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30 हजार आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मियों का भोपाल में प्रदर्शन, जेपी परिसर में जुटे कर्मचारी, न्याय यात्रा की तैयारी

भोपाल  मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे लगभग 30 हजार आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी भोपाल में प्रदर्शन कर रहे हैं। मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर बड़ी संख्या में कर्मचारी जेपी परिसर में पहुंच गए हैं और नारेबाजी कर रहे हैं। दोपहर एक बजे न्याय यात्रा शुरू होगी, जो मुख्यमंत्री निवास तक जाएगी। जहां 9 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशव्यापी हड़ताल आगे भी जारी रखेंगे। बुधवार से शुरू हुई हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं व्यापक रूप से प्रभावित हो सकती हैं। संघ के अनुसार मंगलवार रात को ही कई कर्मचारी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से भोपाल के लिए बस, ट्रेन व किराए के वाहन से निकल गए थे, जो दोपहर तक यहां पहुंचेंगे। पुलिस ने की अस्पताल परिसर में बैरिकेडिंग कर्मचारियों की न्याय यात्रा के मद्देनजर पुलिस ने जेपी अस्पताल परिसर के गेट पर बैरिकेडिंग कर कर्मचारियों को रोकने की तैयारी कर ली है। पुलिस उन्हें परिसर से बाहर नहीं निकलने देगी। उधर, कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें न्याय यात्रा निकालने की अनुमति दी गई है। समस्त स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कौरव ने बताया कि 2 फरवरी से संविदा कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी है। विभाग के अधिकारी हमारी मांगों को अनदेखा कर रहे हैं। यही कारण है कि बीते दो दिन से हम काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जाता रहे थे। आज संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं से न्याय यात्रा निकाल कर राजधानी में अपना विरोध दर्ज कराएंगे। जिससे हमारी मांगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंच सकें। उन्होंने बताया कि यह यात्रा मुख्यमंत्री निवास तक जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर से कर्मचारी आए हैं, सभी एक तरह का सामूहिक अवकाश लेकर इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। यदि आज भी हमारी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो सभी संविदा कर्मचारी सामूहिक हड़ताल पर चले जाएंगे। 30 हजार कर्मचारी, पूरे प्रदेश में असर संघ के अनुसार प्रदेश के जिला अस्पताल, सिविल हॉस्पिटल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, संजीवनी क्लिनिक और पोषण पुनर्वास केंद्रों सहित विभिन्न इकाइयों में 30 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। ये कर्मचारी रिपोर्टिंग कार्य, सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, कुपोषित बच्चों की देखरेख और अन्य कई स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाते हैं। संघ का कहना है कि यदि हड़ताल होती है तो अस्पतालों की व्यवस्थाएं प्रभावित होंगी और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। रिक्त पदों पर समायोजन या नियमितीकरण की मांग कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सेवाएं दे चुके आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना शर्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर समायोजित कर नियमित किया जाए या संविदा में मर्ज किया जाए। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर ठोस नीति बनाकर स्थायी समाधान करने तथा न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन निर्धारित करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। 9 सूत्रीय मांगों में क्या शामिल संघ द्वारा प्रस्तुत 9 सूत्रीय मांगों में श्रम विभाग की 1 अप्रैल 2024 से लागू वेतन वृद्धि का 11 माह का एरियर भुगतान, निजी आउटसोर्स एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट कर सीधे खातों में वेतन भुगतान, शासकीय अवकाश की सुविधा, नियमित भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण, स्वास्थ्य बीमा और ग्रेच्युटी का लाभ शामिल हैं। संघ का आरोप है कि दोहरी और दमनकारी नीति के कारण वर्षों से कर्मचारियों का शोषण हो रहा है, जबकि वे 12 से 14 घंटे तक कार्य कर अस्पतालों की रीढ़ बने हुए हैं। सामूहिक हड़ताल रहेगी जारी संघ ने बताया कि आंदोलन के चौथे चरण में 25 फरवरी 2026 से प्रदेशभर के कर्मचारी सामूहिक हड़ताल में शामिल रहेंगे। यदि मांग नहीं मानी गई तो यह हड़ताल जारी रहेगी। कोमल सिंह ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो हड़ताल की पूरी जिम्मेदारी शासन और विभाग की होगी। कई बार पत्र, ज्ञापन और प्रदर्शन के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण कर्मचारियों में आक्रोश है। अब न्याय यात्रा के जरिए सीधे मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की जाएगी। कर्मचारियों का दावा है कि वे स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके भविष्य की सुरक्षा के बिना स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती संभव नहीं है।

ट्रंप का विवादास्पद दावा- ‘मैं न होता तो PAK के 3.5 करोड़ लोग होते मारे’, ऑपरेशन सिंदूर पर बयान

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध समेत आठ युद्धों को रोकने के अपने दावे को दोहराया. हालांकि, उन्होंने अपने 'स्टेट ऑफ द यूनियन' संबोधन में एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने भारत के ऑपरेशन सिंदूर को रोककर 3.5 करोड़ लोगों की जान बचाई थी. ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे कहा था कि अगर उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो पिछले साल भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 3.5 करोड़ लोग मारे गए होते. ट्रंप का यह बयान भारत के खिलाफ मई 2025 में चार दिवसीय सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तान के बैकफुट पर होने का स्पष्ट संकेत देता है. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा, 'अपने पहले 10 महीनों में, कंबोडिया और थाईलैंड समेत मैंने आठ युद्ध रुकवाए. ये मजाक नहीं है. पाकिस्तान और भारत के बीच परमाणु युद्ध हो सकता था. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा कि अगर मैं हस्तक्षेप न करता तो 3.5 करोड़ लोगों की मौत होती.' ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले 'स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन' के दौरान अपनी उपलब्धियों का बखान करते हुए ये दावे किए. ट्रंन ने इन आठ युद्धों को रोकने का किया दावा डोनाल्ड ट्रंप ने जिन युद्धों को सुलझाने का दावा किया है, उनमें- इजरायल और हमास, इजरायल और ईरान, मिस्र और इथियोपिया, भारत और पाकिस्तान, सर्बिया और कोसोवो, रवांडा और कांगो, आर्मेनिया और अजरबैजान, कंबोडिया और थाईलैंड के बीच के संघर्ष शामिल हैं. भारत ने पाकिस्तान के साथ चार दिवसीय संघर्ष के दौरान दोनों देशों के बीच सीजफायर कराने में भूमिका निभाने के ट्रंप के दावों को बार-बार खारिज किया है. संघर्ष को रोकने में ट्रंप की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चुटकी लेते हुए इससे इनकार किया था. भारत ने ट्रंप के दावे को हर बार किया खारिज उनसे पूछा गया था कि पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष के दौरान यूएस कहां था? मतलब अमेरिका की क्या भूमिका थी. इस पर कूटनीतिक भाषा में जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा था, 'यूएस, यूनाइटेड स्टेट्स आफ अमेरिका में था.' उनके इस जवाब का मतलब था कि अमेरिका का भारत पाकिस्तान सीजफायर में कोई भूमिका नहीं थी. भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भी सीजफायर में किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को खारिज किया था. उन्होंने कहा था, 'पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) ने हॉटलाइन पर अपने भारतीय समकक्ष से संपर्क किया और संघर्ष खत्म का अनुरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप दोनों देशों के बीच युद्धविराम समझौता हुआ.'

बीजेपी विधायक का बयान- सिंगरौली में पेड़ कटाई से कोई नुकसान नहीं, कांग्रेस MLA ने उठाया मुद्दा

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज बुधवार को आठवां दिन है। सिंगरौली में अदानी समूह की कोल माइंस के लिए पेड़ कटाई के मामले पर भाजपा विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि पेड़ कटाई से सिंगरौली का एक पैसे का नुकसान नहीं होगा।उन्होंने कहा कि कोल माइंस के लिए पेड़ काटना जरूरी है, क्योंकि बिना कोयले के बिजली और बिना बिजली के पानी संभव नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि पेड़ कटाई के बजाय विस्थापन और मुआवजे के मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। सिंगरौली के प्रदूषण पर उन्होंने कहा कि वे वहीं के निवासी हैं और असली समस्या जमीन, विस्थापन और मुआवजे की है, जिस पर सरकार काम कर रही है।अदानी को खदान मिलने पर उन्होंने कहा कि खदान नीलामी प्रक्रिया से मिलती है और अदानी के अलावा एस्सार, जेपी और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड जैसी कंपनियां भी वहां काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जहां उद्योग होगा, वहां प्रदूषण होगा, लेकिन उसके रोकथाम के लिए सरकार प्रयास कर रही है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस मामले को लेकर गंभीर हैं।इधर, चुरहट से कांग्रेस विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल और पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह प्रदेश में निराश्रित जानवरों से किसानों की फसलें नष्ट होने और सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित होने और एक्सीडेंट का मामला ध्यानाकर्षण के जरिए उठाएंगे। जबलपुर उत्तर पूर्व से बीजेपी विधायक अभिलाष पांडेय प्रदेश में बढ़ती आगजनी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए फायर सेफ्टी कानून और नियमित ऑडिट की व्यवस्था न होने का मामला ध्यानाकर्षण के जरिए उठाएंगे।वहीं, विधानसभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल राय और मध्य प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री तेजीराम सरयाम को श्रद्धांजलि दी जाएगी। निराश्रित पशुओं से फसल नुकसान और यातायात बाधा का मुद्दा उठा विधायक अजय अर्जुन सिंह ने प्रदेश में निराश्रित पशुओं के कारण किसानों की फसलें नष्ट होने और सड़कों पर यातायात बाधित होने से उत्पन्न गंभीर स्थिति की ओर पशुपालन मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता के चलते किसानों को न तो मुआवजा मिल पा रहा है और न ही समस्या का स्थायी समाधान हो रहा है। इस पर पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम द्वारा आवारा पशुओं को पकड़ा गया है तथा संबंधित पशुपालकों पर जुर्माना भी लगाया गया है। वन भूमि अतिक्रमण और बाहरी मजदूरों पर विधानसभा में हंगामा सरोज विकासखंड में बाहरी मजदूरों से काम कराए जाने और वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर विधानसभा में तीखी बहस देखने को मिली। विधायक उमाकांत शर्मा ने आरोप लगाया कि सरोज विकासखंड में स्थानीय मजदूरों की अनदेखी कर बाहर के मजदूरों से कार्य कराया गया, जिसमें अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच के लिए गठित समिति में उन्हें भी शामिल किया जाए। शर्मा ने कहा कि लटेरी और सिरोंज क्षेत्र में वन भूमि पर कब्जा कर खेती की जा रही है, लेकिन अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मंत्री को आवेदन दिया गया था और एक ऑडियो क्लिप भी उपलब्ध कराई गई है, जिसमें वनरक्षक, डिप्टी रेंजर और ठेकेदार के बीच बातचीत सामने आई है। उनका आरोप है कि ऐसे मामलों से सरकार की छवि धूमिल हो रही है और कुछ अधिकारी सरकार को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर मंत्री के जवाब को गोलमोल बताते हुए कहा कि दो दिन पहले उमरिया जिले में शेर के शिकार के मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं होने के कारण वे रिहा हो गए। इस पर मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि जहां स्थानीय स्तर पर मजदूर उपलब्ध नहीं होते, वहां बाहर से मजदूर बुलाना आवश्यक हो जाता है। पौधों के मूल्यांकन के लिए बाहरी संस्थाओं की सेवाएं ली जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। श्रमिकों के भुगतान पर विधानसभा में घमासान वनमंडल विदिशा में पौधरोपण कार्य और श्रमिकों के भुगतान को लेकर विधानसभा में सवाल उठा। बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने श्रमिकों के भुगतान संबंधी जानकारी मांगी, लेकिन वन विभाग ने बैंक खातों के नंबर साझा करने से इंकार कर दिया। विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा कि भुगतान का पूरा विवरण नहीं दिया गया और बैंक खाते की जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर बाहरी मजदूरों को काम करते देखा गया है। उन्होंने मामले की प्रदेश स्तरीय टीम से जांच कराने की मांग की। इस पर वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने जवाब देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के बैंक खाते की जानकारी सार्वजनिक करने की एक मर्यादा होती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि व्यक्तिगत तौर पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। प्रश्नकाल में जजों की सुरक्षा पर गरमाई बहस, हर मजिस्ट्रेट को गनमैन देने की मांग विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान जजों की सुरक्षा का मुद्दा गूंजा। भाजपा विधायक हरिशंकर खटीक ने हर न्यायिक मजिस्ट्रेट को एक-एक गनमैन उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। इस पर मंत्री गौतम टेटवाल ने जवाब देते हुए कहा कि जजों को आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। यदि कोई विशेष परिस्थिति उत्पन्न होती है तो स्थानीय स्तर पर पुलिस अधीक्षक (SP) सुरक्षा को लेकर निर्णय लेते हैं। इसके अलावा आवेदन प्राप्त होने पर राज्य सुरक्षा समिति द्वारा समीक्षा कर आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। विधायक हरिशंकर खटीक ने पुनः मांग दोहराते हुए कहा कि प्रत्येक न्यायिक मजिस्ट्रेट को अनिवार्य रूप से एक-एक गनमैन दिया जाना चाहिए। सहारा समूह से जुड़े मामलों को लेकर घमासान विधानसभा के प्रश्नकाल में सहारा समूह से जुड़े मामलों और निवेशकों की धनवापसी का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। जयवर्धन सिंह ने सरकार से सहारा इंडिया कंपनी के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों और निवेशकों की राशि वापसी पर विस्तृत जानकारी मांगी, जबकि मंत्री शिवाजी पटेल ने विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट की। सहारा समूह पर एफआईआर को लेकर सवाल प्रश्नकाल के दौरान जयवर्धन सिंह ने वर्ष 2020 से अब तक सहारा इंडिया के … Read more

राष्ट्रपति ट्रंप का बयान- इनकम टैक्स के बदले टैरिफ आ रहा है, विदेशी कर रहे हैं भुगतान

 वाशिंगटन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में पहली बार अमेरिकी कांग्रेस में वार्षिक 'स्टेट ऑफ द यूनियन' संबोधन दे रहे हैं. ट्रंप ने अपने कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का दावा किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था पहले कभी इतनी तेजी से नहीं बढ़ी और दावा किया कि देश को पहले डेड कहा जाता था, अब हम सबसे आगे हैं. ट्रंप ने यह भी दोहराया कि उन्होंने 'ड्रिल, बेबी, ड्रिल' का अपना वादा निभाया है. यह नारा अमेरिकी राष्ट्रपति और अन्य रिपब्लिकन नेताओं द्वारा अमेरिका में तेल और गैस ड्रिलिंग को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा दूसरे देशों पर लगाए गए टैरिफ को असंवैधानिक बताकर खारिज करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप अपने फैसले को जायज ठहराने के लिए तरह-तरह के पैंतरे आजमा रहे हैं. यूएस सुप्रीम कोर्ट ने स्वीपिंग टैरिफ खत्म किया तो ट्रंप ने 15% ग्लोबल टैरिफ का एलान कर दिया. अब यूएस कांग्रेस में अपने संबोधन में उन्होंने टैरिफ को इनकम टैक्स का सब्सिट्यूट बता दिया. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'मेरा मानना ​​है कि विदेशी देशों द्वारा चुकाए जा रहे ये टैरिफ, हमारे देश में इनकम टैक्स की आधुनिक प्रणाली को काफी हद तक प्रतिस्थापित कर देंगे, जिससे मेरे देशवासियों पर से एक बड़ा वित्तीय बोझ कम हो जाएगा.' स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी पुरुष हॉकी के ओलंपिक हीरो कॉनर हेलेब्यूक को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम' से सम्मानित करने की घोषणा की. अमेरिकी पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ी ट्रंप के संबोधन के दौरान यूएस कैपिटल में मौजूद थे. अमेरिका ने 2026 विंटर ओलंपिक के फाइनल में कनाडा को हराकर 46 साल बाद हॉकी में स्वर्ण पदक जीता. अमेरिकी सीमा अब सुरक्षित और दुश्मन डरे हुए हैं: ट्रंप डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिकी सीमा अब सुरक्षित है और दुश्मन डरे हुए हैं. उन्होंने कहा, 'हमारी सेना और पुलिस पहले से कहीं अधिक मजबूत है, और वैश्विक मंच पर अमेरिका को एक बार फिर सम्मान प्राप्त है.'अमेरिकी राष्ट्रपति ने इमिग्रेशन का मुद्दा उठाया, जो उनके चुनाव अभियान के प्रमुख मुद्दों में से एक था, और अपने प्रशासन के दौरान इसमें महत्वपूर्ण बदलाव का दावा किया. उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले एक साल में अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर घातक फेंटानिल की तस्करी में रिकॉर्ड 56 प्रतिशत की गिरावट आई है. ट्रंप ने कहा कि अवैध आव्रजन और मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के प्रयासों से परिणाम मिले हैं, और उन्होंने दावा किया कि चार साल तक बेरोकटोक सीमा पार करने के बाद, अब अमेरिका के पास देश के इतिहास की 'सबसे मजबूत और सुरक्षित सीमा' है. उन्होंने कहा कि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल के अंत तक मेक्सिको के साथ लगने वाली अमेरिकी सीमा पर अवैध घुसपैठ रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई थी. महंगाई पिछले पांच वर्षों में सबसे निचले स्तर पर: ट्रंप ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान महंगाई पर काबू पाने का दावा किया. उन्होंने अपने पूर्ववर्ती, जो बाइडेन के कार्यकाल के दौरान देश के इतिहास में सबसे भीषण महंगाई होने का आरोप लगाया. अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन ने 12 महीनों के भीतर महंगाई को पिछले पांच वर्षों में सबसे निचले स्तर पर ला दिया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव के बाद से शेयर बाजार ने 53 बार सर्वकालिक उच्च स्तर दर्ज किया है और कहा कि उनकी सरकार ने अपने पहले वर्ष में 18 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश आकर्षित किया है.

सिंगापुर के निवेशकों के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास विशेष रूप से नियोजित सिंगापुर सिटी की अवधारणा पर कार्य जारी: योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी के सिंगापुर दौरे का दूसरा दिन उत्तर प्रदेश में निवेश पूरी तरह सुरक्षित और संभावनाओं से परिपूर्ण: सीएम योगी सिंगापुर के निवेशकों के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास विशेष रूप से नियोजित सिंगापुर सिटी की अवधारणा पर कार्य जारी: योगी आदित्यनाथ सिंगापुर का हर इंडस्ट्री लीडर आज भारत में ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में उत्तर प्रदेश की भूमिका को समझ रहा: मुख्यमंत्री आज उत्तर प्रदेश टेक्नोलॉजी और ट्रस्ट के साथ ही ट्रांसफॉर्मेशन के रूप में भी पहचान बना रहा: सीएम योगी सिंगापुर में इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो में बोले मुख्यमंत्री, आज उत्तर प्रदेश केवल संभावनाओं की भूमि नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस की भूमि बन चुका है सिंगापुर/लखनऊ  सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन ‘इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के ‘ट्रिपल एस’ (सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड) मॉडल को निवेश की सबसे बड़ी गारंटी बताते हुए प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में हो रहे प्रयासों का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश केवल संभावनाओं की नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस की भूमि बन चुका है। हमने पिछले 9 वर्ष के अंदर उत्तर प्रदेश में केवल सुरक्षा का ही माहौल नहीं दिया, बल्कि स्केल को स्किल और स्पीड के साथ कैसे जोड़ा जाता है, इसको भी करके दिखाया है। आज उत्तर प्रदेश ने केवल टेक्नोलॉजी और ट्रस्ट में ही नहीं, बल्कि भारत के अंदर ट्रांसफॉर्मेशन के भी एक नए युग में आगे बढ़ने वाले प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि अगले तीन से चार वर्षों में उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में निर्णायक छलांग लगाएगा। उन्होंने सिंगापुर के उद्योग जगत को आमंत्रित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश पूरी तरह सुरक्षित है और संभावनाओं से परिपूर्ण है। जेवर के पास ‘सिंगापुर सिटी’ का प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक डेडिकेटेड “सिंगापुर सिटी” विकसित करने की योजना प्रस्तुत की है। यदि सिंगापुर के निवेशक एनसीआर क्षेत्र में आना चाहते हैं तो उनके लिए एक विशेष रूप से नियोजित सिंगापुर सिटी की अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है। इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास भूमि की व्यवस्था की गई है, ताकि एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और वर्ल्ड-क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर का पूरा लाभ निवेशकों को मिल सके। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में उनका निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और यहां उन्हें अपनी व्यावसायिक संभावनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा।  हर इंडस्ट्री लीडर के लिए यूपी एक ड्रीम डेस्टिनेशन मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर व उत्तर प्रदेश कैसे एक साथ आगे बढ़ सकते हैं, सिंगापुर विजिट के दौरान इन संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। दो दिन में जीआईसी (GIC), टेमासेक (Temasek),  सैट्स, जीएसएस ग्रीन्स और ब्लैकस्टोन सहित प्रमुख संस्थाओं के चेयरमैन और सीईओ से चर्चा करने का अवसर मिला। सिंगापुर के उद्योग जगत के साथ बहुचरणीय बैठकों में सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हुई कि सिंगापुर का हर इंडस्ट्री लीडर आज भारत में एक ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में उत्तर प्रदेश की भूमिका को समझ रहा है। उत्तर प्रदेश केवल भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन ही नहीं है, बल्कि निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और संभावनाओं से भरा प्रदेश बनकर उभरा है। यूपी ने तय की पोटेंशियल से परफॉर्मेंस की यात्रा मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10–11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जो प्रगति की है, उसी विजन को उत्तर प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया गया है। उत्तर प्रदेश ने ‘लैंड ऑफ पोटेंशियल’ से ‘लैंड ऑफ परफॉर्मेंस’ तक की यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की है। 9 वर्षों में प्रदेश की जीएसडीपी 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये होने जा रही है। पर कैपिटा इनकम लगभग तीन गुना बढ़ी है और भारत की अर्थव्यवस्था में यूपी का योगदान लगभग 9.5 प्रतिशत है। प्रदेश डी-रेगुलेशन रैंकिंग में प्रथम स्थान पर है, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर है और 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधानों को समाप्त कर डी-क्रिमिनलाइजेशन की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पिछले पांच वर्षों से उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस राज्य बना हुआ है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और लैंड बैंक की ताकत मुख्यमंत्री ने बताया कि 75,000 एकड़ का लैंड बैंक एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के आसपास उपलब्ध है। भारत के कुल एक्सप्रेसवे का 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है। 16,000 किलोमीटर का विशाल रेलवे नेटवर्क और 7 शहरों में मेट्रो संचालन प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाता है। प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं, जबकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शीघ्र ही राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी से हल्दिया तक भारत का पहला राष्ट्रीय जलमार्ग संचालित है और मल्टी-मोडल टर्मिनल विकसित किए गए हैं। पिछले 9 वर्षों में राज्य में कारखानों की संख्या 14,000 से बढ़कर 31,000 से अधिक हो चुकी है। भारत की मात्र 11 प्रतिशत कृषि भूमि उत्तर प्रदेश में है,  लेकिन देश का 21 प्रतिशत से अधिक खाद्यान्न उत्पादन यहीं होता है। इसीलिए यूपी भारत का ‘फूड बास्केट’ है। यहां फूड प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। यूपी में ट्रेंड मैनपॉवर उपलब्ध मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ा निवेश करना इसलिए भी आसान है, क्योंकि आज राज्य के पास प्रशिक्षित और स्किल्ड मैनपावर की भरपूर उपलब्धता है। 25 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में 56 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या वर्किंग फोर्स है, जो उद्योग, सेवा क्षेत्र और अन्य सभी सेक्टरों में कार्य करने के लिए तैयार है। राज्य ने स्किल को स्पीड और एम्प्लॉयमेंट से जोड़ने की दिशा में ठोस प्रयास किए हैं, लेबर रिफॉर्म, स्किल डेवलपमेंट, शिक्षा और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया है। साथ ही 96 लाख एमएसएमई इकाइयां पहले से कार्यरत हैं, जो 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ रही हैं।  सिंगल विंडो और पारदर्शी व्यवस्था मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश करना अब बहुत आसान है। निवेश मित्र, निवेश सारथी और उद्यमी मित्र पोर्टल के माध्यम से सिंगल विंडो क्लियरेंस, टाइम-बाउंड अनुमोदन और ऑनलाइन डीबीटी के जरिए … Read more

मुख्यमंत्री ने कहा, 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य की ओर यूपी बढ़ा रहा निर्णायक कदम

सीएम के सिंगापुर दौरे का दूसरा दिन, सीएम की प्रेसवार्ता सिंगापुर में मिले ₹1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, ₹60 हजार करोड़ के हुए एमओयू: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य की ओर यूपी बढ़ा रहा निर्णायक कदम सीएम योगी ने दूसरे दिन सिंगापुर के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, गृहमंत्री समेत शीर्ष नेतृत्व से की मुलाकात एमआरओ, कार्गो, सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, स्किलिंग और लॉजिस्टिक्स में व्यापक सहयोग पर बनी सहमति: मुख्यमंत्री दुनिया हुई पारदर्शी, निवेशकों को यूपी की हर गतिविधि की जानकारी: सीएम आज भारत और उत्तर प्रदेश की छवि विश्व स्तर पर अत्यंत सकारात्मक रूप में देखी जा रही है: योगी आदित्यनाथ सिंगापुर/लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ सिंगापुर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिंगापुर में टीम यूपी को लगभग ₹1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से ₹60 हजार करोड़ के एमओयू ‘इन्वेस्ट यूपी’ द्वारा संपन्न किए जा चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह निवेश प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया आज पूरी तरह पारदर्शी हो चुकी है। निवेशकों को उत्तर प्रदेश में हो रही प्रत्येक गतिविधि की जानकारी है। यही कारण है कि कम समय में ही यूपी को इतना बड़ा निवेश प्राप्त हुआ है।  नौ वर्षों में यूपी ने तेजी से किया विकास मीडियाकर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके साथ एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर व जापान की यात्रा पर आया है। सिंगापुर पहुंचने के बाद सुबह 8:30 बजे से देर रात तक लगातार बैठकें चलीं और दूसरे दिन भी प्रातःकाल से ही कार्यक्रम जारी रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजनरी नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत ने समग्र विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उसी विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश ने बीते साढ़े आठ-नौ वर्षों में इन्फ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, सर्विस सेक्टर और जन-कल्याण के क्षेत्रों में तेज गति से विकास किया है। आज भारत और उत्तर प्रदेश की छवि विश्व स्तर पर अत्यंत सकारात्मक रूप में देखी जा रही है। 100 से अधिक शीर्ष प्रतिनिधियों से मुलाकात मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो दिनों में उन्होंने 100 से अधिक प्रतिनिधियों से भेंट की है। सिंगापुर के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, गृहमंत्री और ऊर्जा मंत्री के साथ भी उनकी सकारात्मक व सार्थक वार्ता हुई। इसके अतिरिक्त प्रमुख फिनटेक कंपनियों के अध्यक्ष व सीईओ के साथ भी बैठकें की गईं। कई कंपनियां पहले से भारत और उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं। सीएम योगी ने उल्लेख किया कि देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित हो रहे गंगा एक्सप्रेसवे में भी कुछ कंपनियों ने पहले से निवेश किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रति निवेशकों की धारणा में 360 डिग्री का सकारात्मक परिवर्तन आया है। जेवर में एमआरओ और कार्गो हब की दिशा में पहल मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने उन अत्याधुनिक स्थलों का भी दौरा किया, जहां सामान्य लोगों का प्रवेश कठिन होता है। विशेष रूप से शीघ्र शुरू होने वाले जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ कार्गो सुविधा और एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉलिंग) विकसित करने के लिए सिंगापुर की दक्षता का अध्ययन किया गया। सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान में भारत सहित विश्व के अनेक विमान अपने एमआरओ कार्यों के लिए सिंगापुर आते हैं। यह सुविधा भारत में, विशेषकर जेवर में विकसित की जा सकती है। निवेशकों ने इस विषय पर गंभीर तैयारी कर रखी है और वे उत्तर प्रदेश के साथ संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। स्किलिंग मॉडल से ‘एम्प्लॉयमेंट जोन’ तक मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर के विश्वस्तरीय स्किलिंग सेंटर (आईटीई) का भी दौरा किया। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि हमने यूपी के अंदर हर जिले में स्केल को स्किलिंग में बदलने के लिए और स्किलिंग को रोजगार से जोड़ने के लिए लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट जोन डेवलप करने की जो कार्रवाई शुरू की है, उसका यहां भी एक मॉडल देखने को हमें मिला है। सीएम ने उम्मीद जताई कि इस सेंटर के साथ भी हम इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे।  टीम यूपी की सराहना, उच्चायुक्त को धन्यवाद मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, उद्योग मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ सहित प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों और अधिकारियों की सराहना की, जो लगातार बैठकों में सक्रिय हैं। उन्होंने भारतीय उच्चायुक्त और उनकी टीम का भी विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने ट्रेड, टेक्नोलॉजी, टूरिज्म, लॉजिस्टिक्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, एमआरओ और स्किलिंग जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सिंगापुर में हुए निवेश समझौते और प्राप्त प्रस्ताव उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर तेज गति से अग्रसर करेंगे।

सीएम योगी के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन भी सफलताओं का सिलसिला जारी

सीएम के सिंगापुर दौरे का दूसरा दिन  जेवर एयरपोर्ट पर दो प्रोजेक्ट्स में 4458 करोड़ रुपये निवेश करेगी एआई सैट्स सीएम योगी के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन भी सफलताओं का सिलसिला जारी एविएशन सर्विस सेक्टर की दिग्गज कंपनी एआई सैट्स ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एमओयू पर किए हस्ताक्षर जेवर एयरपोर्ट पर आधुनिक कार्गो कैंपस बनेगा और एयर कैटरिंग किचेन की स्थापना होगी, जिससे नॉर्थ इंडिया के सभी एयरपोर्ट्स पर की जाएगी फूड सप्लाई सिंगापुर/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का एक और तोहफा मिला है। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एविएशन सर्विस सेक्टर की अग्रणी कंपनी एआई सैट्स (AISATS) के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत कंपनी गौतमबुद्ध नगर स्थित जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो प्रमुख परियोजनाएं स्थापित करेगी। एक अत्याधुनिक कार्गो कैंपस और दूसरा विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन। इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर एआई सैट्स 4458 करोड़ रुपये निवेश करेगी।  जेवर एयरपोर्ट बनेगा नॉर्थ इंडिया का कार्गो हब एमओयू के अनुसार, एआई सैट्स जेवर एयरपोर्ट परिसर में एक अत्याधुनिक कार्गो कैंपस का निर्माण करेगी। यह कार्गो कैंपस न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस परियोजना से निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ होगा। जेवर एयरपोर्ट को मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे यह कार्गो कैंपस अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक रणनीतिक हब के रूप में उभरेगा। स्थापित की जाएगी अत्याधुनिक एयर कैटरिंग किचेन एमओयू के दूसरे प्रमुख निवेश के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही एक अत्याधुनिक विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन की स्थापना की जाएगी। यह किचेन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराएगा। विशेष बात यह है कि यहां तैयार किया गया भोजन केवल जेवर एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी सप्लाई पूरे उत्तर भारत के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर भी की जाएगी। इससे क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी तथा हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सिंगापुर दौरे का रणनीतिक महत्व मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश की संभावनाओं से जोड़ना है। दूसरे दिन हुए इस एमओयू को राज्य के एविएशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही यह कार्गो कैंपस और एयर कैटरिंग सुविधा उत्तर भारत के आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देंगे और प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में स्थापित करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- म.प्र. को मिल रही है नई रेल सुविधाओं की निरंतर सौगात

म.प्र. को नई रेल और रेल सुविधाओं की मिल रही है निरंतर सौगात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई ट्रेन भोपाल-धनबाद-चौपन एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी फ्रेट कॉरिडोर में मध्यप्रदेश के लाभ और एलाइनमेंट पर चर्चा के लिये केन्द्रीय रेल मंत्री  वैष्णव आयेंगे भोपाल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को नई रेलों और रेल सुविधाओं की निरंतर सौगात मिल रही है। प्रदेश की राजधानी भोपाल से ऊर्जा राजधानी सिंगरौली तक सप्ताह के सातों दिन सीधी रेल की सुविधा प्रारंभ हो रही है, जो मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों के यात्रियों के लिये भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार की शाम भोपाल के मुख्य रेलवे स्टेशन से भोपाल-धनबाद-चौपन एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर रहे थे। यह ट्रेन सप्ताह में 3 दिन सीधी-सिंगरौली तक, 3 दिन धनबाद तक और एक दिन चौपन तक जायेगी। इस ट्रेन का रूट बीना-सागर-मुड़वारा होकर रहेगा। प्रदेश में निरंतर बढ़ रही रेल सुविधाएं, नई रेल भविष्य के विकास का नया रास्ता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज ही प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय कैबिनेट जबलपुर-गोंदिया रेल लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दी गई है। इसके पहले मध्यप्रदेश को इंदौर-मनमाड रेल लाइन सहित सिंहस्थ के दृष्टिगत अनेक सौगातें मिली हैं। वंदे भारत और मेट्रो ट्रेन की स्पीड भी बढ़ रही है। मध्यप्रदेश में विदेशों की तरह आधुनिक रेल सुविधाएं विकसित हो रही हैं। रेल बजट में भी 24 गुना अधिक बजट मिला है। छह अमृत भारत स्टेशन कटनी साउथ, नर्मदापुरम ओरछा, सिवनी शाजापुर और धाम के पुनर्विकास का कार्य हो रहा है। प्रदेश के 80 स्टेशनों का कायाकल्प हो रहा है। करीब पौने तीन हजार करोड़ रूपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं का लाभ यात्रियों को दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव ने आज के दिन को भी यादगार बना दिया है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के पिछड़े माने गये सीधी-सिंगरौली क्षेत्र को भोपाल से प्रतिदिन की रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिल रहा है। यह ट्रेन सातों दिन चलेगी, भले गंतव्य 3 हों। यह युक्ति और बुद्धि का खेल ही नहीं बल्कि भविष्य के विकास का नया रास्ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई ट्रेन से राज्यों के पर्यटन विकास में सहयोग मिलेगा। मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। धनबाद तक जाने वाली त्रि-साप्ताहिक ट्रेन 30 स्टेशनों को और चौपन तक जाने वाली साप्ताहिक ट्रेन 15 प्रमुख स्टेशनों को जोड़ेगी। व्यापार, खनन और उद्योग क्षेत्र को नई गति मिलेगी। रेल लाइन का दोहरीकरण विकास में होगा सहायक, महाकौशल क्षेत्र का महत्व बढ़ेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यदि जबलपुर से गोंदिया रेल लाइन के दोहरीकरण के व्यापक फायदों की चर्चा करें तो पर्यटन, धार्मिक गतिविधियों और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दृष्टि से प्रभाव दिखाई देंगे। वन क्षेत्र जहां कभी नक्सलवाद का ग्रहण लगा था, वहां सुगम यातायात सुविधा से विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय नक्सलवादियों ने निर्वाचित जनप्रतिनिधि की सरेआम हत्या कर लोकतंत्र को लजाया था। अनेक वर्ष ऐसी घटनाओं पर सभी मौन रहते थे। प्रधानमंत्री  मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री  अमित शाह की दृढ़ इच्छा शक्ति से दरिंदगों से निपटने का कार्य किया गया है। मध्यप्रदेश में केन्द्रीय सरकार द्वारा निर्धारित डेड लाइन के पहले नक्सली समाप्त किये गये। महाकौशल क्षेत्र का महत्व दिनोंदिन बढ़ता जायेगा। बहुप्रतिक्षित थी भोपाल से सीधी-सिंगरौली के लिये सीधी रेल सुविधा : केन्द्रीय रेल मंत्री  वैष्णव केन्द्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव ने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात से भोपाल से सीधी-सिंगरौली क्षेत्र तक रेल सुविधा की मांग चल रही थी। मध्यप्रदेश में रेल सुविधाओं का विस्तार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में रेल सुविधाएं बढ़ाने के लिये निरंतर ध्यान आकर्षित करते हैं। आने वाले समय में मध्यप्रदेश की तीव्र औद्योगिक विकास में नई रेल सुविधाएं उपयोगी सिद्ध होंगी, जहां 18 हजार करोड़ रूपये से अधिक लागत की इंदौर-मनमाड रेल लाइन अर्थव्यवस्था बदलेगी, वहीं 5200 करोड़ लागत से जबलपुर-गोदिंया रेल लाइन का दोहरीकरण कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, धुआंधार जल प्रपात और अन्य स्थानों के पर्यटन महत्व में वृद्धि करेगा। नागरिकों को समृद्धि का भरपूर लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री  मोदी के विजन से फ्रेट कॉरिडोर का क्रियान्वयन  वैष्णव ने कहा कि दानकुनी-सूरत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर 2 हजार किलोमीटर से अधिक लंबाई का रेल प्रोजेक्ट है जो पश्चिम बंगाल से गुजरात को जोड़ेगा। इस वर्ष के बजट के बाद इस पर तेजी से कार्य प्रारंभ हो गया है। देश का पश्चिम क्षेत्र भी मध्यप्रदेश से बेहतर कनेक्ट होगा, यह प्रधानमंत्री जी का विजन है। हजीरा सहित अन्य पोर्ट विकसित होंगे। नये पोर्ट भी बनेंगे। औद्योगिक प्रगति की दृष्टि से मध्यप्रदेश के उद्योगों को अधिक से अधिक लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश इस प्रोजेक्ट से लाभांवित होगा। आयात-निर्यात भी आसान होगा।  वैष्णव ने कहा कि मालगाड़ियों की गति बढ़ाने, मौजूदा लाइनों से भीड़ कम करने और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी लाने के उद्देश्य से क्रियान्वित किये जाने वाले इस प्रोजेक्ट के एलाइनमेंट पर वे मुख्यमंत्री डॉ. यादव से विस्तृत चर्चा के लिये मध्यप्रदेश आयेंगे। रेल मंत्री ने मध्यप्रदेश के लिये उपयोगी करीब 48 हजार करोड़ लागत की रेल परियोजनाओं की जानकारी भी दी। कार्यक्रम को भोपाल के सांसद  आलोक शर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री मती कृष्णा गौर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री मती राधा सिंह, सांसद सीधी  राजेश मिश्रा, विधायक  कुंवर सिंह टेकाम,  शरद कोल,  विश्वमित्र पाठक, भोपाल के अनेक जनप्रतिनिधि और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। प्रारंभ में भोपाल रेल मंडल, पश्चिम मध्य रेलवे के मंडल प्रबंधक  पंकज त्यागी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और सभी अतिथियों का स्वागत किया।  

कृषि उत्पादन में मध्यप्रदेश ने मारी बाजी, खाद्यान्न, दलहन और तिलहन में पहला स्थान

कृषि उत्पादन में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल मध्यप्रदेश खाद्यान्न, दलहन और तिलहन उत्पादन में है प्रदेश का अग्रणी स्थान भोपाल  मध्यप्रदेश एक कृषि- प्रधान राज्य है और कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था का मूल आधार हैं। कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान प्रदान करता है, साथ ही व्यापक स्तर पर रोजगार, खाद्य एवं पोषण तथा आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मध्यप्रदेश राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन में विशेष रूप से अनाज और दलहनों के उत्पादन में महत्वपूर्व योगदान प्रदान करता है। राज्य सरकार द्वारा कृषकों की आय को बढ़ाने एवं कृषकों के समग्र कल्याण के उद्देश्य से वर्ष 2026 को "किसान कल्याण वर्ष" के रूप में घोषित किया गया है। मध्यप्रदेश ने वर्ष 2024-25 में कृषि उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज की है। केंद्र सरकार द्वारा जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार राज्य खाद्यान्न, दलहन तथ तिलहन फसलों के उत्पादन में शीर्ष तीन राज्यों में शामिल रहा है। मध्यप्रदेश ने कुल खाद्यान्न उत्पादन में 46.63 मिलियन टन उत्पादन के साथ देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जो राष्ट्रीय उत्पादन का लगभग 13.04 प्रतिशत है। राज्य कुल दलहन फसल उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर हैं। तिलहन फसलों के उत्पादन में देश में दूसरा स्थान हासिल किया। कुल खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरा स्थान राज्य ने गेहूं उत्पादन में राज्य ने 24.51 मिलियन टन उत्पादन किया और लगभग 20.78 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल किया। राज्य मक्का उत्पादन में भी अग्रणी रहा। 6.64 मिलियन टन उत्पादन के साथ मध्यप्रदेश का राष्ट्रीय हिस्सेदारी में लगभग 15.30 प्रतिशत योगदान रहा, जिससे यह देश का प्रमुख उत्पादक राज्य बना। मोटे अनाज (न्यूट्री/कोर्स सीरियल्स) के उत्पादन में भी राज्य ने 7.78 मिलियन टन उत्पादन करते हुए लगभग 12.17 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की और देश में तृतीय स्थान हासिल किया। कुल दलहन उत्पादन शीर्ष स्थान बरक़रार दलहन क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल दलहन उत्पादन में 5.24 मिलियन टन उत्पादन किया और 20.40 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ देश में पहला स्थान प्राप्त किया। चना उत्पादन में राज्य 2.11 मिलियन टन उत्पादन और लगभग 19.01 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ शीर्ष तीन राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा। तिलहन फसलों के उत्पादन में देश में अग्रणी राज्य तिलहन क्षेत्र में भी राज्य की स्थिति मजबूत रही। कुल तिलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश ने 8.25 मिलियन टन उत्पादन करते हुए लगभग 19.19 प्रतिशत राष्ट्रीय हिस्सेदारी दर्ज की एवं देश से दूसरा स्थान हासिल किया। विशेष रूप से सोयाबीन उत्पादन में राज्य ने 5.38 मिलियन टन उत्पादन किया, जो देश के कुल उत्पादन का लगभग 35.27 प्रतिशत है और इसे देश के प्रमुख सोयाबीन उत्पादक राज्यों में स्थापित करता है। राज्य में मूंगफली का उत्पादन 1.55 मिलियन टन रहा जो कि देश के कुल उत्पादन का 12.99 प्रतिशत रहा। मूंगफली उत्पादन में राज्य देश में तीसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश में केंद्र एवं राज्य सरकार की कृषि विकास योजनाओं रासायनिक उर्वरकों का वितरण, पौध संरक्षण कार्यक्रम, मांग आधारित कृषि के लिए फसलों का विविधीकरण, एक जिला-एक उत्पाद योजना, मध्यप्रदेश राज्य मिलेट मिशन, कृषि उत्पादक संगठनों का गठन एवं संवर्धन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, भावांतर भुगतान, रानी दुर्गावती अन्न प्रोत्साहन योजना आदि का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। परिणामस्वरूप राज्य को कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है। कुल उत्पादन में वृद्धि हुई है। कृषि आधारित नीतियों के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश की कृषि अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण राज्य के रूप में स्थापित है।  

मध्यप्रदेश में 1.50 लाख कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, होली से पहले एरियर की एकमुश्त राशि मिलेगी

भोपाल   होली से पहले प्रदेश के लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। श्रम आयुक्त कार्यालय इंदौर द्वारा जारी आदेश के बाद दैनिक वेतन भोगी, श्रमिक और आउटसोर्स कर्मचारियों को 12 माह का एरियर मिलने का रास्ता साफ हो गया है। कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि यह राशि त्योहार से पहले जारी की जाए, ताकि कर्मचारी और उनके परिवार होली का त्योहार बेहतर तरीके से मना सकें। किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ? जानकारी के अनुसार इस आदेश से विभिन्न विभागों के 60 हजार से अधिक दैनिक वेतन भोगी (दैवेभो), 35 हजार से अधिक निगम-मंडल कर्मियों के साथ-साथ डेढ़ लाख से ज्यादा आउटसोर्स और निजी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को लाभ मिलने की संभावना है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक कर्मचारी को 20 से 24 हजार रुपए तक की अंतर राशि एकमुश्त एरियर के रूप में मिल सकती है, जो उनके लिए बड़ी आर्थिक राहत साबित होगी। हाईकोर्ट में आपत्ति के कारण रुका था लाभ मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे के अनुसार मार्च 2024 में दैनिक वेतन भोगी, श्रमिक और आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन 2,000 रुपए प्रतिमाह बढ़ाया गया था। यह वृद्धि 1 अप्रैल 2024 से लागू होना थी। हालांकि, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट इंदौर खंडपीठ में एक एसोसिएशन द्वारा आपत्ति दायर किए जाने के कारण इसका लाभ समय पर नहीं मिल पाया। बाद में वेतनवृद्धि का लाभ अप्रैल 2025 से मिलना शुरू हुआ, लेकिन एरियर का भुगतान लंबित रहा। श्रम आयुक्त कार्यालय ने दिया स्पष्ट निर्देश अब 18 फरवरी को श्रम आयुक्त कार्यालय इंदौर ने स्पष्ट आदेश जारी कर विभागों को निर्देश दिए हैं कि 2024 में बढ़ाई गई न्यूनतम वेतन की अंतर राशि का भुगतान एरियर के रूप में तत्काल किया जाए। उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद जिन विभागों ने भुगतान नहीं किया था, उन्हें भी अब कार्रवाई करनी होगी। भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्न विभागों और निगम-मंडलों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है। यदि आदेश का समय पर पालन होता है, तो होली से पहले हजारों परिवारों के घरों में आर्थिक खुशहाली की रंगत देखने को मिल सकती है।