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भोपाल-धनबाद और भोपाल-चोपन एक्सप्रेस: सीएम मोहन की हरी झंडी के साथ शुरू होंगी नई ट्रेन सेवाएं

 भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव आज शाम 7:30 बजे भोपाल स्टेशन से दो नई ट्रेनों जिनमें भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस और भोपाल-चोपन एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। भोपाल रेलवे स्टेशन पर होने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री वर्चुअली शामिल होंगे। भोपाल-धनबाद-भोपाल त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस 27 फरवरी से भोपाल से और 1 मार्च से धनबाद से नियमित रूप से संचालित होगी। वहीं, दूसरी तरफ भोपाल-चोपन-भोपाल साप्ताहिक ट्रेन 1 मार्च से भोपाल से और 2 मार्च 2026 से चोपन से चलेगी। इन ट्रेनों के शुरू होने से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधा मिलेगी। भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस- देखें शेड्यूल भोपाल-धनबाद नई ट्रेन मंगलवार से नियमित रूप से चलेगी। ये ट्रेन शाम 7.30 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन से रवाना होगी और अगले दिन शाम 7.20 बजे पर धनबाद पहुंचेगी। यानी लगभग 24 घंटे से थोड़ा कम समय में ये अपनी यात्रा पूरी करेगी। वापसी में ये ट्रेन रात 11 बजे धनबाद से चलेगी और अगले दिन रात 10.35 बजे भोपाल पहुंचेगी। इस नए शेड्यूल से यात्रियों को यात्रा की बेहतर योजना बनाने में सुविधा मिलेगी। रेलवे की ओर से दोनों नई ट्रेनों का शेड्यूल पहले ही जारी किया जा चुका है। टिकटों की बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। ऐसे में जो यात्री एमपी से झारखंड या झारखंड से एमपी आवाजाही करना चाहते हैं, उन्हें यात्रा में बड़ी राहत रहेगी। भोपाल-चोपन एक्सप्रेस- देखें शेड्यूल भोपाल-धनबाद नई ट्रेन के अलावा भोपाल-चोपन एक्सप्रेस भी शुरू हो रही है। ये ट्रेन भी साप्ताहिक है। ट्रेन नंबर 11633/11634 के रूप में इसका संचालन होगा। ट्रेन रविवार को भोपाल से चलेगी और सोमवार को चोपन से वापस भोपाल के लिए रवाना होगी। लंबे समय से इस रूट पर ट्रेन की मांग चल रही थी, क्योंकि इस मार्ग पर अबतक सीधी सुविधा सीमित थी। अब भोपाल-चोपन एक्सप्रेस के शुरू होने से यात्रियों को नया विकल्प मिलेगा। एमपी में कहां-कहां होगा स्टॉपेज भोपाल से चलने वाली दोनों ट्रेनें एमपी के कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेंगी। इनमें विदिशा, गंजबासौदा, बीना, सागर, दमोह, कटनी, मुड़वारा और ब्यौहारी शामिल हैं। इन स्टॉपेज से छोटे शहरों और जिलों के यात्रियों को भी फायदा होगा। पहले इन क्षेत्रों के लोगों को लंबी दूरी तय कर बड़ी ट्रेन पकड़नी पड़ती थी। इन्हें होगा फायदा अब उनके अपने नजदीकी स्टेशन से सीधा कनेक्शन मिलेगा। भोपाल-धनबाद नई ट्रेन और भोपाल-चोपन एक्सप्रेस के इन स्टॉपेज से पूरे रूट की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे छात्रों, कामकाजी लोगों और व्यापारियों को खास फायदा होगा।

महिलाओं से लेकर किसानों तक पर मेहरबान झारखंड सरकार, 1.58 लाख करोड़ के बजट में क्या-क्या खास?

रांची झारखंड सरकार ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश कर दिया है। 24 फरवरी (मंगलवार) को झारखंड की हेमंत सरकार के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर विधानसभा में बजट पेश किया। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर (Radhakrishna Kishore) ने विधानसभा में कहा, ‘‘ मैं सदन के पटल पर वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट रखता हूं। किशोर ने कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग.. गरीब, किसान, आदिवासी और महिलाओं की आकांक्षाओं को पूरा करेगा। यह बजट हेमंत सोरेन सरकार का बड़ा इकोनॉमिक रोडमैप है, जिसे ‘अबुआ दिशोम बजट’ भी कहा जाता है। बजट का मकसद राज्य के ओवरऑल डेवलपमेंट, सोशल वेलफेयर और इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन को तेज़ करना है। राज्य सरकार ने खर्च की इफेक्टिवनेस और ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने के लिए हाउस में एक आउटकम बजट, जेंडर बजट और चाइल्ड बजट भी पेश किया। जारी रहेगी मुख्‍यमंत्री मंईयां सम्मान योजना झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बजट में मुख्‍यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लिए भी बड़ी रकम का प्रावधान किया है। बता दें, मईंया सम्मान योजना के तहत महिलाओं को 2500 रुपये प्रति महीने मिलता है। सरकार ने मइया सम्मान के लिए 14 हज़ार 65 करोड़ 57 लाख का बजट दिया है। कैंसर के इलाज के लिए बजट में 200 करोड़ का अलग से प्रावधान राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बताया कि झारखंड सरकार ने बजट में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए 200 करोड़ रुपये की अलग से व्यवस्था की है, जिससे राज्य में कैंसर के इलाज की सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जा सके। झारखंड में कुल 5 बालिका आवासीय विद्यालय बनेंगे राधाकृष्ण किशोर ने बजट में ऐलान किया कि झारखंड में कुल 5 बालिका आवासीय विद्यालय बनेंगे। धनबाद में 2, पलामू, लातेहारलातेहार और गढ़वा में 1-1 बनेंगे। साथ ही शहीद के आश्रितों के लिए आदर्श विद्यालय, महिला किसानों के लिए ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ शुरू की गई है। महिलाओं को इंटीग्रेटेड फार्मिंग से जोड़ने के लिए तकनीक की मदद दी जाएगी।  महिला एवं बाल विकास के लिए 22 हजार करोड़ का प्रावधान मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बताया कि सरकार ने आधी आबादी और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सबसे बड़ा वित्तीय प्रावधान किया है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, उनके पोषण और सर्वांगीण विकास के लिए बजट में 22,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। यह राशि महिला सशक्तिकरण और बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में मील का पत्थर साबित होगी। पर्यटन कला और संस्कृति के लिए कितना बजट अनुसूचित जनजाति- अनुसूचित जाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा जनकल्याण के लिए 3 हज़ार 568 करोड़ 19 लाख, नगर विमानन के लिए 138 करोड़ 63 लाख प्रस्तावित है। वहीं ऊर्जा के लिए 5 हज़ार 405 करोड़, उद्योग विभाग के लिए 541 करोड़ 30 लाख, पर्यटन कला संस्कृति एवं खेलकूद के लिए 361 करोड़ 67 लाख, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई गवरनेंस के लिए 328 करोड़ 99 लाख, गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन 11 हज़ार 38 करोड़ 53 लाख, योजना एवं विकास के लिए 539 करोड़ 94 लाख रुपये प्रस्तावित किये गए हैं। झारखंड में खोले जाएंगे 100 पीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए 16,251 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है। बजट भाषण के दौरान एक महत्वपूर्ण ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि राज्यभर में 100 पीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खोले जाएंगे।  किसानों को ऋण से मुक्त करने का लक्ष्य वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि अध्यक्ष महोदय, राज्य की आर्थिक-संस्कृति मुख्यतः खेती-किसानी पर आधारित होने के कारण हमारी सरकार की मुख्य प्राथमिकता किसानों को ऋण से मुक्त करना, कृषि में समग्र विकास को बढ़ावा देना और सबसे महत्वपूर्ण किसानों की आय में वृद्धि करना रही है। महोदय, इसका असर भी दिखने लगा है। अद्यतन आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण के अनुसार कृषि प्रक्षेत्र में रोजगार का प्रतिशत गत तिमाही में 44.3 प्रतिशत से बढ़कर 50.4 प्रतिशत हो गया है।

इंडिया दौरे से पहले कनाडा पीएम का बड़ा कदम, भारत के दुश्मन को देंगे ‘बेमुल्क’

 नई दिल्ली मुंबई आतंकी हमले का एक खूंखार किरदार अब बेमुल्क हो जाएगा. इस आतंकी का नाम तहव्वुर राणा है. मुंबई हमले की साजिश रहने वाला आतंकी तहव्वुर राणा कनाडा का निवासी है. लेकिन कनाडा ने अब पाकिस्तान में जन्मे इस टेररिस्ट की नागरिकता छीनने का फैसला किया है. कनाडा ने ये फैसला वहां के पीएम मार्क कार्नी की प्रस्तावित भारत यात्रा से ठीक पहले लिया है.  तहव्वुर राणा पर 2008 के मुंबई आतंकी हमले में अहम भूमिका निभाने का आरोप है. 64 साल का आतंकी राणा पाकिस्तान में जन्मा कनाडाई नागरिक है और 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साज़िश करने वालों में से एक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ ​​दाऊद गिलानी का करीबी साथी है. डेविड कोलमैन हेडली उर्फ ​​दाऊद गिलानी अमेरिकी नागरिक है.   ग्लोबल न्यूज़ को मिले डॉक्यूमेंट्स के हवाले से लिखा है कि इमिग्रेशन अधिकारियों ने राणा को बताया है कि वे उसकी 2001 में मिली कनाडाई नागरिकता छीनने जा रहे हैं.  राणा 1997 में कनाडा आया था और बाद में उसे डेनमार्क के एक अखबार के स्टाफ पर हमला करने की साजिश रचने के लिए US में दोषी ठहराया गया था. 26/11 हमले का अहम किरदार  26/11 हमले का मास्टरमाइंड राणा ने मुंबई हमले का अहम किरदार था. इस हमले में 166 लोग मारे गए थे. आतंकी राणा को अप्रैल 2025 में यूनाइटेड स्टेट्स से भारत लाया गया था. नई दिल्ली पहुंचते ही उसे नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया था.  रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अपने फैसले में इमिग्रेशन, रिफ्यूजी और सिटिज़नशिप कनाडा (IRCC) ने लिखा कि राणा की सिटीजनशिप आतंकवाद की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए रद्द की जा रही है क्योंकि उसने अपने एप्लीकेशन फॉर्म में झूठ बोला था.  शिकागो में रहने की बात छिपाई IRCC ने एक रिपोर्ट में लिखा कि जब राणा ने 2000 में सिटीज़नशिप के लिए अप्लाई किया था, तो उसने दावा किया था कि वह पिछले चार साल से ओटावा और टोरंटो में रह रहा है, और देश से सिर्फ़ छह दिन बाहर रहा है. हालांकि, RCMP की जांच में पता चला कि उसने असल में लगभग पूरा समय शिकागो में बिताया था, जहां उसकी कई प्रॉपर्टी और बिज़नेस था, जिसमें एक इमिग्रेशन फर्म और एक किराने की दुकान भी शामिल थी. रद्द करने के फैसले में उस पर "एक गंभीर और जानबूझकर धोखा" देने का आरोप लगाया गया है. कहा गया है कि उसने "कनाडा के सिटीज़नशिप कानूनों का सम्मान नहीं किया" और इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे गलत तरीके से सिटीज़नशिप दे दी थी.  तुमने जानबूझकर कनाडा से अपनी गैर-मौजूदगी नहीं बताई IRCC ने 31 मई, 2024 को उसे लिखा, "तुम्हारा मामला ऐसा है जिसमें ऐसा लगता है कि तुमने नागरिकता के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस के दौरान कनाडा में अपने रहने की जगह के बारे में गलत जानकारी दी, क्योंे कि तुमने जानबूझकर कनाडा से अपनी गैर-मौजूदगी नहीं बताई." "तुम्हारी गलत जानकारी की वजह से फैसला लेने वालों को लगा कि तुमने नागरिकता के लिए रहने की जरूरतें पूरी कर ली हैं, जबकि ऐसा लगता है कि ये सच नहीं था" कनाडा की फेडरल कोर्ट करेगी फैसला सरकार ने कहा कि वह उसके केस को फेडरल कोर्ट को भेज रही है, जिसका इस बारे में आखिरी फैसला होगा कि नागरिकता "गलत जानकारी या धोखाधड़ी या जानबूझकर ज़रूरी हालात छिपाकर" ली गई थी या नहीं.ग्लोबल रिपोर्ट में कहा गया है कि तहव्वुर राणा का केस लड़ रहे टोरंटो के एक इमिग्रेशन वकील ने इस फैसले के खिलाफ अपील की है और कहा है कि यह गलत था और उनके अधिकारों का उल्लंघन था. पिछले हफ्ते फेडरल कोर्ट में नागरिकता रद्द करने से जुड़ी एक सुनवाई हुई थी. सरकारी वकीलों ने 19 दिसंबर को कोर्ट से केस से सेंसिटिव नेशनल सिक्योरिटी जानकारी छिपाने की इजाज़त मांगी थी. इमिग्रेशन डिपार्टमेंट के एक स्पोक्सपर्सन ने ग्लोबल न्यूज़ को बताया कि गलत जानकारी के लिए नागरिकता रद्द करना "कनाडाई नागरिकता की इंटेग्रिटी बनाए रखने का एक ज़रूरी तरीका है." मैरी रोज़ सबेटर ने कहा कि यह पक्का करने के लिए कि प्रोसेस फेयर हो, फेडरल कोर्ट ऐसे मामलों में आखिरी फैसला लेता है.  

तीरंदाजी में दम दिखाएगी देशभर की पुलिस: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया आगाज़

रायपुर खेल से सुदृढ़ होता है राष्ट्र निर्माण – उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, भिलाई में चौदहवीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2025-26 का सोमवार को विधिवत शुभारंभ उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ खेल और संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता 24 से 27 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में देशभर की पुलिस एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कुल 30 टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें लगभग 450 खिलाड़ी शामिल हैं। विशेष बात यह है कि 10 राज्यों के 30 से अधिक ओलंपिक, वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स और साउथ एशियन गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी हिस्सा ले रहे हैं। जिसमें अर्जुन पुरस्कार विजेता असम के डीएसपी  जनता तालुकार एवं राजस्थान के डीएसपी  रजत चौहान भी प्रतियोगी के रूप में शामिल हुए। अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि पुलिस बल केवल कानून – व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल और अनुशासन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय स्तर की इस प्रतियोगिता से पुलिस बलों के बीच समन्वय, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को मजबूती मिलेगी। छत्तीसगढ़ को इसकी मेजबानी मिलना राज्य के लिए गर्व का विषय है। पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने कहा कि खेल गतिविधियां पुलिस बलों में शारीरिक दक्षता, मानसिक संतुलन और अनुशासन को मजबूत करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को निष्पक्षता एवं खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की। इस कार्यक्रम में दुर्ग नगर की महापौर मती अलका बाघमार, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, एडीजी  एस.आर.पी. कल्लूरी, एडीजी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल  विवेकानंद सिन्हा, आईजी  ओ.पी. पाल, आईजी  अजय यादव, आईजी  अभिषेक शांडिल्य, आईजी  बी.एस. ध्रुव, डीआईजी  कमलोचन कश्यप, डीआईजी  एम.आर. आहिरे, डीआईजी मध्य रेंज एवं आयोजन सचिव  सदानंद कुमार, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग  विजय अग्रवाल, कलेक्टर  अभिजीत सिंह, नगर निगम आयुक्त  राठौर तथा प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के डीआईजी कमांडेंट एवं पुलिस खेल अधिकारी  राजेश कुकरेजा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही पद्म सम्मानित समसाद बेगम,  भारती बंधू,  आलोक निरंजन एवं पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सबा अंजुम भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।

अब ‘केरल’ नहीं ‘केरलम’! राज्य के नाम बदलाव पर केंद्र की हरी झंडी

केरल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 'सेवातीर्थ' में हुई मंत्रिमंडल की पहली बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्चिनी वैष्णव ने पत्रकारों को बताया कि भाषाई आधार पर राज्यों के गठन के बाद से ही केरल के नाम को बदलने की मांग की जा रही थी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति 'केरल नाम परिवर्तन विधेयक, 2026' के मसौदे को केरल विधानसभा की स्वीकृति के लिए भेजेंगी। इसके बाद संविधान के अनुच्छेद तीन के तहत राष्ट्रपति इस विधेयक पर केरल विधानसभा का मत प्राप्त करेंगी। केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि राज्य विधानसभा की स्वीकृति के बाद केंद्र सरकार इस पर आगे कार्रवाई करेगी और इस विधेयक को संसद में पारित कराने के लिए पेश किया जायेगा। इससे पहले केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को केरल का नाम केरलम् करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसमें कहा गया था कि मलयालम भाषा में राज्य का नाम केरलम् है। एक नवंबर 1956 को राज्यों का गठन भाषाई आधार पर किया गया था। बता दें कि 1 नवंबर को केरल परिवार दिवस मनाया जाता है। इस प्रस्ताव में कहा गया कि राष्ट्र के स्वाधीनता संग्राम के समय से ही मलयालम भाषी लोगों के लिए एक एकीकृत राज्य के गठन की मांग थी, लेकिन संविधान की पहली अनुसूची में हमारे राज्य का नाम केरल अंकित किया गया। केरल विधानसभा के प्रस्ताव में कहा गया है, " यह सभा केन्द्र सरकार से सर्वसम्मति से आग्रह करती है कि वह संविधान के अनुच्छेद तीन के तहत केरल के नाम को केरलम् करने के लिए तत्काल कदम उठाए।" गौरतलब है कि केरल में इस साल चुनाव भी होने हैं। इसके बाद केरल सरकार ने केन्द्र सरकार से इस संबंध में कार्रवाई का अनुरोध किया था। इस पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय में विचार किया गया और प्रस्ताव को गृहमंत्री अमित शाह के अनुमोदन के बाद इस पर कैबिनेट के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया। इस प्रस्ताव पर कानून और न्याय मंत्रालय के कानूनी और विधायी विभाग की राय के बाद इसे मंत्रिमंडल के समक्ष लाया गया था।  

राहुल गांधी से रबी और खरीफ फसल का अंतर समझने की अपील, सीएम मोहन यादव ने नेता प्रतिपक्ष को किया घेराव

भोपाल  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज भोपाल में हैं। वे भारत अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस द्वारा आयोजित किसान चौपाल में शिरकत कर रहे हैं। कार्यक्रम में ​शामिल होने प्रदेशभर से हजारों किसाए आए हैं। कांग्रेस की किसान चौपाल की गूंज विधानसभा में भी सुनाई दी। सीएम मोहन यादव ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी को घेरा। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी Rahul Gandhi की कृषि संबंधी समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे बताएं कि रबी और खरीफ की फसल क्या होती है! सीएम मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी को फसल उत्पादन में बढ़ोत्तरी करने का सुझाव देना चाहिए। मध्यप्रदेश में विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। मंगलवार को सत्र का सातवां दिन है। सदन में प्रदेश के आगामी वित्त वर्ष के बजट की अनुदान मांगों पर चर्चा हुई। कुछ अन्य मामलों में चर्चा के बाद सदन की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दलहन, तिलहन फसल उत्पादन में बढ़ोत्तरी का सुझाव दें विधानसभा में राजधानी भोपाल में आयोजित कांग्रेस की किसान चौपाल का भी जिक्र हुआ। इस कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए हैं। विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भोपाल आ रहे हैं, उनका स्वागत है… यदि वह चौपाल में किसानों की बात करें तो अच्छा है। सीएम मोहन यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की खेती किसानी के संबंध में जमीनी जानकारी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रबी और खरीफ की फसल क्या होती है, राहुल गांधी यह बताएं! दलहन, तिलहन में कौन-कौन सी फसल हो…उनका उत्पादन किस प्रकार बढ़ाएं…यह सुझाव दें। सीएम ने राहुल गांधी से दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के उपाय सुझाने की भी अपेक्षा की। विधानसभा भवन के बाहर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य सरकार द्वारा लिए किए अहम फैसलों की भी जानकारी दी। उन्होंने दलहन, तिलहनों के उत्पादन और नीतियों के बारे में विस्तार से बताया। भोपाल में मोदी सरकार पर जमकर बरसे राहुल गांधी भोपाल के 'किसान महा चौपाल' में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हमला किया. उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों तक, प्रधानमंत्री मोदी को सीधे कटघरे में खड़ा किया. राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब का हवाला देते हुए दावा किया कि जब चीन की सेना भारतीय सीमा में घुस रही थी, तब सरकार ने सेना को उसके हाल पर छोड़ दिया था. राहुल गांधी ने कहा, "नरवणे जी ने अपनी किताब में साफ लिखा है कि जब चीन के टैंक हिंदुस्तान के अंदर आ रहे थे, तब उन्होंने रक्षा मंत्री, एनएसए और विदेश मंत्री को फोन किया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया. 2 घंटे बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि जो उचित लगे वो करो. उस वक्त प्रधानमंत्री सेना प्रमुख से बात करने के बजाय अपने कमरे में छिपे थे." राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लोकसभा में उनका भाषण खत्म होते ही पीएम मोदी सदन से भाग गए और उसी शाम राष्ट्रपति ट्रंप को फोन कर उस व्यापारिक समझौते (India-US Trade Deal) पर सहमति दे दी जो 4 महीने से रुका हुआ था. राहुल ने आरोप लगाया कि इस डील से अमेरिका की बड़ी कंपनियां भारत में सोया, कपास और दालें बेच सकेंगी, जिससे भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि भारत को हर साल अमेरिका से 9 लाख करोड़ रुपये का माल खरीदना होगा, जिससे हमारी टेक्सटाइल इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी. इतना ही नहीं राहुल ने आरोप लगाया कि यह सब दबाव में किया गया क्योंकि मोदी 'कंप्रोमाइज्ड' हैं. राहुल गांधी ने कहा,  'हिंदुस्तान के पास दुनिया में सबसे ज़्यादा डेटा है. ⁠दूसरे नंबर पर चाइना है. ⁠आपके डेटा के बिना अमेरिका चाइना का मुक़ाबला नहीं कर सकता है.'  'एपस्टीन फाइल्स' का जिक्र राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका में “एपस्टीन फाइल्स” से जुड़े लाखों दस्तावेज अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम दबाव बनाने के लिए उजागर किया गया. उन्होंने उद्योगपति अनिल अंबानी और गौतम अडाणी का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को अपने संबंध स्पष्ट करने चाहिए. राहुल ने आरोप लगाया कि अडाणी समूह पर अमेरिका में आपराधिक मामले चल रहे हैं और इस पूरे प्रकरण का असली निशाना प्रधानमंत्री हैं, न कि अडाणी. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में 'एपस्टीन फाइल्स' (Epstein Files) के रिलीज होने से सरकार दबाव में है. राहुल ने चुनौती देते हुए कहा, "मैं मोदी जी को चुनौती देता हूं कि अगर आपमें दम है तो अमेरिका के साथ इस जनविरोधी डील को रद्द करके दिखाएं." रैली में राहुल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया और कहा कि “देश के किसान और युवा दबाव में लिए गए फैसलों को स्वीकार नहीं करेंगे.” भोपाल की इस रैली ने आने वाले राजनीतिक महीनों में केंद्र और कांग्रेस के बीच टकराव को और तेज करने के संकेत दे दिए हैं.

सीएम यादव का बड़ा एलान: एमपी में किसानों के लिए 10,520 करोड़ की 5 योजनाएं अगले 5 साल तक जारी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 24 फरवरी को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने अगले पांच साल तक (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक) पांच प्रमुख कृषि योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी है। इन योजनाओं पर कुल 10,520 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि ;किसान कल्याण वर्ष” के तहत यह निर्णय लिया गया है, ताकि किसानों की आय बढ़े, खेती की लागत घटे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।  कौन-कौन सी योजनाएं जारी रहेंगी? राष्ट्रीय कृषि विकास योजना 2010 करोड़ रुपये- इस योजना के तहत कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के विकास के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे खेती में नई तकनीक और सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप)  2400 करोड़ रुपये- किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी माइक्रो इरिगेशन तकनीक लगाने पर अनुदान मिलता रहेगा। इससे पानी की बचत होगी और फसल उत्पादन बढ़ेगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन 3300 करोड़ रुपये-  इस योजना के तहत धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज और नगदी फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए किसानों को सहयोग दिया जाएगा। मिट्टी की उर्वरता सुधारने पर भी जोर रहेगा। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग 1010 करोड़ रुपये-  इस योजना के तहत प्रदेश में प्राकृतिक खेती का दायरा बढ़ाया जाएगा। इससे रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा मिलेगा, मिट्टी की सेहत सुधरेगी और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिलेगी। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (ऑयल सीड योजना)  1800 करोड़ रुपये की लागत की इस योजना का लाभ तिलहन उत्पादन करने वाले किसानों को मिलेगा, जिससे तेल उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। क्या होगा फायदा? किसानों को अगले पांच साल तक योजनाओं का लगातार लाभ मिलेगा। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। उत्पादन बढ़ेगा और लागत घटेगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के जरिए खेती को ज्यादा लाभकारी और टिकाऊ बनाया जाएगा। 

विकास की नई रूपरेखा: छत्तीसगढ़ में ₹1.72 लाख करोड़ का बजट पेश, 5 सीएम मिशन बने प्रगति की धुरी

रायपुर साय सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज छत्तीसगढ़ का बजट पेश किया, जिसका थीम संकल्प पर आधारित है। बजट पर प्रेस कांफ्रेंस लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, आज हमारी सरकार का तीसरा बजट प्रस्तुत हुआ है। GYAN और GATI के बाद संकल्प थीम पर वित्तीय वर्ष 2026 का बजट पेश किया गया, जिसमें 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सीएम साय ने कहा, संकल्प के माध्यम से हमने S – समावेशी विकास, A – अंधोसंरचना, N – निवेश, K – कुशल मानव संसाधन, A – अंत्योदय, L – लाइवलीहुड, P – पॉलिसी से परिणाम तक इन विषयों को प्रमुखता से शामिल किया गया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना की जरूरतों के अनुरूप बजट को तैयार किया गया है। सीएम साय ने कहा, हमारी सरकार मिशन मोड पर काम करने पर यकीन रखती है। इसके लिए हमने 5 मुख्यमंत्री मिशन बनाए हैं। इसमें मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन, मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन एवं मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन शामिल हैं। इनके माध्यम से प्रदेश के विकास को नई रफ्तार दी जाएगी।

नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता: पहली बार देवजी सहित दो शीर्ष माओवादी नेताओं ने डाले हथियार

जगदलपुर माओवादी संगठन को अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक झटका लगा है। पोलित ब्यूरो सदस्य टिप्पिरी थिरुपथी उर्फ देवजी उर्फ कुम्मा दादा ने अपने तीन शीर्ष साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। सभी ने तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी के समक्ष हथियार डालते हुए मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। देवजी के साथ जिन बड़े माओवादी नेताओं ने आत्मसमर्पण किया, उनमें केंद्रीय समिति सदस्य मल्ला राजी रेड्डी उर्फ संग्राम, स्टेट कमेटी मेंबर बड़े चोक्का राव उर्फ दामोदर, स्टेट कमेटी सदस्य नुने नरसिम्हा रेड्डी उर्फ गंगन्ना उर्फ सन्नू दादा शामिल हैं। यह आत्मसमर्पण कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार दो केंद्रीय स्तर के माओवादी नेताओं ने एक साथ हथियार डाले हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, लगातार बढ़ते फोर्स प्रेशर, सघन ऑपरेशनों और संगठन के भीतर कमजोर पड़ते नेटवर्क के चलते यह बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। वहीं इसे नक्सल उन्मूलन की दिशा में सुरक्षा बलों की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ का 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट 2026-27 के लिए पेश, किसानों की आय में होगी बढ़ोतरी

रायपुर: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह बजट 'संकल्प' (एसएएनकेएएलपी) विषयवस्तु पर आधारित है, जिसमें समावेशी विकास एवं अवसंरचना को तेज करना और निवेश को बढ़ावा देना शामिल है। वर्ष 2023 में सत्ता में आई भाजपा के नेतृत्व वाली विष्णु देव साय सरकार का यह तीसरा बजट है। सरकार का पहला बजट 'ज्ञान' (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) विषयवस्तु पर आधारित था, जबकि पिछले साल यह 'गति' (सुशासन, अवसंरचना को तेज करना, प्रौद्योगिकी और आद्योगिक विकास) पर केंद्रित था। किसानों के लिए खास तोहफा राज्य सरकार ने भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत भूमिहीन श्रमिकों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई, जो किसानों के हित में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह आंकड़ा राज्य की कृषि उत्पादन क्षमता और समर्थन मूल्य नीति की सफलता को भी दर्शाता है। सिंचाई सुविधा को सुदृढ़ करने के लिए निशुल्क पंप योजना हेतु 5500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों को बिजली आधारित सिंचाई साधनों का लाभ मिलेगा और खेती की लागत में कमी आएगी। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पाम ऑयल की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य पारंपरिक धान आधारित खेती के साथ-साथ वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देना है, ताकि किसानों की आय के स्रोत बढ़ सकें। महिलाओं और स्वास्थ्य के लिए बड़े प्रावधान महिला सशक्तिकरण को मजबूती देते हुए सरकार ने महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 70 लाख महिलाओं को 14 हजार करोड़ रुपये वितरित किए जाने की जानकारी दी। नए बजट में इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना और महतारी सदन के लिए 275 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। बालिकाओं के जन्म पर ‘दुर्गावती योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 1.50 लाख रुपये दिए जाएंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में 5 नई आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 42 करोड़, आयुष्मान योजना के लिए 1,500 करोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। दवाओं की गुणवत्ता जांच हेतु 25 करोड़ रुपये की लागत से लैब स्थापित की जाएगी। रायपुर में नया होम्योपैथी कॉलेज भी खोला जाएगा। बजट पेश करते हुए चौधरी ने कहा कि इस साल का बजट 'संकल्प' – समावेशी विकास, अवसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, जीवनयापन और नीति से परिणाम तक, पर केंद्रित है जिसका मकसद राज्य के विकास के सफर को तेज करना है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में रानी दुर्गावती योजना शुरू करेगी, जिसके तहत बालिकाओं को 18 साल की उम्र पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये मिलेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि बस्तर इलाके के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में शिक्षा शहर बनाने के लिए एक सौ करोड़ रुपये दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कुनकुरी, मनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। चौधरी ने कहा कि राज्य में खेल एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बजट में बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि बस्तर नेट परियोजना के लिए पांच करोड़ रुपये मंजूर करके दूरदराज के इलाकों में डिजिटल संपर्क को मजबूत किया जाएगा। वहीं बस्तर में इंद्रावती नदी पर मतनार और देउरगांव बैराज बनाने के लिए बजट में 2,024 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढञ में निवेश और रोजगार बढ़ाने, 23 नए औद्योगिक पार्क बनाने के लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वहीं सरगुजा के मैनपाट में पर्यटन विकास के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि जगदलपुर और अंबिकापुर में हवाई सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।   बस्तर-सरगुजा पर खास ध्यान बजट में बस्तर और सरगुजा अंचल के विकास को प्राथमिकता दी गई है। इंटरनेट सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और 70 नई बस सेवाओं के संचालन के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे पॉलिसी हेतु 10 करोड़ और मैनपाट पर्यटन विकास के लिए 5 करोड़ रुपये रखे गए हैं। कृषि और रोजगार सृजन के लिए निवेशकों को 100 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के लिए 50 करोड़ रुपये और विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की भी घोषणा की गई है। आधारभूत संरचना में निवेश सड़क और नगरीय विकास कार्यों में भी उल्लेखनीय राशि आवंटित की गई है। नारायणपुर-जटलूर मार्ग के लिए 28 करोड़, दंतेवाड़ा के लिए 9 करोड़, सुकमा के लिए 7 करोड़, बलरामपुर के लिए 10 करोड़ तथा इंद्रावती क्षेत्र में 68 किलोमीटर नगर निर्माण के लिए 2024 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कांकेर बैराज परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। बस्तर विकास प्राधिकरण को 75 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। Chhattisgarh Budget 2026: सत्र की पृष्ठभूमि छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से 20 मार्च तक चलेगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से हुई थी, जिसमें राज्य के विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया था। साय सरकार का यह तीसरा बजट ‘संकल्प’ थीम के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, आदिवासी क्षेत्रों के विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित नजर आता है। बिजली सब्सिडी के लिए 5,500 करोड़ बजट में विद्युत पंपों की बिजली सब्सिडी के लिए 5,500 करोड़, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ वहीं दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में गन्ना किसानों को बोनस हेतु 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में ये एलान भी किए गए स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना के लिए 100 करोड़ रुपये तो बैगा और पुजारी को … Read more