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कलकत्ता हाई कोर्ट ने IPS अजय पाल शर्मा को दी राहत, मतदान तक बनी रहेगी उनकी तैनाती

 कलकत्ता  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को दूसरे चरण का मतदान चल रहा है। इसके ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर और ऑब्जर्वर बनकर पश्चिम बंगाल गए यूपी कैडर के आईपीएस अजय पाल शर्मा के बीच शुरू हुई तकरार की चर्चा देश भर में हो रही है। इस बीच कलकत्ता हाई कोर्ट से आईपीएस अजय पाल शर्मा को बड़ी राहत मिली है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह 29 अप्रैल तक चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई आदेश जारी नहीं करेगा, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण होना है। एक वकील ने जस्टिस कृष्ण राव की कोर्ट में आईपीएस अफसर अजय पाल शर्मा को जोन में काम करने से रोकने के लिए मौखिक रूप से प्रार्थना की थी। आईपीएस अजय पाल साउथ 24 परगना जिले में राज्य विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक हैं। वकील का आरोप था कि अजय पाल आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं। इस पर, जस्टिस राव ने कहा कि वह 29 अप्रैल तक चुनाव ड्यूटी पर मौजूद किसी भी ऑफिसर के बारे में कोई ऑर्डर पास नहीं करेंगे। वकील ने अर्जी दी कि इस बारे में याचिका दायर करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जब वकील ने आरोप लगाया कि अजय वोटर्स को डरा रहे हैं। इस पर जस्टिस राव ने कहा कि अगर कोई शिकायत है तो चुनाव आयोग से संपर्क करें। वकील ने दावा किया कि आयोग को बताया गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं आया है। मतदान से पहले छाए ‘सिंघम’ और ‘पुष्पा’ उत्तर प्रदेश के चर्चित आईपीएस अजय पाल शर्मा और टीएमसी नेतृत्व के बीच मतदान से एक दिन पहले मंगलवार को गतिरोध बढ़ गया। ‘सिंघम’ के नाम से चर्चित अफसर ने जहांगीर खान का नाम लेकर कुछ लोगों पर सख्ती दिखाई तो इसके जवाब में टीएमसी नेता ने ‘झुकेगा नहीं’ वाला पुष्पा अंदाज दिखाया। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने आरोप लगाया है कि अजय पाल शर्मा पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को डरा धमका रहे हैं। जहांगीर खान ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को मतदाताओं को डराने-धमकाने नहीं देंगे। यह बंगाल है, अगर वह (शर्मा) ‘सिंघम’ हैं, तो मैं ‘पुष्पा’ हूं। फाल्टा में यूपी के पुलिस अधिकारियों की किसी भी तरह की धमकी या दबाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टीएमसी उम्मीदवार ने कहा कि शर्मा पुलिस बल के साथ आए और मुझ पर तथा मेरे लोगों पर दबाव डालने की कोशिश की। लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे कृत्य स्वीकार्य नहीं हैं।

पंजाब CM की प्रेस कांफ्रेंस आज: बीजेपी और विरोधी दलों को निशाना बनाएंगे

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी (AAP) के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने पर बने हालातों के बीच पंजाब CM भगवंत मान आज (29 अप्रैल) चंडीगढ़ में एक प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। इस कांफ्रेंस में वह केंद्र सरकार व बीजेपी पर हमलावर रहेंंगे। उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी। इसमें पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि वह जिस सवालों को लेकर आज आए थे उनके जवाब वह कल होने वाली प्रेस कांफ्रेंस में देंगे। इसके बाद सीएम ने शाम को कैबिनेट मीटिंग के बाद पोस्ट डालकर जानकारी दी थी कि एक तारीख को मई दिवस मौके वह स्पेशल सेशन बुला रहे हैं, जो श्रमिकों को समर्पित रहेगा। इस दौरान मुलाजिम नेताओं को सेशन के लिए आमंत्रित किया जाएगा। मान सबसे बड़े गद्दार हैं जब से आम आदमी पार्टी के सांसद बीजेपी में शामिल हुए है, तब से राज्य में राजनीति गरमाई हुई है। आप समर्थकों ने उन सांसदों के घरों का घेराव किया है। उनके घरों के बाहर गद्दार तक लिखा है। सीएम भी उन्हें गद्दार कह चुके हैं। वहीं, मंगलवार को चंडीगढ़ में हुई प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी के कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि दल बदलना गद्दारी है, तो मुख्यमंत्री भगवंत मान सबसे बड़े 'गद्दार' हैं, क्योंकि उन्होंने भी पहले अपनी पुरानी पार्टी (पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब) छोड़ी थी। शर्मा ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा और अन्य नेताओं द्वारा आप सरकार पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चुप्पी साध रखी है। उन्होंने मान को एक "कठपुतली" बताया जो असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए विधानसभा सत्र का दुरुपयोग कर रही है और केंद्र के खिलाफ झूठ और भ्रम फैलाकर लोगों के बीच द्वेष पैदा कर रही है। आप विधायक जाने वाले हैं पंजाब कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा एक प्रेस कांफ्रेंस में कुछ दिन पहले दावा कर चुके हैं कि आम आदमी पार्टी के 60 से 65 विधायक पार्टी बदलने वाले हैं। उन्होंने दावा किया है कि पंजाब में "महाराष्ट्र जैसा" राजनीतिक फेरबदल होने वाला है। महाराष्ट्र का जहाज मोहाली आकर लग गया है। इस जहाज में चढ़ने वाले व्यक्ति सीएम भगवंत मान होंगे। उन्होंने सीएम को पंजाब का एकनाथ शिंदे" कहा था।

पीएम मोदी गंगा एक्सप्रेसवे को आज राष्ट्र को समर्पित करेंगे, यूपी में विकास की नई राह खोलेगी

पीएम मोदी आज (बुधवार) राष्ट्र को समर्पित करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे, यूपी की ‘लाइफ लाइन’ पर दौड़ेगा विकास 594 किमी का मेगा कॉरिडोर पश्चिम से पूर्व तक जोड़ेगा प्रदेश को, औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स और रोजगार को मिलेगा बड़ा बूस्ट मेरठ से प्रयागराज तक हाई-स्पीड कॉरिडोर कृषि विपणन, और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से गेमचेंजर साबित होगी प्रधानमंत्री विभिन्न गतिविधियों में लेंगे हिस्सा, यूपीडा की प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ ही जनसभा को करेंगे संबोधित लखनऊ  बुधवार को उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया जाएगा, जो मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा हाईस्पीड कॉरिडोर है। यह परियोजना न केवल प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी, बल्कि औद्योगिक निवेश, कृषि विपणन, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से भी गेमचेंजर साबित होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से सीधे जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को भी मजबूती प्रदान करेगा। 12 जिलों को सीधी कनेक्टिविटी, यात्रा समय में बड़ी कमी प्रधानमंत्री सुबह 11.15 पर हरदोई पहुंचेंगे और 12.55 पर यहां से वापस लौटेंगे। इस दौरान पीएम गंगा एक्सप्रेसवे का उदघाटन करने के साथ ही यूपीडा की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और साथ ही पौधरोपण करने के अलावा जनसभा समेत अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री जिस गंगा एक्सप्रेसवे को हरी झंडी दिखाएंगे वह मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ता है। इस हाई-स्पीड मार्ग के चालू होने से इन क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। जहां पहले लंबी दूरी तय करने में कई घंटे लगते थे, अब यह सफर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा। इसके साथ ही, माल परिवहन की लागत में कमी आने से उद्योगों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। पीपीपी मॉडल पर आधुनिक निर्माण गंगा एक्सप्रेसवे को पीपीपी (DBFOT) मॉडल पर विकसित किया गया है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे फिलहाल 6 लेन में तैयार किया गया है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 8 लेन तक विस्तार योग्य बनाया गया है। 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ यह एक्सप्रेसवे तेज और सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा। उच्च गुणवत्ता के निर्माण, चौड़े राइट ऑफ वे और मजबूत सेफ्टी फीचर्स इसे देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में शामिल करते हैं। एयरस्ट्रिप, आईटीएमएस और सुरक्षा की अत्याधुनिक व्यवस्था इस एक्सप्रेसवे की एक खास विशेषता शाहजहांपुर के पास बनाई गई लगभग 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं। इसके अलावा, पूरे मार्ग पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है। वाहनों की गति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास का नया केंद्र गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत हैं। इन क्लस्टर्स में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स हब स्थापित किए जाएंगे। सरकार द्वारा दी जा रही कैपिटल सब्सिडी, एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट, स्टाम्प ड्यूटी छूट, पावर इंसेंटिव और पीले टॉप-अप जैसी सुविधाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आएगा और लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। अन्य एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी, बनेगा मजबूत नेटवर्क गंगा एक्सप्रेसवे को प्रदेश के अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे (पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक) से जोड़ा जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश में एक इंटरकनेक्टेड एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार होगा, जो देश में सबसे बड़ा होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि माल ढुलाई तेज और सस्ती हो जाएगी, जिससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति मिलेगी। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर कृषि आधारित उद्योग, मंडियां, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस विकसित किए जाएंगे। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और उन्हें उचित मूल्य प्राप्त होगा। इसके साथ ही, पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन कम होगा और समग्र विकास सुनिश्चित होगा। रोजगार सृजन और निवेश का नया अध्याय गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिला है और आगे भी लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। आईएम आईएमएलसी और औद्योगिक कॉरिडोर के विकसित होने से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों की रुचि बढ़ेगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकॉनामी की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

गंगा एक्सप्रेसवे आईएमएलसी में निवेशकों को मिलेगा बड़ा लाभ, सब्सिडी और सिंगल विंडो सिस्टम के साथ तैयार है सपोर्ट

गंगा एक्सप्रेसवे आईएमएलसी: निवेशकों के लिए ‘हाई-इंसेंटिव कॉरिडोर’, सब्सिडी से सिंगल विंडो तक पूरा सपोर्ट सिस्टम तैयार कैपिटल सब्सिडी और एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट से लागत में बड़ी राहत एफडीआई और भूमि पर विशेष रियायतें, स्टाम्प ड्यूटी में 100% छूट पावर, ग्रीन और आरएंडडी इंसेंटिव से इंडस्ट्री को बढ़ावा ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो और पीएलआई टॉप-अप से आसान निवेश लखनऊ  गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) अब केवल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि हाई-इंसेंटिव इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में उभर रहे हैं। योगी सरकार द्वारा दी जा रही बहुस्तरीय सब्सिडी, टैक्स छूट, सिंगल विंडो सिस्टम और पीएलआई टॉप-अप जैसी सुविधाएं निवेशकों के लिए इसे देश के सबसे आकर्षक औद्योगिक गंतव्यों में बदल रही हैं। सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे इन आईएमएलसी को निवेश का बड़ा केंद्र बनाने के लिए बहुस्तरीय प्रोत्साहन नीति लागू की है, जिससे लागत कम और कारोबार आसान हो रहा है। कैपिटल सब्सिडी और एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट से लागत में बड़ी राहत गंगा एक्सप्रेसवे आईएमएलसी में निवेश करने वाले उद्योगों को उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत एलिजिबल कैपिटल इनवेस्टमेंट (ईसीआई) पर 42% तक कैपिटल सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। इसके साथ ही, 100% नेट एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट (ईसीआई के 300% तक) की सुविधा योग्य मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को दी जा रही है। इससे शुरुआती निवेश लागत में भारी कमी आती है और उद्योगों की वित्तीय व्यवहार्यता मजबूत होती है। एफडीआई और भूमि पर विशेष रियायतें, स्टाम्प ड्यूटी में 100% छूट राज्य सरकार ने विदेशी निवेश (एफडीआई) को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। सरकारी भूमि पर फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी 80% तक और कैपिटल सब्सिडी 35% तक दी जा रही है। साथ ही, आईएमएलसी में स्थापित होने वाली इकाइयों को भूमि पंजीकरण पर 100% स्टाम्प ड्यूटी छूट का लाभ मिलता है, जिससे जमीन अधिग्रहण और स्थापना की प्रक्रिया बेहद किफायती हो जाती है। पावर, ग्रीन और आरएंडडी इंसेंटिव से इंडस्ट्री को बढ़ावा औद्योगिक विकास को गति देने के लिए ऊर्जा और नवाचार पर विशेष ध्यान दिया गया है। एफडीआई और फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनियों को 5 वर्षों तक 100% बिजली शुल्क (इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी) में छूट दी जा रही है। ग्रीन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए ₹2.5 करोड़ तक का इंसेंटिव (50% तक) उपलब्ध है। वहीं, रिसर्च एवं डेवलपमेंट को प्रोत्साहित करने हेतु ₹10 करोड़ तक का आरएंडडी ग्रांट भी दिया जा रहा है, जिससे अत्याधुनिक तकनीक और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो से आसान निवेश और पारदर्शिता निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो पोर्टल को मजबूत किया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर 500 से अधिक ऑनलाइन सेवाएं, भूमि आवंटन, स्वीकृति और इंसेंटिव ट्रैकिंग की सुविधा उपलब्ध है। इससे निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और समय की बचत होती है। गंगा एक्सप्रेसवे आईएमएलसी में स्थापित उद्योगों को केंद्र सरकार की पीएलआई योजना के साथ 30% तक का अतिरिक्त टॉप-अप भी दिया जा रहा है। यह सुविधा विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रतिस्पर्धी बनाती है और बड़े निवेश को आकर्षित करने में मदद करती है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा वाराणसी में विभिन्न लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन आज यहां प्रधानमंत्री जी का आगमन हम सबके बीच में नारी शक्ति वंदन अधिनियम,जिसे संसद में प्रधानमंत्री जी ने पिछले 11-12 वर्ष में नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और नारी सुरक्षा के लिए जिस अभियान को अपने हाथों में लिया था…  लाभार्थी परक योजना के साथ-साथ अब वह देश के कानून निर्माता के रूप में देश के लिए कुछ और बड़ी महत्वपूर्ण पहल को आगे बढ़ा सकें.. एक समय सीमा के अंदर 2029 में उन्हें यह अधिकार प्राप्त हो और देश की विधायिका में, देश की संसद में, देश की विधानसभाओं में उन्हें 33 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित हो और उनका प्रतिनिधित्व हो, उसको रोकने की जो कुत्सित साजिश विपक्ष ने, कांग्रेस ने, समाजवादी पार्टी ने, इंडी गठबंधन ने किया है, उसके खिलाफ देश के अंदर आक्रोश की प्रतिध्वनि के रूप में आज हमें आधी आबादी के मन में वह आक्रोश झलकता हुआ दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे के क्रम में वाराणसी पहुंचे भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर विधिवत दर्शन-पूजन किया गया। इस दौरान केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी समेत उत्तर प्रदेश सरकार में उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ दयाशंकर मिश्र 'दयालु', पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी ने किया ऐलान, पुलिस में एक लाख नई भर्ती इस वर्ष

पुलिस में एक लाख नई भर्ती इसी वर्ष: मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 936 प्रधान परिचालकों/प्रधान परिचालकों (यांत्रिक) को प्रदान किए गए नियुक्ति पत्र  मुख्यमंत्री ने मंच पर दिए 10 नवचयनितों को नियुक्ति पत्र, कहा- ईमानदारी से नियुक्ति हुई है तो साफ नीयत से काम कीजिए भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दे रही यूपी पुलिसः सीएम योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को युवाओं को बड़ी खुशखबरी दी। उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि योग्य, क्षमतावान, स्वत: स्फूर्त भाव के साथ नौजवान यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनना चाहता है और इसके लिए भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड युवाओं को अच्छा अवसर उपलब्ध कराएगा। उप्र पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड इस वर्ष लगभग एक लाख नई भर्ती करने जा रहा है। पिछले तीन दिन में यूपी होमगार्ड में भी 41 हजार भर्ती के लिए परीक्षा हुई। सिविल पुलिस, एसआई, होमगार्ड आदि की भर्ती प्रक्रिया तेजी से बढ़ी है।  मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 936 प्रधान परिचालक/प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में पुलिस दूरसंचार विभाग पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।  ईमानदारी से नियुक्ति हुई है तो साफ नीयत से काम कीजिए सीएम ने सफल अभ्यर्थियों से कहा कि सभी चाहते थे कि ईमानदारी से भर्ती हो। डबल इंजन सरकार ने ऐसा माहौल बनाया है कि भर्ती निष्पक्ष व ईमानदारी से हुई। अब आपका भी दायित्व है कि साफ नीयत, ईमानदारी, पारदर्शिता के साथ यूपी पुलिस के माध्यम से सेवा देकर राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें। हर भारतीय नागरिक जब अपने क्षेत्र में ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, तब पीएम मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना साकार होगी। किसी व्यक्ति, जाति, मत-मजहब का अहंकार या व्यक्तिगत इच्छा, राष्ट्र से बढ़कर नहीं हो सकती।  9 वर्ष पहले होता था लेनदेन और नियुक्ति में भेदभाव  सीएम योगी ने कहा कि जिस निष्पक्षता से पुलिस भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई, वह 9 वर्ष पहले संभव नहीं थी। पहले प्रक्रिया ही सकुशल संपन्न नहीं होती थी। लेनदेन, नियुक्ति में भेदभाव होता था, परंतु अब पूरी प्रक्रिया में किसी को भी सिफारिश व पैसा नहीं देना पड़ता है। सिर्फ योग्यता, क्षमता व आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया संपन्न होती है। प्रदेश में ऐसा वातावरण तैयार किया गया है कि यदि क्षमता है तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अब आपको भी शुद्ध नीयत के साथ कार्य करना है। कभी बीमारू राज्य रहा उत्तर प्रदेश सामूहिक प्रयास की बदौलत अब भारत के विकास में योगदान दे रहा है। 9 वर्ष में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की यूपी पुलिस में भर्ती सीएम योगी ने कहा कि परसों (रविवार) ही प्रदेश के 112 केंद्रों पर पुलिस के 60 हजार आरक्षियों की दीक्षांत परेड हुई, यानी एक साथ 60 हजार आरक्षी उत्तर प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा बने, जो अब फील्ड में मुस्तैदी से ड्यूटी करेंगे। 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश पुलिस में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की भर्ती संपन्न हुई है, जबकि देश के कई राज्यों में पुलिस की कुल इतनी स्ट्रेंथ भी नहीं है। सीएम ने नवचयनितों से कहा कि आपको देश की सबसे बड़ी सिविल पुलिस का हिस्सा बनने और दूरसंचार शाखा के जरिए 25 करोड़ की आबादी की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है।  साफ नीयत, स्पष्ट नीति और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी सीएम योगी ने कहा कि 9 वर्ष पहले संकट था कि कहां ट्रेनिंग होगी, लेकिन अब इस दृष्टि से जगह की कमी नहीं रही। 2017 के पहले एक बार में केवल 3 हजार पुलिस कार्मिकों की ही ट्रेनिंग करा सकते थे, लेकिन 2025 में एक साथ 60,244 पुलिस आरक्षियों की ट्रेनिंग यूपी के सेंटरों में हुई। इसके जरिए यूपी पुलिस ने दिखाया कि नीयत साफ, नीति स्पष्ट और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो परिणाम लाया जा सकता है। पासिंग आउट परेड के बाद आरक्षी जनपदों में ड्यूटी के लिए निकल रहे हैं। अब इन ट्रेनिंग सेंटर्स पर आप लोगों का प्रशिक्षण शुरू होगा। खेलों में यूपी पुलिस प्राप्त करती है अधिक मेडल सीएम योगी ने कहा कि यूपी पहला राज्य है, जिसने 500 से अधिक कुशल खिलाड़ियों को यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनाया है। उसी का परिणाम है कि जब भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पोर्ट्स मीट होती है तो यूपी पुलिस अधिक मेडल प्राप्त करती है। देश-दुनिया में उसके मेडल की संख्या अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा होती है। इसके जरिए फोर्स अपनी क्षमता को भी प्रदर्शित करती है।  यूपी पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि सीएम योगी ने कहा कि पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि की गई है। 2017 में 10 जनपदों में पुलिस लाइन ही नहीं थी। कई थानों के खुद के भवन नहीं थे। पुलिस की सामान्य सुविधाओं, बैरक आदि का अभाव था। आज 55 जनपदों में हाईराइज बिल्डिंग में पुलिस के जवानों के बैरक व आवासीय सुविधाएं हैं। मॉडल थाने, नए फायर स्टेशन स्थापित हो रहे हैं। एसएसएफ, एसडीआरएफ, तीन नई महिला पीएसी बटालियनें गठित हुई हैं। तीन नए कानून जुलाई 2024 में लागू हुए हैं, लेकिन यूपी ने पहले ही तैयारी कर ली थी। यूपी का स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। ए ग्रेड की 12 एफएसएल यूनिट कार्य कर रही है। छह निर्माणाधीन हैं। हर जनपद में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक लैब कार्य कर रही हैं। सैंपल कलेक्ट करने के लिए निपुण टेक्नीशियन तैनात किए गए हैं।  भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी योगदान दे रही यूपी पुलिस सीएम योगी ने कहा कि पुलिस अब केवल कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के साथ ही प्रदेश को सिर्फ माफिया-दंगा मुक्त प्रदेश ही नहीं बना रही है, बल्कि भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी अप्रत्यक्ष रूप में योगदान दे रही है। कानून का राज विकास की पहली गारंटी है। कानून का राज स्थापित होने से देश-दुनिया का निवेशक यूपी में आ रहा है। अब हम प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित कर लेते हैं।  सीएम ने फिट रहने का दिया मंत्र सीएम योगी ने दूरसंचार पुलिस बल में नवचयनित 936 अभ्यर्थियों से कहा कि अब संचार यूनिट को और सशक्त बनाने में मदद … Read more

नारी शक्ति वंदन अधिनियम रोकने के लिए कांग्रेस, सपा समेत इंडी गठबंधन के खिलाफ पूरे देश में आक्रोश: सीएम योगी

पीएम मोदी नए भारत के निर्माता, ‘विरासत से विकास’ को दी नई रफ्तार: योगी नारी शक्ति वंदन अधिनियम रोकने के लिए कांग्रेस, सपा समेत इंडी गठबंधन के खिलाफ पूरे देश में आक्रोश: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, पीएम मोदी ने नारी, गरीब, युवा और अन्नदाता किसानों को केंद्र में रखकर लागू कीं जन-लाभार्थी योजनाएं वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए भारत के निर्माता हैं और उनके विजन से देश ‘विरासत से विकास’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोकने के लिए विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के अन्य दलों ने जो प्रयास किए, उसके खिलाफ पूरे देश में आक्रोश है। मुख्यमंत्री मंगलवार को पीएम मोदी की उपस्थिति में बनारस लोकोमोटिव वर्क्स ग्राउंड में आयोजित ‘नारी वंदन सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे।   सीएम योगी ने सम्मेलन के दौरान प्रदेश की आधी आबादी और पूरे प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन का ही परिणाम है कि आज हम सभी नए भारत का दर्शन कर रहे हैं। यह नया भारत न केवल भौतिक विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है, बल्कि समग्र विकास की अवधारणा को भी साकार कर रहा है। ‘विरासत से विकास’ की इस नई यात्रा के माध्यम से विकसित भारत की संकल्पना को पूरा कर रहा है। भारत को एक नई पहचान दिला रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि देश में चार ही जातियां हैं- नारी, गरीब, युवा और अन्नदाता किसान। इन चारों में हमारा पूरा समाज समाहित होता है। यह एक विराट विजन है, जिसके अनुरूप ये चारों वर्ग समग्र समाज और राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसीलिए हमने उन्हें भारत की राजनीति का केंद्र बनाकर प्रत्येक योजना का लाभ इन वर्गों तक पहुंचाया है। पीएम मोदी ने इन वर्गों के आर्थिक स्वावलंबन, सम्मान व सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए दूरदर्शी सोच के तहत ‘नए भारत’ और ‘विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने का अभियान दिया है।  काशी आज पूरी दुनिया के आकर्षण का केंद्र मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब काशीवासी हैं, लेकिन काशी के बारे में जो धारणा पहले थी, वह पिछले 11–12 वर्षों में बदलती हुई दिखाई दी है। काशी आज पूरी दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन गई है। काशी, जो बाबा विश्वनाथ की शाश्वत चेतना का केंद्रबिंदु रही है, वह आज भव्य काशी विश्वनाथ धाम के रूप में पुनः हम सभी के सामने प्रकट हुई है। विरासत और विकास का अद्भुत समन्वय न केवल काशी, बल्कि उत्तर प्रदेश और पूरे देश में दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री ने जिस परिवर्तन की शुरुआत काशी से की, वह आज पूरे देश में स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। जिसने भारत की सनातन परंपरा को जीवंतता प्रदान की और भारत की आत्मा को अपने भीतर संजोए रखा, वही काशी आज एक नए कलेवर में दुनिया के सामने दिखाई दे रही है।  नारी सशक्तीकरण के लिए लगातार कार्य किया पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी लगातार नारी सुरक्षा, सम्मान व सशक्तीकरण के लिए कार्य करते आ रहे हैं। उन्होंने महिलाओं को लाभ देने वाली कई योजनाओं को धरातल पर उतारा। इसी क्रम में उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से एक समय-सीमा के भीतर महिलाओं के लिए संसद व विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने,  उनका प्रतिनिधित्व बढ़ाने का प्रयास किया। लेकिन, कांग्रेस व सपा समेत इंडी गठबंधन ने इसमें बाधा डाली और संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने दिया। इससे इन दलों की नारी विरोधी प्रवृत्ति सोच का पता चलता है। देश की बहन व बेटियां इस कृत्य के लिए इन दलों को कभी माफ नहीं करेंगी। प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता व आभार व्यक्त करने उमड़ी बहनें सीएम योगी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोकने के लिए विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी ने जो प्रयास किए, उसके खिलाफ देश में आधी आबादी के आक्रोश की प्रतिध्वनि सुनाई दे रही है। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता और आभार व्यक्त करते हुए उनके स्वागत के लिए उमड़ी बहनें इस बात की गवाह हैं कि प्रधानमंत्री के प्रत्येक मिशन के साथ आधी आबादी पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। आज काशी को विकास की एक नई सौगात मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी ने पिछले 11–12 वर्षों में विकास की लंबी यात्रा तय की है। इस दौरान प्रधानमंत्री के नेतृत्व में काशी को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने का कार्य हुआ है। इनमें 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं काशी के धरातल पर उतर चुकी हैं, जबकि 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं। आज प्रधानमंत्री ने 6,300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर काशी को विकास की एक नई सौगात दी है।  प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दौरे के बाद सीधे काशी पहुंचे भीषण गर्मी के बावजूद सम्मेलन में दोपहर 3 बजे से ही उपस्थित बहनों का अभिवादन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दौरे के बाद सीधे काशी पहुंचे हैं। वह यहां नारी शक्ति से संवाद करने, मां गंगा, मां अन्नपूर्णा और बाबा विश्वनाथ को नमन करने आए हैं। इस अवसर पर राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

अचल संपत्ति रजिस्ट्री में कमी, 0.60% उपकर खत्म – आम जनता को मिली राहत

अचल संपत्ति की रजिस्ट्री हुई सस्ती, 0.60% उपकर समाप्त – आम जनता को बड़ी राहत रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त कर दिया है। छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) अधिनियम, 2026 की अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में लिया गया यह निर्णय प्रदेश में सुशासन और जनहितकारी नीतियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस पहल के तहत अब अचल संपत्ति के अंतरण विलेखों के पंजीयन पर बाजार मूल्य के आधार पर लगाया जाने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन को सरल और किफायती बनाना है। ऐसे में यह निर्णय पूरी तरह जनहित में लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के आम नागरिकों, किसानों, मध्यमवर्गीय परिवारों तथा संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अब संपत्ति पंजीयन की लागत कम होगी और रजिस्ट्री की प्रक्रिया अधिक सुलभ, सरल और किफायती बनेगी। पंजीयन मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से उपकर समाप्त करने की पहल की गई थी, जिसके अनुसरण में छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया।उन्होंने कहा कि अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जिससे अब अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर 0.60 प्रतिशत अतिरिक्त उपकर पूरी तरह समाप्त हो गया है। चौधरी ने कहा कि यह निर्णय मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए विशेष रूप से राहतकारी है। इससे न केवल रजिस्ट्री सस्ती होगी, बल्कि संपत्ति बाजार में पारदर्शिता और गति भी आएगी। उदाहरण के तौर पर 1 करोड़ रुपये के बाजार मूल्य की संपत्ति पर नागरिकों को लगभग 60 हजार रुपये की सीधी बचत होगी, जो आम परिवारों के लिए बड़ी राहत है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1982 के अंतर्गत स्थावर संपत्ति के अंतरण पर उपकर का प्रावधान किया गया था। वर्ष 2023 में तत्कालीन सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन एवं राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण हेतु स्टांप शुल्क के अतिरिक्त 12 प्रतिशत की दर से उपकर अधिरोपित किया गया था, जिससे नागरिकों को बाजार मूल्य का लगभग 0.60 प्रतिशत अतिरिक्त भार वहन करना पड़ रहा था। वर्तमान में राजीव गांधी मितान क्लब योजना संचालित नहीं है तथा रोजगार संबंधी योजनाओं का वित्तपोषण अब राज्य के सामान्य बजट से किया जा रहा है। ऐसे में इस उपकर की प्रासंगिकता समाप्त हो चुकी थी, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसे समाप्त करने का निर्णय लिया। वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार को इस उपकर से लगभग 148 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक लगभग 150 करोड़ रुपये का उपकर प्राप्त हो चुका है। इसके बावजूद सरकार ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस राजस्व का त्याग किया है। इस संशोधन अधिनियम के माध्यम से छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1982 की धारा 8, धारा 9 तथा अनुसूची में वर्णित लिखतों पर उपकर संबंधी प्रावधानों को समाप्त कर दिया गया है। इस निर्णय और पंजीयन विभाग में किए गए सुधारों से प्रदेश में संपत्ति पंजीयन को बढ़ावा मिलेगा, आम नागरिकों को आर्थिक राहत मिलेगी, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों को सीधा लाभ पहुंचेगा तथा राज्य में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

बंगाल चुनाव में 18% वोटिंग, ममता का गड़बड़ी का आरोप, नादिया में BJP वर्कर पर हमला

कलकत्ता पश्चिम विधानसभा चुनाव के लिए आज दूसरे चरण की वोटिंग जारी है। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हो चुका है लेकिन मतदान केंद्रों पर सुबह 6 बजे से ही मतदाताओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी।पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 की मुख्य बातें: पहले चरण का मतदान पूरा हुआ; अनुमानित मतदान प्रतिशत 92% से अधिक रहा।  दूसरे चरण में पश्चिम बंगाल की 142 सीटों पर आज वोटिंग हो रही है, पिछले विधानसभा चुनाव में इन 142 में में 123 सीटों पर सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। इस चरण के चुनाव में सबकी निगाहें भवानीपुर सीट पर टिकी हुई हैं, क्यूंकि यहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने है। बता दें कि भवानीपुर ममता बनर्जी की परंपरागत सीट है, इस लिहाज से यहां पर कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। इससे पहले सुवेंदु अधिकारी 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को नंदीग्राम से हरा चुके हैं। गौरतलब हो कि पहले चरण की 152 सीटों पर 23 अप्रैल को रिकॉर्ड 93% मतदान हुआ था। 4 मई को चुनाव के रिजल्ट आएंगे।  बारानगर में एक बूथ पर 5 बार बदली गई EVM, रुका मतदान बंगाल में हंगामे के बीच मतदान जारी है. इसी बीच बारानगर के बूथ नंबर 72 में ईवीएम में खराबी के कारण मतदान रोक दिया गया है. नाराज मतदाताओं का आरोप है कि मशीन को पांच बार बदला जा चुका है, फिर भी मतदान शुरू नहीं हुआ है. एक मतदाता, मिथु गरई ने कहा, 'हम सुबह 7 बजे से लाइन में खड़े हैं. वो कह रहे हैं कि ईवीएम खराब है. अब हम वापस जा रहे हैं।     'TMC बना रही है चौथी बार सरकार', अभिषेक बनर्जी का दावा ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने बंगाल चुनाव में बीजेपी पर केंद्रीय बलों के अत्याधिक तैनात का आरोप लगाया है. अब अभिषेक बनर्जी ने कहा कि आईएनएस के युद्धपोत और राफेल, जिन्हें तैनात करना है बाकी आप वो भी कर दो जो भी चीज आपको बांग्लादेश और पाकिस्तान के खिलाफ करना है. वो आप बंगाल के लोगों के खिलाफ कर रहे हो।  टीएमसी नेता ने दावा किया कि बंगाल में 30 लाख मतदाताओं को वोट डालने से रोका गया है. उन्होंने अपनी एक साल पुरानी भविष्यवाणी को दोहराते हुए कहा कि टीएमसी 2021 से भी ज्यादा बहुमत हासिल करेगी. टीएमसी चौथी बार सरकार बना रही है. मैं आपसे 4 मई को मिलूंगा।  भबानीपुर: ममता बनर्जी के मतदान केंद्र के बाहर पहुंचे शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी ने सुबह से ही अपने विधानसभा क्षेत्र भबानीपुर में डेरा डाला हुआ है. उन्होंने बीजेपी पर चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है. इसी बीच बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी भी भबानीपुर पहुंच गए हैं. बताया जा रहा है कि बीजेपी नेता उसी मतदान केंद्र के बाहर मौजूद हैं, जहां ममता बनर्जी ने डेरा डाला हुआ है।  मतदाताओं को डराया-धकाया जा रहा है, ममता का केंद्रीय बलों पर आरोप बंगाल में मतदान के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यालय में बैठक के बाद केंद्रीय बलों पर मतदाताओं को डराने-धमकाने का आरोप लगाया है. उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के घरों में जबरन घुसने का भी आरोप लगाया है।  नदिया में भाजपा पोलिंग एजेंट पर हमला, अस्पताल में भर्ती बंगाल विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण के लिए मतदान जारी है. मतदान से पहले सुबह करीब 5:30 बजे चापड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हात्रा पंचायत में बूथ नंबर 52 पर भाजपा पोलिंग एजेंट मोशर्रफ पर कथित रूप से बदमाशों के एक गिरोह ने लोहे की रॉड से हमला कर दिया. पुलिस ने बाद में उन्हें बचाया और चापड़ा रूरल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है. डॉक्टरों ने बताया कि उनके सिर में चोट लगी है. उनके सिर में छह टांके लगाए हैं।  मतदान केंद्र के बाहर हंगामा, CRPF ने कई लोगों को हटाया मतदान के दौरान तनाव के बीच एक मतदान केंद्र के बाहर हंगामा मच गया. CRPF जवानों ने कई व्यक्तियों को वहां से हटा दिया. मतदाताओं के अनुसार, EVM मशीन में बार-बार खराबी आने के कारण तीन असफल प्रयासों के बाद सुबह करीब 8:30 बजे मतदान शुरू हो सका. मतदाताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोग मतदान प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें सुरक्षा बलों ने वहां से हटा दिया. एक मतदाता मयूर जैन ने बताया कि वो सुबह 7 बजे से इंतजार कर रहे थे।  उन्होंने कहा, 'मशीन खराब होने के कारण हमें तीन बार वोट डालने से रोका गया. नई मशीन लाई गई, लेकिन उसमें भी समस्या आई. अंदर चीख-पुकार मच गई और गेट बंद कर दिए गए. बाद में कुछ लोगों ने हंगामा करने की कोशिश की, उन्हें पीटा गया और ले जाया गया. आखिरकार सुबह 8:30 बजे मतदान शुरू हुआ.' मयूर जैन ने ये भी कहा कि CRPF के जवान मौजूद थे और प्रशासन पूरी तरह सतर्क था।  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए बुधवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया है. दूसरे चरण में सात जिलों की 142 विधानसभा सीटों पर कुल 3,21,73,837 मतदाता वोट डालेंगे. इनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिलाएं और 792 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. मतदान के लिए 41,001 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां हर बूथ की वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2,321 कंपनियां केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनात किया गया है. कोलकाता में सबसे अधिक 273 कंपनियां लगाई गई हैं।  इसके अलावा 142 सामान्य पर्यवेक्षक, 95 पुलिस पर्यवेक्षक और 100 व्यय पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए हैं. ड्रोन कैमरों से भी मतदान प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी. इस चरण में कुल 1,448 उम्मीदवार मैदान में हैं. भांगर सीट पर सबसे अधिक 19 उम्मीदवार हैं, जबकि हुगली जिले की गोगहाट सीट पर सबसे कम 5 उम्मीदवार हैं।  इस चरण में कई दिग्गज नेता अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (भबानीपुर), विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी (भबानीपुर), राज्य मंत्री सुजीत बोस (बिधाननगर), फिरहाद हकीम (कोलकाता पोर्ट), ज्योतिप्रिया मल्लिक (हावड़ा), ब्रात्य बसु (दम दम), सोवंदेब चट्टोपाध्याय (बालीगंज) और बीजेपी के अर्जुन सिंह (नोआपाड़ा), स्वपन दासगुप्ता (राशबिहारी), रूद्रनील घोष (शिबपुर) शामिल हैं. सीपीआई(एम) की मीनाक्षी मुखर्जी (उत्तरपाड़ा), दीप्सिता धर (दम दम … Read more

सरकार की नई योजना: डीजल में अल्कोहल और कमर्शियल LPG में DME मिलाने की तैयारी

नई दिल्ली पश्चिम एशिया तनाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने ब्लेंडेड डीजल और कमर्शियल LPG की शुरुआत की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) इन ईंधनों के लिए गुणवत्ता मानकों को अंतिम रूप देने में जुटा है। डीजल में 10% मिलेगा आइसोब्यूटाइल अल्कोहल BIS उन मानकों को अंतिम रूप दे रहा है, जिनके तहत डीजल में 10% आइसोब्यूटाइल अल्कोहल (IBA) मिलाया जाएगा। IBA एक ज्वलनशील लिक्विड है, जो आमतौर पर अनाजों से बनता है। रिफाइनरियों और ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्रीज से मिले सुझावों के आधार पर ये मानक तैयार किए जा रहे हैं। 15 जून 2026 तक यह मानक जारी होने की उम्मीद है। BIS की टीम स्अेक होल्डर्स के साथ लगातार बैठकें कर रही है। आयातित क्रूड पर निर्भरता घटेगी और किसानों व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया बाजार मिल सकता है। कमर्शियल LPG में मिलाया जाएगा DME सरकार ने कमर्शियल उपयोग के लिए DME (डाइमिथाइल ईथर) मिले LPG के मानकों को भी अंतिम रूप दे दिया है। DME प्राकृतिक गैस, कोयला और बायोमास से बनाया जा सकता है। इसके नोटिफिकेशन की संभावित तिथि 15 मई 2026 है। इस दिन संशोधित मानक जारी करने की संभावना है। घरेलू LPG सिलेंडरों में अभी मिश्रण नहीं किया जाएगा। यह केवल होटल, रेस्टोरेंट, उद्योगों जैसे कमर्शियल यूजर के लिए होगा। अधिकारियों के अनुसार, DME मिश्रण घरेलू खाना पकाने के लिए फिलहाल उपयुक्त नहीं है। ब्लेंडेड डीजल के लिए जल्द आएगा ड्राफ्ट ब्लेंडेड डीजल के मसौदा मानक (Draft Standard) को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) के डॉ. भारत नेवलकर की अगुवाई वाले वर्किंग ग्रुप ने तैयार किया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने फ्यूल कैरेक्टराइजेशन स्टडी किए, जिसके बाद और सैंपल टेस्ट किए गए। अंतिम अधिसूचना से पहले मानकों का ड्राफ्ट सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी किया जाएगा। बता दें ऑटोमोटिव को छोड़कर घरेलू, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए भारत के पास पहले से LPG मिश्रण के लिए एक मानक मौजूद है, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया था। अब सरकार ने इसे केवल कमर्शियल इस्तेमाल के लिए प्राथमिकता देते हुए संशोधन का फैसला किया है। पश्चिम एशिया संकट का एशियाई देशों पर असर 28 अप्रैल 2026 तक होर्मुज स्ट्रेट पर कोई बड़ी बातचीत नहीं हुई है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से एशियाई देशों का तेल-गैस आयात ठप है। भारत, चीन, जापान रूस-वेनेजुएला-अफ्रीका से नए सौदे कर रहे हैं। एशियाई देश अपने भंडार पर तीन-चार महीने चल सकते हैं, उसके बाद स्थिति गंभीर हो जाएगी। ऐसे में सरकारें ऊर्जा संकट से निपटने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहीं हैं। भारत की यह तैयारी भी इसी संकट से निपटने के लिए हो रही है।

छिंदवाड़ा में न्यूक्लियर पॉवर प्लांट की योजना: गौतम अडानी, कमलनाथ और मुख्यमंत्री यादव की अहम जुगलबंदी

छिंदवाड़ा  देश के सबसे बड़े औद्योगिक समूह अडानी ग्रुप छिंदवाड़ा में न्यूक्लियर पॉवर प्लांट लगाने की तैयारी कर रहा है. मध्य प्रदेश सरकार ने इस प्रस्ताव को कैबिनेट में चर्चा के लिए रखा है. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अडानी ग्रुप के मालिक गौतम अडानी से इस बारे में गहन मंथन किया है. न्यूक्लियर पॉवर प्लांट छिंदवाड़ा के चौसरा गांव के पास 750 एकड़ में बनना है।  अडानी ग्रुप को 16 साल पहले दी जमीन छिंदवाड़ा के चौसरा गांव में करीब 16 साल पहले अडानी ग्रुप को थर्मल पॉवर प्लांट बनाने के लिए सरकार ने 750 एकड़ जमीन ट्रांसफर की थी. इसका नाम पेच थर्मल एनर्जी रखा गया था. कंपनी ने अपना ऑफिस भी बनाया, जमीन कवर्ड की लेकिन प्लांट का काम शुरू नहीं हो पाया. अब इसी जमीन पर थर्मल पॉवर प्लांट की जगह न्यूक्लियर थर्मल पॉवर प्लांट प्रस्तावित किया गया है. छिंदवाड़ा में न्यूक्लियर पॉवर प्लांट का प्रस्ताव मंत्री परिषद में रखा गया है।  अडानी से मीटिंग पर क्या बोले कमलनाथ पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने जिला कांग्रेस कमेटी के हवाले से प्रेस नोट जारी कर कहा है "छिंदवाड़ा के समग्र विकास के लिए हमारा संकल्प दृढ़ है. वर्षों से जो भूमि अनुपयोगी पड़ी है, उसे अब विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का समय आ गया है. इसी उद्देश्य से छिंदवाड़ा में प्रस्तावित न्यूक्लियर पॉवर प्रोजेक्ट को लेकर हमने गंभीरता से पहल की है।  कमलनाथ ने कहा "इस संदर्भ में गौतम अडानी से सकारात्मक चर्चा हुई है, ताकि क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकें. मेरा हमेशा से प्रयास रहा है कि छिंदवाड़ा को विकास के मॉडल के रूप में स्थापित किया जाए. यह परियोजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो क्षेत्र के भविष्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी." थर्मल पॉवर प्लांट की जगह न्यूक्लियर पॉवर प्लांट अडानी ग्रुप को छिंदवाड़ा के चौसरा गांव के आसपास 299.614 हेक्टेयर यानि करीब 750 एकड़ जमीन सरकार ने दी थी. अडानी ग्रुप ने 39.6 0 करोड़ रुपए की कमिटमेंट गारंटी भी मध्य प्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी में जमा कर दी. लेकिन किन्हीं कारणों से प्रोजेक्ट अब तक शुरू नहीं हो पाया. अब अडानी पॉवर लिमिटेड ने इस थर्मल पावर प्लांट की जगह न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव मध्य प्रदेश सरकार के सामने रखा है. इस प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी मिलनी का इंतजार है।  किसानों ने किया था विरोध, कोर्ट ने भी मांगा था जवाब जमीन अधिग्रहण को लेकर कई बार पीड़ित किसानों और उनके परिवारों ने विरोध भी किया है. साल 2021 और 2023 में किसानों ने अधिग्रहण हुई जमीन पर कब्जा कर फसल लगा दी थी. हालांकि बाद में प्रशासन की मदद से फसल पर बुलडोजर चलाया गया. किसानों का आरोप है कि कंपनी ने जब जमीन का अधिग्रहण किया था तो उनसे वादा किया था कि जल्द यहां पर पॉवर प्लांट लगाया जाएगा।  जिन किसानों की जमीन पॉवर प्लांट के लिए अधिग्रहण की गई है, उनके परिवार से एक व्यक्ति को नौकरी दी जाएगी. लेकिन ना तो जमीन पर काम शुरू हुआ और ना ही किसी को नौकरी मिली. हमारी जमीन वापस की जाए. वहीं, 2022 में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट नेपॉवर प्लांट का काम शुरू नहीं होने पर अडानी ग्रुप से जवाब मांगा था।  40 साल पहले हुआ था जमीन का अधिग्रहण छिंदवाड़ा के चौसरा गांव के पास पेंच नदी के पानी से थर्मल पॉवर प्लांट बनाने के लिए 1986-1988 के दौरान मध्य प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने जमीन अधिग्रहित की थी. 1320 मेगावाट के इस प्लांट के लिए चौरई तहसील के चौसरा, हिवेरखेड़ी, धनोरा,थांवरीटेका,डागावानी पिपरिया गांवों की जमीन ली गई थी।  न्यूक्लियर पॉवर प्लांट प्लान से क्या लाभ     स्थानीय युवाओं को बड़े स्तर पर पर रोजगार मिलेगा     क्षेत्र में उद्योग एवं व्यापार को नई गति मिलेगी     आधारभूत जरूरतें सड़क, बिजली और जल व्यवस्था मजबूत होगी     शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार होगा     सालों से बंजर पड़ी भूमि का सही उपयोग होगा