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क्रूड ऑयल के दाम 111 डॉलर पार, पेट्रोल 393 रुपये पर, कई देशों में तेल संकट बढ़ा

मुंबई यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) के फैसले से दुनिया भर में तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. ब्रेंट क्रूड करीब 2.8% बढ़कर 111 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि WTI भी लगभग 100 डॉलर के आसपास है. इसी बीच UAE ने 1 मई से OPEC और OPEC+ छोड़ने का बड़ा फैसला लिया है.इससे पूरी दुनिया के तेल बाजार, कीमतों और सप्लाई सिस्टम पर असर पड़ सकता है।  OPEC और OPEC+ क्या है? ओपेक यानी ऑर्गनाइजेशन ऑफ पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज (OPEC) एक ऐसा ग्रुप है जिसमें बड़े तेल उत्पादक देश शामिल हैं. इसमें सऊदी अरब, इराक, ईरान, कुवैत जैसे देश शामिल हैं और हाल तक यूएई भी इसका हिस्सा था.इसका मुख्य काम तेल उत्पादन को कंट्रोल करके कीमतों को मैनेज करना है।  OPEC कैसे काम करता है?  ओपेक तरराष्ट्रीय तेल बाजार  में बैलेंस बनाए रखने की कोशिश करता है.जब वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें गिरने लगती हैं, तो ओपेक देश मिलकर तेल की सप्लाई (उत्पादन) में कटौती कर देते हैं, ताकि मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने से कीमतें फिर से स्थिर हो सकें.इसके विपरीत, जब तेल की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं और दुनिया भर में ऊर्जा संकट का खतरा मंडराने लगता है, तो ओपेक उत्पादन बढ़ाकर बाजार में तेल की उपलब्धता बढ़ा देता है.इससे सदस्य देशों की कमाई  सुरक्षित बनी रहती है और और ग्लोबल मार्केट में कीमतों में  ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होता।  OPEC क्या है और क्यों इतना ताकतवर है? ओपेक+ में ओपेक के साथ कुछ और देश भी जुड़े हैं, जैसे रूस.यह 2016 में तब बना जब तेल की कीमतें गिर गई थीं और ओपेक अकेले बाजार को संभाल नहीं पा रहा था.आज ओपेक+ दुनिया के करीब 40-50% तेल उत्पादन को कंट्रोल करता है।  ओपेक+ (OPEC+) की असली ताकत इस बात में छिपी है कि यह संगठन दुनिया के तेल सप्लाई के एक बहुत बड़े हिस्से को कंट्रोल करता है.जब भी ओपेक+ के सदस्य देश कोई फैसला लेते हैं, तो उसका असर तुरंत अंतरराष्ट्रीय बाजार पर दिखाई देता है और तेल की कीमतें पलक झपकते ही ऊपर-नीचे होने लगती हैं.चूंकि दुनिया की इकोनॉमी तेल पर टिकी है, इसलिए इनके फैसलों का सीधा असर हर देश की महंगाई, ट्रांसपोर्ट की लागत और पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है.यही वजह है कि ओपेक+ को इतना ताकतवर माना जाता है, क्योंकि यह पूरी दुनिया की जेब और बाजार की दिशा बदल सकती है।  यूएई ने ओपेक क्यों छोड़ा? जान लें वजह इसके अलावा, यूएई को भविष्य की भी चिंता है क्योंकि रिन्यूएबल एनर्जी(Renewable Energy) के बढ़ते चलन के कारण आने वाले समय में तेल की मांग घट सकती है. ऐसे में यूएई की सोच यह है कि आज का तेल भविष्य की तुलना में ज्यादा कीमती हो सकता है, इसलिए वह अभी अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करके ज्यादा से ज्यादा कमाई करना चाहता है. ओपेक की पाबंदियों से बाहर निकलकर वह अपनी इकोनॉमी को और मजबूत करने और भविष्य के जोखिमों से निपटने की तैयारी कर रहा है।  घरेलू वायदा बाजार में गिरावट जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी दिखी, वहीं घरेलू स्तर पर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। क्रूड ऑयल करीब 0.88% यानी 84 रुपये गिरकर 9,401 रुपये पर कारोबार करता दिखा।  होरमुज जलडमरूमध्य बना चिंता का कारण Strait of Hormuz को लेकर बनी अनिश्चितता भी कीमतों में तेजी की बड़ी वजह है। यह अहम समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और LNG सप्लाई का लगभग 20% संभालता है, और यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर बाजार पर पड़ सकता है। भारत पर पड़ सकता है असर विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती हैं, तो भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। इससे महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएई और सऊदी अरब के बीच लंबे समय से उत्पादन को लेकर मतभेद थे.इसके अलावा कोटा सिस्टम से यूएई संतुष्ट नहीं था.वह अपनी मार्केट शेयर बढ़ाना चाहता है।  यूएई के बाहर निकलने का असर क्या होगा? यूएई के ओपेक से बाहर निकलने का असर काफी गहरा हो सकता है, जिससे सबसे पहले ओपेक की वैश्विक ताकत कमजोर पड़ सकती है.यूएई उन गिने-चुने देशों में शामिल था जिसके पास जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त तेल उत्पादन करने की बड़ी क्षमता थी, और उसके जाने से संगठन का दबदबा कम होना तय है.दूसरा बड़ा असर तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के रूप में दिख सकता है. चूंकि अब सप्लाई को एक सुर में कंट्रोल करना मुश्किल होगा, इसलिए बाजार पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा वोलाटाइल हो सकता है. अंत में, इससे तेल बाजार पूरी तरह बिखर सकता है. जब हर देश संगठन की एकजुटता के बजाय अपने निजी फायदे और रणनीति के हिसाब से फैसले लेने लगेगा, तो इससे एकजुटता कम होगी और भविष्य में ग्लोबल मार्केट को संतुलित करना एक बड़ी चुनौती बन जाएगा।  क्यों बढ़ रही हैं तेल की कीमतें? क्या आगे भी जारी रहेगी तेजी इस समय सबसे बड़ा कारण है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना, जहां से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है.ईरान युद्ध के कारण सप्लाई बाधित है और निर्यात कम हो गया है.इसी वजह से कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं.अगर हालात सामान्य होते हैं और यूएई ज्यादा उत्पादन शुरू करता है:सप्लाई बढ़ सकती है कीमतें फिर नीचे आ सकती हैं.लेकिन अभी बाजार अनिश्चित है कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं।  भारत पर क्या असर पड़ेगा? क्या पेट्रोल-डीजल होगा महंगा?  ग्लोबल ऑयल मार्केट में होने वाली इस हलचल का भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश पर सीधा और बड़ा असर पड़ता है. कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से न केवल पेट्रोल-डीजल महंगा होने का डर रहता है, बल्कि इससे माल ढुलाई की लागत बढ़ती है, जिससे सीधे तौर पर महंगाई में इजाफा होता है और देश का व्यापार घाटा भी बढ़ सकता है।  हालांकि, आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि केंद्र सरकार ने फिलहाल कीमतों में बढ़ोतरी की किसी भी संभावना से इनकार किया है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ किया है कि पेट्रोल … Read more

CM भगवंत मान की राष्ट्रपति से अहम बैठक तय, डिपोर्टेशन और दलबदल मुद्दे एजेंडे में

चंडीगढ़. पंजाब की सियासत में राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर घमासान के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान 5 मई को राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को संवैधानिक स्तर पर उठाया जाएगा ताकि जनता के जनादेश का सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। पत्रकारों के साथ बातचीत में मान ने कहा कि जिन सदस्यों को पार्टी और जनता के भरोसे उच्च सदन में भेजा गया, उनका दल बदलना गंभीर विषय है। सरकार इस पर सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस बीच मुख्यमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट किए जा रहे भारतीयों के मुद्दे पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज 15 लोगों को डिपोर्ट किया जा रहा है, जिनमें 11 पंजाब के हैं और एक महिला भी शामिल है। दिल्ली जाएंगे सीएम भगवंत मान अन्य में 2 तेलंगाना, 1 हरियाणा और 2 उत्तराखंड के रहने वाले हैं। मान ने कहा कि वह खुद दिल्ली जाकर इन लोगों को रिसीव करेंगे। उन्होंने कहा कि जैसे ही ये पंजाब पहुंचेंगे, पूरे मामले की गहन पड़ताल की जाएगी और जो भी जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पटियाला में रेलवे लाइन पर हुए धमाके के मामले में भी मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर की जा रही है। अब तक कुछ आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है और पूछताछ जारी है। मान ने बताया कि जांच में अमृतपाल सिंह से जुड़े कुछ नाम सामने आने की बात सामने आई है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। कानून व्यवस्था पर भी दिया बयान उन्होंने दोहराया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। चाहे किसी का भी राजनीतिक या सामाजिक समर्थन हो, अगर जांच में दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उधर, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में राज्यसभा विवाद, सुरक्षा मामलों और डिपोर्टी जैसे मुद्दों पर सियासी हलचल और बढ़ने के संकेत हैं।

शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 609 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,177 पर बंद

मुंबई   बुधवार (29 अप्रैल) को शेयर बाजार में दिनभर तेजी का माहौल रहा। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,056 अंक उछला, वहीं निफ्टी 24,329.30 के स्तर पर था। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 609.45 अंक की तेजी के साथ 77,496.36 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी 181.95 अंक की बढ़त के साथ 24,177.65 के स्तर पर बंद हुआ।    शेयर बाजार में तेजी के कारण…. कच्चे तेल की कीमत में गिरावट वैश्विक बाजारों से मिले संकेतों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी हल्की नरमी दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड 0.21% की गिरावट के साथ 111 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। तेल सस्ता होने से इंपोर्ट बिल घटता है, व्यापार घाटा कम करने में मदद मिलती है और रुपए पर दबाव भी कम होता है। साथ ही ट्रांसपोर्ट, एविएशन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स की लागत भी घटती है। ग्लोबल मार्केट्स का हाल एशियाई बाजारों में मजबूती का असर भी भारतीय बाजारों पर देखने को मिला है। हेंग सेंग, कोस्पी, सेट कंपोजिट, शंघाई कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट में बढ़त रही, जबकि निक्केई 225 और ताइवान वेटेड में गिरावट दर्ज हुई। अमेरिकी बाजार मंगलवार को कमजोरी के साथ बंद हुए थे। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने भी बाजार को सहारा दिया है। विदेशी निवेशकों (FII) ने मंगलवार को 2,103.74 करोड़ रुपए की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,712.01 करोड़ रुपए की खरीदारी की, जिससे बाजार में गिरावट सीमित रही।  

594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे तैयार, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत देगा

  हरदोई यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में किसानों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक लाख से अधिक किसानों ने इस परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराई जिससे इसका समय पर निर्माण संभव हो सका। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह से पहले आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, '12 जिलों के एक लाख से अधिक किसानों ने इस एक्सप्रेसवे के लिए अपनी भूमि दी। मैं उन सभी 'अन्नदाता' किसानों का आभार व्यक्त करता हूं, जिनके सहयोग से यह परियोजना साकार हो सकी।' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के लिए हरदोई के मल्लावां में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है और राज्य के 12 जिलों से होकर गुजरता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना की आधारशिला दिसंबर 2021 में रखी गई थी और इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया गया, जो राज्य सरकार की बुनियादी ढांचा विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे न केवल परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। उत्तर प्रदेश की रीढ़ साबित होगा गंगा एक्सप्रेसवे सीएम आदित्यनाथ ने बताया कि इस परियोजना के लिए लगभग 18,000 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई, जबकि एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और 'लॉजिस्टिक्स' केंद्र विकसित करने के लिए करीब 7,000 एकड़ भूमि अलग से चिह्नित की गई है। उन्होंने कहा, 'यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा और सड़क संपर्क, कृषि विपणन तथा क्षेत्रीय विकास को मजबूती प्रदान करते हुए 'विकसित भारत' के लक्ष्य को गति देगा।' अधिकारियों के अनुसार यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 प्रमुख जिलों को जोड़ता है। इससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और आवागमन तेज, सुरक्षित व अधिक सुविधाजनक होगा। इस कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का किया उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का बुधवार को हरदोई के मल्लावां में उद्घाटन किया। आधिकारिक बयान के अनुसार लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा के समय को वर्तमान 10-12 घंटे से घटाकर लगभग छह घंटे कर देगा। इसमें कहा गया कि गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 प्रमुख जिलों को जोड़ता है। इससे पहले, प्रधानमंत्री के हरदोई पहुंचने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि हरदोई से एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ राज्य की विकास यात्रा को नयी गति मिलेगी।

पीएम मोदी ने किया यूपी के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, विपक्ष पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में 594 km लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया।  लगभग ₹36,230 करोड़ की कुल लागत से बने गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय अभी के 10-12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे होने की उम्मीद है।   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं मानता हूं कि उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेस वे का ये वरदान ये भी मां गंगा का ही आशीर्वाद है। अब आप कुछ ही घंटों में संगम भी पहुंच सकते हैं, और काशी में बाबा के दर्शन करके भी वापस आ सकते हैं। जैसे मां गंगा हजारों वर्षों से उत्तर प्रदेश और इस देश की जीवन रेखा रही है वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरता ये एक्सप्रेस वे UP के विकास की नई लाइफलाइन बनेगा।" रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं मानता हूं कि उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेस वे का ये वरदान ये भी मां गंगा का ही आशीर्वाद है। अब आप कुछ ही घंटों में संगम भी पहुंच सकते हैं, और काशी में बाबा के दर्शन करके भी वापस आ सकते हैं। जैसे मां गंगा हजारों वर्षों से उत्तर प्रदेश और इस देश की जीवन रेखा रही है वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरता ये एक्सप्रेस वे UP के विकास की नई लाइफलाइन बनेगा।" 'मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है। इसमें विकास का हमारा विजन भी झलकता है और हमारी विरासत के भी दर्शन होते हैं। मैं यूपी के करोड़ों लोगों को गंगा एक्सप्रेस-वे की बधाई देता हूं।  निर्भीक वातावरण में बंगाल में इस बार मतदान हो रहा है: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 6-7 दशक में जो नहीं हुआ, जिसकी कल्पना भी मुश्किल थी, वैसे निर्भीक वातावरण में बंगाल में इस बार मतदान हो रहा है। लोग भयमुक्त होकर वोट दे रहे हैं। यह देश के संविधान और देश के मजबूत होते लोकतंत्र का पुण्य प्रतीक है। मैं बंगाल की जनता का आभार व्यक्त करता हूं कि वो अपने अधिकार के प्रति इतनी सजग है और बड़ी संख्या में मतदान कर रही है।   बंगाल में इस समय दूसरे चरण का मतदान हो रहा है: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि आज लोकतंत्र के उत्सव का भी एक अहम दिन है। बंगाल में इस समय दूसरे चरण का मतदान हो रहा है और जो खबरें आ रही हैं, उससे पता चलता है कि बंगाल में भारी मतदान हो रहा है। पहले चरण की तरह ही जनता वोट देने के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकल रही है, लंबी-लंबी कतारों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। पांच राज्यों के चुनाव में भी भाजपा ऐतिहासिक जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है' पीएम मोदी ने कहा कि कुछ समय पहले, जब बिहार में चुनाव हुए तो भाजपा-एनडीए ने प्रचंड जीत दर्ज की थी, एक इतिहास रच दिया था। अभी कल ही गुजरात में महानगर पालिका, नगर पालिका, जिला पंचायतें, नगर पंचायतें, तहसील पंचायत… इन सब के चुनाव के नतीजे आए हैं। 80 से 85 प्रतिशत नगरपालिका और पंचायत भाजपा ने जीत ली हैं। मुझे विश्वास है कि इन पांच राज्यों के चुनाव में भी भाजपा ऐतिहासिक जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है। 4 मई के नतीजे विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगे। देश के विकास की गति को नई ऊर्जा से भरेंगे। 'ये आधुनिक हस्तरेखाएं, आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का जयघोष कर रही हैं' पीएम मोदी ने कहा कि कुछ ही दिन पहले मुझे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण का अवसर मिला था। तब मैंने कहा था कि ये नए बनते एक्सप्रेसवे विकसित होते भारत की हस्तरेखाएं हैं, और ये आधुनिक हस्तरेखाएं, आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का जयघोष कर रही हैं।  पीएम बोले-अब वो दौर चला गया पीएम मोदी ने कहा कि अब वो दौर चला गया, जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता था। एक बार घोषणा हो गई तो वर्षों तक फाइलें चलती थीं। चुनाव के लिए पत्थर लग जाते थे, उसके बाद सरकारें आती-जाती रहती थीं, लेकिन काम का कुछ अता-पता नहीं लगता था। कभी-कभी पुरानी फाइलें ढूंढ़ने के लिए बड़े-बड़े अफसरों को दो-दो साल तक मेहनत करनी पड़ती थी। डबल इंजन सरकार में शिलान्यास भी होता है और तय समय में लोकार्पण भी होकर रहता है। ये NCR की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के एक छोर को दूसरे छोर से तो जोड़ता ही है। ये NCR की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा। 'यूपी को पिछड़ा और बीमारू प्रदेश कहा जाता था' पीएम मोदी ने कहा कि पहले यूपी को पिछड़ा और बीमारू प्रदेश कहा जाता था, वही उत्तर प्रदेश आज एक ट्रिलियन economy बनने की ओर आगे बढ़ रहा है। यूपी के पास असीम क्षमता है, देश की इतनी बड़ी युवा आबादी का पोटेंशियल यूपी के पास है, इस ताकत का इस्तेमाल हम यूपी को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए कर रहे हैं।  सपा विकास विरोधी भी है और नारी विरोधी भी है: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि बीते दिनों एक बार फिर देश ने कांग्रेस और सपा का नारी विरोधी चेहरा देखा है। केंद्र की एनडीए सरकार नारी शक्ति वंदन संशोधन लेकर आई थी, अगर यह संशोधन पास हो जाता तो 2029 के चुनाव से ही महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण मिलता। बड़ी संख्या में महिलाएं चुनकर लखनऊ और दिल्ली पहुंचतीं, वो भी किसी अन्य वर्ग की सीटें कम हुए बिना। लेकिन सपा ने इस संशोधन के खिलाफ वोट किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सपा कभी भी परिवारवाद और जातिवाद से ऊपर नहीं उठ सकती। ये लोग हमेशा विकास विरोधी राजनीति करेंगे। यूपी को सपा और उसके सहयोगियों से सावधान रहना है। पीएम मोदी ने कहा कि आप लोग देख रहे हैं कि आज पूरी दुनिया कैसे युद्ध, अशांति और अस्थिरता में फंसी हुई है। दुनिया के बड़े-बड़े देशों की हालत खराब है। … Read more

साय कैबिनेट ने शहरी गैस नीति 2026 समेत कई अहम फैसलों को दी मंजूरी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बुधवार को  मंत्रिपरिषद ने  ‘छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026‘‘ को मंजूरी प्रदान की है। इस नीति के माध्यम से प्रदेश में स्वच्छ एवं सस्ती प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी और आम उपभोक्ताओं को एलपीजी की तुलना में किफायती विकल्प मिलेगा। साथ ही इस नीति से पाइपलाइन के माध्यम से गैस की त्वरित और सुगम आपूर्ति का विस्तार होगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में सुविधाजनक ईंधन व्यवस्था विकसित होगी। इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, ईंधन उपयोग में विविधता आएगी और राज्य में पाइपलाइन अधोसंरचना के विकास के साथ बड़े पैमाने पर निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार का यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा, दोनों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्रिपरिषद द्वारा आधुनिक खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी के निर्माण हेतु जिला क्रिकेट एसोसिएशन, राजनांदगांव को सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा के नाम पर दर्ज भूमि में से 5 एकड़ भूमि को रियायती दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री जी के स्वेच्छानुदान मद से 6 हजार 809 व्यक्ति एवं संस्थाओं को लगभग 11 करोड़ 98 लाख 84 हजार रुपये की जारी आर्थिक सहायता राशि की स्वीकृति प्रदान की है। यह सहायता राशि जरूरतमंदों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने, सामाजिक सहयोग को मजबूत करने तथा विभिन्न आवश्यक परिस्थितियों में संबल प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है। मंत्रिपरिषद ने वर्ष 1988 बैच के तीन भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों श्री संजय पिल्ले, श्री आर.के. विज एवं श्री मुकेश गुप्ता के संबंध में पूर्व में जारी पदावनति आदेश दिनांक 26 सितंबर 2019 का पुनर्विलोकन करते हुए उसे निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, मंत्रिपरिषद ने दिनांक 24 सितंबर 2019 को लिए गए संबंधित निर्णय को अपास्त करते हुए, उस निर्णय के पालन में जारी समस्त आदेशों को बैठक से पूर्व की स्थिति में पुनर्जीवित मान्य किया है। यह निर्णय प्रशासनिक तथ्यों एवं परिस्थितियों के समग्र परीक्षण के उपरांत लिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – 1. मंत्रिपरिषद ने आज ‘‘छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026‘‘ को मंजूरी प्रदान की है। इस नीति के माध्यम से प्रदेश में स्वच्छ एवं सस्ती प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी और आम उपभोक्ताओं को एलपीजी की तुलना में किफायती विकल्प मिलेगा। साथ ही इस नीति से पाइपलाइन के माध्यम से गैस की त्वरित और सुगम आपूर्ति का विस्तार होगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में सुविधाजनक ईंधन व्यवस्था विकसित होगी। इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, ईंधन उपयोग में विविधता आएगी और राज्य में पाइपलाइन अधोसंरचना के विकास के साथ बड़े पैमाने पर निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार का यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा, दोनों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 2. मंत्रिपरिषद द्वारा आधुनिक खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी के निर्माण हेतु जिला क्रिकेट एसोसिएशन, राजनांदगांव को सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा के नाम पर दर्ज भूमि में से 5 एकड़ भूमि को रियायती दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया गया। 3. मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री जी के स्वेच्छानुदान मद से 6 हजार 809 व्यक्ति एवं संस्थाओं को लगभग 11 करोड़ 98 लाख 84 हजार रुपये की जारी आर्थिक सहायता राशि की स्वीकृति प्रदान की है। यह सहायता राशि जरूरतमंदों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने, सामाजिक सहयोग को मजबूत करने तथा विभिन्न आवश्यक परिस्थितियों में संबल प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है। 4. मंत्रिपरिषद ने वर्ष 1988 बैच के तीन भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों श्री संजय पिल्ले, श्री आर.के. विज एवं श्री मुकेश गुप्ता के संबंध में पूर्व में जारी पदावनति आदेश दिनांक 26 सितंबर 2019 का पुनर्विलोकन करते हुए उसे निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, मंत्रिपरिषद ने दिनांक 24 सितंबर 2019 को लिए गए संबंधित निर्णय को अपास्त करते हुए, उस निर्णय के पालन में जारी समस्त आदेशों को बैठक से पूर्व की स्थिति में पुनर्जीवित मान्य किया है। यह निर्णय प्रशासनिक तथ्यों एवं परिस्थितियों के समग्र परीक्षण के उपरांत लिया गया है।  

यूरोप से 1300 करोड़ का निवेश लेकर आए सीएम भगवंत मान, पंजाब में खेती और उद्योग को मिलेगी नई दिशा

 चंडीगढ़ नीदरलैंड और फिनलैंड के दौरे से लौटे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि इस यात्रा ने राज्य में निवेश, आधुनिक खेती और युवाओं के लिए नए अवसरों के रास्ते खोले हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने पंजाब में निवेश को लेकर खास दिलचस्पी दिखाई है, जिससे आने वाले समय में अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जायका कंपनी ने पंजाब में 1300 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। यह निवेश फूड प्रोसेसिंग और उच्च गुणवत्ता वाली खेती को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम फसली विविधीकरण को गति देंगे और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगे। नीदरलैंड दौरे के दौरान विश्व प्रसिद्ध केउकेनहॉफ बागबानी माडल का अध्ययन किया गया। यहां आधुनिक तकनीक के जरिए उत्पादन क्षमता में बड़ा अंतर देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पारंपरिक खेती में एक वर्ग मीटर में करीब 6 किलो टमाटर उत्पादन होता है, वहीं पाली हाउस तकनीक से यह 100 किलो तक पहुंच जाता है। इस मॉडल को पंजाब में लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। दौरे के दौरान विश्व बागबानी केंद्र और नीदरलैंड्स इंडिया चैंबर आफ कामर्स एंड ट्रेड के प्रतिनिधियों से भी बैठक हुई। इसमें कृषि तकनीक, फूलों की खेती और निर्यात को लेकर संभावनाओं पर चर्चा हुई। मोहाली में रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर और इनोवेशन हब स्थापित करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। 1300 करोड़ निवेश और साझेदारी उन्होंने कहा कि इस निवेश के साथ‑साथ दुनिया की कई अग्रणी कंपनियों ने पंजाब में निवेश के लिए गहरी रुचि दिखाई है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलेगा. उनके अनुसार, इन रणनीतिक साझेदारियों से फसल विविधीकरण को गति मिलेगी और कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा. नीदरलैंड दौरे पर विस्तार से जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध बागवानी मॉडल केउकेनहॉफ का दौरा किया, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं. उन्होंने बताया कि इस दौरान उद्यानिकी विकास और कृषि सहयोग के अवसरों पर बातचीत हुई और पंजाब से गुलाब निर्यात की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।  इन कंपनियों में होगा निवेश मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि एएनएक्सपी सेमीकंडक्टर और एलटी फूड्स जैसी कंपनियों ने भी निवेश में रुचि दिखाई है। एलटी फूड्स ने राजपुरा में निवेश पर सहमति जताई है, जिससे चावल निर्यात और फूड सेक्टर को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा पंजाब को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने के प्रयास भी तेज किए गए हैं। फिनलैंड दौरे के दौरान शिक्षा और कौशल विकास पर खास ध्यान दिया गया। वहां की आधुनिक शिक्षा प्रणाली, शिक्षक प्रशिक्षण और बाल केंद्रित शिक्षण माडल का अध्ययन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरे से कृषि, उद्योग, शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग की नींव पड़ी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह यात्रा राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर लेकर आएगी। इस मौके पर उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस भी मौजूद थे। आज सम्मान, अगला बैच कब जाएगा हाली के विकास भवन में आज उन छात्रों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने हाल ही में जेई परीक्षा पास की है। सरकार की ओर से इन विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। वहीं, शिक्षक प्रशिक्षण के तहत अगला बैच 18 मई 2026 को फिनलैंड भेजा जाएगा। इस बैच में 72 शिक्षक शामिल होंगे, जिन्हें आधुनिक शिक्षण तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी। 1300 करोड़ निवेश और साझेदारी उन्होंने कहा कि इस निवेश के साथ‑साथ दुनिया की कई अग्रणी कंपनियों ने पंजाब में निवेश के लिए गहरी रुचि दिखाई है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलेगा. उनके अनुसार, इन रणनीतिक साझेदारियों से फसल विविधीकरण को गति मिलेगी और कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा. नीदरलैंड दौरे पर विस्तार से जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध बागवानी मॉडल केउकेनहॉफ का दौरा किया, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं. उन्होंने बताया कि इस दौरान उद्यानिकी विकास और कृषि सहयोग के अवसरों पर बातचीत हुई और पंजाब से गुलाब निर्यात की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।  नीदरलैंड में कृषि‑तकनीक पर फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि ज़ायका के निवेश के अलावा यह दौरा पंजाब में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दौरे का उद्देश्य औद्योगिक निवेश, शिक्षा, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के आदान‑प्रदान को बढ़ावा देना भी था. उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि तकनीकों, टिकाऊ खेती और उच्च मूल्य वाली फसलों पर संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाएं तलाशी गईं. नीदरलैंड की वर्टिकल फार्मिंग तकनीक को पंजाब में अपनाने पर भी चर्चा हुई. 20 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व बागवानी केंद्र, नीदरलैंड्स इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड तथा पंजाबी समुदाय के साथ बैठकें कीं।  पॉलीहाउस खेती और निवेश रोड शो मुख्यमंत्री ने बताया कि वहां यह जानकारी दी गई कि खुले खेतों में जहां प्रति वर्ग मीटर 6 किलो टमाटर उत्पादन होता है, वहीं पॉलीहाउस में यह उत्पादन 100 किलो तक पहुंच जाता है. दौरे के दौरान निवेश रोड शो भी आयोजित किया गया, जिसमें सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में अवसरों पर चर्चा हुई। 

शंभू ब्लास्ट के बाद रेलवे सुरक्षा पर हाई अलर्ट, संवेदनशील इलाकों में बढ़ी पेट्रोलिंग

 चंडीगढ़  पंजाब में रेलवे ट्रैक आतंकियों के निशाने पर है। सोमवार रात पटियाला के शंभू में डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर (डीएफसी) के ट्रैक पर हुए ब्लास्ट ने इस खतरे को और गहरा कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां इसे एक बड़े पैटर्न के तौर पर देख रही हैं, जिसमें रेलवे नेटवर्क को लगातार निशाना बनाने की कोशिशें सामने आ रही हैं। इससे पहले रेलवे ट्रैक के आसपास सोलर सीसीटीवी कैमरे कैमरे लगाए जाने के मामले सामने आए थे। पांच कैमरे पंजाब में लगे थे। एक पठानकोट व एक कपूरथला में बरामद किया था, लेकिन जालंधर मोगा व पटियाला में लगे तीन कैमरों का पता नहीं। जांच में पता चला था कि इनका इस्तेमाल जासूसी और ट्रैक की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा था। हाल ही में लखनऊ एटीएस (एटीएस) की ओर से भी एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया गया, जो अलग-अलग इलाकों में रेलवे ट्रैक के आसपास आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम देता था। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां बड़े हमलों की तैयारी का हिस्सा हो सकती हैं। पिछले दो वर्षों के दौरान कई घटनाएं आई सामने पंजाब में पिछले दो वर्षों के दौरान भी कई घटनाएं सामने आई हैं। 23 जनवरी 2026 में सरहिंद के पास डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर (डीएफसी) रेलवे ट्रैक पर धमाका हुआ था, जिसमें करीब 60 फीट पटरी क्षतिग्रस्त हुई थी। वहीं, 2024 और 2025 में कई बार रेलवे ट्रैक पर लोहे की सरिया या अन्य वस्तुएं रखकर ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिशें हुईं थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे ट्रैक, खासकर मालगाड़ियों के रूट, देश की सप्लाई चेन की रीढ़ हैं। कोयला, खाद, अनाज और औद्योगिक सामान की ढुलाई इन्हीं रास्तों से होती है। ऐसे में इनको नुकसान पहुंचाने की कोशिश सीधे तौर पर आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है। संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ी फिलहाल रेलवे, आरपीएफ और राज्य पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। निगरानी के लिए तकनीकी सर्विलांस और खुफिया इनपुट पर खास ध्यान दिया जा रहा है। फिर भी ऐसे षड्यंत्रों को समय रहते नाकाम करना बड़ी चुनौती है। पंजाब में रेलवे ट्रैक को उड़ाने की लगातार धमकियां मिल रही थीं। गत 24 अप्रैल को भी पटियाला, बठिंडा, लुधियाना व अमृतसर में ईमेल पर बम से रेलवे ट्रैक उड़ाने की धमकी मिली थी। तीन दिन बाद शंभू में ब्लास्ट की घटना हो गई।  

Electric Vehicle को बढ़ावा: हरियाणा के नए आवासों में चार्जिंग सुविधा होगी जरूरी

चंडीगढ़. भविष्य में हरियाणा के बड़े शहरों में विकसित होने वाले शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के रखरखाव व चार्जिंग की व्यवस्था करने पर विशेष फोकस होगा। राज्य में आवासीय तथा गैर आवासीय क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जर के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करना अनिवार्य किया जाने वाला है। प्रदेश सरकार इसके लिए हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 में बदलाव करेगी। हरियाणा के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट ने एक नोटिस जारी कर आम नागरिकों से दावे तथा आपत्तियां मांगी हैं। प्रस्तावित संशोधनों को सरकार से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब इन्हें 30 दिनों के लिए यानी 26 मई तक सार्वजनिक डोमेन में रखा जा रहा है, ताकि संबंधित पक्षों और नागरिकों से इन पर आपत्तियां और सुझाव प्राप्त किए जा सकें। संशोधित नियमों के तहत, सभी नई और मरम्मत की गई गैर-रिहायशी इमारतों जैसे शापिंग कांप्लेक्स, माल, होटल और आफिस स्पेस, जहां कम से कम 10 कारों की पार्किंग की व्यवस्था है, वहां हर तीन पार्किंग स्लाट के लिए कम से कम एक ईवी चार्जिंग स्पाट उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इमारतों को 100 फीसदी ईवी तैयार बनाया जाए इसके अलावा, ऐसी इमारतों को 100 प्रतिशत ईवी-तैयार बनाया जाना चाहिए, जिसके लिए चार्जिंग प्वाइंट तक जाने वाली तारों के लिए पाइप पहले से ही लगाई गई होगी। इसी तरह रिहायशी कांप्लेक्स, जिनमें सहकारी आवास समितियां, ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट और आरडब्ल्यूए द्वारा प्रबंधित रिहायशी ब्लाक शामिल हैं और जहां 10 या उससे अधिक कारों की पार्किंग की जगह है, उन्हें हर पांच पार्किंग स्लाट के लिए एक ईवी चार्जिंग स्पाट उपलब्ध कराना होगा। उन्हें पूरी तरह से ईवी-तैयार इन्फ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध कराना होगा। संशोधन में यह स्पष्ट किया गया है कि ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को फ्लोर एरिया रेश्यो गणना से छूट दी जाएगी। इस फैसले से डेवलपर्स और आवास समितियों को नये नियमों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें अतिरिक्त निर्मित क्षेत्र (बिल्ट-अप-एरिया) से जुड़ी पाबंदियों से मुक्ति मिलेगी। स्पॉट को बेसमेंट और स्टिल्ट फ्लोपर पर भी लगाया जा सके ड्राफ्ट के अनुसार चार्जिंग स्पॉट को बेसमेंट और स्टिल्ट फ्लोर पर भी लगाया जा सकता है, बशर्ते वे निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करते होंगे। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक अमित खत्री ने लोगों और संबंधित पक्षों से ईमेल के माध्यम से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। ये सुझाव और आपत्तियां संशोधनों की औपचारिक अधिसूचना जारी होने से पहले प्राप्त की जाएंगी।

4 लाख 88 हजार किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का हुआ उपार्जन

4 लाख 88 हजार किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का हुआ उपार्जन बड़े एवं मध्यम श्रेणी के 1.60 लाख किसानों ने स्लॉट कराये बुक भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रदेश में 4 लाख 88 हजार 270 किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने वाले किसानों को 2548 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान किए गए हैं। उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रो पर प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र किया गया। तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है। सभी जिलों में लघु सीमांत के साथ ही मध्यम एवं बड़े किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बड़े एवं मध्यम वर्ग के एक लाख 60 हजार किसानों ने स्लॉट बुक कराया है। पूरे प्रदेश में स्लॉ्ट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 9 मई तक की गई है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। अभी तक प्रदेश मे समर्थन मूल्य् पर गेहूं उपार्जन के लिये 9.60 लाख किसानों द्वारा 57.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।