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बड़वारा को मिलेगी बड़ी सौगात: CM डॉ. यादव करेंगे 233 करोड़ के विकास कार्यों का शुभारंभ

भोपाल  मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार 18 सितंबर को कटनी जिले के बड़वारा विकासखंड मुख्‍यालय में बड़वारा और विकासखंड रीठी में नवनिर्मित सांदीपनि स्‍कूल भवनों के लोकार्पण सहित 233.82 करोंड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव यहां 106.18 करोड़ रूपये के 19 विकास कार्यों का लोकार्पण और 127.64 करोड़ रूपये के 14 विकास कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री हितग्राहियों को हितलाभों का वितरण भी करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव बड़वारा में मुख्‍यमंत्री नि:शुल्‍क स्‍कूटी वितरण योजना, लाड़ली लक्ष्‍मी छात्रवृत्ति राशि, मुख्‍यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, ग्रामीण आजीविका मिशन और ई-कृषि यंत्रीकरण अनुदान योजनांतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव सेवा पखवाड़ा अभियान की थीम पर आयोजित वृहद प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगे। प्रदर्शनी में राष्‍ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत वोकल फॉर लोकल की भावना को सशक्‍त करने के उद्देश्य से स्‍व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्‍पादों और जिला व्यापार एवं उद्योग केन्‍द्र के द्वारा एक जिला एक उत्‍पाद के तहत कटनी सैंड स्‍टोन से निर्मित कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई जायेगी। इसके अलावा स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा यहां विशेष शिविर लगाकर स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण, आयुष्‍मान कार्ड निर्माण और स्‍वस्‍थ्‍य नारी, सशक्‍त परिवार की थीम पर स्‍वास्‍थ्‍य एवं महिला बाल विकास द्वारा गैर संचारी रोगों की स्‍क्रीनिंग और  अन्‍न से निर्मित उत्‍पादों व खाद्य पदार्थों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। सामाजिक न्‍याय विभाग द्वारा दिव्‍यांगजनों की ई-स्‍क्रीनिंग और कृत्रिम उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई जायेगी। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा ‘स्‍वच्‍छता ही सेवा पखवाड़ा’ के विभिन्‍न घटकों को प्रदर्शित करने वाले क्रियाकलापों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव यहां ‘एक पेड़ मां के नाम’ एवं ‘एक बगिया मां के नाम’ कार्यक्रम के तहत पौधारोपण करेंगे और छात्रों की कक्षा में पहुंच कर चर्चा करेंगे।     

मुंबई को मिलेगी अंडरग्राउंड मेट्रो की सौगात, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 सितंबर को मुंबई जाएंगे. इस दौरान वो मुंबईवासियों को बड़ी सौगात देंगे. पीएम मुंबई के वर्ली से कफ परेड तक की अंडरग्राउंड मेट्रो का उद्घाटन करेंगे. इस मेट्रो का फर्स्ट फेज सिप्ज एमआईडीसी से आचार्य अत्रे मेट्रो स्टेशन तक शुरू है. पीएम मोदी दूसरे फेज का उद्घाटन करेंगे. मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक इस मेट्रो सर्विस की लाइन 33.5 किमी लंबी होगी. बताया जा रहा है कि इसमें कुल 27 स्टेशन होंगे जिसमें 26 स्टेशन अंडरग्राउंड होंगी. आरे से वर्ली तक का लगभग 22.5 किमी का हिस्सा पहले से ही शुरू किया जा चुका है. वहीं अब कफ परेड से लेकर वर्ली तक का 11 किमी वाला दूसरा फेज भी आम लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा. सफर की दूरी होगी कम बताया जा रहा है कि अंडरग्राउंड मेट्रो के इस फेज के उद्घाटन के बाद कोलाबा से आरे कॉलोनी तक का सफर एक घंटे से कम समय में पूरा किया जा सकेगा. यानि सड़क के 2-3 घंटे का सफर इस मेट्रो से बहुत कम समय में पूरा होगा. साथ ही यात्रियों का सफर भी आराम दायक रहेगा. क्या बोले सीएम फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मेट्रो की जानकारी देते हुए बताया कि आपने (विपक्ष) इतने सालों तक बीडीडी चॉल को विकसित नहीं होने दिया. इस देवा भाऊ ने इसे विकसित किया. उन्होंने कहा कि यह एशिया की सबसे बड़ी परियोजना है. सीएम ने कहा कि 120 फुट की जगह थी, एक मराठी व्यक्ति 520 फुट के घर में चला गया. प्रवीण दारेकर की वजह से, अभ्युदय नगर का एक मराठी व्यक्ति 600 फुट के घर में जाएगा. सीएम ने कहा कि हमने गिरगांव में पुनर्वास भवन भी बनाए. 1600 परियोजनाएं स्व-पुनर्विकास में चली गईं. उन्होंने कहा कि क्या आप इनमें से कम से कम एक भी कर पाए हैं? मुंबई की क्या हालत है जो आपने की है? 2000 के बाद, आपने लगातार मुंबई को पीछे रखने की कोशिश की है. ‘मुंबई स्टार्टअप की राजधानी बन गई’ देवेंद्र फडणवीस ने कहा पिछले 10 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, मुंबई स्टार्टअप की राजधानी बन गई है. इस देश का अगला बदलाव डेटा सेंटर है, इसकी 60 फीसदी क्षमता महाराष्ट्र ने पूरी की है. अगर यह अगली क्रांति है, यह महाराष्ट्र का होगा.  

अभियान की सफलता तभी, जब बेटियों में हो सुरक्षा का भाव और कानून के भय से आतंकित हों अपराधी: मुख्यमंत्री

शारदीय नवरात्र से होगा मिशन शक्ति के 5वें चरण का शुभारंभ: मुख्यमंत्री अभियान की सफलता तभी, जब बेटियों में हो सुरक्षा का भाव और कानून के भय से आतंकित हों अपराधी: मुख्यमंत्री 01 माह के विशेष अभियान की तैयारियों पर मुख्यमंत्री ने दिए दिशा-निर्देश, कहा, सड़क पर उतरें एडीजी, आईजी/डीआईजी व अन्य अधिकारी पुलिस पेट्रोलिंग और पीआरवी-112 गाड़ियों की सक्रियता को और प्रभावी बनाने के निर्देश महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के लिए 57 हजार ग्राम पंचायतों और 14 हजार वार्डों में भ्रमण करेंगी महिला बीट पुलिस अधिकारी बोले मुख्यमंत्री, महिला हो या पुरुष, कानून का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई में भेदभाव न हो त्योहारों और धार्मिक स्थलों पर महिला पुलिस की विशेष तैनाती के निर्देश एंटी रोमियो स्क्वाड को और सक्रिय करने तथा शोहदों पर नजीर बनाने वाली कार्रवाई के आदेश सभी नगर निगमों में स्थापित होंगे पिंक बूथ, आपात स्थिति में महिलाओं और बेटियों के लिए होगा मददगार विद्यालयों, महाविद्यालयों और औद्योगिक संस्थानों में महिला सुरक्षा संवाद एवं लघु फिल्मों के प्रदर्शन के निर्देश मुख्यमंत्री का निर्देश, जेल में बंद असहाय महिलाओं को दिलाएं विधिक सहायता और महिला अपराधों के त्वरित निस्तारण की ठोस व्यवस्था के आदेश पिछले चरण की उपलब्धियों पर भी हुई चर्चा, 3.44 लाख कार्यक्रम, 2.03 करोड़ महिलाओं की सहभागिता, लाखों को रोजगार विशेष अभियानों (गरुड़, बचपन, मजनू, नशा मुक्ति, रक्षा और ईगल) की सफल कार्रवाई से बदला माहौल, आगे और प्रभावी संचालन के निर्देश सभी विभागों को निर्देश, परंपरा समन्वय से सुनिश्चित करें महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी शारदीय नवरात्र से महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन को समर्पित ‘मिशन शक्ति’ के 05वें चरण के शुभारंभ की घोषणा की है। बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 से प्रारम्भ हुआ इस अभियान से प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण की दिशा में आशातीत परिणाम मिले हैं। अब तक इसके चार चरण पूरे हो चुके हैं और आगामी 22 सितम्बर से प्रारम्भ होकर यह पांचवा चरण 30 दिनों तक सतत रूप से संचालित होगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस चरण में विभागीय समन्वय के साथ व्यापक कार्यक्रम चलाए जाएँ। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की फुट पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाया जाए। पीआरवी-112 की सभी गाड़ियाँ लगातार सड़कों पर सक्रिय रहें। जोनल एडीजी, आईजी, डीआईजी जैसे वरिष्ठ अधिकारी स्वयं फील्ड में उतरकर आमजन से संवाद करें, पुलिस लाइनों का निरीक्षण करें और गश्त में शामिल हों, ताकि जनता को यह विश्वास हो सके कि सरकार और प्रशासन 24×7 उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन में सुरक्षा का भाव और अपराधी कानून के भय से आतंकित दिखाई देना चाहिए। कानून का दुरुपयोग करने वाला पुरुष हो अथवा महिला, किसी के साथ भी कार्रवाई में भेदभाव नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में 44,177 महिला कार्मिकों के साथ प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में महिला पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान के 30 दिनों के भीतर सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और 14 हजार नगरीय वार्डों में महिला बीट पुलिस अधिकारियों को चरणबद्ध ढंग से भेजा जाए। ग्राम प्रधान, सभासद, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री आदि के साथ यह महिला पुलिस अधिकारी भ्रमण कर महिलाओं और बालिकाओं से संवाद करें, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को समझें तथा उन्हें उनके अधिकारों और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दें। आपात स्थिति में सहायता कहाँ और कैसे प्राप्त की जा सकती है, इसकी जानकारी भी उन्हें उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि नवरात्र व अन्य पर्व-त्योहारों की अवधि में मंदिरों, धार्मिक स्थलों, मेलों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर महिला पुलिस की विशेष तैनाती सुनिश्चित की जाए। एंटी रोमियो स्क्वाड को और अधिक सक्रिय करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि शोहदों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई हो जो नजीर बने अपराध करने का साहस न कर सकें। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई में संवेदनशीलता आवश्यक है। यह सुनिश्चित करें कि कार्रवाई जिसके विरुद्ध हो रही वह शोहदा ही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि महिला अपराधों में संलग्न अपराधियों पर इस प्रकार की सख्त कार्यवाही की जाए कि वे दोबारा मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में महिला सुरक्षा से जुड़े संवाद और कॉन्फ्रेंस आयोजित किए जाएँ, जिनमें अस्पतालों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। विद्यालयों और महाविद्यालयों में लघु फिल्मों का प्रदर्शन कर छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा और लैंगिक समानता के प्रति जागरूक किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेल में बंद असहाय महिलाओं को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जाए। महिला संबंधी अपराधों के निस्तारण के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लक्ष्य तय कर अभियोजन की व्यवस्थित कार्यवाही की जाए, ताकि अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई हो और तेजी से सजा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि महिला हेल्पलाइन 1090 पर आने वाली प्रत्येक कॉल को पूरी गंभीरता से लिया जाए और हर स्थिति में उसका संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित हो। सभी नगर निगमों में पिंक बूथ की स्थापना के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मिशन शक्ति केन्द्रों पर कार्यरत पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाए। इस प्रशिक्षण में जेंडर सेंसिटाइजेशन, डिजिटल एविडेंस कलेक्शन, केस मैनेजमेंट और वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी अनिवार्य रूप से शामिल हो। पिंक बूथों पर 24×7 सहायता उपलब्ध रहे और मिशन शक्ति केन्द्रों को 360 डिग्री मॉडल पर विकसित किया जाए, जहाँ शिकायत पंजीकरण, काउंसलिंग, लीगल एड, फीडबैक और फॉलो-अप जैसी सभी सेवाएँ एक ही छत के नीचे उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान तभी सफल होगा जब हर गाँव, हर वार्ड और हर परिवार तक इसकी पहुँच सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन शक्ति केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने का एक व्यापक सामाजिक अभियान है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस चरण को मिशन मोड में सफल बनाया जाए और प्रदेश की हर बेटी को सुरक्षा एवं सम्मान का भरोसा दिलाया जाए। बैठक में मिशन शक्ति के पिछले चरण की उपलब्धियों पर भी एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। अवगत कराया गया … Read more

खुशखबरी! 24-25 सितंबर को ही खाते में आएगा सरकारी कर्मचारियों का वेतन

नई दिल्ली दुर्गा पूजा के त्योहार से पहले राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर दी है। वित्त विभाग ने घोषणा की है कि इस साल सितंबर माह का वेतन कर्मचारियों को 24 और 25 सितंबर को ही जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद 26 सितंबर से 7 अक्टूबर तक सभी सरकारी दफ्तरों में छुट्टियां रहेंगी। इस फैसले से कर्मचारी और उनके परिवार त्योहार की तैयारियों में आर्थिक तनाव से राहत महसूस कर सकेंगे। वेतन भुगतान का नया शेड्यूल सरकार ने स्पष्ट किया है कि सितंबर महीने का वेतन निर्धारित समय से पहले ही जारी किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को छुट्टियों के दौरान आर्थिक परेशानी न हो। केवल वेतन ही नहीं, बल्कि मजदूरी, मानदेय, पारिश्रमिक और स्टाइपेंड भी इसी दौरान समय पर दिए जाएंगे। इस फैसले का लाभ सेवानिवृत्त कर्मचारी और पेंशनभोगी भी उठाएंगे, जिनके खाते में पेंशन 1 अक्टूबर को जमा कर दी जाएगी। त्योहार के अवसर पर आर्थिक सहूलियत 1 अक्टूबर को महानवमी के दिन पेंशन के साथ-साथ ‘जय बंगला’, ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि भी लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी। यह समय पर आर्थिक सहायता त्योहार के दौरान परिवारों के लिए खास राहत लेकर आएगी और उनकी खुशियों को दोगुना कर देगी। महंगाई भत्ता (डीए) का मामला अभी भी अधर में हालांकि, कर्मचारी महंगाई भत्ते (डीए) के मुद्दे पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट में लंबित इस मामले का कोई फाइनल फैसला अभी तक नहीं आया है। कन्फेडरेशन ऑफ स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लॉइज के वकील विकासरंजन भट्टाचार्य के मुताबिक, इस साल के भीतर ही निर्णय आने की उम्मीद है, लेकिन दुर्गा पूजा से पहले इसका हल नहीं निकल पाएगा। कर्मचारियों में मिली राहत DA विवाद के बावजूद समय पर वेतन और पेंशन मिलने की घोषणा ने कर्मचारियों के बीच उत्साह और राहत की भावना पैदा कर दी है। कई सरकारी कर्मचारियों ने इस फैसले को सराहा और बताया कि त्योहार के मौके पर वेतन मिलना परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करता है और मनोबल बढ़ाता है। साथ ही, 22 सितंबर से जीएसटी में भी आएगी राहत सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि 22 सितंबर से जीएसटी दरों में बदलाव होगा, जिससे जरूरी वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी। ऐसे में त्योहार के मौसम में लोगों की खरीददारी में मदद मिलेगी और परिवारों को अतिरिक्त वित्तीय सहारा मिलेगा।  

US की खबर ने भरा बाजार में जोश, सेंसेक्स ने पार किया 83,000 का आंकड़ा

मुंबई  अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा साल 2025 में पहली बार पॉलिसी रेट में की गई कटौती का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है. सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को मार्केट के दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. एक ओर जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही तगड़ी छलांग लगाते हुए 83,000 के आंकड़े को पार कर गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 25,400 का स्तर क्रॉस कर गया. इस बीच शुरुआती कारोबार में आईटी से लेकर फार्मा तक के शेयर तूफानी तेजी के साथ भागते हुए नजर आए.  बाजार पर दिखा US रेट कट का असर पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत के दौरान बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 82,693.71 की तुलना में तेज उछाल लेकर 83,108.92 के लेवल पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों में इसकी रफ्तार और तेज हो गई, 10 मिनट के कारोबार के दौरान ही ये 83,141.21 के स्तर पर पहुंच गया. एनएसई के निफ्टी की बात करें, तो ये इंडेक्स बीते कारोबारी दिन बुधवार को मार्केट क्लोज होने पर 25,330.25 पर बंद हुआ था और गुरुवार को 25,441.05 पर ओपनिंग की.  भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान जहां 1651 कंपनियों के स्टॉक्स अपने पिछले बंद के मुकाबले तेज बढ़त लेकर ओपन हुए, तो वहीं 698 कंपनियों के शेयरों ने गिरावट के साथ रेड जोन में कारोबार शुरू किया. इसके अलावा 152 शेयरों की ओपनिंग फ्लैट रही, यानी इनके भाव में ओपनिंग के साथ कोई बदलाव देखने को नहीं मिला या ये बेहद मामूली घट-बढ़ रही. ओपनिंग पर ये शेयर सबसे तेज भागे गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे तेज भागने वाले शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल इंफोसिस का शेयर करीब 2 फीसदी की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था, तो वहीं एचडीएफसी बैंक और एचसीएल टेक से लेकर सनफार्मा तक का शेयर 1-1.50 फीसदी की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था.  मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों पर नजर डालें, तो एस्कॉर्ट शेयर (3.29%), इरेडा शेयर (2.86%), टाटा कम्युनिकेशन शेयर (2.50%), बायोकॉन शेयर (2.10%) और केपीआई टेक का शेयर (1.80%) की छलांग लगाकर ट्रेड कर रहा था. स्मॉलकैप कंपनियों में से आईआरएम एनर्जी शेयर (13%), पूनावाला शेयर (11.10%), एसएमएस फार्मा शेयर (7%), एचआईटेक शेयर (6.50%), जबकि न्यूजेन (4.86%) और जेनटेक का शेयर (4.80%) की तूफानी तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए.  US ने कम कर दीं ब्याज दरें बता दें कि बुधवार को अमेरिका में फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक के नतीजों का ऐलान किया गया और फेड ने बड़ा कदम उठाते हुए पॉलिसी रेट में 25 बेसिस पॉइंट या 0.25% की कटौती की घोषणा की. अमेरिकी सेंट्रल बैंक की ओर से पॉलिसी रेट में एक चौथाई अंकों की ये कटौती साल 2025 में पहली बार है और ट्रंप के टैरिफ वॉर से बढ़े महंगाई के खतरे के बीच बड़ी राहत है. ताजा रेट कट के बाद अब अमेरिका में ब्याज दरें 4 से 4.25 फीसदी के दायरे आ गई हैं.

परीक्षण सफल तो जबलपुर में जल्द शुरू होगी सरकारी बस सेवा, होगा बड़ा विस्तार

भोपाल प्रदेश में लोक परिवहन सेवा अगले वर्ष मार्च-अप्रैल तक सबसे पहले इंदौर, इसके बाद उज्जैन और फिर जबलपुर से प्रारंभ होगी। छह माह के भीतर रीवा, सागर ग्वालियर, भोपाल आदि शहरों से सेवा प्रारंभ करने की तैयारी है। शुरू में 50 से 100 किमी दूर तक के लिए बसें चलाई जाएंगी। इसके बाद सुविधा का परीक्षण कर इसमें विस्तार किया जाएगा। कुछ जगह रूट सर्वे का काम पूरा हो गया है और कई जगह चल रहा है। नगरीय निकायों के नियंत्रण में पहले से चल रही बसों को भी संभागीय स्तर पर क्षेत्रीय सहायक कंपनियां बनाकर उसके नियंत्रण में लाया जाएगा। भोपाल शहर में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) बसों का संचालन कर रही है। इसी तरह से इंदौर व अन्य शहरों में बसें निजी ऑपरेटरों की हैं, पर नियंत्रण स्थानीय प्रशासन का होता है। लोक परिवहन सेवा के प्रबंधन के लिए राज्य स्तर पर एक होल्डिंग कंपनी बनाई जा रही है। इसके नीचे सात संभागीय मुख्यालयों के स्तर पर सहायक कंपनियां बनाई जाएंगी। उज्जैन में रूट सर्व का काम पूरा बस संचालन के लिए उज्जैन में रूट सर्वे का काम लगभग पूरा हो गया है। इंदौर और जबलपुर में श्रेणीवार संचालित बसों की संख्या का अनुमान और रूट सर्वे भी लगभग अंतिम चरण में है। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभी निजी बस ऑपरेटरों से अनुबंध कर बसें चलाई जाएंगी। आगे चलकर इलेक्ट्रिक बसें चलाने की प्राथमिकता रहेगी। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने भी इसके निर्देश दिए हैं। सीएम ने इसी महीने की मीटिंग बता दें कि मुख्यमंत्री ने इसी माह लोक परिवहन सेवा की तैयारियों को लेकर बैठक की थी। उन्होंने मार्च के पहले बसें चलाने के लिए कहा है, पर समय सीमा एक-दो माह और आगे जा सकती है। इसमें निगरानी, प्रबंधन और यात्रियों की सुविधा के लिए आईटी प्लेटफॉर्म का अधिकाधिक उपयोग किया जाएगा। बड़े शहरों के बाद सरकार की प्राथमिकता उन स्थानों के बीच बसें चलाने की हैं, जहां यात्रियों की संख्या ज्यादा है।

एमपी में शाकाहारी-मांसाहारी होटलों की होगी अलग पहचान, सरकार लाई नया प्लान

भोपाल  शाकाहारी व मांसाहारी भोजन परोसने वाले होटलों और उनके मालिकों की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करने मध्य प्रदेश सरकार ऐसी व्यवस्था करवाने की तैयारी कर रही है ताकि बाहर से ही पता चल जाए कि होटल में भोजन शाकाहारी है या मांसाहारी। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) के एक्ट में ऐसा प्रविधान करवाने का प्रयास है कि होटल-रेस्टोरेंट के बाहर लगने वाले बोर्ड में पूर्णतः शाकाहारी के लिए हरा गोल निशान और पूर्णतः मांसाहारी के लिए लाल गोल निशान लगाया जाए। क्या है प्रस्ताव? खाने के पैकेट पर भी इस तरह के निशान लगाए जाते हैं, जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से समझ लेता है। होटल-रेस्टोरेंट में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का भोजन मिलता है तो आधा हरा और आधा लाल निशान रखने का भी प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त होटल चलाने का लाइसेंस लेने वाले का नाम भी बोर्ड पर लिखना अनिवार्य करवाने का सुझाव दिया गया है। मालिक का नाम भी अनिवार्य अब एफएसएसएआइ इसका परीक्षण कर ड्राफ्ट जारी करेगा। इसके बाद एफएसएसएआइ के एक्ट में इसे लेकर संशोधन की उम्मीद है। संशोधन होने पर यह व्यवस्था मध्य प्रदेश ही नहीं, देशभर में लागू करना अनिवार्य हो जाएगी। इसके अतिरिक्त कई बार होटल के बोर्ड से उसके मालिक का पता नहीं चलता। इस तरह का मामला तब चर्चा में आया था जब कावड़ यात्रा के दौरान इसी वर्ष उत्तर प्रदेश में मेरठ के आसपास कुछ होटलों के बाहर लगे बोर्ड में होटलों के नाम हिंदू रीति-रिवाज वाले थे पर उनके मालिक अन्य समुदाय के थे। इसके बाद उप्र सरकार ने दुकान, रेस्टोरेंट पर मालिक का नाम लिखने का आदेश दिया था। सरकार का प्लान प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि सरकार यह प्रयास कर रही है कि खाने के पैकेट की तरह होटलों के बोर्ड में भी हरा और लाल निशान रहे। यह कोशिश भी है कि विभिन्न कंपनियों द्वारा घरों में खाने-पीने की चीजें पहुंचाने वाले भी उसी तरह का भोजन करने वाले हों यानी शाकाहारी खाद्य सामग्री पहुंचाने वाले भी शाकाहारी हों।  

इजरायल का UN पर निशाना, गाजा रिपोर्ट को खारिज किया; एक दिन में 150 हमले, हालात बिगड़े

तेल अवीव संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट को इजरायल ने खारिज कर दिया है, जिसमें 'फिलिस्तीनियों के खिलाफ नरसंहार' का आरोप लगाया गया था। इजरायल ने इसे 'विकृत और झूठा' करार दिया और लेखकों को 'हमास प्रॉक्सी' बताकर खारिज कर दिया। संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय अधिकृत फिलिस्तीनी क्षेत्र जांच आयोग की 72 पृष्ठों की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायल गाजा में नरसंहारकारी कृत्य कर रहा है। इजरायल के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि यह रिपोर्ट पूरी तरह से हमास के झूठ पर आधारित है, जिसे दूसरों ने दोहराया और प्रचारित किया। इजरायल इस विकृत और झूठी रिपोर्ट को स्पष्ट रूप से खारिज करता है और इस जांच आयोग को तत्काल समाप्त करने की मांग करता है। मंत्रालय ने आयोग के लेखकों पर यहूदी-विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि तीनों सदस्यों ने जुलाई में अपने इस्तीफे की घोषणा की थी, जबकि अध्यक्ष नवी पिल्लै का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। इजरायल विदेश मंत्रालय ने क्या कहा? विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि इजरायल नागरिक हताहतों से बचने की कोशिश करता है और हमास पर गैर-लड़ाकों को खतरे में डालने का आरोप लगाया। मंत्रालय ने कहा कि रिपोर्ट के झूठ के विपरीत, हमास ने ही इजरायल में नरसंहार की कोशिश की, 1200 लोगों की हत्या की, महिलाओं के साथ बलात्कार किया, परिवारों को जिंदा जलाया और हर यहूदी को मारने के अपने लक्ष्य की खुलेआम घोषणा की। इजरायली विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को झूठे दावों की पुनरावृत्ति बताकर खारिज किया, जिन्हें स्वतंत्र शोध, जिसमें सितंबर की शुरुआत में जारी एक अध्ययन शामिल है, पहले ही खारिज किया जा चुका है। बार-इलान विश्वविद्यालय के बेगिन-सादात सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज की रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया कि नरसंहार के दावे त्रुटिपूर्ण आंकड़ों पर आधारित हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून को कमजोर करते हैं। वहीं, संयुक्त राष्ट्र आयोग ने दावा किया कि 7 अक्टूबर 2023 को दक्षिणी इजरायल में हुए हमले क्रूर युद्ध अपराध थे, लेकिन इनसे इजरायल के अस्तित्व को कोई खतरा नहीं था। इजरायल अपनी आबादी की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है, लेकिन इसके तरीकों में यह तथ्य ध्यान में रखना होगा कि उसने बलपूर्वक फिलिस्तीनी क्षेत्र पर कब्जा किया है और अवैध रूप से बस रहा है, जिससे फिलिस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार का हनन हो रहा है। गाजा में धमाकों के बीच गुजरी रात; 4 लाख भागे इजरायल की ओर से गाजा पर लगातार भीषण हमले जारी हैं।  रात को इजरायल ने कुल 50 हमले गाजा पर किए हैं। इसके साथ ही बीते एक दिन के अंदर इजरायल ने गाजा पर 150 से ज्यादा हमले किए हैं। हालात ऐसे हैं कि गाजा से कुछ दिनों के अंदर ही 4 लाख लोग पलायन कर चुके हैं। गाजा की आबादी 10 लाख के करीब थी और वहां से लगभग 4 लाख लोग पलायन कर गए हैं। स्पष्ट है कि करीब 40 फीसदी आबादी गाजा से पलायन कर चुकी है। इजरायल डिफेंस फोर्सेज की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बीते दो दिनों के अंदर ही 150 ठिकानों पर गाजा में हमले किए गए हैं। बीती रात में ही 12 लोगों की इजरायली हमलों से मौत हो गई है। इजरायली सेना का कहना है कि उन्होंने अपने हमलों में सुरंगों को टारगेट किया है तो वहीं कई इमारतों को भी निशाना बनाया है। इजरायल का कहना है कि इन इमारतों में हमास के आतंकी छिपे हुए थे। इजरायली सेना ने कहा कि हमारे सुरक्षा बल लगातार आतंकियों को खत्म कर रहे हैं। अब तक आतंकी संगठन के कई ढांचों को ध्वस्त किया जा चुका है। गाजा को हमास का शक्ति केंद्र माना जाता है। ऐसे में इजरायल का कहना है कि हमास को खत्म करने के लिए गाजा को टारगेट करना होगा। सोमवार से ही इजरायल की सेना ने गाजा पर जमीनी हमले शुरू कर दिए हैं। इससे पहले बीते सप्ताह इजरायल ने कतर की राजधानी दोहा में हमला कर दिया था। इस हमले के बाद से मुसलमान देशों में गुस्सा है। मंगलवार को दोहा में 60 मुसलमान देशों की मीटिंग थी, जिसमें इजरायल के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया। इस मीटिंग में आने वाले देशों में पाकिस्तान, सऊदी अरब, ईरान, तुर्की और बहरीन जैसे मुस्लिम देश शामिल थे। इस दौरान मौजूद नेताओं ने कहा कि इजरायल के खिलाफ एकजुट होना होगा। यही नहीं पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों ने तो इस्लामिक नाटो की स्थापना की भी बात की। हालांकि किसी चीज पर सहमति नहीं बनी है बल्कि एक निंदा प्रस्ताव ही पारित किया जा सका। आरोपों पर नई बहस आयोग के तीन सदस्यों (नवी पिल्लै, क्रिस सिडोटी और मिलून कोठारी) ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में इजरायल-विरोधी पूर्वाग्रह के आरोपों पर नई बहस छेड़ दी है। 2014 में अमेरिकी कांग्रेस के 100 से अधिक सदस्यों ने उनके नेतृत्व की निंदा करते हुए एक पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसमें कहा गया कि परिषद इजरायल के प्रति पूर्वाग्रह का पैटर्न दर्शाता है और इसे मानवाधिकार संगठन के रूप में गंभीरता से नहीं लिया जा सकता। कोठारी 2022 में विवाद के केंद्र में थे, जब उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया 'काफी हद तक यहूदी लॉबी द्वारा नियंत्रित' है और इजरायल की संयुक्त राष्ट्र सदस्यता पर सवाल उठाया। उनके बयान की यहूदी-विरोधी बताकर निंदा की गई। पिल्लै ने इस प्रतिक्रिया को 'दिखावा' बताकर खारिज किया और यहूदी-विरोधी चिंताओं को 'झूठ' करार दिया। सिडोटी की भी यहूदी समूहों पर यहूदी-विरोधी आरोपों को 'शादी में चावल की तरह' उछालने के लिए आलोचना हुई। 2021 में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा स्थापित इस आयोग को इजरायल और फिलिस्तीनी पक्षों द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानून के कथित उल्लंघनों की जांच का कार्य सौंपा गया था। लेकिन इसके निष्कर्षों ने मुख्य रूप से इजरायल को निशाना बनाया, जिसके कारण यरुशलम, दुनिया भर के यहूदी संगठनों और कई पश्चिमी सरकारों ने इसकी निंदा की। यह आयोग अभूतपूर्व था, क्योंकि इसकी कोई निश्चित समाप्ति तिथि नहीं थी और यह परिषद की सर्वोच्च स्तर की जांच थी।

शैंपू-साबुन पर GST घटा, डव-लाइफबॉय के नए रेट जारी – जानें कितनी होगी बचत

नई दिल्ली 22 सितंबर से लागू होने वाले नए जीएसटी रेट के चलते अब हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के कई पॉपुलर प्रॉडक्ट्स सस्ते हो जाएंगे। दरअसल, कंपनी ने अपने इन प्रॉडक्ट्स के प्राइस में बड़ी कटौती की है। डव शैंपू, किसान जैम, हॉर्लिक्स, लक्स साबुन और लाइफबॉय साबुन जैसे प्रॉडक्ट्स की प्राइस अब 15% तक कम हो जाएगी। 22 सितंबर से ये बदलाव वाले रेट लागू होंगे। बता दें कि हाल ही में जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में बड़ा निर्णय लिया गया था। सरकार द्वारा जीएसटी के मेथड को और भी सरल बनाने के लिए दो टैक्स स्लैब्स को इंट्रोड्यूस किया गया। पहले टैक्स स्लैब्स 5%, 12% और 18% के थे, लेकिन अब इन सभी को सिर्फ दो टैक्स स्लैब्स 5% और 18% में लाया गया। सस्ते होने वाले हैं डव शैंपू, हॉर्लिक्स और लाइफबॉय साबुन जैसे HUL के कई प्रोडक्ट्स, जानिए कितनी कम हो जाएगी कीमत ये प्रोडक्ट्स हो जाएंगे सस्ते जीएसटी में हुए इन बदलावों के चलते कई प्रॉडक्ट्स सस्ते हो जाएंगे। इनमें खास तौर पर फूड आइटम्स शामिल हैं। दूध, पनीर और जैम्स को जीएसटी से छूट मिली है, यानी इन पर किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि कुछ प्रॉडक्ट्स ऐसे हैं जिन्हें 5% टैक्स स्लैब में डाल दिया गया है। वहीं साबुन, शैंपू और टूथपेस्ट जैसे प्रॉडक्ट्स पर लगने वाला 18% का टैक्स अब 5% कर दिया गया है। टैक्स कटौती से अब सीधा फायदा कंज्यूमर्स को पहुंचेगा। ऐसे में कई बड़ी कंपनियों के प्रॉडक्ट्स के रेट भी घट जाएंगे। 22 सितंबर से लागू होंगे नए रेट सरकार की ओर से 22 सितंबर से लागू होने वाले नए रेट के चलते कंपनियों को अपने पुराने बचे हुए स्टॉक की एमआरपी बदलने की इजाजत भी दी गई है। अब मैन्युफैक्चरर, पैकर्स और इंपोर्टर्स पुराने स्टॉक पर नई कीमतें स्टांप, स्टीकर या ऑनलाइन प्रिंटिंग से लगा सकेंगे, जिससे मैन्युफैक्चर का स्टॉक खराब नहीं होगा। हालांकि 31 दिसंबर 2025 तक पुराना स्टॉक खत्म करना जरूरी होगा। नई कीमतों के साथ कंपनियों को अब पुराना एमआरपी दिखाना भी जरूरी होगा। कंपनी ने ये क्यों किया? इसी महीने 3 सितंबर 2025 को GST काउंसिल की 56वीं मीटिंग हुई। इस मीटिंग में सरकार ने GST को सरल बनाने का फैसला लिया। पहले टैक्स स्लैब 5%, 12% और 18% के थे, लेकिन अब 12% वाला स्लैब हटा दिया गया। इससे सिर्फ दो स्लैब 5% और 18% बचे रहेंगे। कई फूड आइटम्स जैसे UHT मिल्क, पनीर और जैम्स को या तो GST से छूट मिल गई या फिर 5% टैक्स स्लैब में डाल दिया गया। इसके अलावा साबुन, शैम्पू और टूथ पेस्ट पर GST को 18% से घटाकर 5% कर दिया है। सरकार ने साफ कहा कि ये टैक्स कटौती का फायदा कंज्यूमर्स तक पहुंचना है। इसी के चलते कंपनी ने दाम घटाने का फैसला किया है। सरकार ने कंपनियों को पुराने स्टॉक की MRP बदलने की इजाजत दी सरकार ने 22 सितंबर से लागू हो रहीं नई GST दरों से पहले सरकार ने कंपनियों को अपने पुराने बचे हुए माल (अनसोल्ड स्टॉक ) की मैक्सिमम रिटेल प्राइज (MRP) बदलने की इजाजत दे दी है। मैन्युफैक्चरर्स, पैकर्स और इम्पोर्टर्स अब पुराने स्टॉक पर नई कीमतें स्टैंप, स्टिकर या ऑनलाइन प्रिंटिंग से डाल सकेंगे। भारत के कंज्यूमर अफेयर डिपार्टमेंट ने मंगलवार को आदेश जारी कर कहा कि ये अनुमति 31 दिसंबर 2025 तक या पुराना स्टॉक खत्म होने तक लागू रहेगी। नई कीमतों के साथ कंपनियों को पुराना MRP दिखना जरूरी होगा। लग्जरी आइटम्स पर ज्यादा टैक्स लगेगा लग्जरी आइटम्स और तंबाकू प्रोडक्ट्स पर अब 28% की जगह 40% GST लगेगा। मध्यम और बड़ी कारें, 350cc से ज्यादा इंजन वाली मोटरसाइकिलें इस स्लैब में आएंगे। इससे इनकी कीमतें बढ़ सकती हैं।

मध्य प्रदेश में ग्राम पंचायतों को मिला नया अधिकार, विकसित करेंगी आवासीय कॉलोनी

विदिशा  मध्य प्रदेश की ग्राम पंचायतें भी शहरों में गृह निर्माण मंडल और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों की तरह आधुनिक आवासीय कालोनियां विकसित करेंगी। शुरुआत विदिशा जिले से हो रही है। स्थानीय प्रशासन ने जिले की 12 ग्राम पंचायतों के 14 गांवों को इसके लिए चिन्हित किया है। इन गांवों में कॉलोनी बनाने के लिए पंचायतों को जमीन आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गांवों में आधुनिक आवासीय कालोनियों का विचार जिला प्रशासन का है। तय हुआ कि एकीकृत टाउनशिप नीति के तहत शहरी क्षेत्रों से लगे गांवों में भी इस तरह की सुविधा विकसित की जाए। उसके बाद जिला पंचायत ने जनपद पंचायतों से ऐसे गांवों के नाम मांगे थे, जहां शासकीय भूमि उपलब्ध हो, गांव शहरी सीमा से सटे हों और क्षेत्रफल व आबादी के लिहाज से बड़े हों। इस मापदंड पर 13 गांवों की सूची बनाई गई है, जहां कालोनियां विकसित की जानी है। विदिशा से प्रायोगिक परियोजना शुरू हो रही है इन गांवों को दो एकड़ से पांच एकड़ तक की जमीन कॉलोनी विकसित करने के लिए आवंटित की गई है। जिन गांवों में ये कालोनियां बननी हैं, उनकी नजदीकी कस्बे से दूरी 500 मीटर से 10 किमी तक है। यहां कॉलोनियों के विकास की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों को दी गई है। विदिशा से यह प्रायोगिक परियोजना शुरू हो रही है, जिसमें ग्राम पंचायत प्लाट बेचेंगी। उसपर भवन निर्माण खरीददार ही करेंगे। इस योजना के क्रियान्वयन में कुछ चुनौतियां भी हैं। पिपलधार ग्राम पंचायत की सरपंच केसर बाई रामराज सिंह यादव का कहना है कि उनके गांव पट्टन में 0.65 हेक्टेयर जमीन कॉलोनी के लिए आवंटित हुई है। गांव बड़ा है, इस योजना से लोगों को काफी फायदा होगा, लेकिन जो जमीन आवंटित है उसके बड़े हिस्से पर अतिक्रमण है। उसे हटाना हमारे लिए बड़ी चुनौती होगा। 2000 वर्गफीट तक के भूखंड होंगे योजना के मुताबिक इन ग्रामीण कालोनियों में भूखंड का आकार 800 वर्गफीट से लेकर दो हजार वर्गफीट तक होगा। उनकी कीमत ग्राम पंचायत तय करेगी। योजनाबद्ध विकास होगा इनका विकास योजनाबद्ध होगा। सबसे पहले सड़कों का निर्माण होगा। इसके साथ ही बिजली, पानी और पार्क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसकी निगरानी जिला एवं जनपद पंचायतें करेंगी। शुरुआती विकास पंचायत के बजट से होगा और बाद में प्लाट बिकने पर विकास कार्यों की गति बढ़ाई जाएगी। इन 14 गांवों में बनेगी पहली कॉलोनी गंज पंचायत का पठारी बासौदा, ग्यारसपुर विकासखंड का खुजराहर, सिरोंज का बगरोदा, चौड़ाखेड़ी पंचायत का कमरिया, नटेरन का रुसल्ली, पट्टन और डंगरवाड़ा, कुरवाई का मेहलुआ चौराहा और पठारी, लटेरी का मुरवास तथा विदिशा विकासखंड का ढोलखेड़ी, रंगई, करैयाहवेली और आमखेड़ा हवेली। कॉलोनियों में सभी सुविधाएं दी जाएंगी     पंचायतों में कॉलोनियां बनाने के लिए शहर से सटी और बड़ी पंचायतों का चयन किया गया है। यहां शहरों की तरह बिजली, सड़क और पानी जैसी सभी सुविधाएं दी जाएंगी। भूमि आवंटित कर दी गई है और अब लेआउट डिजाइन पर काम शुरू कर दिया गया है। – ओपी सनोडिया, सीईओ, जिला पंचायत, विदिशा