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निकाय चुनाव: झारखंड में कैश पर कड़ी नजर, फ्लाइंग स्क्वॉड सक्रिय

रांची झारखंड में निकाय चुनाव को लेकर निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नकदी, शराब अथवा अन्य वस्तुओं के वितरण को दंडनीय अपराध बताते हुए प्रशासन ने आम नागरिकों से सतकर् रहने और सहयोग करने की अपील की है। अवैध गतिविधि पर फ्लाइंग स्क्वॉड की कड़ी नजर प्रशासन के अनुसार, चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर नजर रखने के लिए प्रत्येक थाना क्षेत्र में फ्लाइंग स्क्वॉड का गठन किया गया है। ये टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि चुनाव को प्रभावित करने वाले प्रयासों पर समय रहते रोक लगाई जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चुनाव अवधि के दौरान यदि कोई व्यक्ति किसी निर्वाचन क्षेत्र में बड़ी मात्रा में नकदी लेकर चलता पाया जाता है, तो उससे धन के स्रोत और उसके उपयोग से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा जाएगा। संतोषजनक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में नकदी को जब्त किया जा सकता है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कारर्वाई की जाएगी।   केवल आम लोगों पर ही नहीं, बल्कि प्रत्याशियों पर भी होगा एक्शन प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कारर्वाई केवल आम लोगों पर ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों, उनके कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों पर भी समान रूप से लागू होगी। किसी भी स्तर पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नकदी के साथ-साथ शराब, उपहार सामग्री या अन्य किसी प्रकार की वस्तुओं का वितरण भी अपराध की श्रेणी में आएगा। आम नागरिकों से अपील करते हुए प्रशासन ने कहा है कि वे अनावश्यक रूप से बड़ी मात्रा में नकदी लेकर यात्रा करने से बचें। यदि किसी कारणवश नकदी ले जाना आवश्यक हो, तो संबंधित दस्तावेज अपने पास अवश्य रखें, ताकि जांच के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। उनमें से पैन कार्ड और उसकी प्रति, व्यापार निबंधन प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), बैंक पासबुक या बैंक स्टेटमेंट, जिसमें नकदी निकासी का विवरण हो, नियमित नकद लेन-देन वाले व्यवसाय के लिए कैश बुक की प्रति, धन के उपयोग से संबंधित प्रमाण, जैसे विवाह निमंत्रण पत्र या अस्पताल में भर्ती से जुड़े दस्तावेज जैसे दस्तावेज रखना जरूरी है।        प्रशासन ने लोगों से यह भी आग्रह किया है कि यदि कहीं मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से नकदी, शराब या अन्य वस्तुओं का वितरण होता दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस, निर्वाचन अधिकारियों या नियंत्रण कक्ष को दें। नागरिकों के सहयोग से ही स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित किया जा सकता है।

बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद चुनावी सियासी जंग शुरू, पार्टियां मैदान में उतरीं

ढाका  बांग्लादेश में 2024 के जन आंदोलन और लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद पहले राष्ट्रीय चुनाव के लिए गुरुवार से प्रचार शुरू हो गया है. बड़े राजनीतिक दलों ने 12 फरवरी को होने वाले चुनाव से पहले ढाका और दूसरे शहरों में रैलियां की हैं. इस चुनाव को बांग्लादेश के इतिहास में बहुत अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह शेख हसीना के हटने के बाद अंतरिम सरकार के तहत हो रहा है और इसमें लोग प्रस्तावित राजनीतिक सुधारों पर भी फैसला करेंगे. नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार ने निष्पक्ष चुनाव कराने का वादा किया है, लेकिन उनकी सरकार ने हसीना की पार्टी अवामी लीग पर बैन लगाया है, जिससे सवाल उठे हैं. अवामी लीग और बीएनपी लंबे समय से देश की राजनीति में अहम भूमिका निभाते रहे हैं. देश में कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता है, लेकिन सरकार का कहना है कि वोटिंग शांतिपूर्ण तरीके से होगी. सैकड़ों प्रदर्शनकारियों और लोगों की मौत के बाद हुए हिंसक कार्रवाई के बीच हसीना के 5 अगस्त 2024 को देश छोड़कर भारत जाने के तीन दिन बाद यूनुस ने पद संभाला था. जमात-ए-इस्लामी ने बनाया गठबंधन अवामी लीग के चुनाव से बाहर होने के बाद जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाला 10 दलों का गठबंधन अपना असर बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. जमात-ए-इस्लामी को धर्मनिरपेक्ष समूहों की आलोचना झेलनी पड़ती है, जो कहते हैं कि उसकी नीतियां बांग्लादेश की धर्मनिरपेक्षता को चुनौती देती हैं. जन आंदोलन के दौरान छात्र नेताओं द्वारा बनाई गई ‘नेशनल सिटिजन पार्टी’ (एनसीपी) भी इस गठबंधन में शामिल है. बीएनपी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान को प्रधानमंत्री पद का बड़ा दावेदार माना जा रहा है. उनकी पार्टी को उनकी मां की राजनीतिक विरासत की वजह से मजबूत समर्थन मिला है. खालिदा जिया का पिछले महीने निधन हो गया था. रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद पिछले महीने ब्रिटेन से बांग्लादेश लौटे हैं. तारिक रहमान करेंगे अभियान की शुरुआत रहमान गुरुवार को सिलहट शहर में एक रैली से अपने चुनाव अभियान की शुरुआत कर रहे हैं और आने वाले दिनों में कई जिलों का दौरा करेंगे. जमात-ए-इस्लामी और एनसीपी भी ढाका में अपने प्रचार की शुरुआत करने वाले हैं. इस चुनाव में एक राष्ट्रीय चार्टर पर जनमत संग्रह भी शामिल है, जिसके समर्थन में अंतरिम सरकार वोटरों से अपील कर रही है. सरकार का कहना है कि यह चार्टर सुधारों पर आधारित नई राजनीतिक दिशा दिखाता है. इस चार्टर पर पिछले साल देश के 52 पंजीकृत दलों में से 25 ने हस्ताक्षर किए थे. अवामी लीग ने इसका विरोध किया था, जबकि कई दलों ने दस्तावेज पर साइन करने से मना कर दिया था. ‘जुलाई राष्ट्रीय चार्टर’ का नाम जुलाई 2024 में शुरू हुए उस जन आंदोलन के नाम पर रखा गया है, जिसने हसीना सरकार के गिरने का रास्ता बनाया. अभी यह चार्टर बाध्यकारी नहीं है, लेकिन समर्थकों का कहना है कि इसे कानूनी रूप से लागू और संविधान का हिस्सा बनाने के लिए जनमत संग्रह जरूरी है. बांग्लादेश में संविधान में बदलाव सिर्फ संसद ही कर सकती है. अंतरिम सरकार का कहना है कि यह चार्टर सत्तावादी शासन से बचने के लिए ज्यादा नियंत्रण और संतुलन लाएगा, जिसमें राष्ट्रपति को ज्यादा अधिकार देकर अब तक ताकतवर रहे प्रधानमंत्री पद का संतुलन किया जाएगा. इसमें सांसदों के कार्यकाल की सीमा तय करने और हितों के टकराव, धनशोधन और भ्रष्टाचार रोकने के उपाय भी शामिल हैं.

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में AAP और कांग्रेस का गठबंधन टूटने के बाद, पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का किया ऐलान

चंडीगढ़. चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर बड़ी खबर है. यहां पर जहां कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी से गठबंधन करते हुए चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. लेकिन अब पार्टी अकेले मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव अकेले लड़ेगी. चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष लक्की ने यह ऐलान किया है. इससे पहले, कांग्रेस ने आप के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था और चुनावी फार्मूला भी शेयर किया था, जिस पर सांसद मनीष तिवारी ने भी सहमति जताई थी. आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी का ना कहीं कोई गठबंधन है, न कोई गठबंधन हो सकता है. कांग्रेस ने बीजेपी के साथ मिलकर इस देश को लूटा है। देश को लूटने वाली इन दोनों पार्टियों के खिलाफ AAP ही आम आदमी के संघर्ष की असली आवाज़ है. उधर, आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ नगर निगम चुनावों के लिए मेयर पद पर योगेश ढींगरा (वार्ड25), सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए  मुन्नवर ख़ान (वार्ड-29) और डिप्टी मेयर पद के लिए जसविंदर कौर  ( वार्ड-1) को प्रत्याशी बनाया और अब ये सभी उम्मीदवार शाम 4 बजे अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल करेंगे. वहीं, कांग्रेस के प्रधान एचएस लकी ने न्यूज़ 18 से कहा कि हमारा आम आदमी पार्टी से कोई गठबंधन नहीं है और  हम तीनों पदों पर अपना उम्मीदवार खड़ा कर रहे हैं. अहम बात है कि तीन दिन पहले पार्टी ने गठबंधन पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था और फार्मूला भी बताया था. इस फार्मुले के तहत मेयर का पद आम आदमी पार्टी को दिया गया था और बाकी दो पदों पर कांग्रेस चुनाव लड़ने जा रही थी. क्या है पूरा समीकरण उधर, आम आदमी पार्टी का एक पार्षद गायब हो गया है. अगर गयाब पार्षद बीजेपी में ज्वाइन करता है तो उनकी जीत पक्की हो सकती है. फिलहाल कोई भी आप काउंसलर या नेता उस गायब पार्षद के बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहा है. निगम में कुल 35 पार्षद हैं और एक वोट सांसद का है. भाजपा के पास 18 वोट हैं, जबकि कांग्रेस के पास 7 और आम आदमी पार्टी के पास 11 पार्षद हैं. बहुमत का आंकड़ा 19 है. अगर कांग्रेस और आप में गठबंधन होता तो मुकाबला 18-18 की बराबरी पर अटक सकता था. लेकिन अब गठबंधन नहीं होगा और भाजपा का पलड़ा अब भारी हो गया है. गौर रहे कि 29 जनवरी को इन तीन पदों पर पार्षद वोट डालेंगे और इस बार गुप्त मतदान नहीं बल्कि हाथ उठाकर वोटिंग होगी.

राज्य निर्वाचन आयोग का नया कदम: महापौर/पार्षद चुनाव में ऑनलाइन व्यय सुनवाई की सुविधा

राज्य निर्वाचन आयोग का नवाचार महापौर/पार्षद का चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों के निर्वाचन व्यय लेखा के संबंध में ऑनलाइन सुनवाई भोपाल राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने महापौर, अध्यक्ष एवं पार्षद का चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों के निर्वाचन व्यय लेखा दाखिल करने के संबंध में वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई का नवाचार किया है। अब संबंधित अभ्यर्थियों को सुनवाई के लिये राज्य निर्वाचन आयोग भोपाल नहीं आना पड़ता। सुनवाई प्रत्येक गुरूवार को होती है। इससे अभ्यर्थियों के समय और धन दोनों की बचत हुई है। पूर्व में ऐसे प्रकरणों की सुनवाई राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्यालय भोपाल में होती थी। अब तक 411 अभ्यार्थियों की हुई सुनवाई राज्य निर्वाचन आयुक्त श्रीवास्तव द्वारा फरवरी 2025 से अब तक व्ही.सी. के माध्यम से 411 अभ्यर्थियों की सुनवाई की जा चुकी है। भोपाल, खण्डवा, छिंदवाड़ा, मन्दसौर, धार, सतना, उमरिया, ग्वालियर, अलीराजपुर, राजगढ, नीमच, शाजापुर, डिण्डौरी, सागर एवं हरदा जिले के अभ्यार्थियों की सुनवाई की जा चुकी हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा 97 अभ्यर्थियो के निर्वाचन व्यय लेखे सुनवाई उपरांत एवं दस्तावेज प्रमाण के आधार पर मान्य किये गये। राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा 226 अभ्यर्थियो को व्ही०सी० के माध्यम से सुनवाई उपरांत निरर्हित किया गया। अधिकतम पांच साल तक के लिये निरर्हित किये जाने का प्रावधान है। अभ्यर्थी नियत तारीख प्रत्येक गुरुवार को सायंकाल 4:30 PM से 6:00PM तक जिला मुख्यालय के एन आई सी रूम से जुड़कर राज्य निर्वाचन आयुक्त की व्ही०सी० में सम्मिलित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं। प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिये आयोग द्वारा जिले के उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।  म.प्र. नगरपालिक निगम एवं मध्यप्रदेश नगर पालिक अधिनियम के तहत निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत किया जाना और लेखा दाखिल करने में असफलता पर निरर्हित घोषित किये जाने के प्रावधान हैं। नैर्सिंगक न्याय के आधार पर लेखा दाखिल करने में असफल अभ्यर्थियों को विलम्ब से लेखा दाखिल करने और विहित रीति में लेखा दाखिल नहीं करने वाले अभ्यर्थियों को पक्ष समर्थन के लिए राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया जाता है।  

पैसा, शॉल और गुलदस्ता के साथ तेजस्वी यादव का जन्मदिन, समर्थक जुटे खुशी मनाने

पटना बिहार में चुनावी हलचल तेज है। इस बीच राज्य के नेता प्रतिपक्ष और महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव अपना जन्मदिन भी मना रहे हैं। तेजस्वी यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए उनके समर्थक पटना पहुंचे थे। यह समर्थक गाजे-बाजे के साथ पटना आए थे। चुनावी रैलियों के लिए पटना से निकलने से पहले उनके समर्थकों ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उनके आवास के बाहर सुबह से ही समर्थकों का जमावड़ा था। बैंड-बाजा और मिठाई लेकर तेजस्वी यादव के समर्थक खड़े नजर आए। जन्मदिन पर तेजस्वी के समर्थकों ने उन्हें शॉल और गुलदस्ता भेंट किया। इसके अलावा एक समर्थक नोट उड़ाते भी नजर आए। तेजस्वी यादव ने समर्थकों का धन्यवाद भी किया। अपने नेता के जन्मदिन के मौके पर समर्थक सड़क पर नाचते और पैसे लुटाते भी नजर आए। कई समर्थकों के हाथ में मिठाइयों की टोकरियां थीं। तेजस्वी यादव के घर के बाहर जश्न का नजारा दिखा। तेजस्वी यादव ने परिवार संग मनाया बर्थडे इससे पहले तेजस्वी यादव ने परिवार वालों के साथ भी जन्मदिन मनाया है। जन्मदिन मनाने की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं। तेजस्वी यादव की बहन मीसा भारती ने अपने फेसबुक पेज पर तेजस्वी के जन्मदिन मनाने की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, ‘जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएँ और आशीर्वाद भाई। तुम हमेशा स्वस्थ, प्रसन्न और सफल रहो। जीवन के हर पड़ाव पर तुम्हारी मेहनत, लगन और सच्चाई तुम्हें नई ऊँचाइयों तक पहुँचाए। ईश्वर तुम्हें वो शक्ति दे कि तुम अपने सपनों को साकार कर सको और हर एक आशावान का गर्व बनो। तुम्हारी मुस्कान यूँ ही बनी रहे और हर आने वाला वर्ष तुम्हारे जीवन में नई रोशनी और उपलब्धियाँ लेकर आए। ’ 36 पॉन्ड का केक कटेगा.. बता दें कि महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव रविवार को 36 वर्ष के हो जाएंगे। राजद ने उनके जन्मदिन को मनाने की पूरी तैयारी की है। पार्टी ने प्रदेश कार्यालय में 36 पॉन्ड का केक काटने का निर्णय लिया है। साथ ही गरीब बच्चों के बीच कॉपी, पेंसिल भी वितरित की जाएगी। वहीं पार्टी नेताओं की ओर से कार्यालय के बाहर एक पोस्टर भी लगाया गया है जिसमें तेजस्वी को बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी उपहार स्वरूप भेंट किया गया है। इस बाबत प्रदेश महासचिव भाई अरुण कुमार और सृजन स्वराज की ओर से लगाए गए पोस्टर में पार्टी के अन्य नेताओं की भी तस्वीर है। चुनाव पर क्या बोले तेजस्वी यादव… नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने रविवार को पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, आज चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है। इस बार माहौल बहुत अच्छा है। बिहार की जनता आशीर्वाद दे रही है और बदलाव के लिए वोट कर रही है। 11 नवंबर को भी करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हो या केंद्र के मंत्री, ये लोग 65% आरक्षण के बारे में कुछ नहीं बोल रहे हैं जो हमारी सरकार ने 17 महीने में बढ़ाया था। प्रधानमंत्री 65 प्रतिशत आरक्षण खाकर बैठ गए हैं। उन्हें बिहार में पढ़ाई, कमाई, सिंचाई की बात करनी चाहिए। बताना चाहिए कि बिहार को क्या दिया गुजरात को क्या दिया। इस पर कोई बात नहीं हो रही है।

BSP सुप्रीमो मायावती आज बिहार दौरे पर, रैली से भरेंगी चुनावी जोश

पटना बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती आज बिहार के कैमूर जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करेंगी। बसपा के एक बयान के अनुसार, रैली दोपहर में भभुआ हवाई पट्टी के पास एक मैदान में आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में आसपास के जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी ने कहा कि बसपा लगभग सभी सीटों पर बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़ रही है। बयान में कहा गया है कि राज्य में पार्टी के अभियान का नेतृत्व बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक और राज्यसभा सांसद रामजी गौतम, राष्ट्रीय समन्वयक अनिल सिंह और राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद कर रहे हैं। 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान बिहार में पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा, जबकि दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। 2025 के बिहार चुनाव (Bihar Election 2025) में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन (Mahagathbandhan) के बीच होगा। एनडीए में भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल यूनाइटेड (JDU), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन में कांग्रेस पार्टी, दीपांकर भट्टाचार्य के नेतृत्व वाली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (सीपीआई-एमएल), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीएम) और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल हैं। इसके अलावा, प्रशांत किशोर की जन सुराज ने भी राज्य की सभी 243 सीटों पर दावा ठोका है।

मौसम ने खींची ब्रेक: प्रियंका गांधी की खगड़िया रैली बारिश के कारण स्थगित

खगड़िया खगड़िया जिले के बेलदौर में शनिवार को होने वाली कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की चुनावी रैली खराब मौसम के कारण रद्द कर दी गई। यह जानकारी पार्टी के एक नेता ने दी। इसकी जानकारी बेलदौर के कांग्रेस प्रत्याशी मिथलेश निषाद ने सोशल मीडिया अकाउंट पर दी। बता दें कि बेलदौर विधानसभा क्षेत्र के गांधी इंटर स्कूल मैदान में यह सभा होनी थी, लेकिन भारी बारिश के कारण उनकी सभा स्थगित कर दी गई।गौरतलब है कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए दो चरण में 06 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान कराया जाना है। 14 नवंबर को मतगणना होगी और चुनाव की प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी हो जायेगी। बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। 2025 के बिहार चुनाव में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और महागठबंधन के बीच होगा। एनडीए में भारतीय जनता पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन में कांग्रेस पार्टी, दीपांकर भट्टाचार्य के नेतृत्व वाली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (सीपीआई-एमएल), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीएम) और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल हैं। इसके अलावा, प्रशांत किशोर की जन सुराज ने राज्य की सभी 243 सीटों पर दावा ठोक दिया है।  

बिहार विधानसभा में चुनावी खर्चे पर पाबंदी, अब नहीं चलेगा कोई अतिरिक्त खर्च

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों के खर्च की सीमा तय कर दी हैं। चुनाव आयोग की तरफ से जारी निर्देश के अनुसार, एक उम्मीदवार अपने चुनाव प्रचार  के लिए 40 लाख रुपये खर्च कर सकता है। सभी प्रत्याशियों को अपने प्रचार के दौरान खर्च की जाने वाली राशि का पूरा लेखा-जोखा भी निर्वाचन आयोग को देना होगा। एक प्रत्याशी के लिए चुनावी खर्चे की अधिकतम सीमा भारत निर्वाचन आयोग  द्वारा 40 लाख रुपये निर्धारित की गई है। बता दें कि प्रत्याशी अपने चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक सभा, रैली, पोस्टर, बैनर, वाहन व्यय, विज्ञापन और प्रचार सामग्री पर खर्च करते है। चुनाव आयोग के सख्त आदेश है कि  यदि किसी उम्मीदवार के खर्च में अनियमितता या गड़बड़ी पाई गई तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने साफ तौर पर कहा है कि हर प्रत्याशी को पर्चा भरने से लेकर परिणाम आने तक के बीच किये गये सभी खर्च का ब्योरा रखना अनिवार्य होगा। बता दें कि निर्वाचन आयोग ने चुनावी खर्च पर नजर रखने के लिए बैठकों, रैलियों व जनसभाओं की वीडियोग्राफी कराई जाने का भी निर्देश दिया है। साथ ही व्यय की जानकारी सुनिश्चित करने के लिए कई टीमों की तैनाती की गई हैं। चुनाव आयोग के इस ठोस कदम से बिहार में चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता को मजबूती मिलेगी।

प्रशांत किशोर की रणनीति पर असर? जन सुराज प्रत्याशी के नामांकन वापसी से बढ़ी मुश्किलें

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की हलचल के बीच सीतामढ़ी सीट  से बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार मोहम्मद ज्याउद्दीन खान  ने नामांकन वापस ले लिया है। यह फैसला जन सुराज के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इस कदम ने जिले की राजनीति में भूचाल ला दिया है। नामांकन वापसी के बाद ज्याउद्दीन ने फेसबुक पर अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज के हितों को देखते हुए और अपने शुभचिंतकों की परेशानियों को समझते हुए, उन्होंने अपनी दूसरी बार कुर्बानी दी है। ज्याउद्दीन के इस फैसले के बाद वहीं राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। अटकलें लगााई जा रही हैं कि पार्टी के भीतर किसी आंतरिक कलह का ही यह नतीजा है या फिर किसी अन्य दल के दबाव में यह फैसला लिया गया है. मोहम्मद ज्याउद्दीन खान को क्षेत्र में एक मजबूत और लोकप्रिय उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा था। उनके मैदान से हटने के बाद पार्टी की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। साथ ही सीतामढ़ी विधानसभा सीट पर मुकाबला अब सीधे NDA और महागठबंधन के बीच सिमट गया है। पहले जहां मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा था, वहीं अब जन सुराज समर्थक वोट दो प्रमुख गठबंधनों में बंटने की संभावना है। इससे किसी एक बड़े गठबंधन को सीधा फायदा मिल सकता है।

चुनावी रणभूमि की पहली लड़ाई: कौन कितनी सीटों पर दावेदार, लालू-नीतीश की ताकत का हाल

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान छह नवंबर को है। पहले चरण में 18 जिले के 121 सीटों पर चुनाव होना है। अब तक 1698 विभिन्न दलों के साथ ही निर्दलीय प्रत्याशियों ने नामांकन किया है। 20 अक्टूबर तक नाम वापसी की अंतिम तिथि है। खास बात यह है कि पहले चरण में राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल यूनाईटेड की सबसे अधिक सीटें दांव पर लगी है। इस बार महागठबंधन की ओर से राजद ने 71, कांग्रेस ने 25, भाकपा माले 13, वीआईपी और सीपीआई छह-छह, सीपीएम और आईआईपी ने दो प्रत्याशी उतारे हैं। वहीं एनडीए से जदयू ने 57 उतारे हैं। भाजपा के 48, लोजपा (राम) के 14 और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोमो से दो प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।   पहले चरण में 36 सीटों पर राजद और जदयू के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। वहीं राजद और भाजपा के बीच 23 सीटों पर आमने सामने हैं। कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों के बीच 23 सीटों पर मुकाबला है। वहीं कांग्रेस और जदयू  12 सीटों पर आमने-सामने हैं। वहीं चिराग और तेजस्वी के बीच 10 सीटों पर मुकाबला होना है। पहले यह संख्या 11 थी। लेकिन, मढ़ौरा से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) सीमा सिंह का नामांकन रद्द होने के कारण यह संख्या अब 10 रह गई। महागठबंधन में पिछले कुछ दिनों से सबसे ज्यादा चर्चा में रहे मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी का मुकाबला पहले चरण की छह में से चार सीटों पर भाजपा और दो सीटों पर जदयू से है। इन दिग्गजों की किस्मत पहले चरण में दांव पर पहले चरण में राजद से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव राघोपुर और छपरा से भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह चुनाव लड़ रहे हैं।  भाजपा से उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा लखीसराय, सम्राट चौधरी तारापुर से, मंत्री मंगल पांडेय सीवान से, जिवेश मिश्रा जाले से, संजय सरावगी दरभंगा सदर से, राजू सिंह राजू कुमार सिंह,  नितिन नवीन बांकीपुर और लोकगायिका मैथिली ठाकुर अलीनगर सीट, पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा से चुनावी मैदान में हैं। वहीं जदयू से मंत्री विजय कुमार चौधरी सरायगंज से, महेश्वर हजारी कल्याणपुर से चुनावी मैदान में हैं।