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AAP नेताओं की अहम मुलाकात आज, CM भगवंत मान और केजरीवाल पहुंचेंगे गुरुग्राम जेल

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत मान 23 मई यानी आज  संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान जेल में संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। जानकारी के मुताबिक, संजीव अरोड़ा गुरुग्राम जेल में बंद हैं।ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा गिरफ्तारी के बाद यह पहली बार होगा, जब आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता संजीव अरोड़ा से जेल में मिलने पहुंचेंगे। इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। ED ने किया था गिरफ्तार पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने पहले उन्हें 7 दिन के रिमांड पर लिया। इसके बाद दो दिन का अतिरिक्त रिमांड भी मिला था। पूछताछ पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सूत्रों के अनुसार ईडी की जांच वित्तीय लेन-देन और कुछ कारोबारी गतिविधियों से जुड़े मामलों को लेकर चल रही है। हालांकि आम आदमी पार्टी लगातार इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रही है। गिरफ्तारी के बाद AAP का खुला समर्थन संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी लगातार उनके समर्थन में खड़ी नजर आई। पार्टी नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए कर रही है। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल का जेल जाकर मुलाकात करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व पूरी तरह अरोड़ा के साथ खड़ा है। पंजाब की राजनीति में अहम चेहरा संजीव अरोड़ा पंजाब की राजनीति और उद्योग जगत दोनों में सक्रिय रहे हैं। आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया था और बाद में पार्टी के प्रमुख चेहरों में उनकी गिनती होने लगी। पार्टी संगठन और कारोबारी वर्ग में मजबूत पकड़ रखने वाले अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई थी। विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। जेल मुलाकात पर राजनीतिक नजर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी है। निकाय चुनावों और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच आप अपने नेताओं के समर्थन का स्पष्ट संकेत देना चाहती है। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी नेता संजीव अरोड़ा के बीच गुरुग्राम जेल में होने वाली मुलाकात को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का गुरुग्राम जेल में आम आदमी पार्टी नेता संजय अरोड़ा से मिलने जाना केवल एक सामान्य मुलाकात नहीं, बल्कि इसके पीछे कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुलाकात के तीन प्रमुख कारण हो सकते हैं। पहला, जेल में बंद व्यक्ति को यह समझाना कि ''अगर कमाया हुआ पैसा वापस जाना भी पड़े तो रोना नहीं चाहिए'', दूसरा, कथित तौर पर 'लूटे हुए धन' की जानकारी हासिल करना, और तीसरा, जेल के माहौल और व्यवस्था को समझना। रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि यह सिर्फ एक 'मीटिंग' नहीं थी, बल्कि एक तरह की 'रेकी' थी, जिससे आगे की राजनीतिक परिस्थितियों का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कई और नाम भी सामने आ सकते हैं। अरोड़ा को 9 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम की एक विशेष अदालत ने 16 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था। अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने 9 मई को चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें मंत्री का सरकारी आवास भी शामिल था। यह कार्रवाई 2024 में भी हुई जांच से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें औद्योगिक जमीन को रिहायशी परियोजनाओं में बदलने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल हैं। इस कार्रवाई को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। अब गुरुग्राम की जेल में बंद संजीव अरोरा से सीएम भगवंत मान की होने वाली मुलाकात को लेकर केंद्रीय मंत्री ने तंज कसा है और कहा है कि आने वाले दिन में किसी अन्य नेता का नंबर आ सकता है, ऐसे में सीएम मान जेल की सुविधाओं का आंकलन करने के लिए जेल जा रहे हैं।

महंगाई का नया झटका! पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा, जानें पंजाब और चंडीगढ़ में आज का ताजा भाव

चंडीगढ़  पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। आज पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। 10 दिन में तीसरी बार ईंधन की कीमतों में इजाफा किया गया है। बढ़ती कीमतों से लोगों में हाहाकार मच गया है।बढ़ोतरी के बाद अब लुधियाना में पेट्रोल का दाम 103.03 रुपये हो गया है। वहीं अमृतसर में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गया है।  लोग बोले-कैसे चलेगा घर वैश्विक ऊर्जा संकट और ईरान संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। इससे लोगों में खासी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि रोजमर्रा के खर्च पहले ही बढ़ चुके हैं और अब पेट्रोल-डीजल महंगा होने से सफर करना भी मुश्किल होता जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर नौकरीपेशा लोगों, ऑटो चालकों और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है। शहरवासियों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से सब्जियों, दूध और अन्य जरूरी सामान के दाम भी बढ़ेंगे। 10 दिन में कितना बढ़ा दाम? ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी पिछले कुछ दिनों में बेहद तेज रफ्तार से हुई है:     ताजा बढ़ोतरी (23 मई): पेट्रोल +87 पैसे, डीजल +91 पैसे     इससे पहले (मंगलवार): पेट्रोल +87 पैसे, डीजल +91 पैसे     15 मई को: तेल कंपनियों ने एक बार में पेट्रोल और डीजल दोनों पर करीब 3 रुपये प्रति लीटर का झटका दिया था आखिर दाम क्यों बढ़ रहे हैं? इस लगातार बढ़ोतरी की मुख्य वजह पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहा भू-राजनीतिक संकट है। इस संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की सप्लाई पर मंडरा रहे खतरे ने वैश्विक कीमतों को आसमान छूने पर मजबूर कर दिया है। भारत अपनी जरूरत का करीब 85 से 90 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से मंगाता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई हलचल का असर तुरंत देश के अंदर दिखने लगता है। पिछले कुछ महीनों में भारतीय क्रूड बास्केट (कच्चे तेल की कीमतों का औसत) की कीमत में भारी उछाल आया है, जिससे तेल कंपनियों (IOC, HPCL, BPCL) का घाटा बढ़ता जा रहा था। अब इसी घाटे की भरपाई आम उपभोक्ताओं की जेब से करवाई जा रही है। सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, महंगी होंगी ये सब चीजें विशेषज्ञों और आम लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ गाड़ियों में तेल भरवाने तक सीमित नहीं रहेगा। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट) सीधा महंगी हो जाती है। जब ट्रकों का किराया बढ़ेगा, तो मंडियों से लेकर दुकानों तक आने वाली हरी सब्जियां, फल, दूध, राशन (अनाज-दाल) और दूसरी रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम भी अपने आप बढ़ जाएंगे। इसका मतलब साफ है कि आने वाले दिनों में रसोई का बजट और भी बिगड़ सकता है। बाजार विशेषज्ञों की मानें तो अगर वैश्विक स्तर पर तनाव खत्म नहीं हुआ और कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहे, तो तेल कंपनियां आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी कर सकती हैं। पंजाब में सूख सकते हैं पंप पंजाब के पेट्रोल पंपों पर तो पेट्रोल-डीजल खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है। एक दिन पहले ही पंजाब पेट्रोल डीलर एसोसिएशन ने मुख्य सचिव को इस संबध में पत्र लिखा है और मांग की है कि सप्लाई सही करने के लिए तेल कंपनियों को निर्देश जारी किए जाने चाहिए। अगर सप्लाई न हुई तो आगे स्थिति बिगड़ सकती है।  एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अशोक कुमार थापर ने कहा कि तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की उचित सप्लाई नहीं दे रही हैं। इस वजह से उनका स्टॉक खत्म हो रहा है। वह कंपनियों से बात कर रहे हैं लेकिन कोई राहत नहीं मिल रही है। सूबे में खरीफ सीजन शुरू होने वाला है और इस समय डीजल की मांग बढ़ती जा रही है लेकिन सप्लाई न होने से स्थिति चिंताजनक बनती जा रही है। सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों ने पेट्रोल पंपों को एक हजार लीटर पेट्रोल और 2 हजार डीजल का स्टॉक रखने के लिए बोला है लेकिन सप्लाई न होने के कारण उनके लिए इन आदेशों की पालना करना मुश्किल हो गया है।   पेट्रोल की कीमत (Petrol price today) दिल्ली – 99.51 रुपये नोए़़डा – 99.51 रुपये भोपाल – 96.85 रुपये चंडीगढ़- 98.95 रुपये गुवाहाटी – 103.01 रुपये जयपुर – 109.87 रुपये पटना – 110.37 रुपये लखनऊ – 99.28 रुपये पोर्टब्लेयर – 92.16 रुपये रांची – 102.60 रुपये कोलकाता – 110.64 रुपये चेन्नई – 105.31 रुपये डीजल की कीमत (Diesel price today) दिल्ली – 92.49 रुपये नोएडा – 92.84 रुपये भोपाल – 111.71 रुपये चंडीगढ़ – 86.49 रुपये गुवाहाटी – 94.39 रुपये जयपुर – 95.05 रुपये पटना – 96.53 रुपये लखनऊ – 92.64 रुपये पोर्टब्लेयर – 82.22 रुपये रांची – 97.66 रुपये कोलकाता – 97.02 रुपये चेन्नई – 96.98 रुपये 10 दिन में करीब 5 रुपये महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल (petrol diesel price hike news) इस महीने सबसे पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले हफ्ते शुक्रवार को 3-3 रुपये का इजाफा किया गया था। उसके बाद एक बार फिर से तेल की कीमतों में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 90 पैसे की बढ़ोतरी की थी। आज हुए इजाफे को अगर मिला लें तो 10 दिन में पेट्रोल और डीजल का रेट करीब 5 रुपये प्रति लीटह महंगा हो गया है। कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी (Crude oil price today) ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का रेट बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सस इंटरमीडियट (WTI) का रेट 1.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद 97.46 डॉलर प्रति बैरल आज बिक रहा है। बता दें, युद्ध से पहले इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल का रेट 70 डॉलर प्रति बैरल था। क्रूड ऑयल के बढ़े हुए रेट की वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर हुई हैं। आगे अभी और बढ़ेगा पेट्रोल और डीजल का दाम? आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा या गिरावट इंटरनेशनल मार्केट की स्थिति पर निर्भर करेगा। मौजूदा परिस्थितियों को देखकर लगता है कि पेट्रोल और डीजल का … Read more

आयुर्वेद चिकित्सा के सफल प्रयोगों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर, बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आयुर्वेद चिकित्सा के सफल प्रयोग की जानकारी और लाभ जन-जन तक पहुंचायें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुजुर्ग रोगियों के लिए वयोमित्र कार्यक्रम एक आदर्श मॉडल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन से जुड़े स्थानों पर आयुर्वेद पद्धति से चिकित्सा व्यवस्था और वेलनेस केन्द्र स्थापित करने की पहल सराहनीय है। अन्य प्रदेशों में हुए ऐसे सफल प्रयोगों और नवाचारों का अध्ययन कर बेहतर कार्य करते हुए उन्होंने जन-जन तक इनकी जानकारी और इनका लाभ पहुंचाने के आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वृद्ध नागरिकों की डोर टू डोर आयुष देखभाल के लिए वयोमित्र कार्यक्रम उपयोगी है। इसी तरह कारूण्य के अंतर्गत असाध्य रोगों का कष्ट झेल रहे रोगियों के जीवन को गुणवत्तापूर्ण बनाने का कार्य भी प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में आयुष विभाग के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के साथ किए गए एमओयू के अंतर्गत प्रदेश में 12 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें विश्व धरोहर स्थल खजुराहो जिला छतरपुर के साथ ही ओंकारेश्वर जिला खण्डवा, चंदेरी जिला अशोकनगर, चित्रकूट जिला सतना, पचमढ़ी जिला नर्मदापुरम, ओरछा जिला निवाड़ी के अलावा उज्जैन, दतिया, मंदसौर, आलीराजपुर, सिंगरौली और आगर-मालवा शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलोपैथी के साथ ही ऐसी चिकित्सा पद्धतियों का प्रोत्साहन आवश्यक है जो भारतीय परम्परा से जुड़ी हैं। प्रदेश के अनेक स्थानों पर प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य कार्यरत हैं। इनकी सेवाओं से बड़ी संख्या में नागरिक लाभान्वित होते हैं। उज्जैन सहित प्रदेश के अनेक स्थानों पर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का लाभ लेकर शल्य चिकित्सा के बिना रोगियों को लाभान्वित करने के उदाहरण मिलते हैं। सामान्य प्रसव करवाने वाले अस्पताल भी प्रदेश में संचालित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजीवन आयुर्वेद चिकित्सा का लाभ लेने वाले नागरिकों को भी प्रोत्साहन कार्यक्रमों से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य नीति-2017 और विजन-2047 के अनुक्रम में प्रदेश के जिला स्तरीय चिकित्सालयों में विकल्प के रूप में आयुष चिकित्सा के लिए पृथक विंग स्थापित करने का कार्य चल रहा है। प्रत्येक आयुष विंग में पंचकर्म यूनिट की स्थापना भी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन कार्यों की गति बढ़ाई जाए। बैठक में बताया गया कि जिलों में आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों के व्यापक संचालन के अंतर्गत सुप्रजा, आयुर्विद्या, वयोमित्र, मस्कुलर-स्केलेटल प्रिवेंटिव कार्यक्रम और कारूण्य का लाभ नागरिकों को दिलवाया जा रहा है। जनजातीय बहुल और सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित जिलों में आयुर्वेद औषधियों का वितरण भी सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 22 जिलों के एलोपैथी चिकित्सालयों में आयुष विंग की स्थापना की कार्यवाही चल रही है। पांच नए आयुर्वेदिक कॉलेज स्थापित करने और 12 जिलों में 50 बिस्तर क्षमता के आयुष अस्पताल प्रारंभ करने का कार्य चल रहा है। भारत सरकार से राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत गत दो वर्ष में नर्मदापुरम, मुरैना, शहडोल, बालाघाट, सागर, झाबुआ और शुजालपुर जिला शाजापुर में नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय के निर्माण की मंजूरी मिली है। भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय के परिसर में 29 करोड़ की लागत से प्रशासनिक और अकादमिक भवन का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में 6 जिला आयुष कार्यालय बन कर तैयार हो गए हैं। इसी तरह 80 आयुष औषधालयों के भवन बनाए जाने थे, जिनमें से 53 का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। आयुष विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 में प्रदेश के सभी 9 आयुष महाविद्यालयों को फर्स्ट रेफेरल यूनिट के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। सभी 9 आयुष महाविद्यालयों में हॉस्टल बनाने, सीट क्षमता का 100 तक उन्नयन करने, यूनानी पाठ्यक्रम हिंदी में उपलब्ध करवाने, आयुष महाविद्यालयों में शोध कार्य बढ़ाने और बालाघाट में आयुष शोध केन्द्र का संचालन प्रारंभ करने का भी लक्ष्य है। श्रम विभाग से समन्वय कर प्रदेश के लगभग 13 लाख कर्मचारी राज्य बीमा में पंजीकृत श्रमिक परिवारों को आयुष चिकित्सा पद्धति की कैशलेस सुविधा दिलवाने का लक्ष्य है। स्वास्थ्य बीमा में आयुष को शामिल करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्रदेश में 7 आयुष महाविद्यालयों में फार्मेसी विभाग स्थापित करने, आयुष विश्वविद्यालय की पहल और एक प्राकृतिक एवं योग महाविद्यालय स्थापित करने तथा ऐसे जिलों जहां आयुष चिकित्सा सुविधा नहीं है, वहां 20 आयुष मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रारंभ करने के कार्यों के लिए लगभग 75 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। बैठक में आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव आयुष शोभित जैन और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

कच्चे तेल में उछाल से आम आदमी पर मार, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी; जानें ताजा भाव

नई दिल्ली  पेट्रोल और डीजल का रेट आज शनिवार, 23 मई 2026 को फिर से बढ़ गया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 10 दिन के अंदर तीसरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम को बढ़ाया है। आज शनिवार को पेट्रोल की कीमतों में 0.87 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 0.91 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। आइए जानते हैं कि देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल का क्या रेट चल रहा है? पेट्रोल की कीमत (Petrol price today) दिल्ली – 99.51 रुपये नोए़़डा – 99.51 रुपये भोपाल – 96.85 रुपये चंडीगढ़- 98.95 रुपये गुवाहाटी – 103.01 रुपये जयपुर – 109.87 रुपये पटना – 110.37 रुपये लखनऊ – 99.28 रुपये पोर्टब्लेयर – 92.16 रुपये रांची – 102.60 रुपये कोलकाता – 110.64 रुपये चेन्नई – 105.31 रुपये डीजल की कीमत (Diesel price today) दिल्ली – 92.49 रुपये नोएडा – 92.84 रुपये भोपाल – 111.71 रुपये चंडीगढ़ – 86.49 रुपये गुवाहाटी – 94.39 रुपये जयपुर – 95.05 रुपये पटना – 96.53 रुपये लखनऊ – 92.64 रुपये पोर्टब्लेयर – 82.22 रुपये रांची – 97.66 रुपये कोलकाता – 97.02 रुपये चेन्नई – 96.98 रुपये 10 दिन में करीब 5 रुपये महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल इस महीने सबसे पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले हफ्ते शुक्रवार को 3-3 रुपये का इजाफा किया गया था। उसके बाद एक बार फिर से तेल की कीमतों में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 90 पैसे की बढ़ोतरी की थी। आज हुए इजाफे को अगर मिला लें तो 10 दिन में पेट्रोल और डीजल का रेट करीब 5 रुपये प्रति लीटह महंगा हो गया है। कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी  ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का रेट बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सस इंटरमीडियट (WTI) का रेट 1.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद 97.46 डॉलर प्रति बैरल आज बिक रहा है। बता दें, युद्ध से पहले इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल का रेट 70 डॉलर प्रति बैरल था। क्रूड ऑयल के बढ़े हुए रेट की वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर हुई हैं। आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल और डीजल के दाम? तेल कंपनियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल बना हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ रहा है, जो बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करते हैं। पिछले कुछ दिनों में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी वजह से तेल कंपनियों ने खुदरा ईंधन कीमतों में फिर बढ़ोतरी की है। लगातार तीसरी बार कीमतें बढ़ने से परिवहन खर्च और जरूरी सामानों की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। आम लोगों और बाजार पर क्या असर पड़ेगा? पेट्रोल और डीजल महंगे होने का सबसे बड़ा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। निजी वाहन चलाने वालों का खर्च बढ़ेगा। वहीं, डीजल महंगा होने से ट्रक, बस और माल ढुलाई का खर्च भी बढ़ सकता है। इसका असर सब्जियों, फल, दूध और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर दिखाई दे सकता है। माना जा रहा है कि अगर आने वाले दिनों में भी कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो महंगाई और बढ़ सकती है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने मध्यम वर्ग और व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है।    आगे अभी और बढ़ेगा पेट्रोल और डीजल का दाम? आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा या गिरावट इंटरनेशनल मार्केट की स्थिति पर निर्भर करेगा। मौजूदा परिस्थितियों को देखकर लगता है कि पेट्रोल और डीजल का रेट अभी आगे और बढ़ सकता है। यानी कीमतों में इजाफे के लिए तैयार रहिए। कुछ रिपोर्ट्स में तेल कंपनियों को 9 से 12 रुपये प्रति लीटर के नुकसान की बात कही गई है।

सौर ऊर्जा को जनआंदोलन बनाने पर जोर, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए बड़े निर्देश

सौर ऊर्जा के उपयोग को अधिकाधिक प्रोत्साहित करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोलर उपकरणों की उपलब्धता बढ़ायें मंत्रालय में हुई ऊर्जा विभाग के कार्यों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ऊर्जा उत्पादन के पारम्परिक स्त्रोतों का उपयोग करते हुए राज्य में सौर ऊर्जा के अधिक से अधिक उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। किसानों के लिए सोलर पम्प और गांव से लेकर शहर तक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सोलर उपकरणों की उपलब्धता एवं उपयोग को प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में ऊर्जा विभाग के कार्यों की बैठक में समीक्षा कर रहे थे। नवाचारों की प्रशंसा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऊर्जा विभाग द्वारा किए गए प्रमुख नवाचारों की प्रशंसा की। बैठक में बताया गया कि गत ढाई वर्ष में प्रदेश में ड्रोन आधारित पेट्रोलिंग का नवाचार सफल हुआ है। इससे विद्युत लाइन ट्रिपिंग को 35 प्रतिशत कम करने और 220 केव्ही के लगभग 10 हजार टॉवरों के टॉप पेट्रोलिंग के कार्य में सफलता मिली है। इसी तरह वर्तमान में 400 और 132 केव्ही के 23 हजार टॉवरों के टॉप पेट्रोलिंग का कार्य ड्रोन द्वारा किया जा रहा है। इंसूलेटेड वर्क प्लेटफार्म का नवाचार भोपाल, जबलपुर, इंदौर और दमोह में किया गया। लाइनमैन द्वारा चालू लाइन में ही वेयर हेन्ड तकनीक और हॉट लाइन स्टिक तकनीक का कार्य इससे संभव होता है। गत वर्ष चालू लाइन में 257 परिचालन किए गए। परिचालन कर्मियों और प्रशिक्षु इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए परिचालन सिम्युलेटर स्थापित किया जा रहा है। 19 हजार 895 मेगावॉट की सफलतापूर्वक पूर्ति बैठक में जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी ने विश्वसनीय संचालन का प्रमाण देते हुए विद्युत गृहों द्वारा लगातार विद्युत उत्पादन किया गया है। गत 14 जनवरी को 19 हजार 895 मेगावॉट की सफलतापूर्वक पूर्ति इतिहास की सर्वाधिक पूर्ति है। ट्रांसमिशन कम्पनी का हानियां भी 2.60 प्रतिशत ही हैं। इसी तरह पारेषण उपलब्धता का प्रतिशत 99.52 है। समाधान योजना 2025-26 समाधान योजना 2025-26 के अंतर्गत विलंबित बिल के भुगतान पर सरचार्ज में छूट का लाभ उपभोक्ताओं को दिया गया। कुल 1,970 करोड़ की देनदारियां निराकृत हुईं। उपभोक्ताओं को 473 करोड़ रूपए की सरचार्ज की राशि माफ की गई। स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य प्रगति पर है। तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों द्वारा 40 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित किए गए हैं। प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में प्रीपेड मीटरिंग के अंतर्गत 47 हजार से अधिक मीटर प्रीपेड मोड पर संचालित हैं। इस कार्य में 139 प्रतिशत भौतिक प्रगति प्राप्त की गई। प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ी प्रदेश में मार्च 2024 में कुल विद्युत क्षमता में नवकरणीय ऊर्जा का प्रतिशत 25 था, जो मार्च 2026 में बढ़कर 33 हो गया है। दो वर्ष पहले जहां 5 हजार 690 मेगावॉट ऊर्जा नवकरणीय स्त्रोतों से उत्पादित की जा रही थी, वहीं अब यह 8 हजार 608 मेगावॉट तक पहुंच गई है। इस उपलब्धि में सर्वाधिक योगदान 5 हजार 376 मेगावॉट सौर ऊर्जा का है। प्रदेश में पवन और अन्य नवकरणीय ऊर्जा से 3 हजार 232 मेगावॉट ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय और ऊर्जा विभाग नीरज मंडलोई ने बताया कि विभाग द्वारा मंत्रिपरिषद के निर्णयों के पालन, राजस्व आय में वृद्धि, घोषणाओं को पूर्ण करने के कार्य को प्राथमिकता दी गई। विद्युत अधोसंरचना की वृद्धि के साथ विभिन्न क्षेत्रों में श्रेष्ठ परिणाम लाने के निर्देश दिए गए हैं। केन्द्र शासन से बेहतर समन्वय के कारण जबलपुर आईलैंडिंग योजना के क्रियान्वयन के लिए 5.08 करोड़ रूपए के केन्द्रीय अनुदान की मंजूरी मिली है। राज्य भार प्रेषण केन्द्र की सायबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी 13.61 करोड़ रूपए का अनुदान प्राप्त हुआ है। केन्द्र सरकार के पावर सिस्टम डेवलपमेंट फंड से प्राप्त अनुदान से प्रदेश में ओपीजीडब्ल्यू (ऑप्टिकल ग्राउंड वायर) की 10 हजार 752 किलोमीटर लाईन में सफलतापूर्वक स्थापना संभव हुई। इसके लिए केन्द्र सरकार 146 करोड़ रूपए की अनुदान राशि प्राप्त हुई। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कृष्ट अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 63 हजार से अधिक जनजातीय समुदाय के नागरिकों को आवास गृह के विद्युतीकरण का लाभ दिलवाया गया। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) के अंतर्गत प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया और भारिया समुदाय के 28 हजार से अधिक घरों में विद्युतीकरण होने की उपलब्धि भी मिली है। कृषि फीडर विभक्तिकरण के 374 फीडर और एचटी लाईन में क्षमता वृद्धि के तहत लगभग 18 हजार कार्य पूर्ण किए गए हैं। ऊर्जा विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश     सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रत्येक स्तर पर बढ़ावा दिया जाए।     मजरों टोलों के सभी घरों तक सभी कार्य पूर्ण करें।     विद्युत देयक वसूली और नगद संग्रहण में वृद्धि हुई है ,इसे कायम रखें।     ऊर्जा विभाग में 2500 करोड़ रुपए की हानि को कम किया है। ऐसे प्रयास जारी रखें।     जबलपुर में वन नेशन वन ग्रिड के अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के कार्य के लिए प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं।     विद्युत बचत उपाय पर निरंतर अमल हो।     प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया, भारिया के घरों में विद्युतीकरण होने की उपलब्धि महत्वपूर्ण है। इन वर्गों के सभी लोगों को लाभ पहुंचाएं।     ऊर्जा की भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारी को अंजाम दें।     मध्यप्रदेश विद्युत जनरेशन कंपनी लाभ में है। इसके लिए कंपनी के पदाधिकारी बधाई के पात्र हैं।     बैठक में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

Super El Niño:भट्टी बनेगा भारत, भीषण गर्मी से मच सकता है हाहाकार

नई दिल्ली एक बात ये कि इस साल गर्मी ज्यादा पड़ेगी क्योंकि ‘एल नीन्यो’ असर डालेगा. ये शायद आपने सुना हो, लेकिन अब तो कह रहे हैं कि इस साल का ‘एल नीन्यो’, ‘सुपर एल नीन्यो’ होने वाला है यानी गर्मी के सारे रिकॉर्ड टूटने वाले हैं. तो ये सुपर एल नीन्यो क्या बला है? ज्यादातर पब्लिक तो ये भी नहीं समझती कि एल नीन्यो क्या होता है? पहले तो वही समझ लेना चाहिए, उसके बाद समझेंगे कि सुपर एल नीन्यो क्या होता है. तो एल नीन्यो स्पेनिश भाषा में छोटे बच्चे को कहते हैं. छोटे लड़के को या बालक. जी हां, ये बालक कुछ सालों में लौट कर आता रहता है और भारत में गर्मी बढ़ा जाता है. तो स्पैनिश में नाम क्यों है? स्पेन का हमारी गर्मी से क्या लेना-देना? तो वैसे तो स्पेन का एल नीन्यो से भी कोई लेना-देना नहीं है।  ये नाम एल नीन्यो इसलिए स्पेन की भाषा में है क्योंकि दक्षिण अमेरिका के ज्यादातर देशों पर स्पेन का राज हुआ करता था. जैसे भारत में अंग्रेजों का राज हुआ करता था, तो यहां अंग्रेजी भाषा उनके साथ आई, लेकिन भारत में पहले से लोग रहते थे और हमारी अपनी भाषाएं भी थीं. लेकिन दक्षिण अमेरिका के बड़े से महाद्वीप पर बहुत ज्यादा आबादी नहीं थी. सारा जंगल था. कुछ मूल निवासी वहां के रहा करते थे. तो स्पेन और पुर्तगाल जैसे यूरोप के देशों के लोग वहां गए और बस गए और राज किया तो उनकी भाषाएं दक्षिण अमेरिका की भी भाषाएं हो गईं।  अभी से दिखने लगा है एल नीन्यो का असर. नामकरण जान लेते हैं जैसे ब्राजील में पुर्तगाल की भाषा बोली जाती है. लेकिन बाकी दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के ज़्यादातर देशों में स्पेन की भाषा स्पैनिश बोली जाती है और स्पैनिश में छोटे लड़के को कहते हैं एल नीन्यो. ये नाम दिया गया है मौसम के एक बदलाव को. जो हर कुछ साल में वहां दक्षिण अमेरिका के पूर्व के हिस्से में होता है. अब समझने वाली बात ये है कि ये छोटा बालक अगर दक्षिण अमेरिका के पानी में उथल-पुथल मचाता है, तो भारत में गर्मी क्यों बढ़ जाती है? नक्शे से समझिए एल नीन्यो की ज्योग्राफी तो जरा नक्शा देख लेते हैं. एक तो नक्शा हमें ऐसे देखने की आदत है, जिसमें उत्तर और दक्षिण अमेरिका बाईं तरफ होते हैं यानी पश्चिम में और ऑस्ट्रेलिया और जापान दाईं तरफ होते हैं यानी पूर्व में. स्कूल से ऐसे ही देखते आ रहे हैं और इस नक्शे में दक्षिण अमेरिका भारत के पश्चिम में होता है. लेकिन, दुनिया तो गोल है. तो नक्शे को अगर ऐसे खींचे पूर्व की तरफ से तो ऑस्ट्रेलिया के और आगे जाने पर क्या आएगा? दक्षिण अमेरिका ही आ जाएगा. और दक्षिण अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बीच में है साउथ पैसिफिक ओशियन या दक्षिण प्रशांत महासागर. यानी दाहिनी तरफ पूर्व में दक्षिण अमेरिका का किनारा है – पेरू और एक्वाडोर जैसे देश. बाईं तरफ यानी पश्चिम में एशिया और ऑस्ट्रेलिया है. अब भारत इस नक्शे पर बाईं तरफ है यानी पश्चिम में, प्रशांत से काफी दूर, हिंद महासागर के पास।  एल नीन्यो क्यों बनता है? सामान्य दिनों में क्या होता है कि प्रशांत महासागर के पूर्वी हिस्से यानी दक्षिण अमेरिका के पास का पानी ठंडा रहता है. वहां ठंडा पानी ऊपर आता रहता है. जबकि पश्चिमी हिस्से यानी इंडोनेशिया और फिलीपींस के पास का पानी बहुत गर्म रहता है. हवाएं चलती है पूर्व से पश्चिम की तरफ यानी दक्षिण अमेरिका से एशिया की चरफ. इन हवाओं को कहते हैं ट्रेड विंड्स. ये हवाएं गर्म पानी को पश्चिम की तरफ धकेलती रहती हैं. यानी दक्षिण अमेरिका से एशिया वाली साइड पर गर्म पानी धकेलती रहती हैं. इस वजह से पूर्व में ठंडा पानी ऊपर आता रहता है, यानी प्रशांत महासागर में दक्षिण अमेरिका की तरफ ठंडा पानी ऊपर आता रहता है और गर्म पानी एशिया की तरफ जाता रहता है. लेकिन हर 2 से 7 साल में कभी-कभी ट्रेड विंड्स यानी ये वाली हलाएं कमजोर पड़ जाती हैं. इसको कहते हैं एल नीन्यो।  …फिर भारत में नहीं होती है बारिश जैसे किसी ने हवा का स्विच ऑफ कर दिया हो. तो वो गर्म पानी जो पश्चिम में जमा था, एशिया की तरफ जमा था वो अब पूर्व की तरफ यानी दक्षिण अमेरिका की ओर बहने लगता है. यानी पूरे प्रशांत महासागर का पानी असामान्य रूप से गर्म हो जाता है. 0.5 डिग्री या उससे भी ज्यादा गर्म हो जाता है. इससे क्या होता है कि समुद्र के ऊपर की हवा गर्म हो जाती है. गर्म हवा ऊपर उठती है, बादल बनते हैं, बारिश होती है. लेकिन ये सब वहीं दक्षिण अमेरिका के पास हो जाता है, क्योंकि हवाएं इस तरफ़ चल ही नहीं रही होतीं तो बादल एशिया की तरफ आते ही नहीं वो वहीं पर बरस जाते हैं. दक्षिण अमेरिका में बारिश ही बारिश हो जाती है।  कैसे प्रभावित होता है भारत का मौसम? अब भारत पर आइए. हमारा मॉनसून पश्चिम की तरफ से आता है. मुख्य रूप से दक्षिण-पश्चिम हवाओं से आता है. मतलब अरब सागर और हिंद महासागर के ऊपर से हवाएं आती हैं समुद्र के पाली की नमी लेकर. और जून से सितंबर तक भारी बारिश लाती हैं. एल नीन्यो होने प्रशांत महासागर में गर्म पानी की वजह से ये हवा का पूरा पैटर्न बदल जाता है. वो हवाएं जो भारत की तरफ नम हवा लाती हैं, वे कमजोर पड़ जाती हैं या रास्ता बदल लेती हैं. तो भारत के ऊपर भी बादल कम बनते हैं. आसमान ज़्यादातर साफ रहता है. अप्रैल, मई, जून के महीनों में सूरज की किरणें सीधे जमीन पर पड़ती हैं. कोई बादल छांव नहीं देता. जमीन तेजी से गर्म होती है. खासकर उत्तर भारत, मध्य भारत, राजस्थान, दिल्ली, यूपी, मध्य प्रदेश आदि इलाकों में।  2 साल पहले भी हुई थी घटना 2023 में भी जब एल नीन्यो मजबूत था, तो भारत के कई शहरों में तापमान 45-48 डिग्री तक पहुंच गया था. मानसून कमजोर रहा, बारिश कम हुई, और गर्मी लंबी खिंच गई थी. यानी दूर प्रशांत महासागर में पानी गर्म होने से हवा की एक लंबी चेन चलती है जो हजारों किलोमीटर दूर भारत तक असर … Read more

सुशासन तिहार का मकसद हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना: CM विष्णु देव साय

सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बलौदाबाजार के करहीबाजार समाधान शिविर में हितग्राहियों को सौंपे लाभ, विभिन्न योजनाओं की दी जानकारी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य सरकार को गांव-गांव तक पहुंचाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करना और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री साय ने भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार यह जानने के लिए गांवों तक पहुंच रही है कि लोगों को पानी, बिजली, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं समय पर मिल रही हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि रायपुर में बैठकर ग्रामीणों की समस्याओं को पूरी तरह समझा नहीं जा सकता, इसलिए पूरी सरकार गांवों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में  अब तक अनेक स्थानों पर शिविर संपन्न हो चुके हैं तथा आगामी दिनों में भी शिविरों का आयोजन जारी रहेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को प्राथमिकता के साथ पूरा किया है।  किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और दो वर्षों का बकाया बोनस भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस योजना से महिलाएं बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतों और छोटे व्यवसायों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। मुख्यमंत्री साय  ने “लखपति दीदी” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं और आगे करोड़पति दीदी बनने की दिशा में बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार कर रही है। प्रदेश की 6000 से अधिक पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को प्रमाण पत्र, राजस्व रिकॉर्ड, बैंकिंग और अन्य सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अब रजिस्ट्री के साथ तत्काल नामांतरण की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कही कि सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू करने जा रही है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं ऑनलाइन और टोल फ्री नंबर के जरिए दर्ज करा सकेंगे तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया तथा नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं और स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता की सुविधा और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं अधिकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

बढ़ेगी लू, सूखेंगे खेत! अल नीनो-IOD से मौसम और अर्थव्यवस्था पर बड़ा संकट

 नईदिल्ली  इस साल गर्मी ने अभी से ही पसीना छुड़ाना शुरू कर दिया है, लेकिन आने वाले दिनों में हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं. मौसम वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि इस बार ‘एल नीन्यो’ साधारण नहीं, बल्कि ‘सुपर एल नीन्यो’ के तौर पर दस्तक दे सकता है. वैज्ञानिकों की चेतावनी सच निकली तो तय मानिए, इस बार गर्मी के पिछले सारे रिकॉर्ड टूटने वाले हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि कौन है ‘एल नीन्‍यो’, जिसकी वजह से गर्मी का हाहाकार मचना शुरू हो गया है।  दरअसल, एल नीन्यो स्पेनिश भाषा का शब्द है, जिसका मतलब है ‘छोटा बच्चा’. यह नाम स्‍पेनिश जरूर है, लेकिन इसका सीधा संबंध दक्षिण अमेरिका से है, जहां कभी स्पेन का हुआ करता था. लेकिन सवाल यह है कि दक्षिण अमेरिका का यह ‘बालक’ भारत में गर्मी क्यों बढ़ा रहा है? इसका जवाब छिपा है प्रशांत महासागर की हवाओं और पानी के तापमान में. आमतौर पर यहां पूर्व से पश्चिम की ओर हवाएं चलती हैं, लेकिन एल नीन्यो आने पर यह सिस्टम उलट जाता है और पूरा समुद्र गर्म होने लगता है।  इस बार खतरा इसलिए ज्यादा है क्योंकि प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से कहीं अधिक तेजी से गर्म हो रहा है. मध्य प्रशांत में तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका है और नीचे की सतह पर गर्म पानी का बड़ा भंडार जमा हो गया है. अगर यही तापमान 2 डिग्री या उससे ज्यादा हो जाता है, तो यह ‘सुपर एल नीन्यो’ कहलाएगा. पिछले 70 सालों में ऐसा केवल 1982, 1997 और 2015 में हुआ था. विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार यह 150 साल का सबसे ताकतवर एल नीन्यो बन सकता है।  भारत पर इसका असर यह होगा कि मानसून कमजोर पड़ेगा, बारिश कम होगी और उत्तर, मध्य व पश्चिम भारत में भयंकर लू चलेगी. ग्लोबल वार्मिंग पहले ही पृथ्वी को गर्म कर रही है, ऐसे में सुपर एल नीन्यो धरती को भट्टी बना सकता है।      यहां से आया एल नीन्‍यो का नाम : यह नाम स्पेनिश भाषा के शब्द ‘एल नीन्यो’ से लिया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ होता है ‘छोटा बच्चा’ या ‘बालक’. दरअसल, दक्षिण अमेरिका के अधिकांश देशों पर कभी स्पेन का राज था, इसलिए वहां की मुख्य भाषा स्पेनिश है. मछुआरों ने देखा कि क्रिसमस के आसपास समुद्र का पानी असामान्य रूप से गर्म हो जाता था, तो उन्होंने इसे मसीह के शिशु रूप से जोड़कर ‘एल नीन्यो’ नाम दे दिया. दिलचस्प बात यह है कि इस नाम का भारत से कोई सीधा संबंध नहीं है, लेकिन इस मौसमी घटना का असर हजारों किलोमीटर दूर हमारे देश पर भी पड़ता है।  यह नाम धीरे-धीरे पूरी दुनिया में मशहूर हो गया।      सामान्य दिनों में प्रशांत महासागर की हवाएं: सामान्य परिस्थितियों में प्रशांत महासागर में ‘ट्रेड विंड्स’ नामक हवाएं पूर्व (दक्षिण अमेरिका) से पश्चिम (एशिया और ऑस्ट्रेलिया) की ओर चलती हैं. ये हवाएं समुद्र की सतह के गर्म पानी को पश्चिम की ओर धकेलती रहती हैं. इस वजह से इंडोनेशिया, फिलीपींस और ऑस्ट्रेलिया के पास का पानी का तापमान लगभग 30 डिग्री तक पहुंच जाता है, जबकि दक्षिण अमेरिका के पेरू और एक्वाडोर के तट का पानी ठंडा रहता है. यहां पर इसका तापमान करीब 20 डिग्री तक रहता है. वहां ठंडा पानी नीचे से ऊपर आता रहता है. यही सामान्य स्थिति दुनिया भर के मौसम को संतुलित रखने में मदद करती है।      एल नीन्यो आने पर होने वाले बदलाव: जब एल नीन्यो आता है, तो ट्रेड विंड्स यानी पूर्व से पश्चिम चलने वाली हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं या रुक जाती हैं. मानो किसी ने पंखे का स्विच ऑफ कर दिया हो. अब गर्म पानी जो पश्चिम (एशिया के पास) में जमा था, वह वापस पूर्व की ओर यानी दक्षिण अमेरिका की तरफ बहने लगता है. इससे पूरे प्रशांत महासागर का तापमान असामान्य रूप से 0.5 डिग्री या उससे अधिक बढ़ जाता है. यह गर्म पानी अपने ऊपर की हवा को भी गर्म करता है. गर्म हवा ऊपर उठती है, जिससे दक्षिण अमेरिका में भारी बारिश होती है, लेकिन एशिया की तरफ बादल नहीं आ पाते हैं।      ‘छोटा बच्चा’ करेगा भारत को गर्म : भारत का मानसून मुख्य रूप से दक्षिण-पश्चिम हवाओं पर निर्भर करता है, जो अरब सागर और हिंद महासागर से नमी लेकर आती हैं. लेकिन एल नीन्यो होने पर प्रशांत महासागर में गर्म पानी की वजह से हवा का पूरा पैटर्न बदल जाता है. वे हवाएं जो भारत की तरफ नमी लाती हैं, कमजोर पड़ जाती हैं या अपना रास्ता बदल लेती हैं. नतीजतन, भारत के ऊपर बादल नहीं बनते, आसमान साफ रहता है. अप्रैल-जून में सूरज की तेज किरणें सीधे जमीन पर पड़ती हैं और कोई छांव नहीं होती. यही कारण है कि उत्तर भारत, राजस्थान, दिल्ली, यूपी, मध्य प्रदेश जैसे इलाके भट्टी की तरह गर्म हो जाते हैं।      बड़ी बला से कम नहीं ‘सुपर एल नीन्यो’: सुपर एल नीन्यो साधारण एल नीन्यो का बेहद खतरनाक रूप होता है. इसे तब कहा जाता है, जब मध्य प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का पानी सामान्य तापमान से 2 डिग्री सेल्सियस या उससे भी अधिक गर्म हो जाए. 1950 के बाद ऐसा केवल तीन बार हुआ है. 1982, 1997 और 2015 में. हर बार इसने दुनिया भर में भीषण सूखा, बाढ़ और असहनीय गर्मी जैसी मौसमी आपदाएं पैदा कीं. इस बार वैज्ञानिक देख रहे हैं कि पानी का तापमान रिकॉर्ड तेजी से बढ़ रहा है, जिससे डर है कि यह 150 साल का सबसे शक्तिशाली सुपर एल नीन्यो बन सकता है।  सुपर एल नीन्‍यो आया तो क्‍या होगा उसका असर     कैसा है इस बार का सुपर एल नीन्यो: इस बार की खासियत यह है कि प्रशांत महासागर में न केवल सतह का पानी गर्म हो रहा है, बल्कि सतह के नीचे गर्म पानी का एक विशाल भंडार बन चुका है. यह भंडार लगातार 6 महीने से बढ़ रहा है और अब ऊपर आ रहा है. मध्य प्रशांत में साप्ताहिक तापमान पहले ही +0.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब यह नीचे का गर्म पानी पूरी तरह ऊपर आ जाएगा, तो तापमान 2 डिग्री के पार जा सकता … Read more

IND-US ट्रेड समझौते पर नई डेडलाइन तय, अमेरिकी टीम जल्द करेगी दिल्ली दौरा

नई दिल्ली भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने गुरुवार कहा कि भारत का तेजी से बढ़ता विनिर्माण क्षेत्र, मजबूत डिजिटल ढांचा, नवाचार क्षमता और कुशल मानव संसाधन अमेरिका की तकनीक, निवेश, आधुनिक शोध और कारोबार में उसकी मजबूत स्थिति को पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का लक्ष्य है कि साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा, यह दिखाता है कि दोनों अर्थव्यवस्थाएं कितनी तेजी से एक-दूसरे के करीब आ रही हैं और भरोसा कितना बढ़ा है। गोर ने ये बातें अमेरिकी वाणिज्य मंडल के वार्षिक लीडरशिप समिट में कहीं।   '20 वर्षों में 220 अरब डॉलर से अधिक हुआ व्यापार' उन्होंने कहा कि पिछले 20 साल में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार लगभग 20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। यह करीब 11 गुना की बढ़ोतरी है, जो मजबूत आर्थिक संबंधों और भरोसे को दर्शाता है। सर्जियो गोर ने कहा कि आज भारत और अमेरिका एक-दूसरे के बड़े व्यापारिक साझेदार बन चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह हर हफ्ते अमेरिकी दूतावास में आने वाले लोगों से प्रभावित होते हैं और यह देखते हैं कि अमेरिका की बड़ी कंपनियों के प्रमुख अब भारत को प्राथमिकता दे रहे हैं। उबर, वॉलमार्ट, बोइंग, लॉकहीड और जीई जैसी बड़ी कंपनियों के अधिकारी लगातार भारत आ रहे हैं। यह दिखाता है कि दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्‍होंने कहा कि हम इस डील को फाइनल करने के लिए उत्‍सुक हैं, जिससे मार्केट पहुंच का विस्‍तार होगा, बाधाएं कम होंगी और दोनों देशों के व्‍यवसायों के लिए ज्‍यादा निश्चितता पैदा होगी. अगर यह डील सही ढंग से होती है तो यह सप्‍लाई चेन को मजबूत करेगा, नए निवेशों को बढ़ावा देगा और समावेशी विकास को गति देगा. जिससे उद्योगों, श्रमिकों और अर्थव्यवस्थाओं को बड़ा लाभ होगा।  दोनों देशों के बीच बातचीत जारी  अंतरिम समझौते के बारीक पहलुओं पर चर्चा करने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल पिछले महीने वाशिंगटन गया था. अब उम्मीद है कि तकनीकी चर्चाओं के अगले दौर के लिए अमेरिकी  प्रतिनिधिमंडल अगले महीने भारत का दौरा करेगा. इसी शिखर सम्मेलन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आगामी अमेरिकी दौरे की पुष्टि की और राजदूत के समय-सीमा संबंधी आशावाद का समर्थन किया।  23 मई को मार्को रुबियो आ रहे भारत  जब उनसे पूछा गया कि क्या द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए अमेरिका के मुख्य व्यापार वार्ताकार विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ उनकी आगामी भारत यात्रा पर जाएंगे, तो गोयल ने स्पष्ट किया कि वह उनके साथ नहीं आ रहे हैं, लेकिन अगले महीने उनके आने की कुछ योजना है. रुबियो 23 मई से भारत की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा शुरू करने वाले हैं, जो देश की उनकी पहली यात्रा होगी और इसमें व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहयोग शामिल होगा।  व्यापार समझौते पर अंतिम चरण में बातचीत द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मकसद ऐसा समझौता करना है, जिससे अमेरिकी कंपनियों और कामगारों को अधिक अवसर मिलें। उन्होंने बताया कि अस्थायी व्यापार समझौते पर दोनों देशों के बीच चल रहा वार्ता अंतिम चरण में है और इससे दोनों देशों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि नया समझौता बाजार तक पहुंच आसान बनाएगा, व्यापार की बाधाएं कम करेगा और कारोबार को स्थिरता देगा। इससे आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी, निवेश बढ़ेगा और विकास को गति मिलेगी।  उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका गया था और अगले महीने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आएगा, ताकि बातचीत आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि यह बातचीत पिछले डेढ़ साल से चल रही है, जबकि यूरोपीय संघ के साथ समझौते में लगभग 19 साल लगे थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ हफ्तों या महीनों में यह समझौता पूरा हो जाएगा। भारतीय बाजार में निवेश कर रहीं अमेरिकी कंपनियां उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच निवेश लगातार बढ़ रहा है। भारतीय कंपनियां अमेरिका में दवा, विनिर्माण और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से निवेश बढ़ा रही हैं, जबकि अमेरिकी कंपनियां भारत के तेजी से बढ़ते बाजार में निवेश कर रही हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 20 अरब डॉलर से अधिक निवेश करने का वादा किया है, जो बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि हर देश का दूतावास निवेश लाने की कोशिश करता है। लेकिन इस मामले में भारत में अमेरिकी दूतावास को दुनिया में पहला स्थान मिला है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। 

भारत में 2050 तक किस धर्म के कितने अनुयायी होंगे? सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

नई दिल्ली भारत में इस समय जनगणना चल रही है और माना जा रहा है कि जनगणना के पूरी होने के बाद देश की आबादी के आंकड़ों में काफी बदलाव देखने को मिल सकता है. दरअसल सिर्फ भारत की ही जनगणना नहीं बल्कि 2050 तक अनुमान लगाया जा रहा है कि दुनिया की धार्मिक आबादी में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. अमेरिकी थिंक टैंक प्यू रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार आने वाले दशकों में मुस्लिम आबादी सबसे तेजी से बढ़ेगी, जबकि हिंदू आबादी में भी बढ़ोतरी जारी रहेगी. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत 2050 तक हिंदू बहुसंख्यक देश बना रहेगा. लेकिन दुनिया में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी भी भारत में ही रहने वाली है. वहीं मौजूदा समय में इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन आने वाले वर्षों में यह स्थिति बदल सकती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि 2050 तक भारत में हिंदू जनसंख्या कितनी हो जाएगी और कितने लोग इस्लाम और दूसरे धर्म मानेंगे।  2050 तक कितनी होगी हिंदू और मुस्लिम आबादी? प्यू रिसर्च के अनुसार साल 2010 में दुनिया की कुल आबादी करीब 6.9 अरब थी जो 2050 तक बढ़कर 9.3 अरब तक पहुंच सकती है. इसी दौरान मुस्लिम आबादी में सबसे तेज वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार 2010 के मुकाबले 2050 तक मुस्लिम आबादी करीब 73 फीसदी बढ़ सकती है. वही हिंदुओं की आबादी में लगभग 34 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान है. रिपोर्ट के अनुसार 2010 में दुनिया में मुसलमानों की आबादी करीब 1.6 अरब थी जो 2050 तक बढ़कर लगभग 2.76 अरब हो जाएगी. दूसरी तरफ हिंदुओं की आबादी 1.3 अरब से बढ़कर 1.38 अरब तक पहुंच सकती है।  दुनिया की आबादी में कितना हिस्सा होगा?  आंकड़ों के अनुसार 2010 में दुनिया की कुल आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी 23.2 फीसदी थी, जो 2050 तक बढ़कर करीब 29.7 फीसदी हो सकती है. वहीं हिंदुओं की हिस्सेदारी 15 फीसदी से मामूली घटकर 14.9 फीसदी रहने का अनुमान है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगले चार दशकों तक ईसाई दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समूह बने रहेंगे, लेकिन मुस्लिम आबादी तेजी से उनके करीब पहुंच जाएगी।  भारत में क्या होगी स्थिति? रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2050 तक हिंदू आबादी सबसे ज्यादा रहेगी. अनुमान है कि उस समय भारत में हिंदुओं की आबादी करीब 1.29 अरब हो सकती है. वहीं मुस्लिम आबादी 31 करोड़ से ज्यादा पहुंचने का अनुमान है, यानी दुनिया की कुल मुस्लिम आबादी का लगभग 11 फीसदी हिस्सा अकेला भारत में रहेगा. अगर अनुमान सही साबित होते हैं तो 2050 तक भारत की कुल आबादी करीब 166 करोड़ हो सकती है, जिसमें लगभग 78 फीसदी हिंदू और 18 फीसदी मुस्लिम होंगे. वहीं 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की आबादी 121 करोड़ से ज्यादा थी. इसमें हिंदुओं की संख्या 96.63 करोड़ और मुस्लिमों की संख्या 17.22 करोड़ थी. कुल आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 79.8 फीसदी और मुस्लिमों की 14.2 फीसदी थी. इनके अलावा ईसाई 2.3 फीसदी और सिख 1.7 फीसदी आबादी का हिस्सा थे।