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रेत कारोबार में नई पहल: छत्तीसगढ़ के 6 जिलों की 18 खदानें ई-नीलामी के लिए खुलीं

रायपुर छत्तीसगढ़ में रेत खनन को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने नई पहल की है। खनिज साधन विभाग ने प्रदेश के 6 जिलों की 18 रेत खदानों के आवंटन के लिए ई-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए निविदाएं 7 से 13 नवंबर तक खोली जाएंगी। खनिज साधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में अन्य जिलों की खदानों की नीलामी भी इसी प्रणाली से की जाएगी। विभागीय पोर्टल पर पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी ताकि इच्छुक पक्ष कहीं से भी भाग ले सकें। किन जिलों की खदानें शामिल ई-नीलामी के दायरे में आने वाली खदानों में रायपुर जिले की टीला, धमतरी की तेंदूकोन्हा और मुड़पार, महासमुंद की नर्रा और खेमड़ा, बालोद की नेवारीकला-01, नेवारीकला-02, अरौद, देवीनवागांव और पोड, बिलासपुर की जरगा/कोनचरा, कुकुर्दीकला-02 और निरतू, और रायगढ़ जिले की बरभौना, बायसी, कंचनपुर, लेबड़ा और पुसल्दा खदानें शामिल हैं। इन सभी के लिए उच्चतम निर्धारित मूल्य (सीलिंग प्राइज) तय किया जा चुका है। नई रेत नीति 2025 लागू राज्य सरकार ने हाल ही में नई रेत खनन नीति 2025 को मंजूरी दी है। इसके तहत अब सभी खदानों की नीलामी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से होगी। अवैध खनन पर रोक लगाने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम एमएसटीसी के साथ एमओयू किया है। अधिकारियों के अनुसार, नई नीति से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और स्थानीय निकायों को राजस्व का बड़ा लाभ मिलेगा। वर्तमान स्थिति और आगामी योजना फिलहाल प्रदेश में 120 रेत खदानें संचालित हैं। इसके अलावा 100 से अधिक खदानों को चालू करने के लिए पर्यावरणीय मंजूरी का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। आने वाले महीनों में लगभग 150 नई खदानों को भी रिवर्स आक्शन प्रणाली से आवंटित किया जाना है। राजस्व में बढ़ोतरी और पारदर्शिता की उम्मीद खनिज विभाग का दावा है कि ई-नीलामी से न केवल रेत की आपूर्ति व्यवस्थित होगी, बल्कि अवैध खनन पर भी प्रभावी रोक लगेगी। पारदर्शी प्रक्रिया से सरकार के साथ-साथ पंचायतों और नगरीय निकायों को भी राजस्व में वृद्धि होगी।

छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक: रायपुर स्टेशन पर बजा राज्य गीत

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आज 1 नवंबर को रायपुर रेलवे स्टेशन राज्य गीत ‘अरपा-पैरी के धार’ से गूंज उठा. प्लेटफॉर्म्स पर बैठे यात्रियों के चेहरों पर राज्यगीत की धुन सुनते ही खुशी की चमक दिखाई दी. इस दौरान कुछ यात्रियों ने रेलवे स्टेशन का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया है. बता दें, छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को आज 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं. इसलिए छत्तीसगढ़ इस साल अपना रजत जयंति वर्ष मना रहा है. इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव कार्यक्रम और छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन के उद्घाटन करने समेत कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे हैं. प्रदेश भर से बड़ी संख्या में लोग नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्व कार्यक्रम में शामिल होंगे और राज्य गठन का उत्सव मनाएंगे. छठ गीत बजने पर उठे थे सवाल छठ महापर्व पर छत्तीसगढ़ के रेलवे स्टेशनों पर छठ गीत भी बजाए गए थे, जिसे लेकर छत्तीसगढ़वासियों ने सवाल उठाए थे. प्रदेशवासियों का कहना था कि “छठ छत्तीसगढ़ का पर्व नहीं है. दूसरे राज्य का पर्व है. अब-तक रेलवे स्टेशनों पर छत्तीसगढ़ के गीत नहीं बजाए गए, लेकिन छठ गीत बजाया गया.” आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर रेलवे स्टेशन पर राज्य गीत सुनकर लोगों में उत्साह देखने को मिला. कई लोगों ने साथ-साथ गाया “जय हो जय हो… छत्तीसगढ़ मईया….”  

छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस पर CM योगी का संदेश – ‘प्रगति और शांति की दिशा में आगे बढ़े प्रदेश’

लखनऊ  आज छत्तीसगढ़ राज्य अपना 25वां स्थापना दिवस मना रहा है। देशभर के तमाम बड़ नेता छत्तीसगढ़ वासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई दे रहे है। इसी बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस की प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। प्रगति और शांति की दिशा में अग्रसर रहे सीएम योगी ने एक्स हैंडल पर लिखा कि संस्कृति, सौंदर्य और प्राकृतिक संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस की प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह राज्य निरंतर प्रगति और शांति की दिशा में अग्रसर रहे, मां दंतेश्वरी से यही कामना है। बता दें कि छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर आज पीएम नरेंद्र मोदी रायपुर आ रहे हैं। वे सुबह करीब 9:30 बजे प्रदेश की राजधानी पहुंचेंगे। इस दौरान वे 14,260 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।

रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया गौरव – प्रधानमंत्री मोदी करेंगे भव्य विधानसभा भवन का लोकार्पण

छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन : परंपरा और आधुनिकता का संगम रायपुर, छत्तीसगढ़ के इतिहास में 1 नवम्बर का दिन एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्य की जनता को विधानसभा का नया भवन समर्पित करेंगे। वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद रायपुर के राजकुमार कॉलेज से शुरू हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा को 25 वर्षों के बाद रजत जयंती वर्ष में अपना भव्य, आधुनिक और पूर्ण सुविधायुक्त स्थायी भवन मिलने जा रहा है। यह भवन केवल एक खूबसूरत इमारत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक भी है। ‘धान का कटोरा’ कहलाने वाले छत्तीसगढ़ की पहचान को इस भवन की वास्तुकला में बखूबी पिरोया गया है। विधानसभा के सदन की सीलिंग पर धान की बालियों और पत्तियों को उकेरा गया है, जो प्रदेश की कृषि-प्रधान संस्कृति का प्रतीक है। भवन के ज्यादातर दरवाजे और फर्नीचर बस्तर के पारंपरिक काष्ठ शिल्पियों द्वारा बनाए गए हैं। इस तरह नया विधानसभा भवन आधुनिकता और परंपरा का एक जीवंत संगम बन गया है। भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक भवन नए विधानसभा भवन को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह पूरी तरह सर्वसुविधायुक्त और सुसज्जित भवन है, जिसके सदन को 200 सदस्यों तक के बैठने के लिए विस्तारित किया जा सकता है। पेपरलेस विधानसभा संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं का समावेश भी किया गया है, जिससे यह भवन ‘स्मार्ट विधानसभा’ के रूप में विकसित होगा। 324 करोड़ की लागत से बना 51 एकड़ में फैला परिसर कुल 51 एकड़ में फैले इस परिसर का निर्माण 324 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। भवन को तीन मुख्य हिस्सों—विंग-ए, विंग-बी और विंग-सी—में विभाजित किया गया है। विंग-ए में विधानसभा का सचिवालय, विंग-बी में सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय, तथा विंग-सी में मंत्रियों के कार्यालय स्थित हैं। हरित तकनीक से निर्मित पर्यावरण अनुकूल भवन यह भवन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल और हरित निर्माण तकनीक से बनाया गया है। परिसर में सोलर प्लांट की स्थापना के साथ वर्षा जल संचयन हेतु दो सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, भवन में पर्यावरण-संरक्षण के सभी मानकों का पालन किया गया है। 500 सीटर ऑडिटोरियम और 100 सीटर सेंट्रल हॉल विधानसभा भवन में 500 दर्शक क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और 100 सीटर सेंट्रल हॉल बनाया गया है। भवन की वास्तुकला आधुनिकता और पारंपरिक शैलियों का उत्कृष्ट मेल है। तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक छत्तीसगढ़ की संस्कृति और शिल्प से सजे-संवरे इस नए विधानसभा भवन में राज्य के तीन करोड़ नागरिकों की उम्मीदें, आकांक्षाएं और आत्मगौरव साकार होता दिखेगा। यह भवन न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था  का, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, प्रगति और परंपरा का प्रतीक भी बनेगा।

गुजरात में बस्तर की गूंज: एकता परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

नए छत्तीसगढ़ की झलक देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हुए प्रभावित एकता नगर (गुजरात), गुजरात के एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आज आयोजित एकता परेड में इस वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी “बस्तर की धरती – संस्कृति, सृजन और प्रगति की गाथा” ने सभी का मन मोह लिया। यह झांकी छत्तीसगढ़ के जनजातीय जीवन, परंपराओं और विकास यात्रा का जीवंत प्रतीक बनकर उभरी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परेड में सम्मिलित सभी झांकियों का अवलोकन किया और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियों की सराहना की। प्रधानमंत्री की उपस्थिति में प्रदर्शित छत्तीसगढ़ की झांकी ने अपने सौंदर्य, प्रतीकात्मकता और सशक्त संदेश से सबका ध्यान आकर्षित किया। झांकी के अग्रभाग में पारंपरिक वेशभूषा में सजे माड़िया जनजाति के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गौर नृत्य ने बस्तर की आन-बान और सामूहिकता की भावना को सजीव कर दिया। उनके पास रखी पारंपरिक तुरही बस्तर के पर्वों की गूंज और लोक उल्लास की प्रतीक बनी। वहीं, नंदी का चित्रण बस्तर की गहरी लोक आस्था और शिव उपासना की परंपरा को अभिव्यक्त करता नजर आया। झांकी के मध्य भाग में बस्तर के विकास और परिवर्तन की यात्रा को कलात्मक रूप में दर्शाया गया। कभी नक्सलवाद से प्रभावित यह क्षेत्र अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में बस्तर आज तेजी से बदलते भारत का प्रतीक बन चुका है। अब यहाँ बंदूक की नहीं, विकास की गूंज सुनाई देती है। झांकी के अंतिम भाग में टोकरी लिए महिला की प्रतिमा बस्तर की स्त्री शक्ति, श्रम और सृजनशीलता का प्रतीक बनी। संपूर्ण झांकी की ढोकरा शिल्पकला से की गई सजावट ने बस्तर के शिल्पकारों की अद्भुत कलात्मकता और परंपरागत कौशल को दर्शाया। छत्तीसगढ़ की यह झांकी न केवल अपनी संस्कृति और कला में समृद्ध है, बल्कि यह बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलाव की कहानी भी कहती है। झांकी ने दिखाया कि आज का नया बस्तर परंपरा, प्रकृति और विकास का सुंदर संगम बन चुका है। कभी दुर्गम और पहुँच से दूर रहने वाले इलाकों में अब सड़कों का जाल बिछ गया है, जिन पर बच्चों के स्कूल जाने की चहल-पहल सुनाई देती है और स्कूलों में घंटियाँ बजने लगी हैं। गांवों में बिजली की रौशनी और इंटरनेट की पहुँच ने नई आशाएँ जगाई हैं। युवाओं में कुछ करने, आगे बढ़ने का जोश दिखाई देता है। महिलाएँ आत्मनिर्भर बन रही हैं—हस्तशिल्प, वनोपज , विभिन्न विकासात्मक योजनाओं ने उनके जीवन में नई दिशा दी है। लोग अब विकास पर भरोसा करने लगे हैं। यह झांकी इस विश्वास का प्रतीक है कि बस्तर अब सिर्फ़ अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से आगे बढ़ते एक नए युग के लिए भी जाना जा रहा है। एकता परेड के लिए झांकियों का चयन गृह सचिव की अध्यक्षता में गठित एक उच्चस्तरीय समिति और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने देशभर के राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय संगठनों के प्रजेंटेशन देखे। हर राज्य ने अपनी थीम, मॉडल और विचार समिति के सामने प्रस्तुत किए। इसी प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ की झांकी को उसकी मौलिकता, सांस्कृतिक समृद्धि और विकास के जीवंत चित्रण के लिए चयनित किया गया। अंतिम सूची में छत्तीसगढ़ के साथ एनएसजी, एनडीआरएफ, अंडमान-निकोबार द्वीप, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, मणिपुर, पुद्दुचेरी और उत्तराखंड की झांकियाँ शामिल हुईं।

मोदी की गारंटी दम तोड़ चुकी — PCC चीफ बैज का PM मोदी से 21 सवालों वाला हमला

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर 1 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर के एकदिवसीय दौरे पर आने वाले हैं। उनके आगमन से पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री से 21 सवालों की सूची जारी करते हुए कहा कि मोदी सरकार की गारंटी दम तोड़ चुकी है। क्या राज्योत्सव में इसका जवाब देंगे। इसके अलावा कांग्रेस ने रोजगार, किसानों, महिलाओं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी जवाब मांगा है। कांग्रेस के 21 सवाल पीएम मोदी से     मोदी की गारंटी दम तोड़ चुकी है क्या आप राज्योत्सव में इसका जवाब देंगे?     आपने 1 लाख युवाओं को नौकरी देने का वादा था, दो साल में 40 हजार नौकरी भी मिली नहीं।     संविदा कर्मचारियों को 100 दिन में नियमितीकरण करने का वादा कब पूरा होगा?     हर विवाहित महिला को महतारी वंदन के तहत 1000 रुपये प्रतिमाह देने का वादा था, काफी महिलाओं के नाम काटे गए, आपने 500 रुपये में सिलेंडर देने की बात कही थी?     आपके राज में हत्या, लूट, बलात्कार, आगजनी बढ़ी, कानून-व्यवस्था चरमराई?     छत्तीसगढ़ में बांग्लादेशी घुसपैठी आ रहे, पाकिस्तान से ड्रग्स आ रहे, इस पर लगाम क्यों नहीं?     सेंट्रल पुल में चावल क्यों नहीं खरीदा जा रहा, सोसाइटियों में आज भी धान का उठाव नहीं?     आपकी सरकार में साढ़े 18 लाख पीएम आवास दिए जाने की बात कही गई थी। शहरी और ग्रामीण कितने आवास स्वीकृत हुए? डिटेल बताएं?     किसानों को यूरिया-DAP की किल्लत क्यों?     प्रदेश में कितने स्कूल खोले गए, आपके राज में 10,000 से ज्यादा स्कूल बंद क्यों किए?     महादेव सट्टा ऐप चल रहा, शराब माफिया बेलगाम – कार्रवाई क्यों नहीं?     कोल माइंस बेचा जा रहा, अवैध रूप से पेड़ भी काटे जा रहे?     आपने हॉफ बिजली बिल योजना बंद कर, बिजली के दाम चार गुना बढ़ाए, लेकिन बिहार में 125 यूनिट फ्री बिजली ऐसा क्यों?     बस्तर बाढ़ पीड़ितों को केंद्र सरकार ने राहत पैकेज क्यों नहीं दिया?     छत्तीसगढ़ की यात्री ट्रेनें ही क्यों रद्द होती हैं?     नगरनार इस्पात संयंत्र का विनिवेशीकरण क्यों?     एनएमडीसी मुख्यालय बस्तर में कब खुलेगा?     बस्तर के खनिज संसाधनों को बेचा जा रहा?     रायपुर के इकलौते मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भटक रहे लोग, एक ही बेड पर दो प्रसूताएं क्यों?     सरकारी अस्पतालों में दवाएं और इलाज क्यों नहीं?     2 करोड़ नौकरी और लोगों के खाते में 15 लाख खाते में कब देंगे? भाजपा पर हमला कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा के बयान “कांग्रेस दिल्ली से नहीं, इटली से चलने वाली पार्टी” पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि भाजपा में पर्ची से मुख्यमंत्री बनते हैं, वे पसंदीदा मंत्री तक नहीं चुन पाते, दिल्ली से पर्ची आती है। भाजपा नेता कांग्रेस के लिए भी वही सपना देख रहे हैं। घुसपैठियों पर बैज का पलटवार घुसपैठियों को लेकर डिप्टी CM विजय शर्मा के बयान पर PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि आप गृह मंत्री हैं, सारे अधिकार आपके पास हैं। पाकिस्तान से ड्रग्स आ रहा है, बांग्लादेशी घुसपैठिए आ रहे हैं, कार्रवाई कौन करेगा? राज्योत्सव में बाहरी कलाकारों पर सवाल राज्योत्सव में बाहरी कलाकारों को बुलाने पर दीपक बैज ने कहा कि हम पहले दिन से कह रहे, स्थानीय कलाकारों को भी बाहरी कलाकारों जितना ही सम्मान और मंच मिलना चाहिए। ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान है जारी – दीपक बैज ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान को लेकर दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस का हस्ताक्षर अभियान जारी है। 10 से 12 लाख हस्ताक्षर फॉर्म आएंगे, जिन्हें हम AICC को भेजेंगे, चुनाव आयोग को भेजेंगे। चुनाव आयोग द्वारा यह बात कही जा रही थी कि राहुल गांधी को हलफनामा देना चाहिए। आम जनता इस पर सवाल उठा रही है।

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: फसल सर्वे और गिरदावरी सत्यापन की डेडलाइन में बढ़ोतरी

रायपुर छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खुशखबरी है। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के समस्त जिलों के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी के मोबाईल PV ऐप के माध्यम से सत्यापन की समय सीमा को एक माह के लिए बढ़ा दिया है। अब यह प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2025 की बजाय 30 नवंबर 2025 तक की जा सकेगी। बता दें कि इस संबंध में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा आज सभी कलेक्टरों को पत्र जारी किया गया है। विभाग ने पत्र में अपने 11 सितंबर 2025 के आदेश का संदर्भ देते हुए बताया कि पूर्व में यह प्रावधान किया गया था कि गिरदावरी एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे के संशोधन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025 तक रहेगी। इसके बाद केवल PV ऐप के माध्यम से भौतिक सत्यापन के बाद ही प्रविष्टियों में संशोधन किया जा सकेगा। यह ऐप 15 सितंबर 2025 से Go Live किया गया था, जिसके माध्यम से 31 अक्टूबर 2025 तक प्रविष्टियों में बदलाव करने की अनुमति थी। अब शासन ने किसानों की सुविधा और प्रशासनिक कार्यों को ध्यान में रखते हुए इस अवधि को 30 नवंबर 2025 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस अवधि में संबंधित अधिकारी PV ऐप के जरिए भौतिक सत्यापन उपरांत डेटा संशोधन कर सकेंगे। गौरतलब है कि डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी का यह ऑनलाइन सत्यापन अभियान राज्य में कृषि डेटा के डिजिटलीकरण और पारदर्शिता की दिशा में एक अहम कदम है। इससे फसलों के वास्तविक रकबे का सटीक आंकलन किया जा सकेगा, जो आगे धान खरीदी, बीमा, एवं अन्य कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होगा।

मोंथा तूफान पहुंचा छत्तीसगढ़! आज इन इलाकों में झमाझम बारिश के आसार

रायपुर  गंभीर चक्रवाती तूफान मोंथा अब कमज़ोर होकर साधारण चक्रवाती तूफान बन गया है. अगले 6 से 12 घंटों में यह गहरे दबाव में बदल सकता है. इसका प्रभाव आज छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिलेगा. बुधवार को चक्रवात के असर से पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना है. एक दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. साइक्लोन मोंथा से छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज लेटेस्ट मौसम अपडेट के अनुसार मोंथा अब कमज़ोर होकर साधारण चक्रवाती तूफान बन गया है. तूफान लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और अगले 6 से 12 घंटों में गहरे दबाव में बदल सकता है. प्रदेश में आज अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है. एक दो स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की भी संभावना है. इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से हवा की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की चल सकती है. वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है. वर्षा का क्षेत्र धीरे धीरे मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर केंद्रित रहने की सम्भावना है. वर्षा की गतिविधि 31 अक्टूबर तक लगातार जारी रहने की सम्भावना है. अगले 2 दिनों में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है. बिलासपुर और सरगुजा संभाग के एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई है. बादल गरजने-चमकने के साथ वर्षा हो सकती है. अधिकतम 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.

प्रकृति की गोद में बसा रानीदाह जलप्रपात — जहाँ हर बूंद कहती है कहानी

रायपुर, रानीदाह जलप्रपात का सबसे आकर्षक रूप मानसून के दौरान देखने को मिलता है, जब पानी का बहाव चरम पर होता है और चारों ओर हरियाली व वादियां निखर उठती हैं। एडवेंचर, फोटोग्राफी, और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थान अद्भुत अनुभव देता है। यहाँ की स्वच्छ बूंदें, हरियाली भरी घाटियाँ और झरने की गूंज हर आगंतुक को मंत्रमुग्ध कर देती है।       रानीदाह जलप्रपात छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 15 से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह झरना घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों के मध्य स्थित है और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। बरसात के मौसम में यहाँ का नजारा अत्यंत मनोहारी होता है, झरने की धाराएं विशाल चट्टानों से गिरती हैं और एक विशाल जलकुंड में मिल जाती हैं। आसपास जंगल, टेढ़े-मेढ़े रास्ते, और ऊँची-नीची पहाड़ियाँ इस जगह को रोमांचक बनाते हैं। यहाँ के माहौल में शांति, ताजगी और हरियाली छायी रहती है, जिससे यह पिकनिक और प्रकृति प्रेमियों का आदर्श स्थल है।       रानीदाह जलप्रपात से जुड़ी एक रोचक किंवदंती भी है। कहा जाता है कि उड़ीसा की रानी शिरोमणि अपने प्रेमी के साथ भागकर जशपुर आई थीं, जहाँ उन्होंने अपने भाईयों से छिपते हुए इसी झरने के समीप आत्मसमर्पण किया। इसी वजह से इस स्थल का नाम रानीदाह पड़ा। आज भी यहाँ रानी की समाधि और पंचमैया नामक स्थल देखने को मिलता है, जो रानी के पाँच भाईयों को प्रतीकात्मक रूप में दर्शाता है। जलप्रपात के निकट एक शिव मंदिर भी है, जिससे इसका धार्मिक महत्त्व बढ़ जाता है।        यह जलप्रपात वर्ष पर्यन्त विशेष रूप से जून से फरवरी तक चालू रहता है। जशपुर से आरा मार्ग पर लगभग 18 किमी दूरी और मुख्य सड़क से 5 किमी अंदर की ओर स्थित इस स्थल तक सड़क मार्ग, ट्रेन (रांची व अंबिकापुर रेलवे स्टेशन), और हवाई यात्रा (रांची व रायपुर एयरपोर्ट) से पहुँचा जा सकता है। यहाँ जिला प्रशासन ने व्यू प्वाइंट, सीढ़ियाँ, एवं पिकनिक के लिए सुरक्षित व्यवस्था की है ताकि पर्यटक पूर्ण रूप से प्रकृति का आनंद उठा सकें।       रानीदाह जलप्रपात न केवल छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण बिंदु है, बल्कि प्रकृति, इतिहास और रोमांच से भरपूर एक अविस्मरणीय स्थल भी है। यहाँ आकर मनुष्य को प्रकृति के शांत, पवित्र एवं रमणीय स्वरूप का गहरा अहसास होता है।

‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ का जिक्र, मुख्यमंत्री साय ने जताया पीएम मोदी का आभार

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को न्यू शांति नगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का प्रसारण सुना. इस दौरान भाजपा के सभी महामंत्री, प्रदेश, जिला एवं मंडल पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या व्यापारी मौजूद रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित गार्बेज कैफे का जिक्र किया. कैसे आधा किलो कचड़ा देकर नाश्ता और एक किलो कचड़ा देकर दिन या रात का खाना खा सकते हैं. इसके साथ उन्होंने कहा कि ये प्रेरक उदाहरण है कि जब ठान लिया जाए तो बदलाव भी किया जा सकता है. ‘मन की बात’ को सुनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के हम आभारी हैं. उन्होंने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ का कई बार जिक्र किया है. आज भी छत्तीसगढ़ का जिक्र किया है. अंबिकापुर नगर निगम स्वच्छता के मामले में अव्वल रहा है, जिसका भी जिक्र प्रधानमंत्री ने किया है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा रही है. नक्सली जमीन के अंदर बम गाड़ कर रखते हैं, जिसे देशी स्वान आसानी से डिटेक्ट करता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम में उसका भी जिक्र किया है.