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होली में घर जाना होगा आसान: दुर्ग से मधुबनी के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, समय-सारिणी जारी

रायपुर मार्च महीने में होली के महापर्व पर घर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने एक बड़ी राहत दी है। रेलवे प्रशासन ने दुर्ग से बिहार के मधुबनी के बीच ‘होली स्पेशल ट्रेन’ चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन छत्तीसगढ़ के प्रमुख स्टेशनों जैसे रायपुर, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ से होते हुए झारखंड और बंगाल के रास्ते बिहार पहुंचेगी। होली के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे विशेष पहल बता दें कि अक्सर होली के दौरान नियमित ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है, जिससे यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को सुलझाने और यात्रियों को सुगम सफर प्रदान करने के लिए रेलवे द्वारा गाड़ी संख्या 08753/08754 का परिचालन किया जा रहा है। ट्रेन की समय-सारणी और रूट 1. दुर्ग-मधुबनी होली स्पेशल (08753): यह ट्रेन 1 मार्च 2026 को दुर्ग से रवाना होगी।     प्रस्थान: दुर्ग से रात 00:30 बजे।     प्रमुख स्टॉपेज: रायपुर (01:20), बिलासपुर (03:30), रायगढ़ (05:28), झारसुगुड़ा (07:15), हटिया (12:10), रांची (12:30), धनबाद (17:00), जसीडीह (20:25), बरौनी (00:40) और दरभंगा (03:15)।     आगमन: मधुबनी स्टेशन पर 2 मार्च को सुबह 04:45 बजे। 2. मधुबनी-दुर्ग होली स्पेशल (08754): वापसी में यह ट्रेन 2 मार्च 2026 को मधुबनी से प्रस्थान करेगी।     प्रस्थान: मधुबनी से सुबह 06:15 बजे।     वापसी का मार्ग: समस्तीपुर (08:40), क्यूल (12:00), चितरंजन (16:05), बोकारो स्टील सिटी (21:35), राउरकेला (03:18) और बिलासपुर (09:50)।     आगमन: रायपुर (11:40) और दुर्ग दोपहर 12:45 बजे (3 मार्च)। कोच संरचना यात्रियों की सुविधा के लिए इस स्पेशल ट्रेन में कुल 18 कोच लगाए गए हैं, जिसका विवरण निम्नानुसार है:     एसी थ्री टायर: 02 कोच     स्लीपर क्लास: 09 कोच     जनरल (सामान्य): 05 कोच     एसटीआरडी (गार्ड एवं दिव्यांग): 02 कोच     यात्रियों के लिए सलाह: रेलवे ने अपील की है कि यात्री अपनी टिकट रेलवे काउंटर या आधिकारिक वेबसाइट www.indianrail.gov.in के माध्यम से समय रहते बुक करा लें ताकि अंतिम समय की अफरा-तफरी से बचा जा सके।

कोडिंग की दुनिया में बिहार का परचम, सूर्य शेखर ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता 2026 में रचा इतिहास

पटना बिहार की मिट्टी ने एक बार फिर अपनी मेधा का लोहा पूरी दुनिया में मनवाया है। पूर्णिया जिले के निवासी सूर्य शेखर ने अहमदाबाद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कोडिंग प्रतियोगिता 2026 में पहला स्थान हासिल कर न केवल अपने जिले, बल्कि पूरे भारत का नाम वैश्विक मंच पर रोशन किया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही सूर्य शेखर अब दुनिया के उभरते हुए सर्वश्रेष्ठ सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की श्रेणी में शामिल हो गए हैं। यह विश्वस्तरीय प्रतियोगिता दुनिया की प्रतिष्ठित टेक कंपनियों के सहयोग से और प्रसिद्ध वेब फ्रेमवर्क लारावेल (Laravel) की देखरेख में आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और जापान समेत 20 से अधिक विकसित देशों के करीब 1200 चुनिंदा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। कड़े राउंड, जटिल चुनौतियां और सूर्य की शानदार जीत प्रतियोगिता के दौरान कोडिंग के जटिलतम लॉजिक्स को सुलझाने, तकनीकी दक्षता दिखाने और आधुनिक सॉफ्टवेयर चुनौतियों का समाधान करने जैसे कई कड़े राउंड आयोजित किए गए थे। सूर्य शेखर ने अपनी तार्किक क्षमता और बेहतरीन कोडिंग स्किल्स के दम पर सभी वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए सर्वोच्च स्थान हासिल किया। टेलर ओटवेल ने किया सम्मानित, मिला MacBook M4 सूर्य की इस असाधारण सफलता पर लारावेल फ्रेमवर्क के संस्थापक और दुनिया के दिग्गज प्रोग्रामर टेलर ओटवेल (Taylor Otwell) ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया। सम्मान के तौर पर सूर्य को नवीनतम MacBook M4 प्रदान किया गया। सूर्य शेखर ने बताया कि टेलर ओटवेल जैसे तकनीकी विजनरी से मिलना और उनसे भविष्य की तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वेब डेवलपमेंट पर चर्चा करना उनके जीवन का सबसे सुखद अनुभव रहा। माता-पिता और बड़े भाई को दिया सफलता का श्रेय अपनी इस बड़ी उपलब्धि पर सूर्य शेखर भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उनकी इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता और बड़े भाई राजशेखर का मार्गदर्शन है। उल्लेखनीय है कि राजशेखर खुद एक अनुभवी सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं, जिन्होंने सूर्य को तकनीक की बारीकियों से रूबरू कराया। सूर्य ने कहा, “यह जीत मेरे करियर का एक बड़ा पड़ाव है। मुझे उम्मीद है कि इससे छोटे शहरों के दूसरे छात्रों को भी बड़े वैश्विक लक्ष्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।” बिहार में जश्न का माहौल, युवाओं के लिए बनी मिसाल सूर्य शेखर की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता की खबर मिलते ही पूर्णिया समेत पूरे बिहार में जश्न का माहौल है। सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार बधाइयाँ दी जा रही हैं। शिक्षाविदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस उपलब्धि को बिहार के युवाओं के लिए एक मील का पत्थर बताया है। यह सफलता इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन और उचित अवसर मिलें, तो वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी किसी से पीछे नहीं हैं।  

बिहार के युवाओं से लेकर बुजुर्गो तक को सौगात

पटना. देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026 पेश किया है। मोदी सरकार के इस बजट से बिहार को भी काफी उम्मीदें हैं। वित्त मंत्री ने लोकसभा में माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि यह बजट देश के लिए शुभ अवसरों के बीच पेश किया जा रहा है। आज पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर बिहार के युवा, महिलाओं, और नौकरीपेशा से लेकर बुजुर्गो तक की निगाहें हैं। इस बजट में एक्सप्रेस-वे और फोरलेन को संजीवनी मिलने की उम्मीद है। वहीं, स्लीपर वंदे भारत और किसानों को राहत की उम्मीद भी है। संसद में वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि पटना में अब पानी के जहाजों की मरम्मत होगी। इस बजट में बिहार राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबित परियोजनाओं के अलावा नये प्रोजेक्ट के तौर पर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण शुरू होने उम्मीद पूरी हो सकती है। यह एक्सप्रेस-वे पूर्वी चम्पारण में नेपाल के सीमाई शहर रक्सौल से पश्चिम बंगाल के हल्दिया तक बनाया जाना है। इसके लिए इस बजट में जमीन अधिग्रहण के अलावा निर्माण के लिए भी राशि आवंटन की घोषणा की उम्मीद है। फिलहाल इसका अलाइनमेंट तय कर इससे प्रभावित होने वाले इलाकों का चयन किया जा चुका है। इस बार बजट में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए राशि का प्रावधान का अनुमान है।

ना फूल–ना बेलपत्र, यहां बैगन से होती है पूजा—बिहार के अनूठे शिवधाम की खास परंपरा

वैशाली वैशाली जिले के जंदाहा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत वसंतपुर धधुआ स्थित बाबा बटेश्वरनाथ धाम देश का एकमात्र ऐसा मंदिर माना जाता है, जहां वटवृक्ष के कंदरा से प्रकट काले रंग का शिवलिंग विराजमान है। यह प्राचीन और आस्था का केंद्र मंदिर दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के लिए जाना जाता है, जहां बड़ी संख्या में भक्त पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। बैगन चढ़ाने की अनोखी परंपरा बाबा बटेश्वरनाथ धाम के गर्भगृह में स्थापित भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग पर श्रद्धालु प्रसाद के रूप में बैगन (सब्जी) अर्पित करते हैं। क्षेत्र के किसान अपने खेतों में सब्जी की खेती करने के बाद पहली उपज के रूप में बैगन भगवान भोलेनाथ को चढ़ाते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई मन्नतें यहां अवश्य पूरी होती हैं और मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु बैगन चढ़ाने जरूर आते हैं। मंदिर के उपाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने बताया कि यह एक अत्यंत प्राचीन मंदिर है, जिसकी स्थापना का कोई लिखित इतिहास उपलब्ध नहीं है। मान्यता है कि शिवलिंग स्वयं वटवृक्ष के कंदरा से प्रकट हुआ है। मंदिर परिसर में भगवान नंदी महाराज की प्रतिमा भी स्थापित है और यहां शिवलिंग के साथ-साथ नंदी महाराज की भी विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। राजा जनक से जुड़ी ऐतिहासिक मान्यता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि एक मान्यता के अनुसार, राजा जनक जब जनकपुर से चंपा घाट स्नान के लिए आते थे, तो उनका हाथी, जिस पर पुष्पक विमान सजा होता था, बाबा बटेश्वरनाथ धाम में रुकता था। राजा जनक यहां भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने के बाद ही जनकपुर की ओर प्रस्थान करते थे। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र कृषि प्रधान है। जब किसानों की सब्जी की फसल तैयार होती है, तो वे सब्जियों में से बैगन को प्रसाद और चढ़ावे के रूप में बाबा बटेश्वरनाथ को अर्पित करते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए बिहार के वैशाली, छपरा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, पटना समेत कई जिलों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके अलावा असम के सिलचर, साथ ही नेपाल और रूस जैसे देशों से भी भक्त यहां आकर आशीर्वाद प्राप्त कर चुके हैं। अनिल कुमार सिंह ने बताया कि रूस से आए एक शिवभक्त ने रूस की मुद्रा चढ़ावे के रूप में अर्पित की थी, जिसे मंदिर संग्रहालय में सुरक्षित रखा गया है। मंदिर प्रशासन का दावा है कि पूरे विश्व में इस आकार और स्वरूप का काले रंग का शिवलिंग कहीं और नहीं है, जो वटवृक्ष के कंदरा से प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ हो। यही कारण है कि बाबा बटेश्वरनाथ धाम की पहचान देश-विदेश तक फैली हुई है। महाशिवरात्रि और बसंत पंचमी पर भव्य मेला उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि और बसंत पंचमी के अवसर पर मंदिर परिसर में भव्य मेला लगता है। महाशिवरात्रि पर एक माह तक मेला आयोजित होता है, जिसमें सैकड़ों क्विंटल बैगन भगवान को चढ़ाया जाता है। वहीं, बसंत पंचमी पर एक दिन का मेला लगता है, जिसमें भी बैगन चढ़ाया जाता है, हालांकि मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। मेले में तेजपत्ता और लकड़ी से बने सामानों की खूब बिक्री होती है। इसके अलावा सावन माह में भी पूजा-अर्चना और जलाभिषेक को लेकर शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। पूरा मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर नजर आता है।

इस साल कर्तव्य पथ पर क्यों नहीं दिखेगा बिहार?

पटना 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार कर्तव्य पथ पर बिहार की झांकी नजर नहीं आएगी। दिल्ली में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय परेड के लिए बिहार को झांकी नहीं पेश की जाएगी। जानकारी के अनुसार, झांकी चयन को लेकर पिछले कुछ वर्षों में विवाद बढ़ने के बाद रक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नई रोटेशन नीति लागू की है। इस नीति के तहत हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को तीन साल में कम से कम एक बार झांकी दिखाने का अवसर दिया जाएगा।  इसी रोटेशन नीति के चलते इस बार बिहार को झांकी की सूची में शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि राज्य हाल के वर्षों में अपनी झांकी प्रस्तुत कर चुका है। इस बार 30 झांकियां, आत्मनिर्भर भारत थीम पर परेड इस साल गणतंत्र दिवस परेड में कुल 30 झांकियां शामिल होंगी। झांकियों की मुख्य थीम ‘आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है। इसके साथ ही वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने की झलक भी झांकियों के माध्यम से दिखाई जाएगी। झांकियां देश की एकता, आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास को दर्शाएंगी। इन राज्यों और मंत्रालयों की झांकियां रहेंगी आकर्षण का केंन्द्र इस वर्ष जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां परेड में शामिल होंगी, उनमें असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, नगालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और पंजाब शामिल हैं। राज्यों के अलावा कई केंद्रीय मंत्रालय और विभाग भी अपनी झांकियां पेश करेंगे। इनमें सेना, वायु सेना, नौसेना, संस्कृति मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, गृह मंत्रालय, शिक्षा विभाग, पंचायती राज मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय और कौशल विकास मंत्रालय शामिल हैं।

कोहरे की चादर में लिपटा बिहार: 20 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी, राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें

पटना बिहार में एक बार फिर घने कोहरे ने दस्तक दे दी है। कई जिलों धूप पूरी तरह नहीं निकली इस कारण सुबह में पिछले चार दिनों की अपेक्षा अधिक ठंड महसूस हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ओर से आज कई जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई जिलों में अगले तीन घंटे के दौरान घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसे देखते हुए पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, पटना, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, दरभंगा और मधुबनी जिलों के कुछ हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, सहारसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार जिलों के कुछ स्थानों पर घने कोहरे की आशंका को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बताया है कि इन क्षेत्रों में दृश्यता काफी कम हो सकती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर सुबह और देर रात यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 20 जनवरी के बाद और बढ़ेगी ठंड मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से बिहार के मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। इसका असर राज्य के उत्तरी और पश्चिमी इलाकों में ज्यादा देखने को मिलेगा। आने वाले चार दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाने की आशंका बनी रहेगी। कई जिलों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, 20 और 21 जनवरी के बाद एक बार फिर ठंड का असर तेज होने की संभावना है। इसके बाद अगले कुछ दिनों तक तापमान में बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। पटना में सुबह कोहरा, दिन में खिली धूप राजधानी पटना में अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय कोहरा और धुंध छाए रहने की संभावना है, जबकि दिन चढ़ने के साथ मौसम साफ और धूप खिली रहेगी। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार 18 से 22 जनवरी तक शहर में सुबह हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है। 18 जनवरी को अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 19 जनaवरी को तापमान बढ़कर 23 डिग्री, जबकि 20 जनवरी को 24 डिग्री तक पहुंच सकता है। इसके बाद 21 और 22 जनवरी को अधिकतम तापमान क्रमश: 23 और 22 डिग्री रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री के आसपास बना रहेगा। सुबह सूर्योदय करीब 6:37 बजे और सूर्यास्त शाम 5:26 बजे के आसपास होगा। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और देर रात यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।

ठंड से कांपा बिहार, नालंदा में 3.1 डिग्री न्यूनतम तापमान, कई जिलों के लिए IMD की चेतावनी

पटना बिहार में कड़ाके की ठंड का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहाड़ी इलाकों से आ रही बर्फीली हवाओं और सक्रिय Western Disturbance की वजह से राज्य में शीतलहर और घने कोहरे का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार की रात इस सीजन की अब तक की सबसे सर्द रातों में से एक साबित हुई। नालंदा बना सबसे ठंडा जिला बिहार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, नालंदा में न्यूनतम तापमान गिरकर 3.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पूरे राज्य में सबसे कम रहा। वहीं शेखपुरा में पारा 3.2°C दर्ज किया गया। राजधानी पटना के मौसम की बात करें तो यहां न्यूनतम तापमान 4.1°C रिकॉर्ड किया गया है, जिससे ठंड की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इन जिलों में 5 डिग्री से नीचे पहुंचा पारा बीते 24 घंटे में बिहार के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है:     पटना – 4.1°C     नवादा, बक्सर – 4.2°C     अरवल – 4.4°C     रोहतास, मुंगेर – 4.6°C     भोजपुर, जहानाबाद – 4.7°C     लखीसराय – 4.8°C 48 घंटे तक शीतलहर का असर, 31 जिलों में ऑरेंज अलर्ट IMD बिहार पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के 31 जिलों में शीतलहर और घना कोहरा को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले 48 घंटे तक तापमान में 1–2 डिग्री तक और गिरावट की संभावना जताई गई है। सुबह और देर रात Dense Fog Alert के कारण दृश्यता कम रह सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है। क्यों बढ़ रही है ठंड? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर भारत में Western Disturbance Active है, जिससे हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही ठंडी हवाएं सीधे बिहार तक पहुंच रही हैं। इसके साथ ही घना कोहरा सूरज की किरणों को धरती तक पहुंचने से रोक रहा है, जिससे दिन के तापमान में भी खास बढ़ोतरी नहीं हो पा रही। पटना में धूप निकलेगी, लेकिन राहत नहीं पटना कोल्ड डे की कंडीशन बनी रह सकती है। दिन में हल्की धूप दिख सकती है, लेकिन ठंडी हवाओं के चलते ठंड से खास राहत नहीं मिलने की संभावना है। सुबह और रात में कोहरे का असर बना रहेगा। 15 जनवरी के बाद बदल सकता है मौसम बिहार मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 15 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना बन रही है। बारिश होने पर ठंड और बढ़ सकती है, हालांकि इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में सुधार के संकेत भी मिल सकते हैं। फिलहाल अगले दो दिनों तक दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी संभव है, लेकिन रात का टेम्परेचर अभी और गिर सकता है।  

बिहार ने केंद्र सरकार से बजट 2026-27 में मांगा खास पैकेज

पटना. केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले नई दिल्ली में आयोजित बजट-पूर्व परामर्श बैठक में बिहार ने अपने हितों से जुड़े कई अहम मुद्दे केंद्र सरकार के सामने उठाए. इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने की. बैठक में बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने राज्य की आर्थिक चुनौतियों और विकास की जरूरतों पर विस्तार से बात रखी. बैठक में बिहार के वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर सहित देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री मौजूद थे. बिहार ने खास तौर पर कर राजस्व में राज्यों की हिस्सेदारी, कर्ज सीमा और बाढ़ जैसी पुरानी समस्याओं पर केंद्र का ध्यान खींचने की कोशिश की. बिहार के वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र के कुल कर राजस्व में सेस और अधिभार की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है. वर्ष 2011-12 में यह हिस्सेदारी 10.4 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 13.6 प्रतिशत हो गई है. चूंकि सेस और अधिभार को राज्यों के साथ साझा किए जाने वाले विभाज्य कोष में शामिल नहीं किया जाता, ऐसे में बिहार जैसे राज्यों को उनके संवैधानिक अधिकारों के अनुरूप राजस्व नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने सेस और अधिभार को विभाज्य कोष में शामिल करने की मांग की. अतिरिक्त उधार सीमा की मांग राज्य की प्रति व्यक्ति आय को राष्ट्रीय औसत के स्तर तक पहुंचाने के लिए बिहार ने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के 2 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण लेने की अनुमति मांगी है. यह मांग मौजूदा 3 प्रतिशत की उधार सीमा के अतिरिक्त रखी गई है. बिहार का कहना है कि अतिरिक्त उधारी से बुनियादी ढांचे, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी परियोजनाओं में निवेश को गति मिल सकेगी. बाढ़ नियंत्रण के लिए विशेष पैकेज उत्तरी बिहार में हर साल आने वाली भीषण बाढ़ को राज्य की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए बिहार ने केंद्र से विशेष ‘रिलीफ एंड डिजास्टर रेजिलिएंट पैकेज’ की मांग की. इस पैकेज के तहत सैटेलाइट आधारित पूर्वानुमान, जीआईएस मैपिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया. साथ ही बाढ़ और सूखे के स्थायी समाधान के लिए ‘नदी जोड़ो परियोजना’ को प्राथमिकता देने की अपील भी की गई. कृषि और उद्योग में तकनीक की मांग रोजगार सृजन को तेज करने के लिए बिहार ने कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों पर आधारित केंद्र प्रायोजित योजनाओं की जरूरत बताई. इसके अलावा पर्याप्त जल संसाधन और कुशल श्रमशक्ति को ध्यान में रखते हुए राज्य में नए उद्योगों की स्थापना के लिए विशेष केंद्रीय सहयोग की मांग भी रखी गई. बैठक के अंत में बिहार के वित्त मंत्री ने राज्य के विकास से जुड़ा एक विस्तृत ज्ञापन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपा. उन्होंने उम्मीद जताई कि बजट 2026-27 में बिहार की इन मांगों पर सकारात्मक फैसला लिया जाएगा.

बिहार में होली से पहले 149 नई डीलक्स बसें चलेंगी

पटना. बिहार में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने के लिए बिहार स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (BSRTC) ने होली से पहले 149 नई डीलक्स बसों का संचालन शुरू करने का फैसला लिया है. इन बसों में 75 एसी डीलक्स और 74 नॉन-एसी डीलक्स बसें शामिल हैं, जो यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराएंगी. नई एसी डीलक्स बसों का मुख्य ध्यान अंतरराज्यीय मार्गों पर रहेगा. ये बसें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल समेत कुल 9 राज्यों के लिए संचालित होंगी. इसके साथ ही बिहार के अंदर भी लंबी दूरी की यात्राओं के लिए नई एसी बस सेवा शुरू करने की योजना बनाई गई है, जिससे प्रदेशवासियों का सफर और भी सुगम हो सके. परिवहन और ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार ने कहा कि घाटे वाले रूटों की पहचान कर वहां बस परिचालन बंद किया जाएगा. इन रूटों पर बहाल बसों को नई बसों के साथ बेहतर रूट प्रबंध के तहत समायोजित किया जाएगा ताकि संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सके और परिचालन प्रभावी बने. अंतरराज्यीय बस परिचालन की प्रक्रिया को भी सरल और तीव्र बनाया जा रहा है. उत्तर प्रदेश के लिए पुराने रूट परमिट के नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है, जबकि दिल्ली के लिए नए रूटों की सूची अंतिम चरण में है. पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओड़िशा और पश्चिम बंगाल के साथ एमओयू भी पहले ही हो चुके हैं. परिवहन मंत्री ने यह भी सुनिश्चित किया है कि बसों के परिचालन से पहले सभी रूटों को अधिसूचित किया जाए, ताकि परिचालन में किसी भी तरह की देरी न हो. इस संदर्भ में 7-8 जनवरी को दिल्ली में संबंधित राज्यों के परिवहन मंत्रियों के साथ बैठक भी प्रस्तावित है. वर्तमान में BSRTC के बेड़े में 884 बसें हैं, जो हर साल लगभग 3 करोड़ यात्रियों को सेवा देती हैं. नई बसों के जुड़ने से बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत होकर त्योहारों के दौरान यात्रियों को विश्वसनीय और सुरक्षित सेवा मिलेगी.

बिहार DGP ने किया खुलासा, राज्य में 60% अपराध जमीन विवाद से जुड़े, अब मंत्री विजय सिन्हा क्या कदम उठाएंगे?

पटना   डिप्टी सीएम विजय सिन्हा एक तरफ जमीन विवादों को निपटाने के लिए लगातार एक्शन मोड में दिख रहे वहीं दूसरी तरफ बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने बड़ी बात कह दी है. डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि बिहार में बढ़ते अपराध का मुख्य कारण जमीन विवाद है. राज्य में लगभग 50 से 60 प्रतिशत आपराधिक घटनाएं जमीन विवाद के ही कारण हो रही है. समय पर विवाद नहीं निपटाना बड़ा कारण डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि राज्य में गोलीबारी या फिर हत्या जैसी घटनाओं के पीछे का कारण अक्सर जमीन विवाद ही होता है. कई बार ऐसा होता है कि समय पर जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा नहीं हो पाता है. ऐसे में ये मामले आपराधिक घटनाओं में बदल जाते हैं. हालांकि, जमीन विवाद से जुड़े मामले मुख्य रूप से राजस्व एवं भूमि सुधार से ही जुड़े होते हैं. पुलिस जमीन विवाद में नहीं करेगी हस्तक्षेप डीजीपी ने क्लियर किया कि वह इस मामले हस्तक्षेप नहीं करेंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि पुलिस का हस्तक्षेप जमीन से जुड़े मामलों में सीमित होता है, क्योंकि पुलिस के पास राजस्व रिकॉर्ड, नक्शा या फिर खतियान भी नहीं होता है, जिससे मामले को सुलझाया जा सके. लेकिन आगे डीजीपी ने यह भी कहा, अगर मामले आपराधिक घटना में बदलते हैं तो पुलिस हस्तक्षेप करेगी. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि अगर समय रहते जमीन से जुड़े मामले निपटा लिए जाए तो आपराधिक घटनाओं में कमी आ सकती है. क्या होगा मंत्री विजय सिन्हा का अगला स्टेप? दरअसल, डिप्टी सीएम और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा लगातार जमीन से जुड़े विवादों को सुन रहे हैं. किसी तरह की परेशानी होने पर विभाग के अधिकारियों की फटकार भी लगा रहे हैं. साथ ही वे जमीन के विवाद निपटाने के लिए अल्टीमेटम दे रहे हैं. ऐसे में डीजीपी के इस खुलासे के पास मंत्री विजय सिन्हा का अगला स्टेप क्या कुछ होता है, यह देखने वाली बात होगी. जमीन माफियाओं पर कड़ी नजर इधर, डीजीपी विनय कुमार जमीन माफियाओं के खिलाफ सख्त दिखे. उन्होंने स्पष्ट किया कि जबरन जमीन हड़पने, कब्जा करने वाले और माफियाओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है. बिहार पुलिस की तरफ से इस संबंध में कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. जमीन संबंधी अपराध को लेकर डीजीपी के इस बड़े बयान के बाद बिहार में जल्द बदलाव दिख सकेगा, इस बात की बड़ी संभावना है.