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PM मोदी से मिले वांग यी, ट्रंप टैरिफ और सीमा विवाद समेत कई मुद्दों पर हुई बातचीत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ भी अहम बैठक की। बता दें कि सीमा वार्ता में वांग और डोभाल दोनों ही अपॉइंटेड स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने और सीमा पर शांति कायम करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इससे पहले सोमवार को वांग यी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी।   वांग यी के साथ बैठक के बाद अजीत डोभाल ने कहा कि पिछले साल अक्तूबर में रूस के कजान में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात काफी सफल रही। इस मुलाकात के बाद दोनों देश एक नया ट्रेंड स्थापित करने में सफल रहे। इस मीटिंग के बाद दोनों देशों के रिश्तों को काफी मजबूती मिली। दोनों देशों के बीच एक नया माहौल बना है।  

गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना एवं 20 नवीन पदों के सृजन का निर्णय

मेक इन इंडिया के तहत भोपाल जिले में EMC 2.0 परियोजना की स्थापना की स्वीकृति निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना एवं 20 नवीन पदों के सृजन का निर्णय मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 अनुमोदित नगरीय निकायों में "गीता भवन" स्थापना योजना स्वीकृत मुरैना जिले में कैलारस कारखाना को MSME विभाग को हस्तांतरित किये जाने का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार की इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स (EMC) 2.0 परियोजना अंतर्गत सामान्य सुविधाओं (CFC) के साथ विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन तथा विनिर्माण (ESDM) क्षेत्र के संवर्धन को बढ़ावा दिये जाने के लिए भोपाल की तहसील बैरसिया के ग्राम बांदीखेड़ी में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना के लिए उपलब्ध 210.21 एकड़ भूमि पर परियोजना लागत 371 करोड़ 95 लाख रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति जारी की गयी है। इसमें से राशि 146 करोड़ 63 लाख रूपये केन्द्रांश एवं 225 करोड़ 32 लाख रूपये राज्यांश होगा। भारत सरकार की प्राथमिकता के अनुसार डिजिटल इंडिया एवं मेक इन इंडिया की अवधारणा को साकार करने में EMC 2.0 इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स (EMCs) योजना की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। EMC 2.0 योजना, सामान्य सुविधा केंद्रों (सीएफसी) की स्थापना में भी सहयोगी होगी। उन्हें ऐसे क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में मौजूदा विनिर्माण इकाइयां स्थित हैं, जिनके अंतर्गत सामान्य तकनीकी बुनियादी ढांचे के उन्नयन और ईएमसी, औद्योगिक क्षेत्रों/पाकों/औद्योगिक गलियारों में इकाइयों के लिए सामान्य सुविधाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। EMC 2.0 परियोजना से इलेक्ट्रॉनिक उद्योग के लिए एक मजबूत बुनियादी ढांचा आधार तैयार होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) क्षेत्र में नए निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। निर्माण इकाइयों में रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। निर्माण इकाईयों द्वारा भुगतान किए जाने के फलस्वरूप करों के रूप में शासकीय राजस्व में वृद्धि होगी। उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में मदद मिलेगी, साथ ही नवाचार को गति और देश के आर्थिक विकास को उत्प्रेरकता प्राप्त होगी। 5 नवीन शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 1570 पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदापुरम, मुरैना, बालाघाट, शहडोल और सागर में नवीन शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय और वैलनेस सेंटर खोलने के लिए 1570 पदों की स्वीकृति दी गई है। इनमें 715 नियमित पद एवं 855 पद आउटसोर्स के माध्यम से भरे जायेंगे। प्रदेश में संभाग स्तर पर एक आयुर्वेदिक मैडिकल कालेज की स्थापना होगी, जिससे आयुर्वेद उपचार एवं वैलनेस इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय आयुष मिशन के फण्ड से नर्मदापुरम, मुरैना, बालाघाट, शहडोल और सागर में नवीन शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय शासकीय पद्धति से खोले जाने हैं। इनमें महाविद्यालय भवन, 100 बैड चिकित्सालय परिसर, 100 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास भवन, आवासीय भवन और फार्मेसी भवनों का निर्माण भारतीय चिकित्सा पद्धति के निर्धारित मापदण्ड अनुसार किया जाएगा। संबंधित जिले में शासकीय भूमि आबंटित की जा चुकी है। राष्ट्रीय मिशन अंतर्गत प्रत्येक आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 70 करोड़ रूपये के मान से 350 करोड़ रूपये का 60:40 के अनुपात में प्रावधान किया गया है। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना एवं 20 नवीन पदों के सृजन का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल के अंतर्गत इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना एवं 20 नवीन पदों के सृजन का निर्णय लिया गया है। विभाग के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न संवर्गों के कुल 20 नवीन पदों का सृजन किया जाएगा। इनमें प्राध्यापक का 1, सहायक प्राध्यापक का 1, सीनियर रेसीडेंट के 2, जूनियर रेसीडेंट के 2, सीनियर नर्सिंग ऑफीसर के 2 और नर्सिंग ऑफीसर के 12 पद शामिल हैं। साथ ही 1 डायटीशियन को आउटसोर्स आधार पर निश्चित वेतनमान पर नियुक्त किया जायेगा। इस निर्णय से राज्य में हार्मोन संबंधी रोगों के निदान एवं उपचार में उच्च गुणवत्ता की विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी तथा सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी। साथ ही चिकित्सा शिक्षा व प्रशिक्षण का विस्तार होगा। इंडोक्राइनोलॉजी के क्षेत्र में शोध और नवाचार को बढ़ावा भी मिलेगा। जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत संचालित महाविद्यालयीन छात्रावासों में 12 माह के लिए शिष्यवृत्ति दिये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत संचालित महाविद्यालयीन छात्रावासों में मैस संचालन के लिये 10 माह के स्थान पर 12 माह के लिए शिष्यवृत्ति दिये जाने का निर्णय लिया गया है। यह शिष्यवृत्ति छात्रावासों में विद्यार्थियों की उपस्थिति के आधार पर दी जायेगी। वर्तमान में छात्र को 1650 रूपये प्रतिमाह और छात्राओं को 1700 रूपये प्रतिमाह शिष्यवृत्ति दी जाती है। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 का अनुमोदन किया गया है। अनुमोदन अनुसार प्रचलित नियम मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 1977 के वर्तमान परिप्रेक्ष्य में परिवर्तन की आवश्यकता के दृष्टिगत नवीन अवकाश नियम मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 तैयार किया गया है। नवीन अवकाश नियम 2025 के नवीन प्रावधानों में महिला शासकीय सेवक सेरोगेट / कमीशनिंग मां को भी प्रसूति अवकाश की पात्रता होगी। अवकाश विभागों के शैक्षणिक संवर्ग को एक वर्ष में 10 दिवस के अर्जित अवकाश की पात्रता होगी। दत्तक संतान ग्रहण करने के लिये शासकीय सेवकों को कुल 15 दिवस के पितृत्व अवकाश की पात्रता होगी। इसके साथ ही संतान पालन अवकाश की पात्रता एकल पुरुष शासकीय सेवक को भी होगी। अर्धवेतन अवकाश को अवकाश खाता में अग्रिम रूप से जमा किया जायेगा। यह अवकाश 01 जनवरी को 10 दिवस एवं 01 जुलाई को पुनः 10 दिवस के मान से अवकाश लेखे में अंकित किया जायेगा। अर्जित अवकाश की एक बार प्राप्त करने की अधिकतम अवधि 120 दिन से बढ़ायी जाकर 180 दिवस की गयी है। दिव्यांग अथवा गंभीर अस्वस्थ शासकीय सेवक के अवकाश आवेदन प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को सुलभ बनाया गया है, अब परिवार के सदस्य भी आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। अवकाश स्वीकृत करने के अधिकारों का प्रत्यायोजन के संबंध में नियमों में भी प्रावधान किये गये है। नियम के प्रकाशन एवं अन्य अनुवर्ती कार्यवाही के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 के प्रभावशील होने से राज्य के कोष पर … Read more

छत्तीसगढ़ कैबिनेट विस्तार: कल हो सकता है तीन मंत्रियों का शपथ ग्रहण

रायपुर  इंतजार की घड़ियां खत्म होने वाली हैं। जल्द ही छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल का विस्तार होने वाला है। संभवत: कल यानी बुधवार को साय कैबिनेट का विस्तार हो सकता है। सीएम विष्णुदेव साय ने इस संबंध में पहले ही संकेत दिये थे। वहीं बीजेपी हाईकमान से भी हरी झंडी मिल चुकी है। ऐसे में प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शपथ ग्रहण समारोह के लिए छत्तीसगढ़ मंडपम में तैयारियां शुरू हो गई हैं। सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा है कि 21 अगस्त से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। तीन नये मंत्री बनाये जा सकते हैं। साय मंत्रिमंडल का विस्तार करीब-करीब तय हो गया है। दुर्ग संभाग से दुर्ग विधायक विधायक गजेंद्र यादव, सरगुजा संभाग से अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल और रायपुर संभाग से आरंग विधायक और सतनामी समाज के गुरु खुशवंत साहेब नए मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। हाल ही में सीएम साय ने मीडिया से चर्चा में कहा था कि इंतजार करिए, जल्द ही विस्तार होगा। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार उनके विदेश दौरे से पहले भी हो भी सकता है। सीएम साय 22 अगस्त से पहले विदेश दौरे पर जा रहे हैं। बता दें कि सीएम साय ने हाल ही में दिल्ली से आने के बाद संकेत दिया था कि इंतजार खत्म होने वाला है।  CM के विदेश दौरे से पहले शपथ ग्रहण की तैयारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 21 अगस्त को जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे पर रवाना होंगे। इससे पहले शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी चल रही है। मंत्रिमंडल विस्तार पर सीएम साय ने कहा था कि इंतजार करते रहिए, हो सकता है। बीजेपी में इस फॉर्मूले की चर्चा बीजेपी संगठन के नेताओं के अनुसार, सामाजिक और भौगोलिक संतुलन को प्राथमिक महत्व दिया जाएगा। माना जा रहा है कि एक मंत्री सामान्य वर्ग से, दूसरा अनुसूचित जनजाति वर्ग से और तीसरा पिछड़ा वर्ग से लिया जा सकता है। इसी के साथ बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग संभाग से एक-एक मंत्री बनाए जाने की बात कही जा रही है। कैबिनेट में तीन नए चेहरे जुड़ेंगे बीजेपी संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, संगठन विस्तार के दौरान तीन नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसमें सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी। अनुमान है कि एक मंत्री सामान्य वर्ग से, दूसरा अनुसूचित जनजाति से और तीसरा पिछड़ा वर्ग से चुना जा सकता है। ये हैं संभावित नाम     दुर्ग संभाग से विधायक गजेंद्र यादव     सरगुजा संभाग से अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल      रायपुर संभाग से आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। बड़ी बात ये है कि ये तीनों विधायक कभी भी मंत्री नहीं रहे हैं। पहली बार मंत्री बन सकते हैं।  फेरबदल हुआ तो ये नाम भी संभावित यदि उपरोक्त नामों में कुछ फेरबदल हुआ तो अमर अग्रवाल बिलासपुर संभाग से, राजेश मूणत रायपुर संभाग से, अजय चंद्राकर रायपुर संभाग से, किरण सिंहदेव बस्तर संभाग से नये मंत्री हो बन सकते हैं। हरियाणा की तर्ज पर हो सकता है साय कैबिनेट का विस्तार हरियाणा की विधानसभा में भी 90 विधायक हैं। हरियाणा में बीजेपी सरकार में मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री हैं। लिहाजा, हरियाणा के फॉर्मूले को छत्तीसगढ़ में भी लागू करते हुए 3 और मंत्री बनाए जा सकते हैं। हालांकि, छत्तीसगढ़ में राज्य बनने के बाद से 13 मंत्री ही बनते आए हैं, जबकि नियम के तहत विधयकों की संख्या के 15 प्रतिशत ही मंत्री बन सकते है। इस नियम के तहत 90 विधायकों में 13।5 मंत्री बन सकते हैं। इसलिए मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री भी हो सकते हैं। इन नामों पर चल रही चर्चा वहीं अगर नामों की बात करें तो दुर्ग विधायक गजेन्द्र यादव, रायपुर आरंग विधायक गुरु खुशवंत, बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल का नाम चर्चा में है. वहीं गोमती साय, पुरंदर मिश्रा के अलावा बस्तर से विक्रम उसेंडी, लता उसेंडी और नीलकंठ टेकाम के नाम भी चर्चा में है. मंथन का दौर चल रहा है. नामों पर एक राय बनाने की कोशिश जारी है. अब देखना होगा सरकार किन पर मुहर लगाती है. पुराने मंत्रियों की कुर्सी सुरक्षित बीजेपी संगठन के अनुसार, नए मंत्रियों की कैबिनेट में एंट्री होगी, लेकिन मौजूदा मंत्रियों के विभाग या पद में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका मतलब है कि वर्तमान टीम से किसी को बाहर नहीं किया जाएगा। हालांकि पिछले कुछ समय से राजनीतिक हलकों में लक्ष्मी राजवाड़े, दयालदास बघेल और टंकराम वर्मा को लेकर अटकलें चल रही थीं, लेकिन अब ऐसे संकेत दिखाई नहीं दे रहे हैं। क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण के आधार पर होगा मंत्रिमंडल का विस्तार साय कैबिनेट में अभी मुख्यमंत्री समेत 11 मंत्री हैं। सबसे ज्यादा सरगुजा संभाग से मंत्री हैं। रायपुर दुर्ग और बस्तर संभाग से मात्र एक-एक मंत्री हैं। इसलिए रायपुर से राजेश मूणत और अजय चंद्राकर का नाम चर्चा में है। वहीं, बस्तर से केदार कश्यप अकेले मंत्री हैं, ऐसे में बस्तर से प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव का नाम भी सामने आ रहा है। बिलासपुर से रमन सरकार में मंत्री रहे अमर अग्रवाल का नाम चर्चा में है। इसके अलावा यादव समाज को प्रतिनिधित्व देने दुर्ग से गजेंद्र यादव, रायपुर से बीजेपी विधायक खूशवंत साहेब के नाम की चर्चा भी तेज है। साय कैबिनेट में मुख्यमंत्री सेत 12 मंत्री थे, लेकिन लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से मुख्यमंत्री साय 10 मंत्रियों के साथ काम कर रहे हैं। साय कैबिनेट के वर्तमान में मंत्री 1 विष्णुदेव साय,  मुख्यमंत्री 2 अरुण साव, उप मुख्यमंत्री 3 विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री 4 ओपी चौधरी, वित्त मंत्री 5 मंत्री केदार कश्यप, वन मंत्री 6 दयाल दास बघेल, खाद्य मंत्री 7 टंकराम वर्मा, खेल मंत्री 8 लखन लाल देवांगन, उद्योग मंत्री 9 श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री  10 रामविचार नेताम, आदिम जाति कल्याण मंत्री 11 लक्ष्मी राजवाड़े, महिला बाल विकास मंत्री संसदीय सचिवों की नियुक्ति पर भी लग सकती है मुहर अगस्त महीने में ही बीजेपी संसदीय सचिव और रिक्त निगम मंडल के अध्यक्षों की भी नियुक्त कर सकती है। इस नियुक्ति में सीनियर और जूनियर का औसत देखने को … Read more

MP कैबिनेट की बड़ी सौगात: भोपाल में 371.95 करोड़ से बनेगा EMCS, गीता भवन-वेलनेस सेंटर को हरी झंडी

भोपाल   मध्य प्रदेश सरकार अब इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में 371.95 करोड़ रुपये की लागत से भोपाल के बैरसिया क्षेत्र स्थित ग्राम बांदीखेड़ी में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMCS 2.0) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह क्लस्टर 210.21 एकड़ भूमि पर स्थापित होगा और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि यह परियोजना भारत सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुरैना शुगर मिल होगी आधुनिक बैठक में अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। भाजपा के संकल्प पत्र के अनुरूप प्रदेश में पांच आयुर्वेदिक महाविद्यालय और वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे। गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना और 20 नवीन पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली। यहां शुगर, थायरॉइड जैसी बीमारियों का बेहतर इलाज हो सकेगा। साथ ही एक डायटीशियन को आउटसोर्स आधार पर नियुक्त करने का भी निर्णय लिया गया। जनजातीय छात्रों को अब 12 माह छात्रवृत्ति आदिवासी छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने वाले जनजातीय बालक-बालिकाओं को अब 12 माह की छात्रवृत्ति मिलेगी, जबकि पहले यह केवल 10 माह तक सीमित थी। सिविल सेवा कर्मचारियों के अवकाश नियमों को भारत सरकार के अनुरूप किया जाएगा। सेरोगेसी से बच्चे होने पर मातृत्व अवकाश देने की पात्रता भी स्वीकृत की गई। प्रत्येक निकाय में बनेंगे गीता भवन समाज में पठन-पाठन और साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने “गीता भवन” योजना को मंजूरी दी है। अगले पांच वर्षों (2025-26 से 2029-30) तक प्रत्येक नगरीय निकाय में गीता भवन स्थापित किए जाएंगे। बैठक में मुरैना की बंद शुगर मिल को आधुनिक मिल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। यदि यह संभव नहीं होता तो वहां MSME उद्योगों की स्थापना की जाएगी। साथ ही मजदूरों को बकाया 54.81 करोड़ रुपये की राशि भी दी जाएगी।  

पूंजीगत व्यय में मध्यप्रदेश देश के प्रथम तीन राज्यों में शामिल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आगामी डेढ़ माह में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूंजीगत व्यय में मध्यप्रदेश देश के प्रथम तीन राज्यों में शामिल वर्ष 2024-25 में प्रदेश ने किया 66 हजार 218 करोड़ रूपए का निर्यात मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार जिलों के विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति पर जिलेवार पुस्तकें प्रकाशित की जाएंगी प्रदेश में मक्का का क्षेत्रफल 5 लाख हेक्टेयर बढ़ा प्रधानमंत्री मोदी को भोपाल मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ और किसान सम्मेलन के लिए किया आमंत्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चालू वित्तीय वर्ष की प्रथम तिमाही में पूंजीगत व्यय में वृद्धि वाले प्रथम तीन राज्यों में मध्यप्रदेश ने अपना स्थान बनाया है। कैग के आंकड़ों के अनुसार देश के 16 राज्यों ने पिछले वर्ष की तुलना में पूंजीगत व्यय में वृद्धि दर्ज की है। गुजरात 65%, उत्तर प्रदेश 42% और मध्यप्रदेश की उपलब्धि 41% है। साल दर साल वृद्धि के साथ मध्यप्रदेश का यह सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की इस उपलब्धि के लिए मंत्रि-परिषद के सभी साथियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नई दिल्ली में भेंट कर उन्हें प्रदेश में जारी विकास कार्यों से अवगत कराया तथा उन्हें आगामी दिनों में भोपाल मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ और विशाल किसान सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री मोदी के दोनों कार्यक्रमों में शामिल होने की संभावना है। फार्मास्युटिकल, इंजीनियरिंग गुड्स और सोया उत्पादों के निर्यात बढ़ने से हुई 6% की वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश ने निर्यात में अपनी रैंकिंग में सुधार करते हुए अब तक का सबसे अधिक 66 हजार 218 करोड़ रुपए का निर्यात किया है। निर्यात में 6% की बढ़ोतरी हुई है, जो फार्मास्युटिकल, इंजीनियरिंग गुड्स और सोया उत्पादों में निर्यात बढ़ने के फलस्वरुप हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर निर्यात में मध्य प्रदेश की रैंकिंग 15 से 11 हो गई है। विकसित भारत रोजगार योजना से प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसमें निजी क्षेत्र में नौकरी पाने वाले युवाओं को 15 हजार रूपए सरकार की ओर से दिए जाएंगे। देश में 3 करोड़ 50 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस योजना से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर्ष का विषय है कि इस दीपावली पर देश को बड़ा तोहफा मिलने वाला है। नई जनरेशन के लिए जीएसटी रिफॉर्म लागू किए जाएंगे। इससे दैनिक उपयोग की चीजें सस्ती होंगी और टैक्स में भी कमी आएगी। स्वतंत्रता दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रमों में हुए नवाचार को मंत्रि-परिषद ने सराहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम पर किए गए नवाचार के संबंध में मंत्री साथियों से फीडबैक प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सभी जिलों में एलईडी के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया। साथ ही सभी जिलों में जिला स्तरीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में संबंधित जिले में विगत डेढ-पौने दो वर्षों में किए गए विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं की प्रगति से जिले वालों को अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी जिलों की विकास गतिविधियों और योजनाओं की प्रगति पर सभी जिलों में पुस्तकें प्रकाशित की जाएं और उनका विधिवत उत्सव आयोजन कर विमोचन किया जाए। आगामी डेढ़ माह में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यूरिया का कुल भंडारण 15.60 लाख मेट्रिक टन है, जिसमें से 13.92 लाख मेट्रिक टन किसानों को वितरित किया गया है और 1.68 लाख मेट्रिक टन यूरिया शेष है। प्रदेश में मक्का का क्षेत्रफल लगभग 5 लाख हेक्टेयर बढ़ जाने के कारण यूरिया की मांग बढ़ी है। आगामी डेढ़ माह में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना है। अलग-अलग थीम पर निकली श्रीमहाकाल की सवारियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष भगवान महाकाल की सवारियों में नवाचार करते हुए प्रत्येक सवारी एक अलग थीम पर निकाली गई। पहली सवारी जहां वैदिक उद्घोष के साथ निकली वहीं बाद की सवारियां लोक, संस्कृति, पर्यटन आदि पर केन्द्रित रही। सवारियों में प्रदेश के जनजातीय अंचलों के कलाकारों ने पूरे उत्साह से भाग लिया। राजसी सवारी के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिसमें सम्पूर्ण नगर से जनभागीदारी के माध्यम से पुष्प एकत्रित किए गए। स्वदेशी को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान वैश्विक संदर्भ में देश को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिये प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ता हम सबके लिये प्रेरणा स्त्रोत है। प्रदेश के रायसेन जिले के उमरिया गांव में गत दिनों बीईएमएल आधुनिक रेल कोच कारखाने का शिलान्यास प्रदेश के लिये एक बड़ी सौगात है और स्वदेशी अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी तरह धार जिले में पीएम मित्रा पार्क से मध्यप्रदेश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को ‘फार्म-टू-फॉरेन’ की नई दिशा मिलेगी।  

साय मंत्रिपरिषद का बड़ा फैसला: सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग खोलने को मिलेगा रियायती भूखंड

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि, सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि के भूखंड को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है। चना खरीदी का निर्णय भी कैबिनेट ने लिया है। पढ़िए फैसलों को डिटेल- 1. मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा पॉकेट क्षेत्र में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत हर माह वितरित किए जाने वाले 2 किलो चना की आवश्यक मात्रा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से खरीदी जाएगी। यह खरीदी वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 0.25 प्रतिशत या इससे कम ट्रांजैक्शन/सर्विस चार्ज पर की जाएगी। इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने कहा है कि जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक जिन हितग्राहियों ने चना नहीं लिया है, उन्हें पात्रतानुसार यह चना दिसंबर 2025 तक वितरित कर दिया जाए। 2. मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी (IT/IITS) उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि के भूखंड को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य आईटी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। रियायती दर पर भूमि उपलब्ध होने से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इस पहल से नवा रायपुर में न सिर्फ तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहां की बसाहट और शहरीकरण की प्रक्रिया को भी बल मिलेगा। आईटी कंपनियों की स्थापना से क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी, जिससे स्थानीय निवासियों को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा पॉकेट क्षेत्र में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत हर माह वितरित किए जाने वाले 2 किलो चना की आवश्यक मात्रा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से खरीदी जाएगी। यह खरीदी वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 0.25 प्रतिशत या इससे कम ट्रांजैक्शन/सर्विस चार्ज पर की जाएगी। इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने कहा है कि जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक जिन हितग्राहियों ने चना नहीं लिया है, उन्हें पात्रतानुसार यह चना दिसंबर 2025 तक वितरित कर दिया जाए। मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी (IT/IITS) उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि के भूखंड को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य आईटी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। रियायती दर पर भूमि उपलब्ध होने से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इस पहल से नवा रायपुर में न सिर्फ तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहां की बसाहट और शहरीकरण की प्रक्रिया को भी बल मिलेगा। आईटी कंपनियों की स्थापना से क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी, जिससे स्थानीय निवासियों को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।  

विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का जमीनी स्तर पर किया जाए अध्ययन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

म.प्र. जन अभियान परिषद् शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों को अधिक समाज अनुकूल बनाने में सहयोग करे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का जमीनी स्तर पर किया जाए अध्ययन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन अभियान परिषद् से जुड़ी संस्थाएं नशामुक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव CM की अध्यक्षता में हुई परिषद् के शासी निकाय की बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जन अभियान परिषद् से जुड़ी संस्थाएं नशामुक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ग्राम और वार्ड स्तर तक गतिविधियां संचालित करें और प्रभावित व्यक्तियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। जन अभियान परिषद् राज्य शासन द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावशीलता का भी जमीनी स्तर पर अध्ययन कर फीडबैक और सुझाव दे, इससे योजनाओं को अधिक समाज अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी। परिषद् से जुड़ी संस्थाओं का कार्य थर्ड पार्टी आंकलन के समान हो। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने ये निर्देश मंत्रालय में मध्‍यप्रदेश जन अभियान परिषद् के शासी निकाय की 15वीं वार्षिक सामान्‍य बैठक में दिए। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का माध्यम बनेगा 'माटी गणेश-सिद्ध गणेश' अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वदेशी को प्रोत्साहित करने के लिए लघु, कुटीर उद्योग तथा स्व-सहायता समूहों से मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। जनअभियान परिषद् से जुड़ी संस्थाएं इस दिशा में सहभागिता को प्रोत्साहित करने हुए गतिविधियां संचालित करें। बैठक में सर्पदंश से सुरक्षा और सर्परक्षा के लिए थाना स्तर पर संचालित की जाने वाली जागरूकता, प्रशिक्षण और अध्ययन गतिविधियों की जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि परिषद्, स्वैच्छिकता और स्वावलंबन के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के लिए पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तित्व विकास, नागरिक एवं सामाजिक अनुशासन पर केन्द्रित गतिविधियां, सीएम सोशल इंटर्नशिप, युवा जन अभियान और पंख गतिविधियां संचालित करने जा रही है। "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान के अंतर्गत परिषद् के प्रशिक्षित नैटवर्क द्वारा गांव और वार्डों की महिलाओं को मिट्टी से भगवान गणेश की प्रतिमा बनाने के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 'माटी गणेश-सिद्ध गणेश' घर-घर विराजित और विसर्जित होंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुकता बढ़ेगी। बैठक में जन अभियान परिषद् के उपाध्‍यक्ष मोहन नागर, परिषद् की शासी निकाय के सदस्‍य एवं अपर मुख्‍य सचिव नीरज मण्‍डलोई, अपर मुख्‍य सचिव संजय शुक्‍ला तथा परिषद् के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ उपस्थित थे।  

नीतीश कैबिनेट ने दी 900 करोड़ की दो सड़क परियोजना को मंजूरी, इन क्षेत्रों का होगा विकास

राजगीर के खेल और पर्यटन को बूस्‍टर डोज, 900 करोड़ के दो प्रोजेक्‍ट पास  4-लेन की दो नई सड़कों के लिए नीतीश कैबिनेट ने किया 900 करोड़ पास!   राजगीर क्रिकेट स्टेडियम तक 4 लेन की सीधी सड़क, सरकार ने दी 364 करोड़ की मंजूरी नीतीश कैबिनेट ने दी 900 करोड़ की दो सड़क परियोजना को मंजूरी, इन क्षेत्रों का होगा विकास पटना बिहार सरकार का पूरा फोकस राज्य में सड़क और यातायात को बेहतर बनाने का है। जगह- जगह पुल और हाईवे बनाए जा रहे हैं। ताकि सड़कों पर बिहार के आर्थिक विकास का पहिया तेज रफ्तार से दौड़ सके। इस कड़ी में पथ निर्माण विभाग के दो बड़े प्रोजेक्‍ट को  मंजूरी दे दी गई है। मंगलवार को नीतीश कैबिनेट की बैठक में सालेपुर-नरसंडा-तेलमर-करौटा 4-लेन सड़क और राजगीर खेल परिसर से NH-120 तक 4-लेन की सड़क को मंजूरी मिल गई है। इन योजनाओं पर करीब 900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। सालेपुर-नरसंडा-तेलमर-करौटा 4-लेन सड़क राज्‍य सरकार की ओर से सालेपुर-नरसंडा से तेलमर-करौटा जाने वाली 4-लेन की इस सड़क लंबाई 19.43 किलोमीटर होगी। जिस पर कुल 539.19 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस बीस किलोमीटर की चार लेन वाली सड़क पर 2 फ्लाईओवर, 2 बड़े पुल, 13 छोटे पुल, 19 आरसीसी बॉक्स कल्वर्ट और 34 पाइप कल्वर्ट बनाए जाएंगे। जिसका आम लोगों को बहुत फायदा मिलने वाला है। इस रूट से गुजरने वालों को न तो जाम का समाना करना होगा और न ही अवागमन में दिक्‍कत होगी। लोग फर्राटा भरते हुए 20 किलोमीटर की यह दूरी तय कर पाएंगे। NH-120 से सीधे कने‍क्‍ट होगा राजगीर खेल परिसर वहीं, दूसरी परियोजना राजगीर खेल परिसर से NH-120 तक की चार लेन सड़क बनाने की है। इस चार लेन वाली सड़क की कुल लंबाई 7.40 किलोमीटर होगी। जिसकी लागत 363.99 करोड़ रुपये होगी। चार लेन का यह मार्ग राजगीर खेल परिसर से होते हुए कुबरी, जैतीपुर, फतेहपुर और इंडो हुके होटल से NH-120 विरायतन तक जाएगा। इस कनेटिंग रोड़ पर रेल ओवर ब्रिज भी तैयार किया जाएगा। इस परियोजना का सीधा फायदा राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम आने-जाने में खिलाड़ियों और दर्शकों को होगा। साथ ही आस-पास के गांवों का विकास भी तेज होगा। लोगों को होगा सीधा फायदा बताते चलें कि बिहार सरकार और मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के फोकस में अब खेल भी शामिल हो गया है। ऐसे में इन दोनों परियोजनाओं की वजह से जहां स्थानीय लोगों और यात्रियों को फायदा होगा वहीं, राजगीर में होने वाले इंटरनेशनल क्रिकेट को ध्‍यान में भी रखा गया है। 7 किलोमीटर की इस 4 लेन की सड़क सीधे NH 120 से सीधे राजगीर खेल परिसर के क्रिकेट ग्राउंड तक जाती है। इस सड़क के पूरा होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि खेलों को भी बूस्टर डोज मिलेगा।

साइबर सुरक्षा की एडवांस टेक्नोलॉजी के आदान प्रदान से ही साइबर अपराध पर लगायी जा सकती है लगाम

विश्व में हो रहे डिजिटल खतरे को कम कर सकता है साइबर सुरक्षा और डिजिटल ऑडिट  साइबर सुरक्षा की एडवांस टेक्नोलॉजी के आदान प्रदान से ही साइबर अपराध पर लगायी जा सकती है लगाम  सेमिनार में सीएम योगी द्वारा प्रदेश में साइबर सुरक्षा को लेकर किये जा रहे प्रयासों की सराहना हुई  योगी सरकार द्वारा साइबर अपराधों के खिलाफ अपनाया गया कड़ा रुख, साइबर अपराध में आई कमी लखनऊ  साइबर सुरक्षा और डिजिटल ऑडिट का महत्व दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है क्योंकि पूरे विश्व में डिजिटल खतरे का लगातार सामना कर रहा है। ऐसे में हमे साइबर सुरक्षा की एडवांस टेक्नोलॉजी को अपनाना होगा। इसके लिए विश्व के विभिन्न देशों से टेक्नोलॉजी का आदान-प्रदान बहुत महत्व रखता है। यह मंथन यूपीएसआईएफएस द्वारा आयोजित डिजिटल ऑडिट, साइबर इंश्योरेंस, सुरक्षा और कानूनी पहलुओं पर हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश में साइबर सुरक्षा को लेकर किये जा रहे विभिन्न पहलुओं को सराहा गया।  साइबर सुरक्षा, डिजिटल ऑडिट और साइबर इंश्योरेंस के क्षेत्र में मजबूत कैरियर की संभावनाएं यूपीएसआईएफएस के अपर निदेशक राजीव मल्होत्रा ने बताया कि योगी सरकार द्वारा साइबर अपराधों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया है। उन्होंने डेटा सुरक्षा के लिए भारत के डीपीडीपी अधिनियम और जीडीपीआर जैसी नीतियों की जानकारी दी। साथ ही टीमवर्क और निरंतर शिक्षा के महत्व पर बल दिया। सेमिनार में साइबर सुरक्षा के लिए लगातार शिक्षा, व्यावहारिक अनुभव और नैतिक स्पष्टता को एक साथ जोड़ने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा, डिजिटल ऑडिट और साइबर इंश्योरेंस के क्षेत्र में एक मजबूत और टिकाऊ कैरियर की संभावना है, बशर्ते सही कौशल, कानूनी जानकारी और व्यावहारिक अनुभव को प्राथमिकता दी जाए। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इन प्रयासों को और भी सशक्त बनाया गया है, जो भारतीय डिजिटल सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में कानूनी, नैतिक और तकनीकी ढांचे को समझना जरूरी सेमिनार में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ यूएसए के पवन शर्मा ने कहा कि डिजिटल ऑडिट किसी संगठन के जोखिम को समझने के लिए एक नींव का काम करता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल ऑडिट के बारे में व्यावहारिक ज्ञान और उसे लागू करने की क्षमता आज के समय में साइबर सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। साइबर इंश्योरेंस के लिए ऑडिट रिपोर्ट की सही व्याख्या करना और उसे सही तरीके से लागू करना बेहद जरूरी हो गया है। सिस्को के प्रतिनिधि ने यह बताया कि अब पारंपरिक वार्षिक ऑडिट की बजाय संगठन लगातार, जोखिम-आधारित मूल्यांकन कर रहे हैं, जो वास्तविक समय के मापदंडों और अनुपालन ढांचे से जुड़े होते हैं। इसके साथ ही ऑटोमेशन और साइबर जोखिम मॉडलिंग जैसे कौशल अब करियर की तरक्की के लिए महत्वपूर्ण हो गए हैं। जेड-स्केलर के प्रतिनिधि ने कंपनियों में आंतरिक अपस्किलिंग के महत्व को बताया और साइबर सुरक्षा में अपनी विशेषज्ञता को प्रमाणित करने के लिए महत्वपूर्ण प्रमाणपत्र जैसे कि CompTIA Security+ और CISSP की सिफारिश की। इन प्रमाणपत्रों को प्राप्त करने से युवाओं को अपने करियर में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर मिलता है। यूपीएसआईएफएस के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. मनीष कुमार राय ने बताया कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में कानूनी, नैतिक और तकनीकी ढांचे को समझना आवश्यक है। उन्होंने रैंसमवेयर जैसे महत्वपूर्ण उदाहरणों के माध्यम से बताया कि लगातार मूल्यांकन से ही सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने ने अंतरराष्ट्रीय साइबर खतरों के मद्देनज़र वैश्विक दृष्टिकोण की अहमियत को उजागर किया।      

मेधावी छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, शोध और नेतृत्व में उत्कृष्टता प्राप्त करने का अवसर देना योजना का उद्देश्यः मुख्यमंत्री

युवाओं को ग्लोबल लीडरशिप रोल के लिए तैयार करने का माध्यम बनेगी चिवनिंग-यूपी छात्रवृत्ति योजना: सीएम योगी  मेधावी छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, शोध और नेतृत्व में उत्कृष्टता प्राप्त करने का अवसर देना योजना का उद्देश्यः मुख्यमंत्री   योगी सरकार ने दिया वैश्विक शिक्षा का अवसर, अब यूपी के छात्र पढ़ेंगे यूके में अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर “चिवनिंग-यूपी छात्रवृत्ति योजना”की हुई शुरुआत मुख्यमंत्री की उपस्थिति में प्रदेश सरकार और एफसीडीओ-यूके के बीच ऐतिहासिक एमओयू  हर साल पांच मेधावी छात्रों को मिलेगी यूनाइटेड किंगडम में मास्टर डिग्री की स्कॉलरशिप 2025-26 से तीन वर्षों तक संचालित होगी योजना, 2028-29 से किया जाएगा नवीनीकृत  प्रति छात्र आएगा ₹45 से ₹48 लाख का खर्च, प्रदेश सरकार ₹23 लाख रुपए तक करेगी वहन लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में उनके सरकारी आवास पर मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार और द फॉरेन कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (एफसीडीओ) यूके के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ। इसके तहत “चिवनिंग-भारत रत्न श्री अटल बिहारी बाजपेयी उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना” शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत हर साल प्रदेश के पांच प्रतिभाशाली छात्रों को यूनाइटेड किंगडम के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में मास्टर डिग्री के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी सरकार प्रतिभाशाली छात्रों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाने के लिए कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छात्रवृत्ति योजना प्रदेश की शिक्षा प्रणाली को नई दिशा देने और युवाओं को “ग्लोबल लीडरशिप रोल” के लिए तैयार करने का सशक्त माध्यम बनेगी। छात्रों को मिलेगा वैश्विक एक्सपोजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, शोध और नेतृत्व में उत्कृष्टता प्राप्त करने का अवसर देना है। यह योजना शैक्षणिक सत्र 2025-26 से तीन वर्षों तक (2025-26, 2026-27 और 2027-28) संचालित होगी। इसके बाद 2028-29 से योजना को नवीनीकृत किया जाएगा। भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी जी की प्रेरणा से प्रारंभ की गई यह योजना प्रदेश के युवाओं को वैश्विक शिक्षा और नेतृत्व में नई ऊंचाइयां हासिल करने का अवसर देगी। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर उत्तर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाएं। पूरी पढ़ाई और खर्च का प्रावधान इस छात्रवृत्ति में पूर्ण शिक्षण शुल्क, परीक्षा व शोध शुल्क, रहने-खाने का भत्ता तथा यूके तक आने-जाने का हवाई किराया शामिल रहेगा। प्रति छात्र लगभग £38,048 से £42,076 (लगभग ₹45 से ₹48 लाख) का खर्च आएगा। इसमें से उत्तर प्रदेश सरकार लगभग £19,800 (₹23 लाख) वहन करेगी, शेष राशि का वहन एफसीडीओ यूके करेगा। ब्रिटिश हाई कमिश्नर ने भी पहल को सराहा ब्रिटिश हाई कमिश्नर टू इंडिया, लिंडी कैमरन ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष हुए एमओयू पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि लखनऊ आकर इस समझौते पर हस्ताक्षर करना बेहद खुशी की बात है। इस नई चिवनिंग स्कॉलरशिप के तहत अगले तीन वर्षों तक हर साल पांच छात्रों को यूके में पूर्ण छात्रवृत्ति पर पढ़ाई का अवसर मिलेगा। यह यूनाइटेड किंगडम और भारत के बीच बढ़ते रिश्तों का प्रतीक है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी जी की यूके विजिट के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा ट्रेड एग्रीमेंट और विजन 35 साइन किया गया है, जिससे शिक्षा के साथ-साथ व्यापार के शानदार अवसर भी खुलेंगे। इस साझेदारी से भारत और विशेषकर उत्तर प्रदेश के छात्रों को वैश्विक मंच पर बड़ा फायदा होगा।