनतम समर्थन मूल्य के ऊपर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की भी घोषणा की गई है।  

राजस्थान में मौसम पलटा: बादल छाए, 14 मार्च को तेज आंधी और बारिश की चेतावनी

जयपुर राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच गुरुवार को मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिला। जयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग के अधिकांश इलाकों तथा बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ जिलों में आसमान में बादल छाए रहे। मौसम में आए इस बदलाव से दिन के तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई और लोगों को हीटवेव से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार अगले 10 से 12 दिनों के दौरान राज्य में दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने की संभावना है। इनके प्रभाव से कई इलाकों में बादल छाने, हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार हैं। इन मौसम प्रणालियों के असर से अगले दो सप्ताह तक प्रदेश में गर्मी सामान्य स्तर पर रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 14 मार्च को राज्य के 8 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को राज्य में सबसे अधिक तापमान कोटा में दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं बाड़मेर में पिछले कुछ दिनों से 40 से 41 डिग्री के बीच बना हुआ तापमान गिरकर 39.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। राजधानी जयपुर में भी सुबह से मौसम में हल्का बदलाव नजर आया। आसमान में हल्के बादल छाए रहने से दोपहर की धूप कमजोर रही। दोपहर से शाम तक हल्की धूलभरी हवाएं भी चलीं, जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार दूसरा वेदर सिस्टम 19 मार्च से सक्रिय होगा, जिसका असर 19 से 21 मार्च के बीच देखने को मिल सकता है। इस दौरान प्रदेश के कुछ इलाकों में बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। इन दोनों सिस्टम के प्रभाव से राजस्थान में 23-24 मार्च तक तापमान सामान्य बने रहने की संभावना जताई गई है।

गैस संकट के खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर, खाली सिलिंडर के साथ किया प्रदर्शन

जयपुर देशभर में लोग एलपीजी गैस सिलिंडर की कमी से परेशान हैं। ईरान–इस्राइल युद्ध के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित होने की चर्चा के बीच कई जगह गैस एजेंसियों पर लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर राजस्थान में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। शुक्रवार को कांग्रेस ने पूरे राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। इसी क्रम में जयपुर के चांदपोल इलाके में कांग्रेस कार्यकर्ता इकट्ठा हुए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला भी जलाया। साथ ही गैस सिलिंडर की प्रतीकात्मक शवयात्रा भी निकाली गई।  अजमेर में चूल्हा जलाकर जताया विरोध अजमेर में भी रसोई गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता खाली गैस सिलिंडर ठेले पर रखकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और उन्हें सड़क पर रखकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। वहीं महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर चूल्हा जलाकर प्रतीकात्मक रूप से खाना बनाते हुए महंगाई और गैस सिलिंडर की किल्लत के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से गैस सिलिंडर की कीमतों में कमी करने और आम लोगों को राहत देने की मांग की। इस मौके पर राजस्थान सरकार के पूर्व चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है और आम लोगों का जीवन कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को गैस सिलिंडर लेने के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से थाली और ताली बजाने की अपील की थी, लेकिन अब जनता को गैस सिलिंडर के लिए फिर से लाइनों में लगना पड़ रहा है। यह सरकार की नीतियों की विफलता को दिखाता है। वहीं किशनगढ़ से कांग्रेस विधायक डॉ. विकास चौधरी ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महंगाई कम करने का वादा करके सत्ता में आए थे, लेकिन इसके बावजूद महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी की हालत बहुत खराब हो चुकी है और घरेलू गैस सिलिंडर के लिए भी लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के पास महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस नीति नहीं है, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है।   श्रीगंगानगर में भी जोरदार विरोध श्रीगंगानगर में भी गैस सिलिंडर की किल्लत और बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान महिलाएं और युवा कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रूपिंदर सिंह कुन्नर ने कहा कि 56 इंच की छाती वाले प्रधानमंत्री ने अमेरिका के सामने घुटने टेक दिए हैं। इसका नतीजा अब देश में गैस सिलिंडर की भारी कमी के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है, लेकिन लोग गैस सिलिंडर के लिए परेशान हैं और गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देशभर में यह संकट पैदा हुआ है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह प्रदर्शन सरकार को चेतावनी देने के लिए किया गया है। अगर जल्द ही राजस्थान और देश में गैस की कीमतों और किल्लत को कम नहीं किया गया तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कलेक्ट्रेट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस मौके पर एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष ईशानवीर सिंह मान, पूर्व विधायक राजकुमार, सूरतगढ़ विधायक डूंगरराम गेदर सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।