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मुख्यमंत्री ने सीधी जिले के ग्राम कसिहवा में हुई घटना पर लिया संज्ञान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सीधी जिले के ग्राम कसिहवा में शॉर्ट सर्किट से हुए एक हादसे में तीन बच्चों की मृत्यु हो जाने की घटना का त्वरित संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा है कि घटना अत्यंत ही दुखद एवं हृदय विदारक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल परिजन के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर ईश्वर से दिवगतों को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की है। उन्होंने कहा है कि दुख की इस घड़ी में सरकार परिजन के साथ है। मुख्यमंत्री ने परिजन के लिए राहत राशि भी घोषित की है। उन्होंने कहा है कि मृत बच्चों के परिजन को राज्य सरकार की ओर से 6-6 लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जायेगी। उन्होंने बताया कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी, सीधी की ओर से परिजन को 20-20 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता राशि दे दी गई है। सीधी जिले के ग्राम कसिहवा, ग्राम पंचायत बघवारी, तहसील गोपद बनास में शनिवार की सुबह 11:20 बजे श्री रामरतन साकेत के घर के पास बिजली के पोल से शार्ट-सर्किट होने से आग लग गई, जिसमें श्री रामरतन की दो बेटियां कुमारी घुम्मु उर्फ संध्या साकेत (लगभग 6 वर्ष) कुमारी रिद्धि (लगभग 1.6 वर्ष) एवं एक बेटा नागेन्द्र (लगभग 3 वर्ष) की दर्दनाक मृत्यु हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा घटना पर तत्काल संज्ञान लेकर परिजन को 2-2 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई। म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा परिजन को 4-4 लाख रूपए राहत राशि देने की घोषणा की गई है। इसी क्रम में जिला प्रशासन सीधी की ओर से 5-5 हजार रुपये के मान से 15 हजार रूपए अंत्येष्टि सहायता राशि एवं 20-20 हजार रूपए जिला रेडक्रास सोसाइटी सीधी की ओर से तत्काल सहायता राशि परिजन को दे दी गई है।  

यूपी में महिला सशक्तिकरण का नया मॉडल: सोलर दीदी अभियान तेज

वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की आधी आबादी अब न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही है, बल्कि हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने के लिए भी तैयार है। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी (वाराणसी) में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'सोलर दीदी' नामक एक क्रांतिकारी पहल की शुरुआत की गई है। इस अभियान के जरिए स्थानीय महिलाओं को अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देकर 'सोलर लीडर' के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो राज्य में ऊर्जा स्वावलंबन और महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा मॉडल बनकर उभरा है। यूपी नेडा (UPNEDA) के अनुसार, चयनित महिलाओं को उनके गृह जनपद वाराणसी में ही रोजगार के बेहतरीन अवसर दिए जा रहे हैं। आकर्षक वेतन के साथ मिलेंगे कई मुफ्त लाभ यूपी नेडा के डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि विभाग से जुड़ी प्रमुख वेंडर कंपनियों द्वारा इन 'सोलर दीदियों' को ₹14,196 प्रति माह का फिक्स वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा, महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कंपनियों द्वारा प्रत्येक सोलर दीदी के घर पर ₹1.30 लाख मूल्य का 2 किलोवाट क्षमता वाला सोलर प्लांट बिल्कुल मुफ्त लगाया जाएगा, जिससे उनका अपना घर भी सौर ऊर्जा से रोशन हो सके। आधुनिक रसोई को बढ़ावा देने के लिए उन्हें एक इंडक्शन स्टोव (चूल्हा) भी मुफ्त मिलेगा। यही नहीं, भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा हर सफल सोलर इंस्टॉलेशन पर ₹1000 की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। 7 दिन का विशेष प्रशिक्षण और टेस्ट अनिवार्य इस महाअभियान का हिस्सा बनने के लिए विभाग ने महिलाओं से एक विशेष अपील की है। सभी इच्छुक प्रशिक्षुओं को तय समय पर प्रशिक्षण केंद्र पहुंचकर सात दिवसीय व्यावहारिक ट्रेनिंग को गंभीरता से पूरा करना होगा। इस ट्रेनिंग के बाद होने वाले टेस्ट को उत्तीर्ण करने वाली महिलाओं को ही 'सोलर दीदी' के रूप में फील्ड में काम करने और इन सभी सुविधाओं का लाभ उठाने का मौका मिलेगा। यह कदम ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को तकनीकी रूप से कुशल बनाने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है। उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा की रिकॉर्ड रफ्तार वाराणसी की इस पहल के बीच पूरे उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर का नेटवर्क तेजी से फैला है। प्रदेश में अब तक कुल 9,68,548 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 5,44,810 से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। इस बड़े बदलाव के कारण राज्य में 1,844.87 मेगावाट की स्थापित क्षमता तैयार हुई है। इस पूरी योजना को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा ₹3,539.06 करोड़ और राज्य सरकार द्वारा ₹1200 करोड़ से अधिक की भारी-भरकम सब्सिडी जारी की जा चुकी है। रोजाना बन रही 5 करोड़ रुपये की मुफ्त बिजली योगी सरकार के इन प्रयासों का सबसे बड़ा फायदा सीधे जनता और पर्यावरण को मिल रहा है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के घरों की छतों पर लगे इन सोलर प्लांटों के माध्यम से प्रतिदिन 82 लाख यूनिट से अधिक मुफ्त बिजली पैदा की जा रही है। अगर बाजार भाव से इसकी तुलना करें, तो प्रदेश के नागरिक रोजाना लगभग 5 करोड़ रुपये से अधिक की बिजली पूरी तरह मुफ्त और सीधे सूरज की रोशनी से बना रहे हैं। वाराणसी का यह 'सोलर दीदी' मॉडल जल्द ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।  

राघव चड्ढा को मिला बड़ा पद! राज्यसभा में महत्वपूर्ण समिति की कमान संभालेंगे

नई दिल्ली हाल ही में आम आदमी पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें राज्यसभा की याचिका समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति का पुनर्गठन करने के बाद सदन के 10 सदस्यों को इस पैनल के लिए नामित किया गया है। याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया राज्यसभा की एक अधिसूचना में कहा गया है कि राघव चड्ढा को याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसमें यह भी बताया गया कि राज्यसभा के सभापति ने 20 मई से प्रभावी रूप से इस पैनल का पुनर्गठन किया है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने याचिका समिति का पुनर्गठन करने के बाद सदन के 10 सदस्यों को इस पैनल के लिए नामित किया। चड्ढा के अलावा पैनल के सदस्यों में हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, रंगव्रा नारज़ारी और संदोश कुमार पी शामिल हैं। एक अन्य अधिसूचना में राज्यसभा सचिवालय ने कहा कि राज्यसभा के सभापति ने 20 मई 2026 को राज्यसभा के सदस्य डॉ. मेनका गुरुस्वामी को कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर संयुक्त समिति के सदस्य के रूप में नामित किया है। आप के 7 सांसदों ने थामा था बीजेपी का हाथ बता दें कि आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं में एक रहे राघव चड्ढा ने राज्यसभा के छह अन्य सांसदों के साथ पार्टी को अलविदा कह दिया था। सभी सात सांसदों ने 27 अप्रैल को आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली। राज्यसभा में 10 सांसदों वाली आप के अब केवल 3 सांसद बचे हैं। आप ने की थी बर्खास्त करने की मांग इन नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के बाद आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से उन्हें बर्खास्त करने की मांग की थी। बीजेपी में शामिल होने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी हैं। दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया इस बीच राघव चड्ढा की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर किया गया है। इसमें सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों पर उनके बारे में प्रसारित किए जा रहे फर्जी, एआई-जनरेटेड और डीपफेक कंटेंट को तत्काल हटाने और ब्लॉक करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि संबंधित सामग्री दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राघव चड्ढा की प्रतिष्ठा व व्यक्तित्व अधिकारों को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाली है। याचिका में यह भी कहा गया है कि एआई और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर छेड़छाड़ की गई सामग्री तैयार करना और प्रसारित करना न केवल कानूनी और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि इससे अपूरणीय प्रतिष्ठात्मक क्षति भी हो रही है। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा दिल्ली हाई कोर्ट में दायर इस याचिका पर जस्टिस सुब्रह्मण्यम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई की। जस्टिस प्रसाद ने कहा कि यह राघव चड्ढा के व्यक्तिगत अधिकारों के उल्लंघन का मामला नहीं बनता। उनकी आलोचना उनके राजनीतिक फैसले को लेकर और बीजेपी में जाने को लेकर की जा रही है। हाई कोर्ट ने कहा कि व्यक्तित्व अधिकारों का व्यवसायिक इस्तेमाल और आलोचना करने में अंतर है। कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

बंगाल में सियासी तकरार तेज, ममता बनर्जी की डिजाइन की गई फुटबॉल मूर्ति हटाए जाने पर बवाल

कलकत्ता ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल कर सरकार बनाने वाले सीएम शुभेंदु सरकार लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल में शनिवार को ममता के कार्यकाल में बने एक स्टैच्यू को हटा दिया गया। यह स्टेच्यू साल्ट लेक स्टेडियम के बाहर बनाया गया था। यह फैसला, पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री निसीथ प्रमाणिक के बयान के बाद आया है। इस बयान में निशीथ ने स्टेडियम में सुविधाओं को बढ़ाने का ऐलान किया था। खेल मंत्री ने क्या कहा था इस दौरान प्रमाणिक ने इस स्टैच्यू की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि यह स्टैच्यू दिखने में अच्छा नहीं है। यह बहुत बदसूरत है। कमर के नीचे के दो पैर और उनके ऊपर रखा हुआ फुटबॉल अजीब सा लगता है। शुभेंदु सरकार में खेल मंत्री ने कहाकि यह देखने में भी बिल्कुल भी आकर्षक नहीं लगती, इसलिए हम इस तरह की बेतुकी और अर्थहीन बनावट को यहां नहीं रखेंगे और इसे हटा दिया जाएगा। प्रमाणिक ने कहाकि जब से यह मूर्ति लगी है, पिछली सरकार के बुरे दिन शुरू हो गए । इसके बाद मेस्सी विवाद हुआ और सरकार की सत्ता भी चली गई। राजनीतिक बयान भी आए सामने इस मामले पर राजनीतिक बयान भी सामने आए हैं. बीजेपी नेता कीया घोष ने सोशल मीडिया पर लिखा कि स्टेडियम के सामने लगी यह संरचना अब तोड़ दी गई है, जैसा पहले कहा गया था. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई है. दरअसल, कुछ समय पहले पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने भी इस प्रतिमा को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि यह संरचना स्टेडियम की सुंदरता के अनुरूप नहीं है और इसे हटाने की जरूरत है. साथ ही उन्होंने स्टेडियम के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की बात भी कही थी।  साल्ट लेक स्टेडियम देश के प्रमुख फुटबॉल मैदानों में से एक है, जहां ईस्ट बंगाल और मोहन बागान जैसे बड़े मुकाबले होते रहे हैं. पिछले साल यहां फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान भी भारी भीड़ देखने को मिली थी. यह प्रतिमा साल 2017 में FIFA U-17 वर्ल्ड कप से पहले लगाई गई थी. इसे लेकर शुरुआत से ही अलग-अलग राय बनी हुई थी. कुछ लोग इसे स्टेडियम की पहचान मानते थे, जबकि कुछ इसे असामान्य और विवादित बताते थे. अब इसके तोड़े जाने के बाद कोलकाता में एक बार फिर राजनीतिक और खेल दोनों ही स्तर पर नई बहस शुरू हो गई है।  साल 2017 में हुआ तैयार आखिर शनिवार को, स्टेडियम के पास होने वाले बदलाव के तहत इस स्टैच्यू को हटा दिया गया। साल्ट लेक स्टेडियम के बाहर यह स्टैच्यू साल 2017 में बनाया गया था। उस साल अंडर-17 फीफा विश्वकप से पहले इसे वीवीआईपी गेट के पास लगाया गया था। इस मूर्ति में फुटबॉल खेलने वाले विशाल पैर दिखाए गए हैं, जो ‘विश्व बांग्ला’ लोगो में विलीन होते हुए प्रतीत होते हैं और फुटबॉल पर ‘जयी’ शब्द अंकित है। खेलमंत्री के कई ऐलान इसके अलावा खेल मंत्री प्रमाणिक ने विवेकानंद युवा भारती क्रीडांगन के आसपास फूड कोर्ट बनाने से लेकर बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने का भी ऐलान किया। खेलमंत्री ने यह भी कहाकि लियोनेल मेस्सी के दौरे को लेकर हुए विवाद की फिर से जांच की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जायेगा कि टिकट धारकों को पैसे वापिस मिलें। गौरलब है कि भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी को हराकर सरकार बनाई है। शुभेंदु सरकार यहां पर भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने हैं।

लखनऊ से जारी आदेश: यूपी में पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक ट्रांसफर

लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार में पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के तबादलों का दौर जारी है। शनिवार को शासन ने दो आईपीएस अफसरों का ट्रांसफर किया। इससे पहले शुक्रवार को एक आईएएस और 19 पीसीएस अफसरों का तबादला किया गया था। गृह विभाग ने शनिवार को कौशांबी के एडिशनल एसपी राजेश कुमार सिंह तृतीय को उनके पद से हटाकर मेरठ में एडीजी ऑफिस भेज दिया गया। राजेश कुमार के स्थान पर अमिता सिंह को कौशांबी का नया एडिशनल एसपी बनाया गया है। अमिता सिंह लखनऊ में यूपी-112 में एएसपी के पद पर तैनात थीं। राम मोहन मीना बने प्रतापगढ़ के सीडीओ प्रदेश सरकार ने मुरादाबाद में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात राम मोहन मीना को प्रतापगढ़ का मुख्य विकास अधिकारी बनाया है। नियुक्ति विभाग ने शुक्रवार को इसके आदेश जारी कर दिए। 19 वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों का तबादला प्रदेश सरकार ने शुक्रवार की देर शाम 19 पीसीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। छह अधिकारियों का पहले किया गया तबादला रद कर उन्हें नई तैनाती दी गई है। सुलतानपुर के मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक कुमार वर्मा को अपर आयुक्त वाराणसी मंडल बनाया गया है। भातखंडे संस्कृति विवि की कुलसचिव व अपर निदेशक संस्कृति निदेशालय सृष्टि धवन को मुख्य राजस्व अधिकारी के पद पर सुलतानपुर भेजा गया है, जबकि एडीएम (वित्त राजस्व) गौतमबुद्धनगर के लिए स्थानांतरणाधीन सुशील प्रताप सिंह को अब भातखंडे संस्कृति विवि का कुलसचिव, संस्कृति निदेशालय के अपर निदेशक और लखनऊ विकास प्राधिकरण के संयुक्त सचिव का तिहरा चार्ज दिया गया है। दुर्गेश मिश्र को अपर नगर आयुक्त वाराणसी से अपर नगर आयुक्त गोरखपुर भेजा गया है। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) सीतापुर के लिए स्थानांतरित बृजेश कुमार का तबादला रद कर उन्हें मेरठ में एडीएम सिटी बना रहने दिया गया है। अनिरुद्ध प्रताप सिंह एडीएम मेरठ से स्थानांतरणाधीन थे, अब इन्हें एडीएम (वित्त एवं राजस्व) मुजफ्फरनगर भेजा गया है। राजीव राज, नगर मजिस्ट्रेट उन्नाव को अब एडीएम (वित्त एवं राजस्व) जालौन बनाया गया है। मनोज कुमार सिंह, एसडीएम जालौन को अब उन्नाव का नगर मजिस्ट्रेट बनाया गया है। लोक सेवा आयोग प्रयागराज के उपसचिव गौरव रंजन श्रीवास्तव को अपर नगर आयुक्त गोरखपुर के पद पर भेजा गया है। अनुपम मिश्र एसडीएम चंदौली को लोक सेवा आयोग प्रयागराज का उपसचिव बनाया गया है। सीमा पांडेय का पुराना तबादला रद कर उन्हें अपर नगर आयुक्त वाराणसी बनाया गया है। नितीश कुमार सिंह स्थानांतरणाधीन को अब एडीएम (प्रशासन) बुलंदशहर बनाया गया है। प्रमोद कुमार पांडेय एडीएम (प्रशासन) बुलंदशहर को अपर आयुक्त आजमगढ़ मंडल के पद पर भेजा गया है। आयुष चौधरी मुख्य राजस्व अधिकारी गाजीपुर को एडीएम (वित्त एवं राजस्व) सीतापुर बनाया गया है। हरदोई के नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार त्रिवेदी को मुख्य राजस्व अधिकारी गाजीपुर के पद पर भेजा गया है। संजय कुमार एसडीएम हाथरस को अब हरदोई का नगर मजिस्ट्रेट बनाया गया है। अजीत कुमार सिंह स्थानांतरणाधीन थे, उन्हें अब (एडीएम वित्त एवं राजस्व) गौतमबुद्धनगर बनाया गया है। त्रिभुवन, मुख्य राजस्व अधिकारी बलिया से एडीएम (वित्त एवं राजस्व) बदायूं बनाए गए हैं। सुरेश कुमार पाल, एडीएम वित्त एवं राजस्व बदायूं से मुख्य राजस्व अधिकारी बलिया के पद पर भेजा गया है।

रामपुर कोर्ट सख्त, आजम खान की सजा 3 साल बढ़ी; अब्दुल्ला आजम पर जुर्माना भी बढ़ाया

रामपुर सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को अब फर्जी पैन कार्ड केस में 10-10 साल की सजा काटनी होगी। रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने शनिवार को दोनों की सजा को तीन-तीन साल के लिए बढ़ा दिया। पहले इस मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान को 7-7 साल की सजा मिली थी। मामले में दिसंबर 2025 में उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से सजा बढ़ाने के लिए अपील की गई थी। अपने फैसले में अदालत ने दोनों के ऊपर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम पहले 50-50 हजार रुपये थी। आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान फिलहाल रामपुर की ही जेल में बंद हैं। दो पैन मामले में आजम की सजा 7 से 10 साल हुई, अब्दुल्ला पर जुर्माना बढ़ाया सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 17 नवंबर को अब्दुल्ला आजम के दो पैनकार्ड मामले में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट से सात साल की सजा हुई थी। जिससे असंतुष्ट अभियोजन पक्ष ने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की थी। जिस पर सुनवाई हुई और शनिवार को सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए सजा में बढ़ोतरी की है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सपा नेता आजम खां की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। विवादित बयान मामले में आजम को 2 साल की सजा आपको बता दें इससे पहले ये तनखइया हैं…इनसे मत डरियो…इंशा अल्लाह इनसे जूते साफ कराऊंगा…लोकसभा चुनाव के दौरान आजम खान के इस विवादित बयान पर एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम खां को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा से दंडित किया था। अदालत ने 20 हजार रुपयों का जुर्माना भी लगाया है। मालूम हो कि 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में आजम खान समाजवादी पार्टी से प्रत्याशी थे। इस दौरान भोट थाना क्षेत्र में आयोजित रोड शो के दौरान आजम का एक विवादित बयान का वीडियो वायरल हुआ था। तत्कालीन रामपुर के डीएम को लेकर विवादित बयान दिया था जिसमें आजम खान तत्कालीन जिलाधिकारी पर निशाना साधते हुए कहते सुनाई दे रहे थे कि ये तनखइया हैं, इनसे मत डरियो, उन्हीं के साथ गठबंधन है जो जूते साफ करा लेती हैं, इंशा अल्लाह चुनाव बाद इनसे जूते साफ कराऊंगा….। आजम के इस वीडियो पर दिल्ली में चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया और राज्य निर्वाचन आयोग से रिपोर्ट तलब की थी। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिस पर तत्कालीन जिलाधिकारी एवं वर्तमान में कमिश्नर मुरादाबाद आन्जनेय कुमार सिंह के आदेश पर तत्कालीन एसडीएम टांडा एवं चमरौआ विस क्षेत्र के एआरओ घनश्याम त्रिपाठी की ओर से भोट थाने में केस दर्ज कराया था। 12 जून को झूठे शपथ पत्र मामले में सुनवाई आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम से जुड़े झूठे शपथ पत्र मामले की सुनवाई 12 जून को होगी। रामपुर की अदालत ने इस मामले में प्रशासन से अब्दुल्ला आजम की उम्र से संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं। अभियोजन पक्ष की दलील अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहीं अधिवक्ता सीमा राणा ने कोर्ट के फैसले को न्याय की जीत बताया. उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि फर्जीवाड़ा और संवैधानिक दस्तावेजों में हेरफेर एक गंभीर मामला है. इसमें कड़ी सजा की जरूरत है. कोर्ट ने सीमा राणा की दलील को स्वीकार करते हुए, आजम खान की सजा को तीन साल बढ़ा दिया और दोनों पर भारी जुर्माना भी लगाया।  क्या है मामला? बीजेपी नेता आकाश सक्सेना की तरफ से शिकायत की गई थी की. आकाश सक्सेना ने आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने अपने पिता के राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए दो अलग-अलग जन्म तिथि का पैन कार्ड बनवाया. इस फर्जीवाड़े के तहत आजम खान ने अब्दुल्ला का पासपोर्ट भी बनवाया और यूपी की स्वार सीट से चुनाव भी लड़वाया. इस मामले में हाईकोर्ट ने अब्दुल्ला आजम का निर्वाचन रद्द कर दिया था। 

अवैध कब्जों पर कार्रवाई जारी, बंगाल में TMC नेता के दफ्तर पर चला बुलडोजर

कोलकाता पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन और शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार बनने के बाद राज्यभर में अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. इसी कड़ी में पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल के बर्नपुर इलाके में एक और तृणमूल कांग्रेस कार्यालय पर बुलडोजर चलाया गया।  शनिवार को बर्नपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित टीएमसी पार्षद अशोक रुद्र के पार्टी कार्यालय को ध्वस्त कर दिया गया. बताया जा रहा है कि ये दफ्तर सेल-आईएसपी (इंडियन आयरन एंड स्टील कंपनी) की जमीन पर बना हुआ था।  स्थानीय प्रशासन और सेल अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा. पिछले कुछ दिनों में बर्नपुर इलाके में ये चौथा टीएमसी पार्टी दफ्तर है जिसे बुलडोजर चलाकर हटाया गया है।  टीएमसी ने लगाया 'टारगेट पॉलिटिक्स' का आरोप इस कार्रवाई को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर 'टारगेट पॉलिटिक्स' का आरोप लगाया है. टीएमसी नेताओं का कहना है कि विपक्षी दलों के दफ्तरों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है. हालांकि सेल प्रबंधन ने इन आरोपों को खारिज किया है. अधिकारियों का कहना है कि संबंधित लोगों को पहले कई बार नोटिस दिया गया था, लेकिन अवैध कब्जा नहीं हटाया गया. इसके बाद मजबूरन बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी।  सेल अधिकारियों ने ये भी कहा कि अब प्रशासन का सहयोग मिलने से अवैध कब्जों को हटाने का अभियान तेज किया गया है और आगे भी ये कार्रवाई जारी रहेगी. उनका कहना है कि किसी विशेष दल को निशाना नहीं बनाया जा रहा, बल्कि विकास परियोजनाओं के लिए सभी अवैध अतिक्रमण हटाए जाएंगे।  इससे पहले मंगलवार को बर्नपुर के त्रिवेणी मोड़ स्थित तृणमूल युवा कांग्रेस के एक पार्टी दफ्तर पर भी बुलडोजर कार्रवाई की गई थी. IISCO प्रबंधन ने आरोप लगाए थे कि ये पार्टी दफ्तर उनकी जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था और जमीन खाली करने के लिए पहले नोटिस भी जारी किया गया था. हालांकि, नोटिस को अनदेखा कर दिया गया जिसके बाद दफ्तर पर बुलडोजर चलाया गया।  आसनसोल में टीएमसी के अवैध ऑफिस को तोड़ा पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद कई चीजों में बदलाव देखने को मिल रहा है। शुभेंदु अधिकारी के सीएम बनने के बाद अवैध कब्जा हटाने के लिए लगातार बुलडोजर गरज रहा है। आसनसोल के बर्नपुर में सेल की जमीन से अवैध कब्जा को हटाया गया। यहां कब्जा कर टीएमसी का ऑफिस भी बनाया गया था, जिसे तोड़ दिया गया है। टीएमसी यूथ विंग का ऑफिस जमींदोज दरअसल, कोलकाता और हावड़ा के बाद आसनसोल के बर्नपुर में बुलडोजर की दहाड़ सुनाई दी है। त्रिवेणी मोड़ के करीब सेल की जमीन पर टीएमसी यूथ विंग का ऑफिस बना हुआ था। इस्को की तरफ से कई बार अवैध ऑफिस को हटाने के लिए नोटिस दिया गया था। टीएमसी सत्ता में थी तो यूथ विंग के लोग जबरदस्ती वहां निर्माण कर लिया। सत्ता बदलते ही भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में उस ऑफिस को तोड़ दिया गया है। बदले की भावना से कार्रवाई वहीं, बुलडोजर कार्रवाई के बाद टीएमसी के स्थानीय नेता ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि यह राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है। बिना किसी बातचीत के इस ऑफिस को तोड़ दिया गया है। टीएमसी नेता ने यह भी आरोप लगाया है कि सेल की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर कई अन्य लोग भी व्यवसाय चला रहे हैं। मगर कार्रवाई सिर्फ टीएमसी ऑफिस पर की गई है। रेलवे की जमीनों से भी हटाया गया अतिक्रमण इसके साथ ही आसनसोल रेल मंडल की अतिक्रमित जमीनों से भी कब्जा हटाया गया है। अवैध क्वार्टर और घरों को बुलडोजर से तोड़ा गया है। बुलडोजर कार्रवाई के बाद वहां हड़कंप मच गया। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद शुभेंदु अधिकारी गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी के सीएम बनने के बाद पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जिलों में बुलडोजर की कार्रवाई चल रही है। कोलकाता, हावड़ा और नंदीग्राम में भी यह कार्रवाई हो रही है। यह कार्रवाई अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ है।

भारत-अमेरिका रिश्तों पर बड़ी चर्चा, पीएम मोदी से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो

नई दिल्ली अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को पीएम मोदी से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटें तक चर्चा चलती रही है. इस बैठक में विदेश मंत्री एस जय शंकर के अलावा एनएसए अजीत डोभाल भी मौजूद रहे हैं. हालांकि, कूटनीतिक हलकों में चर्चा चल रही है कि रूबियो की दिल्ली यात्रा भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों में एक नया मील का पत्थर साबित हो रही है. अपनी इस अहम कूटनीतिक यात्रा के दौरान रूबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर रक्षा, व्यापार, इंडो-पैसिफिक की सुरक्षा और मौजूदा वैश्विक चुनौतियों जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा की. इस उच्च स्तरीय मुलाकात का सबसे बड़ा आकर्षण वह निमंत्रण रहा, जो रूबियो वाशिंगटन से अपने साथ लेकर आए थे. रूबियो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस आने का विशेष न्योता दिया।  अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत दौरे पर हैं. उन्होंने आज प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की. इस दौरान मार्को रुबियो ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया है।  बैठक काफी सकारात्मक रही- रुबियो रुबियो ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद कहा कि यह बैठक काफी सकारात्मक और उपयोगी रही. दोनों नेताओं के बीच सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई. अमेरिका ने साफ तौर पर भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक अहम रणनीतिक साझेदार बताया है. दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला और उभरती टेक्नोलॉजी क्षेत्र में तालमेल बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।  रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता सहयोग न सिर्फ दोनों देशों को मजबूत करेगा, बल्कि एक मुक्त और खुला इंडो-पैसिफिक क्षेत्र सुनिश्चित करने में भी मददगार साबित होगा।  बैठक के बाद पीएम मोदी ने शेयर कीं तस्वीरें प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के बाद X पर तस्वीरें पोस्ट करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच निरंतर प्रगति पर विस्तार से बातचीत हुई. इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक शांति व सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया. बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि भारत और अमेरिका वैश्विक हितों को ध्यान में रखते हुए आपसी सहयोग को आगे बढ़ाते रहेंगे. दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को भविष्य में और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।  करीब 14 वर्षों बाद किसी अमेरिकी विदेश मंत्री का कोलकाता दौरा हुआ. इससे पहले वर्ष 2012 में तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने शहर का दौरा किया था. ऐसे समय में रुबियो का आगमन राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि हाल ही में पश्चिम बंगाल में भाजपा नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आई है. भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर रुबियो के आगमन की जानकारी देते हुए कहा कि यह उनकी पहली भारत यात्रा है. उन्होंने बताया कि दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात होगी, जिसमें व्यापार, टेक्नोलॉजी, रक्षा सहयोग और क्वाड समेत कई रणनीतिक विषयों पर चर्चा की जाएगी. रुबियो का भारत दौरा 23 से 26 मई तक प्रस्तावित है. इस दौरान वह कोलकाता के अलावा नई दिल्ली, आगरा और जयपुर भी जाएंगे. माना जा रहा है कि यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।  इन बातों पर रहेगा फोकस दौरे से पहले मियामी में पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा था कि अमेरिका भारत को जितनी अधिक एनर्जी (तेल, गैस) बेच सकेगा, उतना बेहतर होगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका इस समय रिकॉर्ड स्तर पर ऊर्जा उत्पादन और निर्यात कर रहा है. भारत की ऊर्जा जरूरतों और वैश्विक तेल आपूर्ति पर होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति के प्रभाव से जुड़े सवाल पर उन्होंने भारत को महान साझेदार बताया. इस दौरे का सबसे अहम पड़ाव 26 मई को प्रस्तावित क्वाड देशों की बैठक मानी जा रही है. बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री हिस्सा लेंगे. इसमें भारतीय विदेश मंत्री S. Jaishankar मेजबानी करेंगे, जबकि ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री Penny Wong और जापान के विदेश मंत्री Motegi Toshimitsu भी शामिल होंगे।  पीएम मोदी ने मार्को रूबियो से मुलाकात पर दी जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस बैठक की अहम जानकारी साझा की है. पीएम मोदी ने रूबियो का भारत में स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की और बताया कि इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत-अमेरिका ‘व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ में हो रही निरंतर प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई. इसके अलावा, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कूटनीतिक मुद्दों पर भी गहरा मंथन किया. अपनी पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत और अमेरिका वैश्विक भलाई और साझा हितों के लिए भविष्य में भी मजबूती से एक साथ मिलकर कार्य करते रहेंगे।   भारत-अमेरिका रिश्तों को और मजबूत बनाने पर मोदी-रूबियो की चर्चा- सर्जियो गोर मार्को रुबियो भारत यात्रा लाइव: अमेरिका में भारत के राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के बाद मीडिया से बात कर बैठक के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच एक घंटे के करीब चली बैठक काफी सकारात्मक रही. बैठक में सुरक्षा, व्यापार और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी जैसे अहम क्षेत्रों में भारत-अमेरिका सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई. गोर ने भारत को अमेरिका का एक अहम साझेदार बताया और कहा कि दोनों देश मिलकर फ्री और ओपन इंडो-पैसिफिक को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।   अब और मजबूत होगी भारत-US रणनीतिक साझेदारी, MEA ने किया जोरदार स्वागत मार्को रुबियो भारत यात्रा लाइव: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के भारत दौरे को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक बयान जारी किया है. MEA ने नई दिल्ली पहुंचने पर तस्वीर शेयर करते हुए रूबियो का हार्दिक अभिनंदन किया है. मंत्रालय की ओर से कहा गया कि ये यात्रा दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों में मील का पत्थर साबित होगी. मंत्रालय ने अपने बयान में साफ किया … Read more

ट्विशा शर्मा केस में जांच तेज, कोर्ट ने आरोपी पति समर्थ को 7 दिन की रिमांड पर भेजा

भोपाल भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा केस में आरोपी पति समर्थ को कोर्ट ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. कड़ी सुरक्षा के बीच समर्थ को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनुदिता गुप्ता की अदालत में पेश किया गया, जहां सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में भारी भीड़ देखने को मिली. इस दौरान पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में मामले की विस्तृत बहस हुई।  पुलिस ने रिमांड के लिए तर्क देते हुए कहा कि घटनास्थल का वेरिफिकेशन, अन्य साक्ष्यों की जब्ती और विस्तृत बयान दर्ज करने के लिए आरोपी का कस्टडी में रहना जरूरी है. वहीं बचाव पक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अधिकांश साक्ष्य पहले ही जुटाए जा चुके हैं और एक दिन की रिमांड पर्याप्त है. सुनवाई के दौरान मृतका ट्विशा के भाई मेजर हर्षित समेत परिजन भी अदालत पहुंचे।  पुलिस ने मांगी 7 दिन की रिमांड, कोर्ट ने तुरंत कर दी मंजूर, परिजन बोले- पहली जीत मिली ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह की 7 दिन की रिमांड भोपाल कोर्ट ने मंजूर कर दी है. कोर्ट ने आरोपी का पासपोर्ट भी जब्‍त कर लिया है. कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को माना. इधर, समर्थ के वकीलों ने इसका विरोध किया और कोर्ट से केवल 1 दिन की रिमांड देने का अनुरोध किया था. ट्विशा के परिजनों ने इसे अपनी पहली जीत बताया है. पुलिस ने जिला अस्‍पताल में मेडिकल कराने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया था. समर्थ सिंह के भाई सिद्धार्थ और वकीलों की टीम पहले से ही कोर्ट परिसर में थी. समर्थ सिंह की अग्रिम बेल पहले ही कोर्ट रद्द कर चुकी थी, इसके बाद समर्थ फरार हो गया था और उस पर 30 हजार रुपए का इनाम रखा गया था।  दूसरे पोस्टमार्टम के लिए आज भोपाल पहुंचेगी AIIMS दिल्ली की टीम, चार्टर्ड विमान से रवाना होंगे डॉक्टर  ट्विशा शर्मा डेथ केस में दूसरे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अब तेज हो गई है. जानकारी के मुताबिक AIIMS दिल्ली की फॉरेंसिक टीम रविवार को भोपाल पहुंचेगी. यह टीम ट्विशा शर्मा के दोबारा पोस्टमार्टम के लिए गठित किए गए मेडिकल बोर्ड का हिस्सा होगी. सूत्रों के अनुसार अदालत के आदेश में केवल AIIMS दिल्ली के निदेशक को मेडिकल बोर्ड गठित करने के लिए अधिकृत किया गया था. कोर्ट का आदेश मिलने के बाद AIIMS दिल्ली के फॉरेंसिक विभाग प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने निदेशक की मंजूरी से चार वरिष्ठ डॉक्टरों का विशेष मेडिकल बोर्ड तैयार किया है. बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश सरकार की ओर से रविवार सुबह पोस्टमार्टम कराने के लिए आधिकारिक अनुरोध AIIMS दिल्ली को भेजा गया. इसके बाद मेडिकल बोर्ड ने तैयारी शुरू कर दी. टीम अत्याधुनिक फॉरेंसिक उपकरणों के साथ रविवार शाम करीब 6 बजे राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए चार्टर्ड विमान से भोपाल के लिए रवाना होगी. यही मेडिकल बोर्ड ट्विशा शर्मा का दूसरा पोस्टमार्टम करेगा. पूरे मामले पर देशभर की नजर बनी हुई है, क्योंकि केस पहले ही हाई प्रोफाइल और संवेदनशील बन चुका है।   पुलिस ने मांगी 7 दिन की रिमांड, समर्थ के वकील ने किया विरोध, बोले- एक दिन काफी  ट्विशा शर्मा डेथ केस में आरोपी समर्थ सिंह को लेकर कोर्ट में शनिवार को अहम सुनवाई हुई. पुलिस ने अदालत से समर्थ सिंह की 7 दिन की रिमांड मांगी. पुलिस का तर्क था कि मामले में स्पॉट वेरिफिकेशन कराना है, कई अन्य साक्ष्यों की जब्ती बाकी है और कुछ लोगों के विस्तृत बयान भी दर्ज किए जाने हैं. जांच एजेंसी ने कहा कि केस में डिजिटल एविडेंस और घटनास्थल से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल अभी जारी है, इसलिए आरोपी से लंबी पूछताछ जरूरी है. वहीं समर्थ सिंह के वकील ने पुलिस की मांग का विरोध किया. बचाव पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि मामले में जरूरी साक्ष्यों की जब्ती पहले ही हो चुकी है और लंबे समय की रिमांड की आवश्यकता नहीं है. वकील ने कहा कि यदि पूछताछ करनी भी है तो एक दिन की रिमांड पर्याप्त होगी. मामले को लेकर अदालत में दोनों पक्षों के बीच विस्तृत बहस हुई. अब कोर्ट के फैसले पर सभी की नजर टिकी हुई है।  समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस ने किया गिरफ्तार ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जबलपुर पुलिस ने समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस को हैंडओवर कर दिया था. पुलिस उसे भोपाल ले आई है और दोपहर तक उसे कोर्ट में पेश किया। समर्थ सिंह शुक्रवार (22 मई) को जबलपुर जिला जज के कोर्ट रूम में सरेंडर करने पहुंचा था. 12 मई से फरार चल रहे समर्थ सिंह पर 30 हजार रुपये का इनाम रखा गया था. इसके अलावा, पुलिस ने लुक आउट नोटिस भी जारी किया था. इस बीच समर्थ सिंह के वकील ने अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली थी और जज को बताया था कि समर्थ सरेंडर करने को तैयार है।  गिरफ्तारी से बच रहा था समर्थ सिंह शुक्रवार को सरेंडर करने के बाद भोपाल पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था. अब समर्थ सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. पेशे से वकील समर्थ सिंह 12 मई को ट्विशा शर्मा की मौत के बाद से गिरफ्तारी से बच रहा था. बार काउंसिल ने उसकी वकालत का लाइसेंस भी रद्द कर दिया है. जबलपुर जिला न्यायालय में उसके मौजूद होने की खबर मिलने के कुछ देर बाद जबलपुर पुलिस ने समर्थ को हिरासत में लिया और ओमती थाने ले गई, जहां उसे भोपाल पुलिस को सौंप दिया गया।  पुलिस ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 30,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी. इससे पहले, शुक्रवार को समर्थ सिंह ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की अपनी याचिका वापस ले ली थी. इसके साथ ही समर्थ के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था. आत्मसमर्पण के लिए जबलपुर जिला कोर्ट पहुंचने पर भी गहमागहमी रही क्योंकि ट्विशा के परिजनों के वकील ने यह कहते हुए विरोध किया कि हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक आरोपी समर्थ को या तो भोपाल जिला न्यायालय या फिर मामले के जांच अधिकारी के समक्ष आत्मसमर्पण करना चाहिए। 

सीमा पार ड्रोन और नशा तस्करी पर हाई कोर्ट सख्त, एजेंसियों को दी नियमित निगरानी की हिदायत

चंडीगढ़  पंजाब में लगातार बढ़ रहे नशे के कारोबार, सीमा पार से ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी और हथियारों की सप्लाई को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशकों के साथ-साथ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को आदेश जारी किए हैं।  आदेशों में साफ कहा है कि वे हर तीन महीने में ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों, बरामदगी, नशे के निस्तारण और नशा मुक्ति अभियानों की विस्तृत रिपोर्ट अदालत में दाखिल करें। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि रिपोर्ट में किसी प्रकार की लापरवाही, कमी या गंभीर स्थिति सामने आती है तो मामले को दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने यह महत्वपूर्ण आदेश उस जनहित याचिका का निपटारा करते हुए पारित किया, जिसे अदालत ने स्वयं संज्ञान लेते हुए शुरू किया था। हाई कोर्ट ने लिया था स्वत: संज्ञान अदालत ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक खबर के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया था। खबर में सीमा सुरक्षा बल द्वारा पंजाब में बढ़ती ड्रग तस्करी और सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजे जा रहे नशीले पदार्थों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई थी। समाचार रिपोर्ट में बताया गया था कि बीएसएफ ने पंजाब पुलिस को 75 ऐसे व्यक्तियों की सूची सौंपी थी, जो कथित रूप से ड्रग तस्करी में शामिल पाए गए थे। इसके साथ ही यह भी सामने आया था कि वर्ष 2023 के दौरान सीमा क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से भारत भेजे जा रहे लगभग 755 किलोग्राम नशीले पदार्थ बरामद किए गए। इतना ही नहीं, तस्करी के इस नेटवर्क के साथ हथियारों की सप्लाई भी जुड़ी हुई मिली और कई राइफल तथा पिस्तौल भी जब्त की गईं। सरकारों व एनसीबी ने दी थी स्टेटस रिपोर्ट मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब, हरियाणा और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से अदालत में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई। इन रिपोर्टों में बताया गया कि राज्य सरकारों और एजेंसियों द्वारा नशे की रोकथाम, ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई, जब्त मादक पदार्थों के सुरक्षित निस्तारण और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं। अदालत ने इन रिपोर्टों का अवलोकन करने के बाद कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसकी लगातार निगरानी और जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। हर तीन महीने में देंगे विस्तृत रिपोर्ट खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ के डीजीपी व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के महानिदेशक नियमित रूप से यह जानकारी देंगे कि कितने मामलों में एफआईआर दर्ज हुई, कितनी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए, उनका निस्तारण कैसे किया गया और नशा मुक्ति के लिए क्या कदम उठाए गए। अदालत ने यह जिम्मेदारी हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से तय की है ताकि भविष्य में इन रिपोर्टों की न्यायिक समीक्षा की जा सके।