samacharsecretary.com

विजयपुर के विधायक मुकेश मल्होत्रा, HC ने दिए अपने ही फैसले पर स्टे

श्योपुर  मध्य प्रदेश का श्योपुर विधानसभा क्षेत्र में बीते 2-3 दिनों से चर्चाओं में बना हुआ है. इसकी वजह है, सोमवार यानि 9 मार्च को हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ का सुनाया गया फैसला. जहां कोर्ट ने विजयपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर फैसला सुनाते हुए बीजेपी के हारे हुए प्रत्याशी रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया था, जबकि कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा की विधायकी शून्य की थी. वहीं हाईकोर्ट ने राज्यसभा सांसद विवेक तंखा की याचिका पर संज्ञान लेते हुए अपने ही फैसले पर 15 दिन का स्टे लगा दिया है. जिसके बाद कांग्रेस अब सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी। अपने ही फैसले पर हाईकोर्ट ने लगाया स्टे विजयपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर ग्वालियर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद विवेक तंखा ने तुरंत कोर्ट का रूख किया. जहां विवेक तंखा की याचिका पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने अपने ही फैसले को 15 दिन के लिए स्थगित कर दिया है. जिसका मतलब है कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट में अपील करके स्थगन आदेश प्राप्त करने का मौका दिया गया है. यह स्थगन RP एक्ट के प्रावधान अनुसार दिया गया है. यानि तब तक मुकेश मल्होत्रा विजयपुर से कांग्रेस विधायक रहेंगे. जस्टिस एसजी अहलूवालिया ने मुकेश मल्होत्रा ​​की इस दलील पर सहमति जताई कि अगर फैसले के असर और अमल पर रोक नहीं लगाई गई तो उन्हें भारी नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि "फैसले के असर और अमल पर 15 दिनों के लिए रोक लगाने की अर्ज़ी न्याय के हित में है, ताकि प्रतिवादी मुकेश मल्होत्रा ​​सुप्रीम कोर्ट से रोक का आदेश ले सकें। जीतू पटवारी ने बताया लोकतांत्रिक लड़ाई जीतू पटवारी ने कहा कि हम लोकतांत्रिक तरीके से फिर से कांग्रेस का विधायक बनवाएंगे. कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे लोकतंत्र बचाने की इस लड़ाई बताया है. उन्होंने कहा कि हम राज्यसभा सांसद के साथ मजबूती से लगे हुए हैं. साथ ही कहा कि बीजेपी दलित, आदिवासी और आरक्षण विरोधी है. बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट में विवेक तंखा और अभिषेक मनु संघवी मामले की पैरवी करेंगे। क्या है मुकेश मल्होत्रा और रामनिवास का पूरा मामला दरअसल, विजयपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा को जीत मिली थी, जबकि बीजेपी रामनिवास रावत को हार का सामना करना पड़ा था. हार के बाद रामनिवास रावत ने हाईकोर्ट में मुकेश मल्होत्रा के खिलाफ याचिका लगाई थी, जिसमें दावा किया गया था कि कांग्रेस विधायक ने आपराधिक जानकारी छिपाई है. मामले में सोमवार को ग्वालियर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए मुकेश मल्होत्रा द्वारा आपराधिक जानकारी छिपाने की बात सही पाई गई, जिसके बाद कोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा की विधायकी शून्य कर दी और रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया।

सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी: नक्सली ठिकाने से 3.61 करोड़ नकद, 1 किलो सोना और 101 घातक हथियार बरामद

जगदलपुर बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में आज नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के 108 नक्सली कैडरों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 44 महिला और 64 पुरुष नक्सली शामिल हैं, जिन पर 3.29 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। नक्सलियों के 101 घातक हथियार बरामद यह आत्मसमर्पण पुणे मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल के तहत हुआ। कार्यक्रम राज्य के डीजीपी अरुण देव गौतम और एडीजी विवेकानंद सिन्हा की मौजूदगी में हुआ। बस्तर आईजी सुंदरराज पी सहित सीआरपीएफ, बीएसएफ और जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इस दौरान नक्सलियों द्वारा जमा किए गए हथियारों और अन्य सामग्री की प्रदर्शनी लगाई गई। अधिकारियों ने 101 घातक हथियार बरामद होने की जानकारी दी। करोड़ों रुपये के हथियार समेत नगद मिला इन हथियारों में एके 47, इंसास, एलएमजी और बीजीएल शामिल थे। नक्सल इतिहास में पहली बार 3.61 करोड़ रुपये नकद और 1.64 करोड़ रुपये मूल्य का एक किलो सोना बरामद किया गया। इसे अब तक के नक्सल विरोधी अभियानों में सबसे बड़ी डंप बरामदगी माना जा रहा है। यह सभी सामग्री बस्तर रेंज के विभिन्न जिलों से बरामद की गई थी। इनमें बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव और बस्तर जिले शामिल हैं। बरामद किए गए सभी डंप और सामग्री को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया। यह प्रदर्शन जगदलपुर स्थित रेंज मुख्यालय में आयोजित आत्मसमर्पण कार्यक्रम के दौरान हुआ। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह सामग्री अलग-अलग अभियानों में मिली थी। इसमें 101 घातक हथियार और बड़ी मात्रा में नकदी व सोना शामिल था। अधिकारियों का कहना है कि सरकार की पुनर्वास नीति प्रभावी साबित हो रही है। लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों के कारण नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। बड़ी संख्या में नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज में वापसी की है। यह आत्मसमर्पण बस्तर में शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल क्षेत्र में स्थिरता लाने में सहायक होगी।

“सीएम योगी ने हनुमानगढ़ी और रामलला के दरबार में माथा टेका, निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण”

 अयोध्या गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। इसके बाद सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर में श्रीरामलला के चरणों में शीश झुकाया। उन्होंने श्रीराम मंदिर परिसर के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर से की। उन्होंने यहां विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। यहां से निकल कर मुख्यमंत्री श्रीराम मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीरामलला के दर्शन किए, आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी योजनाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संतों से भी की मुलाकात, पूछा कुशलक्षेम मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी में संतों से भी मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री यहां सबसे पहले महंत प्रेमदास जी महाराज से मिले। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अन्य संतों से भी मिलकर उनका हालचाल जाना। इससे पहले मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन पर रामकथा पार्क हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री/कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, चंद्रभानु पासवान, अमित सिंह चौहान, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय आदि मौजूद रहे।

ईरान का बड़ा ऐलान: अमेरिका से जंग खत्म करने को तैयार, लेकिन तीन शर्तें ट्रंप को नहीं हजम होंगी

वाशिंगटन ईरान के खिलाफ जारी युद्ध अमेरिका के लिए बेहद महंगा साबित हो रहा है. पेंटागन के शुरुआती अनुमान के मुताबिक जंग के पहले छह दिनों में ही अमेरिकी टैक्सपेयर्स के कम से कम 11.3 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं. इस बीच ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका के सामने युद्ध खत्म करने का ऑफर रखा है. लेकिन इसके साथ उन्होंने तीन शर्तें भी रखी हैं. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि तेहरान क्षेत्रीय शांति के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन मौजूदा संघर्ष तभी खत्म हो सकता है जब ईरान के ‘वैध अधिकारों’ को मान्यता दी जाए. उन्होंने साफ किया कि किसी भी समाधान के लिए ईरान की मुख्य मांगों को स्वीकार करना जरूरी होगा। ईरान ने युद्ध खत्म करने की क्या शर्तें रखीं? पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत की है. उन्होंने दोहराया कि ईरान का मानना है कि मौजूदा संघर्ष की शुरुआत ‘जायनिस्ट शासन और अमेरिका’ की कार्रवाई से हुई. ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि इस संकट के समाधान के लिए तीन अहम बातें जरूरी हैं।     ईरान के वैध अधिकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी जाए.     युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई यानी मुआवजा दिया जाए.     भविष्य में ईरान पर हमले रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए. अमेरिका ईरान से जीत गया- ट्रंप एक तरफ जब पेंटागन कह रहा है कि अरबों डॉलर हर रोज इस युद्ध में खर्च हो रहे हैं. तो वहीं दूसरी तरफ ट्रंप जीत का दावा कर रहे हैं. केंटकी में एक रैली करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्ध अमेरिका जीत चुका है. हालांकि उन्होंने आगे बताया कि ऑपरेशन खत्म नहीं होगा. वहीं उन्होंने दावा किया कि अब तक 58 नौसैनिक जहाज नष्ट किए गए हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका काम पूरा होने तक अभियान जारी रखेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन उन्होंने कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई है। युद्ध में अब तक कितनी मौत? अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए थे. इसके बाद से दोनों देशों ने ईरान के कई सैन्य और राजनीतिक ठिकानों पर हमले किए. रिपोर्टों के मुताबिक इन हमलों में 1,200 से ज्यादा ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है. दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों पर हमले किए, जिनमें 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 140 से ज्यादा घायल हुए हैं।

भारत ने रूस से तेल आयात 50% बढ़ाया, युद्ध के बीच संकटमोचक साबित हुआ रूस

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तनाव ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के सामने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है. विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाली आपूर्ति ठप होने से देश में कुकिंग गैस की भारी किल्लत देखी जा रही है। रूस बना संकटमोचक, कच्चे तेल के आयात में उछाल ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत ने मार्च महीने में रूस से कच्चे तेल की खरीद में 50 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की है. फरवरी में जहां भारत रूस से 10.4 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) तेल खरीद रहा था, वहीं मार्च में यह आंकड़ा बढ़कर 15 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंच गया है. भारत अपनी तेल जरूरतों का 88% आयात करता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा सऊदी अरब, इराक और यूएई जैसे देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता था. इस रास्ते के बंद होने के बाद भारत ने तेजी से अपनी निर्भरता रूस की ओर स्थानांतरित की है। LPG का असली संकट: क्यों खाली हो रहे हैं सिलेंडर? कच्चे तेल की आपूर्ति को तो रूस के जरिए काफी हद तक संभाल लिया गया है, लेकिन रसोई गैस का संकट अभी भी बरकरार है. विशेषज्ञों के अनुसार, भारत अपनी जरूरत का लगभग 55-60% LPG आयात करता है. इस आयातित गैस का 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज की खाड़ी से होकर आता है. युद्ध के कारण इस समुद्री मार्ग से आवाजाही लगभग बंद है. भारत प्रतिदिन करीब 10 लाख बैरल LPG की खपत करता है, लेकिन घरेलू उत्पादन केवल 40-45% ही है। आम जनता और व्यापार पर असर गैस की इस किल्लत का सबसे बुरा असर कमर्शियल सेक्टर पर पड़ा है. मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे महानगरों में लगभग 20% होटल और रेस्टोरेंट या तो बंद हो गए हैं या उन्होंने अपना मेन्यू सीमित कर दिया है. कई जगहों पर लोग अब पुराने समय की तरह लकड़ी के चूल्हों या इलेक्ट्रिक इंडक्शन का सहारा ले रहे हैं। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए अनिवार्य वस्तु अधिनियम लागू किया है और रिफाइनरियों को उत्पादन 25% बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. हालांकि, स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है. केप्लर के विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले हफ्ते भारत के लिए चुनौतीपूर्ण होंगे. तेल का विकल्प तो मिल गया है, लेकिन LPG की आपूर्ति को सुचारू करना एक बड़ी कूटनीतिक और लॉजिस्टिक चुनौती है।

छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाओं में नकल पर बड़ा दंड, जुर्माना एक करोड़ तक, नकल करने पर 5 साल की सजा

रायपुर  छत्तीसगढ़ में सीजीपीएससी (CGPSC) भर्ती घोटाले से सबक लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने जा रही है। विधानसभा के वर्तमान बजट सत्र में जल्द ही सरकार "छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक-2026" पेश करेगी। यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस "गारंटी" को पूरा करने की दिशा में है, जिसमें उन्होंने परीक्षा सुधार का वादा किया था। नकल करते पकड़े जाने पर पांच साल जेल, पांच लाख जुर्माना नए कानून के तहत, भर्ती परीक्षाओं में नकल करते पकड़े जाने पर परीक्षार्थी को एक से पांच साल तक की जेल और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। वहीं, यदि कोई गिरोह या व्यक्ति पेपर लीक या नकल कराने में शामिल पाया जाता है तो उसे कठोर कारावास के साथ एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना देना होगा। कोचिंग संस्थानों पर भी लगेगी लगाम विधेयक में कोचिंग संस्थानों के लिए भी सख्त नियम बनाए जा रहे हैं। अब कोई भी संस्थान चयन की "सौ प्रतिशत गारंटी" देकर युवाओं को प्रलोभन नहीं दे सकेगा। भ्रामक प्रचार या सफलता के झूठे दावे करना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। सरकार का लक्ष्य भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म कर युवाओं का विश्वास बहाल करना है। CGPSC 2021–22 भर्ती घोटाले में हुआ था बड़ा खुलासा छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2021–22 भर्ती घोटाले में तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ ता। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की ओर से कोर्ट में पेश की गई पूरक चार्जशीट और उसमें शामिल सरकारी गवाह के बयान से सामने आया था कि सोनवानी का कथित वसूली तंत्र एनजीओ से लेकर कोचिंग संस्थानों तक फैला हुआ था। जांच में पहले यह तथ्य सामने आया था कि सोनवानी की पत्नी के एनजीओ जीवीएस में सीजीपीएससी के सहायक परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर कोषाध्यक्ष के रूप में जुड़े हुए थे। इसी एनजीओ के माध्यम से बजरंग पावर से 50 लाख रुपये की वसूली की गई थी। अब जांच में कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। आरोप है कि उत्कर्ष ने अभ्यर्थियों से करीब सवा करोड़ रुपये वसूले।  

एमपी में LPG संकट, 15% गैस ही उपलब्ध, भोपाल-इंदौर मेट्रो को नहीं मिलेगी गैस, घरेलू सिलेंडर के लिए लंबी वेटिंग

भोपाल   मध्य प्रदेश में रसोई गैस की सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। प्रदेश में LPG की सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। प्रदेश में LPG का स्टॉक सामान्य से भी काफी कम रह गया है। वहीं कई जिलों में घरेलू गैस सिलेंडर की डिलिवरी के लिए लोगों को 5-7 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। सिर्फ 15% स्टॉक, प्राथमिकता के आधार पर मिलेगा सिलेंडर जानकारी के मुताबिक प्रदेश में इस समय कुल मांग के मुकाबले करीब 15% LPG का स्टॉक ही उपलब्ध है। इसे भी मुख्य रूप से इमरजेंसी जरूरतों के लिए सुरक्षित रखा गया है। ऐसे में प्रशासन ने प्राथमिकता के आधार पर घरेलू गैस उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का फैसला किया है। यही कारण है कि फिलहाल औद्योगिक उपयोग और अन्य परियोजनाओं के लिए गैस सप्लाई सीमित कर दी गई है। LPG की कमी की आंच अब किचन तक पहुंच गई है। 3 दिन से प्रदेश में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई ठप है। घरेलू सिलेंडर की वेटिंग भी 5 से 7 दिन की हो गई है। ऑयल कंपनियों ने 15% गैस ही उपलब्ध होने की बात कही है, जो इमरजेंसी सेवा और घरों के लिए ही उपयोग हो सकेगी। ऐसे में गुरुवार से पूरे प्रदेश में गैस का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। इधर, ऑयल कंपनियों की सप्लाई के बाद कमर्शियल सिलेंडर सिर्फ अस्पताल, सेना-पुलिस की कैंटीन, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट स्थित कैंटीन, बस स्टैंड स्थित भोजनालय को ही मिलेंगे। हालांकि, खाद्य विभाग को जरूरत के हिसाब से ऑयल कंपनियों को लिस्ट देना होगी। दूसरी ओर होटल, मैरिज गार्डन, सराफा कारीगरों के साथ भोपाल और इंदौर मेट्रो को कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल सकेंगे। दोनों ही शहरों में मेट्रो का काम चल रहा है, जिसमें वेल्डिंग के लिए एलपीजी का उपयोग होता है। भोपाल-इंदौर मेट्रो को भी नहीं मिलेगी गैस गैस की कमी (LPG Shortage) का असर राज्य की बड़ी परियोजनाओं पर भी पड़ रहा है। भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं को फिलहाल एलपीजी की सप्लाई नहीं दी जाएगी। सरकार का कहना है कि जब तक सप्लाई सामान्य नहीं हो जाती, तब तक गैस का उपयोग सिर्फ जरूरी आवश्यकताओं के लिए ही किया जाएगा। घरेलू सिलेंडर डिलिवरी में देरी गैस एजेंसियों के मुताबिक सप्लाई कम (LPG Shortage) होने की वजह से बुकिंग के बाद सिलेंडर को डिलिवरी में 5-7 दिन तक का समय लग रहा है। कुछ शहरों में यह इंतजार और भी बढ़ सकता है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि जैसे ही गैस की नई खेप पहुंचेगी, डिलीवरी की स्थिति सामान्य होने लगेगी। पहले घरों को गैस, फिर इंडस्ट्री को सप्लाई का संकट (LPG Shortage) देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद ही उद्योग और प्रोजेक्ट्स को गैस उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कुछ दिनों में ही सप्लाई आने की उम्मीद है, जिसके बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी। स्टॉक इतना कि 48 घंटे तैसे-जैसे निकलेंगे भोपाल होटल एसोसिएशन के तेजकुल पाल सिंह पाली का कहना है कि राजधानी में ही डेढ़ हजार से ज्यादा होटल और रेस्टॉरेंट हैं। जहां हर रोज 2 से ढाई हजार सिलेंडर उपयोग होते हैं। जिन होटल या रेस्टॉरेंट में स्टॉक है, वहां 48 घंटे ही तैसे-जैसे निकल पाएंगे। इसके बाद होटल और रेस्टॉरेंट बंद हो जाएंगे। सरकार से मांग की है कि होटल, रेस्टॉरेंट और रेहड़ी वालों को कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति की जाए, लेकिन सरकार ने सिर्फ इमरजेंसी सेवा के लिए गैस देने की बात कही है। मार्च में ही 20 हजार से ज्यादा शादियां प्रदेश में मार्च में ही 20 हजार से ज्यादा शादियां होना हैं। इनमें कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग होता है, लेकिन ये 3 दिन से नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में शादियों में भोजन पकाने में दिक्कतें खड़ी हो रही हैं। भोपाल में 3 हजार आभूषण कारीगर हैं। इन्हें महीने में 9000 हजार सिलेंडर की जरूरत होती है। दाल, मसाले और ड्राई फ्रूट्स हुए महंगे ईरान-इजरायल के बीच युद्ध का असर भोपाल के बाजारों में भी दिख रहा है। भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री एवं कैट के पूर्व प्रवक्ता विवेक साहू ने बताया कि दालों में तेजी बनी हुई है। हरी मूंग करीब 100 रुपए प्रति क्विंटल, मसूर 100 रुपए, चना 150 रुपए, मूंग मोगर लगभग 125 रुपए और चना दाल करीब 100 रुपए प्रति क्विंटल तक तेज बताई जा रही है। वहीं, तूअर दाल के भाव में भी करीब 200 से 300 रुपए प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मसालों के बाजार में भी तेजी देखने को मिल रही है। थोक व्यापारी अनिल कुकरेजा के मुताबिक, मिर्ची लगभग 50 रुपए प्रति किलो और धनिया करीब 40 रुपए प्रति किलो तक महंगी हो गई है। वहीं थोक ड्राई फ्रूट व्यापारी किशोर राजदेव के अनुसार, पिस्ता करीब 250 रुपए प्रति किलो, अंजीर 100 रुपए प्रति किलो, केसर लगभग 20 हजार रुपए प्रति किलो और दाल चीनी करीब 5 रुपए प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है। ईरान के रास्ते आती हैं सामग्री भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री के मुताबिक, पिस्ता, अंजीर, दाल, चीनी सहित कई ड्राई फ्रूट्स ईरान के रास्ते भारत आते हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय हालात का सीधा असर इनके दामों पर पड़ा है। वहीं, भारत से जाने वाले कुछ उत्पादों के दामों में गिरावट भी देखी जा रही है। खोपरा पाउडर करीब 50 रुपए, मखाने 100 रुपए और हरी इलायची लगभग 200 रुपए प्रति किलो तक सस्ती हुई है। पैकेजिंग व्यापार से जुड़े मोतीलाल आडवाणी ने बताया, क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने से कच्चा माल महंगा हो गया है, जिसके कारण पैकेजिंग से जुड़े सामानों के रेट में करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके चलते प्लास्टिक से बने अधिकांश पैकेजिंग आइटम महंगे हो गए हैं।

प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे अहम भूमिका: मुख्यमंत्री साय

प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री  साय छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर के प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने सभी प्रशिक्षु न्यायाधीशों को न्यायिक सेवा में चयन के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का महत्वपूर्ण और सशक्त स्तंभ है। आने वाले समय में आप सभी के कंधों पर समाज और न्याय व्यवस्था से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आप सभी निष्पक्षता, संवेदनशीलता और संविधान के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए इन जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि न्यायपालिका आमजन के अधिकारों की रक्षा और न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है।  इस अवसर पर विधि विभाग की प्रमुख सचिव मती सुषमा सांवत, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की संचालक मती निधि शर्मा तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

108 एम्बुलेंस की तत्परता से बची हजारों जानें, समय पर मदद से मरीजों को मिला जीवन

“108 एम्बुलेंस बनी जीवन रक्षक – समय पर पहुंचकर हजारों मरीजों की बचाई जान” दो महीनों में 13,977 सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाया, गोल्डन आवर में मिली चिकित्सा सहायता भोपाल  मध्यप्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में 108 एम्बुलेंस सेवा घायलों के लिए एक सच्ची जीवन रक्षक सेवा बनकर सामने आई है। आपातकालीन कॉल मिलते ही तेज़ी से घटनास्थल पर पहुंचकर 108 एम्बुलेंस की टीम न केवल घायलों को अस्पताल पहुंचा रही है बल्कि मौके पर ही प्राथमिक उपचार देकर कई गंभीर मामलों में मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनवरी और फरवरी 2026 के दौरान प्रदेशभर में 13,977 सड़क दुर्घटना (रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट) मामलों में 108 एम्बुलेंस ने घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। इसमें जनवरी 2026 में 7,335 और फरवरी 2026 में 6,642 दुर्घटना पीड़ितों को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया। विशेष बात यह है कि इन मामलों में औसतन हर दिन 230 से अधिक घायलों को 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से त्वरित चिकित्सा सहायता मिल रही है। समय पर एम्बुलेंस पहुंचने के कारण कई गंभीर घायलों की जान बच पाई। गोल्डन आवर में जीवन रक्षक साबित हो रही 108 सेवा स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में “गोल्डन आवर” यानी दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस समय के भीतर यदि मरीज को प्राथमिक उपचार और अस्पताल तक पहुंचा दिया जाए तो जीवन बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। 108 एम्बुलेंस सेवा इसी गोल्डन आवर में तेजी से पहुंचकर घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने का कार्य कर रही है, जिससे यह सेवा आम नागरिकों के लिए “जीवन रेखा” साबित हो रही है। प्रशिक्षित टीम मौके पर देती है प्राथमिक उपचार 108 एम्बुलेंस में तैनात प्रशिक्षित ईएमटी (Emergency Medical Technician) और पायलट की टीम घटनास्थल पर पहुंचते ही मरीज की स्थिति का आकलन कर प्राथमिक उपचार प्रदान करती है। कई मामलों में गंभीर रूप से घायल मरीजों को मौके पर ही ऑक्सीजन सपोर्ट, ब्लीडिंग कंट्रोल और बेसिक लाइफ सपोर्ट देकर उनकी स्थिति को स्थिर किया जाता है, जिसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाया जाता है। इन जिलों में सबसे अधिक दुर्घटना मामले प्रदेश के कई जिलों में दुर्घटनाओं के मामले अधिक दर्ज किए गए। इनमें सागर में 844, इंदौर में 591, भोपाल में 576, जबलपुर में 510, रीवा में 499 और सतना में 451 मामलों में 108 एम्बुलेंस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इसके अलावा धार, छिंदवाड़ा, खरगोन, सीधी, उज्जैन और विदिशा सहित कई जिलों में भी बड़ी संख्या में एम्बुलेंस सेवाएं प्रदान की गईं। 15 से 20 मिनट में पहुंच रही एम्बुलेंस आपातकालीन कॉल प्राप्त होने के बाद 108 एम्बुलेंस की टीम औसतन 15 से 20 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच रही है। तेज़ प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय के कारण दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार मिल पा रहा है। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को कम करने के लिए यातायात नियमों का पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग, तेज गति से वाहन न चलाना और मोबाइल फोन का उपयोग न करना बेहद जरूरी है। आंकड़ों में 108 एम्बुलेंस सेवा ▪ जनवरी 2026 – 7,335 सड़क दुर्घटना मामलों में घायलों को सहायता ▪ फरवरी 2026 – 6,642 सड़क दुर्घटना मामलों में घायलों को सहायता ▪ दो महीनों में कुल – 13,977 दुर्घटना पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाया ▪ औसतन प्रतिदिन – 230 से अधिक घायलों को मिली त्वरित सहायता ▪ औसत रिस्पॉन्स टाइम – 15 से 18 मिनट में घटनास्थल पर पहुंची एम्बुलेंस सबसे अधिक दुर्घटना मामले वाले जिले ▪ सागर – 844 ▪ इंदौर – 591 ▪ भोपाल – 576 ▪ जबलपुर – 510 ▪ रीवा – 499 ▪ सतना – 451 जीवन रक्षक उपकरणों से लैस हैं 108 एम्बुलेंस मध्यप्रदेश में संचालित 108 एम्बुलेंस अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों से लैस हैं। 108 एम्बुलेंस सेवा के सीनियर मैनेजर, मध्यप्रदेश, तरुण सिंह परिहार ने बताया कि प्रदेशभर में संचालित सभी एम्बुलेंस में आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं और एम्बुलेंस स्टाफ पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ अपनी सेवाएं दे रहा है। एम्बुलेंस में अम्बुवैग, ब्लड प्रेशर मापने की मशीन, पल्स ऑक्सीमीटर, ग्लूकोमीटर (शुगर जांच उपकरण), थर्मोमीटर तथा जीवन रक्षक ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था रहती है। इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति में उपयोग होने वाली आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध रहती हैं, जिनका उपयोग प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों के मार्गदर्शन में किया जाता है। 108 एम्बुलेंस सेवा के सीनियर मैनेजर, मध्यप्रदेश, तरुण सिंह ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में निजी वाहन के बजाय एम्बुलेंस सेवा का उपयोग करें, क्योंकि एम्बुलेंस में जीवन रक्षक उपकरणों के साथ प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ मौजूद होता है, जो रास्ते में ही मरीज को प्राथमिक उपचार प्रदान कर उसकी स्थिति को स्थिर करने में मदद करता है।उन्होंने कहा कि किसी भी दुर्घटना या स्वास्थ्य आपात स्थिति में तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा पर कॉल करें। हमारी संस्था और एम्बुलेंस कर्मचारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों की सेवा में सदैव तत्पर हैं।

CM मोहन ने किया हटा का नाम बदलने का ऐलान, 405 करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन भी किया

सागर   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जहां बेटियां जन्म से लेकर आजीवन पूजी जाती हैं, वह सिर्फ़ और सिर्फ़ अपना मध्यप्रदेश ही है। नारी सदैव पूजनीय हैं। हम अपने देश को भी जननी मानकर भारत माता की जय कहकर पूजते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेटियों और महिलाओं के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार की योजनाएं महिलाओं के जीवन में हर कदम पर पक्की सहेली बनकर उनके साथ खड़ी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को दमोह जिले के हटा में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन सह शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना के कारण प्रदेश के लिंगानुपात में व्यापक सुधार हुआ है। साथ ही बेटियों के प्रति समाज की सोच में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों की प्रगति और आशीर्वाद से ही प्रदेश में समृद्धि आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से दमोह जिले के लिए 405 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की लागत के 13 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसमें लगभग 232 करोड़ रूपए की लागत से हटा से गैसाबाद सिमरिया मार्ग (एसएच-55) के 73 किमी मार्ग के टू-लेन रोड के रूप में उन्नयन एवं चौड़ीकरण, 74 करोड़ 44 लाख रूपए की लागत से मडियादो से बर्धा किशनगढ़ सड़क निर्माण और 48 करोड़ 89 लाख रूपये की लागत से मड़ियादो से रजपुरा मार्ग के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन शामिल है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विरासत से विकास के मूल मंत्र को अपनाते हुए प्रदेश में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। विगत वर्ष बुंदेलखंड क्षेत्र के वैश्विक पर्यटन स्थल खजुराहो में स्टेट कैबिनेट की मीटिंग कर सरकार ने 27 हजार 500 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल में ही सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन का टीकाकरण शुरू हुआ है। उन्होंने सभी माताओं-बहनों से अपील करते हुए कहा कि अपनी 14 वर्ष से अधिक उम्र कीबेटियों को यह टीका अवश्य लगवाएं और दूसरे लोगों को भी ऐसा ही करने के लिए जागरूक करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है, इससे हमारी बेटियों का भविष्य आजीवन सुरक्षित रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचपीवी वैक्सीन का टीका लगवाने वाली हटा की 8 बेटियों को मंच से प्रमाण पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए।     हटा अ‍ब बनेगा शिवकाशी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हटावासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए हटा का नाम बदलकर इसे शिवकाशी नाम देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हटा श्री श्री 1008 देवश्री गौरीशंकर की नगरी है, इसलिए अब इसे शिवकाशी के रूप में ही जाना जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हटावासियों को और भी कई सौगातें दीं। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि हटा में नवीन आईटीआई भवन बनाया जाएगा। हटा में सर्वसुविधायुक्त नवीन नगर पालिका भवन एवं भव्य गीता भवन भी निर्मित किया जाएगा।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में कार्य का दायदा बहुत विस्तृत है, इसलिए हटा के महाविद्यालय में अब कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन संकाय/विषय भी पढ़ाये जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विनती-मड़ियादौ-चौरईया मार्ग का चौड़ीकरण कराया जाएगा। हटा के शासकीय पीएमश्री महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल में इंडोर ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटेरा में नया महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा करते हुए कहा कि मड़ियादो एवं देवरी फतेहपुर में नया हायर सेकेण्डरी भवन बनाया जाएगा। इसी प्रकार नगर परिषद तेंदूखेड़ा में तारादेही तिराहे से चौरई तक मार्ग चौड़ीकरण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य कराए जाएंगे। नगर परिषद तेंदूखेड़ा में वार्ड क्रमांक 3 में सी.सी. रोड निर्माण कराया जाएगा। गहरा से चौपरा-सिमरी तक मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह जिले में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना के जरिए बुंदेलखंड के हर खेत को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। खेतों में फसलें लहलहाएंगी, अब हटा से कोई रोजगार की तलाश में बाहर नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा अब 55 लाख हैक्टेयर तक पहुंच गया है। इसमें 10 लाख हैक्टेयर रकबा तो पिछले 2 साल में ही बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है। बेटियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। महिलाओं की खुशहाली में ही प्रदेश की खुशहाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने 2 दिन पहले महिला दिवस मनाया है। अब आगे नवरात्रि आ रही है। राज्य सरकार नारी कल्याण के लिए समर्पित है। प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को हर माह सम्मानपूर्वक 1500 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द लोकसभा और विधानसभा में बहनों को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। राज्य में नगरीय निकायों में यह आरक्षण 50 प्रतिशत तक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हटा विधायिका उमादेवी खटीक को जन्मदिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे हटावासियों की दीर्घकाल तक सेवा करती रहें।  हटा विधायिका खटीक ने स्वागत संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहली बार हटा विधानसभा क्षेत्र आए हैं। साथ में 405 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगातें भी लाये हैं। उन्होंने कहा कि नारी पूरे समाज के विकास की प्रमुख आधारशिला होती है। आज हमारी महिलाएं शिक्षा, सेना और हर क्षेत्र में देश को गौरव दिला रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मजबूती से काम हो रहा है। प्रदेश में हर बेटी का सम्मान और हर महिला को रोजगार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आज दमोह जिले के लिए अनेक विकास कार्यों का भूमि-पूजन पूरा हुआ है। इससे इस क्षेत्र के विकास को नए पंख लगेंगे।  कार्यक्रम में उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं दमोह जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार, प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) … Read more