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दिसंबर में मिलेगी लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त, राशि बढ़कर हुई 1500 रुपए

भोपाल      दिसंबर महीने में लाड़ली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी की जाएगी। इसके तहत 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को 1250 की जगह 1500 रूपए भेजे जाएंगे। चुंकी राज्य की मोहन सरकार ने नवंबर से किस्त में 250 रूपए का इजाफा कर दिया है। इससे पहले 12 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी से प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में 30वीं किस्त (1500 रूपए) के रूप में कुल 1857 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित किए गए थे। इस योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी, तब से अक्टूबर 2025 तक बैंक खातों में 44 हजार 917 करोड़ 92 लाख रू का अंतरण कर चुके हैं। जनवरी 2024 से अक्टूबर 2025 तक 34 हजार 921 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण सिंगल क्लिक से किया है। 2023 में शुरू हुई थी लाड़ली बहना योजना     मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मई 2023 में लाड़ली बहना योजना शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसमें रक्षा बंधन पर अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रूपये की विशेष सहायता राशि तीन बार प्रदान की गई। 2023 अगस्त में राशि को 1000 से बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया । इसके बाद नवंबर 2025 में राशि में 250 की फिर वृद्धि की गई है और अब इस योजना के तहत 1500 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 18,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से नवंबर 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 30 किश्तों का अंतरण किया गया है। इस प्रकार योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रूपये की राशि का सीधा अंतरण लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है।प्रदेश के सभी 52 जिलों में कुल 1,26,36,250 (एक करोड़ 26 लाख 36 हजार 250) महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। लाड़ली बहना योजना में ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।     घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो। जानिए किस जिले में कितनी लाड़ली बहनें     लाड़ली बहना योजना में सबसे अधिक लाभार्थी इंदौर जिले में हैं, जहाँ 4 लाख 40 हजार 723 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इसके बाद सागर में 4 लाख 19 हजार 903, रीवा में 4 लाख 3 हजार 182, छिंदवाड़ा में 3 लाख 90 हजार 311, धार में 3 लाख 82 हजार 417, जबलपुर 3 लाख 81 हजार 848 ,बालाघाट जिले में 3 लाख 47 हजार 816, उज्जैन में 3 लाख 40 हजार 203, मुरैना में 3 लाख 33 हजार 821 ,छतरपुर में 3 लाख 24 हजार 454, खरगोन में 3 लाख 13 हजार 741, भोपाल में 3 लाख 9 हजार 20 तथा ग्वालियर जिले में 3 लाख 5 हजार 969 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।     राजगढ़ में 2 लाख 95 हजार 459, शिवपुरी में 2 लाख 87 हजार 943, देवास में 2 लाख 85 हजार 496, विदिशा में 2 लाख 74 हजार 946, भिंड में 2 लाख 72 हजार 343, बेतूल में 2 लाख 71 हजार 474 ,सिवनी जिले में 2 लाख 68 हजार 187, मंदसौर में 2 लाख 62 हजार 827, रतलाम में 2 लाख 50 हजार 176, रायसेन में 2 लाख 46 हजार 390, दमोह में 2 लाख 45 हजार 143, सीहोर में 2 लाख 42 हजार 717, और कटनी में 2 लाख 41 हजार 302 बहनों को राशि का लाभ मिला है।     बड़वानी में 2 लाख 37 हजार 60, गुना में 2 लाख 28 हजार 604, खंडवा में 2 लाख 16 हजार 372, नर्मदापुरम में 2 लाख 9 हजार 837, सिद्धी में 2 लाख 9 हजार 706, टीकमगढ़ में 2 लाख 7 हजार 79, नरसिंहपुर में 2 लाख 8 हजार 734 ,सिंगरौली जिले में 1 लाख 97 हजार 4, मंडला में 1 लाख 95 हजार 153, झाबुआ में 1 लाख 92 हजार 511, शहडोल में 1 लाख 88 हजार 729, पन्ना में 1 लाख 82 हजार 220, शाजापुर में 1 लाख 73 हजार 900, नीमच में 1 लाख 57 हजार 658, तथा अशोक नगर में 1 लाख 55 हजार 387 महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हुई हैं।     दतिया में 1 लाख 44 हजार 239, अनूपपुर में 1 लाख 26 हजार 54, अलीराजपुर में 1 लाख 23 हजार 492, आगर मालवा में 1 लाख 17 हजार 255, उमरिया में 1 लाख 9 हजार 113, श्योपुर में 1 लाख 8 हजार 673, और हरदा जिले में 93 हजार 516 बहनों को योजना की राशि का लाभ मिला है। निवाड़ी जिले में 80 हजार 157 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। लाभार्थी सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     … Read more

मप्र में नई योजना: 600 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी सरकार, 100% सब्सिडी पर मिलेगा बगीचा लगाने का फंड

 राजगढ़  जिले की 600 महिलाएं 600 एकड़ जमीन में संतरे की फसल उगाएंगी। इसके लिए शासन स्तर पर उन्हें सब्सिडी प्रदान की जाएगी। तीन साल के लिए 2 लाख 70 हजार रुपए की राशि बगीचे और उससे जुड़े कार्यों के लिए देगी। करीब 15 करोड़ से अधिक की सब्सिडी जिले की महिलाओं को तीन साल के भीतर मिलेगी। एक बगिया मां के नाम योजना के तहत दी जाएगी छूट दरअसल, मप्र शासन की 'एक बगिया मां के नाम' योजना के तहत यह छूट स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को दी जाएगी। उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत खुद की जमीन में महिलाएं संतरे की पैदावार कर पाएंगी। हर ब्लॉक में 100-100 महिलाओं का चयन करना है। जिसके लिए संबंधित महिला का स्व-सहायता समूह से जुड़ा होना जरुरी होगा। साथ ही स्व-सहायता समूह की महिला सदस्य के पास न्यूनतम 0.5 और अधिकतम 1 एकड़ खुद की जमीन होना जरूरी है। यानी समूह का हिस्सा होने पर ही फायदा मिलेगा। चयन शासन स्तर पर होगा। संबंधित जमीन को भी जांचा जाएगा कि वह संबंधित फल, पौधे वहां लग पाएंगे या नहीं? हालांकि राजगढ़ जिले में संतरे की पैदावार अच्छी होती है इसीलिए उसी को फाइनल किया जाना है। पहले भी यहां संतरे के बगीचे लगाए जा चुके हैं, जिनसे किसानों को काफी लाभ मिल रहा है। हर महिला को 2.70 लाख रुपए देंगे जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत शासन स्तर पर पूरी सब्सिडी दी जाएगी। गड्‌ढा खोदने से लेकर पौधे बड़े होने तक का खर्च शासन उठाएगा। जिसके तहत प्रत्येक महिला को 2 लाख 70 हजार रुपए तक की राशि दी जाएगी। इसमें मजदूरी, गड्‌ढा खोदना, पौधों की लागत, तार फेंसिंग सहित अन्य कार्य रहेंगे। तीन साल में जब पौधे बड़े हो जाएंगे और फल आने लगेंगे तो वे सीधा उन्हें बेच पाएंगे। जिले की 600 महिलाओं के लिए संतरे के बगीचे की योजना है। मिलेगी सब्सिडी- जिपं सीईओ इसमें शासन स्तर पर सब्सिडी मिलेगी। हर ब्लॉक में 100 महिलाओं को 100 एकड़ में बगीचे लगाए जाएंगे। पूरी सुविधा उन्हें शासन स्तर पर मिलेगी। -डॉ. इच्छित गढ़पाले, सीईओ, जिला पंचायत, राजगढ़ स्व-सहायता समूह का सदस्य होना जरूरी- प्रबंधक संबंधित महिलाओं का स्व-सहायता समूह से जुड़ा होना जरूरी है। उन्हें ही इसका लाभ मिलेगा। तीन साल तक पौधों की देख-रेख, पौधों का खर्च, तार फेंसिंग इत्यादि का कुल 2.70 लाख का खर्च शासन देगा। – संदीप सोनी, प्रबंधक, एनआरएलएम, राजगढ़

नई व्यवस्था लागू: 1 जनवरी से पैसे होंगे ऑटो डिडक्शन, परिवहन विभाग का अपडेट

भोपाल  परिवहन विभाग एक जनवरी 2026 से चालान व्यवस्था में बड़ा बदलाव करेगा। अब टोल प्लाज़ा और हाईवे पर लगे उच्च-गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे वाहनों की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRPs) स्कैन करेंगे। किसी भी कमी या उल्लंघन पर सीधे वाहन मालिक के मोबाइल पर ई-चालान भेज दिया जाएगा। इसके लिए वाहन मालिक का मोबाइल नंबर परिवहन विभाग के पोर्टल से जुड़ा होना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने सभी वाहन स्वामियों को निर्देश दिए हैं कि दिसंबर 2025 तक अपना मोबाइल नंबर पोर्टल पर अपडेट करें और पुरानी नंबर प्लेट हटाकर नई एचएसआरपी लगवा लें।  हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य 62 हजार से अधिक वाहन अभी भी बिना एचएसआरपी दतिया जिले में 01 अप्रैल 2019 से 12 नवंबर 2025 तक कुल 1,11,617 वाहनों में एचएसआरपी लग चुकी है, जबकि 62,911 वाहनों में अभी भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगना बाकी है। पुराने वाहनों में एचएसआरपी न लगना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। हालांकि विभाग का मानना है कि नए चालान सिस्टम लागू होने के बाद कठोरता और निगरानी दोनों में बढ़ोतरी होगी। एचएसआरपी के बिना नहीं होंगे कार्य नियमों के अनुसार परिवहन विभाग कार्यालय (Transport Department) में दोपहिया और चार पहिया वाहनों से जुड़े कार्य- जैसे परमिट, फिटनेस, वाहन स्थानांतरण, टैक्स जमा, एनओसी आदि- एचएसआरपी के बिना नहीं किए जाएंगे। परिवहन अधिकारियों की ई-चालान आईडी भी सक्रिय कर दी गई है। नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ( पोर्टल पर दर्ज होगी वाहन की जानकारी टोल प्लाज़ा और हाईवे के सभी सीसीटीवी कैमरों को परिवहन विभाग के पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। वाहन कैमरे के दायरे में आते ही, नंबर प्लेट स्कैन होकर पोर्टल पर वाहन की जानकारी पहुंच जाएगी। नियम विरुद्ध पाए जाने पर ई-चालान जारी हो जाएगा। स्वाति पाठक, जिला परिवहन अधिकारी

भंडारे और शादियों के पंडाल होंगे फायर सेफ, MP एक्ट 2025 के तहत 15 मीटर से ऊंची इमारतों के लिए प्रमाणपत्र अनिवार्य

भोपाल  मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग ने मध्य प्रदेश फायर एंड इमरजेंसी सर्विस एक्ट 2025 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इस ड्राफ्ट से जुड़ी सारी अनुमतियां ले ली गई हैं। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधेयक के रूप पेश किया जायेगा।  नए कानून के ड्राफ्ट के मुताबिक, अब 15 मीटर से ऊंची हर इमारत, स्कूल, अस्पताल, मॉल और फैक्ट्री के लिए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना जरूरी होगा। इसके बिना बिल्डिंग को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा। वहीं शादी, पॉलिटिकल और धार्मिक आयोजन के पंडाल में इस्तेमाल होने वाला कपड़ा अग्निरोधी होना अनिवार्य होगा, यानी ऐसे मटेरियल का कपड़ा, जो जल्दी आग न पकड़े। पंडालों और बड़े आयोजनों की पूरी जिम्मेदारी आयोजकों पर डालते हुए उन्हें 'सेल्फ-रेगुलेटरी' घोषित किया गया है। लापरवाही बरतने पर अब सिर्फ जुर्माना नहीं, बल्कि जेल की हवा भी खानी पड़ेगी। 8 सवालों के जवाब से समझिए कि आखिर नए फायर सेफ्टी एक्ट की क्या जरूरत पड़ी? इमारतों के लिए क्या नियम रहेंगे और आम लोगों को क्या फायदा मिलेगा, कितना टैक्स देना पड़ेगा… 1. क्यों पड़ी एक नए और सख्त कानून की जरूरत? अब तक मध्य प्रदेश में फायर सेफ्टी के नियम अलग-अलग नगर निकायों और विभागों के अधीन थे, जिससे एकरूपता और जवाबदेही का अभाव था। पुराने नियम न तो आधुनिक निर्माण चुनौतियों का सामना करने में सक्षम थे और न ही उनमें लापरवाही बरतने वालों के लिए कोई कठोर दंड का प्रावधान था। 2. नया एक्ट इस समस्या को कैसे दूर करेगा? नया फायर एंड इमरजेंसी सर्विस एक्ट 2025 इसी बिखरी हुई और कमजोर व्यवस्था को खत्म कर पूरे राज्य के लिए एक एकीकृत, आधुनिक और शक्तिशाली फायर सर्विस की स्थापना करेगा, जिसके पास नियम लागू करवाने के लिए अभूतपूर्व अधिकार होंगे। 3. कैसा होगा फायर सर्विस का स्ट्रक्चर?     कमिश्नर और डायरेक्टर की होगी नियुक्ति: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का कमिश्नर ही फायर एंड इमरजेंसी सर्विस का कमिश्नर होगा। सरकार एक डायरेक्टर को भी नियुक्त करेगी। यह ऐसा व्यक्ति होगा, जिसके पास अनुभव, जानकारी और इस क्षेत्र में अच्छे काम का रिकॉर्ड हो। यह डायरेक्टर, कमिश्नर के अधीन रहकर काम करेगा।     पुलिस थानों की तर्ज पर फायर स्टेशन: सरकार आबादी, औद्योगिक क्षेत्र, बिजनेस सेंटर्स के हिसाब से नए फायर स्टेशन खोल सकेगी। पुलिस थानों की तरह ही हर फायर स्टेशन की सीमा तय रहेगी ताकि आग लगने की घटनाओं के बाद तत्काल एक्शन लिया जा सके। हर फायर स्टेशन पर एक डिप्टी फायर ऑफिसर या उससे ऊपर के पद के फायर ऑफिसर की नियुक्ति होगी। 4. बिल्डिंग मालिकों की क्या जिम्मेदारियां रहेंगी? अब तक कई व्यवसायिक और रिहायशी इमारतें फायर सेफ्टी के मानकों को ताक पर रखकर चल रही थीं, लेकिन अब ऐसा करना असंभव होगा। नए कानून के तहत 15 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाली रिहायशी और व्यवसायिक इमारतों को फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना जरूरी होगा। इसके अलावा स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, नर्सिंग होम, होटल, गेस्ट हाउस, मॉल, मल्टीप्लेक्स, फैक्ट्री, गोदाम के लिए भी ये जरूरी होगा। वहीं, औद्योगिक प्रतिष्ठान और 500 वर्ग मीटर से बड़े क्षेत्रफल वाली कोई भी मिक्स-यूज बिल्डिंग के लिए ये अनिवार्य होगा। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि बिना फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के किसी भी बिल्डिंग को नगर निगम से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) नहीं मिलेगा, जिसका सीधा मतलब है कि बिल्डर तब तक बिल्डिंग को बेच या किराए पर नहीं दे पाएगा, जब तक कि वह आग से सुरक्षा के सभी मानकों को पूरा न कर ले। साथ ही, सुरक्षा उपकरणों के रखरखाव की रिपोर्ट साल में दो बार फायर विभाग को सौंपनी होगी। 5. शादी और धार्मिक आयोजन के पंडालों के लिए क्या होंगे नियम? त्योहार, मेले, सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में लगने वाले पंडाल आग के लिहाज से सबसे संवेदनशील होते हैं। नए कानून में पंडालों को 'सेल्फ-रेगुलेटरी' घोषित कर दिया गया है। इसका अर्थ है कि सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी अब आयोजक की होगी।     लिखित घोषणा जरूरी: आयोजक को पंडाल में एक बोर्ड लगाकर यह लिखित घोषणा करनी होगी कि उसने फायर सेफ्टी के सभी नियमों का पालन किया है।     सुरक्षा मानक: आयोजक को फायर-रिटार्डेंट (अग्निरोधी) कपड़े का इस्तेमाल, पर्याप्त चौड़े प्रवेश-निकास द्वार, इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और सुरक्षित बिजली वायरिंग सुनिश्चित करनी होगी।     अधिकारी का अधिकार: फायर ऑफिसर किसी भी पंडाल का अचानक निरीक्षण कर सकते हैं। यदि घोषणा झूठी पाई गई या सुरक्षा में कोई कमी मिली, तो वे पंडाल को तुरंत सील कर सकते हैं। झूठी घोषणा करने पर आयोजक के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। 6. फायर सर्टिफिकेट और एनओसी कैसे मिलेगी? इसके लिए एक ऑनलाइन सिस्टम डेवलप करने की सिफारिश की गई है। ये ICT आधारित ऑनलाइन प्रणाली होगी, जिसमें सभी तरह के फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट और एनओसी हासिल कर सकेंगे। इस सिस्टम को डेवलप करने का मकसद भ्रष्टाचार और देरी को खत्म करना भी है। 7. फायर अफसरों को क्या अधिकार मिलेंगे नया कानून फायर विभाग के अधिकारियों को इतने अधिकार देता है, जितने पहले कभी नहीं थे ताकि वे बिना किसी दबाव के सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।     इमारत सील करने का अधिकार : यदि कोई इमारत आग के दृष्टिकोण से खतरनाक है, तो फायर अधिकारी उसे तुरंत खाली करने और सील करने का आदेश दे सकते हैं। सील तोड़ने पर जेल का प्रावधान है।     तोड़-फोड़ और गिरफ्तारी: आग बुझाने के दौरान फायर ऑफिसर किसी भी रास्ते को बंद कर सकते हैं, बाधा डालने वाले लोगों को गिरफ्तार कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर किसी दीवार या संरचना को तोड़ने का आदेश भी दे सकते हैं।     अतिक्रमण हटाना: आग के खतरे वाली जगहों पर रखे सामान या अतिक्रमण को फायर अधिकारी तुरंत हटाने का आदेश दे सकते हैं। आदेश न मानने पर एसडीएम की मदद से सामान जब्त कर नीलाम भी किया जा सकता है।     पानी पर पहला हक: आग बुझाने के लिए फायर सर्विस किसी भी निजी या सार्वजनिक स्रोत-जैसे कुआं, टंकी, तालाब या बोरवेल से पानी ले सकती है। पानी की आपूर्ति में बाधा डालने वालों पर कठोर दंड लगेगा।

भोपाल में खुलेगा नया साइबर पंजीयन ऑफिस, प्रदेश के सभी जिलों की रजिस्ट्री अब होगी केंद्रीकृत

 इंदौर  मध्य प्रदेश में संपत्ति की रजिस्ट्री की प्रक्रिया में बदलाव कर अब भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित पंजीयन भवन में साइबर पंजीयन कार्यालय तैयार किया जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद प्रदेश के किसी भी जिले की रजिस्ट्री यहां हो सकेगी। खरीदार को संबंधित जिले में जाने की जरूरत नहीं रहेगी। जानकारों का कहना है कि इस प्रक्रिया से संपत्तियों की निगरानी व्यवस्था प्रभावित होगी। जिले की जिन संपत्तियों पर आपत्तियां हैं या न्यायालयीन विवाद हैं, उनकी भोपाल में निगरानी कैसे होगी। स्टे वाली संपत्तियों की रजिस्ट्रियां भी लोग आसानी से भोपाल में करवा सकेंगे। पंजीयन विभाग ने अक्टूबर में भोपाल में साइबर पंजीयन कार्यालय खोलने का नोटिफिकेशन जारी किया था। कार्यालय शुरू करने की तैयारी जारी है, जल्द ही साइबर सब रजिस्ट्रारों की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद रजिस्ट्री का कार्य शुरू होगा। वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के किसी भी जिले में रहने वाला खरीदार यहां से रजिस्ट्री करवा सकेगा। भोपाल कार्यालय में ट्रायल रजिस्ट्री का काम हो चुका है, जहां विदेश में बैठे खरीदारों ने रजिस्ट्री कराई थी। स्टे वाली संपत्ति की रजिस्ट्री रोक नहीं पाएंगे पंजीयन कार्यालय अभिभाषक व्यवस्थापक समिति के अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी का कहना है कि पंजीयन विभाग को आधुनिक सिस्टम से इंदौर के बाहर रजिस्ट्री कराने के लिए नई व्यवस्था करनी होगी। जिलों का लक्ष्य भी प्रभावित होगा, जिसकी भरपाई कैसे की जा सकेगी। आपत्ति वाली, न्यायालयीन विवाद और स्टे वाली संपत्ति की रजिस्ट्री को रोक नहीं पाएंगे, क्योंकि विभाग के पास अभी निगरानी का सिस्टम नहीं है। इनकी निगरानी जिला स्तर पर ही होती है। यहां पर भी लोग विवादित संपत्तियों की रजिस्ट्री एक पंजीयन कार्यालय में रुकने पर दूसरे में जाकर करवा लेते हैं। प्रशासनिक पकड़ होगी कमजोर व्यवस्थापक समिति के अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी बताते हैं कि भोपाल में सभी जिलों की रजिस्ट्रियां होने से जिला स्तर पर प्रशासनिक पकड़ भी कमजोर होगी। अभी अवैध कालोनियों और विवादित संपत्तियों पर जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर निगरानी करते हुए रजिस्ट्री की प्रक्रिया रुकवा देता है, इससे आमजन के साथ धोखाधड़ी नहीं होती। भोपाल में यह निगरानी प्रभावित होगी।

मध्य प्रदेश का डिजिटल सफर: SIR में 57% डिजिटाइजेशन, देश में टॉप राज्यों में स्थान

भोपाल  मध्य प्रदेश में चुनावी मतदाता सूची के डिजिटलीकरण का काम 57.05% पूरा हो गया है, जिससे यह इस काम में लगे 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चौथे स्थान पर आ गया है। यह प्रगति ऐसे समय में हुई है जब ड्यूटी पर तैनात बूथ-लेवल ऑफिसर्स (BLOs) की मौतें चिंता का विषय बन गई हैं। 11 नवंबर से अब तक कम से कम चार बीएलओ की मौत हो चुकी है, जिनमें से सभी सरकारी स्कूल शिक्षक थे। उनके रिश्तेदारों का आरोप है कि काम का अत्यधिक दबाव, लंबे काम के घंटे और लक्ष्य पूरा न करने पर निलंबन का डर इन मौतों का कारण बना है। 65 हजार से अधिक बीएलओ काम में लगे आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 5.73 करोड़ मतदाताओं को 65,014 बीएलओ द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म दिए गए हैं। 23 नवंबर तक इनमें से 3.27 करोड़ फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके थे। इस बीच, बीएलओ की मौतें चिंता बढ़ा रही हैं। इन इलाकों में हुई बीएलओ की मौतें दतिया जिले में एक शिक्षक की कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हो गई। परिवार का कहना है कि वह स्मार्टफोन से काम करने का दबाव और सजा का डर बर्दाश्त नहीं कर सका। दमोह और रायसेन जिलों में दो शिक्षकों की मौत हो गई। उनके परिवारों का आरोप है कि प्रतिदिन 100 मतदाताओं को सूचीबद्ध करने जैसे अवास्तविक लक्ष्य उन्हें परेशान कर रहे थे। अलीराजपुर में एक अन्य BLO, SIR ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित होने के एक दिन बाद सीढ़ियों से गिरकर मर गया। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि ये सभी आरोप रिश्तेदारों द्वारा लगाए गए हैं। पुलिस द्वारा की गई जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही सच्चाई सामने आएगी। बड़े राज्यों में दूसरे स्थान पर एमपी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मामले में, मध्य प्रदेश, लक्षद्वीप (88.20%), गोवा (69.38%), और राजस्थान (65.52%) से पीछे है। लेकिन लक्षद्वीप और गोवा में मध्य प्रदेश की तुलना में बहुत कम मतदाता हैं। पांच करोड़ से अधिक मतदाताओं वाले राज्यों में, मध्य प्रदेश केवल राजस्थान से पीछे है, जिससे यह प्रभावी रूप से दूसरी स्थिति में है। अन्य राज्यों का हाल अन्य राज्य जो SIR में भाग ले रहे हैं उनमें गुजरात (49.62%), पुडुचेरी (51.24%), अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (44.13%), तमिलनाडु (40.40%), छत्तीसगढ़ (40.83%), पश्चिम बंगाल (47.72%), उत्तर प्रदेश (19.02%), और केरल (15.92%) शामिल हैं। क्या है SIR? SIR का उद्देश्य घर-घर जाकर मतदाता सूची में सुधार करना और BLOs द्वारा उन्हें डिजिटाइज करके त्रुटि-मुक्त मतदाता सूची तैयार करना है। जिन मतदाताओं को उनके फॉर्म नहीं मिले हैं, वे ECI पोर्टल पर ऑनलाइन भर सकते हैं। BLOs का विवरण राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की वेबसाइट या राष्ट्रीय मतदाता खोज पोर्टल पर उपलब्ध है।  

IMD की चेतावनी: तूफान सेन्यार से अगले दो दिन मूसलाधार बारिश की संभावना

 नई दिल्ली मानसून के शानदार सीज़न के बाद अब मौसम ने फिर करवट ले ली है। बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण बनने वाले चक्रवाती तूफान सेन्यार की सक्रियता से देश के कई हिस्सों में अगले दो दिनों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसके मद्देनजर अगले 48 घंटे के लिए कई राज्यों में चेतावनी जारी की है। मूसलाधार बारिश के लिए अलर्ट IMD ने बताया कि तूफान सेन्यार के प्रभाव से केरल, तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। इस दौरान बिजली चमकने, गरजने और 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी का भी खतरा है। साइक्लोनिक गतिविधियों का असर अंडमान-निकोबार, यनम, रायलसीमा, लक्षद्वीप और माहे पर भी देखने को मिलेगा। इन इलाकों में अगले 48 घंटों में बादलों की झमाझम बरसात होने के साथ तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना है। राजस्थान और दिल्ली में ठंड का असर मानसून के जाने के बाद राजस्थान और दिल्ली में मौसम ठंडा हो गया है। हालांकि, दिन के समय धूप के बीच तापमान में गिरावट का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे में राजस्थान और दिल्ली के कई हिस्सों में तापमान 2-3 डिग्री तक नीचे गिर सकता है, जिससे ठंड का अहसास बढ़ेगा। सावधानियों की जरूरत IMD ने जनता से आग्रह किया है कि मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहें। सड़क पर यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें और नदी-नाले या तटीय इलाकों में अनावश्यक प्रवेश न करें। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय तूफान सेन्यार मौसम के पैटर्न को प्रभावित कर रहा है, और इसके असर से देश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और ठंड का असर देखने को मिलेगा।  

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के बिगड़े बोल, SIR और BLO को लेकर चुनाव आयोग ने लिया नोटिस

रांची अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के एक और वायरल वीडियो से सियासी माहौल गरमा गया है। इस वीडियो में इरफान अंसारी चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR पर विवादित बयान देते नजर आ रहे हैं। वह एक सभा में कहते नजर आ रहे हैं कि यदि कोई बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ आपके इलाके में एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट से नाम काटने के लिए आए तो उसे घर में बंद कर दें। इस पर भाजपा ने पलटवार किया है तो चुनाव आयोग ने भी झारखंड सरकार से रिपोर्ट तलब की है। BLO नाम काटने आए तो घर में बंद कर दो वायरल वीडियो जामताड़ा जिले में आयोजित सेवा के अधिकार सप्ताह कार्यक्रम का बताया जा रहा है। इसमें झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी कहते नजर आ रहे हैं कि यदि कोई बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) आपके इलाके में एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट से नाम काटने के लिए घर आए तो उसे घर में बंद कर दें। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि एसआईआर के नाम पर आने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर नाम काटने न दें और उनकी जानकारी सीधे उनसे साझा करें। हालांकि इस बयान पर इरफान अंसारी का स्पष्टिकरण भी आ गया है। BJP का सवाल- संविधान खतरे में है या नहीं? इस बयान के बाद भाजपा ने इरफान अंसारी की तीखी आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन और अराजकता को बढ़ावा देने वाला करार दिया। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा- झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी सार्वजनिक तौर पर बोल रहे हैं कि यदि चुनाव आयोग का कोई बूथ स्तर का अधिकारी आपके पास जानकारी लेने आए तो उसे बंधक बना लो। मैं इंडी गठबंधन से पूछना चाहता हूं कि यह लोकतंत्र को बंधक बनाने की निंदनीय कोशिश है या नहीं? क्या संविधान खतरे में है या नहीं? भाजपा ने इंडिया गठबंधन को घेरा भाजपा सांसद सुधाशु त्रिवेदी ने आगे आरोप लगाया कि जहां इंडी गठबंधन के लोग सत्ता में आते हैं, वहां संविधान की भावना दरकिनार कर दी जाती है। किस के लिए? कुछ संदिग्ध स्रोतों से वोट प्राप्त करके सत्ता पर काबिज होने के लिए। चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट वहीं इस पूरे प्रकरण पर चुनाव आयोग ने झारखंड सरकार से रिपोर्ट मांग ली है। चुनाव आयोग ने कहा है कि एसआईआर एक संवैधानिक प्रक्रिया है जिसका मकसद मतदाता सूची को साफ-सुथरा बनाना है। झारखंड में इस प्रक्रिया का अभी पूर्वाभ्यास चल रहा है लेकिन राजनीतिक दल इसे चुनावी हथियार बना रहे हैं। एसआईआर की प्रक्रिया में मतदाता सूची से मृत, फर्जी या अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाने और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने का काम होता है। सफाई दी, कहा- नकली BLO के बारे में कही थी बात सियासी माहौल गरमाने के बीच इरफान अंसारी की ओर से सफाई भी आ गई है। उन्होंने एक्स पर अपने एक पोस्ट में लिखा- कुछ मीडिया संस्थानों ने मेरी बातों को गलत संदर्भ में पेश किया है जिसकी मैं कड़ी निंदा करता हूं। मैंने केवल इतना कहा था कि हमारे क्षेत्र में कुछ फर्जी लोग नकली BLO बनकर गरीबों को डराने और पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए और यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति नाम काटने या कोई अवैध कार्य करने आए तो उसकी सूचना तुरंत हमें और प्रशासन को दें। बदले सुर अब कहा- BLO हमारे सम्मानित पदाधिकारी झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने आगे कहा है कि BLO चुनाव आयोग के अंग और हमारे सम्मानित पदाधिकारी हैं। उनकी जगह कोई फर्जी व्यक्ति नहीं ले सकता है। मैंने केवल यह मांग की है कि चुनाव आयोग सही तरीके से प्रक्रिया चलाए ताकि किसी गरीब, वंचित या आम नागरिक का नाम गलत तरीके से न कटने पाए। मैं हमेशा लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हूं।

व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र, मुख्यमंत्री ने किया अवलोकन

हस्तशिल्प, वन-उत्पाद और पारंपरिक कला ने खींचा देश-विदेश के खरीदारों का ध्यान रायपुर, भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आज छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के पेवेलियन का भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने  पेवेलियन में प्रदर्शित उत्पादों और नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वैश्विक व्यापार मंचों पर लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, वनोपज आधारित उत्पाद और पारंपरिक कला वैश्विक बाजार में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “देश-विदेश के खरीदारों के बीच छत्तीसगढ़ी उत्पादों की बढ़ती मांग स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और हमारे कारीगरों के सम्मान को नई दिशा दे रही है। यह ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।” उन्होंने पवेलियन में प्रदर्शित कोसा सिल्क, धातु-शिल्प, ढोकरा कला, प्राकृतिक वन-आधारित उत्पाद, मिलेट-आधारित फूड प्रोडक्ट्स और सूक्ष्म उद्यमों के अभिनव मॉडल की सराहना की। मुख्यमंत्री ने पेवेलियन में बस्तर की समृद्ध विरासत और कलाकृतियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने डिजिटल टीवी पर प्रसारित डॉक्यूमेंट्री ‘बदलता बस्तर (आमचो बस्तर)’  का अवलोकन करते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री में आज का नया बस्तर स्पष्ट दिखाई देता है। बस्तर बदल चुका है, और यह डॉक्यूमेंट्री उसी परिवर्तन का जीवंत अवलोकन कराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य  सरकार जनजातीय और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए विभिन्न योजनाओं और संस्थागत समर्थन को निरंतर मजबूत कर रही है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल,  कमलेश जांगड़े एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।

हिस्ट्रीशीटर कपिल यादव एनकाउंटर में ढेर नहीं, घायल; पुलिस ने दूसरा आरोपी हथियार–कैश सहित पकड़ा

 ग्वालियर ग्वालियर जिले में सोमवार सुबह पुलिस के साथ एक शॉर्ट एनकाउंटर के बाद हिस्ट्री-शीटर कपलि यादव ​​को पकड़ लिया गया. आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम था.  ग्वालियर के SSP धर्मवीर सिंह ने बताया कि कपिल यादव 10 हजार रुपए का इनामी वॉन्टेड क्रिमिनल था. जिला हेडक्वार्टर से करीब 25 KM दूर मोहनपुर इलाके में सुबह करीब 5 बजे हुई गोलीबारी में उसके पैर में गोली लग गई. पुलिस अधिकारी ने बताया कि कपिल 21 नवंबर को मुरार इलाके में जमीन के झगड़े को लेकर कुछ लोगों पर हमला करने के बाद से फरार था. पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की थी और उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था.  पुलिस ने बताया , सुबह करीब 6.10 बजे कपिल यादव बाइक से बंधोली के जंगली रास्ते से निकला पुलिस ने यहां घेरा डाल रखा था। पुलिस को रास्ते में देखकर कपिल ने गोली चलाकर भागने का प्रयास किया तो पुलिस टीम ने उस पर फायर किया। गोली कपिल के पैर में लगी तो वह जख्मी होकर गिर पड़ा। इन वारदातों से चुनौती मुरार के कपड़ा कारोबारी की बड़ागांव में जमीन पर कब्जा करने के लिए गुंडे कपिल यादव और उसके साथियों ने कपड़ा कारोबारी और उसके बेटे पर गोलियां चलाईं थीं। इसके अलावा चार दिन पहले बडागांव में रामजानकी मंदिर की जमीन पर कब्जा करने के लिए पूरन सिंह भदौरिया और उनके भाई पर कातिलाना हमला किया था। धर्मवीर सिंह ने बताया कि रविवार रात को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी ग्वालियर से भागने की योजना बना रहा है और टिप-ऑफ के आधार पर उन्होंने मेला ग्राउंड में एक वैन की तलाशी ली और उसके साथी अमन यादव को एक गैर-कानूनी बंदूक के साथ पकड़ लिया, जबकि कपिल भागने में कामयाब रहा. एसएसपी ने बताया कि आरोपी को सुबह-सुबह मोहनपुर में एक ईंट भट्टे पर पकड़ा गया, जहां उसने कथित तौर पर सरेंडर करने के बजाय पुलिस टीम पर गोली चला दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की. उन्होंने बताया कि उसके पैर में चोट लगी है और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी कपिल पर करीब 12 क्रिमिनल केस दर्ज हैं और उस पर पहले भी सख्त नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) लगाया जा चुका है. बदमाश को एनकाउंटर में दबोचा ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि, बदमाश से सुबह बंधोली के रास्ते में एनकाउंटर में हुआ है। उसके पैर में गोली लगी है । फिलहाल उसे इलाज के लिए भर्ती कराया है। उससे अपराधों के बारे में पूछताछ की जाएगी।