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डबल इंजन सरकार ने चलाया विकसित कृषि संकल्प अभियान, उत्तर प्रदेश के 14170 गांवों में 23.30 लाख किसानों से संवाद

ईयर इंडर-2025 (कृषि)  पहली बार 'लैब' से निकलकर 'लैंड' तक पहुंचे वैज्ञानिक डबल इंजन सरकार ने चलाया विकसित कृषि संकल्प अभियान, उत्तर प्रदेश के 14170 गांवों में 23.30 लाख किसानों से संवाद  मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा- एलडीबी से महज छह फीसदी ब्याज पर मिलेगा लोन  गन्ना किसानों को योगी सरकार का बड़ा उपहार, गन्ना मूल्य ₹30 प्रति कुन्तल बढ़ा लखनऊ के अटारी में भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की स्मृति में सीड पार्क, बाराबंकी में टिश्यू कल्चर की लैब के लिए 31 एकड़ चिह्नित पीलीभीत में बासमती उत्पादन व प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए सात एकड़ जगह चिह्नित  पहली बार हुआ ऐतिहासिक बीज वितरण, पुराने आंकड़ों से आगे निकली योगी सरकार  2025-26 में 11.31 लाख कुंतल बीज अनुदान पर किसानों को किया गया वितरित  उत्तर प्रदेश के किसानों को किसान सम्मान निधि के रूप में मिले 94668. 58 करोड़ रुपये  लखनऊ योगी सरकार परमात्मा व प्रकृति की कृपा वाले उत्तर प्रदेश में अन्नदाता किसानों को सर्वोपरि मानती है, इसलिए उनके उत्थान व समृद्धि के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। किसानों के हित में योगी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इस वर्ष अनेक ऐतिहासिक कार्य किए। सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने की दिशा में कृषि क्षेत्र में भी विशेष कार्य हो रहे हैं। डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में पहली बार कृषि वैज्ञानिक 'लैब' से निकलकर 'लैंड' तक पहुंचे। सीएम योगी ने विगत दिनों बड़ी घोषणा की कि किसानों को एलडीबी से महज छह फीसदी पर लोन मिलेगा। योगी सरकार ने इस वर्ष गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि की। लखनऊ में चौधरी चरण सिंह की स्मृति में सीड पार्क, बाराबंकी में टिश्यू कल्चर की लैब के लिए 31 एकड़ चिह्नित की गई। पुराने आंकड़ों से आगे योगी सरकार ने इस वर्ष ऐतिहासिक बीज वितरण भी किया।  योगी ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा- एलडीबी से महज छह फीसदी पर मिलेगा लोन  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अंतर्गत 21 दिसंबर को लघु व सीमांत किसानों के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत प्रदेश के लघु व सीमांत किसानों को यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक (एलडीबी) के माध्यम से महज छह प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलेगा। अभी तक किसानों को इस बैंक से 11.50 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलता था। ब्याज की शेष धनराशि राज्य सरकार वहन करेगी।  गन्ना किसानों को योगी सरकार का बड़ा उपहार, गन्ना मूल्य ₹30 प्रति कुन्तल बढ़ा योगी सरकार ने एक बार फिर गन्ना किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया। योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुन्तल की वृद्धि की। अगेती गन्ना प्रजाति का मूल्य 400 रुपये प्रति कुन्तल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य 390 रुपये प्रति कुन्तल निर्धारित किया गया। इस वृद्धि से गन्ना किसानों को लगभग ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान होगा। योगी सरकार के कार्यकाल में यह चौथी बार है, जब गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। यह निर्णय न केवल गन्ना किसानों की आमदनी में वृद्धि करेगा, बल्कि प्रदेश के ग्रामीण अर्थतंत्र में नई ऊर्जा भी भरेगा। विकसित कृषि संकल्प अभियान के जरिए ‘किसानों के खेत’ तक पहुंचे वैज्ञानिक व अधिकारी केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में 2025 में पहली बार विकसित कृषि संकल्प अभियान चलाया गया। 29 मई से 12 जून तक उत्तर प्रदेश के 14,170 गांव में अभियान चला। इसमें 23.30 लाख किसानों से सीधे संवाद स्थापित किया गया। इस अभियान के जरिए पहली बार कृषि वैज्ञानिक ‘लैब’ से निकलकर ‘लैंड’ तक पहुंचे। उत्तर प्रदेश में इस अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। उन्होंने तीन, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छह, यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने 11 स्थानों पर पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद स्थापित किया।   लखनऊ के अटारी में भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की स्मृति में सीड पार्क, बाराबंकी में टिश्यू कल्चर की लैब के लिए 31 एकड़ व पीलीभीत में बासमती उत्पादन व प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए सात एकड़ जगह चिह्नित  पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए लखनऊ के अटारी में आधुनिक तकनीक पर आधारित सीड पार्क बन रहा है। मुख्यमंत्री ने किसान सम्मान दिवस (23 दिसंबर) को चौधरी चरण सिंह सीड पार्क अटारी लखनऊ के प्लॉट आवंटन प्रक्रिया का बटन दबाकर शुभारंभ किया था। वहीं बाराबंकी में टिश्यू कल्चर की अत्याधुनिक लैब के लिए 31 एकड़ चिह्नित किया है। पीलीभीत के टांडा बिजेसी में 7 एकड़ भूमि में बासमती बीज उत्पादन व प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना को सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दी है। इसकी जिम्मेदारी कृषि व प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास संगठन (एपीडा) को दी गई है। यहां बासमती के उन्नत बीज विकसित होंगे तथा किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा।  पीएम किसान सम्मान निधिः 21वीं किस्त तक यूपी के किसानों के खाते में आए 94668.58 करोड़ रुपये  विश्व की सबसे बड़ी डीबीटी योजनाओं में शामिल प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ सर्वाधिक उत्तर प्रदेश के किसानों को मिल रहा है। अभी तक इसकी 21 किस्त जारी हो चुकी है। इसमें यूपी के लगभग 3.12 करोड़ किसानों के खाते में 94668.58 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।  अनुदान पर किसानों को बीज वितरित करा रही योगी सरकार  योगी सरकार का लागत कम और उत्पादन अधिक पर जोर है। किसानों के उत्पादन व आय में वृद्धि करने के लिए तत्पर कृषि विभाग ने 2025-26 में खरीफ में 1.23 लाख कुंतल व रबी में 10.08 लाख (कुल 11.31 लाख कुंतल) बीज अनुदान पर वितरित किया। पिछले वर्ष (2024-25) की अपेक्षा इस वर्ष में अब तक 2.61 लाख कुंतल अधिक बीज अनुदान पर वितरित किया गया। 2025-26 में दलहन, तिलहन व श्रीअन्न के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए योगी सरकार द्वारा 10.11 लाख बीज मिनीकिट (34703 कुंतल) किसानों को निःशुल्क वितरित किया गया। केंद्र सरकार के सहयोग से दलहनी फसलों के 2.43 लाख बीज मिनीकिट (18833 कुंतल) किसानों को निःशुल्क वितरित किया गया।  योगी सरकार का कृषि यंत्र वितरण पर भी जोर  योगी सरकार किसानों को खेती के लिए … Read more

8th Pay Commission: 1 जनवरी 2026 से लागू होगा आठवां वेतन आयोग, कर्मचारियों की सैलरी में होगी जबरदस्त बढ़ोतरी

भोपाल  नए साल की शुरुआत केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकती है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर बड़ी अपडेट सामने आ रही है। चर्चाओं के मुताबिक, यह वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू किया जा सकता है, जिससे देशभर के करीब एक करोड़ से अधिक कर्मचारी और पेंशनर्स सीधे लाभान्वित होंगे। हालांकि, अभी तक आयोग की आधिकारिक सिफारिशें सार्वजनिक नहीं की गई हैं, लेकिन शुरुआती अनुमानों और रिपोर्ट्स ने कर्मचारियों की उम्मीदें काफी बढ़ा दी हैं। क्या होता है वेतन आयोग और क्यों है यह अहम? केंद्र सरकार हर 10 साल में वेतन आयोग का गठन करती है, ताकि कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों को महंगाई, जीवन-यापन की लागत और आर्थिक हालात के अनुसार संशोधित किया जा सके। 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था और अब उसकी अवधि पूरी होने के बाद 8वें वेतन आयोग की बारी है। इस बार आयोग की सिफारिशों में बढ़ती महंगाई, DA का असर और कर्मचारियों की वास्तविक आय में आई गिरावट को प्रमुख आधार माना जा रहा है। क्या है डिटेल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर फिटमेंट फैक्टर ऊपरी स्तर पर तय होता है तो मौजूदा ₹18,000 की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर करीब ₹51,480 तक पहुंच सकती है। हालांकि, सरकार ने अभी सैलरी बढ़ोतरी के प्रतिशत पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, देश में करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी (रक्षा कर्मियों सहित) और लगभग 65 लाख पेंशनभोगी हैं, जिन्हें 8वें वेतन आयोग का फायदा मिलेगा। सरकार हर 10 साल में वेतन आयोग बनाकर कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन की समीक्षा करती है। DA पर सरकार ने दी सफाई इस बीच महंगाई भत्ते (DA) को लेकर फैल रही अफवाहों पर भी सरकार ने सफाई दी है। 13 दिसंबर 2025 को सरकार ने सोशल मीडिया पर साफ किया कि यह दावा गलत है कि नए फाइनेंस एक्ट 2025 के बाद पेंशनभोगियों को DA नहीं मिलेगा। सरकार ने कहा कि DA और अन्य रिटायरमेंट लाभ जारी रहेंगे, जब तक किसी कर्मचारी को गंभीर अनुशासनहीनता के कारण बर्खास्त न किया गया हो। CCS पेंशन नियमों में बदलाव केवल ऐसे मामलों पर लागू होता है। फिटमेंट फैक्टर पर एनालिस्ट की राय फिटमेंट फैक्टर को लेकर एनालिस्ट्स की राय है कि सरकार महंगाई, वेतन में आई गिरावट, और सरकारी वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखेगी। शुरुआती अनुमान बताते हैं कि फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.57 के बीच हो सकता है। टैक्स एक्सपर्ट सीए चांदनी आनंदन के अनुसार, अभी कोई अंतिम आंकड़ा तय नहीं हुआ है। गौरतलब है कि 7वें वेतन आयोग में भी फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सैलरी उतनी ही गुना बढ़ेगी। अंतिम फैसला आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा। Fitment Factor क्या है? क्यों इसी पर टिकी है पूरी सैलरी बढ़ोतरी वेतन आयोग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है Fitment Factor। इसी फैक्टर से मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.57 के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है। अगर 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो कर्मचारियों की सैलरी में रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। कितनी बढ़ेगी आपकी Basic Pay? समझिए पूरा कैलकुलेशन अगर फिटमेंट फैक्टर 2.57 लागू होता है, तो मौजूदा 7वें वेतन आयोग की बेसिक सैलरी सीधे 2.57 गुना हो जाएगी। कर्मचारियों की निगाहें सरकार के फैसले पर फिलहाल केंद्रीय कर्मचारी संगठनों की निगाहें सरकार के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हुई हैं। अगर समय पर आयोग लागू होता है, तो 2026 की शुरुआत कर्मचारियों के लिए आर्थिक रूप से बेहद मजबूत साबित हो सकती है।

सऊदी अरब और UAE के बीच दोस्ती में दरार, 24 घंटे के अल्टीमेटम के बाद क्यों हुए दुश्मन?

दुबई     अरब के नक्शे में दो घनिष्ठ मित्र रहे सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की दोस्ती में दरार आ गया है. दरार भी ऐसी-वैसी नहीं. सऊदी अरब ने कहा है कि उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा एक "रेड लाइन" है, जिसकी वह रक्षा करेगा. इससे पहले सऊदी अरब ने यमन के मुकल्ला बंदरगाह पर हमला किया था. सऊदी का दावा है कि मुकल्ला पोर्ट पर उसने अटैक तब किया जब वहां UAE के जहाज वहां हथियारों की अनलोडिंग कर रहे थे. सऊदी अरब ने वीडियो फुटेज जारी कर बताया है उसने हमला तब किया जब UAE के शिप हथियार और बख्तरबंद गाड़ियां मुकल्ला पोर्ट पर उतार रहे थे. सऊदी नैरेटिव के मुताबिक ये हथियार यमन में उन गुटों को दिए जा रहे थे जो सऊदी अरब के दुश्मन हैं. सऊदी का दावा है कि ये जहाज फुजैराह बंदरगाह से रवाना हुए थे, जिनके ट्रैकिंग सिस्टम बंद थे और जिनमें भारी मात्रा में हथियार व लड़ाकू वाहन लादे गए थे. ये हथियार यमन के अलगाववादी समूह सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) के लिए थे. इस समूह को UAE का समर्थन प्राप्त करता है. सऊदी अरब ने UAE जैसे भाईचारे वाले देश द्वारा सदर्न ट्रांज़िशनल काउंसिल की सेनाओं पर सऊदी दक्षिणी सीमा के पास मिलिट्री ऑपरेशन करने का दबाव डालने का आरोप लगाया है और इसकी निंदा की है. रॉयटर्स के अनुसार सऊदी अरब ने यूएई के सैनिकों यमन छोड़ने के लिए 24 घंटे का समय दिया है.  सऊदी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, "यह सीमित कार्रवाई क्षेत्रीय शांति के लिए खतरे को रोकने के लिए की गई. हमने संपत्ति क्षति न्यूनतम रखी." हमले में कोई हताहत नहीं होने की खबर है, लेकिन मुकल्ला पोर्ट पर भारी क्षति हुई. समूह सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल ने इसे "आक्रामकता" करार देते हुए UAE से सैन्य सहायता मांगी है.  इसके जवाब में यमन की सऊदी समर्थित राष्ट्रपति परिषद ने UAE के साथ रक्षा समझौता रद्द कर दिया और 72 घंटे के लिए सीमाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है. यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख रशाद अल-अलीमी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ संयुक्त रक्षा समझौते को रद्द करने का फैसला किया है.  गृह युद्ध में फंसे यमन में 3 गुट  गृह युद्ध में फंसे यमन में अभी गुट काम कर रहे हैं. इनमें हूती विद्रोही, सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल और प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल हैं. हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन हासिल है, सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल को कथित रूप से UAE का समर्थन प्राप्त है. जबकि प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल को सऊदी अरब का समर्थन प्राप्त है. ये तीनों ही गुट यमन के अलग अलग हिस्सों में कब्जा किए हुए हैं.  कैसे यमन की वजह से बिगड़ते गए सऊदी अरब और UAE के संबंध अल जजीरा ने हमद बिन खलीफा यूनिवर्सिटी में पब्लिक पॉलिसी के प्रोफेसर सुल्तान बराकत के हवाले से लिखा है कि UAE 2014 में सना में हूती विद्रोहियों के कब्जे को पलटने की कोशिश करने के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व वाले मिलिट्री गठबंधन में शामिल हुआ था, लेकिन तब से दोनों देशों के बीच रिश्ते और ज़्यादा जटिल हो गए हैं. बराकत ने कहा, "धीरे-धीरे, UAE ने सऊदी अरब से पूछे बिना यमन में विदेश नीति और स्वतंत्र फैसले लेने की आदत डाल ली." "इसका नतीजा यह हुआ कि यमन में दक्षिणी अलगाववादियों की स्थिति कुछ हद तक मज़बूत हुई." 1990 से पहले यमन दो देशों में बंटा हुआ था,जब यमन अरब रिपब्लिक और पीपल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ यमन ने मिलकर एक संप्रभु राज्य बनाया.  एक्सपर्ट कहते हैं कि राजधानी पर हूती विद्रोहियों के कब्जे के बाद दक्षिण में अलगाववादी आंदोलन को जोर मिला, जब "कुछ लोगों को लगा कि क्योंकि दुनिया – खासकर सऊदी अरब – सना में सरकार को बहाल करने में नाकाम रही, इसलिए उनके लिए खुद ही आगे बढ़ना बेहतर होगा." सऊदी अरब और UAE 2015 से यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक्शन में सहयोगी रहे हैं. लेकिन उनके हित अलग हो गए हैं. सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमनी सरकार का समर्थन करता है और यमन को एकजुट रखना चाहता है. लेकिन UAE STC का समर्थन करता है, जो दक्षिण यमन को अलग राज्य बनाना चाहता है.

सुविधाओं के कारण महाकाल दर्शन की संख्या बढ़ी, पांच जनवरी तक दस लाख श्रद्धालुओं की उम्मीद

उज्जैन  नए साल के प्रथम प्रभात में देवदर्शन की आस लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन, ओंकारेश्वर और नलखेड़ा पहुंच रहे हैं। दो ज्योतिर्लिंगों और मां बगलामुखी मंदिर में नव वर्ष के स्वागत की तैयारी नव्य-भव्य रूप में हो रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महाकाल मंदिर प्रशासन ने प्रोटोकाल दर्शन व्यवस्था बंद कर रखी है। भीड़ बढ़ने पर नंदी हाल में भी प्रवेश बंद किया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो नए साल के पहले दिन सामान्य श्रद्धालुओं के लिए शीघ्र दर्शन टिकट व्यवस्था को भी स्थगित किया जा सकता है। ओंकारेश्वर और मां बगलामुखी मंदिर में भी प्रोटोकाल दर्शन व्यवस्था बंद कर दी गई है। मालूम हो कि चार दिनों में साढ़े 8 लाख लोग भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। 5 जनवरी तक 10 लाख दर्शनार्थियों के आने का अनुमान है। श्रद्धालु चारधाम मंदिर पार्किंग से शक्तिपथ के रास्ते त्रिवेणी संग्रहालय द्वार से भक्त प्रवेश करेंगे। वाहन पार्किंग के लिए चार जगह कर्कराज, भील समाज की धर्मशाला, कार्तिक मेला ग्राउंड, हरिफाटक ब्रिज के नीचे व्यस्था की गई है। भीड़ बढ़ने पर वाहन पहले भी रोके जा सकते हैं। प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि महाकाल मंदिर में साल 2025 में दर्शनार्थियों की संख्या का नया रिकॉर्ड बना है। साल के आखिरी पखवाड़े में अब तक 15 लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन कर लिए हैं। भक्तों को कम समय में सुविधा से भगवान के दर्शन कराए जा रहे हैं। देशभर से आने वाले दर्शनार्थी उपलब्ध सुविधा का लाभ रहे रहे हैं। 4 दिन में 84 हजार भक्तों ने 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट खरीदकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। इससे मंदिर समिति को 2 करोड़ 10 लाख रुपये की आय हुई है। इसके अलावा चार दिन में 2500 किलो लड्डू प्रसाद की बिक्री हुई है। इससे मंदिर समिति को 10 लाख रुपये से अधिक राशि मिली है। आधे घंटे में हुए दर्शन शनिवार, रविवार की तुलना में सोमवार को दर्शनार्थियों की संख्या कम रही। दर्शनार्थियों को 25 से 30 मिनट में भगवान महाकाल के दर्शन हुए। कम समय में सुविधा पूर्वक दर्शन से श्रद्धालु खुश नजर आए। मंदिर प्रशासन ने दर्शन की कतार में खड़े भक्तों के लिए पेजयल आदि के इंतजाम भी कर रखे हैं। बगलामुखी मंदिर प्रोटोकाल व्यवस्था एक सप्ताह के लिए बंद आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा में स्थित मां बगलामुखी मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। नववर्ष पर संख्या और बढ़ने की संभावना है। मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष व तहसीलदार प्रियंक श्रीवास्तव ने बताया कि एक सप्ताह के लिए प्रोटोकाल व्यवस्था बंद की है। एक सप्ताह बाद दर्शनार्थियों की संख्या की समीक्षा के बाद इसे लेकर निर्णय लिया जाएगा। ओंकारेश्वर मंदिर प्रोटोकाल दर्शन प्रतिबंधित     खंडवा जिले में स्थित ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट द्वारा भीड़ नियंत्रण से लेकर मंदिर में सुचारु दर्शन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यहां भी प्रोटोकाल दर्शन व्यवस्था बंद कर दी गई है। नाव संचालन भी ठप रहेगा। दर्शन के लिए झूला पुल से प्रवेश बंद कर व्यवस्था को एकांगी कर दिया है। जेपी चौक पर बेरिकेडिंग कर दर्शनार्थियों की भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है। ये सभी बदलाव पांच जनवरी तक लागू रहेंगे। पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा ने बताया कि पांच जनवरी तक ओंकारेश्वर में लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। प्रोटोकाल के तहत दर्शन व्यवस्था को फिलहाल बंद किया गया है। विशेष दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को पोर्टल पर ऑनलाइन निर्धारित शुल्क जमा करना होगा।  

रूस-यूक्रेन युद्ध: पुतिन पर हमले की साजिश फेल, डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी और जेलेंस्की के जवाबी हमले की संभावना

मॉस्को  रूस-यूक्रेन जंग का शोला भड़क उठा है. रूस-यूक्रेन युद्ध में एक बड़ा ट्विस्ट आया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर बड़ा ड्रोन अटैक हुआ है. व्लदामीर पुतिन को नींद में ही उड़ाने की साजिश थी. यही कारण है कि 28-29 दिसंबर 2025 की आधी रात पुतिन के नोवगोरोद स्थित आवास पर 91 ड्रोनों से हमला हुआ. मगर हमले की यह साजिश नाकाम हो गई. हमले की शक की सूई सीधे यूक्रेन पर गई है. जिस तरह से पुतिन पर 91 ड्रोन से अटैक हुआ, उससे साफ लग रहा है कि जंग को रुख बदलने की यूक्रेन ने पूरी कोशिश की थी. हालांकि, रूस ने यूक्रेन के प्लान को फेल कर दिया. इस अटैक से पुतिन गुस्से से लाल हैं. वह प्रतिशोध की आग में जल रहे हैं. अब सवाल यह है कि पुतिन क्या जवाबी हमला करेंगे? अगर हां, तो फिर रूस के जवाबी हमले में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की बच पाएंगे? इस अटैक से युद्ध के और तेज होने के आसार हैं. इससे पूरी दुनिया समेत डोनाल्ड ट्रंप भी चिंतित हैं. पुतिन के आवास पर ड्रोन अटैक पर रूस ने सीधे यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि यूक्रेन ने उत्तरी रूस में स्थित राष्ट्रपति आवास पर लंबी दूरी के ड्रोन से हमला करने की कोशिश की. रात के समय लंबी दूरी वाले ड्रोन दागे गए, जिन्हें रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया. सूत्रों की मानें तो यह सब कुछ रात के समय हुआ. पुतिन मॉस्को के अपने घर में सो रहे थे. तभी यूक्रेन ने ड्रोन से हमला करने की कोशिश की. ड्रोन में विस्फोटक लगा था. लेकिन रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ने ड्रोन को गिरा दिया. बहरहाल, अभी पुतिन सुरक्षित हैं. पुतिन और ट्रंप के बीच बातचीत     पुतिन ने खुद इस अटैक की सूचना अमेरिका को भी दी है.     पुतिन ने कहा कि यह हमला कायराना हरकत है. रूस इसका जवाब जरूर देगा. उन्होंने यूक्रेन को चेतावनी दी कि अब और नुकसान होगा.     बहरहाल, यूक्रेन को जवाब देने के लिए रूसी सेना तैयार है. रूस अब इसका बदला लेने की कोशिश करेगा. रूसी सेना कीव पर हमला कर सककी है.     अब जेलेंस्की का बंकर भी निशाने पर होगा.     हालांकि, यूक्रेन इस अटैक से पल्ला झाड़ रहा है. जेलेंस्की ने इस अटैक को झूठा करार दिया है और कहा कि यह सब झूठ है. बदला लेगा रूस? विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रविवार-सोमवार की दरमियानी रात को हुआ ड्रोन हमला कोई नुकसान नहीं पहुंचा सका क्योंकि ड्रोन को मार गिराया गया था. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि रूस सही समय पर जवाब देने का अधिकार रखता है. लावरोव ने यूक्रेनी हमलों को कीव और उसके सहयोगियों द्वारा शांति वार्ता को पटरी से उतारने की कोशिश बताया. उन्होंने आगे कहा कि मॉस्को यूक्रेन के साथ शांति वार्ता पर अपना रुख बदलेगा, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम के साथ शांति वार्ता जारी रहेगी. रूसी टीवी चैनलों के अनुसार, क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा, ‘पुतिन ने सोमवार को दोनों नेताओं के बीच हुई फोन कॉल में राष्ट्रपति आवास पर हमले के बारे में ट्रंप को बताया. राष्ट्रपति ट्रंप हैरान थे.’ यूक्रेन का प्लान कैसे ध्वस्त सूत्रों का कहना है कि यूक्रेन इस जंग को जीतने के लिए सीधे शतरंज की खेल की तरह राजा को ही चेकमेट करना चाहता था. यूक्रेन सीधे पुतिन को खत्म करके युद्ध जीतना चाहता था. मगर यह साजिश फेल हो गई. अब पुतिन के बदले से जेलेंस्की को खौफ में होंगे. इस अटैक के बाद जेलेंस्की की सुरक्षा बढ़ा दी गई होगी. यूक्रेन की सेना अलर्ट पर होगी. रूस कभी भी बम-गोले बरसा सकता है. रूस-यूक्रेन युद्ध तीन साल से चल रहा है. ट्रंप इसे खत्म करने की कोशिशों में लगे हैं. मगर पुतिन पर हुए इस अटैक ने शांति की उम्मीदों को खत्म कर दिया है. रूस के बयान से साफ लग रहा है कि रूस इसका बदलेगा और ऐसा हुआ तो युद्ध की आग और भड़क सकती है. ट्रंप ने कैसे रिएक्ट किया? बहरहाल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अटैक पर नाराजगी जताई है. उनकी व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात हुई है. पुतिन ने उन्हें साजिश के बारे में बताया. ट्रंप ने बताया कि पुतिन गुस्से से लाल हैं. ट्रंप ने कहा कि यह गलत समय है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि घर पर हमला करना गलत है. ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह बिल्कुल पसंद नहीं आया और यह एक बहुत नाज़ुक समय है. उन्होंने हालात को देखते हुए टॉमहॉक मिसाइलों को रोक दिया, क्योंकि यह हमला करने का सही वक्त नहीं है. उन्होंने कहा कि एक बात आक्रामक रुख अपनाने की हो सकती है, लेकिन किसी के घर पर हमला करना बिल्कुल अलग बात है और फिलहाल ऐसा करना गलत है. ट्रंप ने यह भी कहा कि इस हमले को लेकर पुतिन काफी गुस्से में थे. यूक्रेन जंग थमने की आखिरी उम्मीद भी टूटी? रूस-यूक्रेन जंग की आग और भड़क सकती है. डोनाल्ड ट्रंप भी अब युद्ध की आग को नहीं बुझा पाएंगे. कारण कि रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन के घर पर बड़ा अटैक हुआ है. बीती आधी रात को पुतिन के नोवगोरोद स्थित आवास पर 91 ड्रोनों से हमला हुआ. इस अटैक के साथ ही यूक्रेन जंग थमने की आखिरी उम्मीद भी टूटती नजर आ रही है. इस अटैक से पुतिन गुस्से में हैं. वह अब बदले की आग में जल रहे हैं. ट्रंप भी काफी निराश हैं. यूक्रेन अब टारगेट पर है. इस तरह रूस-यूक्रेन युद्ध अब विनाशकारी मोड़ पर आ चुका है. खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह हमला सही नहीं था. ऐसा नहीं होना चाहिए था. सबसे पहले जानते हैं कि क्या हुआ. दरअसल, 28-29 दिसंबर 2025 की आधी रात पुतिन के नोवगोरोद स्थित आवास पर 91 ड्रोनों से हमला हुआ. हालांकि, रूस के एयर डिफेंस ने सभी ड्रोनों को नष्ट कर दिया. इस अटैक में पुतिन को कुछ नहीं हुआ. वह पूरी तरह सेफ हैं. इस हमले के पीछे यूक्रेन को ही बताया जा रहा है. यूक्रेन के इस अटैक से पुतिन गुस्से … Read more

मिशन शक्ति 5.0 के तहत प्रदेश भर में 1600 मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना की गई थी

स्पेशल  योगी सरकार मिशन शक्ति केंद्रों को करेगी और सशक्त, महिला सुरक्षा को मिलेगा बल  मिशन शक्ति 5.0 के तहत प्रदेश भर में 1600 मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना की गई थी  अगले वर्ष मिशन शक्ति केंद्रों को मिलेगी दो पहिया वाहन और मोबाइल हैंडसेट की सौगात  6400 नई स्कूटी और 1600 मोबाइल हैंडसेट खरीदने पर किया जा रहा विचार   67 करोड़ रुपये से खरीदी जाएगी स्कूटी और मोबाइल हैंडसेट  लखनऊ  योगी सरकार आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा देने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में मिशन शक्ति अभियान के तहत स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों को और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने की तैयारी है। मिशन शक्ति 5.0 के तहत प्रदेश भर में स्थापित 1600 मिशन शक्ति केंद्रों को अगले वर्ष अत्याधुनिक संसाधनों से लैस किया जाएगा, जिससे महिला अपराधों की रोकथाम और पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता सुनिश्चित की जा सके। योगी सरकार द्वारा सरकार की योजना के अनुसार वर्ष 2026 में मिशन शक्ति केंद्रों को दो पहिया वाहन और मोबाइल हैंडसेट उपलब्ध कराए जाएंगे।  हर मिशन शक्ति केंद्र को चार-चार स्कूटी और एक-एक मोबाइल हैंडसेट दिये जाएंगे महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की नोडल अधिकारी एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत प्रदेश भर में 1600 मिशन शक्ति केंद्र/ थानों की स्थापना की गई थी। वहीं अब मिशन शक्ति केंद्र को और अधिक सशक्त करने के लिए विभिन्न कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मिशन शक्ति केंद्र पर 4 स्कूटी और एक-एक मोबाइल हैंडसेट की आवश्यकता सामने आ रही है। ऐसे में मिशन शक्ति केंद्र के लिए कुल 6,400 नई स्कूटी और 1,600 मोबाइल हैंडसेट खरीदने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए जल्द ही सरकार काे प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। इन संसाधनों में करीब 67 करोड़ रुपये खर्च आएगा। उन्होंने बताया कि सरकार से हरी झंडी मिलने और बजट आवंटित होने के बाद अगले वर्ष इन संसाधनों की खरीद की जाएगी। इन संसाधनों के माध्यम से मिशन शक्ति की टीमों की पहुंच गांव-गांव और मोहल्लों तक और मजबूत होगी, जिससे महिलाओं की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई संभव हो सकेगी। हैंडसेट से रियल टाइम मॉनिटरिंग और शिकायत दर्ज करने में मिलेगी सहायता एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि प्रदेश की आधी आबादी की सुरक्षा और उत्थान योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। महिला अपराधों पर सख्त कार्रवाई, त्वरित न्याय और पीड़िताओं को संवेदनशील सहयोग देने के उद्देश्य से मिशन शक्ति अभियान को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। मिशन शक्ति केंद्र महिलाओं के लिए न केवल सहायता और परामर्श का केंद्र हैं, बल्कि ये उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से महिला हेल्पलाइन, काउंसलिंग, कानूनी सहायता, मेडिकल सपोर्ट और पुनर्वास जैसी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं दो पहिया वाहन मिलने से मिशन शक्ति की महिला कर्मी और पुलिस टीम किसी भी आपात स्थिति में तेजी से मौके पर पहुंच सकेंगी। वहीं, मोबाइल हैंडसेट से रियल टाइम मॉनिटरिंग, शिकायत दर्ज करना और उच्च अधिकारियों से समन्वय और बेहतर होगा। नए संसाधन से मिशन शक्ति केंद्र की बढ़ेगी कार्यक्षमता मिशन शक्ति केंद्रों को मिलने वाले नए संसाधन महिला अपराध की रोकथाम में मील का पत्थर साबित होंगे। इससे न सिर्फ पुलिस और प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि आम महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत होगा। योगी सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश को महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित और अनुकूल प्रदेश बनाया जाए, जहां वे बिना भय के शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन में आगे बढ़ सकें। मालूम हो कि योगी सरकार द्वारा बीते वर्षों में महिला सुरक्षा को लेकर कई ऐतिहासिक पहल की हैं। एंटी रोमियो स्क्वॉड, महिला हेल्पलाइन 1090, 112 आपात सेवा, पिंक बूथ, महिला डेस्क और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे कदमों से महिला अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है।

इंदौर में साफ-सफाई की मिसाल, लेकिन भागीरथपुरा में गंदा पानी पीकर बुजुर्ग की मौत, 150 लोग बीमार; सीएम ने लिया संज्ञान

इंदौर मध्य प्रदेश का इंदौर शहर लगातार 8 साल से देश का सबसे स्वच्छ शहर होने का खिताब अपने नाम करता आया है। अब इसी शहर में गंदा पानी पीने की वजह से 150  से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए हैं। पानी पीने के बाद इन लोगों को उल्टी, दस्त और शरीर में पानी की कमी जैसी दिक्कतें हुईं और वे अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हुए हैं। लोगों का शिकायत है कि वे नगर निगम की ओर से सप्लाई किए जाने वाला पानी पीने के बाद बीमार पड़े हैं। मामला गंभीर होने के बाद पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। इस मामले में इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्हव ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। भागीरथपुरा में डायरिया से मौत के बाद मचा हड़कंप, CM ने लिया संज्ञान. गंदे पानी की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संज्ञान लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सभी मरीजों का सही इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सीएम ने कहा कि इलाज में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरी दवाएं, एक्सपर्ट और संसाधन तुरंत उपलब्ध कराए जाएं। वहीं इलाज के लिए भर्ती एक बुर्जुग व्यक्ति की मौत हो गई। उल्टी और दस्त के कारण उसे कमजोरी आ गई थी। सुबह कुछ मरीजों को परदेशीपुरा के अस्पताल से छुट्टी भी हो गई है। दूषित पेयजल की आशंका के चलते नगर निगम ने टैंकरों से मंगलवार को बस्ती में जलापूर्ति की। अफसरों ने भी बस्ती का दौरा किया है। बस्ती से पानी के जो नमूने लिए हैं, उनकी रिपोर्ट मंगलवार को आएगी। पांच दिन में डेढ़ सौ से ज्यादा लोग बीमार हुए हैं। फिलहाल 15 लोग अलग-अलग अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें उल्टी दस्त और कमजोरी की शिकायत है। इस घटना को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी देरी से जागा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रशासन को जरूरी निर्देश दिए हैं। सोमवार रात मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के दौरे के बाद डाॅक्टर मरीजों की जानकारी जुटाने अस्पताल पहुंचे। इलाज के लिए वर्मा अस्पताल में भर्ती नंदलाल पाल की मौत हुई। उनकी उम्र 80 वर्ष थी। उनकी मौत की पुष्टि क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने भी की है। बस्ती में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात की गई है। जिन लोगों को दस्त और उल्टी की शिकायत हो रही है। उन्हें दवाएं दी जा रही हैं। मंगलवार सुबह मेयर पुष्य मित्र भार्गव, पार्षद कमल वाघेला के साथ बस्ती पहुंचे और जलापूर्ति की स्थिति देखी। नर्मदा विभाग के अफसरों का कहना है कि पानी की जांच की गई है। प्रारंभिक तौर पर पानी दूषित नहीं पाया गया। बस्ती में डायरिया किस वजह से फैला। इसकी जांच के लिए पानी के सैंपल लिए गए हैं। रहवासियों का कहना है कि बस्ती में दूषित पेयजल की सप्लाई हो रही है। नलों में पहले गंदा पानी आता है। फिर कुछ देर के लिए साफ पानी मिलता है। कई बार गंदे पानी की शिकायत अफसरों से की गई, लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ। मरीजों का इलाज कर रहे डाक्टरों का कहना है कि पांच दिन से बस्ती के लोग आ रहे हैं। पतले दस्त और उल्टी ज्यादा होने से शरीर में कमजोरी आ गई है। रोज पांच-सात मरीज आ रहे हैं। सभी में डायरिया के लक्षण पाए गए हैं, हालांकि खतरे की बात नहीं है। देर रात नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, MLA रमेश मेंदोला और मेयर पुष्यमित्र भार्गव वर्मा ने अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने मरीजों से बात की और स्थिति का जायजा लिया। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि सभी मरीजों का इलाज पूरी तरह से फ्री होगा और जिन लोगों ने इलाज के लिए पैसे जमा किए हैं, उन्हें वापस कर दिए जाएंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जब तक स्थिति सामान्य न हो जाए, वे उबला हुआ पानी पिएं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि शिकायत मिलते ही मेडिकल और प्रशासनिक टीमों को मौके पर भेज दिया गया था। पूरे इलाके पर लगातार नजर रखी जा रही है, और स्वास्थ्य विभाग को इलाज का रेगुलर रिव्यू करने के निर्देश दिए गए हैं। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर वार्ड ऑफिस पर विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा क्षेत्र 2 के जोन नंबर 8 के कार्यकर्ताओं ने शंख और घंटियां बजाकर और मटके फोड़कर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वार्ड 30, 37 और 28 में लंबे समय से गंदे पानी, जाम ड्रेनेज लाइनों, कूड़े के ढेर और सफाई की अनदेखी की समस्या है, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। भागीरथपुरा की घटना ने एक बार फिर शहरी इलाकों में पीने के पानी की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासन के अगले कदम पर हैं।  

‘दिग्विजय सिंह BJP में शामिल होने की कोशिश में’, MLA पन्नालाल शाक्य का बड़ा बयान

 गुना दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की CWC बैठक से पहले दिग्विजय सिंह के बयान ने सियासत गर्मा दी है. दिग्विजय सिंह ने RSS और BJP में अनुशासन की तारीफ करते हुए तस्वीर शेयर की थी. कांग्रेस नेता की बयानबाजी को लेकर भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने खुलासा किया है. विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा, ''दिग्विजय सिंह BJP में आने का रास्ता ढूंढ रहे हैं, इसलिए RSS और BJP की विचारधारा से प्रभावित हो रहे हैं.'' गुना विधायक ने दिग्विजय सिंह को लेकर खुलासा करते हुए कहा, ''वे किसके संपर्क में हैं ये ऊपरवाले (हाईकमान) ही जानते हैं. दिग्विजय सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री भी हैं, इसलिए उनके विषय में ज्यादा क्या कहा जाए.'' चरनोई' और 'मंदिर माफी' की जमीन पर घेरा BJP विधायक ने दिग्विजय सिंह के मंदिर माफी की जमीन पर रोक लगाने वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. कहा कि सूबे के तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय के शासनकाल में जमीनों की बंदरबांट हुई थी. मंदिर माफी की कितनी जमीन बची है, पहले उसकी तलाश कर ली जाए. मंदिर माफी की जमीन बचाने के लिए दिग्विजय सिंह राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं. वे केवल वोटबैंक को देखते हुए बयानबाजी करते हैं. यदि उन्हें मंदिर माफी की जमीन की इतनी ज्यादा चिंता है तो फिर चरनोई (गौ चर भूमि) की जमीन के बारे में क्यों नहीं बोलते? गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा, ''गायों के लिए आरक्षित चरनोई जमीन पर माफियाओं ने कब्जा जमा लिया. मंदिरों के रखरखाव के लिए अंग्रेजी शासन में जमीनें दी गई थीं और मुगल शासन में मवेशियों के लिए चरनोई भूमि आरक्षित की गई थी. लेकिन दिग्विजय सिंह के शासन में तो सभी सरकारी जमीनें ही बंट गई. अब गाय कहां खड़ी होंगी? गाय अगर वोट दे रही होतीं तो जमीनें बच जातीं? लेकिन गाय तो मूक है यानी बोल नहीं सकती.''   BJP विधायक पन्नालाल शाक्य पन्नालाल शाक्य के बयान अक्सर चर्चाओं में रहते हैं. हाल ही में उन्होंने मंच से गुना कलेक्टर को लेकर भी नसीहत दी थी. पन्नालाल ने कलेक्टर पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को बदनाम करना चाहते हैं. वहीं, एक अन्य बयान में पन्नालाल शाक्य ने लोकसभा सीट पर बैठने की भी इच्छा जाहिर की थी.

आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य तंत्र का प्रदेशवासियों ने उठाया लाभ

ईयर इंडर-2025 प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मिला नया आयाम, प्रदेशवासियों ने लिया भरपूर लाभ आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य तंत्र का प्रदेशवासियों ने उठाया लाभ कई नई स्वास्थ्य इकाइयों का हुआ लोकार्पण, अस्पतालों का शिलान्यास और आईसीयू का भी हुआ विस्तार मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य पर रहा फोकस, पीडियाट्रिक केयर यूनिट और न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट में हुई बढ़ोत्तरी  ई-संजीवनी, टेलीमेडिसिन, एंबुलेंस सेवाएं और टीबी उन्मूलन में हुई उल्लेखनीय उपलब्धि लखनऊ वर्ष 2025 अपनी खट्टी-मिठी यादों के साथ हम सबसे विदा लेने को बकरार है। कहने को तो ये एक साल है, जो नियती के अनुसार हर साल आता है और फिर समय के पहिये की गिनती पूरी होने के बाद विदा ले लेता है, लेकिन वर्ष 2025 प्रदेशवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के मजबूत ढ़ाचे के विस्तार देने में अपनी अहम भूमिका रखता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2025 स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस वर्ष आधारभूत ढांचे के विस्तार से लेकर अत्याधुनिक इलाज सुविधाओं तक अनेक बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। इन प्रयासों का सीधा लाभ प्रदेश की करोड़ों जनता को मिला है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण बनीं। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली रफ्तार, 83 नई स्वास्थ्य इकाइयों का हुआ लोकार्पण अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरुप वर्ष 2025 में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती प्रदान की गयी है। इस क्रम में इमरजेंसी कोविड रिलीफ पैकेज (ECRP)के तहत प्रदेश में चिकित्सा ढांचे को अभूतपूर्व मजबूती दी गई। वर्ष 2025 में कुल 83 नई स्वास्थ्य इकाइयों का लोकार्पण किया गया तथा एक बड़े अस्पताल का शिलान्यास हुआ। इनमें 26 आईपीएचएल लैब, 38 पचास बेड के फील्ड अस्पताल, 13 जनपदीय ड्रग वेयरहाउस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सीसीबी यूनिट और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इसके साथ ही सीतापुर में 200 बेड के जिला चिकित्सालय का शिलान्यास भी किया गया। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 1800 और जिला अस्पतालों में 1029 आईसीयू बेड स्थापित किए गए। ऑक्सीजन आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम (MGPS)सहित 49 एलएमओ स्टोरेज टैंक स्थापित किए गए। इससे गंभीर मरीजों को समय पर जीवन रक्षक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।  मां और नवजात शिशु स्वास्थ्य पर विशेष फोकस एनएचएम की निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि योगी सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। इसके तहत 42 बेड वाले पीडियाट्रिक केयर यूनिट जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्थापित किए गए। वहीं 32 बेड वाले सभी 23 पीडियाट्रिक यूनिट पूरी से संचालित हुईं। इसके अलावा नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए प्रदेश में 412 न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट्स (NBSU)की स्थापना की गई। वर्ष 2024-25 में बाह्य रोगी सेवाओं में 27 प्रतिशत और अंतः रोगी सेवाओं में 32 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। संस्थागत प्रसव, सिजेरियन डिलीवरी, बड़े और छोटे ऑपरेशन, पैथोलॉजी जांच, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सेवाओं में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ। आधुनिक जांच और उपचार सुविधाएं घर के पास प्रदेश के 74 जनपदों में सीटी स्कैन और सभी 75 जनपदों में डायलिसिस सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। जनवरी से नवंबर-25 के बीच 9.42 लाख सीटी स्कैन और 6.50 लाख से अधिक डायलिसिस सत्र संचालित किए गए। आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एसेंशियल ड्रग लिस्ट का विस्तार किया गया, जिससे प्राथमिक से लेकर जिला अस्पताल स्तर तक दवाओं की संख्या बढ़ाई गई। साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 318 अस्पतालों को जोड़ा गया, जिनमें 248 कैंसर उपचार से संबंधित हैं। दिसंबर-25 तक लगभग 3,862 करोड़ रुपये का भुगतान अस्पतालों को किया गया। एंबुलेंस सेवाओं को मजबूत करते हुए 2,249 नई एंबुलेंस बेड़े में जोड़ी गईं, जिनसे लाखों मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया। टीबी उन्मूलन अभियान में प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय प्रदर्शन किया। जांच की संख्या में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई और 7,191 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 424 प्रतिशत अधिक है। ई-संजीवनी सेवाओं के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 75 हजार से अधिक कॉल के साथ उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा। मानसिक स्वास्थ्य के लिए टेली-मानस सेवा सफलतापूर्वक लागू की गई, जिससे लाखों लोगों को परामर्श मिला। इसके साथ ही टेलीमेडिसिन और टेली-रेडियोलॉजी सेवाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश के कई शहरों में कड़ाके की ठंड, नौगांव में तापमान 3.1 डिग्री, डिंडौरी में ओस जमी

भोपाल  मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अब कड़ाके की ठंड ने लोगों की कंपकंपी बढ़ा दी है। सोमवार-मंगलवार की रात प्रदेश के कई जिलों में तापमान अचानक गिर गया। छतरपुर का नौगांव सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं, शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन के साथ-साथ रेल यातायात को भी प्रभावित किया है। मौसम विभाग के अनुसार, उमरिया में 3.1 डिग्री, खजुराहो में 4.4 डिग्री, राजगढ़ में 4.6 डिग्री, पचमढ़ी में 4.8 डिग्री, मंडला-रीवा में 5 डिग्री, सतना में 5.2 डिग्री, दतिया में 5.7 डिग्री और मलाजखंड में तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रहा। भोपाल में यह 5.6 डिग्री, इंदौर-ग्वालियर में 6.6 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 7 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के करीब 25 शहरों में तापमान 10 डिग्री के नीचे ही रहा। इधर, दतिया और खजुराहो में घने कोहरे की वजह से विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर के बीच रही। सतना, नौगांव, रीवा, सीधी, खरगोन और मंडला में भी घना कोहरा दर्ज किया गया। इससे ट्रेनों की टाइमिंग पर भी असर पड़ा। पूर्वी MP में सबसे ज्यादा असर मौसम विभाग के मुताबिक, जेट स्ट्रीम की रफ्तार 287 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने से उत्तर भारत से सर्द हवाएं मध्य प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं। इसका सबसे ज्यादा असर पूर्वी जिलों में देखने को मिला है।     नौगांव (छतरपुर): 3°C     उमरिया: 3.1°C     खजुराहो: 4.4°C     राजगढ़: 4.6°C     पचमढ़ी: 4.8°C डिंडौरी में नर्मदा किनारे खड़ी गाड़ियों पर सुबह ओस की मोटी परत जम गई, जबकि पचमढ़ी झील क्षेत्र में हल्की धुंध देखी गई। घना कोहरा, ट्रेनों पर असर दतिया, खजुराहो, सतना, रीवा, सीधी, नौगांव और मंडला में घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर तक सिमट गई। इसका असर रेल यातायात पर पड़ा और दिल्ली की ओर से आने वाली कई ट्रेनें 4 से 5 घंटे तक लेट रहीं। मौसम विभाग की मानें तो जेट स्ट्रीम की रफ्तार 287 Kmph पहुंच गई है। इस वजह से प्रदेश के कई शहर दिन-रात कांप रहे हैं। बीते 24 घंटे में भोपाल, राजगढ़, इंदौर और शहडोल में शीतलहर का असर देखा गया। मंगलवार को भी सर्द हवाओं का असर बना रहेगा। ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, भोपाल, शाजापुर, रायसेन, विदिशा समेत कई जिलों में कोहरे का असर रहा। इस वजह से दिल्ली से आ रही ट्रेनें 4 से 5 घंटे तक लेट है। 25 शहरों में 10 डिग्री से नीचे तापमान इधर, रात के तापमान में भी गिरावट हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार-सोमवार की रात में भोपाल में 5.6 डिग्री, इंदौर में 6.4 डिग्री, ग्वालियर में 9 डिग्री, जबलपुर में 8 डिग्री और उज्जैन में पारा 9.5 डिग्री रहा। इसी तरह कल्याणपुर के बाद राजगढ़ प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 4 डिग्री पहुंच गया। छतरपुर के नौगांव-उमरिया में 5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.2 डिग्री, मलाजखंड में 5.3 डिग्री, मंडला में 5.8 डिग्री, खजुराहो-शिवपुरी में 6 डिग्री, रायसेन में 6.4 डिग्री, दमोह में 6.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8 डिग्री, टीकमगढ़ में 8.5 डिग्री, दतिया-गुना में 8.6 डिग्री, बैतूल में 8.7 डिग्री, बैतूल, खरगोन, रीवा-रतलाम में 9 डिग्री, सागर में 9.4 डिग्री, सीधी और सतना में 9.7 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में पारा 15.9 डिग्री, एक दिन में 7 डिग्री लुढ़का इधर, सोमवार को दिन में भी ठंड का दौर बना रहा। ग्वालियर में तो एक ही दिन में तापमान 7 डिग्री लुढ़ककर 15.9 डिग्री पर आ गया। वहीं, नौगांव में 19.5 डिग्री, खजुराहो में 20.1 डिग्री, रीवा में 20.2 डिग्री, टीकमगढ़ में 21 डिग्री, सतना, मलाजखंड-सीधी में 21.2 डिग्री, दमोह में 22.6 डिग्री, नरसिंहपुर में 23 डिग्री रहा। दूसरी ओर, जबलपुर में 24.8 डिग्री, भोपाल में 27.2 डिग्री, इंदौर में 28.1 डिग्री, उज्जैन में 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के करीब 25 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।     भोपाल: 5.6°C     इंदौर: 6.6°C     ग्वालियर: 6.6°C     जबलपुर: 7°C     उज्जैन: 9.2°C दिन में भी नहीं मिली राहत ठंड का असर दिन के तापमान पर भी दिखा। ग्वालियर में एक ही दिन में अधिकतम तापमान 7 डिग्री गिरकर 15.9°C पहुंच गया। नौगांव, खजुराहो, रीवा और टीकमगढ़ जैसे शहरों में दिन का पारा 20-21 डिग्री के आसपास रहा।