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देशभर में लागू होगा SIR, वोटिंग में दस्तावेजों की जरूरत होगी खत्म? जानिए पूरा मामला

नई दिल्ली पूरे देश में होने वाले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद, 50 करोड़ से ज्यादा वोटर्स को किसी भी अतिरिक्त दस्तावेज़ की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसका कारण यह है कि उनके नाम पहले से ही मतदाता सूची में दर्ज हैं. एक जुलाई, 1987 से पहले जन्म होने की अंडरटेकिंग देने वाले मतदाताओं को कोई अन्य दस्तावेज लगाने की जरूरत नहीं होगी. निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, भारत के आधे से ज्यादा वोटर्स इस नए प्रोसेस के दायरे में आएंगे. इन मतदाताओं को कोई भी दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि उनका नाम उनके राज्य में आयोजित पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की मतदाता सूची में शामिल होगा.  ज्यादातर राज्यों में मतदाता सूची का आखिरी एसआईआर 2002 से 2008 के बीच हुआ था, जिसे इस प्रक्रिया के लिए कट-ऑफ माना जाएगा. राज्यों की तैयारी… अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग जल्द ही अखिल भारतीय एसआईआर को लागू करने की तारीख तय करेगा. राज्यों में मतदाता सूचियों को सुधारने करने का काम इस साल के अंत से पहले शुरू हो सकता है. पिछले हफ्ते ही हुए एक सम्मेलन में, राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) को अपने-अपने राज्यों में पिछली एसआईआर के बाद प्रकाशित मतदाता सूची तैयार रखने को कहा गया है. सुर्खियों में बिहार का SIR  बिहार में आखिरी एसआईआर 2003 में हुआ था. इसके मुताबिक, अभी इसमें सूचीबद्ध कुल मतदाताओं के 60%, यानी 4.96 करोड़ मतदाताओं को अपनी जन्मतिथि या जन्मस्थान स्थापित करने के लिए मतदाता सूची के प्रासंगिक भाग को छोड़कर कोई सहायक दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है. बिहार में इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद भी हो चुका है, जहां विपक्षी दलों ने दस्तावेजों की कमी के कारण लोगों के मताधिकार से वंचित होने की आशंका जताई थी. अन्य मतदाताओं के लिए नियम केवल 40% मतदाताओं को ही अपनी जन्मतिथि या स्थान की पुष्टि के लिए सूचीबद्ध 12 दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा. इसके अलावा, वोटर बनने या राज्य के बाहर से आने वाले कुछ आवेदकों के लिए एक अतिरिक्त 'घोषणा पत्र' भी शुरू किया गया है. ऐसे लोगों को यह शपथपत्र देना होगा कि उनका जन्म 1 जुलाई, 1987 से पहले भारत में हुआ था.

नीतीश सरकार का बड़ा एलान: ग्रेजुएट बेरोजगारों को हर महीने मिलेगा आर्थिक सहारा

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार ने युवाओं को बड़ा तोहफा दिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेरोजगार ग्रेजुएट युवाओं के लिए नई योजना की घोषणा की है. इसके तहत सरकार 20 से 25 साल की उम्र के ऐसे स्नातक युवकों और युवतियों को हर महीने 1000 रुपये देगी, जिनके पास न नौकरी है और न ही स्वरोजगार. यह भत्ता अधिकतम दो साल तक दिया जाएगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घोषणा की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की. उन्होंने लिखा कि नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही युवाओं को रोजगार और नौकरी देने को प्राथमिकता दी गई है. आने वाले पांच साल में राज्य सरकार का लक्ष्य है कि एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार दिया जाए. इस दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है और युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है. किन छात्रों को मिलेगा फायदा? नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार का मानना है कि जब तक युवा पढ़ाई या ट्रेनिंग के दौरान आत्मनिर्भर नहीं होंगे, तब तक वे नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अच्छे से नहीं कर पाएंगे. इसी सोच के तहत पहले से चल रही मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का विस्तार किया गया है. पहले इस योजना का लाभ सिर्फ इंटर पास बेरोजगार युवाओं को मिलता था. लेकिन अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है. अब कला, विज्ञान और वाणिज्य में स्नातक पास बेरोजगार युवक-युवतियों को भी यह भत्ता मिलेगा. आत्मनिर्भर बनने में मदद सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाना है. भत्ता मिलने से वे अपनी पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा और कौशल प्रशिक्षण में आर्थिक मदद पा सकेंगे. नीतीश कुमार को उम्मीद है कि यह राशि बेरोजगार युवाओं को अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद करेगी. युवाओं को फायदा ही फायदा विशेष बात यह है कि सरकार का यह ऐलान चुनावी साल में आया है. ऐसे में इसे युवाओं को साधने की कोशिश भी माना जा रहा है. हालांकि, नीतीश कुमार का कहना है कि यह कदम राज्य को आत्मनिर्भर और रोजगारमूलक बनाने की दिशा में सरकार की दूरदर्शी सोच का हिस्सा है.

साढ़े आठ वर्षों में 15 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे: मुख्यमंत्री

₹5 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के साथ नवंबर में होगी जीबीसी@5: मुख्यमंत्री साढ़े आठ वर्षों में 15 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे: मुख्यमंत्री भूमि अधिग्रहण में संवाद व समन्वय को प्राथमिकता, किसानों की संतुष्टि और उनका हित सुरक्षित करने के निर्देश बोले मुख्यमंत्री, भूमि से किसानों का भावनात्मक संबंध, अधिग्रहण पर मुआवजा दर बढ़ाने पर हो विचार औद्योगिक इकाइयों को आवंटित भूमि तीन साल में उपयोग न होने पर होगी रद्द नोएडा क्षेत्र में फिनटेक हब विकसित करने पर मुख्यमंत्री का जोर, कहा बैंकिंग व निर्यात को बढ़ावा देने के हों प्रयास मुख्यमंत्री का निर्देश, और सरल व सहज बनाएं निवेश मित्र और निवेश सारथी पोर्टल, निवेशकों को कतई न लगाना पड़े दफ्तरों का चक्कर 22 सितम्बर से लागू हो रहे जीएसटी सुधार का आम नागरिक को लाभ मिलना सुनिश्चित करायें: मुख्यमंत्री हर जिले में सरदार पटेल रोजगार ज़ोन विकसित करने की कार्ययोजना पर मंथन, उद्योग व रोजगार का नया मॉडल बनेगा यूपी 2025-26 में विनिर्माण क्षेत्र का ₹5 लाख करोड़ GVA लक्ष्य लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ₹5 लाख करोड़ से अधिक की निजी निवेश परियोजनाओं के साथ पांचवें ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के आयोजन की तैयारी के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को औद्योगिक विकास विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र के साथ बीते साढ़े 08 वर्षों में अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जा चुकी है। इसके माध्यम से 15 लाख करोड़ से अधिक की औद्योगिक परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं तथा 60 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी एवं रोजगार की गारंटी मिली। अब आगामी नवंबर माह में जीबीसी@5 के आयोजन की तैयारी की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी विभाग समयबद्ध तरीके से कार्यवाही सुनिश्चित करें और प्रत्येक निवेश प्रस्ताव की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। विभिन्न निजी औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन के प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सामंजस्य के साथ ही होनी चाहिए। अपनी भूमि के साथ हर किसी का एक भावनात्मक संबंध होता है। यह उसके जीवन भर की पूंजी है। यदि प्रदेश हित में उनकी भूमि का अधिग्रहण आवश्यक है तो उन्हें अच्छा मुआवजा मिलना चाहिए। कहीं से भी उत्पीड़न की शिकायत नहीं आनी चाहिए। संवाद और समन्वय से यह काम बड़ी आसानी से हो सकता है। सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरण अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप भूमि अधिग्रहण के लिए वर्तमान मुआवजे की दर में बढ़ोतरी पर विचार करें। यह समय की मांग है, इसी में किसानों का हित है। निर्यात प्रोत्साहन के प्रयासों को बढ़ाने की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी में से किसी एक क्षेत्र में फिनटेक हब विकसित किया जाए। यहां बड़े बैंकिंग संस्थाओं के कार्यालय हों। उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्यात को और बेहतर करने के लिए नियोजित प्रयास की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि भूमि आवंटन के उपरांत भूमि का समुचित उपयोग न करने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटन अधिकतम तीन वर्षों के उपरांत रद कर दिया जाए। वह भूमि अन्य निवेशक को आवंटित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निवेश मित्र और निवेश सारथी पोर्टलों को और अधिक सहज व सरल बनाये जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि निवेशक छोटा हो या बड़ा, कार्यालयों के चक्कर किसी को भी न लगाना पड़े। आगामी 22 सितम्बर से प्रभावी होने जा रहे जीएसटी सुधारों का लाभ हर आम नागरिक को मिलना सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि इससे आम आदमी को सीधा लाभ होगा। बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित विशेष रोजगार ज़ोन के विकास की कार्ययोजना पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध रूप से सभी जिलों में कम से कम 100 एकड़ में इस रोजगार ज़ोन का विकास किया जाना है, इसके लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। यह क्षेत्र उद्योग, निवेश, उद्यमिता, नवाचार, कौशल विकास और रोजगार का हब होगा। यह कार्ययोजना पूरे देश में एक मॉडल बनेगी।  बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2025-26 के लिए विनिर्माण क्षेत्र का ₹5 लाख करोड़ का GVA लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए फैक्ट्री अधिनियम के अंतर्गत 8,000 नई/विद्यमान इकाइयों का पंजीकरण आवश्यक है। अभी तक 1,354 इकाइयों का पंजीकरण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने श्रम सुधारों की प्रक्रिया को और तेज करने और अप्रयुक्त औद्योगिक भूखंडों को सक्रिय करने के निर्देश दिए।

‘नायसा’ के पीछे कौन? संजय पाठक ने कर्मचारी के नाम पर बनाई कंपनी, खरीदी करोड़ों की सहारा ज़मीन

जबलपुर  कटनी जिले से विधायक संजय पाठक ने जमीनों की खरीद फरोख्त के लिए न सिर्फ आदिवासियों की मदद ली, बल्कि अपने कर्मचारियों के नाम पर भी कंपनियां बनाईं। आदिवासियों के नाम पर करीब 1100 एकड़ जमीन खरीदने के आरोप से घिरे संजय पाठक सायना ग्रुप के मालिक हैं, इसलिए उन्होंने मिलते-जुलते नाम वाली नायसा देव बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बना ली। इस कंपनी का कर्ताधर्ता अपने ही कर्मचारी सचिन तिवारी को बनाया। इस कंपनी से सहारा सिटी की जमीन खरीदी, वो भी औने-पौने दाम पर। सूत्रों की माने सचिन तिवारी के पास विधायक संजय पाठक के लिए जमीन खरीदने-बेचने से लेकर जनसंपर्क आदि कार्यों की जिम्मेदारी है। जबलपुर के तेवर स्थित सहारा सिटी की जमीन का सौदा करने और उसका भुगतान करने की पूरी जिम्मेदारी सचिन और उसके सहयोगियों ने संभाली। दोनों ही संजय पाठक से जुड़ी फर्म सूत्र बताते हैं कि कटनी और जबलपुर की दो फर्मों को सहारा सिटी की करीब 110 एकड़ जमीन खरीदी का काम दिया गया। ये दोनों ही संजय पाठक से जुड़ी फर्म हैं। इस जमीन को कमर्शियल के बजाय कृषि भूमि बताकर पंजीयन शुल्क की चोरी की गई। इतना ही नहीं, सूत्रों का कहना है कि यह जमीन 50 करोड़ में बेची गई, जबकि बाजार मूल्य 200 करोड़ था। इधर ग्रुप से जुड़े लोगों का कहना है कि यह मूल्य कलेक्ट्रेट गाइडलाइन के मुताबिक तय किया गया था। वहीं 2014 में सुप्रीम कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों में इस जमीन की कीमत 125 करोड़ रुपये तक दिखाई गई थी। माइनिंग कान्क्लेव में निवेश के बाद जांच ठंडी दरअसल, मेसर्स नायसा देव बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने सहारा कंपनी से जमीने खरीदीं। 2022 में हुए इस सौदे के दौरान नायसा देव बिल्ड के तत्कालीन डायरेक्टर्स और प्राधिकृत अधिकारी को ईओडब्ल्यू ने नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया भी था। जानकार बताते हैं कि रजिस्ट्री के दस्तावेजों की जांच में तीन पदाधिकारियों के नाम थे। जांच अधिकारियों ने यह पता लगाया कि नायसा कंपनी ने सहारा से खरीदी गई जमीन के एवज में कितनी रकम और किस माध्यम से सहारा को दी। इसके लिए ईओडब्ल्यू ने इनके बैंक खातें भी खंगाले, जिनसे जमीन के पैसों का भुगतान किया गया। हालांकि कंपनी में माइनिंग कान्क्लेव में सायना ग्रुप के बड़े निवेश के बाद मामला ठंडा करने में कई जुट गए, जिससे ईओडब्ल्यू की जांच ठंडी पड़ गई। खनिज से कलेक्टर के बीच घूम रही फाइल खनिज विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा बनाई गई जांच टीम ने जब सिहोरा, घुघरी कला समेत कई जगहों की जांच की तो वे भी हैरान हो गए। विभागीय सूत्र बताते हैं कि जांच के दौरान यह देखा गया कि जिस जमीन के उत्खनन का लाइसेंस लिया गया है, उससे लगी हजारों एकड़ जमीन में भी अवैध उत्खनन कर दिया गया। इस जमीन को जब गूगल और सैटेलाइट के माध्यम से खंगाला गया तो पता चला कि यह काम आज का नहीं बल्कि पिछले 10 सालों से जारी है। विभाग ने संजय पाठक की तीनों कंपनी निर्मला मिनरल, आनंद माइनिंग कार्पोरेशन और मेसर्स पेसिफिक एक्सपोर्ट के नाम पर जारी आठ खदानों को खंगाला तो करीब 443 करोड़ का अवैध उत्खनन पाया गया। इसे वसूलने का काम जबलपुर कलेक्टर को दिया है। भोपाल से फाइल आए हुए करीब 10 दिन से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अब तक कुल जुर्माने की राशि का आकलन नहीं हो सका है।

बड़वारा को मिलेगी बड़ी सौगात: CM डॉ. यादव करेंगे 233 करोड़ के विकास कार्यों का शुभारंभ

भोपाल  मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार 18 सितंबर को कटनी जिले के बड़वारा विकासखंड मुख्‍यालय में बड़वारा और विकासखंड रीठी में नवनिर्मित सांदीपनि स्‍कूल भवनों के लोकार्पण सहित 233.82 करोंड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव यहां 106.18 करोड़ रूपये के 19 विकास कार्यों का लोकार्पण और 127.64 करोड़ रूपये के 14 विकास कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री हितग्राहियों को हितलाभों का वितरण भी करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव बड़वारा में मुख्‍यमंत्री नि:शुल्‍क स्‍कूटी वितरण योजना, लाड़ली लक्ष्‍मी छात्रवृत्ति राशि, मुख्‍यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, ग्रामीण आजीविका मिशन और ई-कृषि यंत्रीकरण अनुदान योजनांतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव सेवा पखवाड़ा अभियान की थीम पर आयोजित वृहद प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगे। प्रदर्शनी में राष्‍ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत वोकल फॉर लोकल की भावना को सशक्‍त करने के उद्देश्य से स्‍व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्‍पादों और जिला व्यापार एवं उद्योग केन्‍द्र के द्वारा एक जिला एक उत्‍पाद के तहत कटनी सैंड स्‍टोन से निर्मित कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई जायेगी। इसके अलावा स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा यहां विशेष शिविर लगाकर स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण, आयुष्‍मान कार्ड निर्माण और स्‍वस्‍थ्‍य नारी, सशक्‍त परिवार की थीम पर स्‍वास्‍थ्‍य एवं महिला बाल विकास द्वारा गैर संचारी रोगों की स्‍क्रीनिंग और  अन्‍न से निर्मित उत्‍पादों व खाद्य पदार्थों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। सामाजिक न्‍याय विभाग द्वारा दिव्‍यांगजनों की ई-स्‍क्रीनिंग और कृत्रिम उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई जायेगी। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा ‘स्‍वच्‍छता ही सेवा पखवाड़ा’ के विभिन्‍न घटकों को प्रदर्शित करने वाले क्रियाकलापों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव यहां ‘एक पेड़ मां के नाम’ एवं ‘एक बगिया मां के नाम’ कार्यक्रम के तहत पौधारोपण करेंगे और छात्रों की कक्षा में पहुंच कर चर्चा करेंगे।     

मुंबई को मिलेगी अंडरग्राउंड मेट्रो की सौगात, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 सितंबर को मुंबई जाएंगे. इस दौरान वो मुंबईवासियों को बड़ी सौगात देंगे. पीएम मुंबई के वर्ली से कफ परेड तक की अंडरग्राउंड मेट्रो का उद्घाटन करेंगे. इस मेट्रो का फर्स्ट फेज सिप्ज एमआईडीसी से आचार्य अत्रे मेट्रो स्टेशन तक शुरू है. पीएम मोदी दूसरे फेज का उद्घाटन करेंगे. मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक इस मेट्रो सर्विस की लाइन 33.5 किमी लंबी होगी. बताया जा रहा है कि इसमें कुल 27 स्टेशन होंगे जिसमें 26 स्टेशन अंडरग्राउंड होंगी. आरे से वर्ली तक का लगभग 22.5 किमी का हिस्सा पहले से ही शुरू किया जा चुका है. वहीं अब कफ परेड से लेकर वर्ली तक का 11 किमी वाला दूसरा फेज भी आम लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा. सफर की दूरी होगी कम बताया जा रहा है कि अंडरग्राउंड मेट्रो के इस फेज के उद्घाटन के बाद कोलाबा से आरे कॉलोनी तक का सफर एक घंटे से कम समय में पूरा किया जा सकेगा. यानि सड़क के 2-3 घंटे का सफर इस मेट्रो से बहुत कम समय में पूरा होगा. साथ ही यात्रियों का सफर भी आराम दायक रहेगा. क्या बोले सीएम फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मेट्रो की जानकारी देते हुए बताया कि आपने (विपक्ष) इतने सालों तक बीडीडी चॉल को विकसित नहीं होने दिया. इस देवा भाऊ ने इसे विकसित किया. उन्होंने कहा कि यह एशिया की सबसे बड़ी परियोजना है. सीएम ने कहा कि 120 फुट की जगह थी, एक मराठी व्यक्ति 520 फुट के घर में चला गया. प्रवीण दारेकर की वजह से, अभ्युदय नगर का एक मराठी व्यक्ति 600 फुट के घर में जाएगा. सीएम ने कहा कि हमने गिरगांव में पुनर्वास भवन भी बनाए. 1600 परियोजनाएं स्व-पुनर्विकास में चली गईं. उन्होंने कहा कि क्या आप इनमें से कम से कम एक भी कर पाए हैं? मुंबई की क्या हालत है जो आपने की है? 2000 के बाद, आपने लगातार मुंबई को पीछे रखने की कोशिश की है. ‘मुंबई स्टार्टअप की राजधानी बन गई’ देवेंद्र फडणवीस ने कहा पिछले 10 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, मुंबई स्टार्टअप की राजधानी बन गई है. इस देश का अगला बदलाव डेटा सेंटर है, इसकी 60 फीसदी क्षमता महाराष्ट्र ने पूरी की है. अगर यह अगली क्रांति है, यह महाराष्ट्र का होगा.  

अभियान की सफलता तभी, जब बेटियों में हो सुरक्षा का भाव और कानून के भय से आतंकित हों अपराधी: मुख्यमंत्री

शारदीय नवरात्र से होगा मिशन शक्ति के 5वें चरण का शुभारंभ: मुख्यमंत्री अभियान की सफलता तभी, जब बेटियों में हो सुरक्षा का भाव और कानून के भय से आतंकित हों अपराधी: मुख्यमंत्री 01 माह के विशेष अभियान की तैयारियों पर मुख्यमंत्री ने दिए दिशा-निर्देश, कहा, सड़क पर उतरें एडीजी, आईजी/डीआईजी व अन्य अधिकारी पुलिस पेट्रोलिंग और पीआरवी-112 गाड़ियों की सक्रियता को और प्रभावी बनाने के निर्देश महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के लिए 57 हजार ग्राम पंचायतों और 14 हजार वार्डों में भ्रमण करेंगी महिला बीट पुलिस अधिकारी बोले मुख्यमंत्री, महिला हो या पुरुष, कानून का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई में भेदभाव न हो त्योहारों और धार्मिक स्थलों पर महिला पुलिस की विशेष तैनाती के निर्देश एंटी रोमियो स्क्वाड को और सक्रिय करने तथा शोहदों पर नजीर बनाने वाली कार्रवाई के आदेश सभी नगर निगमों में स्थापित होंगे पिंक बूथ, आपात स्थिति में महिलाओं और बेटियों के लिए होगा मददगार विद्यालयों, महाविद्यालयों और औद्योगिक संस्थानों में महिला सुरक्षा संवाद एवं लघु फिल्मों के प्रदर्शन के निर्देश मुख्यमंत्री का निर्देश, जेल में बंद असहाय महिलाओं को दिलाएं विधिक सहायता और महिला अपराधों के त्वरित निस्तारण की ठोस व्यवस्था के आदेश पिछले चरण की उपलब्धियों पर भी हुई चर्चा, 3.44 लाख कार्यक्रम, 2.03 करोड़ महिलाओं की सहभागिता, लाखों को रोजगार विशेष अभियानों (गरुड़, बचपन, मजनू, नशा मुक्ति, रक्षा और ईगल) की सफल कार्रवाई से बदला माहौल, आगे और प्रभावी संचालन के निर्देश सभी विभागों को निर्देश, परंपरा समन्वय से सुनिश्चित करें महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी शारदीय नवरात्र से महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन को समर्पित ‘मिशन शक्ति’ के 05वें चरण के शुभारंभ की घोषणा की है। बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 से प्रारम्भ हुआ इस अभियान से प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण की दिशा में आशातीत परिणाम मिले हैं। अब तक इसके चार चरण पूरे हो चुके हैं और आगामी 22 सितम्बर से प्रारम्भ होकर यह पांचवा चरण 30 दिनों तक सतत रूप से संचालित होगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस चरण में विभागीय समन्वय के साथ व्यापक कार्यक्रम चलाए जाएँ। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की फुट पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाया जाए। पीआरवी-112 की सभी गाड़ियाँ लगातार सड़कों पर सक्रिय रहें। जोनल एडीजी, आईजी, डीआईजी जैसे वरिष्ठ अधिकारी स्वयं फील्ड में उतरकर आमजन से संवाद करें, पुलिस लाइनों का निरीक्षण करें और गश्त में शामिल हों, ताकि जनता को यह विश्वास हो सके कि सरकार और प्रशासन 24×7 उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन में सुरक्षा का भाव और अपराधी कानून के भय से आतंकित दिखाई देना चाहिए। कानून का दुरुपयोग करने वाला पुरुष हो अथवा महिला, किसी के साथ भी कार्रवाई में भेदभाव नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में 44,177 महिला कार्मिकों के साथ प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में महिला पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान के 30 दिनों के भीतर सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और 14 हजार नगरीय वार्डों में महिला बीट पुलिस अधिकारियों को चरणबद्ध ढंग से भेजा जाए। ग्राम प्रधान, सभासद, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री आदि के साथ यह महिला पुलिस अधिकारी भ्रमण कर महिलाओं और बालिकाओं से संवाद करें, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को समझें तथा उन्हें उनके अधिकारों और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दें। आपात स्थिति में सहायता कहाँ और कैसे प्राप्त की जा सकती है, इसकी जानकारी भी उन्हें उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि नवरात्र व अन्य पर्व-त्योहारों की अवधि में मंदिरों, धार्मिक स्थलों, मेलों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर महिला पुलिस की विशेष तैनाती सुनिश्चित की जाए। एंटी रोमियो स्क्वाड को और अधिक सक्रिय करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि शोहदों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई हो जो नजीर बने अपराध करने का साहस न कर सकें। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई में संवेदनशीलता आवश्यक है। यह सुनिश्चित करें कि कार्रवाई जिसके विरुद्ध हो रही वह शोहदा ही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि महिला अपराधों में संलग्न अपराधियों पर इस प्रकार की सख्त कार्यवाही की जाए कि वे दोबारा मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में महिला सुरक्षा से जुड़े संवाद और कॉन्फ्रेंस आयोजित किए जाएँ, जिनमें अस्पतालों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। विद्यालयों और महाविद्यालयों में लघु फिल्मों का प्रदर्शन कर छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा और लैंगिक समानता के प्रति जागरूक किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेल में बंद असहाय महिलाओं को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जाए। महिला संबंधी अपराधों के निस्तारण के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लक्ष्य तय कर अभियोजन की व्यवस्थित कार्यवाही की जाए, ताकि अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई हो और तेजी से सजा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि महिला हेल्पलाइन 1090 पर आने वाली प्रत्येक कॉल को पूरी गंभीरता से लिया जाए और हर स्थिति में उसका संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित हो। सभी नगर निगमों में पिंक बूथ की स्थापना के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मिशन शक्ति केन्द्रों पर कार्यरत पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाए। इस प्रशिक्षण में जेंडर सेंसिटाइजेशन, डिजिटल एविडेंस कलेक्शन, केस मैनेजमेंट और वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी अनिवार्य रूप से शामिल हो। पिंक बूथों पर 24×7 सहायता उपलब्ध रहे और मिशन शक्ति केन्द्रों को 360 डिग्री मॉडल पर विकसित किया जाए, जहाँ शिकायत पंजीकरण, काउंसलिंग, लीगल एड, फीडबैक और फॉलो-अप जैसी सभी सेवाएँ एक ही छत के नीचे उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान तभी सफल होगा जब हर गाँव, हर वार्ड और हर परिवार तक इसकी पहुँच सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन शक्ति केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने का एक व्यापक सामाजिक अभियान है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस चरण को मिशन मोड में सफल बनाया जाए और प्रदेश की हर बेटी को सुरक्षा एवं सम्मान का भरोसा दिलाया जाए। बैठक में मिशन शक्ति के पिछले चरण की उपलब्धियों पर भी एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। अवगत कराया गया … Read more

खुशखबरी! 24-25 सितंबर को ही खाते में आएगा सरकारी कर्मचारियों का वेतन

नई दिल्ली दुर्गा पूजा के त्योहार से पहले राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर दी है। वित्त विभाग ने घोषणा की है कि इस साल सितंबर माह का वेतन कर्मचारियों को 24 और 25 सितंबर को ही जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद 26 सितंबर से 7 अक्टूबर तक सभी सरकारी दफ्तरों में छुट्टियां रहेंगी। इस फैसले से कर्मचारी और उनके परिवार त्योहार की तैयारियों में आर्थिक तनाव से राहत महसूस कर सकेंगे। वेतन भुगतान का नया शेड्यूल सरकार ने स्पष्ट किया है कि सितंबर महीने का वेतन निर्धारित समय से पहले ही जारी किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को छुट्टियों के दौरान आर्थिक परेशानी न हो। केवल वेतन ही नहीं, बल्कि मजदूरी, मानदेय, पारिश्रमिक और स्टाइपेंड भी इसी दौरान समय पर दिए जाएंगे। इस फैसले का लाभ सेवानिवृत्त कर्मचारी और पेंशनभोगी भी उठाएंगे, जिनके खाते में पेंशन 1 अक्टूबर को जमा कर दी जाएगी। त्योहार के अवसर पर आर्थिक सहूलियत 1 अक्टूबर को महानवमी के दिन पेंशन के साथ-साथ ‘जय बंगला’, ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि भी लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी। यह समय पर आर्थिक सहायता त्योहार के दौरान परिवारों के लिए खास राहत लेकर आएगी और उनकी खुशियों को दोगुना कर देगी। महंगाई भत्ता (डीए) का मामला अभी भी अधर में हालांकि, कर्मचारी महंगाई भत्ते (डीए) के मुद्दे पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट में लंबित इस मामले का कोई फाइनल फैसला अभी तक नहीं आया है। कन्फेडरेशन ऑफ स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लॉइज के वकील विकासरंजन भट्टाचार्य के मुताबिक, इस साल के भीतर ही निर्णय आने की उम्मीद है, लेकिन दुर्गा पूजा से पहले इसका हल नहीं निकल पाएगा। कर्मचारियों में मिली राहत DA विवाद के बावजूद समय पर वेतन और पेंशन मिलने की घोषणा ने कर्मचारियों के बीच उत्साह और राहत की भावना पैदा कर दी है। कई सरकारी कर्मचारियों ने इस फैसले को सराहा और बताया कि त्योहार के मौके पर वेतन मिलना परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करता है और मनोबल बढ़ाता है। साथ ही, 22 सितंबर से जीएसटी में भी आएगी राहत सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि 22 सितंबर से जीएसटी दरों में बदलाव होगा, जिससे जरूरी वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी। ऐसे में त्योहार के मौसम में लोगों की खरीददारी में मदद मिलेगी और परिवारों को अतिरिक्त वित्तीय सहारा मिलेगा।  

US की खबर ने भरा बाजार में जोश, सेंसेक्स ने पार किया 83,000 का आंकड़ा

मुंबई  अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा साल 2025 में पहली बार पॉलिसी रेट में की गई कटौती का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है. सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को मार्केट के दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. एक ओर जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही तगड़ी छलांग लगाते हुए 83,000 के आंकड़े को पार कर गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 25,400 का स्तर क्रॉस कर गया. इस बीच शुरुआती कारोबार में आईटी से लेकर फार्मा तक के शेयर तूफानी तेजी के साथ भागते हुए नजर आए.  बाजार पर दिखा US रेट कट का असर पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत के दौरान बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 82,693.71 की तुलना में तेज उछाल लेकर 83,108.92 के लेवल पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों में इसकी रफ्तार और तेज हो गई, 10 मिनट के कारोबार के दौरान ही ये 83,141.21 के स्तर पर पहुंच गया. एनएसई के निफ्टी की बात करें, तो ये इंडेक्स बीते कारोबारी दिन बुधवार को मार्केट क्लोज होने पर 25,330.25 पर बंद हुआ था और गुरुवार को 25,441.05 पर ओपनिंग की.  भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान जहां 1651 कंपनियों के स्टॉक्स अपने पिछले बंद के मुकाबले तेज बढ़त लेकर ओपन हुए, तो वहीं 698 कंपनियों के शेयरों ने गिरावट के साथ रेड जोन में कारोबार शुरू किया. इसके अलावा 152 शेयरों की ओपनिंग फ्लैट रही, यानी इनके भाव में ओपनिंग के साथ कोई बदलाव देखने को नहीं मिला या ये बेहद मामूली घट-बढ़ रही. ओपनिंग पर ये शेयर सबसे तेज भागे गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे तेज भागने वाले शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल इंफोसिस का शेयर करीब 2 फीसदी की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था, तो वहीं एचडीएफसी बैंक और एचसीएल टेक से लेकर सनफार्मा तक का शेयर 1-1.50 फीसदी की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था.  मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों पर नजर डालें, तो एस्कॉर्ट शेयर (3.29%), इरेडा शेयर (2.86%), टाटा कम्युनिकेशन शेयर (2.50%), बायोकॉन शेयर (2.10%) और केपीआई टेक का शेयर (1.80%) की छलांग लगाकर ट्रेड कर रहा था. स्मॉलकैप कंपनियों में से आईआरएम एनर्जी शेयर (13%), पूनावाला शेयर (11.10%), एसएमएस फार्मा शेयर (7%), एचआईटेक शेयर (6.50%), जबकि न्यूजेन (4.86%) और जेनटेक का शेयर (4.80%) की तूफानी तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए.  US ने कम कर दीं ब्याज दरें बता दें कि बुधवार को अमेरिका में फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक के नतीजों का ऐलान किया गया और फेड ने बड़ा कदम उठाते हुए पॉलिसी रेट में 25 बेसिस पॉइंट या 0.25% की कटौती की घोषणा की. अमेरिकी सेंट्रल बैंक की ओर से पॉलिसी रेट में एक चौथाई अंकों की ये कटौती साल 2025 में पहली बार है और ट्रंप के टैरिफ वॉर से बढ़े महंगाई के खतरे के बीच बड़ी राहत है. ताजा रेट कट के बाद अब अमेरिका में ब्याज दरें 4 से 4.25 फीसदी के दायरे आ गई हैं.

परीक्षण सफल तो जबलपुर में जल्द शुरू होगी सरकारी बस सेवा, होगा बड़ा विस्तार

भोपाल प्रदेश में लोक परिवहन सेवा अगले वर्ष मार्च-अप्रैल तक सबसे पहले इंदौर, इसके बाद उज्जैन और फिर जबलपुर से प्रारंभ होगी। छह माह के भीतर रीवा, सागर ग्वालियर, भोपाल आदि शहरों से सेवा प्रारंभ करने की तैयारी है। शुरू में 50 से 100 किमी दूर तक के लिए बसें चलाई जाएंगी। इसके बाद सुविधा का परीक्षण कर इसमें विस्तार किया जाएगा। कुछ जगह रूट सर्वे का काम पूरा हो गया है और कई जगह चल रहा है। नगरीय निकायों के नियंत्रण में पहले से चल रही बसों को भी संभागीय स्तर पर क्षेत्रीय सहायक कंपनियां बनाकर उसके नियंत्रण में लाया जाएगा। भोपाल शहर में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) बसों का संचालन कर रही है। इसी तरह से इंदौर व अन्य शहरों में बसें निजी ऑपरेटरों की हैं, पर नियंत्रण स्थानीय प्रशासन का होता है। लोक परिवहन सेवा के प्रबंधन के लिए राज्य स्तर पर एक होल्डिंग कंपनी बनाई जा रही है। इसके नीचे सात संभागीय मुख्यालयों के स्तर पर सहायक कंपनियां बनाई जाएंगी। उज्जैन में रूट सर्व का काम पूरा बस संचालन के लिए उज्जैन में रूट सर्वे का काम लगभग पूरा हो गया है। इंदौर और जबलपुर में श्रेणीवार संचालित बसों की संख्या का अनुमान और रूट सर्वे भी लगभग अंतिम चरण में है। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभी निजी बस ऑपरेटरों से अनुबंध कर बसें चलाई जाएंगी। आगे चलकर इलेक्ट्रिक बसें चलाने की प्राथमिकता रहेगी। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने भी इसके निर्देश दिए हैं। सीएम ने इसी महीने की मीटिंग बता दें कि मुख्यमंत्री ने इसी माह लोक परिवहन सेवा की तैयारियों को लेकर बैठक की थी। उन्होंने मार्च के पहले बसें चलाने के लिए कहा है, पर समय सीमा एक-दो माह और आगे जा सकती है। इसमें निगरानी, प्रबंधन और यात्रियों की सुविधा के लिए आईटी प्लेटफॉर्म का अधिकाधिक उपयोग किया जाएगा। बड़े शहरों के बाद सरकार की प्राथमिकता उन स्थानों के बीच बसें चलाने की हैं, जहां यात्रियों की संख्या ज्यादा है।