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कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में CM विष्णु देव साय का सख्त संदेश — जनहित में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

राज्य एवं केन्द्र शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे बस्तर संभाग के मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष अभियान चलाया जाए प्रभारी सचिवों और संभागीय आयुक्तों को योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित योजनाओं पर मंथन रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित के नए मानक तय किए गए। बैठक की शुरुआत निर्धारित समय से पहले हुई, जिसने पूरे प्रशासन को मुख्यमंत्री की वर्क-डिसिप्लिन और परिणाम केंद्रित कार्यशैली का सीधा संदेश दिया।  बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और कलेक्टर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रारंभ से ही स्पष्ट कर दिया कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम लाभ जनता तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचना ही सुशासन का वास्तविक अर्थ है — और इस दिशा में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कॉन्फ्रेंस केवल समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि जनहित के नए मानक तय करने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन में परिणाम दिखाई देने चाहिए, केवल रिपोर्टों में नहीं। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स कांफ्रेंस में कहा कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम उद्देश्य आम जनता तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच आपकी उपस्थिति और संवेदनशीलता ही आपकी पहचान है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ होगी और इसकी सभी तैयारियाँ समय पर पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सीधे कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। धान खरीदी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक धान खरीदी केंद्र की मॉनिटरिंग  हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभारी सचिव जिलों में लगातार निगरानी रखें और संवेदनशील केंद्रों की विशेष मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी की चौकसी बढ़ाने के लिए अब इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उपयोग किया जाएगा। इससे जिलों में निगरानी तेज होगी और किसी भी गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि बाहर से धान की अवैध आवाजाही को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के लिए विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन जनजातीय इलाकों में विशेष शिविरों के माध्यम से 100 प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भी पात्र किसान वंचित न रहे, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र किसानों को लाभ पहुँचना चाहिए। उन्होंने कमिश्नरों को निर्देश दिया कि बस्तर और सरगुजा सम्भाग में विशेष रूप से योजना की प्रगति की सतत समीक्षा करें।  मुख्यमंत्री साय ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुँचे। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को बैंक फाइनेंस की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे। स्वास्थ्य सेवाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शत प्रतिशत प्रसव सभी अस्पतालों में  सुनिश्चित हो। साथ ही टीकाकरण की वास्तविक स्थिति की फील्ड वेरिफिकेशन द्वारा पुष्टि की जाए। उन्होंने कहा कि मैटरनल डेथ ऑडिट प्रत्येक मामले में अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम की रणनीति बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनआरसी सेंटरों का संचालन नियमित और प्रभावी होना चाहिए तथा माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने वेलनेस सेंटरों को सक्रिय कर गैर-संचारी रोगों  के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में मलेरिया उन्मूलन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाए ताकि छत्तीसगढ़ को “मलेरिया-मुक्त राज्य” बनाने का लक्ष्य शीघ्र पूरा किया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के अंतर्गत सभी पात्र वृद्धजनों के पंजीयन और कार्ड निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रॉपआउट शून्य करने और सकल नामांकन अनुपात को 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य किसी भी हालत में पूरा होना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षण सामग्री अलमारियों में नहीं, कक्षाओं में दिखनी चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि शिक्षण संसाधनों का उपयोग कक्षा में सुनिश्चित करें और नियमित मॉनिटरिंग करें। मुख्यमंत्री ने बीजापुर जिले की सराहना करते हुए कहा कि वहाँ स्थानीय युवाओं की मदद से गोंडी भाषा में शिक्षण से बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और ड्रॉपआउट घटा है। उन्होंने सभी जिलों को ऐसे नवाचार अपनाने की सलाह दी ताकि शिक्षा स्थानीय संस्कृति और भाषा से जुड़ सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 31 दिसंबर तक सभी विद्यार्थियों की आधार-बेस्ड APAR ID बनाकर रजिस्ट्रेशन पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था डिजिटल पारदर्शिता और छात्र लाभ वितरण में निर्णायक भूमिका निभाएगी। इसी आधार पर छात्रों को गणवेश, किताबें और छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” चलाया जाएगा। इसमें स्कूलों का सामाजिक अंकेक्षण कर ग्रेडिंग होगी। उन्होंने कहा कि जिलों में परीक्षा परिणाम सुधार की ठोस योजना बने। जो जिले बेहतर कर रहे हैं, उनके मॉडल अन्य जिलों में लागू किए जाएँ।

बिहार चुनाव 2025: एनडीए ने सीट बंटवारा किया, जानें किसे कितनी मिली सीटें

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारे का ऐलान हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू और बीजेपी ने 101-101 बराबर सीटें अपने पास रखी हैं। वहीं, चिराग पासवान की लोजपा रामविलास को 29 सीटें मिली हैं। उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 6 और जीतनराम मांझी की हम (हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा) को भी 6 सीटें मिली हैं। एनडीए में कई राउंड की बैठकों के बाद यह फॉर्मूला निकला है। एनडीए में सीट शेयरिंग फॉर्मूला की घोषणा साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं हुई बल्कि गठबंधन के नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, आरएलएम चीफ उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल समेत अन्य नेताओं ने रविवार को ट्वीट कर सीट बंटवारे का आंकड़ा साझा किया। बिहार एनडीए में सीट शेयरिंग होने के बाद अब घटक दलों की कैंडिडेट लिस्ट आना शुरू हो जाएगी। भाजपा में उम्मीदवारों के नाम लगभग फाइनल हो चुके हैं, रविवार शाम को दिल्ली में हो रही पार्टी के केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इस पर मुहर लगा दी जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में भी कैंडिडेट फाइनल हो चुके हैं। लोजपा (रामविलास) ने भी कल कहा था कि एनडीए में सीट बंटवारा होने के बाद चिराग पासवान कैंडिडेट लिस्ट जारी कर देंगे। कोई बड़ा भाई, कोई छोटा भाई नहीं? पहले कयास लगाए जा रहे थे कि नीतीश की जेडीयू, भाजपा से एक सीट ज्यादा अपने पास रखेगी। मगर दोनों ही दलों ने बराबर सीटों पर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला लिया है। दोनों ने साफ संदेश दिया है कि गठबंधन में छोटा या बड़ा भाई फिलहाल कोई नहीं है। फिलहाल एनडीए में कौन-सी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी यह ऐलान हुआ है। अब घटक दलों के द्वारा लड़ी जाने वालीं सीटों के नामों का इंतजार है। बता दें कि 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा का चुनाव दो चरणों में हो रहा है। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर और दूसरे फेज की वोटिंग 11 नवंबर को होगी। दोनों चरणों के नतीजे 14 नवंबर को आएंगे, नामांकन की प्रक्रिया चल ही है।  

महिलाओं के लिए राहत! लाड़ली बहना योजना की 29वीं किस्त जारी, जानें अगली किस्त का नया लाभ

श्योपुर मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने श्योपुर से लाड़ली बहना योजना को तहत प्रदेश की एक करोड़ 27 लाख महिलाओं के खातों में 1541 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए है। योजना की 29वीं किस्त के तहत लाड़ली बहनों को 1250 रुपए के हिसाब पैसे मिले हैं। सीएम ने ऐलान किया कि आज के बाद से मतलब आने वाली किस्त 1500 रुपए की होगी। सीएम ने कहा कि बहनों के लिए सरकार के पास पैसों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस कहती थी ये योजना बंद हो जाएगी। हम पैसे दे रहे हैं, कांग्रेस वालों आंखें हो तो देख लो। सीएम ने इसके अलावा 532 करोड़ 39 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया है। सीएम ने कहा कि चीता प्रोजेक्ट हर जगह फेल हुआ है, लेकिन श्योपुर में सफल रहा है। सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार में 32 मेडिकल कॉलेज बने हैं। सिर्फ एक साल में 8 मेडिकल कॉलेज खुले हैं। जल्द ही, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज श्योपुर में बनाए जाएंगे। जयस्तंभ चौक पर भाजपा के पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान ने सीएम का स्वागत किया। जयस्तंभ चौक पर भाजपा के पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान ने सीएम का स्वागत किया। ये घोषणा भी की…     सालापुर से मातासूला तक सड़क बनेगी।     ढोढर के कॉलेज विज्ञान और गणित की कक्षाएं प्रारंभ होंगी।     श्योपुर में ट्रांसपोर्ट नगर बनेगा।     सीप नदी और कनवा नदी के घाटाें का सौंदर्यीकरण होगा।     ढोढर में सांदीपनी स्कूल बनेगा। रोड शो में सीएम यादव ने लहराई गदा इससे पहले, सीएम ने रोड शो किया। इस दौरान नगरपालिका कार्यालय पर लोगों ने उन्हें गदा भेंट की। सीएम ने गदा लहराई। मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना की। सीएम का हेलिकॉप्टर स्टेडियम ग्राउंड स्थित हेलीपैड पर उतरा। यहां विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला ने अगवानी की। मुख्य कार्यक्रम हजारेश्वर महादेव मेला ग्राउंड में आयोजित किया गया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- दो बूंद जिंदगी की, दो बूंद स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण की

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीन दिवसीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का किया शुभारंभ बच्चों को पिलाई पोलियो रोधी दवा प्रदेश के 18 चयनित जिलों में 39.19 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो रोधी दवा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पोलियो की दो बूंदें न सिर्फ किसी बच्चे को जीवनभर के लिए सुरक्षित करती हैं, बल्कि यह एक स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण की नींव भी हैं। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी बच्चा पोलियो रोधी खुराक पीने से वंचित न रह जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पोलियो जैसी बीमारी एक बच्चे को आजीवन पराश्रित बना सकती है, इसलिए इसका पूर्णतः उन्मूलन हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 18 जिलों में चलाए जा रहे इस तीन दिवसीय अभियान में 64 हजार से अधिक वैक्सीनेटर्स 24 हजार से अधिक पल्स पोलियो बूथों के माध्यम से दवा पिलायेंगे। साथ ही अनिवार्य रूप से घर-घर जाकर भी बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी, जिससे हर बच्चा पोलियो से सुरक्षित होकर ताउम्र स्वस्थ रह सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 18 चयनित जिलों में लक्षित आयु वर्ग के 39 लाख 19 हजार से अधिक बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार की सुबह मुख्यमंत्री निवास में तीन दिवसीय (12 से 14 अक्टूबर) पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 12 छोटे बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो-दो बूंदें पिलाकर टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी हर बार अपने छोटे बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाते रहे, तभी पोलियो के विरुद्ध हमारी जीत आगे भी जारी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्वस्थ और सशक्त भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जनसहभागिता को इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि हर घर से सहयोग मिलेगा, तो हमारा प्रदेश निश्चित ही 'पूर्णत: पोलियो मुक्त मध्यप्रदेश’ बनेगा। कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. सौरभ पुरोहित सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इन 18 जिलों में पिलाई जाएगी पोलियो की दवा रविवार को प्रारंभ हुए अभियान में इन 18 जिलों में पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। 12 से 14 अक्टूबर तक प्रदेश के अनूपपुर, बैतूल, भिंड, भोपाल, छिंदवाड़ा, दतिया, देवास, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, कटनी, खण्डवा, खरगौन, मंडला, मंदसौर, मुरैना, नरसिंहपुर एवं नीमच जिले में पल्स पोलियो अभियान के तहत छोटे बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी।  

गोमती केवल नदी नहीं, सांस्कृतिक चेतना और जीवनधारा की प्रतीक : मुख्यमंत्री

  ‘गोमती नदी पुनर्जीवन मिशन’ बनेगा आस्था, पर्यावरण और विकास के संगम का प्रतीक, मुख्यमंत्री ने जनता से की सहभागिता की अपील सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर कड़ाई से लागू होगा प्रतिबंध, सीवर सिस्टम को चोक करने में इसकी बड़ी भूमिका भूतपूर्व सैनिकों, विशेषज्ञों सहित विभिन्न सरकारी विभाग एकजुट होकर करेंगे काम, लखनऊ में मंडलायुक्त को समन्वय की जिम्मेदारी लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘स्वच्छ, अविरल और निर्मल गोमती’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ‘गोमती नदी पुनर्जीवन मिशन’ की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीलीभीत से गाजीपुर तक प्रवाहित गोमती केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और जीवनधारा की प्रतीक है। गोमती का पुनर्जीवन केवल जल शुद्धिकरण का नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पर्यावरण के पुनर्संवर्धन का व्यापक अभियान है। यह मिशन पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी साझा प्रतिज्ञा का प्रतीक बनेगा। टेरिटोरियल आर्मी की पहल पर आयोजित इस बैठक में बैठक में मेजर जनरल सलिल सेठ, ब्रिगेडियर नवतेज सिंह सोहल, ब्रिगेडियर सी. माधवाल, कर्नल अरविन्द एस. प्रसाद, ले. कर्नल सचिन राणा, ले.कर्नल सौरभ मेहरोत्रा, मेजर के.एस. नेगी, प्रो. (डॉ.) वेंकटेश दत्ता, ले. कर्नल हेम लोहुमी, एस.एम. (सेवानिवृत्त) के साथ-साथ शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही। बैठक में मुख्यमंत्री ने मिशन की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक परियोजना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सहभागिता से चलने वाली एक जन-आंदोलनात्मक पहल होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोमती में एक भी बूंद सीवरेज न गिरे, इसके लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीति तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि नदी किनारे बसे अवैध बस्तियों में घुसपैठियों की पहचान कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए, ताकि गोमती के तटों पर स्वच्छता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने कहा कि मिशन का दायरा पीलीभीत से गाजीपुर तक गोमती नदी के संपूर्ण प्रवाह क्षेत्र को कवर करेगा, जिससे गोमती अपने पूरे विस्तार में स्वच्छ, अविरल और निर्मल रूप पुनः प्राप्त कर सके। मुख्यमंत्री ने मिशन के अंतर्गत नगरीय सीवेज का 95 प्रतिशत से अधिक अवरोधन, नदी प्रदूषण को न्यूनतम स्तर तक लाना और नदी तटीय पारिस्थितिकी का पुनरुद्धार का लक्ष्य निर्धारित किया। बैठक में यह जानकारी दी गई कि गोमती में गिरने वाले 39 प्रमुख नालों में से 13 अब भी बिना उपचारित हैं। वर्तमान में छह एसटीपी 605 एमएलडी की कुल क्षमता के साथ संचालित हैं। इन्हें पूर्ण रूप से प्रभावी बनाने हेतु नालों को एसटीपी तक मोड़ने, नए संयंत्र स्थापित करने और पुराने संयंत्रों के उन्नयन की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मिशन केवल प्रदूषण नियंत्रण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नदी के जैविक, सांस्कृतिक और सौंदर्यात्मक पुनर्जीवन का माध्यम बनेगा। कार्ययोजना के अंतर्गत लखनऊ में इकाना वेटलैंड और साजन झील जैसे नए वेटलैंड विकसित किए जाएंगे। नदी किनारे के अवैध अतिक्रमणों को हटाने, घाटों के सौंदर्यीकरण, और तटीय हरियाली बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से प्रतिबंध लागू किया जाएगा, क्योंकि सीवर सिस्टम को चोक करने और प्रदूषण बढ़ाने में इसकी बड़ी भूमिका है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत इसी वर्ष जनवरी में गठित गोमती टास्क फोर्स में राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के परियोजना निदेशक, सिंचाई विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल निगम, लखनऊ नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण तथा अन्य संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। इनमें बीबीएयू लखनऊ के प्रो. (डा.) वेंकटेश दत्ता और अतुल्य गंगा ट्रस्ट के सह-संस्थापक ले. कर्नल देवेंद्र चौधरी (सेवानिवृत्त) प्रमुख रूप से सम्मिलित हैं। यह टास्क फोर्स शासन और समाज के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य कर रही है। बैठक में बताया गया कि गोमती टास्क फोर्स द्वारा अब तक नदी तटों पर पैदल और नौका गश्त, एक हजार टन से अधिक जलकुंभी की सफाई, नालों का सर्वेक्षण कर प्रदूषण स्रोतों की पहचान, तथा 100 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 70,000 से ज्यादा नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। ‘नदी योग अभियान’ के अंतर्गत 21 अप्रैल से 21 जून 2025 तक पाँच प्रमुख घाटों पर प्रतिदिन योग, घाट-सफाई और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें 50,000 से अधिक नागरिकों ने भाग लिया और 300 टन से अधिक जलकुंभी हटाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोमती का जल जीवन का आधार है, और इसे स्वच्छ, अविरल तथा निर्मल बनाए रखना उत्तर प्रदेश की नैतिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि टास्क फोर्स की मासिक बैठकें नियमित रूप से आयोजित हों, त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाए और हर स्तर पर पारदर्शिता व जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गोमती पुनर्जीवन मिशन के लिए आवश्यक संसाधनों; जैसे ट्रैक बोट, फ्लोटिंग बैरियर, एक्सकेवेटर और अन्य उपकरण की उपलब्धता में सरकार किसी प्रकार की कमी नहीं रहने देगी। उन्होंने कहा कि यह मिशन केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता की सहभागिता से संचालित एक संकल्प यात्रा बनेगा। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में शैक्षणिक व अन्य सामाजिक संस्थानों की सक्रिय भागीदारी से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि यह मिशन एक जनांदोलन का स्वरूप ग्रहण कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाज और शासन साथ कदम बढ़ाएँगे, तभी गोमती अपनी स्वाभाविक निर्मलता और जीवनदायिनी धारा पुनः प्राप्त कर सकेगी।

Bihar Chunav में बड़े बदलाव की तैयारी, पुराने चेहरों की जगह युवाओं को तरजीह

नई दिल्ली बिहार भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2025 के लिए प्रत्याशियों की सूची (Bihar Chunav BJP Candidate List 2025) लगभग तैयार कर ली है और अब बस दिल्ली में अंतिम स्वीकृति का इंतजार है। सूत्रों के मुताबिक, रविवार शाम को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय चुनाव समिति एवं संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई गई है। इसी बैठक में सूची पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष, बिहार प्रभारी विनोद तावड़े, और चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। दिल्ली में दो दिनों तक चली बैठकें पार्टी सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में बीते दो दिनों से बिहार चुनाव को लेकर लगातार बैठकें हो रही थीं। अब सूची को लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है। बताया जा रहा है कि प्रदेश चुनाव समिति और केंद्रीय चुनाव समिति के बीच उम्मीदवारों के नामों पर सहमति बन चुकी है। भाजपा नेतृत्व की स्वीकृति के बाद यह सूची आधिकारिक रूप से इंटरनेट मीडिया पर जारी की जाएगी। वहीं, NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) में सीटों के बंटवारे पर भी लगभग सहमति बन चुकी है। राजग के सभी घटक दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और शीर्ष नेता दिल्ली में ही मौजूद हैं। संभव है कि सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा रविवार रात या सोमवार सुबह तक हो जाए। युवा और नए चेहरों पर भाजपा का फोकस भाजपा इस बार युवा और नए चेहरों को अवसर देने के मूड में है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जनता अब नए नेतृत्व की ओर देख रही है। इसलिए, कई मौजूदा विधायकों का टिकट कटना लगभग तय माना जा रहा है। उम्मीदवार चयन में सामाजिक संतुलन, स्थानीय समीकरण और जीत की संभावना को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदेश स्तर पर भाजपा संगठन ने पहले ही संभावित उम्मीदवारों का पैनल दिल्ली भेज दिया था। वहीं, कुछ नामों पर अभी भी अंतिम विचार चल रहा है, खासकर उन सीटों पर जहां गठबंधन के अंदर खींचतान बनी हुई है। प्रत्याशियों को मिले नामांकन की तैयारी के निर्देश दिल्ली से लौटे भाजपा नेताओं के अनुसार, पार्टी ने कुछ संभावित उम्मीदवारों को पहले ही नामांकन की तैयारी शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं। भाजपा प्रदेश संगठन बूथ स्तर पर चुनावी तैयारियों में जुटा हुआ है, ताकि टिकट घोषणा के तुरंत बाद उम्मीदवार मैदान में सक्रिय हो जाएं।   NDA में तालमेल की स्थिति स्पष्ट राजग के अन्य घटक दलों- जदयू, एलजेपी(राम विलास) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के साथ सीटों के बंटवारे पर भी सहमति बन चुकी है। भाजपा शीर्ष नेतृत्व के अनुसार, गठबंधन को मजबूत बनाए रखते हुए हर क्षेत्र में सामंजस्यपूर्ण वितरण सुनिश्चित किया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेता सोमवार सुबह तक पटना लौट सकते हैं। इसके बाद प्रदेश स्तर पर प्रत्याशियों की घोषणा और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू होगी। बिहार भाजपा अब पूरी तरह से चुनावी मोड में आ चुकी है, और दिल्ली में मुहर लगने के बाद प्रत्याशियों की सूची जारी होते ही प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी और तेज़ होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमएसएमई सम्मेलन करेंगे शुभारंभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 13 अक्टूबर को होटल ताज भोपाल में एमएसएमई सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। सम्मेलन में उद्यमियों और स्टार्टअप को अनुदान तथा सहायता राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया जाएगा। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप उपस्थित रहेंगे। वर्चुअली कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिले भी जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 औद्योगिक क्षेत्रों, 3 नवीन कार्यालय भवनों की वर्चुअली आधारशिला रखेंगे। सम्मेलन में एमएसएमई एवं ओएनडीसी के मध्य एमओयू किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना'' के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण करेंगे। साथ ही उद्यमियों को औद्योगिक क्षेत्रों में भूखण्ड वितरण भी करेंगे। सम्मेलन में नव उद्यमी और स्टार्टअप्स अपने अनुभव साझा करेंगे।

सावधान! बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे नकली चांदी के सिक्के, त्योहारी खरीदारी में बरतें सतर्कता

भिंड. त्योहारों के मौसम में जहां बाजारों में रौनक बढ़ती है, वहीं अब मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। सर्राफा बाजार में इन दिनों मिलावटी और नकली चांदी के सिक्कों की खुलेआम बिक्री हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि असली चांदी में जस्ता मिलाकर ऐसे सिक्के तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें सामान्य खरीदार पहचान नहीं पाते। जांच के बगैर न करें खरीदारी त्योहारों पर लोग धार्मिक कारणों से चांदी के सिक्के खरीदते हैं। लेकिन इस बार बाजार में ऐसे सिक्के बड़ी मात्रा में खपाए जा रहे हैं जिनमें 92.5 या 999 हॉलमार्क नहीं होता। विशेषज्ञों की मानें तो चांदी के सिक्के खरीदते समय सबसे पहले हॉलमार्क और फर्म की सील देखनी चाहिए। प्रमाणित दुकान से ही खरीदारी करें और हमेशा रसीद अवश्य लें, ताकि धोखाधड़ी की स्थिति में शिकायत की जा सके। अक्सर पुराने या एंटीक सिक्कों के नाम पर मिलावटी धातु वाले सिक्के दिए जा रहे हैं। इससे बचने के लिए सिक्कों का बारकोड स्कैन करें और मार्का जांच अवश्य करें। सोना-चांदी के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी अशोक धर्मकांटा के संचालक अशोक सोनी बताशा बाजार के अनुसार इस बार त्योहारी सीजन में सोने-चांदी के दामों ने आम खरीदारों की जेब पर भारी असर डाला है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को चांदी का भाव ₹1,65,000 प्रति किलो तक पहुंच गया। दो साल पहले तक जो सोने की लोंग ₹500 से ₹800 में मिल जाती थी, अब उसकी कीमत ₹2000 से ₹2500 तक हो गई है। इसी तरह चांदी की पायलें, जो पहले ₹1500 से ₹2000 में मिल जाती थीं, अब ₹4000 से ₹4500 तक बिक रही हैं। त्योहार की चमक पर पड़ा असर दामों में इस बढ़ोतरी और नकली चांदी की बढ़ती बिक्री से सर्राफा व्यापारी भी मायूस हैं। उनका कहना है कि दीपावली जैसे बड़े पर्व पर भी इस बार बाजार में वह रौनक नहीं दिख रही जो हर साल देखने को मिलती थी। ग्राहकों से अपील सतर्क रहें, प्रमाणित खरीदारी करें – विशेषज्ञों और सर्राफा व्यापारियों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे लालच या जल्दबाजी में खरीदारी न करें। हमेशा प्रमाणित दुकानों से ही सोने-चांदी के सिक्के और जेवर खरीदें। हॉलमार्क, सील, रसीद और बारकोड जांचें, ताकि नकली या मिलावटी धातु से बचा जा सके।

2080 करोड़ की लागत से बनेगा उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई सफर होगा और तेज

उज्जैन  उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे कंट्रोल्ड हाइवे बनाने का टेंडर निरस्त होने के बाद मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) ने इस 102 किलोमीटर के हाईवे को बनाने के लिए एक बार फिर से 2418.46 करोड रुपए का टेंडर जारी किया था। इसको भरने के लिए अंतिम तारीख 24 जुलाई थी। नए टेडर 20 जून को जारी किए गए थे, जो सितंबर माह में अब खाले गए। एलएलसी वोल्गाडोरस्ट्रॉय कंपनी ने 2080 करोड़ में हाईवे बनाने का टेंडर लिया है। 2 साल में कार्य पूरा करना है।  सिंहस्थ 2028 तक एक्सप्रेसवे होना है तैयार इस कार्य में 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार के द्वारा दी जाएगी और 60 प्रतिशत राशि ठेकेदार को व्यय करनी है। इस हाइवे के बनने से उज्जैन की मुंबई व दिल्ली से दूरी मात्र 10 घंटे में पूरी हो जाएगी। उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाइवे को सिंहस्थ 2028 से पहले बनाना है। पूर्व में 102.80 किमी लंबे उज्जैन-जावरा फोरलेन परियोजना को मंजूरी दी गई थी जो ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाइवे के इस जगह पर बना था। तब शहरी क्षेत्र में इसका विरोध भी काफी हुआ था, इसके लिए संघर्ष समिति ने लगातार तीन माह तक धरना भी दिया था। अब इसको पीपीपी मोड पर हाइब्रिड एनयूटी आधार पर बनाया जाएगा।  7 बड़े और 26 छोटे पुल बनेंगे हाईवे पर इस हाइवे पर 7 बड़े और 26 छोटे पुल सहित 270 पुलिया, पांच लाई ओवर और दो रेलवे ओवरब्रिज होंगे। यह मार्ग जावरा के पास ग्राम भूतेड़ा से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। अब मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने एक बार फिर से इस कार्य के लिए टेंडर जारी किए हैं। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे व उज्जैन रोड यहां मिलेगा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे सफर 10 घंटे में पूरा इस हाइवे बनने के बाद उज्जैन से दिल्ली या मुंबई तक का सफर 10 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। सितंबर 2024 में उज्जैन के गांवों से जमीन अधिग्रहण शुरु हुआ था और मार्च 2025 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य था। मगर किसानों की तरफ से जमीन के बदले मुआवजा या रोड के डिजाइन को लेकर आए विरोध व तकनीकी कारणों के चलते काम रुक गया था। इसलिए इस मार्ग का दोबारा से टेंडर जारी किया गया है और जिस कंपनी ने इसे लिया है उसे 2 साल में यह कार्य पूरा करके भी देना है।  51 से अधिक गांवों से गुजरेगा हाइवे यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जावरा तहसील के 12 गांव से होता हुआ उज्जैन तक 51 गांवों से गुजरेगा। इनमें नागदा, खाचरौद, उन्हेंल तहसील के 30 गांव शामिल है। इसमें जावरा तहसील के डोडियाना, ललियान सहित जावरा तहसील के 12 गांव इसमें समिलित हो रहे हैं। अन्य तहसील के गांव जैसे निबोदिया खुर्द, पांसलोद, भाटीसुडा, आक्यानजीक, झिरनिया, पिपलिया डाबी, लसुडिया चुवंड, पिपलियाशीष, नवादा, कुंडला, नागझिरी, भाटखेडी, बंजारी, दुमनी, मीण, घिनौदा आदि गांव शामिल है। फैक्ट फाइल     स्थान : मध्य प्रदेश     लंबाई: 98.73 किमी परियोजना     इस प्रकार : ग्रीनफील्ड राजमार्ग चार-लेन का बनेगा     इन कपनी ने लिया टेंडर एलएलसी वोल्गाडोरस्ट्रॉय     राशि- 2080 करोड़     कार्य – 2 साल में करना है पूरा     मेंटेनेंस – कार्य पूरा होने के बाद 15 साल तक करना है मेंटेनेंस खुल गया है टेंडर- एमपीआरडीसी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का टेंडर खुल गया है जिस कंपनी ने यह टेंडर लिया है वह जल्द ही ड्राइंग डिजाइन बनाकर इस कार्य को शुरु करने के लिए काम करेगी।-विजय सिंह, एमपीआरडीसी

मध्य प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स निगम ने युवाओं को दिया सिंहस्थ के लिए तकनीकी समाधान प्रस्तुत करने का मौका

उज्जैन   सिंहस्थ-2028 के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा-आधारित तकनीकों के माध्यम से भीड़ प्रबंधन, सार्वजनिक सुरक्षा, गतिशीलता, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसी चुनौतियों का समाधान किया जाएगा। इसके लिए उज्जैन महाकुंभ हैकाथान का आयोजन किया गया था। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल में उज्जैन महाकुंभ हैकाथान-2025 के दो दिन के सत्र में प्रौद्योगिकी, नवाचार और संस्कृति का संगम देखने को मिला। मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रानिक्स विकास निगम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस आयोजन में देशभर के युवाओं को एक मंच पर सिंहस्थ-2028 के लिए स्मार्ट, सुरक्षित और समावेशी समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिला। यह सिंहस्थ-2028 के लिए समाधान विकसित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। देश के 26 राज्यों से पंजीकरण और 11 राज्यों की 36 चयनित टीमों की भागीदारी ने इस हैकाथान को भारत की नवाचार विविधता का प्रतीक बनाया। टीमों ने नवाचार और तकनीक के अलग-अलग प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किए। चयनित टीमें अगले दो महीनों के परिशोधन अवधि में अपने समाधानों को और विकसित करेंगी, जिससे सिंहस्थ-2028 के लिए एक सशक्त, समावेशी और टिकाऊ तकनीकी आधार तैयार हो सके। कार्यक्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, आयुक्त, नगरीय प्रशासन संकेत एस. भोंडवे सहित गणमान्य व्यक्तियों ने प्रतिभागियों के रचनात्मक, तकनीकी और सामाजिक रूप से प्रासंगिक समाधानों की सराहना की। किसी ने यूनिफाइड प्लेटफार्म तो किसी ने भीड़ नियंत्रण प्रणाली की विकसित सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों के लिए डिजाइन नवाचारों में जंगोह (इंदौर) ने 'सिंहथा यूनिफाइड' प्लेटफार्म प्रस्तुत किया। यह स्थानीय भाषाओं में एआइ-संचालित सहायता, रीयल-टाइम अपडेट्स प्रस्तुत करता है। सेल्फ सर्व बूथ ने एक 6डी वर्चुअल रियलिटी अनुभव प्रस्तुत किया, जो कुंभ के वातावरण को वैश्विक दर्शकों के लिए सजीव बनाता है। संचार वारियर ने एक रीयल-टाइम भीड़ निगरानी और चेतावनी प्रणाली विकसित की जो आपात स्थिति में मूक रिपोर्टिंग को भी सक्षम बनाती है। सेफ क्लाक ने भारतीय भाषाओं में डेटा भंडारण माडल पर ध्यान केंद्रित किया। मेडीवेंड ने रियल-टाइम वाइस इंटरफेस से युक्त एक चिकित्सा वेंडिंग प्लेटफार्म प्रदर्शित किया। उज्जैन महाकुंभ हैकाथान ने न केवल भविष्य की तकनीकी शासन प्रणाली की झलक दी, बल्कि मध्य प्रदेश के डिजिटल ट्रांसफार्मेशन विजन को भी मजबूती प्रदान की।