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छत्तीसगढ़ ने नमस्ते योजना में रचा कीर्तिमान, देश में पांच राज्यों के साथ साझा किया पहला स्थान

रायपुर  केंद्र सरकार की नमस्ते (नेशनल एक्शन फार मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम) योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने देश में संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है। प्रदेश ने आंध्रप्रदेश, ओडिशा, त्रिपुरा, उत्तरप्रदेश और पुदुचेरी के साथ यह उपलब्धि हासिल की है। 100 अंकों के मूल्यांकन में सत्यापन, मशीनीकरण, हेल्पलाइन, सामाजिक सुरक्षा और जीरो फेटलिटी के मानकों पर प्रदेश का प्रदर्शन अव्वल रहा। सफाई व्यवस्था को सुरक्षित बनाने पर फोकस केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में नमस्ते योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देना, असुरक्षित और खतरनाक तरीके से हाथ से सफाई की प्रथा को खत्म करना और स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली मौतों को शून्य करना है। छत्तीसगढ़ में 1,487 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मियों का सर्वे किया गया। इनमें से 1,465 कर्मियों का सत्यापन पूरा किया गया है। प्रदेश के 169 नगरीय निकायों में 1,428 कर्मियों को पीपीई किट दी गई, जबकि 1,374 को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा 139 कर्मियों को सुरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है। 8,527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग कचरा बीनने वाले यानी वेस्ट पिकर्स को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है। प्रदेश में 8,527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग की गई, जिसमें से 6,799 का सत्यापन पूरा हो चुका है। वहीं 991 वेस्ट पिकर्स को पीपीई किट वितरित की गई है। इसके अलावा 512 वेस्ट पिकर्स को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है। अब 6,287 वेस्ट पिकर्स को प्रशिक्षण देने की तैयारी चल रही है। आपातकालीन सेवा के लिए 14420 हेल्पलाइन स्वच्छता से जुड़ी आपात स्थिति में मदद के लिए प्रदेश में 47 ईआरएसयू (इमरजेंसी रिस्पांस सैनिटेशन यूनिट्स) शुरू की गई हैं। इसके साथ ही 14420 हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। इसका उद्देश्य जरूरत के समय स्वच्छता से जुड़ी आपात सेवाएं उपलब्ध कराना है। अरुण साव ने दी बधाई उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस उपलब्धि पर नगरीय निकायों और संबंधित अमले को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नमस्ते योजना के तहत किए जा रहे कामों से स्वच्छता कर्मियों को सुरक्षित माहौल देने और खतरनाक तरीके से हाथ से सफाई की प्रथा को खत्म करने की दिशा में प्रदेश आगे बढ़ रहा है। 

जहरीली शराब कांड में MP में 18 मौतें, 109 मरीज भर्ती; 30 आरोपी नामजद, CM ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

सागर  सागर में जहरीली शराब पीने से मौतों का आंकड़ा 18 पहुंच गया है। सोमवार सुबह महेश रावत (55) निवासी धुरमार ने बंडा अस्पताल, छापरी गांव की रहने वाली श्याम बाई अहिरवार (50) ने जिला अस्पताल और पापेट गांव निवासी कृष्ण कुमार लोधी ने मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ा। फिलहाल, 109 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस ने मामले में 30 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से 10 को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे शराब के नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा और यशवंत ठाकुर को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।  सीएम मोहन यादव ने कहा-कड़ी कार्रवाई करेंगे सागर में मिलावटी शराब से मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 18  लोगों की मौतों की सूचना है। कई प्रभावित अस्पताल में भर्ती ​हैं जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। ऐसे में मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अस्पताल पहुंचकर प्रभावितों का हाल जाना और स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस बीच मिलावटी शराब मामले में कई प्रतिष्ठित लोगों के शामिल होने की आशंका है। हालांकि सीएम मोहन यादव ने मामले में कड़ी कार्रवाई की बात कही है। सागर में शराब पीनेवालों की स्क्रीनिंग भी कराने की अपील की जा रही है। सागर में हुए शराब कांड पर बीजेपी सरकार पर विपक्षी हमलावर हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में सरकार के संरक्षण में अवैध शराब का कारोबार खुलेआम चल रहा है। परिजन बोले- शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत महेश के भतीजे श्रवण कुमार रावत ने बताया कि चाचा ने कल शाम को शराब पी थी‌‌, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी। वहीं, श्याम बाई के बेटे विट्ठल अहिरवार ने कहा- हम मामा के घर गमी में गए थे। मां घर में अकेली थी। उन्होंने गांव में किसी से मंगवाकर शराब पी ली। देर रात उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। सुबह उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। राजेंद्र ने पूछा था- जहरीली शराब तो नहीं है बंडा थाने में दर्ज FIR के अनुसार, फरियादी अनूप सिंह लोधी ने बताया कि उसके गांव में करीब 8 लोग अवैध रूप से शराब बेचते हैं। 4 सितंबर को वह अपने भतीजे राजेंद्र लोधी के साथ जुझार लोधी की दुकान पर गया था। जुझार ने बताया कि बरेठी के लाइसेंसी शराब ठेकेदार यशवंत सिंह, मनीष लोधी और बंडा निवासी आशीष साहू ने आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रविंद्र, रोहित, अनिकेत गंधर्व और माखन के माध्यम से अपनी गाड़ी से नया सस्ता ब्रांड भेजा है। उसने कहा कि यह शराब दुकान से 20 रुपए सस्ती मिलेगी। अनूप ने कहा कि उसे आज शराब नहीं पीनी है। राजेंद्र ने पूछा कि नकली जहरीली शराब तो नहीं है। प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित अभी तक की जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि सागर में यूपी का रैकेट मिलावटी शराब की सप्लाई कर रहा था। सीएम मोहन यादव ने सागर जिले के प्रभारी मंत्री को तुरंत मौके पर पहुंचने को कहा है। प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है। जुझार ने कहा- 20 रुपए सस्ती मिलेगी जुझार लोधी ने कहा- ब्रांड वही है और इसे मनीष व आशीष ने शराब के फार्मूले से बनाया है। उसने कहा कि यह बाजार से 20 रुपए सस्ती मिलेगी। राजेंद्र ने जुझार की दुकान से 70 रुपए में एक क्वार्टर देशी शराब खरीदी और पी। रात में घर लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे बंडा अस्पताल ले जाया गया, जहां से सागर रेफर किया गया। इलाज के दौरान राजेंद्र की मौत हो गई। करतार सिंह लोधी और दिग्विजय सिंह लोधी की भी शराब पीने से मौत हुई। पुलिस ने इन लोगों पर दर्ज की एफआईआर पुलिस ने जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक, विशाल लोधी और राजा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, राम सिंह लोधी, चंद्रभान राजपूत, अरविंद यादव, भगवान सिंह और मान सिंह अहिरवार समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। ग्रामीण बोले- ततरवारा गांव से होती थी शराब की सप्लाई नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि नौराज ग्राम पंचायत के ततरवारा गांव में लंबे समय से अवैध शराब बनाई जा रही है। यहां से आसपास के गांवों में शराब की सप्लाई होती है। ग्रामीणों के मुताबिक, शराब बनाने के काम में कई प्रभावशाली और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग जुड़े हैं। उनकी दहशत के कारण ग्रामीण खुलकर नाम लेने से डरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय पुलिस भी ततरवारा गांव में शराब के खिलाफ कार्रवाई करने से कतराती है। 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रहे एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि शराब मामले में बंडा और विनायका थाने में 25 से अधिक नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। उनसे शराब के नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें अलग-अलग स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। मामले के सभी बिंदुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।

महाकाल की भादौ सवारी आज होगी भव्य, 50 क्विंटल फूलों की होगी बारिश; 6 घंटे मिलेंगे दर्शन

उज्जैन  भादौ के दूसरे सोमवार पर आज उज्जैन में बाबा महाकाल की राजसी सवारी निकाली जाएगी। इसका मार्ग करीब साढ़े पांच किलोमीटर का होगा। सवारी में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालु आएंगे। इससे पहले सावन की चार और भादौ की एक सवारी निकल चुकी है। ये छठी और आखिरी सवारी है। इसमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादत्य सिंधिया पालकी का पूजन करेंगे। महाकाल की सवारी में 5 कलाकारों की एक ऐसी टोली भी शामिल होती है, जिनकी वेशभूषा और अंदाज श्रद्धालुओं का ध्यान खुद-ब-खुद खींच लेता है। खास तरह की पगड़ी, आभूषण और पारंपरिक हथियार वाले इस रूप में तैयार होने के लिए करीब दो घंटे तक मेकअप किया जाता है। इसके बाद 11 से 15 किलो तक की राजसी पोशाक पहनकर ये किरदार पूरी सवारी में पैदल चलते हैं। शिक्षक ने शुरू की परंपरा, 39 साल से निभा रहे किरदार महाकाल की सवारी में शामिल होने वाली इस टोली में स्वामी मुस्कुराके, स्वामी खिलखिलाके, स्वामी दिलमिलाके, स्वामी गुदगुदाके और पप्पू तलवार शामिल हैं। बाबा की पालकी के आगे चलने वाली यह टोली अलग-अलग राजसी किरदारों में नजर आती है। हर साल इनका लुक अलग होता है। इस टोली के मुखिया शैलेंद्र व्यास उर्फ ‘स्वामी मुस्कुराके’ 39 साल से लगातार महाकाल की सवारी में शामिल हो रहे हैं। वे उज्जैन के ही रहने वाले हैं। 1989 में शिक्षक की नौकरी के दौरान उन्हें पता चला कि पुराने समय में राजा अपनी राजसी वेशभूषा में महाकाल की सवारी में शामिल होते थे।इसी परंपरा से प्रभावित होकर उन्होंने पहली बार धोती-कुर्ता और साफा पहनकर सवारी में हिस्सा लिया। इसके बाद यह सिलसिला कभी नहीं टूटा। राणौजी सिंधिया ने परंपरा को दिया नया स्वरूप करीब सवा दो सौ वर्ष पहले मराठा शासनकाल में सिंधिया वंश के संस्थापक राणौजी सिंधिया ने महाकाल मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया और महाकाल की सवारी की परंपरा को नया स्वरूप दिया। उन्होंने सवारी में नए रथ, गजराज और लोक परंपराओं को शामिल किया, जिससे आयोजन और अधिक भव्य बन गया। राणौजी सिंधिया स्वयं भी सवारी में शामिल होते थे और पालकी के आगे चलकर भगवान महाकाल को राजाधिराज का सम्मान देते थे। इसके बाद स्वतंत्रता पूर्व काल तक सिंधिया और होलकर राजवंशों के प्रमुख भी महाकाल की सवारी में राजकीय रूप से शामिल होते रहे। पालकी के आगे चलना इस बात का प्रतीक माना जाता था कि राज्य के वास्तविक शासक स्वयं भगवान महाकालेश्वर हैं। सावन-भादौ में निकलती है महाकाल की सवारी विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर की सवारी हर वर्ष सावन और भादौ माह में सोमवार को निकलती है। सावन के सोमवारों के साथ भादौ माह के दो सोमवार भी भगवान महाकाल नगर भ्रमण पर निकलते हैं। भादौ माह के दूसरे सोमवार को निकलने वाली सवारी को अंतिम और राजसी सवारी के रूप में विशेष महत्व प्राप्त है। इस दौरान विभिन्न कलाकार, संगीतकार और लोक कलाकार शामिल होते हैं। भगवान महाकाल का आकर्षक श्रृंगार किया जाता है और सवारी के मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पूरी उज्जैन नगरी महाकाल के जयकारों से गूंज उठती है।  भक्तों की आस्था का प्रतीक है सवारी महाकाल की सवारी को भगवान महाकाल के प्रति श्रद्धा और आस्था का प्रतीक माना जाता है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान को फल, मिठाई, दूध और अन्य भोग अर्पित करते हैं। दूर-दूर से श्रद्धालु सवारी में शामिल होने के लिए उज्जैन पहुंचते हैं और बाबा महाकाल के जयकारों के साथ नगर भ्रमण में सहभागी बनते हैं। करीब 1100 साल पुरानी इस परंपरा ने राजा भोज के राजकीय उत्सव से लेकर सिंधिया और होलकर राजवंशों के दौर तक कई बदलाव देखे हैं। हालांकि, समय के साथ स्वरूप बदलने के बावजूद भगवान महाकाल की सवारी आज भी उज्जैन की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का सबसे भव्य आयोजन बनी हुई है।

ईशान किशन का तूफान, दलीप ट्रॉफी फाइनल में दोहरा शतक जड़कर रचा इतिहास

 चेन्नई दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में जारी है। दूसरे दिन का खेल शुरू हो गया है, ईस्ट जोन वर्सेस साउथ जोन लाइव स्कोर नीचे देखें। ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने डबल सेचुरी पूरी कर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। यह उनके फर्स्ट क्लास करियर की दूसरी डबल सेंचुरी है। इससे पहले उन्होंने 2016-17 रणजी सीजन में दिल्ली के खिलाफ 273 रनों की मैराथन पारी खेली थी। बता दें, ईस्ट जोन का स्कोर 500 के पार पहुंच गया है। दूसरे दिन ईशान किशन और कुमार कुशाग्र ने शानदार शुरुआत करते हुए पांचवें विकेट के लिए डबल सेंचुरी पार्टनरशिप की। कुशाग्र ने इस दौरान अपना शतक भी पूरा किया। ईस्ट जोन को पांचवां झटका 471 के स्कोर पर कुशाग्र के रूप में ही लगा जो 101 रन बनाकर आउट हुए। ईस्ट जोन लाइव स्कोर- 570/5 ईस्ट जोन के लिए 31 साल बाद दोहरा शतक ईशान किशन ईस्ट जोन के लिए दलीप ट्रॉफी में 31 साल में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले खिलाड़ी बने हैं। 1995/96 में सबा करीम ने आखिरी बार ऐसा किया था। ईशान किशन को दोहरा शतक ईशान किशन ने साउथ जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल में दोहरा शतक पूरा कर लिया है। यह उनके फर्स्ट क्लास करियर का मात्र दूसरा दोहरा शतक है। इससे पहले उन्होंने रणजी ट्रॉफी में दिल्ली के खिलाफ 2016-17 में डबल सेंचुरी लगाई थी। उनके दोहरे शतक के साथ ईस्ट जोन ने भी 550 रन का आंकड़ा पार कर लिया है। ईस्ट जोन 500 के पार, ईशान किशन का डबल धमाका लंच के बाद खेल फिर से शुरू हो गया है। ईस्ट जोन का स्कोर 500 के पार पहुंच गया है। ईशान किशन अपनी डबल सेंचुरी के बेहद करीब है। ऐसा लग रहा है कि साउथ जोन हथियार डाल चुका है। देवदत्त पडिक्कल तक बॉलिंग के लिए आ चुके हैं। लंच ब्रेक का ऐलान दूसरे दिन लंच ब्रेक का ऐलान हो गया है। कप्तान ईशान किशन 171 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे हैं, वहीं ईस्ट जोन का स्कोर 5 विकेट के नुकसान पर 491 रन है। अगले सेशन में किशन की नजरें जल्द से जल्द दोहरा शतक पूरा करने पर होगी। ईस्ट जोन का 5वां विकेट गिरा ईस्ट जोन को पांचवां झटका कुमार कुशाग्र के रूप में लगा जिन्होंने कुछ ही देर पहले शतक पूरा किया था। वह 101 के निजी स्कोर पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गए। कप्तान ईशान किशन अभी भी लगे हुए हैं, उनकी नजरें दोहरे शतक पर है। कुमार कुशागर ने भी ठोका शतक ईशान किशन के बाद ईस्ट जोन के लिए कुमार कुशागर ने भी शतक ठोक दिया है। वहीं कप्तान ने 150 रन का आंकड़ा पार कर लिया है। ईस्ट जोन मैच पर लगातार अपना शिकंजा कस रही है, वहीं साउथ जोन विकेट को तरस रही है। ईस्ट जोन 500 के स्कोर के बेहद नजदीक है। ईस्ट जोन 400 के पार दूसरे दिन की शुरुआत ईस्ट जोन के लिए अच्छी रही। कप्तान ईशान किशन 124 रन बनाकर खेल रहे हैं। वहीं कुमार कुशागर 68 रन बनाकर उनका साथ दे रहे हैं। ईस्ट जोन का स्कोर 400 के पार पहुंच गया है। ईशान किशन और कुमार कुशागर के बीच 150 रन की साझेदारी दूसरे दिन का खेल शुरू हो चुका है। ईशान किशन और कुमार कुशागर के बीच 150 रनों की साझेदारी पूरी हो गई है। ईस्ट जोन का स्कोर 400 रन के करीब है। ईस्ट जोन की नजरें 500-600 के स्कोर पर भारतीय रेड बॉल डोमेस्ट क्रिकेट का नियम है कि जो टीम पहली पारी में लीड हासिल करती है वो टीम मैच ड्रॉ होने के बावजूद विजेता कहलाती है। ऐसे में ईशान किशन की टीम की नजरें पहली पारी में ज्यादा से ज्यादा स्कोर बनाकर मैच पर अपना शिकंजा कसने पर होगी। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी ईस्ट जोन की टीम को वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने ताबड़तोड़ शुरुआत दिलाते हुए पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की। ईस्ट जोन को पहला झटका वैभव सूर्यवंशी के रूप में लगा जो 44 के निजी स्कोर पर पुल शॉट माने के चक्कर में आउट हो गए। इसके बाद अभिमन्यु ईश्वरन 72 के निजी स्कोर पर रन आउट हो गए। ईस्ट जोन को तीसरा झटका लंच के बाद सुदीप के रूप में लगा। शिखर मोहन 85 रन बनाकर आउट हुए। ईशान किशन ने शतक लगाया है। ईस्ट जोन ने पहले दिन स्टंप तक 79 ओवर में 4 विकेट खोकर 385 रन बनाए हैं। ईस्ट जोन वर्सेस साउथ जोन प्लेइंग XI ईस्ट जोन (प्लेइंग XI): अभिमन्यु ईश्वरन, वैभव सूर्यवंशी, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, ईशान किशन (विकेट कीपर/कप्तान), शिखर मोहन, अनुकूल रॉय, मोहम्मद कौनैन कुरैशी, मोहम्मद शमी, अभिजीत के सरकार, मुकेश कुमार साउथ जोन (प्लेइंग XI): रिकी भुई, नारायण जगदीसन (विकेट कीपर), देवदत्त पडिक्कल, शेख रशीद, तिलक वर्मा (कप्तान), स्मरण रविचंद्रन, श्रेयस गोपाल, त्रिपुराना विजय, मोहम्मद सिराज, चामा वी मिलिंद, एमडी निधीश ईस्ट जोन वर्सेस साउथ जोन स्क्वॉड ईस्ट जोन स्क्वॉड: अभिमन्यु ईश्वरन, वैभव सूर्यवंशी, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, विराट सिंह, ईशान किशन (विकेट कीपर/कप्तान), अनुकूल रॉय, एमडी कौनैन कुरैशी, मोहम्मद शमी, अभिजीत के सरकार, मुकेश कुमार, सुभ्रांशु सेनापति, शाहबाज अहमद, डेनिश दास, शिखर मोहन, सूरज सिंधु जायसवाल साउथ जोन स्क्वॉड: रिकी भुई, नारायण जगदीशन (विकेट कीपर), देवदत्त पडिक्कल, तिलक वर्मा (कप्तान), स्मरण रविचंद्रन, कोडिमेला हिमतेजा, श्रेयस गोपाल, तनय त्यागराजन, विध्वथ कवरप्पा, एमडी निधीश, मोहम्मद सिराज, शेख रशीद, कवुरी सैतेजा, करुण नायर, अमन खान, त्रिपुराना विजय, अभिनव तेजराना

जहरीली शराब कांड पर डिप्टी CM शुक्ल सख्त, बोले- माफियाओं पर होगी कार्रवाई और दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा

माफियाओं के विरुद्ध होगी सख्त कारवाई, दोषियों को मिलेगी कड़ी से कड़ी सजा: उप मुख्यमंत्री शुक्ल जहरीली शराब प्रकरण के मृतकों एवं प्रभावितों के परिजनों से मिले, बंधाया ढांढस प्रभावित गांवों का दौरा कर जानी स्थिति  सागर उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बंडा क्षेत्र में अवैध, जहरीली शराब हादसे से प्रभावित गांवों का सघन दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि दुख की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बंडा, शाहगढ़ तहसील के ग्राम बमूरा भेड़ा, नौराज, गूगरा खुर्द, धुरमार, चौका, हनौती एवं पापेट पहुंचकर पीड़ित तथा मृतक परिवारों के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से भेंट की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत हृदय विदारक घटना है और प्रभावित परिवार कठिन दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए स्पष्ट किया कि शासन की ओर से नियमानुसार सभी प्रभावित परिवारों को हरसंभव राहत  उपलब्ध कराई जाएगी।   उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त शराब माफियाओं और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। परिजनों द्वारा की गई मांग पर उन्होंने जानकारी दी कि पुलिस एवं प्रशासन द्वारा अब तक 10 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और वितरण के मुख्य स्रोत  तक पहुंचकर जड़ों को पूरी तरह समाप्त किया जाए, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। नशामुक्त समाज के लिए ग्रामीणों से की अपील उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने भ्रमण के दौरान ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए गांवों को पूर्णतः नशामुक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत न केवल व्यक्ति को बल्कि पूरे परिवार और समाज को तबाह कर देती है। इसलिए सभी नागरिक अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए नशे की लत से दूर रहें। उन्होंने रेखांकित किया कि क्षेत्र में पूर्व में भी नशामुक्ति के लिए जनसहयोग से प्रयास हुए हैं; भविष्य में भी अवैध नशे के कारोबार पर पूर्ण विराम लगाने और इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शासन-प्रशासन पूरी कड़ाई और गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस दौरान बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजनिया, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गोमे  सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी अधिकारी मौजूद रहे।

देर रात भोपाल बीजेपी ने जारी की जिला कार्यसमिति, 90 नेताओं को जिम्मेदारी; पचौरी को अहम स्थान

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी ने भोपाल में जिला संगठन की नई टीम का ऐलान कर दिया है। रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे जिला कार्यसमिति की सूची जारी की गई। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति के बाद जिलाध्यक्ष रविंद्र यती ने सदस्यों के नामों की घोषणा की। नई कार्यसमिति में कुल 90 कार्यकर्ताओं को जिला कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है। इनमें मनोज राठौर, मनोज राजू अनेजा, राजेश खटीक, महेश जोशी, दिनेश पांडे, अनुषा सिंह रघुवंशी, पूजा भारद्वाज, विकास शर्मा (बंटी), सुमत कुमार जैन और सुनील व्यास समेत कई नेताओं को जगह मिली है। सुरेश पचौरी को संगठन में अहम जगह नई सूची में सबसे चर्चित नाम पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी का है। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पचौरी को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। इस श्रेणी में कुल 23 नेताओं को शामिल किया गया है। इनमें रघुनंदन शर्मा, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, ध्रुवनारायण सिंह, महापौर मालती राय, राहुल कोठारी और सुमित पचौरी समेत वरिष्ठ नेता शामिल हैं। स्थायी आमंत्रित सदस्यों की सूची में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ सरकार और संगठन से जुड़े प्रमुख चेहरों को जगह दी गई है।   90 कार्यकर्ताओं को सदस्य बनाया कार्यसमिति में कुल 90 कार्यकर्ताओं को सदस्य बनाया गया है। इनमें मनोज राठौर, मनोज राजू अनेजा, राजेश खटीक, महेश जोशी, दिनेश पांडे, अनुषा सिंह रघुवंशी, पूजा भारद्वाज, विकास शर्मा (बंटी), सुमत कुमार जैन और सुनील व्यास समेत कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को जगह मिली है। 23 नेताओं को स्थाई आमंत्रित सदस्य बनाया  इसके अलावा 23 नेताओं को स्थाई आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। इनमें कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी, रघुनंदन शर्मा, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, ध्रुवनारायण सिंह, महापौर मालती राय, राहुल कोठारी और सुमित पचौरी सहित अन्य नेता शामिल हैं। 21 कार्यकर्ता विशेष आमंत्रित सदस्य वहीं, संगठन ने 21 कार्यकर्ताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया है। इनमें कृष्णमोहन सोनी, हीरेन्द्र बहादुर सिंह (हीरू), अनिल अग्रवाल लिली, नेहा बग्गा, भक्ति शर्मा, सतीश विश्वकर्मा और संदीप बाथम प्रमुख हैं। अनुभवी नेताओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं का संतुलन नई जिला कार्यसमिति में अनुभवी नेताओं के साथ संगठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी जगह दी गई है। पार्टी की नई टीम में विभिन्न स्तर के नेताओं को शामिल कर संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की कोशिश की गई है।नई कार्यसमिति के गठन के बाद अब जिला संगठन की आगामी गतिविधियों और कार्यक्रमों में इन नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए संगठन को मजबूत करने की तैयारी बीजेपी की नई जिला कार्यसमिति के गठन को आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। पार्टी संगठन को बूथ और जिला स्तर पर मजबूत करने के साथ कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने पर जोर दे सकती है।90 नेताओं को शामिल कर बनाई गई नई टीम के जरिए भोपाल में संगठनात्मक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है। जिलाध्यक्ष ने बधाई दी  जिलाध्यक्ष रविन्द्र यती ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों और सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता भाजपा की रीति-नीति के अनुरूप काम करते हुए बूथ से लेकर जिला स्तर तक संगठन को मजबूत करने में भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि शेष कार्यसमिति सदस्यों की घोषणा भी जल्द की जाएगी। 21 नेताओं को विशेष आमंत्रण जिला संगठन ने 21 कार्यकर्ताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल किया है। इनमें कृष्णमोहन सोनी, हीरेन्द्र बहादुर सिंह (हीरू), अनिल अग्रवाल लिली, नेहा बग्गा, भक्ति शर्मा, सतीश विश्वकर्मा और संदीप बाथम सहित अन्य नाम शामिल हैं। इस सूची के जरिए संगठन ने अलग-अलग स्तर पर सक्रिय नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिला टीम से जोड़ने की कोशिश की है। जिलाध्यक्ष रविंद्र यती ने नई जिम्मेदारी पाने वाले सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नई टीम संगठन की विचारधारा और तय कार्यक्रमों के अनुसार काम करते हुए पार्टी को बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक मजबूत करने में भूमिका निभाएगी। भाजपा जिला संगठन के मुताबिक कार्यसमिति के शेष सदस्यों के नाम भी जल्द घोषित किए जाएंगे। इसके साथ ही आने वाले समय में नई टीम के सामने संगठन को जमीनी स्तर पर और सक्रिय करने की जिम्मेदारी होगी। 

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को मिला नया चीफ जस्टिस, विरोध के बावजूद जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने ली शपथ

चंडीगढ़  पंजाब सरकार के विरोध के बीच जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के ताैर पर शपथ ली। शपथ समारोह पंजाब गवर्नर हाउस में हुआ। पंजाब के गवर्नर गुलाबचंद कटारिया ने मिश्रा को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में सीएस केपी सिन्हा, हरियाणा के राज्यपाल असीम घोष और हरियाणा के सीएम नायब सैनी माैजूद रहे।  मिश्रा को नियुक्त करने के खिलाफ पंजाब सरकार ने रविवार को कैबिनेट में प्रस्ताव पास किया था। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई बैठक में मांग की गई कि राज्य सरकार की सहमति लिए जाने तक जस्टिस मिश्रा का शपथग्रहण न करवाया जाए।मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार कैबिनेट ने आरोप लगाया कि नियुक्ति में तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। राज्य सरकार से राय मांगे जाने के बावजूद उसका जवाब आने से पहले ही नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी गई। सरकार ने इसे पंजाब की अनदेखी बताया।  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार ने केंद्र पर संवैधानिक प्रक्रिया की अनदेखी का आरोप लगाया है। रविवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस संबंध में केंद्र सरकार के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति का विरोध किया था। CM भगवंत मान का तर्क था कि जस्टिस मिश्रा की इस नियुक्ति को लेकर उनसे सहमति नहीं ली गई। उन्होंने शपथग्रहण समारोह रोकने की भी मांग की थी। इसी वजह से CM भगवंत मान या पंजाब सरकार का कोई मंत्री शपथग्रहण समारोह में नहीं पहुंचा। हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी और राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष समारोह में मौजूद रहे। एक दिन पहले, रविवार (6 सितंबर) को पंजाब CM भगवंत मान ने इमरजेंसी कैबिनेट मीटिंग बुलाकर जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था। इस प्रस्ताव में कहा गया था कि पंजाब सरकार की सहमति मिलने तक चीफ जस्टिस को शपथ न दिलाई जाए। पंजाब सरकार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से भी इस मामले में अपील की थी। सीएम मान के मुताबिक, केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की सहमति लिए बिना पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति कर दी है। संवैधानिक नियमों की उल्लंघना मान सरकार का कहना है कि यह नियुक्ति तय प्रक्रिया ( मेमोरेंडम आफ प्रोसीजर) और संवैधानिक नियमों की सीधी उल्लंघना है। तय प्रक्रिया के तहत हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति में संबंधित राज्य सरकार से राय लेना अनिवार्य होता है। लेकिन पंजाब व हरियाणा के ताजा नियुक्त किए गए चीफ जस्टिस के मामले में ऐसा नहीं किया गया है। सीएम मान ने केंद्र और पंजाब के बीच टकराव का कारण रहे पुराने लंबित मामलों 9000 करोड़ के पेंडिग ग्रामीण विकास फंड और बाढ़ राहत की राशि का भी जिक्र किया। साथ ही मान सरकार ने केंद्र पर बीबीएमबी के नियमों में एकतरफा बदलाव की ही तरह अब न्यायपालिका की नियुक्तियों में सीधा दखल देने का आरोप लगाया है। केंद्र की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं सीएम मान ने कहा कि केंद्र की यह दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारी मांग है कि इस नियुक्ति को तुरंत रोका जाए और संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए सूबे की राय को बनता सम्मान दिया जाए। ध्यान रहे कि आज दोपहर के वक्त वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा था कि राज्य सरकार पंजाब के राज्यपाल को भी पत्र लिखकर आग्रह करेगी कि नव नियुक्त चीफ जस्टिस को पद की शपथ न दिलाई जाए क्योंकि यह नियुक्ति पंजाब को अनदेखा करके की गई है। राज्य सरकार की राय बाध्यकारी नहीं उधर, भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति अश्वनी शर्मा की नियुक्ति पर पंजाब सरकार के विरोध को दुर्भाग्यपूर्ण और अनावश्यक बताया। उन्होंने कहा कि नियुक्ति राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 217(1) के तहत की है और न्यायाधीशों की नियुक्ति की तय प्रक्रिया का पूरी तरह पालन हुआ है। उनके अनुसार, छह अगस्त को सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने नियुक्ति की सिफारिश की थी और 10 अगस्त को पंजाब व हरियाणा सरकारों से राय मांगी गई। हरियाणा ने समय पर राय दे दी, जबकि पंजाब ने अब तक अपनी राय नहीं भेजी। उन्होंने कहा कि राज्य की राय जरूरी है, लेकिन बाध्यकारी नहीं और सरकार के पास वीटो अधिकार नहीं है। न्यायपालिका में हस्तक्षेप पर बार नाराज परमप्रीत सिंह बाजवा (हैरी) ऑनरेरी सेक्रेटरी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति का पंजाब सरकार द्वारा विरोध किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। बार एसोसिएशन ने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता संविधान की मूल संरचना का हिस्सा है और कार्यपालिका को न्यायिक नियुक्तियों पर राजनीतिक दबाव नहीं बनाना चाहिए। एसोसिएशन के अनुसार, संवैधानिक प्रक्रिया के तहत नियुक्ति होने के बाद राजनीतिक मतभेदों के आधार पर इसे विवाद का विषय बनाना उचित नहीं है। आपात बैठक में कार्यकारिणी ने पंजाब सरकार से नियुक्ति प्रक्रिया का सम्मान करने और हाईकोर्ट की गरिमा बनाए रखने की अपील की। एसोसिएशन ने न्यायपालिका के साथ मजबूती से खड़े रहने का संकल्प लिया। पंजाब सरकार ने क्या एतराज जताए, 4 पॉइंट में पढ़िए…     चीफ जस्टिस की नियुक्ति में स्टैंडर्ड प्रोसीजर फॉलो नहीं: पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति का मामला संवेदनशील है। इस नियुक्ति में स्टैंडर्ड प्रोसीजर (मानक प्रक्रिया) को फॉलो नहीं किया गया। इससे बड़ा सवाल भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार के खिलाफ खड़ा होता है। पंजाब को इग्नोर किया गया।     जस्टिस संधावालिया की नियुक्ति को सहमति नहीं दी थी: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर मोस्ट जस्टिस जीएस संधावालिया को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश 11 जुलाई 2024 को सुप्रीम कोर्ट के CJI और पूरे कॉलेजियम ने की थी। इसके बावजूद BJP की केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार ने उनकी नियुक्ति को 2 महीने से ज्यादा समय तक मंजूरी नहीं दी। 11 जुलाई को सिफारिश के बाद 17 सितंबर तक उनकी नियुक्ति पर सहमति नहीं दी गई।     नियुक्ति में … Read more

बस्तर में विकास को लेकर भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहने की अपील, मुख्यमंत्री ने कहा -स्थानीय जनता की इच्छा और हित सर्वोपरि

रायपुर : बस्तर की जनता जैसा विकास चाहेगी, वैसा ही होगा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर में विकास को लेकर भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहने की अपील, मुख्यमंत्री ने कहा -स्थानीय जनता की इच्छा और हित सर्वोपरि प्रदेश की बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरा सौभाग्य, एक भाई के नाते उनकी सेवा और सुरक्षा के लिए सदैव संकल्पित – मुख्यमंत्री साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर के विकास की दिशा वहां की जनता की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप ही तय होगी। बस्तर की जनता को किसी प्रकार के भ्रम में रहने की आवश्यकता नहीं है। सरकार क्षेत्र में कृषि, पर्यटन, पशुपालन सहित स्थानीय संभावनाओं के अनुरूप आजीविका और विकास के अवसरों को आगे बढ़ा रही है। बस्तर के लोग जैसा विकास चाहेंगे, सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री साय ने निजी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में विभिन्न सवालों के जवाब देते हुए बस्तर के विकास, नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता और महिला सशक्तीकरण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी। बस्तर से जुड़े एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा। आज जब नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई निर्णायक मुकाम पर पहुंची है और क्षेत्र में शांति एवं विकास का नया वातावरण बना है, तब कुछ लोग बस्तर की जनता के बीच यह भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं कि नक्सलवाद को समाप्त करने के पीछे सरकार का उद्देश्य बड़े उद्योगों के लिए रास्ता तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने इसे स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। बस्तर का भविष्य वहां की जनता की आकांक्षाओं और इच्छाओं के अनुरूप ही तय होगा।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जो लोग नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई में कभी साथ नहीं खड़े हुए अथवा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से उसका समर्थन करते रहे, वे अब नए नैरेटिव के माध्यम से लोगों में भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। बस्तर की जनता जागरूक है और ऐसे भ्रामक प्रयासों को भली-भांति समझती है। हमारी सरकार का उद्देश्य बस्तर की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संभावनाओं को आगे बढ़ाते हुए वहां के लोगों के जीवन में समृद्धि लाना है। उन्होंने कहा कि बस्तर में कृषि को सशक्त करने, पशुपालन को बढ़ावा देने और पर्यटन की अपार संभावनाओं को अवसरों में बदलने की दिशा में सरकार निरंतर काम कर रही है। शांति स्थापित होने के साथ अब दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंच रहा है और स्थानीय युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। हमारा प्रयास है कि बस्तर अपनी विशिष्ट पहचान और समृद्ध संस्कृति को सहेजते हुए विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचे। बहनों का ‘भैया’ कहना मेरे लिए सबसे बड़ा सौभाग्य साक्षात्कार के दौरान प्रदेश की बहनों द्वारा विष्णु भैया नाम से पुकारे जाने और बहनों के मुख्यमंत्री से आत्मीय जुड़ाव को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की बहनें उन्हें ‘भैया’ कहकर पुकारती हैं और अपने परिवार का सदस्य मानती हैं। इससे बड़ा सौभाग्य उनके लिए और क्या हो सकता है ? बहनों से मिलने वाला स्नेह और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक भाई के नाते प्रदेश की बहनों की सेवा, सुरक्षा और उनके जीवन में खुशहाली लाना उनका संकल्प है। सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके सम्मान, स्वाभिमान और सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि प्रदेश की हर बहन को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें और वह आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार तथा छत्तीसगढ़ की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास और स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। सरकार की प्रत्येक नीति और प्रत्येक निर्णय के केंद्र में छत्तीसगढ़ की जनता का हित है।  बस्तर के विकास से लेकर माताओं-बहनों के सशक्तीकरण तक सरकार का संकल्प स्पष्ट है – विकास ऐसा हो, जिसमें जनता की भागीदारी हो, स्थानीय आकांक्षाओं का सम्मान हो और उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

तीजा हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति का पावन पर्व, इसमें मातृशक्ति के प्रेम, आस्था और परिवार की खुशहाली की कामना समाहित : मुख्यमंत्री साय

रायपुर : बहतराई स्टेडियम में गूंजा तीजा तिहार का उल्लास, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बहनों संग साझा की पर्व की खुशियां तीजा हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति का पावन पर्व, इसमें मातृशक्ति के प्रेम, आस्था और परिवार की खुशहाली की कामना समाहित : मुख्यमंत्री साय प्रदेश की बहनें आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहीं, 13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी – मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ी संस्कृति और नारी शक्ति का दिखा भव्य संगम, पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में शामिल हुईं माताएं-बहनें चोरहादेवरी गांव अब ‘रामदेवरी’ के नाम से जाना जाएगा, मुख्यमंत्री ने की घोषणा बेलतरा महोत्सव के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने की 30 लाख रुपए देने की घोषणा रायपुर तीजा तिहार के उल्लास के बीच आज बिलासपुर का बहतराई स्टेडियम छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं के रंग में सराबोर नजर आया। पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में पहुंचीं माताओं-बहनों के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीजा तिहार की खुशियां साझा कीं और उन्हें पर्व की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की सभी बहनों के सुखी, समृद्ध और खुशहाल जीवन की कामना की। बहतराई स्टेडियम में गूंजा तीजा तिहार का उल्लास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तीजा हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति का पावन पर्व है, जिसमें हमारी माताओं-बहनों का प्रेम, आस्था और परिवार की खुशहाली की कामना समाहित है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में तीजा का विशेष स्थान है। इस पर्व पर विवाहित बेटियों के मायके आने और परिवार के साथ पर्व मनाने की हमारी परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। हमारी माताएं और बहनें भगवान शिव एवं माता पार्वती की आराधना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करती हैं। ऐसे पर्व हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ परिवार और समाज के आत्मीय रिश्तों को भी मजबूत बनाते हैं। मुख्यमंत्री साय आज बहतराई स्टेडियम में आयोजित भव्य तीजा मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, श्रीमती भावना बोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में नारी शक्ति को सदैव सम्मान का सर्वोच्च स्थान मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। घर-घर शौचालय निर्माण से महिलाओं की गरिमा और सुविधा सुनिश्चित हुई है। राशन कार्ड महिलाओं के नाम पर बनाए गए हैं। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक योजना की 31 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। यह आर्थिक सहायता बहनों को अपनी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बनाने के साथ परिवार में उनकी भूमिका को और मजबूत कर रही है। प्रदेश की 13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की महिलाएं केवल शासकीय योजनाओं की लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की विकास यात्रा की सक्रिय भागीदार बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। राज्य में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर हमारी बहनें विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन रही हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ हमारी बहनें आधुनिक तकनीक को अपनाकर भी आगे बढ़ रही हैं। ड्रोन दीदियां आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए स्वरोजगार से जुड़कर प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं। कहीं महिलाएं सेंटरिंग प्लेट के व्यवसाय से जुड़ी हैं तो कहीं ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। बस्तर से लेकर बिलासपुर तक हमारी माताएं-बहनें अपनी मेहनत, कौशल और आत्मविश्वास से सफलता की नई कहानियां लिख रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को उद्यमिता और उद्योगों से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रोत्साहन दे रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश की हर बहन को अपनी क्षमता और हुनर के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले और वह आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार तथा प्रदेश की समृद्धि में सहभागी बने। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा, वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध प्रदेश है तथा यहां विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार का प्रयास है कि इन संभावनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और विकास की सुविधाएं गांव तथा लोगों के घर के नजदीक उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का हमारा संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने में प्रदेश की मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जब हमारी बहनें शिक्षित, सुरक्षित, स्वस्थ, आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर होंगी, तभी परिवार मजबूत होंगे और प्रदेश भी तेजी से आगे बढ़ेगा। चोरहादेवरी गांव का नाम होगा ‘रामदेवरी’, बेलतरा महोत्सव के लिए मिलेंगे 30 लाख रुपए मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगातें भी दीं। उन्होंने बिल्हा विकासखंड के चोरहादेवरी गांव का नाम बदलकर ‘रामदेवरी’ किए जाने की घोषणा की। साथ ही माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं का उपस्थित जनसमुदाय ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। हमारी संस्कृति और सामाजिक आत्मीयता को सहेजता है तीजा : उप मुख्यमंत्री साव उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह माताओं और बहनों की आस्था, प्रेम और पारिवारिक समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कमल सखी परिवार द्वारा आयोजित तीजा मिलन समारोह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के साथ समाज में आत्मीयता और आपसी जुड़ाव को मजबूत करते हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक है। यह पर्व महिलाओं के जीवन में विशेष महत्व रखता है। राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सशक्तीकरण और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही … Read more

नशा, अपराध और भ्रष्टाचार के बीच चुनावी मुद्दा बनेगा कर्मचारियों का बकाया DA, पंजाब में बढ़ेगी सियासी गर्मी

चंडीगढ़  पंजाब के विधानसभा चुनाव में इस बार नशे, अपराध और भ्रष्टाचार के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों के बकाया डीए का मुद्दा भी खूब उछलेगा। इस मुद्दे पर सियासत खासी तेज है। विरोधी सियासी दल जहां इसे भुनाते हुए खुद को कर्मचारियों की सबसे हितैषी पार्टी बताने की होड़ में हैं। वहीं, मान सरकार इस विवाद को संभालते हुए चुनाव से पहले इसे हर हाल में खत्म कर कर्मचारियों को साधना चाहती है। पंजाब में करीब सवा तीन लाख सरकारी कर्मचारी हैं, जबकि चार लाख पेंशनर हैं। सरकारी कर्मचारियों व पेंशनरों का डीए विवाद वर्ष 2016 से लंबित बकाये से जुड़ा है। छठे वेतन आयोग के तहत करीब 14191 करोड़ रुपये की देनदारी थी। सरकार ने फरवरी 2025 में पांच वित्त वर्षों में भुगतान के लिए लिक्विडेशन प्लान बनाया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का दावा है कि इसके तहत सरकार करीब 4500 करोड़ रुपये कर्मचारियों का बकाया चुका चुकी है। अब करीब 9691 करोड़ रुपये बाकी हैं। दूसरी ओर, 1 जुलाई 2021 के बाद की डीए/डीआर (महंगाई भत्ता व महंगाई राहत) की किस्तों पर भी विवाद है। हाईकोर्ट ने इसी साल तीन अगस्त को लिक्विडेशन प्लान खारिज कर पूरा बकाया 15 दिन में चुकाने, देरी पर छह प्रतिशत ब्याज और गैर-जरूरी खर्च रोकने का आदेश दिया था। सरकार ने इसे वित्तीय रूप से और वैधानिक तौर पर असंभव बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की है। मुद्दा रहेगा असरदार यह मुद्दा चुनाव में खासा असरदार रहेगा। राजनीतिक मामलों के जानकार हरबंस सिंह बताते हैं कि यह मामला सीधे पंजाब के करीब सवा सात लाख सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके परिवारों से जुड़ा है। यह बड़ा और निर्णायक मतदाता वर्ग है। अभी विरोधी दल कर्मचारियों के आंदोलन में उनके साथ खड़े हैं। यदि मान सरकार ने इसे जल्द नहीं निपटाया तो विरोधी पार्टियां निश्चित तौर पर इसे अपने-अपने घोषणा पत्रों में शामिल करेंगी।