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लाडली बहना योजना अपडेट: अब मिलेगा दोगुना फायदा, 3000 रुपए तक की सुविधा

भोपाल  मध्य प्रदेश की 1.26 करोड़ से ज़्यादा लाडली बहना योजना की लाभार्थियों को इस महीने से हर महीने 1,500 रुपये मिलेंगे, जो कि पहले के 1,250 रुपये से ज़्यादा हैं। हालांकि, यह बढ़ी हुई राशि दिवाली के बाद ही उनके खातों में आएगी। पहले जहां हर महीने की 15 तारीख के आसपास पैसे मिल जाते थे, वहीं अब लाभार्थियों को बढ़ी हुई रकम के लिए महीने के अंत तक इंतज़ार करना होगा। भाईदूज से मिलेंगे 1500 रुपए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि 1,250 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये की यह मासिक सहायता राशि भाई दूज से मिलनी शुरू हो जाएगी। लेकिन, अभी यह साफ नहीं है कि सरकार इस महीने की 15 तारीख से पहले 1,250 रुपये देगी और फिर 250 रुपये अलग से, या फिर एक साथ पूरे 1,500 रुपये का भुगतान करेगी। अधिकारियों का कहना है कि दिवाली के बाद लाभार्थियों को एक साथ 1,500 रुपये मिलेंगे। अगले महीने से हर महीने इसी तरह 1,500 रुपये दिए जाएंगे, जैसा कि अभी पैसे देने का तरीका है। 3000 रुपए तक बढ़ेगी राशि मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि भाई दूज के बाद से हर महीने 1,500 रुपये मिलेंगे और धीरे-धीरे इस योजना के तहत मिलने वाली राशि को 3,000 रुपये तक बढ़ाया जाएगा। इस योजना का मासिक खर्च, जो अभी 1.26 करोड़ लाभार्थियों को 1,250 रुपये देने के लिए 1,541 करोड़ रुपये से ज़्यादा है, अब 1,800 करोड़ रुपये से ऊपर चला जाएगा। शुरुआत में मिलते थे 1000 रुपए शुरुआत में, मध्य प्रदेश सरकार ने इस योजना के तहत हर महीने 1,000 रुपये दिए थे। 27 अगस्त 2023 को पिछली बीजेपी सरकार ने अक्टूबर 2023 से इसे बढ़ाकर 1,250 रुपये प्रति माह करने की घोषणा की थी। सरकार ने धीरे-धीरे राशि बढ़ाने का वादा किया था: 1,000 रुपये से 1,250 रुपये, फिर 1,500 रुपये, 1,750 रुपये, 2,000 रुपये, 2,250 रुपये, 2,500 रुपये, 2,750 रुपये और आखिर में 3,000 रुपये प्रति माह तक। मंत्री ने की पुष्टि महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने पुष्टि की है कि लाभार्थियों को अक्टूबर से हर महीने 1,500 रुपये मिलेंगे। दिवाली के बाद एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहां लाभार्थियों के खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे। कार्यक्रम का शहर अभी तय नहीं हुआ है। क्या है लाडली बहना योजना लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की महिलाओं के लिए सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना है। 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले शुरू की गई इस योजना को एक ऐसा कदम माना गया जिसने बीजेपी को भारी बहुमत से सत्ता में वापस लाने में मदद की। कई दूसरे राज्यों ने भी अलग-अलग नामों और तरीकों से इस योजना की नकल की है। 12 सितंबर को सीएम यादव ने 1.26 करोड़ लाड़ली बहना लाभार्थियों के बैंक खातों में 1,541 करोड़ रुपये से ज़्यादा की 28वीं किस्त ट्रांसफर की थी। योजना शुरू होने के बाद से अब तक 41,000 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं।

मध्य प्रदेश में मंत्री-कार्यशैली पर समीक्षा, मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी तेज

भोपाल मध्य प्रदेश में सत्ता और संगठन में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है. निगम, मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर जोर-शोर से चर्चा चल रही है. इसके साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार की खबरें भी सुर्खियों में हैं. पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश से लेकर दिल्ली तक बड़े नेताओं की मुलाकातों का सिलसिला लगातार जारी है. पिछले दो दिनों में ही 10 से अधिक बड़े नेताओं ने एक-दूसरे से मुलाकात की है, जिसने इन बदलावों की अटकलों को और हवा दी है. नेताओं की मुलाकातों का सिलसिला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की. वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चर्चा की. इसके अलावा, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और हेमंत खंडेलवाल ने भी दिल्ली में कई बड़े नेताओं से मुलाकात की. इन मुलाकातों में संगठन और सरकार के बीच तालमेल, नियुक्तियों और मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है.  मध्य प्रदेश के कमिश्नर और कलेक्टरों की भोपाल में दो दिन चली कांफ्रेंस के बाद अब मुख्यमंत्री डा मोहन यादव अपनी सरकार के मंत्री व विधायकों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। वह मंत्रियों के साथ वन-टू-वन बैठक करके विभागवार उनके कामकाज की समीक्षा करेंगे। विभागवार मंत्रियों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा और इसके आधार पर मंत्रियों के कामकाज की ग्रेडिंग तय होगी। जल्द ही मंत्रियों के साथ बैठक का दौर शुरू करने की तैयारी है। यही वजह रही कमिश्नर कलेक्टरों की कांफ्रेंस में किसी भी मंत्री से शामिल नहीं किया गया। विधायकों को चार साल का रोडमैन बनाने के लिए कहा कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों की स्थिति का आकलन किया है। इस आधार पर अब वह मंत्रियों से जानेंगे कि उन्होंने 20 माह में अपने प्रभार के जिलों में क्या-क्या कार्य किए। इसी तरह मुख्यमंत्री डॉ. यादव पार्टी के विधायकों के कामकाज को भी देखेंगे। उल्लेखनीय है कि विधायकों को चार साल का रोडमैप बनाने के लिए कहा गया था। उन्होंने अपने विधायक निधि का जनकल्याण में कितना उपयोग किया, इसकी रिपोर्ट भी तैयार कराई गई है। यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इधर, मुख्यमंत्री ने पहले ही मंत्रियों के परफारमेंस की एक रिपोर्ट तैयार कराई है, जो केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई थी। सिंहस्थ -2028 से कार्यों से जुड़े से 12 विभागों की मुख्यमंत्री अलग से बैठक लेंगे। मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत मुख्यमंत्री जिस तरह से मंत्रियों के कामकाज पर नजर बनाए हुए हैं उससे मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत मिल रहे हैं। पूर्व में मुख्यमंत्री द्वारा अपने मंत्रियों के कामकाज की रिपोर्ट तैयार कराने के बाद इसकी प्रबल संभावना देखी जा रही है। मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो क्षेत्रीय संतुलन साधने के हिसाब कुछ पूर्व मंत्रियों को फिर मौका दिया जा सकता है। वर्तमान में मुख्यमंत्री सहित 31 मंत्री हैं। नियम के अनुसार 35 मंत्री हो सकते हैं। इन बिंदुओं पर होगी चर्चा     कितने मंत्रियों ने गांव में रात्रि विश्राम किया और गांव में चौपाल लगाई।     प्रभार के जिलों में प्रतिमाह दौरा कर रहे हैं या नहीं।     मंत्रियों की अपने प्रभार के जिलों में अधिकारियों के साथ कैसा तालमेल हैं।     पार्टी संगठन के कामकाज में सहभागिता कैसी है।     केंद्र से मिले अभियानों को सफल बनाने में कितने मंत्रियों का प्रदर्शन अच्छा रहा।     कितने मंत्रियों से आमजन व पार्टी कार्यकर्ता संतुष्ट है या नहीं।  

डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम: 9 जिलों के 10 शहरों में नक्शा प्रोजेक्ट का शुभारंभ

उज्जैन  प्रदेश में शहर की जमीनों का रिकॉर्ड अब डिजिटल किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय भूमि संसाधन विभाग द्वारा 'नक्शा' (National Geospatial Knowledge based Land Survey of Urban Habitation) कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।  प्रोजेक्ट की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने रायसेन जिले से की थी। इसमें प्रदेश के 9 जिलों के 10 शहरों को पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया है। इनमें उज्जैन जिले से उन्हेल शामिल हैं। वहीं शाहगंज, छनेरा, आलीराजपुर, देपालपुर, धारकोठी, मेघनगर, माखननगर (बाबई), विदिशा और सांची कस्बा है। उन्हेल कस्बे के लिए आयुक्त, भू-अभिलेख द्वारा जारी अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित की गई है। इसमें वर्णित क्षेत्र भू-सर्वेक्षण के अधीन अधिसूचित किए गए हैं। इस आधार पर कलेक्टर द्वारा प्रारूप (नियम 14) में सर्वेक्षण संक्रियाओं के प्रारंभ होने की घोषणा की गई है। इसके बाद कस्बा उन्हेल में नक्शा प्रोजेक्ट के तहत कार्य प्रचलित है। भू-सर्वेक्षण के दौरान नवीन अधिकार अभिलेख तैयार किया जाएगा। इसमें सभी खातेदारों के नाम, उनके अंश, दायित्व तथा सुखाचार अधिकार अभिलिखित किए जाएंगे। ग्रामों के लिए निस्तार पत्रक तथा वाजिब-उल-अर्ज भी तैयार किया जाएगा। 413 शहरों में नक्शे और संपत्तियों की झंझटें खत्म जमीनों, मकानों के नक्शे, संपत्तियों में आनेवाली झंझटें खत्म कर दी गई हैं। प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी रिकॉर्ड, संपत्तियों का प्रबंधन और विकास योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली यानि GIS सर्वे और मानचित्रण का उपयोग किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि प्रदेश के 413 शहरों में यह काम पूरा कर लिया गया है। जीआइएस सर्वे के तहत ड्रोन सहित विभिन्न तकनीकों के इस्तेमाल से जमीनी सर्वेक्षण किया गया और डिजिटल मानचित्र बनाए गए हैं। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि नगरीय निकायों की कार्य दक्षता में भी वृद्धि होगी। GIS सर्वे से संपत्ति के मालिक, कर प्रणाली और भूमि उपयोग की जानकारी एक क्लिक से मिल सकेगी। इससे जहां पारदर्शिता में वृद्धि होगी वहीं जमीन से संबंधित लेनदेन भी सरल हो गया है। GIS डेटा के इस्तेमाल से शहरी नियोजन और विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।  

भारतीय-रूसी साझेदारी में बनी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, अगले सप्ताह होगा लॉन्च

नई दिल्ली भारतीय रेल यात्रियों के लिए एक और अच्छी खबर आने वाली है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का सपना अब हकीकत बनने जा रहा है। इंडो-रशियन जॉइंट वेंचर काइनेट रेलवे सॉल्यूशंस अगले सप्ताह अपने पहले एसी कोच के डिजाइन का अनावरण करेगी। यह डिजाइन इंटरनेशनल रेलवे इक्विपमेंट एग्जीबिशन (IREE) 2025 में प्रदर्शित किया जाएगा, जो अगले सप्ताह दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाला है। भारत-रूस की साझेदारी से बनेंगे 120 स्लीपर वंदे भारत ट्रेनें काइनेट रेलवे सॉल्यूशंस एक संयुक्त उद्यम है, जिसे भारतीय रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) और रूस की प्रमुख रोलिंग स्टॉक कंपनियों द्वारा स्थापित किया गया है। इस साझेदारी के तहत कंपनी को 120 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों (यानी 1,920 कोच) के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है। कंपनी जून 2026 तक पहले प्रोटोटाइप ट्रेन को तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। तीन कंपनियों को मिला वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का ठेका भारतीय रेल ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के निर्माण का ठेका तीन कंपनियों को दिया है। इनमें बीईएमएल (BEML), काइनेट रेलवे सॉल्यूशंस (रूस की TMH और भारतीय RVNL का संयुक्त उपक्रम) और टिटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड और बीएचईएल (BHEL) का कंसोर्टियम शामिल है। इन कंपनियों को आधुनिक तकनीक के साथ ऊर्जा-कुशल और यात्रियों की आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने वाले कोच तैयार करने का कार्य सौंपा गया है। लंबी दूरी की यात्रा के लिए स्लीपर वंदे भारत वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को लंबी और मध्यम दूरी की यात्राओं के लिए डिजाइन किया जा रहा है। अब तक वंदे भारत एक्सप्रेस केवल चेयर कार के रूप में संचालित होती है, लेकिन स्लीपर वर्जन आने से रात की यात्रा करने वाले यात्रियों को वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड, आरामदायक और प्रीमियम सुविधा मिलेगी। एक साथ दो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की लॉन्चिंग रेल मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को एक साथ दो रेक के रूप में लॉन्च किया जाएगा। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि लॉन्चिंग तभी की जाएगी जब दूसरी ट्रेन पूरी तरह तैयार हो जाएगी ताकि सेवा की निरंतरता बनी रहे। उन्होंने कहा, “दूसरी ट्रेन का निर्माण कार्य चल रहा है और यह संभवतः 15 अक्टूबर 2025 तक तैयार हो जाएगी। दोनों ट्रेनें साथ में लॉन्च की जाएंगी। दूसरी ट्रेन नियमित सेवा की निरंतरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। जैसे ही दूसरा रेक मिल जाएगा, किसी भी उपयुक्त रूट पर संचालन शुरू किया जाएगा।” यह दोनों ट्रेनें बीईएमएल द्वारा इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) तकनीक का उपयोग करते हुए बनाई जा रही हैं। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से रेल यात्रा में नया अध्याय वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होने वाली है। यह ट्रेनें न केवल तेज और ऊर्जा-कुशल होंगी, बल्कि यात्रियों को बेहतर साउंड इंसुलेशन, आरामदायक बर्थ, अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स और लग्ज़री स्तर की सुविधाएं भी प्रदान करेंगी। रेल मंत्रालय का मानना है कि यह प्रोजेक्ट भारतीय रेल को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की दिशा में एक और मील का पत्थर साबित होगा।

ट्रंप के दबाव के बावजूद अमेरिकी दिग्गजों का भारत पर दांव कायम

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच शुल्क विवाद को शुरू हुए तीन महीने से ज्यादा का समय हो गया है। विवाद सुलझाने को लेकर दोनों सरकारों के बीच विमर्श का दौर जारी है, लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका है। खास बात यह है कि अमेरिकी कंपनियों पर इस अनिश्चितता का कोई असर नहीं है और वह भारत में निवेश योजना को परवान चढ़ाने में जुटी हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एमेजोन, एपल जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों से लेकर ऑर्डिनरी थ्योरी जैसी इंटेलीजेंस हार्डवेयर कंपनी या भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वाले अमेरिकी वित्तीय फंड्स की भावी योजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है। इस बारे में दैनिक जागरण ने कुछ अमेरिकी कंपनियों के साथ दिग्गज उद्योग संगठनों फिक्की, सीआईआई से बात की और इन सभी का कहना है कि अभी तक अमेरिकी कॉरपोरेट सेक्टर से इस तरह का कोई संकेत नहीं मिला है कि टैरिफ विवाद से उनकी भारत में भावी गतिविधियों पर असर होगा। गूगल ने किया 10 अरब डॉलर निवेश करने का फैसला भारतीय इकोनमी के प्रति अमेरिकी कंपनियों के मजबूत भरोसे का ही प्रतीक है कि गूगल ने 10 अरब डॉलर का भारी भरकम निवेश विशाखापत्तनम में डाटा सेंटर हब बनाने के लिए करने का फैसला किया है। वर्ष 2024 में भी कंपनी ने बताया था कि वह छह अरब डालर का निवेश करने जा रही है, लेकिन अब कंपनी की योजना तैयार है और इसके लिए इसी महीने नई दिल्ली में समझौता होने जा रहा है। कंपनी ने अब कुल निवेश सीमा की राशि बढ़ाकर 10 अरब डालर (88,730 करोड़ रुपये) कर दी है। माइक्रोसॉफ्ट भी कतार में इसी तरह से माइक्रोसॉफ्ट के प्रमुख सत्य नडेला ने जनवरी, 2025 में अपने भारत दौरे में यहां तीन अरब डालर की राशि दो वर्षों में निवेश करने की घोषणा की थी। सूत्रों का कहना है कि जुलाई महीने में जब शुल्क विवाद चरम पर था तब माइक्रोसॉफ्ट की भारतीय टीम ने इस निवेश योजना को अंतिम रूप दिया। इस निवेश से माइक्रोसॉफ्ट भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर स्थापित करेगी। कंपनी का इस उद्देश्य से भारत में किया गया यह प्राथमिक निवेश होगा। भारत सरकार भी माइक्रोसॉफ्ट की इस योजना से काफी उत्साहित है क्योंकि इससे भारत को ग्लोबल एआई लीडर बनाने में मदद मिलेगा। भारतीय फर्मों के साथ संयुक्त उद्यम भी स्थापित कर रहीं अमेरिकी कंपनियां अमेरिका से नए निवेश का भारत आने का सिलसिला भी जारी है। पिछले दिनों अमेरिकी कंपनी ऑर्डिनरी थ्योरी ने भारतीय कंपनी ऑप्टीमस इन्फ्राकॉम के साथ संयुक्त उद्यम स्थापित किया है, जिसे भारत के इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में विदेशी कंपनियों के बढ़ते भरोसे के तौर पर देखा जा रहा है। यह संयुक्त उद्यम भारत में दूरसंचार क्षेत्र में स्मार्ट हार्डवेयर मैन्यूफैक्चरिंग के साथ ही इस क्षेत्र की कंपनियों को कई तरह की दूसरी समस्याओं को दूर करने का समाधान बताएगा। ऑप्टीमस के चेयरमैन अशोक कुमार गुप्ता का कहना है, 'मेड इन इंडिया हार्डवेयर मैन्यूफैक्चरिंग का दौर अब शुरु हो रहा है। हमारी कोशिश मेक इन इंडिया के साथ ही आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करना है।' दूसरी अमेरिकी कंपनियां भी निवेश को रफ्तार देने में जुटीं भारत में बने आइफोन के निर्यात का आंकड़ा 10 अरब डालर को पार कर गया है। पहले दस महीनों में एपल निर्मित आईफोन का निर्यात 75 प्रतिशत बढ़ा है। ऐसे में कंपनी की मंशा है कि वर्ष 2027 तक उसके वैश्विक उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत हो जाए। सूत्रों के मुताबिक ट्रंप टैरिफ के बावजूद एपल की भारत को लेकर योजनाएं अपरिवर्तित हैं। बोइंग, अमेजन जैसी दूसरे क्षेत्र की दिग्गज अमेरिकी कंपनियों के बारे में भी यहीं सूचना है कि वह अपनी निवेश को और रफ्तार देंगी। ट्रंप टैरिफ के बावजूद जिस तरह से एसएंडपी और जापानी रेटिंग कंपनी आरएंडआई ने भारत की साख में सुधार किया है, उससे भी अमेरिकी कंपनियों का भरोसा मजबूत हुआ है।  

ह्वासॉन्ग-20 न्यूक्लियर मिसाइल: नॉर्थ कोरिया का सबसे खतरनाक ICBM, अमेरिका पर साया खतरा

फियोंगयांग उत्तर कोरिया ने अपनी सबसे ताकतवर परमाणु मिसाइल ह्वासॉन्ग-20 का अनावरण किया. ये सॉलिड-फ्यूल वाली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है, जो पूरे अमेरिका को निशाना बना सकती है. किम जोंग उन ने इसे सबसे शक्तिशाली न्यूक सिस्टम बताया, जो पूरे अमेरिका को आसानी से हिट कर सकता है. नॉर्थ कोरिया ने 10 अक्टूबर को वर्कर्स पार्टी के 80वें स्थापना दिवस पर सैन्य परेड में पेश किया. रूस और चीन के प्रतिनिधि भी मौजूद थे. ह्वासॉन्ग-20: तीन चरणों वाली 'मॉन्स्टर' मिसाइल ह्वासॉन्ग-20 उत्तर कोरिया की सबसे एडवांस्ड ICBM है. ये तीन चरणों वाली सॉलिड-फ्यूल मिसाइल है, जो लॉन्च के बाद तेजी से ऊंचाई पकड़ लेती है. इसका मुख्य फीचर नया हाई-थ्रस्ट सॉलिड-फ्यूल इंजन है, जो ह्वासॉन्ग-18 से 40% ज्यादा ताकतवर (करीब 1,970 kN थ्रस्ट) है. इससे मिसाइल ज्यादा तेज और लंबी दूरी तय कर सकती है.     रेंज: 15,000 किलोमीटर तक – अमेरिका के किसी भी कोने को कवर.     वॉरहेड: मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल्स (MIRV) ले जा सकती है, यानी एक मिसाइल से कई परमाणु हेड्स अलग-अलग टारगेट हिट करेंगे.     लंबाई: करीब 25 मीटर (अनुमानित), वजन 80 टन से ज्यादा.     लॉन्च: मोबाइल लॉन्चर से, जो छिपाना आसान. किम जोंग उन ने परेड में कहा कि ये हमारा सबसे ताकतवर न्यूक हथियार है. ये मिसाइल अभी टेस्ट नहीं हुई, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि ये ह्वासॉन्ग-18 से कहीं बेहतर है. सॉलिड फ्यूल से इसे तुरंत लॉन्च किया जा सकता है, जो चेतावनी के बिना हमला संभव बनाता है. परेड का नजारा: रूस-चीन के साथ 'शो ऑफ स्ट्रेंथ' 10 अक्टूबर को प्योंगयांग में भव्य सैन्य परेड हुई. हजारों सैनिक, टैंक और मिसाइलें दिखाई गईं. ह्वासॉन्ग-20 को पहली बार पर्दा हटाया गया. किम जोंग उन ने इसे अमेरिका के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बताया. रूस के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर और चीन के वाइस चेयरमैन मौजूद थे. ये दिखाता है कि उत्तर कोरिया रूस-चीन से करीब आ रहा. परेड में हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल भी दिखाया गया. अमेरिका और दुनिया पर खतरा: क्यों चिंता? ह्वासॉन्ग-20 अमेरिका के पूरे मुख्यभूमि (अलास्का से फ्लोरिडा तक) को निशाना बना सकती. MIRV से एक मिसाइल कई शहरों को हिट कर सकती. US पेंटागन ने कहा कि ये गंभीर खतरा है. उत्तर कोरिया के पास 50-60 परमाणु हेड्स हैं, जो बढ़ रहे हैं. रूस-चीन की मौजूदगी से ये एशिया में तनाव बढ़ाएगा. दक्षिण कोरिया और जापान भी चिंतित हैं. 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- भिलाला समाज ने जगाई सामाजिक चेतना

जनजातियों का समग्र कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार में भिलाला समाज समागम में की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग का समग्र कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारी कोशिश है कि जनजातीय वर्ग का कोई भी व्यक्ति शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि भिलाला समाज एक साहसी और संस्कारित समाज है, जिसने मां नर्मदा के आशीर्वाद से नशामुक्ति और मृत्युभोज जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नशा नाश की जड़ है, जो कई पीढ़ियों को बर्बाद कर देता है। समाज की कुरीतियों को खत्म करने का प्रयास एक सामाजिक क्रांति का संकेत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को धार के किला मैदान में जय ओमकार आदिवासी भिलाला समाज संगठन द्वारा आयोजित 12वें प्रांतीय वार्षिक सामाजिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम शुभारंभ किया। सम्मेलन के तहत भिलाला समाज द्वारा युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन, रोजगार पंजीयन शिविर, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, नशामुक्ति जागरूकता शिविर, कैरियर मार्गदर्शन शिविर सहित सामाजिक कुरीतियों के निवारण के लिए जागरुकता शिविर भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीथमपुर थाना (बगदून) के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी किया। जनजातीय नायकों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने धार जिले की भिलाला समाज की जुझारू महिला नेत्री को केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान देकर समाज का गौरव बढ़ाया है। राज्य सरकार ने अलीराजपुर का नाम परिवर्तन कर आलीराजपुर कर दिया है। क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना और महाराजा शंकर शाह व कुंवर रघुनाथ शाह की जयंती को भव्य रूप से मनाकर हमारी सरकार ने जनजातीय नायकों और परम्पराओं को सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज का राष्ट्ररक्षा और स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय योगदान रहा है। भगोरिया के उल्लास को हमने राज्यस्तरीय पर्व का दर्जा देकर जनजातीय लोक परंपराओं को सम्मानित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक समाज को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्योग के क्षेत्र में तेज़ी से विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम सब भारत माता के लाल हैं, ऐसे में भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। राज्य सरकार ने समाज के वंचित वर्ग को आरक्षण का लाभ दिया है। हमारी सरकार ने सबको विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भिलाला समुदाय की सामाजिक एकता और आत्मनिर्भरता आज समाज के दूसरे वर्गों को विकास की दिशा में नई प्रेरणा दे रही है। समाज की विभिन्न मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भिलाला समाज को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए हम कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे। मांगों की पूर्ति के लिए जितना अधिक हो सकेगा वो बेहतर से बेहतर तरीके से करेंगे। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें युवाओं, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि आज ही प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के माध्यम से देशभर के किसानों को बड़ी सौगात मिली है। धार लोकसभा सांसद श्री गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम के बाद जनजातीय वर्ग के भाइयों-बहनों की जमीन सुरक्षित हुई है, जिससे समाज को बड़ी राहत मिली है। भिलाला समाज ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए सरकार के प्रति आभार जताया है। उन्होंने बताया कि खरगोन और बड़वानी जिले में भिलाला समाज के सामुदायिक भवनों का निर्माण राज्य सरकार की आर्थिक सहायता से किया जा रहा है। कार्यक्रम में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, श्री देवेंद्र पटेल, पूर्व सांसद श्री छतर सिंह दरबार, समाज के सभी विधायक एवं अन्य निर्वाचित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे। कार्यक्रम के आरंभ में जय ओमकार आदिवासी भिलाला समाज संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष श्री बीएस जामोद ने सम्मेलन की रूपरेखा और भावी गतिविधियों पर प्रकाश डाला।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर में प्रबुद्धजन संवाद संगम कार्यक्रम में की शिरकत

उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने का दोहराया संकल्प, कहा- हर हाथ को काम, हर सर को छत, हर खेत में पानी हमारा संकल्प हर चेहरे पर खुशहाली और हर बेटी व व्यापारी को सुरक्षा सुनिश्चित करने का सरकार का है लक्ष्य : योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था में अग्रणी फोर्स बनाने का उद्देश्य : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने भारत की सनातन परंपरा और धार्मिक सहिष्णुता को बताया वैश्विक दृष्टिकोण छात्रों और शिक्षकों को अनुशासन और गुरु के प्रति श्रद्धा बनाए रखने का किया आग्रह सीएम योगी ने विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के लिए सुझाव भेजने का दिया आमंत्रण गाजीपुर में भुड़कुड़ा सिद्ध पीठ में रामाश्रय दास जी महाराज की प्रतिमा का सीएम योगी ने किया अनावरण गाजीपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को भुड़कुड़ा सिद्ध पीठ में आयोजित ‘प्रबुद्धजन संवाद संगम’ कार्यक्रम में कहा कि भारत की सनातन धर्म की परंपरा ने कभी भी उपासना विधि में कट्टरता नहीं दिखाई, और दुनिया आज तक धर्म और पंथ के अंतर को नहीं समझ पाई है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बाबा साहेब के संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द चोरी-छिपे डाला गया। मुख्यमंत्री ने अपने संकल्प को स्पष्ट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को एक विकसित राज्य बनाया जाएगा, जहां हर हाथ को काम, हर सर को छत, हर खेत में पानी, हर चेहरे पर खुशहाली और हर बेटी व व्यापारी को सुरक्षा मिले। इस विकास के माध्यम से उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था का अग्रणी फोर्स बनकर नेतृत्व करेगा। पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं रामाश्रय दास जी महाराज जनपद में आयोजित ‘प्रबुद्धजन संवाद संगम’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भुड़कुड़ा सिद्ध पीठ में पूज्य संत रामाश्रय दास जी महाराज की भव्य और दिव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने पीठाधीश्वर पूज्य संत श्री शत्रुघ्न दास जी महाराज, महाविद्यालय परिवार और क्षेत्रवासियों के साथ संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भुड़कुड़ा सिद्ध पीठ भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, विशेषकर सतनामी संप्रदाय, से जुड़ा हुआ है। उन्होंने संत रामाश्रय दास जी महाराज की शिक्षाओं और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि महाविद्यालय परिसर में उनकी मूर्ति स्थापित करना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा। जाति पाति पूछे ना कोई, हरि को भजे सो हरि का होई उन्होंने भारत की सनातन परंपरा, धार्मिक सहिष्णुता और आध्यात्मिक ज्ञान को वैश्विक संदर्भ में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हमने कभी नहीं कहा कि जो मंदिर जाएगा वही हिंदू है और जो नहीं जाएगा वह नहीं। हमारी परंपरा सबको गले लगाती है। उन्होंने संत रामानंद के विचारों को भी उद्धृत किया- ''जाति पाति पूछे ना कोई, हरि को भजे सो हरि का होई।" मुख्यमंत्री ने गाजीपुर की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए महर्षि विश्वामित्र और भगवान राम के संबंध को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इसी परंपरा और ज्ञान के आधार पर गाजीपुर में महर्षि विश्वामित्र राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई। ज्ञान के साथ पारंपरिक आध्यात्मिक ज्ञान को जोड़ना आवश्यक योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और छात्रों से आग्रह किया कि वे अनुशासन, गुरु और संतों के प्रति श्रद्धा बनाए रखते हुए शिक्षा और विकास की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि आधुनिक ज्ञान के साथ पारंपरिक आध्यात्मिक ज्ञान को जोड़ना आवश्यक है, ताकि समाज और राष्ट्र का कल्याण हो। मुख्यमंत्री ने विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के लक्ष्य को भी दोहराया और सभी संस्थाओं से सुझाव देने का आह्वान किया, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, स्किल डेवलपमेंट, पर्यटन और निवेश जैसे क्षेत्रों में प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने महाविद्यालय और पीठ के सभी विद्यार्थियों, आचार्यों, भक्तों और अनुयायियों को दीपावली की मंगलमय शुभकामनाएं दीं और पूज्य संत रामाश्रय दास जी महाराज की प्रतिमा स्थापना का महत्व समझाया। इस अवसर पर पूज्य संत श्री शत्रुघ्न दास जी महाराज, प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, राज्यसभा सांसद संगीता बिंद बलवंत, सपना सिंह, विशाल सिंह चंचल, विधायक जखनिया बेदी राम, बीजेपी के पदाधिकारीगण सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा जिला के चयन पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का माना आभार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिए 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की दो नई योजनाओं का किया शुभारंभ मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा जिला के चयन पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का माना आभार  मुख्यमंत्री ने किसानों को नई योजनाओं के लिए दी बधाई और शुभकामनाएं मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा : प्रदेश में खेती-किसानी की तस्वीर बदलेगी और आर्थिक सम्पन्नता आएगी पीएम धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से विकसित भारत का सपना होगा साकार     रायपुर, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित मुख्य समारोह से देश के किसानों को 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की कृषि परियोजनाओं का उपहार दिया। उन्होंने इस मौके पर दो नई योजनाएं- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया। इनमें प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए 30 हजार करोड़ रूपए और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 11 हजार करोड़ रूपए शामिल है। इसके अलावा श्री मोदी कृषि और संरचना कोष, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की 1100 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषक सभागार से हजारों किसानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा ऑनलाईन जुड़कर इस अभियान के शुभारंभ के साक्षी बने। इस मौके पर केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, पशुपालन, मत्स्यपालन एवं डेयरी विकास मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, सांसद और विधायक भी वर्चुअली रूप से जुड़े थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत रत्न जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती के दिन आज देश कृषि आत्मनिर्भरता का नया इतिहास रच रहा है। आज से प्रारंभ हुई दोनों योजनाएं देश के अन्नदाताओं को सशक्त बनाने और कृषि आत्मनिर्भरता के नए युग की शुरुआत है। खेती को लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में यह पहल मील का पत्थर सिद्ध होंगी। उन्होंने बताया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में भारत का कृषि निर्यात बढ़ा है, शहद उत्पादन, पशुपालन, मत्स्यपालन सहित सहायक कृषि गतिविधियों में बढ़ोत्तरी हुई है।              प्रधानमंत्री ने बताया कि विकास के पैरामीटर में पिछड़ रहे जिलों के लिए  केंद्रित आकांक्षी जिला योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से सुधार का काम हुआ है। ठीक उसी तरह प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत खेती किसानी में पिछड़े देश के 100 जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 36 नई योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा किसानों की भागीदारी से खेती की तस्वीर बदलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।            प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों और आने वाली पीढ़ी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से दलहन आत्मनिर्भरता मिशन शुरू किया गया है। यह मिशन न केवल कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम है, बल्कि देश में पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी प्रयास है। शारीरिक और मानसिक विकास के लिए प्रोटीन अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए हमें मिलकर दलहन उत्पादन की सशक्त व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत अपनी दलहन आवश्यकताओं को पूर्ण रूप से पूरा नहीं कर पा रहा है। दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से दाल उत्पादन में वृद्धि होगी और लगभग दो करोड़ दाल उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बड़ी ख़ुशी की बात है कि किसान हित में दो नई योजनाओं में छत्तीसगढ़ के तीन जिलों जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा को भी शामिल किया गया है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से विशेष रूप से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  और केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने इन दो नई योजनाओं के लिए प्रदेश के किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन योजनाओं से खेती-किसानी की तस्वीर बदलेगी और आर्थिक सम्पन्नता भी आएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने योजनाओं के शुभारंभ के अवसर पर कृषि विभाग द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और कृषि अभियांत्रिकी सब मिशन योजना के तहत किसानों को टैªक्टरों, कृषि उपकरणों की चाबी भी सौपी और अनुदान राशि का चेक प्रदान किया।   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का बोलबाला है। जीएसटी में बड़ा रिफॉर्म हुआ है। जीएसटी रिफॉर्म के बाद एक दिन मैं एक ट्रैक्टर शो रूम में गया, यहां आकर मुझे पता चला कि एक ट्रैक्टर के पीछे 40,000 से 60,000 तक की राशि बचत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टॉल देखने के दौरान यहां मुझे एक किसान भाई मिले जिन्होंने हार्वेस्टर खरीदा, उन्हें एक लाख रुपए से भी अधिक की भी बचत का फ़ायदा मिला। यह देखकर बड़ी ख़ुशी होती है कि हमारे किसान भाइयों को इतना फायदा मिल रहा है। श्री साय ने बताया कि सरकार छत्तीसगढ़ में किसानों के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। किसानों से किया हर वादा हमने पूरा कर दिया है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, दो साल का बकाया बोनस भुगतान किया। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने किसानों को प्राथमिकता में लेते हुए राज्य में 1500 से अधिक सिंचाई योजनाओं को दुरुस्त करने के लिए एकमुश्त 2800 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कृषि योजनाओं के मजबूतीकरण के लिए कई अहम कार्य हुए। किसान क्रेडिट कार्ड इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ज्यादातर सीमांत किसान हैं, उन्हें सरकार की कृषि हितैषी योजनाओं का बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए सतत प्रयासरत है और यह योजना उसी दिशा में एक ठोस पहल है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चंद्राकर, मछुआ … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- मध्यप्रदेश में टूरिज्म को मिलेगी नई उड़ान

निवेशकों और फिल्मी हस्तियों के साथ मंथन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से शनिवार को मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट के अवसर पर पर्यटन क्षेत्र के निवेशकों, प्रमुख फिल्म निर्माताओं और प्रसिद्ध अभिनेताओं के साथ कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस वन-टू-वन चर्चा का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में पर्यटन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और मध्यप्रदेश को एक प्रमुख फिल्म-शूटिंग गंतव्य के रूप में बढ़ावा देना है। इस उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग के विभिन्न दिग्गजों के साथ प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से फिल्म जगत से प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सुश्री एकता कपूर, जाने-माने अभिनेता श्री गजराज राव और श्री रघुवीर यादव ने भेंट की। स्पेनिश फिल्म कमीशन से सुश्री लारा मोलिना एवं फिल्म निर्माता श्रीमती अन्ना सौरा ने भी चर्चा में भाग लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि सरकार राज्य को पर्यटन और फिल्म निर्माण के लिए देश का सबसे आकर्षक केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मध्य प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण एवं विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर भी उपस्थित थीं। होटल और हॉस्पिटैलिटी उद्योग के कई बड़े नामों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इनमें इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) के ईवीपी श्री परवीन चंदर कुमार, जेट सर्व एविएशन के श्री राम ओला, एटमॉस्फियर कोर के प्रबंध निदेशक श्री सौभाग्य मोहापात्रा, पोस्ट कार्ड होटल्स के सह-संस्थापक श्री अनिरुद्ध कांडपाल, ट्रेज़र ग्रुप के प्रबंध निदेशक श्री विनायक कलानी, एमआरवीएच रिज़ॉर्ट्स प्रा. लि. के निदेशक श्री जीतेंद्र सिंह, द मालवा क्लब एंड रिज़ॉर्ट के संस्थापक श्री सुमरध्वज ब्रह्मभट्ट, सेरेनडिपिटी लेक्स एंड रिज़ॉर्ट्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक डॉ. सुश्रुत सुधीर बाबुलकर, और ऑर्बिट रिज़ॉर्ट्स के श्री संदीप खन्ना और श्री मनोज सिंह शामिल थे। मध्यप्रदेश में वेडिंग डेस्टिनेशन को प्रचारित और प्रसारित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ ट्रैवल वेडिंग प्लानिंग और इवेंट मैनेजमेंट क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। इस समूह में पर्यटन फ्यूचर्स के श्री नवीन कुंडू, यात्रा डॉट कॉम के श्री राकेश कुमार राणा, इंडियन गोल्फ टूरिज्म एसोसिएशन (IGTA) के श्री राजन सहगल, प्रसिद्ध शेफ मंजीत गिल, लाफ्लोरेंस वेडिंग के श्री विक्रमजीत शर्मा, वेडिंग एंड ट्रैवल जर्नलिस्ट सुश्री श्रुति सिंह, ईएसएल इवेंट्स की सुश्री एकता सहगल लुल्ला, वेडिंग चैप्टर्स की सुश्री ईशा अग्रवाल, कर्ली टेल्स डिजिटल मीडिया प्रा. लि. के श्री समर ओम प्रकाश वर्मा, डिलिजेंस सॉल्यूशन्स प्रा. लि. के श्री अनुज मदान, ज़ू मीडिया के श्री प्रतीक गुप्ता, इंडियन एग्ज़ीबिशन इंडस्ट्री एसोसिएशन के श्री सूरज धवन और लोटस एग्ज़ीबिशन्स एंड मार्केटिंग सर्विसेज के श्री राजीव मल्होत्रा ने भेंट की।