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उद्यमियों को भेल और गेल सहित मानक ब्यूरो से मिले अनेक टिप्स

अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं गुणवत्ता सत्र संपन्न उद्यमियों को भेल और गेल सहित मानक ब्यूरो से मिले अनेक टिप्स उत्पाद की गुणवत्ता, भारतीय मानकों और प्रमाणन प्रक्रियाओं के संबंध में दी गई व्यावहारिक जानकारी भोपाल अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर शनिवार को रवीन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम तथा “उत्पाद गुणवत्ता के लिए भारतीय मानक के लिए“सशक्त उद्यमी, समृद्ध मध्यप्रदेश—हार्ट ऑफ इंडिया, हार्ट ऑफ ग्रोथ” की थीम पर हुए सत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, प्रतिष्ठित निजी कंपनियों एवं संस्थागत खरीदारों से जोड़ने के साथ-साथ उत्पाद की गुणवत्ता, भारतीय मानकों और प्रमाणन प्रक्रियाओं के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी गई। सत्र में विशेष रूप से बीएचईएल, गेल, एनसीएल और पावरग्रिड सहित सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख उपक्रमों एवं प्रतिष्ठित निजी कंपनियों से प्रदेश के एमएसएमई उद्यमियों ने सीधा संवाद किया। भारतीय मानक ब्यूरो के मोहम्मद रिजवान तथा मोहम्मद तौसीफ ने दी मानकीकरण, प्रमाणन और शुल्क रियायतों की जानकारी दी।भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा विश्व बैंक की RAMP योजना के अंतर्गत वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया।  इस अवसर पर बीएचईएल, गेल इंडिया लिमिटेड, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, Resonia, JadeBlue, FabIndia और Olam Agri सहित सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के प्रमुख संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने व्याखान एवं प्रेजेंटेशन दिया | कार्यक्रम में प्रदेश के पंजीकृत एमएसएमई उद्यमियों को इन संस्थाओं की खरीद प्रणाली, वेंडर पंजीकरण प्रक्रिया, निविदाओं में भागीदारी, तकनीकी पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, गुणवत्ता संबंधी अपेक्षाओं, समयबद्ध आपूर्ति तथा आपूर्ति शृंखला में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। बीएचईएल के विभाग अध्यक्ष पंकज कुमार झा एवं  प्रबंधक सुमीनाक्षी सिंह ने संस्थान की खरीद प्रक्रिया, वेंडर पंजीकरण व्यवस्था तथा एमएसएमई के लिए उपलब्ध खरीद अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश के सक्षम उद्यमों को निर्धारित गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप बीएचईएल की आपूर्ति शृंखला से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। Resonia के सहायक उपाध्यक्ष दीपांकर बरगली ने कॉर्पोरेट वेंडर ऑनबोर्डिंग, खरीद प्रक्रिया और व्यावसायिक अवसरों के संबंध में जानकारी साझा की। गेल इंडिया लिमिटेड के नवीन जमालमुडी ने वेंडर पंजीकरण, निविदा प्रक्रिया, तकनीकी योग्यता और आपूर्ति शृंखला की आवश्यकताओं से उद्यमियों को अवगत कराया। उन्होंने संस्थागत खरीद में भागीदारी के लिए उद्यम पंजीकरण, आवश्यक अभिलेखों, तकनीकी क्षमता और डिजिटल उपस्थिति के महत्व पर बल दिया। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के विपुल जैन ने एनसीएल के साथ व्यवसाय करने, वेंडर के रूप में पंजीकरण कराने और संस्थान की खरीद प्रक्रिया में भाग लेने के संबंध में मार्गदर्शन दिया। पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की सुपल्लवी मिश्रा ने विद्युत पारेषण क्षेत्र में सामग्री आपूर्ति, सिविल कार्य, रखरखाव सेवाओं और अन्य श्रेणियों में एमएसएमई के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों द्वारा क्रमशः JadeBlue के अमित खामर ने परिधान खुदरा क्षेत्र में उत्पाद गुणवत्ता, निरंतर आपूर्ति और समयबद्ध डिलीवरी से संबंधित अपेक्षाओं पर जानकारी दी। FabIndia की सुनलिनी गर्ग ने पारंपरिक शिल्प, हथकरघा वस्त्र, गृह-सज्जा और कारीगर आधारित उत्पादों से जुड़े उद्यमों के लिए उपलब्ध वेंडर डेवलपमेंट अवसरों पर प्रकाश डाला। Olam Agri के निर्देश त्रिवेदी ने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में कमोडिटी एकत्रीकरण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, खाद्य सुरक्षा, ट्रेसेबिलिटी और लॉजिस्टिक्स से संबंधित खरीद अवसरों की जानकारी दी। वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम के दौरान यह रेखांकित किया गया कि बड़े सार्वजनिक उपक्रमों और निजी कंपनियों की आपूर्ति शृंखला से जुड़ने के लिए उत्पाद की निरंतर गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धी मूल्य, निर्धारित समय पर आपूर्ति, तकनीकी क्षमता और आवश्यक प्रमाणनों का अनुपालन महत्वपूर्ण है। प्रेजेंटेशन के बाद क्रेता–एमएसएमई संवाद और व्यावसायिक नेटवर्किंग बैठकें आयोजित की गईं। इनमें पंजीकृत उद्यमियों को संस्थागत खरीदारों के प्रतिनिधियों के समक्ष अपने उत्पाद, उत्पादन क्षमता और व्यावसायिक प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा संबंधित संस्थाओं की वर्तमान एवं संभावित खरीद आवश्यकताओं पर सीधे चर्चा करने का अवसर मिला। मानक ब्यूरो का हुआ विशेष सत्र कार्यक्रम के समानांतर आयोजित भारतीय मानक ब्यूरो के विशेष सत्र का संचालन ब्यूरो के अधिकारी मोहम्मद रिजवान तथा मोहम्मद तौसीफ ने किया। दोनों अधिकारियों ने एमएसएमई उद्यमियों को भारतीय मानकों, उत्पाद प्रमाणन, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों, BIS लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया और उद्यमों के लिए उपलब्ध शुल्क रियायतों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानकीकरण और प्रमाणन को केवल वैधानिक अनुपालन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह उत्पाद की गुणवत्ता, बाजार में विश्वसनीयता, उपभोक्ताओं के विश्वास और बड़े संस्थागत बाजारों तक पहुँच बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सत्र में बताया गया कि 22 जून 2026 की स्थिति में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा 22 हजार 860 से अधिक भारतीय मानक विकसित किए गए हैं। कुल 1,477 उत्पाद BIS प्रमाणन के दायरे में हैं तथा मानव स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सहित विभिन्न कारणों से 600 से अधिक उत्पादों के लिए अनिवार्य प्रमाणन लागू है। देशभर में 53 हजार से अधिक BIS लाइसेंस संचालित हैं। उद्यमियों को लागू भारतीय मानक की पहचान करने, मानक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत करने, कारखाना निरीक्षण, उत्पाद नमूना परीक्षण तथा लाइसेंस प्रदान किए जाने की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया गया। बीआईएसअधिकारियों ने गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के संबंध में बताया कि इनका उद्देश्य उत्पादों की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करना, उपभोक्ता सुरक्षा को बढ़ाना, मानव, पशु एवं पादप स्वास्थ्य की रक्षा करना, पर्यावरण संरक्षण तथा अनुचित व्यापार व्यवहारों को रोकना है। उद्यमियों को यह भी बताया गया कि गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के अंतर्गत चिन्हित उत्पादों का निर्माण, आयात अथवा विक्रय निर्धारित भारतीय मानकों और प्रमाणन आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाना आवश्यक होता है। सत्र में एमएसएमई के लिए BIS द्वारा प्रदान की जा रही विशेष शुल्क रियायतों की जानकारी भी दी गई। सूक्ष्म उद्यमों एवं स्टार्टअप्स को वार्षिक न्यूनतम मार्किंग शुल्क में 80 प्रतिशत, लघु उद्यमों को 50 प्रतिशत तथा मध्यम उद्यमों को 20 प्रतिशत तक रियायत उपलब्ध है। महिला उद्यमियों को संबंधित उद्यम श्रेणी में मिलने वाली रियायत के अतिरिक्त 10 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट प्रदान किए जाने का प्रावधान है। यह स्पष्ट किया गया कि वेंडर डेवलपमेंट और उत्पाद मानकीकरण एक-दूसरे के पूरक हैं। वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम उद्यमों को संभावित खरीदारों और नए बाजारों से जोड़ता है, जबकि BIS मानकों का अनुपालन और उत्पाद प्रमाणन उन्हें संस्थागत खरीद एवं बड़ी आपूर्ति शृंखलाओं की गुणवत्ता संबंधी अपेक्षाओं … Read more

मध्य प्रदेश में 43 जिलों के लिए वर्षा चेतावनी, एंट्री के बाद थमा मानसून; 2-3 दिन और नहीं मिलेगी राहत

भोपाल  मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश के बाद उसकी रफ्तार थम सी गई है। मौसम विभाग ने राज्य के 43 जिलों में आज शनिवार को मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा की संभावना भी जताई गई है। विभाग के अनुसार, मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। सामान्य स्थिति में इस समय तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन सिस्टम के कमजोर पड़ने के कारण इसमें 2-3 दिन की और देरी होने की संभावना है। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल संभाग में मानसून सबसे देर से पहुंचने वाला है।. मानसून ने 24 जून को दी थी दस्तक गौरतलब है कि प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी। पहले ही दिन इंदौर, धार, आलीराजपुर, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जिलों में मानसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा कर दी गई थी। हालांकि, इसके बाद से परिस्थितियां थमी हुई हैं, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 48 से 72 घंटों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल हो रहा है। शनिवार को इन जिलों में भारी बारिश का अनुमान इस बीच, शनिवार को राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा और सागर संभाग समेत प्रदेश के करीब 40 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग, नीमच, मंदसौर और बुंदेलखंड के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं। एमपी के कई हिस्सों में दिखा आंधी-बारिश का दौर इससे पहले, शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी और भारी बारिश का दौर देखने को मिला। सिवनी में करीब दो इंच और उज्जैन में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी बरसा। शाजापुर, दतिया, राजगढ़ और मंडला समेत कई इलाकों में मौसम बदला रहा। इस बदलते मौसम के बीच बालाघाट और देवास जिलों से दर्दनाक हादसे भी सामने आए, जहाँ आकाशीय बिजली गिरने और दीवार ढहने की अलग-अलग घटनाओं में कुल 5 लोगों की असमय मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। कहां-कहां है अलर्ट? मौसम केंद्र ने रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल सहित कुल 43 जिलों में आज बारिश-आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का भी अनुमान है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। खासकर सोयाबीन, मक्का और दलहन की फसलों पर अतिरिक्त नजर रखने की जरूरत है। कब तक सुधरेगा मौसम? मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले 48-72 घंटों में एक नया सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है, जिसके बाद राज्य भर में मानसून की गति बढ़ सकती है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी और श्योपुरकलां जैसे उत्तरी जिलों में सामान्य बारिश में सबसे ज्यादा देरी हो सकती है। वर्षा के आंकड़ों में सुधार पिछले तीन दिनों की बारिश से प्रदेश की औसत वर्षा की स्थिति में सुधार हुआ है। 1 जून से अब तक सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी। लगातार बारिश के कारण बारिश का घाटा घटा है, हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश में अब भी सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है। एमपी में तेज बारिश…सिवनी में 2 इंच पानी गिरा इससे पहले शुक्रवार को तेज आंधी और बारिश का दौर रहा। सिवनी में करीब 2 इंच पानी गिर गया। शाजापुर के शुजालपुर, अकोदिया समेत आसपास के इलाकों में झमाझम बारिश हुई। उज्जैन में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, दतिया, इंदौर, राजगढ़, शिवपुरी, मंडला, रीवा, सागर, बालाघाट, खंडवा, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। बालाघाट के बैहर तहसील के बिरवा ग्राम पंचायत में बिजली गिरने से 2 बच्चों सहित 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग झुलस गए। मृतकों की पहचान लल्की मेरावी, झामसिंह ताराम (35) और सतीश वलके के रूप में हुई है। वहीं, देवास के खटांबा गांव में सूरज की पूजा के दौरान आंधी-बारिश से गैलरी गिर गई। हादसे में 2 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची समेत 3 लोग घायल हो गए। मृतकों की पहचान लक्ष्मीबाई और भगवंताबाई के रूप में हुई है। आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। खरगोन में तापमान सबसे कम 30 डिग्री पहुंच गया। खंडवा में 30.1 डिग्री, सागर में 31.1 डिग्री, छिंदवाड़ा में 31.8 डिग्री, बैतूल में 32.7 डिग्री, सिवनी-उमरिया में 33.2 डिग्री, धार में 33.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 33.8 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में भोपाल-इंदौर में 33.8 डिग्री, उज्जैन में 33.5 डिग्री, जबलपुर में 36.7 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।    

छत्तीसगढ़ में मानसून होगा एक्टिव, 7 दिन तक बारिश की संभावना; 3-4 दिन में पूरे प्रदेश को करेगा कवर

रायपुर  छत्तीसगढ़ में शनिवार से मौसम का स्वरूप बदलने वाला है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले सात दिनों तक बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में भारी बारिश होने के भी संकेत दिए गए हैं, जिसके चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय तीन अलग-अलग मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। इन सिस्टमों के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून पूरे छत्तीसगढ़ में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा, जिससे अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। लगातार होने वाली बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है, क्योंकि इससे खरीफ फसलों की बुवाई और खेती के अन्य कार्यों को फायदा मिलेगा। हालांकि, अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानी की स्थिति भी बन सकती है।  अगले एक सप्ताह तक बारिश के आसार मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना बनी हुई है।पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। अगले दो दिनों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है। इन जिलों में पहुंच चुका है मानसून अब तक मानसून ने प्रदेश के 18 से अधिक जिलों में दस्तक दे दी है। इनमें शामिल हैं—     रायपुर     दुर्ग     धमतरी     गरियाबंद     महासमुंद     बलौदाबाजार     बेमेतरा     कबीरधाम     राजनांदगांव     मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी     खैरागढ़-छुईखदान-गंडई     कांकेर     कोंडागांव     नारायणपुर     बस्तर     दंतेवाड़ा     सुकमा     बीजापुर अगले 48 घंटे में इन जिलों में मानसून की एंट्री मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों के भीतर मानसून इन जिलों में भी दस्तक दे सकता है—     सरगुजा     सूरजपुर     बलरामपुर     कोरिया     मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर     जशपुर     कोरबा     गौरेला-पेंड्रा-मरवाही     बिलासपुर     मुंगेली     जांजगीर-चांपा     सक्ती     सारंगढ़-बिलाईगढ़     रायगढ़ हालांकि इन क्षेत्रों में प्री-मानसून की बारिश हो रही है, लेकिन भारतीय मौसम विभाग ने अभी तक इन जिलों में मानसून के आधिकारिक प्रवेश की घोषणा नहीं की है। तापमान में भी आएगी गिरावट बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज होने लगी है। पिछले 24 घंटे में बिलासपुर में अधिकतम 39.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।मौसम विभाग का अनुमान है कि लगातार बारिश के चलते अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में और कमी आएगी तथा उमस से लोगों को राहत मिलेगी। अब तक 18 से ज्यादा जिलों में पहुंचा मानसून मानसून ने अब तक 18 से अधिक जिलों में स्ट्राइक किया है। इनमें मुख्य रूप से रायपुर, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा सुकमा, बीजापुर शामिल हैं। इन जिलों में एंट्री बाकी सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायगढ़। इन जिलों में अगले 48 घंटों में मानसून एंट्री कर सकता है। हालांकि, इन जिलों में प्री-मानसून की बारिश हो रही है, लेकिन IMD ने आधिकारिक तौर पर मानसून के पहुंचने की घोषणा इन जिलों में नहीं की है। बस्तर में सबसे बेहतर स्थिति; फिर भी 54% तक कम वर्षा प्रदेश में मानसून की पहली दस्तक का असर सबसे पहले बस्तर संभाग में दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां सामान्य से कम पानी गिरा है: बस्तर जिला: यहां स्थिति सबसे बेहतर है। 142.7 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले 74.8 मिमी वर्षा हुई है (48% कम) दंतेवाड़ा: 107.7 मिमी सामान्य के मुकाबले 49.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है (54% कम) सुकमा: यहां 60.3 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 54% कम है। कोंडागांव, बीजापुर: कोंडागांव में 51.9 मिमी और बीजापुर में 28 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मध्य छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा चिंता रायपुर: 90.1 मिमी के मुकाबले 25.3 मिमी बारिश, 72% कम धमतरी: 112.6 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी दुर्ग: 113.9 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी महासमुंद: 105.4 मिमी के मुकाबले 20.7 मिमी बलौदाबाजार: 81.3 मिमी के मुकाबले सिर्फ 14 मिमी कई जिलों में 80% से ज्यादा बारिश की कमी राजनांदगांव: 100.3 मिमी के मुकाबले 8.3 मिमी, 92% कम (सबसे गंभीर स्थिति) मोहला-मानपुर-चौकी: 95% कम बलौदाबाजार व सारंगढ़-बिलाईगढ़: 83% कमी सक्ती: 83% कम खरीफ सीजन के लिए अगले 10 दिन अहम प्रदेश में मानसून देर से आने और कमजोर होने के कारण बारिश बहुत कम हुई है। इस वजह से ज्यादातर जिलों में अभी तक बोनी (बुवाई) के लायक खेतों में जरूरी नमी नहीं बन पाई है। रायपुर में आज ऐसा रहेगा मौसम रायपुर में आज (शनिवार) गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 37°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने का अनुमान है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत पर 3 जेसीबी और 3 ट्रैक्टर वाहन जप्त,

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सख्ती का असर: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत पर 3 जेसीबी और 3 ट्रैक्टर वाहन जप्त,   खनिज संपदा की लूट नहीं होगी बर्दाश्त, अवैध उत्खनन करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई-मुख्यमंत्री साय  रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन के निर्देश पर जिला खनिज उड़नदस्ता दल ने अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 जेसीबी मशीन तथा 3 ट्रैक्टर वाहनों को जप्त किया है। यह कार्रवाई राज्य सरकार की शून्य सहिष्णुता की नीति को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किए जाने का प्रमाण है। जिले के देवराजपारा-सधवानी तथा बंधी-बचरवार क्षेत्र में खनिज मुरूम एवं मिट्टी के अवैध उत्खनन की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल जांच कराई गई। वहीं सिलपहरी क्षेत्र में खनिज रेत के अवैध परिवहन की सूचना पर भी खनिज विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहनों को जप्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान देवराजपारा-सधवानी क्षेत्र से दो जेसीबी, बंधी-बचरवार क्षेत्र से एक जेसीबी तथा सिलपहरी क्षेत्र से रेत परिवहन में लगे तीन ट्रैक्टर वाहनों को जब्त कर सुरक्षित रूप से पुलिस लाइन अमरपुर में रखा गया है। उल्लेखनीय है कि सधवानी के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1076 तथा कलेक्टर के समक्ष अवैध उत्खनन की शिकायत दर्ज कराई थी। मुख्यमंत्री की जनहितकारी शिकायत निवारण व्यवस्था के माध्यम से प्राप्त शिकायत पर कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए खनिज विभाग को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला प्रशासन की सक्रियता और खनिज विभाग की तत्परता से शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई, जिससे आमजन का शासन-प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हुआ है। कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने स्पष्ट किया है कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन अथवा भंडारण जैसी किसी भी गतिविधि को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी, सतत निरीक्षण तथा शिकायत प्राप्त होते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जिले की प्राकृतिक संपदा का संरक्षण हो सके और शासन को राजस्व की क्षति न पहुंचे। खनिज विभाग के अनुसार जप्त किए गए सभी वाहनों के मालिकों के विरुद्ध खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। नियमानुसार अर्थदंड एवं समझौता राशि निर्धारित खनिज मद में जमा कराने के बाद ही संबंधित वाहनों को मुक्त किया जाएगा। इस कार्रवाई में सहायक खनिज अधिकारी आदित्य मानकर, खनिज निरीक्षक सुजीत कंवर, खनिज सिपाही शिवकुमार लहरे तथा नगर सैनिक सतीश साहू सहित जिला खनिज उड़नदस्ता दल के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सुशासन, पारदर्शिता और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार अवैध खनन के विरुद्ध कठोर रुख अपनाते हुए जनशिकायतों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।

शोएब अख्तर के भाई के जनाजे पर विवाद, वायरल वीडियो में आतंकी संगठन से जुड़े चेहरों को लेकर उठे सवाल

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह क्रिकेट नहीं बल्कि उनके बड़े भाई शाहिद अख्तर का जनाजा है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि नमाज-ए-जनाजा में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उससे जुड़े राजनीतिक संगठन पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (PMML) के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहिद अख्तर का जनाजा इस्लामाबाद के H-8 कब्रिस्तान में हुआ. वायरल वीडियो में पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग के अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान समेत कई लोगों के दिखाई देने का दावा किया गया है. सोशल मीडिया पर यह भी कहा जा रहा है कि वीडियो PMML से जुड़े आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया।  इनाम-उर-रहमान का नाम पहले भी चर्चा में रहा है. पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग को लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद से जुड़ा राजनीतिक मंच बताया जाता रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल कुछ तस्वीरों में इनाम-उर-रहमान को पहलगाम हमले के कथित मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी के साथ भी दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है।  हाफिज सईद करीबी थे शामिल  शोएब अख्तर के भाई शाहिद अख्तर के जनाजे में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की पॉलिटिकल पार्टी से जुड़े नेताओं की मौजूदगी देखी गई. जिसमें आतंकी हाफिज सईद के कई करीबी हुए जनाजे में शामिल हुए हैं. पीएमएमएल इस्लामाबाद के अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान कम्बोह के शामिल होने की तस्वीरें सामने आई हैं. यह तस्वीरें और वीडियो लश्कर-ए-तैयबा  और पीएमएमएल की तरफ से आधिकारिक रूप से जारी किया गया है. शहीद अख्तर की जनाजे की नमाज पर पाकिस्तान सेंट्रल मुस्लिम लीग इस्लामाबाद के अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान कंबोह, उप महासचिव अब्दुल्ला तूर, जोनल महासचिव हाफिज उमर, खिदमत कमेटी के अध्यक्ष अमजद भट्टी और अन्य मित्र उपस्थित थे।  कौन-कौन थे शामिल  शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में इनाम उर रहमान काम्बोह दिखा था. यह इस्लामाबाद में संगठन का बड़ा चेहरा है. जिसके साथ कई जनाजे में शामिल दूसरे लोग भी लश्कर ए तैयबा से जुड़े हैं. बता दें कि पीएमएमएल पार्टी आतंकी हाफिज सईद के समर्थन से बनी पार्टी मानी जाती है. क्योंकि उसके संगठन लश्कर-ए-तैयबा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रतिबंध लग चुका है. ऐसे में पाकिस्तान की राजनीति में एक्टिव रहने के लिए हाफिज सईद के समर्थन से पीएमएमएल को बनाया गया था. लेकिन इस पार्टी से जुड़े लोग जब शोएब अख्तर के जनाजे में पहुंचे तो सवाल उठना लाजिमी है।  नेशनल असेंबली के स्पीकर और आतंकी भी जनाजे में शामिल इसी बीच पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज़ सादिक भी शोएब अख्तर के घर पहुंचे और शाहिद अख्तर के निधन पर परिवार के प्रति संवेदना जाहिर की. नेशनल असेंबली की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि स्पीकर ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत देने की कामना की।  आतंकी पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे हैं जनाजे में कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन से जुड़े लोगों की मौजूदगी के दावों ने पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों और उनके राजनीतिक नेटवर्क को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह आरोप लगते रहे हैं कि कुछ प्रतिबंधित संगठन अलग-अलग नामों और मंचों के जरिए अपनी गतिविधियां जारी रखते हैं।  बता दें कि शोएब अख्तर के भाई शाहिद अख्तर की मौत के बाद पाकिस्तान में बड़ी-बड़ी हस्तियों ने दुख जताया है. देश के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी शोक संदेश भेजा है. जबकि पाकिस्तान की राजनीति से जुड़े दूसरे कई लोग और सेलिब्रिटीज और क्रिकेटर्स ने भी दुख जताया है. लेकिन जनाजे में पीएमएमएल और लश्कर ए तैयबा से जुड़े लोगों के पहुंचने से अब सवाल खड़े हो रहे हैं. क्योंकि पाकिस्तान में शोएब अख्तर बड़ा नाम माने जाते हैं। 

योगी सरकार का बड़ा फैसला, टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 149 ITI में शुरू होंगे आधुनिक कोर्स

योगी सरकार का बड़ा फैसला: टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 149 आईटीआई और स्टाफ ट्रेनिंग सेंटर में चलेंगे आधुनिक कोर्सेज 1065 पदों पर आउटसोर्सिंग से होगी भर्ती, जेम पोर्टल से होगा  चयन  ईवी मैकेनिक, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग, आई ओटी समेत 9 आधुनिक कोर्सेज में मिलेगी ट्रेनिंग लखनऊ, उत्तर प्रदेश की योगी  सरकार ने प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के नए अवसर प्रदान करने और उन्हें उन्नत तकनीकी शिक्षा से लैस करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'कौशल विकास से आत्मनिर्भरता' के विजन को धरातल पर उतारते हुए राज्य सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (टीटीएल) के सहयोग से प्रदेश के 149 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और 01 प्रादेशिक स्टाफ प्रशिक्षण एवं शोध केन्द्र, अलीगंज-लखनऊ में अत्याधुनिक कोर्सेज के संचालन को हरी झंडी दे दी है। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को अपग्रेड किया जा रहा है। इसी क्रम में राज्यपाल की ओर से टाटा द्वारा विकसित किए गए आधुनिक व्यवसायों के सुचारु संचालन के लिए कुल 1,065 पदों की मैनपावर को आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसके तहत प्रदेश भर में 171 कार्यदेशक (वर्कशॉप इंस्ट्रक्टर) और 894 प्रशिक्षकों (इंस्ट्रक्टर्स) की सेवाएं ली जाएंगी। मंत्री ने कहा  कि योगी सरकार युवाओं को रोजगार देने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इन सभी 1,065 सेवाओं को 'आउटसोर्सिंग ऑफ सर्विस' (जॉब आउटसोर्सिंग) के आधार पर 'जेम पोर्टल' के माध्यम से क्रय किया जाएगा। सेवा प्रदाता एजेंसी का चयन पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी रीति से कार्मिक विभाग, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम विभाग तथा श्रम विभाग के शासनादेशों के प्रावधानों और सुसंगत नियमों के आलोक में किया जाएगा। इन पदों हेतु शैक्षिक योग्यता आदि का निर्धारण प्रशिक्षण निदेशालय द्वारा तय कर शासन से अनुमोदित कराया जाएगा। यह आदेश वित्त विभाग की सहमति के बाद जारी कर दिया गया है। टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से प्रदेश के युवाओं को अब पारंपरिक कोर्सेज से इतर चौथी औद्योगिक क्रांति (इंडस्ट्री 4.0) के मांग वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा। इन संस्थानों में इलेक्ट्रिक व्हीकल मैकेनिक, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स एंड डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग तकनीशियन, एडवांस्ड सीएनसी मशीनिंग तकनीशियन, मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस कंट्रोल एंड ऑटोमेशन, इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीशियन, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तकनीशियन/3डी प्रिंटिंग, सीएएम प्रोग्रामर, बेसिक डिजाइनर एंड वर्चुअल वेरिफायर-मैकेनिकल तथा आर्टिसन यूजिंग एडवांस्ड टूल जैसे 9 अत्याधुनिक कोर्सेज संचालित किए जा रहे हैं। टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से संचालित होने वाले ये कोर्सेज प्रदेश के युवाओं को वैश्विक कंपनियों की जरूरत के मुताबिक तैयार करेंगे। आईटीआई से पास होने वाले छात्रों को न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी बेहतरीन पैकेज पर रोजगार मिल सकेगा। योगी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा 'स्किल हब' बनाना है और यह कदम उसी दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

मुरैना ट्रिपल मर्डर से सनसनी, पत्नी और मासूम बच्चों की हत्या के बाद आरोपी पति ने की आत्महत्या

मुरैना   मध्य प्रदेश के मुरैना में पति-पत्नी के बीच हुए आपसी झगड़े में पति इतना आक्रोशित हो गया कि उसने अपने दो मासूम बच्चों व पत्नी को कुल्हाड़ी से काट दिया और खुद भी ट्रेन से जाकर कट गया। यह घटना माता बसैया थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव में घटित हुई। इस हत्याकांड का पता शनिवार की सुबह पड़ोसियों को लगा तो पुलिस को सूचना दी पुलिस मौके पर पहुंचकर छानबीन कर रही है। पत्नी से चल रहा था विवाद, मायके से दो दिन पहले ही लाया था जानकारी के मुताबिक किशनपुर गांव निवासी बलराम पुत्र हरिचरण कुशवाह का अपनी पत्नी रविता उम्र 30 साल से विवाद चल रहा था। जिसकी वजह से वह कुछ दिन से अपने मायके कुतवार गांव में रह रही थी। दो दिन पहले ही बलराम व अन्य लोग पंचायत के बाद उसे किशनपुर गांव लाये थे। शुक्रवार की रात बलराम और रविता में फिर विवाद हो गया। जिससे आक्रोशित बलराम ने रविता और अपने बच्चों आरव उम्र 10 साल व अतुल उम्र 7 साल पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद खुद घर से भाग गया। सुबह जब बलराम के घर के दरवाजे नही खुले तो पड़ोसियों ने देखा तो घर के आंगन में मां और दो बच्चों के रक्तरंजित शव पड़े थे। जिस पर पुलिस को सूचना दी गई। उधर, शनिवार की सुबह पता चला कि शिकारपुर फाटक के पास जाकर बलराम ने भी ट्रेन के सामने जाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस अभी मोके पर पड़ताल कर रही है। चरित्र शंका ने उजाड़ा परिवार बताया जा रहा है कि मृतक बलराम अपनी पत्नी रविता के चरित्र पर शक करने लगा था। कुछ दिन पहले किशनपुर में आयोजित भागवत कार्यक्रम के दौरान रविता ने मंच पर डांस किया था। कार्यक्रम में मौजूद किसी करीबी व्यक्ति ने उसका वीडियो बनाकर बलराम को भेज दिया। वीडियो देखने के बाद बलराम के मन में पत्नी को लेकर संदेह गहराने लगा और वह आए दिन उससे विवाद करने लगा।विवाद बढ़ने पर रविता कुछ समय के लिए अपने मायके भी चली गई थी, लेकिन इसके बावजूद बलराम की नाराजगी और नफरत कम नहीं हुई। बताया जाता है कि उसने डांस का वीडियो अपने करीबी रिश्तेदारों को भी भेजा और पत्नी के बारे में आपत्तिजनक व भला-बुरा लिखकर मैसेज भी भेजे। वारदात से जुड़े अहम घटनाक्रम     बचाव के लिए कड़ा संघर्ष- घटनास्थल के हालात देखकर साफ है कि मृतका रविता ने खुद को और बच्चों को बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया था। उसका शव खटिया से करीब 20 फीट दूर मिला।     मौके से कुल्हाड़ी बरामद- पुलिस को छानबीन के दौरान वारदात में इस्तेमाल की गई खून से सनी कुल्हाड़ी घर के भीतर से ही मिल गई है।     घर के बाहर सो रही थी मां- दिल दहला देने वाली बात यह है कि मृतक बलराम की मां रामकली रातभर घर के बाहर ही सो रही थी, लेकिन उसे भीतर चल रहे इस कत्लेआम की भनक तक नहीं लगी।     दूधवाले के आने पर खुला राज- शनिवार सुबह जब दूधवाला आया और घर के भीतर हलचल नहीं हुई, तब जाकर इस खौफनाक हत्याकांड का खुलासा हुआ।  

अमृतसर में आज जुटेंगे CM मान और केजरीवाल, हंसराज रघुवंशी करेंगे शिव महिमा का गुणगान; ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

 अमृतसर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज अमृतसर आएंगे। वे पाइटेक्स ग्राउंड, रंजीत एवेन्यू में आयोजित भगवान शिव के नाम एक शाम कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रसिद्ध भजन गायक हंसराज रघुवंशी भगवान शिव की महिमा का गुणगान करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन सनातन सेवा समिति पंजाब तथा पंजाब सरकार के पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम शनिवार शाम 6:30 बजे शुरू होगा। संत-महापुरुषों, विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। आयोजन में प्रवेश सभी श्रद्धालुओं के लिए पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। कार्यक्रम स्थल पर विशाल मंच और भव्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने, पेयजल, पार्किंग, चिकित्सा एवं सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। शुक्रवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सलाहकार दीपक बाली, जिलाधीश दलविंदरजीत सिंह, पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर तथा सनातन सेवा समिति पंजाब के अध्यक्ष विजय शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया और तैयारियों की समीक्षा की।  मुख्यमंत्री मान और केजरीवाल करेंगे शिरकत राज्य स्तरीय इस कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी विशेष रूप से शामिल होंगे। दोनों नेता भगवान शिव के चरणों में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना करेंगे। समय पर पहुंचने की अपील पंजाब सरकार के अनुसार, इस राज्य स्तरीय धार्मिक समागम का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। आज शाम होने वाले इस समागम को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। आयोजकों ने लोगों से समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। 4 पॉइंट्स में पढ़ें जारी ट्रैफिक एडवाइजरी:-     एडीसीपी ट्रैफिक अमनदीप कौर ने बताया कि हरतेज अस्पताल से गुमटाला रोड और टी-पॉइंट (इन-आउट बेकरी) से कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले मार्ग पर विशेष ट्रैफिक प्रबंधन लागू रहेगा। आम लोगों से अपील की गई है कि अत्यंत आवश्यक कार्य न होने पर इन मार्गों का उपयोग करने से बचें।     रंजीत एवेन्यू जाने वाले वाहन चालक रतन सिंह चौक, एम.के. होटल रोड, बेस्ट वेस्टर्न रोड और सी-मार्केट टी-पॉइंट से होकर जाने वाले वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें। वहीं, शहर के बाहर से आने वाले लोगों को आईटीआई–आनंद पार्क मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।     कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि प्रमुख चौराहों पर पुलिस कर्मी लगातार निगरानी रखेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने या किसी भी प्रकार की शरारती गतिविधि में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त और तत्काल कार्रवाई की जाएगी।     ट्रैफिक पुलिस ने शहरवासियों और श्रद्धालुओं से ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करने तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों का सहयोग करने की अपील की है। इससे धार्मिक समागम के शांतिपूर्ण संचालन के साथ लोगों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं सरकार की ओर से आयोजन स्थल पर पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष प्रबंध किया गया है। आयोजकों ने लोगों से समय पर कार्यक्रम स्थल पहुंचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव कार्यक्रम के दौरान रंजीत एवेन्यू और आसपास के इलाकों में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार हरतेज अस्पताल से गुमटाला रोड तथा इन-आउट बेकरी टी-पॉइंट से कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले मार्गों पर यातायात नियंत्रित किया जाएगा।

श्रीराम के अस्तित्व को नकारने और रामभक्तों पर गोली चलाने वाले लोग कर रहे हैं आस्था की बात: सीएम

आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर के बाद सीएम योगी ने कहा- एसआईटी रिपोर्ट आते ही शुरू हो गई कार्रवाई मुख्यमंत्री ने दोहराया- मैंने कहा था कि दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा, एसआईटी की संस्तुतियों के अनुरूप कार्रवाई को आगे बढ़ा रही सरकार रामभक्तों से सीएम योगी की अपील- अयोध्या पर आक्षेप मत करें, श्रीराम की मर्यादा का पालन करें श्रीराम के अस्तित्व को नकारने और रामभक्तों पर गोली चलाने वाले लोग कर रहे हैं आस्था की बात: सीएम देवरिया, श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। एसआईटी की रिपोर्ट आते ही तत्काल कार्रवाई प्रारंभ हो गई। मैं आश्वस्त करता हूं और मैंने कहा भी था कि हम दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेंगे। जन आस्था के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, वह उसका भुक्तभोगी होगा। यह छूट किसी को भी नहीं दी जा सकती। देवरिया में शुक्रवार को विकास परियोजनाओं के शिलान्यास/लोकार्पण अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं 19 जून को अयोध्या दौरे पर था। मैंने तब भी कहा था कि अयोध्या हम सबकी आस्था की प्रतीक है, भारत के सनातन धर्म की प्रतीक है। अयोध्या पर आक्षेप न करो, प्रभु श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखो। अयोध्या के बारे में जो समाचार मिल रहे थे, उस पर मैंने कहा था कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के साथ ही हमारी कार्रवाई भी प्रारंभ हो जाएगी। आक्षेप लगाने वालों की मंशा अच्छी नहीं मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों व रामभक्तों से कहा कि जो लोग आज आक्षेप लगाने का प्रयास कर रहे हैं, उनकी मंशा अच्छी नहीं है। ये वो लोग हैं जो भगवान राम को नकार चुके थे, भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर चुके थे। कांग्रेस व सपा को आड़े हाथ लेते हुए सीएम ने कहा कि एक पार्टी कहती थी कि राम हुए ही नहीं, यानी वे लोग अयोध्या को भी नहीं मानना चाहते थे। वे लगातार न्यायालय में मुकदमा लड़ते रहे, वकीलों की फौज खड़ी करते रहे। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और मंदिर निर्माण के खिलाफ खड़े रहे। वहीं दूसरा पक्ष उन लोगों का है, जो भगवान राम का नाम लेने वालों पर गोली चलाता था और आज वही लोग कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। ये लोग बताएंगे हमें आस्था ! रामनवमी पर दंगा करवाते थे, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को बैन करते थे, कांवड़ यात्रा नहीं निकलने देते थे, दुर्गा पूजा में दंगा करवाते थे। लार का दंगा तो सबको याद ही है। और, ये लोग कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है ! एसआईटी की सिफारिश के अनुरूप कार्रवाई को आगे बढ़ा रही सरकार मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दलों के काले कारनामों का काला चिट्ठा है। कांग्रेस ने देश को लूटा ही नहीं, बल्कि बेईमानी व भ्रष्टाचार के कीर्तिमान स्थापित किए थे। वही लोग आज अयोध्या पर आक्षेप लगा रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने सपा की डकैती रोकी इसीलिए वह छटपटाहट रही है। जब उसे कुछ नहीं मिला तो जन आस्था के साथ खिलवाड़, रामभक्तों पर आक्षेप और अयोध्या को बदनाम करने में जुट गई। यह स्वीकार्य नहीं है। सरकार की मंशा पहले दिन से स्पष्ट है। मैं फिर अपील करूंगा कि रामभक्तों की अग्निपरीक्षा मत लो। रामभक्तों और उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ करना बंद करो। अगर पुष्ट प्रमाण नहीं हैं तो आरोप-प्रत्यारोप बंद करो और अगर प्रमाण हैं तो प्रस्तुत करो, एसआईटी का सहयोग करो। एसआईटी की सिफारिश के अनुरूप सरकार कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है। जब वरिष्ठ अधिकारियों की टीम काम कर रही है तो फिर राजनीतिक बयानबाजी बंद होनी चाहिए।

जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने

जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराएं अधिकारी: मुख्यमंत्री जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने  मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा- चिंता मत करिए, सबकी समस्या पर सुनिश्चित होगी प्रभावी कार्रवाई गोरखपुर गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की हर समस्या का शीघ्र समाधान कराएं। लोगों की शिकायतों को संवेदनशीलता से लेकर संतुष्टिप्रद निस्तारण सुनिश्चित कराने में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जनता दर्शन में पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा, चिंता मत करिए। सरकार सबकी समस्या पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराएगी। जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर लगी कुर्सियों पर बैठे लोगों तक सीएम स्वयं चलकर पहुंचे और सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सबके प्रार्थना पत्रों को पास में खड़े अधिकारियों को हस्तगत कर समस्या समाधान हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, सबकी समस्या का समाधान कराया जाएगा।  जनता दर्शन में हर बार की तरह कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। हृदय रोग से पीड़ित एक महिला से उन्होंने कहा कि इलाज के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। सीएम योगी ने जमीन कब्जे से जुड़ी शिकायतों पर अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में त्वरित व कड़े कदम उठाए जाएं। जमीन कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।