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राजस्थान-बंगाल के सिस्टम का असर: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन मौसम रहेगा खराब

रायपुर  छत्तीसगढ़ का मौसम इन दिनों काफी बदल चुका है। राजस्थान से लेकर पश्चिम बंगाल तक जो ट्रफ लाइन बनी है और बिहार से आंध्र प्रदेश तक का एक्टिव साइक्लोनिक सर्कुलेशन, इसका सीधा असर हमारे प्रदेश पर देखने को मिल रहा है। इसी कारण शाम और रात के समय कई जगहों पर अचानक बादल छाने, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने में आ रहा है। मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, और बिजली गिरने का खतर भी बना रहेगा। लोगों को खासतौर पर खुले मैदानों और खेतों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि मौसम के इस बदलाव से अचानक जोखिम बढ़ सकता है। कई जगहों पर हल्की बारिश और थंडरस्टॉर्म जैसी स्थिति बन रही है। हालांकि, मौसम विभाग के मुताबिक 11 मई के बाद इसकी तीव्रता थोड़ी कम होने लगेगी। फिर भी अगले 5 दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी, जिससे मौसम को पूरी तरह स्थिर कहना मुश्किल है। पिछले 24 घंटों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं आया है, लेकिन गर्मी का असर बरकरार है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्म हवाओं का असर फिर से बढ़ेगा। इसी बीच, दुर्ग में कल का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहा, जो उस दिन का सबसे गर्म तापमान था। वहीं, पेंड्रा रोड में 19.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडी स्थिति रही। रायपुर समेत कई शहरों में दिन के समय बादल छाए रहे और शाम तक मौसम ने करवट ली। राजस्थान से बंगाल तक बनी ट्रफ लाइन और बिहार से आंध्र प्रदेश तक एक्टिव साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण छत्तीसगढ़ का मौसम बदला हुआ है। इसके प्रभाव से शाम और रात में बादल, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन रही है। इस बीच मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले 24 घंटों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। अगले 5 दिनों तक प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना है, हालांकि आज (11 मई) के बाद से थंडरस्टॉर्म की एक्टिविटी धीरे-धीरे कम होगी। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में पारा 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर फिर तेज होगा। पिछले 24 घंटे में 39 डिग्री के साथ दुर्ग सबसे गर्म रहा। वहीं 19.2 डिग्री के साथ पेंड्रा रोड सबसे ठंडा रहा। अगर हम राजधानी रायपुर की बात करें, तो यहां दिन में आंशिक बादल छाए रहने की उम्मीद है। अधिकतम तापमान लगभग 40 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। भिलाई और अंबिकापुर जैसे क्षेत्रों में हाल ही में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई है, जिससे कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ। कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली की आपूर्ति में बाधा जैसी समस्याएं भी सामने आईं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 5 दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। कुछ जगहों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं का प्रभाव भी देखने को मिलेगा। हालांकि, 11 मई के बाद धीरे-धीरे थंडरस्टॉर्म की गतिविधियां कम होने लगेंगी। लेकिन तब तक लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर, शाम और रात के समय बाहर निकलते वक्त सावधानी बरतें, क्योंकि मौसम कभी भी अचानक बदल सकता है।

सोमनाथ अमृत महोत्सव: पीएम मोदी ने हिस्सा लिया और जताई खुशी

सोमनाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में आयोजित 'सोमनाथ अमृत महोत्सव' में भाग लिया। उन्होंने कहा कि यहां पर आकर धन्य महसूस कर रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "जय सोमनाथ! यहां आकर धन्य महसूस कर रहा हूं। हम इस पुनर्निर्मित मंदिर के भक्तों के लिए अपने द्वार खोलने के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं।" उन्होंने आगे लिखा कि पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ पर पावनधाम सोमनाथ आकर दिव्य अनुभूति हुई है। इस अवसर पर मंदिर मार्ग पर भगवान सोमनाथ के भक्तों के जोश और प्रचंड उत्साह को देखकर मन अभिभूत और भावविभोर है! मैं आज यहां उस क्षण को जी रहा हूं, जिसका अनुभव भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण के अवसर पर किया होगा। सोमनाथ अमृत महोत्सव का भक्तिमय वातावरण हर तरफ अद्भुत ऊर्जा का संचार कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को गुजरात पहुंचे, जहां सोमनाथ में एक रोडशो किया। यह रोडशो सोमनाथ अमृत महोत्सव से पहले आयोजित किया गया था। गुजरात के गिर सोमनाथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की। आज सुबह गुजरात के प्रभास पाटन में श्री सोमनाथ महादेव ज्योतिर्लिंग मंदिर में पूजा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष महा पूजा में शामिल हुए, इसके बाद कुंभाभिषेक और ध्वजारोहण समारोह संपन्न हुए, जो मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा और ध्वजारोहण की रीतियों के प्रतीक हैं। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 11 तीर्थ स्थलों से लाए गए जल को मंदिर के शिखर पर अर्पित किया गया। 90 मीटर ऊंची क्रेन की सहायता से, मंदिर के शीर्ष पर कलश स्थापित किया गया। पीएम ने लिखा कि सोमनाथ में, हर कोने में भक्ति का अनुभव किया जा सकता है। पुनर्निर्मित मंदिर के भक्तों के लिए अपने द्वार खोलने के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अनगिनत लोग एक साथ एकत्रित हुए हैं। वह दिन वास्तव में भारत की सभ्यतागत यात्रा में एक मील का पत्थर था। वहीं, भारतीय वायु सेना की 'सूर्य किरण' एरोबेटिक्स टीम ने बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर में आयोजित 'सोमनाथ अमृत महोत्सव' के दौरान हवाई करतब दिखाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में एक 'विशेष महापूजा' में भी हिस्सा लिया। बता दें कि ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर में आयोजित समारोहों में मंदिर के जीर्णोद्धार और भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा 1951 में इसके उद्घाटन की स्मृति को याद किया गया। धार्मिक समारोहों से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जामनगर से सोमनाथ पहुंचने के बाद वहां रोड शो किया। वह रविवार रात गुजरात पहुंचने के बाद जामनगर में रुके थे। रोड शो में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद थे। इस दौरान प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए मंदिर के पास स्थित वीर हमीरजी सर्कल तक हेलीपैड से लगभग 1.5 किलोमीटर लंबे मार्ग पर हजारों लोग जमा हो गए। जब उनका काफिला इलाके से गुजरा तो समर्थकों ने झंडे लहराए और नारे लगाए, जबकि पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों के कलाकारों ने मार्ग में निर्धारित स्थानों पर पारंपरिक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए।   अस्तित्व की गवाही और सनातन के गौरव की गौरवगाथा  यह नाम सुनते ही हर भारतीय के मन में गर्व और श्रद्धा का भाव जाग उठता है. यह सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि सनातन धर्म की अटूट आस्था, भारतीय सभ्यता की जीवटता, भारत भूमि के आत्मसम्मान और राष्ट्र के स्वाभिमान का प्रतीक है. गुजरात के प्रभास पाटन में स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर केवल पत्थरों से बना एक देवालय नहीं है, बल्कि सनातन धर्म के कभी न हारने वाले संकल्प का सजीव तथ्य है. ‘सोमनाथ हमारा स्वाभिमान’… यह उस सत्य की घोषणा है जिसने सदियों के आक्रमणों, लूट और विध्वंस के बाद भी अपनी चमक फीकी नहीं पड़ने दी. एक हजार साल पहले 1026 में महमूद गजनवी के हमले से लेकर आज तक सोमनाथ हमें बताता है कि आस्था को तोड़ा जा सकता है, लेकिन उसके विश्वास को मिटाया नहीं जा सकता।  सोमनाथ मंदिर गुजरात के प्रभास पाटन में अरब सागर के किनारे स्थित है. यह भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग माना जाता है. पुराणों के अनुसार चंद्रदेव ने सबसे पहले सोने का मंदिर बनवाया था. बाद में रावण ने चांदी का, भगवान कृष्ण ने चंदन का और कई राजाओं ने पत्थर का मंदिर बनाया. यह स्थान केवल पूजा और अराधना का केंद्र नहीं थी, यहां व्यापार, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम होता था. लाखों श्रद्धालु दूर-दूर से आते थे. मंदिर की भव्यता और धन-दौलत की चर्चा दूर-दूर तक फैली हुई थी।  विनाश का काला अध्याय और सनातन का धैर्य सोमनाथ मंदिर का इतिहास संघर्षों की लंबी गाथा है. विदेशी आक्रांताओं ने इस मंदिर की अकूत संपदा और हिंदुओं की आस्था को चोट पहुंचाने के लिए इसे बार-बार निशाना बनाया. महमूद गजनवी से लेकर औरंगजेब तक, हर बार मंदिर को तोड़ा गया, लूटा गया और अपवित्र करने का प्रयास किया गया. लेकिन हर विनाश के बाद, सनातनियों का संकल्प और भी मजबूत होकर उभरा।  1026 ईस्वी में महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया. उसने मंदिर लूटा, तोड़ा और लाखों श्रद्धालुओं की हत्या की. लेकिन यह पहला हमला नहीं था और आखिरी भी नहीं. अलाउद्दीन खिलजी, औरंगजेब समेत कई आक्रमणकारियों ने मंदिर को निशाना बनाया. इतिहासकार बताते हैं कि मंदिर को 16-17 बार तोड़ा गया. हर बार तोड़ने के बाद भारतीयों ने आत्मबल और आस्था के विश्वास से अपने स्वाभिमान को फिर से खड़ा किया. आक्रांताओं ने मंदिर की दीवारें तो ढहाईं, लेकिन वे लोगों के हृदय में बसे महादेव को नहीं निकाल सके. दरअसल, यह सिर्फ ईंट-पत्थर का खेल नहीं था, यह सनातन की अटूट इच्छाशक्ति का प्रमाण था।  लौह पुरुष का संकल्प और आधुनिक मंदिर का उदय स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ का आधुनिक पुनरुद्धार आधुनिक भारत के निर्माण की सबसे बड़ी सांस्कृतिक घटना के रूप में वर्णित है. जूनागढ़ की आजादी के बाद, जब लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने प्रभास पाटन की धरती पर पैर रखा तो उन्होंने समुद्र का जल हाथ में लेकर मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया. उन्होंने निर्णय किया कि सोमनाथ मंदिर को फिर से भव्य रूप में खड़ा किया जाएगा. उनके इस … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण में कर रहा नए आयाम स्थापित

वन्यजीव संरक्षण में नए आयाम स्थापित कर रहा है मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो नेशनल पार्क में दो मादा चीतों को प्राकृतिक आवास में किया मुक्त प्रोजेक्ट चीता को प्रदेश में मिली नई रफ्तार-बोत्सवाना से लाए गए दोनों मादा चीते- अब स्थानीय परिवेश में घुल मिल कर रहने लगे हैं चीतें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चीतों के पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेशवासियों को 'प्रोजेक्ट चीता' के रूप में बड़ी सौगात मिली है। मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण की दिशा में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। चीता पुनर्वास के लिए श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में सोमवार को दो मादा चीतों को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया। ये दोनों चीते बोत्सवाना से लाए गए हैं, इसके बाद इन्हें कूनो नेशनल पार्क के क्वारंटीन बाड़े में रखा गया था। अब दोनों चीते उनके लिए अनुकूल प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं। प्रदेश सरकार की इस पहल से प्रदेश में जारी प्रोजेक्ट चीता को विस्तार और नई रफ्तार मिली है, यह कदम वन्यजीवों के साथ हमारी सहअस्तित्व की भावना को प्रकट करता है। बोत्सवाना से चीतों के पुनर्वास के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी तथा केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का भी आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को कूनो नेशनल पार्क में चीतों को मुक्त करने के बाद मीडिया से चर्चा कर रहे थे। 57 हो गई है प्रदेश में चीतों की संख्या मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी मध्यप्रदेश में अब 5000 वर्ग किलोमीटर भूमि पर चीते मुक्त विचरण करते हुए अपना कुनबा बढ़ा रहे हैं। वर्तमान में राज्य में चीतों की संख्या बढ़कर 57 हो चुकी है, चीते अब परिवार की तरह घुल-मिलकर रहने लगे हैं। प्रदेश के श्योपुर, कूनो, पालनपुर, राजगढ़ सहित मालवा और चंबल के क्षेत्र में चीते विचरण करते नजर आते हैं। कई बार तो ये मध्यप्रदेश से राजस्थान तक फर्राटा भरते हैं। उल्लेखनीय है कि इन चीतों के आगमन के साथ भारत में चीतों की कुल संख्या, देश में जन्मे शावकों सहित, बढ़कर 57 हो गई है।  

5 लाख की इनामी महिला माओवादी पोडियम लक्ष्मी ने दिया समर्पण, सीमा क्षेत्र में थी सक्रिय

जगदलपुर टूटे हुए नक्सल कैडर को फिर से एकजुट करने की नई साजिश नाकाम नजर आ रही है. छत्तीसगढ़ सीमा से लगे आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सिताराम राजू जिले में एक ईनामी महिला माओवादी ने मुख्यधारा की ओर कदम बढ़ाते हुए सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने वाली महिला माओवादी पोडियम लक्ष्मी पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित है.लक्ष्मी बीजापुर जिले के उसुर थाना क्षेत्र की निवासी है।  जानकारी के मुताबिक, इनामी माओवादी पोडियम लक्ष्मी लंबे वक्त से नक्सल संगठन के साथ जुड़ी हुई थी. DKSZC के 2 सीआरसी पीएलजीए बटालियन  सक्रीय सदस्य के रूप में लक्ष्मी लंबे समय से छत्तीसगढ़ आंध्र प्रदेश बॉर्डर में सक्रियता थी. सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर माओवादी पोडियम लक्ष्मी ने एटका पुलिस कैंप में अतिरिक्त पुलिस अध्यक्ष पंकज मीणा के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास, रोजगार और सरकारी योजनाओ का लाभ दिया जाएगा।  नक्सलियों ने जारी किया पत्र हाल में प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे निर्णायक अभियान और सरकार के राज्य से ‘नक्सल सफाए’ की आधिकारिक घोषणा के बाद नया मोड़ आया. प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) की उत्तर तालमेल कमेटी द्वारा तेलंगाना में जारी किए गए एक विस्तृत पत्र से इस नई साजिश का खुलासा हुआ. माओवादी संगठन ने अपने पत्र में आंदोलन के वर्तमान पतन और मौजूदा संकट का ईमानदारी से जिक्र करते हुए इतिहास का हवाला दिया है।  पत्र में नक्सलबाड़ी आंदोलन के सूत्रधार चारू मजूमदार के दौर का उदाहरण देते हुए बताया कि भले ही संगठन अभी कमजोर दिख रहा हो, लेकिन उनकी केंद्रीय कमेटी अभी भी रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय है और अंततः जीत उन्हीं की होगी. इस पत्र में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात शीर्ष नक्सली नेता ‘देवजी’ के आत्मसमर्पण को लेकर कही गई. संगठन ने देवजी को ‘गद्दार’ और ‘दुश्मन का एजेंट’ करार दिया है. पत्र में आरोप लगाया गया है कि देवजी का रास्ता ‘संशोधनवाद’ का है, जो पार्टी को खत्म करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।  पुलिस का कहना है कि यह बयानबाजी पुरानी, अप्रासंगिक और खोखली विचारधारा को जिंदा दिखाने की कोशिश प्रयास है. वहीं पोडियम लक्ष्मी के आत्मसमर्पण ने पुलिस के इस दावे को और मजबूती दी है।  सीमा क्षेत्र में थी सक्रिय जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मी छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सीमा पर सक्रिय नक्सली संगठन का हिस्सा थी। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं। उस पर राज्य सरकार ने 5 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। लक्ष्मी के आत्मसमर्पण को सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे अन्य नक्सलियों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरणा मिलेगी। क्या है छत्तीसगढ़ की नई पुनर्वास नीति? मार्च 2025 में लागू की गई छत्तीसगढ़ सरकार की नई पुनर्वास नीति का उद्देश्य आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और नक्सल हिंसा प्रभावित लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को आर्थिक सहायता, आवास सुविधा, बच्चों की शिक्षा, रोजगार के अवसर और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। सरकार का मानना है कि इस पहल से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास को बढ़ावा मिलेगा। बस्तर संभाग में नक्सल मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है, जहां लंबे समय से सक्रिय रही महिला माओवादी उर्मिला उर्फ टेटकी (28) ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। रावघाट एरिया कमेटी की सदस्य रही उर्मिला ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला मुख्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। गुरुवार को पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उसका विधिवत आत्मसमर्पण कराया जाएगा। 13 साल तक नक्सली संगठन में रही सक्रिय उर्मिला मूल रूप से मानपुर ब्लॉक के मुंजाल गांव की रहने वाली है। उसने करीब 13 वर्षों तक सशस्त्र माओवादी संगठन के साथ रहकर काम किया। कम उम्र में ही वह नक्सल गतिविधियों में शामिल हो गई थी और धीरे-धीरे संगठन के भीतर उसकी भूमिका मजबूत होती गई। उसका आत्मसमर्पण इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उसे मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले का आखिरी सक्रिय माओवादी कैडर बताया जा रहा है।

गेहूं की उपज में एमपी का जलवा, हरियाणा और पंजाब से आगे

भोपाल  मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी में लाभान्वित होनेवाले किसानों की संख्या 10 लाख से पार हो गई है। इसी के साथ प्रदेश ने हरियाणा और पंजाब को पछाड़ा दिया है। राज्य सरकार ने तमाम चुनौतियों के बीच शनिवार रात तक 10 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर 63 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा। मप्र ने इसी के साथ रेकॉर्ड बना दिया है। प्रदेश में रोज औसतन 5 लाख मीट्रिक टन खरीदी हो रही है। गेहूं खरीदी की अंतिम तारीख 23 मई तय की गई है। तब तक प्रदेशभर में 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी होगी। भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, इंदौर संभाग के जिलों में 9 अप्रेल से और बाकी संभाग में 15 मई से खरीदी चल रही प्रदेश के भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, इंदौर संभाग के जिलों में 9 अप्रेल से और बाकी संभाग में 15 मई से खरीदी चल रही है। गेहूं बेचने कुल 19 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। खरीदी कोटा पूरा होने पर भी सभी किसान गेहूं नहीं बेच पाए तो सरकार तारीख बढ़ा सकती है। मध्यप्रदेश में हो रहे सर्वाधिक किसान लाभान्वित, अभी तक 10 लाख से अधिक किसान उपार्जन प्रक्रिया में लाभान्वित हो चुके सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा में अभी तक 9.10 लाख किसान, पंजाब में 7.5 लाख किसान, उत्तरप्रदेश में 2 लाख किसान और राजस्थान में 1.67 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। वहीं मध्यप्रदेश में अभी तक 10 लाख से अधिक किसान उपार्जन प्रक्रिया में लाभान्वित हो चुके हैं। स्वयं मैदान में उतरे मुख्यमंत्री, केंद्रों पर किसानों से संवाद किया, संगठनों के प्रमुखों से मिले गेहूं खरीदी के दौरान शुरू के दिनों में जब किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा तो सीएम डॉ. मोहन यादव स्वयं मैदान में उतरे। केंद्रों पर किसानों से संवाद किया। किसान संगठनों के प्रमुखों से मिले। संभागायुक्तों, कलेक्टरों के साथ वीसी में दो टूक कहा कि किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाए। किसान परेशान न हों, ऐसा माहौल बनाएं। पिछली कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को भी केंद्रों पर जाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद खरीदी में तेजी से सुधार आया। राज्य- किसानों ने गेहूं बेचा- खरीदी की अंतिम तारीख मध्यप्रदेश- 10 लाख- 23 मई हरियाणा -9.10 लाख- 15 मई पंजाब- 7.5 लाख- 10 मई उत्तरप्रदेश- 2 लाख- 15 जून राजस्थान- 1.67 लाख- 31 मई प्रमुख बिंदु एमपी में 100 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य अभी 63 लाख टन की हुई खरीदी किसानों के आंकड़ों में मध्यप्रदेश आगे हरियाणा और पंजाब को पछाड़ा एमपी में 10 लाख किसानों से गेहूं खरीदा

प्रधानमंत्री के नेतृत्व से बढ़ा देश की सनातन संस्कृति का गौरव, बोले मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए मुख्यमंत्री 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य हुआ था पूरा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के साथ गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से वर्चुअली जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा – अर्चना का अवलोकन कर उनका संबोधन सुना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान सोमनाथ मंदिर के स्वर्णिम इतिहास, विदेशी आक्रांताओं द्वारा किए गए हमलों, मंदिर के पुनरनिर्माण यात्रा, वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे आस्था के केंद्रों का संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बातें देशवासियों से साझा की।                मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था और इसी ऐतिहासिक अवसर को देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार बाहरी आक्रांताओं द्वारा हमले किए गए, लेकिन मंदिर की आस्था और परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। साय ने कहा कि पहली बार आक्रमण के दौरान मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर नहीं छोड़ा तथा अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका त्याग आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।              साय ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तमाम विरोधों के बावजूद सोमनाथ मंदिर पहुंचकर पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लिया था। साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नया गौरव मिला है। उन्होंने कहा कि आज देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों का विकास तेजी से हो रहा है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि बनारस के काशी विश्वनाथ, उज्जैन स्थित महाकाल से लेकर सोमनाथ मंदिर तक व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं।           मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में देवी माताओं के मंदिरों को शक्तिपीठ योजना के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। इसी तरह कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव महादेव मंदिर को स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 148 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है और यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। सनातनियों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या के मंदिर में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं और यह योजना लगातार जारी है।              मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में सभी लोगों से भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।            कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य लगातार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे मुखिया भी प्रदेश में धार्मिक स्थलों के संरक्षण के साथ ही विभिन्न योजनों के माध्यम से लोगों को आस्था से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सोमनाथ मंदिर देश की संस्कृति, वैभव और स्वाभिमान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सल उन्मूलन के बाद पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सोमनाथ मंदिर सनातनियों के आस्था का बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि हजार वर्षों के इतिहास में अनेक आक्रमणों के बावजूद सनातन संस्कृति की आस्था को कोई डिगा नहीं पाया है और न कभी ऐसा होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर पहुँचे। उन्होंने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बाजार में जोरदार गिरावट: सेंसेक्स 76,015, निफ्टी 360 अंक नीचे

मुंबई  घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। BSE Sensex 1000 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 50 23,900 के नीचे फिसल गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,312.91 अंक गिरकर 76,015.28 पर और निफ्टी 360.30  अंक टूटकर 23,815.85 पर बंद हुआ। बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें 1. कच्चे तेल में तेज उछाल अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनने से वैश्विक बाजारों में तनाव बढ़ गया। इसके बाद ब्रेंट क्रूड करीब 4% उछलकर 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाता घाटा बढ़ सकता है। 2. रुपए पर दबाव तेल महंगा होने और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते भारतीय रुपया भी दबाव में आ गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक RBI को रुपए को संभालने के लिए बाजार में दखल देना पड़ा। 3. गोल्ड और एविएशन शेयरों में भारी गिरावट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सोने की खरीद और विदेश यात्राएं टालने की अपील की। इसके बाद ज्वैलरी और एविएशन कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई। Titan Company, Kalyan Jewellers और InterGlobe Aviation जैसे शेयर दबाव में रहे। 4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। बढ़ते तेल दाम, कमजोर रुपया और वैश्विक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। 5. इंडिया VIX में उछाल बाजार की घबराहट मापने वाला India VIX करीब 12% बढ़कर 18.82 तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि निवेशकों में डर और अनिश्चितता तेजी से बढ़ी है।

10 वीं का पंजाब बोर्ड रिजल्ट घोषित, हरलीन शर्मा के साथ 94.52% छात्रों ने पास किया परीक्षा

चंडीगढ़   पंजाब मैट्रिक बोर्ड की परीक्षा में शामिल हुए छात्रों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) ने सोमवार को कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए। पंजाब बोर्ड की ओर से जारी नतीजों के मुताबिक, इस वर्ष रेगुलर छात्रों का पास प्रतिशत 94.52 रहा जबकि ओपन स्कूल का 58.61 फीसदी दर्ज किया गया है। ऐसे में जो छात्र-छात्राएं इस वर्ष पंजाब 10वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल हुए थे और रिजल्ट जारी होने का इंतजार कर रहे थे, वे अब आधिकारिक वेबसाइट और डिजिलॉकर ऐप के माध्यम से अपना परिणाम चेक करने के साथ स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। पंजाब बोर्ड की परीक्षा में एक बार फिर से लड़कियों ने बाजी मारते हुए 95.96 फीसदी पास प्रतिशत के साथ लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं, लड़कों का पास प्रतिशत 93.23 फीसदी रहा। हरलीन शर्मा ने 99.38 प्रतिशत अंक के साथ पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त करके टॉप किया है। वहीं, दूसरे स्थान पर 99.23 प्रतिशत अंक के साथ मनिमहेश शर्मा और तीसरे स्थान पर रिया रानी ने 99.23 प्रतिशत अंक हासिल किए। पंजाब बोर्ड 10वीं की परीक्षा में इस वर्ष कुल 2,69,505 छात्रों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, जिनमें 1,27,753 छात्राएं और 1,41,746 छात्र शामिल थे। वहीं, जारी परिणाम के अनुसार, परीक्षा में कुल 2,54,744 स्टूडेंट्स पास हुए हैं, जिनमें 1,22,595 छात्राएं और 1,32,143 छात्र शामिल हैं। पंजाब 10वीं बोर्ड परिणाम चेक करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। होमपेज पर जाने के बाद 'मैट्रिक परीक्षा परिणाम मार्च 2026' लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद एक नया पेज खुलेगा; वहां अपना नाम और रोल नंबर दर्ज करें। फिर रिजल्ट आपके स्क्रीन पर खुल जाएगा। नतीजा देखने के बाद मार्कशीट डाउनलोड कर लें। भविष्य के लिए मार्कशीट का प्रिंट आउट निकाल लें। बता दें कि पिछले वर्ष पंजाब 10वीं बोर्ड की परीक्षा में 2,69,505 स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें 2,54,744 छात्र 94.52 प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण हुए थे। वहीं, इससे पिछले वर्ष 2,77,746 स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से कुल 2,65,548 छात्र 95.61 प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण हुए थे।

इंदौर में भयावह हादसा, 5 बसें जलकर खाक, 4 धमाकों से मचा हड़कंप, चश्मदीद बोले – गैस सिलेंडर फटा

इंदौर इंदौर के तीन इमली चौराहे पर सोमवार दोपहर को बड़ा हादसा हो गया। यहां खड़ी बसों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते चार से पांच बसें उसकी चपेट में आ गईं। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। काफी ऊंचाई तक उठी आग की लपटें प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठती दिखाई दीं, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। शॉर्ट सर्किट की आशंका  प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने की असली वजह का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। घटना में फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर मौजूद है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। पार्किंग में 20 से ज्यादा बसें खड़ी थीं प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह एक बस में मरम्मत का काम किया जा रहा था। इसी दौरान वेल्डिंग के दौरान बस ने आग पकड़ ली। कुछ ही देर में लपटें एक के बाद एक पांच बसों तक पहुंच गई।स्थानीय नागरिकों ने बताया कि हादसे के वक्त मौके पर 20 से ज्यादा बसें खड़ी थीं। आनन-फानन में इन्हें यहां से हटाया गया। आसपास रिहायशी बस्ती होने की वजह से लोगों में घबराहट फैल गई। वे घरों से बाहर निकल आए। इंदौर के नवलखा की घटना  घटना इंदौर के नवलखा इलाके की बताई जा रही है. यहां पर बसों की पार्किंग होती है, साथ बसों की मरम्मत का काम भी किया जाता है. जानकारी के मुताबिक वेल्डिंग में एकदम से चिंगारी निकली थी, जिससे आग लग गई. आग एकदम से फैली और बसों को चपेट में लेना शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि गैस सिलेंडर फटने जैसी आवाजें भी आई हैं. जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. क्योंकि आसपास बड़ी बस्ती बनी हुई है. ऐसे में लोग घरों से बाहर निकल आए थे. क्योंकि धमाका तेज हुआ था. जबकि आग लगने की वजह से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।  इंदौर में लोगों ने जताया गुस्सा  बताया जा रहा है कि यह रिहायशी इलाका है. यहां बसों की पार्किंग और मरम्मत का पहले विरोध हो चुका है. कई बार चेतावनी भी दी गई है. लेकिन लोगों का कहना है कि इस तरह के मामलों पर रोक नहीं लगाई जा रही है. जिससे परेशानियां हो रही हैं. वहीं इस घटना ने एक बार फिर से चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. क्योंकि इस तरह की घटना से बड़ी जनहानि का डर बना रहता है. जबकि लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।  फिलहाल बसों में लगी आग पर काबू पाया जा रहा है. क्योंकि एक बाद एक लाइन से खड़ी कई बसों में आग लगी है. जिसे लपटे फैल रही हैं. दमकल की गाड़ियां आग बुझाने की कोशिश में जुटी हैं।  पार्षद बोले- कई बार शिकायत की स्थानीय पार्षद मनीष शर्मा ने कहा- रिहायशी इलाके में निजी बसों की पार्किंग और मरम्मत को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है। सुनवाई नहीं होने से हमेशा बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। पार्षद शर्मा मौके पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा- जब तक बसें यहां से नहीं हटतीं और इसका समाधान नहीं निकलता, मैं धरने पर ही बैठा रहूंगा।

सोने-चांदी के जेवरों की चोरी, रायपुर के लक्ष्य ज्वेलर्स में 1 करोड़ का नुकसान

रायपुर खम्हारडीह इलाके में स्थित लक्ष्य ज्वेलर्स में बीती रात चोरी की वारदात सामने आई है। शनि-रवि की  रात अज्ञात चोरों ने दुकान को निशाना बना धावा बोल दिया। वहां से करीब एक करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिए। मिली जानकारी के अनुसार रात करीब 12:30 बजे चोर लक्ष्य ज्वेलर्स शॉप में घुसे और डिस्प्ले काउंटर में रखे कीमती आभूषण चोरी कर फरार हो गए। रविवार को दुकान बंद होने के कारण कारोबारी को घटना की जानकारी नहीं मिल सकी। सोमवार सुबह दुकान खोलने पर चोरी का खुलासा हुआ। सूत्रों की मानें तो शनिवार और रविवार की रात करीब 12:30 बजे के आसपास चोरों ने दुकान में एंट्री की थी। चोरों को शायद पता था कि रविवार को दुकान नहीं खुलेगी, इसलिए उनके पास भागने के लिए पूरा एक दिन और एक रात का वक्त था। वारदात की खबर मिलते ही खम्हारडीह पुलिस के साथ-साथ क्राइम ब्रांच की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। दुकान के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को बारीकी से चेक किया जा रहा है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को भी बुलाया गया है ताकि फिंगरप्रिंट्स और दूसरे सुराग जुटाए जा सकें। पुलिस अब दुकान के आसपास के इलाकों और चौक-चौराहों पर लगे कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि चोरों के भागने का रास्ता पता चल सके। घटना की सूचना मिलते ही खम्हारडीह थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। फिलहाल पुलिस अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है। मौके पर पहुंची पुलिस और क्राइम ब्रांच सूचना मिलने के बाद खम्हारडीह थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जिससे चोरी से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें। फिलहाल मामले की जांच जारी है।