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ट्विशा मामले की जांच घेरे में! फंदे की पहचान का रिकॉर्ड गायब, जांच की जानकारी पहुंचने के भी आरोप

भोपाल  एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा डेथ केस की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अब मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। इस बीच, सीबीआई जांच से पहले हुई स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह द्वारा जबलपुर हाईकोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जांच से जुड़े बेहद गोपनीय और अहम तथ्य पहले ही उन तक पहुंच रहे थे। इसी का फायदा उठाकर वह समय रहते अग्रिम जमानत लेने में कामयाब हो गई थीं, जिसे बाद में 27 मई को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। शुरुआती जांच में पुलिस की बड़ी लापरवाही ट्विशा के परिजनों की ओर से भोपाल कोर्ट में पैरवी कर रहे एडवोकेट अंकुर पांडे का आरोप है कि शुरुआत में ही मृतका की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को संदिग्ध माना जाना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। मामले से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, 13 मई 2026 की सुबह सब इंस्पेक्टर (SI) दिनेश शर्मा ने फंदे की रस्सी तो जब्त की, लेकिन लिखापढ़ी में उस व्यक्ति का स्पष्ट विवरण ही दर्ज नहीं किया गया जिसने रस्सी की पहचान की थी। इसके अलावा, उस महत्वपूर्ण रस्सी को तुरंत फॉरेंसिक जांच के लिए एम्स अस्पताल भेजने के बजाय सब इंस्पेक्टर ने अपनी निजी कार में रख दिया था और बाद में उसे जांच के लिए भेजा गया। इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा, केस डायरी का हिस्सा रहे जब्ती से जुड़े दस्तावेज भी आरोपियों तक पहुंच गए थे। कानूनी नियमों के मुताबिक, उस समय समर्थ और गिरिबाला आरोपी नहीं थे, इसलिए उन्हें इन दस्तावेजों को देखने का कोई अधिकार नहीं था। इसके बावजूद अग्रिम जमानत याचिका के साथ इन गोपनीय दस्तावेजों को अदालत में दाखिल कर दिया गया, जिससे साफ है कि जांच की जानकारी लीक हो रही थी। मनोचिकित्सक से पूछताछ और मेडिकल पर्चे की जांच केस को आगे बढ़ाते हुए सीबीआई की टीम ने अब ट्विशा का इलाज करने वाले प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉक्टर सत्यकांत त्रिवेदी से विस्तृत पूछताछ की है। दरअसल, आरोपी पक्ष ने भोपाल कोर्ट में कुछ ऐसे मेडिकल दस्तावेज पेश किए थे, जिनमें दावा किया गया था कि ट्विशा मानसिक रूप से परेशान थी और उसका मनोरोग का इलाज चल रहा था। सीबीआई अब इन मेडिकल पर्चों की असलियत खंगाल रही है। जांच एजेंसी ने डॉक्टर से पूछा कि ट्विशा कब-कब इलाज के लिए आई थी, उसे क्या समस्याएं थीं और काउंसलिंग के दौरान उसने अपनी निजी जिंदगी को लेकर क्या बातें साझा की थीं। इस पूछताछ पर डॉक्टर सत्यकांत त्रिवेदी ने सीबीआई से संपर्क की पुष्टि की है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीज की गोपनीयता और उसके अधिकारों को देखते हुए वह काउंसलिंग की व्यक्तिगत बातों का खुलासा सार्वजनिक रूप से नहीं कर सकते। पूर्व जज की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन अलर्ट मामले में गिरफ्तारी के बाद 29 मई को रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को भोपाल की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। शुरुआत में दोनों को जेल के अस्पताल वार्ड में वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने के आरोप लगे थे, जिसके बाद जेल प्रबंधन ने उन्हें सामान्य बैरक में शिफ्ट कर दिया है। अदालत के निर्देश के बाद जेल में गिरिबाला सिंह की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उनकी बैरक के पास अतिरिक्त प्रहरियों की तैनाती के साथ ही सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ा दी गई है। सुरक्षा बढ़ाने की मुख्य वजह यह है कि गिरिबाला सिंह जब 15 जुलाई 2021 से 28 फरवरी 2023 तक भोपाल जिला कोर्ट में जज के पद पर तैनात थीं, तब उन्होंने जिन अपराधियों को सजा सुनाई थी, उनमें से 29 कैदी वर्तमान में इसी जेल में बंद हैं। ऐसे में किसी भी अनहोनी या आपसी रंजिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

मध्यप्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, मानसून आने से पहले रिकॉर्ड बारिश; आधे प्रदेश में आज तेज आंधी की चेतावनी

भोपाल  मध्यप्रदेश में मानसून की औपचारिक एंट्री भले ही अभी नहीं हुई हो, लेकिन प्रदेश में बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। जून महीने में अब तक औसत से करीब 65 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। कई जिलों में तो सामान्य से कहीं अधिक पानी गिर चुका है। कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश प्रदेश में औसतन जून में जहां लगभग 8.3 मिमी बारिश होती है, वहीं इस बार अब तक इससे कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई है। भोपाल, आगर-मालवा और शाजापुर में करीब 2 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि नीमच में ढाई इंच तक पानी गिर चुका है। मानसून से पहले ही सक्रिय हुआ मौसम रविवार को मानसून महाराष्ट्र में प्रवेश कर चुका है, जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि मध्य प्रदेश में 15 से 18 जून के बीच मानसून दस्तक दे सकता है। पिछले वर्ष मानसून 16 जून को प्रदेश में पहुंचा था। मौसम विभाग का अलर्ट मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। जबकि, कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर मौजूदा मौसम प्रणाली इसी तरह सक्रिय रही तो मध्य प्रदेश में मानसून तय समय के आसपास यानी 15 से 18 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। मानसून की दस्तक के साथ प्रदेशभर में तेज बारिश का दौर शुरू होने की संभावना भी है। तापमान में आई गिरावट वहीं, राजधानी भोपाल समेंत प्रदेश के कई जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान अच्छी बारिश दर्ज हुई, जिससे तापमान में गिरावट देखी जा रही है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। बारिश के कारण कई इलाकों का मौसम सुहावना हो गया है और कई क्षेत्रों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। नीमच जिले में 2.5 इंच बारिश अबतक प्रदेशभर में सबसे अधिक नीमच जिले में करीब 2.5 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं, कई अन्य जिलों में भी एक इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। लगातार सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेशभर में प्री-मानसून बारिश का दौर जारी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी तथा पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के असर के चलते प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। यही कारण है कि, मानसून आने से पहले ही कई जिलों में अच्छी बारिश हो रही है। भोपाल में 15 जून तक तेज गर्मी राजधानी में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर दिखा है। 3 साल तो तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। वहीं, रात का तापमान 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई थी। वहीं, 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। ये 10 साल में दूसरी बार था जब शहर में इतनी बारिश हुई। उस समय 24 घंटे में ही करीब 5 इंच बारिश हुई थी। कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट मौसम विभाग (IMD) भोपाल के अनुसार, सोमवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी सहित कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बदल रहा मौसम प्रदेश में जून की शुरुआत से ही रुक-रुक कर बारिश और आंधी का दौर जारी है, जिससे तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना जताई है। मानसून की एंट्री से पहले बारिश का दौर प्रदेश में मानसून की एंट्री से पहले आंधी-बारिश का दौर चल रहा है। जून की शुरुआत से ही बारिश हो रही है। रविवार को देवास, सीहोर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर बना रहा। ऐसा ही मौसम सोमवार को भी रहेगा। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल की माने तो आज ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी में आंधी-बारिश का अलर्ट है। अब तक इन जिलों में 1 इंच से ज्यादा बारिश सतना, सीधी, आगर-मालवा, भोपाल, बुरहानपुर, हरदा, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर में 1 इंच या इससे ज्यादा बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग की माने तो मानसूनी बारिश 1 जून से ही रिकॉर्ड की जाती है, जो 30 सितंबर तक चलती है। इस दौरान होने वाली वाली मानसूनी बारिश कहलाती है। वर्तमान में प्रदेश में प्री-मानसूनी एक्टिविटी चल रही है।  

जेब पर बढ़ा बोझ: पेट्रोल-डीजल से लेकर घरेलू LPG और CNG तक महंगी, आम जनता परेशान

नई दिल्ली ईरान-अमेरिका युद्ध की मार सड़क से लेकर हमारे किचन तक पड़ रही है। पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने से एक ओर महंगाई बढ़ रही है तो सड़क का सफर भी महंगा हो गया है। सीएनजी से भी राहत नहीं है और एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतें कोढ़ में खाज का काम कर रही है। किचन का बजट बिगड़ रहा है। रुस-युक्रेन युद्ध के दौरान भी कच्चे तेलल के दाम आसमान छू रहे थे, इसके बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े। चार साल तक शांत रहने के बाद मई 2026 में पेट्रोल और डीजल के दाम ताबड़तोड़ बढ़े। चार बार की बढ़ोतरी में अबतक ये करीब 7.50 रुपये लीटर महंगे हो चुके हैं। इसके अलावा सीएनजी और एलपीजी के दाम में भारी बढ़ोतरी हुई है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बात करें तो युद्ध से करीब एक साल से अधिक समय पहले से 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ था। बड़े आराम से दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 853 रुपये में मिल रहा था। सबकुछ अच्छा चल ही रहा था कि फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला कर दिया। पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट गहरा गया। कच्चे तेल के दाम 125 डॉलर प्रति बैरल के पार चले गए। अक्सर एलपीजी के रेट महीने की पहली तारीख को होते हैं। घरेलू सिलेंडर के दाम 89 रुपये बढ़े 1 मार्च को रेट तो जारी हुए, लेकिन घरेलू सिलेंडर के दाम नहीं बढ़े। युद्ध के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 7 मार्च को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के नए रेट का ऐलान कर दिया। इसके तहत एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये का इजाफा कर दिया। इसके साथ ही दिल्ली में घरेलू सिलेंडर महंगा होकर 913 रुपये पर पहुंच गया। ठीक 3 महीने बाद दाम फिर 29 रुपये और बढ़ गए। अब दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 942 रुपये का हो गया है। कमर्शियल सिलेंडर के दाम 1773 रुपये बढ़े ये 3 महीने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए अब तक झटका वाला रहा। महज 3 महीने में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर 1740.50 रुपये से ₹3,113.50 पर पहुंच गया। यानी सिलेंडर कुल 1373 रुपये महंगा हो गया। यही सिलेंडर फरवरी में 1740.50 रुपये का था। इसके बाद मार्च में डबल झटके लगे। 1 मार्च 2026 को कमर्शियल सिलेंडर के दाम 28 रुपये और बढ़कर 1768.50 रुपये पर पहुंच गए। इसके बाद 7 मार्च को 114.50 रुपये का झटका लगा और 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर दिल्ली में 1883 रुपये पर पहुंच गया। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 2078.50 रुपये पर पहुंच गए। सबसे बड़ा झटका लगा मई में। इस महीने सिलेंडर के दाम में ऐतिहासिक 993 रुपये की बढ़ोतरी हुई और दिल्ली में कीमत सीधे पहुंच गई 3071.50 रुपये पर। 1 जून को भी इसमें 42 रुपये का इजाफा हुआ और दिल्ली में 19 किलो वाला सिलेंडर 1 जून से ₹3,113.50 का हो गया है। सीएनजी की कीमतें भी 3 बार बढ़ीं युद्ध के दौरान पेट्रोल-डीजल और एलपीजी के दाम तो बढ़े ही, सीएनजी की कीमतें भी आसमान छूने लगी हैं। अभी कीमतों में शनिवार को 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी जो 10 दिनों से भी कम समय में तीसरी बढ़ोतरी है। दिल्ली में सीएनजी की कीमत अब 81.09 रुपये प्रति किलोग्राम होगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में कीमतें बढ़कर 89.70 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं, जबकि गुरुग्राम में सीएनजी की कीमत 86.12 रुपये प्रति किलोग्राम होगी। यह बढ़ोतरी 15 मई को घोषित 2 रुपये प्रति किलोग्राम और 17 मई को 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी के बाद हुई है।

टीम इंडिया की शानदार जीत! मुल्लांपुर टेस्ट में अफगानिस्तान तीसरे दिन ही हुआ ढेर

 मुल्लांपुर मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) के महाराजा यादविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच टेस्ट मैच खेला गया. इस मुकाबले को भारतीय टीम ने पारी और 300 रनों से जीता. मुकाबला तीसरे दिन के तीसरे सत्र में ही समाप्त हो गया।  भारतीय टीम ने इस मुकाबले में अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की. इसके बाद अफगानी टीम अपनी पहली पारी में 152 रनों पर ढेर हो गई और उसे फॉलोऑन खेलना पड़ रहा है. पहली पारी के आधार पर भारत को 412 रनों की बड़ी लीड मिली. फिर अफगानिस्तान की दूसरी पारी 112 रनों पर ही सिमट गई. मुकाबले में टॉस भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीता था और पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया था।  फॉलोऑन खेलते हुए भी अफगानी टीम की शुरुआत कुछ ठीक नहीं रही. अब्दुल मलिक सिर्फ 8 रनों के निजी स्कोर पर मोहम्मद सिराज का शिकार बने. यहां से अफगानिस्तान ने लगाातार अंतराल में विकेट खोए. सेदिकुल्लाह अटल ने सबसे ज्यादा 42 रन बनाए. वहीं रहमानुल्लाह गुरबाज (24 रन) और रहमत शाह (13 रन) भी दोहरे अंकों तक पहुंचने में सफल रहे. वॉशिंगटन सुंदर ने चार और कुलदीप यादव ने तीन सफलताएं हासिल कीं।  अफगानिस्तान की दूसरी पारी का स्कोरकार्ड बल्लेबाज विकेट रन सेदिकुल्लाह अटल कॉट प्रसिद्ध कृष्णा, बोल्ड वॉशिंगटन सुंदर 42 अब्दुल मलिक LBW मोहम्मद सिराज 8 रहमानुल्लाह गुरबाज कॉट प्रसिद्ध कृष्णा, बोल्ड कुलदीप यादव 24 रहमत शाह कॉट मानव सुथार, बोल्ड वॉशिंगटन सुंदर 13 हशमतुल्लाह शाहिदी कॉट शुभमन गिल, बोल्ड  वॉशिंगटन सुंदर 5 अफसर जजई LBW मानव सुथार 8 अजमतुल्लाह उमरजई कॉट कुलदीप यादव, बोल्ड वॉशिंगटन सुंदर 4 नांगेयालिया खरोटी कॉट मानव सुथार, बोल्ड कुलदीप यादव 6 जियाउर रहमान शरीफी नाबाद 4* मोहम्मद सलीम सफी कॉट साई सुदर्शन, बोल्ड कुलदीप यादव 0 विकेट पतन: 42-1 (अब्दुल मलिक, 13.1 ओवर), 74-2 (रहमानुल्लाह गुरबाज, 19.1 ओवर), 87-3 (रहमत शाह, 22.6 ओवर), 93-4 (हशमतुल्लाह शाहिदी, 26.3 ओवर), 98-5 (सेदिकुल्लाह अटल, 28.6 ओवर) मानव सुथार ने झटके 6 विकेट पहली पारी में अफगानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे दिन के ही खेल में अफगानिस्तान ने पांच विकेट गंवा दिए. अब्दुल मलिक (16 रन), रहमानुल्लाह गुरबाज (17 रन) और अफसर जजई (3 रन) के विकेट स्पिनर मानव सुथार ने झटके. सुथार का ये डेब्यू मुकाबला है. वहीं तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने सेदिकुल्लाह अटल (17 रन) और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी (20 रन) को पवेलियन रवाना कर दिया. रहमत शाह ने शानदार बैटिंग कर अफगानी इनिंग्स को संभालने का प्रयास किया। तीसरे दिन के खेल में भारतीय टीम को प्रसिद्ध कृष्णा ने जल्द ही कामयाबी दिलाई और उन्होंने अजमतुल्लाह उमरजई (0 रन) को बोल्ड किया. रहमत शाह की शानदार बैटिंग जारी रही और वो भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में 50 या उससे ज्यादा की इनिंग्स खेलने वाले पहले अफगानी बल्लेबाज बने. शराफुद्दीन अशरफ (11 रन) ने रहमत का साथ देने की कोशिश की, लेकिन मानव सुथार ने उनकी इनिंग्स पर ब्रेक लगा दिया। इसके बाद मानव सुथार ने रहमत शाह को बोल्ड कर अपने पांच विकेट पूरे किए. रहमत ने 9 चौके और एक छक्के की मदद से 135 बॉल पर 60 रन बनाए. मानव सुथार यही नहीं रुके और मोहम्मद सलीम सफी (0 रन) को आउट कर अपना छठा विकेट लिया. जियाउर रहमान शरीफी (6 रन) आउट होने वाले आखिरी बैटर रहे, जिनका विकेट वॉशिंगटन सुंदर ने लिया. भारत की ओर से स्पिनर मानव सुथार ने अपनी डेब्यू इनिंग्स में 6 विकेट झटके ।   डेब्यू टेस्ट मैच में कमाल: छह विकेट लेने वाले 10वें भारतीय बने मानव सुथार भारत में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज मानव सुथार ने अपने डेब्यू टेस्ट मैच में ही चमक बिखेरी और वह फाइव विकेट हॉल पूरा करने में सफल रहे। मुल्लांपुर में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के तीसरे दिन सुथार ने यह उपलब्धि अपने नाम दर्ज की। मानव सुथार की अगुआई में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने अफगानिस्तान की पहली पारी 152 रन पर ढेर कर दी है। भारत ने पहली पारी आठ विकेट पर 564 रन पर घोषित की थी। इस तरह भारत को 412 रनों की बड़ी बढ़त हासिल हुई है। भारत ने अफगानिस्तान को फॉलोआन देने का फैसला किया है जिसके बाद टीम दूसरी पारी में खेलने उतरी।   भारत की पहली पारी में दमदार बल्लेबाजी भारत ने पहली पारी में दमदार बल्लेबाजी की थी। भारत की ओर से कप्तान शुभमन गिल और केएल राहुल ने शतक लगाए थे। वहीं, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत और वाशिंगटन सुंदर ने अर्धशतक लगाए थे। अफगानिस्तान की टीम भारत को आॅलआउट नहीं कर सकी थी और टीम इंडिया ने दूसरे दिन चायकाल से पहले पारी घोषित करने का फैसला किया था। अफगान के रहमत ने 60 रन की पारी खेली अफगानिस्तान की पहली पारी तीसरे दिन पहले सत्र में ही ढेर हो गई। अफगानिस्तान के लिए सिर्फ रहमत शाह ने 60 रन की पारी खेली। अन्य बल्लेबाज फ्लॉप रहे। भारत की ओर से डेब्यू कर रहे मानव सुथार ने छह विकेट झटके। वहीं, प्रसिद्ध कृष्णा को तीन और वाशिंगटन सुंदर को एक विकेट मिला। भारतीय गेंदबाज का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मानव ने अफगानिस्तान के खिलाफ पहली पारी में 33 रन देकर छह विकेट लिए जो किसी भारतीय गेंदबाज का टेस्ट डेब्यू पर पहली पारी में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यह रिकॉर्ड नरेंद्र हिरवानी के नाम है जिन्होंने 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट डेब्यू की पहली पारी में 61 रन देकर आठ विकेट लिए थे। वहीं, 1967 में आबिद अली ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में 55 रन देकर छह विकेट और दिलीप जोशी ने 1979 में आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ 103 रन देकर छह विकेट लिए थे। सुथार 10वें भारतीय हैं जिन्होंने टेस्ट डेब्यू पर फाइव विकेट हॉल पूरा किया है, जबकि सातवें भारतीय स्पिनर हैं जो पहले ही टेस्ट में यह कीर्तिमान अपने नाम कर सके हैं। गेंद और बल्ले दोनों से दिया योगदान अफगानिस्तान के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट मैच में युवा स्पिन आलराउंडर मानव सुथार ने शानदार प्रदर्शन कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने गेंदबाजी में बेहद किफायती और प्रभावी स्पेल डाला। वहीं, बल्लेबाजी में भी मानव ने उपयोगी योगदान देते हुए 41 गेंदों पर 28 … Read more

करीबी की कॉल बनी सुराग, नेपाल सीमा क्षेत्र में किराये के मकान से पकड़ा गया जहांगीर खान

कोलकाता तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक जहांगीर खान पर कानून का शिकंजा कस गया है. पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने जहांगीर को गिरफ्तार कर लिया है. जहांगीर को नेपाल की सीमा के समीप से पकड़ा गया है. जहांगीर फलता चुनाव में नाम वापसी का ऐलान करने के बाद से ही अंडरग्राउंड चल रहा था।  जहांगीर खान की गिरफ्तारी को लेकर जो जानकारी सामने आ रही है, उसके मुताबिक वह नेपाल की सीमा से सटे इलाके में किराये का मकान लेकर अपने परिवार के साथ रह रहा था. एसटीएफ को आधा दर्जन से अधिक मामलों में जहांगीर की तलाश थी. एसटीएफ ने जहांगीर की गिरफ्तारी के लिए टेक्निकल सर्विलांस का सहारा लिया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।  पश्चिम बंगाल पुलिस की एसटीएफ ने जहांगीर खान के करीबी सहयोगियों के फोन भी ट्रेस करना शुरू कर दिया. जहांगीर ने इसी बीच अपने एक करीबी सहयोगी से संपर्क किया और यही फोन कॉल एसटीएफ के लिए उस तक पहुंचने का रास्ता तैयार कर गई. एसटीएफ ने मोबाइल नेटवर्क के जरिये लोकेशन का पता लगा लिया. एसटीएफ ने तसल्ली से पहले जहांगीर खान का ठिकाना चिह्नित किया।  एसटीएफ जब जहांगीर खान के ठिकाने को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हो गई, 7 और 8 जून की रात छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया. जहांगीर के खिलाफ हत्या के प्रयास, जबरन वसूली समेत कई गंभीर धाराओं में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं. जहांगीर खान हालिया बंगाल चुनाव में फलता विधानसभा सीट से टीएमसी का उम्मीदवार था. जहांगीर खान ने सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद गिरफ्तारी से सुरक्षा के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।  आईपीएस अजयपाल शर्मा के साथ हुआ था विवाद फाल्टा में चुनाव के दौरान टीएमसी नेता जहांगीर खान पर ईवीएम में छेड़खानी के आरोप लगे थे। इसके अलावा चुनाव ऑब्जर्वर बनाए गए आईपीएस अजयपाल शर्मा की सख्ती के बाद उनके बयानों ने सुर्खियां बटोरी थीं। जहांगीर खान ने कहा था कि अगर अजयपाल शर्मा सिंघम है तो वह पुष्पा हैं। चुनाव में गड़बड़ी की रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग ने फाल्टा का चुनाव रद्द कर दिया था। 26 मई को फाल्टा में दोबारा मतदान हुआ। तब जहांगीर खान ने वोटिंग से दो दिन पहले खुद को चुनाव से अलग कर लिया। फाल्टा में बीजेपी की जीत हुई और जहांगीर खान चौथे स्थान पर रहे। जहांगीर खान को टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है। फाल्टा में करारी हार के बाद टीएमसी के भीतर भी काफी हंगामा हुआ और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व पर सवाल उठे। जहांगीर खान के खिलाफ दर्ज थे ये केस     जहांगीर खान के खिलाफ जबरन वसूली, धमकी देने, राजनीतिक हिंसा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने से जुड़े सात से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे।     जहांगी इन सभी मामलों में लगातार फरार चल रहा था।     पुलिस उसकी तलाश में कई जगहों पर छापेमारी कर रही थी।     स्थानीय स्तर पर प्रभाव और दबदबे के कारण जहांगीर खान को लोग ‘फाल्टा का पुष्पा’ भी कहकर बुलाते थे। खुद को बताया था पुष्पा बता दें कि विधानसभा चुनावों में बीजेपी को पहली बार पश्चिम बंगाल में सफलता मिली। सत्ता संभालने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने फाल्टा में चुनाव प्रचार भी किया। प्रचार के दौरान उन्होंने जहांगीर खान को चुनौती देते हुए कहा था कि जनता अब 'पुष्पा' को हराएगी। बता दें कि चुनाव के दौरान जहांगीर खान ने आईपीएस अजयपाल शर्मा को ललकारते हुए कहा था कि अगर वह सिंघम हैं तो हम भी पुष्पा हैं। चुनाव प्रचार के आखिरी दिन बुधवार को भी शुभेंदु अधिकारी ने बीजेपी उम्मीदवार के साथ रोड शो किया। फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई को मतदान होगा और 24 मई को वोटों की गिनती होगी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने जहांगीर खान को फलता चुनाव तक के लिए गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दे दी थी. जहांगीर ने फिर हाईकोर्ट का रुख कर इसकी अवधि बढ़ाने की मांग की, लेकिन हाईकोर्ट ने इस बार उसे झटका दे दिया. जहांगीर खान ने फलता चुनाव के लिए प्रचार के अंतिम दिन मैदान छोड़ने का ऐलान कर दिया था. इसके बाद से ही वह अंडरग्राउंड चल रहा था।  नतीजों के बाद हुए गायब पश्चिम बंगाल में 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही राजनीतिक समीकरण बदल गए थे। इसके बाद 21 मई तक जहांगीर खान पूरी तरह से परिदृश्य से ‘गायब’ हो चुके थे। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने चुनाव से ठीक दो दिन पहले अपना नाम वापस ले लिया था। नाम वापस लेने के बाद से ही वे लगातार पुलिस की टीम को चकमा देकर भाग रहे थे। आखिरकार उनकी यह फरारी आज सुबह नेपाल सीमा के पास हमेशा के लिए समाप्त हो गई। वोटर लिस्ट में हेरफेर का आरोप चुनावी प्रक्रिया के दौरान एसआईआर के समय से ही जहांगीर खान पर कई अवैध गतिविधियों के आरोप थे। उन पर सरकारी बीएलओ को डरा-धमकाकर अपने पक्ष में प्रभावित करने का बेहद गंभीर आरोप लगा था। इसके अलावा उन्होंने वोटों की संख्या बढ़ाने के लिए मृतकों के नाम भी सूची में शामिल करवाए थे। इन सभी जालसाजियों के सबूत सामने आने के बाद से ही पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। इन हरकतों ने चुनाव की पूरी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। अजय पाल शर्मा की तैनाती इलाके में जहांगीर खान द्वारा लोगों को धमकाने और डराने के आरोपों पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध किया था। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने स्वयं इन घटनाओं के खिलाफ बहुत मजबूती से अपनी आवाज उठाई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अजय पाल शर्मा को नियुक्त किया। उन्हें विशेष पर्यवेक्षक के रूप में जिम्मेदारी सौंपकर डुंडी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में भेजा गया था। इस नियुक्ति का उद्देश्य इलाके में पूरी तरह से कानून व्यवस्था बहाल करना था। मशीनों पर टेप और दोबारा चुनाव फालता विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दिन बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली और अराजकता देखने को मिली थी। वोटिंग के दौरान ही कई ईवीएम मशीनों पर सेलोटेप चिपकाए जाने की चौंकाने वाली घटनाएं सामने आई थीं। इस … Read more

निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने किया निरीक्षण, कार्यों का लिया जायजा

निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने किया निरीक्षण निर्धारित मानकों के अनुरूप तेज गति से हो रहे निर्माण कार्य की सराहना रायपुर जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने आज जशपुर में निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल भवन के निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं तेज गति से संचालित किए जाने पर संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की सराहना की। निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने कहा कि अस्पताल के पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा तथा स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार, एसडीएम जशपुर श्री विश्वास राव मस्के, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन अभियंता श्री प्रफुल्ल चौरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि इस अत्याधुनिक चिकित्सालय का निर्माण एनटीपीसी लारा के सीएसआर मद से लगभग 35 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। अस्पताल का भूमिपूजन 7 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया था। वर्तमान में छह मंजिला भवन के ग्राउंड फ्लोर सहित चार मंजिलों की ढलाई का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। प्रस्तावित अस्पताल में ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी सेवाएं, प्रथम तल पर ओपीडी, द्वितीय एवं तृतीय तल पर वार्ड, चतुर्थ तल पर आईसीयू तथा पंचम तल पर ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था होगी। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 15 ओपीडी कक्ष, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थियेटर, फिजियोथेरेपी यूनिट, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस, एक्स-रे, एमआरआई, ईसीजी, इमरजेंसी वार्ड सहित अन्य आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अस्पताल के शुरू होने से जशपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

स्वच्छता से लेकर सड़क तक विकास की रफ्तार तेज, नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता: अरुण साव

स्वच्छता, पेयजल, सड़क, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाएं बढ़ाने प्रमुखता से किये जा रहे काम – अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने 7.19 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन नगर पालिका की मांग पर 3.72 करोड़ के कार्यों को दी मंजूरी, नए कार्यों के लिए भी 2 करोड़ देने की घोषणा की रायपुर.  उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के तीसरे दिन किरंदुल में 7 करोड़ 19 लाख रुपये की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 14 लाख 85 हजार रुपये के कार्यों का लोकार्पण और 3 करोड़ 4 लाख 9 हजार रुपये के कार्यों के भूमिपूजन शामिल हैं। साव ने आक्सीजोन में बस्तर के टाइगर ब्वाय चेंदरू की प्रतिमा का अनावरण भी किया। विधायक चैतराम अटामी और छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री साव ने किरंदुल में जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से 3 करोड़ 26 लाख रुपये से अधिक की लागत से विकसित ऑक्सीजोन पार्क का लोकार्पण किया। उन्होंने 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत खरीदी गई बैक हो लोडर मशीन, सक्शन मशीन सह मेला टैंकर, ट्रैक्टर इंजन एवं पानी टैंकर को नगर पालिका को सौंपा। उन्होंने कहा कि इन संसाधनों से नगर की स्वच्छता व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने ऑक्सीजोन पार्क की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक पार्क नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और मनोरंजन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। साव ने किरंदुल में नाला निर्माण, मुक्तिधाम निर्माण तथा अधोसंरचना मद से विभिन्न वार्डों में सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से नगर की आधारभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा तथा नागरिकों को बेहतर आवागमन और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होगा। उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में बस पार्किंग एवं स्टेज-स्टैंड के पास सीसी रोड तथा विद्युत व्यवस्था के लिए 1 करोड़ 58 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने सीसी रोड के लिए 27 लाख रुपये की भी घोषणा की। उन्होंने नगर पालिका की मांग पर 3 करोड़ 72 लाख रुपये के प्रस्तावित विकास कार्यों को स्वीकृत करने के साथ ही नए कार्यों के लिए अलग से दो करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की।  उप मुख्यमंत्री ने मलंगीर जलप्रपात से किरंदुल और बचेली में पेयजल आपूर्ति की योजना की संभावनाओं पर भी सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। क्षेत्रीय विधायक, जनप्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं का परीक्षण कर स्थायी व प्रभावी पेयजल व्यवस्था विकसित करने की कार्ययोजना बनाई जाएगी। उप मुख्यमंत्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में किरंदुल नगर पालिका में 16 करोड़ 43 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत एवं संचालित किए गए हैं। राज्य सरकार नगरों के सुनियोजित विकास के लिए सिटी डेवलपमेंट प्लान के अनुरूप कार्य कर रही है। स्वच्छता, पेयजल, सड़क, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने लगातार काम किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है। इसी उद्देश्य से वे लगातार बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में सड़क, पेयजल एवं शहरी अधोसंरचना के विकास को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। उप मुख्यमंत्री ने किरंदुल की प्राकृतिक सुंदरता की तारीफ करते हुए कहा कि बैलाडीला पर्वतमालाओं की गोद में बसा किरंदुल प्राकृतिक दृष्टि से प्रदेश के सबसे सुंदर नगरों में से एक है। चारों ओर हरियाली, पर्वतीय सौंदर्य और स्वच्छ वातावरण इस नगर को विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए किरंदुल को एक आदर्श एवं आधुनिक नगर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार कार्य कर रही है। किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रूबी शैलेन्द्र सिंह, बचेली नगर पालिका के अध्यक्ष राजू जायसवाल, दंतेवाड़ा नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जिला पंचायत के अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, शैलेन्द्र सिंह और संतोष गुप्ता सहित पार्षदगण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

क्रॉस वोटिंग की अटकलों के बीच राज्यसभा चुनाव दिलचस्प, क्या बीजेपी का दांव बदलेगा पूरा गणित?

भोपाल  मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर हो रहे चुनाव के लिए शह-मात का खेल शुरू हो गया है. विधायकों की संख्या के लिहाज से दो बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के लिए कन्फर्म मानी जा रही थी, लेकिन बीजेपी ने तीसरे उम्मीदवार के तौर पर महेश केवट को उतारकर राहुल गांधी की करीबी मिनाक्षी नटरजान की सियासी टेंशन बढ़ा दी है?  राज्यसभा सीटों के लिए बीजेपी ने तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल के बाद महेश केवट को प्रत्याशी बनाया है तो कांग्रेस ने पूर्व सांसद मिनाक्षी नटराजन पर दांव खेला है. इस तरह तीन सीटों के लिए चार उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं।  मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवारों के नाम का ऐलान के बाद निर्विरोध चुनाव की संभावना खत्म हो गई है और वोटिंग के जरिए ही फैसला होगा.  ऐसे में अब असल पेंच विधायकों की क्रॉस वोटिंग को लेकर फंसता दिख रहा है ।  कौन हैं महेश केवट, जिन्हें बीजेपी ने एमपी से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट को उतारा है. महेश केवट मध्य प्रदेश में मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हैं.  महेश केवट को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने मछुआरा वर्ग को संदेश दिया है. महेश केवट 1984 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े है.  वो ओरछा शाखा में मुख्य शिक्षक रह चुके हैं. छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के ब्लॉक संयोजक के रूप में कार्य किया।  महेश केवट 1995 से भाजपा की सक्रिय राजनीति में हैं और विभिन्न संगठनात्मक पदों पर काम कर चुके हैं. 2000 में पार्षद निर्वाचित हुए तथा नगर परिषद ओरछा के उपाध्यक्ष भी रहे. भाजपा के जिला मंत्री, जिला उपाध्यक्ष और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य के रूप में संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. इसके अलावा हरियाणा विधानसभा चुनाव, शहडोल लोकसभा उपचुनाव, चित्रकूट, मुंगावली और पृथ्वीपुर उपचुनावों में संगठन की ओर से अहम जिम्मेदारियां संभालीं।  भाजपा से तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल भी कर चुके नामांकन मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होना है. भाजपा ने दो सीटों के लिए पहले ही तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल के नाम की घोषणा कर दी थी. इन दोनों ने नामांकन भी दाखिल कर दिया है. तीसरे सीट के लिए अब महेश केवट को उतार कर भाजपा ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी है. अब कांग्रेस विधायकों के क्रॉस वोटिंग का खतरा मंडराने लगा है।  कांग्रेस के पास 62 वोट, एकजुट रखना चुनौती मालूम हो कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस के पास 62 वोट हैं. एक सीट जीतने के लिए 58 वोट चाहिए. उधर बीजेपी को तीसरी सीट जीतने के लिए केवल आठ अतिरिक्त वोट चाहिए. इसी कारण कांग्रेस में हड़कंप मच गया है. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है. मीनाक्षी की जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस को अपने वोटों को एकजुट रखना होगा. लेकिन इससे पहले कांग्रेस विधायकों में टूट हो चुकी है. लिहाज़ा एमपी में राज्य सभा चुनाव काँटे का हो गया है।  कर्नाटक से भाजपा ने एम नागराज को बनाया उम्मीदवार भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने कर्नाटक में होने वाले राज्यसभा के ‌द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए डॉ. एम नागराज को उम्मीदवार बनाया है. आरएसएस से जुड़े नागराज अभी पार्टी का बिल्डिंग कमेटी संभाल रहे हैं. इसका काम राज्य भर में हर जिले में पार्टी कार्यालय बनाना है।  साथ ही कर्नाटक के विधान परिषद् द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने लिंगराज पाटील और रघु कौटिल्य को उम्मीदवार बनाया है।  राज्यसभा चुनाव का नंबर गेम क्या है?  मध्य प्रदेश में विधानसभा के कुल 230 सदस्यों की संख्या है, लेकिन फिलहाल 228 सदस्य हैं. इनमें बीजेपी के 164 विधायक हैं और कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं. राज्यसभा चुनाव की एक राज्यसभा सीट पर जीत दर्ज करने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 58 विधायकों (प्रथम वरीयता के वोट) के समर्थन चाहिए।  विधायकों के आधार पर बीजेपी की दो सीटें कन्फर्म है और कांग्रेस एक सीट जीत सकती है, लेकिन बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार के उतरने के बाद मामला उलझ गया है. बीजेपी 164 विधायकों की आधार पर दो राज्यसभा सीट जीतने के लिए 116 विधायकों के वोट चाहिए।  बीजेपी दो सीटें जीतने के बाद 48 अतिरिक्त वोट चाहिए जबकि कांग्रेस 64 विधायकों के दम पर एक सीट जीत सकती है, उसके बाद भी उसके बाद 6 विधायकों का अतरिक्त वोट हो रहा है, लेकिन मामला बीजेपी के तीसरे प्रत्याशी के उतरने से है।  तीसरी राज्यसभा सीट के लिए मुकाबला विधायकों की संख्या के आधार पर बीजेपी 2 राज्यसभा सीटें सेफ करने के बाद 48 विधायक बचेंगे, जिसके तीसरी राज्यसभा की सीट जीतने के लिए उसे अतिरिक्त 10 वोटों की जरूरत होगी. वहीं कांग्रेस के पास एक राज्यसभा सीट जीत के लिए जरूरी संख्या बल है, लेकिन बीजेपी के द्वारा तीसरे उम्मीदवार की घोषणा ने उसकी चिंताएं बढ़ा दी हैं और मिनाक्षी नटराजन की जीत की राह मुश्किल कर दी है।  बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार महेश केवट को मैदान में उतारने के फैसले ने कांग्रेस की धड़कने बढ़ा दी है. बीजेपी का यह कदम बताता है कि पार्टी या तो अपनी पार्टी से बाहर के विधायकों का समर्थन हासिल करने को लेकर आश्वस्त है या उसे लगता है कि क्रॉस-वोटिंग अंतिम नतीजे को बदल सकती है।  राज्यसभा के लिए क्रॉस वोटिंग का खतरा मध्य प्रदेश का राज्यसभा चुनाव, जिसे एक सामान्य चुनाव माना जा रहा था, एक ऐसे मुकाबले में बदल दिया है, जिस पर सबकी नज़रें टिकी हैं, अब सबकी नजरें वोटिंग के दिन से होने वाली क्रॉस-वोटिंग, वोटिंग से दूर रहने और आखिरी समय की सियासी चालों पर होंगी।  बीजेपी के लिए, तीसरा उम्मीदवार उतारना अपर हाउस में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की एक महत्वाकांक्षी कोशिश है. कांग्रेस के लिए यह अपनी पार्टी को एकजुट रखने और उस सीट को बचाने की क्षमता का इम्तिहान है, जो मौजूदा आंकड़ों के हिसाब से उसकी पहुंच में दिख रही है।  कांग्रेस की बढ़ी सियासी टेंशन कांग्रेस के पास वैसे तो 64 विधायक हैं, लेकिन विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा को चुनाव हलफनामे के मामले में अदालत से दोषी ठहराए जाने के … Read more

समंदर में उठी तबाही की आशंका! फिलीपींस में शक्तिशाली भूकंप के बाद सुनामी चेतावनी जारी

मनीला दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ में सोमवार सुबह जोरदार भूकंप से धरती कांप उठी है। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 8.2 रही है, जिसके बाद फिलीपींस और इंडोनेशिया के कुछ हिस्सों में चेतावनी जारी की गई है। चेतावनी में तटीय इलाके में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा गया है। भूकंप जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर की गहराई पर था, जिससे झटके और जोर से महसूस किए गए। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) ने शुरू में इसकी तीव्रता 7.2 बताई थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 8.2 कर दिया। भूकंप के बाद अमेरिका के सुनामी चेतावनी सिस्टम ने सुनामी का अलर्ट जारी किया है। इसने चेतावनी दी कि खतरनाक लहरें इलाके के तटीय इलाकों को प्रभावित कर सकती हैं। इंडोनेशिया में भी सुनामी की चेतावनी इंडोनेशिया की जियोफिजिस्ट एजेंसी ने देश के उत्तर-पूर्वी तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है। इसमें लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने को कहा है। इंडोनेशियाई एजेंसी ने भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.7 मापी है। फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्कानोलॉजी एंड सिस्मोलॉजी ने भूकंप के 7.0 तीव्रता का होने का अनुमान लगाया है। इसने एक मीटर ऊंची सुनामी की लहरें उठने की चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने कहा है कि भूकंप के बाद ये लहरें कई घंटे तक रह सकती हैं। जापान, इंडोनेशिया समेत इन देशों में अलर्ट अलजजीरा के मुताबिक, फिलीपींस के पास आए जबरदस्त भूकंप के बाद जापान ने अपने प्रशांत महासागर तट के कुछ हिस्सों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग का अनुमान है कि जापान के कुछ इलाकों में एक मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं।  भूकंप के बाद अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्र ने सुनामी का खतरा बताते हुए चेतावनी जारी की है. एजेंसी के मुताबिक, खतरनाक लहरें समुद्र तट पर स्थित द्वीप को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इसके बाद इंडोनेशिया की जियोफिजिक्स एजेंसी ने भी देश के उत्तरपूर्वी तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की और अपने नागरिकों को सतर्क रहने के साथ-साथ निर्देशों का पालन करने की अपील की।  चेतावनी में कहा गया है कि शक्तिशाली भूकंप से काफी नुकसान हो सकता है और आने वाले घंटों और दिनों में इसके बाद तेज झटके आ सकते हैं. बीते रविवार को भी भारत समेत कई देशों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे. भारत के साथ-साथ नेपाल, चीन और भूटान में आए भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.3 मापी गई थी. इस भूकंप का केंद्र भूटान था।  किसी के मारे जाने की खबर नहीं इंडोनेशिया और फिलीपींस में अभी तक किसी बड़े नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। अधिकारियों ने भूकंप के केंद्र के पास जोरदार झटके आने की बात कही है, जिससे भारी नुकसान हो सकता है। लोगों से सावधान रहने को कहा गया है, क्योंकि आने वाले घंटों और झटके महसूस किए जा सकते हैं। इलाके में एजेंसियां समुद्र के जलस्तर पर नजर रख रही हैं। दक्षिणी फिलीपींस के सारांगनी प्रांत में स्थित अलाबेल के पुलिस चीफ बेंजी अंचेता ने बताया कि भूकंप के बाद स्थानीय पुलिस स्टेशन की इमारत में दरार पड़ गई। अंचेता ने बताया कि तत्काल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। उन्होंने कहा, "यह अब तक का सबसे जोरदार भूकंप है, जो हमने महसूस किया है।" 

तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान STF के शिकंजे में, सीमा क्षेत्र से हुई गिरफ्तारी

कोलकत्ता  फालता से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को राज्य पुलिस की STF ने गिरफ्तार किया है। उन्हें आज सुबह नेपाल बॉर्डर इलाके से गिरफ्तार किया गया है। काफी दिनों से फरार रहने के बाद गिरफ्तार किया गया है। जहांगीर खान पर लगे थे कई आरोप बंगाल के चुनावी नतीजे आने के बाद से जहांगीर फरार था। उसकी तलाश जारी थी। आखिरकार आज एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया। चुनाव से पहले एसआईआर के समय से ही जहांगीर खान पर कई आरोप लगे थे। उन पर बीएलओ को प्रभावित करने और मृतकों के नाम सूची में जोड़ने का आरोप था। जहांगीर खान की गिरफ्तारी किस जगह से और कब की गई, इस संबंध में अधिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है. पश्चिम बंगाल पुलिस की एसटीएफ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जहांगीर खान की गिरफ्तारी के संबंध में अधिक जानकारी साझा कर सकती है. मिली जानकारी के मुताबिक जहांगीर खान फलता विधानसभा सीट के लिए हाल ही में हुए चुनाव के बाद से लापता चल रहा था।  पश्चिम बंगाल पुलिस और एसटीएफ को कई मामलों में जहांगीर खान की तलाश थी. जहांगीर खान के खिलाफ सात मामले दर्ज हैं. एसटीएफ ने जहांगीर खान को पकड़ने के लिए टेक्निकल सर्विलांस का सहारा लिया. जहांगीर खान के एक सहयोगी का फोन जब ट्रैक किया गया, एसटीएफ जहांगीर खान तक पहुंच गई।  लोगों को धमकाने का भी आरोप भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने स्वयं उनके खिलाफ आवाज उठाई थी। इसके बाद चुनाव से पहले इलाके में धमकाने के आरोप भी लगे। आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुठभेड़ विशेषज्ञ अजय पाल शर्मा को विशेष पर्यवेक्षक के रूप में डुंडी पुलिस स्टेशन भेजा था। बता दें कि दक्षिण 24 परगना की फलता सीट से जहांगीर खान टीएमसी के उम्मीदवार थे। चुनाव के वक्त उनपर हिंसा और लोगों को धमकाने का आरोप लगा था। चुनाव में गड़बड़ियों की शिकायत के बाद इस सीट पर दोबारा चुनाव हुआ और बीजेपी ने जबरदस्त जीत हासिल की। वहीं जहांगीर खान पहले ही हथियार डाल चुके थे। चुनाव में भी वह चौथे नंबर पर खिसक गए। उनपर फलता थाने में धमकी देने, जबरन वसूली, हिंसा, कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने समेत सात केस दर्ज हुए थे। वह चुनाव के बाद से ही फरार थे। वहीं एसटीएफ उनकी तलाश में जुटी थी।