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NATO समिट से पहले रूस का ताबड़तोड़ अटैक, 68 मिसाइल और 351 ड्रोन बरसाए; यूक्रेन में 14 लोगों की मौत

कीव  यूक्रेन एक बार फिर रूसी से हमले से दहला उठा है। राजधानी कीव पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। इस घटना में 46 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हं। कीव इलाके के सैन्य प्रशासन के प्रमुख तिमुर तकाचेंको ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि रूसी हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 46 लोग घायल हुए हैं, जिनमें पांच बच्चे शामिल हैं। आपातकालीन सेवाओं ने बताया कि शहर के विभिन्न इलाकों में तीन और लोगों की मौत हुई है। तकाचेंको ने टेलीग्राम पर लिखा कि 20 से अधिक जगहों पर बचाव अभियान चल रहे हैं। वहीं, मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों ने कई इमारतों को क्षतिग्रस्त किया, अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में आग लग गई और गोदामों तथा गैरेज वर्कशॉप को नुकसान पहुंचा। सुबह तक तीन बड़ी इमारतें आंशिक रूप से ढह गईं। बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि हेलीकॉप्टर नदी से पानी लेकर आग बुझाने की कोशिश की जा रही है नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हमला बता दें कि ये हमले तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से महज पहले हुए हैं, जहां यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की उम्मीद है। हमलों से कुछ घंटे पहले जेलेंस्की ने चेतावनी दी थी कि गुरुवार के हमले (जिसमें 30 लोग मारे गए) के बाद रूस एक और बड़ा हमला करने की तैयारी कर रहा है। रूस ने दागीं 68 मिसाइलें और 351 ड्रोन यूक्रेन की वायु सेना के अनुसार, रूस ने 23 बैलिस्टिक मिसाइलें, छह सुपरसोनिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों सहित कुल 68 मिसाइलें तथा 351 ड्रोन दागे। यूक्रेनी वायु रक्षा ने 37 मिसाइलों और 326 ड्रोनों को नष्ट या निष्क्रिय कर दिया, लेकिन बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों में से कोई भी रोक नहीं पाई। इस हमले के बाद जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर सिस्टम की और मांग की है, जिसे वे बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ एकमात्र प्रभावी सुरक्षा मानते हैं। क्या बोला रूस? दूसरी ओर रूस के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उसने हवा, जमीन और समुद्र से लॉन्च किए गए लंबी दूरी के सटीक हथियारों और ड्रोनों से हमला किया। मॉस्को का दावा है कि उसने कीव समेत यूक्रेन के कई इलाकों में सैन्य, ऊर्जा और रक्षा औद्योगिक सुविधाओं को निशाना बनाया। बता दें कि यह हमला कीव पर हाल ही में हुए सबसे घातक हमले के महज कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसमें 31 लोग मारे गए थे। इस सप्ताह तुर्की के अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन होना है, जहां ट्रंप जेलेंस्की से मुलाकात के अलावा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बातचीत कर सकते हैं। यूक्रेन का जवाबी हमला रात भर यूक्रेन ने भी रूस के अंदर ड्रोन हमले किए। रॉयटर्स के अनुसार, यूक्रेनी ड्रोनों ने बाल्टिक सागर के वायसोटस्क और उस्त-लुगा बंदरगाहों को नुकसान पहुंचाया, जो रूस का प्रमुख तेल निर्यात टर्मिनल है। क्रीमिया के सेवस्तोपोल में अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रूस ने इन हमलों को यूक्रेन के हालिया हमलों का जवाब बताया, जबकि यूक्रेन का आरोप है कि रूस जानबूझकर नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है।

प्रदेश के किसानों और मछुआरा समुदाय को मिलेगा प्रोत्साहन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश के मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के किसानों और मछुआरा समुदाय को मिलेगा प्रोत्साहन कुवैत की मत्स्य कंपनी ने किया 7,430 करोड़ रूपए का एग्रीमेंट प्रदेश से लगभग 6 हजार करोड़ रूपए के मत्स्य निर्यात का लक्ष्य इंदिरा सागर, बरगी, बाणसागर और बारना जलाशय में होगा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित35 हजार रोजगार होंगे सृजित मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुए एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्य उद्योग नीति-2026 के अंतर्गत हुआ एग्रीमेंट भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अन्नदाता की समृद्धि के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश में पशुपालन, मत्स्य पालन जैसी आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित या बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में तालाबों और जलाशयों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अन्नदाता की समृद्धि के लिए कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं विकसित हो रही हैं। प्रदेश के मछुआरा समुदाय के लोग मछली पालन जरिए ही अपनी आजीविका चलाते हैं। इन सबकी बेहतरी के लिए मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 के अंतर्गत गतिविधियों को अंतर्राष्ट्रीय विस्तार दिया जा रहा है। आज कुवैत की अग्रणी मत्स्य कंपनी और कामदार्स केयर इंदौर के बीच हुआ एग्रीमेंट प्रदेश में मत्स्य पालन और मछुआ कल्याण के क्षेत्र में नया इतिहास रचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में कुवैत की अग्रणी मत्स्य कंपनी- ज़बेदी अल कुवैत फिशरीज कंपनी और कामदार्स केयर इंदौर के बीच, प्रदेश में 7 हजार 430 करोड़ रुपए के निवेश और बाय बैक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। यह एग्रीमेंट मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 के अंतर्गत हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में एग्रीमेंट पर हुए हस्ताक्षर के बाद यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार, विधायक रामेश्वर शर्मा तथा कुवैत फिश ट्रेड यूनियन के निदेशक मंडल के अध्यक्ष फारेस बौकम्माज़ उपस्थित थे। मध्यप्रदेश में है मत्स्य पालन क्षेत्र में अपार संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन विकास के लिए पर्याप्त जलसंरचनाओं के भंडार हैं। इससे देश की खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। कृषि और खाद्यान्न के विकास को लेकर मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। कुवैत हमारा मित्र देश है, प्रदेश में विदेशी निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार पूर्ण समर्पण के साथ तेजी से कार्य कर रही है, अब इसके सुखद परिणाम भी लगातार सामने आ रहे हैं। भविष्य में मध्यप्रदेश मत्स्य पालन के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाएगा। एक्वापोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीन हाउस से 1 लाख 23 हजार टन वेजिटेबल्स का भी होगा उत्पादन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुए एग्रीमेंट के दौरान जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्य उद्योग नीति-2026 के अंतर्गत राज्य में आधुनिक निर्यातोन्मुखी एवं मूल्य संवर्धन मत्स्य उद्योग के विकास के लिए निजी एवं विदेशी निवेश आकर्षित करने का प्रावधान है। अनुबंध के अंतर्गत 7 हजार 430 करोड़ रूपए के अनुमानित निवेश से इंदिरा सागर, बरगी, बाणसागर और बारना जलाशय में केज कल्चर सहित बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। केज कल्चर के जरिये लगभग 4 लाख टन का अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन अपेक्षित है। इसके साथ ही एक्वापोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीन हाउस से 1 लाख 23 हजार टन वेजिटेबल्स आदि का भी उत्पादन होगा। प्रदेश में हो रही इस नई पहल से 15 हजार प्रत्यक्ष और 20 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश से लगभग 6 हजार करोड़ रुपए के मत्स्य निर्यात का लक्ष्य है। राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेश के मछुआरे विशेष रूप से लाभान्वित होंगे। मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी मत्स्य निवेश और निर्यात केन्द्र बनाएगा यह अनुबंध यह अनुबंध मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी मत्स्य निवेश और निर्यात केन्द्र बनाने की दिशा में एक प्रयास है। ज़बैदी अल-कुवैत फिशरीज़ कंपनी का 10 से अधिक देशों में प्रीमियम क्वालिटी फूड, डिब्बाबंद खाद्य उत्पाद, मसाले आदि में व्यापारिक नेटवर्क है। कामदार्स केयर, इंदौर एक क्लस्टर-बेस्ट व्यापारिक संगठन है। यह समूह किसान उत्पाद संगठनों के गठन और उनके व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करता है। इसे स्टार्टअप इंडिया के अंतर्गत भी मान्यता प्राप्त है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, सचिव मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास स्वतंत्र कुमार सिंह तथा विभाग के अधिकारी, विशेषज्ञगण और कुवैत के पब्लिक अथॉरिटी फॉर एग्रीकल्चर अफेयर्स एंड फिश रिसोर्सेज के उप महानिदेशक नासिर अल-अमीर, कुवैत इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के सलाहकार अशरफ हुसैन, संचालक कामदार्स केयर संजय पाटीदार भी उपस्थित थे।  

CM योगी आदित्यनाथ का प्रयागराज से संदेश, कहा- श्रीराम भारत की आत्मा के मूल स्रोत, सनातन हमारी पहचान

 लखनऊ एक तरफ राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक जारी है. दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में कहा कि भारत की आत्मा सनातन धर्म में बसती है और श्रीराम भारत की आत्मा के मूल स्रोत हैं।  उन्होंने कहा कि राम का मतलब राष्ट्र है. वह भारत की आत्मा के स्रोत हैं. सीएम योगी ने कहा कि आज जो भव्य अयोध्या और श्रीराम मंदिर देश देख रहा है, वह अशोक सिंघल के संकल्प और सपने का परिणाम है. 1980 और 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के दौरान पूरे देश में एक ही नारा गूंजता था- रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।  सीएम योगी ने कहा कि उस समय एक और नारा युवाओं में जोश भरता था कि मंदिर के काम न आए, ये जवानी बेकार है. उन्होंने कहा कि उस दौर के युवाओं ने अशोक सिंघल के नेतृत्व में पूरे देश में राम मंदिर आंदोलन का शंखनाद किया. राम मंदिर आंदोलन ने राष्ट्रभावना और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा दी।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौका एकता रेस को झंडी दिखाई  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार दोपहर बाद लगभग तीन बजे प्रयागराज पहुंचे। उनके साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व जनपद के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी हैं। मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर संगम के पास परेड मैदान में उतरा। परेड मैदान से मुख्यमंत्री का काफिला यमुना बैंक रोड स्थित नवनिर्मित प्रेरणा पार्क पहुंचे। वहां जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी तथा विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इसके बाद नौका एकता रेस को हरी झंडी दिखाई। वह जनसभा को संबोधित करेंगे। यहां से वह प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार में लोक निर्माण विभाग के तीन जिलों प्रयागराज, प्रतापगढ़ व कौशांबी में कराए गए कार्यों की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री शाम लगभग छह बजे लखनऊ के लिए रवाना होंगे।  

EC ने जारी किया कार्यक्रम, WB की 3 राज्यसभा सीटों पर 24 जुलाई को उपचुनाव; इस्तीफों के बाद खाली हुई थीं सीटें

कोलकाता पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की तीन खाली सीटों के लिए उपचुनाव का ऐलान कर दिया गया है. ये सीटें सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं।  इन तीनों सीटों पर 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक मतदान होगा. ये उपचुनाव राज्यसभा की तीन आकस्मिक सीटों को भरने के लिए कराए जाएंगे।  कब हुआ था इस्तीफा? तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले सुखेंदु शेखर रॉय ने सबसे पहले 8 जून को राज्यसभा की सदस्यता और टीएमसी, दोनों से इस्तीफा दिया था. अपने इस्तीफे में उन्होंने पार्टी में कथित भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और ममता बनर्जी के नेतृत्व पर सवाल उठाए. उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी में समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है, जबकि विवादों में रहे लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है।  इसके दो दिन बाद, 10 जून को सुष्मिता देव ने भी टीएमसी छोड़ने का ऐलान कर दिया. इस्तीफा देने के तुरंत बाद उन्होंने दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गईं कि वह बीजेपी का दामन थाम सकती हैं और पार्टी उन्हें असम से राज्यसभा भेज सकती है।  भाजपा की झोली में जा सकती है तीनों सीट तृणमूल कांग्रेस के तीन राज्यसभा सांसदों ने कुछ दिनों पहले ही अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. चुनाव आयोग ने बताया है कि 24 जुलाई को इन तीनों सीटों के लिए चुनाव होंगे और उसी दिन नतीजे भी आ जाएंगे. इस बात की पूरी उम्मीद है कि जिन तीन सांसदों ने इस्तीफा दिया उन्हीं को अब भारतीय जनता पार्टी अपना उम्मीदवार बना सकती है और अपने विधायकों की संख्या के आधार पर उसके तीनों उम्मीदवार आसानी से जीत भी सकते हैं।  तीनों पूर्व सांसदों को उम्मीदवार बनाने की चर्चा इस्तीफा देने वाले नेताओं में सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाईक के नाम शामिल हैं. अभी तक ये तीनों नेता बीजेपी में शामिल तो नहीं हुए हैं, लेकिन इस्तीफा देने के तुरंत बाद से ही ये नेता बीजेपी नेताओं से मिलते नजर आए हैं. ये लोग खुलकर बीजेपी की तारीफ भी करने लगे हैं. इनमें से सुखेंदु शेखर रे और प्रकाश चिक बड़ाईक वाली सीटों का कार्यकाल मार्च 2029 और सुष्मिता देव वाली सीट का कार्यकाल अप्रैल 2030 तक है. इन तीनों ने जून के महीने में अपनी सदस्यता से इस्तीफा देने के साथ ही टीएमसी का साथ भी छोड़ दिया था।  अकेले दम पर 117 के आंकड़े तक पहुंचेगी बीजेपी  सुष्मिता और प्रकाश दोनों ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. संभावना है कि दोनों को ही बीजेपी अपना कैंडिडेट बनाए. तीन जीतों के बाद बीजेपी की राज्यसभा में संख्या बढ़कर 117 हो जाएगी।  मॉनसून सत्र में कई महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है सरकार. पश्चिम बंगाल में तीनों सीटों पर जीत के बाद राज्यसभा में दो तिहाई बहुमत के नजदीक पहुंच जाएगी एनडीए. वहीं, बीजेपी के इतिहास में राज्यसभा में यह सर्वाधिक संख्या होगी. बीजेपी अपने बूते ही राज्य सभा में सामान्य बहुमत के नजदीक पहुंच जाएगी. गौरतलब है कि पिछले चालीस साल में किसी भी दल को राज्यसभा में अपने बूते बहुमत नहीं मिला है. पूर्व पीएम राजीव गांधी के कार्यकाल में कांग्रेस को इससे पहले थी राज्य सभा में सबसे अधिक सीटें थीं।  चुनाव आयोग 7 जुलाई को राज्यसभा उपचुनाव का नोटिफिकेशन जारी करेगा. नामांकन करने की अंतिम तारीख 14 जुलाई होगी. नामांकन पत्रों की जांच 15 जुलाई को होगी. 17 जुलाई तक नामांकन वापस लिया जा सकेगा. 24 जुलाई को वोटिंग होगी. सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी. 25 जुलाई को ही शाम 5 बजे काउंटिंग होगी. 27 जुलाई तक चुनाव की पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। 

डॉ. मुखर्जी के एक देश-एक विधान-एक निशान-एक प्रधान के संकल्प को साकार करने का है प्रयास

राज्य सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में है अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. मुखर्जी के एक देश-एक विधान-एक निशान-एक प्रधान के संकल्प को साकार करने का है प्रयास डॉ. मुखर्जी की जयंती पर 15 दिवसीय जनकल्याण पखवाड़े की हो रही है शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर अर्पित की पुष्पांजलि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनसंघ के संस्थापक और प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का स्मरण करते हुए कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पूरे सम्मान के साथ मनाई जा रही है। डॉ. मुखर्जी के 'एक देश-एक विधान-एक निशान-एक प्रधान' के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में अग्रसर है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भारत ने विश्व में बनाई विशेष पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए विश्व में विशेष पहचान बनाई है। डॉ. मुखर्जी ने देश और समाज के सर्वांगीण विकास की कल्पना की। राज्य सरकार ने डॉ. मुखर्जी की जयंती के अवसर पर 15 दिवसीय जनकल्याण पखवाड़े की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के सभी गरीब, जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इस दिशा में रोजगार के अवसर सृजित होने से हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित हो पा रहा है। हर क्षेत्र में तेजी से विकास करते हुए आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशानुसार बना दिल्ली में बना भारत मंडपम हमारे लिए एक आदर्श उदाहरण है। डॉ. मुखर्जी की जयंती पर आज भोपाल के सतगढ़ी में मध्यप्रदेश के सबसे बडे कन्वेंशन सेंटर और सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की आधारशिला रखी जा रही है। राज्य सरकार कुशाभाऊ ठाकरे सभागार के पास एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर तैयार कर रही है, जिसकी क्षमता 5 हजार सीट्स की रहेगी। सतगढ़ी में बनने वाले नए विशाल कन्वेंशन सेंटर में 10 हजार से अधिक व्यक्तियों की व्यवस्था है। भोपाल सबसे समृद्ध और सशक्त राजधानी बनने जा रहा है। हमारा प्रदेश हर क्षेत्र में तेजी से विकास करते हुए आगे बढ़ रहा है। अब मध्यप्रदेश की धरती पर बनेंगे, रक्षा क्षेत्र के उपकरण, मिसाइल और हथियार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने रक्षा क्षेत्र में नया इतिहास रचा है। अब रक्षा क्षेत्र के कई उपकरण, मिसाइल और हथियार मध्यप्रदेश की धरती पर बनेंगे। चंबल की धरती सालों से मां भारती की सेवा करने वाले वीर सैनिकों की भूमि रही है। अब यहां आधुनिक हथियार भी तैयार किए जाएंगे। यह मिसाइल एक हजार किलोमीटर तक दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त करने की क्षमता वाली होंगी। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल, विधायक रामेश्वर शर्मा, रवीन्द्र यति, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

इंडोनेशिया दौरे पर PM मोदी का शानदार स्वागत, आसमान में फाइटर जेट्स ने दी सलामी

जकार्ता  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे हैं। इस दौरान पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। इंडोनेशियाई वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पीएम मोदी के एयरक्राफ्ट को एस्कॉर्ट किया। इसके बाद एयरपोर्ट पहुंचने पर इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने प्रोटोकॉल तोड़ पीएम मोदी का स्वागत किया। इंडोनेशिया में पीएम मोदी का कार्यक्रम जानें प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया में 6 से लेकर 8 जुलाई तक रहेंगे। इस दौरान वह दोनों देशों के बूीच कई क्षेत्रों में साझेदारी को गहरा करने पर जोर देंगे। इसके अलावा, भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी के इंडोनेशिया यात्रा के कई उद्देश्य हैं। रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना: पीएम मोदी की इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है। यह प्रधानमंत्री का चौथा दौरा होगा और मई 2018 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंचने के बाद पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। भारत-इंडोनेशिया रक्षा संबंध होंगे मजबूत भारत के रक्षा और सुरक्षा सहयोग में उच्च स्तरीय दौरा, नियमित द्विपक्षीय और बहुपक्षीय एक्सरसाइज और रक्षा उद्योग में गहरे सहयोग (ब्रह्मोस की बिक्री सहित) के जरिए तेजी आई है और इसका दायरा भी बढ़ा है। समुद्री पड़ोसी होने के नाते, दोनों देशों ने 2018 में हिंद-प्रशांत में भारत-इंडोनेशिया समुद्री सहयोग के साझा दृष्टिकोण को अपनाया। आईएफसी-आईओआर में एक इंडोनेशियन लाइजन ऑफिसर की तैनाती से हमारी मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस को और बढ़ावा मिलेगा। भारत एनडीए और डीएसएससी में इंडोनेशियन कैडेट्स और ऑफिसर्स के लिए स्लॉट भी तय करेगा, जिससे रक्षा के क्षेत्र में कैपेसिटी बिल्डिंग बढ़ेगी। व्यापार और निवेश पर भी बनेगी बात इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार और निवेश के जरिए विकास को बढ़ावा देना है। विकसित भारत 2047 और एमास (गोल्डन) इंडोनेशिया 2045 के डेवलपमेंट विजन के बीच मजबूत तालमेल है। इंडोनेशिया, आसियान क्षेत्र में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बनकर उभरा है, जिसका 2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार 24.78 बिलियन अमेरिकी डॉलर होगा। इंडोनेशिया में अलग-अलग क्षेत्रों में 130 से ज्यादा भारतीय कंपनियों ने निवेश किया है। सांस्कृतिक कार्यक्रम का उठाया लुत्फ हवाई अड्डे पर औपचारिक स्वागत और गॉर्ड ऑफ ऑनर के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां आयोजित एक विशेष पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी अवलोकन किया. इस कार्यक्रम के जरिए इंडोनेशिया की समृद्ध संस्कृति और भारत के साथ उसके सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों की झलक पेश की गई।  PM मोदी ने ट्वीट कर क्या कहा? पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ''जकार्ता पहुंच गया हूं। राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के स्नेहपूर्ण व्यवहार से मैं बहुत प्रभावित हुआ। उन्होंने एयरपोर्ट पर पर व्यक्तिगत रूप से मेरा स्वागत किया। 2018 में, हमने दोनों देशों के संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक पहुंचाया, जिससे हमारे लोगों को बहुत लाभ हुआ है। इस यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और मैं विभिन्न क्षेत्रों में इस साझेदारी को और गति देने के उद्देश्य से चर्चा करेंगे।' आगे उन्होंने लिखा है, ''राष्ट्रपति प्राबोवो और मैं योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे। यह यात्रा हमारे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और भी मजबूत करेगी। इंडोनेशिया में रहने के दौरान, मैं भारतीय समुदाय के साथ बातचीत करने के अवसर का भी बेसब्री से इंतजार कर रहा हू।' सबसे बड़े हिंदू मंदिर जाएंगे पीएम मोदी पीएम मोदी इंडोनेशिया में 6 से लेकर 8 जुलाई तक रहेंगे। इस दौरान वह इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन जाएंगे। 9वीं शताब्दी में बना यह मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित है और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। इसके अलावा वह भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी के इंडोनेशिया यात्रा के कई उद्देश्य हैं। पीएम मोदी की इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है।  85% मुस्लिम फिर भी नोट पर छपी भगवान गणेश की तस्वीर वहीं, आपको बता दें कि इंडोनेशिया दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन वहां की सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप आज भी दिखाई देती है। इंडोनेशिया में रामलीला का मंचन होता है और इस देश की मुद्रा पर भगवान गणेश की तस्वीर भी छप चुकी है। 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया की यात्रा पर रहेंगे पीएम मोदी राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया की यात्रा रहेंगे. पीएम मोदी ने कहा, ‘‘2018 में मेरी पहली इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाया था.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के इस स्तर पर पहुंचने के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा है और यह जनवरी 2025 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति प्राबोवो की भारत यात्रा के बाद हो रही है।  इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड की यात्रा पर हैं पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर हैं. 11 जुलाई तक तीन देशों की अपनी यात्रा पर रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा था- ‘‘पूर्वी और दक्षिणी हिंद महासागर में इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया और उसके बाद न्यूजीलैंड की मेरी यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, ‘महासागर’ दृष्टिकोण और साथ ही स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के प्रति हमारे नजरिए को और मजबूत करेगी। 

‘स्वस्थ छत्तीसगढ़ से विकसित छत्तीसगढ़ का सपना होगा साकार’, मुख्यमंत्री साय का बड़ा संदेश

स्वस्थ छत्तीसगढ़ करेगा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण- मुख्यमंत्री साय 103 करोड़ रुपये से अधिक के स्वास्थ्य अधोसंरचना कार्यों का भूमिपूजन 200 सीटर छात्रावास, कैंसर भवन विस्तार और आवासीय परिसर का होगा निर्माण रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में 103 करोड़ रुपये से अधिक लागत के स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेगा। प्रदेश में लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यह परियोजनाएं प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई प्रदान करेंगी तथा मरीजों, विद्यार्थियों और चिकित्सकों सभी को इसका लाभ मिलेगा। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास, कैंसर भवन के विस्तार तथा चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के आवासीय परिसर सहित विभिन्न निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी गई।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पिछली बार मेडिकल कॉलेज आने पर विद्यार्थियों ने छात्रावास निर्माण की मांग रखी थी, जिसे सरकार ने गंभीरता से लेते हुए आज उसके निर्माण की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में जनता से किए गए अधिकांश वादों को पूरा किया है और "मोदी की गारंटी" को धरातल पर उतारा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और विकसित भारत के संकल्प की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए स्वस्थ छत्तीसगढ़ आवश्यक है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों एवं पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार का छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि डीएम कार्डियक कोर्स की स्वीकृति से लेकर अन्य स्वास्थ्य परियोजनाओं तक केंद्र सरकार ने हर मांग पर सकारात्मक सहयोग दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में छत्तीसगढ़ को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद) की भी सौगात मिलेगी, जिससे राज्य की समृद्ध औषधीय वनस्पतियों एवं आयुर्वेद को नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब  नक्सलवाद से मुक्त होकर तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने दूरस्थ क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लाखों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया है। उन्होंने मेडिकल विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सरगुजा से लेकर बस्तर तक प्रदेश के हर क्षेत्र में सेवाएं देने का संकल्प लें और केवल शहरों तक सीमित रहने की मानसिकता न रखें। उन्होंने कहा कि सरकार चिकित्सा शिक्षा के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा विद्यार्थियों को बेहतर अधोसंरचना, छात्रावास एवं आधुनिक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लगभग 104 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले छात्रावास, कैंसर संस्थान विस्तार एवं अन्य अधोसंरचना परियोजनाएं चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग एवं निर्माण एजेंसियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा से पहले एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हो रहा है। राज्य में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति, नर्सिंग कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि, फिजियोथेरेपी कॉलेजों का विस्तार तथा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 10 एकड़ क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाले योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर का निर्माण भी प्रगति पर है। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व में लंबित कोरबा, कांकेर एवं महासमुंद मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य प्रारंभ कराए हैं। बिलासपुर स्थित सिम्स का भी व्यापक उन्नयन किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि डीएम कार्डियक कोर्स प्रारंभ हो चुका है तथा जगदलपुर में जल्द ही छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा हार्ट सेंटर स्थापित किया जाएगा। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रथम परियोजना के तहत 200 सीटर आधुनिक छात्र-छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाओं के साथ चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के लिए भी आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। दूसरी परियोजना के तहत कैंसर भवन का द्वितीय से छठे तल तक विस्तार किया जाएगा। लगभग 11 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बनने वाले इस भवन में आधुनिक लैब, 64-64 बिस्तरों वाले वार्ड, सिंगल रूम, आईसीयू तथा अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर विकसित किए जाएंगे, जिससे कैंसर रोगियों को उच्च स्तरीय उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी। तीसरी परियोजना के अंतर्गत छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास का विस्तार किया जाएगा, जिसमें अतिरिक्त कमरे, डॉरमेट्री, लाइब्रेरी, रिक्रिएशन हॉल तथा सभी आवश्यक आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि छात्राओं को सुरक्षित एवं बेहतर आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सके। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा रितेश अग्रवाल, पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर सहित जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, मेडिकल विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

MP Governor News: मंगुभाई पटेल का कार्यकाल समाप्त! अब दोबारा नियुक्ति होगी या बदले जाएंगे? जल्द होगा फैसला

भोपाल  मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल का पांच साल का कार्यकाल 6 जुलाई को पूरा होने जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि उन्हें दूसरा कार्यकाल मिलेगा या राज्य को नया राज्यपाल मिलेगा। इस पर अंतिम फैसला राष्ट्रपति की ओर से लिया जाएगा। इसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। राज्यपाल मंगू भाई पटेल को  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विश्वसनीय माना जाता है। राज्यपाल के रूप में उनका पूरा कार्यकाल बिना किसी विवाद का रहा है और उनकी ट्यूनिंग राज्य सरकार से काफी अच्छी है। इन सब स्थितियों को देखते हुए मंगू भाई पटेल का कार्यकाल बढ़ने की पूरी संभावना है। 15 साल बाद कोई राज्यपाल पूरा करेगा पांच साल का कार्यकाल मंगुभाई पटेल पिछले डेढ़ दशक में दूसरे ऐसे राज्यपाल होंगे, जो मध्य प्रदेश में अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। इससे पहले रामनरेश यादव ने 8 सितंबर 2011 से 7 सितंबर 2016 तक राज्यपाल के रूप में पूरा कार्यकाल पूरा किया था। 2016 से 2021 के बीच तीन बार बदले राज्यपाल रामनरेश यादव के कार्यकाल के बाद मध्य प्रदेश में लगातार राज्यपाल बदले गए। इस दौरान लालजी टंडन, आनंदीबेन पटेल और ओपी कोहली ने अलग-अलग समय पर राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाली। आनंदीबेन पटेल दो बार मध्य प्रदेश की राज्यपाल भी रहीं। 7 जुलाई 2021 को मंगुभाई पटेल ने राज्यपाल पद की जिम्मेदारी संभाली थी। आदिवासी क्षेत्रों में सिकल सेल अभियान पर रहा फोकस राज्यपाल रहते हुए मंगुभाई पटेल ने आदिवासी परिवारों में सिकल सेल बीमारी को लेकर विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। इस दिशा में हुए प्रयासों के कारण मध्य प्रदेश देश में सिकल सेल बीमारी की पहचान और रोकथाम के अभियान में अग्रणी राज्यों में शामिल रहा। अब राष्ट्रपति लेंगी अंतिम फैसला मंगुभाई पटेल का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उन्हें राज्यपाल के रूप में दूसरा कार्यकाल दिया जाएगा या मध्य प्रदेश को नया राज्यपाल मिलेगा। इस पर अंतिम निर्णय राष्ट्रपति की ओर से किया जाएगा, जिसका इंतजार राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही हलकों में किया जा रहा है। आईएएस विवेक अग्रवाल ने बढ़ाया प्रदेश का मान विवेक अग्रवाल को वैश्विक संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स का उपाध्यक्ष बनाया गया है। मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल भारत सरकार में संस्कृति सचिव हैं। अग्रवाल देश के पहले ब्यूरोक्रेट हैं जिन्हें वैश्विक संस्था का उपाध्यक्ष बनाया गया है। यह संस्था मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद से जुड़ी फंडिंग को रोकने के लिए नियम और कानून बनाती है। भारत 2010 से इस प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय संस्था का सदस्य है, लेकिन भारत को पहली बार उपाध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। विवेक अग्रवाल मध्य प्रदेश में इंदौर और उज्जैन के कलेक्टर रहे हैं। वे मध्य प्रदेश शासन में तत्कालीन मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव रहने के साथ ही कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। मनोज अग्रवाल हो सकते हैं वन विकास निगम के एमडी वन विकास निगम के प्रबंध संचालक एचयू खान जुलाई में सेवानिवृत होने जा रहे हैं। उनकी जगह वरिष्ठता और मेरिट के आधार पर 1993 बैच के आईएफएस अधिकारी मनोज अग्रवाल को प्रबंध संचालक बनाने की चर्चा है। वर्तमान में मनोज अग्रवाल पीसीसीएफ कैंपा के पद पर हैं और उन्हें पीसीसीएफ वर्किंग प्लान का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। पूरे महकमे में अग्रवाल की छवि वित्तीय प्रबंध के मामले में एक्सपर्ट के रूप में देखी जाती है। जानकारों का मानना है कि अग्रवाल के अनुभव और वित्तीय प्रबंधन से निगम की वित्तीय स्थिति को सुधारने में मदद मिल सकती है। जल्द घोषित हो सकते हैं इंदौर और भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष इंदौर-भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्षों के नाम जल्द सामने आ सकते हैं। पता तो यहां तक चला है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच इस पर चर्चा हुई। इस चर्चा में वही दोनों नाम फिर फाइनल किए गए हैं, जिन्हें पूर्व में तय किया गया था। उस वक्त तात्कालिक विरोध को देखते हुए आदेश जारी नहीं किए गए थे। 

पूर्व CM अरविंद केजरीवाल का सरकारी आवास अब कल्चरल सेंटर बनेगा, बड़े फैसले से सियासत गरमाई

 नई दिल्ली दिल्ली की बीजेपी सरकार ने सिविल लाइंस स्थित 6-फ्लैगस्टाफ रोड पर मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास को लेकर बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली सरकार अब इस आधिकारिक आवास को स्टेट गेस्ट हाउस और अत्याधुनिक कल्चरल सेंटर के रूप में विकसित करेगी।  दरअसल बीजेपी सरकार दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल के इस आवास को शीशमहल कहती है. अब इसी आवास में दिल्ली सरकार वीवीआईपी मेहमानों की मेजबानी करेगी. इसे लेकर सरकार ने पूरा प्लान तैयार किया है।  यहां सरकारी मेहमानों के लिए स्थायी सुविधा का इंतजाम किया जाएगा. देश-विदेश से यहां आने वाले सरकारी प्रतिनिधिमंडलों, विशिष्ट अतिथियों और उच्चस्तरीय अधिकारियों के ठहरने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस गेस्ट हाउस तैयार किया जाएगा. इसे स्टेट गेस्ट हाउस और अत्याधुनिक कल्चरल सेंटर के रूप में तैयार किया जाएगा।  अनियमितताओं के चलते भाजपा ने इसे दिया था शीशमहल नाम यह बंगला उस दौरान कराए गए पुनर्निर्माण में अनियमिताएं सामने आने के कारण चर्चा में रहा था। भाजपा ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया था, जिसे शीशमहल नाम दिया था, गत दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कई जगह भाजपा ने चुनावी रथ पर इसका माडल प्रदर्शित किया था। सरकार का कहना है कि अपना स्टेट गेस्ट हाउस नहीं होने से विभिन्न राज्यों और देशों से आने वाले सरकारी प्रतिनिधिमंडलों तथा विशिष्ट अतिथियों के ठहरने के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं करनी पड़ती थीं। नए फैसले के बाद यह कमी दूर होगी और सरकारी मेहमानों के लिए एक स्थायी एवं आधुनिक सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। बंगले में कम से कम होगी तोड़फोड़ योजना के अनुसार परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त अतिथि कक्ष विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा सम्मेलन कक्ष, बैठक स्थल और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बहुउद्देशीय सभागार भी तैयार किया जाएगा। यहां कला प्रदर्शनियां, संगीत एवं नृत्य प्रस्तुतियां, साहित्यिक आयोजन, सांस्कृतिक संवाद, सरकारी समारोह तथा विभिन्न विभागों के कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। सरकार का उद्देश्य इस परिसर को प्रशासनिक गतिविधियों के साथ-साथ दिल्ली की कला, संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देने वाले प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि बंगले में इस तरह से गतिविधयां शुरू की जाएंगी कि बंगले में कम से कम तोड़फोड़ की जरूरत पड़े। मूल संरचना से छेड़छाड़ नहीं होगी इस बड़े बदलाव को लेकर सरकार की रणनीति बहुत स्पष्ट है कि भवन की मूल संरचना के साथ कम से कम छेड़छाड़ की जाए. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस आलीशान इमारत को बड़े पैमाने पर किसी भी तरह की तोड़फोड़ से बचाना है. बिना किसी भारी संरचनात्मक बदलाव के, मौजूदा भवन को ही कुछ इस तरह से अनुकूलित किया जाएगा कि यह अपनी नई उपयोगिता यानी गेस्ट हाउस और कल्चरल सेंटर के ढांचे में पूरी तरह से फिट बैठ सके।  क्‍या आप इसे अंदर से देख पाएंगे? चूंकि यह एक उच्च सुरक्षा वाला स्टेट गेस्ट हाउस होगा, इसलिए इसके आवासीय और वीवीआईपी हिस्सों में आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा. हालांकि, परिसर के जिस हिस्से को सांस्कृतिक गतिविधियों और मल्‍टी परपज ऑड‍िटोर‍ियम के रूप में विकसित किया जा रहा है, वहां होने वाली कला प्रदर्शनियों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान आम जनता को भी प्रवेश करने का अवसर मिल सकेगा।  1942 में ब्रिटिश शासन के दौरान कराया गया था इसका निर्माण यह दिल्ली के सबसे बड़े सरकारी बंगलों में से एक है और लुटियंस क्षेत्र के बाहर स्थित बड़े सरकारी आवासों में इसकी गिनती होती है। इसका निर्माण 1942 में ब्रिटिश शासन के दौरान कराया गया था, 2004 से 2008 के बीच तत्कालीन दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष प्रेम सिंह को आवंटित रहा। बाद में विधानसभा के उपाध्यक्ष अमरीश गौतम यहां रहे। 2015 से यह दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री केजरीवाल का आधिकारिक आवास बना। जिसमें से पुनर्निमाण के दौरान काफी निर्माण तोड़ा जा चुका है। पीडब्ल्यूडी के आठ वरिष्ठ अभियंताओं के कैरियर पर लगाया धब्बा इस बंगले में पुनर्निर्माण और सुंदरीकरण पर हुए खर्च को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट और अन्य जांचों में भी निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए गए थे। इस बंगले से जुड़े निर्माण में कथित अनियमितताओं के मामले में लोक निर्माण विभाग के आठ वरिष्ठ अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई हुई, जिससे उनके सेवा रिकार्ड पर प्रतिकूल असर पड़ा है। सूत्रों के अनुसार कार्रवाई का असर उनके सेवा रिकार्ड, पदोन्नति और भविष्य की नियुक्तियों पर भी पड़ा है।  

पंजाब नगर निकाय चुनाव में AAP का दबदबा, 95 में 56 वार्डों पर जीत, विपक्ष को बड़ा झटका

चंडीगढ़  पंजाब में चार नगर निकायों के लिए हुए चुनावों के नतीजे घोषित हो गए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले आए इन चुनाव परिणामों में आम आदमी पार्टी (आप) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 95 में से 56 वार्डों में जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक बढ़त कायम रखी है। इससे पहले हुए निकाय चुनावों में भी आप ने बेहतर प्रदर्शन किया था और इस बार भी पार्टी ने अपना दबदबा बरकरार रखा। इन चुनावों के लिए पांच जुलाई को होशियारपुर, फाजिल्का और फिरोजपुर जिले के चार निकायों के कुल 95 वार्डों में मतदान हुआ था। इनमें होशियारपुर नगर निगम की 50 सीटों, जलालाबाद नगर परिषद की 17 सीटों, गुरुहरसहाय नगर परिषद की 15 सीटों और ममदोट नगर पंचायत की 13 सीटों के लिए मतदान कराया गया। घोषित परिणामों के अनुसार, चारों निकायों में आम आदमी पार्टी ने कुल 56 सीटों पर जीत हासिल की। कांग्रेस को 26 सीटें मिलीं, जबकि शिरोमणि अकाली दल के खाते में सात सीटें आईं। भारतीय जनता पार्टी को तीन सीटों पर जीत मिली, वहीं तीन वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। फिरोजपुर जिले में आप का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा फिरोजपुर जिले में आप का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा। यहां 50 वार्डों में से 35 पर पार्टी के उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस ने नौ सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को तीन सीटों पर सफलता मिली। तीन वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे।फाजिल्का के जलालाबाद नगर परिषद चुनाव में भी आम आदमी पार्टी ने बढ़त बनाए रखी। यहां 17 में से 12 सीटों पर आप ने जीत दर्ज की। कांग्रेस को चार सीटें मिलीं, जबकि शिरोमणि अकाली दल एक सीट जीतने में सफल रहा। इन चुनावों की एक खास बात यह भी रही कि कुल 11 उम्मीदवार पहले ही सर्वसम्मति से निर्वाचित घोषित हो चुके थे। इसके बाद शेष वार्डों के लिए मतदान कराया गया।विधानसभा चुनाव से पहले आए इन निकाय चुनाव परिणामों को राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।चुनाव नतीजों ने एक बार फिर राज्य की स्थानीय राजनीति में आम आदमी पार्टी की मजबूत पकड़ साबित की है, जबकि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा को सीमित सफलता से संतोष करना पड़ा।  अकाली दल का नहीं खुला खाता  नगर निगम होशियारपुर के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए निगम पर कब्जा कर लिया है। पचास सीटों में से आप ने 35 सीटों पर शानदार जीत हासिल की है। कांग्रेस नौ सीटें जीतने में कामयाब हुई है। भाजपा ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। तीन वार्डों में आजाद प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। निगम चुनावों में अकाली दल बादल का खाता नहीं खुला है। वहीं बसपा भी जीत का स्वाद नहीं चख पाई। बता दें कि राज्य चुनाव आयोग की ओर से करवाए गए चुनाव में आप 50, कांग्रेस 50, भाजपा 44, शिरोमणि अकाली दल बादल 36 और बसपा ने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा था। नगर निगम में बहुमत के लिए 26 सीटों की जरूरत थी। आप के खाते में 35 सीटें आई हैं। निगम में आम आदमी पार्टी का ही मेयर बनेगा। विपक्ष की भूमिका में कांग्रेस रहेगी। पिछले नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने 43 सीटें जीतीं। कांग्रेस को 34 सीटों का नुकसान हुआ है। भाजपा पिछले निगम चुनाव में चार सीटें जीती थी। इस बार उसके खाते में तीन सीटें आई थीं। भाजपा को एक सीट का नुकसान हुआ है। आप ने पिछले चुनाव में सिर्फ दो सीटें जीती थीं। इस चुनाव में आप को 33 सीटों का फायदा हुआ है। आप विधायक ब्रह्म शंकर जिंपा गदगद नजर आए। उन्होंने कहा कि जनता ने आप सरकार के विकास कार्यों पर मोहर लगाई है। निगम में आप का मेयर बनेगा। विकास कार्यों में और ज्यादा तेजी लाई जाएगी। सुखबीर बादल के गढ़ जलालाबाद में भी ‘आप’ की बड़ी जीत आम आदमी पार्टी ने जलालाबाद नगर परिषद की 17 में से 12 सीटों पर भी जीत हासिल की है. पार्टी ने ‘X’ पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह क्षेत्र कभी शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल का गढ़ माना जाता था।  बदला राजनीतिक समीकरण सुखबीर सिंह बादल ने 2017 के विधानसभा चुनावों में जलालाबाद सीट पर भगवंत मान को हराया था. इसके बाद 2022 के चुनावों में आम आदमी पार्टी के नेता जगदीप कंबोज ने एसएडी प्रमुख को 30,930 वोटों के अंतर से हराने में कामयाबी हासिल की थी. इससे पहले मई महीने में भी, आम आदमी पार्टी ने आठ नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों के चुनावों में शानदार जीत हासिल की थी।