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तुर्की में भूकंप से कांपी धरती, 5.8 तीव्रता के झटकों से दियारबाकिर समेत कई शहर हिले

अदियामान  तुर्की में गुरुवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. शुरुआती अनुमान के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 5.8 थी. दियारबाकिर, अदियामान और सानलिउर्फा समेत आसपास के कई प्रांतों में लोगों ने झटके महसूस किए. शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक दियारबाकिर में भूकंप का असर ज्यादा महसूस हुआ।  शुरुआती रिपोर्टों में भूकंप की तीव्रता 5.5 बताई गई थी, जिसे बाद में 5.8 बताया गया. फिलहाल भूकंप से हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है. भूकंप से जुड़ी ज्यादा जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।  एजेंसी के मुताबिक इसके झटके शानलिउर्फा के साथ अदियामान, मालट्या, दियारबाकिर और गाजियांटेप में भी महसूस किए गए. AFAD ने कहा कि फिलहाल किसी तरह की नकारात्मक स्थिति की जानकारी नहीं है और प्रभावित इलाकों में फील्ड स्कैनिंग जारी है।  अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल किसी के मारे जाने या घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है. प्रशासन की टीमें अलग-अलग इलाकों में जाकर हालात का जायजा ले रही हैं. भूकंप के बाद किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने आती है या नहीं, इसे लेकर निगरानी जारी है।  संवेदनशील इलाकों में से एक पूर्वी तुर्किए दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप-संवेदनशील इलाकों में से एक है। यहां से ईस्ट एनाटोलियन फॉल्ट गुजरती है और यह एनाटोलियन, अरेबियन और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा के पास स्थित है। विनाशकारी भूकंपों का इतिहास इस इलाके में विनाशकारी भूकंपों का लंबा इतिहास रहा है। इनमें सबसे प्रमुख फरवरी 2023 में कहरामनमारस प्रांत में आया भूकंप था, जिसमें अकेले तुर्किए में 53,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और यह सदी के सबसे घातक भूकंपों में से एक माना जाता है।

मध्य प्रदेश में 600 परिवारों को नौकरी, 859 में से नियुक्ति पत्र जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों पर स्कूल शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठाया है. लंबे समय से लंबित 859 अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में त्वरित निस्तारण करते हुए शिक्षा विभाग ने दो दिनों में 600 अनुकंपा नियुक्ति देने के आदेश जारी किए हैं. स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा "बाकी बचे 30 आदेश भी अगले दो दिन के भीतर जारी कर दिए जाएंगे. नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद अभ्यर्थियों को जल्द जॉइनिंग लेने के निर्देश दिए गए हैं।  859 में से 600 अनुकंपा नियुक्ति आदेश जारी स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से अटके पड़े अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में आदेश जारी करने में तेजी दिखाई गई है. स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, "संवेदनशीलता से समाधान, परिवारों को आर्थिक संबल. मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों के त्वरित निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संवेदनशील पहल एवं अपेक्षा के अनुरूप लगभग 859 लंबित प्रकरणों में से 600 अनुकंपा नियुक्ति आदेश विगत दो दिवस में जारी किए जा चुके हैं।  अगले दो दिन में जारी हो जाएंगे 30 और आदेश स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर आगे लिखा, "लगभग 30 और आगामी दो दोनों में जारी किए जाएंगे. शेष प्रकरणों में भी पूरी संवेदनशीलता के साथ आवश्यक विकल्पों पर विचार किया जा रहा है. हमारा प्रयास है कि दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को समय पर आर्थिक संबल और सम्मानजनक जीवन का आधार मिल सके।  स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से 859 अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण लंबित थे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों की बैठक बुलाई. इससे पहले ही स्कूल शिक्षा विभाग सक्रिय हुए और बीत दो दिन में 600 अनुकंपा नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए. इसके लिए मंगलवार शाम से देर रात तक दस्तावेजों की जांच और नियुक्ति आदेश जारी करने का काम जारी था। 

भोपाल में दुकानों पर बड़ा एक्शन, गलियों में कारोबार पर लगेगी रोक; पार्किंग भी जरूरी

भोपाल  भोपाल में रहवासी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियों और सीलिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को करीब 3 घंटे सुनवाई हुई। कोर्ट ने सीलिंग में लापरवाही पर नाराजगी जताई। कहा- रहवासी इलाकों में कारोबार नहीं होना चाहिए और स्पष्ट रूप से रहवासी उपयोग वाली जगहों पर सीलिंग या डिमोलिशन की कार्रवाई जारी रहेगी। कोर्ट ने कहा- जिन जगहों का लैंड यूज स्पष्ट नहीं है या जहां मिक्स्ड लैंड यूज है, वहां कार्रवाई में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। भोपाल में कई जगह निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं होने पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। कोर्ट ने साफ किया कि उसके आदेशों का पालन हर हाल में सुनिश्चित करना होगा। इसी सुनवाई में 21 साल से अटके भोपाल के नए मास्टर प्लान के ड्रॉफ्ट को जारी करने की मंजूरी भी मिल गई। सरकार फाइनल प्रकाशन से पहले कोर्ट को इसकी जानकारी देगी। नए मास्टर प्लान के लागू होने तक सीलिंग की कार्रवाई नहीं रुकेगी। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी। 10 शिकायतें पहुंचीं, शाम को खुल रहे थे सील दुकानें सुनवाई से पहले भोपाल के रहवासियों की करीब 10 शिकायतें एमिकस क्यूरी एके सिन्हा के जरिए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचीं। शिकायतों में कहा गया कि नगर निगम ने अगस्त में जिन प्रतिष्ठानों को सील किया था, उनमें से कई सुबह बंद रहते हैं, लेकिन शाम होते ही दोबारा खुल जाते हैं। इन शिकायतों के बाद कोर्ट ने सीलिंग की कार्रवाई में लापरवाही पर नाराजगी जताई। कोर्ट के सामने यह मुद्दा भी आया कि कागजों पर कार्रवाई के बावजूद जमीन पर उसका असर कई जगह दिखाई नहीं दे रहा है। अब नई कमेटी नहीं बनेगी सुनवाई के दौरान मध्यप्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए केएन नटराजन ने कोर्ट को बताया कि सरकार से इस संबंध में बात हो चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अब कोई नई कमेटी नहीं बनाई जाएगी। सीलिंग की कार्रवाई में रुकावट नहीं डाली जाएगी। दरअसल, पहले राज्य सरकार ने सीलिंग से जुड़े मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए कमेटी की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। बाद में कमेटी बनाने को लेकर अवमानना का मुद्दा भी उठा। एमिकस क्यूरी एके सिन्हा ने कोर्ट को बताया था कि सरकार की ओर से कमेटी बनाना सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना के दायरे में आता है। सरकार के आश्वासन के बाद कोर्ट ने इसे स्वीकार कर लिया। हालांकि, अवमानना की कार्रवाई होगी या नहीं, यह लिखित आदेश से स्पष्ट होगा। 1995 के बाद नया मास्टर प्लान नहीं आया सरकार ने कोर्ट को बताया कि भोपाल के लिए 1995 के बाद नया मास्टर प्लान नहीं आया। 2005 में लागू किया गया मास्टर प्लान भी अपनी अवधि पूरी कर चुका है। इसके बावजूद शहर का विकास पुराने मास्टर प्लान के आधार पर किया जा रहा है। सरकार ने बताया कि नए मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट तैयार है। इसी ड्रॉफ्ट को जारी करने की अनुमति सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी थी, जिस पर कोर्ट ने अनुमति दे दी। 8,084 प्रतिष्ठानों को मिले थे नोटिस सुप्रीम कोर्ट के 5 अगस्त के फैसले के बाद नगर निगम ने रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई शुरू की थी। निगम ने शहरभर में नोटिस बांटे थे। करीब 15 दिन तक नोटिस देने की प्रक्रिया चली। नगर निगम की सूची में कुल 62,500 दुकानें दर्ज थे। इनमें से 8,084 दुकानों को नोटिस दिए गए। इसके बाद करीब 190 दुकानों को तीन दिन के लिए बंद या सील किया गया था। व्यापारियों के विरोध के बाद 22 दिन से रुकी थी कार्रवाई नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया था। विरोध के बाद नगर निगम ने कार्रवाई रोक दी थी। मंगलवार की सुनवाई से पहले करीब 22 दिन से सीलिंग की कार्रवाई नहीं हुई थी। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने नगर निगम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई कार्रवाई रिपोर्ट पर भी आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि निगम ने गलत कार्रवाई दिखाने वाले दस्तावेज कोर्ट में पेश किए और जिन प्रतिष्ठानों को सील किया गया था, वे बाद में दोबारा खुल गए। अगस्त में 10 सदस्यीय कमेटी पर लगी थी रोक इस मामले में अगस्त की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार की ओर से बनाई गई 10 सदस्यीय जांच कमेटी की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ओर से दुकान संचालकों को दिए गए सभी राहत और स्टे आदेश भी रद्द कर दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि उसके निर्देश पर चल रही जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले की सुनवाई पहले 15 सितंबर को होनी थी, लेकिन उस दिन सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद मंगलवार को कोर्ट में करीब तीन घंटे तक मामले पर सुनवाई हुई। नियम तोड़ने पर एक्शन नगर निगम की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ढोल ग्यारस को देखते हुए जोन क्षेत्र में निरीक्षण किया। इस दौरान दो स्थानों पर मांस की दुकानें संचालित मिलीं। नगर निगम द्वारा त्योहार के अवसर पर निर्धारित प्रतिबंधों के बावजूद दुकानें खुली मिलने पर टीम ने तत्काल कार्रवाई की। प्रतिबंधित अवधि में दुकान खोलने पर होगी कार्रवाई नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि त्योहारों के दौरान निर्धारित नियमों और प्रतिबंधों का पालन कराना निगम की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान यदि प्रतिबंधित अवधि में मांस की दुकानें खुली मिलती हैं तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाएगी। जोन क्रमांक 11 के स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मांस विक्रेताओं के बीच भी सतर्कता बढ़ गई है। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में भी क्षेत्र में निरीक्षण जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।  अब तक ऐसे रहे मास्टर प्लान के ड्राफ्ट     अगस्त 2009 में ड्राफ्ट-2021 जारी हुआ। 2008 से तैयारी शुरू हुई। 813.92 वर्ग किमी क्षेत्रफल व 196 गांवों को शामिल किया था। बड़ा तालाब कैचमेंट- एफटीएल और ग्रीन बेल्ट के नियमों व सर्वे में गलतियों से विरोध हुआ। यह अधिसूचित नहीं हो सका। इसे ही नए सिरे से बनाने के लिए 2011 में कमेटी बनाई। … Read more

ट्रक से भिड़ी कार, उड़े परखच्चे; मंत्री की बेटी समेत 4 ने गंवाई जान,CM ने जताया शोक

जमशेदपुर झारखंड के जमशेदपुर में भीषण सड़क हादसा देखने को मिला है। जिले के सोनारी थाना क्षेत्र स्थित मरीन ड्राइव पर गुरुवार तड़के हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत हो गई। तेज रफ्तार कार सड़क पर खड़े एक ब्रेकडाउन ट्रक के पीछे जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार ट्रक के पिछले हिस्से में बुरी तरह फंस गई और उसके परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों में झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडे सिंह की बेटी तृषा सिंह भी शामिल हैं। काफी मशक्कत से बाहर निकले शव जमशेदपुर में मरीन ड्राइव पर हुई इस दर्दनाक घटना के बारे में सूचना मिलते ही डीएसपी सीसीआर मनोज ठाकुर, सोनारी थाना प्रभारी संजय सुमन तथा अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। दुर्घटना के बाद कार में फंसे लोगों को निकालने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बचाव दल ने गैस कटर की मदद से कार को काटकर शवों को बाहर निकाला। हादसा इतना भयावह था कि मृतकों के शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके साथ ही गाड़ी के भी परखच्चे उड़ गए हैं। ट्रक से टक्कर के बाद कार के उड़ गए परखच्चे बताया जाता है कि जमशेदपुर के सोनारी थानाक्षेत्र अंतर्गत दोमुहानी मरीन ड्राइव पर कार और ट्रक की टक्कर में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी समेत कुल 4 लोगों की मौत हुई। मृतकों में 2 युवक और 2 युवतियां शामिल हैं। मरने वालों के नाम हैं- सार्थक अग्रवाल, नमन गुप्ता, वंशिका खंडेलवाल और तृषा सिंह। बताया जाता है कि सफेद रंग की स्विफ्ट कार, दोमुहानी मरीन ड्राइव सड़क पर पहले से खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार को कटर से काटकर निकाले शव जानकारी के मुताबिक, ट्रक बुधवार रात करीब 10 बजे ब्रेकडाउन होने के बाद मरीन ड्राइव की सड़क पर खड़ा था. गुरुवार तड़के तेज गति से आ रही कार अनियंत्रित होकर सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई. हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार के परखच्चे उड़ गए. कार में सवार लोगों को बाहर निकालना भी बेहद मुश्किल हो गया.  सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंची और गैस कटर की मदद से कार को काटकर शवों को बाहर निकाला गया।  XLRI की छात्रा थी तृषा कार इतनी बुरी हालत में थी कि इसको गैस कटर से काटकर मृतकों का शव निकालना पड़ा। शवों को MGM अस्पताल भेज दिया गया है। मंत्री की बेटी XLRI की छात्रा थी। घटना की सूचना मिलते ही मंत्री दीपिका पांडेय सिंह रांची से जमशेदपुर के लिए निकल गईं। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी के निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुख जताया है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है।  गैस कटर से काटकर निकाले गए शव  ट्रक से टक्कर के बाद कार की हालत खराब हो गई। उसके अंदर मंत्री की बेटी समेत चारों फंस गए। कार की हालत इतनी खराब थी कि गैस कटर के काट कर शवों को बाहर निकाला गया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए MGM अस्पताल भेजा गया। मृतकों की हुई पहचान पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान सार्थक अग्रवाल, नमन गुप्ता, वंशिका खंडेलवाल और तृषा सिंह के रूप में हुई है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अर्णव मिश्रा ने बताया कि संबंधित ट्रक बुधवार रात करीब 10 बजे से खराब होकर सड़क पर खड़ा था। गुरुवार सुबह लगभग 3 बजे तेज रफ्तार कार पीछे से ट्रेलर में जा घुसी, जिससे कार सवार चारों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे से झारखंड में शोक की लहर हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान तृषा सिंह, सार्थक अग्रवाल, नमन गुप्ता और वंशिका खंडेलवाल के रूप में हुई है.  सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम अस्पताल भेजे जाने की जानकारी है.  इस दर्दनाक हादसे की खबर सामने आने के बाद पूरे झारखंड में शोक की लहर है.  मुख्यमंत्री सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफानन अंसारी ने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की है।   हादसे का कारण क्या था? जमशेदपुर में हुई इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और अंधेरे के कारण ट्रक का समय पर दिखाई नहीं देना हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। वहीं, प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि सड़क पर खड़े ट्रक के पीछे आवश्यक सुरक्षा संकेतक और चेतावनी व्यवस्था मौजूद थी या नहीं। आपको बता दें कि इससे पहले झारखंड की राजधानी रांची में भी दर्दनाक हादसा हुआ था। यहां पानी की टंकी गिरने से मलबे में दबकर 2 मजदूरों की मौत हो गई थी। CM हेमंत सोरेन ने जताया दुख झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जमशेदपुर में हुए इस हादसे पर शोक जताया है। उन्होंने लिखा- "जमशेदपुर में एनएच हाईवे पर हुए सड़क हादसे में राज्य सरकार में साथी मंत्री एवं बहन श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह जी की बेटी एवं अन्य लोगों के निधन की बेहद दुखद और हृदयविदारक खबर से मन अत्यंत व्यथित है। अपनी संतान को खोने का दुःख किसी भी माता-पिता और परिवार के लिए शब्दों से परे और असहनीय होता है। इस अत्यंत कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं बहन दीपिका जी एवं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं। इस अपूरणीय क्षति के लिए शब्द नहीं हैं। मरांग बुरु दिवंगत लोगों की आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।"

CM मान से मुलाकात के बाद पटवारियों ने वापस ली हड़ताल, भर्ती पर बड़ा फैसला

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ बैठक के बाद राजस्व पटवार यूनियन ने अपनी हड़ताल वापस लेने का फैसला किया है। सरकार ने पटवारियों की प्रमुख मांगों पर सहमति जताते हुए 1000 से अधिक राजस्व पटवारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई भर्ती से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और राजस्व संबंधी रोजमर्रा के प्रशासनिक काम अधिक सुचारू होंगे। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि यूनियन ने अपनी जायज मांगें माने जाने पर अपनी हड़ताल वापस लेने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने पटवारियों के पटवारी कैडर को राज्य स्तरीय से वापस जिला स्तरीय कैडर करने की मांग को सैद्धांतिक रूप से मंजूर कर लिया है।” उन्होंने कहा, “इस फैसले से भर्ती प्रक्रिया सुचारू होगी और वरिष्ठता तथा पदोन्नतियों संबंधी आ रही प्रशासनिक अड़चनें दूर होंगी। यह फैसला प्रशासनिक सुधारों और विभाग के कामकाज में सुधार की जरूरत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।” उन्होंने कहा, “जिला स्तर पर पटवारी कैडर को बहाल करने के लिए मंत्रिमंडल द्वारा जल्द ही औपचारिक मंजूरी दी जाएगी।” कर्मचारियों के कल्याण के प्रति पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार अपने कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मैं पटवारियों से अपील करता हूं कि वे पूरी मेहनत और समर्पण के साथ काम करें और राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि सभी पटवारी सरकार द्वारा उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी लगन और ईमानदारी से निर्धारित समय में निभाते रहेंगे।” मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों पर पूरी सहानुभूति के साथ विचार करेगी। उन्होंने कहा कि मैं यूनियन से साथ ही यह अपील करता हूं कि भविष्य में भी सेवा से जुड़े सभी जायज मुद्दों के समाधान के लिए किसी भी तरह की हड़ताल के बजाय बातचीत और आपसी विचार-विमर्श के माध्यम से समाधान निकालना सुनिश्चित करें।”  कर्मचारियों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता कर्मचारियों और जनता के बीच संतुलन बनाते हुए मुख्यमंत्री ने पटवारियों से अपील की कि वे पूरी ईमानदारी और लगन के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की हर जायज़ मांग पर पूरी सहानुभूति के साथ विचार करने को तैयार है, लेकिन इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि सरकारी योजनाएं बिना किसी रुकावट के सीधे जमीनी स्तर तक पहुंचें। मुख्यमंत्री ने यूनियन को यह भी नसीहत दी कि भविष्य में किसी भी तरह के विवाद या मांग को लेकर हड़ताल का रास्ता अपनाने के बजाय आपसी बातचीत और संवाद के जरिए ही समाधान निकाला जाना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े। AI मास्टरक्लास बैठक में पटवारी कैडर को राज्य स्तरीय से वापस जिला स्तरीय करने की मांग को भी सरकार ने सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पटवारियों की वरिष्ठता और पदोन्नति से जुड़ी प्रशासनिक अड़चनें दूर होंगी। जिला स्तरीय कैडर बहाल करने के प्रस्ताव को जल्द ही मंत्रिमंडल की औपचारिक मंजूरी दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने यूनियन के हड़ताल वापस लेने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पटवारियों से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचने की अपील भी की। मान ने भविष्य में सेवा संबंधी मांगों के समाधान के लिए हड़ताल के बजाय बातचीत और आपसी विचार-विमर्श का रास्ता अपनाने को कहा है।  

निवेश और विकास दर में तेजी, नई गति से आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री

बढ़ती विकास दर और तेज़ी से बढ़ता निवेश, नयी गति से विकास कर रहा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  भोपाल के एक निजी होटल में प्रतिष्ठित मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत – बढ़ता मध्यप्रदेश' कॉन्क्लेव को संबोधित किया। कान्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश अब विकास के एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विकास दर दो अंकों में पहुंच गई है और रोजगार के क्षेत्र में भी सकारात्मक स्थिति बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब वास्तविक प्रगति कर रहा है। प्रदेश की विकास दर टू-डिजिट में है और इस समय बेरोजगारी की दर न्यूनतम स्तर पर है। बड़ी संख्या में निवेशक मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं और प्रदेश में भारी मात्रा में निवेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश बढ़ने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नये अवसर भी तैयार हो रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को अनुकूल वातावरण, आवश्यक सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराया जाए। कॉन्क्लेव में प्रदेश की आर्थिक प्रगति, निवेश संभावनाओं और रोजगार सृजन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संसाधन और उपलब्ध संभावनाएं इसे निवेश का महत्वपूर्ण केंद्र बना रही हैं। प्रदेश में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियां हमारे आर्थिक बदलाव का बड़ा कारण बनकर उभरीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश की सेवा करने का अवसर दिया है, यह मेरा सौभाग्य है। उन्होंने जनकल्याण और सुशासन के बलबूते देश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश भी 2002-03 के बाद सुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमृतकाल में देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2002-03 तक प्रति व्यक्ति आय मात्र 11 हजार रुपए थी। इसके अगले 20 साल में हमारी सरकार आने पर प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 40 हजार रुपए हो गई। उसके बाद हमारी सरकार बनी तो ढाई साल में 1 लाख 57 हजार रुपए हो गई। हमने अमृतकाल में वर्ष 2047 तक प्रति व्यक्ति आय 22 लाख 50 हजार रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। हम दीर्घकालिक विजन के साथ नीतियों का निर्माण कर रहे हैं। सकारात्मक भाव के साथ कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश ने कई चुनौतियों को समाप्त किया है। बुंदेलखंड में देश की पहली राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना (केन-बेतवा लिंक) और राजस्थान के साथ सालों पुराने जल बंटवारे के विवाद को पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना की सौगात मिली। केन-बेतवा लिंक से बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश के जिलों को पानी मिलेगा, वहीं पीकेसी से राजस्थान और मालवा क्षेत्र के जिले लाभान्वित होंगे। मध्यप्रदेश में पानी की कोई कमी नहीं है। दूसरी चुनौती थी- नक्सलवाद, जिसे हमने प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में समाप्त किया है। मध्यप्रदेश तय समय-सीमा में लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला देश का पहला राज्य बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्याप्त बिजली, उद्योग स्थापित करने के लिए लैंड बैंक, बेहतर कानून व्यवस्था, अपराध मुक्त जीवन पद्धति, श्रमिकों के आंदोलन नहीं होना जैसी विशेषताएं हैं। हमारा प्रदेश कृषि, अनाज उत्पादन और खनन क्षेत्र में अग्रणी है। मध्यप्रदेश हीरा उत्पादक प्रदेश है। यहां टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन और वन्यजीव पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य की समृद्धि के लिए गुजरात मॉडल को हमने मध्यप्रदेश में लागू करने का प्रयास किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए मोदीजी ने नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध का काम तेजी से पूर्ण कराया। जिससे गुजरात के साथ ही मध्यप्रदेश को भी सिंचाई सुविधा और बिजली आपूर्ति का लाभ मिला है। देश में मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जहां बेरोजगारी दर सबसे कम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आमतौर पर औद्योगिक निवेश का 10 प्रतिशत धरातल पर उतरता है। लेकिन मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जहां पिछले ढाई साल में 30 प्रतिशत निवेश जमीन पर आ चुका है। राज्य में उद्योग अनुकूल 25 नीतियां और पारदर्शी व्यवस्था लागू हैं। मध्यप्रदेश कपास उत्पादन में अग्रणी है। हमने रोजगार आधारित उद्योग स्थापित करने स्टॉफ की सैलरी में 5000 रुपए प्रति महीना वीजीएफ देना शुरू कर दिया है। राज्यों के बीच व्यापार-व्यवसाय और उद्योग स्थापना के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जीआईएस-2025 में आए 30 लाख करोड़ के निवेश में से अब तक 11 लाख करोड़ से अधिक धरातल पर आ चुका है और आगे भी काम तेजी से जारी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के दौर में हमें आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करना चाहिए, लेकिन अगर चैट-जीपीटी, ग्रोक या अन्य प्लेटफॉर्म गलत उत्तर दें, तो उसे सही भी कराना चाहिए। जैसे मैंने चैट-जीपीटी से क्षिप्रा का नाम कालिदास के ग्रंथों के आधार पर 'शिप्रा' कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की आबादी 9 करोड़ के आसपास है। सभी नौकरियों की संख्या 10 लाख है। हमारी सरकार बनने के बाद 85 हजार से अधिक शासकीय पदों पर भर्ती की गई। लगभग ढाई लाख लोगों को पदोन्नति दी गई। हर साल लगभग 1 लाख पदों पर भर्ती करने की प्रक्रिया जारी है। हमारे एमएसएमई सेक्टर से 1 करोड़ 20 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। प्रदेश में लगभग 2 करोड़ किसान खेती से जुड़े हैं। मध्यप्रदेश स्वावलंबन की ओर बढ़ रहा है, हमारे युवा अब रोजगार देने वाले बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। देश में तीर्थाटन की पुरानी परंपरा रही है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देवस्थानों को भव्य स्वरूप दिया है। पहले बाबा विश्वनाथ का कारिडोर बना, फिर महाकाल कॉरिडोर का विकास किया गया। श्रीमहाकाल लोक के लोकार्पण के बाद उज्जैन में तीर्थाटन में बड़ा बदलाव आया है। वर्ष 2022 तक उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 60 लाख होती थी, जो पिछले साल बढ़कर 8 करोड़ लोग आए और इस बार 12 करोड़ श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की … Read more

सिंहस्थ की तैयारी तेज, सेवादूतों के लिए भोपाल में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र

सिंहस्थ सेवादूतों के लिए भोपाल में बनेगा अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ट्रेनिंग सेंटर बनने तक सांदीपनि विद्यालय भवन-परिसरों में होगा सेवादूतों का प्रशिक्षण सिंहस्थ : 2028 के लिए 15 हजार से अधिक स्वयं सेवक संभालेंगे सेवा का मोर्चा सिंहस्थ सेवा कार्य के लिए मुख्यमंत्री निवास में हुई भारत स्काउट एण्ड गाइड की विशेष संगोष्ठी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ : 2028 विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह हमारी आध्यात्मिक चेतना, भारतीय संस्कृति और वैश्विक आस्था का विराट पर्व है। इसके भव्य और दिव्य आयोजन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के साथ पूरी क्षमता के साथ तैयार होना होगा। यह हम सबका दायित्व है कि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में भारत स्काउट एंड गाइड के पदाधिकारियों एवं गाइड्स के साथ सिंहस्थ सेवा कार्य 2028 के संदर्भ में आयोजित एक विशेष संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ में भीड़ नियंत्रण सहित कई प्रकार की व्यवस्थाएं संभालने वाले स्काउट एंड गाइड के मास्टर ट्रेनर, सेवादूतों एवं स्वयं सेवकों के विधिवत् प्रशिक्षण के लिए भोपाल में एक अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस ट्रेनिंग सेंटर के बनने एवं इसमें प्रशिक्षण शुरू होने तक आवश्यकतानुसार सांदीपनि विद्यालय के भवनों एवं परिसरों का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा, भारत स्काउट एवं गाइड का मूल मंत्र है और ‘तैयार रहो’ इसका ध्येय वाक्य। स्काउट एंड गाइड ने अपने कार्य के आधार पर दुनिया में अलग ही पहचान बनाई है। पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से उज्जैन सिंहस्थ के आयोजन में इस संगठन की कार्यशैली, सामर्थ्य और समर्पण को करीब से देखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा किसुरक्षित और सुव्यवस्थित सिंहस्थ कराना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ : 2028 सेवा-भाव, प्रबंधन क्षमता और सुशासन की व्यापक परीक्षा भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी संदर्भ में अपील करते हुए कहा कि आप सबको सेवा के लिए, किसी भी चुनौती और अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हमेशा की तरह तैयार रहना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आजादी के बाद हुए पांच सिंहस्थों में भारत स्काउट-गाइड ने सेवा के कई अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किये हैं। सिंहस्थ 2028 में भीड़ प्रबंधन की चुनौती सबसे बड़ी होगी। उज्जैन सिंहस्थ में करीब 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही है। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ-2016 में करीब 7,500 स्काउट एवं गाइड ने 10 कैंपों के जरिए सेवाएं दी थीं। इस बार 15 हजार से अधिक प्रशिक्षित स्वयं सेवक 20 से अधिक कैंपों के माध्यम से सेवा का मोर्चा संभालेंगे। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग से 100 मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जाएंगे। प्रदेश के हर जिले से 500 तथा उज्जैन संभाग के सभी जिलों से एक-एक हजार युवाओं को सेवादूतों के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण के बाद तेजी से धार्मिक पर्यटन बढ़ा है। इस वर्ष यहां 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि भारत स्काउट एंड गाइड को सिंहस्थ में सेवा के लिए तैयार हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान तकनीक एवं सोशल मीडिया के इस दौर में स्काउट एंड गाइड को इंटरनेट और सोशल मीडिया से फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए भी प्रशिक्षित होना होगा। मध्यप्रदेश स्काउट एंड गाइड के राज्य कोषाध्यक्ष और सिंहस्थ सेवा दल के प्रभारी रहे रमेश शर्मा ने बताया कि सिंहस्थ-2028 में स्काउट एंड गाइड को 30 से अधिक शिविरों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इनमें से 20 शिविर स्काउट-गाइड के होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं सिहस्थ के पूर्व आयोजनों में सेवादूत के रूप में कार्य कर चुके हैं। ऐसे धार्मिक आयोजनों में स्काउट एंड गाइड की भूमिका को बेहतर तरीके से समझते हैं। संगोष्ठी में भारत स्काउट एंड गाइड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अर्गल, संस्था के राज्य सचिव डॉ. प्रेम कुमार, सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह सहित प्रदेश के सभी संभागों से आए सेवादूत उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सेवादूतों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाये। 

शेयर बाजार में भारी गिरावट, ओपनिंग में ही Sensex-Nifty क्रैश; NSE IPO पर भी सवाल

मुंबई   पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली समेत अन्य वजहों से आज घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दिखी है। इससे निवेशकों के बीच हाहाकार वाली स्थिति हो गई। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स700  अंकों की गिरावट के साथ लाल निशान में 74,272.40 पर अपने कारोबार की शुरुआत की है। 9 बजकर 20 मिनट में इसमें 643.55 अंकों की गिरावट दिखी। यह 0.86 फीसदी गिरकर 74,184.70 पर ट्रेड कर रहा था। 50 शेयरों वाला निफ्टी 9 बजकर 21 मिनट पर 0.92% गिरा दिखा। यह 215.30 अंक लुढ़ककर लाल निशान में 23,231.50 पर ट्रेड कर रहा था। इसकी आज की ओपनिंग 23,221.80 रही। आइए जानते हैं कि आज किन शेयरों में सबसे अधिक तेजी और किसमें सबसे अधिक गिरावट दिखी है। इसके साथ ही जानेंगे कि मार्केट में यह गिरावट आखिरकार क्यों आई है और एक्सपर्ट क्या कहते हैं। सेंसेक्स-निफ्टी में खुलते ही भूचाल  गुरुवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,828 की तुलना में गिरकर 74,272 पर ओपन हुआ और फिर कुछ ही मिनटों में ये तेजी से क्रैश होता चला गया. महज पांच मिनट के कारोबार के दौरान Sensex 700 अंकों से ज्यादा की गिरावट लेकर 74,120 के लेवल पर आ गया था।  बात एनएसई निफ्टी की करें, तो ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलता हुआ नजर आया. Nifty अपने पिछले बंद 23,446 की तुलना में गिरावट लेकर 23,221 पर खुला और फिर 200 अंक से ज्यादा टूटकर 23,205 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आया।   ताश के पत्तों की तरह बिखरे ये शेयर  Share Market Crash के बीच रिलायंस से लेकर एचडीएफसी बैंक तक के शेयर गिरावट में ओपन हुए. अगर सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की बात करें, तो इस लिस्ट में बीएसई लार्जकैप में शामिल Bajaj Finance Share (5%), Axis Bank Share (3.70%), Bajaj Finserve Share (3.50%), Kotak Bank Share (2%) की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।  इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Policy Bazar Share (10%), MFSL Share (9.10%), AU Bank Share (5%), IDFC First Bank Share (3.30%), Yes Bank Share (2.60%) फिसल गए।  NSE IPO की आज लिस्टिंग, क्या होगा?  शेयर बाजार में तबाही मची है और ऐसे माहौल में एनएसई के शेयरों का स्टॉक मार्केट डेब्यू होने जा रहा है. ऐसे में निवेशकों की चिंता बढ़ गई है. यहां बता दें कि 22,561.57 करोड़ रुपये साइज का ये NSE IPO 17 से 21 सितंबर तक ओपन हुआ था और निवेशकों ने इसे अच्छा रिस्पांस दिया था. हालांकि, ग्रे मार्केट में ये आईपीओ सुस्त लिस्टिंग का संकेत देता आ रहा है. लिस्ट होने से ऐन पहले NSE IPO GMP महज 2 फीसदी के आसपास है।   बाजार क्रैश के ये बड़े कारण  शेयर बाजार में गिरावट के पीछे के कारणों की बात करें, तो अमेरिका से लेकर एशियाई बाजारों तक में गिरावट के शेयर मार्केट का सेंटीमेंट खराब हुआ है. डाउ जोंस बीते कारोबारी दिन 250 अंक फिसला था. इसके पीछे वजह ये थी कि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के दो दशक के हाई पर पहुंच गई. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में उछाल जारी है और ये 100 डॉलर के पार कारोबार कर रहा है।  सेंसेक्स के टॉप गेनर्स और लूजर्स कौन रहे? 9 बजकर 24 मिनट पर सेंसेक्स के 30 शेयरों में से टॉप गेनर्स और लूजर्स की लिस्ट सेंसेक्स के टॉप गेनर्स सेंसेक्स के टॉप लूजर्स टेक महिंद्रा (1.24%) बजाज फाइनेंस (4.52%) सनफार्मा (0.45%) बजाज फिनसर्व (3.58%) एचसीएल टेक (0.27%) एक्सिस बैंक (3.42%) टीसीएस (0.12%) कोटक महिंद्रा बैंक (1.99%) इन्फोसिस (0.00%) इंडिगो (1.56%) निफ्टी के टॉप गेनर्स और लूजर्स कौन रहे?  9 बजकर 44 मिनट पर निफ्टी के 50 शेयरों में से टॉप गेनर्स और लूजर्स की लिस्ट निफ्टी के टॉप गेनर्स निफ्टी के टॉप लूजर्स एसबीआई लाइफ (1.08%) एचडीएफसी लाइफ (7.61%) टेक महिंद्रा (0.44%) बजाज फाइनेंस (4.30%) आईसीआईसीआई बैंक (0.29%) एक्सिस बैंक (3.68%) टाटा स्टील (0.13%) बजाज फिनसर्व (2.94%) सनफार्मा (0.11%) कोटक महिंद्रा बैंक (1.95%) आज शेयर बाजार क्यों गिरा है? आज शेयर बाजार के गिरने के प्रमुख 5 कारण हैं। हमारे सहयोगी ईटी की एक रिपोर्ट में ये वजहें बताई गईं हैं- बॉन्ड यील्ड 19 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची। फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद। तेल की कीमतों में उछाल। कमजोर ग्लोबल संकेत। रुपये में गिरावट।

चलती बस में धुआं-बदबू के बाद लगी आग, 9 की मौत; ड्राइवर-कंडक्टर फरार

ग्रेटर नोएडा  ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक यात्री बस में आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई है। यह बस दिल्ली से महोबा जा रही थी। यह भीषण हादसा दयानतपुर गांव के पास हुआ। हादसे के समय बस में करीब 35 लोग सवार थे। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया बताया जा रहा कि रात करीब 11 बजे गौतमबुद्ध नगर के जेवर टोल के पास शॉर्ट सर्किट के चलते बस में आग लग गई। ड्राइवर ने आग लगने के बाद बस को एक्सप्रेसवे के किनारे रोक दिया था। लेकिन भीषण आग के चलते बस में अफरातफरी मच गई। हादसे के समय कुछ यात्री तो बस से निकलने में कामयाब हो गए। लेकिन कुछ यात्रियों की बस के अंदर जलने से मौत हो गई। यह बस राज कल्पना ट्रैवल्स की बताई जा रही है। घायलों को नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस बस में आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। सीएम योगी ने हादसे का लिया संज्ञान ग्रेटर नोएडा में हुए सड़क हादसे का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार करवाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से संवाद कर हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने का भी निर्देश दिया है।  आग लगने के बाद बस में भर गया था धुआं इस हादसे में कई बच्चों और बुजुर्गों की मौत की भी खबर है। हादसे वाली बस का नंबर BR32 PA8647 है। बस में यात्रा कर रहे एक चश्मदीद ने बताया कि जब मैं सो गया था, तो किसी ने मुझे जगाकर बताया कि बस में आग लग गई है और हम सब बाहर निकलने के लिए हड़बड़ी में भागे। बस से निकलना आसान नहीं था। बहुत ज़्यादा धुआं था। घबराहट के बीच हम किसी तरह बाहर निकल पाए। बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी। सीएम योगी ने मुआवजे का किया ऐलान ग्रेटर नोएडा बस हादसे पर सीएम योगी ने मुआवजे का ऐलान किया है. मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए व घायलों को 50-50 हजार रुपए को आर्थिक मदद का सीएम ने किया ऐलान. बस हादसे में 30 लोगों को पुलिस व बचाव दल ने सुरक्षित बचाया।  पुलिस अधिकारी ने बस हादसे की दी जानकारी साथ ही सीएम योगी ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. यह घटना यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से करीब 32 किलोमीटर आगे हुई, जो जेवर थाना क्षेत्र में आता है. ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि आग लगते ही बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए बस से कूदना शुरू कर दिया. हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई. देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपने चपेट में ले लिया।  अभी भी फंसे हो सकते हैं कुछ और लोग आग की सूचना मिलते ही फायर विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद फायर टीम ने आग पर काबू पा लिया. चिंता की बात यह है कि कुछ लोगों के अभी भी बस में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. फायर विभाग के मुताबिक जब तक कूलडाउन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तबतक बस के अंदर तलाशी नहीं ली जा सकेगी।  बस ड्राइवर से की जा रही पूछताछ प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त बस के सभी प्रपत्र (फिटनेस, परमिट आदि) वैध पाए गए हैं। गौतमबुद्ध नगर पुलिस बस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। यात्रियों को तत्काल वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था कर उनके गंतव्य स्थानों पर भेजा जा रहा है।

इंदौर T20 के लिए आउटफील्ड पर बनेगा ‘चेक्स’ पैटर्न, 1200 छात्र करेंगे रजिस्ट्रेशन

इंदौर इंदौर के होलकर स्टेडियम में 11 अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले टी-20 इंटरनेशनल मैच की तैयारियां तेज हो गई हैं।मैदान को मैच के लिए तैयार करने के साथ इस बार टीवी प्रसारण और दर्शकों के लिए आउटफील्ड को खास लुक दिया जा रहा है। घास पर ‘चेक्स’ यानी चौकड़ी वाला पैटर्न तैयार किया जाएगा। मंगलवार को स्टूडेंट कन्सेशन टिकटों की बुकिंग शुरू होते ही 1200 छात्रों का रजिस्ट्रेशन कुछ ही मिनटों में पूरा हो गया। दस्तावेजों की जांच के बाद इन्हें टिकट दिए जाएंगे। सामान्य टिकटों की बिक्री 25 सितंबर से सामान्य श्रेणी के दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बिक्री 25 सितंबर की सुबह 6 बजे से शुरू होगी। ऐसे में मैच देखने के इच्छुक दर्शकों की नजर अब टिकट विंडो खुलने पर है। होलकर में भारत ने 4 में से 3 टी-20 जीते इंदौर के होलकर स्टेडियम में अब तक 4 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं, जिनमें भारत ने 3 मुकाबले जीते हैं, जबकि एक में उसे हार मिली। भारत का T20I रिकॉर्ड 75% जीत का है। अब 11 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाला मुकाबला इस मैदान का पांचवां टी-20 इंटरनेशनल होगा। शाम 7 बजे शुरू होगा मुकाबला भारत-वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी-20 सीरीज 6 अक्टूबर से शुरू होगी। इंदौर में सीरीज का तीसरा मुकाबला 11 अक्टूबर को शाम 7 बजे खेला जाएगा। इससे पहले 6 अक्टूबर को लखनऊ और 9 अक्टूबर को रांची में दोनों टीमें आमने-सामने होंगी। सीरीज के आखिरी दो मुकाबले हैदराबाद और बेंगलुरु में खेले जाएंगे। 1 हजार से शुरू होगी टिकट की कीमत होलकर स्टेडियम में मैच देखने के लिए दर्शकों को कम से कम 1 हजार रुपए खर्च करने होंगे। यह सबसे सस्ते टिकट की कीमत है। वहीं, पैवेलियन का टिकट 12 हजार 500 रुपए का होगा। बाकी कैटेगरी के टिकटों की कीमत एमपीसीए जल्द जारी करेगा। वेस्टइंडीज की T20I टीम शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, रोस्टन चेस, मैथ्यू फोर्ड, शिमरोन हेटमायर, अकील होसेन, शमार जोसेफ, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैमसन, रोमारियो शेफर्ड, शमार स्प्रिंगर। 22 दिसंबर 2017: रोहित का तूफान, भारत 88 रन से जीता होलकर में पहला टी-20 इंटरनेशनल भारत और श्रीलंका के बीच 22 दिसंबर 2017 को हुआ। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 260/5 का विशाल स्कोर बनाया। कप्तान रोहित शर्मा ने सिर्फ 35 गेंदों में शतक पूरा किया और 43 गेंदों पर 118 रन बनाए। केएल राहुल ने भी 89 रन की पारी खेली। जवाब में श्रीलंका की टीम 172 रन पर सिमट गई और भारत ने 88 रन से मुकाबला जीता। 7 जनवरी 2020: भारत ने 7 विकेट से जीता मैच दूसरा टी-20 इंटरनेशनल भारत और श्रीलंका के बीच 7 जनवरी 2020 को हुआ। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 142/9 रन बनाए। भारत ने केएल राहुल के 45 रन की मदद से 17.3 ओवर में 144/3 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। भारत ने यह मैच 7 विकेट से, 15 गेंद बाकी रहते जीता। नवदीप सैनी प्लेयर ऑफ द मैच रहे। 4 अक्टूबर 2022: रुसो के शतक ने भारत को हराया होलकर में तीसरा टी-20 भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 4 अक्टूबर 2022 को हुआ। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 227/3 का बड़ा स्कोर खड़ा किया। राइली रुसो ने सिर्फ 48 गेंदों में शतक जड़ा। भारत की टीम 18.3 ओवर में 178 रन पर ऑलआउट हो गई और दक्षिण अफ्रीका ने 49 रन से जीत दर्ज की 14 जनवरी 2024: भारत ने तीसरी जीत दर्ज की चौथा टी-20 इंटरनेशनल भारत और अफगानिस्तान के बीच 14 जनवरी 2024 को खेला गया। अफगानिस्तान ने 172 रन बनाए। जवाब में भारत ने यशस्वी जायसवाल के 68 रन और शिवम दुबे के नाबाद 63 रन की मदद से 15.4 ओवर में 173/4 बनाकर मैच जीत लिया। भारत ने 6 विकेट से जीत दर्ज की। सामान्य टिकटों की ऑनलाइन बिक्री 25 सितंबर से सामान्य श्रेणी के क्रिकेट प्रेमियों के लिए ऑनलाइन टिकट बिक्री 25 सितंबर की सुबह 6 बजे से प्रारंभ होगी। इस घोषणा के बाद से ही मुकाबला देखने के इच्छुक दर्शकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। होलकर स्टेडियम में प्रवेश के लिए सबसे कम कीमत का टिकट 1 हजार रुपए निर्धारित किया गया है, जबकि पैवेलियन श्रेणी के टिकट का मूल्य 12 हजार 500 रुपए रखा गया है। अन्य श्रेणियों के टिकटों की दरों का आधिकारिक ऐलान मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा शीघ्र किया जाएगा। होलकर स्टेडियम में भारतीय टीम का शानदार रिकॉर्ड इंदौर का यह मैदान भारतीय टीम के लिए भाग्यशाली माना जाता रहा है। होलकर स्टेडियम में अब तक कुल 4 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें से भारत ने 3 मैचों में जीत हासिल की है और केवल 1 मैच में पराजय का सामना करना पड़ा है। इस मैदान पर भारतीय टीम का जीत का प्रतिशत 75 रहा है। 11 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाला यह मैच इस स्टेडियम में खेला जाने वाला पांचवां टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा।  शाम 7 बजे से खेला जाएगा मुकाबला भारत और वेस्टइंडीज के मध्य पांच मैचों की टी-20 सीरीज की शुरुआत 6 अक्टूबर से होने जा रही है। सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को लखनऊ में तथा दूसरा मुकाबला 9 अक्टूबर को रांची में आयोजित होगा। इसके पश्चात सीरीज का तीसरा मैच इंदौर के होलकर स्टेडियम में 11 अक्टूबर को शाम 7 बजे से खेला जाएगा। सीरीज के अंतिम दो मुकाबले क्रमशः हैदराबाद और बेंगलुरु के मैदानों पर आयोजित किए जाएंगे।