samacharsecretary.com

बेअदबी कानून को लेकर हाईकोर्ट में दायर की गई चुनौती, उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर कानूनी सवाल

बेअदबी कानून पर कानूनी विवाद: हाईकोर्ट में चुनौती, उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर उठे सवाल बेअदबी कानून को लेकर हाईकोर्ट में दायर की गई चुनौती, उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर कानूनी सवाल बेअदबी कानून में उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर सवाल, हाईकोर्ट में चुनौती दायर चंडीगढ़  पंजाब सरकार द्वारा लागू किए गए जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 को लेकर कानूनी विवाद गहरा गया है। इस कानून को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। जालंधर निवासी सिमरनजीत सिंह ने जनहित याचिका दाखिल कर इसे असांविधानिक घोषित करने और रद्द करने की मांग की है।  याचिका में कहा गया है कि यह कानून संविधान की मूल भावना और स्थापित आपराधिक न्याय प्रणाली के विपरीत है। खासतौर पर इसके दंडात्मक प्रावधानों और प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई गई हैं। याचिकाकर्ता का तर्क है कि अधिनियम समवर्ती सूची के विषयों को प्रभावित करता है और मौजूदा आपराधिक कानूनों, विशेषकर भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों से टकराव पैदा करता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि ऐसे मामलों में संविधान के अनुच्छेद 254(2) के तहत राष्ट्रपति की मंजूरी आवश्यक होती है, जबकि इस अधिनियम को केवल राज्यपाल की सहमति से लागू कर दिया गया। इसे गंभीर संवैधानिक त्रुटि बताया गया है। धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को कमजोर करने का आरोप अधिनियम पर धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को कमजोर करने का आरोप भी लगाया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, इसमें केवल एक धार्मिक ग्रंथ को विशेष सुरक्षा देते हुए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जबकि अन्य धर्मों के ग्रंथों को शामिल नहीं किया गया, जो समानता के अधिकार का उल्लंघन है। सबसे ज्यादा विवाद अधिनियम की धारा 5(3) को लेकर सामने आया है, जिसमें बेअदबी की साजिश जैसे अपराध के लिए उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। याचिका में इसे अनुपातहीन और मनमाना बताया गया है, क्योंकि इस तरह के अपराध में प्रत्यक्ष हिंसा शामिल नहीं होती। इसके अलावा बेअदबी की परिभाषा को अत्यधिक व्यापक बताते हुए कहा गया है कि इसमें शब्दों, संकेतों और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों को शामिल किया गया है, जिससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। याचिका में अधिनियम के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की गई है। दलील दी गई है कि यदि बाद में यह कानून असांविधानिक करार दिया जाता है, तो इसके तहत शुरू हुई आपराधिक कार्यवाहियां नागरिकों को अपूरणीय नुकसान पहुंचा सकती हैं। फिलहाल याचिका हाई कोर्ट की रजिस्ट्री में दाखिल हो चुकी है और जल्द ही इसके सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की संभावना है।    

Ludhiana Bomb Threat: स्कूलों को मिला धमकी भरा ईमेल, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

लुधियाना. लुधियाना के स्कूलों को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल जारी हुआ है। फिलहाल चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इनमें स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, पौदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, बीआरएस नगर का डीएवी पब्लिक स्कूल शामिल है। धमकी भरा ई-मेल जारी होने के बाद स्कूलों ने अभिभावकों के ग्रुपस में जानकारी शेयर की और पुलिस प्रशासन को भी सूचित कर दिया। स्प्रिंग डेल स्कूल ने तो बच्चों की छुट्टी कर दी। फिलहाल स्कूल में पुलिस की ओर से चैकिंग चल रही है। इससे पहले भी मिल चुकी है धमकी इससे पहले 10 मार्च को भी लुधियाना के कुछ स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिससे हड़कंप मच गया था। सुबह करीब 7 बजे ई-मेल के जरिए सीबीएसई से संबंधित 3 स्कूलों को धमकी भरा संदेश मिला था, जिसमें स्कूल परिसर में बम होने की बात कही गई थी। धमकी भरा मेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंच गईं थी और स्कूल परिसरों की गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया था। गत दिवस वीरवार की सुबह सबसे पहली मेल शेरपुर स्थित सिप्रंग डेल पब्लिक स्कूल में आई। स्कूल की आधिकारिक मेल पर मेल आई कि 23 से चौबीस तारीख के बीच में स्कूल के अंदर ब्लास्ट होगा। इसके अलावा उसने मेल में बाकी के तीन स्कूलों के नाम भी दिए है और रेलवे ट्रैक के बारे में भी जानकारी दी है कि जहां धमाका करने की धमकी दी है। स्कूल प्रशासन ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस के उच्चाधिकारियों को दी। जिसके बाद स्कूल में आनन फानन में छुट्टी कर दी गई और बच्चों के परिवार वालों को सूचना भेज दी कि वह जल्द से जल्द बच्चों को ले जाए। स्कूल में भगदड़ मच गई कि आखिर ऐसा क्या हुआ है कि स्कूल की तरफ से एक दम से छुट्टी कर दी गई। इसी दौरान पुलिस की टीम भी वहां आ गई तो लोगों को पता चला कि स्कूल में बम रखे जाने की धमकी है। बम स्कवायड की टीमों के साथ साथ पुलिस टीम पहुंची। स्कूल का कोना कोना छान मारा गया, लेकिन कुछ नहीं मिला। इसके अलावा पुलिस की टीमें बाकी के तीन स्कूलों में भी चेकिंग करने में लगी है और सिप्रंग डेल पब्लिक स्कूल और उसके आस-पास का एरिया भी जांचा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी के बाद चेकिंग की गई थी। मगर कुछ नहीं मिला है। बाकी चेक किया जा रहा है कि मेल कहां से आई थी और मेल भेजने वाला कौन है।

ड्रग्स के खिलाफ पंजाब का मेगा एक्शन: 41,850 केस दर्ज, 60,000 अरेस्ट, करोड़ों की हेरोइन बरामद

चंडीगढ़ पंजाब में नशे और संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत राज्य सरकार ने नशा तस्करों और गैंगस्टरों पर कड़ा शिकंजा कसा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस अभियान के 414 दिन पूरे हो चुके हैं, जिसमें पुलिस ने करीब 59,631 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। वहीं, ‘गैंगस्टर विरोधी अभियान’ के तहत 22,389 अपराधियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। भारी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी पुलिस की कार्रवाई में अब तक 2569 किलोग्राम हेरोइन, 4599 किलोग्राम कोकीन सहित बड़ी मात्रा में अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। हाल ही में एक दिन में ही 79 तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे ड्रग मनी और हेरोइन बरामद की गई। गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियान के तहत एक ही दिन में 564 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 245 गिरफ्तारियां हुईं। सरकार का दावा है कि अब तक 22,000 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हेल्पलाइन से बढ़ी जनता की भागीदारी सरकार ने जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 भी जारी किया है, जहां लोग गुप्त रूप से सूचना साझा कर रहे हैं। जनता के सहयोग से सफलता अधिकारियों के अनुसार, गांव रक्षा समितियों (VDC) और आम जनता के सहयोग से इस अभियान में सफलता दर 80 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई है। इस दौरान हजारों युवाओं को नशा मुक्ति केंद्रों से जोड़कर पुनर्वास भी किया गया है। हाई-टेक पुलिसिंग और सख्त नीति सरकार ने पंजाब पुलिस को आधुनिक हथियारों, तकनीक और संसाधनों से लैस किया है। साथ ही पुलिस को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त कर पूरी स्वतंत्रता दी गई है, ताकि वह बिना किसी दबाव के कार्रवाई कर सके। सरकार का दावा है कि इस सख्त अभियान से पंजाब में नशा और अपराध नेटवर्क को बड़ी चोट पहुंची है और राज्य में सुरक्षित भविष्य की नई उम्मीद जगी है।

हुमायूं कबीर पर हमला, सुवेंदु सरकार को दौड़ाकर पीटा, बंगाल में जगह-जगह हिंसा की वारदातें

 कोलकाता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया है. एक तरफ मतदाता भारी संख्या में पोलिंग बूथों पर पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राज्य के विभिन्न हिस्सों से आगजनी, मारपीट और तोड़फोड़ के गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। मुर्शिदाबाद, कूचबिहार, सिलिगुड़ी और मालदा में जमकर बवाल हो रहा है. मुर्शिदाबाद में उपद्रवियों ने हुमायूं कबीर की कार पर लाठी और ईंटों से हमला किया।  मुर्शिदाबाद के नौदा में उस समय हड़कंप मच गया जब AJUP प्रमुख और रेजीनगर से उम्मीदवार हुमायूं कबीर के काफिले पर उपद्रवियों ने ईंटों और लाठियों से हमला कर दिया. इस दौरान टीएमसी और एजेयूपी कार्यकर्ताओं के बीच खूनी झड़प हुई. कबीर की पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई. उन्होंने इस हमले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।  कूचबिहार में केंद्रीय बलों का एक्शन कूचबिहार के तूफानगंज इलाके में मतदान के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई. स्थिति को नियंत्रण से बाहर होता देख वहां तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने मोर्चा संभाला. सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज कर और भीड़ को खदेड़कर स्थिति को तितर-बितर किया. आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व मतदाताओं को डराने का प्रयास कर रहे थे, जिसके बाद जवानों को बल प्रयोग करना पड़ा।  मुर्शिदाबाद-कूचबिहार में बवाल दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज (Kumarganj) विधानसभा क्षेत्र से एक बेहद विचलित करने वाली घटना सामने आई है. यहाँ के भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों ने हमला कर दिया. बताया जा रहा है कि सुवेंदु सरकार को सूचना मिली थी कि एक विशेष बूथ पर 'बूथ जैमिंग' की जा रही है. जब वे अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे, तो उन पर लाठियों और घूंसों से हमला किया गया. सुवेंदु सरकार ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में टीएमसी के गुंडों ने उन्हें पीटा।  मालदा में हंगामा मालदा के मोथाबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में बालुआचारा हाई स्कूल स्थित मतदान केंद्र के बाहर EVM में खराबी आने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. चुनाव आयोग के अधिकारी के पहुंचने में देरी होने पर वोटर भड़क गए और उन्होंने अधिकारी को घेर लिया और बंधक सा बना लिया. कई मतदाता अफसर की बांह पकड़कर उन्हें खींचते हुए और उनके साथ हाथापाई करते हुए दिखाई दिए।  तृणमूल कैंप ऑफिस में तोड़फोड़ मालदा जिले के हरिश्चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब तृणमूल कांग्रेस के ही दो गुट आपस में भिड़ गए. यह विवाद इतना बढ़ गया कि राज्य के निवर्तमान मंत्री ताज़मुल हुसैन के पैतृक गांव बांगरुआ (बूथ संख्या 200 और 201) में टीएमसी के एक चुनावी कैंप ऑफिस में जमकर तोड़फोड़ की गई।  हरिश्चंद्रपुर-I ब्लॉक पंचायत समिति में टीएमसी के नेता स्वपन अली ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मंत्री ताजमुल हुसैन और उनके समर्थक खुलेआम कांग्रेस पार्टी के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं. स्वपन अली का आरोप है कि मंत्री के ही निर्देश पर उनके समर्थकों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर टीएमसी के कैंप ऑफिस पर हमला किया, पार्टी के झंडे फाड़े और बैनरों को क्षतिग्रस्त कर दिया।  सिलीगुड़ी में भिड़े TMC और बीजेपी कार्यकर्ता भिड़े सिलीगुड़ी के जगदीश चंद्र विद्यापीठ स्थित बूथ संख्या 26/237 पर वोटिंग के बीच मतदान केंद्र के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच अचानक बहस शुरू हो गई. देखते ही देखते यह विवाद गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी।  घटना के वक्त इलाके से बीजेपी उम्मीदवार शंकर घोष भी मौके पर मौजूद थे. केंद्र पर तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया. सुरक्षा बलों की मुस्तैदी की वजह से प्रिय घटना टल गई और मतदान की प्रक्रिया को फिर से सुचारू रूप से शुरू कराया जा सका।  '5 स्पेशल ट्रेनों से वोटर लाए गए' आसनसोल उत्तर सीट से टीएमसी प्रत्याशी मलय घटक ने दावा किया कि वोटिंग से एक दिन पहले रात में पांच विशेष ट्रेनें राज्य में पहुंची हैं, जिनमें से चार गुजरात और एक मध्य प्रदेश से आई हैं. बिहार से भी बसों के जरिए बाहरी लोगों को लाया गया है. उनकी टीम ने इन बसों और संदिग्ध गतिविधियों के फोटो और अन्य सबूत जुटाए हैं. मामले की शिकायत चुनाव आयुक्त से की गई है।  गाड़ी में EVM मिलने का दावा जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम को लेकर विवाद हो गया. श्रीपुर इलाके में एक सड़क किनारे ढाबे के पास खड़ी एक गाड़ी में ईवीएम मिलने का आरोप सामने आया है, जिससे चुनावी माहौल गरमा गया. स्थानीय लोगों और विपक्षी नेताओं का कहना था कि 'ऑन इलेक्शन ड्यूटी- जमुरिया AC 279' लिखी गाड़ी में कई रिजर्व EVM रखी हुई थीं, लेकिन मौके पर कोई सुरक्षा कर्मी नहीं था। 

बद्रीनाथ के द्वार खुले वैदिक मंत्रोच्चार और विधि विधान के साथ, पूरा धाम गूंज उठा जयकारों से

  चमोली विश्व प्रसिद्ध चारधाम में शुमार भू बैकुंठ बदरीनाथ धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार और विधि विधान से खोल दिए गए हैं. भगवान बदरी विशाल के कपाट सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर 6 महीने के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए. इस मौके पर बदरीनाथ मंदिर को करीब 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया. जिससे धाम की छटा देखते ही बन रही है. इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।  सुबह 6:15 बजे खुले बदरीनाथ धाम के कपाट:बता दें कि गुरुवार यानी 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनों के लिए खोल दिए गए हैं. कपाट खुलते ही पूरा मंदिर परिसर 'जय बदरी विशाल' के जयकारों से गूंज उठा. इस मौके पर हजारों लोग कपाट खुलने के साक्षी बने. जो भगवान बदरी विशाल के दर्शन और खास पल के साक्षी बन कर खुद को भाग्यशाली मानते दिखे. कपाट खुलते ही भक्तों की लाइन दर्शनों के लिए लग गई हैं. खुद सीएम धामी बदरीनाथ में मौजूद हैं।  आस्था, भक्ति और श्रद्धा से जुड़े चारधाम यात्रा का आगाज:वहीं, अब बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2026 पूरी तरीके से सुचारू हो गई है. गौर हो कि सबसे पहले यानी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खोल दिए गए थे. जिसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट भी खोले गए. इसके साथ ही अब आस्था, भक्ति और श्रद्धा से जुड़ा चारधाम यात्रा का आगाज हो गया है. चारधाम यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह श्रद्धालुओं में देखने को मिल रहा है।  बदरीनाथ धाम में तमाम व्यवस्थाएं जुटाई गई हैं. बदरी केदारनाथ मंदिर समिति से लेकर पुलिस ने सारी व्यवस्थाएं चाक चौबंद की है. ताकि, देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े. चमोली एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने चारधाम यात्रा ड्यूटी में तैनात पुलिस बल को भीड़ नियंत्रण के साथ यात्रियों के साथ 'अतिथि देवो भवः' एवं उत्तराखंड पुलिस की थीम 'मित्रता, सेवा, सुरक्षा' की भावना के अनुरूप व्यवहार करने को कहा है. ताकि, श्रद्धालु उत्तराखंड से पॉजिटिव अनुभव लेकर लौटें।  क्यों कहा जाता है बदरीनाथ धाम को भू यानी धरती का बैकुंठ?बता दें कि भगवान विष्णु को समर्पित बदरीनाथ धाम चमोली जिले में अलकनंदा नदी तट पर स्थित है. जो हिंदुओं के प्रमुख और अहम तीर्थ स्थलों में ये एक है. यह मंदिर समुद्र तल से करीब 3,133 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद है. जो देश के चारधाम (बदरीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम) के अलावा यह छोटे चारधाम (उत्तराखंड के चारधाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ) में भी से एक है।  बदरीनाथ धाम को भू बैकुंठ यानी धरती का बैकुंठ भी कहा जाता है. यहां मंदिर परिसर में 15 मूर्तियां हैं. जिनमें सबसे प्रमुख भगवान विष्णु की एक मीटर ऊंची काले पत्थर (शालिग्राम) की प्रतिमा है. बदरीनाथ धाम में भगवान विष्णु ध्यान मग्न मुद्रा में विराजमान हैं. जबकि, भगवान विष्णु के प्रतिमा के बगल में कुबेर जी, लक्ष्मी जी और नारायण जी की मूर्तियां है।  बदरीधाम में बदरी नारायण के 5 स्वरूपों की पूजा-अर्चना होती है. भगवान विष्णु के इन 5 रूपों को 'पंच बदरी' के नाम से भी जाना जाता है. बदरीनाथ के मुख्य मंदिर के अलावा अन्य चार बद्रियों के मंदिर भी चमोली जिले में ही स्थित हैं. बदरीनाथ पांचों मंदिरों में से मुख्य एवं अहम है. इसके अलावा योगध्यान बदरी, भविष्य बदरी, वृद्ध बदरी और आदिबदरी शामिल हैं।  दक्षिण भारत से आते हैं बदरीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी: माना जाता है कि भगवान नारायण यानी विष्णु को समर्पित बदरीनाथ मंदिर को आदि गुरु शंकराचार्य ने चारों धाम (बदरीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम) में से एक के रूप में स्थापित किया था. यह मंदिर 3 भागों में बंटा हुआ है. जिसमें गर्भगृह, दर्शन मंडप और सभामंडप शामिल हैं. शंकराचार्य व्यवस्था के तहत बदरीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी दक्षिण भारत के केरल राज्य से आते हैं। 

BJP का पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान, राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले – पिछली बार कम सीटें मिलीं, जुड़ाव बना रहा

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में शिरोमणि अकाली दल (SAD) व भारतीय जनता पार्टी (BJP) में गठबंधन की अटकलों पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने विराम लगा दिया। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि पंजाब में भाजपा अकेले चुनाव लड़ेगी। नितिन नबीन ने साफ कहा कि भाजपा पंजाब में इस चुनाव में नए स्वरूप में दिखेगी। पार्टी चुनाव मैदान में उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसमें किसी का सहयोग नहीं होगा। उन्होंने कहा- पंजाब का मिजाज हमेशा भाजपा के साथ रहा है और भाजपा पंजाब के मिजाज को समझती है। हमने कभी भी पंजाब के मूल्यों के साथ समझौता नहीं किया। हमें पंजाब में सीटें कम मिलीं, इसके बावजूद पंजाब से भाजपा का जुड़ाव हमेशा बना रहा। नितिन नबीन ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) अपने कृत्यों के कारण हारने वाली है। इसमें कोई दो राय नहीं है। पंजाब में जनाधार स्थापित करना निश्चित तौर पर हमारे लिए चुनौती रही है। हमने जनसंघ के समय से पंजाब में निरंतर काम किया और लोगों के साथ हमारा सीधा जुड़ाव है। पंजाब में अकेले विधानसभा चुनाव लड़ेगी BJP- अमित शाह भारतीय जनता पार्टी 2027 में अपनी सरकार बनाने जा रही है. मैं पंजाब की माताओं-बहनों और बुजुर्गों से आशीर्वाद मांगने आया हूं. आप हमको आशीर्वाद दीजिए, हमारी ताकत बढ़ाइए. अगर पंजाब को नशे से कोई मुक्त कर सकता है, तो केवल और केवल नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है. पंजाब को नशे से मुक्त करवाना है, तो डबल इंजन की भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाना है. भारतीय जनता पार्टी पंजाब में सरकार बनाने के लिए जी जान लगा देगी।  सुखबीर सिंह बादल बोले- हर पार्टी को फैसला लेना का हक वहीं भारतीय जनता पार्टी के आगामी विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने के ऐलान के साथ ही पंजाब में सियासत गरमा गई है. शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा, 'मोस्ट वेलकम है. हर पार्टी को अपना फैसला लेने का हक है. हमारे लिए पंजाब पहले है और पंजाब के लोग पहले हैं। 

लुधियाना के स्कूलों में फिर बम की धमकी, पुलिस ने ईमेल के बाद अलर्ट जारी किया

लुधियाना लुधियाना के स्कूलों को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल जारी हुआ है। फिलहाल चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इनमें स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, पौदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, बीआरएस नगर का डीएवी पब्लिक स्कूल शामिल है। धमकी भरा ई-मेल जारी होने के बाद स्कूलों ने अभिभावकों के ग्रुपस में जानकारी शेयर की और पुलिस प्रशासन को भी सूचित कर दिया। स्प्रिंग डेल स्कूल ने तो बच्चों की छुट्टी कर दी। फिलहाल स्कूल में पुलिस की ओर से चैकिंग चल रही है। इससे पहले 10 मार्च को भी लुधियाना के कुछ स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिससे हड़कंप मच गया था। सुबह करीब 7 बजे ई-मेल के जरिए सीबीएसई से संबंधित 3 स्कूलों को धमकी भरा संदेश मिला था, जिसमें स्कूल परिसर में बम होने की बात कही गई थी। धमकी भरा मेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंच गईं थी और स्कूल परिसरों की गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया था। सुबह 9.15 पर मिली धमकी भरी ईमेल स्कूल के प्रिंसिपल अनिल शर्मा ने बताया कि सुबह करीब 9:15 बजे स्कूल को एक ईमेल के जरिए धमकी मिली। ईमेल में स्कूल को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। धमकी मिलते ही स्कूल प्रशासन ने बिना देरी किए सभी विद्यार्थियों के अभिभावकों को सूचित किया और करीब 2500 छात्रों को सुरक्षित घर भेज दिया। स्कूल की चेयरपर्सन अविनाश कौर वालिया ने बताया कि जब ई-मेल मिला, उस समय स्कूल में बच्चे मौजूद थे। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और एहतियात के तौर पर सभी बच्चों को सुरक्षित घर भेज दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9:30 बजे स्कूल प्रबंधन को एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि शहर के कई स्कूलों और रेलवे ट्रैक को निशाना बनाया जा सकता है। ई-मेल में यह भी कहा गया कि ‘ब्लैकआउट’ के कारण 23 और 24 अप्रैल को बड़े धमाके हो सकते हैं। धमकी के बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने रेलवे लाइनों की भी बारीकी से जांच शुरू कर दी है। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। साइबर सेल की मदद से ई-मेल आईडी को ट्रेस किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। पूरे शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और हर जगह निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि यह शरारत है या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा। स्टाफ और अभिभावकों में चिंता का माहौल प्रिंसिपल अनिल शर्मा ने बताया कि स्कूल में इस तरह की धमकी पहली बार मिली है, जिससे स्टाफ और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। स्कूल प्रबंधन ने धमकी भरे ईमेल की आईडी पुलिस को सौंप दी है, जिसके आधार पर आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। मामले की हर एंगल से जांच-पुलिस पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले को गंभीरता से लिया गया है और हर एंगल से जांच की जा रही है। जल्द ही सच्चाई सामने लाने का दावा किया गया है।

मध्यप्रदेश सरकार कैंसर रोगियों को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश सरकार कैंसर रोगियों को राहत दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध : मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव मुख्‍यमंत्री ने विराट हॉस्पिटल के विश्‍वात्‍मा इंस्‍टीट्यूट ऑफ रेडियो थैरेपी एंड ट्रीटमेंट सेंटर का किया वर्चुअली उद्घाटन भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कैंसर जैसी व्याधि व्यक्ति के साथ ही परिवार के लिए कठिनाई का कारण बनती है। मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए कैंसर जैसे गंभीर रोगों से प्रभावितों को राहत दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश सरकार का यह दृष्टिकोण है कि नर सेवा ही नारायण सेवा है, यही श्रेष्ठ मार्ग है। जबलपुर में 100 बिस्तर क्षमता के विश्‍वात्‍मा इंस्‍टीट्यूट ऑफ रेडियो थैरेपी एंड ट्रीटमेंट सेंटर प्रारंभ होने से कैंसर रोगियों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। अब इस क्षेत्र के लोगों को नागपुर जैसे नगरों में इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जबलपुर के विराट हॉस्पिटल के विश्‍वात्‍मा इंस्‍टीट्यूट ऑफ रेडियो थैरेपी एंड ट्रीटमेंट सेंटर का वर्चुअली उद्घाटन कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर 88 लाख रूपए की लागत से निर्मित ब्रम्‍हऋषि बाबरा पहुंच मार्ग का लोकार्पण किया गया। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने विराट हॉस्पिटल की संचालिका परम पूज्‍य साध्‍वी ज्ञानेश्‍वरी दीदी का अभिनंदन किया, जिन्होंने परोपकार के संकल्‍प के साथ इस प्रकल्प को मूर्त रूप दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुभ कार्यों का संकल्‍प अभिव्यक्त और क्रियान्वित होता है तो हृदय अभिभूत हो जाता है और क्षेत्र में मध्‍यान्‍ह के सूर्य की भांति ऐसे कार्यों का तेज प्रकाश दिखाई देता है। उन्‍होंने इस नई सौगात के लिए सभी सहयोगियों को बधाई दी। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विराट हॉस्पिटल परिसर में विद्यालय और गौशाला का संचालन भी किया जा रहा है, जो सराहनीय है। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में बताया गया कि डॉ. अखिलेश गोमास्‍ता ने 14 अप्रैल 2013 को इस विराट हॉस्पिटल को प्रारंभ किया था। आज हॉस्पिटल का नई सुविधाओं के साथ उन्नयन हुआ है। इस अवसर पर राष्‍ट्रीय गौ सेवा प्रकोष्ठ के श्री फैज अहमद खान ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में स्‍वामी राघवदेवाचार्य, महंत विनोदानंद, संत बालकदास जी के साथ अन्‍य पूज्‍य संतवृंद, राज्यसभा सदस्य श्रीमती सुमित्रा बाल्मिक, लोकसभा सदस्य श्री आशीष दुबे, श्री दर्शन सिंह, विधायक श्री नीरज सिंह, जबलपुर के महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्‍नू और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर – सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन बदलते बस्तर की सशक्त पहचान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर – सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खेलों के माध्यम से बस्तर में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज माँ दंतेश्वरी की पावन धरा पर भारत रत्न और क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर के आगमन पर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र छिंदनार ग्राम में सचिन तेंदुलकर का आगमन बदलते हुए बस्तर की सशक्त पहचान है। यह उस नए बस्तर की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो अब भय और असुरक्षा की छाया से निकलकर विकास, अवसर और आत्मविश्वास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पहल बस्तर के युवाओं को नई दिशा देंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सचिन तेंदुलकर द्वारा बच्चों के बीच जाकर समय बिताना, उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करना और उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार करना इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार  होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  कहा कि सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और उनका आगमन यहां के बच्चों एवं युवाओं के लिए प्रेरणा का एक सशक्त स्रोत बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन एवं  माणदेशी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘मैदान कप अभियान’ खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में बच्चों को खेल मैदान और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा भविष्य में भी इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। दंतेवाड़ा के ग्राम छिंदनार में सचिन तेंदुलकर ने रखी खेल क्रांति की नींव सचिन एवं मानदेशी फाउंडेशन के जरिए संवरेगा वनांचल का युवाओं के भविष्य’ स्थानीय खेल प्रतिभाओं के लिए  बुनियादी खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए फाउंडेशन प्रतिबद्ध छात्र जीवन में प्रतिभा के साथ-साथ अनुशासन एवं कड़ी मेहनत सर्वाधिक जरूरी- तेंदुलकर   छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का स्वामी आत्मानंद हिन्दी मिडियम हाई स्कूल छिंदनार गाँव बुधवार को एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना, जहाँ क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने सचिन तेंदुलकर एवं मानदेशी फाउंडेशन द्वारा निर्मित मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मानदेशी फाउंडेशन की फाउंडर चेतना सिन्हा भी सचिन के साथ मौजूद रहीं, जो इस क्षेत्र में बुनियादी विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिलकर कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में तेंदुलकर परिवार की विशेष उपस्थिति रही।   कार्यक्रम की शुरुआत में सचिन, सारा और सोनिया ने विभिन्न खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने न केवल बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित किया, बल्कि स्वयं भी उनके साथ शामिल होकर एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया। कार्यक्रम के दौरान रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे रोचक खेल आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों ने पूरे जोश और उमंग के साथ हिस्सा लिया। इन गतिविधियों से बच्चों में टीम भावना, आत्मविश्वास और खेल भावना का विकास हुआ। साथ ही, सचिन, सारा और सोनिया के सहयोग से बच्चों को प्रोत्साहन मिला और वे नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हुए। उल्लेखनीय है कि छिंदनार के गांव के ही छात्र छात्राएं भूमिका ठाकुर, नियासा मौर्य, निर्मला तरमा, पायल ठाकुर, सीताराम पुनर्म, अमित कुमार द्वारा सचिन तेंदुलकर को खेल गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।    मैदान के उद्घाटन के पश्चात सचिन तेंदुलकर ने देश की युवा प्रतिभाओं को तराशने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए केवल व्यक्तिगत जुनून पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर आधुनिक और सुदृढ़ खेल सुविधाओं का होना अनिवार्य है। इस दौरान सचिन ने खुद को केवल क्रिकेट पिच तक सीमित न रखते हुए वॉलीबॉल और अन्य मैदानी खेलों के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया कि विभिन्न खेलों में भागीदारी करने से खिलाड़ियों की रणनीतिक समझ और मानसिक परिपक्वता बढ़ती है।  फाउंडेशन की इस दूरगामी पहल के तहत क्षेत्र के 50 गाँवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जहाँ क्रिकेट के साथ-साथ फुटबॉल और कबड्डी जैसी विधाओं को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर ने  छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा कि उन्होंने एक अपनी जीवन की शुरुआत मैदान से ही प्रारंभ किया था और आज इन सभी बच्चों को देख कर पुरानी यादें ताजा हो रही है। उन्होंने छात्रों को इंगित करने हुए कहा कि यहां सब ऐसे हीरे उपस्थित है जिन्हें तराशा जाना है क्योंकि हीरे की कीमत उसके पॉलिश करने के उपरांत ही होती है और उन्हें खुशी है कि माणदेशी फाउंडेशन के कोच बच्चों की प्रतिभा को तराशने का काम बखूबी कर रहे हैं उन्हेंने आगे कहा कि जीवन में कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा का संगम ही व्यक्ति को ऊंचाइयों पर ले जाता है अतः सफलता के लिए जरूरी है कि हम शॉर्टकट न अपनाए और उपरोक्त सिद्धांतों पर अमल करें।  इस मौके पर तेंदुलकर ने अपने जीवन में पिता की भूमिका का भी स्मरण किया। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बना कर चले। इसके अलावा तेंदुलकर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के प्रारंभ होने में  उनकी पत्नी अंजली का सर्वाधिक योगदान है। और अब उनकी पुत्री सारा, पुत्र अर्जुन, तथा बहु सानिया भी उसी नक्शे कदम पर चलकर फाउंडेशन कार्य को आगे बढ़ा रही हैं। अंत में उन्होंने कहा कि आज आपके बीच मुझे उपस्थित रहकर आपसे भी ज्यादा खुशी का अहसास हो रहा है इस दौरान बच्चों के द्वारा सचिन तेंदुलकर के आगामी जन्म दिवस  को देखते हुए अग्रिम केक काटा गया। जिसके लिए सचिन तेंदुलकर ने बच्चों को धन्यवाद दिया। ज्ञात हो कि इस दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल ’’जन्म दिवस मुबारक … Read more

पहले चरण में ही 80 फीसदी सीटें जीत रही भाजपा, कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता: सीएम योगी

“योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं” पश्चिम बंगाल में गरजे सीएम योगी- 4 मई को बंगाल में लहराएगा भगवा, शुरू होगी टीएमसी के गुंडों की उल्टी गिनती पहले चरण में ही 80 फीसदी सीटें जीत रही भाजपा, कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से, बंगाल का अस्तित्व मिटाना चाहते हैं बुआ-भतीजा मारे गए भाजपा कार्यकर्ता की मां का दर्द बांटा सीएम योगी ने, कहा- टीएमसी के गुंडों ने सुबोध की हत्या कर उसके जैसे हजारों कार्यकर्ता पैदा कर दिए मुख्यमंत्री की दो टूक- उर्दू वहां जाकर बोलो, जहां उर्दू में शिक्षा दी जाती है, बंगाल की धरती पर बांग्ला बोली जाएगी कोलकाता/नदिया/हावड़ा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ममता बनर्जी को ललकारते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में 4 मई को भगवा लहराएगा। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के गुंडों की उल्टी गिनती शुरू होगी। उन्होंने इशारों में ममता व अभिषेक बनर्जी पर प्रहार करते हुए कहा कि बुआ-भतीजा बंगाल का अस्तित्व मिटाना चाहते हैं। कोलकाता का मेयर कहता है कि यहां ऊर्दू चलेगी। कोई माई का लाल बंगाली अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता। टीएमसी के लोग जान लें कि बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से है। सीएम योगी बुधवार को पश्चिम बंगाल के जोरासांको, चकदहा व उदयनारायणपुर विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। बंगाल में उनका जादू लगातार सिर चढ़कर बोल रहा है। टीएमसी के गुंडों की अराजकता व धमकी के बावजूद हजारों की भीड़ चिलचिलाती धूप में सिर पर गमछा और छाता लिए सीएम योगी को देखने-सुनने के लिए उमड़ पड़ी। जनसभाओं में आए अधिसंख्य लोग हाथ में पोस्टर लिए हुए थे, जिन पर लिखा था- “योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं।”  4 मई को बंगाल में लहराया जाएगा भगवा ध्वज  सीएम योगी ने कहा कि 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होना है। इसमें 80 फीसदी सीटें भाजपा जीतने जा रही हैं। जब 4 मई को परिणाम आएंगे तो बंगाल में भगवा ध्वज लहराया जाएगा। बंगाल फिर से ‘सोनार बांग्ला’ बनकर अपनी पहचान स्थापित करेगा। हमें बंगाल की अस्मिता को बचाना और कठमुल्लापन को बढ़ावा देने वालों को हर हाल में रोकना है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि लोकतंत्र ने आपको जो ताकत दी है, अपने वोट के जरिए उसका सही इस्तेमाल कीजिए। बंगाल अब बदलाव के मुहाने पर खड़ा है। उत्तर प्रदेश की तरह डबल इंजन सरकार बनने पर बंगाल में भी विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया दौर शुरू होगा। ए बार खेला शेष, उन्नयन शुरू (इस बार खेल खत्म, विकास शुरू) सीएम योगी ने कहा कि ममता दीदी कहती है कि खेला होबे, मैं कहता हूं कि ममता दीदी ए बार खेला शेष, उन्नयन शुरू (इस बार खेल खत्म और विकास शुरू)। मोदी जी द्वारा विकास के लिए भेजे गए पैसे में बंगाल सरकार की डकैती बंद होगी। रामनवमी व दुर्गापूजा के कार्यक्रम हर्षोल्लास से होंगे। कोई इसमें बाधा बनेगा तो उसका खेला शुरू हो जाएगा। मतदाताओं की ताकत बंगाल को गुंडागर्दी से निजात दिलाएगी। आमार सोनार बांग्ला, टीएमसी मुक्त बांग्ला बनेगा। अब ऑन्धकार हटबे, सूरोज उठेबे, कोमोल खिलबे (अंधकार हटेगा, सूरज उगेगा, कमल खिलेगा। कश्मीर में जैसे धारा-370 हमेशा के लिए समाप्त की गई,  वैसे ही बंगाल को गुंडागर्दी व माफियागिरी का अड्डा बनाने वाली तृणमूल, कांग्रेस व कम्युनिस्टों का सफाया करना है। गुरुदेव व भारत माता की जगह टीएमसी के गुंडों ने लगाया ममता दीदी का फोटो सीएम योगी ने कहा कि भारत निर्माण में बंगाल की धऱा पर जन्मे महापुरुषों के तप, त्याग, बलिदान व पुरुषार्थ का भी अतुलनीय योगदान रहा। बंगाल ने हर सम-विषम परिस्थितियों में भारत को संबल दिया। साहित्य के लिए पहले भारतीय के रूप में गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की गीतांजलि को नोबल पुरस्कार मिला। गुरुदेव के हैरिटेज परिसर में उनकी व भारत माता की प्रतिमा-फोटो लगनी चाहिए थी, वहां टीएमसी के गुंडों ने जबरन कब्जा कर ममता दीदी का फोटो लगा दिया। यह भारतीयता व बंगाल की अस्मिता का अपमान है। बेरोजगारी के अंधकार में भटक रही ज्ञान की धरा बंगाल सीएम योगी ने कहा, बंगाल की भूमि उर्वर व प्रचुर जल-संसाधनों वाली है। यहां के नौजवान प्रतिभाशाली, किसान मेहनतकश और उद्यमी-व्यापारी परिश्रमी-पुरुषार्थी हैं। कभी पूरा देश रोजगार के लिए बंगाल आता था, लेकिन पहले कांग्रेस ने इसे लूटा, फिर कम्युनिस्टों ने नोचा और 15 वर्ष से टीएमसी के गुंडे बंगाल को कंगाल बनाने के सारे यत्न कर रहे हैं। ज्ञान की धरा बंगाल, बेरोजगारी के अंधकार में भटक रही है। जो बंगाल कभी भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन हुआ करता था, वहां 10 वर्ष में 7000 से बड़े उद्योग, हजारों एमएसएमई यूनिट बंद हो गईं। 30 लाख से अधिक नौजवान बेरोजगार हुए। धान, मछली उत्पादन में गिरावट आई। आलू उत्पादक किसान मूल्य न मिलने से हताश है, फिर भी ममता दीदी के कानों में जू नहीं रेंग रही। टीएमसी सिर्फ टेरर, माफिया राज व करप्शन का पर्याय बन गई है। रामराज्य के नए युग में जी रहे यूपी के नागरिक  सीएम योगी ने बंगाल की दुर्दशा बताते हुए कहा कि यहां धड़ल्ले से गोहत्या हो रही है। भगवान राम के नाम से ममता दीदी को चिढ़ है। वह दुर्गापूजा की अनुमति नहीं देतीं, शोभायात्रा प्रतिबंधित करती हैं। दुर्गापूजा के समय कर्फ्यू लगता है। टीएमसी के गुंडे व्यापारियों से टैक्स वसूलते हैं। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में भी ऐसी ही अराजकता, दंगा, कर्फ्यू व उपद्रव था। टीएमसी की सहयोगी सपा के लोग गुंडा टैक्स वसूलते थे। राम का नाम लेने पर गोली-डंडा चलता था, पर आज यूपी में उपद्रव नहीं हो सकता। अब वहां रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजन आदि का उत्सव होता है। यूपी के लोग रामराज्य के नए युग में जी रहे हैं। नो कर्फ्यू-नो दंगा, यूपी में सब चंगा है। वहां कोई माफिया सिर उठाता है तो बुलडोजर उसकी हड्डी-पसली तोड़कर हाइवे बना देता है, गरीबों के आवास बना देता है। बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले का यमराज के घर जाने का टिकट कट जाता है। गरीब की प्रॉपर्टी पर कब्जा करने वाले के सात जन्मों का हिसाब-किताब एक साथ हो … Read more