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विपक्षी एकता को मिली नई धार! INDIA ब्लॉक की बैठक में तय हुए 5 अहम एजेंडे

 नई दिल्ली लोकसभा चुनाव के दो साल बाद विपक्षी एकजुटता को नई धार देने के मकसद से इंडिया ब्लॉक की 7वीं बैठक दिल्ली में हुई. कांग्रेस की अगुवाई में करीब ढाई घंटे चली बैठक में 25 दलों के नेताओं ने चुनावी पारदर्शिता, शिक्षा व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने पर सहमति जताई. बैठक में नीट और सीबीएसई से जुड़े विवादों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई. इंडिया ब्लॉक ने नियमित अंतराल पर बैठकें करने का फैसला लिया।  इंडिया ब्लॉक की इस बैठक में कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, एनसीपी-एसपी की सांसद सुप्रिया सुले समेत 25 दलों के 34 नेता और निर्दलीय राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल शामिल हुए. दोपहर 12 शुरू हुई बैठक करीब ढाई घंटे से ज्यादा चली. इंडिया ब्लॉक में शामिल प्रमुख दलों के नेता दोपहर 3 बजे जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए।  प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि इंडिया ब्लॉक की बैठक में 25 दलों के नेता शामिल हुए और 5 प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी. उन्होंने कहा कि बैठक में नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक और सीबीएसई रिवैल्यूएशन में अनियमितताओं के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. कांग्रेस अध्यक्ष ने इन दोनों मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि ये देश के युवाओं के साथ धोखा है. उन्होंने इंडिया ब्लॉक की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।  इंडिया ब्लॉक की बैठक में इन 5 मुद्दों पर सहमति बनी     एसआईआर, मतदाता सूची में कथित हस्तक्षेप और चुनावों की निष्पक्षता के मुद्दे पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने पर सहमति बनी है. यह पत्र उन्हें जल्द से जल्द सौंपा जाएगा।      लाखों छात्रों को प्रभावित करने वाले गंभीर मामलों को देखते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए. उनके कार्यकाल में नीट और सीबीएसई परीक्षाओं से जुड़े मामलों में लाखों युवाओं के साथ अन्याय हुआ है, जिसके कारण आज बड़ी संख्या में युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।      हम देश की गंभीर आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, अत्याचारों और किसानों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहेंगे. जनहित से जुड़े इन विषयों पर केंद्र सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए, जिसमें हम अपने सभी मुद्दे और सुझाव रखेंगे।      इंडिया ब्लॉक के सभी दल हर दो महीने में बैठक करेंगे. हमारी अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में आयोजित होगी।      संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के बीच समन्वय जारी रहेगा. इसके लिए नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में प्रतिदिन सुबह एक समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी।  खड़गे ने बताया कि संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान भी विपक्षी गठबंधन नियमित बैठकें करेगा. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'बैठक में एसआईआर, वोट की लूट और चुनाव में धांधली के संबंध में भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजने पर सहमति बनी है. यह पत्र जल्द ही भारत के मुख्य न्यायाधीश को सौंप दिया जाएगा. दूसरा बिंदु यह है कि शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग पर सर्वसम्मति से सहमति बनी है. क्योंकि उनकी देखरेख में नीट और सीबीएसई परीक्षाओं में शामिल हुए लाखों युवाओं के साथ विश्वासघात हुआ है। 

बंगाल में जांच एजेंसियों को बड़ी राहत! शुभेंदु सरकार ने CBI पर लगी रोक हटाई

 कोलकाता पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में सीबीआई को जांच करने की पूरी छूट देने का बड़ा फैसला किया है. होम एंड हिल अफेयर्स विभाग की तरफ से 8 जून 2026 को जारी अधिसूचना के मुताबिक, दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टैब्लिशमेंट (डीएसपीई) एक्ट, 1946 के तहत सीबीआई को राज्य में केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों, केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) के कर्मियों और उनसे जुड़े मामलों की जांच करने की अनुमति दी गई है।  इस नोटिफिकेशन का सीधा मतलब यह है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने CBI को राज्य में कुछ मामलों की जांच करने के लिए फिर से सामान्य सहमति (General Consent) दे दी है, लेकिन यह छूट पूरी तरह बिना शर्त नहीं है।  यह अधिकार दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टैब्लिशमेंट (DSPE) एक्ट, 1946 की धारा 6 के तहत दिया गया है. नोटिफिकेशन 8 जून 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो रहा है।  किन मामलों में जांच कर सकेगी CBI?     केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों से जुड़े मामले.     केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के कर्मचारियों से जुड़े मामले.     अगर किसी शख्स पर केंद्रीय कर्मचारियों या केंद्रीय उपक्रमों के कर्मचारियों के साथ मिलकर अपराध करने का आरोप हो, तो उनके खिलाफ भी जांच की जा सकेगी. किन मामलों में CBI सीधे जांच नहीं कर सकेगी? पश्चिम बंगाल सरकार के नियंत्रण वाले राज्य सरकारी कर्मचारियों के मामलों में सीबीआई सीधे जांच नहीं कर सकती है. ऐसे मामलों में सीबीआई को पहले राज्य सरकार से लिखित अनुमति लेनी होगी. यह कहना कि 'बंगाल ने CBI को सभी मामलों की जांच की पूरी छूट दे दी' पूरी तरह सही नहीं होगा. नोटिफिकेशन पढ़ने पर साफ है कि छूट मुख्य रूप से केंद्र सरकार के कर्मचारियों, केंद्रीय उपक्रमों और उनसे जुड़े मामलों के लिए दी गई है. राज्य सरकार के अधिकारियों पर CBI अभी भी बिना अनुमति सीधे जांच नहीं कर सकती।  भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई की सीबीआई को दी खुली छूट  मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि पिछली सरकार ने 4 वर्षों से सीबीआई की कार्रवाई को रोक रखा था. कानून के अनुसार, किसी भी सरकारी अधिकारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने या अभियोजन शुरू करने के लिए राज्य सरकार की अनुमति जरूरी होती है।  ममता बनर्जी पर भ्रष्ट नौकरशाहों को संरक्षण देने का आरोप मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार ने जान-बूझकर इन फाइलों को अटकाये रखा, ताकि उनके खास अधिकारियों को बचाया जा सके. मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल 3 प्रमुख विभागों में भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारियों के खिलाफ जांच की सीबीआई को आवश्यक मंजूरी दे दी गयी है. इसकी प्रतियां केंद्रीय एजेंसी को भेज दी गयी हैं।  रडार पर शिक्षक भर्ती और नगर निकाय भर्ती घोटाले के मास्टरमाइंड     शिक्षक भर्ती घोटाला (WBSSC) स्कूलों में अवैध नियुक्तियों से जुड़ा मामला है. इस केस में कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ अब सीबीआई सीधे आरोपपत्र दाखिल कर सकेगी।      नगर निकाय भर्ती घोटाला वो केस है, जिसमें बंगाल के विभिन्न नगरपालिकाओं में हुई नौकरियों की बंदरबांट हुई थी. अब इसकी जांच तेजी से आगे बढ़ेगी।  कानून का हथियार बनाकर भ्रष्टाचारियों को दिया गया था सुरक्षा कवच मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने कानून को ढाल बनाकर भ्रष्टाचारियों को कवच प्रदान किया था. उन्होंने कहा- भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है. जो फाइलें सचिवालय की आलमारियों में बंद थीं, उन्हें अब खोल दिया गया है, ताकि जनता का पैसा लूटने वालों को सजा मिल सके। 

ममता बनर्जी को बड़ा झटका? 20 बागी सांसदों का ओम बिरला को पत्र, NDA में एंट्री की चर्चाएं तेज

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल के बाद नई दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस में बड़ी टूट होने का प्रोसेस शुरू हो गया है. तृणमूल कांग्रेस के 20 असंतुष्ट सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र भेजा है और उन्होंने अलग गुट बनाने का प्रस्ताव दिया है. बताया जा रहा है कि इस गुट का नेतृत्व सांसद काकोली घोष दस्तीदार कर रही हैं. दिलचस्प बात यह है कि यह बगावत ऐसे समय में आया है जब तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी नई दिल्ली में ही मौजूद हैं. उनके साथ पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी भी हैं. इन सांसदों के पास दो विकल्प हैं. या तो ये टीएमसी से अलग होकर बीजेपी में शामिल हो जाएं या फिर विधानसभा की तरह अलग गुट बनाकर अलग हों।  तृणमूल कांग्रेस में बड़ी हलचल की खबर आ रही है. रिपोर्ट के अनुसार अब दिल्ली में भी टीएमसी में बड़ी टूट की आशंका है. टीएमसी  तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसद अलग गुट बनाएंगे. ये 20 सांसद तृणमूल कांग्रेस से जल्द अलग होंगे. इस बाबत आज दिल्ली में अहम गतिविधियां हुईं. ये सांसद जल्द ही लोकसभा स्पीकर को अपने फैसले की जानकारी देंगे. लेकिन स्पीकर अभी दिल्ली में मौजूद नहीं हैं, लोकसभा स्पीकर अभी चंडीगढ़ में हैं।  लोकसभा में टीएमसी के 28 सांसद हैं. पार्टी में टूट के लिए कम से कम दो तिहाई सांसदों की जरूरत है. ये संख्या 19 होती है. इस बीच टीएमसी के बागी गुट ने 20 सांसदों के अपने साथ होने का दावा किया है।  इन बागी सांसदों का कहना है कि लोकसभा में वे अपने नेता के रूप में अभिषेक बनर्जी को नहीं बल्कि काकोली घोष को चाहते हैं।  बताया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र भेजने से पहले दिल्ली के मोतीलाल नेहरू मार्ग पर स्थित केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के सरकारी आवास पर सोमवार को एक बेहद गोपनीय बैठक की, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे।  बागी सांसद शाम 6.30 बजे टीएमसी एमपी शताब्दी राय के घर एक और मीटिंग करेंगे।   इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के 14 बागी सांसदों ने दिल्ली में पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की है. ये मुलाकात बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव के घर पर हुई है. पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी आज ही दिल्ली पहुंचे हैं. सूत्रों के अनुसार इस मीटिंग में टीएमसी के लोकसभा के 14 सांसद मौजूद थे. इस मुलाकात में बीजेपी नेता और पूर्व त्रिपुरा सीएम बिप्लब देब भी शामिल थे।  सूत्रों का दावा है कि तृणमूल कांग्रेस के 5 बागी सांसद सोमवार सुबह से केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर मौजूद थे. इन पांच सांसदों के नाम बर्दमान पूर्व से सांसद शर्मिला सरकार, हावड़ा के सांसद प्रसून बनर्जी, कूचबिहार सांसद जगदीश बसुनिया, झारग्राम सांसद कालिपद सोरेन और बांकुरा सांसद अरूप चक्रवर्ती हैं. दोपहर 12.00 बजे के बाद बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी उनके घर गए. इस बीच सूत्रों ने बताया कि लोकसभा के कुल 14 टीएमसी सांसदों ने शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की. दोपहर 2 बजे के बाद शुभेंदु अधिकारी भूपेन्द्र यादव के घर से निकले।  इधर इस घटनाक्रम से पहले TMC से इस्तीफा देने वाले सुखेंदु शेखर से मिलने के लिए पार्टी के 5 सांसद पहुंचे. ये मुलाकात दिल्ली में हुई. सुखेंदु शेखर से मिलने आए सांसदों में बर्दमान पूर्व से सांसद शर्मिला सरकार, हावड़ा के सांसद प्रसून बनर्जी, कूचबिहार सांसद जगदीश बसुनिया, झारग्राम सांसद कालिपद सोरेन और बांकुरा सासंद अरूप चक्रवर्ती शामिल थे।  रिपोर्ट के अनुसार TMC के बागी सांसद लोकसभा में अभिषेक बनर्जी के बजाय काकोली घोष को पार्टी का नेता चाहते हैं।  बता दें कि राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर ने आज (सोमवार) ही राज्यसभा और पार्टी से इस्तीफा दिया है. इस बीच उनसे टीएमसी के पांच सांसद मिलने पहुंचे थे. इससे टीएमसी की राजनीति को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं।  बता दें कि TMC सांसदों में पहले ही विभाजन हो चुका है. तृणमूल कांग्रेस के विधायकों पर ममता बनर्जी की पकड़ ढीली पड़ने के बाद अब पार्टी के संसदीय खेमे को भी एक और झटका लगा है।  ममता के सबसे विश्वस्त लेफ्टिनेंट फिरहाद हकीम ऋतब्रत से मिले इस बीच कोलकाता से खबर है कि ममता बनर्जी के सबसे विश्वस्त लेफ्टिनेंट और कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने बागी विधायकों के नेता ऋतब्रत बनर्जी से मुलाकात की है. ये मुलाकात विधानसभा में भी हुई है. फिरहाद हकीम ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया है. फिरहाद हकीम ने कुछ दिन पहले ही कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दिया है।    आज सुखेंदु बोले, कल दूसरे ही बोलेंगे-ऋतब्रत वहीं राज्यसभा में एक दशक से ज़्यादा समय तक पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे पुराने सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय ने सांसद और पार्टी, दोनों पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है. और पार्टी के 5 सांसदों से मुलाकात की है।  वहीं बंगाल में ममता के खिलाफ बगावत करने वाले बागी विधायक और नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने कहा है कि उन्होंने कई विधायकों से मुलाकात की है।  नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने सुखेंदु के इस्तीफे और टीएमसी के राजनीतिक घटनाक्रम पर कहा कि, "यह सिर्फ़ सुखेंदु की बात नहीं है. असल में मैंने उनसे व्यक्तिगत रूप से बात नहीं की है. लेकिन उन्होंने जो कुछ भी कहा, मैं उससे ज़्यादातर सहमत हूं, खासकर संसद के उच्च सदन के कामकाज को लेकर. उनकी बातें बिल्कुल सही थीं. संसद कोई क्विज़ शो की जगह नहीं है. सुखेंदु जो बता रहे हैं, उसका अनुभव मैंने खुद किया है. उनके जैसे कद के सांसद को पिछली कतार में धकेल दिया जाना निराशाजनक था, आज सुखेंदु आवाज़ उठा रहे हैं; कल दूसरे भी ऐसा ही करेंगे।  ये हो सकते हैं बागी सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंपे गए पत्र में जगदीश चंद्र बसुनिया, अरुप चक्रवर्ती, प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार और खलीलुर रहमान जैसे नेताओं के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं. वहीं काकोली घोष दस्तीदार, पार्थ भौमिक, अभिनेता-राजनेता देव और जून माल्या को लेकर भी असंतोष की अटकलें लगाई जा रही हैं।  तृणमूल सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी से इस्तीफा दिया, राज्यसभा सदस्य पद छोड़ा तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी की … Read more

योगी सरकार देने जा रही पांच नये एकीकृत आयुष चिकित्सालय एवं महाविद्यालय की सौगात

योगी सरकार देने जा रही पांच नये एकीकृत आयुष चिकित्सालय एवं महाविद्यालय की सौगात  आयुष शिक्षा को नई उड़ानः देवीपाटन, मीरजापुर, मेरठ, आगरा और बस्ती मंडल में स्थापित होंगे संस्थान चार मंडलों में जमीन पहले ही आयुष विभाग के नाम दर्ज है, बस्ती में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में  आयुष शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी -योगी   भारत की पारंपरिक चिकित्सा विरासत को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं सीएम योगी लखनऊ,  योगी सरकार आयुष चिकित्सा प्रणाली को मजबूत बनाने और प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में योगी सरकार ने पांच नए एकीकृत आयुष चिकित्सालय और महाविद्यालयों की स्थापना का निर्णय लिया है। ये आयुष चिकित्सालय और महाविद्यालय गोंडा, मीरजापुर, मेरठ, आगरा और बस्ती मंडल में स्थापित किए जाएंगे, जहां विद्यार्थियों को आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ-साथ आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान की शिक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी। योगी सरकार के निर्णय से न केवल प्रदेश में आयुष शिक्षा का दायरा बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। नए महाविद्यालयों के माध्यम से युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होगा। चार मंडलों में जमीन पहले से उपलब्ध प्रमुख सचिव, आयुष रंजन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ भारत की पारंपरिक चिकित्सा विरासत को भी मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं ताकि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, सस्ती तथा प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। ऐसे में सीएम योगी के निर्देश पर पांच नये एकीकृत आयुष चिकित्सालय और महाविद्यालय के लिए पांच मंडलों में जमीन को चिन्हित कर लिया गया है। देवीपाटन मंडल में गोंडा के विकास खंड वजीरगंज के ग्राम कोडर में लगभग 14.82 एकड़ भूमि, मीरजापुर मंडल में सदर तहसील के ग्राम अकोढ़ी में 13.83 एकड़ भूमि, मेरठ मंडल के लिए गाजियाबाद के मोदीनगर तहसील के ग्राम सैदपुर हुसैनपुर डलना में 11 एकड़ भूमि, आगरा मंडल में किरावली तहसील के ग्राम अकबरा में 13.5 एकड़ भूमि और बस्ती मंडल में हर्रैया तहसील के ग्राम जोगापुर में 15 एकड़ भूमि महाविद्यालय की  स्थापना के लिए चिन्हित की गयी है। इनमें से चार मंडलों में जमीन पहले ही आयुष विभाग के नाम दर्ज है, जबकि बस्ती में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शिक्षा संस्थान शोध और नवाचार के केंद्र के रूप में भी किए जाएंगे विकसित आयुष महानिदेशक एवं मिशन निदेशक चैत्रा वी. ने बताया कि सभी पांच मंडलों में आयुष महाविद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध हो गयी है। वहीं वर्तमान में राजकीय एकीकृत आयुष महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का नक्शा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नए आयुष महाविद्यालय केवल शिक्षा संस्थान नहीं होंगे, बल्कि शोध और नवाचार के केंद्र के रूप में भी विकसित किए जाएंगे। यहां आयुर्वेदिक औषधियों, योग चिकित्सा, जीवनशैली आधारित उपचार और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों पर अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे भारतीय चिकित्सा परंपरा को वैज्ञानिक आधार पर और अधिक सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। नए आयुष महाविद्यालयों की स्थापना से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने ही मंडल में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों के छात्रों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। महाविद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, चिकित्सालय, अनुसंधान सुविधाएं और प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जाएंगे, जिससे आयुष शिक्षा को नई गुणवत्ता और पहचान मिलेगी।

बस्तर में विकास कार्यों का जायजा ले रहे उप मुख्यमंत्री अरुण साव, निर्माण कार्यों का लगातार निरीक्षण

उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बस्तर में निर्माण कार्यों का निरीक्षण जारी  मिशन अमृत के तहत निर्माणाधीन इंटेक-वेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का लिया जायजा, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का काम भी देखा  रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने बस्तर प्रवास के चौथे दिन आज सुकमा में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत शहर में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को मजबूत करने बनाए जा रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने योजना के तहत शबरी नदी पर निर्माणाधीन इंटेक-वेल के कार्यों को भी देखा। उन्होंने पानी टंकी और पाइपलाइन विस्तार के कार्यों को भी तेजी से पूर्ण करते हुए जनवरी-2027 से मिशन अमृत की इस योजना से सुकमा में जल की आपूर्ति प्रारंभ करने के निर्देश दिए। केंद्र सरकार की मिशन अमृत 2.0 के तहत नगर पालिका द्वारा 86 करोड़ की लागत से सुकमा शहर की पेयजल व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसका 54 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों से कहा कि सुकमा की आगामी 25 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखकर इसका निर्माण किया जा रहा है। निर्माण और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करना है। काम में तेजी बरकरार रखते हुए नियत समय में इसे पूर्ण करना है।  उप मुख्यमंत्री साव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा सुकमा के कुम्हाररास में 11 करोड़ 62 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से दिसम्बर तक इसे पूर्ण करने को कहा। करीब 10 एकड़ में बन रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में फुटबॉल मैदान, एथलेटिक्स ट्रैक, इंडोर बैडमिंटन कोर्ट, प्रशासनिक भवन, बॉक्स-क्रिकेट, स्वीमिंग-पूल जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके निर्माण से सुकमा की खेल प्रतिभाओं को अपने कौशल को निखारने एक सर्वसुविधायुक्त अधोसंरचना और सुविधाएं मिलेंगी। अब तक इसका 50 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।  तीनों कार्यों के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अमित कुमार भी उप मुख्यमंत्री के साथ थे।

समय पर जांच और जोखिम की पहचान से सुरक्षित मातृत्व संभव: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

गर्भावस्था में समय पर जांच एवं उच्च जोखिम स्थितियों की शीघ्र पहचान से सुरक्षित मातृत्व होता है सुनिश्चित: उप मुख्यमंत्री शुक्ल प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण होने पर 9 जून को प्रदेश में विशेष मातृत्व स्वास्थ्य शिविर होंगे आयोजित शिविर का लाभ लेने की अपील भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सुरक्षित मातृत्व प्रत्येक महिला का अधिकार है। राज्य सरकार गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रदेश की सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे 9 जून को आयोजित विशेष प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान शिविरों में पहुंचकर निःशुल्क जांच, परामर्श एवं उपचार सुविधाओं का लाभ अवश्य लें। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था दी समय पर जांच एवं उच्च जोखिम स्थितियों की शीघ्र पहचान से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित किया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा है कि इस अभियान को जन-आंदोलन के रूप में संचालित करते हुए प्रत्येक गर्भवती महिला तक गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में और कमी लाई जा सके। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में 2.94 लाख उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उचित उपचार का किया गया प्रबंधन प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के अंतर्गत मध्यप्रदेश में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभियान के तहत पंजीकृत 14.31 लाख गर्भवती महिलाओं में से 10.25 लाख महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) की गई, जो कुल पंजीकृत गर्भवतियों का लगभग 72 प्रतिशत है। जांच के दौरान 2.94 लाख महिलाओं को उच्च जोखिम गर्भावस्था (हाई रिस्क प्रेगनेंसी-एचआरपी) के रूप में चिन्हित किया गया, जिनमें से 2.60 लाख अर्थात 88 प्रतिशत महिलाओं को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार आवश्यक उपचार, प्रबंधन एवं रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। अपर मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सुश्री दिशा प्रणय नागवंशी ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 9 जून को प्रदेश के सभी जिलों में विशेष पीएमएसएमए शिविर आयोजित किए जाएंगे। राज्य के सभी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला चिकित्सालयों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। विशेष शिविरों में गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व एवं प्रसवोत्तर जांच, नवीन एवं छूटी हुई गर्भवतियों का पंजीयन, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की पहचान, उपचार एवं नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाएगा। महिलाओं की रक्तचाप, वजन, बीएमआई, मेडिकल एवं प्रसूति इतिहास की जांच के साथ ही आवश्यक प्रयोगशाला परीक्षण भी किए जाएंगे। अभियान के अंतर्गत हीमोग्लोबिन, यूरिन एल्बुमिन एवं शुगर, एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, सिफलिस, मलेरिया, सिकल सेल स्क्रीनिंग, ब्लड ग्रुपिंग और ओजीटीटी जैसी महत्वपूर्ण जांचें उपलब्ध कराई जाएंगी। आवश्यकता अनुसार सोनोग्राफी एवं विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आयरन-फोलिक एसिड, कैल्शियम सहित आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों तथा सुमन हेल्प डेस्क की सक्रिय भागीदारी रहेगी। जरूरतमंद महिलाओं के लिए 108 एम्बुलेंस के माध्यम से निःशुल्क परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेशभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी संचालित किया जाएगा। ग्राम स्तर पर प्रचार-प्रसार, सोशल मीडिया अभियान, वीएचएसएनडी, जन आरोग्य समितियों, स्व-सहायता समूहों एवं पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से सुरक्षित मातृत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।  

बूढ़ी मां संग आई बेटी ने बीटेक की पढ़ाई करने के लिए लगाई गुहार, मुख्यमंत्री ने किया आश्वस्त

किसी भी निर्धन या जरूरतमंद की शिक्षा को बाधित नहीं होने देगी सरकारः मुख्यमंत्री बूढ़ी मां संग आई बेटी ने बीटेक की पढ़ाई करने के लिए लगाई गुहार, मुख्यमंत्री ने किया आश्वस्त  पुलिस की अनसुनी व कब्जे से जुड़ी शिकायतों में हीलाहवाली पर सीएम योगी सख्त, अफसरों को कड़ी मॉनीटरिंग करने का निर्देश    लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश भर से आए लोगों से उन्होंने व्यक्तिगत मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और समस्याओं के निराकरण का निर्देश दिया। एक बच्ची ने मुख्यमंत्री से उच्च शिक्षा के लिए मदद की गुहार लगाई, जिस पर उन्होंने लखनऊ के किसी संस्थान में प्रवेश दिलाने का आदेश दिया। पुलिस की अनसुनी व अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतों पर सख्त सीएम योगी ने अफसरों को मॉनीटरिंग कर पीड़ितों को न्याय दिलाने का आदेश दिया।  बूढ़ी मां संग आई बेटी, खुश होकर लौटी  लखनऊ की एक बच्ची अपनी बूढ़ी मां के साथ पहुंची। उसने बताया कि इंटरमीडिएट अच्छे अंक से उत्तीर्ण किया है। वह आगे बीटेक करना चाहती है, लेकिन धन के अभाव में दिक्कत हो रही है। सीएम योगी ने उसकी मार्कशीट देखी, फिर कहा कि पढ़ाई पर ध्यान दो। आपका प्रवेश किसी अच्छे संस्थान में कराया जाएगा। सरकार किसी भी निर्धन या जरूरतमंद की शिक्षा को बाधित नहीं होने देगी। सकारात्मक संदेश पाकर प्रफुल्लित बेटी व मां ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।  अवैध कब्जे की शिकायत पर अफसरों से बोले- ‘मॉनीटरिंग कर पीड़ितों को न्याय दिलाइए’  विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों ने मुख्यमंत्री से पुलिस की हीलाहवाली व अवैध कब्जे को लेकर उचित कार्रवाई न होने की शिकायत करते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने हर प्रकरण को सुना, फिर शासन के अफसरों को प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि इन मामलों की मॉनीटरिंग करिए। पीड़ित को न्याय और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराइए। सीएम ने पीड़ितों को जल्द ही समाधान के लिए आश्वस्त किया।  पहले जनपद, मंडल के अधिकारियों से अवश्य मिलिए  कुछ फरियादी ऐसे भी आए, जो सीधे ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूछा कि आपने जनपद के किस अधिकारी के समक्ष अपनी बात रखी। इस पर कुछ फरियादियों ने कहा कि हम सीधे यहीं आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गर्मी बेतहाशा पड़ रही है। आप सभी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और सबसे पहले अपनी शिकायतें जनपद, मंडल स्तर के अधिकारियों से करें। कई समस्याओं का समाधान वहीं से हो जाएगा।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया शुभारंभ, वरिष्ठ नागरिकों के साथ खेली कैरम-लूडो

बुजुर्गों को मिला अपनापन और सम्मान का नया ठिकाना, अंबिकापुर में शुरू हुआ ‘सियान गुड़ी’ डे-केयर सेंटर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया शुभारंभ, वरिष्ठ नागरिकों के साथ खेली कैरम-लूडो योग, स्वास्थ्य जांच, पुस्तकालय, मनोरंजन और सामाजिक सहभागिता की मिलेगी सुविधा रायपुर, वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानपूर्ण, सुरक्षित एवं आनंदमय वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में सरगुजा जिले में एक नई पहल की शुरुआत हुई है। समाज कल्याण विभाग द्वारा स्थापित ‘सियान गुड़ी’ (वरिष्ठ नागरिक डे-केयर सेंटर) का शुभारंभ सोमवार को वित्त एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने समाज कल्याण एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की उपस्थिति में किया। इस अवसर पर वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से नई पीढ़ी को दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और सुखद जीवन को ध्यान में रखते हुए सियान गुड़ी की स्थापना की गई है, जहां उन्हें आवश्यक सुविधाओं के साथ आत्मीय और सकारात्मक वातावरण मिलेगा। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि वर्तमान समय में व्यस्त जीवनशैली के कारण कई बार बुजुर्ग स्वयं को अकेला महसूस करते हैं। ऐसे में सियान गुड़ी उनके लिए सामाजिक जुड़ाव, स्वास्थ्य संरक्षण और मनोरंजन का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि यह केंद्र वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा। उन्होंने बताया कि केंद्र में योग एवं प्राणायाम, फिजियोथेरेपी, प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, पुस्तकालय, पारिवारिक परामर्श, सांस्कृतिक गतिविधियां, इंडोर गेम्स, स्वल्पाहार और भोजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। 25 सीटर क्षमता वाले इस डे-केयर सेंटर का संचालन सप्ताह में छह दिन प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक किया जाएगा। शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान मंत्रीगण एवं जनप्रतिनिधियों ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ कैरम और लूडो खेलकर आत्मीय संवाद किया। इस अवसर पर बुजुर्गों को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया तथा व्हीलचेयर और छड़ी का वितरण भी किया गया। यह पहल वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मनेंद्रगढ़ रोड में स्थापित इस केंद्र का संचालन समाज कल्याण विभाग के सहयोग से अनामिका वेलफेयर सोसायटी, अंबिकापुर द्वारा किया जाएगा। 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक यहां दिनभर स्वास्थ्य, मनोरंजन और सामाजिक सहभागिता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का लाभ उठा सकेंगे। कार्यक्रम में विधायक प्रबोध मिंज, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि , कलेक्टर अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल तथा विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

ट्विशा मामले की जांच घेरे में! फंदे की पहचान का रिकॉर्ड गायब, जांच की जानकारी पहुंचने के भी आरोप

भोपाल  एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा डेथ केस की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अब मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। इस बीच, सीबीआई जांच से पहले हुई स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह द्वारा जबलपुर हाईकोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जांच से जुड़े बेहद गोपनीय और अहम तथ्य पहले ही उन तक पहुंच रहे थे। इसी का फायदा उठाकर वह समय रहते अग्रिम जमानत लेने में कामयाब हो गई थीं, जिसे बाद में 27 मई को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। शुरुआती जांच में पुलिस की बड़ी लापरवाही ट्विशा के परिजनों की ओर से भोपाल कोर्ट में पैरवी कर रहे एडवोकेट अंकुर पांडे का आरोप है कि शुरुआत में ही मृतका की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को संदिग्ध माना जाना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। मामले से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, 13 मई 2026 की सुबह सब इंस्पेक्टर (SI) दिनेश शर्मा ने फंदे की रस्सी तो जब्त की, लेकिन लिखापढ़ी में उस व्यक्ति का स्पष्ट विवरण ही दर्ज नहीं किया गया जिसने रस्सी की पहचान की थी। इसके अलावा, उस महत्वपूर्ण रस्सी को तुरंत फॉरेंसिक जांच के लिए एम्स अस्पताल भेजने के बजाय सब इंस्पेक्टर ने अपनी निजी कार में रख दिया था और बाद में उसे जांच के लिए भेजा गया। इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा, केस डायरी का हिस्सा रहे जब्ती से जुड़े दस्तावेज भी आरोपियों तक पहुंच गए थे। कानूनी नियमों के मुताबिक, उस समय समर्थ और गिरिबाला आरोपी नहीं थे, इसलिए उन्हें इन दस्तावेजों को देखने का कोई अधिकार नहीं था। इसके बावजूद अग्रिम जमानत याचिका के साथ इन गोपनीय दस्तावेजों को अदालत में दाखिल कर दिया गया, जिससे साफ है कि जांच की जानकारी लीक हो रही थी। मनोचिकित्सक से पूछताछ और मेडिकल पर्चे की जांच केस को आगे बढ़ाते हुए सीबीआई की टीम ने अब ट्विशा का इलाज करने वाले प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉक्टर सत्यकांत त्रिवेदी से विस्तृत पूछताछ की है। दरअसल, आरोपी पक्ष ने भोपाल कोर्ट में कुछ ऐसे मेडिकल दस्तावेज पेश किए थे, जिनमें दावा किया गया था कि ट्विशा मानसिक रूप से परेशान थी और उसका मनोरोग का इलाज चल रहा था। सीबीआई अब इन मेडिकल पर्चों की असलियत खंगाल रही है। जांच एजेंसी ने डॉक्टर से पूछा कि ट्विशा कब-कब इलाज के लिए आई थी, उसे क्या समस्याएं थीं और काउंसलिंग के दौरान उसने अपनी निजी जिंदगी को लेकर क्या बातें साझा की थीं। इस पूछताछ पर डॉक्टर सत्यकांत त्रिवेदी ने सीबीआई से संपर्क की पुष्टि की है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीज की गोपनीयता और उसके अधिकारों को देखते हुए वह काउंसलिंग की व्यक्तिगत बातों का खुलासा सार्वजनिक रूप से नहीं कर सकते। पूर्व जज की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन अलर्ट मामले में गिरफ्तारी के बाद 29 मई को रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को भोपाल की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। शुरुआत में दोनों को जेल के अस्पताल वार्ड में वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने के आरोप लगे थे, जिसके बाद जेल प्रबंधन ने उन्हें सामान्य बैरक में शिफ्ट कर दिया है। अदालत के निर्देश के बाद जेल में गिरिबाला सिंह की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उनकी बैरक के पास अतिरिक्त प्रहरियों की तैनाती के साथ ही सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ा दी गई है। सुरक्षा बढ़ाने की मुख्य वजह यह है कि गिरिबाला सिंह जब 15 जुलाई 2021 से 28 फरवरी 2023 तक भोपाल जिला कोर्ट में जज के पद पर तैनात थीं, तब उन्होंने जिन अपराधियों को सजा सुनाई थी, उनमें से 29 कैदी वर्तमान में इसी जेल में बंद हैं। ऐसे में किसी भी अनहोनी या आपसी रंजिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

मध्यप्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, मानसून आने से पहले रिकॉर्ड बारिश; आधे प्रदेश में आज तेज आंधी की चेतावनी

भोपाल  मध्यप्रदेश में मानसून की औपचारिक एंट्री भले ही अभी नहीं हुई हो, लेकिन प्रदेश में बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। जून महीने में अब तक औसत से करीब 65 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। कई जिलों में तो सामान्य से कहीं अधिक पानी गिर चुका है। कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश प्रदेश में औसतन जून में जहां लगभग 8.3 मिमी बारिश होती है, वहीं इस बार अब तक इससे कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई है। भोपाल, आगर-मालवा और शाजापुर में करीब 2 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि नीमच में ढाई इंच तक पानी गिर चुका है। मानसून से पहले ही सक्रिय हुआ मौसम रविवार को मानसून महाराष्ट्र में प्रवेश कर चुका है, जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि मध्य प्रदेश में 15 से 18 जून के बीच मानसून दस्तक दे सकता है। पिछले वर्ष मानसून 16 जून को प्रदेश में पहुंचा था। मौसम विभाग का अलर्ट मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। जबकि, कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर मौजूदा मौसम प्रणाली इसी तरह सक्रिय रही तो मध्य प्रदेश में मानसून तय समय के आसपास यानी 15 से 18 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। मानसून की दस्तक के साथ प्रदेशभर में तेज बारिश का दौर शुरू होने की संभावना भी है। तापमान में आई गिरावट वहीं, राजधानी भोपाल समेंत प्रदेश के कई जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान अच्छी बारिश दर्ज हुई, जिससे तापमान में गिरावट देखी जा रही है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। बारिश के कारण कई इलाकों का मौसम सुहावना हो गया है और कई क्षेत्रों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। नीमच जिले में 2.5 इंच बारिश अबतक प्रदेशभर में सबसे अधिक नीमच जिले में करीब 2.5 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं, कई अन्य जिलों में भी एक इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। लगातार सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेशभर में प्री-मानसून बारिश का दौर जारी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी तथा पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के असर के चलते प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। यही कारण है कि, मानसून आने से पहले ही कई जिलों में अच्छी बारिश हो रही है। भोपाल में 15 जून तक तेज गर्मी राजधानी में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर दिखा है। 3 साल तो तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। वहीं, रात का तापमान 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई थी। वहीं, 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। ये 10 साल में दूसरी बार था जब शहर में इतनी बारिश हुई। उस समय 24 घंटे में ही करीब 5 इंच बारिश हुई थी। कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट मौसम विभाग (IMD) भोपाल के अनुसार, सोमवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी सहित कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बदल रहा मौसम प्रदेश में जून की शुरुआत से ही रुक-रुक कर बारिश और आंधी का दौर जारी है, जिससे तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना जताई है। मानसून की एंट्री से पहले बारिश का दौर प्रदेश में मानसून की एंट्री से पहले आंधी-बारिश का दौर चल रहा है। जून की शुरुआत से ही बारिश हो रही है। रविवार को देवास, सीहोर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर बना रहा। ऐसा ही मौसम सोमवार को भी रहेगा। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल की माने तो आज ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी में आंधी-बारिश का अलर्ट है। अब तक इन जिलों में 1 इंच से ज्यादा बारिश सतना, सीधी, आगर-मालवा, भोपाल, बुरहानपुर, हरदा, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर में 1 इंच या इससे ज्यादा बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग की माने तो मानसूनी बारिश 1 जून से ही रिकॉर्ड की जाती है, जो 30 सितंबर तक चलती है। इस दौरान होने वाली वाली मानसूनी बारिश कहलाती है। वर्तमान में प्रदेश में प्री-मानसूनी एक्टिविटी चल रही है।