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तीजा हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति का पावन पर्व, इसमें मातृशक्ति के प्रेम, आस्था और परिवार की खुशहाली की कामना समाहित : मुख्यमंत्री साय

रायपुर : बहतराई स्टेडियम में गूंजा तीजा तिहार का उल्लास, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बहनों संग साझा की पर्व की खुशियां तीजा हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति का पावन पर्व, इसमें मातृशक्ति के प्रेम, आस्था और परिवार की खुशहाली की कामना समाहित : मुख्यमंत्री साय प्रदेश की बहनें आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहीं, 13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी – मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ी संस्कृति और नारी शक्ति का दिखा भव्य संगम, पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में शामिल हुईं माताएं-बहनें चोरहादेवरी गांव अब ‘रामदेवरी’ के नाम से जाना जाएगा, मुख्यमंत्री ने की घोषणा बेलतरा महोत्सव के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने की 30 लाख रुपए देने की घोषणा रायपुर तीजा तिहार के उल्लास के बीच आज बिलासपुर का बहतराई स्टेडियम छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं के रंग में सराबोर नजर आया। पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में पहुंचीं माताओं-बहनों के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीजा तिहार की खुशियां साझा कीं और उन्हें पर्व की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की सभी बहनों के सुखी, समृद्ध और खुशहाल जीवन की कामना की। बहतराई स्टेडियम में गूंजा तीजा तिहार का उल्लास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तीजा हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति का पावन पर्व है, जिसमें हमारी माताओं-बहनों का प्रेम, आस्था और परिवार की खुशहाली की कामना समाहित है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में तीजा का विशेष स्थान है। इस पर्व पर विवाहित बेटियों के मायके आने और परिवार के साथ पर्व मनाने की हमारी परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। हमारी माताएं और बहनें भगवान शिव एवं माता पार्वती की आराधना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करती हैं। ऐसे पर्व हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ परिवार और समाज के आत्मीय रिश्तों को भी मजबूत बनाते हैं। मुख्यमंत्री साय आज बहतराई स्टेडियम में आयोजित भव्य तीजा मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, श्रीमती भावना बोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में नारी शक्ति को सदैव सम्मान का सर्वोच्च स्थान मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। घर-घर शौचालय निर्माण से महिलाओं की गरिमा और सुविधा सुनिश्चित हुई है। राशन कार्ड महिलाओं के नाम पर बनाए गए हैं। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक योजना की 31 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। यह आर्थिक सहायता बहनों को अपनी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बनाने के साथ परिवार में उनकी भूमिका को और मजबूत कर रही है। प्रदेश की 13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की महिलाएं केवल शासकीय योजनाओं की लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की विकास यात्रा की सक्रिय भागीदार बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। राज्य में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर हमारी बहनें विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन रही हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ हमारी बहनें आधुनिक तकनीक को अपनाकर भी आगे बढ़ रही हैं। ड्रोन दीदियां आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए स्वरोजगार से जुड़कर प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं। कहीं महिलाएं सेंटरिंग प्लेट के व्यवसाय से जुड़ी हैं तो कहीं ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। बस्तर से लेकर बिलासपुर तक हमारी माताएं-बहनें अपनी मेहनत, कौशल और आत्मविश्वास से सफलता की नई कहानियां लिख रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को उद्यमिता और उद्योगों से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रोत्साहन दे रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश की हर बहन को अपनी क्षमता और हुनर के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले और वह आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार तथा प्रदेश की समृद्धि में सहभागी बने। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा, वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध प्रदेश है तथा यहां विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार का प्रयास है कि इन संभावनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और विकास की सुविधाएं गांव तथा लोगों के घर के नजदीक उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का हमारा संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने में प्रदेश की मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जब हमारी बहनें शिक्षित, सुरक्षित, स्वस्थ, आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर होंगी, तभी परिवार मजबूत होंगे और प्रदेश भी तेजी से आगे बढ़ेगा। चोरहादेवरी गांव का नाम होगा ‘रामदेवरी’, बेलतरा महोत्सव के लिए मिलेंगे 30 लाख रुपए मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगातें भी दीं। उन्होंने बिल्हा विकासखंड के चोरहादेवरी गांव का नाम बदलकर ‘रामदेवरी’ किए जाने की घोषणा की। साथ ही माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं का उपस्थित जनसमुदाय ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। हमारी संस्कृति और सामाजिक आत्मीयता को सहेजता है तीजा : उप मुख्यमंत्री साव उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह माताओं और बहनों की आस्था, प्रेम और पारिवारिक समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कमल सखी परिवार द्वारा आयोजित तीजा मिलन समारोह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के साथ समाज में आत्मीयता और आपसी जुड़ाव को मजबूत करते हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक है। यह पर्व महिलाओं के जीवन में विशेष महत्व रखता है। राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सशक्तीकरण और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही … Read more

नशा, अपराध और भ्रष्टाचार के बीच चुनावी मुद्दा बनेगा कर्मचारियों का बकाया DA, पंजाब में बढ़ेगी सियासी गर्मी

चंडीगढ़  पंजाब के विधानसभा चुनाव में इस बार नशे, अपराध और भ्रष्टाचार के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों के बकाया डीए का मुद्दा भी खूब उछलेगा। इस मुद्दे पर सियासत खासी तेज है। विरोधी सियासी दल जहां इसे भुनाते हुए खुद को कर्मचारियों की सबसे हितैषी पार्टी बताने की होड़ में हैं। वहीं, मान सरकार इस विवाद को संभालते हुए चुनाव से पहले इसे हर हाल में खत्म कर कर्मचारियों को साधना चाहती है। पंजाब में करीब सवा तीन लाख सरकारी कर्मचारी हैं, जबकि चार लाख पेंशनर हैं। सरकारी कर्मचारियों व पेंशनरों का डीए विवाद वर्ष 2016 से लंबित बकाये से जुड़ा है। छठे वेतन आयोग के तहत करीब 14191 करोड़ रुपये की देनदारी थी। सरकार ने फरवरी 2025 में पांच वित्त वर्षों में भुगतान के लिए लिक्विडेशन प्लान बनाया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का दावा है कि इसके तहत सरकार करीब 4500 करोड़ रुपये कर्मचारियों का बकाया चुका चुकी है। अब करीब 9691 करोड़ रुपये बाकी हैं। दूसरी ओर, 1 जुलाई 2021 के बाद की डीए/डीआर (महंगाई भत्ता व महंगाई राहत) की किस्तों पर भी विवाद है। हाईकोर्ट ने इसी साल तीन अगस्त को लिक्विडेशन प्लान खारिज कर पूरा बकाया 15 दिन में चुकाने, देरी पर छह प्रतिशत ब्याज और गैर-जरूरी खर्च रोकने का आदेश दिया था। सरकार ने इसे वित्तीय रूप से और वैधानिक तौर पर असंभव बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की है। मुद्दा रहेगा असरदार यह मुद्दा चुनाव में खासा असरदार रहेगा। राजनीतिक मामलों के जानकार हरबंस सिंह बताते हैं कि यह मामला सीधे पंजाब के करीब सवा सात लाख सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके परिवारों से जुड़ा है। यह बड़ा और निर्णायक मतदाता वर्ग है। अभी विरोधी दल कर्मचारियों के आंदोलन में उनके साथ खड़े हैं। यदि मान सरकार ने इसे जल्द नहीं निपटाया तो विरोधी पार्टियां निश्चित तौर पर इसे अपने-अपने घोषणा पत्रों में शामिल करेंगी।  

CM डॉ. यादव का दुबई दौरा: सोमवार को निवेशकों से संवाद और वैश्विक कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई प्रवास के दूसरे दिन सोमवार को निवेश और वैश्विक संवाद कार्यक्रमों में करेंगे सहभागिता एआईएम कांग्रेस 2026 में मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं की प्रस्तुति, वैश्विक नेताओं और यूएई के वरिष्ठ नेतृत्व से होगा संवाद मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन और ‘इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश’ निवेश सत्र रहेगा प्रमुख आकर्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव एआईएम सत्र को करेंगे संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के चार दिवसीय दुबई प्रवास का दूसरा दिन मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा। सोमवार, 7 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव एआईएम कांग्रेस 2026 में भाग लेंगे और विभिन्न देशों के राजनीतिक एवं शासन-स्तरीय प्रतिनिधियों, निवेशकों तथा यूएई के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ संवाद करेंगे। दिनभर के कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता, औद्योगिक संभावनाओं और वैश्विक साझेदारी के अवसरों को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा। दूसरे दिन मुख्यमंत्री एआईएम कांग्रेस 2026 के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे और मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन करेंगे। एआईएम कांग्रेस के मंच पर मध्यप्रदेश की औद्योगिक शक्ति, निवेश अवसरों और प्रदेश में उपलब्ध अनुकूल कारोबारी वातावरण को वैश्विक निवेश समुदाय के समक्ष प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव संयुक्त अरब अमीरात के संघीय सर्वोच्च परिषद के सदस्य एवं रास अल खैमाह के शासक महामहिम शेख सऊद बिन सक्र अल कासिमी से शिष्टाचार भेंट भी करेंगे। यह मुलाकात मध्यप्रदेश और यूएई के बीच निवेश एवं आर्थिक सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी। एआईएम कांग्रेस के लीडर्स सेशन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्राध्यक्षों एवं शासनाध्यक्षों की उपस्थिति में संबोधित करेंगे। वैश्विक नेतृत्व के इस महत्वपूर्ण मंच पर मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश की विकास यात्रा, निवेश की संभावनाओं और राज्य में उद्योगों के लिए तैयार किए जा रहे अनुकूल इकोसिस्टम को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समक्ष रखेंगे। इसी मंच पर इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के लिए वैश्विक निवेशकों को आमंत्रण भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की तातारस्तान गणराज्य, रूस के गवर्नर के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक मध्यप्रदेश और रूस के बीच औद्योगिक एवं निवेश सहयोग की संभावनाओं पर संवाद का महत्वपूर्ण अवसर होगी। दिवस का एक प्रमुख कार्यक्रम ‘इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश, इंडिया’ निवेश सत्र होगा। इस सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैश्विक निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों के समक्ष मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता, प्रमुख सेक्टरों, औद्योगिक अधोसंरचना और निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री का संबोधन प्रदेश को एक विश्वसनीय और उभरते निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने पर केंद्रित रहेगा। इसके बाद यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयूदी की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव संबोधित करेंगे। यह संवाद भारत-मध्यप्रदेश और यूएई के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को और व्यापक बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री महामहिम अब्दुल्ला बिन तौक अल मरी के साथ बैठक भी होगी। बैठक में निवेश, व्यापार, पर्यटन और आर्थिक सहयोग से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होगा। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव की विदेश व्यापार राज्य मंत्री एवं एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयूदी के साथ बैठक होगी। दुबई प्रवास के दूसरे दिन मुख्यमंत्री की लूलू ग्रुप इंटरनेशनल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक यूसुफ अली एम.ए. के साथ बैठक भी महत्वपूर्ण होगी। लूलू ग्रुप के साथ संवाद के माध्यम से मध्यप्रदेश में निवेश एवं व्यापार विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। दिवस के समापन पर दुबई के महावाणिज्य दूत द्वारा आयोजित रात्रिभोज में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहभागिता रहेगी।  

तीजा-पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और कृषि परंपरा का प्रतीक : सीएम विष्णुदेव साय

तीजा-पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और कृषि परंपरा के प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री ने कबीर नगर में सर्व समाज भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की मुख्यमंत्री साय मोर माटी सांस्कृतिक संगठन के तीजा-पोरा तिहार कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के कबीर नगर स्थित दशहरा मैदान में मोर माटी सांस्कृतिक संगठन द्वारा आयोजित तीजा-पोरा तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तीजा-पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के प्रतीक हैं। तीजा हमारी माताओं-बहनों, परिवार और रिश्तों से जुड़ा पर्व है, वहीं पोरा हमारे अन्नदाता किसानों, खेती और पशुधन के सम्मान का पर्व है। ऐसे लोकपर्व हमारी संस्कृति को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनाए रखने के साथ समाज में आत्मीयता और समरसता को भी मजबूत करते हैं। मुख्यमंत्री साय ने मोर माटी सांस्कृतिक संगठन की मांग पर कबीर नगर में सर्व समाज भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया और माताओं-बहनों को तीजा पर्व के अवसर पर साड़ी भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने सभी को तीजा-पोरा तिहार की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि मोर माटी सांस्कृतिक संगठन द्वारा हर वर्ष इस पर्व को भव्यता और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसमें सभी समाजों की सहभागिता और समरसता का भाव है। हमारे तीज-त्योहार हमें अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ एक-दूसरे के और करीब लाते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है— ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।’ तीजा तिहार माताओं-बहनों के त्याग, तप और परिवार के प्रति उनके समर्पण का पर्व है। इस दिन महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और पति की दीर्घायु की कामना के साथ व्रत रखती हैं, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं तथा कथा श्रवण और रात्रि जागरण करती हैं। उन्होंने कहा कि भारत तीज-त्योहारों का देश है और छत्तीसगढ़ की संस्कृति में इन पर्वों की विशेष महत्ता है। एकादशी और करमा तिहार सहित हमारे अनेक पर्वों के पीछे सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश निहित हैं। ये परंपराएं हमारे पूर्वजों की अमूल्य विरासत हैं। इन्हें सहेजना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी संस्कृति और परंपराओं के महत्व को समझें और उनसे जुड़ी रहें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान और माताओं-बहनों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी गई। बीते दो वर्षों में 11 लाख से अधिक आवास बन चुके हैं और प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता दी जा रही है और अब तक 31 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि गांव की महिलाओं के लिए यह राशि आर्थिक संबल का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। महिलाएं इस राशि का उपयोग किराना एवं सब्जी दुकान जैसे छोटे व्यवसाय शुरू करने, सिलाई मशीन खरीदने और बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में बचत करने जैसे कार्यों में कर रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास की राह में बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बनाई गई प्रभावी रणनीति और हमारे सुरक्षाबलों के अदम्य साहस से आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हुआ है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 15 हजार आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए अलग से आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत कर सकें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन के लिए ई-फाइल प्रणाली लागू की गई है तथा शासकीय प्रक्रियाओं को तेजी से डिजिटल और ऑनलाइन बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिक चौबीसों घंटे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के लिए चार स्तरों पर लगभग 8 हजार कर्मचारियों को जोड़ा गया है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं नागरिकों को मोबाइल पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन कराए जा रहे हैं और अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत प्रदेश के बुजुर्गों को देश के चयनित 31 तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू सहित रमेश सिंह ठाकुर, भगतराम हरबंस, चंद्रशेखर शुक्ला, टेकेश्वर चंद्रा, धीरेन्द्र परगनिहा, देवा साहू, ओमप्रकाश मरावी, मनोज जोशी, मैक मिलन साहू, मोर माटी सांस्कृतिक संगठन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य निवेशकों के लिए दीर्घकालिक विकास साझेदारी का एक विश्वसनीय मंच तैयार करना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दुबई में मध्यप्रदेश के वैश्विक निवेश मिशन की प्रभावशाली शुरुआत मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य निवेशकों के लिए दीर्घकालिक विकास साझेदारी का एक विश्वसनीय मंच तैयार करना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहले दिन प्रवासी भारतीय समुदाय, राजनयिक नेतृत्व और वैश्विक निवेश नेटवर्क से हुआ सशक्त संवाद दुबई में मध्यप्रदेश की शिल्प कला से जुड़ रहा वैश्विक समुदाय भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अपने चार दिवसीय वैश्विक निवेश एवं व्यापारिक दौरे के प्रथम दिवस की शुरुआत विभिन्न उच्चस्तरीय गतिविधियों और महत्वपूर्ण संवादों के साथ की। इस दौरे का उद्देश्य मध्यप्रदेश को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), वैश्विक औद्योगिक साझेदारियों तथा दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग के लिए एक अग्रणी निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। प्रतिनिधिमंडल 7 से 9 सितम्बर 2026 तक आयोजित एआईएम कांग्रेस 2026 में भाग लेकर राज्य की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश अवसरों और विकास दृष्टि को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत भारतीय मिशन के अधिकारियों द्वारा किया गया। इसके पश्चात होटल फॉर्च्यून एट्रियम में संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में जितेंद्र वैद्य के नेतृत्व में लगभग 50 प्रवासी भारतीयों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रवासी भारतीय समुदाय को राज्य के विकास और वैश्विक ब्रांडिंग में महत्वपूर्ण साझेदार बताया। ओडीओपी एवं जीआई उत्पाद प्रदर्शनी का किया उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ताज दुबई, बिजनेस बे में आयोजित मध्यप्रदेश के ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) एवं भौगोलिक संकेतक (जीआई) उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का उद्घाटन कर मध्यप्रदेश की समृद्ध हस्तशिल्प, हथकरघा और पारंपरिक कला विरासत को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया। प्रदर्शनी में राज्य के छह विशिष्ट विरासत उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जिनमें बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी तथा ग्वालियर कारपेट शामिल हैं। ये उत्पाद मध्यप्रदेश के पारंपरिक कौशल, सांस्कृतिक विविधता और निर्यात क्षमता का प्रतिनिधित्व करते हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य इन उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना, अंतर्राष्ट्रीय खरीददारों से जोड़ना तथा कारीगरों के लिए नए आर्थिक अवसर सृजित करना है। भारतीय राजनयिक नेतृत्व के साथ रणनीतिक विचार-विमर्श मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल तथा दुबई एवं नॉर्थ अमीरात के भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में यूएई में कार्यरत भारतीय मिशन की भूमिका, निवेश आकर्षण की संभावनाएं तथा मध्यप्रदेश और यूएई के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान राज्य में उपलब्ध औद्योगिक भूमि, विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी, निवेशक-अनुकूल नीतियों, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं तथा औद्योगिक अवसंरचना को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। साथ ही यूएई के संप्रभु निवेश कोषों, प्रमुख कॉर्पोरेट समूहों, व्यापारिक संगठनों और संस्थागत निवेशकों के साथ संपर्क स्थापित करने के लिये भारतीय मिशन के सहयोग का आग्रह किया गया। मुख्यमंत्री ने राजदूत और महावाणिज्य दूत को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में सक्रिय भागीदारी के लिए भी आमंत्रित किया। अरब संसद के अध्यक्ष के साथ उच्चस्तरीय संवाद प्रथम दिवस की एक अन्य महत्वपूर्ण गतिविधि अरब संसद के अध्यक्ष महामहिम मोहम्मद अहमद अल यामाही के सम्मान में आयोजित विशेष दोपहर भोज रहा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब देशों और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्रों में व्यापक सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश के नवकरणीय ऊर्जा, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी अवसंरचना क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामहिम मोहम्मद अहमद अल यामाही तथा उनके नेतृत्व वाले अरब व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश का दौरा करने और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया। बैठक के दौरान खाद्य प्रसंस्करण, कृषि मूल्य श्रृंखला, कोल्ड चेन अवसंरचना, कृषि लॉजिस्टिक्स तथा दीर्घकालिक निर्यात सहयोग की संभावनाओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने जीआईएस-2027 के लिए मध्य पूर्व और अफ्रीका क्षेत्र के अनेक देशों के संसदीय नेताओं एवं संसद अध्यक्षों को महामहिम यामाही द्वारा विशेष आमंत्रण प्रेषित किए। आमंत्रित गणमान्य व्यक्तियों में अल्जीरिया, बहरीन, कोमोरोस, जिबूती, मिस्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, लीबिया, मॉरिटानिया, मोरक्को, ओमान, फिलिस्तीन, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया, सूडान, सीरिया, ट्यूनीशिया, संयुक्त अरब अमीरात तथा यमन के संसदीय प्रमुख शामिल हैं। इन आमंत्रणों के माध्यम से मध्यप्रदेश और पश्चिम एवं अफ्रीकी देशों के बीच निवेश, व्यापार, उद्योग, अवसंरचना विकास, नवाचार तथा आर्थिक सहयोग को नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन देशों के संसदीय नेतृत्व को मध्यप्रदेश की निवेशक-अनुकूल नीतियों, आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना और जीआईएस-2027 के माध्यम से उपलब्ध वैश्विक साझेदारी के अवसरों से अवगत कराते हुए सम्मेलन में सक्रिय सहभागिता का आग्रह किया। वैश्विक मीडिया के समक्ष प्रस्तुत हुई मध्यप्रदेश की विकास दृष्टि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया संवाद में मध्यप्रदेश की औद्योगिक, अवसंरचनात्मक, पर्यटन तथा लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को वैश्विक मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए दीर्घकालिक विकास साझेदारी का एक विश्वसनीय मंच तैयार करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की सिंगल विंडो प्रणाली, त्वरित स्वीकृति तंत्र, प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों तथा राज्य की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को निवेशकों के लिए विशेष आकर्षण बताया। एआईएम कांग्रेस 2026 के ‘टाइकून्स रात्रि भोज’ कार्यक्रम में सहभागिता दुबई दौरे के प्रथम दिवस का समापन एआईएम कांग्रेस 2026 के विशेष आमंत्रण-आधारित उच्चस्तरीय नेटवर्किंग कार्यक्रम ‘टाइकून्स रात्रि भोज’ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहभागिता के साथ हुआ। यह कार्यक्रम एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी की मेजबानी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सॉवरेन वेल्थ फंड्स, फैमिली ऑफिस, संस्थागत निवेशकों, वैश्विक कॉर्पोरेट नेतृत्वकर्ताओं, वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों तथा नीति-निर्माताओं ने भाग लेकर वैश्विक निवेश एवं आर्थिक सहयोग के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर महामहिम इंजीनियर सुल्तान अहमद बिन सुलेयम अल मंसूरी, अध्यक्ष, दुबई चैंबर्स; महामहिम मोहम्मद अली राशिद लूता, अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, दुबई चैंबर्स; महामहिम जासेम मोहम्मद अलबुदैवी, महासचिव, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC); महामहिम अब्दुल्ला बिन आदेल फखरो, उद्योग … Read more

Cancer Alert: मोटापा और तनाव बना रहे बीमारी की वजह, पुरुषों में ओरल- महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर बढ़ा

मुंबई  तनाव, मोटापे और बिगड़ी हुई जीनवशैली की वजह से शहरों में कैंसर के मामले तेज़ी से बढ़े हैं. टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के डेटा के मुताबिक भारत में उत्तर पूर्व के राज्य बिहार, बंगाल उड़ीसा में ओरल कैंसर के साथ लंग्स कैंसर इसोफेगस और स्टमक कैंसर के मामले बहुत तेजी से बढ़े हैं. और ये आंकड़ा राष्ट्रीय औसत के भी आगे निकल गया है।  पुरुषों में अगर सबसे ज्यादा मामले ओरल कैंसर के हैं तो महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर. सर्वाइकल कैंसर ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहरों में तेजी से बढ़ा है. कैसे टाटा मेमोरियल अब कैंसर को लेकर अवेयरनेस के साथ कैंसर फैलने से पहले उसके बचाव की रणनीति पर काम कर रहा है. आर्युवेद पर शुरु होने वाले क्लीनिकल ट्रायल क्या कैंसर के उपचार में नई खोज साबित होंगे. टाटा मैमोरियल हॉस्पिटल क्यों प्राइमरी स्क्रीनिंग पर सबसे ज्यादा जोर दे रहा है।  शहरी जिंदगी का तनाव और मोटापा कैंसर की जड़ टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के रिसेप्शन से लेकर रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट तक मरीज और उनके परिजन ही दिखाई देते हैं. कैंसर के इलाज की पहली और आखिरी उम्मीद है ये अस्पताल. उम्मीद की यहां आ गए तो ज़िंदगी बच सकती है. रेडियोलॉजी एंव एकेडेमिक्स डिपार्टमेंट के हेड डॉ. सुयश कुलकर्णी बताते हैं, ''देश भर से यहां लोग आते हैं. हालांकि हमारे और सेंटर भी हैं, लेकिन एक ट्रेडिशनल जो मरीज का रहता है उसे भरोसा होता है कि अगर मुंबई टाटा मेमोरियल में पहुंच गए तो सब ठीक हो जाएगा।  हम ये पूरी कोशिश करते भी हैं. लेकिन चुनौती ये है कि कैंसर के मामले अब तेजी से बढ़ रहे हैं. और ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहरी इलाकों में इनकी तादाद ज्यादा है.'' डॉ. कुलकर्णी बताते हैं, ''शहरी जिंदगी का तनाव मोटापा और बिगड़ती लाइफस्टाइल इसकी सबसे बड़ी वजह है. दूसरा एक खतरा पेस्टिसाइड्स से भी है.'' वे कहते हैं, ''तनाव सीधे आपके शरीर के सेल्फ डिफेंस सिस्टम पर अटैक करता है. सीधे इम्यूनिटी प्रभावित होती है. तनाव से दूरी योग और एक्सरसाइज ये लाइफ स्टाइल में शामिल किये जाने की जरुरत है।  ये राज्य हैं जहां तेजी से फैल रहा है कैंसर भारत में उत्तर पूर्व के राज्य बिहार, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा इन राज्यों में इसोफेगस कैंसर, लंग्स कैंसर ओरल कैंसर और स्टमक कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल की डॉक्टर शर्मिला पिंपरे के मुताबिक, ''अगर हम एक औसत देखें तो अगर हर एक लाख लोगों में 110 लोगों को कैंसर है तो इन राज्यों में ये आंकड़ा 210 तक पहुंच रहा है. यहां पर मुख्य वजह फूड हैबिट्स के साथ स्मोकिंग भी है. इसी तरह से अगर हम महिलाओं में देखें तो ग्रामीण इलाकों से ज्यादा मामले ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के हैं।  आर्युवेद कैंसर में कितना कारगर क्लीनिकल ट्रायल की तैयारी कैंसर पर किस तरह से पूरी रोकथाम हो सके, इसके लिए प्रयास चिकित्सा की दूसरी विधाओं में भी किए जा रहे हैं. टाटा मैमोरियल हॉस्पिटल एक पूरा सैटअप तैयार कर रहा है. जहां पर आयुष के डॉक्टर्स के साथ पहले आर्युवेद का मेडिकल कल्टिनेशन किया जाएगा. उसके बाद क्लीनिकल ट्रायल भी शुरु होंगे. महाराष्ट्र के खोपोली में इसकी तैयारी हो रही है।  डॉ. शर्मिला बताती हैं, ''आयुष युनानी जो भी दूसरी पद्धतियां हैं उनके भी क्लीनिकल ट्रायल होंगे और फिर एविडेंस के साथ हम इस निश्कर्ष पर पहुंच सकेंगे कि ये कितना कारगर है. खोपोली में 27 एकड़ में ये तैयारी चल रही है.'' वे कहती हैं, ''अभी लोग कीमोथैरेपी छोड़कर आर्युवेद ट्रीटमेंट लेते हैं. लेकिन क्लनिकली साबित हो जाने के बाद ही इस पर जाना चाहिए. इसके लिए ही हम प्रयास कर रहे हैं कि क्या एलोपैथिक के साथ इन दवाओं की भी मदद ली जा सकती है. लेकिन क्लीनिकल ट्रायल के बाद ही परिणाम जान लेने के बाद ही इस मामले में कुछ स्पष्ट हो सकेगा।  कैंसर रोकने अवेयरनेस कैम्प 13 से 15 साल के बच्चे टारगेट टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल केवल रोकथाम ही नहीं कैंसर के लिए जरुरी सावधानी क्या रखनी चाहिए इसके लिए भी जागरुकता अभियान चला रहा है. खास बात ये है कि ये कैम्पेन स्कूल के 13 से 15 साल के बच्चों को टारगेट करके डिजाइन किया गया है. टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल की डॉ मंजूर सैंगर बताती हैं, ''असल में इस एज ग्रुप को चुनने की खास वजह ये है कि ये बच्चे खुद तो स्मोकिग करने से पहले संभाल लेंगे. ये परिवार में भी एक कैटेलिस्ट बनेंगे और सिगरेट से लेकर एल्कोहल रोकने का काम करेंगे. ये बच्चे अगर इस उम्र में संभल गए तो कॉलेज में भी ये इस सबसे दूर रहेंगे। 

PM Kisan की 24वीं किस्त से पहले किसान कर लें ये काम, लैंड सीडिंग नहीं हुई तो नहीं मिलेगा पैसा

नई दिल्ली  देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बार फिर खुशखबरी है. पीएम किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली 2,000 रुपये की राशि की 24वीं किस्त अगले महीने अक्टूबर में आ सकती है. इस योजना के तहत सालभर में कुल 6,000 रुपये मिलते हैं, जो 2-2 हजार की तीन किस्तों में जारी किए जाते हैं. योजना की 23वीं किस्त जून महीने में जारी की गई थी. इस लिहाज से अक्टूबर में फिर 4 महीने पूरे होने पर 24वीं किस्त जारी होने की पूरी संभावना है. इस बार योजना की समीक्षा को और पुख्ता बनाया जा रहा है, जिसके लिए पात्र किसानों को लैंड सीडिंग करवाना जरूरी होगा, तभी किस्त का पैसा मिलेगा।  योजना से जुड़े एक्सपर्ट का कहना है कि अक्टूबर में त्योहारी सीजन भी शुरू हो रहा है. नवरात्र की शुरुआत के साथ ही हिंदू त्योहारों का भी श्रीगणेश हो जाएगा. यही वजह है कि अगले महीने 24वीं किस्त के आने की प्रबल संभावना जताई जा रही है. सरकार ने इस योजना की लगातार समीक्षा भी की है, ताकि पात्र किसानों को इसका फायदा दिलाया जा सके. इसी प्रक्रिया में किसानों की ई-केवाईसी कराने के साथ ही लैंड सीडिंग कराने का भी निर्देश जारी किया गया है।  कुछ किसानों को मिलेंगे 4 हजार रुपये इस बार कुछ किसानों को 2 की जगह 4 हजार मिलने की संभावना है. दरअसल, 23वीं किस्त में कई किसानों को उनकी ई-केवाईसी और जमीन का सत्यापन पूरा नहीं होने की वजह से पैसा नहीं मिला था. ऐसे में जिन किसानों ने अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा कर लिया और जमीनों का सत्यापन भी हो चुका है, उन्हें पिछला बकाया भी मिल जाएगा. इसका मतलब है कि 24वीं किस्त के साथ ही 23वीं किस्त का पैसा भी दिया जाएगा. इस तरह, तमाम किसानों के खाते में इस बार 2 की जगह 4 हजार की राशि आएगी. अगर आपकी भी 23वीं किस्त का पैसा नहीं मिला है तो सभी सत्यापन और ई-केवाईसी पूरी कर लें ताकि पिछले किस्त का पैसा भी मिल सके।  बिना लैंड सीडिंग के नहीं मिलेगा पैसा इस बार बिना लैंड सीडिंग के किसानों को 24वीं किस्त का पैसा नहीं मिलेगा. लैंड सीडिंग का मतलब है कि किसानों की जमीन की जानकारी को पीएम किसान के रिकॉर्ड से जोड़ना और उसका सत्यापन करना. दरअसल, पीएम किसान योजना में उन्हीं लैंड होल्डिंग किसानों को इसका फायदा दिया जाएगा, जिनकी पात्रता राज्य सरकारों के भूमि रिकॉर्ड में दर्ज होती है. लिहाजा अगर आपको भी योजना के तहत 24वीं किस्त का पैसा उठाना है तो इसकी जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होना जरूरी होगा।  कैसे सुधारें अपनी लैंड सीडिंग     किसी किसान को अगर अपनी जमीन के स्टेटस से जुड़ी कोई समस्या दिखती है तो सबसे पहले राज्य सरकार के भूमि रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराना और जमीन की जानकारी देनी चाहिए।      किसान अपने जिले के राजस्व विभाग या सरकार की निर्धारित व्यवस्था के जरिये अपने रिकॉर्ड में सुधार करा सकते हैं।      किसान चाहें तो पीएम किसान की वेबसाइट पर जाकर नो योर स्टेटस के जरिये अपने भुगतान और ई-केवाईसी से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं।      इसके लिए pmkisan.gov.in पर जाएं और रजिस्ट्रेशन नंबर व कैप्चा डालकर ओटीपी के जरिये लॉग इन करें।   

महाकाल सवारी को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 2000 से ज्यादा पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात

उज्जैन  भगवान महाकालेश्वर की सोमवार को निकलने वाली राजसी सवारी को लेकर पुलिस ने सुरक्षा का अभेद घेरा तैयार किया है। सवारी मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में 2000 से ज्यादा पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहेंगे। भीड़ में होने वाली चोरी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 100 से ज्यादा जवान सादी वर्दी में तैनात किए जाएंगे। वहीं 100 से ज्यादा ऊंचे भवनों से पुलिसकर्मी पूरे सवारी मार्ग पर निगरानी रखेंगे। आसमान से 10 ड्रोन कैमरे और जमीन पर सीसीटीवी कैमरों के जरिये भी लगातार निगरानी की जाएगी। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि सवारी की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए इंदौर, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, दतिया, शिवपुरी से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। ड्यूटी में लगाए गए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सवारी मार्ग, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर होटल, लाज और धर्मशालाओं की भी लगातार चेकिंग की जा रही है। राजसी सवारी में उमड़ने वाली भारी भीड़ के बीच मोबाइल, पर्स, मंगलसूत्र और चेन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने विशेष टीम बनाई है। 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी सादी वर्दी में भीड़ के बीच तैनात रहेंगे। संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सवारी व्यवस्था में करीब 100 महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। 20 मार्गों पर प्रतिबंध, सात जगह पार्किंग राजसी सवारी के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था भी बदली रहेगी। यातायात पुलिस ने 20 मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित करने और जरूरत के अनुसार कुछ मार्गों को डायवर्ट करने की योजना बनाई है। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए सात स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यातायात डीएसपी दिलीपसिंह परिहार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग बनाई गई है। भोपाल, इंदौर और देवास की ओर से आने वाले श्रद्धालु वाकणकर पार्किंग, मन्नत गार्डन, हरिफाटक ब्रिज के नीचे और कर्कराज पार्किंग में वाहन खड़े कर सकेंगे। बड़नगर और नागदा की ओर से आने वाले श्रद्धालु- कार्तिक मेला मैदान, मक्सी और आगर की ओर से आने वाले श्रद्धालु क्षीरसागर स्टेडियम और सामाजिक न्याय परिसर में वाहन पार्क करेंगे। इन मार्गों पर वाहनों का प्रवेश रहेगा प्रतिबंधित     हरिफाटक टी से बेगमबाग की तरफ जाने वाले सभी प्रकार के वाहन।     दानीगेट से रामानुज कोट तरफ जाने वाले समस्त प्रकार के वाहन।     गुदरी चौराहा से कहारवाड़ी से होकर रामघाट तरफ जाने वाले वाहन।     तेलीवाड़ा से कमरीमार्ग तरफ आने वाले सभी प्रकार के वाहन।     निकास चौराहा से तेलीवाडा की ओर वाहन नहीं ले जा सकेंगे।     क्षीरसागर से कंठाल चौराहा की ओर।     बियावानी से तेलीवाड़ा की तरफ।     नरेंद्र टॉकीज से कंठाल तरफ आने वाले समस्त प्रकार के वाहन।     दानीगेट से रामानुज कोट तरफ, गुदरी चौराहा से कहारवाडी से होकर रामघाट, तेलीवाड़ा से कमरी मार्ग तरफ आने वाले समस्त प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।     भार्गव तिराहे से टंकी चौक तरफ, केडी गेट से कमरीमार्ग तरफ आने वाले, चक्रतीर्थ टर्निंग से दानीगेट तरफ, शंकराचार्य से दानीगेट, तोपखाने से लोहे का पुल, नलिया बाखल से बेगमबाम चौराहा, बारह खोली से बेगमबाग की तरफ सभी प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। इन मार्गों से होगी आकस्मिक निकासी     महाकाल घाटी से हरिफाटक टी, हरिफाटक चौराहा।     महाकाल घाटी से लोहे का पुल होते हुए दौलतगंज, देवासगेट।     गणगौर दरवाजे से छोटी रपट होते हुए।     कमरी मार्ग से केडी गेट होते हुए पत्ती बजार, जूना सोमवारिया।     मुसद्दीपुरा चौराहा से डाबरी पीठा होकर नई सड़क।     भगत जी चौराहे से छोटा सराफा होकर नमकमंड़ी से नई सड़क ।     छत्री चौक बैंक आफ इंडिया के सामने से लखेरवाड़ी होकर लोहे का पुल अथवा नमक मंड होकर नई सड़क।     हरिसिद्धि पाल से हरसिद्धि तरफ।     गुदरी चौराहा से कसाई बाडा बांसफोड़ की गली तरफ।  

S-400 की कामयाबी से बढ़ा भरोसा, भारत ने रूस से 5 और सिस्टम खरीदने की तैयारी की

नई दिल्ली रूस ने भारत को 5 और एस-400 ट्रायंफ एयर डिफेंस सिस्टम देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। मॉस्को ने नई दिल्ली को बिल ऑफ क्वांटिटीज (BOQ) प्रस्ताव भेज दिया है, जिसमें निर्माण और अन्य सामग्री की लागत का ब्योरा दिया गया है। साथ ही दोनों देशों के बीच कीमत को लेकर बातचीत शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। नरेंद्र मोदी सरकार ने 2018 में रूस के साथ 5.43 अरब डॉलर में 5 एस-400 सिस्टम का सौदा किया था। इस करार के तहत 5वीं और आखिरी प्रणाली नवंबर 2026 में भारत पहुंचने की उम्मीद है। नई खरीद को लेकर अंतिम फैसला कीमत तय होने और वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति करेगी। इस बीच रूस से 2 स्क्वाड्रन एसयू-57 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान खरीदने को लेकर भी चर्चा तेज है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर भारत ने अभी तक एसयू-57 खरीदने का कोई फैसला नहीं किया है। भारतीय वायुसेना ने रूस के प्रस्ताव में जरूर दिलचस्पी दिखाई है। इसकी एक बड़ी वजह चीन की पांचवीं पीढ़ी के जे-20 लड़ाकू विमानों की तिब्बत में तैनाती मानी जा रही है। चीनी सेना ने पश्चिमी थिएटर कमांड के तहत होतान, ल्हासा और न्यिंगची जैसे हवाई ठिकानों पर जे-20 की मौजूदगी बढ़ाई है। ऐसे में भारत अपनी वायु रक्षा और लड़ाकू विमान क्षमता को मजबूत करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। विमान को सीमा से 314 किमी दूर से बनाया निशाना S-400 सिस्टम ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, एस-400 की लंबी दूरी की मिसाइल ने पाकिस्तान के एक हवाई चेतावनी विमान को भारतीय सीमा से करीब 314 किलोमीटर दूर निशाना बनाया था। पाकिस्तान ने आदमपुर और भुज जैसे हवाई ठिकानों पर तैनात एस-400 प्रणालियों को निशाना बनाने के लिए कामिकेज ड्रोन का इस्तेमाल किया, लेकिन भारतीय वायु रक्षा व्यवस्था के कारण पाकिस्तानी लड़ाकू विमान भारतीय सीमा के करीब आने से बचते रहे। भारतीय S-400 और आकाश-टीयर सिस्टम की भूमिका को इस दौरान अहम बताया गया। रिपोर्ट के अनुसार, 10 मई 2025 को पाकिस्तान वायुसेना ने अपने कई हवाई संसाधनों को अफगानिस्तान से लगी डूरंड रेखा के नजदीक स्थित ठिकानों की ओर शिफ्ट कर दिया था। इससे पहले भारत की ब्रह्मोस मिसाइलों ने पाकिस्तान के कई हवाई ठिकानों को निशाना बनाया था। इसी दौरान भारतीय एस-400 और आकाश-टीयर वायु रक्षा प्रणालियों की ओर से पाकिस्तानी विमानों को नुकसान पहुंचाया गया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 11 से 13 सितंबर के बीच दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आने की संभावना है। इस बीच, भारत-रूस रक्षा सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों को मिल सकते हैं 14 लाख रुपये तक, जानिए कैसे बनेगा पूरा हिसाब

नई दिल्ली 8वें वेतन आयोग की टीम अब अगली बैठक चेन्‍नई में करने वाली है. इसके बाद कुछ और शहारों में इसकी बैठक होगी, फिर फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी. इसके बाद कर्मचारी कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार करेंगे, तब जाकर 8वां वेतन आयोग देश में लागू कर दिया जाएगा।  1 करोड़ से ज्‍यादा के कर्मचारी और पेंशनर्स भले ही 8वां वेतन आयोग कभी भी लागू किया जाए, लेकिन यह जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जनवरी 2026 से जोड़कर एक साथ एरियर भेजा जाएगा. आइए जानते हैं यह एरियर कितना हो सकता है।  14 लाख रुपये से ज्‍यादा का एरियर एक कैलकुलेशन के मुताबिक, अगर 8वां वेतन आयोग लागू होने में 20 महीने की देरी होती है, तो लेवल 7 के कर्मचारियों को 20 महीने के एरियर के तौर पर ₹14 लाख से ज्‍यादा का अमाउंट एकमुश्‍त मिल सकता है. अब आइए जानते हैं लेवल 4 से 7 तक के बीच कर्मचारियों को कितना एरियर दिया जाएगा।     वेतन आयोग के लागू होने में जितनी देरी होगी, बकाया यानी एरियर की रकम उतनी ही बड़ी होती जाएगी. सूत्रों और एक्‍सपर्ट्स का अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग की स‍िफारिशों को पूरी तरह से लागू होने में करीब 20 महीने या उससे ज्‍यादा का समय लग सकता है।         कितना फिटमेंट फैक्‍टर?  अगर 2.57 के फिटमेंट फैक्‍टर के आधार पर बेसिक सैलरी का कैलकुलेशन किया जाता है, तो मंथली पे ज्‍यादा होगा और उतना ही कर्मचरियों को एरियर दिया जाएगा. यह एरियर कर्मचारियों और पेंशनर्स को एकसाथ भेजा जा सकता है।         लेवल 7 के कर्मचारियों की कुल सैलरी एरियर अनुमानित बेसिक पे 7वें वेतन आयोग के तहत 44,900 रुपये माने, तो 2.57 फिटमेंट फैक्‍टर पर 8वें वेतन आयोग के तहत अनुमानित बेसिक पे ₹1,15,393 होगा. ऐसे में मंथली एरियर ₹70,493 बनेगा और अब 20 महीने का कुल एरियर देखें तो ₹70,493 ✕ 20 = ₹14,09,860 यानी 14.10 लाख रुपये होगा।         लेवल 6 से 4 लेवल तक के कर्मचारियों का कितना एरियर बनेगा  इसी आधार पर कैलकुलेशन करें तो लेवल 6 के कर्मचारियों का 20 महीने बाद एरियर ₹11.11 लाख, लेवल-5 के कर्मचारियों का एरियर ₹9.13 लाख और लेवल-4 के कर्मचारियों को एरियर ₹8 लाख रुपये होगा।