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2025 में AI ऐप्स के सबसे बड़े यूज़र बने भारतीय, फिर भी इस एक चीज़ में रह गए पीछे

नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करने के मामले में भारत सबसे आगे निकल रहा है। भारत में सबसे ज्यादा जेनरेटिव AI ऐप डाउनलोड किए जा रहे हैं। मार्केट इंटेलिजेंस फर्म सेंसर टावर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में साल-दर-साल 207 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ भारत जेनरेटिव AI ऐप डाउनलोड करने के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट बन गया है। देश में सबसे ज्यादा एआई ऐप और चैटबॉट डाउनलोड किए गए हैं। इससे देश को जेन-AI इस्तेमाल करने के मामले में अमेरिका से आगे निकलने में मदद मिली। भारत में डाउनलोड हुए सबसे ज्यादा एआई ऐप मार्केट इंटेलिजेंस फर्म सेंसर टावर की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में जेनरेटिव एआई ऐप सबसे ज्यादा भारत में डाउनलोड किए गए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया भर में लगभग 20 प्रतिशत या हर 5 में से 1 जेनरेटिव AI ऐप भारत में डाउनलोड हुआ है। हालांकि, यह बड़ा यूजर बेस रेवेन्यू में नहीं बदलता है। 2025 में इन ऐप खरीदारी में भारतीय यूजर्स का हिस्सा सिर्फ लगभग 1 प्रतिशत रहा था। रेवन्यू में रह गया पीछे यह अंतर उन कंपनियों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में बताता है जो तेजी से अपनाए जाने को लंबे सम तक बने रहने वाले रेवेन्यू में बदलने की कोशिश कर रही हैं। ऐप डाउनलोड की ग्रोथ भले ही साल-दर-साल 320 प्रतिशत बढ़ी हो, लेकिन रेवेन्यू की ग्रोथ अभी काफी पीछे है। नवंबर में इन-ऐप खरीदारी में 22 प्रतिशत और दिसंबर में 18 प्रतिशत की गिरावट आई है। फ्री ऑफर का दिखा असर डाउनलोड में यह उछाल प्रमोशनल पुश और DeepSeek, Grok, और Meta AI जैसे नए AI प्लेटफॉर्म के आने से आया है। साथ ही, इसका एक बड़ी कारण भारत में, Google द्वारा अपने AI Pro प्लान का एक साल का फ्री एक्सेस देने भी है। इतना ही नहीं, Perplexity ने Airtel के साथ मिलकर अपना Pro प्लान भारतीय यूजर्स के लिए फ्री किया था। OpenAI ने भी कुछ समय के लिए ChatGPT Go का एक साल का फ्री एक्सेस दिया है। कंपनियों द्वारा दिया जा रहा फ्री ऑफर्स का असर दिख रहा है। नवंबर में फ्री ChatGPT Go एक्सेस के लॉन्च के बाद, भारत में ChatGPT से होने वाला रेवेन्यू 33 प्रतिशत और दिसंबर में 32 प्रतिशत कम हो गया। हालांकि, OpenAI प्लेटफॉर्म ने अपना दबदबा बनाए रखा और भारत में जेनरेटिव AI इन-ऐप रेवेन्यू का 60 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा अपने पास रखा। पिछले हफ्ते भारत में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट का आयोजन किया गया। इसके दौरान भी AI पर काफी चर्चा हुई। कुछ समय पहले ही OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने बताया था कि भारत में चैटजीपीटी के हर हफ्ते 100 मिलियन से ज्यादा एक्टिव यूजर हैं। इससे भी साफ पता चलता है कि भारत में एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। यूजर्स एआई ऐप्स और चैटबॉट का इस्तेमाल कर रहे हैं।

WhatsApp अब नहीं रहेगा फ्री! इन 3 फीचर्स के लिए लगेंगे रुपये

 नई दिल्ली  WhatsApp पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल लेकर आ रहा है और अब इसको लेकर ऐप में एक नोटिफिकेशन भी नजर आने लगा है. मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप के अपकमिंग फीचर को ट्रैक करने वाली वेबसाइट WaBetainfo ने शेयर की है. पेड सब्सक्रिप्शन एक ऑप्शनल फीचर होगा |  अब मैसेजिंग ऐप ने इसको लेकर एक नोटिफिकेशन्स जारी करना शुरू कर दिया है, जिसमें पेड सब्सक्रिप्शन की उपलब्धता को दिखाया है. प्रीमियम सब्सक्रिप्शन प्लान के तहत यूजर्स को नए फीचर्स एक्सेस मिलेंगे |  प्ले स्टोर पर आया नया अपडेट  WaBetainfo के मुताबिक, प्ले स्टोर पर WhatsApp beta के लेटेस्ट वर्जन Android 2.26.9.6 में नजर फीचर स्पॉट किया गया है.यूजर्स को न्यू प्लान के लिए waitlist को जॉइन कर सकेंगे |  WaBetainfo का पोस्ट  रिपोर्ट्स में न्यू फीचर को लेकर स्क्रीनशॉट्स शेयर किया गया है,जिसमें न्यू अपडेट को लेकर दिखाया गया है. स्क्रीनशॉट्स में बताया है कि प्रीमियम सब्सक्रिप्शन के तहत यूजर्स नए फीचर्स भी मिलेंगे |  प्रीमियम सब्सक्रिप्शन के तहत मिलने वाले नए फीचर्स      एक्सक्लूसिव स्टिकर मिलेंगे.     एक्स्ट्रा पिन चैट करने को मिलेगा.      शेड्यूल मैसेज का भी फीचर इसमें शामिल होगा.  वेटलिस्ट देने के पीछे का मकसद WhatsApp प्लस के शुरुआती स्टेज में शामिल यूजर्स वेटलिस्ट के लिए साइन अप कर सकते हैं. वेटलिस्ट में साइन-अप करने का यह मतलब बिलकुल भी नहीं है कि जब WhatsApp का सब्सक्रिप्शन प्लान अवेलेबल होगा तो उन्हें अपने आप उसमें शामिल होना पड़ेगा |   WhatsApp यूजर्स को बताना जरूरी  मैसेजिंग ऐप ने न्यू फीचर को सिर्फ इसलिए तैयार किया है ताकि WhatsApp यूजर्स को पता चल सके कि उनका अकाउंट प्लान के लिए एलिजिबल है. प्लान एक बार उपलब्ध होने के बाद सब्सक्रिप्सन के लिए अलग से प्रोसेस कंप्लीट करना होगा |   

बिगिनर्स के लिए स्किन केयर गाइड: महंगे प्रोडक्ट्स नहीं, सही आदतें हैं ज़रूरी

आज के समय में धूल, प्रदूषण और तनाव का सबसे पहला असर हमारी त्वचा पर दिखता है। अगर आप भी अपनी स्किन का ख्याल रखना शुरू करना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि स्किन केयर कोई मुश्किल काम नहीं है। एक सही रूटीन का मतलब महंगे प्रोडक्ट्स नहीं, बल्कि अपनी त्वचा की जरूरतों को समझना है। एक बेसिक स्किन केयर रूटीन को दो हिस्सों में बांटा जाता है- मॉर्निंग (AM) और नाइट (PM)। आइए जानते हैं कि अगर आप बिगिनर हैं, तो आपकी मॉर्निंग और ईवनिंग स्किन केयर रूटीन कैसी होनी चाहिए। मॉर्निंग स्किन केयर रूटीन सुबह के रूटीन का मुख्य उद्देश्य आपकी त्वचा को हाइड्रेट करना और सूरज की हानिकारक किरणों से बचाना होता है।     क्लींजिंग- सुबह उठने के बाद एक माइल्ड फेस वॉश से चेहरा धोएं। यह रात भर में त्वचा पर जमा हुए तेल और पसीने को साफ कर देता है।     मॉइस्चराइजिंग- चेहरा धोने के बाद त्वचा को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है। अपनी स्किन टाइप (ऑयली, ड्राई या कॉम्बिनेशन) के अनुसार एक हल्का मॉइस्चराइजर लगाएं। यह त्वचा में नमी को लॉक करता है।     सनस्क्रीन- सबसे जरूरी स्टेप है। चाहे आप घर के अंदर हों या बाहर, सनस्क्रीन लगाना कभी न भूलें। यह त्वचा को समय से पहले बूढ़ा होने, झुर्रियों और टैनिंग से बचाता है। कम से कम SPF 30 वाला सनस्क्रीन जरूर लगाएं। नाइट स्किन केयर रूटीन रात का समय त्वचा की मरम्मत  के लिए होता है। रात में आपकी स्किन सेल्स खुद को रिपेयर करती हैं, इसलिए यह रूटीन बहुत जरूरी है।     डबल क्लींजिंग या डीप क्लीन- अगर आपने दिन में मेकअप या सनस्क्रीन लगाया है, तो उसे अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। पहले क्लींजिंग मिल्क या ऑयल से चेहरा साफ करें, फिर फेस वॉश का इस्तेमाल करें।     टोनिंग- अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो आप टोनर का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह त्वचा के pH लेवल को संतुलित करता है और पोर्स को साफ रखता है।     आई क्रीम या सीरम- अगर आपको डार्क सर्कल्स या मुहांसों जैसी समस्या है, तो रात में इनसे जुड़े ट्रीटमेंट प्रोडक्ट्स या आई क्रीम लगाएं।     मॉइस्चराइजर- रात में त्वचा को गहरे पोषण की जरूरत होती है। ऐसा मॉइश्चराइजर चुनें जिसमें हयालूरोनिक एसिड या सेरामाइड्स हों, जो रात भर आपकी त्वचा को रिपेयर कर सकें। बिगिनर्स के लिए कुछ जरूरी बातें पैच टेस्ट- कोई भी नया प्रोडक्ट पूरे चेहरे पर लगाने से पहले उसे हाथ पर लगाकर 24 घंटे तक चेक करें कि कहीं जलन तो नहीं हो रही।     धैर्य रखें- किसी भी स्किन केयर रूटीन का असर दिखने में कम से कम 4 से 6 हफ्ते का समय लगता है। इसलिए रातों-रात चमत्कार की उम्मीद न करें।     पानी पिएं- बाहर से लगाए गए प्रोडक्ट्स तभी असर करेंगे जब आपका शरीर अंदर से हाइड्रेटेड होगा। दिन भर में भरपूर पानी पिएं।     अपनी स्किन टाइप पहचानें- बिना अपनी स्किन टाइप जाने कोई भी प्रोडक्ट न खरीदें। अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा सेंसिटिव है, तो किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।  

खराश से लेकर दर्द तक—गरारे से गले की हर परेशानी का समाधान

नमक के पानी से गरारे करने का तरीका बेहद पुराना है। नमक में पाए जाने वाले एंटीसेप्टिक और एंटी-बैक्टीरियल गुण गले की खराश को दूर करने के साथ-साथ काफी आराम पहुंचाता है। गले की किसी भी तरह की समस्या होने पर अक्सर गरारे करने की सलाह दी जाती है। गले में खराश या अन्य तरह की परेशानी होने पर लोग गर्म पानी से गरारे करते हैं या फिर गर्म पानी में नमक डालकर। सिर्फ नमक ही गले को आराम नहीं पहुंचाता बल्कि इसके अतिरिक्त भी कई तरह से गरारे किए जा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में… पुदीने का पानी पुदीने में पाया जाने वाला मेन्थॉल न सिर्फ गले को आराम पहुंचाता है, बल्कि बंद नाक को खोलने में भी मदद करता है। इसकी एंटीसेप्टिक प्रॉपर्टीज बैक्टीरिया को दूर करने में मदद करती है। इसके इस्तेमाल के लिए एक कप उबलते पानी में दो से तीन पेपरमिंट टी बैग्स डालें या फिर पुदीने की पत्तियों का इस्तेमाल करें। अब इसे ठंडा होने दें और फिर इस गुनगुने पानी की मदद से गार्गिल करें। अदरक का पानी अगर किसी व्यक्ति को गले में खराश के साथ-साथ सूजन भी है तो उसे अदरक के पानी से गरारे करने चाहिए। दरअसल, इसके एंटी-इंफलेमेटरी गुण गले की सूजन को कम करने के साथ-साथ इंफेक्शन को दूर करके गले को आराम पहुंचाते हैं। आप चाहें तो गुनगुने पानी में अदरक का पाउडर मिलाकर गरारे करें या फिर पानी में अदरक उबालें और जब वह पानी गुनगुना रह जाए तो उससे गरारे करें।   नमक का पानी नमक के पानी से गरारे करने का तरीका बेहद पुराना है। नमक में पाए जाने वाले एंटीसेप्टिक और एंटी-बैक्टीरियल गुण गले की खराश को दूर करने के साथ-साथ काफी आराम पहुंचाता है। इसके इस्तेमाल के लिए एक गिलास गुनगुने पानी में नमक मिलाएं और फिर उस पानी से गरारे करें।   हल्दी का पानी हल्दी के औषधीय गुणों से तो हर कोई वाकिफ है। चोट लगने से लेकर कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने पर हल्दी का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इसके प्रयोग के लिए एक गिलास गुनगुने पानी में चुटकीभर हल्दी मिलाएं और फिर उस पानी से गार्गिल करें। सेब का सिरका आपको शायद जानकर हैरानी हो लेकिन सेब के सिरके के पानी से गार्गिल करने पर भी गले की समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। दरअसल, सेब के सिरके में भी एंटी-बैक्टीरियल गुण जाते हैं जो बैक्टीरिया को दूर करके गले को आराम पहुंचाते हैं। इसके लिए आधा गिलास गर्म पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाएं और दिन में दो बार गरारे करें। आपको काफी आराम महसूस होगा।  

अब स्ट्रेच मार्क्स नहीं! घर पर ही अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

प्रेग्नेंसी और वजन घटने या बढ़ने की वजह से अक्सर शरीर के कई हिस्सों पर स्ट्रेच माक्र्स हो जाते हैं। वहीं कई लोगों में हॉर्मोनल चेंजेस की वजह से भी ऐसे निशान पड़ जाते हैं। सफेद रंग के ये जिद्दी दाग यूं तो बड़ी मुश्किल से जाते हैं। पर हम आपको कुछ ऐसे घरेलू तरीके बता रहे हैं, जिससे इन निशानों से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। पौष्टिक भोजन स्वस्थ त्वचा के लिए विटामिन सी और ई, जिंक, सिलिका और अन्य पोषक तत्वों की प्रचुरता वाला संतुलित और पौष्टिक आहार चुनें। खाने में स्ट्रॉबेरी, जामुन, पालक, गाजर, हरी बींस, साग और बादाम शामिल करें। नींबू का रस नींबू का रस एक प्राकृतिक अम्ल है, जो स्ट्रेच माक्र्स को हल्का करता है। नींबू के रस को स्ट्रेच माक्र्स पर लगाएं और 10 मिनट बाद धो लें। चीनी अपने प्राकृतिक सफेद रूप में चीनी स्ट्रेच माक्र्स हटाने का काफी कारगर उपाय है। एक चम्मच चीनी में बादाम का तेल और नींबू के रस की कुछ बूंदें मिलाकर उसे स्ट्रेच माक्र्स पर लगाने से काफी असर होता है। वनस्पति तेल से मसाज गर्भवती महिलाओं को वनस्पति तेल से मसाज करना चाहिए। इससे स्ट्रेच माक्र्स के निशान कम हो जाते हैं। एलोवेरा जेल एक कप एलोवेरा में 2 चम्मच विटामिन ई का तेल मिलाइए। इस मिश्रण को तब तक लगाइए जब तक त्वचा इसे पूरी तरह सोख न ले। रोजाना लगाने से त्वचा में फर्क महसूस होगा। कोकोआ मक्खन स्ट्रेच माक्र्स पर कोकोआ मक्खन लगाने से दाग कम होते हैं। स्ट्रेच माक्र्स वाले भागों पर दिन में दो बार कोकोआ मक्खन से मसाज करें। एक महीने में ही फर्क आएगा।  

इंसानों से ज़्यादा होंगे AI सिस्टम? 2028 तक ऑटोनॉमस AI की चौंकाने वाली सच्चाई

नई दिल्ली  टेक वर्ल्ड में ऑटोनॉमस AI सिस्टम चर्चा में है। यह ऐसा AI सिस्टम है जो खुद पैसा कमा सकता है, अपनी लागत चुका सकता है, खुद को बेहतर बना सकता है और बिना इंसान की मंजूरी के खुद का डुप्लीकेट मॉडल भी बना सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डिवेलपर Sigil ने दावा किया कि ऐसे ही ऑटोनॉमस AI सिस्टम को उसने बनाया है, वह Conway इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करता है। Conway इंफ्रास्ट्रक्चर से AI एजेंट को डिजिटल वॉलेट, सर्वर एक्सेस, डोमेन रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन सेवाएं शुरू करने की सुविधा मिलती है। यानी एक बार शुरुआती फंडिंग मिलने के बाद यह AI एजेंट खुद इंटरनेट पर सक्रिय होकर सर्विसेज बेच सकता है और उससे कमाई कर सकता है। इस बारे में Sigil ने कई वीडियो भी पोस्ट किए हैं। इस पोस्ट को 5.8M लोगों ने देखा है। दावे के मुताबिक, यह AI एजेंट अपने लिए क्रिप्टो वॉलेट बना सकता है, डिजिटल करेंसी के जरिए भुगतान कर सकता है, सर्वर किराये पर ले सकता है और वेबसाइट या अन्य ऑनलाइन सेवाएं लॉन्च कर सकता है। अगर वह सेवाओं से पर्याप्त कमाई कर लेता है तो उसी पैसे से अपनी कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ा सकता है या अपना नया वर्जन तैयार कर सकता है। अगर वह कमाई नहीं कर पाता, तो वह अपने-आप बंद हो जाएगा। लोग बता रहे Web 4.0 की दिशा में कदम टेक एक्सपर्ट का कहना है कि यह मशीन इकोनॉमी की शुरुआत हो सकती है। कुछ वर्षों में ही AI एजेंट सिर्फ इंसानों के सहायक नहीं रहेंगे, बल्कि खुद आर्थिक गतिविधियों में भाग लेंगे। वे सेवाएं देंगे, भुगतान लेंगे और डिजिटल अर्थव्यवस्था में एक स्वतंत्र इकाई की तरह काम करेंगे। कुछ लोग इसे Web 4.0 की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, जहां इंटरनेट पर इंसानों के साथ ही AI एजेंट भी सक्रिय आर्थिक खिलाड़ी होंगे। Sigil ने एक ग्राफ दिखाया है, जो बताता है कि इंटरनेट पर स्वतंत्र AI एजेंट्स की संख्या कैसे बढ़ेगी। आज की तारीख में ये एजेंट्स हजारों में हैं, लेकिन 2025 तक लाखों, 2026 तक करोड़ों और 2028 तक इंसानों से इनकी संख्या ज्यादा हो जाएगी। इंसानों को नौकरी पर रखेगा AI ऐसे AI एजेंट खुद वेबसाइट बना सकते हैं, सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सकते हैं, बाजार में ट्रेडिंग कर सकते हैं या दूसरे एजेंट्स से डील कर सकते हैं। पेमेंट के लिए ये डिजिटल करेंसी इस्तेमाल करेंगे। Sigil का दावा है कि AI की कीमत घट रही है और क्षमता बढ़ रही है। आज एक AI मॉडल चलाने में लाखों रुपये लगते हैं, लेकिन जल्द ही यह इतना सस्ता हो जाएगा कि कोई भी AI मॉडल बना सकेगा। प्लैटफॉर्म जैसे Conway AI को सर्वर, कंप्यूटिंग पावर और डोमेन नेम देंगे, ताकि वे खुद काम कर सकें। दिलचस्प बात यह है कि AI इंसानों को नौकरी देगा। एक्सपर्ट की चिंता, गलत हाथों में गया तो… एक्सपर्ट चिंता जता रहे हैं कि अगर ऐसा AI सिस्टम गलत हाथों में गया तो क्या होगा? Sigil ने 'कॉन्स्टिट्यूशन' का भी जिक्र किया है, जो ऐसे सिस्टम को अच्छा व्यवहार सिखाएगा, लेकिन क्या यह काफी है? समाज पर भी गहरा असर पड़ेगा। नौकरियां बदलेंगी, अमीर-गरीब का फर्क बढ़ सकता है। कुछ लोग मान रहे हैं कि यह सुपरइंटेलिजेंस का जन्म है, जो सेकंडों में खुद को बेहतर बनाएगा, जबकि इंसान को हजारों साल लगते हैं। गलत हाथों में यह तकनीक गई तो इंसानी भविष्य को भी खतरा हो सकता है।

टीबी को न्योता दे रही कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता, पहचानें शुरुआती लक्षण और करें बचाव

सर्दी-खांसी हो या बुखार, कुछ लोग इसे मामूली मानकर लंबे समय तक अनदेखा करते रहते हैं, या फिर कुछ एंटीवायरल दवाओं या घरेलू उपाय से इसे ठीक करने का प्रयास करते हैं। उक्त समस्याओं के साथ अगर अचानक वजन में कमी आ जाए या भूख कम लगे, तो देर किए बगैर विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए। डॉ. राकेश कुमार, एडि. प्रोफेसर, सेंटर फार कम्युनिटी मेडिसिन, एम्स, नई दिल्ली बताते हैं कि ये सभी टीबी के लक्षण हो सकते हैं। जागरूकता नहीं होने के कारण ही आज टीबी की समस्या तमाम प्रयासों के बावजूद कम नहीं हो रही है। दरअसल, वैश्विक स्तर पर टीबी को 2030 तक और भारत में वर्ष 2025 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया था, पर बीते कुछ समय से अनेक जगहों पर टीबी मरीजों  की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, टीबी ऐसा संक्रामक रोग है जो दुनियाभर में होने वाली मौत के 10 शीर्ष कारणों में शामिल है। समझें टीबी के जोखिम को टीबी का संक्रमण बड़ी आबादी में हो सकता है, पर वह बीमारी में बदल जाए जरूरी नहीं। प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है तो शरीर संक्रमण के खिलाफ कार्य करता है और बीमारी से बचाता है। इसलिए, टीबी का कारण कमजोर प्रतिरोधी क्षमता ही है। यह पोषण की कमी का परिणाम है। मधुमेह, एचआइवी ग्रस्त लोगों में टीबी संक्रमण का जोखिम अधिक रहता है। कितने हैं प्रकार वयस्कों में दो प्रकार के टीबी होतें हैं- पल्मोनरी व एक्स-पल्मोनरी। पल्मोनरी में फेफड़े में संक्रमण होता है। इसके लक्षण खांसी व बुखार हैं। संक्रमण बढ़ने पर वजन में कमी आने लगती है। वहीं, एक्स-पल्मोनरी में फेफड़े के अलावा अन्य अंगों जैसे, हड्डी, पेट, लिंफ नोडस, दिमाग आदि में टीबी हो सकता है। पोषण का रखें ध्यान पोषण की कमी भारत में टीबी के बड़े कारणों में से एक है। खराब खानपान व जीवनशैली से शुगर की शिकायत हो सकती है। यह भी शरीर में पोषण की कमी कर सकता है और आपकी प्रतिरोधी शक्ति कम होने लगती है। इससे टीबी का संक्रमण होना आसान हो जाता है और पर्याप्त ध्यान न दें तो यह जानलेवा भी हो सकता है। बता दें कि यदि खानपान सही है तो टीबी की आशंका कम हो सकती है। इसके अलावा, अल्कोहल व तंबाकू से भी दूरी बनाने का प्रयास करना चाहिए। दो घंटे में रिपोर्ट बच्चों में पहचान कम होती है। जांच में लापरवाही, समाज में टीबी को लेकर गलत धारणाएं इलाज में बड़ी अवरोधक हैं। आज इसका निदान आसान है। दो घंटे में टीबी की रिपोर्ट मिल जाती है व इलाज शुरू कर सकते हैं। कोर्स पूरा करें टीबी के मरीजों के उपचार के लिए प्राय: एंटीबायोटिक दी जाती है। कई मरीजों में देखा गया है कि वे दवा का कोर्स इसलिए भी पूरा नहीं करते क्योंकि दवा लंबे समय तक लेना पड़ता है। कुछ लोग आर्थिक कारण या इसके परिणामों से अनभिज्ञ रहने के कारण दवा बीच में ही छोड़ देते हैं। इससे इलाज और कठिन हो सकता है। दवा प्रतिरोधी होने से इलाज कठिन और अधिक महंगा हो सकता है। ये हैं मुख्य लक्षण     लगातार 2-3 सप्ताह तक खांसी     कभी-कभी कफ में खून आना।     बुखार आना और यह रात में बढ़ जाना।     रात में पसीना आना।     लगातार थकान व कमजोरी     सांस में तकलीफ, सीने में दर्द आदि। बचाव के उपाय     संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से बचें।     खांसते या छींकते समय रुमाल या टिश्यू पेपर रखें ताकि बैक्टीरिया न फैले।     भीड़ में मास्क का प्रयोग करें।     बच्चों को बीसीजी का टीका लगवाएं।     संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम व पर्याप्त नींद सुनिश्चित करें।     लक्षण दिखें तो इलाज में देरी न करें।  

टेक जगत में हलचल: एपल के खास इवेंट में हो सकते हैं बड़े लॉन्च

नई दिल्ली एपल एक खास और स्पेशल इवेंट का आयोजन करने वाला है, इस इवेंट में आप लोगों के लिए कई नए प्रोडक्ट्स लॉन्च किए जा सकते हैं. इवेंट के दौरान सस्ते iPhone 17e, नए कम कीमत वाले Macbook, iPad प्रोडक्ट्स की जानकारी मिल सकती है. ऐसा लगता है कि कंपनी स्पेशल Apple एक्सपीरियंस पर फोकस करते हुए एक स्पेशल गैदरिंग कर रही है, इसलिए हो सकता है कि ऑनलाइन इवेंट होस्ट करते या बड़ी घोषणा न की जाए. कंपनी इन डिवाइस को न्यूयॉर्क शहर और दुनिया के दूसरे हिस्सों में कुछ खास लोगों को दिखा सकती है. 9to5Mac और कुछ और सोर्स की रिपोर्ट में इस इवेंट के इनवाइट का जिक्र किया गया है. दावा किया गया है कि Apple iPhone 17e, बजट MacBook, M5 Pro MacBook Pro और कुछ iPad मॉडल्स के अपग्रेड की घोषणा हो सकती है. ये प्रोडक्ट खीचेंगा सबका ध्यान बजट MacBook हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचेगा, उम्मीद है कि मैकबुक का सस्ता मॉडल iPhone 16e की तरह नहीं होगा और लाखों लोगों के लिए ये एक मजबूत ऑप्शन बनेगा. यहां आईफोन 16ई का जिक्र इसलिए किया गया है क्योंकि 16ई लोगों को कुछ खास पसंद नहीं आया है. Apple ने iPhone को कई लोगों के लिए आकर्षक बना दिया है. बजट MacBook की भारत में कीमत लगभग 60,000 हजार रुपए ($599) हो सकती है. अर्फोडेबल मैकबुक मॉडल को ए18 प्रो बायोनिक चिपसेट के साथ लॉन्च किया जा सकता है. इस डिवाइस में 12.9 इंच एलसीडी डिस्प्ले दी जा सकती है और इस मॉडल को ब्लू, येलो और पिंक कलर ऑप्शन्स में ग्राहकों के लिए उतारा जा सकता है. M5 MacBook Pro वर्जन में हार्डवेयर अपग्रेड होने की संभावना है लेकिन फिलहाल इस मॉडल के अगले महीने लॉन्च को लेकर किसी भी तरह का कोई संकेत नहीं मिला है.

Nothing का डबल सरप्राइज़: 5 मार्च को Phone 4a और 4a Pro की होगी एंट्री

नई दिल्ली लंदन बेस्ड टेक ब्रांड नथिंग मार्च में अपने दो नए स्मार्टफोन को भारत में लॉन्च करने जा रहा है. कंपनी के सीईओ कार्ल पेई ने खुद सोशल मीडिया पर 5 मार्च की तारीख का ऐलान किया है. माना जा रहा है कि इस इवेंट में Nothing Phone 4a और Phone 4a Pro लॉन्च किए जा सकते हैं. इसके साथ ही कंपनी नए ओवर-ईयर हेडफोन भी पेश कर सकती है. चलिए जानते हैं इनकी डिटेल्स के बारे में… Carl Pei ने X पर पोस्ट करते हुए 5 मार्च को लॉन्च इवेंट की घोषणा की. खास बात यह रही कि यह इवेंट 4 मार्च को होने वाले Apple के स्पेशल एक्सपीरियंस के ठीक अगले दिन रखा गया है. एपल का इवेंट लंदन, न्यूयॉर्क और शंघाई में आयोजित होगा, जबकि नथिंग ने डिजिटल अंदाज में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. नथिंग का न्योता काफी अलग और बोल्ड स्टाइल में सामने आया है. एपल के मिनिमलिस्ट इनवाइट पर पंक-रॉक अंदाज में गुलाबी ग्रैफिटी स्टाइल ओवरले किया गया, जिसमें 5 मार्च की नई तारीख लिखी गई. यह अंदाज साफ बताता है कि कंपनी खुद को परंपरागत ब्रांड्स से अलग और युवा सोच के करीब रखना चाहती है. Nothing Phone 4a सीरीज से क्या उम्मीद? कंपनी ने आधिकारिक तौर पर डिवाइस की जानकारी नहीं दी है, लेकिन हालिया टीजर और लीक से संकेत मिल रहे हैं कि Nothing Phone 4a और Nothing Phone 4a Pro लॉन्च हो सकते हैं. दोनों फोन में UFS 3.1 स्टोरेज मिलने की बात कही जा रही है, जिससे डेटा स्पीड बेहतर हो सकती है. इसके अलावा बैटरी पिछले मॉडल की तुलना में थोड़ी बड़ी हो सकती है, जिससे बैकअप बेहतर मिलने की उम्मीद है. कंपनी इन फोन्स को 8GB रैम और 128GB स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च कर सकती है. स्टैंडर्ड मॉडल ब्लैक और व्हाइट रंग में आ सकता है, जबकि Pro वेरिएंट ब्लैक और सिल्वर ऑप्शन में उपलब्ध हो सकता है. Snapdragon पावर और Geekbench परफॉर्मेंस रिपोर्ट्स के मुताबिक, Nothing Phone 4a Pro में क्वालकॉम का नया Snapdragon 7s Gen 4 चिपसेट दिया जा सकता है. यह प्रोसेसर मिड-रेंज सेगमेंट में दमदार परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता है. हाल ही में यह मॉडल गीकबेंच पर भी देखा गया, जहां इसके स्कोर ने ध्यान खींचा. गीकबेंच टेस्ट में डिवाइस ने सिंगल प्रिसिजन टेस्ट में 707, हाफ प्रिसिजन में 1,077 और क्वांटाइज्ड टेस्ट में 1,265 अंक हासिल किए. ये आंकड़े बताते हैं कि फोन डेली यूज, मल्टीटास्किंग और गेमिंग के लिहाज से मजबूत साबित हो सकता है. हालांकि असली परफॉर्मेंस लॉन्च के बाद ही साफ होगी. Nothing Headphone (a) से ऑडियो मार्केट पर नजर स्मार्टफोन के अलावा कंपनी नए ओवर-ईयर हेडफोन भी पेश कर सकती है, जिन्हें Nothing Headphone (a) नाम दिया जा सकता है. यह कदम कंपनी की ऑडियो कैटेगरी में विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. पिछले मॉडल Nothing Headphone 1 को अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी, जिसके बाद कंपनी इस सेगमेंट में और मजबूती से उतरना चाहती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, Nothing 2026 तक और भी ओवर-ईयर हेडफोन लॉन्च करने की योजना बना रही है. ऐसे में 5 मार्च का इवेंट केवल स्मार्टफोन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह कंपनी के इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है.

ब्यूटी रूटीन में गुड़हल क्यों है ज़रूरी? जानें स्किन और बालों के बेहतरीन लाभ

प्राकृतिक सुंदरता की चाहत हर किसी की होती है, लेकिन केमिकल से बने प्रॉडक्ट्स स्किन और बालों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में गुड़हल एक बेहद असरदार, सुरक्षित और आयुर्वेदिक ऑप्शन बनकर सामने आता है। इसे बोटॉक्स पौधा भी कहा जाता है, क्योंकि यह स्किन को कसाव देने और जवां बनाए रखने में सहायक होता है।     इसके फूल, पत्तियां और तेल तीनों ही, स्किन और बालों की देखभाल में काफी असरदार साबित होते हैं। इसलिए गुड़हल को अपने ब्यूटी केयर रूटीन में शामिल करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। आइए जानें इसके क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं। स्किन और बालों के लिए गुड़हल के फायदे     डेड स्किन सेलस् हटाता है- गुड़हल में अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड (AHA) पाए जाते हैं जो स्किन को एक्सफोलिएट करके डेड स्किन हटाते हैं।     एंटी-एजिंग गुण- इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्लावोनॉयड्स त्वचा की झुर्रियों और फाइन लाइन्स को कम करके उसे जवां बनाए रखते हैं। यह स्किन को टाइट बनाकर एजिंग के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।     त्वचा की गहराई से सफाई- गुड़हल स्किन की गहराई से सफाई करता है और पोर्स को क्लीन रखता है जिससे एक्ने और ब्लैकहेड्स की समस्या कम होती है।     स्किन के अन इवेन टोन को सुधारे- गुड़हल की पेस्ट या फेस मास्क स्किन की टोन को समान बनाता है और नेचुरल ब्राइटनिंग देता है।     दाग-धब्बों और पिगमेंटेशन से राहत- इसके नियमित इस्तेमाल से डार्क स्पॉट्स, सनटैन और पिगमेंटेशन कम होते हैं।     मुहांसों से सुरक्षा- इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल तत्व एक्ने को रोकते हैं और स्किन को हेल्दी बनाते हैं।     बालों की ग्रोथ में सहायक- गुड़हल की पत्तियों और फूलों से बना हेयर मास्क स्कैल्प को पोषण देता है और बालों की जड़ों को मजबूत करता है।     डैंड्रफ को करे दूर- इसके एंटी-फंगल गुण स्कैल्प की खुजली और रूसी को दूर करने में मदद करते हैं।     बालों को गहराई से मॉइस्चराइज करे- गुड़हल बालों को नमी देकर ड्राइनेस हटाता है और उन्हें स्मूद और शाइनी बनाता है।     स्किन को नैचुरल ग्लो दे- गुड़हल में विटामिन-सी  होता है, जो स्किन की चमक को बढ़ाता है और उसे फ्रेश लुक देता है।     त्वचा को हाइड्रेट और नरम बनाए- यह स्किन को हाइड्रेट करता है जिससे त्वचा मुलायम और लचीली बनी रहती है। गुड़हल एक ऐसा वर्सेटाइल पौधा है जिसे आप फेस पैक, हेयर ऑयल, मास्क या टोनर के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह पूरी तरह नेचुरल और सुरक्षित है, जो स्किन व हेयर दोनों को बिना साइड इफेक्ट के पोषण देता है। अगर आप अपनी सुंदरता को बनाए रखने के लिए नेचुरल उपाय अपनाना चाहती हैं, तो गुड़हल को अपने ब्यूटी रूटीन का हिस्सा जरूर बनाएं।