samacharsecretary.com

कृषि मंत्री कंषाना ने की मंडी प्रांगणों को कृषि उन्मुख बनाने की प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने की अपील

मंडी प्रांगणों को कृषि उन्मुख बनाने की प्रभावी कार्ययोजना करें तैयार : कृषि मंत्री कंषाना मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के संचालक मंडल की 144वीं बैठक भोपाल  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि मंडी प्रांगणों को कृषक उन्मुख बनाये जाने के लिये प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाये। किसानों को मंडियों में बेहतर सुविधाएं, पारदर्शी विपणन व्यवस्था एवं फसलों का उचित मूल्य दिलाना भी सुनिश्चित किया जाये। कृषि मंत्री कंषाना मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के संचालक मंडल की 144वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सभी प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित किये गये। बैठक में सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास निशांत बरबड़े, प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड कुमार पुरुषोत्तम, पंजीयन सहकारी संस्था तथा मंडी बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पारित प्रमुख प्रस्ताव     किराये के वाहनों के देयक भुगतान की संचालक मंडल से स्वीकृति।     म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के आवंटित वाहनों में माह अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक अवधि में पात्रता से अधिक डीजल/पेट्रोल व्यय की स्वीकृति।     भारत सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत प्राईस डिफिसिट पेमेंट स्कीम में खरीफ वर्ष 2025 के लिये सोयाबीन भावांतर भुगतान।     योजना के सतत् क्रियान्वयन के लिये ऋण लिये जाने की स्वीकृति बावत्।     राष्ट्रीय कृषि बाजार योजनांतर्गत / राष्ट्रीय कृषि विकास योजना / बोर्ड निधि मद अंतर्गत स्वीकृत प्रोजेक्ट एपीएमसी में क्लीनिंग, ग्रेडिंग और पैकेजिंग फेसिलिटी के संबंध में।     किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग सह अध्यक्ष मंडी बोर्ड से प्राप्त प्रस्ताव के अनुक्रम में बोर्ड निधि मद स्वीकृत सड़क निर्माण कार्यों का अनुसमर्थन।     प्रदेश अंतर्गत विभिन्न मण्डी समितियों में बोर्ड निधि से स्वीकृत निर्माण कार्यों का अनुसमर्थन।     प्रदेश की कृषि उपज मंडी समितियों में अपशिष्ट प्रबंधन के लिये वित्तपोषण बोर्ड निधि मद से करने सम्बन्धी अनुमोदन।  

मध्यप्रदेश का 2026 हॉलीडे कैलेंडर घोषित, 127 दिन होंगे अवकाश, फाइव-डे वर्किंग नियम लागू

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने आगामी साल 2026 के लिए सरकारी छुट्टियों का कैलेंडर फाइनल कर लिया है। नए कैलेंडर के साथ ये भी स्पष्ट हो गया है कि, अगले वर्ष राज्य के सरकारी कर्मचारियों को कितने दिन छुट्टी मिलेगी और कितने दिन काम करना होगा। ये आम लोगों के लिए भी लाभकारी होगा, इसी के आधार पर हम संबंधित विभाग में काम के लिए कार्य दिवस में जा सकेंगे। राज्य सरकार के अनुसार, साल 2026 में कुल 127 दिन छुट्टी रहेगी। ऐसे में यहां 238 दिन सरकारी दफ्तर खुलेंगे। इन अवकाशों में शनिवार, रविवार और सार्वजनिक छुट्टी भी शामिल हैं। छुट्टियों पर गौर करें तो साल 2026 में 52 शनिवार, 52 रविवार और 23 सार्वजनिक अवकाश शामिल हैं। यानी पूरे साल में आधे से ज्यादा दिन कार्यालय बंद रहेंगे। कार्यदिवसों की संख्या 238 रहेगी, जिसमें सामान्य प्रशासन और शासकीय कामकाज किया जाएगा। 2025 की तुलना में एक छुट्टी का इजाफा साल 2025 की तुलना में 2026 में कर्मचारियों को एक सार्वजनिक अवकाश अधिक मिलेगा। सरकार ने इस बार गणेश चतुर्थी (14 सितंबर) को भी सार्वजनिक अवकाश की सूची में शामिल किया है, जिससे कुल सार्वजनिक छुट्टियों की संख्या 23 हो गई है। इसके अलावा, कर्मचारियों को 62 ऐच्छिक अवकाशों की एक लंबी सूची भी दी गई है, जिसमें से वे अपनी सुविधानुसार किन्हीं तीन छुट्टियों का चुनाव कर सकते हैं। साल 2026 में सरकारी कर्मचारियों को 2025 की तुलना में एक सार्वजनिक अवकाश अधिक मिलेगा। इस बार गणेश चतुर्थी को सार्वजनिक अवकाश की सूची में जोड़ा गया है। 14 सितंबर को पड़ने वाली इस छुट्टी के शामिल होने से कुल सार्वजनिक अवकाशों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। इससे त्योहारों के दौरान कर्मचारियों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। ऐच्छिक अवकाश भी निर्धारित इसके अलावा राज्य सरकार ने कर्मचारियों के लिए 62 ऐच्छिक अवकाश भी निर्धारित किए हैं। हालांकि, इनमें से कर्मचारियों को सिर्फ 3 छुट्टियां ही चुनने की अनुमति होगी। ये अवकाश अलग-अलग धर्मों, समाजों और स्थानीय पर्वों से जुड़े हैं, ताकि कर्मचारी अपनी व्यक्तिगत आस्था और जरूरत के हिसाब से छुट्टी दी जा सके। 6 बड़े त्योहार वीकेंड पर हालांकि, इस कैलेंडर में कर्मचारियों को थोड़ी चिंता में डालने वाली बात भी सामने आई है। वो ये कि, साल 2026 में पड़ने वाले 6 प्रमुख त्योहार और जयंतियां शनिवार या रविवार को पड़ रही हैं। इसका मतलब ये है कि, इन मौकों पर अलग से अतिरिक्त छुट्टी नहीं दी गई है। इससे लगातार छुट्टियों का फायदा उठाने की संभावनाएं कम हुई हैं और लंबी यात्रा या पारिवारिक योजनाओं पर असर पड़ने की संभावना बढ़ी है। फाइव-डे वर्किंग सिस्टम रहेगा सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत की बात यह है कि सप्ताह में पांच दिन काम करने की व्यवस्था यानी फाइव-डे वर्किंग सिस्टम आगे भी जारी रहेगा। ये व्यवस्था कोरोना महामारी के दौरान लागू हुई थी और तब से कर्मचारी इसे बनाए रखने की मांग कर रहे थे। लंबे समय से चर्चा थी कि, पहले और तीसरे शनिवार को कार्यदिवस बनाया जा सकता है, लेकिन सरकार ने फिलहाल इस व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया है। ड्यूटी आवर में भी कोई बदलाव नहीं सरकार के स्तर पर काम के घंटे बढ़ाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन था। हालांकि इस पर कर्मचारियों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन सकी। नतीजतन, मौजूदा ड्यूटी आवर ही लागू रहेंगे। नए कैलेंडर के साथ अब कर्मचारियों और विभागों की वार्षिक कार्ययोजना भी इसी के अनुसार तय की जाएगी। शनिवार-रविवार ने 'खाई' 6 छुट्टियां, कर्मचारियों को नुकसान हालांकि 2026 में 6 महत्वपूर्ण त्योहार और जयंतियां शनिवार या रविवार को पड़ रही हैं, जिससे कर्मचारियों को अलग से छुट्टी का लाभ नहीं मिल पाएगा। इन प्रमुख त्योहारों के वीकेंड पर पड़ने से कर्मचारियों को लगातार मिलने वाली छुट्टियों के अवसर कम हो गए हैं, जिसका असर उनके घूमने-फिरने या लंबे अवकाश की योजनाओं पर पड़ सकता है। कर्मचारियों के लिए 62 ऐच्छिक अवकाशों का विकल्प सार्वजनिक अवकाशों के अलावा, कर्मचारी दिए गए 62 ऐच्छिक अवकाशों में से कोई भी तीन चुन सकते हैं: अवकाश नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन (1 जनवरी 2026 से लागू) सरकार ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1977 में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं, जो 1 जनवरी, 2026 से लागू होंगे। इन बदलावों का सीधा असर कर्मचारियों पर पड़ेगा।     संतान पालन अवकाश (चाइल्ड केयर लीव): महिला कर्मचारियों को मिलने वाले 730 दिनों के संतान पालन अवकाश के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब अवकाश के पहले 365 दिनों के लिए पूरा वेतन मिलेगा, लेकिन दूसरे 365 दिनों के लिए केवल 80% वेतन का ही भुगतान किया जाएगा। यह अवकाश 18 वर्ष तक की संतान के लिए स्वीकृत होगा।     अवकाश लेने की सीमा: एक कैलेंडर वर्ष में कोई भी कर्मचारी तीन बार से अधिक संतान पालन अवकाश नहीं ले सकेगा। हालांकि, एकल महिला (सिंगल मदर) कर्मचारियों को विशेष छूट देते हुए एक कैलेंडर वर्ष में छह बार तक यह अवकाश लेने की पात्रता दी गई है।     शिक्षकों के लिए अर्जित अवकाश: प्रदेश के साढ़े चार लाख से अधिक शिक्षकों को अब वर्ष में दस दिन के अर्जित अवकाश की पात्रता होगी, जो उनके लिए एक बड़ी राहत है। 5-डे वर्किंग सिस्टम रहेगा जारी प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर यह है कि सप्ताह में पांच दिन (सोमवार से शुक्रवार) काम करने की व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी। कोरोना महामारी के दौरान संक्रमण को रोकने के लिए इस व्यवस्था को लागू किया गया था। लंबे समय से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार पुरानी व्यवस्था (पहले और तीसरे शनिवार को कार्य दिवस) को फिर से बहाल कर सकती है, लेकिन फिलहाल इसे यथावत रखने का निर्णय लिया गया है। साथ ही काम के घंटे बढ़ाए जाने को लेकर भी प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन इस पर भी सहमति नहीं बनी। दशहरा से पहले अतिरिक्त छुट्टी का प्रस्ताव खारिज भोपाल के जिला प्रशासन ने दशहरा के एक दिन पहले स्थानीय अवकाश का प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा था। विभाग ने इसे आगे भी बढ़ाया, लेकिन मुख्य सचिव कार्यालय से इसे हरी झंडी नहीं मिली। इसका कारण यह बताया गया कि अक्टूबर महीने में पहले से ही कई छुट्टियां थीं … Read more

बीए की किताब में पीएम मोदी और सावरकर पर अध्याय, छात्रों को पढ़ाई जाएगी ‘मन की बात’

बड़ौदरा गुजरात की एक यूनिवर्सिटी में बीए (इंग्लिश) के स्टूडेंट अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर वाला चैप्टर पढ़ेंगे। महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय (MSU) में नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किए गए बीए (इंग्लिश) माइनर कोर्स में पीएम मोदी के मन की बात को भी शामिल किया गया है। खबर के मुताबिक, एमएसयू में फैकल्टी ऑफ आर्ट्स ने बीए माइनर कोर्स की शुरुआत की है। इसमें एनालाइजिंग एंड अंडरस्टैडिंग नॉन-फिक्शनल राइटिंग्स शीर्षक के तहत पीएम मोदी की लिखी 'ज्योतिपुंज' और सावरकर की 'इनसाइड द एनिमी कैंप' को शामिल किया गया है। कोर्स को मौजूदा अकादमिक वर्ष 2025-26 से लागू किया गया है। नए सिलेबस में और क्या-क्या पढ़ाया जाएगा? पाठ्यक्रम के तहत मोदी की ‘ज्योतिपुंज’ को एक जीवनीपरक कृति के रूप में पढ़ाया जाएगा, जबकि सावरकर की ‘इनसाइड द एनिमी कैंप’ का आत्मकथात्मक रचना के तौर पर शामिल किया जाएगा। सिलेबस में श्री अरबिंदो, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और स्वामी विवेकानंद के लेखों को भी अपनाया गया है। इनके अलावा पीएम मोदी के रेडियो संबोधन 'मन की बात' के चुनिंदा एपिसोड्स को भी स्थान मिला है। यूनिवर्सिटी का क्या कहना है? एमएसयू के अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर हितेश डी. रविया ने टीओआई से कहा, 'यह पाठ्यक्रम अंग्रेजी अध्ययन को भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप ढालने के लिए तैयार किया गया है। यह एक आत्मविश्वासी भारतीय दृष्टिकोण है जिसमें भारत के अपने विचारकों, नेताओं और विचारों को पढ़ाया जा रहा है, इसके बजाय कि सिर्फ औपनिवेशिक या यूरोपीय साहित्यिक परंपराओं तक सीमित रहा जाए।'  

खंडवा में फर्जीवाड़े का आरोप: कलेक्टर और सीईओ ने कहा, अवॉर्ड के लिए लगाए गए सभी आरोप झूठे

खंडवा   केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान (JSJB 1.0)’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए खंडवा जिले को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला था। खंडवा के कलेक्टर और जिला पंचायत के सीईओ राष्ट्रपति के हाथों अवॉर्ड लेने दिल्ली गए थे। दो करोड़ रुपए की इनाम राशि जिले को मिला था। अब एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस इनाम के लिए फर्जीवाड़ा हुआ है। काम दिखाने के लिए एआई की तस्वीरें अपलोड की गईं। इन आरोपों पर खंडवा कलेक्टर और जिला पंचायत के सीईओ ने सच बताया है। साथ ही मीडिया की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। छवि धूमिल करने की है कोशिश खंडवा जिला प्रशासन ने आधिकारिक रूप से उस रिपोर्ट को भ्रामक, तथ्यहीन और प्रशासन की छवि धूमिल करने का प्रयास बताया है। जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों का अभियान से कोई संबंध नहीं है। समाचार बिना सत्यापन और अपूर्ण जानकारी के आधार पर प्रकाशित किया गया। अभियान में 1.29 लाख जल संरक्षण कार्यों की फोटो अपलोड डॉ. गौड़ा ने जानकारी दी कि JSJB 1.0 अभियान पिछले वर्ष शुरू हुआ था और 31 मई 2025 को समाप्त हो चुका था। अभियान के दौरान जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण और शहरी स्तर पर जनभागीदारी से विभिन्न संरचनाएं तैयार कराई गईं। मीडिया रिपोर्ट में 1714 फोटो की जानकारी उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट में मात्र 1714 फोटो अपलोड करने का दावा किया गया है, जबकि वास्तविक रूप से 1,29,046 कार्यों की फोटो पोर्टल पर अपलोड की गई, जिसका डेस्क और फील्ड वेरिफिकेशन जल शक्ति मंत्रालय द्वारा किया गया। इसी आधार पर खंडवा को राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। इन संरचनाओं में रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, सोख्ता गड्ढा, रिचार्ज पिट, डगवेल-बोरवेल रिचार्ज, चेकडैम और स्टॉपडैम की मरम्मत, गली प्लग, बोल्डर वॉल, कंटूर ट्रेंच, परकोलेशन पॉन्ड सहित कई कार्य शामिल थे। प्रशासन के अनुसार अभियान में न्यूनतम लागत और अधिकतम जनभागीदारी को सिद्धांत बनाया गया। आरोपों पर दी सफाई अक्टूबर 2025 की जिन फोटो को आधार बनाकर आरोप लगाए गए हैं, वे जल शक्ति अभियान- कैच द रेन के पोर्टल की हैं, जो JSJB 1.0 से पूरी तरह अलग है। जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि पुरानी जनसुनवाई शिकायतों को मिलाकर भ्रम फैलाने का प्रयास है। गौड़ा ने कहा कि रिपोर्ट पुरानी जनसुनवाई शिकायतों पर आधारित है, जिन पर पहले ही जांच और कार्रवाई की जा चुकी है। इसे राष्ट्रीय पुरस्कार से जोड़ना एक सुनियोजित भ्रम फैलाना प्रतीत होता है। कौन हैं डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा और खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता गौरतलब है कि डॉ नागार्जुन बी गौड़ा 2019 बैच के अधिकारी हैं। हरदा में पोस्टिंग के दौरान भी इन पर जुर्माना माफ करने और जमीन खरीदने के आरोप लगा थे। वह मूल रूप से कर्नाटक के निवासी हैं। एमबीबीएस करने के बाद 2018 में यूपीएससी की परीक्षा पास की थी। पहले मणिपुर कैडर मिला था। इसके बाद कैडर ट्रांसफर करवाकर एमपी आए है। अभी खंडवा जिला पंचायत के सीईओ हैं। कलेक्टर ऋषभ गुप्ता 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। जल संरक्षण और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल की वजह से चर्चा में हैं। इसी काम में जिला प्रशासन पर खेल करने का आरोप लगा है।

मध्यप्रदेश में शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में बड़ा बदलाव, 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस और आयुष महाविद्यालयों की शुरुआत

प्रदेश में 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, शिक्षा में गुणात्मक सुधार का नया अध्याय मध्यप्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नए युग का सूत्रपात राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) का परिसर अब भोपाल के RGPV में संचालित आयुष क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम: 8 नए आयुर्वेद महाविद्यालयों की स्वीकृति और 800 आयुष आरोग्य मंदिरों का संचालन प्रारंभ उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने उपलब्धियों की दी जानकारी भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सोमवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में "दो वर्षों की विभागीय उपलब्धियों एवं आगामी कार्ययोजनाओं" को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। मंत्री परमार ने उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष विभाग के दो वर्षों की उपलब्धियां एवं आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना साझा की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, प्रमुख सचिव आयुष डी पी आहूजा, आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा, आयुक्त आयुष श्रीमती उमा आर माहेश्वरी एवं आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारगण उपस्थित थे। उच्च शिक्षा की प्रमुख विभागीय उपलब्धियां और नवाचार उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश का उच्च शिक्षा विभाग अपनी स्पष्ट नीतियों और नवाचारों के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) के अनुरूप उच्च शिक्षा को गुणात्मक, बहुविषयक, रोजगारोन्मुखी और समावेशी बनाने के लिए विभाग निरंतर कार्य कर रहा है। शैक्षणिक सुधार और नवीन विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने बताया कि प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2021-22 से चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूर्ण रूप से लागू किया गया है । साथ ही, वर्तमान सत्र से एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम और अंतःविषय (Interdisciplinary) विकल्प भी शुरू किए गए हैं । तीन नए विश्वविद्यालयों—गुना में क्रांतिवीर तात्या टोपे, खरगोन में क्रांति सूर्य टंट्या भील, और सागर में रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है । प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस मंत्री परमार ने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक, कुल 55 महाविद्यालयों को 'प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में उन्नत किया गया है । इसके लिए ₹336 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है और 1845 नवीन पद सृजित किए गए हैं। रोजगार और प्लेसमेंट, भारतीय ज्ञान परंपरा का संरक्षण मंत्री परमार ने बताया कि स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के तहत 378 रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों के जरिए 16,000 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया गया है । अब तक 1,655 विद्यार्थियों का प्रत्यक्ष प्लेसमेंट सुनिश्चित हुआ है । इसके अलावा, IIT दिल्ली के सहयोग से 68 कॉलेजों में AI और FinTech जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। परमार ने बताया कि पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान परंपरा को समाहित करने के लिए विशेष प्रकोष्ठ स्थापित किए गए हैं ताकि विद्यार्थी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें । डिजिटल नवाचार, छात्र कल्याण मंत्री परमार ने बताया कि विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और मोबाइल-फ्रेंडली बनाया है, जिससे पोर्टल शुल्क समाप्त होने पर विद्यार्थियों को ₹5 करोड़ का सीधा लाभ हुआ है । प्रदेश में 1047 स्मार्ट क्लासरूम, 200 वर्चुअल लैब और 544 ई-लाइब्रेरी विकसित की गई हैं। वर्ष 2024-25 में 'गांव की बेटी योजना' से 1.34 लाख से अधिक और 'प्रतिभा किरण योजना' से 7,500 से अधिक छात्राएं लाभान्वित हुई हैं । अनुसूचित जाति/जनजाति के लगभग 3.91 लाख विद्यार्थियों को निशुल्क पुस्तकें और स्टेशनरी प्रदान की गई है । भर्ती प्रक्रिया एवं सकल नामांकन अनुपात मंत्री परमार ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए लोक सेवा आयोग के माध्यम से वर्ष 2022 में 2053 पदों पर भर्ती की गई और वर्तमान में 2197 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। परमार ने कहा कि आने वाले समय में सकल नामांकन अनुपात (GER) को वर्तमान 28.9% से बढ़ाकर 35% तक ले जाने का लक्ष्य है । मध्यप्रदेश अब शिक्षा के क्षेत्र में केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहकर अनुभव, अनुसंधान और व्यावहारिक ज्ञान के पथ पर अग्रसर है। तकनीकी शिक्षा की प्रमुख विभागीय उपलब्धियां और नवाचार तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन और कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश का तकनीकी शिक्षा विभाग प्रदेश के युवाओं को 'आत्मनिर्भर' और 'वैश्विक प्रतिस्पर्धी' बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। "विकास और सेवा के 2 वर्ष" के अंतर्गत विभाग ने शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और उद्योगोन्मुख पाठ्यक्रमों में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। प्रवेश और नामांकन में बड़ी उछाल मंत्री परमार ने बताया कि सत्र 2025-26 में विभाग द्वारा चलाए गए विशेष जागरूकता अभियानों के कारण शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के सकल नामांकन में 21.38% की वृद्धि हुई है। वहीं, ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 25.99% की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। छात्र कल्याण और वित्तीय सहायता मंत्री परमार ने बताया कि प्रदेश के मेधावी छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 78,218 लाभार्थियों को ₹750 करोड़ की राशि वितरित की गई। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना के तहत 14,447 विद्यार्थियों को ₹14.55 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। शैक्षणिक नवाचार और राष्ट्रीय संस्थान मंत्री परमार ने बताया कि मध्यप्रदेश के लिए यह गर्व का विषय है कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU), गांधीनगर का परिसर अब भोपाल स्थित RGPV में स्थापित हो चुका है, जहाँ सत्र 2025-26 से प्रवेश भी प्रारंभ हो गए हैं। साथ ही, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के 50 मेधावी विद्यार्थियों को IIT इंदौर और 50 छात्राओं को MANIT भोपाल में अध्ययन की विशेष सुविधा प्रदान की गई है । भविष्य की कार्ययोजना और सुधार मंत्री परमार ने बताया कि आगामी वर्षों में विभाग AI, ड्रोन तकनीक जैसे नवीनतम पाठ्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करेगा। प्रदेश के सभी शासकीय तकनीकी संस्थानों में एक समर्पित 'डिजिटल सेल' का गठन किया जाएगा और विद्यार्थियों की उपस्थिति 'सार्थक ऐप' के माध्यम से रियल-टाइम सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, सिंगरौली में ₹76.56 करोड़ की लागत से खनन प्रौद्योगिकी महाविद्यालय (College of Mining Technology) का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। परमार ने कहा कि तकनीकी शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन … Read more

अमित शाह का बयान: बांग्लादेशी घुसपैठिए कांग्रेस के लिए वोट बैंक, असम को मुक्त करने के लिए पांच साल और दें

बोरदुवा  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह बांग्लादेशी घुसपैठियों को अपना वोट बैंक मानती है. चुनाव वाले राज्य असम के अपने दौरे के दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को विरोधी कांग्रेस पर कड़ा हमला किया. उन्होंने कांग्रेस को बांग्लादेशी घुसपैठियों का रक्षक बताया. शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी की बांग्लादेशी घुसपैठियों को वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करने की पॉलिसी ने असम के मूल निवासियों, उनकी पहचान और उनकी पुरखों की जमीनों को खतरा पैदा कर दिया है. हां नागांव जिले के बोरदुवा (बटद्रवा) में एक रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र न केवल असम से बल्कि पूरे भारत से भी पड़ोसी देश से आने वाले सभी अवैध अप्रवासियों की पहचान करेगा. शाह ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल असम के लोगों की सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित की है, बल्कि राज्य के हर तरह के विकास पर भी ध्यान दिया है. बता दें कि, गृह मंत्री अमित शाह ने यहां नागांव जिले में वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान, बटद्रवा थान के 227 करोड़ रुपये के पुनर्विकास परियोजना का उद्घाटन किया. इस दौरान शाह ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक मौका है कि श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान को 'अतिक्रमण से मुक्त' कर दिया गया है. शाह ने आगे कहा कि, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की नेतृत्व वाली असम सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों से 1 लाख बीघा से ज्यादा जमीन मुक्त करवाया है. असम में 2026 की शुरुआत में चुनाव होने वाले हैं, इसलिए शाह ने लोगों से भाजपा को वोट देने की अपील करने का मौका नहीं छोड़ा. उन्होंने रैली में लोगों से कहा, "असम को घुसपैठियों से मुक्त बनाने के लिए भाजपा को और पांच साल दीजिए." उन्होंने कहा, ''हम न सिर्फ असम से बल्कि पूरे भारत से भी सभी बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करेंगे.'' शाह ने आगे कहा कि शंकरदेव ने 'एक भारत' का नारा दिया था, जिसे अब प्रधानमंत्री मोदी पालन कर रहे हैं. इस बात पर जोर देते हुए कि असम पूर्वोत्तर का ग्रोथ इंजन बन गया है और इस इलाके को विकास की ओर ले जा रहा है, शाह ने बताया कि इन 11 सालों में पीएम मोदी 80 बार पूर्वोत्तर इलाकों का दौरा किया, जिसमें से मोदी 36 बार वे असम आए हैं, जिससे पता चलता है कि भाजपा सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास पर ध्यान दे रही है. रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, प्रधानमंत्री ने असम में शांति और विकास पक्का करने के लिए कदम उठाए हैं, जो सिर्फ कागज पर नहीं बल्कि हकीकत है. उन्होंने कहा कि पिछले 11 सालों में भाजपा सरकार ने राज्य में अलग-अलग मिलिटेंट ग्रुप के साथ शांति समझौते किए हैं और इन समझौतों के 92 प्रतिशत क्लॉज पूरे किए गए हैं.

राज्यपाल पटेल ने कहा, विजेता खिलाड़ी महिला सशक्तिकरण का प्रतीक हैं

विजेता खिलाड़ी महिला सशक्तिकरण का प्रतीक : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने किया ब्लाइंड महिला टी-20 वर्ल्ड कप-2025 की विजेता खिलाड़ियों का सम्मान राष्ट्रीय टीम की प्रदेश की खिलाड़ियों ने लोकभवन में की सौजन्य भेंट भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि ब्लाइंड महिला टी-20 वर्ल्ड कप – 2025 की विजेता टीम की बेटियां महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। कार्यक्रम में विजेता होना दिव्यांगजनों के हौसलें और दिव्यता का उत्कृष्ट उदाहरण है। बेटियों की उपलब्धि प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणा और गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग महिला खिलाड़ियों ने मध्यप्रदेश और देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया है। राज्यपाल पटेल सोमवार को राष्ट्रीय ब्लाइंड महिला टी-20 टीम की प्रदेश की खिलाड़ी सुसुषमा पटेल, सुसुनीता सराठे और सुदुर्गा येवले से लोकभवन में चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने तीनों खिलाड़ियों का शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। उन्होंने खिलाड़ियों और उनके कोच का भी उत्साहवर्धन किया। राज्यपाल पटेल ने उन्हें बधाई और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। भारतीय महिला (ब्लाइंड) क्रिकेट टीम ने 23 नवम्बर 2025 को कोलंबो में आयोजित टी-20 वर्ल्डकप के फ़ाइनल मैच में नेपाल को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इस राष्ट्रीय टीम में मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले की सुसुनीता सराठे , दमोह ज़िले की सुसुषमा पटेल और बैतुल ज़िले की सुदुर्गा येवले प्रतिभावान खिलाड़ी शामिल रहीं हैं।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में सुधार, वृद्धों के लिए मिली नई राहत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना को मिली नई गति आठ माह में प्रदेश भर में जुड़े 9.83 लाख नए पेंशनर डिजिटल सत्यापन से पारदर्शी हुई व्यवस्था, लाभार्थियों की संख्या 67.50 लाख तक पहुंची आधार और डिजिटल मॉनिटरिंग से अपात्र नामों पर लगी रोक पात्र वृद्धजनों को प्राथमिकता, कोई भी लाभ से न रहे वंचित फैमिली आईडी से 60 वर्ष होते ही स्वतः मिलेगी पेंशन समाज कल्याण विभाग की योजनाओं से बढ़ा बुजुर्गों का भरोसा लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना वर्ष 2025 में सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनकर उभरी है। समाज कल्याण विभाग की इस योजना के अंतर्गत बीते आठ माह में प्रदेश भर में 9.83 लाख नए पात्र वृद्धजनों को जोड़ा गया है, जिससे कुल पेंशन लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 67.50 लाख तक पहुंच गई है। डिजिटल सत्यापन से पारदर्शी हुई व्यवस्था समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप वृद्धजनों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन देने की दिशा में यह योजना लगातार सशक्त हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर योजना में डिजिटल मॉनिटरिंग, आधार आधारित सत्यापन और सतत निगरानी की व्यवस्था लागू की गई है। इससे पेंशन वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनी है तथा यह सुनिश्चित हुआ है कि सरकारी सहायता सही पात्रों तक ही पहुंचे। 67.50 लाख तक पहुंचे लाभार्थी वर्ष 2024 में जहां राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना से 61.00 लाख वृद्धजन लाभान्वित हो रहे थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 67.50 लाख हो गई है। मंत्री ने कहा कि लाभार्थियों में यह वृद्धि योगी सरकार की सामाजिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक संबल दिया जा रहा है। नियमित सत्यापन से अपात्र नाम हटे योजना की शुचिता बनाए रखने के लिए विभाग द्वारा नियमित सत्यापन और समीक्षा की गई। इसके अंतर्गत वर्ष 2024 में 1.77 लाख, जबकि वर्ष 2025 में 3.32 लाख मृतक और अपात्र लाभार्थियों के नाम पेंशन सूची से हटाए गए। इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया गया कि पेंशन राशि केवल वास्तविक और पात्र वृद्धजनों को ही प्राप्त हो। पात्र वृद्धजनों को मिले प्राथमिक लाभ समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक अमरजीत सिंह ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र वृद्धजन पेंशन योजना से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से वर्ष 2025 में 9.83 लाख नए पात्र वृद्धजनों को योजना से जोड़ा गया, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 7.08 लाख थी। 60 वर्ष होते ही खाते में पहुंचेगी पेंशन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अब वृद्धावस्था पेंशन योजना को और अधिक सरल बनाया गया है। नई व्यवस्था के तहत पात्रों की पहचान और सत्यापन फैमिली आईडी ‘एक परिवार एक पहचान’ प्रणाली के माध्यम से स्वतः किया जाएगा। इससे कोई भी पात्र व्यक्ति 60 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही पेंशन राशि सीधे उसके बैंक खाते में प्राप्त कर सकेगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर चला प्रदेशव्यापी अभियान, एनडीपीएस और बीएनएस के तहत हुई सख्त कानूनी कार्रवाई

सीएम योगी के निर्देश पर एफएसडीए का बड़ा एक्शन, कोडीनयुक्त कफ सिरप की पैरेलल सप्लाई चेन ध्वस्त  – 52 जिलों में सघन जांच, 161 फर्मों पर एफआईआर, 36 जनपदों में अवैध डायवर्जन का हुआ खुलासा – कोडीन कफ सिरप का गैर-चिकित्सीय उपयोग सिद्ध, 700 करोड़ से अधिक की संदिग्ध आपूर्ति जांच के घेरे में – मुख्यमंत्री के निर्देश पर चला प्रदेशव्यापी अभियान, एनडीपीएस और बीएनएस के तहत हुई सख्त कानूनी कार्रवाई लखनऊ  योगी सरकार ने पिछले पौने नौ वर्षों में अवैध नशे के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की है। योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ताबड़तोड़ एक्शन ने अवैध नशे के सौदागरों की कमर तोड़ दी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) को कोडिनयुक्त कफ सिरप एवं एनडीपीएस श्रेणी की औषधियों के अवैध भंडारण, क्रय-विक्रय, वितरण तथा अवैध डायवर्जन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिये। इस पर तीन माह पहले अभियान शुरू किया।      कई प्रदेशों में विवेचना की गई और सुपर स्टॉकिस्ट के साथ होलसेलर के कारोबारी रिश्तों के सबूत जुटाए विभाग ने कोडिनयुक्त कफ सिरप के अवैध डायवर्जन को लेकर देश का सबसे बड़ा क्रैक डाउन शुरू करने से पहले अंदरुनी गहन जांच शुरू की। इस दौरान झारखंड, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड जैसे राज्यों में विवेचना की गई और यूपी के सुपर स्टॉकिस्ट और होलसेलर के साथ उनके कारोबारी रिश्तों के सबूत जुटाए। इसके बाद प्रदेश में क्रैक डाउन शुरू हुआ, जिसने सिरप के अवैध डायवर्जन की परतें उधेड़ दीं। एसएसडीए की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस और एसटीएफ ने नशे के सौदागरों को दबोचने के लिए एक्शन शुरू किया। सीएम के निर्देश पर सिरप का नशे के रूप में इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ एनडीपीएस और बीएनएस के तहत मुकदमे दर्ज किये गये। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा चलाने को सही ठहराते हुए 22 मामलों में आरोपियों की रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने 22 मामलों में आरोपियों द्वारा अरेस्ट स्टे की रिट याचिकाओं को भी खारिज कर दिया। 52 जनपदों में 332 से अधिक थोक औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों की जांच की गई एफएसडीए ने पिछले तीन माह में कोडिनयुक्त कफ सिरप और एनडीपीएस श्रेणी की औषधियों के अवैध भंडारण, क्रय-विक्रय, वितरण तथा अवैध डायवर्जन पर कुल 52 जनपदों में 332 से अधिक थोक औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों की जांच की। जांच के दौरान प्राप्त अभिलेखीय एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर 36 जनपदों की कुल 161 फर्मों/संचालकों के विरुद्ध बीएनएस तथा एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई। वहीं, जिलाधिकारियों को गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के लिए पत्र लिखा ताकि अवैध नशे के अर्जित संपत्ति को जब्त किया जा सके। सीएम के निर्देश पर एफएसडीए ने कोडिनयुक्त कफ सिरप की नशे के रूप में तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की, जो पूरे देश में सबसे बड़ा क्रैक डाउन है।  मामले की तह तक पहुंची एफएसडीए और पकड़ में आया पूरा नेक्सेज  एफएसडीए आयुक्त ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए जनपद स्तर पर कई टीमें बनाईं। टीमों की निगरानी के लिए मुख्यालय पर एक टीम बनाई गई। विभिन्न टीमें जांच के लिए विभिन्न प्रदेशों में गई और गोपनीय तरीके से साक्ष्य जुटाए। टीम ने केंद्रीय नॉरकोटिक्स ब्यूरो, ग्वालियर, मध्य प्रदेश से कोडीन फॉस्फेट का कोटा एवं उठान के विवरण को एकत्रित किया। वहीं टीम ने कोडिनयुक्त कफ सिरप निर्माता फर्मों की जांच के लिए हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड गई। यहां से सिरप के निर्माण और वितरण से संबंधित अभिलेख जुटाए। इसके बाद सिरप के क्रय विक्रय अभिलेख के लिए रांची, दिल्ली और लखनऊ का रूख किया। इस दौरान पाया गया कि अधिकांश होलसेल के पास स्टॉक पहुंचने का सत्यापन नहीं है और रिटेल मेडिकल स्टोर के नाम पर कोई भी विक्रय बिल नहीं मिला जबकि दिल्ली, रांची के सुपर स्टॉकिस्ट और इनसे जुड़े कुछ चिन्हित होल सेलर के नाम पर बिलिंग करके सिरप के साथ एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं की एक सामानान्तर वितरण श्रृखंला बनायी गयी। इसका खुलासा करने के लिए विभाग द्वारा कड़ी मेहनत की गयी। इसके बाद पूरी चेन को कनेक्ट किया, जिसके बाद सिरप के अवैध डायवर्जन का मामला सामने आया। वर्ष 2024-25 में कफ सिरप की आपूर्ति चिकित्साीय आवश्यकता से कई गुना अधिक मिली कई मामलों में फर्में विक्रय बिल प्रस्तुत करने में असफल रहीं, जबकि कुछ फर्मों द्वारा केवल कागजी अभिलेखों में सिरप का क्रय-विक्रय दर्शाया गया। प्रस्तुत विक्रय विवरणों में भी किसी भी फुटकर औषधि प्रतिष्ठान को कोडीनयुक्त कफ सिरप की वास्तविक आपूर्ति का सत्यापन नहीं हो सका, जिससे कथित आपूर्ति को अप्रमाणित पाया गया। वर्ष 2024-25 प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप की आपूर्ति वास्तविक चिकित्सीय आवश्यकता से कई गुना अधिक पाई गई। जांच में ऐबोट हेल्थ केयर द्वारा निर्मित फेन्सिडिल की 2.23 करोड़ से अधिक बोतलें, लैबोरेट फार्मास्युटिकल्स द्वारा निर्मित एस्कॉफ की 73 लाख से अधिक बोतलें तथा अन्य कंपनियों द्वारा निर्मित लगभग 25 लाख बोतलों की आपूर्ति दर्ज मिली, जिनका चिकित्सीय उपयोग प्रमाणित नहीं हो सका। पुलिस और एसटीएफ ने कुल 85 अभियुक्तों को किया अरेस्ट एफएसडीए ने रिपोर्ट सीएम और पुलिस को सौंपी। इसके आधार पर पुलिस और एसटीएफ ने 79 अभियोग दर्ज किये। इसमें अब तक 85 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। वर्तमान में एक्शन चल रहा है। वहीं मामले में गठित एसआईटी भी जांच कर रही है। जानकारों की मानें तो अगले माह एसआईटी जांच रिपोर्ट सीएम को सौंप सकती है। लाइसेंसिंग प्रणाली सख्त करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के निर्देश पर एफएसडीए मुख्यालय द्वारा थोक औषधि विक्रय लाइसेंसिंग प्रणाली को और अधिक सख्त व पारदर्शी बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें थोक प्रतिष्ठान की जीओ टैगिंग, भंडारण क्षमता की पुष्टि और इनकी फोटोग्राफ कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं प्रतिष्ठान के टेक्निकल पर्सन का अनुभव प्रमाण पत्र को ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा सत्यापन करने का भी प्रस्ताव भेजा गया है। कोडीनयुक्त कफ सिरप के निर्माण, बल्क सप्लाई, वितरण एवं निगरानी के लिए भारत सरकार से आवश्यक अधिसूचना एवं दिशा-निर्देश जारी करने के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है।

भारतीय समुदाय के लिए खतरा: बांग्लादेश में हादी के साथियों ने जारी किया 24 दिन का अल्टीमेटम

ढाका  इंकलाब मंच के प्रवक्ता उस्मान हादी की मौत के मामले में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार घर में ही घिर गई है। अब मंच ने 24 दिनों में हत्या का ट्रायल पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। साथ ही तीन मांग भी रखी हैं, जिनमें बांग्लादेश में रहकर काम कर रहे भारतीयों के परमिट रद्द करने के लिए कहा गया है। हालांकि, इन मांगों को लेकर अंतरिम सरकार ने प्रतिक्रिया नहीं दी है। द डेली स्टार के अनुसार, इंकलाब मंच के सचिव अब्दुल्लाह अल जब्बार ने रविवार को ढाका के शाहबाग से यूनुस सरकार को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा, 'हत्यारे, मास्टरमाइंड, सहयोगी, भागने में मदद करने वालों और पनाह देने वालों समेत पूरे स्क्वॉड का ट्रायल अगले 24 दिनों में पूरा हो जाना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'बांग्लादेश की संप्रभुता को बचाने के लिए भारतीयों को जारी वर्क परमिट भी रद्द किए जाने चाहिए।' मंच की मांग है कि अगर भारत शरण पाए दोषियों को लौटाने से इनकार करता है, तो उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में केस दर्ज कराया जाए। हत्यारों के भारत में प्रवेश के दावे खारिज मेघालय की सुरक्षा एजेंसियों ने बांग्लादेश पुलिस के उन दावों को रविवार को सिरे से खारिज कर दिया कि हादी के हत्यारे भारतीय राज्य में दाखिल हो गए हैं। मेघालय में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के प्रमुख, महानिरीक्षक (IG) ओ पी उपाध्याय ने कहा कि ये दावे निराधार और भ्रामक हैं। उपाध्याय ने पीटीआई-भाषा से कहा, 'इस बात का कोई सबूत नहीं है कि किसी व्यक्ति ने हलुआघाट सेक्टर से मेघालय में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार की हो। बीएसएफ को ऐसी किसी घटना की न तो सूचना मिली है और न ही ऐसी कोई रिपोर्ट मिली है।' मेघालय पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गारो पर्वतीय क्षेत्र में संदिग्धों की मौजूदगी के दावे की पुष्टि करने के लिए 'कोई जानकारी या खुफिया प्रमाण नहीं' है। अधिकारी ने कहा कि स्थानीय पुलिस इकाइयों को इस तरह की किसी गतिविधि की सूचना नहीं मिली है और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय जारी है। ढाका महानगर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दिन में दावा किया था कि हादी हत्याकांड के दो मुख्य संदिग्ध 'स्थानीय सहयोगियों की मदद से' हलुआघाट सीमा के रास्ते मेघालय में प्रवेश कर गए हैं।