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चांदी में 12 हजार रुपये की गिरावट, सोने की कीमत में भी आई कमी, जानें गोल्ड और सिल्वर के नए रेट

इंदौर  गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को चांदी के भाव में भारी गिरावट आई है. आज सोने के दाम भी कम हुए हैं. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, बुधवार, 7 जनवरी 2026 को 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,25,194 प्रति 10 ग्राम था, जो आज गुरुवार, 8 जनवरी को ₹1,24,066 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है. आज चांदी (999, प्रति 1 किलो) की कीमत में 12 हजार से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है. जानें सोना-चांदी के लेटेस्ट भाव                                   शुद्धता               बुधवार शाम का रेट               गुरुवार सुबह का रेट     कितना सस्ता? सोना (प्रति 10 ग्राम)     999 (24 कैरेट)     136675                                  135443                ₹1232 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     995 (23 कैरेट)     136128                                  134901                ₹1227 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     916 (22 कैरेट)     125194                                  124066                ₹1128 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     750 (18 कैरेट)     102506                                  101582                 ₹924 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     585 (14 कैरेट)     79955                                    79234                   ₹721 सस्ता चांदी (प्रति 1 किलो)     999                    248000                                   235775                 ₹12225 सस्ती बुधवार को सोने का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹136615 प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹136675 प्रति 10 ग्राम बुधवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹246044 प्रति किलो शाम का रेट: ₹248000 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दाम देश में सर्वमान्य हैं लेकिन इनकी कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होती है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी के रेट टैक्स समेत होने की वजह से अधिक होते हैं. बता दें IBJA की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. ये सभी रेट टैक्स और मेकिंग चार्ज के पहले के हैं.

MP में बर्फीली ठंड का कहर: शहडोल का कल्याणपुर में पारा गिरकर 2.7 डिग्री, कोहरे से ट्रेनें लेट, इंदौर में स्कूल समय में बदलाव

भोपाल  मध्य प्रदेश इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की दोहरी मार झेल रहा है। हालात ऐसे हैं कि प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। शहडोल जिले का कल्याणपुर इस समय प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बन गया है, जहां पारा गिरकर 2.7 डिग्री तक पहुंच गया। साथ ही घने कोहरे और शीतलहर के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं रेल और सड़क यातायात पर भी गंभीर असर पड़ा है। शहडोल का कल्याणपुर बना सबसे ठंडा इलाका प्रदेश में सबसे कम तापमान शहडोल जिले के कल्याणपुर में दर्ज किया गया, जहां पारा 2.7 डिग्री तक लुढ़क गया। उमरिया, राजगढ़, शिवपुरी और रीवा जैसे इलाकों में भी ठंड ने लोगों को अलाव और हीटर का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।सीहोर, छिंदवाड़ा और मुरैना में तो हालात ऐसे रहे कि पौधों पर जमी ओस की बूंदें बर्फ का रूप लेती नजर आईं, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है। उत्तर एमपी में कोहरे का कहर प्रदेश के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। ग्वालियर-चंबल अंचल से लेकर विंध्य क्षेत्र तक सड़कें धुंध में गुम रहीं। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर जैसे जिलों में दृश्यता बेहद कम रही।भोपाल, इंदौर, देवास, सीहोर और रायसेन में भी मध्यम कोहरा दर्ज किया गया। उत्तरी हिस्से में घना कोहरा प्रदेश के उत्तरी हिस्से में आज सुबह भी घना कोहरा छा रहा है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिले शामिल हैं। भोपाल, इंदौर, रायसेन, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, देवास समेत कई जिलों में भी मध्यम कोहरा है। इससे पहले बुधवार को प्रदेश के आधे हिस्से में कोहरे का असर देखा गया। वहीं, उमरिया और शहडोल में शीतलहर की स्थिति बनी रही। भोपाल में दिन में सर्द हवाएं चली। दिन में भी राहत नहीं, कोल्ड डे जैसे हालात सिर्फ रात ही नहीं, दिन के तापमान ने भी लोगों को सर्दी का अहसास कराया। खजुराहो और नौगांव जैसे इलाकों में दिन का अधिकतम तापमान 16 डिग्री से नीचे रहा। दतिया, रीवा, टीकमगढ़ और ग्वालियर में भी दिनभर सर्द हवाएं चलती रहीं, जिससे कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही।राजधानी भोपाल में भी दिन के समय ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। आगे और बढ़ेगी ठंड मौसम विभाग के मुताबिक जनवरी में ठंड का असर इसी तरह बना रहेगा। हिमालय क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) अगले 2-3 दिनों में आगे बढ़ेगा। इसके असर से पहाड़ों पर जमी बर्फ पिघलेगी और उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाएं तेज होंगी, जिससे मध्यप्रदेश में सर्दी और ज्यादा तीखी हो सकती है।कुल मिलाकर, प्रदेश में आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे से फिलहाल राहत के आसार कम हैं। लोगों को सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही सुबह-शाम यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।  रेल और सड़क यातायात पर भी असर प्रदेश में सुबह होते ही अधिकांश जिले कोहरे की मोटी चादर में लिपट जा रहे हैं। विजिबिलिटी बेहद कम होने से सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं। दिल्ली से मध्य प्रदेश आने वाली एक दर्जन से अधिक ट्रेनें रोजाना 2 से 6 घंटे तक लेट पहुंच रही हैं। कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार कम करनी पड़ रही है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीती रात (मंगलवार-बुधवार की रात) प्रदेश में बर्फ जमा देने वाली ठंड दर्ज की गई। शहडोल के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 2.7 डिग्री रहा। इसके अलावा उमरिया, राजगढ़, शिवपुरी और रीवा जैसे इलाकों में भी पारा तेजी से गिरा। सीहोर, छिंदवाड़ा और मुरैना में हालात ऐसे रहे कि पौधों पर जमी ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गईं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। उत्तर और पूर्वी एमपी में शीतलहर का असर उत्तर और पूर्वी मध्यप्रदेश में शीतलहर का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिलों में सुबह घना कोहरा छाया रहा। वहीं भोपाल, इंदौर, रायसेन, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर और देवास में मध्यम कोहरे का असर दर्ज किया गया। ग्वालियर में सर्दी का असर ग्वालियर-चंबल अंचल में ठंड और कोहरे का असर बरकरार है। ग्वालियर में रात का न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री और दिन का अधिकतम तापमान 18.2 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह घने कोहरे के चलते विजिबिलिटी काफी कम रही, जिससे रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे।   दिन में भी नहीं मिल रही राहत ठंड का असर केवल रात तक सीमित नहीं है। कई जिलों में दिन के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। खजुराहो और नौगांव में दिन का अधिकतम तापमान 16 डिग्री से नीचे रहा। दतिया, रीवा, … Read more

ईरानी गैंग के 14 आरोपियों को फर्जी जमानत पर रिहा किया गया, मृतकों के नाम पर जमानतदार बने लोग

भोपाल  भोपाल में पुलिस ने कड़ी मशक्कत और लंबी प्लानिंग के बाद 27 और 28 दिसंबर की दरमियानी रात भोपाल के अमन कॉलोनी में बने ईरानी डेरे पर दबिश दी थी. यहां से पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया था, क्योंकि जैसे ही पुलिस की टीम ईरानी डेरे में पहुंची थी तो यहां पुलिस के साथ पथराव और मारपीट की घटना सामने आई थी. पुलिस को इस बात की जानकारी मिली थी कि इस ईरानी डेरे में देश के अलग-अलग हिस्सों के बदमाश छिपे थे. जिसके बाद पुलिस ने यहां कार्रवाई थी. यहां से 22 पुरुषों और 10 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था. लेकिन हैरानी वाली बात यह है कि यह 14 सदस्य जमानत पर रिहा हो चुके हैं.  जमानत लेने में दिखा फर्जीवाड़ा  बताया जा रहा है कि 5 जनवरी को आरोपियों की तरफ से कोर्ट में जमानत की याचिका लगाई गई थी. लेकिन जमानत लेने में कोर्ट में ईरानियों का फर्जीवाड़ा दिखा है, क्योंकि फर्जी जमानतदारों को कोर्ट में खड़ा किया गया था, इनमें से 2 जमानतदार तो ऐसे थे, जिनकी मौत हो चुकी है. जमानत के लिए जमील रहमान नाम के व्यक्ति को कोर्ट में खड़ा किया गया था, उसकी संपत्ति रखवाई थी, लेकिन जमील रहमान की दो साल पहले ही हो मौत हो चुकी है, इसी तरह से दूसरे फर्जी जमानतदार को भी खड़ा किया गया था. जहां 5 जनवरी को 10 और 6 जनवरी को 4 आरोपियों को जमानत मिली थी, इस तरह से कुल 14 आरोपियों को पूरे मामले में जमानत मिल चुकी है.  ऐसे में इस मामले ने अब पुलिस और अभियोजन की कार्यप्रणाली को भी कटखरे में खड़ा कर दिया है कि आखिर फर्जी जमानतदारों के आधार पर जमानत कैसे ली गई. इस मामले में सख्ती क्यों नहीं बरती गई. पुलिस फिलहाल जमानत निरस्त करवाने के लिए तैयारी करने की बात कह रही है.  महीनों की प्लानिंग के बाद रात 4 बजे दी थी दबिश 27 और 28 दिसंबर की दरमियानी रात करीब चार बजे पुलिस ने अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे पर दबिश दी थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां देश के विभिन्न हिस्सों में वांछित बदमाश छिपे हुए हैं। महीनों की निगरानी और रणनीति के बाद की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पथराव और मारपीट की गई। हालात बेकाबू होने के बावजूद पुलिस ने मौके से 22 पुरुषों और 10 महिलाओं को हिरासत में लिया। कई शहरों और राज्यों में चोरी, लूट और ठगी में शामिल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ बलवा, शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, तोड़फोड़ और संगठित अपराध जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कई आरोपी पहले भी दूसरे शहरों और राज्यों में चोरी, लूट और ठगी की वारदातों में संलिप्त रह चुके हैं। लगातार दो दिन फर्जी जमानतदार पेश 5 जनवरी को 10 आरोपियों की ओर से कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई। जमानत के लिए जमील रहमान खान नामक व्यक्ति को जमानतदार बताया गया और उसके नाम के भूमि संबंधी दस्तावेज कोर्ट में पेश किए गए। बाद में जांच में सामने आया कि जमील रहमान खान की दो साल पहले ही मौत हो चुकी है। इसके बावजूद किसी अन्य व्यक्ति को उसी नाम से कोर्ट में पेश कर जमानत हासिल कर ली गई। इसके अगले दिन 6 जनवरी को चार और आरोपियों को भी दूसरे फर्जी जमानतदार के जरिए राहत मिल गई। इस तरह कुल 14 आरोपी जेल से बाहर आ गए। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस और अभियोजन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना अहम होगा कि फर्जी जमानतदारों के इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और जिम्मेदारों पर कब शिकंजा कसा जाता है। भोपाल में सक्रिए ईरानी गैंग  भोपाल के अमन कॉलोनी के ईरानी डेरे के सदस्य कई राज्यों में सक्रिए माने जाते हैं, जो मारपीट, तोड़फोड़, संगठित अपराध, लूट, ठगी, चोरी समेत कई घटनाओं में संलिप्त पाए जा चुके हैं. वहीं यहां के कई सदस्यों पर कुख्यात अपराधों के मामले दर्ज हैं. इसमें राजू ईरानी का नाम सबसे ऊपर है, जो ईरानी गैंग का भोपाल में मुखिया माना जाता है. ऐसे में आरोपियों को मिली जमानत के बाद इस मामले में कई सवाल खड़े हो रहे हैं.   जमानत के साथ कोर्ट ने लगाईं सख्त शर्तें कोर्ट ने जमानत देते समय कड़ी शर्तें लगाई हैं। आदेश के अनुसार, सभी आरोपियों को हर पेशी पर अनिवार्य रूप से न्यायालय में उपस्थित रहना होगा। इसके साथ ही उन्हें साक्ष्यों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करने और गवाहों को प्रभावित न करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आरोपियों द्वारा जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया गया, तो उनकी जमानत निरस्त की जा सकती है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, अमन कॉलोनी क्षेत्र के ईरानी डेरे से कई अपराधों में शामिल बदमाशों के खिलाफ छापामार कारर्वाई करते हुए गिरफ्तारी की गई थी। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया था। फिलहाल, पुलिस और अभियोजन पक्ष की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। ईरानी डेरा बना कुख्यात अंतर्राज्यीय गिरोहों का अड्डा भोपाल पुलिस की जांच में बड़ी खुलासा हुआ है कि ईरानी डेरे में एक नहीं बल्कि 6 से अधिक ईरानी गैंग सक्रिय पाई गई हैं। इन गैंग चोरी, ठगी, नकली सोना खपाना, लूट और प्रॉपर्टी कब्जाने जैसे अपराधों में शामिल हैं। हर गैंग का अलग लीडर है। सभी गैंग का मुख्य सरगना राजू ईरानी बताया जा रहा है, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जांच में काला ईरानी का नाम प्रॉपर्टी कारोबार में सामने आया है। निशातपुरा के जनता नगर कॉलोनी में प्लॉट हेरफेर कर बेचने के आरोप लगे हैं। करोड़ों की संपत्ति और काला ईरानी के करीबी रहीम की भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस दबिश में बड़ी संख्या में मोबाइल, लैपटॉप, सीपीयू और पैनड्राइव जब्त किए गए है। आशंका है कि इन डिवाइस से चोरी के मोबाइल का सिक्योरिटी लॉक तोड़ा जाता था।  घरों से महीनों गायब रहते हैं गिरोह के सदस्य ईरानी डेरे में रहने वाले अपराधी चोरी, लूट, ठगी जैसी वारदातों के लिए महीनों कबीले से दूर दूसरे शहर और राज्यों में रहते … Read more

पुलिस विभाग की 12 हजार वर्ग फीट भूमि पर हुआ आधुनिक कंट्रोल रूम निर्माण

राम मंदिर की सुरक्षा को तैयार हुआ आधुनिक कंट्रोल रूम पुलिस विभाग की 12 हजार वर्ग फीट भूमि पर हुआ आधुनिक कंट्रोल रूम निर्माण 1128.75 लाख की लागत से तैयार हुआ है प्रशासनिक भवन दिसंबर 2023 में सीएंडडीएस ने शुरू कराया था निर्माण आधुनिक कंट्रोल रूम का जल्द होगा लोकार्पण,योगी सरकार के अहम निर्णय के बाद हुआ निर्माण अयोध्या राम मंदिर की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ठीक बाहर पुलिस विभाग की 12 हजार वर्ग फीट भूमि पर एक आधुनिक प्रशासनिक भवन और कंट्रोल रूम का निर्माण पूरा हो चुका है। यह भवन 1128.75 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट को गृह विभाग द्वारा संचालित किया गया है। निर्माण कार्य दिसंबर 2023 में निर्माण संस्था सीएंडडीएस के माध्यम से शुरू हुआ था। जी प्लस वन मंजिला इस भवन में बेसमेंट में मुख्य कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यह कंट्रोल रूम अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा, जहां से सीसीटीवी फुटेज, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं का रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी। यह सुविधाये हैं भवन में वेद मंदिर के निकट बने भवन में आंतरिक स्थल विकास कार्य के अंतर्गत कई आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं। इनमें सीसी रोड (सीमेंट कंक्रीट रोड), रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, वाह्य जलमल निकासी व्यवस्था, वातानुकूलित (एयर-कंडीशन्ड) तंत्र, सबमर्सिबल पम्प के साथ बोरिंग, हाई-स्पीड लिफ्ट, पूर्ण विद्युतीकरण, मजबूत बाउंड्रीवाल, एमएस गेट और 160 केवीए का डीजल जनरेटर सेट प्रमुख है। ये सभी सुविधाएं भवन को पर्यावरण-अनुकूल, ऊर्जा-कुशल और आपात स्थिति में आत्मनिर्भर बनाती हैं।  हर गतिविधियों पर रखी जाएगी पैनी नजर कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार ने बताया कि 98 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। बाउंड्रीवाल का कार्य प्रगति पर है। यह भवन जल्द ही लोकार्पण के लिए तैयार है। लोकार्पण के बाद इसे पूरी तरह से चालू कर दिया जाएगा। यह नया भवन विशेष रूप से पुलिस विभाग द्वारा संचालित होगा और राम जन्मभूमि परिसर के आसपास की हर गतिविधि पर पैनी नजर रख सकेगा।

साहू समाज का सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामाजिक उत्थान की मिसाल मुख्यमंत्री साय

रायपुर : राजिम त्रिवेणी संगम में आयोजित भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय साहू समाज का सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामाजिक उत्थान की मिसाल  मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव में हुए शामिल रायपुर   राजिम भक्तिन माता एवं माता कर्मा के बताए संदेश मानव समाज के लिए कल्याणकारी है, हमें उनके संदेशों का अनुसरण करना चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव  साय ने आज राजिम के त्रिवेणी संगम में आयोजित भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने भगवान राजीव लोचन एवं भक्त माता राजिम की पूजा अर्चना कर प्रदेश और समाज की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने साहू सृजन पत्रिका का विमोचन किया। साहू समाज द्वारा मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर स्वागत किया।  मुख्यमंत्री साय ने राजिम माता भक्ति जयंती की बधाई देते हुए कहा कि साहू समाज समृद्ध और शिक्षित समाज है जो हर दृष्टिकोण से समृद्ध रहा है। साहू समाज का इतिहास भी समृद्ध रहा है। हम सबको दानवीर भामाशाह,बाबा सत्यनारायण जी का आशीर्वाद मिल रहा है। यह समाज निरंतर विकास करें। यही कामना है। जब समाज एक जुट होगा तो केवल समाज ही नहीं प्रदेश और देश भी शक्तिशाली और समृद्ध बनता है।  मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज के सामूहिक विवाह को अनुकरणीय पहल बताते हुए कहा कि राजिम माता ने जिस साहू समाज को अपनी मेहनत और त्याग से संगठित किया, आज वह समाज शिक्षा, कृषि व व्यवसाय सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राजिम माता के आशीर्वाद से हर गारंटी को पूरा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ खनिज, वन, उर्वरा से भरपूर है। अब नक्सलवाद से जवान पूरी ताकत से लड़ रहे हैं। हम सबका संकल्प है कि 31 मार्च तक बस्तर को नक्सल मुक्त कर देंगे। राज्य के विकास में बाधक नक्सलवाद अब खत्मा की ओर है। राज्य को हम सब समृद्धि की दिशा में लेकर जाएंगे।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज सिरकट्टी आश्रम में भव्य राम जानकी मंदिर में धर्म ध्वजा की स्थापना की गई। इस पुण्य अवसर पर हमें शामिल होने का सौभाग्य मिला। जैसे अयोध्या धाम में धर्म ध्वजा स्थापना किए हैं, उसी तर्ज पर यहां कुटेना में भी धर्म ध्वजा स्थापित किया गया है। मेरा सौभाग्य है कि एक साल पहले भी इस अवसर पर शामिल होने का अवसर मिला था।  उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि साहू समाज एक संगठित समाज के रूप में जाना जाता है। आज हम सभी राजिम माता की जयंती मनाने आये हैं। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के इस पावन धरती से प्रेरणा लेकर जाएंगे और मिलकर समाज के विकास के लिए काम करेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि माता राजिम भक्तीन की महिमा का बखान करते हुए कहा कि राजिम त्याग, भूमि तपस्या, साधना और श्रम की भूमि है। भगवान को खिचड़ी खिलाने वाले समाज से हमारा समाज का नाता है। हम अपने पुरखों के योगदान को याद करके समाज को आगे ले जा सकते हैं। शिक्षा और संस्कार भी जरूरी है।  इस अवसर पर साहू समाज के प्रतिनिधिगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

दिल्ली में मस्जिद के पास हिंसा: 30 पत्थरबाजों को चिन्हित, 450 से अधिक वीडियो की जांच

 नई दिल्ली दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने के काम के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. इस मामले में अब तक करीब 30 पत्थरबाजों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापे मार रहे हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साढ़े चार सौ से अधिक वीडियो मिले हैं जिनमें हिंसा और पत्थरबाजी के विभिन्न विजुअल्स को कैप्चर किया गया है. ये वीडियो सीसीटीवी फुटेज, बॉडी कैम रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स समेत हैं.  हिंसा में बाहरी लोगों की भूमिका का शक इन सबका विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे पता चला है कि हिंसा में केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि बाहरी लोग भी शामिल थे. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि कई पत्थरबाज तुर्कमान गेट के निवासी नहीं हैं. पुलिस को संदेह है कि सोशल मीडिया के जरिये हिंसा के लिए बाहर से लोगों को बुलाकर उन्हें उकसाया गया. इसी वजह से सोशल मीडिया गतिविधियों की भी व्यापक जांच की जा रही है. अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार अब तक पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें काशिफ, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद अरीब, अदनान और समीर शामिल हैं. ये सभी चांदनी महल और दरियागंज के रहने वाले बताए जा रहे हैं. उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. फरार आरोपियों की तलाश में SIT गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए, एक विशेष जांच टीम गठित की गई है जो ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी और तकनीकी निगरानी की मदद से फरार आरोपियों की तलाश में लगी है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, कई आरोपी डर के कारण अपने घर छोड़कर फरार हो चुके हैं. पुलिस ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था को खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किया जाएगा.  तुर्कमान गेट हिंसा के बाद इलाका छावनी में तब्दील अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की हिंसा के बाद पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती कर दी गई है. प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है. दिल्ली पुलिस ने बताया है कि मामले को लेकर पूरी स्थिति पर नियंत्रण है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं. अफवाह ने भड़काया तनाव, सोशल मीडिया की जांच तेज पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिंसा की एक प्रमुख वजह सोशल मीडिया पर फैलाए गए एक झूठे अफवाह को माना जा रहा है. इस अफवाह में दावा किया गया था कि इलाके की मस्जिद को तोड़ा जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में गुस्सा और असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो गई.  अतिरिक्त बल तैनात, हालात पर कड़ी नजर इसके कारण कई लोग सड़क पर उतर आए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई. हालांकि, पुलिस ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया.  शांति बनाए रखने की अपील पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार इलाके की निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें. अराजकता और हिंसा को रोकने के लिए अर्धसैनिक बल भी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति को काबू में रखा जा सके. इस घटना ने सोशल मीडिया की भूमिका और अफवाहों के खतरों पर एक बार फिर ध्यान खींचा है. प्रशासन और पुलिस मिलकर स्थिति को सामान्य करने में लगे हुए हैं और जनता से शांति बनाए रखने का अपील कर रहे हैं.

यूपी में स्कूलों में AI का प्रयोग, तकनीकी प्रशिक्षण को किया अनिवार्य

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में अब 'चॉक और डस्टर' के साथ-साथ 'एआई और मशीन लर्निंग' का दौर शुरू होने वाला है। प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और प्रशासनिक अमले को भविष्य की तकनीक से लैस करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग ने मिशन कर्मयोगी (iGOT) पोर्टल पर उपलब्ध आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) पाठ्यक्रमों को सभी शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए अनिवार्य कर दिया है। योगी सरकार ने बताया अपना लक्ष्य इस पहल का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में नवाचार लाना और प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ाना है। वर्तमान में पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के मामले में उत्तर प्रदेश देश में टॉप पर है, लेकिन कोर्स पूरा करने की रैंकिंग में प्रदेश चौथे स्थान पर है। सरकार का लक्ष्य 31 मार्च तक यूपी को इस श्रेणी में भी नंबर वन बनाना है। इसके लिए विभाग ने स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की है। प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मार्च तक इन कोर्सों में नामांकन कर उन्हें सफलतापूर्वक पूरा करें। इसका मकसद शिक्षा और प्रशासनिक कार्यों में नवाचार, दक्षता और तकनीकी समझ को बढ़ाना है। विभाग ने एआई आधारित प्रमुख कोर्सों की सूची भी सभी संबंधित कार्यालयों को भेज दी है, ताकि प्रशिक्षण में कोई दिक्कत न हो। पोर्टल पर पंजीकरण के मामले में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है, लेकिन कोर्स पूरा करने में प्रदेश चौथे स्थान पर है। अब सरकार का लक्ष्य इस श्रेणी में भी यूपी को नंबर वन बनाना है। इसके लिए सभी विभागों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे इसे प्राथमिकता में लें। साथ ही यह भी तय किया गया है कि पोर्टल पर उपलब्ध 57 सुझाए गए प्रशिक्षण कोर्सों में से हर कर्मचारी को हर महीने कम से कम एक कोर्स करना होगा। इस तरह 31 मार्च तक कुल 12 कोर्स पूरे करना अनिवार्य होगा।  

19 नए युद्धपोतों के साथ नौसेना मजबूत, चीन की चुनौती पर भारत का जवाब

नई दिल्ली भारतीय नौसेना अपने इतिहास की सबसे बड़ी वार्षिक वृद्धि की ओर अग्रसर है। इस वर्ष 2026 में नौसेना 19 युद्धपोतों को कमीशन करने जा रही है, जो एक वर्ष में सबसे बड़ी वृद्धि होगी। पिछले वर्ष 2025 में नौसेना ने 14 जहाजों को कमीशन किया था, जिसमें एक पनडुब्बी भी शामिल थी। सूत्रों के अनुसार, यह उत्पादन गति इतिहास में अभूतपूर्व है और यह स्वदेशी जहाज निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र की परिपक्वता को दर्शाती है। ट्रिब्यून ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि 2026 नौसेना के विस्तार का शिखर वर्ष रहेगा। इस दौरान नीलगिरी श्रेणी के मल्टी-रोल स्टेल्थ फ्रिगेट्स की संख्या में भी इजाफा होगा। इस श्रेणी का अग्रणी पोत जनवरी 2025 में सेवा में आया था, जिसके बाद अगस्त 2025 में आईएनएस हिमगिरि और आईएनएस उदयगिरि का कमीशनिंग हुआ। चालू वर्ष में इस श्रेणी के कम से कम दो और पोत नौसेना में शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा, सूची में इक्षाक श्रेणी का सर्वे पोत और निस्तार श्रेणी का डाइविंग सपोर्ट पोत भी शामिल हैं। इतने बड़े पैमाने पर कमीशनिंग को संभव बनाने में ‘इंटीग्रेटेड कंस्ट्रक्शन’ पद्धति की अहम भूमिका है। इस प्रक्रिया में जहाज के ढांचे, सुपर-स्ट्रक्चर और आंतरिक प्रणालियों को 250 टन के ब्लॉक्स में तैयार किया जाता है, जिन्हें बाद में जोड़ा जाता है। इन ब्लॉक्स को इस तरह सटीकता से बनाया जाता है कि वेल्डिंग के बाद केबल और पाइपिंग सहज रूप से फिट हो सके। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से निर्माण के लिए ‘सीक्वेंस’ तैयार किया जाता है- जिसमें सामग्री की सोर्सिंग से लेकर उत्पादन समय-सीमा तक शामिल होती है। नए डिजाइन सॉफ्टवेयर, AI और आधुनिक निर्माण तकनीकों के चलते अब भारतीय शिपयार्ड्स छह साल में जहाज तैयार कर रहे हैं, जबकि पहले यह अवधि 8-9 साल होती थी। सॉफ्टवेयर मशीनरी के लेआउट, उपकरणों और फ्लुइड डायनेमिक्स तक का पूर्वानुमान लगाता है। बताया जाता है कि रक्षा मंत्रालय ने 10-12 वर्ष पहले युद्धपोतों के लिए इंटीग्रेटेड कंस्ट्रक्शन को अपनाया था, जिसके अब ठोस नतीजे सामने आ रहे हैं। रणनीतिक स्तर पर, भारत के लक्ष्य चीनी नौसैनिक विस्तार का सामना करना, महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर नैविगेशन की स्वतंत्रता बनाए रखना, क्वॉड और ASEAN के साझेदारों का समर्थन करना और इंडो-पैसिफिक में शक्ति-प्रक्षेपण को सुदृढ़ करना है। हालांकि, नौसेना का यह विस्तार अभी भी चीन से कम है। बीजिंग नए जहाजों के आंकड़े सार्वजनिक नहीं करता, लेकिन अमेरिका के पूर्व आकलन के अनुसार, चीन की नौसेना के पास 2025 के अंत तक 395 जहाज और पनडुब्बियां हो सकती हैं- जो पिछले अनुमान 370 से लगभग 25 अधिक हैं। मई 2025 की एक अमेरिकी रिपोर्ट- चाइना नेवल मॉडर्नाइजेशन: इम्प्लिकेशंस फॉर यूएस नेवी कैपेबिलिटीज, बैकग्राउंड एंड इश्यूज फॉर यूएस कांग्रेस- में कहा गया है कि चीन की नौसेना की कुल बल शक्ति 2025 तक 395 जहाजों तक बढ़ेगी और 2030 तक 435 जहाजों तक पहुंच जाएगी। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रिकॉर्ड कमीशनिंग और तकनीकी उन्नति के साथ भारतीय नौसेना गुणात्मक बढ़त पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन में भारत की भूमिका और मजबूत होगी।

मध्य प्रदेश के सरकारी शिक्षकों के लिए खुशखबरी, सैलरी में 3-5 हजार रुपए की बढ़ोतरी

भोपाल  मध्य प्रदेश के करीब सवा से डेढ़ लाख सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. पिछले 3 वर्षों से जिस चतुर्थ समयमान-क्रमोन्नत वेतनमान (Fourth time-scale-based promotional pay scale) का इंतजार किया जा रहा था, उस पर अब स्कूल शिक्षा विभाग ने अंतिम तैयारी पूरी कर ली है. 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों को इसका लाभ देने के लिए 300 करोड़ से अधिक का प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट में रखा जाएगा. मंजूरी मिलते ही शिक्षकों की सैलरी में हर माह 3 से 5 हजार रुपए की बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी. प्रक्रिया पूरी, सवा लाख शिक्षकों को मिलेगा लाभ स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद प्रदेश में सरकारी शिक्षकों के लिए चतुर्थ समयमान-क्रमोन्नत वेतनमान का रास्ता साफ हो गया है. शिक्षा विभाग ने 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों को यह लाभ देने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है. विभाग के अनुसार इस योजना से प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक शिक्षकों के साथ-साथ व्याख्याता, प्राचार्य, प्रधानाध्यापक और सहायक संचालक स्तर तक के करीब सवा लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे. वहीं इस पर सरकार को करीब 312 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा. सीएम ने किया था चतुर्थ समयमान का ऐलान चतुर्थ समयमान देने की घोषणा सबसे पहले वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी. घोषणा के तहत सभी विभागों में 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके लोक सेवकों को यह लाभ दिया जाना था. कई विभागों में प्रक्रिया आगे बढ़ी और स्कूल शिक्षा विभाग में भी सीधी भर्ती के व्याख्याता और प्राचार्यों को यह सुविधा मिल गई, लेकिन पदोन्नति से आए शिक्षकों, व्याख्याताओं, प्राचार्यों और अन्य अधिकारियों को इससे वंचित रखा गया. इसी वर्ग में करीब सवा लाख शिक्षक आते हैं, जो अब तक इस लाभ का इंतजार कर रहे थे. कैबिनेट में जल्द आएगा प्रस्ताव स्कूल शिक्षा विभाग में 35 साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारी लंबे समय से चतुर्थ समयमान देने की मांग कर रहे थे. इसको लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी शिक्षक संघों की कई बार मुलाकात हुई. आखिरकार 5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर सीएम ने बचे हुए लोगों को चतुर्थ समयमान देने की घोषणा की थी, लेकिन 5 महीने बाद भी अब तक इस पर कोई अमल नहीं हुआ. हालांकि हाल में स्कूल शिक्षा मंत्री के साथ हुई शिक्षक संगठनों की बैठक में मंत्री ने बताया कि इसे कैबिनेट की बैठक में लेकर जाएंगे. कैबिनेट में प्रस्ताव पास होने के बाद शिक्षकों को इसका लाभ मिलने लगेगा. हर माह 3 से 5 हजार रुपए का नुकसान मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौर ने बताया कि "मुख्यमंत्री ने 5 महीने पहले चतुर्थ समयमान की घोषणा की थी, लेकिन विभाग के अधिकारी आज तक इस प्रक्रिया को पूरी नहीं कर सके. हमारी मांग है कि इसे विभाग द्वारा तुरंत लागू किया जाए. राठौर ने बताया कि चतुर्थ समयमान लागू होने से शिक्षकों को हर माह 3 से 5 हजार रुपए का सीधा लाभ मिलेगा. अब तक इस सुविधा के अभाव में उन्हें मासिक नुकसान उठाना पड़ रहा था." विभाग पर 312 करोड़ रुपए अतिरिक्त भार स्कूल शिक्षा विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी कमल सिंह सोलंकी ने बताया कि "शिक्षकों को चतुर्थ समयमान-क्रमोन्नत वेतनमान देने की तैयारी पूरी कर ली गई है. इसका प्रस्ताव बनाकर कैबिनेट में चर्चा के लिए भेजा गया है. यहां से अनुमति मिलते ही चतुर्थ समयमान के आदेश जारी कर दिए जाएंगे और पात्र शिक्षकों को इसका लाभ मिलने लगेगा. सोलंकी ने बताया कि इस प्रक्रिया में स्कूल शिक्षा विभाग पर करीब 312 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा."

भोपाल प्रशासन की नई पहल: घर-घर पानी कनेक्शन और स्मार्ट मीटर, शादी पंजीकरण शुल्क अब सिर्फ 130 रुपए

भोपाल   नवविवाहित जोड़ों के लिए नए साल में भोपाल नगर निगम बड़ी राहत और खुशखबरी लेकर आया है। अब विवाह पंजीयन यानी मैरिज सर्टिफिकेट बनवाना न सिर्फ आसान होगा, बल्कि बेहद सस्ता भी। नगर निगम ने मैरिज सर्टिफिकेट की फीस में भारी कटौती का प्रस्ताव तैयार कर मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) के समक्ष रखा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही नवदंपत्तियों को मैरिज सर्टिफिकेट के लिए अब 1100 रुपये की जगह मात्र 130 रुपये ही चुकाने होंगे। सबसे खास कुल 829 कॉलोनियों में पानी के बल्क कनेक्शन से व्यक्तिगत कनेक्शन मिलेंगे। इन दोनों बड़े फैसलों को 2 जनवरी को हुई मेयर इन कौंसिल (एमआईसी) की मीटिंग में मंजूरी मिल गई। अब 13 जनवरी को होने वाली निगम परिषद की बैठक में इन्हें रखा जाएगा। मैरिज रजिस्ट्रेशन फीस में 3900 रुपए की कटौती निगम के मुताबिक, अब तक निर्धारित शुल्क 1100 रुपए है। विलंब शुल्क 500 रुपए प्रति वर्ष और अधिकतम विलंब शुल्क 5 हजार रुपए लिया जाता था। प्रस्ताव पास होने के बाद रजिस्ट्रेशन फीस 130 रुपए लगेगी। ये राशि 30 दिन के अंदर आवेदन करने पर देना होगी। यदि 30 दिन के बाद आवेदन किया तो 1100 रुपए लगेंगे। यानी, पहले अधिकतम राशि 5 हजार रुपए थी, उसमें 3900 रुपए की कटौती की जा रही है। पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन नगर निगम में मैरिज सर्टिफिकेट के लिए 16 प्रकार की जानकारियों के साथ आवेदन करना होता है। अभी ऑनलाइन सुविधा होने के बावजूद अधिकांश लोग निगम कार्यालय जाकर आवेदन करते हैं। इसे देखते हुए निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने निर्देश दिए हैं कि अब सभी आवेदन अनिवार्य रूप से ऑनलाइन लिए जाएंगे और प्रमाण पत्र भी ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे। वार्ड कार्यालय से मिलेगा मैरिज सर्टिफिकेट विवाह पंजीयन प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए इसे विकेंद्रीकृत किया जा रहा है। अब सिर्फ एक केंद्र के बजाय नगर निगम के सभी 85 वार्ड कार्यालयों से मैरिज सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन करने पर संबंधित वार्ड कार्यालय की टीम घर जाकर सत्यापन करेगी। इससे नवदंपत्तियों को माता मंदिर स्थित विवाह पंजीयन शाखा के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नगर निगम की इस पहल को नए साल में आम नागरिकों के लिए बड़ी सुविधा और राहत के रूप में देखा जा रहा है। एमआईसी की मुहर के बाद लागू होगा नया नियम वर्तमान व्यवस्था में विवाह के एक साल बाद आवेदन करने पर 500 रुपये अतिरिक्त लेट फीस देनी पड़ती है। नए प्रस्ताव के अनुसार, यदि विवाह के एक महीने के भीतर आवेदन किया जाता है तो शुल्क सिर्फ 130 रुपये रहेगा। वहीं, एक महीने के बाद आवेदन करने पर अधिकतम 500 रुपये की पेनाल्टी लगेगी। इस तरह किसी भी स्थिति में कुल शुल्क 630 रुपये से अधिक नहीं होगा।  होने वाली एमआईसी बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। व्यक्तिगत कनेक्शन पर 'शहर सरकार' का बड़ा फैसला एमआईसी में मंजूरी के बाद यदि परिषद की बैठक में व्यक्तिगत कनेक्शन का प्रस्ताव पास होता है तो यह शहर सरकार का बड़ा फैसला होगा। निगम चुनाव के दौरान बीजेपी ने इसे लेकर वादा किया था। वहीं, समय-समय पर सांसद-विधायक भी ये मांग उठा चुके हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस लगातार मांग करती आ रही है। ताकि, आम लोगों को फायदा मिल सके। कई बैठकों में यह मुद्दा उठ चुका है। बता दें कि बल्क कनेक्शन का मुद्दा कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी उठ चुका है। खासकर होशंगाबाद रोड की कॉलोनियों में बल्क कनेक्शन की बाध्यता होने से लोग कनेक्शन नहीं ले पा रहे हैं। लोग मांग उठा रहे हैं कि उन्हें सिंगल यानी व्यक्तिगत कनेक्शन दिए जाए। इससे बेवजह का बोझ नहीं पड़ेगा। यही प्रस्ताव अब 13 जनवरी की बैठक में आने वाला है। इसे लेकर जल कार्य अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट भी महापौर मालती राय को सौंप दी है। व्यक्तिगत कनेक्शन व्यवस्था लागू करने पर इतना खर्च भोपाल शहर में कुल 1566 कॉलोनियों हैं। जिनमें से 829 कॉलोनियां ऐसी हैं, जिनमें नगर निगम बल्क कनेक्शन के माध्यम से जलप्रदाय करता है। इन कॉलोनियों में व्यक्तिगत कनेक्शन के माध्यम से जल उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है। यदि इन कॉलोनियों में नगर निगम संचालन करता है तो वाल्वमैन, ऑपरेटर, सुपरवाइजर, पाइपलाइन बिछाये जाने और इंटर कनेक्शन किए जाने पर कुल 801 करोड़ रुपए खर्च आएगा। इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी बन गई है। इन कॉलोनियों के 74 हजार 905 घरों में स्मार्ट मीटर के माध्यम से जल उपलब्ध कराने पर प्रति आवास 9709 रुपए का खर्च होगा। कुल राशि 72.73 करोड़ रुपए खर्च आएगा। स्मार्ट मीटर लगाने सहित कुल व्यय राशि 874.43 करोड़ रुपए होगी। इनमें जलप्रदाय के संधारण/संचालन के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से कॉलोनी वासियों द्वारा कार्य कराया जा सकता है। जिसके लिए बल्क कनेक्शन का निर्धारित शुल्क 17 रुपए प्रति हजार लीटर नगर निगम को एजेंसी द्वारा दिया जाएगा। अतिरिक्त राशि एजेंसी द्वारा संबंधित कॉलोनी से ली जाएगी। इन कॉलोनियों में व्यक्तिगत कनेक्शन लिए जाने के लिए लोगों की सहमति जरूरी है। 70 प्रतिशत से अधिक सहमति प्राप्त होने पर ही व्यक्तिगत कनेक्शन प्रदान करने की कार्रवाई होगी। इन कॉलोनियों में प्रथम आओ प्रथम पाओ पद्धति के आधार पर व्यक्तिगत कनेक्शन प्रदान करने की प्रक्रिया की जा सकेगी। भोपाल में 2.30 लाख से ज्यादा कनेक्शन भोपाल में दो लाख 30 हजार से ज्यादा नल कनेक्शन हैं। इसके जरिए नगर निगम घर-घर तक सुबह और शाम पानी पहुंचाता है। इनमें बल्क कनेक्शन भी शामिल हैं। बल्क कनेक्शन की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए वे बल्क की जगह व्यक्तिगत यानी सिंगल कनेक्शन की मांग उठा रहे हैं। बहुत सारे उपभोक्ताओं को मिलाकर निगम बल्क कनेक्शन दे रहा है। इसमें कई व्यावहारिक दिक्कतें भी लोगों के सामने आ रही हैं। इसलिए वे चाहते हैं कि व्यक्तिगत कनेक्शन मिलें। इससे लोग अपने हिसाब से कनेक्शन ले लेंगे और उन्हें ज्यादा कीमत भी नहीं चुकाना पड़ेगी। कांग्रेस भी चाहती है कि बाध्यता हटे बल्क के स्थान पर व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन दिए जाने के लिए कांग्रेस भी मुद्दा उठा रही थी। पिछली दो मीटिंगों में कांग्रेस पार्षद हंगामा भी कर चुके हैं। अमृत 2.0 से जुड़ा तीसरा प्रस्ताव एजेंडे में जो तीसरा प्रस्ताव शामिल हैं, वह अमृत 2.0 से संबंधित … Read more