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मध्य प्रदेश में अब तक केवल बालाघाट का ‘चिन्नौर’ धान और रीवा का ‘सुंदरजा’ आम को मिला जीआइ टैग

भोपाल  मध्य प्रदेश के दो पारंपरिक कृषि उत्पादों बालाघाट के चिन्नौर धान और रीवा के सुंदरजा आम को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग मिल गया है. इससे इन उत्पादों की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है. विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के लिखित जवाब में कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के माध्यम से इन दोनों उत्पादों का पंजीयन कराया गया. चिन्नौर धान के लिए 60 किसानों और सुंदरजा आम के लिए 20 किसानों का समिति में पंजीयन किया गया है। ‘किसी भी GI टैग को निरस्त नहीं किया गया’ मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी भी उत्पाद का जीआई टैग निरस्त नहीं किया गया है. लुवाई धान, टर्री भरी धान और सातिया धान को भी जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया जारी है. वहीं चार अन्य उत्पादों बैंगनी अरहर, नागफनी कुटकी, सिताही कुटकी और महाकौशल क्षेत्रीय धान को जीआई रजिस्ट्री की वेबसाइट पर विज्ञापित किया जा चुका है। बासमती को लेकर कानूनी विवाद मध्यप्रदेश के बासमती चावल को जीआई टैग दिलाने के प्रयास 2008 से जारी हैं. जीआई रजिस्ट्री चेन्नई ने पहले मध्यप्रदेश को बासमती के दायरे में शामिल नहीं किया था. बाद में प्रदेश सरकार की आपत्ति पर संशोधित आवेदन की प्रक्रिया चली. यह मामला मद्रास हाई कोर्ट तक पहुंचा, जहां 27 फरवरी 2020 को याचिका निरस्त कर दी गई थी. हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए मामले में आगे की सुनवाई का रास्ता साफ किया है. प्रदेश सरकार का कहना है कि बासमती को जीआई टैग दिलाने के लिए कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर प्रयास जारी रहेंगे, ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके। क्या होता है जीआइ टैग किसी भी रीजन का जो क्षेत्रीय उत्पाद होता है उससे उस क्षेत्र की पहचान होती है। उस उत्पाद की ख्याति जब देश-दुनिया में फैलती है तो उसे प्रमाणित करने के लिए एक प्रक्रिया होती है जिसे जीआइ टैग यानी जीओ ग्राफिकल इंडीकेटर कहते हैं। जिसे हिंदी में भौगोलिक संकेतक नाम से जाना जाता है। बालाघाट के 60, रीवा के 20 किसान पंजीकृत प्रदेश में उत्पादित बासमती धान के लिए चिन्नौर के लिए वर्ष 2008 से प्रयास किए जा रहे थे। जीआइ टैग प्राप्त बालाघाट चिन्नौर धान उत्पाद के लिए 60 किसानों का समिति में पंजीकरण किया गया है। रीवा सुंदरजा आम के लिए 20 किसानों का समिति में पंजीकरण कराया गया। 

पीएम मोदी के इजरायल आगमन पर गूंजा राष्ट्रगान, नेतन्याहू ने किया शानदार वेलकम

येरूशलेम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर इजरायल की धरती पर कदम रख दिया है. वो आज अपने पुराने दोस्त पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से मिलने पहुंचेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दो दिवसीय इजरायल दौरा बेहद व्यस्त और ऐतिहासिक कार्यक्रमों से भरा हुआ है. बुधवार दोपहर को तेल अवीव पहुंचने के बाद, पीएम मोदी सबसे पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एयरपोर्ट पर ही एक संक्षिप्त मुलाकात करेंगे और फिर वहां से सीधे येरूशलम के लिए रवाना होंगे. आज के दिन का सबसे बड़ा और यादगार कार्यक्रम इजरायली संसद ‘नेसेट’ (Knesset) में उनका ऐतिहासिक संबोधन है, जिसके बाद वह नेतन्याहू द्वारा दिए गए एक प्राइवेट डिनर में शामिल होंगे. इजरायल में पीएम मोदी के स्वागत की तैयारी इजरायल में पीएम मोदी के ग्रैंड स्वागत की तैयारी हो चुकी हैं. ये तैयारी इजरायल के मशहूर अखबार ‘द जेरूसलम पोस्ट’ के फ्रंट पेज पर दिखाई दी, जिसमें पीएम मोदी के स्वागत में पूरा का पूरा स्पेशल एडिशन ही निकाल दिया है, जिसके फ्रंट पेज पर बड़े-बड़े अक्षरों में ‘नमस्ते’ लिखा है. यह सिर्फ एक दौरा नहीं है, बल्कि दो पुरानी सभ्यताओं के बीच दोस्ती का एक नया और सुनहरा अध्याय है, जो रक्षा, व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है. विदेशी अखबार के पहले पन्ने पर हिंदी का शब्द ‘नमस्ते’ चमकता हुआ दिखाई दिया. अखबार के एडिटर-इन-चीफ ज्वीका क्लेन ने सोशल मीडिया पर इस फ्रंट पेज को शेयर किया, जिसमें पीएम मोदी की हाथ हिलाते हुए एक बड़ी फोटो लगी है. यहूदी अखबार का फ्रंट पेज वायरल अखबार की हेडलाइंस चिल्ला-चिल्ला कर कह रही हैं- ‘वेलकम, मोदी’. पूरे पहले पन्ने पर सिर्फ भारत और इजरायल की गहरी होती पार्टनरशिप की कहानियां हैं. हिब्रू भाषा के साथ ‘नमस्ते’ का लिखा होना यह साफ दिखाता है कि इजरायल के दिल में भारत के लिए कितना प्यार और सम्मान है. यह दौरा इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि पीएम मोदी इजरायली संसद (Knesset) को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. संसद में मोदी का भाषण दोनों देशों के रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा. इजरायल में भारत के राजदूत जेपी सिंह का कहना है कि इस दौरे का मकसद सिर्फ कुछ पुराने समझौतों तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि व्यापार और टेक्नोलॉजी के हर क्षेत्र में साथ मिलकर काम करना है. मोदी के इजरायल दौरे से पाकिस्तान को 'घबराहट' पाकिस्तान के प्रमुख अखबार 'Dawn' ने अपनी वेबसाइट पर एक आर्टिकल में लिखा, भारत और इजरायल के बीच पूर्ण कूटनीतिक संबंध साल 1992 में बने थे. हालांकि 2014 में मोदी के सत्ता संभालने के बाद इस रिश्ते में और गर्मजोशी आई है. मोदी ने 2017 में प्रधानमंत्री के तौर पर इजरायल का पहला दौरा किया था जिसके अगले साल नेतन्याहू ने भी भारत का दौरा किया. दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को दोस्त कहा था. डॉन ने लिखा है, 'मई 2025 में जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति बनी तो इजरायल की मिलिट्री ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग पाकिस्तान के खिलाफ डिफेंस स्ट्रैटजी के रूप में किया गया था. पाकिस्तानी वेबसाइट ने लिखा, यह व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में भारत-इजरायल की साझेदारी को दर्शाता है. लेकिन इजरायल के साथ ही भारत खाड़ी देशों और ईरान के साथ भी मजबूत रिश्ते बनाए हुए है. उदाहरण के लिए भारत ने ईरान का चाबहार पोर्ट डेवलप किया है जो अफगानिस्तान के लिए एक ट्रेड गेटवे है. अफगानिस्तान के तालिबानी अधिकारियों के साथ भी भारत ने रिश्ते कायम किए हैं.' डॉन ने कांग्रेस पार्टी की सीनियर नेता प्रियंका गांधी के बयान का भी जिक्र किया है. प्रियंका गांधी ने PM मोदी के दौरे को लेकर बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कि उन्हें उम्मीद है कि मोदी इजरायल की संसद को संबोधित करते समय गाजा में हजारों बेगुनाह पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की हत्या का जिक्र करेंगे.  पाकिस्तानी टीवी चैनल जियो न्यूज के 'कैपिटल टॉक' शो में पीएम मोदी के इजरायल दौरे को लेकर हेडलाइन दी गई है- पीएम मोदी का इजरायल दौरा पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी. वहां के मीडिया में सबसे ज्यादा चिंता जताई जा रही है इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उस बयान को लेकर जिसमें उन्होंने कट्टर शिया और सुन्नी एक्सिस को खतरा बताते हुए भारत, ग्रीस, साइप्रस और कुछ अरब, एशियाई और अफ्रीकी देशों के साथ एक गठजोड़ बनाने की बात कही. पाकिस्तानी संसद में भी इस बयान का विरोध करते हुए मंगलवार शाम को एक प्रस्ताव पारित किया गया है. पाकिस्तानी एंकर हामिद मीर ने कहा कि ये मामला बहुत नाजुक है क्योंकि चंद दिनों पहले अमेरिका के राजदूत ने एक इंटरव्यू में 'ग्रेटर इजरायल' की बात कही थी. इसकी सऊदी अरब, मिस्र और जॉर्डन समेत कई अरब देशों ने कड़ी आलोचना की थी. एक तरफ नेतन्याहू पीएम मोदी का स्वागत कर रहे हैं, दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हमले का मंसूबा बनाए हुए हैं. बहुत सारे मामलों पर ये सारे इकट्ठे हो गए हैं. पाकिस्तान के लिए बहुत चिंता वाली स्थिति बन गई है. अफगानिस्तान से पाकिस्तान पर हमले हो रहे हैं और अगर ईरान और अमेरिका की जंग शुरू हो गई तो पाकिस्तान के लिए तो बड़े मुश्किल भरे हालात हो जाएंगे. PM Modi-Netanyahu की दोस्ती का नया ‘पावर पैक’ प्लान प्रधानमंत्री मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू, जिन्हें अक्सर ‘जिगरी दोस्त’ कहा जाता है, इस मुलाकात में कई बड़े मुद्दों पर मुहर लगाने वाले हैं. यह दोस्ती अब सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रही, बल्कि जमीन पर भी बड़े बदलाव लाने वाली है. आगे जानें पीएम मोदी और नेतन्याहू के बीच किन मुद्दों पर बात होने वाली है.     रक्षा और सुरक्षा- नए हथियारों और डिफेंस टेक्नोलॉजी पर बड़ी चर्चा.     बैंकिंग सिस्टम- क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट और बैंकिंग सिस्टम को और आसान बनाना.     खेती और पानी- इजरायल की मॉडर्न टेक्नोलॉजी से भारतीय किसानों की मदद.     साइंस और इनोवेशन- दोनों देशों के वैज्ञानिक मिलकर नई खोजें करेंगे. पीएम मोदी का इजरायल दौरा कंफर्म करे हुए इजरायली पीएम नेतन्याहू ने मोदी को अपना ‘प्रिय मित्र’ बताते हुए इस दौरे को पहले ही ‘ऐतिहासिक’ करार दिया था. कैबिनेट मीटिंग की शुरुआत में भी उन्होंने इसी दौरे का जिक्र किया गया. मोदी … Read more

बजट-2026 में बड़ी घोषणाएं: वन विभाग में 1000 पदों पर भर्ती, रायपुर में तीरंदाजी अकादमी, बच्चियों को मिलेगा डेढ़ लाख

रायपुर  छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश करते हुए बस्तर और अन्य पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार का बड़ा रोडमैप सामने रखा है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साय सरकार का तीसरा बजट संकल्प थीम पर प्रस्तुत किया.  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बजट 2026–27 को जनकल्याण और विकास को समर्पित बताते हुए कहा कि यह बजट किसानों, महिलाओं, युवाओं और कर्मचारियों के सशक्तिकरण के साथ छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर विशेष प्रावधानों से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आम जनता के जीवन स्तर में सुधार आएगा. रायपुर में 200 बिस्तर वाले अस्पताल, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी में जिला अस्पताल और 15 नए थाने खोले जाएंगे। ई-वाहनों (EV) में सब्सिडी दी जाएगी। नवा रायपुर में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी स्थापित होगी और कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार योजना के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलाव बस्तर के अंदरूनी इलाकों में बस सेवा शुरू की जाएगी और अबूझमाड़-जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी बसाई जाएंगी। स्कूल शिक्षा विभाग को सबसे ज्यादा 22 हजार करोड़ की राशि मिली है। स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना के लिए 100 करोड़ का प्रावधान है। वनों के संरक्षण के लिए 930 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 1 हजार पदों पर भर्ती होगी। छत्तीसगढ़ सरकार अब 5 प्रमुख मिशन पर काम करेगी। इनमें मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री खेल उत्कृष मिशन, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन और मुख्यमंत्री स्टार्टअप और निपुण मिशन शामिल हैं। हर मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह स्वाथ्यगत कारणों से राज्य से बाहर हैं। डॉ रमन सिंह की अनुपस्थिति में धर्मजीत सिंह सभापति के तौर पर आसंदी में रहे। डॉ रमन सिंह सर्वाइकल की दिक्कत से जूझ रहे हैं। इसके चलते कोयंबटूर में भर्ती में किए गए। आज उनकी सर्जरी होगी। धरमलाल कौशिक कार्यवाहक विधानसभा अध्यक्ष होंगे। छत्तीसगढ़ बजट 2026-27, बड़ी घोषणाएं-     15 नए पुलिस थाने खोले जाएंगे।     5 नए साइबर थानों का निर्माण होगा।     महिला थानों की संख्या बढ़ाई जाएगी।     तेलीबांधा (रायपुर) थाना का नवीनीकरण होगा।     सीन ऑफ क्राइम यूनिट स्थापना हेतु ₹3 करोड़।     वनों के संरक्षण के लिए ₹930 करोड़, 1000 पदों पर भर्ती।     अभ्यारण्यों के विकास हेतु ₹11,000 करोड़ का प्रावधान।     शक्तिपीठ भ्रमण योजना शुरू, ₹5 करोड़ प्रावधान।     प्रदेश में शक्तिपीठ सर्किट का निर्माण।     राजिम में कांस्य प्रतिमा स्थापना हेतु ₹5 करोड़।     सिरपुर विकास के लिए ₹36 करोड़, रिवर फ्रंट व मेडिटेशन सेंटर बनेगा।     ईको टूरिज्म के लिए फिक्की से एमओयू, ₹500 करोड़ निवेश प्रस्ताव।     सरकारी स्कूली छात्रों के लिए युवा दर्शन योजना, ₹5 करोड़।     रायपुर देवभवन (स्वामी विवेकानंद निवास) राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने ₹5 करोड़।     पत्रकार भ्रमण हेतु बजट प्रावधान।     साहित्य महोत्सव हर वर्ष आयोजित होगा।     अप्रवासी छत्तीसगढ़ियों का NIR सम्मेलन हर साल होगा।     जनसंपर्क विभाग का बजट ₹475 करोड़।     ईवी वाहनों की सब्सिडी के लिए ₹100 करोड़।     नवा रायपुर में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना।     नवा रायपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण।     क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना हेतु ₹57 करोड़।     कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार योजना, ₹100 करोड़।     हर मिशन के लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान।     रायपुर में 200 बिस्तर का अस्पताल बनेगा।     5 प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर शोरूम खोले जाएंगे।     नमक योजना के लिए ₹1,000 करोड़।     पेंशन के लिए ₹1,400 करोड़।     सयानगुड़ी के विकास हेतु ₹5,000 करोड़।     रायपुर मठपुरैना दृष्टिबाधित शाला के लिए ₹2.50 करोड़।     नशा मुक्ति केंद्र संचालन हेतु ₹20 करोड़।     अनुसूचित जाति छात्रों के लिए हॉस्टल-स्कूल निर्माण अनुदान।     OBC छात्राओं के लिए रायपुर में 200 सीट का छात्रावास।     अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण हेतु ₹80 करोड़।     भूमिहीन कृषि परिवारों के लिए ₹600 करोड़।     कृषक उन्नति योजना हेतु ₹10,000 करोड़।     मार्कफेड के लिए ₹6,000 करोड़।     नेचुरल फार्मिंग के लिए ₹40 करोड़।     कृषि पंपों के लिए ₹5,500 करोड़।     रायपुर कालीबाड़ी में 200 बिस्तर MCH अस्पताल व चिरमिरी में जिला अस्पताल निर्माण।     डेयरी समग्र विकास योजना शुरू, ₹90 करोड़।     शिल्पकारों को राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भागीदारी हेतु वित्तीय सहयोग।     उपहार प्लेटफॉर्म के लिए ₹25 करोड़।     50 लाख तक के कार्यों की एजेंसी ग्राम सभाएं होंगी।     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ₹1,700 करोड़।     नवा रायपुर-राजनांदगांव इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स हेतु ₹10 करोड़।     प्रदेश में 23 नए उद्योग स्थापित होंगे।     भिलाई में व्यावसायिक परिसर हेतु ₹10 करोड़।     बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स भवन का निर्माण।     उद्योग बजट तीन गुना बढ़ा, अनुदान हेतु ₹750 करोड़।     खनिज ऑनलाइन 2.2 के लिए ₹35 करोड़।     उद्योग विभाग का बजट ₹248 करोड़ से बढ़कर ₹775 करोड़।     रायपुर में मेगा परीक्षा केंद्र बनेगा।     गिरौदपुरी मेले को ₹50 लाख अनुदान।     5 नालंदा लाइब्रेरी के लिए ₹22 करोड़।     मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना, ₹200 करोड़।     शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान योजना के तहत ₹5 लाख तक इलाज, ₹1,500 करोड़ प्रावधान।     मुख्यमंत्री सड़क योजना के लिए ₹200 करोड़, 36 सड़कें शामिल।     रानी दुर्गावती योजना – 18 वर्ष पर बेटियों को ₹1.5 लाख।     250 महतारी सदन निर्माण, ₹75 करोड़।     मैनपाट व जशपुर कोतेबेरा में पर्यटन विकास।     रायपुर में फूड लैब निर्माण।     कांकेर, कोरबा, महासमुंद में नर्सिंग कॉलेज।     मेकाहारा में एआई उपयोग हेतु ₹10 करोड़।     मितानिन कल्याण निधि के लिए ₹350 करोड़।     मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना लागू।     बस्तर व सरगुजा में डॉक्टरों की भर्ती।     बस्तर-सरगुजा में रोड नेटवर्क कनेक्टिविटी विस्तार।     इंद्रावती बैराज हेतु ₹68 करोड़ स्वीकृत। … Read more

पीएम मोदी इजरायल पहुंचे, फ्लाइट रडार पर ‘एअर इंडिया वन’ विमान की सर्चिंग हुई सबसे ज्यादा

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल पहुंच गए हैं. इजरायल यात्रा पर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्लाइट लोकेशन को दुनिया में इस वक्त सबसे ज्यादा ट्रैक किया जा रहा है. दुनिया भर के विमानों के मूवमेंट पर नजर रखने वाला पॉपुलर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म फ्लाइटरडार के डेटा बताते हैं कि इस वक्त पीएम मोदी की फ्लाइट मूवमेंट को विश्व में सबसे ज्यादा ट्रैक किया जा रहा है.  पीएम नरेंद्र बुधवार को दो दिनों की इजरायल यात्रा पर निकले हैं. फ्लाइटरडार एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो लाइव फ्लाइट ट्रैकिंग करता है. इसका मुख्य काम है दुनिया भर में उड़ रहे विमानों की रियल-टाइम लोकेशन, स्पीड, ऊंचाई, रूट, फ्लाइट नंबर आदि दिखाना है. फ्लाइटरडार के अनुसार बुधवार शाम पौने चार बजे जब पीएम मोदी की फ्लाइट सऊदी अरब से जॉर्डन में एंट्री कर रही थी उस वक्त इसे 7184 लोग लाइव ट्रैक कर रहे थे.  पीएम मोदी का विमान इजरायल के लिए पाकिस्तान और ईरान के एयर स्पेस को पूरी तरह से एवॉइड कर रहे हैं. पीएम मोदी की फ्लाइट दिल्ली से निकलकर गुजरात होते हुए अरब सागर को पार कर ओमान पहुंचा, इसके बाद सऊदी अरब पहुंचा, यहां से उनका प्लेन सऊदी अरब के एयर स्पेस बीच से होकर गुजरा. इसके बाद उनका विमान जॉर्डन पहुंचा. जॉर्डन के बाद इजरायल की सीमा शुरू हो जाती है.  पीएम मोदी एयर इंडिया वन से इज़रायल जा रहे हैं.  यह भारत सरकार का विशेष विमान है, जो प्रधानमंत्री और अन्य उच्च पदाधिकारियों के लिए इस्तेमाल होता है. आमतौर पर यह Boeing 777-300ER या कभी-कभी दो विमानों का फ्लीट होता है, जो स्पेशल कॉन्फ़िगरेशन के साथ आता है. इस विमान में कमांड सेंटर, सिक्योर कम्युनिकेशन और डिफेंस सिस्टम्स शामिल होते हैं.  पीएम मोदी 25 फरवरी 2026 को सुबह पालम एयर फोर्स स्टेशन से रवाना हुए. उनका विमान तेल अवीव के बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुआ. भारत से इजरायल की डायरेक्ट फ्लाइट लगभग 6-7 घंटे की होती है. 

बिलासपुर हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल में कैंपस पर हमला करने की चेतावनी, पुलिस और साइबर टीम जांच में जुटी

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना से बुधवार को न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही उच्च न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और बम स्क्वॉड तथा डॉग स्क्वॉड की टीमों को मौके पर तैनात कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। बारीकी से हो रही निगरानी पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार धमकी मिलने के बाद एहतियातन पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लिया गया। प्रवेश द्वारों पर जांच सख्त कर दी गई है तथा संदिग्ध वस्तुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी निगरानी भी बढ़ा दी गई है। अन्य जिला न्यायालयों को भी मिल चुकीं धमकियां गौरतलब है कि इससे पूर्व भी प्रदेश के अन्य जिला न्यायालयों को इसी प्रकार की धमकियां मिल चुकी हैं। राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा और जगदलपुर के जिला न्यायालयों में भी ऐसी सूचनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया था। हालांकि बाद की जांच में वे सूचनाएं अफवाह साबित हुई थीं। तलाशी और जांच जारी, ढिलाई नहीं… फिलहाल, बिलासपुर उच्च न्यायालय परिसर में तलाशी और जांच की कार्रवाई जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था और जांच धमकी के तुरंत बाद हाईकोर्ट परिसर को छावनी में बदल दिया गया। सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए। डॉग स्क्वायड ने हर कोने की तलाशी ली। बॉम्ब स्क्वायड ने भी अत्याधुनिक उपकरणों से जांच की। पुलिस ने परिसर के चप्पे-चप्पे की पड़ताल की। ईमेल स्रोत की पड़ताल पुलिस अब संदिग्ध ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से ईमेल भेजने वाले की पहचान की जा रही है। पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस धमकी के पीछे कौन है। 

होलिका दहन, धूडेली और होली उत्सव के लिए निर्णय, ज्योतिष मठ संस्थान में संगोष्ठी का आयोजन

होलिका दहन, धूडेली, होली उत्सव, चल समारोह हेतु हुआ निर्णय ज्योतिष मठ संस्थान में संगोष्ठी संपन्न  भोपाल  इस वर्ष तारीख दो की रात्रि को भद्रा के पुच्छकाल में होलिका दहन किया जाएगा। इस दिन पूरी रात्रि भर पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहेगी। लेकिन 3 तारीख को होलिका दहन का प्रश्न ही नहीं उठाता धर्म सिंधु निर्णय सिंधु आदि ग्रंथों के अनुसार प्रतिपदा तिथि को होलिका दहन नहीं करना चाहिए चाहे भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन क्यों ना करनी पड़े।होलिका दहन का कर्म काल रात्रि कालीन होता है अतः 3 तारीख को रात्रि में  पूर्णिमा तिथि नहीं रहेगी , ग्रहण का सूतक तथा ग्रहण की समाप्ति पश्चात रात्रि में प्रतिपदा तिथि आ जाएगी ।  अतः होलिका  दहन के कर्मकाल हेतु यह तिथि उपयुक्त नहीं है । ग्रहण रात्रि दूषित मानी जाती है जो होलिका दहन के लिए अशुभता देगी । यह जरूर है की 2 तारीख की रात्रि में होलिका दहन  पश्चात धुलेंडी  उत्सव प्रारंभ हो जाता है। परंतु इस वर्ष ग्रहण के सूतक काल की वजह से यह कार्य प्रभावित होगा, साथ ही होलिका दहन के दूसरे दिन होने वाला होली उत्सव,चल समारोह भी ग्रहण होने के कारण  4 तारीख को ही किया जाना चाहिए।   लगभग सभी पंचांगकर्ता एवं विद्वानों द्वारा यह जानकारी वेब संगोष्ठी कर प्रदान की गई।संगोष्ठी ज्योतिष मठ संस्थान द्वारा आयोजित की गई थी। संस्थान के संचालक ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गौतम ने बताया की वेब संगोष्ठी में होली का दहन एवं होली उत्सव को लेकर सभी पंचांगकरो एवं अनेक विद्वानों के तर्क वितर्क हुए एवं सर्वसम्मति से तारीख दो की  रात्रि 2:00 बजे के बाद पुच्छकाल भाद्रा पश्चात पूरे भारत देश में होलिका दहन किया जाएगा। तथा पर्व उत्सव 4 तारीख को मनाया जाएगा अतः भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है ।

25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार, जितनी बड़ी आबादी है, उतनी ही विशाल संभावनाएं: मुख्यमंत्री

टोक्यो में आयोजित निवेश रोड शो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान के उद्यमियों को दिया यूपी में निवेश का न्योता नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास विकसित की जा रही जापान इंडस्ट्रियल सिटी से जापान की कंपनियों को मिलेगा विशेष लाभ: मुख्यमंत्री 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार, जितनी बड़ी आबादी है, उतनी ही विशाल संभावनाएं: मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश में निवेश सुरक्षित क्योंकि यहां स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड चारों उपलब्ध: सीएम योगी सीएम ने डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी में वैश्विक साझेदारी का रखा प्रस्ताव, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में भी निवेश का आमंत्रण यूपी के माध्यम से भविष्य में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा भारत-जापान औद्योगिक सहयोग: सीएम योगी टोक्यो/लखनऊ  उत्तर प्रदेश में दुनिया के बड़े निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर के बाद जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे। यहां आयोजित वृहद यूपी निवेश रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां के उद्योगपतियों और निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज सुरक्षित माहौल, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, बड़ी बाजार क्षमता और युवा कार्यबल के कारण निवेश के लिए भारत का सबसे बेहतर राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने जापानी उद्योगपतियों से उत्तर प्रदेश आने, निवेश करने और प्रदेश के आध्यात्मिक स्थलों का अनुभव लेने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यूपी में निवेश के माध्यम से भारत-जापान औद्योगिक सहयोग भविष्य में और मजबूत होगा। भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक संबंध जापान को 'लैंड ऑफ द सनराइज' बताते हुए सीएम योगी ने कहा कि इस पावन धरा को नमन करता हूं। उत्तर प्रदेश सूर्यवंश के राजा भगवान श्रीराम की पावन जन्मस्थली है। यही नहीं, भगवान बुद्ध की पावन कर्मभूमि भी उत्तर प्रदेश ही है। भगवान बुद्ध से जुड़े विश्व के सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थल कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती, कुशीनगर, कौशांबी, सहित अनेक पवित्र स्थल उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में रामायण सर्किट एवं बौद्ध सर्किट को प्रभावी ढंग से विकसित किया जा रहा है, जिससे स्पिरिचुअल टूरिज्म को नई गति मिली है। जब भगवान राम और भगवान बुद्ध की बात होती है, तो यह सूर्यवंश की उस महान परंपरा से जुड़ती है, जिसकी प्रथम किरण का उदय जापान की धरती पर होता है। इसी सांस्कृतिक आत्मीयता के साथ मैं आप सभी का स्वागत करता हूं।  निवेशकों के लिए यूपी बड़ा बाजार मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। जितनी बड़ी आबादी है, उतनी ही बड़ी चुनौतियां हैं और उतनी ही विशाल संभावनाएं भी हैं। पिछले नौ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय लगभग तीन गुना बढ़ी है। जो राज्य कभी बीमारू कहा जाता था, वह आज भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है। उन्होंने बताया कि देश की केवल 11 प्रतिशत कृषि भूमि होने के बावजूद उत्तर प्रदेश देश का करीब 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन करता है। इससे फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और एग्री लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में बड़े निवेश के अवसर हैं। जल संसाधन और युवा शक्ति बनी ताकत मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास भरपूर मीठा जल संसाधन है, जिसका उपयोग कृषि के साथ ग्रीन हाइड्रोजन जैसे नए क्षेत्रों में किया जा सकता है। राज्य की 56 प्रतिशत आबादी युवा है, जिससे उद्योगों को पर्याप्त और कुशल मानव संसाधन मिलता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में प्रदेश में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क और ईस्टर्न-वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन उत्तर प्रदेश में है। एक्सप्रेसवे के किनारे 27 औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि मैं जापान के बिजनेस लीडर्स को आमंत्रित करता हूं कि वे यूपी में इन परियोजनाओं में भागीदारी करें।  500 एकड़ में विकसित होगी जापान इंडस्ट्रियल सिटी मुख्यमंत्री ने जापान के उद्यमियों को विशेष रूप से यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापान इंडस्ट्रियल सिटी के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं तथा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जल्द शुरू होने वाला है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ही जापानी निवेशकों के लिए जापान इंडस्ट्रियल सिटी विकसित की जा रही है। इसके लिए 500 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली गई है। इसका उद्देश्य है कि जापानी उद्योग एक ही स्थान पर क्लस्टर के रूप में निवेश कर सकें। यहां उन्हें बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और निर्यात सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।  मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग से सेमीकंडक्टर तक अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश इसलिए सुरक्षित है क्योंकि यहां स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड चारों उपलब्ध हैं। भारत के मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हो रहा है। डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश की अच्छी संभावनाएं हैं। हाल ही में नोएडा क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला रखी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पास 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। झांसी के पास बुंदेलखंड क्षेत्र में 56,000 एकड़ में नया औद्योगिक शहर विकसित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। यूपी के पास एमएसएमई की ताकत मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश को 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं और 7 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रक्रिया में हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जिनमें तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। नई इकाइयों को 1000 दिनों तक कई तरह की एनओसी से छूट दी जाती है, ताकि उद्योग आसानी से शुरू हो सकें। आसान निवेश व्यवस्था और सुरक्षित माहौल मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू हैं। निवेश मित्र और निवेश सारथी जैसी सिंगल विंडो व्यवस्था से निवेश प्रक्रिया सरल हुई है। बेहतर कानून-व्यवस्था और पारदर्शी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश में 156 करोड़ पर्यटक आए, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, हेरिटेज और स्पिरिचुअल टूरिज्म में … Read more

यीडा क्षेत्र में बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क को सीएम योगी ने बताया जापानी कंपनियों के लिए सुनहरा अवसर

सीएम योगी ने कोनोइके ट्रांसपोर्ट के साथ की अहम बैठक, यूपी में निवेश के लिए किया आमंत्रित लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग में निवेश की संभावनाओं पर हुई गंभीर चर्चा यीडा क्षेत्र में बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क को सीएम योगी ने बताया जापानी कंपनियों के लिए सुनहरा अवसर जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हुआ जोरदार स्वागत टोक्यो/लखनऊ  उत्तर प्रदेश को ग्लोबल सप्लाई चेन और हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान दौरे के पहले ही दिन बड़े निवेश संवाद की शुरुआत कर दी। मुख्यमंत्री ने शीगेकी तानाबे (Shigeki Tanabe), सीनियर मैनेजिंग एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एवं एग्जीक्यूटिव जनरल मैनेजर (सेल्स मैनेजमेंट डिवीजन/डोमेस्टिक बिजनेस प्रभारी), कोनोइके ट्रांसपोर्ट को. लिमिटेड (Konoike Transport Co. Ltd.) के साथ विस्तृत बैठक की। इस दौरान उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग में निवेश की संभावनाओं पर गंभीर चर्चा हुई। निवेशकों के लिए यूपी में असाधारण अवसर मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश का भौगोलिक व औद्योगिक परिदृश्य अब निवेशकों के लिए असाधारण अवसर प्रस्तुत कर रहा है। राज्य सीधे डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) नेटवर्क से जुड़ा है, जिससे माल ढुलाई की गति तेज और लागत प्रतिस्पर्धी बनती है। यह सुविधा निर्यातोन्मुख उद्योगों और ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़े निवेशकों के लिए बड़ा अवसर प्रदान करती है। यही नहीं, मुख्यमंत्री ने यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) क्षेत्र में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना जापानी कंपनियों के लिए अत्यंत अनुकूल इकोसिस्टम उपलब्ध कराती है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, नीतिगत समर्थन और सिंगल-विंडो क्लियरेंस की व्यवस्था के कारण यह क्षेत्र हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग के लिए आदर्श गंतव्य बन रहा है। उन्होंने भारत-जापान औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश निवेशकों को न केवल भूमि और बुनियादी ढांचा देता है, बल्कि स्थिर नीति, कुशल मानव संसाधन और तेजी से निर्णय लेने वाली सरकार भी उपलब्ध कराता है। टोक्यो में सीएम योगी का भव्य स्वागत जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचने पर मुख्यमंत्री का गरिमापूर्ण स्वागत किया गया। उनका स्वागत यामानाशी प्रांत के वाइस गवर्नर जुनिचि इशिदरा (Junichi Ishidera) ने किया। इस अवसर पर जापान में भारत की राजदूत नगमा एम मलिक तथा भारतीय समुदाय के सदस्य भी उपस्थित रहे। सीएम योगी की यह यात्रा उत्तर प्रदेश की बढ़ती वैश्विक भागीदारी और भारत-जापान के बीच गहराते रणनीतिक व आर्थिक संबंधों का प्रतीक मानी जा रही है। ‘उगते सूरज की धरती’ को ‘आदित्य’ का नमस्कार टोक्यो पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अनूठे अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने आधिकारिक हैंडल से लिखा, “अभी जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचा हूं। उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि को प्रभु श्री राम की पावन धरा के ‘आदित्य’ का नमस्कार…।”

धार मुस्लिम समाज ने भोजशाला सर्वे को हाईकोर्ट में चुनौती देने की ठानी, याचिका दायर करने की योजना

धार  भोजशाला को लेकर एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर धार के मुस्लिम समाज ने एतराज जताया है। उन्होंने इस रिपोर्ट को चुनौती देने के लिए अलग से एक याचिका दायर करने की तैयारी की है। उनका कहना है कि सर्वे के यह निष्कर्ष गलत हैं, जिनमें यह कहा गया है कि कमल मौला मस्जिद का निर्माण एक प्राचीन हिंदू मंदिर के अवशेषों का उपयोग करके किया गया था।  मुस्लिम पक्ष ने 1903 के ब्रिटिश काल के एक एएसआई सर्वेक्षण का हवाला भी दिया है, जिसमें इस स्थल को कमल मौला मस्जिद के रूप में दर्ज किया गया था और इसे एक संरक्षित स्मारक घोषित किया गया था। उन्होंने कहा कि यह एक मस्जिद थी, यह एक मस्जिद है और वहां नमाज जारी रहेगी। उनके अनुसार, मस्जिद का निर्माण निजामुद्दीन औलिया के खलीफा कमाल मौलाना द्वारा किया गया था, जो इस्लाम के प्रचार के लिए 1295 में धार आए थे और उन्हें मालवा शासक महमूद खिलजी द्वारा भूमि प्रदान की गई थी। उस भूमि पर मदरसे और मस्जिदें स्थापित की गई थीं। इसके लिए राजा भोज के महल के अवशेषों का इस्तेमाल किया गया, क्योंकि भारी सामग्री का परिवहन कठिन था, इसलिए निर्माताओं ने पास के राजा भोज के महल के पत्थरों का उपयोग किया। उनका दावा है कि राजा भोज का महल चालुक्य-सोलंकी राजवंश के शासकों ने तोड़ा था और उन्हीं पत्थरों का इस्तेमाल यहां हुआ है। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर दावे, आपत्तियां व सुझाव देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी। हिंदू संगठनों का दावा- सर्वे में मिले मंदिर होने के प्रमाण हिंदू संगठनों ने बताया कि एएसआई द्वारा कोर्ट में पेश की गई सर्वे रिपोर्ट की प्रति दोनों पक्षों को दे दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर दावा किया गया है कि परिसर में सर्वे के दौरान मिले स्तंभ, शिलालेख, मूर्तियां और अन्य अवशेष स्पष्ट रूप से हिंदू संस्कृति के प्रतीक हैं। संगठनों का कहना है कि जमीन के भीतर खुदाई में जो मूर्तियां और संरचनात्मक अवशेष मिले हैं, वे इस बात के ठोस प्रमाण हैं कि यहां प्राचीन काल में मंदिर स्थापित था। मुस्लिम पक्ष बोला- 1904 के सर्वे में तय हुआ था कि यह मस्जिद है दूसरी ओर, मुस्लिम समाज के सदर अब्दुल समद ने सर्वे रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि हम शुरू से ही इस सर्वे को लेकर ऑब्जेक्शन लेते आ रहे हैं। 1903 और 1904 में एएसआई के ही सर्वे में यह स्पष्ट रूप से तय किया गया था कि यह स्थान मस्जिद है और उसकी संरचना भी मस्जिद जैसी ही है। उन्होंने कहा कि अब नए सर्वे रिपोर्ट में कई तथ्य बदले हुए नजर आ रहे हैं। इन्हीं बदलावों को लेकर वे कोर्ट में 15 दिन के भीतर विधिवत अपनी आपत्तियां दर्ज कराएंगे। '2003 के बाद चीजें बदली गईं, रिपोर्ट में मस्जिद का भी जिक्र' सदर अब्दुल समद ने दावा किया कि 2003 के बाद से परिसर में कई चीजें बदली गई हैं, जिन्हें अब सर्वे के नाम पर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे शुरू से इसका विरोध करते आ रहे हैं और आगे भी करेंगे। समद ने यह भी दावा किया कि नई सर्वे रिपोर्ट में भी इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि यह स्थान मस्जिद है। 16 मार्च को होगी मामले की अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को निर्धारित समय सीमा में अपने दावे, आपत्तियां और सुझाव पेश करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अब इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च 2026 को होगी। इस सुनवाई में सर्वे रिपोर्ट के प्रत्येक बिंदु पर विस्तृत बहस होने की संभावना है। भोजशाला मामले को लेकर धार सहित पूरे प्रदेश में चर्चाओं का दौर जारी है।

केसेट में तिरंगे की झलक, इजरायली मीडिया ने कहा – नमस्ते मोदी, ऐतिहासिक स्वागत तय

तेल अवीव पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद से यह बैरियर टूटा है और इजरायल से करीबी बढ़ी है। भारत-इजरायल के संबंधों में काफी करीबी आई है। बता दें कि इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने नरेंद्र मोदी को अपना प्रिय मित्र बताया है। उन्होंने कहा कि हमने कैबिनेट में भी अपने दोस्त के इजरायल आने को लेकर चर्चा की है। पीएम नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे पर निकल गए हैं। वह दो दिन इजरायल रहेंगे और इस दौरान वहां के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिलेंगे। उनकी इस विजिट को लेकर इजरायल में काफी उत्साह देखा जा रहा है। वह इजरायल की संसद नेसेट (Knesset) को संबोधित करेंगे। ऐसा करने वाले वह भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे। इससे पहले 2017 में वह इजरायल गए थे और वह यहूदी मुल्क पहुंचने वाले भारत के पहले पीएम थे। अब संसद को संबोधित करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम होगा। इस बीच इजरायल में भी सरकार से लेकर मीडिया तक में उनकी मौजूदगी को लेकर उत्साह है। इजरायल के बड़े अखबार येरूशलम पोस्ट ने उनका खास अंदाज में स्वागत किया है। पीएम नरेंद्र मोदी को समर्पित करते हुए एक अलग पेज ही येरूशलम पोस्ट ने प्रकाशित किया और इसका शीर्षक दिया है- नमस्ते मोदी। अखबार के एडिटर इन चीफ विका क्लेन ने अखबार का पहला पेज सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इसमें नरेंद्र मोदी की तस्वीर दिख रही है। इसके अलावा पेज पर इजरायल और भारत के संबंधों से जुड़ी कई स्पेशल खबरें भी हैं। एक खबर का शीर्षक है, वेलकम मोदी। इसके अलावा एक अन्य हेडलाइन है- दिल्ली की येरूशलम से बढ़ती साझेदारी। अखबार ने मास्टहेड में नमस्ते हिंदी और हिब्रू दोनों भाषाओं में लिखा है। इसके साथ ही यह भी लिखा है कि दुनिया की दो प्राचीनतम सभ्यताएं अपने करीब आने का नया अध्याय लिख रही हैं। अखबार का पूरा पहला पेज ही भारत और इजरायल के रिश्तों को समर्पित है। इस बीच इजरायल की संसद को तिरंगे की रोशनी में रंग दिया गया है। इसकी भी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की गई हैं। नेसेट में पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान पीएम नेतन्याहू समेत पूरी कैबिनेट मौजूद रहेगी। इजरायल और भारत के रिश्ते बीते कुछ सालों में तेजी से बढ़े हैं। लेकिन अब संसद को संबोधित करने का मौका मिलना भारत के लिए बड़ी बात है। लंबे समय तक भारत ने फिलिस्तीन और इजरायल के विवाद में कोई स्पष्ट राय रखने से दूरी बनाई है। नेतन्याहू बोले- कैबिनेट में भी हुई पीएम मोदी के आने की चर्चा भारत की राय टू-स्टेट सॉलूशन के पक्ष में रही है, लेकिन इजरायल के बहुत करीब आने से देश बचता रहा है। लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से यह बैरियर टूटा है। भारत और इजरायल के संबंधों में काफी करीबी आई है। बता दें कि इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने नरेंद्र मोदी को अपना प्रिय मित्र बताया है। उन्होंने कहा कि हमने कैबिनेट में भी अपने दोस्त के इजरायल आने को लेकर चर्चा की है।