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राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस जांच में अंधविश्वास पर जताई नाराजगी, अफसर बदला

नागौर  आज के आधुनिक दौर में भी क्या पुलिस किसी चोर को पकड़ने के लिए तांत्रिकों और अंधविश्वास का सहारा ले सकती है? आपका जवाब होगा- बिल्कुल नहीं. लेकिन राजस्थान के नागौर जिले में ऐसा ही एक हैरान करने वाला वाकया सामने आया है. यहां चोरी की वारदात को सुलझाने के लिए पुलिस खुद पीड़ित परिवार को लेकर एक तांत्रिक (भोपी) के पास पहुंच गई और उसके इशारे पर जांच भी शुरू कर दी. इस मामले पर अब राजस्थान हाईकोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने साफ लफ्जों में कहा है कि देश का कानून अंधविश्वास से नहीं चलता और जांच केवल वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही होनी चाहिए. क्या है यह पूरा मामला? यह अजीबो-गरीब मामला नागौर जिले के श्री बालाजी थाने का है. याचिकाकर्ता खेमी देवी ने जोधपुर हाईकोर्ट में जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी. खेमी देवी ने बताया कि इसी साल 7 मार्च 2026 को उनके घर में एक बड़ी चोरी हुई थी, जिसमें चोरों ने घर में रखे सोने-चांदी के गहने और मोटी नकदी साफ कर दी थी. पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन जांच का जिम्मा जिस हेड कांस्टेबल रतिराम को सौंपा गया, उनके काम करने का तरीका बड़ा अनोखा था. जब सबूत नहीं मिले, तो 'भोपी' के दरबार में ले गई पुलिस याचिका में पुलिस पर आरोप लगाया गया है कि जब काफी दिनों तक चोरी का कोई सुराग नहीं लगा, तो जांच अधिकारी रतिराम ने खुद पीड़ित महिला और गांव के कुछ लोगों को एक तरकीब सुझाई. उन्होंने कहा कि अलवर में एक बैठती है, जो सब सच बता देती है. हद तो तब हो गई जब हेड कांस्टेबल खुद इन लोगों को लेकर अलवर पहुंच गया. वहां उस भोपी ने बिना किसी सबूत के परिवादिया की बहू के पिता मोहनराम का नाम ले दिया और कहा कि चोरी इसी ने की है. इसके बाद पुलिस ने असली चोर को ढूंढने के बजाय मोहनराम को ही आरोपी मानकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. कोर्ट में सरकारी वकील ने भी माना सच खेमी देवी की तरफ से पैरवी कर रहे वकील मनोहर सिंह राठौड़ ने हाईकोर्ट को बताया कि भारतीय कानून में कहीं भी किसी तांत्रिक या भोपी के कहने पर जांच आगे बढ़ाने का कोई नियम नहीं है. हैरान करने वाली बात तब हुई, जब कोर्ट रूम में मौजूद सरकारी वकील ने भी इस बात को स्वीकार किया कि हां, जांच अधिकारी सचमुच अलवर में उस भोपी के ठिकाने पर गया था. हाईकोर्ट ने बदल दिया जांच अफसर इस पूरे अंधविश्वास के खेल को सुनकर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई. कोर्ट ने माना कि इस तरीके से कभी भी निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती. जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की कोर्ट ने नागौर के पुलिस अधीक्षक को तुरंत आदेश जारी किया है कि इस मामले की जांच वर्तमान हेड कांस्टेबल से तुरंत वापस ली जाए. इस केस की डायरी को श्री बालाजी थाने से हटाकर किसी दूसरे थाने में ट्रांसफर किया जाए. अब इस चोरी के मामले की जांच किसी सब इंस्पेक्टर लेवल के अधिकारी से करवाई जाए, जो अगले 15 दिनों में अपनी जांच शुरू करे.

ईंधन बचत और सादगी को बढ़ावा, हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कार्यवाही

जयपुर बढ़ती ईंधन खपत को कम करने और सादगी उपायों को बढ़ावा देने की दिशा में राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाईकोर्ट प्रशासन ने घोषणा की है कि 22 मई, 26 मई और 27 मई 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर बेंच में न्यायिक कार्यवाही मुख्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालित की जाएगी। रजिस्ट्रार जनरल की ओर से नोटिस जारी इस संबंध में रजिस्ट्रार जनरल की ओर से आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में बताया गया है कि यह निर्णय भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की अदालतों और संस्थानों को ईंधन संरक्षण, अनावश्यक यात्राओं में कमी और प्रशासनिक सादगी अपनाने के निर्देश दिए थे। बार एसोसिएशन से चर्चा के बाद लिया गया निर्णय राजस्थान हाईकोर्ट ने इस पहल को लागू करने से पहले जोधपुर और जयपुर की बार एसोसिएशनों से चर्चा भी की। विचार-विमर्श के बाद अदालतों में वर्चुअल सुनवाई को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया, ताकि अधिवक्ताओं, पक्षकारों और संबंधित लोगों को बार-बार यात्रा करने की आवश्यकता कम हो सके। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ेंगे पक्षकार नोटिस के अनुसार अदालतों की कार्यवाही संबंधित कोर्ट रूम से ही संचालित होगी, लेकिन अधिवक्ताओं और पक्षकारों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हाईकोर्ट ने यह भी अपील की है कि आवश्यकता पड़ने पर वाहन साझा (कार पूलिंग) जैसी व्यवस्थाओं को अपनाया जाए, जिससे ईंधन की बचत सुनिश्चित हो सके। फिजिकल हियरिंग पर कोई रोक नहीं हालांकि हाईकोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिजिकल हियरिंग पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है। जो अधिवक्ता या पक्षकार व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर सुनवाई में भाग लेना चाहते हैं, वे पहले की तरह न्यायालय में उपस्थित हो सकेंगे। सभी संबंधित संस्थाओं को भेजा गया आदेश हाईकोर्ट प्रशासन ने इस आदेश की प्रतियां सुप्रीम कोर्ट, राजस्थान सरकार, बार काउंसिल ऑफ राजस्थान, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और राज्य के न्यायिक अधिकारियों को भी भेज दी हैं। डिजिटल सुनवाई और ईंधन बचत की दिशा में राजस्थान हाईकोर्ट की यह पहल न्यायिक प्रणाली को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।  

RPSC SI भर्ती 2021 विवाद: पुनर्परीक्षा पर हाईकोर्ट की सुनवाई, नया मोड़ आया

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट में आज एसआई भर्ती 2021 को लेकर सुनवाई हुई, जिसमें अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में शामिल किए जाने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी. कोर्ट ने सभी याचिकाकर्ताओं को भर्ती में आवेदन करने के लिए प्रोविजनल अनुमति प्रदान की है. दोबारा होगी एसआई भर्ती परीक्षा हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) रद्द की गई एसआई भर्ती 2021 का पुनः आयोजन करवा रहा है.  हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि पुनर्परीक्षा में केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को शामिल किया जाएगा, जिन्होंने वर्ष 2021 की भर्ती परीक्षा में शामिल हुए थे. 3 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने दी थी परीक्षा एसआई भर्ती 2021 के लिए लगभग 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन सितंबर 2021 में आयोजित परीक्षा में केवल 3,83,097 अभ्यर्थी ही दोनों पेपर में शामिल हुए थे. आयोग पुनर्परीक्षा में भी इन्हीं अभ्यर्थियों को शामिल करने पर कायम है. हाई कोर्ट में दायर की याचिका इस निर्णय का अन्य अभ्यर्थियों द्वारा विरोध किया गया, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कोरोना महामारी और अन्य कारणों से जो अभ्यर्थी उस समय परीक्षा में शामिल नहीं हो सके, उन्हें भी एक और अवसर दिया जाना चाहिए. याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट हरेंद्र नील, रवींद्र सैनी और निखिल कुमावत ने पैरवी की.

RERC के आदेश से राजस्थान को मिलेगी 24 घंटे स्थिर बिजली आपूर्ति की राह

जयपुर राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (RERC) के आदेश ने ऊर्जा नीति और भविष्य की बिजली व्यवस्था को लेकर रास्ता साफ कर दिया है. आयोग ने 15 मई को आदेश में दीर्घकालिक थर्मल पावर खरीद की अनुमति दे दी है. इसका मतलब है कि राजस्थान को अब सिर्फ सौलर या पवन ऊर्जा पर निर्भर नहीं रहना होगा. बल्कि स्थायी और लगातार उपलब्ध रहने वाली बिजली के लिए कोयला आधारित उत्पादन भी जारी रहेगा. दरअसल, राजस्थान में बड़े स्तर पर सोलर और विंड प्रोजेक्ट विकसित हो रहे हैं. इन दोनों प्रोजेक्ट में चुनौती भी कम नहीं है. क्योंकि रात में सोलर बिजली उपलब्ध नहीं रहती और कई बार हवा की कमी से विंड एनर्जी उत्पादन भी प्रभावित होता है. ऐसे में ग्रिड को स्थिर बनाए रखने और चौबीस घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 'बेसलोड पावर' की जरूरत पड़ती है, जिसे थर्मल पावर प्लांट लगातार उपलब्ध कराते हैं. इससे क्या होगा फायदा, वो भी जानिए ऊर्जा विशेषज्ञ मानते हैं कि राजस्थान में आने वाले वर्षों में बिजली की मांग तेजी से बढ़ेगी. औद्योगिक विस्तार, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, डेटा सेंटर, शहरीकरण और कृषि क्षेत्र में बढ़ती बिजली जरूरतों के कारण राज्य को स्थायी बिजली स्रोतों की आवश्यकता होगी. ऐसे में यह आदेश सिर्फ थर्मल पावर खरीद की मंजूरी नहीं, बल्कि राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. इस ऑर्डर से राजस्थान आने वाले दशक में ऊर्जा सुरक्षा, ग्रिड स्थिरता और चौबीस घंटे बिजली उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए “हाइब्रिड पावर मॉडल” की दिशा में आगे बढ़ सकता है.   आयोग ने बिजली खरीद के लिए दिए ये विकल्प केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने वर्ष 2035-36 तक राजस्थान के लिए 4440 मेगावाट अतिरिक्त कोयला आधारित क्षमता की आवश्यकता बताई थी. इसी के आधार पर RERC ने  कहा कि राज्य की डिस्कॉम्स थर्मल पावर की खरीद कर सकती है. आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और कंपनियां MoU, ज्वाइंट वेंचर या फिर बोली के जरिए बिजली खरीद कर सकती है.   बोली का टीबीसीबी ऑप्शन भी खुला बोली के लिए 'टैरिफ बेस्ड कम्पेटिटिव बिडिंग' (TBCB) मॉडल अपनाया जा सकता है. इसमें अलग-अलग कंपनियां बिजली सप्लाई के लिए बोली लगाएंगी. सबसे कम दर और बेहतर शर्तों पर बिजली उपलब्ध कराने वाली कंपनी को टेंडर दिया जाएगा. इससे बिजली खरीद की लागत कम रखने और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी.

करमाटांड़ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी सिम और साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा

 जामताड़ा झारखंड के जामताड़ा में साइबर अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह के प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया. छापेमारी दल ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के ग्राम बरमुंडी और अन्य स्थानों पर छापेमारी कर साइबर अपराध करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार किया. वहीं अलग कार्रवाई में फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक अन्य आरोपी मुजाहिद अंसारी को कालाझरिया स्थित पेट्रोल पंप के पास से गिरफ्तार किया गया. इस मामले में क्रमशः साइबर अपराध थाना कांड संख्या 27/2026 एवं 28/2026 दर्ज किया गया है. दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता 2023, आईटी एक्ट तथा टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. गिरफ्तार आरोपी रिजवान अंसारी, बसीर अंसारी, सकलैन अंसारी, सफाउद्दीन अंसारी शामिल हैं. ये सभी आरोपी करमाटांड़ थाना क्षेत्र के बरमुंडी गांव का है. वहीं मुजाहिद अंसारी कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के मटटांड़ गांव का रहने वाला है. ऐसे करते थे साइबर ठगी एसपी ने बताया कि आरोपी गूगल से क्रेडिट और डेबिट कार्ड धारकों का मोबाइल नंबर निकालते थे. इसके बाद ग्राहकों को कॉल कर उनका बैंक खाता या कार्ड बंद होने की बात कहकर मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल करवाते थे. फिर कार्ड डिटेल और गोपनीय जानकारी हासिल कर साइबर ठगी की घटना को अंजाम देते थे. वहीं गिरफ्तार एक अन्य आरोपी मुजाहिद अंसारी फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराकर साइबर अपराधियों की मदद करता था. पहले भी दर्ज है मामला गिरफ्तार आरोपी रिजवान अंसारी पूर्व में भी साइबर अपराध थाना जामताड़ा में मामला दर्ज है. बताया कि प्रारंभिक जांच में साइबर अपराधियों का कार्यक्षेत्र महाराष्ट्र, गुजरात एवं पश्चिम बंगाल तक फैला होने की जानकारी मिली है. पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है. जप्त किए गए सामान     05 मोबाइल फोन     06 सिम कार्ड     03 एटीएम कार्ड     01 पैन कार्ड     01 आधार कार्ड     01 मोटरसाइकिल  

राजस्थान में आम जनता पर महंगाई की मार, गैस के बाद अब पेट्रोल-डीजल महंगा

जयपुर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है. एक ही हफ्ते के भीतर दूसरी बार तेल कंपनियों ने दामों में बढ़ोतरी की है. मंगलवार (19 मई) सुबह नए रेट जारी होने के बाद जयपुर में पेट्रोल 109 रुपये के करीब पहुंच गया है. जबकि डीजल की कीमतें 94 रुपये के पार हो गई है. पेट्रोल 94 पैसे बढ़कर 108.94 और डीजल 91 पैसे बढ़कर 94.17 रुपये प्रति लीटर पहुंच गए है.   4 साल बाद पेट्रोल-डीजल ने फिर बढ़ाई चिंता करीब 4 साल बाद तेल की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला. इससे पहले अप्रैल 2022 में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे. मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले ₹2 की कटौती के चलते राहत भी मिली थी. लेकिन अब खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी है, जिसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दिख रहा है. शुक्रवार (15 मई) को जयपुर में पेट्रोल 3.25 रुपए और डीजल 3.02 रुपए महंगा हुआ था. गैस के बाद तेल के भाव से भी बिगाड़ेगा बजट तेल कंपनियों की ओर से लगातार बढ़ाए जा रहे दामों का असर सीधे आम लोगों के बजट पर पड़ रहा है. इससे पहले 2022 से पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए थे. मई के शुरुआत में 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी 993 रुपए बढ़ाए गए थे. इसके बाद से राजस्थान में कमर्शियल सिलेंडर का भाव 3099 रुपये पहुंच गया है.

राजस्थानी खोबा रोटी: देसी घी से भरपूर कुरकुरी और हेल्दी पारंपरिक रेसिपी

रोटी भारतीय खाने का अहम हिस्सा है जो हर घर में लगभग रोज बनाई जाती है. आमतौर पर लोग गेहूं की नॉर्मल रोटी खाते है. लेकिन भारत में रोटियों की कई ऐसी अनगिनत वैराइटी हैं जो अपने स्वाद के लिए जानी जाती हैं. इन्हीं में से एक है राजस्थान की मशहूर खोबा रोटी जो खाने में टेस्टी होने के साथ-साथ काफी हेल्दी भी होती है. यह रोटी नॉर्मल रोटी से थोड़ी मोटी होती है और इसके ऊपर बने खूबसूरत डिजाइन इसे खास बनाते हैं. खास बात यह है कि इसे घर पर भी बहुत आसानी से बनाया जा सकता है. आइए जानते हैं कि घर पर आसानी से राजस्थानी खोबा रोटी कैसे बना सकते हैं और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 4 कप गेहूं का आटा ½ छोटा चम्मच सौंफ पाउडर ½ छोटा चम्मच अजवाइन ¼ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर ¼ कप घी (मोयन के लिए) नमक स्वादानुसार शुद्ध देसी घी (रोटी में भरने और सेकने के लिए) पानी जरूरत के मुताबिक खोबा रोटी बनाते कैसे हैं? खोबा रोटी बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में 4 कप गेहूं का आटा लें. इसमें सौंफ पाउडर, अजवाइन, नमक और हल्दी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें 1/4 कप घी का मोयन डालें और हाथों से अच्छे से मिक्स करें, ताकि घी आटे में अच्छी तरह मिल जाए.  इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए नरम और लचीला आटा गूंथ लें. ध्यान रखें कि आटा न ज्यादा सख्त हो और न ही ज्यादा नरम. आटा तैयार होने के बाद इसे 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें, ताकि मसाले और घी अच्छी तरह सेट हो जाएं. अब आटे की एक बड़ी लोई लें और इसे मोटा बेलें. इसकी मोटाई लगभग आधा इंच रखें. बेलने के बाद चाकू या कांटे की मदद से रोटी पर हल्के-हल्के छेद कर दें. इससे रोटी अंदर तक अच्छी तरह पकती है और कुरकुरी बनती है.  अब तवे पर थोड़ा सा घी लगाकर रोटी डालें. जब रोटी एक तरफ से हल्की पक जाए तो इसे पलट दें. इसके बाद गैस कम कर दें और उंगलियों या चिमटा की मदद से रोटी की ऊपरी सतह पर छोटे-छोटे पिंच बनाते हुए पारंपरिक खोबा डिजाइन तैयार करें. ये डिजाइन रोटी को खास लुक देने के साथ घी को अंदर तक सोखने में भी मदद करती है. अब रोटी को दोनों तरफ से धीमी आंच पर सुनहरा और खस्ता होने तक सेंकें. चाहें तो पारंपरिक स्वाद के लिए इसे तवे से उतारकर सीधे गैस पर भी हल्का सा सेंक सकते हैं. रोटी तैयार होने के बाद इसके खोबों में ऊपर से देसी घी डालें, ताकि घी पूरी तरह अंदर तक चला जाए. अब गरमागरम खोबा रोटी तैयार है. इसे पंचमेल दाल, गट्टे की सब्जी, लहसुन की चटनी या फिर गुड़ और घी के साथ परोसें. इसका कुरकुरा स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को बेहद पसंद आएगा.  

लू का ऑरेंज अलर्ट, राजस्थान के कई जिलों में तापमान 45 से 46 डिग्री के बीच

राजयपुर जस्थान भीषण गर्मी की चपेट में है. पिलानी और चित्तौड़गढ़ में तापमान 46 डिग्री पार हो गया है. इन दोनों जिलों में पारा 46.2 डिग्री दर्ज किया गया. राज्य के लगभग सभी शहरों में सोमवार (18 मई) को अधिकतम तापमान 41 डिग्री से ऊपर रहा. राजधानी जयपुर में भी 43.6 डिग्री दर्ज किया गया. हीटवेव के अलर्ट को देखते हुए अगले 4-5 दिन लोगों की परेशानी बढ़ सकती है. मंगलवार (19 मई) के लिए 7 जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी किया गया है. जबकि 5 जिलों में हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट है. इन जिलों में भी तापमान 45 के पार मौसम विभाग के अनुसार, श्रीगंगानगर में तापमान 46.1 डिग्री  बना हुआ है. बीकानेर में पारा 46, वनस्थली में 45.6, फतेहपुर में 45.5, कोटा में 45.3, बाड़मेर और चूरू में 45.1 डिग्री दर्ज किया गया. बारां, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, बालोतरा, जोधपुर और श्रीगंगानगर में येलो अलर्ट है. वहीं, चित्तौड़गढ़, बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर और फलोदी में लू का ऑरेंज अलर्ट है.    हीट वेव को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी! तेज़ गर्मी और लू सिर्फ थकान ही नहीं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती है। इस भीषण गर्मी में खुद का और अपने परिवार का विशेष ध्यान रखें। धूलभरी आंधी भी बढ़ाएगी परेशानी इस सप्ताह राज्यभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में लू जैसी स्थिति रहने का अनुमान है. अगले चार से 5 दिनों तक पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में 20–30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने का पूर्वानुमान जताया है. लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि आने वाले दिनों में तापमान के अधिक रहने की संभावना है.

जयपुर में ‘अमृत महोत्सव उद्घोष’ के दौरान विधानसभा का नया प्रतीक चिह्न हुआ जारी

जयपुर राजस्थान विधानसभा ने अपने 75वें स्थापना वर्ष के ऐतिहासिक मौके पर अपनी एक नई और अनूठी पहचान दुनिया के सामने पेश की है। जयपुर में आयोजित 'अमृत महोत्सव उद्घोष' कार्यक्रम के दौरान विधानसभा के नवनिर्मित आधिकारिक प्रतीक चिह्न का विमोचन किया गया और साथ ही विधानसभा परिसर के विभिन्न ऐतिहासिक द्वारों का नामकरण भी किया गया। इस समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। नए लोगो में खेजड़ी और ऊंट को मिला स्थान राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की कल्पना से तैयार इस नए प्रतीक चिह्न में राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। नए लोगो में दो सबसे खास तत्वों को शामिल किया गया है, जो पूरे मरुस्थल का सम्मान हैं। राजस्थान के कल्पवृक्ष खेजड़ी को लोगो में किया शामिल राज्य वृक्ष 'खेजड़ी' कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी हरा-भरा रहने और जीवन को बनाए रखने की क्षमता का प्रतीक है। ग्रामीण जीवन और पर्यावरण संतुलन की रीढ़ माने जाने वाले इस वृक्ष को लोगो में शामिल कर राज्य की पर्यावरणीय विरासत को सलाम किया गया है। रेगिस्तान का जहाज ऊंट भी लोगो में शामिल राज्य पशु ऊंट मरुधरा की जीवटता, अटूट धैर्य और मजबूती से आगे बढ़ने के स्वभाव को दर्शाता है। यह राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान का सबसे मजबूत स्तंभ है। ऊंट सदियों से राजस्थान के शूरवीरों और राजा-महाराजाओं का न केवल युद्ध के मैदान में विश्वसनीय साथी रहा है, बल्कि मरुधरा के व्यापारिक कारवानों की मुख्य जीवनरेखा भी रहा है। बीकानेर रियासत के महाराजा गंगा सिंह ने विश्व प्रसिद्ध 'गंगा रिसाला' का गठन किया था, जिसने प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान वैश्विक स्तर पर अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया। 1913 का इतिहास और नेहरू की 'डिस्कवरी ऑफ इंडिया' का जिक्र समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने राजस्थान की प्राचीन लोकतांत्रिक जड़ों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में लोकतंत्र नया नहीं है। पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रसिद्ध किताब 'The Discovery of India' का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश में प्राचीन काल से ही लोकतांत्रिक परंपराएं मौजूद रही हैं। राज्यपाल ने एक बेहद दिलचस्प ऐतिहासिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि आजादी से बहुत पहले, साल 1913 में ही बीकानेर रियासत में 'प्रतिनिधि सभा' हुआ करती थी, जहां बाकायदा बैलेट पेपर के जरिए मतदान कराया जाता था।