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मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने भोपाल में डा. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती महोत्सव की शुरुआत की

भोपाल   डा बाबासहाब आंबेडकर जयंती मैदान तुलसी नगर, भोपाल में 12 अप्रैल से 14 अप्रैल 2026 तक 03 दिवसीय डा. बाबासहाब आंबेडकर जयंती उत्सव समारोह का प्रारंभ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा मोहन यादव के हाथों हुआ। कार्यक्रम को विधायक श्री भगवानदास सबनानी, आरपीआई (आंबेडकर) के राष्ट्रीय महासचिव डा मोहनलाल पाटील, दि बुध्दिस सोसाइटी आफ इंडिया के श्री बी टी गजभीये , समता सैनिक दल के श्री उदभान चवरे तथा जयंती समारोह समिति के अध्यक्ष श्री रामु गजभिये ने संबोधित किया तथा संचालन वामन जंजाले जी ने किया। मंच पर धम्मरतन सोमकुवर, बाबुराव ढोने, चिंतामन पगारे, गौतम पाटील, विजय कुमार, दिलिप मस्के, दिलिप बागडे, दिलिप कडबे उपस्थित थे। जयंती समारोह को सम्बोधित करते हुए डा मोहन यादव जी ने कहा कि डा आंबेडकर ने विश्व में देश का मान बढ़ाया। हम बाबासाहेब के सपनों को साकार कर सभी को न्याय दिला रहे है। सांस्कृतिक कार्यक्रम में महाराष्ट्र के स्थापित गायक देवानंद जगताप एवं गायीका स्वरा तामगाडगे ने डा बाबासहाब आंबेडकर की जीवनी पर गीतों की प्रस्तुति दी।  कार्यक्रम में बढी संख्या मे भोपाल के आंबेडकर अनुयायियों उपस्थिति थे।

बिहार में आज तय होगा सत्ता का मालिक, लोकभवन सजा और तैयारियां पूरी

 पटना बिहार के लिए आज यानि मंगलवार का दिन बड़ा रहने वाला है. प्रदेश के मुखिया नीतीश कुमार इस्तीफा दे सकते हैं और साथ ही नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है. इस कड़ी में एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस) ने राजधानी पटना में विधयक दल की अहम बैठक बुलाई है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ऑब्जर्वर के तौर पर पहुंचेंगे।  14 अप्रैल को शाम 4 बजे पटना के विधानसभा भवन के सेंट्रल हॉल में एनडीए के सभी विधायक एक साथ बैठेंगे. इसे विधायक दल की बैठक कहते हैं. इसी बैठक में तय होगा कि एनडीए का नेता कौन होगा यानी बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा. जिस नेता को सबसे ज्यादा समर्थन मिलेगा उनके नाम पर सहमति बनेगी।  शपथ ग्रहण कब और कहां होगा? 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे पटना के लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा. लोकभवन बिहार सरकार का एक बड़ा सरकारी भवन है जहां ऐसे बड़े कार्यक्रम होते हैं. वहां तैयारियां जोरों पर हैं और काम को आखिरी रूप दिया जा रहा है।  सम्राट चौधरी का नाम क्यों आया? सूत्रों के मुताबिक लोकभवन के अधिकारियों ने डिप्टी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों की जानकारी दी. इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वो इस पूरी प्रक्रिया में एक अहम भूमिका में हैं।  नए मुख्यमंत्री का नाम अभी क्यों तय नहीं? यह सवाल सबके मन में है. एनडीए के गठबंधन में कई पार्टियां हैं और सभी की अपनी-अपनी पसंद होती है. इसीलिए पहले विधायक दल की बैठक होती है जहां सभी मिलकर एक नाम पर सहमति बनाते हैं. उसके बाद ही मुख्यमंत्री का चेहरा सामने आता है. कल की बैठक के बाद यह रहस्य खुल जाएगा।   

दिसम्बर 2026 तक फेस रिकग्निशन से होगा राशन वितरण, बोले खाद्य मंत्री राजपूत

दिसम्बर 2026 तक होगा फेस रिकग्निशन के माध्यम से राशन वितरण : खाद्य मंत्री राजपूत भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि पात्र परिवारों को उचित मूल्य दुकानों से फेस रिकग्निशन के माध्यम से राशन वितरण की योजना है। इसे दिसम्बर, 2026 तक प्रदेश में लागू किया जाएगा। मंत्री राजपूत ने बताया है कि माह मार्च, 2026 में 1 करोड़ 24 लाख 34 हजार परिवारों को 2 लाख 72 हजार मीट्रिक टन खा‌द्यान्न का वितरण किया जा चुका है। शेष रहे परिवारों को 15 अप्रैल तक राशन का वितरण किया जाएगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सम्मिलित पात्र परिवारों को बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर राशन का वितरण नियमित रूप से किया जा रहा है। परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा उचित मूल्य दुकानों पर जाकर पीओएस मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन कर राशन वितरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वृद्ध/दिव्यांगजन के बायोमेट्रिक सत्यापन विफल होने पर ऐसे हितग्राहियों को उनके आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर OTP भेजकर राशन का वितरण किया जाता है। शारीरिक रूप से अक्षम हितग्राही जो उचित मूल्य दुकान पर जाकर राशन प्राप्त नहीं कर सकते हैं, ऐसे लगभग 44 हजार 671 परिवार नामिनी के माध्यम से राशन लेने के लिये नामित किये गये हैं। पात्र परिवार द्वारा वन नेशन वन राशनकार्ड के तहत देश/प्रदेश की किसी भी उचित मूल्य दुकान से राशन प्राप्त किया जा सकता है। मध्यप्रदेश के 36 हजार 486 परिवारों द्वारा अन्य राज्यों में तथा अन्य राज्यों के 7,252 परिवारों द्वारा मध्यप्रदेश में प्रति माह राशन प्राप्त किया गया है। अंतर जिला पोर्टेबिलिटी के तहत 18 लाख 55 हजार 554 परिवारों द्वारा अन्य जिले/अन्य दुकान से राशन प्राप्त किया गया है। इस प्रकार उचित मूल्य दुकान से संलग्न पात्र परिवारों को अपनी दुकान से राशन लेने की बाध्यता न होकर अपनी पसंद एवं नज़दीक की दुकान से राशन लेने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सभी पात्र परिवारों को सुविधाजनक तरीके से राशन वितरण किया जा रहा है।  

पेट्रोलियम पदार्थों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित, बोले खाद्य मंत्री राजपूत

पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध : खाद्य मंत्री राजपूत 2904 स्थानों पर हुई जाँच, 4369 गैस सिलेण्डर किये गये जब्त भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्त संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिये निरंतर कार्यवाही की जा रही है, अभी तक 2904 स्थानों पर जांच की गई, 4369 एलपीजी सिलेण्डर जब्त किये गए तथा 11 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रदेश के 751 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है। इसमें 1 प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रदेश के समस्त जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को सतत् रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध है। भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भण्डार है, देश एवं प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं, जिससे पेट्रोलियम पदार्थों की निरंतर सप्लाई हो सके एवं सप्लाई में कोई रुकावट न आए। मध्यप्रदेश और पूरे देश में एलपीजी (LPG) पेट्रोल, डीजल, पीएनजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। खाद्य मंत्री राजपूत ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित 70% सीमा के अधीन संस्थाओं एवं प्रतिष्ठानों को तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार सप्लाई निरंतर जारी रखने के निर्देश दिये हैं। यह भी ध्यान रखा जाये कि सड़क पर कारोबार कर रहे छोटे व्यवसायी (स्ट्रीट वेण्डर) को भी उक्त अनुसार कमर्शियल सिलेण्डर प्रदाय किये जायें। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय (Extended Hours) तक काम कर रहे हैं। प्रदेश के जिलों में स्थित बॉटलिंग प्लांट तथा वितरकों के पास उपलब्धता एवं प्रदाय की सतत् रूप से समीक्षा की जा रही है। साथ ही माइग्रेन्ट लेबर, छात्रों आदि के लिए खाना पकाने के लिये 05kg के सिलेण्डेर ऑयल कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आम जनता से अपील की गई है कि वह वैकल्पिक साधनों, जैसे इंडक्शतन,सोलर कुकर, बायो गैस, गोबर धन तथा स्वससहायता समूहों द्वारा उत्पादित गो-काष्ठ का उपयोग करें। वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग को उनके यहां रजिस्‍टर्ड 44 कम्‍प्रेस्‍ड बायोगैस (सीबीजी) प्रोजेक्‍ट को चालू करने के निर्देश दिये गये हैं। इसी प्रकार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 44 जिलों में 136 बायोगैस प्‍लांट संचालित होना बताया गया है। इन बायोगैस प्‍लांटों को क्रियाशील करने के निर्देश भी दिये गये हैं। रसोई गैस की स्थिति रसोई गैस का प्रदेश के बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के विरूद्ध एलपीजी सिलेण्डर का प्रदाय निरंतर रूप से किया जा रहा है। साथ ही कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को शासन द्वारा तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार आवंटन प्रतिशत के आधार पर कमर्शियल गैस सिलेण्डरों की सप्लाई सतत् रूप से की जा रही है। घरेलू एवं कॉमर्शियल की सप्लाई में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। घरेलू एवं कॉमर्शियल सिलेण्डर की सप्लाई एवं वितरण सामान्य है। पीएनजी गैस सीजीडी संस्थाओं तथा ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ प्रतिदिन समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी द्वारा विशेष अभियान चलाकर जिन घरों में पाईपलाईन की अधोसंरचना उपलब्ध है, एवं सप्लाई प्राप्तज नहीं कर रहे है, ऐसे 1.5 लाख घरों को आगामी 03 माह में पीएनजी से कनेक्ट करने के लिये निर्देशित किया गया। इस हेतु सभी सीजीडी संस्था एवं शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कैम्प लगायें, जिसमें जिला प्रशासन, खाद्य विभाग नगर निगम/नगर पालिका के अधिकारी, ऑयल कंपनी और सीजीडी संस्थाओं के जिला अधिका‍री उपस्थित रहें। ऐसे सभी घरों एवं व्यवसाईयों की सूची सीजीडी संस्था को उपलब्ध कराई जाये। अपर मुख्य सचिव द्वारा निर्देशित किया गया कि जिन स्थानों पर पूर्व से पीएनजी की पाइप लाईन है, सर्वप्रथम उन्हें प्राथमिकता से कनेक्शन दिए जाएं। साथ ही नई पाइन लाईन डालकर कनेक्श‍न का कार्य भी साथ-साथ किया जाए। सीजीडी संस्थाओं द्वारा अवगत कराया गया कि उन्होंने जिला कलेक्टर्स के माध्यम से आवश्यक मैन पॉवर प्राप्त करने की कार्यवाही कर ली है तथा आगामी माहों में लक्ष्य् के अनुसार नये पीएनजी कनेक्शनन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। भारत सरकार के निर्देशनुसार जिन स्थानों से पीएनजी की पाइन लाईन गई है, उसके आस पास के घरेलू एवं कमर्शियल उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन प्राप्त कर लें क्योंकि पीएनजी कनेक्शन प्राप्त न करने की स्थिति में आगामी 03 माह में एलपीजी की सप्लाई बंद की जा सकती है। समस्त सीजीडी संस्थाओं द्वारा प्रतिदिन किये जा रहे आवेदन एवं उसके विरूद्ध दिये जा रहे पीएनजी कनेक्शरन की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। राज्य शासन द्वारा पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के लिए सीजीडी संस्थाओं को उनके आवेदन किये जाने के 24 घंटे के अंदर पाइपलाइन बिछाने की ROU स्वी्कृतियां जारी की जा रही हैं। अभी तक प्राप्त सभी स्वीकृतियां जारी की जा चुकी है तथा कोई भी आवेदन शेष नहीं है। गृह विभाग के अधीन आने वाले संस्थाओं/सुधार ग़ृ़हों के साथ-साथ पुलिस, सीएपीएफ, डिफेंस इस्टेब्लिशमेंट, ऑफिसर्स कॉलोनी, सामान्यं प्रशासन पूल के घरों, पुलिस मुख्यालय, पुलिस कॉलोनी, आदि में जहां से आस-पास पाईपलाईन बिछी हुई है, उनको प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी कनेक्शेन प्रदाय करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में जहां आस-पास पाईपलाईन गई है, उन क्षेत्रों की औद्योगिक इकाईयों की पहचान की जाकर पीएनजी पर शिफ्ट करने के निर्देश सीजीडी संस्थाओं को दिये गये हैं।  

सहारा इंडिया की 75 लंबित शिकायतें, 4 साल बाद CID करेगी खुलासा

भोपाल   4 साल बाद जागी उम्मीद की किरण, अब CID खोलेगी दबी हुई फाइलों के राज। अपनी गाढ़ी कमाई के लिए दर-दर भटक रहे लाखों परिवारों को मिली बड़ी राहत। बरसों का इंतज़ार, आंखों में आंसू और अपनी ही मेहनत की कमाई को वापस पाने की जद्दोजहद… सहारा इंडिया में पैसा निवेश करने वाले लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों की यह कहानी अब एक नया मोड़ लेने वाली है। पुलिस मुख्यालय में पिछले चार सालों से धूल फांक रही शिकायतों की फाइलें अब फिर से खुल गई हैं। क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने इस महा-घोटाले की कमान अपने हाथों में ले ली है।। ​​सहारा इंडिया का यह संकट सिर्फ कागजों पर दर्ज आंकड़ा नहीं है, बल्कि लाखों लोगों के सपनों के टूटने की दास्तां है।     ​फंसा हुआ पैसा: ₹6,689 करोड़ (मध्य प्रदेश के 9.66 लाख निवेशकों का)।     ​अब तक वापसी: ऊंट के मुंह में जीरे के समान, केवल ₹355 करोड़।     ​बड़ा गैप: 9.66 लाख निवेशकों में से केवल 1.55 लाख के आवेदन ही अब तक प्रक्रिया में आ पाए हैं। ​2. CID का 'एक्शन प्लान' और रिफंड की नई उम्मीद ​CID की शुरुआती जांच में टीकमगढ़, विदिशा, अशोकनगर, गुना, सागर और मैहर जैसे जिलों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी सामने आई है।     ​पोर्टल से जुड़ाव: CID अब उन निवेशकों की पहचान कर रही है जिन्होंने अभी तक 'सहारा रिफंड पोर्टल' पर आवेदन नहीं किया है।     ​घर-घर दस्तक: विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी पीड़ित छूट न जाए, ताकि रिफंड की प्रक्रिया को गति दी जा सके। ​3. EOW की रडार पर 'जमीन का खेल' ​सहारा समूह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) सहारा की 312 एकड़ जमीन के संदिग्ध सौदों की पड़ताल कर रहा है। आरोप है कि पैसे को सेबी-सहारा के संयुक्त खाते में जमा करने के बजाय अन्य कंपनियों में 'डायवर्ट' कर दिया गया। ​4. अन्य चिटफंड कंपनियां भी निशाने पर ​केवल सहारा ही नहीं, बल्कि केएमजे, परिवार डेयरी और सक्षम जैसी अन्य चिटफंड कंपनियां भी अब जांच के घेरे में हैं। इन कंपनियों ने भी दोगुना मुनाफा और रियल एस्टेट का झांसा देकर लोगों को करोड़ों का चूना लगाया है। पुलिस की चेतावनी:  ​ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पैसा लौटाने की प्रक्रिया भले ही जारी हो, लेकिन एमपी में अब भी 90% निवेशक खाली हाथ हैं। CID की यह सक्रियता उन बुजुर्गों और परिवारों के लिए एक नई उम्मीद है जिन्होंने अपनी बेटियों की शादी या बुढ़ापे के सहारे के लिए पाई-पाई जोड़कर सहारा में जमा की थी।

गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में वन विहार बनेगा अंतर्राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र

वन विहार हो रहा है गिद्ध संरक्षण के अंतर्राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित अंतर्राष्ट्रीय समन्वय से घायल गिद्ध को मिली नई उड़ान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पर्यावरण, वन एवं वन्य-जीव संरक्षण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बना हुआ है। वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। गिद्ध संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में लगभग 2 वर्ष आयु की एक मादा सिनेरेयस गिद्ध (एजिपीयस मोनाकस) को रायसेन जिले के हलाली डैम क्षेत्र में उसके प्राकृतिक आवास में सफलतापूर्वक छोड़ा गया। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान एवं जू स्थित वल्चर कंजर्वेशन ब्रीडिंग सेंटर (वीसीबीसी) आज वैज्ञानिक गिद्ध संरक्षण का एक उत्कृष्ट केंद्र बनकर उभरा है, जहाँ रेस्क्यू, पुनर्वास, टैगिंग, पुनर्स्थापन और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी का समन्वित मॉडल विकसित किया गया है। गिद्ध 22 जनवरी 2026 को शाजापुर जिले के सुसनेर रेंज के ग्राम परसूलिया से घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया था। वन विहार में विशेषज्ञों द्वारा क्वारंटाइन केंद्र में इसका उपचार किया गया तथा 9 फरवरी 2026 को इसे वीसीबीसी में स्थानांतरित कर वैज्ञानिक पद्धति से पुनर्वास किया गया। वीसीबीसी में गिद्ध पर व्यापक वैज्ञानिक प्रोटोकॉल्स के साथ उपचार किया गया, जिसमें मेटल रिंग एवं माइक्रोचिप द्वारा पहचान, क्लिनिकल, व्यवहारिक एवं मॉर्फोमेट्रिक परीक्षण, उन्नत हेमेटोलॉजिकल एवं बायोकेमिकल जांच तथा निरंतर पशु-चिकित्सकीय निगरानी शामिल रही। पैर की चोट से घायल यह गिद्ध पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद ‘फिट फॉर रिलीज’ घोषित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में नव एवं वन्य-जीव संरक्षण में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया जाने की नीति के अंतर्गत 25 मार्च 2026 को इस गिद्ध पर जीपीएस–जीएसएम टेलीमेट्री डिवाइस लगाया गया, जिससे इसकी रीयल-टाइम निगरानी संभव हो सकी। यह कार्य डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया एवं बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (बीएनएचएस) के सहयोग से किया गया। रिहाई के बाद निगरानी में पाया गया कि यह गिद्ध राजस्थान होते हुए अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार कर 6 अप्रैल 2026 तक पाकिस्तान पहुँच गया। सिग्नल 7 अप्रैल को प्राप्त नहीं हुए तो डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया ने तत्परता दिखाते हुए डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूएफ-पाकिस्तान से संपर्क स्थापित किया। पाकिस्तान वन विभाग एवं डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूएफ-पाकिस्तान के सहयोग से इस गिद्ध को खानेवाल जिले में स्थानीय निवासियों से सुरक्षित बरामद किया गया। गिद्ध 7 अप्रैल 2026 को खानेवाल और मुल्तान क्षेत्रों में आए भीषण ओलावृष्टि तूफान के कारण उड़ान भरने में असमर्थ हो गई और जमीन पर पाई गई। वन्यजीव अधिकारियों ने इसे रेस्क्यू कर प्राथमिक उपचार दिया गया। डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूएफ-पाकिस्तान की देखरेख में इसे स्थानीय वल्चर कैप्टिव ब्रीडिंग सेंटर में स्थानांतरित किया गया। गिद्ध को हल्की चोटें आई थीं और अब वह स्वस्थ हो रहा है। वन विहार, डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के माध्यम से डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूएफ-पाकिस्तान के साथ लगातार संपर्क में है और गिद्ध के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। पूर्ण स्वस्थ होने के बाद इसे पुनः प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। यह घटना प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, वैज्ञानिक निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की महत्ता को रेखांकित करती है। वन विभाग के वीसीबीसी ने वर्ष 2025 में भी एक घायल यूरेशियन ग्रिफॉन गिद्ध को उपचार, टैगिंग के बाद स्वस्थ बनाकर 29 मार्च 2025 को हलाली डैम में छोड़ा था। यह गिद्ध 4300 किलोमीटर से अधिक की यात्रा कर कजाकिस्तान तक पहुँचा और बाद में भारत लौट आया। इस अध्ययन से प्रवासी मार्गों एवं संरक्षण चुनौतियों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 23 फरवरी 2026 को चार लॉन्ग-बिल्ड गिद्ध एवं एक सिनेरेयस गिद्ध सहित कुल पाँच गिद्धों का सफल पुनर्वास, टैगिंग और पुनर्स्थापन किया गया। इस पहल से वन विहार गिद्ध संरक्षण के अंतर्राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है। यहाँ विज्ञान, पशु-चिकित्सकीय विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक का समन्वित उपयोग किया जा रहा है।  

एमपी के दो सांसद विधानसभा चुनाव में शामिल, अगर जीतते हैं तो राज्यसभा की 4 सीटों पर चुनाव होगा

भोपाल  प्रदेश की सियासत में इन दिनों सबकी नजरें दक्षिण भारत के चुनावी नतीजों पर टिकी हैं। इसकी वजह यह है कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा के दो सांसद जॉर्ज कुरियन और डॉ. एल मुरुगन केरल और तमिलनाडु से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।  खाली होने वाली सीटों का गणित वर्तमान में मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें आधिकारिक तौर पर खाली होना तय मानी जा रही हैं। इनमें दिग्विजय सिंह, डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल शामिल है, जो 9 अप्रैल को समाप्त हो चुका है। हालांकि, पेंच चौथी सीट पर फंसा है। वर्तमान में केंद्रीय मंत्री डॉ. एल मुरुगन का राज्यसभा कार्यकाल अभी 4 साल (अप्रैल 2030 तक) बाकी है। नियम के अनुसार यदि वे तमिलनाडु से विधानसभा चुनाव जीत जाते हैं, तो उन्हें राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा। ऐसी स्थिति में मध्य प्रदेश की चौथी राज्यसभा सीट भी खाली हो जाएगी और उस पर उपचुनाव की नौबत आएगी। मप्र के नेताओं के लिए खुल सकते हैं 'टीम मोदी' के द्वार 4 मई को आने वाले चुनावी नतीजे न केवल इन दोनों नेताओं का भविष्य तय करेंगे, बल्कि मध्य प्रदेश भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं के लिए भी नए अवसर खोल सकते हैं। चर्चा है कि यदि केंद्रीय मंत्रिमंडल से इन दो चेहरों की विदाई होती है, तो मोदी कैबिनेट में मध्य प्रदेश के किसी नए चेहरे को जगह मिल सकती है। कई वरिष्ठ नेता और प्रदेश के कुछ दिग्गज नाम पहले से ही दिल्ली की दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं। राज्यसभा की सीटों का सियासी समीकरण भी समझिए सुमेर की जगह आदिवासी नेता की तलाश एमपी में होने वाले राज्यसभा के चुनाव में उम्मीदवारों के नामों पर मंथन चल रहा है। सुमेर सिंह सोलंकी की जगह आदिवासी नेता की खोजबीन चल रही है। पिछले बार राज्यसभा चुनाव के पहले राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष हर्ष चौहान का नाम तय हो गया था लेकिन, उन्होंने बीमारी के कारण राज्यसभा जाने से इनकार कर दिया था। उस समय पूर्व मंत्री रंजना बघेल का नाम भी चर्चा में आया था। फिर पार्टी ने डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी का नाम राज्यसभा के लिए तय किया था। इस बार पार्टी में अंदरूनी तौर पर आदिवासी नेताओं के नामों पर मंथन चल रहा है। संघ की ओर से कुछ नामों पर चर्चा हुई है। कुरियन जीते तो मेनन जा सकते हैं राज्यसभा बीजेपी के एक सीनियर लीड़र बताते हैं कि बीजेपी के पास जो दो सीटें हैं उनमें से एक पर जॉर्ज कुरियन सांसद हैं। वे केरल से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। अगर कुरियन जीत जाते हैं तो एमपी से बीजेपी के पूर्व प्रदेश संगठन महामंत्री अरविंद मेनन को भी राज्यसभा भेजा जा सकता है। मेनन भी केरल के रहने वाले हैं। दिग्विजय वाली सीट पर उम्मीदवार उतारेगी बीजेपी     एमपी में कांग्रेस के कब्जे वाली राज्यसभा सीट से दिग्विजय सिंह सांसद हैं। वे राज्यसभा जाने से इनकार कर चुके हैं।     इसके बाद कांग्रेस में एक दर्जन नेता दावेदार हैं। इस सीट को जीतने के लिए 58 विधायकों की जरूरत है।     विधानसभा में आंकड़ों के हिसाब से बीजेपी के 164, कांग्रेस के 65 और एक भारत आदिवासी पार्टी के विधायक हैं।     बीना विधायक निर्मला सप्रे दलबदल के भंवर में झूल रहीं हैं।     दतिया विधायक राजेंद्र भारती को सजा सुनाए जाने के बाद उनकी सीट रिक्त घोषित हो चुकी है।     विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा को आपराधिक मामले छिपाने के मामले में मतदान से वंचित रहना होगा।     कांग्रेस के पास वर्तमान में 62 विधायक बचे हैं।     यदि चार-पांच विधायक इधर से उधर हुए तो कांग्रेस की राज्यसभा सीट खतरे में पड़ सकती है।

210 किमी लंबे एक्सप्रेसवे से बदलेगा सफर, दिल्ली से देहरादून अब ढाई घंटे में

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। 210 किलोमीटर इस ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के उद्घाटन और जनसभा के चलते रविवार शाम 6 बजे से 14 अप्रैल शाम 4 बजे तक सहारनपुर पुलिस ने ट्रैफिक प्लान लागू किया है। इसके तहत दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड रूट पर डायवर्जन प्रभावी रहेगा। वाहनों के मार्ग पूरी तरह बदले गए वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए देहरादून आने-जाने वाले वाहनों के मार्ग पूरी तरह बदले गए हैं। एसएसपी अभिनंदन सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को सख्ती से डायवर्जन प्लान लागू कराने और यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यात्रा से पहले डायवर्जन प्लान की जानकारी लेकर ही निकलें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। देहरादून से दिल्ली का रूट प्लान बदला इसी तरह देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे और गणेशपुर में सड़क मरम्मत के कारण ट्रैफिक पुलिस ने देहरादून से दिल्ली का रूट प्लान बदल दिया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को 12 अप्रैल से यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ऐसे में अगर आप दिल्ली, सहारनपुर या रुड़की की तरफ सफर करने वाले हैं तो घर से निकलने से पहले नया ट्रैफिक प्लान जरूर देख लें। एसपी ट्रैफिक लोकजीत सिंह ने लोगों से अपील की कि वे यात्रा के लिए निर्धारित डायवर्ट रूटों का ही इस्तेमाल करें। भारी वाहनों को भी इन्हीं वैकल्पिक मार्गों से गुजरना होगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, ड्रोन उड़ाने पर भी रोक वहीं, पीएम मोदी के आगमन की तैयारियों पर रविवार शाम पुलिस लाइन में एडीजी वी मुरुगेशन, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप और एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने दून पुलिस की ब्रीफिंग की। कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास के पूरे इलाके में ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। खेकड़ा-अक्षरधाम हाईवे पर नहीं चलेंगे बाइक-ऑटो दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड सेक्शन पर अक्षरधाम मंदिर से आगे गीता कॉलोनी से बागपत के खेकड़ा के बीच अब लोग बाइक या दोपहिया वाहनों पर यात्रा नहीं कर पाएंगे। एनएचआई ने इस हिस्से में दोपहिया वाहन चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऑटो, ट्रैक्टर और गैर मोटर चालित वाहनों को भी इस दायरे में लाया गया है। इसे लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 12 हजार करोड़ की लागत से हुआ तैयार गौरतलब है कि 210 किलोमीटर लंबा यह दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है। इस एक्सप्रेसवे में 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे बड़ा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर भी शामिल है। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून तक का सफर 5 घंटे से घटकर लगभग ढाई घंटे में पूरा हो सकेगा। यह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड के देहरादून समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों को नई कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

3.40% पर पहुंची महंगाई: जेब पर असर, लोन की EMI बढ़ने के संकेत

नई दिल्ली. भारत में महंगाई एक बार फिर हल्की बढ़त के साथ चर्चा में है, क्योंकि मार्च 2026 में खुदरा महंगाई दर 3.21% से बढ़कर 3.40% पहुंच गई है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से खाने-पीने की चीजों और ऊर्जा कीमतों में उछाल की वजह से हुई है, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का बड़ा असर माना जा रहा है। हालांकि यह आंकड़ा अभी भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) के 4% के लक्ष्य से नीचे है, लेकिन बढ़ती कीमतों का दबाव धीरे-धीरे साफ दिखने लगा है। खासकर फूड इंफ्लेशन 3.87% तक पहुंच गया है, जो आम लोगों के बजट पर सीधा असर डाल सकता है। सब्जियां, तेल और रोजमर्रा के खर्च महंगे हो रहे हैं। ऊर्जा की बात करें तो कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने ट्रांसपोर्ट, गैस और यहां तक कि रेस्टोरेंट के खर्च तक को प्रभावित किया है, जिससे महंगाई का असर और बढ़ गया है। यही वजह है कि RBI (Reserve Bank of India) ने हाल ही में ब्याज दरों को 5.25% पर स्थिर रखा है, ताकि हालात पर नजर रखते हुए जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लिया जाए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो अप्रैल में महंगाई 4% के आसपास या उससे ऊपर भी जा सकती है। भले ही अभी स्थिति नियंत्रण में दिख रही हो, लेकिन ग्लोबल तनाव और तेल कीमतों के कारण आने वाले महीनों में महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। इसका असर आम आदमी की जेब से लेकर देश की आर्थिक ग्रोथ तक पर पड़ सकता है, इसलिए आने वाला समय काफी अहम रहने वाला है। भारत में बढ़ती महंगाई का सीधा असर आम लोगों की डेली की जिंदगी पर पड़ता है। जब खुदरा महंगाई बढ़कर 3.40% होती है, तो सबसे पहले खाने-पीने की चीजें (सब्जी, तेल, दूध और राशन) महंगी हो जाती हैं। इससे मिडिल क्लास और लोअर इनकम परिवारों का मासिक बजट बिगड़ता है और बचत कम हो जाती है। दूसरा बड़ा असर ईंधन और ट्रांसपोर्ट पर पड़ता है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर महंगे हो सकते हैं, जिससे यात्रा खर्च और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें और बढ़ जाती हैं। इसका असर स्कूल फीस, किराया, और यहां तक कि बाहर खाने-पीने तक पर दिखाई देता है। तीसरा असर लोगों की खरीदारी क्षमता (Purchasing Power) पर पड़ता है। जब महंगाई बढ़ती है, तो सैलरी उतनी तेजी से नहीं बढ़ती, जिससे लोग गैर-जरूरी खर्च कम करने लगते हैं। जैसे नई कार, मोबाइल या लग्जरी चीजें खरीदने से बचते हैं। इसके अलावा अगर महंगाई लगातार बढ़ती रही तो RBI (Reserve Bank of India) ब्याज दरें बढ़ा सकता है, जिससे लोन (होम लोन, कार लोन) महंगे हो जाएंगे और EMI का बोझ बढ़ेगा। महंगाई का असर हर व्यक्ति की जेब पर पड़ता है।

युगांडा के आर्मी चीफ ने तुर्की से दुल्हन मांगी, पहले मेलोनी को दिया था शादी का ऑफर

कंपाला युगांडा के सेना प्रमुख मुहूजी कैनेरुगाबा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. उन्होंने तुर्की से एक अरब डॉलर की मांग की है, साथ ही कहा कि देश की 'सबसे खूबसूरत महिला' दुल्हन के रूप में उनको दी जाए. और अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो युगांडा उनके साथ सारे संबंध तोड़ लेगा. हालांकि, उन्होंने बाद में इन ट्वीट्स को हटा लिया. फिलहाल ये भी साफ नहीं है कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा।  बता दें कि आर्मी चीफ कैनेरुगाबा युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के बेटे हैं. यह पहली बार नहीं है जब कैनेरुगाबा ने बेतुकी बयानबाजी की हो।  अक्टूबर 2022 में, उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी संग शादी की पेशकश की थी. बदले में 100 अंकोले गायों (लंबे सींग वाली ब्रीड) की पेशकश की. उनको कैनेरुगाबा ने 'धरती पर सबसे खूबसूरत गायें' बताया था. तब मेलोनी इटली की पीएम नहीं बनी थीं।  कैनेरुगाबा ने तब ट्विटर पर अपने फॉलोअर्स से पूछा था कि मेलोनी से शादी करने के लिए उनको कितनी गाय देनी चाहिए. उन्होंने आगे लिखा था कि हमारे कल्चर में किसी जिस लड़की को आप पसंद करते हैं, उसे आप एक गाय देते हैं।  हालांकि, इस प्रस्ताव के तुरंत बाद एक धमकी दी गई. कैनेरुगाबा ने कहा, 'अगर रोमन हमारी गायों को अस्वीकार करते हैं, तो इसका मतलब है कि हमें रोम पर कब्जा करना होगा. इसमें हमें कई दिन लग जाएंगे।  राजनयिक संबंधों के लिए खतरा युगांडा के सेना प्रमुख ने चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर राजनयिक संबंध टूट सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि युगांडा 30 दिनों के भीतर कंपाला में तुर्की के दूतावास को बंद कर सकता है , और कहा कि तुर्की की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस मामले को सोशल मीडिया की बयानबाजी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, यह संकेत देते हुए कि स्थिति एक औपचारिक राजनयिक मुद्दे में बदल सकती है। विवादास्पद व्यक्तिगत टिप्पणी की आलोचना हुई वित्तीय मांग के अलावा, कैनेरुगाबा ने एक बेहद आलोचनात्मक व्यक्तिगत टिप्पणी भी की, जिसमें उन्होंने तुर्की से देश की "सबसे खूबसूरत महिला" को जीवनसाथी के रूप में उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इस बयान को अनुचित और असंवेदनशील बताते हुए इसकी कड़ी निंदा हुई है, जिससे विवाद और भी बढ़ गया है। यात्रा संबंधी सलाह और कड़े बयान कैनेरुगाबा ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए युगांडा के नागरिकों को तुर्की की यात्रा से बचने की सलाह दी। उन्होंने तुर्की पर युगांडा के प्रति अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया और द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट की चेतावनी दी। व्यापक भूराजनीतिक संदर्भ युगांडा लगभग दो दशकों से सोमालिया में अपनी महत्वपूर्ण सैन्य उपस्थिति बनाए हुए है और अल-शबाब जैसे चरमपंथी समूहों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में योगदान दे रहा है। वहीं, तुर्की ने मोगादिशु में परियोजनाओं सहित इस क्षेत्र में अपनी आर्थिक और अवसंरचनात्मक उपस्थिति का विस्तार किया है । विवादास्पद बयानों का पैटर्न यह पहली बार नहीं है जब कैनेरुगाबा अपने असामान्य बयानों के कारण सुर्खियों में आए हैं। उनके पिछले सार्वजनिक बयानों ने भी बहस छेड़ दी है और उनके राजनयिक निहितार्थों को लेकर चिंताएं पैदा की हैं। आर्मी चीफ बेटा करे गलती, राष्ट्रपति पिता मांगे माफी उनके बयान की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हुई. फिर कैनेरुगाबा के पिता और युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी को अपने बेटे की टिप्पणियों के लिए माफी मांगनी पड़ी।  मुहूजी, जिन्हें उनके पिता के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता है, ने 2022 में सार्वजनिक रूप से केन्या पर आक्रमण करने की धमकी भी दी थी. उन्होंने कहा था, 'मुझे और मेरी सेना को नैरोबी पर कब्जा करने में दो हफ्ते से ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।  इस धमकी के चलते उनके पिता ने उन्हें आर्मी चीफ के पद से अस्थायी रूप से बर्खास्त कर दिया था. साथ ही केन्या से औपचारिक माफी मांगी थी।