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आज से लागू होंगे 5 बड़े बदलाव, जो हर घर और जेब पर करेंगे असर!

 नई दिल्ली नए साल (New Year 2026) की शुरुआत हो चुकी है और साल का पहला दिन देश में कई बड़े बदलाव लेकर आया है. जी हां, 1 जनवरी 2026 से कई ऐसे चेंज (Rule Change From 1st January) लागू हो रहे हैं, जो घर की रसोई से लेकर कार के शौकीनों तक की जेब का बोझ बढ़ाने वाला साबित होगा. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने जहां दिल्ली, मुंबई और कोलकाता समेत सभी शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तगड़ा इजाफा (LPG Cylinder Price Hike) किया है, तो वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर की दिग्गज कंपनियों ने अपनी कारों के दाम में बढ़ोतरी कर झटका दिया है. आइए ऐसे ही पांच बड़े बदलावों के बारे में जानते हैं… पहला बदलाव: LPG Cylinder हो गया महंगा 1 जनवरी 2026 की शुरुआत महंगाई के झटके के साथ हुई है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने देशभर में LPG Cylinder की कीमतों में इजाफा कर दिया है. ये बढ़ोतरी 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर की गई है और साल के पहले दिन से ये 111 रुपये तक महंगा हो गया है. ताजा बदलाव के बाद दिल्ली में 1580.50 रुपये का मिलने वाला 19Kg LPG Cylinder अब 1691.50 रुपये, कोलकाता में 1684 रुपये की जगह 1795 रुपये, मुंबई में 1531.50 रुपये की जगह 1642.50 रुपये और चेन्नई में ये 1739.5 रुपये की जगह महंगा होकर 1849.50 रुपये का हो गया है. बता दें कि 14 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें नहीं बदली हैं और ये 8 अप्रैल 2025 के रेट पर ही मिल रहा है.   वहीं दूसरी ओर इसके अलावा नए साल की शुरुआत से ऐन पहले ही Delhi-NCR के लोगों को गैस कंपनी ने PNG Price Cut करके बड़ा तोहफा दिया. IGL ने अपने कस्टमर्स के लिए डोमेस्टिक PNG की कीमतों में ₹0.70 प्रति SCM की बड़ी कटौती की घोषणा की है. इसके बाद दिल्ली में पीएनजी प्राइस ₹47.89 प्रति SCM, गुरुग्राम में ₹46.70 प्रति SCM और नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में ₹47.76 प्रति SCM हो गया.  दूसरा बदलाव: हवाई सफर होगा सस्ता जहां एक ओर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने LPG Price Hike कर झटका दिया है, तो वहीं 1 जनवरी 2026 की तारीख हवाई यात्रियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है. दरअसल, कंपनियों ने हवाई ईंधन या जेट फ्यूल के दाम घटा (ATF Price Cut) दिए हैं. दिल्ली में इसकी कीमत 99,676.77 रुपये से कम करके अब 92,323.02 रुपये प्रति किलोलीटर की गई है. कोलकाता में अब एयर टर्बाइन फ्यूल का दाम घटकर 95,378.02 रुपये प्रति किलोलीटर रह गया है, जो अब तक 1,02,371.02 रुपये प्रति किलोलीटर था. इसके अलावा मुंबई में एटीएफ 93,281.04 रुपये से कम होकर 86,352.19 रुपये, जबकि चेन्नई में 1,03,301.80 रुपये से घटकर 95,770 रुपये कर दिया गया है. ATF Price में कटौती के परिचालन लागत में कमी आती है और एयरलाइंस हवाई टिकट के दाम घटा सकती हैं, जिससे हवाई यात्रियों का सफर सस्ता हो सकता है.   तीसरा बदलाव: Car खरीदना हुआ महंगा साल 2026 का पहला दिन कार खरीदारों के लिए झटका लेकर आया है. दरअसल, कई दिग्गज कार कंपनियों ने अपनी कारों के दाम में इजाफा करने का फैसला किया है. बढ़ती इनपुट लागत और ऑपरेशनल खर्च का हवाला देते हुए इन कंपनियों ने अपनी कारों के दाम में बढ़ोतरी (Car Price Hike From 1st January) का ऐलान किया है.  जर्मन कार कंपनी मर्सिडीज बेंज के सभी मॉडल की कीमतों में 1 जनवरी से 2% का इजाफा हो रहा है. BMW ने भी पहली तारीख से भारत में बिकने वाली अपनी कारों की कीमतें 3% बढ़ाई हैं. चीनी कार कंपनी BYD ने Sealion-7 का दाम बढ़ाने का ऐलान किया है, तो वहीं MG Motors  पेट्रोल-डीजल और ईवी सभी वैरिएंट की कीमतों में 2% की बढ़ोतरी कर रही है. जापानी कार निर्माता निसान ने अपनी कारों के दाम 3%, तो रेनो ने सभी मॉडलों पर 2% दाम बढ़ाए हैं. Honda Cars भी इसी महीने कीमतों में इजाफा कर सकती है.   चौथा बदलाव: ऑस्ट्रेलिया को Zero Tariff  निर्यात जैसा कि केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बीते सोमवार को ऐलान किया था कि भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते के 3 साल पूरे होने पर जीरो टैरिफ निर्यात का फैसला किया गया है. इसके मुताबिक, 1 जनवरी 2026 से ऑस्ट्रेलिया भारतीय निर्यात के लिए अपनी सभी टैरिफ लाइनों को जीरो (Zero Tariff) कर रहा है. इसका मतलब है कि पहली तारीख से भारत से ऑस्ट्रेलिया जाने वालीं 100% वस्तुओं पर कोई भी टैरिफ नहीं लगेगा. पांचवां बदलाव: पहले महीने बंपर Bank Holiday जनवरी का महीना जहां तमाम बड़े बदलाव लेकर आया है, तो इस महीने बैंकों में भी बंपर हॉलिडे (Bank Holiday In January 2026) रहने वाले हैं. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की वेबसाइट पर अपलोड लिस्ट को देखें, तो जनवरी में 16 दिन बैंक बंद रहेंगे. मकर संक्रांति से लेकर गणतंत्र दिवस समेत विभिन्न मौकों पर बैंकों में कामकाज नहीं होगा. हालांकि, ये Bank Holidays अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हो सकते हैं. आप छुट्टी के बावजूद ऑनलाइन बैंकिंग (Online Banking) के जरिए अपने बैंकिंग काम निपटा सकते हैं, जो 24X7 ओपन रहती हैं.

एक जनवरी को पदोन्नति का ऐलान, IAS-IPS और IFS अधिकारियों की खुलेगी किस्मत

भोपाल   एमपी कैडर के 71 आईएएस और 21 आईपीएस अफसरों को आज प्रमोशन मिलने वाला है। एक जनवरी 2026 से प्रमोट होने वाले इन अफसरों में जीएडी के सचिव एम सेलवेंद्रन का भी नाम है। जिन्हें प्रमुख सचिव पद पर प्रमोट किया जाएगा। सेलवेंद्रन पहले ही प्रमोशन की पात्रता रखते थे लेकिन डीओपीटी द्वारा प्रमुख सचिव के लिए 25 साल की सेवा की पात्रता तय करने के चलते उन्हें एक जनवरी से पदोन्नत किया जाएगा। दूसरी ओर आईपीएस अफसरों में अनंत कुमार सिंह या आशुतोष राय को एडीजी से डीजी पद पर प्रमोट करने का आदेश गृह विभाग जारी करेगा। इसी तरह आईएफएस अफसरों के भी प्रमोशन आदेश जारी होंगे। नए साल 2026 की शुरुआत मध्य प्रदेश के अफसरों के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आ रही है. प्रदेश कैडर के 71 आईएएस और 21 आईपीएस अधिकारियों को नए साल में प्रमोशन का गिफ्ट मिलने वाला है. इसके साथ ही आईएफएस अधिकारियों के प्रमोशन आदेश भी आज जारी होने की संभावना है. सभी प्रमोशन 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माने जाएंगे. जीएडी से लेकर गृह विभाग तक हलचल सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) और गृह विभाग ने प्रमोशन से जुड़ी प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है. नए साल के पहले ही दिन कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल जाएंगी. एम. सेलवेंद्रन बनेंगे प्रमुख सचिव जीएडी सचिव एम. सेलवेंद्रन को प्रमुख सचिव पद पर प्रमोट किया जाएगा. यह प्रशासनिक स्तर पर एक अहम पदोन्नति मानी जा रही है. IPS में DG-ADG लेवल पर बड़ा फेरबदल आईपीएस कैडर में भी बड़े बदलाव तय माने जा रहे हैं. आईपीएस अधिकारियों अनंत कुमार सिंह या आशुतोष राय में से किसी एक को एडीजी से डीजी पद पर प्रमोट करने का आदेश गृह विभाग जारी कर सकता है. प्रमोद वर्मा बनेंगे ADG प्रमोद वर्मा, जो वर्तमान में जबलपुर रेंज के आईजी हैं, उन्हें प्रमोट कर एडीजी बनाया जाएगा. तीन नए IG, 13 बनेंगे DIG कई अफसरों की पदोन्नति रुकी आईएएस अफसरों में सचिव और अपर सचिव पद के लिए तरुण भटनागर, अनुराग चौधरी और संतोष कुमार वर्मा की पदोन्नति रुक गई है। इसके अलावा ऋषि गर्ग के विरुद्ध भी विभागीय जांच के चलते पदोन्नति रुकी है। इसलिए इन अधिकारियों के अलावा प्रमुख सचिव, सचिव, अपर सचिव, उप सचिव के पदों पर आईएएस अधिकारियों को पदोन्नति दी जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग शाम को इसके आदेश जारी करेगा। इसके साथ ही राज्य प्रशासनिक सेवा के अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर पद पर प्रमोट होने वाले अफसरों की भी वर्तमान पदस्थापना स्थल पर पदोन्नति की जा सकती है। इस प्रमोशन लिस्ट में: तीन आईपीएस अधिकारी आईजी के पद पर प्रमोट होंगे, इनमें 2008 बैच के ए. शियास और ललित शाक्यवार शामिल हैं. 1999 बैच के निरंजन वी. वायंगणकर को भी आईजी बनाया जाएगा. इसके अलावा 13 आईपीएस अधिकारी डीआईजी के पद पर प्रमोट होंगे. नए साल की शानदार शुरुआत कुल मिलाकर, नए साल की पहली तारीख एमपी के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के लिए नई जिम्मेदारियों और नई रैंक के साथ शुरू होने जा रही है. इसे अफसरों के लिए सरकार का बड़ा न्यू ईयर गिफ्ट माना जा रहा है. इन आईपीएस अफसरों को मिल सकता है प्रमोशन एक जनवरी से उच्च पद पर प्रमोट होने वाले अफसरों में जिन आईपीएस अफसरों को प्रमोशन मिल सकता है उसमें डीजी का एक पद है। अगर आज शाम तक अनंत कुमार सिंह की एमपी वापसी की सूचना गृह विभाग को मिल जाती है तो वे डीजी के पद पर प्रमोट हो जाएंगे अन्यथा एडीजी आजाक आशुतोष राय को डीजी के पद पर प्रमोट किया जाएगा। जबलपुर आईजी प्रमोद वर्मा को प्रमोट कर एडीजी बनाया जाएगा, उनकी पदस्थापना फिलहाल जबलपुर में ही रहेगी। उनके पास शहडोल आईजी रेंज का भी चार्ज है। तीन अधिकारी आईजी के पद पर प्रमोट होंगे। जिसमें 2008 बैच के ए शियास और ललित शाक्यवार शामिल हैं। इनके अलावा 1999 बैच के निरंजन वी वायंगणकर भी आठ साल की देरी से आईजी बनेंगे। हालांकि उनके बैच के अफसर अब एडीजी बन चुके हैं। 13 आईपीएस अधिकारी डीआईजी के पद पर प्रमोट होंगे एक जनवरी से मिलने वाली पदोन्नति में 13 आईपीएस अधिकारी डीआईजी बनेंगे। इसमें से कई अधिकारी वर्तमान में जिलों में एसपी के पद पर पदस्थ हैं। डीआईजी बनने वालों में वर्ष 2010 और वर्ष 2011 बैच के चार-चार और वर्ष 2012 बैच के पांच आईपीएस अफसर शामिल हैं। इन्हें डीआईजी बनाए जाने के बाद भी पदस्थापना यथावत रखने के संकेत हैं, क्योंकि चुनाव आयोग की एसआईआर कार्यवाही के चलते फिलहाल कलेक्टर, एसपी और अन्य अधिकारियों की पदस्थापना 21 फरवरी तक रुकी रहेगी। ये अफसर चुनाव आयोग की परमिशन से ही स्थानांतरित किए जा सकेंगे। खंडवा एसपी मनोज राय, भोपाल जोन-2 के डीसीपी विवेक सिंह, झाबुआ एसपी डॉ शिवदयाल, धार एसपी मयंक अवस्थी, रीवा एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान, भिंड एसपी असित यादव, एसआरपी भोपाल राहुल लोढ़ा और एसआरपी जबलपुर सिमाला प्रसाद प्रमोट होकर डीआईजी बनेंगे।

PM Surya Ghar Yojana: 25 लाख घरों को मिला तोहफा, 300 यूनिट फ्री और ₹78,000 सब्सिडी के साथ मुफ्त बिजली का लाभ

 नई दिल्ली कड़ाके की सर्दी का मौसम हो, तो घरों में गीजर-हीटर का इस्तेमाल बढ़ जाता है. वहीं तेज झुलसाती हुई गर्मी में लोग एसी-फ्रिज के बिना रह नहीं पाते. इस बीच आमतौर पर उनके दिमाग में बढ़े हुए बिजली के बिल को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है. लेकिन एक सरकारी स्कीम (Govt Scheme) ने तगड़े बिजली बिल से लोगों को निजात दिलाने का काम किया है. हम बात कर रहे हैं पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojna) की, जिसने बिजली बिल के झंझट से मुक्ति दिलाने का काम किया है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, बीते साल फरवरी 2024 में शुरू हुई इस योजना से अब तक 25 लाख से ज्यादा परिवार बढ़े हुए बिजली बिल को Bye-Bye कह चुके हैं और उनकी बिल 'जीरो' हो गया है.  सरकार का टारगेट- 1 करोड़ घर   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश के लोगों, खासतौर पर ज्यादा बिजली बिल की चिंता करने वाले परिवारों को एक बड़ी सौगात देते हुए फरवरी 2024 में इस पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojna) को लॉन्च किया था. केंद्र सरकार ने इस स्कीम के तहत साल 2027 तक 1 करोड़ घरों पर Solar Panel लगवाने का टारगेट सेट किया है और इसे शुरुआत से ही जोरदार रिस्पांस भी मिल रहा है. मोदी सरकार की सबसे खास सरकारी योजनाओं में शामिल इस स्कीम में मिलने वाले लाभ इसे खासा पॉपुलर बना रहे हैं. बता दें पीएम सूर्य घर योजना में जहां 300 यूनिट फ्री बिजली मिलती है, तो सरकार की ओर से अपने घर की छत पर Solar Panel लगवाने पर आने वाले खर्च में 78000 रुपये तक की भारी-भरकम सब्सिडी का लाभ भी दिया जाता है.  अब तक 25 लाख घर हुए रोशन सरकारी सूत्रों की मानें, तो इस PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana को अपनाकर देश के करीब 25 लाख से ज्यादा परिवारों ने ज्यादा बिजली बिलों को अलविदा कह दिया है. PM सूर्य घर के जरिए दी जाने वाली 78,000 रुपये तक की तगड़ी सब्सिडी के साथ सोलर पैनल पूरे भारत में इन लाखों घरों को रोशन कर रहे हैं, जिससे राहत, बचत और क्लीन एनर्जी एक साथ मिल रही है. इस योजना के जरिए Zero Electricity Bill प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.  सबसे ज्यादा Solar Panel इन राज्यों में (PIB Data 9 दिसंबर 2025) राज्य      सोलर पैनल इंस्टॉलेशन डेटा गुजरात     4,93,161  महाराष्ट्र     3,63,811   उत्तर प्रदेश      3,02,140  केरल      1,69,227  राजस्थान     1,08,584 मध्य प्रदेश     78,062 आंध्र प्रदेश     76,617 असम     63,887 उत्तराखंड     55,229 हरियाणा     44,937 25 साल कर बिजली बिल से मुक्ति PM Surya Ghar Yojna के तहत आप सिर्फ एक बार निवेश करके दो दशक से ज्यादा समय के लिए 'जीरो बिजली बिल' के साथ खूब बिजली का इस्तेमाल किया जा सकता है. दरअसल, इस Govt Scheme के तहत घर की छतों पर जो सोलर पैनल इंस्टॉल किए जाते हैं, आमतौर पर इनकी लाइफ करीब 25 साल अनुमानित होती है. इन्हें आप स्कीम के तहत अपनी खपत के आधार पर लगवा सकते हैं.    सरकार दे रही फ्री बिजली और तगड़ी सब्सिडी PM Surya Ghar Scheme में सरकार की ओर जहां 300 यूनिट फ्री बिजली दी जाती है, तो वहीं इस स्कीम के तहत सोलर पैनल लगावाने पर सरकारी सब्सिडी (Govt Subsidy) भी मिलती है. सरकार 0-150 यूनिट खपत के लिए उपयुक्ति 1-2 किलोवाट के सोलर पैनल इंस्टॉलेशन पर 30-60 हजार रुपये, 150-300 यूनिट बिजली की खपत के लिए जरूरी 2-3 किलोवाट या तीन किलोवाट से ज्यादा के पैनल पर 60-78 हजार तक सब्सिडी दे रही है.  आवेदन करना है बेहद आसान     वेबसाइट https://pmsuryaghar.gov.in पर जाएं.     होमपेज पर 'अप्लाई फॉर रूफटॉप सोलर' के ऑप्शन को चुनें.     नए पेज पर अपना राज्य और बिजली वितरण कंपनी का चयन करें.      इसके बाद बिजली उपभोक्ता नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल डालें.     नए पेज पर कंज्यूमर नंबर और मोबाइल डालकर लॉगइन करें.     अब फॉर्म खुलेगा, जहां दिशा-निर्देशों के तहत RTS पैनल अप्लाई करें.     इस प्रोसेस के बाद आपको फीजिबिलिटी अप्रूवल मिलेगा.     इसके बाद आप अपने DISCOM के साथ रजिस्टर्ड वेंडर से प्लांट इंस्टॉल करा सकेंगे.     इंस्टालेशन के बाद आपको प्लांट डीटेल के साथ नेट मीटर के लिए आवेदन करना होगा.     मीटर इंस्टॉल होने और DISCOM से जांच के बाद कमीशनिंग सर्टिफिकेट जारी होगा.     इसके जारी होने पर आप पोर्टल से बैंक खाता डीटेल और कैंसिल चेक देंगे, जिसमें सब्सिडी आएगी.  

मोहन सरकार की 5 नई पहल: आयुष्मान तर्ज पर इलाज का खर्च कार्ड से सीधे कवर होगा

भोपाल  नए साल 2026 की शुरुआत मध्य प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकती है। राज्य सरकार आयुष्मान भारत की तर्ज पर एक नई और बड़ी स्वास्थ्य सुविधा योजना शुरू करने की तैयारी में है, जिससे इलाज के खर्च को लेकर कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही चिंता दूर हो सकेगी। इस प्रस्तावित योजना के तहत प्रदेश के कर्मचारियों और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने वाली है। अब तक जहां कर्मचारियों को इलाज का पूरा खर्च पहले खुद उठाना पड़ता था और बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, वहीं नई व्यवस्था में अस्पताल में सीधे कार्ड के जरिए इलाज संभव होगा। हरियाणा और राजस्थान की तरह मध्य प्रदेश में भी सरकारी कर्मचारियों के लिए एक संगठित और कैशलेस स्वास्थ्य बीमा मॉडल लागू करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। नए साल में मोहन सरकार की 5 बड़ी सौगातें:  1. मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना: कैशलेस इलाज वर्तमान में कर्मचारियों और पेंशनर्स को इलाज का खर्च पहले खुद उठाना पड़ता है और बाद में सरकार की ओर से कुछ राशि लौटाई जाती है. उदाहरण के लिए, लिवर ट्रांसप्लांट का खर्च लगभग 20 लाख रुपए आता है, लेकिन सरकार केवल 4 लाख रुपए देती है। नई योजना में 15 लाख कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज मिलेगा। कर्मचारियों के वेतन से 3,000 से 12,000 रुपए तक वार्षिक अंशदान लिया जाएगा, बाकी राशि सरकार वहन करेगी। सामान्य बीमारियों के लिए 5 लाख और गंभीर बीमारियों के लिए 10 लाख रुपए तक इलाज का प्रावधान है। 2. 21 साल बाद सरकारी बस सेवा शुरू अप्रैल 2026 से मध्य प्रदेश में 21 साल बाद फिर से सरकारी बसें दौड़ेंगी. नई व्यवस्था 'जनबस' के नाम से शुरू होगी। 25 जिलों के 6 हजार से ज्यादा रूट पर कुल 10,879 बसें चलेंगी.ई-बसें भी होंगी शामिल नेशनल ई-बस स्कीम के तहत इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन और सागर में 582 ई-बसें चलाई जाएंगी। ये बसें मौजूदा सिटी बसों से सस्ती होंगी और ग्रामीण इलाकों तथा आदिवासी क्षेत्रों को शहरों से जोड़ेंगी। 3. पेंशन नियम में बदलाव: बेटियों को फायदा अब 25 साल से अधिक उम्र की अविवाहित, विधवा या परित्यक्ता बेटियों को भी परिवार पेंशन का लाभ मिलेगा। यह बदलाव केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप किया गया है और कर्मचारी आयोग की अनुशंसा पर वित्त विभाग की सहमति मिल चुकी है। 4. छुट्टियों का नया कैलेंडर और EL का फायदा 1 जनवरी 2026 से मध्य प्रदेश के 6.5 लाख से ज्यादा कर्मचारियों के लिए 48 साल पुराने अवकाश नियम बदलकर नए नियम लागू होंगे। बीमारी और मातृत्व अवकाश आसान होंगे, रोस्टर अनिवार्य होगा और EL साल में दो बार 1 जनवरी और 1 जुलाई को क्रेडिट होगी। शिक्षकों और प्रोफेसरों को भी 10 दिन की EL मिलेगी। 5. सरकारी नौकरी में दो बच्चों की शर्त खत्म लगभग 24 साल पुराने नियम को हटाकर तीन संतान वाले उम्मीदवारों को भी सरकारी नौकरी में पात्र बनाया जाएगा। पुराने मामलों में अब कार्रवाई नहीं होगी। यह बदलाव मेडिकल एजुकेशन, हेल्थ, स्कूल और उच्च शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए राहत लाएगा।  क्या है ये योजना यह प्रस्तावित मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना राज्य के अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए लाई जा रही है। इसके तहत सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 10 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की तैयारी है। योजना में प्रदेश के भीतर और बाहर के चिन्हित निजी अस्पतालों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर बेहतर इलाज मिल सके। कितना देना होगा अंशदान इस योजना के संचालन के लिए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन व पेंशन से 250 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक का मासिक अंशदान लिया जाएगा। बाकी राशि सरकार द्वारा वहन की जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे इलाज का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होगा और कर्मचारियों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। रिटायर्ड कर्मचारियों के परिवारों को भी मिलेगा लाभ योजना का लाभ स्थायी, अस्थायी और संविदा कर्मचारियों के साथ-साथ रिटायर्ड कर्मचारियों के परिवारों को भी मिलेगा। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, आशा और ऊषा कार्यकर्ता, नगर सैनिक, कोटवार और राज्य की स्वशासी संस्थाओं में काम कर रहे कर्मचारी भी इसके दायरे में शामिल किए जा रहे हैं। अनुमान है कि इस योजना से 15 लाख से ज्यादा लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे, जिससे प्रदेश के लाखों परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत गारंटी मिल सकेगी। एनबीटी डेस्क

भारत की आर्थिक उन्नति: 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य

नई दिल्ली   भारत 4.18 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और अगले 2.5 से 3 वर्षों में जर्मनी को पछाड़कर तीसरी रैंक हासिल कर लेगा और 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा। यह जानकारी सोमवार को एक आधिकारिक बयान में दी गई। भारतीय अर्थव्यवस्था तेज गति से विकास कर रही है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर छह तिमाही के उच्चतम स्तर पर रही है। यह दिखाता है कि भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक उतार-चढ़ाव में भी मजबूत बनी हुई है। बयान के कहा गया, "भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और इस गति को बनाए रखने के लिए अच्छी स्थिति में है। 2047 तक – अपनी आजादी के सौवें साल तक – उच्च मध्यम-आय वाला देश बनने की महत्वाकांक्षा के साथ, देश आर्थिक विकास, संरचनात्मक सुधारों और सामाजिक प्रगति की मजबूत नींव पर आगे बढ़ रहा है।" आरबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान पहले के 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है। भारत की घरेलू ग्रोथ कई कारणों से ऊपर की ओर जा रही है जिसमें मजबूत घरेलू मांग, इनकम टैक्स और गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) का सरलीकरण, कच्चे तेल की कम कीमतें, सरकारी पूंजीगत खर्च, साथ ही अनुकूल मौद्रिक और वित्तीय स्थितियां शामिल हैं, जिन्हें कम महंगाई का भी समर्थन मिल रहा है। बयान में कहा गया कि भारतीय अर्थव्यवस्था की गति में निजी क्षेत्र मजबूत भूमिका निभा रहा है और लगातार ग्रोथ को सपोर्ट कर रहा है। इसके अलावा, सरकार देश के निर्यात को आगे बढ़ाने के लिए लगातार अन्य देश के साथ व्यापारिक समझौता कर रही है। 2025 में सरकार ने यूके, ओमान और न्यूजीलैंड के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) किया है। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-सितंबर 2025 के दौरान भारत के सामान और सेवाओं का कुल निर्यात बढ़कर रिकॉर्ड 418.91 अरब डॉलर हो गया। इसमें पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 5.86 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है।

स्वास्थ्य सेवाएं हो रही हैं मजबूत और व्यापक: उप मुख्यमंत्री शुक्ल, प्रदेशवासियों को दी नववर्ष की शुभकामनाएं

स्वास्थ्य मानकों में निरंतर सुधार और स्वास्थ्य सेवाएं हो रही हैं व्यापक एवं सुदृढ़: उप मुख्यमंत्री शुक्ल प्रदेशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं स्वास्थ्य अमले को सतत प्रयासों के लिए दी बधाई, समर्पण के साथ सेवा जारी रखने का किया आह्वान भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने समस्त प्रदेशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में देश वैश्विक मंच पर अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है, भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और "विश्वगुरु" बनने के लक्ष्य के और निकट पहुँच चुका है। इसी राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप मध्यप्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र में सशक्त, सक्षम और सुदृढ़ता की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आज स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर रहा है। स्वास्थ्य मानकों में निरंतर सुधार और स्वास्थ्य सेवाएं व्यापक एवं सुदृढ़ हो रही हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट चिकित्सा उपकरणों, एमआरआई, सीटी स्कैन, कैथ लैब, लिनियर एक्सेलेरेटर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, डायलिसिस यूनिट और सुपरस्पेशियलिटी सेवाओं का तीव्र विस्तार किया गया है। चिकित्सा शिक्षा में सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस, पीजी और सुपरस्पेशियलिटी सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे प्रदेश के युवाओं को बेहतर अवसर मिल रहे हैं साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हुई हैं। उज्जैन में अत्याधुनिक मेडिसिटी का विकास किया जा रहा है। महिला एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए प्रतिबद्धता उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी गर्भवती माताओं से आग्रह है कि वे अनिवार्य एएनसी जाँच अवश्य कराएँ। हर माह की 9 और 25 तारीख को एएनसी जाँच अवश्य करायें। इससे मातृ और शिशु स्वास्थ्य का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि रक्तदान और अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा हैं। प्रदेश सरकार इन पुनीत कार्यों को प्रोत्साहित कर रही है। युवाओं और नागरिकों से आह्वान है कि वे आगे आकर रक्तदान व अंगदान के लिए संकल्प लें। एंटीबायोटिक केवल चिकित्सक की सलाह से, निर्धारित मात्रा और अवधि तक ही लें उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर विशेष बल दे रही है। योग, संतुलित आहार, प्राकृतिक खेती से प्राप्त स्वच्छ भोजन और भारतीय जीवनशैली न केवल व्यक्ति को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। "स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ पर्यावरण" ही विकसित मध्यप्रदेश की आधारशिला है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्ट में कई एंटीबायोटिक दवाएँ के कम प्रभावी होने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसका प्रमुख कारण बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का अनावश्यक और गलत उपयोग है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि एंटीबायोटिक केवल चिकित्सक की सलाह से, निर्धारित मात्रा और अवधि तक ही लें। यह सावधानी न केवल आपके स्वास्थ्य, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशनों में क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान, सिकल सेल उन्मूलन मिशन, निक्षय भारत अभियान, स्वस्थ यकृत मिशन, आयुष्मान भारत योजना, नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज नियंत्रण और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं और आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ, आशा, एएनएम और सभी स्वास्थ्य कर्मियों की समर्पित सेवा सराहनीय है। उन्होंने स्वास्थ्य अमले को अथक परिश्रम, संवेदनशीलता और सतत प्रयासों के लिए बधाई दी है और इसी समर्पण के साथ सेवा जारी रखने का आह्वान किया है।  

मोहन यादव सरकार का बड़ा फैसला: नए साल में बुजुर्गों और दिव्यांगों की पेंशन बढ़ेगी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार नए साल में प्रदेश के बुजुर्ग, दिव्यांगों को सौगात देने जा रही है. मध्य प्रदेश सामाजिक न्याय विभाग अगले साल से प्रदेश के बुजुर्ग और दिव्यांगों की पेंशन में बढ़ोत्तरी करने जा रही है. सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने इसकी जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि बुजुर्ग और दिव्यांगजनों की पेंशन में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव विभाग द्वारा वित्त विभाग को भेजा गया है. मुख्यमंत्री भी इसको लेकर गंभीर हैं. आने वाले बजट में पेंशन बढ़ोत्तरी की जाएगी. 54 लाख हितग्राहियों को होगा फायदा सामाजिक न्याय और उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की पिछले दो साल की उपलब्धियां बताने के लिए मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा पत्रकारों से रूबरू हुए. उन्होंने बताया कि "प्रदेश में विधवा, दिव्यांग एवं वृद्धों सहित कुल 54 लाख 21 हजार 863 हितग्राहियों को हर माह 325 करोड़ प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा है. सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत पेंशन प्राप्त कर रहे कुल 54 लाख से ज्यादा हितग्राहियों का 100 फीसदी आधार के केवाइसी कराया जा चुका है. पेंशन बढ़ाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इसका प्रस्ताव विभाग द्वारा भेजा जा चुका है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसको लेकर गंभीर हैं. उभयलिंगी बोर्ड की स्थापना होगी मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने बताया कि प्रदेश में जल्द ही उभयलिंगी बोर्ड की स्थापना की जाएगी. इसकी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. अगले एक हफ्ते में इसका गठन कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कन्या विवाह और निकाय सम्मेलन के लिए संभागवार वार्षिक चक्रीय रूप से 3 तिथियां बसंत पंचमी, अक्षय तृतीया और तुलसी विवाह और एक अन्य तिथि का कैलेंडर जारी किया गया है. इसके अलावा अनुसूचित जनजाति की परंपराओं को देखते हुए अधिसूचित अनुसूचित क्षेत्र में सामुहिक विवाह कार्यक्रम के लिए 4 तिथियों का कैलेंडर अलग से जारी किया जाएगा. इसके लिए कम से कम 11 जोड़ों और अधिकतम 200 जोड़ों की संख्या निर्धारित की गई है."

कैंसर पर नई उम्मीद: जापानी ट्री फ्रॉग से खोजा गया ताकतवर ड्रग

नईदिल्ली  कैंसर को आज भी दुनिया की सबसे गंभीर और जानलेवा बीमारियों में गिना जाता है. विज्ञान और मेडिकल टेक्नोलॉजी में लगातार तरक्की के बावजूद अब तक कैंसर का पूरी तरह और स्थायी इलाज नहीं मिल पाया है. लेकिन अब जापान के वैज्ञानिकों की एक नई खोज ने उम्मीद की एक नई किरण जगा दी है. यह खोज सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन आने वाले वर्षों में यह लाखों जिंदगियां बचा सकती है. दरअसल, जापान के वैज्ञानिकों ने मेंढक, भेक (toad) और छिपकली की आंतों में पाए जाने वाले एक खास बैक्टीरिया की पहचान की है, जो इंसानों में होने वाले खतरनाक कोलोरेक्टल कैंसर को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज भविष्य में कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी से भी ज्यादा सुरक्षित और असरदार इलाज का रास्ता हो सकती है. क्या कहती है रिसर्च यह रिसर्च जापान की नागोया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने की है और इसे करीब 7 दिन पहले प्रकाशित किया गया. शोधकर्ताओं ने एक बैक्टीरिया की पहचान की है, जिसका नाम Ewingella americana है. यह बैक्टीरिया आमतौर पर मेंढक और छिपकली जैसे जीवों की पाचन प्रणाली में पाया जाता है. पहले इसे एक सामान्य और नुकसान रहित बैक्टीरिया माना जाता था, लेकिन अब यह कैंसर के खिलाफ एक शक्तिशाली हथियार बनकर उभरा है. रिसर्च टीम ने जापानी ट्री फ्रॉग, जापानी फायर-बेली न्यूट और जापानी ग्रास लिजर्ड की आंतों से कुल 45 अलग-अलग बैक्टीरियल स्ट्रेन अलग किए. इनमें से 9 स्ट्रेन में कैंसर विरोधी गुण पाए गए, लेकिन Ewingella americana सबसे ज्यादा प्रभावी साबित हुआ. क्या कमाल किया इस बैक्टीरिया ने?     सिर्फ एक डोज देने पर चूहों के ट्यूमर पूरी तरह गायब हो गए.     30 दिन बाद फिर कैंसर सेल डाले गए, तो भी अगले एक महीने में ट्यूमर नहीं बने. यह बैक्टीरिया दो तरीकों से काम करता है…     सीधे ट्यूमर पर हमला करता है.     शरीर की इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है – टी सेल, बी सेल और न्यूट्रोफिल्स को सक्रिय करता है.     ट्यूमर में ऑक्सीजन कम होती है, जहां कीमोथेरेपी दवाएं कम असर करती हैं.  लेकिन यह बैक्टीरिया ऐसे कम ऑक्सीजन वाले माहौल में भी अच्छा काम करता है. सुरक्षा और तुलना     चूहों में यह बैक्टीरिया जल्दी खून से साफ हो गया.     मौजूदा कीमो दवा डॉक्सोरूबिसिन से ज्यादा प्रभावी साबित हुआ.     कोई लंबे समय का नुकसान नहीं हुआ, स्वस्थ अंगों पर भी असर नहीं पड़ा.     वैज्ञानिकों ने कहा कि यह बैक्टीरिया क्लिनिकल ट्रायल के लिए एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है. अभी शुरुआत है यह खोज अभी सिर्फ चूहों पर हुई है. इंसानों पर काम करेगी या नहीं, इसके लिए और बहुत परीक्षण जरूरी हैं. वैज्ञानिक अब इसे अन्य प्रकार के कैंसर पर आजमाना चाहते हैं. दूसरी दवाओं के साथ मिलाकर देखना चाहते हैं और बेहतर तरीके से दवा पहुंचाने के तरीके ढूंढ रहे हैं. सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल है, क्योंकि Ewingella americana इंसानों में संक्रमण भी पैदा कर सकता है. इसलिए क्लिनिकल ट्रायल में बहुत सावधानी बरतनी होगी. फिलहाल ब्लैडर कैंसर के इलाज में एक बैक्टीरिया थेरेपी पहले से इस्तेमाल हो रही है. मेंढक जैसे जीव भविष्य में कैंसर की नई दवाएं दे सकते हैं. वैज्ञानिकों ने कहा कि प्रकृति की जैव विविधता में अभी बहुत सारी छिपी दवाएं हैं. हमें इसे बचाना होगा ताकि नई दवाएं मिलती रहें. यह शोध 'Gut Microbes' जर्नल में प्रकाशित हुआ है. यह खोज कैंसर के मरीजों के लिए एक नई उम्मीद जगाती है. कैसे काम करता है यह बैक्टीरिया? लैब में किए गए परीक्षणों के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि यह बैक्टीरिया सीधे कैंसर ट्यूमर पर हमला करता है. यह ट्यूमर के अंदर घुसकर शरीर की इम्यून सिस्टम को उसी जगह सक्रिय कर देता है. इसके बाद शरीर की T-Cells कैंसर कोशिकाओं को पहचान कर उन पर हमला करती हैं और उन्हें खत्म करने लगती हैं. इस प्रक्रिया से न सिर्फ ट्यूमर की बढ़त रुकती है, बल्कि समय के साथ उसका आकार भी छोटा होने लगता है. यानी शरीर खुद ही कैंसर से लड़ने लगता है. क्या कीमोथेरेपी से मिलेगी राहत? आज के समय में कीमोथेरेपी कैंसर का सबसे आम इलाज है, लेकिन इसके साइड इफेक्ट्स बेहद दर्दनाक होते हैं. बालों का झड़ना, कमजोरी, उल्टी और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं मरीजों की जिंदगी को मुश्किल बना देती हैं. अगर यह जापानी रिसर्च आगे के क्लिनिकल ट्रायल्स में सफल रहती है, तो भविष्य में बैक्टीरियल थेरेपी एक नया और सुरक्षित विकल्प बन सकती है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, अब तक के परीक्षणों में इस बैक्टीरिया के गंभीर साइड इफेक्ट नहीं देखे गए हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले समय में इस बैक्टीरिया पर और रिसर्च की जाएगी. भविष्य में इसे ब्रेस्ट कैंसर, पैंक्रियाटिक कैंसर जैसे अन्य गंभीर कैंसर के इलाज में भी आजमाया जा सकता है. 

8वां वेतन आयोग आज 1 जनवरी 2026 से लागू, सैलरी, पेंशन और DA पर होंगे अहम अपडेट

नई दिल्ली 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच उत्सुकता तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार द्वारा मंजूर यह आयोग आज 1 जनवरी 2026 से लागू हुआ! इसके तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों में बदलाव किया जाएगा। सबसे ज्यादा चर्चा सैलरी बढ़ोतरी और फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। माना जा रहा है कि नए वेतन आयोग से लाखों परिवारों की आमदनी पर सीधा असर पड़ेगा। 2025 में 8वें वेतन आयोग पर क्या हुआ? साल 2025 में सरकार ने 8वें वेतन आयोग को लेकर तीन अहम कदम जरूर उठाए।     सरकार ने यह फैसला लिया कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी, पेंशन और अन्य भत्तों की समीक्षा के लिए 8वां वेतन आयोग नियुक्त किया जाएगा।     इसके बाद 8वें वेतन आयोग का औपचारिक गठन किया गया और इसके चेयरमैन व अन्य सदस्यों की नियुक्ति भी कर दी गई।     तीसरे अहम कदम के तौर पर सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए Terms of Reference (TOR) को भी अधिसूचित कर दिया। TOR जारी होने से पहले सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कर्मचारी संगठनों से बातचीत की। इसमें NC-JCM स्टाफ साइड भी शामिल रहा, जिसने TOR को लेकर अपने सुझाव नोटिफिकेशन से पहले और बाद में सरकार को सौंपे। 2026 में कर्मचारियों और पेंशनर्स को क्या मिलेगा? 7वें वेतन आयोग का 10 साल का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को पूरा हो जाएगा। इसके बावजूद सरकार ने अब तक यह साफ नहीं किया है कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होगा या नहीं। हाल ही में संसद में सरकार की ओर से संकेत दिया गया कि 8वें वेतन आयोग की लागू होने की तारीख पर फैसला तब लिया जाएगा, जब आयोग अपनी सिफारिशें सौंप देगा। इसका सीधा मतलब यह है कि 1 जनवरी 2026 से ही नई सैलरी या नई पेंशन मिलना तय नहीं है। क्या बाद में एरियर मिलने की उम्मीद है? हालांकि, जब भी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होंगी, तब कर्मचारियों और पेंशनर्स को 1 जनवरी 2026 से एरियर मिलने की संभावना जरूर बनी रहेगी। इसके पीछे दो अहम वजहें मानी जाती हैं। पहली, 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रहा है, इसलिए सामान्य तौर पर नया वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाना चाहिए। दूसरी, सरकार आमतौर पर वेतन से जुड़े फैसले अगर देरी से लागू करती है, तो प्रभावी तारीख से एरियर देती है। हालांकि, एरियर और लागू होने की तारीख पर अंतिम फैसला पूरी तरह सरकार के हाथ में होगा। क्या 8वां वेतन आयोग 2026 में रिपोर्ट देगा? 8वें वेतन आयोग के 2026 में अपनी सिफारिशें सौंपने की संभावना काफी कम मानी जा रही है। वजह यह है कि आयोग का गठन हाल ही में हुआ है और सरकार ने उसे 18 महीने तक का समय दिया है। अगर आयोग तय समय के भीतर अपना काम पूरा करता है, तो 2027 में सिफारिशें सामने आ सकती हैं। इसके बाद भी इन्हें लागू करने से पहले सरकार की मंजूरी जरूरी होगी। सैलरी में बढ़ोतरी कब तक नहीं होगी?     सदस्यों की घोषणा के बाद कर्मचारियों को लगा कि जल्द ही सैलरी बढ़ जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं है।     आमतौर पर वेतन आयोग की सिफारिशें हर दस साल में लागू होती हैं।     कैबिनेट ने अपनी अधिसूचना में साफ कहा था कि 8वीं वेतन आयोग की सिफारिशें सामान्य तौर पर 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है। लेकिन अभी आयोग की सिफारिशें आई ही नहीं हैं। आयोग को अपनी रिपोर्ट देने में करीब 18 महीने का समय दिया गया है। इसलिए 1 जनवरी से आपकी सैलरी में कोई तुरंत बढ़ोतरी नहीं होगी। अभी पुरानी 7वीं वेतन आयोग की व्यवस्था ही लागू रहेगी। कर्मचारी और पेंशनभोगी अभी भी मौजूदा डीए और अन्य भत्तों के हिसाब से ही पैसे पा सकेंगे। एरियर का क्या होगा? अच्छी खबर यह है कि आयोग लागू होने की तारीख 1 जनवरी 2026 ही मानी जा रही है। यानी जब भी सिफारिशें सरकार स्वीकार करेगी और नई सैलरी लागू होगी, तो 1 जनवरी 2026 से लेकर लागू होने की तारीख तक का एरियर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा। पिछले वेतन आयोगों में भी ऐसा ही हुआ था। सिफारिशें आने में समय लगता है, लेकिन प्रभावी तारीख से एरियर जमा होता रहता है। इससे कर्मचारियों को एकमुश्त बड़ी रकम मिल सकती है, जब नई सैलरी लागू होगी। सैलरी हाइक कब लागू होगा? यह अभी तय नहीं है कि नई सैलरी कब से मिलनी शुरू होगी। आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा, फिर सरकार उसकी समीक्षा करेगी और मंजूरी देगी। उसके बाद ही नई पे मैट्रिक्स, फिटमेंट फैक्टर और बढ़ी हुई सैलरी लागू होगी। अनुमान है कि रिपोर्ट आने के बाद 2027 या 2028 में पूरी तरह लागू हो सकता है, लेकिन एरियर 2026 से ही गिना जाएगा। कर्मचारियों को धैर्य रखना होगा, क्योंकि प्रक्रिया में समय लगता है। लाखों परिवारों की नजर इस पर टिकी है, और उम्मीद है कि नई सिफारिशें महंगाई और जीवन स्तर को ध्यान में रखकर बनेंगी।  कर्मचारियों को क्या राहत मिलती रहेगी? 8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले तक केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स को 7वें वेतन आयोग के नियमों के तहत महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी मिलती रहेगी। यानी जब तक नया वेतन आयोग लागू नहीं होता, तब तक DA और DR में समय-समय पर बढ़ोतरी ही कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए मुख्य राहत बनी रहेगी।

श्री राम जन्मभूमि परिसर में मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर रक्षा मंत्री ने की धर्मध्वजा की स्थापना

श्री राम जन्मभूमि मंदिर के द्वितीय वार्षिकोत्सव पर अयोध्या पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह  श्री राम जन्मभूमि परिसर में मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर रक्षा मंत्री ने की धर्मध्वजा की स्थापना भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा, भारत की आध्यात्मिक शक्ति की प्राण प्रतिष्ठा है- राजनाथ सिंह गगन में जब तक चंद्र और दिवाकर विद्यमान हैं, तब तक सनातन आस्था की ये धर्मध्वजा लहराती रहे – राजनाथ सिंह ऑपरेशन सिंदूर में हमने भगवान राम की युद्ध में भी मर्यादा न छोड़ने की शिक्षा का पालन किया- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह  अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु रामलला के विराजमान होने के प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह के द्वितीय वार्षिकोत्सव में शामिल होने, आज देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अयोध्या धाम पहुंचे। इस पावन अवसर पर उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में हनुमान जी का दर्शन पूजन कर, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु रामलला के दर्शन किये। इसके बाद उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में बने में मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा को स्थापित किया।इस दौरान अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने अपने मनोभावों को व्यक्त करते हुए कहा कि “नाथ आजु मैं कहा न पावा”। ऐसा लग रहा है कि जीवन में मैं जो पाना चाहता था, वह सब कुछ मुझे मिल गया। राघवेंद्र सरकार ने इस दिन के लिए स्वयं मुझे चुना था, इसलिए आज यह अवसर मुझे मिल रहा है।  अयोध्या की हर गली, हर चौराहा क्या पूरा भारतवर्ष आज राममय है रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे अपने जीवन का सौभाग्यशाली दिन बताते हुए कहा, "आज से दो वर्ष पूर्व जब प्रभु श्रीराम यहां पुनर्प्रतिष्ठित हुए, वो समस्त भारतवासियों के लिए गौरव का ऐतिहासिक क्षण था। प्रभु श्रीराम अपनी कीर्ति से आज केवल भारतवर्ष ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को विभूषित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या की हर गली-हर चौराहा राममय हो गया हो। कनक भवन, दशरथ महल, हनुमानगढ़ी, संपूर्ण अयोध्या मां सरयु की गोद में शोभायमान हो रही है। यह आभा केवल अयोध्या क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि संपूर्ण अवध और भारतवर्ष आज राममय है। उन्होंने इस दिन को गौरवपूर्ण बताते हुए याद दिलाया कि यह वही भूमि है, जिसने वर्षों तक भगवान राम के लिए असहनीय बलिदान दिया, अपमान सहा, लेकिन आस्था को कभी डिगने नहीं होने दिया। अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा को राजनाथ सिंह ने भारत की आध्यात्मिक शक्ति की प्राण प्रतिष्ठा कहा। उन्होंने कहा, हम सभी पिछले अनेक पीढ़ियों की तुलना में अत्यतं सौभाग्यशाली हैं कि हमने वह क्षण अपनी आंखों से देखा।  राम मंदिर आंदोलन, दुनिया का सबसे ग्रैंड नैरेटिव है राम मंदिर आंदोलन को उन्होंने दुनिया का सबसे ग्रैंड नैरेटिव बताते हुए कहा कि यह आंदोलन भूगोल और समय दोनों के हिसाब से अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि भारत से लेकर पाकिस्तान, श्रीलंका, इंडोनेशिया, वियतनाम और थाईलैंड जैसे अनेकों देश जहां हिंदुओं के अलावा अन्य समुदायों के लोग भी प्रभु राम से खुद को जुड़ा हुआ मानते हैं, यह उन सब राम को मानने वालों का आंदोलन था। 500 वर्षों के लम्बें अहिंसक संघर्ष से चलने वाला ऐसा आंदोलन इतिहास में कहीं देखने को नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में केवल श्रीराम मंदिर का ही निर्माण नहीं हुआ है बल्कि हवाई अड्डा, रेल नेटवर्क, रोड कनेक्टिविटी के साथ उद्योग, व्यापार का सभी क्षेत्रों में अयोध्या विकास के नये आयाम रच रही है। विकास की यह धारा केवल अयोध्या तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे अवध प्रांत से लेकर देश के कोने-कोने तक पहुंच रही है। अवधपुरी की इस विकास यात्रा के लिए उन्होंने डबल इंजन सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व और सफल प्रयास की सराहना की और बधाई दी। ऑपरेशन सिंदूर में हमने आतंकियों को उनके ठिकानों में घुस कर सबक सिखाया रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए प्रभु श्रीराम की मर्यादा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा जिस प्रकार प्रभु श्रीराम ने युद्ध में मर्यादा न छोड़ने की शिक्षा हम सबको दी है, उसी प्रकार हमारी सेना ने भी सीमित, नियंत्रित और उद्देश्यपूर्ण कार्रवाई की। ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकियों को सबक सिखाना था, हमने उनके ठिकाने में घुस कर सबक सिखाया है। साथ ही उन्होंने बताया कि जिस तरह भगवान राम का दिव्य-भव्य मंदिर आयोध्या धाम में प्रतिष्ठित है, उसी तरह पुनौराधाम में मां जानकी की जन्मस्थली में भव्य मंदिर का भी निर्माण हो रहा है। अपने संबोधन के समापन पर उन्होंने प्रार्थना की, "जब तक गगन में चंद्र और दिवाकर विद्यमान हैं, तब तक सनातन आस्था की ये धर्मध्वजा लहराती रहे। प्रभु राम हम सबको कर्तव्य का मार्ग दिखाएं।"