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खेल प्रतिभा का महाकुंभ: छत्तीसगढ़ में ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की धूम, खिलाड़ियों का गर्मजोशी से किया स्वागत

रायपुर,      खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ आगमन शुरू हो गया है, जिससे प्रदेश में खेल उत्सव का माहौल बन गया है। सोमवार शाम असम से तैराकी के 10 खिलाड़ी और तमिलनाडु से 17 फुटबॉल खिलाड़ियों का दल रायपुर पहुंचा।        खिलाड़ियों के स्वागत में स्वामी विवेकानंद विमानतल पर पारंपरिक रंगारंग प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह से भर दिया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और SAI के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर अतिथियों का आत्मीय अभिनंदन किया।आयोजन के तहत 23 मार्च को देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहेगा। यह पहली बार है जब इस स्तर का आदिवासी खेल आयोजन छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहा है।        यह भव्य प्रतियोगिता रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर से लगभग 3,000 जनजातीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक चलने वाले इस आयोजन में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग जैसे सात खेलों में पुरुष और महिला वर्गों के बीच रोमांचक मुकाबले होंगे।      छत्तीसगढ़वासियों के लिए यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को देखने का अवसर है, बल्कि जनजातीय संस्कृति और खेल भावना के अद्भुत संगम का भी प्रतीक बनेगा।

छत्तीसगढ़ में इतिहास रचा: पहली नौकायान स्पर्धा में 52 टीमों ने दिखाया जलवा, विजेता बना लाखपति

धमतरी प्रदेश में पहली बार गंगरेल बांध की शांत और मनोरम जलधारा पर ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भव्य महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप का सफल आयोजन हुआ, जिसमें मचान हाट प्वाइंट से गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स प्वाइंट तक 1000 मीटर की चुनौतीपूर्ण दूरी तय करते हुए प्रतिभागियों ने अद्भुत संतुलन, गति और टीम वर्क का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता स्थल पर दर्शकों में उत्साह और रोमांच का अद्वितीय संगम देखने को मिला। धमतरी, कांकेर और बालोद के कुल 52 टीमों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया, जिससे यह आयोजन क्षेत्रीय स्तर पर एक बड़े खेल महोत्सव के रूप में उभरा। प्रतियोगिता का शुभारंभ विधायक ओमकार साहू, महापौर रामू रोहरा और पूर्व विधायक रंजना साहू द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस दौरान कलेक्टर अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र ठाकुर और अन्य गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे। महिला प्रतिभागियों ने बढ़ाया आयोजन का गौरव इस प्रतियोगिता की सबसे खास विशेषता ग्रामीण अंचलों की महिला प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी रही। ग्राम तिर्रा की चयन बाई, सुमन और दिनेश्वरी निधार ने पारंपरिक लकड़ी की नाव में प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। उन्होंने न केवल प्रतिस्पर्धा को रोमांचक बनाया, बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी संदेश दिया। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनका साहस और आत्मविश्वास सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को प्रदान किए गए पुरस्कार और ट्रॉफी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को पुरस्कार और ट्रॉफी प्रदान किए गए:     प्रथम स्थान: बोट क्रमांक 4 (रोमार निषाद तिरी एवं जीतु निषाद) – ₹1,00,000     द्वितीय स्थान: बोट क्रमांक 1 (सत्वंत मंडावी एवं मिथलेश मंडावी, कोलियारी) – ₹50,000     तृतीय स्थान: बोट क्रमांक 10 (कोमल निषाद एवं महेश्वर कुरेटरी, तिर्रा) – ₹25,000 इसके अतिरिक्त, बोट क्रमांक 6 (पवनबाई निषाद एवं देवनबती निषाद, तिर्रा) को वेशभूषा पुरस्कार दिया गया, जबकि बोट क्रमांक 8 (रामनारायण नेताम एवं रिशीराम निषाद, सटी यारा) को सजावट पुरस्कार के रूप में सम्मानित किया गया, और दोनों के लिए ₹11,000 का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं, जिला प्रशासन ने महिला प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए उनके लिए ₹15,000, ₹10,000 और ₹5,000 के सांत्वना पुरस्कार की घोषणा की। विधायक ओमकार साहू ने कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और जल पर्यटन को नई पहचान देगा। महापौर रामू रोहरा ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में खेल और साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मत्स्य विभाग ने 8 मछुआ समितियों को आइस बॉक्स वितरित किए, जिससे मत्स्य व्यवसाय में सहायता मिलेगी। इसके अलावा, वॉटर एंबुलेंस का शुभारंभ भी किया गया। पर्यटन और विकास को मिलेगी नई दिशा गौरतलब है कि ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ धमतरी जिले में पर्यटन, संस्कृति और खेल गतिविधियों के समन्वय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। यह आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि गंगरेल क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अब नहीं होगी परीक्षा में धांधली: नया कानून पास, ईमानदार प्रतिभाओं को मिलेगा न्याय

रायपुर  छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और घोटालों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक-2026 सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के समर्थन से यह विधेयक पारित किया गया. नए कानून के तहत नकल माफिया, फर्जी अभ्यर्थियों और तकनीकी माध्यमों से धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं. दोषी पाए जाने पर 3 से 10 वर्ष तक की सजा और अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है. वहीं नकल में संलिप्त अभ्यर्थियों को तीन वर्षों तक किसी भी भर्ती परीक्षा से वंचित (ब्लैकलिस्ट) किया जाएगा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि युवा राज्य के विकास के केंद्र में होते हैं, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में उनके भविष्य के साथ अन्याय हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि पीएससी जैसी संस्थाओं में भ्रष्टाचार हुआ. प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर घोटाले हुए. साय ने कहा कि उनकी सरकार ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपी, जिसके चलते कई आरोपी जेल तक पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि यह कानून नकल गिरोहों पर निर्णायक कार्रवाई के लिए बनाया गया है. संगठित अपराध की स्थिति में आरोपियों की संपत्ति जब्त करने और कुर्की करने का भी प्रावधान किया गया है. साथ ही इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के जरिए नकल करने वालों पर विशेष रूप से सख्ती बरती जाएगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि कानून का दायरा व्यापक होगा और यह पीएससी, व्यापमं, निगम-मंडल समेत सभी भर्ती और व्यावसायिक परीक्षाओं पर लागू होगा. जांच की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रावधान किया गया है कि ऐसे मामलों की जांच पुलिस उप निरीक्षक (SI) स्तर से नीचे का अधिकारी नहीं करेगा. आवश्यकता पड़ने पर सरकार अन्य एजेंसियों से भी जांच करा सकेगी. उन्होंने कहा कि कानून में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन से जुड़े सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही भी तय की गई है. परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कठोर कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है. विपक्ष का समर्थन, राजनीतिक टिप्पणी पर आपत्ति नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा और व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी. हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व सरकार पर की गई टिप्पणियों पर आपत्ति जताई और कहा कि ऐसे मुद्दों पर अनावश्यक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए तथा ध्यान केवल छात्रों के हित पर केंद्रित रहना चाहिए.

दुर्ग-बलरामपुर के बाद रायगढ़ में भी अफीम खेती का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के दुर्ग, बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ जिले में अफीम की खेती पकड़ी गई है, जहां तरबूज, ककड़ी की खेती के बीच करीब एक एकड़ में अफीम की खेती हो रही थी। मामले की सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है। पूरा मामला तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट का है। बताया जा रहा कि आमाघाट के नदी किनारे करीब एक एकड़ में अफीम की खेती हो रही थी। इसकी जानकारी मिलते ही एसपी, एडिशनल एसपी समेत जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस झारखंड के आरोपी मार्शल सांगां को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, रायगढ़ निवासी सुषमा खलखो की झारखंड में शादी हुई है। लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत करते हुए रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया, झारखंड से यहां आकर सुषमा खलखो का पति अफीम की खेती कर रहा था। एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ जारी है। पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की जाएगी। कलेक्टर ने बताया, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद छानबीन की कार्रवाई की जा रही है। छानबीन के दौरान यह मामला पकड़ में आया है। अन्य फसलों के बीच करीब एक एकड़ में अफीम की खेती की जा रही थी। बता दें कि सबसे पहले दुर्ग जिले में करीब पांच एकड़ में अफीम की खेती पकड़ी गई थी, जहां समोदा गांव में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के खेत में अवैध अफीम की खेती हो रही थी। इस मामले में बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद कलेक्टर ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें विकास बिश्नोई (जोधपुर, राजस्थान), विनायक ताम्रकार (तेमरापारा, दुर्ग) और मनीष उर्फ गोलू ठाकुर (समोदा), छोटू राम शामिल हैं। जांच में सामने आया कि अफीम की खेती के लिए बीज उपलब्ध कराने में छोटू राम की अहम भूमिका थी, जिसे राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया है। बलरामपुर में दो जगहों पर पकड़ाई थी अफीम की खेती दुर्ग के बाद बलरामपुर जिले में दो स्थानों पर अफीम की खेती पकड़ी गई थी। झारखंड सीमा से लगे करोंधा थाना क्षेत्र के चंदाडांडी गांव और कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी गांव में करीब तीन एकड़ जमीन पर अवैध अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस ने अफीम की खेती करने के मामले में किसान सहादुर नगेशिया और टुईला राम को गिरफ्तार किया है। टुईला राम ने पुलिस को बताया कि उसके पास खेत नहीं है। उसने गांव के ही रहने वाले रोपना से छह हजार रुपये सालाना देने के शर्त पर खेत को लीज पर लिया था। उसने खेत पर मक्के की फसल लगाई लेकिन उसे फायदा नहीं हुआ। इसके बाद दोनों किसानों का संपर्क झारखंड के चतरा जिले के रहने वाले भूपेंद्र उरांव से हुआ। उसने कहा था कि मसालों की खेती करने से फायदा होगा। भूपेंद्र उरांव ने कहा कि अगर मैं खेत में मसाले की खेती कराऊंगा कतो मुनाफे में कुछ हिस्सा लूंगा जिसके बाद दोनों किसान तैयार हो गए। भूपेन्द्र ने अफीम की फसल दो किस्तों में बोई गई थी। पहले सहादुर नगेशिया के खेत में अफीम की फसल लगाई गई। यहां अफीम के डोडों पर छह से सात चीरे लगे थे। जिसका मतलब है कि बड़ी मात्रा में अफीम निकाली जा चुकी है। उसके बाद टुईला राम के खेत में अफीम लगाई गई। इसके खेत में अभी फसल में डोडे लगे हुए हैं और कुछ पौधों में डोडे लग रहे हैं। कई डोडों में चीरा भी लगाया गया था। दोनों किसानों ने बताया कि झारखंड के चार से पांच लोग फसल की पहरेदारी सहित अन्य काम करते थे। खेतों में काम भी वही लोग करते थे। पुलिस के पहुंचने से पहले ही वे मौके से फरार हो गए।

छत्तीसगढ़ विधानसभा से पारित हुआ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा से पारित हुआ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026  छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा -वित्त मंत्री ओपी चौधरी रायपुर छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और सुव्यवस्थित विकास की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस संशोधन का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में अनियंत्रित विस्तार और अवैध प्लॉटिंग पर नियंत्रण स्थापित करते हुए योजनाबद्ध विकास को गति देना है। सदन में चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि वर्तमान में नगर विकास योजनाएं तैयार करने और उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मुख्यतः रायपुर विकास प्राधिकरण और नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण जैसे प्राधिकरणों पर निर्भर है। हालांकि, राज्य गठन के बाद विभिन्न कारणों से ऐसी योजनाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, जिससे कई शहरों में अव्यवस्थित विकास और अवैध प्लॉटिंग की समस्या बढ़ी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी से नगर विकास योजनाओं के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। विशेष रूप से अहमदाबाद में रिंग रोड जैसी प्रमुख परियोजनाएं योजनाबद्ध तरीके से विकसित की गई हैं। वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी रायपुर मास्टर प्लान के अंतर्गत एम.आर.-43 मार्ग का निर्माण नगर विकास योजना के माध्यम से किया जा रहा है, जो इस प्रणाली की उपयोगिता को दर्शाता है। संशोधन के तहत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा-38 में बदलाव किया गया है। इसके अनुसार अब नगर विकास योजनाएं तैयार करने के लिए अधिकृत एजेंसियों के दायरे का विस्तार किया जाएगा। नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकरणों के अलावा राज्य शासन के अभिकरणों और सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों को भी इस कार्य के लिए अधिकृत किया जा सकेगा। इस बदलाव के बाद छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम जैसे संस्थान भी नगर विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में भागीदारी निभा सकेंगे। इससे योजनाओं की संख्या में वृद्धि होने के साथ-साथ औद्योगिक और आवासीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि इस विधेयक का मूल उद्देश्य राज्य में सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना, अवैध प्लॉटिंग पर अंकुश लगाना और उद्योग व आवास के लिए व्यवस्थित भूखंडों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संशोधन छत्तीसगढ़ के शहरी परिदृश्य को अधिक सुव्यवस्थित और विकासोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

छत्तीसगढ़ का सामूहिक विवाह बना विश्व रिकॉर्ड, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

6,412 जोड़ों के साथ सामाजिक समरसता के साथ ऐतिहासिक मिसाल रायपुर, छत्तीसगढ़ ने सामाजिक समरसता, जनभागीदारी और संवेदनशील शासन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह संपन्न कराकर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक एकता और अंत्योदय की भावना का ऐसा प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी देशभर में सराहना हो रही है। 10 फरवरी को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में पूरे प्रदेश से कुल 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें से 1,316 जोड़ों का विवाह रायपुर में प्रत्यक्ष रूप से संपन्न हुआ, जबकि शेष जोड़े प्रदेश के विभिन्न जिलों से वर्चुअल माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन से जुड़े। सभी विवाह धार्मिक परंपराओं और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुरूप संपन्न कराए गए, जिससे यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर सामाजिक समरसता और सामूहिक खुशियों का विराट उत्सव बन गया। इस ऐतिहासिक आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का विषय है। इस समारोह की विशेषता यह भी रही कि इसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़ों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किए। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, आपसी सद्भाव और सर्वधर्म समभाव की भावना का जीवंत प्रतीक बन गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मान, विश्वास और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन गई है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, लेकिन इस योजना ने उस चिंता को दूर कर हजारों परिवारों के जीवन में नई खुशियां और विश्वास का संचार किया है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी और वर्तमान सरकार इसे और अधिक व्यापक स्वरूप देते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और सामाजिक समरसता को और मजबूत बनाया जाए। यह ऐतिहासिक आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएं संवेदनशीलता, जनभागीदारी और सामाजिक सहयोग के साथ लागू होती हैं, तब वे केवल सरकारी योजनाएं नहीं रह जातीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बन जाती हैं। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करती है।

छत्तीसगढ़ में मौसम का यू-टर्न: बस्तर में बारिश और तेज हवा की चेतावनी

रायपुर छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच मौसम विभाग ने दक्षिण छत्तीसगढ़ के लिए बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से बस्तर संभाग के कई जिलों में शुक्रवार से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 13 से 15 मार्च के बीच बस्तर क्षेत्र में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। यदि बारिश होती है तो तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बिहार और झारखंड के बीच समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। इसी सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बादल छाने और बारिश होने के संकेत मिल रहे हैं। जगदलपुर, बीजापुर समेत बस्तर संभाग के अधिकांश जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। प्रदेश में बढ़ रही गर्मी फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। राजनांदगांव में अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि रायपुर और बिलासपुर संभाग के अधिकांश जिलों में पारा लगभग 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। वहीं न्यूनतम तापमान के मामले में अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान करीब 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि राज्य में मार्च के दूसरे और तीसरे पखवाड़े में गर्मी और तेज हो सकती है। कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई गई है।

सीमा पर दहशत का बाघ: मवेशी पर झपटा, जान बचाने पेड़ पर चढ़े ग्रामीण

 मोहला-मानपुर जिला अंतर्गत छत्तीसगढ़–महाराष्ट्र सीमा में बाघ का आतंक एक बार फिर सामने आया है। बीते 12 फरवरी से अब तक एक माह के भीतर एक ग्रामीण समेत दो मवेशियों को मौत के घाट उतार चुके बाघ की इस बार औंधी तहसील क्षेत्र अंतर्गत बागडोंगरी ग्राम पंचायत क्षेत्र में आमद हुई, जहां 6 मार्च को दिन-दहाड़े बाघ ने आतंक मचाया और मवेशियों पर हमला किया। वहीं 6 और 7 मार्च की दरमियानी रात बाघ इंसानी बस्ती में पहुंच गया, जिससे ऐसे खौफनाक हालात बन गए कि ग्रामीणों को पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचानी पड़ी। बता दें, मानपुर दक्षिण वन परिक्षेत्र अंतर्गत औंधी क्षेत्र के बागडोंगरी गांव निवासी ग्रामीण का बैल, जो गांव के आसपास चर रहा था, उस पर बाघ ने हमला कर दिया। जैसे-तैसे बाघ के चंगुल से छूटकर बैल अपने पालक के घर पहुंचा तो पता चला कि बैल के शरीर में बाघ के पंजों की खरोंचें हैं और बाघ के दांतों ने भी बैल की गर्दन में छेद कर दिए हैं। यही नहीं, बाघ ने इसी बागडोंगरी ग्राम पंचायत के आश्रित मोहल्ले मरकाटोला में भी आतंक मचाया, जहां खेत में भुट्टे की फसल की रखवाली के लिए घूम रहे दो ग्रामीणों को इस बाघ ने दौड़ाया। हालांकि ये ग्रामीण फुर्ती से एक पेड़ पर चढ़ गए, जिससे वे बाघ के हमले से बच गए, लेकिन जिस पेड़ पर ये ग्रामीण चढ़े, उसके इर्द-गिर्द ही बाघ मंडराते हुए ग्रामीणों पर हमले की फिराक में जुटा रहा। इसी बीच गांव में लोगों को इस हालात की जानकारी लगी और बड़ी संख्या में ग्रामीण टॉर्च जलाते हुए मौके की ओर बढ़े। तब जाकर टॉर्च की रोशनी और ग्रामीणों की आहट से घबराकर बाघ मौके से भागा और पेड़ पर चढ़े ग्रामीण सुरक्षित नीचे उतर सके। क्षेत्रवासी ग्रामीण बाघ की लगातार आमद और उसके द्वारा किए जा रहे शिकार से खासे भयभीत हैं। यह महुआ जैसे अहम वनोपज के संग्रहण का दौर है, लेकिन महुआ संग्रहण और बिक्री से आय अर्जित करने वाले ग्रामीणों के सामने बाघ के भय के चलते महुआ व अन्य वनोपज के लिए जंगल जाना दूभर होता दिख रहा है। दूसरी ओर वन महकमा भी अपनी यथासंभव कसरतों में जुटा हुआ है। ट्रैप कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। वन महकमे ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि सुरक्षित रहें, सतर्क रहें। क्योंकि यह केवल वनोपज संग्रहण का मसला नहीं है, बल्कि स्कूली बच्चे भी जंगल के रास्ते स्कूलों का सफर तय करते हैं। और बाघ की चहलकदमी से स्कूली बच्चों की राह भी खौफजदा प्रतीत हो रही है। गौरतलब है कि बाघ का आतंक इस इलाके में बीते करीब डेढ़ पखवाड़े से फैला हुआ है। बीते 12 फरवरी को बाघ ने गहनगट्टा गांव में एक मवेशी का शिकार किया था। इसके बाद बाघ ने इसी औंधी इलाके से लगे महाराष्ट्र के केहकावाही में एक ग्रामीण को मार डाला था। यही नहीं, ग्रामीण को मारने के अगले रोज फिर छत्तीसगढ़ में आकर पीटेमेटा गांव में एक मवेशी को भी बाघ ने शिकार बनाया था। इन घटनाक्रमों के बाद अब बाघ ने बागडोंगरी इलाके में आतंक मचाया है।

गर्मी का प्रकोप तेज: छत्तीसगढ़ में तापमान बढ़ने के आसार, फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं

रायपुर छत्तीसगढ़ में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और फिलहाल प्रदेशवासियों को बारिश से राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक क्रमिक वृद्धि हो सकती है। इसके बाद अगले दो दिनों तक तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होने की संभावना जताई गई है। न्यूनतम तापमान की बात करें तो आगामी सात दिनों तक इसमें भी किसी बड़े परिवर्तन के संकेत नहीं हैं। यानी दिन में गर्मी बढ़ेगी, जबकि रात का तापमान लगभग स्थिर बना रहेगा। प्रदेश में पूरे दिन मौसम साफ और शुष्क बना रहा। कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दिन और रात के तापमान में यह अंतर आने वाले दिनों में भी बना रह सकता है, जिससे सुबह-शाम हल्की ठंडक और दोपहर में गर्मी महसूस होगी। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर बांग्लादेश और उससे सटे मेघालय क्षेत्र से लेकर गंगीय पश्चिम बंगाल, आंतरिक ओडिशा और दक्षिणी छत्तीसगढ़ होते हुए विदर्भ तक एक द्रोणिका (ट्रफ लाइन) समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर ऊपर बनी हुई है। हालांकि वर्तमान में इस प्रणाली का छत्तीसगढ़ के मौसम पर कोई विशेष प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस सिस्टम की सक्रियता बढ़ती है तो हल्के बादल छाने या आंशिक परिवर्तन की स्थिति बन सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसी कोई संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने प्रदेश में किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है। आने वाले दो दिनों तक मौसम शुष्क ही रहने के आसार हैं। दिन में धूप तेज रहेगी और दोपहर के समय गर्मी का असर अधिक महसूस किया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में सुबह के समय हल्की ठंडक बनी रह सकती है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ तापमान तेजी से बढ़ेगा। राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दोपहर के समय गर्म हवाओं का असर महसूस हो सकता है, इसलिए विशेषज्ञों ने दोपहर में अनावश्यक धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।

मध्य प्रदेश भेजी जाने वाली गांजे की खेप का भंडाफोड़, छत्तीसगढ़ में दो आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. कार में ओडिशा से अवैध गांजा भरकर मध्यप्रदेश लेकर जा रहे तस्करों को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली. कार्रवाई में 35 किलो गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत 17 लाख से अधिक रुपए बताई जा रही है. थाना सिंघोडा क्षेत्र का मामला है. नेशनल हाइवे 53 पर रेहटीखोल से कार में अवैध गांजा की तस्करी की सूचना पर नाकेबंदी की गई. एंटी नारकोटिक्स फोर्स और सिंघोड़ा पुलिस की टीम ने कार को रुकवाकर पूछताछ की तो युवकों ने अपना नाम पंकज राठौर और हेमंत सिंह तोमर बताया, दोनों मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के निवासी बताया. इस दौरान पुलिस ने कार की तलाशी ली तो पीछे सीट में बने चेंबर में गांजा रखना पाया गया. पुलिस ने आरोपियों के पास से 17,50,000 रुपए का गांजा और कार जब्त कर लिया गया. दोनों युवकों के खिलाफ अपराध धारा (20बी (दो)(सी), 29 -1) एनडीपीएस एक्ट की तहत कार्रवाई करते गिरफ्तार कर लिया गया. कोर्ट में पेशी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है. बता दें कि इससे पहले ओडिशा से महाराष्ट्र तक फैले गांजा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया था. 68 लाख के गांजे के साथ 8 अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली, इस गिरफ्तारी में एक आरोपी महिला भी शामिल थी.