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इंदौर में पेड़ गिरने से कार में फंसी बुजुर्ग की मौत, डेढ़ घंटे बाद निकाला गया शव

 इंदौर  मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सोमवार शाम को भारी बारिश के बीच एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। सेंट्रल जेल के समीप मुख्य सड़क से गुजर रहे वाहनों पर अचानक एक विशाल पेड़ आ गिरा। इस दर्दनाक दुर्घटना में कार सवार नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी की बुजुर्ग मां की जान चली गई, जबकि परिवार के दो अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराकर लौट रहा था परिवार, डेढ़ घंटे तक कार में दबे रहे लोग प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक बुजुर्ग महिला की पहचान 75 वर्षीया राधा देवी सिंघी के रूप में हुई है, जो हाल ही में मोतियाबिंद का इलाज कराकर लौट रही थीं। हादसे में उनकी भतीजी वैशाली जायसवाल (55) और पोते/भतीजे प्रखर सिंघी (25) घायल हो गए हैं। दोनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए पास के निजी गोकुलदास अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  

बच्चों के जीवन को सही दिशा देने वाली समझ देना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को लिखी पाती शिक्षक वह दीप हैं, जो ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते हैं- सीएम योगी बच्चों के जीवन को सही दिशा देने वाली समझ देना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य- मुख्यमंत्री तकनीक तेजी से जीवन बदल रही, डिजिटल साक्षरता के साथ एआई साक्षरता भी समय की आवश्यकता- योगी ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों पर विशेष जोर प्रदेश के विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली- मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस और आगामी अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम पाती लिखी है। इसमें मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर उन्हें राष्ट्र निर्माण की नींव रखने वाले 81 गुरुजनों को सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। शिक्षक वह दीप हैं, जो ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसी ज्ञान के विस्तार और प्रत्येक व्यक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाएगा। शिक्षा का उद्देश्य संस्कार और जीवन मूल्यों से जोड़ना भी मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के विद्यालय जाने का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना सीखना नहीं है, बल्कि उन्हें ज्ञान, संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन को सही दिशा देने वाली समझ प्रदान करना है। प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरुकुल समग्र शिक्षा के केंद्र रहे हैं, जहां ज्ञान के साथ जीवन मूल्यों और दायित्वबोध की शिक्षा दी जाती थी। यही भाव आज की शिक्षा व्यवस्था का भी आधार होना चाहिए। ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह जीवन को सरल बनाने के साथ समाज के लिए भी उपयोगी साबित हो। तकनीक के दौर में डिजिटल और एआई साक्षरता जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तकनीक तेजी से हमारे जीवन को बदल रही है। ऐसे में डिजिटल साक्षरता के साथ एआई साक्षरता भी समय की आवश्यकता है। एआई, डीप-टेक और उभरती प्रौद्योगिकी शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार के नए अवसर खोल रहे हैं। हमारी सरकार परंपरागत ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल से जोड़ रही है। लखनऊ में एआई सिटी और कानपुर में ड्रोन एवं यूएवी तकनीक का विकसित होता पारिस्थितिकी तंत्र उत्तर प्रदेश के तकनीकी भविष्य की नई संभावनाओं का आधार बन रहा है। शिक्षा की गुणवत्ता और कौशल विकास पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यालयी सुविधाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया है। इन प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश के विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है और अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। शिक्षा की यात्रा में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरी यात्रा में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे विद्यार्थियों में संस्कार, जिज्ञासा, अनुशासन, आत्मविश्वास और दायित्वबोध जगाते हैं तथा हमारी गौरवशाली ज्ञान-परंपरा को आधुनिक ज्ञान और नवाचार से जोड़ते हैं।  साक्षरता के संकल्प में समाज की भागीदारी जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि साक्षरता का संकल्प समाज के सहयोग के बिना पूरा नहीं हो सकता। अगर आपके आसपास कोई व्यक्ति अक्षर ज्ञान से वंचित है, तो उसे साक्षर बनाना हम सभी का कर्तव्य है। किसी को पढ़ना-लिखना सिखाने का छोटा-सा प्रयास उसके जीवन में ज्ञान, आत्मविश्वास और अवसरों के नए द्वार खोल सकता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर संकल्प लें कि हर बच्चा विद्यालय पहुंचे, हर विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाए, हर युवा कौशल और नवाचार से जुड़े तथा हर नागरिक साक्षर होने के साथ डिजिटल ज्ञान और एआई के प्रति जागरूक बने।

भारत का दिल है मध्यप्रदेश, हम निवेशकों के दिल में जगह बनाने आए हैं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दुबई से हमारे सहज और स्वाभाविक संबंध हैं। हम दुबई के भरोसेमंद साथी हैं और संभावनाओं और अवसरों की सौगात लेकर दुबई के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अतुल्य भारत का दिल है और हम दुबई के सभी निवेशकों के दिल में जगह बनाने आए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियां बेहद पारदर्शी और निवेशक अनुकूल हैं। हमारी नीति, नीयत, नेतृत्व और पूरी सरकार निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि निवेशक बिना किसी संकोच के मध्यप्रदेश में निवेश करें। हमारी सरकार आपको कभी भी निराश नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रवास के दूसरे दिन दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर में हो रही एआईएम कांग्रेस-2026 के दौरान विशेष रूप से आयोजित 'इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन : मध्यप्रदेश' सत्र को संबोधित कर रहे थे। सत्र में यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी, यूएई में भारत के उच्चायुक्त डॉ. दीपक मित्तल सहित बड़ी संख्या में देश-विदेश के उद्योगपति, इन्वेस्टर्स और इंडस्ट्री पार्टनर उपस्थित थे। सत्र के दौरान मध्यप्रदेश में हो रही औद्योगिक प्रगति, यहां की खूबियों, निवेश अवसरों और अनंत संभावनाओं पर केंद्रित एक ऑडियो-वीडियो फिल्म (एवी) का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई वैश्विक निवेश और नवाचार का केंद्र है। मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि आज वैश्विक साझेदारी, रणनीतिक और आर्थिक सहयोग, मजबूत और समृद्ध भविष्य का साझा रोडमैप एआईएम कांग्रेस के इस बड़े प्लेटफॉर्म पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश-विदेश के सभी निवेशकों को दीर्घकालिक और विश्वस्तरीय साझेदारी के लिए नये अवसर उपलब्ध करा रहा है। भारत के सभी राज्यों में विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बीच मध्यप्रदेश उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जो अपनी पारदर्शी नीतियों और आकर्षक योजनाओं के आधार पर औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। दुनिया में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए गंतव्यों की तलाश चल रही है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश निवेशकों और उद्योग समूहों को सभी सुगम अवसर उपलब्ध करा रहा है। नीति, नीयत और निवेश में मध्यप्रदेश ने निवेशकों का दिल जीता है। मध्यप्रदेश, देश का वह प्रदेश है, जिसने निवेशकों को आगे बढ़ने के लिए अवसर वर्तमान के सभी सेक्टर्स में अवसर उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रचुर प्राकृतिक और कुशल मानव संसाधन हैं। मध्यप्रदेश ने अपनी उद्योग अनुकूल नीतियों, तेजी से विकसित हो रही औद्योगिक अधोसंरचनाओं और दिनों-दिन बढ़ती अर्थव्यवस्था से देश में अपना एक अलग ही स्थान बनाया है। मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी अन्य राज्यों से बेहतर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है, जिसकी कनेक्टिविटी देश के सभी राज्यों से बेहतर है। मध्यप्रदेश 24 घंटे माल परिवहन की सुविधा प्रदान करता है। एक्सपोर्ट और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए राज्य सदैव अनुकूल है। देश में प्रमुख औद्योगिक केंद्र और बाजार तक पहुंच है, दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक कॉरिडोर, रेल नेटवर्क, आधुनिक लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर आदि सुविधाओं के कारण मध्यप्रदेश का विशेष स्थान बना है। कृषि, उद्योग, सेवाएं, नई औद्योगिक आधारित अर्थव्यवस्थाओं का केंद्र है। मध्यप्रदेश भारत के अग्रणी कृषि उत्पादक राज्यों में शामिल है। जहां की उत्पादकता, अनुकूलता, फूड प्रोसेसिंग के आधार पर हमें वैश्विक खाद्य श्रृंखला का हिस्सा बनने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर सबसे तेजी से उभरता क्षेत्र है। इस सेक्टर में मध्यप्रदेश अब केवल प्रोडक्शन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कपड़ा उद्योग हमारी समृद्ध औद्योगिक विरासत और आधुनिक औद्योगिक क्षमता का अनूठा संगम बन गया है। चंदेरी, महेश्वरी आदि वस्त्रों के लेकर आधुनिक वस्त्र निर्माण के लिए मध्यप्रदेश में बेहतर अवसर हैं। ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फॉर्मास्यूटिकल और एडवांस मैन्यूफैक्चरिंग हमारे राज्य को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीथमपुर, मंडीदीप जैसे औद्योगिक केंद्र राष्ट्रीय कंपनियों के पसंदीदा केंद्र बने हुए हैं। पारम्परिक उद्योगों सहित आज मध्यप्रदेश की नई पीढ़ी को भी आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए आगे बढ़कर भविष्य के व्यापार-व्यवसाय करने के लिए तैयार हैं। दूरसंचार निर्माण, डिजिटल मैन्यूफैक्चरिंग, ऑप्टिकल फाइबर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के हिसाब से हम मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं। हम जानते है कि निवेश सिर्फ संसाधन और अवसरों को देखने से ही नहीं आता, इसके लिए भरोसे की भी जरूरत होती है। मध्यप्रदेश निवेशकों का वो भरोसेमंद साथी है, जहां नीतियां सरल और पारदर्शी हैं, पर्याप्त संसाधन हैं और आपके उद्योगों-कारखानों के लिए आधुनिक संरचनाएं भी उपलब्ध हैं। हमारी सरकार निवेशकों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल्स, फॉर्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, रिन्युएबल एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और व्यापार की अपार संभावनाओं वाला राज्य है। राज्य को सभी क्षेत्रों में आगे लाकर यहां निवेश बढ़ाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत भविष्य की संभावनाओं वाला देश बन रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी के कालखंड में भारत सबसे समृद्ध अर्थव्यवस्था वाला देश बना है, दुबई और अन्य सभी खाड़ी देशों से हमारे अच्छे संबंध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संवाद सत्र के आयोजन के लिए यूएई ऑफिशियल्स के प्रयासों की सराहना की। म.प्र. में भरपूर है प्राकृतिक संसाधन और स्किल्ड मैन पॉवर : डॉ. थानी यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी ने कहा कि जुलाई 2025 में यूएई और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार और व्यवसाय में सहयोग बढ़ाने पर अहम चर्चा हुई थी। भारत अर्थव्यवस्था की दृष्टि से हमारा एक पुराना और महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है। पिछले साल भारत और यूएई का द्विपक्षीय तेल व्यापार 100 बिलियन डॉलर रहा। दोनों देश मिलकर द्विपक्षीय व्यापार को आगे बढ़ा रहे हैं। इसके साथ निवेश और नागरिकों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ बना रहे हैं। मुझे विश्वास है कि मध्यप्रदेश हमारी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है, जहां प्राकृतिक संसाधनों और स्क्ल्डि मैन पॉवर की कोई कमी नहीं है। यूएई मध्यप्रदेश की क्षमताओं को रेखांकित करता है। पिछले दौरे पर यूएई ने सेंट्रल … Read more

जलवायु परिवर्तन से निपटने में MP की बड़ी पहल! पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बनाए नए आयाम

मध्यप्रदेश में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहल हुई है : राज्यमंत्री अहिरवार अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस पर मध्यप्रदेश में गैर CO2 उत्सर्जन में कमी के मार्ग:एक बहु क्षेत्रीय आंकलन रिपोर्ट का किया विमोचन भोपाल  मध्यप्रदेश में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में कई उल्लेखनीय पहल की है। इंदौर में स्वच्छता, सतत् अपशिष्ट प्रबंधन और कार्बन क्रेडिट जैसी पहलों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व स्थापित किया है। राज्य में लगभग 7.6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य मंत्री वन एवं पर्यावरण दिलीप सिंह अहिरवार ने भोपाल स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में गैर CO2 उत्सर्जन में कमी के मार्ग-एक बहु क्षेत्रीय आंकलन रिपेार्ट के कार्यक्रम विमोचन के अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ परिवहन, इलेक्ट्रिक वाहन नीति, नवकरणीय ऊर्जा और हरित शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में भी मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। हमारा राज्य जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना तथा इलेक्ट्रिक वाहन एवं नवकरणीय ऊर्जा से संबंधित नीतियों में हमे एक मजबूत आधार प्रदान करती है। राज्य मंत्री अहिरवार ने कहा कि आज हम सभी मध्यप्रदेश के लिये एक स्वच्छ, स्वस्थ और जलवायु अनुकूल भविष्य पर सामूहिक विचार करने के लिये एकत्रित हुए है। स्वच्छ वायु दिवस को मनाने का उद्देश्य वायु प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर पढ़ने वाले बूरे प्रभावों के प्रति लोगों को सचेत करना है। हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिये राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देना तथा सामूहिक भागीदारी द्वारा आम नागरिकों, औद्योगिक इकाईयों और विभिन्न शासकीय एवं निजी उपक्रमों को प्रदूषण न करने के लिये प्रेरित करना। उन्होंने प्रदेश के नॉन-CO2 उत्सर्जन की महत्वपूर्ण अध्ययन रिपोर्ट को तैयार करने के लिये जलवायु परिवर्तन केन्द्र, एप्कों की वैज्ञानिक टीम, इंस्टीट्यूट फॉर गवर्नेंस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट, टेरी और सभी सहयोगी संस्थाओं और विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया। राज्य मंत्री अहिरवार ने कहा कि स्वच्छ वायु और जलवायु परिवर्तन से निपटने की हमारी रणनीतियां एक दूसरे से जुड़ी हुई है। हम स्थानीय स्तर पर जो कदम उठाते है, उनका प्रभाव पूरे वातावरण पर पड़ता है। स्वच्छ हवा सबकी साझा धरोहर है। उन्होंने कहा कि केवल नीतियां बनाना पर्याप्त नहीं है हमें ऐसे वैज्ञानिक अध्ययनों की आवश्यकता है जो जिलेवार और क्षेत्रवार सटीक जानकारी उपलब्ध करायें। इससे हम अपनी नीतियों और कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बना सकें। मुझे विश्वास है कि आज प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट नीति निर्माताओं शोधकर्ताओं और विभिन्न विभागों के लिये एक उपयोग मार्गदर्शिका सिद्ध होगी। हम सभी मिलकर इस महत्वपूर्ण रोडमेप को धरातल पर प्रभावी कार्यों में परिवर्तित करने का प्रयास करेंगे और स्वस्थ, हरित तथा जलवायु-लचीले मध्यप्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस अवसर पर कार्यपालन संचालक एप्को हर्षल पंचोली ने कार्यक्रम का परिचय एवं स्वागत उद्बोधन दिया। पूर्व सदस्य सचिव केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉ. बी. सेनगुप्ता, वायु प्रदूषण नियंत्रण पर तकनीकी सत्र, जलवायु परिवर्तन एवं वायु गुणवत्ता, द एनर्जी एण्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट नई दिल्ली ने वायु प्रदूषण एवं जलवायु प्रदूषण पर तकनीकी सत्र और निदेशक विज्ञान कार्यक्रम, गेटवे रिसर्च निमीश सिंह ने ट्रांसबाउंड्री वायु प्रदूषण पर तकनीकी सत्र को संबोधित किया।  

मुख्यमंत्री ने कहा, स्वर्ण भारत ट्रस्ट का ब्रिज स्कूल और यूपी के अटल आवासीय विद्यालय की सोच एक

वेंकटचलम (नेल्लोर) स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचते ही ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि विदेशी आक्रमणों और औपनिवेशिक दौर ने भारत की स्वावलंबी ग्रामीण व्यवस्था को कमजोर किया। गांवों की आत्मनिर्भरता और स्थानीय संस्थाओं पर इसका असर पड़ा, लेकिन गांवों की आत्मा कभी समाप्त नहीं हुई। स्वर्ण भारत ट्रस्ट का ब्रिज स्कूल और उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालय अलग राज्यों में होने के बावजूद समान सोच के साथ वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य ऐसी नई पीढ़ी तैयार करना है, जो ग्लोबल भी हो और रूटेड भी, आधुनिक तकनीक से लैस हो, लेकिन हृदय में भारत, संस्कृति पर गर्व, अपनी जड़ों का बोध, समाज के प्रति संवेदनशीलता और ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना रखती हो। तकनीक भेदभाव नहीं करती और नए भारत ने गांव की ताकत को नई तकनीक से जोड़ दिया है। सीएम ने वेंकैया नायडू को उत्तर व दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक व आध्यात्मिक सेतु बताया। मुख्यमंत्री ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और शुभचिंतकों को बधाई दी। साथ ही ट्रस्ट के संस्थापक एवं पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू का हृदय से अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि वेंकैया नायडू जी बहुआयामी व अत्यंत संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी हैं। सार्वजनिक जीवन में उन्होंने अपनी सरलता, सहजता और सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता के बल पर पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई। सार्वजनिक जीवन में ऐसा विराट व्यक्तित्व मिलना दुर्लभ है, जो दल और विचारधारा की सीमाओं से ऊपर उठकर सभी को समान रूप से साथ लेकर चले और जिसकी सर्वत्र स्वीकार्यता हो। राज्यसभा सभापति के रूप में दायित्वों के निर्वहन में यही व्यापक स्वीकार्यता दिखाई देती थी। उनका योगदान राजनीति तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने तेलुगु संस्कृति, खान-पान और वेश-भूषा को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2001 में एक व्यक्ति ने शासन में रहकर समाज सेवा की यात्रा प्रारंभ की थी, आज वह भारत के प्रधानमंत्री हैं। उसी वर्ष समाज सेवा की एक और यात्रा शुरू हुई, जो स्वर्ण भारत ट्रस्ट के रूप में हम सबके सामने है। 25 वर्ष बाद दोनों यात्राओं का लक्ष्य एक ही है- विकसित भारत। जब सरकार और समाज दोनों की दिशा एक हो, दोनों का संकल्प एक हो और दोनों लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सामूहिक प्रयास करते हैं, तो अवश्य परिणाम आते हैं। भारत की सभ्यता की सबसे बड़ी शक्ति हमारे गांव मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सभ्यता की सबसे बड़ी शक्ति हमारे गांव रहे हैं। सदियों तक गांव अर्थव्यवस्था, सामाजिक जीवन और संस्कृति के केंद्र रहे। वे उत्पादन, ज्ञान और जल संरक्षण के साथ ही कला-शिल्प के केंद्र रहे हैं तथा सामाजिक मूल्यों की मूल इकाई भी रहे हैं। कृषि, पशुपालन, शिल्प, व्यापार, स्थानीय संस्थाएं, सभी एक दूसरे से जुड़ी थीं। गांव की अर्थव्यवस्था एक सर्कुलर इकॉनमी थी। एक का उत्पादन दूसरे की आजीविका बनता था। विदेशी आक्रमणों और औपनिवेशिक दौर का असर केवल अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ा। गांव की आत्मनिर्भरता कम हुई। स्थानीय संस्थाएं कमजोर हुईं और ग्रामीण भारत की विकास यात्रा पर आघात हुआ। सीएम ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान चेतना की एक नई दिशा दी थी। उनका आह्वान था- 'बैक टू विलेज'। वे 'ग्राम स्वराज' के माध्यम से ऐसा गांव चाहते थे जो आत्मनिर्भर हो, स्वावलंबी हो, अपनी आवश्यकताओं के लिए सक्षम हो और अपने निर्णय स्वयं लेने में समर्थ हो। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए वेंकैया नायडू जी ने 2001 में अपने आठ साथियों के साथ स्वर्ण भारत ट्रस्ट की शुरुआत की थी। ट्रस्ट ने स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर दंत एवं नेत्र चिकित्सा, पशु चिकित्सा से लेकर किसान प्रशिक्षण, महिला प्रशिक्षण से लेकर व्यावसायिक शिक्षा और कंप्यूटर प्रशिक्षण से लेकर विद्यालयों एवं ब्रिज स्कूलों तक विभिन्न क्षेत्रों में अत्यंत सराहनीय कार्य किया है। इकोसिस्टम से बाहर बच्चों को वापस शिक्षा में लाना महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री ने कहा कि रेजिडेंशियल ब्रिज स्कूल के माध्यम से स्वर्ण भारत ट्रस्ट वंचित तबके के बच्चों को शिक्षा, भोजन, पुस्तकें, ड्रेस और आवास की सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रहा है। अक्षरा विद्यालय और स्वर्ण भारती विद्या मंदिर जैसे संस्थानों के माध्यम से ग्रामीण व बीपीएल परिवार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का भी अभिनव कार्य हो रहा है। पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में भी श्रमिकों के बच्चों के लिए 18 मंडल मुख्यालयों पर अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं। कोरोना महामारी के दौरान माता-पिता को खोने वाले बच्चों को भी इन विद्यालयों में शिक्षा व आवास सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। ये निःशुल्क आवासीय विद्यालय हैं, जहां आधी सीटें बालिकाओं के लिए आरक्षित हैं। पुराने हुनर को दिया नया बाजार सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद में कोई न कोई पारंपरिक हुनर मौजूद है। वाराणसी की साड़ी, भदोही का कालीन, मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, कन्नौज का इत्र और लखनऊ की चिकनकारी इसकी मिसाल हैं। पीढ़ियों से इस हुनर को आगे बढ़ाने वाले कारीगरों के पास आधुनिक डिजाइन, पूंजी और बाजार की कमी थी। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना शुरू की। हर जिले के एक प्रमुख उत्पाद को चिन्हित कर उसके कारीगरों को डिजाइन प्रशिक्षण, आधुनिक टूल किट, आसान बैंक ऋण तथा मार्केटिंग और एक्सपोर्ट का मंच उपलब्ध कराया गया। ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के तहत पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण और टूल किट दिए गए। इसका परिणाम है कि इनका हुनर निर्यात तक पहुंच रहा है और उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख निर्यातक राज्यों में शामिल हो गया है। हमने कारीगर को नया हुनर नहीं सिखाया, बल्कि उसके पुराने हुनर को नया बाजार उपलब्ध कराया है। गांव की बेटियों को मिला गांव में रोजगार मुख्यमंत्री ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट की … Read more

मध्यप्रदेश में फाइलें डेस्क पर नहीं रुकेंगी, सरकार निवेशकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी” : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दुबई में एआईएम कांग्रेस-2026 के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश आने का न्योता मध्यप्रदेश में फाइलें डेस्क पर नहीं रुकेंगी, सरकार निवेशकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी” : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैश्विक बाजारों और नए निवेश की संभावनाओं का विस्तार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 में दुनिया भर के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के विशाल घरेलू बाजार के केंद्र में स्थित है और मजबूत कनेक्टिविटी, विकसित औद्योगिक आधार तथा निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण तेजी से देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को हर स्तर पर पूरा प्रशासनिक सहयोग मिलेगा और सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस-2026 के आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह मंच पारंपरिक निवेश से आगे बढ़कर वैश्विक नवाचार, आर्थिक साझेदारी और नए अवसरों का सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था, भू-राजनीतिक परिस्थितियां, आपूर्ति शृंखलाओं में बदलाव, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और हरित विकास आज निवेश की दिशा को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे समय में सतत और समावेशी भविष्य के लिए वैश्विक समृद्धि के नए निवेश मार्ग इस आयोजन की थीम बेहद प्रासंगिक है। भारत-यूएई संबंधों को नई आर्थिक ऊर्जा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात के संबंध आज अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूएई के शीर्ष नेतृत्व के बीच बने गहरे विश्वास ने दोनों देशों के संबंधों को नई रणनीतिक और आर्थिक ऊर्जा दी है। वर्ष 2022 में लागू व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते सीईपीए ने व्यापार, निवेश, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सहयोग के लिए नए अवसर खोले हैं। उन्होंने कहा कि भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है और वर्ष 2032 तक इसे 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश में फाइलें डेस्क पर नहीं रुकेंगी, सरकार निवेशकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में उन्हें हर स्तर पर पूर्ण प्रशासनिक सहयोग और व्यक्तिगत प्रतिबद्धता मिलेगी। उन्होंने कहा कि आपकी फाइलें सरकारी दफ्तरों की डेस्क पर इंतजार नहीं करेंगी, सरकार स्वयं आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को तेजी से धरातल पर उतारने और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने यूएई और दुनिया भर के निवेशकों को खाद्य प्रसंस्करण एवं एग्री-बिजनेस, टेक्सटाइल एवं गारमेंट्स, फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा तथा डिजिटल अवसंरचना, डेटा सेंटर और भविष्य की प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। कृषि और फूड प्रोसेसिंग में बड़ी संभावना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और यूएई की अर्थव्यवस्थाओं में अनेक समानताएं हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। विशेष रूप से कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश यूएई और पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए विश्वसनीय और दीर्घकालिक आपूर्ति साझेदार बन सकता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख कृषि राज्यों में शामिल है। सोयाबीन, गेहूं, दालों, मक्का, मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के साथ प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यूएई अपनी खाद्य जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। ऐसे में मध्यप्रदेश के लिए खाड़ी क्षेत्र एक बड़ा और स्थायी बाजार बन सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई जैसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार से प्रदेश के कृषि उत्पादों को जोड़ने से किसानों को बेहतर बाजार और उनकी उपज के बेहतर मूल्य मिल सकते हैं। इसके साथ ही कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, भंडारण और फूड प्रोसेसिंग में निवेश के नए अवसर भी सृजित होंगे। चंदेरी-महेश्वरी से वैश्विक टेक्सटाइल वैल्यू चेन तक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की समृद्ध वस्त्र परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि चंदेरी और महेश्वरी जैसी पारंपरिक पहचान को आधुनिक टेक्सटाइल पार्क और गारमेंट निर्माण से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश का लक्ष्य वैश्विक टेक्सटाइल वैल्यू चेन में महत्वपूर्ण स्थान बनाना है। उन्होंने कहा कि फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीथमपुर, मंडीदीप और मालनपुर जैसे औद्योगिक केंद्र ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और हाईटेक विनिर्माण के मजबूत आधार बन चुके हैं। ऑप्टिकल फाइबर और उन्नत विनिर्माण इकाइयों की स्थापना से मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता और मजबूत हुई है। एआईएम कांग्रेस से मध्य-पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक म.प्र. की पहुंच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूएई केवल मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ा बाजार नहीं है, बल्कि मध्य-पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक पहुंचने का महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार भी है। वहीं मध्यप्रदेश भौगोलिक रूप से भारत के विशाल घरेलू बाजार के केंद्र में स्थित है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा, विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क, विकसित औद्योगिक क्षेत्र और बहु-माध्यम लॉजिस्टिक्स प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बनाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस के दौरान दुबई के बिजनेस बे स्थित ताज दुबई में मध्यप्रदेश के 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' और भौगोलिक संकेतक उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। प्रदर्शनी में बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर का कारपेट प्रदर्शित किया गया। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने और अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने से स्थानीय कारीगरों के लिए नए आर्थिक अवसर सृजित होंगे। अरब संसद अध्यक्ष से भी हुई अहम चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही से मुलाकात कर अरब देशों और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी अवसंरचना के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री … Read more

MP में निवेश के लिए ग्लोबल मंच पर CM मोहन यादव की पहल, इथियोपिया के राष्ट्रपति को GIS-2027 का आमंत्रण

दुबई में इथियोपिया के राष्ट्रपति से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में निवेश और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 का दिया न्योता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात प्रवास के दौरान इथियोपिया के राष्ट्रपति महामहिम ताये अत्स्के सेलासी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं के साथ भारत-इथियोपिया आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के बीच व्यापारिक एवं निवेश सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इथियोपिया के राष्ट्रपति को मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, अनुकूल औद्योगिक वातावरण और विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भारत के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और प्रदेश में वैश्विक निवेशकों के लिए नए अवसर लगातार विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इथियोपिया के उद्योग एवं व्यापार जगत को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रदेश कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और आधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने इथियोपिया के राष्ट्रपति को मध्यप्रदेश में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक निवेशकों के साथ साझेदारी के माध्यम से मध्यप्रदेश को निवेश, उद्योग और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भारत-इथियोपिया आर्थिक साझेदारी को नई गति देने पर जोर मुलाकात के दौरान भारत और इथियोपिया के बीच आर्थिक संबंधों को और व्यापक बनाने तथा मध्यप्रदेश और इथियोपिया के बीच निवेश एवं व्यावसायिक सहयोग की नई संभावनाएं तलाशने पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।  

मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर बड़ा कदम! CM मोहन यादव ने शेख सौद बिन सकर से की मुलाकात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रस-अल-खैमा के शासक शेख सौद बिन सकर अल कासिमी से की मुलाकात मध्यप्रदेश और रास अल खैमाह के बीच निवेश एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर हुई चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने दुबई प्रवास के दूसरे दिन संयुक्त अरब अमीरात की सुप्रीम काउंसिल के सदस्य एवं रस-अल-खैमा के शासक शेख सौद बिन सकर अल कासिमी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण और प्रदेश में उपलब्ध विभिन्न औद्योगिक और व्यवसायिक अवसरों की जानकारी दी।बैठक में मध्यप्रदेश और रस-अल-खैमा के बीच निवेश संवर्धन, औद्योगिक सहयोग, निवेशकों के संपर्क और बाजार पहुंच बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। विभिन्न क्षेत्रों में निवेश एवं सहयोग की संभावनाओं पर हुई चर्चा दोनों प्रमुखों के मध्य सिरेमिक एवं निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स एवं मेडिकल डिवाइस, पर्यटन एवं आतिथ्य, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सेक्टर्स में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए दोनों पक्षों के बीच संस्थागत समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया। निवेशकों को मध्यप्रदेश में भूमि की पहचान, आवश्यक अनुमतियों, अधोसंरचना से जुड़ी सुविधाओं और राज्य-स्तरीय नोडल सहयोग के माध्यम से समयबद्ध सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में भी चर्चा हुई। रस-अल खैमा की कंपनियों एवं संस्थानों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करने और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग की संयुक्त रूप से पहचान करने का प्रस्ताव रखा गया। रस-अल-खैमा विनिर्माण, सिरेमिक, निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में स्थापित केंद्र है। वहीं मध्यप्रदेश अपनी केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, प्रतिस्पर्धी लागत, उपलब्ध औद्योगिक भूमि, स्थापित अधोसंरचना और सिंगल विंडो सुविधा के माध्यम से निवेशकों को भारतीय बाजार तक प्रभावी पहुंच उपलब्ध करता है। बैठक में दोनों पक्षों की पूरक क्षमताओं के आधार पर सहयोग के अवसरों पर चर्चा हुई।  

NIA केसों की सुनवाई में देरी पर SC नाराज, राज्यों से जल्द विशेष अदालतें गठित करने को कहा

 नई दिल्ली विशेष एनआईए अदालतों की स्थापना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्यों से जल्द विशेष अदालतें शुरू करने को कहा, ताकि NIA के मामलों में सुनवाई में देरी न हो।  एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ को बताया कि कई राज्यों ने इस संबंध में अब तक रिपोर्ट दाखिल नहीं की है. मतलब इन राज्यों ने अब तक बताया ही नहीं है कि उनके यहां विशेष NIA अदालतें स्थापित की गई हैं या नहीं।   सुनवाई के दौरान कर्नाटक के वकील ने बताया कि बेंगलुरु में तीन विशेष अदालतें हैं. और चिकमंगलूर में भी जल्द अदालत शुरू होने वाली है. केरल सरकार के वकील ने बताया कि उन्होंने विशेष अदालतों के लिए जगहों की पहचान कर ली है. राज्य में दो अदालतें स्थापित होनी है. उन्होंने अदालत से दो-तीन महीने का समय मांगा लेकिन CJI ने एक महीने में ही अदालतें शुरू करने को कहा. तमिलनाडु सरकार के वकील ने बताया कि राज्य में 2 विशेष अदालतें स्थापित की जा रही हैं. उन्होंने बताया कि एक तो कार्यरत भी हैं।  तेलंगाना सरकार के वकील ने बताया कि राज्य में सिर्फ एक विशेष NIA अदालत की जरूरत है. तेलंगाना में NIA के 13 मामले हैं. CJI ने तेलंगाना सरकार को तीन हफ्ते में अदालतें शुरू करने का निर्देश दिया. असम में NIA के 26 मामले हैं. राज्य में एक विशेष अदालत काम कर रही है और दो और अदालतें स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है।  CJI ने असम से इस संबंध में चार हफ्ते में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए. जम्मू कश्मीर में NIA के 46 मामले हैं और यहां सिर्फ एक विशेष अदालत है. सुरक्षा कारणों से अदालतें जम्मू में बनाने की बात कही गई. सुनवाई के दौरान जम्मू-कश्मीर में तीन और अदालतों की जरूरत बताई गई।  मामले की सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने साफ कहा कि विशेष NIA अदालतों में दूसरे मामलों की सुनवाई नहीं होनी चाहिए. ताकि NIA के मामलों का जल्द से जल्द निपटारा हो सके। 

‘शिक्षित इलाकों में 70-75%, क्रिमिनल एरिया में 92% वोट’, नितिन गडकरी के बयान से मची हलचल

नागपुर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. अब उन्होंने फिर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है. नितिन गडकरी ने नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि उन्हें शिक्षित क्षेत्रों की तुलना में क्रिमिनल, अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट एरिया से ज्यादा वोट मिले. गडकरी का यह बयान अब वायरल हो रहा है।  नागपुर में बोले गडकरी- पढ़े-लिखे से ज्यादा अपराधी इलाकों से मिले वोट  दरअसल नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उनके चुनाव में पढ़े-लिखे लोगों से ज्यादा अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट एरिया से उन्हें वोट मिले थे. उन्होंने बताया कि शहर के बड़े और शिक्षित इलाकों में उन्हें कुल मतदान प्रतिशत का लगभग 70-75% वोट मिला, जबकि अपराधी, अंडरवर्ल्ड और रेड इलाकों में उन्हें 92% वोट मिले।  मैं उनके काम का समर्थन नहीं करताः गडकरी गडकरी ने हंसते हुए कहा कि नागपुर में अंडरवर्ल्ड और असामाजिक कार्य से जुड़े लगभग 99% लोग उनके समर्थक हैं. हालांकि, उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि वे उनके काम या गतिविधियों का समर्थन करते हैं. नितिन गडकरी का कहना है कि उनके सभी लोगों से संबंध हैं लेकिन इसे गलत अर्थ में नहीं लिया जाना चाहिए।  गडकरी ने यह भी स्पष्ट किया कि इसका यह मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए कि उनके उन लोगों से संबंध हैं या वे उनके कामों का समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि उन इलाकों में सड़कें बनवाने और सामाजिक कार्य करने के कारण वहां के लोगों ने उन्हें वोट दिया. इससे पहले भी नितिन गडकरी के कई बयान चर्चित हुए हैं. वो बिना लाग-लपेट अपनी बात रखने वाले नेता माने जाते हैं.बीते दिनों उन्होंने खुद से कहा था कि बहुत काम कर लिया, अब नई पीढ़ी को मौका मिले।