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इस वर्ष दोगुना, अगले वर्ष तीन गुना होगी पुरस्कार राशि: मंत्री चौधरी

ओजोन परत संरक्षण दिवस पर पोस्टर एवं इन्वायरोथान प्रतियोगिता रायपुर अंतर्राष्ट्रीय ओजोन परत संरक्षण दिवस पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा राजधानी रायपुर के सिविल लाइंस स्थित नवीन विश्राम गृह में पोस्टर एवं इन्वायरोथान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में वित्त, वाणिज्य कर, आवास एवं पर्यावरण तथा योजना एवं सांख्यिकी विभाग के मंत्री ओ.पी. चौधरी शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि ओजोन परत का संरक्षण केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और स्वास्थ्य के लिए भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण सबके लिए समान है अमीर, गरीब, विद्वान या साधारण व्यक्ति और इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सबकी है। वित्त मंत्री चौधरी ने भारतीय परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलते रहे हैं। पीपल, आंवला नवमी, गोवर्धन पूजा जैसी परंपराएं पर्यावरण संरक्षण की मिसाल हैं। पश्चिमी देशों का विकास मॉडल केवल संसाधनों के अंधाधुन दोहन पर आधारित है, जो टिकाऊ नहीं है। अब आवश्यकता सस्टेनेबल डेवलपमेंट की है ताकि जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटा जा सके। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिये हम सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। ओजोन परत का संरक्षण केवल पर्यावरण ही नहीं बल्कि जीवन बचाने का संकल्प है। हम सभी इस दिशा में आगे आयें और ओजोन क्षरण पदार्थ व इसके उपयोग से बने उपकरणों का उपयोग ना करें। पर्यावरणीय चेतना से ही इस देश का हरित और सुरक्षित भविष्य बन सकता है। शिक्षा क्षेत्र में नई उपलब्धियाँ वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनने जा रहा है। नया रायपुर में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएफटी) के कैंपस खोले जा रहे है। इन संस्थानों की स्थापना से प्रदेश के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और शोध के अवसर अपने ही राज्य में उपलब्ध होंगे। साथ ही राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (निलेट) का स्थायी केंद्र भी छत्तीसगढ़ में स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को तकनीकी, व्यावसायिक और शोध आधारित शिक्षा के नए आयाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आज केवल डिग्री ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों को टेक्नोलॉजी और स्किल्स पर भी ध्यान देना होगा। इस अवसर पर उन्होंने अजीज प्रेम जी स्कॉलरशिप का उल्लेख किया, जिसके तहत शासकीय स्कूलों से 10वीं-12वीं पास कर चुके जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्रति वर्ष 30 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। इस वर्ष दोगुना अगले वर्ष तीन गुना मिलेगी पुरस्कार राशि: मंत्री चौधरी मंत्री चौधरी ने कार्यक्रम में पोस्टर एवं इन्वायरोथॉन प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। साथ ही इस दौरान उन्होंने पुरस्कार राशि को इस वर्ष दोगुना और अगले वर्ष  3 गुना करने की घोषणा की। उन्होंने इस अवसर पर महाविद्यालयीन एवं स्कूली छात्र-छात्राओं को ओजोन परत सरंक्षण हेतु शपथ भी दिलायी। जलवायु परिवर्तन के कारण एवं निदान तथा ओजोन परत संरक्षण- मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल विषय पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में लगभग 550 एवं इन्वायरोथॉन के विषय वेस्ट टू वेल्थ में लगभग 350 बच्चों ने भाग लिया, जिसमें पोस्टर प्रतियोगिता में 12-17 वर्ष वर्ग में बी.पी. पुजारी स्कूल, रायपुर की कु. नेहा कोसले, 18-22 वर्ष वर्ग में शास. नागार्जुन विज्ञान महाविद्यालय, रायपुर के रोहित कुमार साहू और दिव्यांग वर्ग में शा. दिव्यांग महाविद्यालय, माना, रायपुर के अनमोल पटले प्रथम स्थान पर रहे। इसी प्रकार इन्वायरोथान प्रतियोगिता में 12वीं तक वर्ग में राज कुमार कॉलेज के स्वर्णिम कुंज (ए.आर.बी. ग्रुप), स्नातक वर्ग में आईआईआईटी नवा रायपुर की कु. अनुष्का एक्का तथा स्नातकोत्तर वर्ग में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के निखिल कसेर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव राजिव अगसिमनि सहित बड़ी संख्या में स्कूलीं एवं महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं, अभिभावक, शिक्षकगण एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से किया सेवा पखवाड़ा 2025 का शुभारंभ

पीएम मोदी के नेतृत्व में नया भारत बना दुनिया के लिए प्रेरणाः सीएम योगी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से किया सेवा पखवाड़ा 2025 का शुभारंभ सीएम योगी बोले- पीएम मोदी के नेतृत्व में बदला भारत का चेहरा, विरासत, विकास और सेवा का दिख रहा संगम  गरीबी से विरासत तक और महामारी प्रबंधन से कूटनीति तक मोदी मॉडल बना मिसालः मुख्यमंत्री  अयोध्या से काशी, केदारनाथ से महाकाल तक, धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार ने दुनिया में दिलाई नई पहचानः योगी  गरीबों की प्राथमिकता, महापुरुषों का सम्मान और वैश्विक नेतृत्व मोदी युग की विशेषताएंः योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री ने कहा- पीएम मोदी के नेतृत्व में गरीबों को मिली प्राथमिकता: 11 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए कोविड काल में भारत ने दुनिया को दिखाया बेहतरीन मॉडल, 9 महीने में वैक्सीन निर्माण कर दर्जनों देशों को दी मददः सीएम लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर लखनऊ से सेवा पखवाड़ा 2025 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें 25 करोड़ प्रदेशवासियों की ओर से जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा और इसमें समाज को जोड़ने वाले विविध रचनात्मक कार्य शामिल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पावन जन्मदिन से हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी केवल भारत के ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे दूरदर्शी और लोकप्रिय नेता हैं। आज पूरी दुनिया प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नए भारत का दर्शन कर रही है। जो भारत कभी पिछलग्गू माना जाता था, लेकिन आज अपने आत्मविश्वास से दुनिया को प्रेरित कर रहा है। 11 वर्षों की उपलब्धियां गढ़ रहीं हर क्षेत्र में नए प्रतिमान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलताएं हासिल की हैं। अर्थव्यवस्था, विरासत, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, नियुक्तियां, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि विकास, जल संसाधन जैसे तमाम क्षेत्रों में नए प्रतिमान स्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाएं, दलित और वंचित समाज को प्राथमिकता देने की वजह से हर नागरिक के जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है। यही वजह है कि बीते 11 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ पाए हैं। रामलला से महाकाल लोक तक आस्था और विरासत का सम्मान  योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विरासत का सम्मान आज केवल घोषणा नहीं, बल्कि हकीकत है। अयोध्या में 500 वर्षों के बाद रामलला का भव्य मंदिर बना। काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्निर्माण वैश्विक जगत को आकर्षित कर रहा है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का कायाकल्प हुआ है। महाकाल लोक का निर्माण और अन्य धार्मिक स्थलों का सुंदरीकरण नए भारत की पहचान बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि जैसे महापुरुषों की स्मृतियों से जुड़े अनेक रचनात्मक कार्य किए गए हैं, जो सामाजिक न्याय और सामाजिक उत्थान की दिशा में मील का पत्थर साबित हुए हैं। कोविड प्रबंधन में भारत बना वैश्विक मॉडल मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कोविड काल के प्रबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया महामारी के सामने असहाय थी, तब भारत ने सबसे बेहतरीन कोविड प्रबंधन का उदाहरण प्रस्तुत किया। जहां 100 वर्षों में कोई वैक्सीन भारत तक नहीं पहुंच पाई, वहीं मोदी जी के नेतृत्व में सिर्फ 9 महीनों में कोविड वैक्सीन विकसित की गई। उन्होंने बताया कि न केवल भारतवासियों को मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध कराई गई, बल्कि दुनिया के दर्जनों मित्र देशों को भी फ्री में वैक्सीन देकर भारत ने बेहतरीन कूटनीतिक उदाहरण प्रस्तुत किया। इससे भारत संकट के समय सहयोगी के रूप में दुनिया के सामने मिसाल बनकर उभरा। स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में बड़ा अभियान मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा पखवाड़ा का पहला चरण "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार" अभियान है। इसके अंतर्गत महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, पोषण संबंधी कार्यक्रम और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। लखनऊ से इसका शुभारंभ करते हुए इसे पूरे प्रदेश में आगे बढ़ाया जा रहा है। भारतीय जनता युवा मोर्चा हर जिले में रक्तदान शिविर आयोजित कर रहा है। आने वाले दिनों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य शिविर तथा जांच से जुड़े कार्यक्रम होंगे। इससे जरूरतमंदों को निशुल्क सुविधाओं का लाभ मिलेगा और आमजन को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता भी प्राप्त होगी। विकसित भारत 2047 का लक्ष्य योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश—ये सभी आपस में जुड़े हुए लक्ष्य हैं। इन्हें हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का विजन 2047 हमें मार्गदर्शन देता है। उन्होंने कहा कि इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में प्रबुद्ध जन सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। 19 और 20 सितंबर को होने वाले ये सम्मेलन हर जनप्रतिनिधि, मंत्री, सांसद और विधायक की सहभागिता से आगे बढ़ेंगे। युवाओं के लिए नमो मैराथन मुख्यमंत्री ने बताया कि 21 सितंबर को व्यापक जनजागरण के लिए "नमो मैराथन" का आयोजन उत्तर प्रदेश के 17 बड़े नगरों में किया जाएगा। इसमें हजारों युवा हिस्सा लेंगे। यह आयोजन फिट इंडिया मूवमेंट और विकसित भारत अभियान को मजबूती देगा। अंत्योदय से गांधी-शास्त्री जयंती तक मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 सितंबर को अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती बूथ स्तर पर पूरी भव्यता से मनाई जाएगी। इसके बाद यह कार्यक्रम निरंतर आगे बढ़ते हुए 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के साथ संपन्न होगा। इस अवसर पर खादी के प्रचार-प्रसार के कार्यक्रम होंगे और खादी वस्त्र को उपहार में देने की परंपरा को आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री के "वोकल फॉर लोकल" अभियान को भी बल मिलेगा। एमएसएमई और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत प्रदर्शनी और टूलकिट वितरण कार्यक्रम आयोजित होंगे। समाज को साथ लेकर सफलता की ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सेवा पखवाड़ा से जुड़े सभी संस्थान समाज को साथ लेकर इसे सफलता की ओर अग्रसर … Read more

AI वीडियो मामले में कांग्रेस को कोर्ट से झटका, पटना HC ने दिए हटाने के निर्देश

पटना  कांग्रेस द्वारा पीएम मोदी और उनकी मां के AI वीडियो मामले पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है.अदालत ने कांग्रेस से तत्काल रूप से इस वीडियो को हटाने का निर्देश दिया है. पटना हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश पी.बी. बाजंतरी की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने निर्देश जारी किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां हीराबेन मोदी को अपमानित करने वाला ये वीडियो तत्काल प्रभाव से सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा दिया जाए. दरअसल, 10 सितंबर को बिहार कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किया गया था, जिसमें पीएम मोदी के सपने में उनकी मां का AI-आधारित चित्रण किया गया है.  वीडियो में दिवंगत हीराबेन मोदी का किरदार बेटे को राजनीतिक लाभ के लिए अपने नाम का दुरुपयोग करने पर फटकार लगाता नजर आता है. एक दृश्य में पीएम मोदी जैसा दिखने वाला शख्स बिस्तर पर लेटते हुए कहता है, 'आज की वोट चोरी हो गई, अब अच्छी नींद लो.' फिर सपने में उनकी मां प्रकट होकर उन्हें नसीहत देती हैं. वीडियो को AI GENERATED मार्क किया गया था, लेकिन बीजेपी ने इसे घिनौना और मां का अपमान करार दिया था. साथ ही इस वीडियो को खिलाफ पटना हाईकोर्ट का रुख किया था. बीजेपी ने दर्ज कराई FIR बीजेपी ने अपनी शिकायत में दावा किया गया कि ये वीडियो न केवल प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल करने वाला है, बल्कि महिलाओं की गरिमा का उल्लंघन भी है. दिल्ली पुलिस ने पहले ही 13 सितंबर को बीजेपी कार्यकर्ता संकेत गुप्ता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई. FIR में वीडियो को पीएम मोदी और उनकी मां की छवि को बदनाम करने वाला बताया गया है. कांग्रेस ने किया था बचाव कांग्रेस ने अपनी इस वीडियो का बचाव किया था. पार्टी के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, 'यह वीडियो किसी का अपमान नहीं करता. मां केवल अपने बच्चे को राजधर्म सिखा रही है, अगर पीएम को ये अपमानजनक लगता है तो ये उनकी समस्या है.' खेड़ा ने जोड़ा कि वीडियो में कोई असम्मान नहीं है और बीजेपी इसे सहानुभूति बटोरने के लिए इस्तेमाल कर रही है. बिहार कांग्रेस ने आंतरिक जांच शुरू की है ताकि पता लगाया जा सके कि वीडियो साझा करने वाले कौन जिम्मेदार थे.

आदिवासी कांग्रेस कार्यक्रम में बोले दिग्विजय सिंह – ‘धर्मांतरण अगर आस्था से हो तो अपराध नहीं’

बैतूल  मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर धर्मांतरण आस्था और स्व-प्रेरणा से किया जाता है, तो यह कोई अपराध नहीं है. लेकिन जबरन या प्रलोभन से धर्मांतरण स्वीकार्य नहीं है. बीजेपी केवल अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उठाती है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर आदिवासियों को 'वनवासी' कहकर उनकी पहचान मिटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. आदिवासी कांग्रेस की ओर से बैतूल जिले के भैंसदेही में आयोजित 'आदिवासी अधिकार और सशक्तिकरण शिविर' में शामिल होने आए दिग्विजय ने कहा कि आदिवासी भारत के सबसे पुराने निवासी हैं. दिग्विजय सिंह ने कहा- “हम सब तो सेंट्रल एशिया से आए हैं, असली हक और पहला अधिकार तो आदिवासियों का ही है। वे प्रकृति के पूजक हैं और संविधान उन्हें अपनी आस्था के अनुरूप धर्म पालन का पूरा अधिकार देता है। फिर भाजपा क्यों आलोचना करती है?” धर्म परिवर्तन अपराध नहीं पूर्व सीएम ने साफ कहा कि धर्म परिवर्तन अगर आस्था और स्वप्रेरणा से होता है तो अपराध नहीं है, लेकिन जबरदस्ती या प्रलोभन से धर्मांतरण स्वीकार्य नहीं। भाजपा इस मुद्दे को सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए उठाती है। उन्होंने कहा, "हम सभी मध्य एशिया से आए हैं. आदिवासियों के पास पहला और असली अधिकार है. वे प्रकृति के उपासक हैं और संविधान उन्हें अपनी आस्था का पालन करने का पूरा अधिकार देता है…." राज्यसभा सदस्य ने BJP पर 'संकीर्ण विचारधारा' रखने और 'धर्मांतरण की राजनीति' करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह पार्टी न तो संविधान को समझती है और न ही भारत की वास्तविक परंपरा को. भाजपा आदिवासियों को वनवासी कहकर उनकी पहचान मिटाना चाहती है." एक सवाल के जवाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि BJP गाय के नाम पर केवल राजनीति करती है, जबकि कांग्रेस सरकार के दौरान गौ आयोग का गठन किया गया था. उन्होंने कहा, "भाजपा इस मुद्दे पर केवल राजनीतिक रोटियां सेंकती है." आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने बताया कि राज्य के हर जिले में आदिवासियों के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए यह शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. आदिवासी कांग्रेस सशक्तिकरण शिविर में शामिल हुए दिग्विजय सिंह भैंसदेही में मध्यप्रदेश आदिवासी कांग्रेस द्वारा आयोजित लीडरशिप डेव्हलपमेंट शिविर के समापन समारोह में शामिल हुए। आदिवासी कांग्रेस ने यह तीन दिन का आदिवासी कांग्रेस सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया था। विक्रांत भूरिया राष्ट्रीय अध्यक्ष आदिवासी कांग्रेस ने बताया कि राहुल गांधी ने आदिवासी कांग्रेस को पूरे देश में युवा आदिवासी नेतृत्व तैयार करने की जिम्मेदारी दी है। जिसके तहत हम प्रदेश में आदिवासी अधिकार और सशक्तिकरण शिविर करवाते हैं। उसके बाद हर जिले में जाकर यह शिविर करवा रहे हैं। इसका उद्देश्य यही है कि युवा पीढ़ी को पता रहे कि कांग्रेस ने देश के लिए क्या किया आदिवासी के क्या अधिकार हैं। किस तरह से देश में उनका शोषण हो रहा है। इस दौरान आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम और जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद बैतूल पहुंचे दिग्विजय सिंह ने कोठी बाजार स्थित डागा हाउस में कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से भी चर्चा की। उन्होंने बैठक में कार्यकर्ताओं को पार्टी की मजबूती के गुर सिखाए।

5 साल में करोड़ों की दौलत: अफसर के पास मिला 1 करोड़ कैश, 1 करोड़ के गहने

गुवाहटी  यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं. असम सिविल सेवा (ACS) की एक युवा अधिकारी, जिन्हें कभी प्रशासनिक जगत का उभरता सितारा माना जा रहा था, अब जेल की सलाखों के पीछे हैं. मुख्यमंत्री की विशेष सतर्कता शाखा (Special Vigilance Cell) की छापेमारी में करोड़ों की काली कमाई उजागर हुई है.  करोड़ों की बरामदगी, सभी हुए हैरान कामरूप जिले के गोरैमरी में तैनात सर्किल ऑफिसर नूपुर बोरा को गिरफ्तार किया गया. अधिकारियों की टीम ने उनके ठिकानों पर दबिश दी तो नतीजे देखकर सभी दंग रह गए. गुवाहाटी स्थित घर से 92 लाख रुपये नकद और लगभग 1 करोड़ रुपये के गहने बरामद हुए. बरपेटा में किराए पर लिए मकान से भी 10 लाख रुपये नकद मिले. यानी पांच साल की सेवा में इस अधिकारी ने जो अकूत संपत्ति इकट्ठा की, उसने सरकार से लेकर आम जनता तक सबको चौंका दिया. एक उभरते चेहरे से गिरफ्तारी तक का सफर गोलाघाट जिले की रहने वाली नुपुर बोराह ने 2019 में सिविल सेवा में प्रवेश किया था. उस समय उन्हें मेहनती और उम्मीद जगाने वाली अफसर के तौर पर देखा जाता था. परिवार और समाज के लिए वह गर्व का कारण थीं. लेकिन प्रशासनिक ज़िंदगी का यह सफर अचानक ही भ्रष्टाचार और अवैध सौदों की कहानी बन गया. पिछले छह महीनों से उन पर गुप्त निगरानी रखी जा रही थी. आरोप था कि वह ज़मीन से जुड़े सौदों में गड़बड़ी कर रही हैं और कथित तौर पर मोटी रकम ले रही हैं. आखिरकार आरोपों पर कार्रवाई हुई और उनकी गिरफ़्तारी के साथ ही पूरा मामला सुर्खियों में आ गया. करीबी सहयोगी पर भी शिकंजा सतर्कता विभाग ने सिर्फ बोराह पर ही कार्रवाई नहीं की. टीम ने उनके करीबी माने जाने वाले बरपेटा राजस्व सर्किल ऑफिस के कर्मचारी लाट मंडल सुरजीत डेका के घर पर भी छापा मारा. जांचकर्ताओं का शक है कि बोराह और डेका ने मिलकर बरपेटा में कई ज़मीनें खरीदी हैं. अब इन संपत्तियों की जांच की जा रही है. मुख्यमंत्री का सख्त संदेश असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए साफ कहा कि नुपुर बोराह ने बरपेटा में सर्किल ऑफिसर रहते हुए हिंदुओं की ज़मीन संदिग्ध व्यक्तियों को ट्रांसफर की. इसके बदले उन्होंने मोटी रकम ली. यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. राजस्व विभाग में, खासकर अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में फैले भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. आलीशान जीवनशैली पर सवाल इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा नुपुर बोराह की आलीशान जीवनशैली. उनकी आधिकारिक हैसियत एक सर्किल ऑफिसर की थी, लेकिन छापेमारी में जो संपत्ति और सोना-जवाहरात मिले, उन्होंने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया. सवाल उठ रहे हैं कि सिर्फ पांच साल की नौकरी में इतनी संपत्ति कहां से आई? लोगों ने किए खूब कमेंट सोशल मीडिया पर इस खबर ने तूफान मचा दिया है. कुछ लोगों ने लिखा कि आम नागरिक मामूली काम के लिए राजस्व दफ्तरों के चक्कर काटते हैं और वहीं अफसर करोड़ों की कमाई कर रहे हैं. एक अन्य यूज़र ने कहा कि यही वजह है कि ज़मीन से जुड़े मामले आम जनता के लिए कभी आसान नहीं होते. भ्रष्टाचार की जड़ यही है. अब आगे क्या? फिलहाल नुपुर बोराह जेल में हैं और सतर्कता विभाग उनकी संपत्ति और लेन-देन की गहन जांच कर रहा है. उनके बैंक अकाउंट, संपत्तियों और ज़मीन सौदों की जानकारी खंगाली जा रही है. साथ ही उनके सहयोगियों की भी पूछताछ चल रही है.  

8.39 लाख निर्माण श्रमिकों को मिला लाभ: छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल की बड़ी उपलब्धि

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के उत्थान के लिए लगातार उन्हें आर्थिक मदद दी जा रही है। इसी सिलसिले में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीयन एवं लाभांवित श्रम विभाग द्वारा 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक लगभग 7.3 लाख निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया है तथा वर्ष 2024 से 15 सितम्बर 2025 तक संचालित योजनाओं के माध्यम से लगभग 8.39 लाख श्रमिकों को लाभांवित हुए हैं, जिस पर लगभग 535.62 करोड़ रूपए व्यय किया गया है। उल्लेखनीय है कि असंगठित श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में एक नई पहल शुरू की गई है। असंगठित श्रमिकों एवं उनके परिवारों के समग्र विकास के लिए अम्ब्रेला योजना ‘अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ प्रारंभ की गई है। प्रवासी श्रमिक साथियों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदाय करने हेतु प्रथम चरण में 5 राज्य क्रमशः उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, गुजरात एवं महाराष्ट्र में जहां अधिक संख्या में श्रमिक प्रवास करते हैं, वहां ‘मोर चिन्हारी भवन’ बनाया जाएगा। इसके अलावा श्रमिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने 106 निजी चिकित्सालयों से अनुबंध किया गया है। इससे उन्हें हृदय रोग, किडनी रोग, मस्तिष्क रोग, जटिल सर्जरी आदि के लिए सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में उपचार सुविधा मिलेगी। इसी तरह राज्य शासन द्वारा श्रम विभाग की ‘अम्ब्रेला योजना अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ के नाम से शुरू की गई है। इससे श्रमिकों तथा उनके परिवारों को एक ही स्थान पर सरकार के सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा, इसके लिए ‘श्रमेव जयते‘ पोर्टल बनाया गया है। पंजीकृत श्रमिकों के द्वारा आर्थिक गतिविधि के लिए बैंक से लिए जाने वाले ऋण पर लगने वाले ब्याज में अनुदान देने के लिए जल्द ही नई योजना शुरू की जा रही है ताकि आत्म निर्भर बनते हुए स्वयं मालिक बनने की दिशा में बढ़ सकें। इसके अलावा असंगठित श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं सतत् निगरानी हेतु राज्य के प्रत्येक संभाग में संभाग स्तरीय श्रम कल्याण कार्यालय के स्थापना की जा रही है।  श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण एवं सहायता हेतु राज्य के प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय तथा समस्त विकासखंडों में मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र योजना अंतर्गत 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक 94,300 निर्माण श्रमिकों को पंजीयन/नवीनीकरण/योजनाओं के आवेदन में सहयोग प्रदान किया गया है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन हेतु स्व-घोषणा प्रमाण पत्र छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया सरल करते हुये, ठेकेदार अथवा नियोजक के अधीन कार्य करने संबंधी नियोजक से नियोजन प्रमाण पत्र के स्थान पर श्रमिकों से ही निर्माण कार्य में नियोजित होने संबंधी स्वघोषणा पत्र का प्रावधान किया गया है। उक्त सरलीकरण करने से श्रमिकों को पंजीयन कराने में सुविधा हुई है। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के स्वयं के आवास क्रय एवं आवास निर्माण हेतु 01 लाख रूपये एकमुश्त अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा रहा है। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक 1042 निर्माण श्रमिकों को नवीन आवास क्रय/आवास निर्माण हेतु अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा चुका है। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित उक्त योजनांतर्गत कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक प्रतिशत प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं छत्तीसगढ़ बोर्ड के मेरिट के प्रथम 10 में स्थान प्राप्त करने पर प्रत्येक श्रमिक बच्चों को राशि रूपये 01 लाख प्रोत्साहन राशि तथा रूपये 01 लाख दोपहिया वाहन क्रय करने हेतु प्रदाय किया गया है। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक निर्माण श्रमिक के 7478 पुत्र/पुत्रियों को 10 करोड़ 14 लाख 49 हजार 614 रूपए प्रदान किया गया है। प्रसूति सहायता योजना 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ अंतर्गत 65 हजार 010 महिला निर्माण श्रमिकों को लाभांवित किया गया है।शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना उक्त योजना अंतर्गत पंजीकृत निर्माण, असंगठित एवं संगठित श्रमिकों को 05 रूपए में गरम एवं पौष्टिक भोजन प्रदाय किया जा रहा है। 31 दिसम्बर 2023 की स्थिति में 29 भोजन केन्द्र संचालित थे, जो कि वर्तमान में बढ़कर 17 जिलों में 37 भोजन केन्द्र हो गये हैं। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 विभाग द्वारा 11,35,362 यूनिट भोजन (मिल) पंजीकृत संगठित एवं असंगठित श्रमिकों को प्रदाय किया जा चुका है, जिसमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा राशि रूपये रूपये 52,865,395 व्यय हुआ है। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना सामान्य मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को एक लाख रूपए की राशि, कार्य स्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को 5 लाख रूपए की राशि तथा कार्य स्थल पर दुर्घटना से स्थायी दिव्यांगता होने पर श्रमिक को ढ़ाई लाख रूपए की राशि दिए जाने का प्रावधान है। जिसके तहत् 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक कुल 3658 निर्माण श्रमिकों के आश्रितों को लाभांवित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 17 सितंबर 2024 को डी०बी०टी० के माध्यम से राशि का हस्तांतरण किया था। श्रम विभाग द्वारा प्रदेश स्तरीय श्रमिक सम्मेलन आयोजित कर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत् पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को केन्द्रीकृत डी.बी.टी. के माध्यम से लाभांवित करना प्रारंभ कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 17 सितम्बर, 2024 से अब तक 16 योजनाओं में 6 लाख 48 हजार 633 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 327 करोड़ 13 लाख 53 हजार 108 रूपए से लाभांवित किया गया।

पीएम मोदी धार में खुले जीप से निकले, रास्ते में लोगों का किया अभिवादन

 धार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 75वें जन्मदिन पर आज मध्यप्रदेश के दौरे पर हैं। सुबह इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे यहां से धार के बदनावर पहुंचे हैं। पीएम बदनावर तहसील के भैंसोला गांव में पीएम मित्रा पार्क की आधारशिला रखेंगे।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने जन्मदिन पर मध्य प्रदेश को औद्योगिक विकास और कृषि समृद्धि की ऐतिहासिक सुविधा देने जा रहे हैं। पीएम विशेष विमान से इंदौर पहुंचे हैं, यहां से हेलीकॉप्टर द्वारा धार जिले के भैंसोला में कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए हैं। यहां खुली जीप में सवार होकर वे कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच से निकले और उनका अभिवादन किया। पीएम यहां देश के पहले पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना से सिर्फ टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को ही लाभ नहीं पहुंचेगा बल्कि क्षेत्र के छह लाख कपास उत्पादक किसानों की प्रगति के नए द्वार भी खुलेंगे। पीएम मित्र पार्क से तीन लाख रोजगार सृजित होंगे। वह करीब सवा घंटे मध्य प्रदेश में रहेंगे। यह कदम न सिर्फ धार को काटन कैपिटल बनाने की दिशा में अग्रसर करेगा, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फार लोकल’ जैसे विजन को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री के उस सपने को साकार करेगी, जिसमें किसान का खेत, उद्योग का धागा और भारत का परिधान सीधे वैश्विक बाजार तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित प्रदेश व केंद्र के वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहेंगे। भैंसोला में 2158 एकड़ भूमि पर 2100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला पार्क प्रदेश का कपास आधारित सबसे बड़ा औद्योगिक निवेश प्रोजेक्ट है। यहां इंफ्रास्ट्रक्चर का कार्य 65% पूरा हो चुका है। धार के जिस भैंसोला गांव का चयन पीएम मित्रा पार्क के लिए किया गया है, वह रेल नेटवर्क, हवाई नेटवर्क, हाईवे और पोर्ट से जुड़ा हुआ है। यहां से इंदौर एयरपोर्ट मात्र सवा घंटे और 4 लेन हाईवे सिर्फ आधा घंटे की दूरी पर है। यहां तैयार गारमेंट्स को विदेश में सीधे एक्सपोर्ट करने के लिए गुजरात के कांडला पोर्ट मात्र 12 घंटे में पहुंचा जा सकता है। इस पार्क से मालवा-निमाड़ के कॉटन उत्पादक किसानों को फायदा होगा। इसमें तीन लाख लोगों को रोजगार मिलने का दावा भी किया जा रहा है। कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, धार के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप भी मौजूद रहेंगे। ये भी होंगे आयोजन     स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान का शुभारंभ करेंगे।     सेवा पर्व की शुरुआत करेंगे।     एक बगिया मां के नाम अभियान के तहत पीएम महिला स्व-सहायता समूह की एक महिला को पौधा भेंट करेंगे।     सुमन सखी चैटबाट का लोकार्पण करेंगे।     सिकल सेल स्क्रीनिंग के एक करोड़वें कार्ड का वितरण करेंगे। कपास उत्पादक किसानों में नया जोश भरेगा पार्क मप्र कपास उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है। विशेषकर मालवा और निमाड़ अंचल- इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, खंडवा और बुरहानपुर जैसे जिलों में कपास की भरपूर पैदावार होती है। तीन वर्षों में यहां लाखों टन कपास उत्पादन हुआ है। अब तक यह कपास बाहर भेजा जाता था, लेकिन पीएम मित्र पार्क शुरू होने के बाद यही कपास धागा बनेगा, वस्त्र में ढलेगा और परिधान के रूप में अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचेगा। प्रधानमंत्री मोदी के विजन फार्म से फाइबर, फैक्ट्री से फैशन और फारेन को मूर्त रूप देने वाला यह पार्क किसानों, उद्योगपतियों और निर्यातकों सभी के लिए नए अवसर खोलेगा।  

बरौदा सागर में लगाए जा रहें 21 हजार फलदार पौधे, मंत्री राजपूत ने किया निरीक्षण

सुरखी विधानसभा में बन रहा मध्यप्रदेश का पहला नमो फ्रूट वन उद्यान बरौदा सागर में लगाए जा रहें 21 हजार फलदार पौधे, मंत्री राजपूत ने किया निरीक्षण 10 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य, फूड प्रोसेसिंग एवं कुटीर उद्योग स्थापित करने की योजना- मंत्री राजपूत  मंत्री राजपूत ने थामी ट्रैक्टर की स्टेरिंग सुरखी खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने मंगलवार को सुरखी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरौदा सागर में 70 एकड़ भूमि पर विकसित किए जा रहे मध्यप्रदेश के पहले नमो फ्रूट फॉरेस्ट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री राजपूत ग्रामीणों के साथ स्वयं ट्रैक्टर चलाकर नमो फ्रूट फॉरेस्ट स्थल पर पहुंचे। मंत्री राजपूत ने निरीक्षण के दौरान वृक्षारोपण की स्थिति, पौधों की देखरेख, सिंचाई व्यवस्था तथा स्थानीय लोगों की सहभागिता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में सेवा पखवाड़ा के तहत पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सुरखी विधानसभा के ग्राम बरौदा राजघाट के पास नमो फ्रूट फॉरेस्ट में 21 हजार फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं। मंत्री राजपूत ने कहा कि यह प्रदेश का पहला ऐसा उद्यान है जहां सभी प्रकार के फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी इस उद्यान में 21 हजार फलदार पौधों का रोपण किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य 10 लाख पौधों के रोपण का है। बरौदा ग्राम में फूड प्रोसेसिंग एवं अन्य कुटीर उद्योग स्थापित करने की भी कार्य योजना तैयार की जा रही है जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर मिलेंगे । उन्होंने बताया कि तालचिरी में भी 10 एकड़ में नमो फल उद्यान बन रहा है। यहां भी फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं। मंत्री राजपूत ने बताया कि नमो फूड फॉरेस्ट स्व सहायता समूह की महिला सदस्यों को सौंपा जाएगा, जिससे वह आत्मनिर्भर बनेंगी एवं आर्थिक रूप से समृद्ध भी होगी। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समय सीमा के अंदर पूर्ण हो एवं यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पौधों की नियमित देखभाल हो। फ्रूट फॉरेस्ट में आम, अमरूद, कटहल, आंवला, नींबू, सीताफल,अनार आदि के हजारों फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। निरीक्षण के पश्चात मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने ग्रामीणों से पौधों की देखरेख करने और पर्यावरण सुरक्षा में सहयोग देने का आह्वान किया।  

विद्यार्थियों से संबंधित समस्त प्रकिया डिजिटाइज करे विश्वविद्यालय : परमार

समग्र अध्ययन उपरांत डिजिटल यूनिवर्सिटी का ब्लू प्रिंट करें तैयार : मंत्री परमार विद्यार्थियों से संबंधित समस्त प्रकिया डिजिटाइज करे विश्वविद्यालय : परमार मंत्री परमार ने डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना के सम्बन्ध में की बैठक भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर परमार ने मंगलवार को मंत्रालय स्थित प्रतिकक्ष में डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना के सम्बन्ध में बैठक ली। बैठक में डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। मंत्री परमार ने नेशनल डिजिटल यूनिवर्सिटी एवं इसी प्रकार कार्य कर रहे अन्य यूनिवर्सिटी के बारे में विस्तृत अध्ययन करने के उपरांत, राज्य के लिये एक डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने का ब्लू प्रिंट तैयार करने के लिये निर्देशित किया। मंत्री परमार ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप, उनसे संबंधित समस्त प्रक्रिया को डिजिटाईज करने के लिये निर्देशित किया। विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में आंतरिक मूल्यांकन को डिजिटाईज करने के लिये भी निर्देशित किया। इसी अनुकम में अगली बैठक में डिजिटल युनिवर्सिटी के एक्ट पर कुलसचिव राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को प्रस्तुतीकरण के निर्देश दिये गये। प्रस्तावित डिजिटल यूनिवर्सिटी के अंतर्गत स्नातक एवं स्नातकोत्तर (UG/PG) एवं अन्य प्रोग्राम प्रारंभ करने पर चर्चा हुई। इसमें विशेषकर आर्टिफिसियल इंटेलीजेन्स एण्ड मशीन लर्निंग UG प्रोग्राम, सायबर सिक्यूरिटी एवं थ्रेट इंटेलीजेन्स पर PG प्रोग्राम, डिजिटल मार्केटिंग एण्ड एनालिटिक्स, डिजिटल सप्लाई चेन मैनेजमेन्ट पर एमबीए प्रोग्राम चलाने के बारे में विचार विमर्श किया गया। बैठक में प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मनीष सिंह, आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा एवं कुलसचिव राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय डॉ. मोहन सेन और अधिकारी उपस्थित रहे।  

प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तित्व विश्वभर में बना आदर्श – राजेन्द्र शुक्ल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर विशेष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का व्यक्तित्व पूरे विश्व का प्रेरणा स्रोत • राजेन्द्र शुक्ल भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का व्यक्तित्व आज पूरे विश्व में प्रेरणा का स्रोत है। उनके नेतृत्व में भारत ने अभूतपूर्व गति से प्रगति पथ पर कदम बढ़ाए हैं। उनके जन्मदिवस पर हम सभी कृतार्थ अनुभव कर रहे हैं और उनके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना करते हैं। उन्होंने भारत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के साथ ही भारतीय संस्कृति, परंपरा और मूल्यों को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित किया है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” का उनका मंत्र आज राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा आधार बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी जी का नेतृत्व उस समय और अधिक प्रभावी सिद्ध हुआ जब दुनिया अनेक चुनौतियों से जूझ रही थी। विषम परिस्थितियों में उन्होंने भारत को न केवल सुरक्षित रखा बल्कि प्रगति की नई दिशा भी दी। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में मजबूती से अग्रसर है। यह उपलब्धि केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अमूल्य धरोहर है। वास्तव में प्रधानमंत्री जी के प्रयास भारत को विश्वगुरु के स्थान तक ले जाने वाले हैं। उनकी सोच वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को साकार करती है, जो आज के वैश्विक परिदृश्य में शांति और सामूहिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर रही है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी जी के कार्य ऐतिहासिक हैं। पहले कोई यह कल्पना भी नहीं कर सकता था कि कोई सरकार 60 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर सकती है। लेकिन आयुष्मान भारत योजना ने इसे साकार कर दिखाया। करोड़ों गरीब परिवारों को आयुष्मान कार्ड प्रदान कर उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला है। 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए ‘वयवंदना योजना’ के तहत 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा ने उन्हें नई आशा और आत्मविश्वास दिया है। कोविड-19 महामारी के कठिन समय में स्वदेशी वैक्सीन का निर्माण और देशव्यापी टीकाकरण अभियान ने भारत को दुनिया के अग्रणी राष्ट्रों की पंक्ति में खड़ा कर दिया। जनकल्याण के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री जी का योगदान असाधारण है। किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं के विकास के लिए उन्होंने ऐसी योजनाएँ शुरू कीं, जो सीधे उनकी जिंदगी बदलने वाली सिद्ध हुईं। जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने का अभियान केवल स्वास्थ्य और स्वच्छता ही नहीं बल्कि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने का भी प्रतीक है। यह पहल उतनी ही परिवर्तनकारी है जितनी अटल जी की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना थी, जिसने देश के गाँवों को नई पहचान दी थी। आर्थिक मोर्चे पर मोदी जी के नेतृत्व ने भारत को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। एक समय 11वें स्थान पर रही भारतीय अर्थव्यवस्था आज चौथे स्थान पर पहुँच गई है और जापान जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ चुकी है। ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे अभियानों ने न केवल भारत को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि देश को नवाचार और प्रौद्योगिकी का केंद्र भी स्थापित किया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिष्ठा अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। जी-20 की अध्यक्षता और वैश्विक मंचों पर भारत की सशक्त भूमिका ने यह प्रमाणित कर दिया है कि भारत अब केवल उभरती हुई शक्ति नहीं, बल्कि दुनिया का पथप्रदर्शक है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर दृढ़तापूर्वक अग्रसर है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का जो सपना प्रधानमंत्री जी ने रखा है, वह केवल एक लक्ष्य नहीं बल्कि राष्ट्रीय संकल्प है। यह संकल्प आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सभी क्षेत्रों में भारत को विश्वगुरु बनाने वाला है। आज पूरा देश गर्व और उत्साह से इस यात्रा में सहभागी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ अर्पित करता हूँ। उनका नेतृत्व भारत को निरंतर नई ऊँचाइयों पर ले जा रहा है और आने वाले वर्षों में भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु के रूप में स्थापित होगा।