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RE-2 पर निगम की कार्रवाई के दौरान हंगामा, पथराव के बाद पुलिस का लाठीचार्ज; 2 घायल, 2 हिरासत में

इंदौर  इंदौर में इस समय विकास कार्यों की तेजी और प्रशासनिक चुनौतियों की दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं. एक तरफ जहां शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हुई है. आरई-2 प्रोजेक्ट की तीन साल से अटकी कनेक्टिविटी को पूरा करने के लिए प्रशासन और नगर निगम ने बड़ा अभियान शुरू किया है. बंगाली चौराहे से पिपलियाना के बीच सड़क निर्माण में बाधा बन रही तीन बस्तियों- पिपलियाना-शेरकांकड़, शिवनगर और शिव दर्शन नगर में बुलडोजर की कार्रवाई जारी है. इस दौरान स्थानीय लोगों ने प्रशानस पथराव किया. इसका वीडियो भी सामने आया है. पथराव को देखते हुए पुलिस ने लाठी चार्ज किया।  टीम जेसीबी, पोकलेन और पुलिस बल के साथ बिचौली कांकड़, शिव नगर और शिव दर्शन नगर पहुंची। कार्रवाई का कुछ लोगों ने विरोध किया। इसके बाद रिमूवल टीम और पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस ने प्लास्टिक पाइप से लोगों को खदेड़कर स्थिति नियंत्रित की। पथराव में दो लोगों को चोटें आईं, जिन्हें अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। पिपलियाना-शेरकांकड़ में 70 से ज्यादा, शिवनगर में 115 और शिव दर्शन नगर में 72 आवासों को चिन्हित किया गया है.  लगभग 300 परिवारों के मकानों और अन्य अवैध निर्माणों को हटाकर सड़क के एक किलोमीटर हिस्से को खाली कराया जा रहा है. मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और नगर निगम का अमला तैनात है. इसके बावजूद लोगों ने विरोध और पथराव किया. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया. माहौल शांत होते ही तुरंत ही काम किया जाएगा।  4.25 किमी लंबी सड़क, 3.20 किमी काम पूरा एसडीएम घनश्याम धनगर के अनुसार, RE-2 की कुल लंबाई 4.25 किमी और चौड़ाई 45 मीटर है। इसमें 3.20 किमी सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। करीब एक किलोमीटर हिस्सा तीन साल से अधूरा है। प्रोजेक्ट पर करीब 55 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। सड़क के रास्ते में कुल सात बस्तियां बाधक हैं। 325 परिवारों का हो चुका व्यवस्थापन पिपलियाहाना-बिचौली कांकड़ क्षेत्र में 325 परिवारों का पहले ही व्यवस्थापन किया जा चुका है। इनमें 303 परिवार आवासीय प्रकोष्ठों में रह रहे हैं। कोर्ट के स्थगन आदेश के कारण 22 मकान नहीं हटाए गए थे। कोर्ट के निर्णय के बाद इन परिवारों को आवास आवंटित कर 15 दिन का नोटिस दिया गया है। वहीं, 22 मकानों के अलावा बने 58 अवैध कच्चे झोपड़े हटाए जा चुके हैं। शांति नगर, पंचमुखी हनुमान मंदिर नायता रोड, स्कंदधाम कॉलोनी और आरटीओ के पास की बस्ती के परिवारों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना के नीलगिरि परिसर में शिफ्ट किया जा चुका है। अब शिव नगर और शिव दर्शन नगर की बारी शिव नगर में 80 मकानों में 117 परिवार और शिव दर्शन नगर में 55 मकानों में 72 परिवार रह रहे हैं। इनका भी नीलगिरि परिसर में व्यवस्थापन किया जाना है। निगम के अनुसार, बाधाएं हटने के बाद RE-2 के बचे हिस्से का निर्माण शुरू कराया जाएगा। सड़क पूरी होने से भूरी टेकरी, पीपल्याहाना, बंगाली और नायता मुंडला आरटीओ क्षेत्र को वैकल्पिक कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे आवागमन आसान होने के साथ मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। स्वच्छता पर हड़ताल की मार दूसरी ओर, देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की पहचान पर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से असर पड़ा है. अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर वाल्मीकि समाज और सफाईकर्मी काम बंद हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था ठप हो गई है।  जगह-जगह लगे कचरे के ढेर नेहरू नगर सहित कई रेजिडेंशियल और कमर्शियल एरिया की सड़कों पर कचरे के अंबार लग गए हैं. कचरा गाड़ियां न आने और डोर-टू-डोर कलेक्शन रुकने से गलियों में बदबू फैल रही है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन अब वैकल्पिक व्यवस्था कर शहर को वापस साफ सुथरा बनाने और हड़तालियों से बातचीत कर समाधान निकालने के प्रयास में जुटा है। 

MP के युवाओं के लिए बड़ा ऐलान, साल में दो बार PSC परीक्षा; CM मोहन यादव ने 20 हजार युवाओं से किया संवाद

भोपाल  मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने भोपाल के लाल परेड मैदान में युवाओं से संवाद किया है। 20000 युवाओं से संवाद के लिए सीएम यूथ कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था। इस दौरान युवाओं के बीच मशहूर सिंगर जुबिन नौटियाल ने अपनी प्रस्तुति दी है। जुबिन ने कहा कि हमें युवाओं से मिलने का मौका मिला है। वहीं, सीएम मोहन यादव ने कहा कि अब मध्य प्रदेश में दो बार पीएससी की परीक्षाएं होंगी। चलते-चलते युवाओं को संबोधित किया सीएम मोहन यादव का यूथ कॉन्क्लेव में बिल्कुल अलग अंदाज देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि मंच पर चलते-चलते युवाओं को संबोधित किया। संबोधन के दौरान क्रिकेट मैच का जिक्र किया है। साथ ही कहा कि हमने युवाओं के जरिए क्रिकेट मैच में पाकिस्तान को पटखनी दी है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सबसे युवा प्रदेश है। साथ ही यहां बेरोजगारी दर भी सबसे कम है। हमारे राज्य में सारे असंभव काम पूरे हो रहे मोहन यादव ने कहा कि हमारे यहां सारे असंभव काम हो रहे हैं। अब मध्य प्रदेश इंडस्ट्री लगाने वाले प्रदेश बन गया है। नए मेडिकल कॉलेज खोल रहे हैं। हमारे राज्य में अलग-अलग सरकारी पदों पर 85000 लोगों को नौकरियां मिली हैं। हम युवाओं को अपने बीच में पाकर यह पाते हैं कि अब सही समय है। अगले साल से दो बार होगी पीएससी युवाओं के लिए सीएम मोहन यादव ने एक बड़ी घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा है कि अभी तक प्रदेश में एमपीपीएससी की परीक्षा एक बार होती थी लेकिन अब साल में दो बार होगी। उन्होंने कहा कि युवा मित्रों के लिए हम दो पीएससी की परीक्षा करवाने वाले हैं। 12 यूनिवर्सिटी खोलेंगे सीएम मोहन यादव ने कहा कि हम प्रदेश में नए 12 यूनिवर्सिटी खोलेंगे। हम लोग लगातार प्रदेश के आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे। मोहन यादव ने कहा कि हम अगले साल युवा वर्ष के रूप में मनाएंगे। मोहन यादव ने बच्चों के बीच गमछा भी लहराया है। वर्ष 2027 युवा वर्ष में शासकीय कॉलेज में अनुसंधान करने वालों का 25000 की स्कॉलरशिप प्रतिमाह मिलेगी । हमारी सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग की व्यवस्था कर रही है। सभी शासकीय महाविद्यालयों में भी यह व्यवस्था होगी। मोहन यादव, सीएम एआई रोडमैप को लेकर सवाल एक छात्रा ने सीएम मोहन यादव से एआई रोडमैप को लेकर सवाल किया है। मोहन यादव ने कहा कि एआई सिटी और नॉलेज एमपी में बन रही है। सरकार अपनी तरफ से स्टार्टअप के लिए पांच-पांच लाख रुपए का अनुदान दे रही है। इंदौर, रीवा और उज्जैन में हम आईटी पार्क बना रहे हैं। देश का सबसे बड़ा टेलीकॉम हब हम ग्वालियर में बनाने जा रहे हैं। वहीं, सीएम खेल को बढ़ावे की बात भी कही है। उन्होंने कहा कि भोपाल में सबसे बड़ा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बन रहा है। हम हर विधानसभा क्षेत्र में स्टेडियम बना रहे हैं। हम स्पोर्ट्स को और आगे बढ़ाएंगे।

UP में BJP के 8 राज्यसभा उम्मीदवारों का नामांकन, CM योगी रहे मौजूद; जीत का दावा

राज्यसभा चुनाव मुख्यमंत्री योगी की उपस्थिति में भाजपा प्रत्याशियों ने किया नामांकन  भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से उतारे हैं आठ प्रत्याशी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सान्निध्य में राज्यसभा चुनाव के लिए मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के सभी आठों प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। नामांकन के आखिरी दिन भाजपा प्रत्याशी धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, रामप्रताप सिंह चौहान, श्रुति गंगवार ने विधान भवन में नामांकन दिया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं।  पर्चा दाखिला के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री/भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, योगी सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, राकेश सचान, आशीष पटेल, डॉ. संजय निषाद, कपिलदेव अग्रवाल, जेपीएस राठौर, दिनेश प्रताप सिंह, गिरीश चंद्र यादव, ब्रजेश सिंह, सतीश चंद्र शर्मा, रजनी तिवारी, बलदेव सिंह औलख आदि मौजूद रहे। बीजेपी के 8 और सपा के 2 प्रत्याशी की जीत पक्की इससे पहले समाजवादी पार्टी के दो प्रत्याशी प्रोफेसर रामगोपाल यादव और उद्योगपति धनंजय परिमल नाथवानी नामांकन दाखिल कर चुके हैं। सपा के पास तीसरी सीट के लिए जरूरी संख्या नहीं थी। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारने का संकेत देते हुए कहा था कि अब उनकी निगाह तीन पर नहीं, बल्कि 403 पर है। ऐसे में राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। सभी नए चेहरों को बनाया प्रत्याशी आपको बता दें भाजपा ने किसी भी मौजूदा राज्यसभा सांसद को रिपीट नहीं किया गया है। भाजपा ने मंत्री धर्मपाल सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल, पूर्व सांसद विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत, प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान और झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार को प्रत्याशी बनाया है। राधाकांत ओझा सपा सरकार में मंत्री रहे प्रतापगढ़ निवासी शिवाकांत ओझा के छोटे भाई हैं। पार्टी ने ओबीसी वर्ग से तीन, दलित से दो, ब्राह्मण दो और एक ठाकुर चेहरे पर दांव लगाया है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यसभा के सभी आठों प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर कहा कि घोषित हुए सभी सम्मानित प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई। वहीं डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी बधाई दी।

विश्व कप जीत के बाद हरमनप्रीत का बड़ा फैसला, कप्तानी से लिया संन्यास; बतौर खिलाड़ी जारी रहेगा सफर

नई दिल्ली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप विजेता कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने मंगलवार को भारतीय टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का एलान किया। हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन अब वह बतौर खिलाड़ी आगे बढ़ना चाहती हैं। हरमनप्रीत ने अपने संदेश में लिखा, 'आज मैं भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ रही हूं। यह आसान फैसला नहीं है। इसमें वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल जुड़े हैं, जो जिंदगी भर मेरे साथ रहेंगे। कप्तानी में हरमनप्रीत का लंबा सफर 37 वर्षीय हरमनप्रीत ने पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत की कप्तानी की है। कप्तान के रूप में उनका आखिरी काम पिछले महीने निशिन में भारतीय टीम को लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक दिलाना रहा। फैसले से एक दिन पहले हुई अहम बैठक हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने का फैसला उस बैठक के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने भारतीय टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार के साथ बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया से मुलाकात की थी। गुवाहाटी में हुई इस बैठक में भारतीय महिला टीम के आगे के रोडमैप को लेकर चर्चा हुई थी। टीम के लिए खुद की महत्वाकांक्षाएं पीछे रखीं हरमनप्रीत ने कहा कि उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट और टीम के लिए अपना सब कुछ दिया। कई मौकों पर उन्होंने अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, विकास और निजी महत्वाकांक्षाओं को भी टीम के हित में पीछे रखा। उन्होंने लिखा, 'मैंने इस टीम और भारतीय महिला क्रिकेट को अपना खून, पसीना और समय दिया है। कई बार अपने खेल और निजी महत्वाकांक्षाओं का एक हिस्सा भी पीछे रखा, क्योंकि मेरा मानना था कि टीम सबसे पहले है।' कप्तान के तौर पर लिए गए फैसलों को लेकर होने वाली आलोचनाओं का भी उन्होंने जिक्र किया। हरमनप्रीत ने कहा कि कई फैसले मुश्किल थे और हमेशा समझे नहीं गए, लेकिन उनका एक ही उद्देश्य था—टीम को बेहतर बनाना और दूसरी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देना। हार से लेकर विश्व कप जीत तक सब देखा हरमनप्रीत ने भारतीय टीम के साथ अपने सफर के उतार-चढ़ाव को याद किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने निराशा, दिल टूटने, आलोचना और मुश्किल दौर देखे, लेकिन इसके साथ जीत, जश्न और देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व भी महसूस किया। उन्होंने लिखा, 'मैंने सबसे बुरे दौर, दिल टूटने, आलोचना और संदेह देखे हैं। मैंने सबसे ऊंचे पल भी देखे हैं, जीत, जश्न और देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व।' विश्व कप जीत के बाद कप्तानी छोड़ने का उनका फैसला इसलिए भी खास है क्योंकि वह अब टीम को सही दिशा में मान रही हैं। 'मैंने अपनी ड्यूटी पूरी कर दी' हरमनप्रीत ने कहा कि वह कप्तानी छोड़ते समय भावुक हैं, लेकिन उनके मन में शांति है। उन्हें भरोसा है कि भारतीय टीम के पास प्रतिभा, चरित्र और भविष्य के लिए मजबूत आधार मौजूद है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि मैंने अपनी ड्यूटी पूरी कर दी है। मैंने इस टीम को अपना सब कुछ दिया। मैंने इस जिम्मेदारी को गर्व के साथ निभाया और भारतीय महिला क्रिकेट की अगुआई करने के विशेषाधिकार के लिए हमेशा आभारी रहूंगी।' कप्तानी खत्म, सफर जारी हरमनप्रीत ने साफ किया कि कप्तानी छोड़ने का मतलब क्रिकेट से दूरी बनाना नहीं है। उन्होंने कहा कि अब वह खेल को एक अलग नजरिए से जीना चाहती हैं। उनका संदेश था, 'कप्तानी आज खत्म हो रही है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी खत्म नहीं होगा। अब मैं फिर से खेल के प्यार के लिए खेलने को तैयार हूं।' उन्होंने अपने साथियों, कोचिंग स्टाफ, प्रबंधन, बीसीसीआई, परिवार और प्रशंसकों का भी धन्यवाद किया। अपने संदेश का अंत उन्होंने इन शब्दों से किया- 'खून। पसीना। त्याग। गर्व। मैंने अपना सब कुछ दे दिया। अब सफर जारी है।'

AAP में टिकट की रेस तेज! बठिंडा में 7 दावेदारों ने बढ़ाया जनसंपर्क, 2027 चुनाव पर नजर

बठिंडा बठिंडा में आम आदमी पार्टी के मौड़ हलके में विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना के पार्टी से निष्कासन के बाद अब सियासी हलचल तेज हो गई है। MLA की जगह संगठन में खाली हुई राजनीतिक स्पेस को भरने के लिए पार्टी के भीतर कई चेहरे सक्रिय हो गए हैं।  इसके साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव की टिकट के लिए भी अभी से जमीन तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। मौड़ में फिलहाल करीब सात नेताओं के नाम राजनीतिक गलियारों में चर्चा में हैं। खास बात यह है कि इन नेताओं ने केवल पार्टी संगठन तक अपनी गतिविधियां सीमित नहीं रखी हैं, बल्कि वर्करों से व्यक्तिगत संपर्क, गांवों में बैठकें और डोर-टू-डोर संपर्क भी बढ़ा दिया है। यानी मुकाबला सिर्फ हलका इंचार्ज बनने का नहीं, बल्कि 2027 में पार्टी का चेहरा बनने की तैयारी का भी दिखाई दे रहा है। मौड़ में AAP की कमान पाने की दौड़…     किसी की नजर दिल्ली पर, कोई मान से करीबियां बढ़ा रहा: मौड़ में दावेदारों के बीच असली मुकाबला स्थानीय संगठन के साथ-साथ ऊपर तक पहुंच बनाने का भी है। पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कुछ नेता दिल्ली में बैठे पार्टी नेताओं से संपर्क साध रहे हैं, जबकि कुछ की कोशिश मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ अपने राजनीतिक संबंध मजबूत करने की है। ऐसे में आने वाले दिनों में हलका इंचार्ज की नियुक्ति पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन का संकेत भी दे सकती है।     राजनीतिक जगह को लेकर अंदरखाने मुकाबला शुरू: मौड़ में अभी तस्वीर साफ नहीं है, लेकिन सात चेहरों की बढ़ती सक्रियता ने साफ कर दिया है कि माइसरखाना के बाद खाली हुई राजनीतिक जगह को लेकर अंदरखाने मुकाबला शुरू हो चुका है। हलका इंचार्ज का फैसला पार्टी के लिए महज संगठनात्मक नियुक्ति नहीं होगा।     टिकट की दौड़ के समीकरण भी काफी हद तक प्रभावित: इससे 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए मौड़ में पार्टी के संभावित चेहरे और टिकट की दौड़ के समीकरण भी काफी हद तक प्रभावित हो सकते हैं। अब नजर पार्टी हाईकमान के फैसले पर है कि वह पुराने संगठनात्मक चेहरे पर भरोसा जताता है, सरकार के करीब माने जाने वाले चेहरे को आगे करता है या स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले नेता को जिम्मेदारी सौंपता है।     जीदा के पास संगठन और सरकार दोनों का अनुभव: दावेदारों में एडवोकेट नवदीप सिंह जीदा का नाम सबसे प्रमुखता से चर्चा में है। वह बठिंडा लोकसभा हलके के इंचार्ज हैं और पंजाब शुगरफेड के चेयरमैन भी हैं। पार्टी के पुराने कार्यकर्ता होने के कारण संगठन में उनकी पहचान नई नहीं है। संगठनात्मक जिम्मेदारी और सरकार से जुड़े पद पर रहने का अनुभव उनकी दावेदारी का मजबूत पक्ष माना जा रहा है।     डॉ. राजू ढड्डे: शुरुआत से AAP के साथ: डॉ. राजू ढड्डे भी मौड़ की राजनीति में मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। वह आम आदमी पार्टी के शुरुआती दौर से जुड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ उनके करीबी संबंधों की भी पार्टी हलके में चर्चा रहती है। ऐसे में उनकी दावेदारी का आधार पुराना संगठनात्मक जुड़ाव और शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच दोनों को माना जा रहा है।     महिला विंग की नेता ने भी बढ़ाई सक्रियता: महिला विंग की पंजाब वाइस प्रधान रूपिंदर कौर गिल भी इस दौड़ में सक्रिय हैं। लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़ी होने के कारण संगठन में उनका अपना आधार है। महिला कार्यकर्ताओं और महिला वोटरों के बीच सक्रियता को देखते हुए वह भी हलका इंचार्ज की दौड़ में महत्वपूर्ण चेहरा बनकर उभर रही हैं।     सिपी भाकर ने बदली राजनीतिक पारी: सिपी भाकर की राजनीतिक पृष्ठभूमि अलग है। वह पहले कांग्रेस में रह चुके हैं और लोकसभा चुनाव 2024 से पहले आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। AAP में आने के बाद अब उन्होंने मौड़ में अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। वर्करों से संपर्क और क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाकर वह भी अपनी जगह बनाने में जुटे हैं।     बूटा सिंह संदोहा के पास ग्रामीण संगठन का आधार: बूटा सिंह संदोहा लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं। वह जिला परिषद के सदस्य हैं और नशे के खिलाफ काम करने वाली टीम से भी जुड़े रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में उनकी सक्रियता और लंबे समय से पार्टी संगठन में रहने का अनुभव उनकी दावेदारी का आधार है।     हिम्मत सिंह के साथ परिवार की भी राजनीतिक मौजूदगी: मौड़ हलके के कोऑर्डिनेटर हिम्मत सिंह कुत्तीवाल भी मैदान में हैं। उनकी पत्नी रानी कौर जिला परिषद सदस्य हैं। यानी हलके में राजनीतिक सक्रियता के साथ परिवार की भी स्थानीय स्तर पर मौजूदगी है। यही वजह है कि उनका नाम भी संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है।     माइसरखाना से रंजीत सिंह मठाड़ू की दावेदारी: रंजीत सिंह मठाड़ू गांव माइसरखाना के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी मौजूदा सरपंच हैं। माइसरखाना क्षेत्र से स्थानीय पकड़ और पंचायत स्तर पर राजनीतिक संपर्कों के चलते उन्होंने भी अपनी सक्रियता बढ़ाई है।

गांवों की संस्कृति और प्रकृति को मिलेगी नई पहचान, छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ ‘चेन्दरू’ पुरस्कार

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देगा ‘चेन्दरू’ पुरस्कार, उत्कृष्ट योगदान पर मिलेगा एक लाख रुपये का सम्मान गांवों की संस्कृति, प्रकृति और परंपराओं को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय लोगों के लिए खुलेंगे रोजगार और समृद्धि के नए द्वार-पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल सतत ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे, स्थानीय संस्कृति एवं प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी को मिलेगा प्रोत्साहन राज्योत्सव में होगा विजेता का सम्मान, उपलब्धियों पर आधारित सचित्र स्मारिका भी होगी जारी रायपुर  छत्तीसगढ़ के गांवों की समृद्ध संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय जीवनशैली को देश-दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। पर्यटन विभाग ने ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट और प्रभावी कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ की शुरुआत की है। इसके लिए राज्य शासन द्वारा ‘चेन्दरू, राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार नियम, 2025’ लागू किए गए हैं, जो पूरे छत्तीसगढ़ में प्रभावी होंगे। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के अंतर्गत ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को एक लाख रुपये की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार का उद्देश्य केवल उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि ग्रामीण पर्यटन को स्थानीय रोजगार, आजीविका, सांस्कृतिक संरक्षण और सतत विकास का प्रभावी माध्यम बनाना भी है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गांव हमारी संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति की जीवंत विरासत हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि पर्यटन का लाभ केवल प्रमुख पर्यटन स्थलों तक सीमित न रहे, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचे। ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से स्थानीय युवाओं, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए आजीविका तथा स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ उन लोगों और संस्थाओं को पहचान देने का प्रयास है, जो जमीनी स्तर पर पर्यटन के माध्यम से अपने गांव और क्षेत्र की तस्वीर बदल रहे हैं। होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, लोककला, लोकसंस्कृति, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर और समुदाय आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित कर छत्तीसगढ़ देश में ग्रामीण पर्यटन का एक विशिष्ट मॉडल बन सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण पर्यटन में यह क्षमता है कि पर्यटक किसी स्थान को केवल देखें नहीं, बल्कि वहां की संस्कृति, परंपरा, खान-पान और जीवनशैली को करीब से अनुभव करें। इससे पर्यटन से होने वाली आय सीधे स्थानीय समुदाय तक पहुंच सकती है। ‘चेन्दरू’ नाम से छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय मंच पुरस्कार का नाम ‘चेन्दरू’ छत्तीसगढ़ की उस विशिष्ट पहचान को सामने लाता है, जिसने कभी बस्तर और यहां के सहज प्राकृतिक जीवन को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। अब इसी नाम से स्थापित राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार छत्तीसगढ़ के गांवों में पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले जमीनी नायकों और संस्थाओं को सम्मान और पहचान प्रदान करेगा। एक लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र से होगा सम्मान पुरस्कार के अंतर्गत चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को प्रतिवर्ष एक लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। नियमों के अनुसार किसी व्यक्ति को यह सम्मान जीवनकाल में केवल एक बार प्रदान किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक नवाचारी और प्रभावशाली प्रयासों को सामने लाकर राज्य में ग्रामीण पर्यटन की नई प्रेरक कहानियां तैयार करना है। छह सदस्यीय जूरी करेगी उत्कृष्ट कार्यों का मूल्यांकन पुरस्कार के लिए प्राप्त प्रविष्टियों के मूल्यांकन हेतु छह सदस्यीय निर्णायक मंडल का प्रावधान किया गया है। जूरी की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक करेंगे। इसमें पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और अधिकारियों की सहभागिता रहेगी। निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए कार्य, उसके प्रभाव, स्थानीय समुदाय की भागीदारी, रोजगार सृजन तथा संस्कृति एवं प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण जैसे पहलुओं को महत्व दिया जाएगा। समाचार पत्रों के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी प्रविष्टियां ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर प्रविष्टियां आमंत्रित की जाएंगी। आवेदकों को अपनी प्रोफाइल, फोटोग्राफ, छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड तथा ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए कार्यों और उपलब्धियों से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे। राज्योत्सव में मिलेगा सम्मान, देश के सामने आएंगी सफलता की कहानियां चयनित विजेता अथवा संस्था के प्रतिनिधि को राज्योत्सव के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर विजेता के कार्यों, नवाचारों और उपलब्धियों को रेखांकित करती सचित्र स्मारिका भी जारी की जाएगी। इससे ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों को व्यापक पहचान मिलेगी और अन्य गांवों तथा समुदायों को भी पर्यटन आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। होमस्टे और सामुदायिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन की संभावनाएं राज्य की विविध भौगोलिक और सांस्कृतिक विशेषताओं से जुड़ी हुई हैं। बस्तर और सरगुजा की जनजातीय संस्कृति से लेकर ग्रामीण अंचलों के पारंपरिक व्यंजन, लोककला, हस्तशिल्प, मेले, पर्व, प्राकृतिक स्थल और स्थानीय जीवनशैली पर्यटकों को विशिष्ट अनुभव प्रदान करते हैं। ऐसे में होमस्टे और समुदाय आधारित पर्यटन मॉडल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ पर्यटकों को छत्तीसगढ़ की वास्तविक सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।  ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से पर्यटन गतिविधियों का विकेंद्रीकरण होगा और इसका आर्थिक लाभ गांवों तक पहुंचेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही पारंपरिक कला, शिल्प, खान-पान, लोकसंस्कृति और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलेगा। ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास ग्रामीण पर्यटन को केवल पर्यटन गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों की आर्थिक-सामाजिक सशक्तता, सांस्कृतिक संरक्षण और सतत विकास के प्रभावी माध्यम के रूप में स्थापित करना है।

नाइजीरिया में मिलिट्री प्लेन क्रैश, 32 लोगों की गई जान; हवा में टूटा कंट्रोल रूम से संपर्क

अबुजा नाइजीरिया में एक बड़ा विमान हादसा हुआ है. यहां नाइजीरियाई वायुसेना का एक विमान देश के दक्षिण-पश्चिमी ओंडो राज्य में धड़धड़ाता हुआ क्रैश हो गया. हादसे में विमान में सवार सभी 32 लोगों की मौत तय मानी जा रही है. इनमें 25 यात्री और 7 क्रू सदस्य शामिल थे और इनमें से किसी के भी जिंदा बचने की उम्मीद नहीं है. नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टिनुबू ने हादसे की पुष्टि करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।  जानकारी के मुताबिक नाइजीरियाई वायुसेना का ATR-42 विमान बेनिन सिटी से लागोस के लिए नियमित मिशन पर उड़ान भर रहा था, जब ये हादसा हुआ. उड़ान के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल का विमान से संपर्क टूट गया. इसके कुछ ही समय बाद विमान ओंडो राज्य के इग्बोकोडा इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसे के बाद विमान का मलबा एक कोस्टल एरिया के पास मिला. इसके बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और रेस्क्यू मिशन चलाया गया. बचावकर्मियों ने नावों की मदद से आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया।  कैसे क्रैश हुआ मिलिट्री एयरक्राफ्ट? नाइजीरिया के विमानन मंत्री फेस्टस कीयामो ने बताया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने सोमवार सुबह करीब 8:13 GMT पर विमान से संपर्क खो दिया था. बाद में विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी सामने आई. अधिकारियों के मुताबिक विमान एक नियमित उड़ान पर था और इसे किसी विशेष आपात स्थिति के लिए नहीं भेजा गया था. सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में भी नदी के किनारे लोगों की भीड़ और बचावकर्मियों को तलाशी करते देखा गया. स्थानीय लोगों ने भी हादसे के बारे में जानकारी दी. दुर्घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर रहने वाली 39 वर्षीय दायो अकिन्टे ने बताया कि उन्होंने तेज आवाज सुनी थी. उन्हें शुरुआत में लगा कि यह बादलों की गरज जैसी आवाज है. बाद में उन्हें विमान दुर्घटना की जानकारी मिली।  राष्ट्रपति टिनबू ने जताया दुख राष्ट्रपति टिनुबू ने इस घटना को देश और सशस्त्र बलों के लिए बेहद दुखद बताया. उन्होंने नाइजीरियाई वायुसेना को हादसे की पूरी जांच तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया है, ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय किए जा सकें. यह नाइजीरिया में हाल के वर्षों के सबसे गंभीर विमान हादसों में से एक है. इससे पहले मई 2021 में सेना के शीर्ष अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल इब्राहिम अत्ताहिरू समेत 11 लोगों की विमान दुर्घटना में मौत हुई थी. अगस्त 2015 में भी एक सैन्य विमान हादसे में सात लोगों की जान गई थी। 

बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे पर CM भगवंत मान सख्त, कहा- न्याय दिलाने के लिए करेंगे कानूनी कार्रवाई

 चंडीगढ़  बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे को लेकर गठित चार सदस्यीय कमेटी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की। कमेटी में गुरदीप सिंह बठिंडा, एडवोकेट जसपाल सिंह मंझपुर, पाल सिंह फ्रांस और बलविंदर पाल सिंह शामिल हैं। मुलाकात के दौरान कमेटी के सदस्यों ने बंदी सिंहों की रिहाई से जुड़े मुद्दे पर मुख्यमंत्री के समक्ष अपने विचार और मांगें रखीं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उन्होंने कमेटी के सदस्यों की बात और उनकी अपील को गंभीरता से सुना है। उन्होंने कमेटी को भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार बंदी सिखों की रिहाई के मामले का जल्द से जल्द उचित और कानूनी समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। 'जो काम पिछली सरकारों ने नहीं किया, हम करेंगे' बंदी सिंहों की रिहाई पर CM भगवंत मान ने दिलाया न्याय का भरोसा मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे पर गठित चार सदस्यीय कमेटी से मुलाकात की। उन्होंने कमेटीपंजाब सरकार कानूनी समाधान हेतु प्रतिबद्ध, जल्द कार्रवाई का भरोसादी सिंहों की रिहाई के मुद्दे को लेकर गठित चार सदस्यीय कमेटी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की। कमेटी में गुरदीप सिंह बठिंडा, एडवोकेट जसपाल सिंह मंझपुर, पाल सिंह फ्रांस और बलविंदर पाल सिंह शामिल हैं। मुलाकात के दौरान कमेटी के सदस्यों ने बंदी सिंहों की रिहाई से जुड़े मुद्दे पर मुख्यमंत्री के समक्ष अपने विचार और मांगें रखीं।  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उन्होंने कमेटी के सदस्यों की बात और उनकी अपील को गंभीरता से सुना है। उन्होंने कमेटी को भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार बंदी सिखों की रिहाई के मामले का जल्द से जल्द उचित और कानूनी समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जायज और कानूनी कदमों को पिछली सरकारों की ओर से कई वर्षों से नहीं उठाया गया, उन्हें उनकी सरकार प्राथमिकता के आधार पर उठाएगी। सरकार का प्रयास रहेगा कि इस मामले को आगे बढ़ाकर जल्द समाधान तक पहुंचाया जा सके।मान ने कहा कि पंजाब सरकार हमेशा न्याय के साथ खड़ी रही है और बंदी सिखों के मामले में भी सरकार कानून के दायरे में रहते हुए जरूरी कदम उठाएगी।  उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात की जानकारी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से भी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील है और कमेटी के साथ हुई बातचीत को आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कमेटी की ओर से बंदी सिखों की रिहाई के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के साथ हुई इस बैठक को इस मुद्दे पर आगे की प्रक्रिया के लिहाज से अहम माना जा रहा है। जो पुरानी सरकार ने नहीं किया वो हम करेंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जायज और कानूनी कदमों को पिछली सरकारों की ओर से कई वर्षों से नहीं उठाया गया, उन्हें उनकी सरकार प्राथमिकता के आधार पर उठाएगी। सरकार का प्रयास रहेगा कि इस मामले को आगे बढ़ाकर जल्द समाधान तक पहुंचाया जा सके। दिलाया न्याय का भरोसा मान ने कहा कि पंजाब सरकार हमेशा न्याय के साथ खड़ी रही है और बंदी सिखों के मामले में भी सरकार कानून के दायरे में रहते हुए जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस बैठक को माना जा रहा अहम मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात की जानकारी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से भी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील है और कमेटी के साथ हुई बातचीत को आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कमेटी की ओर से बंदी सिखों की रिहाई के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के साथ हुई इस बैठक को इस मुद्दे पर आगे की प्रक्रिया के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

बलौदाबाजार में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने हाथों में उठाई झाड़ू

सेवा संकल्प अभियान स्वच्छता एक आदत है जो धीरे-धीरे संस्कार बनेगी – मंत्री टंक राम वर्मा  बलौदाबाजार में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने हाथों में उठाई झाड़ू षष्ठी मंदिर परिसर में चला विशेष स्वच्छता अभियान ​रायपुर        प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के ऐतिहासिक 25 वर्ष पूर्ण होने के सुअवसर पर जारी 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत जिले भर में विविध जनसेवा कार्यक्रमों की धूम है। इसी कड़ी में 'सेवा मेरा योगदान' कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को राज्य के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा की अगुवाई में बलौदाबाजार स्थित ऐतिहासिक षष्ठी मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया।      ​अभियान के दौरान राजस्व मंत्री वर्मा, प्रशासनिक अधिकारियों एवं जन प्रतिनिधियों ने स्वयं हाथों में झाड़ू थामकर सड़कों पर बिखरे कचरे को साफ किया और उसे डस्टबिन में एकत्रित किया।             मंत्री वर्मा के इस प्रतीकात्मक पहल ने आमजनों को स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने और सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा रखने का एक सशक्त संदेश दिया। ​स्वच्छता एक आदत है जो धीरे-धीरे संस्कार बनती है।           राजस्व मंत्री वर्मा ने ​उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 सफल वर्षों के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जा रहा है। स्वच्छता केवल एक दिवस का कार्य नहीं, बल्कि एक आदत है जो धीरे-धीरे हमारे व्यवहार का हिस्सा बनती है। हर्ष का विषय है कि आज इस अभियान के माध्यम से जन-जन में स्वच्छता के प्रति अभूतपूर्व जागरूकता देखने को मिल रही है।         ​स्वच्छता के इस महाअभियान में कलेक्टर , भारत स्काउट एवं गाइड के राज्य उपाध्यक्ष, नगर पालिका उपाध्यक्ष सहित विभिन्न वार्डों के पार्षदगण एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल होकर अपना श्रमदान दिया।

SIR को लेकर CM मोहन यादव का बड़ा संदेश, बोले- अफवाहों पर न दें ध्यान, आधिकारिक जानकारी पर करें भरोसा

 भोपाल  मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह पर ध्यान न दें। फार्म छह, घोषणा सहित पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित है। सही जानकारी के लिए केवल निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया पर ही विश्वास करें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मतदाता सूची को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम की स्थिति को लेकर एक्स पर पोस्ट कर यह बात कही। साथ ही 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी युवाओं से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने की अपील की। निर्धारित प्रक्रिया पर विश्वास करें सीएम   मोहन यादव ने कहा कि एसआईआर को लेकर किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह पर ध्यान न दें। फॉर्म 6 और डिक्लेयेरशन सहित पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित है। सही जानकारी के लिए सिर्फ निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया पर ही विश्वास करें। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेरा आग्रह है कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी युवा अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज कराएं और प्रत्येक नागरिक अपने नाम की भी पुष्टि करे। आइए, अपनी जिम्मेदारी निभाएं और एक विश्वसनीय मतदाता सूची के निर्माण में सहभागी बनें। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगा रहे आरोप  बता दें मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विपक्षी पार्टियां विरोध कर रहा हैं। इसको लेकर सीजेपी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव आयोग के सदस्यों वाली एक संवैधानिक संस्था को मिली शक्तियों का इस्तेमाल कानून के तहत जरूरी सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया का पालन किए बिना किया जा रहा हैं। इनके द्वारा एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देकर आरोप लगाया जा रहा है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 माह के करीब 14 बार मतदात सूची, वोटर रजिस्ट्रेशन और आयोग के टेक्नोलॉजी सिस्टम से जुड़े फैसलों पर औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई, जिस पर कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा हैं।   लोकतंत्र की मजबूती के लिए अद्यतन सूची जरूरी उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह बेहद जरूरी है कि मतदाता सूची भी अद्यतन, पारदर्शी और विश्वसनीय हो। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची का सत्यापन किया जा रहा है। प्रत्येक नागरिक मतदाता सूची में अपने नाम की पुष्टि करें। आइए, हम अपनी जिम्मेदारी निभाएं और एक विश्वसनीय मतदाता सूची के निर्माण में सहभागी बनें। 10 अप्रैल तक चलाया जा रहा है विशेष अभियान उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 10 अप्रैल तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एक अक्टूबर को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वालों के साथ जिनके नाम मतदाता सूची में शामिल होने से छूट गए, उनके नाम जोड़ने के लिए आवेदन लिए जाएंगे।