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धार के पीएम मित्र पार्क में तेजी से हो रहा कार्य प्रशंसनीय : केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह

म.प्र. सरकार ने वस्त्र उद्योग को रोजगारपरक औद्योगिक विकास में दी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार के पीएम मित्र पार्क में तेजी से हो रहा कार्य प्रशंसनीय : केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह ने की मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सराहना कृषि के बाद टेक्सटाइल देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाला सेक्टर राष्ट्रीय सम्मेलन में तालियों की गड़गड़ाहट से हुआ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगला राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन म.प्र. में करने का दिया प्रस्ताव भारत का वस्त्र उद्योग- विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर गुवाहाटी में शुरू हुआ राष्ट्रीय सम्मेलन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वस्त्र उद्योग विरासत का संरक्षण करते हुए विकास की ओर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट को लेकर महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने वस्त्र उद्योग को रोजगारपरक औद्योगिक विकास में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश को औद्योगिक और निवेश की दृष्टि से उल्लेखनीय सहयोग मिला है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जन्मदिवस पर मध्यप्रदेश के धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। यहां टेक्सटाइल पार्क और उद्योगों का एक साथ लोकार्पण किया जाएगा। यह पार्क भारत को सशक्त बनाने के संकल्प की पूर्ति भी करेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारत आर्थिक रूप से तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बनने के ओर अग्रसर है। मां कामाख्या की धरती असम से आज देश के वस्त्र उद्योग को नई दिशा प्राप्त होगी। सभी राज्यों में वस्त्र उद्योग को आगे बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को गुवाहाटी में आयोजित वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। भारत का वस्त्र उद्योग- विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कृति, संस्कार, संसाधन और विरासत की दृष्टि से मध्यप्रदेश, टेक्सटाइल सहित अनेक उद्योगों में देश में अग्रणी है। राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक गतिविधियां और निवेश बढ़ाने के लिए विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत संभाग और जिला स्तर पर भी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से उज्जैन, रीवा, कटनी, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित कई जिलों में औद्योगिक विकास से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार हुआ है। प्रदेश में लोकमाता देवी अहिल्याबाई के काल से महेश्वरी, चंदेरी साड़ी जैसे सिल्क को प्रोत्साहित करने की परंपरा है। राज्य सरकार ने नर्मदापुरम के हाईक्वालिटी मलबरी रेशम और ऑर्गेनिक कपास का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास किए हैं। मध्यप्रदेश में हम टेक्सटाइल मिल, लूम हैंडलूम और स्पिंडल्स से बड़ी संख्या में महिलाओं को जोड़कर आत्म निर्भर बनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश ऑर्गेनिक कॉटन, मेनमेड फाइबर, टेक्नीकल टेक्सटाइल सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के खरगोन, बुधनी सहित जनजातीय बहुल इलाकों में टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में डेढ़ दशक से चल रही टेक्सटाइल सेक्टर की वैल्यू चेन में राज्य सरकार ने 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश कराया है। भविष्य में इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। वर्ष 2026 में मध्यप्रदेश नए संकल्पों के साथ विकास की उड़ान भरने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी जुलाई 2026 में भारत सरकार द्वारा आयोजित होने वाले राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन में मध्यप्रदेश सरकार पार्टनर बनने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन वस्त्र उद्योग का केंद्र रहा है, उन्होंने केंद्रीय वस्त्र मंत्री को अगला सम्मेलन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में करने के लिए आग्रह किया। म.प्र. में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में की जा रही पहल सराहनीय : केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में की जा रही पहल के लिए सराहना की। धार में बन रहे देश के पहले पीएम मित्रा पार्क के निर्माण में तेजी से हो रहे कार्य के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रतिभागियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन किया। केन्द्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आने से वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में चार चांद लग गए हैं। उन्होंने कहा कि वस्त्र मंत्रालय, मध्यप्रदेश में दो तरह के फाइबर पर कार्य करना चाहता है। पहला- लीनन जो अलसी में होता है और दूसरा- मिल्क बिल्ट (मदार) फाइबर। केंद्र सरकार न्यू एज फाइबर को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने राज्यों से टेक्सटाइल का रोडमैप बनाकर गतिविधियां संचालित करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य टेक्निकल फाइबर को उतनी ही महत्ता दें, जितनी मशीन मेड फाइबर को दी जाती है। केन्द्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि कृषि के बाद टेक्सटाइल देश में सबसे अधिक रोजगार देने वाला सेक्टर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों के आधार पर देश के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने इको सिस्टम तैयार करने के लिए देश को पीएम मित्र पार्क की सौगात दी है। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक में पीएम मित्र पार्क स्थापित करने की गति बढ़ चुकी है। पीएम मित्र पार्कों में 1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश होगा, जिससे यहां लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। वस्त्र उद्योग के गारमेंट सेक्टर में 1 करोड़ निवेश किया जाए तो औसतन 40 से 60 लोगों को रोजगार मिलता है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश में लगाई जाने वाली इंडस्ट्रिलय स्टीचिंग मशीन की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है और टेक्सटाइल सेक्टर में देशभर में 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दिया है। सम्मेलन को केंद्रीय वस्त्र राज्यमंत्री पवित्रा मार्गरेटा, वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव तथा वस्त्र मंत्रालय के अपर सचिव रोहित कंसल ने भी संबोधित किया। वस्‍त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के टेक्सटाइल और उद्योग मंत्री तथा अधिकारीगण शामिल हुए। केन्द्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत का वस्त्र उद्योग विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में भारत की वस्त्र उद्योग की शक्ति, नवाचार और समृद्ध विरासत को दर्शाती प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। सम्मेलन में … Read more

500% टैरिफ की आहट से हिला शेयर बाजार, निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपये डूबे

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ी गिरावट आई है. सेंसेक्‍स और निफ्टी50 में लगातार चौथे दिन भी गिरावट जारी रही. सिर्फ 4 दिन के दौरान ही शेयर बाजार से 1600 से ज्‍यादा अंक टूट गए हैं. वहीं निफ्टी में भी 2 फीसदी तक की गिरावट आई यानी करीब 400 अंक निफ्टी टूटा है.  2 जनवरी को सेंसेक्‍स 85,762.01 पर बंद हुआ था और आज यानी 8 जनवरी को सेंसेक्‍स 84,180 पर क्‍लोज हुआ यानी करीब 1600 अंकों की गिरावट आई है. इसी तरह, निफ्टी 4 करोबारी दिनों के दौरान 400 अंक गिरकर 25876 पर बंद हुआ है.   गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 780 अंक या 0.92 प्रतिशत गिरकर 84,181 पर आ गया, जबकि एनएसई सेंसेक्स 264 अंक या 1.01 प्रतिशत गिरकर 25,877 पर बंद हुआ. बाजार बंद होने के समय बिकवाली का भी दबाव रहा, जिससे बीएसई के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में लगभग 8.1 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई.  निवेशकों को तगड़ा नुकसान  BSE के मार्केट कैप के आधार पर निवेशकों की संपत्ति में पिछले सत्र के 479.94 लाख करोड़ रुपये से 8.11 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 471.82 लाख करोड़ रुपये रह गई. रिलायंस इंडस्ट्रीज, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस, एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, HDFC बैंक, टाटा स्टील और टेक महिंद्रा जैसी दिग्गज कंपनियों के कारण बाजार सूचकांकों पर दबाव बना रहा. 500 फीसदी टैरिफ की आहट रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका में एक नया बिल 'Sanctioning Russia Act of 2025' पेश किया गया है, जिसके तहत रूसी तेल खरीदारों पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगाने की बात कही जा रही है. इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी चाल बताई जा रही है. इस बिल का उद्देश्य रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है. इसके तहत, भारत, चीन, ब्राजील जैसे देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की बात कही जा रही है. इसी आहट से शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है. बीएसई सेंसेक्‍स के टॉप 30 शेयरों में से 4 शेयरों को छोड़कर सभी शेयर लाल निशान पर बंद हुआ. सबसे ज्‍यादा गिरावट L&T 3.35%, Tech Maindra के शेयर 2.94 फीसदी और टीसीएस के शेयरों में 2.74 फीसदी तक की गिरावट आई. जोमैटो और आईसीआईसीआई बैंकों के शेयरों में मामूली तेजी रही.  189 शेयर 52 सप्‍ताह के लो पर  कुल 189 शेयरों ने अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर को छुआ.  BSE500 में शामिल Afcons Infrastructure, AWL Agri Business, BASF India, Bata India, Blue Jet Healthcare, Clean Science and Technology, Cohance Lifesciences और Colgate Palmolive (India) जैसे शेयरों में गिरावट आई और ये अपने-अपने एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गए.  वहीं 113 शेयरों ने 52 सप्ताह के नए उच्चतम स्तर को छुआ.  4,366 शेयरों में से 3,157 शेयरों में गिरावट देखी गई और 1,039 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 170 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले सत्र के दौरान नेट बेस पर 1,668.80 करोड़ रुपये की बिक्री की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,991.95 करोड़ रुपये की खरीदारी की. 

परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं, श्रीमती सारिका घारू ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के लिए किया आह्वान

परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं, ‘परीक्षा पे चर्चा’ के लिए तैयार रहें : श्रीमती सारिका घारू दूरदर्शन मध्यप्रदेश पर विद्यार्थियों से पूर्व-परीक्षा लाइव संवाद भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित किए जाने वाले ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम से पूर्व दूरदर्शन मध्यप्रदेश पर नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक श्रीमती सारिका घारू ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों से लाइव संवाद किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों को परीक्षा तनाव से मुक्त रहने, सकारात्मक सोच अपनाने और तकनीक के संतुलित उपयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा को बोझ न मानकर अपने ज्ञान और क्षमता को परखने का अवसर समझना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं और पूरे आत्मविश्वास के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ में भाग लें। परीक्षा से पहले मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर लक्ष्य पर फोकस रखने की बात पर जोर देते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी आज के समय में एक बड़ा अवसर है, लेकिन इसका सही उपयोग आवश्यक है। तकनीक को परीक्षा की तैयारी और सीखने के लिए एक टूल बनाएं, न कि ध्यान भटकाने का माध्यम। श्रीमती सारिका घारू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा का सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी से इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी कर प्रधानमंत्री के अनुभवों से सीख लेने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार देखने को मिला और उन्हें आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी करने का संदेश दिया गया। यह लाइव टेलिकास्ट स्कूल शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश की अनुशंसा पर आयोजित किया गया, जिसमें श्रीमती सारिका को विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम का संचालन कृतिका चौबे ने किया, जबकि निर्देशन दूरदर्शन के मुख्य कार्यक्रम अधिकारी श्री महेंद्र परिहार के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम के दौरान प्रदेशभर से जुड़े छात्रों ने अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं, जिनका समाधान सारिका ने सहज और प्रेरक तरीके से किया।  

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मरीजों के इलाज को दिये गये 4,649 करोड़

मरीजों के इलाज में न हो लापरवाही, योगी सरकार आयुष्मान अस्पतालों को 30 दिन में कर रही भुगतान आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मरीजों के इलाज को दिये गये 4,649 करोड़  सीएम के निर्देश पर पिछले एक वर्ष में क्लेम के पेंडेंसी मामलों को तेजी से किया गया निस्तारित  जनवरी- 25 में 10 लाख से अधिक पेंडेंसी को घटाकर किया गया 3 लाख, क्लेम जांच प्रक्रिया तेज   लखनऊ योगी सरकार गरीबों और जरूरतमंदों को बेहतर, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत इलाज कराने वाले परिवारों के लिए जहां कैशलेस उपचार सुनिश्चित किया गया है, वहीं योजना से जुड़े अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित कर व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि पिछले एक वर्ष में आयुष्मान योजना के क्लेम निस्तारण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।   नए क्लेम के साथ पुराने लंबित मामलों का भी तेजी से किया जा रहा निस्तारण स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज(साचीज) की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश के सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत क्लेम के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। जनवरी-25 में जहां क्लेम की पेंडेंसी 10 लाख 75 हजार तक पहुंच गई थी, वहीं दिसंबर-25 तक यह घटकर मात्र 3 लाख रह गयी है। इसे भी जल्द ही निस्तारित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में योजना के तहत प्रति माह औसतन 2 लाख से अधिक क्लेम अस्पतालों से प्राप्त होते हैं। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले क्लेम का समयबद्ध निस्तारण एक बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पुराने लंबित मामलों के साथ-साथ नए क्लेम का भी नियमित और सुव्यवस्थित तरीके से निस्तारण हो। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि सूचीबद्ध अस्पताल बिना हीलाहवाली के आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज सुनिश्चित करें।  सीएम योगी के निर्देश पर मेडिकल ऑडिट व्यवस्था को किया गया सुदृढ़ साचीज की एसीईओ पूजा यादव ने बताया कि क्लेम निस्तारण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तेज बनाने के लिए मेडिकल ऑडिट व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। इसी क्रम में मेडिकल ऑडिटरों की संख्या 40 से बढ़ाकर 130 कर दी गई है। इससे क्लेम की जांच प्रक्रिया तेज हुई है। इसके साथ ही क्लेम प्रोसेसिंग डेस्क (CPD) की संख्या भी 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है। योजना के तहत अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत क्लेम्स का भुगतान 30 दिनों की निर्धारित समय-सीमा यानी टर्न अराउंड टाइम (TAT) के भीतर किया जाए। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एजेंसी स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें की जा रही हैं और लंबित मामलों की सतत निगरानी की जा रही है।  पिछले एक वर्ष में 4,649 करोड़ का भुगतान अस्पतालों को किया गया  साचीज की सीईओ ने बताया कि जनवरी-25 से दिसंबर-25 की अवधि के दौरान आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश के सूचीबद्ध अस्पतालों को क्लेम्स के सापेक्ष कुल 4,649 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योगी सरकार न सिर्फ इलाज की व्यवस्था कर रही है, बल्कि अस्पतालों के आर्थिक हितों की भी पूरी तरह से रक्षा कर रही है, ताकि वे गरीब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे सकें। योगी सरकार की नीतियों से क्लेम पेंडेंसी में कमी, समयबद्ध भुगतान और मजबूत ऑडिट व्यवस्था ने अस्पतालों का विश्वास बढ़ाया है। इसका सीधा लाभ गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मिल रहा है, जिन्हें अब इलाज के लिए कर्ज और संपत्ति बेचने की मजबूरी से पूरी तरह से मुक्ति मिल गई है।

सीएम योगी का संकल्प: सबकी समस्या का निराकरण, जनता दर्शन में 150 लोगों की समस्याएं सुनीं

सबकी समस्या का निराकरण सरकार का संकल्प : सीएम योगी जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं सीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश, शीघ्रता से करें समस्याओं का निस्तारण गंभीर बीमारियों के इलाज में करेंगे भरपूर आर्थिक सहायता गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की समस्या का समाधान सरकार का संकल्प है। सीएम ने अफसरों को निर्देशित किया कि वे पूरी तत्परता और संवेदनशीलता से यह सुनिश्चित करें कि बिना भेदभाव सबको न्याय मिले। हर पात्र को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले, जरूरतमंदों के समुचित इलाज की व्यवस्था हो, जमीन कब्जाने वाले भू माफिया व दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।  गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं। कुर्सियों पर बैठे लोगों तक खुद गए। उनकी शिकायतों को ध्यान से सुना। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए प्रतिबद्ध है।  जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए कई लोगों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी। राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में मुख्यमंत्री ने शीघ्रता से निस्तारण के निर्देश दिए। सीएम योगी ने की गोसेवा, गोवंश को खिलाया गुड़ गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा के समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़ खिलाया। गुरुवार सुबह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिजनों के साथ आए बच्चों से मिल उन्हें प्यार-दुलार, आशीर्वाद और चॉकलेट दिया।

योगी सरकार का बड़ा तोहफा, यूपी में संपत्ति का हस्तांतरण अब होगा आसान और सस्ता

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेशवासियों को नए साल का बड़ा तोहफा देते हुए पारिवारिक संपत्तियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया को बेहद आसान और सस्ता बना दिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियां भी दायरे में अब तक केवल आवासीय और कृषि संपत्तियों के पारिवारिक दान विलेख (गिफ्ट डीड) पर ही स्टांप ड्यूटी में छूट मिलती थी। नई व्यवस्था के तहत अब व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों को भी इस दायरे में शामिल कर लिया गया है। अब परिवार के सदस्यों के बीच किसी भी प्रकार की अचल संपत्ति दान करने पर भारी-भरकम स्टांप शुल्क के बजाय मात्र 5,000 रुपये की स्टांप ड्यूटी देनी होगी। इसके साथ ही संपत्ति के कुल मूल्य का 1 प्रतिशत निबंधन (Registration) शुल्क देय होगा। किसे मिलेगा इसका लाभ? इस छूट का लाभ परिवार के रक्त संबंधियों जैसे- माता, पिता, पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री, पुत्रवधु, दामाद, भाई, बहन और पोते-पोतियों को मिलेगा। विशेष बात यह है कि सगे भाई की मृत्यु होने पर उनकी पत्नी (भाभी) को भी अब इस छूट का पात्र माना गया है। अनावश्यक विवादों और मुकदमों से मिलेगी मुक्ति स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने बताया कि पहले व्यावसायिक संपत्तियों पर सर्किल रेट का 5 से 7 प्रतिशत स्टांप शुल्क देना पड़ता था, जिससे लोग कानूनी हस्तांतरण से बचते थे। इस ऐतिहासिक निर्णय से वैधानिक हस्तांतरण बढ़ेगा, जिससे पारिवारिक विवादों और लंबी मुकदमेबाजी में कमी आएगी। साथ ही, विभाग की राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। मात्र ₹5,000 होगी स्टांप ड्यूटी अब अगर कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति परिवार के सदस्य को Gift Deed (दान विलेख) के जरिए देता है, तो उसे केवल ₹5,000 की स्टांप ड्यूटी देनी होगी। पहले यह छूट सिर्फ आवासीय और कृषि संपत्ति तक सीमित थी, लेकिन अब कमर्शियल प्रॉपर्टी और इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी पर भी यही नियम लागू होगा। इससे शहरों में दुकान, गोदाम, फैक्ट्री जैसी संपत्तियों के बंटवारे पर भारी टैक्स नहीं देना पड़ेगा। यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।  सरकार ने स्टाम्प और पंजीकरण विभाग के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसके तहत परिवार के सदस्यों के बीच अचल संपत्ति के दान पर भारी शुल्क खत्म कर दिया गया है। अब किसी भी प्रकार की संपत्ति के ट्रांसफर पर केवल नाममात्र की राशि में रजिस्ट्री हो सकेगी। नई व्यवस्था के अनुसार, परिवार के भीतर संपत्ति के दान पर ₹5,000 स्टांप ड्यूटी और संपत्ति मूल्य का केवल 1 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क देनी होगी। इससे पहले शहरी क्षेत्रों में व्यावसायिक संपत्ति पर 7 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत तक शुल्क देना पड़ता था, जो आम लोगों के लिए काफी महंगा था। यही कारण था कि लोग कानूनी प्रक्रिया से बचते थे और बाद में विवाद खड़े हो जाते थे। पारिवारिक सदस्यों को मिलेगा लाभ, किराया रजिस्ट्रेशन भी हुआ सस्ता इस नई छूट का फायदा पुत्र, पुत्री, माता, पिता, पति, पत्नी, भाई, बहन, पुत्रवधु, दामाद, नाती-नातिन, भतीजा-भतीजी सहित कई रिश्तों को मिलेगा। खास बात यह है कि अब सगे भाई के निधन की स्थिति में उसकी पत्नी को भी इस छूट का लाभ मिलेगा। यानी अधिकतर नजदीकी रिश्तों में संपत्ति ट्रांसफर बेहद आसान हो जाएगा। योगी सरकार ने सिर्फ संपत्ति बंटवारे ही नहीं, बल्कि किराया समझौते के रजिस्ट्रेशन को भी बेहद सस्ता बना दिया है।  अब किराए के समझौते पर लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क में 90 प्रतिशत तक की कटौती की गई है। पहले अधिक शुल्क के कारण लोग रेंट एग्रीमेंट रजिस्टर्ड नहीं कराते थे, जिससे बाद में मकान मालिक और किरायेदार के बीच विवाद होते थे। नई व्यवस्था में किराया अवधि और वार्षिक किराए के आधार पर बहुत कम शुल्क तय किया गया है। इससे अब आम नागरिक बिना डर के अपना किराया समझौता कानूनी रूप से पंजीकृत करा सकेगा। इससे न केवल कानूनी सुरक्षा मिलेगी, बल्कि भविष्य के झगड़ों से भी बचाव होगा। पैतृक संपत्ति का बंटवारा अब सिर्फ 10 हजार में योगी सरकार के एक और फैसले के तहत अब पैतृक संपत्ति के बंटवारे की रजिस्ट्री मात्र ₹10,000 में कराई जा सकेगी। पहले इस प्रक्रिया में हजारों से लेकर लाखों रुपये तक खर्च हो जाते थे। अब कम खर्च में कानूनी बंटवारा संभव होगा, जिससे पारिवारिक विवादों में भारी कमी आएगी। इन सभी सुधारों से उत्तर प्रदेश में कानूनी पारदर्शिता और संपत्ति से जुड़े मामलों में भरोसा बढ़ेगा। लोग बिना डर और भारी खर्च के अपनी संपत्ति को सही तरीके से ट्रांसफर कर पाएंगे। सरकार का लक्ष्य कम खर्च, कम विवाद और ज्यादा पारदर्शिता है। योगी सरकार का यह फैसला न केवल आम नागरिकों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि उत्तर प्रदेश में संपत्ति व्यवस्था को आधुनिक और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है। बता दें कि वर्ष 2022 तक पारिवारिक दान पर पूरी स्टांप ड्यूटी देनी होती थी। 2023 में पहली बार आवासीय और कृषि संपत्तियों पर राहत दी गई थी। अब सरकार ने यह छूट कमर्शियल और इंडस्ट्रीयल प्रॉपर्टी तक बढ़ा दी है। इससे उत्तर प्रदेश में संपत्ति के पंजीकरण को बढ़ावा मिलेगा और अवैध या कच्चे दस्तावेजों की संख्या कम होगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से संपत्ति से जुड़े विवाद, कोर्ट केस और पारिवारिक झगड़े काफी हद तक कम होंगे। जब संपत्ति का हस्तांतरण आसान और सस्ता होगा, तो लोग कानूनी रास्ता अपनाएंगे। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि राजस्व व्यवस्था में भी सुधार होगा। सरकार जल्द ही इस संबंध में अधिसूचना जारी करेगी, जिसके बाद यह सुविधा पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगी।  

कोलकाता में ED की छापेमारी, ममता बनर्जी बोलीं – गृहमंत्री लोकतंत्र की रक्षा नहीं कर पा रहे

  कोलकाता  केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में IPAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर छापेमारी के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खुद प्रतीक जैन के घर पहुंचने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है. सूत्रों के अनुसार, ईडी यह छापेमारी कथित वित्तीय अनियमितताओं के एक मामले में कर रही है. जांच टीम एक साथ प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय में दस्तावेजों की जांच और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं कर रही है. इस कार्रवाई के दौरान ममता बनर्जी का मौके पर आना राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मालूम हो कि ममता बनर्जी सीधे उस स्थान पर पहुंचीं जहां ईडी टीम जांच चल रही. उनके आने से माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के खिलाफ एक सियासी निशान के तौर पर देखा जा रहा है. इससे पहले भी पश्चिम बंगाल में ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाइयों को लेकर राज्य सरकार और केंद्र के बीच विवाद की स्थिति बनी रही है. ईडी छापे पर ममता बनर्जी का बड़ा आरोप, कहा- पार्टी दस्तावेज और रणनीति चुराने आए ईडी की रेड पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ममता ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि ईडी हमारी पार्टी के आईटी सेक्टर कार्यालय में इस प्रकार से दस्तावेज लेने आई. मुख्यमंत्री ममता ने इस कार्रवाई को राजनीतिक उत्पीड़न बताया और कहा कि यह सब गृहमंत्री की स्क्रिप्ट के तहत हो रहा है, जो स्वयं देश की सुरक्षा बनाए रखने में असमर्थ हैं. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ईडी द्वारा उनके पार्टी दस्तावेजों को बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के जब्त किया गया और इस बीच, कुछ मामलों में लोगों के नामों को हटाया जा रहा है. उन्होंने खास तौर पर SIR केस का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाए कि नाम गायब किए जा रहे हैं और दस्तावेजों का दुरुपयोग किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की जांच एजेंसियां और गृह मंत्रालय देश और लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश में दो समानांतर प्रयास किए जा रहे हैं – एक तरफ मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाने की कोशिशें और दूसरी तरफ अवैध तरीके से संवेदनशील डेटा इकट्ठा करना. मुख्यमंत्री ने इसे लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा करार दिया. ममता बनर्जी ने यह भी बताया कि उन्हें इस तरह की कार्रवाई की पहले से सूचना थी. इसलिए पार्टी से जुड़े सभी हार्ड डिस्क और जरूरी डेटा पहले ही सुरक्षित कर लिया गया था ताकि किसी भी प्रकार की जब्ती से पार्टी के आंतरिक कार्यों और रणनीतियों को नुकसान न पहुंचे. उन्होंने कहा कि उनका आईटी ऑफिस पहले भी निशाने पर रहा है और वह खुद वहां जाकर पूरी स्थिति की समीक्षा करेंगी. मुख्यमंत्री ने साफ़ किया कि यह देखना उनकी जिम्मेदारी है कि यह कार्रवाई किस उद्देश्य से और किस स्तर पर की गई है. ममता बनर्जी ने केंद्र की एजेंसियों पर विपक्षी दलों को डराने और कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस राजनीतिक साजिश के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर मजबूती से संघर्ष करती रहेगी.

बांगलादेश में BNP नेता अजीजुर रहमान की हत्या, लोगों के भड़के विरोध के बाद सेना ने संभाला इलाका

ढाका  बांग्लादेश में चुनाव से पहले हिंसा में और तेजी आ रही है. ढाका में BNP नेता अजीजुर रहमान मुसब्बिर की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मुसब्बिर ढाका मेट्रोपॉलिटन नॉर्थ स्वेच्छासेबक दल के महासचिव रह चुके थे, जो बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की स्वयंसेवी इकाई है. करवान बाजार में स्टार कबाब के पास एक गली में बेहद करीब से गोली मारी गई, जिससे मुसब्बिर की मौके पर ही मौत हो गई. बेहद करीब से मारी गई गोली पुलिस के अनुसार, सुपर स्टार होटल के पास, बशुंधरा सिटी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के नजदीक हमलावरों ने बेहद करीब से गोलियां चलाईं. ये इलाका भीड़भाड़ वाला व्यावसायिक क्षेत्र है. मौके पर ही मुसब्बिर की हालत गंभीर हो गई. गोलीबारी में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. अधिकारियों के मुताबिक, घायल की हालत स्थिर है. ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के तेजगांव डिविजन के अतिरिक्त उपायुक्त फजलुल करीम ने स्थानीय मीडिया को बताया कि करवान बाजार में स्टार कबाब के पास एक गली में दो लोगों को गोली लगी थी. मुसब्बिर को पहले निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई. उन्हें पेट में गोली लगी थी. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घायलों को पहले बीआरबी अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद एक को आगे के इलाज के लिए ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया. जांचकर्ताओं ने बताया कि हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग की और फिर फरार हो गए. बुधवार सुबह तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी. मुसब्बिर पहले ढाका मेट्रोपॉलिटन नॉर्थ स्वेच्छासेबक दल के महासचिव रह चुके थे. स्वेच्छासेबक दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की स्वयंसेवी इकाई है. उन्हें रात करीब 8.30 बजे (स्थानीय समय) ढाका के करवान बाजार इलाके में निशाना बनाया गया. पुलिस के मुताबिक हमला सुपर स्टार होटल के पास हुआ, जो बशुंधरा सिटी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के नजदीक स्थित एक व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने बेहद करीब से गोलियां चलाईं, जिससे मुसब्बिर की मौके पर ही मौत हो गई. गोलीबारी में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. अधिकारियों ने बताया कि घायल व्यक्ति की हालत स्थिर है. मुसब्बिर के पेट में गोली लगी ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के तेजगांव डिवीजन के अतिरिक्त उपायुक्त फजलुल करीम ने स्थानीय मीडिया को बताया कि करवान बाजार में स्टार कबाब के पास एक गली में दो लोगों को गोली मारी गई. करीम के अनुसार, मुसब्बिर को बाद में पंथपथ इलाके के एक निजी अस्पताल में मृत घोषित किया गया. उन्होंने बताया कि मुसब्बिर के पेट में गोली लगी थी. स्थानीय मीडिया के अनुसार, घायलों को पहले बीआरबी अस्पताल ले जाया गया था, जिसके बाद उनमें से एक को आगे के इलाज के लिए ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया. जांचकर्ताओं ने बताया कि हमलावर कई राउंड फायरिंग करने के बाद मौके से फरार हो गए. तलाशी अभियान शुरू सुरक्षा बलों ने हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. बुधवार सुबह तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी. यह हत्या ऐसे समय में हुई है, जब बांग्लादेश में हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं और 12 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले आदर्श आचार संहिता लागू है. कुछ ही दिन पहले एक अलग घटना में जुबो दल के एक नेता को गोली मारी गई थी. इससे पहले 12 दिसंबर को भारत-विरोधी रुख के लिए चर्चित नेता उस्मान हादी की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. सड़कों पर तैनात हुई सेना इस गोलीकांड के बाद करवान बाजार इलाके में तनाव फैल गया. मंगलवार देर रात लोगों के एक समूह ने सार्क फाउंटेन चौराहे को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया. करीब रात 10.30 बजे सेना के जवान मौके पर पहुंचे और सड़क खाली कराई, प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया और यातायात बहाल कराया. हालांकि बाद में प्रदर्शनकारी फिर लौट आए, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी और वाहनों को सावधानीपूर्वक गुजरने दिया. किसी भी तरह की आगे की अशांति को रोकने के लिए पुलिस और सेना की टुकड़ियां कई घंटों तक इलाके में तैनात रहीं. BNP नेता की मौत के बाद क्या है हाल? घटना के बाद करवान बाजार इलाके में तनाव फैल गया. देर रात कुछ लोगों ने सार्क फाउंटेन चौराहे पर सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात ठप हो गया. रात करीब 10:30 बजे सेना के जवान मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को हटाकर रास्ता खुलवाया. हालांकि कुछ देर बाद प्रदर्शनकारी फिर लौट आए, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी और वाहनों को सावधानीपूर्वक गुजरने दिया. पुलिस और सेना की टुकड़ियां कई घंटों तक क्षेत्र में तैनात रहीं ताकि किसी भी नई अशांति को रोका जा सके. अधिकारियों ने कहा कि हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान जारी है. गौरतलब है कि बांग्लादेश में इसी साल चुनाव होने वाले हैं. हाल के दिनों में बांग्लादेश में राजनीतिक हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं. कुछ दिन पहले एक जूबो दल नेता को भी गोली मारी गई थी, जबकि 12 दिसंबर को इंकलाब मंच के नेता उस्मान हादी की भी हत्या हो चुकी है. चुनाव से पहले बढ़ती हिंसा ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

इंदौर के बोरिंग पानी में फीकल कोलीफॉर्म की मात्रा 350 से ज्यादा, हैजा और टाइफाइड के खतरे का अलर्ट

इंदौर इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद अब एक और डराने वाली सच्चाई सामने आई है. शहर के भागीरथपुरा इलाके में अंडरग्राउंड यानी बोरिंग के पानी में गंभीर प्रदूषण की पुष्टि हुई है. रिपोर्ट ने यह साबित कर दिया है कि यहां का बोरवेल पानी पीने लायक नहीं है और लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन चुका है. जांच रिपोर्ट में क्या निकला पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए भागीरथपुरा इलाके की कुल 60 बोरिंग से सैंपल लिए गए थे. जांच में सामने आया कि इनमें से 35 सैंपल पूरी तरह फेल हो गए. सबसे गंभीर बात यह है कि बोरिंग के पानी में फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाया गया है, जो सीधे तौर पर मल-मूत्र से जुड़ा बैक्टीरिया होता है. मानकों के अनुसार पीने के पानी में फीकल कोलीफॉर्म की मात्रा 0 प्रतिशत होनी चाहिए, लेकिन जांच में अलग-अलग बोरिंग के पानी में यह मात्रा 84 से लेकर 350 के पार तक पाई गई. कितनी खतरनाक है यह स्थिति फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया को बेहद खतरनाक माना जाता है. मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक यह बैक्टीरिया हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस-A जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. खासतौर पर बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह पानी जानलेवा साबित हो सकता है. नर्मदा के पानी तक फैल रहा प्रदूषण रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भागीरथपुरा की बोरिंग का दूषित पानी नर्मदा के पानी को भी प्रभावित कर रहा था. यानी समस्या सिर्फ अंडरग्राउंड वॉटर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर शहर की मुख्य जल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है. इलाके में सैकड़ों बोरिंग, खतरा और बड़ा भागीरथपुरा क्षेत्र में 500 से ज्यादा सरकारी और निजी बोरिंग मौजूद हैं. जनवरी के पहले सप्ताह में आई इस रिपोर्ट ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है. सवाल यह है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो इंदौर में पानी से जुड़ा यह संकट और कितना बड़ा रूप ले सकता है. वॉटर एक्सपर्ट का कहना है कि बोरिंग के पानी की नियमित जांच, सीवेज सिस्टम की मरम्मत और दूषित बोरिंग को तत्काल बंद करना बेहद जरूरी है. वरना इंदौर में पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा और गहराता जाएगा.

इंदौर महापौर के खिलाफ संघ का एक्शन, दूषित पानी की त्रासदी पर कलेक्टर के साथ हुई बैठक

इंदौर  दूषित पानी से 18 मौतों के साथ अब तक उल्टी-दस्त के 3200 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा बच्चे-बुजुर्ग और महिलाएं हैं। यह त्रासदी नगर निगम के अफसर और जनप्रतिनिधियों की रोज की लापरवाह कार्यशैली से हुई। भागीरथपुरा में जर्जर सप्लाई लाइन को नई में बदलने के लिए एमआइसी में प्रस्ताव पास होने से लेकर वर्क ऑर्डर देने में ही काफी देरी हुई। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और महापौर पुष्यमित्र भार्गव बुधवार देर रात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय पहुंचे। संघ से जुड़े सूत्रों ने बताया कि दोनों से भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों और प्रशासनिक तालमेल को लेकर बात की गई। अफसरों पर काम न करने आरोप लगाने वाले महापौर की लेटलतीफी नगरीय विकास एसीएस संजय दुबे की बैठक में अफसरों पर काम न करने आरोप लगाने वाले महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने ही इस फाइल पर 67 दिन बाद हस्ताक्षर किए थे। दूसरे मामले में टेंडर की फाइल बनाने में 7 माह लगा दिए। वर्क ऑर्डर भी दिए तो लेटलतीफी ऐसी कि 10 माह में पूरा होने वाला काम 35 माह में पूरा नहीं हुआ। इधर, आरएसएस ने बुधवार शाम महापौर भार्गव व कलेक्टर शिवम वर्मा को तलब किया। संघ कर्यालय में डेढ़ घंटे मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन सिंह ने बैठक ली। बताते हैं, संघ पदाधिकारियों ने उचित व्यवस्थाएं बनाने पर जोर दिया। दोनों की क्लास भी लगाई। सूत्रों ने यह भी बताया कि संघ के मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन ने कलेक्टर और महापौर से करीब डेढ़ घंटे तक वन-टू-वन चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, मामला संभाल नहीं पाने पर महापौर को कड़ी फटकार भी लगी है। महापौर भार्गव, रामबाग स्थित नए संघ कार्यालय 'सुदर्शन' सरकारी गाड़ी से पहुंचे थे। उन्हें छोड़ने के बाद शासकीय वाहन वापस रवाना हो गया था। बैठक खत्म होने के बाद वे अपने निजी वाहन से लौटे। बैठक से बाहर आने के बाद महापौर भार्गव ने  कहा- मैं संघ कार्यालय आता रहता हूं। आज भी सहज ही आया था। इंदौर की छवि को ठीक करना प्राथमिकता सूत्रों ने बताया कि बैठक में यह बात भी हुई है कि भविष्य में इस तरह की घटना न हो और प्रशासनिक तालमेल की कमी की बात भी नहीं उठे। सभी अधिकारी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की बातों को सुनें और उनके साथ तालमेल बैठाते हुए काम करें। चर्चा का फोकस इस बात पर रहा कि अब इंदौर की छवि को स्वच्छ करना है। पहली प्राथमिकता है कि भागीरथपुरा में हालात ठीक हो जाएं। यहां हर जरूरतमंद तक पहुंचा जाए। बीमारों के इलाज में किसी तरह की कोताही न हो। तारीखें बता रहीं जिम्मेदारों की करतूत भागीरथपुरा में गंदे पानी की समस्या आने पर 25 नवंबर 2022 को नगर निगम की एमआइसी बैठक में 106 क्रमांक संकल्प पारित हुआ। इसमें भागीरथपुरा में नर्मदा पाइप लाइन बिछाने और नए कनेक्शन के लिए मालवा इंजीनियरिंग का चयन किया गया। प्रस्ताव पास होने के बाद ये फाइल अचानक गायब हो गई। बताते हैं, यह परिषद कार्यालय में ही रखी रही। करीब 67 दिन बाद 30 जनवरी 2023 को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस पर हस्ताक्षर किए। इसी तारीख में तत्कालीन आयुक्त ने दस्तखत किए। इसके चौथे दिन तत्कालीन अपर आयुक्त ने 3 फरवरी को हस्ताक्षर किए। तब जलकार्य समिति ने काम ठेकेदार को सौंपा। टेंडर की शर्तों के अनुसार, काम 10 माह में पूरा होना था। लेकिन अब तक इस वार्ड में काम पूरा नहीं हो सका। नई लाइन.. दूसरे प्रकरण में भी निगम की लापरवाही शहर के भागीरथपुरा में नई लाइन बिछाने के लिए 12 नवंबर 2024 को टेंडर के लिए फाइल बनाई। 7 माह बाद 30 जुलाई 2025 को टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई। टेंडर प्रक्रिया पूरे होने के महीनों बाद भी वर्क आर्डर जारी नहीं हुआ   अव्वल दर्जे की लापरवाही – 22 जुलाई 2022 को आयुक्त ने नई पाइपलाइन डालने का प्रस्ताव बनाया – 25 नवंबर 2022 को एमआइसी में प्रस्ताव पास – 30 जनवरी 2023 को महापौर ने किए हस्ताक्षर – 30 जनवरी को ही आयुक्त कार्यालय ने मुहर लगाई – 03 फरवरी 2023 अपर आयुक्त कार्यालय से प्रस्ताव पर लगी मुहर कलेक्टर ने साधी चुप्पी, महापौर भार्गव बोले बैठक सामान्य थी संघ ने दूषित पानी से हुई घटना पर चिंता जताई है। इसी वजह से महापौर, कलेक्टर संघ दफ्तर पहुंचे। बताते हैं, दोनों की संघ पदाधिकारियों ने क्लास भी लगाई। बीते दिनों प्रशासनिक मतभेद का मामला भी सुर्खियों में रहा था, इस पर भी चर्चा हुई। संघ की आंतरिक रिपोर्ट भी बन रही है। आगे इसका महापौर और प्रशासनिक अफसरों पर असर देखने को मिल सकता है।